प्राइमरी का मास्टर ● इन |
- कक्षा 9 और 11 में दाखिले की अंतिम तिथि आज
- सैनिक स्कूलों में एससी, एसटी व ओबीसी आरक्षण अब अगले सत्र से
- डीएलएड की सेमेस्टर परीक्षाएं शुरू, आंतरिक मूल्यांकन अपडेट की प्रक्रिया स्थगित
- सभी बोर्डों ने परीक्षा की तैयारी के लिए दिया अतिरिक्त समय, पाठ्यक्रम भी किया गया कम।
- फतेहपुर : रद होंगी एडेड स्कूलों में की गई नियुक्तियां, प्रबंध समितियों ने वर्ष 2019 में की थी भर्तियां।
- फतेहपुर : शैक्षिक सत्र 2020-21 में समग्र शिक्षा के अंतर्गत निःशुल्क यूनीफार्म हेतु अवमुक्त की गई 75% धनराशि का व्यय सम्बंधित उपभोग प्रमाण पत्र निर्धारित प्रारूप पर उपलब्ध कराने के सम्बन्ध में
| कक्षा 9 और 11 में दाखिले की अंतिम तिथि आज Posted: 31 Oct 2020 01:28 AM PDT कक्षा 9 और 11 में दाखिले की अंतिम तिथि आज यूपी बोर्ड के कक्षा 9 और 11 के छात्रों के दाखिले 31 अक्तूबर के बाद बंद हो जाएंगे। स्कूल 15 नवंबर तक छात्रों का एकमुश्त शुल्क कोषागार में जमा कर माध्यमिक शिक्षा की वेबसाइट पर अपलोड कर सकते हैं। यदि छात्रों के विवरण में किसी प्रकार की त्रुटि हो तो स्कूल उसे 20 नवंबर तक चेक करके उसमें सुधार सकते हैं। छात्रों के नाम, अभिभावकों के नाम, पता विषय आदि विवरण में कोई त्रुटि हो तो सुधार कर सकते हैं। इस दौरान स्कूलों को किसी नए छात्र का पंजीकरण करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। केवल ऑनलाइन अपलोड किए गए विवरण को ही संशोधित कर पाएंगे। स्कूलों को 25 नवंबर तक बोर्ड और जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय को छात्रों की नामावली जमा करानी है। मालूम हो कि कोरोना के चलते जिले में कक्षा नौ व 11 में एडमिशन कराने वाले छात्रों की संख्या पिछले साल के मुकाबले 16000 कम थी। इसे देखते हुए बोर्ड ने बोर्ड ने पंजीकरण कराने के लिए छात्रों को एक और अवसर दिया था। इसकी मियाद 31 अक्तूबर को पूरी हो रही है। इसके बाद दाखिले नहीं लिए जाएंगे। |
| सैनिक स्कूलों में एससी, एसटी व ओबीसी आरक्षण अब अगले सत्र से Posted: 30 Oct 2020 06:36 PM PDT सैनिक स्कूलों में एससी, एसटी व ओबीसी आरक्षण अब अगले सत्र से नई दिल्ली। देश के सभी 33 सैनिक स्कूलों में अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और पिछड़ा वर्ग (ओबीसी)-गैर क्रीमी लेयर (एनसीएल) के लिए आरक्षण शैक्षणिक सत्र 2021-22 से लागू होगा। रक्षा मंत्रालय ने सैनिक स्कूलों को इस बावत आदेश जारी कर दिया रक्षा सचिव अजय कुमार ने शुक्रवार को ट्वीट कर इसकी जानकारी दी। गौरतलब है कि पिछले साल सरकार ने लड़कियों के लिए सैनिक स्कूल का रास्ता खोला था। आदेश के मुताबिक, सैनिक स्कूल में नामांकन के लिए श्रेणीबद्ध सूची-ए और सूची बी में 15% एससी, 7.5% एसटी और 27% सीट ओबीसी-एलसीएल के लिए आरक्षित होगा। |
| डीएलएड की सेमेस्टर परीक्षाएं शुरू, आंतरिक मूल्यांकन अपडेट की प्रक्रिया स्थगित Posted: 30 Oct 2020 06:36 PM PDT डीएलएड की सेमेस्टर परीक्षाएं शुरू, आंतरिक मूल्यांकन अपडेट की प्रक्रिया स्थगित सात महीने बाद डीएलएड-बीटीसी की परीक्षाएं शुरू प्रयागराज : प्राथमिक स्कूलों में शिक्षक बनने की दो वर्षीय प्रशिक्षण पाठ्यक्रम डीएलएड की परीक्षाएं शुक्रवार से शुरू हो गई हैं। इम्तिहान सेमेस्टरवार 11 नवंबर तक चलेगा। वहीं, आंतरिक मूल्यांकन के अंक वेबसाइट पर अपलोड करने की प्रक्रिया फिलहाल स्थगित कर दी गई है। शासन के निर्देश पर डीएलएड की सेमेस्टर परीक्षाओं में प्रशिक्षुओं को प्रोन्नति दी गई है। प्रोन्नति पाए प्रशिक्षु अगले सेमेस्टर की और अनुत्तीर्ण अलग सेमेस्टर की परीक्षा दे रहे हैं। इसकी शुरुआत शुक्रवार से हुई है पहले दिन बैक पेपर की परीक्षा हुई है। ज्ञात हो कि प्रशिक्षुओं ने अनुत्तीर्ण और बैक पेपर वालों को भी प्रोन्नति देने की मांग को लेकर लंबे समय तक आंदोलन किया था लेकिन, उसमें सफलता नहीं मिल सकी। ऐसे में आंतरिक मूल्यांकन के अंक वेबसाइट पर अपलोड करने की प्रक्रिया फिलहाल स्थगित कर दी गई है। परीक्षा नियामक प्राधिकारी सचिव अनिल भूषण चतुर्वेदी ने बताया कि परीक्षाएं शांतिपूर्ण तरीके से हो रही हैं। उन्होंने बताया कि आंतरिक मूल्यांकन के लिए आदेश दिए जाएंगे। कोरोना के कारण स्थगित डीएलएड और बीटीसी की सेमेस्टर परीक्षाएं सात महीने बाद शुक्रवार से शुरू हो गईं। इससे पूर्व मार्च अंत में परीक्षाएं प्रस्तावित थी लेकिन लॉकडाउन और उसके बाद ऐसी परिस्थितियां बनीं कि पेपर नहीं हो सका। बीटीसी 2013 से लेकर डीएलएड 2019 तक के विभिन्न वर्षों के अलग-अलग सेमेस्टर के तकरीबन 4.83 लाख प्रशिक्षु इसमें शामिल हो रहे हैं। कोरोना काल में सामाजिक दूरी बनाए रखने के लिए परीक्षा केंद्रों की संख्या में भी इजाफा हुआ है। सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी अनिल भूषण चतुर्वेदी ने बताया कि परीक्षाएं शांतिपूर्वक शुरू हो गईं। 2013 से 2018 तक के विभिन्न वर्षों के प्रथम सेमेस्टर के बैक पेपर वाले लगभग 48 हजार, द्वितीय सेमेस्टर में 2.5 लाख, तृतीय सेमेस्टर में 85 हजार और चतुर्थ सेमेस्टर में तकरीबन एक लाख प्रशिक्षु परीक्षा दे रहे हैं। परीक्षाएं 11 नवंबर तक होंगी। पहले दिन 928 प्रशिक्षुओं ने दिया पेपर प्रयागराज में पहले दिन चार केंद्रों राजकीय इंटर कॉलेज, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज सिविल लाइंस, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज कटरा और कर्नलगंज इंटर कॉलेज में परीक्षाएं हुईं। प्राचार्य जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) संतोष मिश्र ने बताया कि कुल 1200 प्रशिक्षुओं को प्रतिभाग करना था जिनमें से 928 उपस्थित हुए। |
| सभी बोर्डों ने परीक्षा की तैयारी के लिए दिया अतिरिक्त समय, पाठ्यक्रम भी किया गया कम। Posted: 30 Oct 2020 07:18 AM PDT सभी बोर्डों ने परीक्षा की तैयारी के लिए दिया अतिरिक्त समय, पाठ्यक्रम भी किया गया कम। इस बार सभी बोर्डों के छात्रों को हाईस्कूल और इंटर की बोर्ड परीक्षा की तैयारी के लिए कम से कम एक महीना अतिरिक्त समय मिलेगा। यूपी बोर्ड ने तो बहुत पहले ही फरवरी के बजाय मार्च में बोर्ड परीक्षा कराने का निर्णय ले लिया था। वहीं, सीबीएसई और सीआईएससीई बोर्ड की परीक्षा भी इस बार फरवरी के बजाय मार्च में होने की संभावना है। सीबीएसई ने इसके लिए सभी स्कूलों से सुझाव भी मांगे हैं। कोरोना के चलते स्कूली शिक्षा बुरी तरह से प्रभावित है। अब सरकार कक्षा 10 व 12 के छात्रों की स्कूली शिक्षा को पटरी पर लाने की कवायद कर रही है। पाठ्यक्रम भी 30 प्रतिशत तक कम किया गया है। सीबीएसई ने बोर्ड परीक्षा के पेपर पैटर्न में भी बदलाव किया है। अब बोर्ड परीक्षा में बैठने वाले छात्रों को तैयारी के लिए कम से कम एक माह का अतिरिक्त समय देने का प्रयास किया जा रहा है। यूपी बोर्ड के बाद सीबीएसई ने भी फरवरी के बजाय मार्च में बोर्ड परीक्षा के लिए स्कूलों के प्रतिनिधियों से सुझाव मांगे हैं। स्कूलों के प्रतिनिधियों की वर्चुअल बैठक में बोर्ड के सिलेबस, परीक्षा की तैयारी को लेकर चर्चा की गई थी। गृह परीक्षाएं भी खिसकेंगी सीबीएसई स्कूलों के संगठन की सदस्य व वरदान इंटरनेशनल एकेडमी की प्रधानाचार्य ऋचा खन्ना ने बताया कि स्कूलों के प्रतिनिधियों की बैठक में सभी ने बोर्ड परीक्षा को लेकर सुझाव दिए। सभी स्कूलों ने कम से कम एक महीना अतिरिक्त समय मांगा है। ऑनलाइन कक्षाओं से अधिकतर सिलेबस तो पूरा कर लिया गया है, लेकिन प्रैक्टिकल बाकी हैं। ऐसे में सुझाव दिया गया है कि वे प्रैक्टिकल की परीक्षा एक महीने बाद लें। आमतौर पर प्रैक्टिकल परीक्षा 15 दिसंबर से 15 जनवरी के बीच होती है, लेकिन इस बार स्कूलों ने इसे एक महीना टालने की मांग की है। ताकि छात्रों को छोटे-छोटे समूह में बुलाकर प्रैक्टिकल कराया जा सके। ऐसे में जनवरी में होने वाली प्री बोर्ड परीक्षा भी एक महीना बाद होगी। ऐसी स्थिति में संभावना है कि बोर्ड परीक्षा फरवरी के बजाय मार्च में होगी। स्कूलों के मुताबिक इस बार गृह परीक्षाएं भी एक महीने तक खिसक जाएंगी। आमतौर पर स्कूलों को मार्च तक गृह परीक्षाएं संपन्न कराकर परीक्षा परिणाम जारी करने का आदेश होता है, ताकि एक अप्रैल से नया शैक्षिक सत्र चालू कर सकें। लेकिन इस बार स्कूलों को गृह परीक्षा कराने की छूट दी जाएगी। सेंट जोसेफ कॉलेज के एमडी अनिल अग्रवाल ने बताया कि इस बार गृह परीक्षाएं निर्धारित समय से एक महीने बाद कराई जा सकती हैं। बोर्ड से इसकी अनुमति मिल जाएगी। उन्होंने बताया कि ऐसी तैयारी है कि बोर्ड परीक्षा इस बार फरवरी के बजाय मार्च में होगी। वहीं गृह परीक्षाएं भी बाद में कराई जाएंगी ताकि स्कूलों पर बोर्ड परीक्षा के दौरान ही गृह परीक्षा कराने का बोझ ना हो। |
| Posted: 30 Oct 2020 06:22 AM PDT फतेहपुर : रद होंगी एडेड स्कूलों में की गई नियुक्तियां, प्रबंध समितियों ने वर्ष 2019 में की थी भर्तियां। लटकी तलवार...: जिले में संचालित हो रहे 50 एडेड जूनियर हाईस्कूल, प्रबन्ध समितियों ने वर्ष 2019 में की थी भर्तियां फतेहपुर : नियमों को बला-ए-ताक पर रखकर सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूल में की गई भर्तियों पर बेसिक शिक्षा विभाग ने तलवार लटका दी है। जिले में की गई भर्तियों की जांच शासन स्तर पर चल रही है। इसी बीच शासन ने प्रबंध समितियों को निर्देशित किया है कि वह नियम विरुद्ध की गई भर्तियों को निरस्त करें। जिले में 50 एडेड स्कूल संचालित हो रहे हैं। इनमें वर्ष 2019 अध्यापक, लिपिक और चतुर्थ श्रेणी की भर्तियां प्रबंध समितियों ने की थी। इन भर्तियों के होने के बाद पूरे खूब शिकायतें हुई थी। इस पर शासन ने जांच बैठा दी थी। फिलहाल इन भर्तियों की जांच शासन से हो रही है। इससे पूर्व की शासन ने प्रदेश में कई मामले पकड़े थे जिसमें नियमों की धज्जियां उड़ाई गई थी। इस पर शासन ने सभी जिलों की भर्ती पत्रावली तलब कर ली है। शासन ने साफ कर दिया है कि अनियमित तरीके से की गई भर्तियां निरस्त होंगी। इसके लिए प्रबंध समिति शासन के निर्णय के पूर्व की निरस्त कर सकती हैं। बीएसए शिवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि मामले की जांच शासन स्तर पर चल रही है। शासन से ही निर्णय लिया जाएगा। जो निर्णय लिया जाएगा उसका जिले में शत प्रतिशत अनुपालन कराया जाएगा। नियम विपरीत की गई भर्तियां रद होंगी। |
| Posted: 30 Oct 2020 06:08 AM PDT |
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