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Saturday, April 24, 2021

Bhopal Samachar | No 1 hindi news portal of central india (madhya pradesh)

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GWALIOR: अस्पताल ने पिता की जगह किसी और का शव दे दिया, मुखाग्नि से पहले पता चला, हंगामा - MP NEWS

Posted: 24 Apr 2021 07:51 AM PDT

ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में सुपर स्पेश्यिलिटी अस्पताल में फिर गंभीर लापरवाही सामने आई है। यहां कोविड संक्रमित की मौत के बाद उसके परिजन को दूसरे का शव दे दिया गया। परिजन श्मशान में अंत्येष्टि के लिए अर्थी पर संस्कार भी पूरे कर दिए। मुखाग्नि से पहले जब बेटे ने चेहरा देखने के लिए कपड़ा हटाया तो हकीकत सामने आई। परिजनों ने वापस अस्पताल पहुंचकर हंगामा कर दिया। इसके करीब दो घंटे बाद परिजनों को शव दिया गया।  

ग्वालियर में कोरोना वायरस से हाहाकार मचा है। कहीं ऑक्सीजन तो कहीं रेमडेसिविर इंजेक्शन की किल्लत है। इस दौरान JAH (जयारोग्य अस्पताल) परिसर में स्थित सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल की बड़ी लापरवाही सामने आई। समाधिया कॉलोनी में रहने वाले 62 वर्षीय छोटे लाल कुशवाह BSNL विभाग से रिटायर्ड थे। वह कोरोना संक्रमित होने पर चार दिन पहले सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में भर्ती हुए थे। जहां इलाज के दौरान शुक्रवार और शनिवार की दरमियानी रात 1:30 बजे मौत हो गई। आशंका है कि JAH में शुक्रवार रात ऑक्सीजन न मिलने से मौत हुई है। इस की जानकारी जब परिजन को लगी तो वह शव लेने अस्पताल पहुंचे। सुपर स्पेशियलिटी से उनको पिता का कहकर शव दे दिया गया।

परिजन को जो शव दिया गया, वह पूरी तरह पैक था। बाहर पिता के नाम की चिट लगी थी। परिजन शव लेकर मुक्तिधाम पहुंच गए। नगर निगम का अमला भी पहुंच गया। यहां शव को उतारकर अर्थी पर रख लिया। सारे संस्कार बाहर से ही कर दिए, लेकिन मृतक के बेटे का मन नहीं माना, मुखाग्नि से पहले आखिरी बार पिता के चेहरा देखने की जिद की। जब मृतक का चेहरा खोला, तो आश्चर्य में पड़ गए। यह शव छोटेलाल कुशवाह का नहीं था। परिजन वहीं अंतिम संस्कार रोकते हुए तत्काल अस्पताल वापस पहुंचे।

उन्होंने वहां मौजूद डॉक्टर और प्रशासनिक अधिकारियों को शिकायत की। इसे सुनकर डॉक्टर और अधिकारियों में हड़कंप मच गया और और तत्काल छोटेलाल के शव की तलाश की गई। 2 घंटे बाद उन्हें शव मिल गया। परिजन को अंतिम संस्कार के लिए सुपुर्द किया गया। इस पर तहसीलदार कुलदीप कुमार का कहना है, मृतक का चेहरा दिखाकर ही शव परिजन को दिया जाता है। ऐसे में कहां चूक हुई है, जांच का विषय है। इस घटना पर लोगों का कहना था, सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में इतनी लापरवाही चल रही है कि यहां लोगों की जान से खिलवाड़ की जा रही है। न जाने ऐसे किस-किस के शव जलवा दिए होंगे।


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मप्र में लॉकडाउन में दिव्यांग कर्मचारियों को उपस्थिति में छूट - MP EMPLOYEE NEWS

Posted: 24 Apr 2021 07:39 AM PDT

भोपाल
। आयुक्त नि:शक्तजन कल्याण श्री संदीप रजक ने सभी संभाग आयुक्त और कलेक्टरों को जारी पत्र में कोरोना संक्रमण के कारण विभिन्न जिलों में लागू लॉकडाउन के दौरान दिव्यांग अधिकारियों और कर्मचारियों को कार्यालयीन उपस्थिति में छूट देने के लिए कहा है।

श्री रजक ने कहा कि दिव्यांग जनों के संक्रमित होने का खतरा अधिक रहता है। इसलिए उन्हें विशेष कार्य होने पर ही कार्यालय बुलाया जाए और घर से ही कार्य करने की अनुमति दी जाए। श्री रजक ने कहा कि कोरोना संक्रमण को केंद्र शासन द्वारा राष्ट्रीय आपदा घोषित किया गया है।  

कोरोना संक्रमण के मामले इन दिनों बहुत तेजी से देश प्रदेश में बढ़े हैं, हालांकि इनमें ठीक होने वाले लोगों की संख्या भी काफी बढ़ी है। दिव्यांग जनों की सुरक्षा और संरक्षण के मद्देनजर केंद्रीय दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग और मुख्य आयुक्त दिव्यांगजन द्वारा इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

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UJJAIN में डॉक्टरों ने पुलिस को पीटा, एक सिपाही का सिर फट गया - MP NEWS

Posted: 24 Apr 2021 07:27 AM PDT

उज्जैन
। शहर के सबसे बड़े आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज के अस्पताल में PPE KIT पहने हुए कथित डॉक्टरों ने पुलिस पार्टी पर हमला कर दिया। इस हमले में एक आरक्षक गंभीर रूप से घायल हुआ है। डॉक्टर चाहते थे कि पुलिस उनके आदेश के अनुसार उन लोगों को गिरफ्तार करे, जो उनसे बहस कर रहे हैं। पुलिस दोनों पक्षों को शांत कराने की कोशिश कर रही थी।

कोरोनावायरस से मरे व्यक्ति के सिर में से खून निकल रहा था

कोरोना संक्रमण इलाज के लिए मेट्रो टॉकीज के पास रहने वाले बंशीलाल खंडेलवाल आरडी गार्डी अस्पताल में भर्ती हुए थे जहां पर बीती रात उनका निधन हो गया। बीके खंडेलवाल और अन्य परिजन जब आज सुबह शनिवार को डेड बॉडी लेने पहुंचे तो मृतक बंसीलाल खंडेलवाल के सिर पर से खून बह रहा था। परिजनों ने इस पर आपत्ति ली, उन्होंने मौजूद डाक्टरों से पूछा की कोरोना से हुए निधन के बाद सिर में से ब्लड क्यों निकल रहा है। स्टाॅफ ने कहा कि वह गिर गए थे, इसलिए सिर फट गया। परिजनों को स्टाफ की बात पर विश्वास नहीं हुआ। वह सीनियर डॉक्टर से बात करना चाहते थे परंतु हॉस्पिटल का स्टाफ बहस करने लगा। 

डॉक्टरों ने पुलिस पर हमला किया, आरक्षक का सिर फोड़ दिया

परिजन जवाब चाहते थे। कुछ ही देर में हंगामा शुरू हो गया। विवाद की सुचना मिलने पर थाना चिमनगंज मंडी पुलिस मौके पर पहुंची और विवाद सुलझाने लगी, लेकिन इस बीच आरडी गार्डी के डॉक्टरों ने पुलिस टीम पर हमला बोल दिया। इस हमले में पुलिस आरक्षक आशुतोष नगर गंभीर रूप से घायल हो गए। उनका सिर फट गया। मामला पुलिस और अस्पताल के बीच में जाने के बाद मौके पर पंहुचे अपर कलेक्टर सुजान सिंह रावत , एडिशनल एसपी अमरेंद्र सिंह ने मामले को शांत करवाया हैं। 

हमारे डॉक्टरों को पुलिस और परिजनों ने मिलकर पीटा है: डीन एमके राठौर

आरडी गार्डी के डीन एमके राठौर ने कहा की में उस वक़्त मौजूद नहीं था, जब ये हंगामा हुआ लेकिन डाक्टरों ने बताया की पहले परिजनों ने पीटा और बाद में पुलिस ने भी हमारे साथ मारपीट की है, वहीं उज्जैन एसपी सत्येंद्र शुक्ल ने पूरी घटना क्रम की जांच के बाद ही कुछ कहने की बात कही है लेकिन उन्होंने कहा कि इस विवाद में हमारा एक पुलिस कर्मचारी घायल हुआ है।

वायरल वीडियो में PPE KIT पहने नजर आए हमलावर

घटना के कुछ वीडियो सामने आए हैं जिसमें अस्पताल के डाॅक्टर, पुलिस और परिजनों के बीच जमकर मारपीट हो रही है। जब एक पुलिस कर्मी को सिर पर चोट लगी तो उसके बाद पुलिस ने लाठियां चलाकर सबको भगाया, वीडियो में साफ़ दिख रहा है की पीपीई किट पहने अस्पताल का स्टाॅफ भी मारपीट के लिए आगे आ रहा था। फिलहाल घटना की गंभीरता को देखते हुए भारी पुलिस बल अस्पताल में लगा दिया गया है। 


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दर्जा मंत्री कलेक्टर पर भड़के, कहा: मीटिंग कर रहे हैं और कुछ नहीं, फिर एक और मीटिंग हुई और दर्जा मंत्री आश्वस्त हो गए - BALAGHAT NEWS

Posted: 24 Apr 2021 07:27 AM PDT

भोपाल
। मध्य प्रदेश शासन के खनिज विभाग के चेयरमैन (मंत्री दर्जा) एवं कांग्रेस पार्टी के विधायक प्रदीप जायसवाल अपने जिले के कलेक्टर पर भड़क पड़े। वह पत्रकारों को लेकर कोविड-19 केयर सेंटर पहुंचे और बताया कि पिछले 12 दिनों से या सेंटर बंद कर तैयार है परंतु चालू नहीं किया जा रहा। कोई जवाब देने के लिए तैयार नहीं है। 

विधानसभा क्षेत्र वारासिवनी, जिला बालाघाट से विधायक प्रदीप जायसवाल ने बताया कि पिछले 12 दिनों से यहां पर सभी व्यवस्थाएं पूरी हो चुकी है। सुरभि सेंटर को चालू नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हम जनता को जवाब नहीं दे पा रहे हैं। कलेक्टर और नेताओं का पूरा समय सिर्फ मीटिंग में बीत रहा है। किसी भी डॉक्टर पर किसी का कोई अंकुश नहीं है। 

डॉक्टर किस का इलाज कर रहे हैं और किसका नहीं कर रहे हैं कोई पूछने वाला नहीं है। कलेक्टर व्यवस्था नहीं कर रहे सिर्फ दौरे कर रहे हैं। वारासिवनी का हॉस्पिटल खोल नहीं पाए और कटंगी जा रहे हैं। एक भी काम पूरा नहीं हो रहा है। प्रशासन की सारी कार्रवाई या सिर्फ दिखाने के लिए हो रही है। जनता की किसी को चिंता नहीं है। 

हंगामे के बाद निर्माणाधीन कोविड सेंटर के लिए मीटिंग हुई 

मजेदार बात यह है कि कांग्रेस विधायक ने सिर्फ मीटिंग करने का आरोप लगाया था और इस आरोप भी लगने के बाद एक बार फिर मीटिंग का आयोजन किया गया। प्रदीप जायसवाल ने बताया कि अम्बेडकर भवन में बन रहे कोविड सेंटर का आज जिले के प्रशासनिक अधिकारियों एवं क्षेत्र के समाजसेवियों के साथ पुनः निरीक्षण किया व प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक भी की। संपूर्ण व्यवस्था हो जाने के बाद प्रशासन द्वारा जल्द ही कोविड सेंटर को प्रांरभ करने हेतु आश्वस्त किया गया है। (कुल मिलाकर तमाम शोर-शराबे के बावजूद कोई लास्ट डेट नहीं मिली, शायद कांग्रेस विधायक इस बात से खुश हैं कि उनकी कलेक्टर के साथ मीटिंग हो गई है।)

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मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव कोरोना पॉजिटिव - Madhya Pradesh Chief Secretary Corona Positive

Posted: 24 Apr 2021 06:51 AM PDT

भोपाल
। मध्य प्रदेश शासन के सबसे बड़े अफसर (मुख्य सचिव) श्री इकबाल सिंह बैंस (IAS) कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं। आज शनिवार 24 अप्रैल 2021 की यह सबसे बड़ी खबर है। मुख्य सचिव के अधीन प्रदेश के सभी 52 जिलों के कलेक्टर होते हैं। जिन्होंने कोरोनावायरस का संक्रमण रोकने के लिए कर्फ्यू लगा रखा है। बड़ा सवाल यह है कि क्या यह वायरस सबसे सुरक्षित और हमेशा प्रोटोकॉल का पालन करने वाले व्यक्ति को भी संक्रमित कर रहा है।

उल्लेखनीय है कि मुख्य सचिव होने के नाते भारतीय प्रशासनिक सेवा के सबसे सीनियर अधिकारी इकबाल सिंह बैंस ना केवल लगातार मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के संपर्क में थे बल्कि कोरोनावायरस को कंट्रोल करने के लिए की जा रही तमाम गतिविधियों को भी डायरेक्ट मॉनिटर कर रहे थे। पिछले दिनों मीडिया रिपोर्ट में बताया गया था कि जिलों के कलेक्टर फोन नहीं उठाते लेकिन मुख्य सचिव ना केवल पीड़ितों से बात कर रहे हैं बल्कि उन्हें मदद पहुंचा रहे हैं।

अशोकनगर और बैतूल में 3 मई तक लॉकडाउन

बेकाबू होते कोरोना को रोकने के लिए अशोकनगर और बैतूल में 3 मई की सुबह 6 बजे तक लॉकडाउन बढ़ा दिया गया है। ये निर्णय शनिवार को हुई क्राइसिस मैनेजमेंट की बैठक में लिया गया। दोनों जगह पहले 26 अप्रैल तक लॉकडाउन था। वहीं, अनूपपुर में पहले से ही 3 मई तक लॉकडाउन है।

गुजरात के उपमुख्यमंत्री नितिन भाई पटेल शनिवार को कोरोना से संक्रमित हो गये, जिसके बाद उन्हें अहमदाबाद के यूएन मेहता अस्पताल में भर्ती कराया गया। 

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JABALPUR में वन रक्षक को बंधक बनाया, 100 से ज्यादा ग्रामीणों पर FIR - MP NEWS

Posted: 24 Apr 2021 06:33 AM PDT

जबलपुर।
 मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में तेंदूपत्ता संग्रहण व बरसात पूर्व पौधरोपण की तैयारियों का जायजा लेने अपनी बीट में पहुंचे वन रक्षक को ग्रामीणों ने बंधक बना लिया। रस्सी से उसके हाथ बांधकर मारपीट की गई। जान पर आफत देख वन रक्षक ने किसी तरह अधिकारियों को फोन पर घटना की सूचना दी। 

जिसके बाद वन मंडल अधिकारी, रेंजर समेत अन्य अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और बमुश्किल वन रक्षक को ग्रामीणों के चंगुल से आजाद कराया। घटनास्थल से जान बचाकर सभी अधिकारी कुंडम थाना पहुंचे और घटना के लिए जिम्मेदार 100 से ज्यादा ग्रामीणों के खिलाफ FIR कराई। घटना के संबंध में वन विभाग कुंडम परिक्षेत्र के रेंजर हिमांशु अग्रवाल ने बताया कि वन रक्षक सौरभ केशरवानी 29 वर्ष कुंडम के बड़कुर क्षेत्र में अपनी बीट का जायजा लेने निकला था। 

कोसम झोंगरी पहुंचकर वह तेंदूपत्ता संग्रह व पौधरोपण की तैयारियों का जायजा ले रहा था तभी क्षेत्रीय निवासी हुब्बीलाल आर्मो समेत 100 से ज्यादा ग्रामीणों ने उसे घेर लिया। वन रक्षक को धमकी दी गई कि उक्त जमीन उनकी है इसलिए वह वहां से बाहर निकल जाए। वन रक्षक ने उन्हें समझाने का प्रयास किया कि उक्त जमीन शासकीय है तथा आगामी समय में पौधरोपण किया जाना है। जिसकी तैयारियों के संबंध में वह पहुंचा है। इतना सुनते ही सभी भड़क उठे और उसे पकड़कर रस्सी से बांध दिया। रस्सी से बांधकर उसे घटनास्थल से दूर ले गए। 

वन रक्षक ने किसी तरह सूचना दी जिसके बाद वन मंडल अधिकारी मुकेश पटेल समेत तमाम अधिकारी दोपहर करीब ढाई बजे मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों से बातचीत कर किसी तरह वन रक्षक को उनके कब्जे से मुक्त कराया गया। इधर, कुंडम पुलिस ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।

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BALAGHAT अस्पताल से 20 ऑक्सीजन सिलेंडर गायब, चोरी हुए या VIP के यहां भेजे गए

Posted: 24 Apr 2021 06:32 AM PDT

भोपाल
। बालाघाट के जिला चिकित्सालय से गायब हुए 20 ऑक्सीजन सिलेंडर का मामला गर्माता जा रहा है। इधर कलेक्टर ने तहसीलदार और टीआई को किसी भी कीमत पर सिलेंडर खोज निकालने की जिम्मेदारी दी है तो दूसरी ओर लोगों का कहना है कि सिलेंडर चोरी नहीं हुए बल्कि VIP लोगों के घर भेजे गए होंगे। क्योंकि यहां ऑक्सीजन और इंजेक्शन केवल VIP और उनसे संबंधित लोगों को ही मिल रहे हैं। आपातकाल की स्थिति में प्रशासन के सामने चुनौती है कि वह खुद को निष्पक्ष प्रमाणित करें।

सहायक कलेक्टर दिलीप कुमार ने किया खुलासा 

बालाघाट के जिला अस्पताल से ऑक्सीजन के सिलेंडर गायब हो गए हैं इसकी आधिकारिक जानकारी किसी को नहीं थी। जब सहायक कलेक्टर दिलीप कुमार अस्पताल में निरीक्षण करने पहुंचे तो औपचारिकता पूरी करने के बजाय उन्होंने अपनी ड्यूटी निभाना उचित समझा और अस्पताल की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। इसी दौरान स्टॉक में 20 ऑक्सीजन सिलेंडर कम पाए गए। दिलीप कुमार ने अपना कर्तव्य निभाते हुए गायब हुए सिलेंडर के यूनिक नंबर सहित जांच प्रतिवेदन तैयार कर कलेक्टर दीपक आर्य के समक्ष कार्रवाई के लिए प्रस्तुत किया गया है।

जिसके पास सिलेंडर मिले उसके खिलाफ रासुका की कार्रवाई होगी: कलेक्टर

कलेक्टर दीपक आर्य ने जिला चिकित्सालय से ऑक्सीजन सिलेंडर के गायब होने को गंभीरता से लिया है और बालाघाट तहसीलदार व TI को निर्देशित किया है कि वे इन गायब ऑक्सीजन सिलेंडर के यूनिक नंबर से उनका तत्काल पता लगाएं। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा है कि जिस किसी भी व्यक्ति के पास इन यूनिक नंबर वाले गायब ऑक्सीजन सिलेंडर पाए जाएं उन्हें तुरंत जिला अस्पताल वापस लाएं। यह सिलेंडर जिस किसी भी व्यक्ति के पास पाए जाएंगे, उसके खिलाफ FIR दर्ज कर रासुका के अंतर्गत तत्काल कार्रवाई की जाएगी।

अस्पताल के कर्मचारी-अधिकारी दोषी पाए गए तो रासुका की कार्रवाई होगी: कलेक्टर 

कलेक्टर दीपक आर्य ने कहा कि जिला अस्पताल बालाघाट से ऑक्सीजन सिलेंडर के गायब होने में जिस किसी भी कर्मचारी की संलिप्तता पाई जाएगी, उसे तत्काल पद से पृथक करने की कार्रवाई की जाएगी। उसके खिलाफ भी रासुका के अंतर्गत कार्रवाई की जाएंगी। हालांकि जिला अस्पताल से ऐसे समय में गायब हुए ऑक्सीजन सिलेंडर को लेकर अस्पताल प्रबंधन भी पल्ला झाड़ते नजर आया।

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MLA ने कलेक्टर को 22 घंटे में 22 फोन लगाए, एक बार भी नहीं उठाया - MP NEWS

Posted: 24 Apr 2021 06:11 AM PDT

ग्वालियर
। आपदा प्रबंधन अधिनियम एवं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा दिए गए फ्री हैंड के बाद मध्यप्रदेश में कलेक्टर, भगवान का दूसरा रूप हो गए हैं। अब इसके उदाहरण भी सामने आने लगे हैं। चंबल क्षेत्र के दिग्गज एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता, पूर्व मंत्री और विधायक डॉक्टर गोविंद सिंह ने ग्वालियर कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह को 22 घंटे में 22 बार फोन लगाया। कलेक्टर ने एक बार भी बात नहीं की। जबकि प्रोटोकॉल के तहत कलेक्टर की जिम्मेदारी है कि वह विधायक का फोन रिसीव करें और यदि व्यस्त है तो कॉल बैक करें।

विधायक ने कलेक्टर को फोन लगाया, पिए को नोट कराया परंतु कोई फायदा नहीं

पूर्व मंत्री व लहार विधायक डॉ. गोविंद सिंह ने चिट्‌ठी में लिखा है कि कोविड महामारी के दौर में दो जरूरतमंदों की मदद के लिए आपको 23 अप्रैल की सुबह 11 बजे से रात 9 बजे तक 22 बार कॉल किया गया। पूर्व मंत्री ने लिखा कि यह फोन आपके मोबाइल नंबर 8717999836 व 8989867665 पर किया गया था। इसके अलावा, ऑफिस के फोन नंबर 0751 2446200 पर भी कॉल किया। इस दौरान आपके पीए से भी बातचीत हुई।

आपातकाल के दौर में जनप्रतिनिधि के साथ ऐसा व्यवहार अच्छा नहीं है: डॉक्टर गोविंद सिंह

पूर्व मंत्री, विधायक एवं दिग्गज कांग्रेस नेता डॉक्टर गोविंद सिंह ने कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह से सजग करते हुए कहा, प्रजातांत्रिक मुल्क में निर्वाचित प्रतिनिधि के साथ ऐसे व्यवहार से वेदना हुई है। उन्होंने कहा कि मुझे आपसे फोन पर बात करने का शौक नहीं है। मजबूरी में दो कार्यकर्ताओं के जीवन रक्षा के लिए मदद चाहिए थी। उन्होंने पत्र में लिखा कि ईश्वर की कृपा से आपको यह प्रतिष्ठा का पद मिला है। इसका सम्मान कर जनकल्याण की भलाई के लिए करें। इससे सम्मान बढ़ेगा।

सीएम को लिखा, कम से कम संकट के समय तक जनता और जनप्रतिनिधियों का सम्मान करें

पूर्व मंत्री डॉ. गोविंद सिंह ने पत्र में ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर की तारीफ की। कहा कि मैं शुक्रगुजार हूं, जिन्होंने एक बार ही फोन करने पर तत्काल पीड़ितों की मदद की। पत्र में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को सावधान किया। अपील करते हुए कहा, प्रदेश में जिम्मेदारी के पद पर बैठे नौकरशाहों को सावधान करें। उन्होंने कहा कि कम से कम संकट के समय जनता और जनप्रतिनिधियों का सम्मान करें।

ऑक्सीजन व रेमडेशिवर इंजेक्शन की जरूरत के लिए किया था कॉल

पूर्व मंत्री डॉ. गोविंद सिंह ने बताया कि दो कार्यकर्ता कोविड पीड़ित हैं। एक ओम हॉस्पिटल थाटीपुर और दूसरा सिम्स मल्टीस्पेशिलिटी हॉस्पिटल कैंसर पहाड़ी पर भर्ती है। दोनों को ऑक्सीजन व रेमडेशिवर इंजेक्शन की जरूरत पूरी करने के लिए कलेक्टर को फोन किया था। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सभी जिलों के कलेक्टरों को ऑक्सीजन एवं रेमडेसिवीर इंजेक्शन उपलब्ध कराने के लिए प्रभारी नियुक्त किया है।

24 अप्रैल को सबसे ज्यादा पढ़े जा रहे समाचार

CORONA UJJAIN: दर्जनों शवों की होली सी जला रहे हैं, अधजली लाशों को कुत्ते खा रहे हैं

Posted: 24 Apr 2021 06:33 AM PDT

भोपाल
। मध्य प्रदेश के उज्जैन शहर में कोरोनावायरस से मरने वालों की संख्या इतनी ज्यादा हो गई है कि अब विधिवत अंतिम संस्कार भी नहीं किया जा रहा। लकड़ियों का बड़ा सा ढेर लगाकर उस पर एक साथ दर्जनों शव होली की तरह रखकर जलाए जा रहे हैं। ताकि कम जगह में ज्यादा से ज्यादा लाशों को जलाया जा सके। कुछ अधजली लाशों को कुत्ते खा रहे हैं। कुछ लोगों को श्मशान के अंदर जमीन नहीं मिली तो शमशान की पार्किंग में लाश रखकर जला गए। सभी फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।

दर्जनों शवों की होली सी जला रहे हैं, यह अंतिम संस्कार तो नहीं है

ABP News में सेवाएं दे रहे भोपाल के वरिष्ठ पत्रकार बृजेश राजपूत ने एक वीडियो शेयर किया है। वीडियो में दिखाई दे रहा है कि किस तरह उज्जैन में दर्जनों लाशों को एक साथ लकड़ियों के ढेर पर रखकर जलाया जा रहा है। सभी शव कोरोनावायरस प्रोटोकॉल के तहत पैक करके दिए गए हैं। बताने की जरूरत नहीं कि यह सभी कोरोनावायरस से संक्रमित लोग हैं जिनकी अकाल मृत्यु हुई है। 

अधजली लाशों को कुत्ते खा रहे हैं, श्मशान में जगह नहीं मिली पार्किंग में जला गए

बंसल न्यूज़ ने सोशल मीडिया पर उज्जैन के फोटो जारी किए हैं। इन फोटोग्राफ्स में अधजली लाशों को कुत्ते खा रहे हैं (फोटो बहुत वीभत्स है इसलिए हम प्रदर्शित नहीं कर रहे )। जिस तरह से लाशें लावारिस पड़ी हुई है, देख कर कोई भी बता सकता है कि यह सभी कोरोनावायरस से संक्रमित लोग हैं, जिनके परिवार के लोग अस्थि संचय के लिए भी नहीं आए। सोशल मीडिया पर एक और फोटो वायरल हो रहा है। यह फोटो चक्रतीर्थ श्मशान घाट के बाहर दो पहिया वाहन पार्किंग का बताया जा रहा है। फोटो में दिखाई दे रहा है कि लोगों ने पार्किंग में लाशें जला दी क्योंकि श्मशान घाट में जगह नहीं थी। 

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GWALIOR SP का आदेश: ऑक्सीजन सिलेंडर ताले तोड़कर उठा लाओ - MP NEWS

Posted: 24 Apr 2021 05:23 AM PDT

ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शुक्रवार की रात शहर पर भारी थी। आक्सीजन को लेकर पूरे शहर में हाहाकर मचा हुआ था। जेएएच के आइसीयू सहित निजी अस्पतालाें में ऑक्सीजन का संकट खड़ा हाे गया था। शासन-प्रशासन के हाथ-पैर फूले हुए थे। इस संकट की घड़ी में एसपी को मीडिया से मिला एक आइडिया काम कर गया।  

एसपी अमित सांघी ने तड़के ही शहर के सभी थाना प्रभारियों को सोते से उठाकर आदेश दिया कि आज सड़कों पर चेकिंग हवलदार व सिपाहियों के हवाले करो। अपने-अपने क्षेत्र के वर्कशॉप व वैल्डिंग प्लांटों का पता कर उनके आक्सीजन के सिलिंडरों को उठाकर अपने-अपने क्षेत्र के निजी अस्पतालाें में पहुंचाओ। अगर दुकान मालिक नहीं मिले तो ताला तोड़कर सिलिंडर निकालकर अपना ताला लगा दो। 

पुलिस ने इस चुनौती को स्वीकार करते हुए सवा सौ से अधिक आक्सीजन सिलिंडरों का इंतजाम कर निजी अस्पतालों में पहुंचाकर लोगों की जान बचाई है। सबसे अधिक खराब स्थिति लोट्स व वेंदात अस्पताल की थी। दोनों अस्पतालों में पुलिस ने पांच-पांच सिलिंडरों की आपूर्ति कर लोगों की जान बचाई।

शुक्रवार की रात से ही आक्सीजन के अभाव शहर में हालत खराब थी। इस बात से प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी वाकिफ थे। आक्सीजन के अभाव में होने वाली मौतों से शहर में कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने की पूरी आशंका थी। अफसर इन हालातों से निपटने के लिए चितिंत थे। रात में एसपी अमित सांघी को एक मीडिया कर्मी ने आइडिया दिया कि वैल्डिंग प्लांट व वर्कशॉपों से ऑक्सीजन सिलेंडर उठाकर निजी अस्पतालों में पहुंचाकर लोगों की कुछ घंटों तक जान बचा सकते हैं। यह आइडिया काम कर गया।

एसपी ने रात में ही वरिष्ठ डाक्टर से सलाह ली। उन्होंने बताया कि यह आक्सीजन मरीज को दी जा सकती है। बस सिलिंडर को अच्छी तरीके से पानी से धोकर अस्पताल पहुंचाएं। इसके बाद पुलिस ने इस आइडिया पर काम किया और संकट की घड़ी को टालने में सफल हुए।

बहोड़ापुर थाना प्रभारी अमर सिंह सिकरवार ने बताया कि पुलिस अधीक्षक का वायरलैस सेट पर संदेश मिलते ही पूरे अमले के साथ ट्रांसपोर्ट नगर पहुंच गए। गुमठियों व वर्कशॉपों पर मोबाइल नंबर लिखे हुए थे। पहले काल लगाकर उन्हें बुलाने का प्रयास किया। कुछ लोगों ने आनाकानी भी की। झूठ बोला की हमारे पास आक्सीजन के सिलिंडर नहीं है। एसपी के निर्देश पर इन दुकानों व गुमठी के ताले तोड़कर सिलिंडर निकालकर अस्पतालों में पहुंचा दिए। दोपहर साढ़े बारह बजे तक 22 सिलिंडर अस्पतालों में पहुंचा चुके हैं। 15 की और जानकारी मिली है।

इंदरगंज थाना प्रभारी शैलेंद्र भार्गव ने बताया कि हास्पिटल रोड पर स्थित हास्पिटलों से संपर्क कर पूछा गया कि किन-किन को आक्सीजन सिलिंडर की आवश्यकता है। वेदांता व लोट्स हास्पिटल में सबसे अधिक हालत खराब थी। इन दोनों अस्पतालों में 70 से अधिक भर्ती थे और इनके पास 15 से 20 मिनिट की आक्सीजन बची थी। इन दोनों हास्पिटलों को पांच-पांच सिलिंडर दिए गए। दो सिलिंडर परिवार हास्पिटल पहुंचाए। इसके अलावा अन्य हास्पिटलों में सिलिंडर पहुंचाए। यह सिलिंडर बहोड़ापुर, माधवगंज व गिरवाई थाने ने उपलब्थ कराए थे।

वर्जन-
मीडिया से आइडिया मिलने पर उस पर सुबह काम किया। थाना प्रभारियों को निर्देशित किया कि किसी सूरत में अपने-अपने क्षेत्रों के वर्कशॉप व वैल्डिंग प्लांटों से आक्सीजन सिलिंडर निकालकर प्राइवेट हास्पिटलों में जरूरत के हिसाब से पहुंचाओ। दोपहर 2 बजे तक सवा सौ के लगभग सिलिंडर अस्पतालों में पुलिस ने पहुंचा दिए थे। जिससे कई लोगों की जान बचाने में पुलिस सफल रही और संकट के समय को टालने में आखिर हम सफल हुए। इस कार्य से पूरे विभाग को आत्मीय सुकुन मिला है।

4 अप्रैल को सबसे ज्यादा पढ़े जा रहे समाचार

पूर्व मंत्री ब्रजेंद्र सिंह राठौर की हालत बिगड़ी, एयर लिफ्ट से भोपाल लाने की तैयारी - MP NEWS

Posted: 24 Apr 2021 04:52 AM PDT

भोपाल।
 मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ब्रजेंद्र सिंह राठौर की हालत बिगड़ने की खबर है। उनका इलाज झांसी के अस्पताल में चल रहा है। इस संबंध में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से बात हुई। इसके बाद शिवराज ने राठौर को झांसी से एयर एंबुलेंस के जरिए भोपाल लाने के निर्देश दिए हैं।

जानकारी के मुताबिक पृथ्वीपुर से कांग्रेस विधायक ब्रजेंद्र सिंह राठौर 15 अप्रैल को कोरोना पॉजिटिव हुए थे। कांग्रेस ने उन्हें दमोह उपचुनाव में प्रभारी बनाया था। वे दमोह में ही संक्रमित हो गए थे। इसके बाद उन्हें झांसी के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन तबीयत में सुधार नहीं हो पा रहा। ऐसे में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मुख्यमंत्री से बात की।  

मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार राठौर को एयर एंबुलेंस से भोपाल लाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्हें झांसी से भोपाल एयर लिफ्ट करने की प्रक्रिया चल रही है। बता दें कि इससे पहले जोबट से कांग्रेस विधायक कलावती भूरिया का करोना से निधन हो गया है। उनका इंदौर में इलाज चल रहा था। बता दें कि दमोह उप चुनाव के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह समेत 109 कांग्रेस व बीजेपी के नेता कोरोना संक्रमित हो गए थे।

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JABALPUR में दूल्हा-दुल्हन के खिलाफ FIR, बिना अनुमति - बगैर मास्क हो रही थी शादी - MP NEWS

Posted: 24 Apr 2021 04:59 AM PDT

जबलपुर।
मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले कोरोना का प्रकोप जारी है। नए संक्रमितों के आने और मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। ऐसे में भी कुछ लोग शादी के धूम-धड़ाके में गाइडलाइन को ताक पर रख रहे हैं। बिना अनुमति शादी में भीड़ जुटाने और बगैर मास्क मिलने पर पुलिस ने यहां दूल्हा-दुल्हन के खिलाफ FIR दर्ज की है।

जानकारी के अनुसार छोटी ओमती गीता भवन में शादी समारोह की सूचना मिली थी। बेलबाग पुलिस यहां पहुंची और कोरोना उल्लंघन में कार्रवाई करते हुए भीड़ को अलग कराया। बेलबाग टीआई के मुताबिक अनिल करोसिया और माया समुद्रे की शादी थी। वर-वधू पक्ष की ओर से शादी का अनुमति पत्र मांगा गया। दोनों इसे नहीं दिखा पाए। नियमत: विवाह के लिए अनुमति लेने पर ही 50 लोगों के अधिकतम शामिल होने का आदेश हैं। लेकिन यहां बिना अनुमति के हो रही शादी में मौके पर 80 से 100 लोग मिले।

शादी में शामिल बारातियों या घरातियों में न तो किसी ने मास्क लगाया था, न ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जा रहा था। बैंड-बाजा वाले भी बिना मास्क के थे। बिना अनुमति के विवाह समारोह आयोजित कर भीड़ एकत्रित करने की वजह से, वधू पक्ष की माया समुदे और वर पक्ष के अनिल करोसिया के खिलाफ धारा 188, 269, 270, 34 भादवि के तहत कार्रवाई की गई।

जिले में शुक्रवार 23 अप्रैल को जिले में कुल 833 नए संक्रमित सामने आए। कुल संक्रमितों का आंकड़ा बढ़कर 31 हजार 513 पहुंच गया। प्रशासन के आंकड़े में गैलेक्सी की पांच मौतों समेत कुल 10 मौतें होना बताया गया है, जबकि हकीकत में मुक्तिधामों व कब्रिस्तानों में 64 लोगाें का अंतिम संस्कार हुआ। इलाज के बाद 751 संक्रमित ठीक भी हुए हैं। अब तक कोरोना से कुल 25 हजार 148 लोग स्वस्थ हो चुके हैं। अब जिले में एक्टिव केस 6814 हो गए हैं।

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DABRA शिक्षक कॉलोनी के एक घर में दर्जनों ऑक्सीजन सिलेंडर का स्टॉक मिला

Posted: 24 Apr 2021 06:11 AM PDT

ग्वालियर
। शिक्षक कॉलोनी डबरा में स्थित चेतन गुप्ता के मकान में दर्जनों ऑक्सीजन सिलेंडर का स्टॉक मिला है। एडिशनल एसपी देहात जयराज कुबेर के नेतृत्व में हुई छापामार कार्रवाई के दौरान इसका खुलासा हुआ। बताया गया है कि ऑक्सीजन सिलेंडर ब्लैक में बेचने के लिए यहां पर भंडारित किए गए थे। ऑक्सीजन सिलेंडर की कालाबाजारी की जा रही थी। 

एसडीएम प्रदीप शर्मा ने बताया कि प्रशासन को अज्ञात व्यक्ति ने सूचना दी थी कि शिक्षक कॉलोनी के एक मकान को ऑक्सीजन सिलेंडर का अवैध गोदाम बना लिया गया है। यहां से ऑक्सीजन सिलेंडर की कालाबाजारी की जा रही है। जानकारी जुटाने पर या मकान चेतन गुप्ता का बताया गया। एडिशनल एसपी देहात जयराज कुबेर के नेतृत्व में टीम गठित करके कार्रवाई की गई है।

ऑक्सीजन सिलेंडर की कालाबाजारी करने वाले हैं सभी पॉजिटिव 

एसडीएम प्रदीप शर्मा ने बताया कि जिन लोगों को ऑक्सीजन सिलेंडर की कालाबाजारी करने के आरोप में हिरासत में लिया गया है, प्रारंभिक मेडिकल जांच में वह सभी लोग कोरोनावायरस से संक्रमित पाए गए हैं। इस घर में रहने वाले कई सदस्य पॉजिटिव पाए गए हैं।

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INDORE: वेंटीलेटर के अभाव में प्रेग्नेंट महिला और बच्चे की मौत, नेता-अभिनेता सभी की कोशिश बेकार - MP NEWS

Posted: 24 Apr 2021 02:44 AM PDT

इंदौर।
मध्य प्रदेश के इंदौर में करणी सेना के जिलाध्यक्ष अनुराग राघव ने बताया कि शनिवार रात को मेेरे परिचित और महिला के पति का कॉल आया था कि पत्नी की हालत काफी गंभीर है। बेड नहीं मिलने से वे काफी परेशान हो रहे थे। इसके बाद मैंने अपने स्तर पर कई कॉल कर बेड के बारे में पता किया।  

हालांकि कहीं भी ICU वाला बेड नहीं मिला। इसके बाद मैंने ऑक्सीजन सिलेंडर के साथ उसमें लगने वाले सभी उपकरण की व्यवस्था करवाई। करीब दो-तीन घंटे की कोशिश के बाद उन्हें नेहरू नगर में स्थिति निजी अस्पताल में एक बेड तो मिल गया। डॉक्टरों ने इलाज भी शुरू कर दिया। शुक्रवार रात को करीब 10 बजे उनका कॉल मेरे पास आया। उन्होंने बताया कि हालत बहुत खराब हो रही है, सीजर करना पड़ेगा। उनका ऑक्सीजन का लेवल घटकर 40 तक पहुंच गया था। मैंने जब पूछा कि अस्पताल वाले क्या कह रहे हैं तो उन्होंने बताया कि वे कह रहे हैं कि वेंटिलेटर की व्यवस्था करना होगी। 

तत्काल में ऐसी व्यवस्था करना मुश्किल था। इसके बाद भी हमने शहर के हर बड़े नेता अधिकारी से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन किसी से भी संपर्क नहीं हो पाया। इसके बाद रात करीब साढ़े 12-1 बजे के बीच मैंने मुंबई में एक्टर साेनू सूद को कॉल किया और उसने मदद की गुहार लगाई। 

सूद ने भी मैसेज के जरिए वेंटिलेटर की व्यवस्था करने की अपील की। हालांकि रात करीब साढ़े 3 बजे पहले गर्भ में पल रहे बच्चे की पल्स आना बंद हुई, इसके कुछ देर बाद उसकी मां ने भी दम तोड़ दिया। महिला की एक पांच साल की बेटी है। उनके पति जॉब करते हैं।

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MP में सभी सस्पेंड मेडिकल कर्मचारी बहाल, आदेश जारी - EMPLOYEE NEWS

Posted: 24 Apr 2021 05:01 AM PDT

भोपाल। 
मध्य प्रदेश में मेडिकल इमरजेंसी जैसे हालात बन गए हैं। बड़े शहर हों या फिर छोटे शहर, अस्पतालों में स्टॉफ की भरी कमी है। इसे देखते हुए सरकार ने किन्हीं वजह से निलंबित नर्सिंग व पैरामेडिकल स्टॉफ को बहाल करने का निर्णय लिया गया है। इसी तरह हाल ही में इंटर्नशिप पूरी कर चुके 186 डॉक्टर्स, जिन्होंने डयूटी ज्वाइंन नहीं की है, उनके खिलाफ एक्शन लेने की तैयारी है।  कोरोना के एक्टिव केस 90 हजार पहुंच गए हैं।  
 
मंत्रालय सूत्रों ने बताया कि मई माह के पहले और दूसरे सप्ताह में कोरोना के केस देश में लगभग 7 लाख प्रतििदन होने का अनुमान केंद्र सरकार ने लगाया है, उसके हिसाब से मध्य प्रदेश में अस्पतालों में स्टॉप की आपूर्ति बड़ी चुनौती है। इसको ध्यान में रखते हुए डॉक्टरों के साथ ही नर्सिंग स्टाफ और पैरामेडिकल कर्मचारियों की कमी को दूर करने के लिए अब स्वास्थ्य आयुक्त आकाश त्रिपाठी ने निलंबित कर्मचारियों को बहाल कर कोरोना मे ड्यूटी लगाने का आदेश दिया है।

त्रिपाठी द्वारा सभी रीजनल डायरेक्टर्स को भेजे आदेश में निलंबित तृतीय श्रेणी कर्मचारियों नर्सिंग व पैरामेडिकल स्टाफ लैब टेक्नीशियन, कम्पाउंडर, फार्मासिस्ट, रेडियोग्राफर (रिश्वत लेते हुए ट्रेप हुए और व्यापमं में लंबित कर्मचारियों को छोड़कर) को तत्काल बहाल करने को कहा है। इसके साथ ही मैदानी कर्मचारियों एएनएम, एमपीडब्ल्यू, पर्यवेक्षक, बीईई को बहाल कर कोरोना मरीजों के इलाज संबंधी सेवाओं में ड्यूटी लगाने के आदेश दिए हैं।

बांड धारक डॉक्टर्स को ज्वाइनिंग का आदेश, नहीं करने कार्यवाही होगी 

कोरोना के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ने के कारण अस्पतालों में बिस्तर, वेंटिलेटर और इलाज के लिए डॉक्टर्स की कमी पडना शुरू हो गई है। इसके चलते भोपाल इंदौर के सरकारी कॉलेजों में इंटर्नशिप पूरी करने वाले 235 डॉक्टर्स को ज्वाइन करने के लिए आदेश जारी हुए है। इसके बावजूद इसमें से 186 डॉक्टर्स (79%) कोरोना के बढते हुए संक्रमण में ड्यूटी करने से बच रहे है।

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GK QUIZ: भारत में पंचायत व्यवस्था 2 अक्टूबर से शुरू हुई तो फिर पंचायती राज दिवस 24 अप्रैल को क्यों मनाते हैं पढ़िए

Posted: 23 Apr 2021 10:35 PM PDT

चूँकि भारत एक कृषि प्रधान देश है इसलिए कहा जाता है कि अगर भारत के गांव सुखी हैं तो पूरा देश सुखी है। इसी कारण भारतीय संविधान में अनुच्छेद 40 में पंचायतों के गठन का प्रावधान किया गया। पंचायतों के कार्य व शक्तियों का वर्णन 11वीं अनुसूची में है। पंचायतों के अधिकार क्षेत्र में 29 विषयों को रखा गया है। 

भारत में स्थानीय शासन का जनक लॉर्ड रिपन को कहा जाता है परंतु सामुदायिक विकास कार्यक्रम 1952 में प्रारंभ हुआ जबकि बलवंत राय मेहता समिति का गठन 1957 में हुआ। बलवंत राय मेहता समिति ने ही त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था की सिफारिश की थी।

24 April 1992 में 73 वें संविधान संशोधन द्वारा पंचायती राज के त्रिस्तरीय ढांचे का प्रावधान किया गया। जबकि 25 अप्रैल 1993 को पंचायती राज अधिनियम अस्तित्व में आया था। जिसमें ग्राम स्तर पर ग्राम पंचायत, प्रखंड स्तर पर पंचायत समिति तथा जिला स्तर पर जिला परिषद का गठन किया गया।

भारत में पंचायती राज व्यवस्था का आरंभ 2 अक्टूबर 1959 को राजस्थान के नागौर जिले में किया गया था। जबकि पंचायती राज व्यवस्था को लागू करने वाला पहला प्रदेश, मध्य प्रदेश है। 

भूतपूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह द्वारा 24 अप्रैल 2010 से पहला राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस मनाने की घोषणा की गई। जबकि वर्तमान प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने किसी महिला के पति को सरपंच या पंचपति कहलाने की प्रथा को खत्म करके महिलाओं को स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने की शक्ति प्रदान की। Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article 

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MP में CORONA VACCINATION की नई गाइडलाइन, पढ़िए - HEALTH NEWS

Posted: 24 Apr 2021 02:40 AM PDT

जबलपुर।
 मध्य प्रदेश में लोगों के जेहन में एक सवाल है कि पहला डोज लगवाया और एक हफ्ते बाद कोविड पॉजिटिव हो गए तो अगली डोज का क्या होगा?  तथा दोनों डोज लेने के 15 दिन बाद संक्रमित हो गए। उनके मन में कुछ अलग सवाल है, क्या फिर डोज लेने होंगे। इस तरह की तमाम आशंकाएँ हैं जो वैक्सीनेशन के बाद उठने लगी हैं।

भारत सरकार के को-विन पोर्टल पर जब संपर्क किया गया तो विशेषज्ञों ने हर एक शंका का समाधान किया। उनका कहना रहा पॉजिटिव आने पर एंटीबाॅडी डेवलप होती है, लिहाजा सेकेंड डोज के लिए कुछ ज्यादा समय रूका जा सकता है। कम से कम 14 दिन बाद वैक्सीन लगवानी चाहिए। हाल फिलहाल दो तरह की वैक्सीन है, दोनों की वैक्सीनेशन शैड्यूलिंग अलग-अलग है, लेकिन संक्रमण बढ़ने और वैक्सीन का पहला-दूसरा डोज लेने के बाद पॉजिटिव होने के बाद इस शैड्यूल पर भी फर्क पड़ रहा है।

पहले डोज के बाद तथा दूसरी डोज के बाद पॉजिटिव होने पर क्या करना चाहिए

पहले डोज के बाद और दूसरे डोज से पहले अगर रिपोर्ट पॉजिटिव आ जाती है तो वैक्सीनेशन नहीं कराना चाहिए। प्रोटोकॉल और ट्रीटमेंट पूरा होने के बाद निगेटिव रिपोर्ट के 14 दिनों बाद ही दूसरा डोज लगवाया जाना चाहिए। वह भी तब जब हल्का बुखार, हरारत, अत्यधिक कमजोरी जैसे लक्षण न होने पर। दूसरी डोज लगने के बाद भी अगर कोई पॉजिटिव हो जाता है तब भी चिकित्सक की सलाह के मुताबिक उपचार कराना चाहिए। वैक्सीनेशन के डोजेस संक्रमित के भीतर एंटी बॉडी डेवलप करने में मददगार साबित होते हैं।

संक्रमित होने के बाद पहला डोज; अगर कोई वैक्सीनेशन के लिए रजिस्ट्रेशन कराता है और इस बीच संक्रमित हो जाता है तो वैक्सीन की पहली डोज भी टालनी होगी। इसमें भी निगेटिव होने के 14 दिनों बाद पहला टीका लगवाया जा सकता है।

संक्रमण के मामले बढ़ने के बाद वैक्सीनेशन को लेकर नई गाइडलाइन जारी की गई है। पहली डोज के बाद संक्रमित होने पर निगेटिव होने के 14 दिन बाद दूसरी डोज ली जा सकती है।

-डॉ. एसएस दाहिया, जबलपुर जिला टीकाकरण अधिकारी


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सजा सुनाने के बाद अपराधी की मृत्यु हो जाए तो जुर्माना वसूला जाएगा या नहीं - LEARN IPC SECTION 70

Posted: 23 Apr 2021 10:16 PM PDT

अब तक आपने पढ़ा कि यदि कोई अपराधी जुर्माना देने से इंकार कर दे तो उसकी चल अचल संपत्ति को कुर्क करके जुर्माना की वसूली की जाती है। यदि उसकी आर्थिक स्थिति बहुत खराब है और उसके पास जुर्माना मूल्य के बराबर संपत्ति नहीं है तब, संबंधित अपराध की एक चौथाई जेल अवधि बढ़ा दी जाती है। अब सवाल यह है कि यदि सजा सुनाने के बाद अपराधी की मृत्यु हो जाए तब जुर्माना की वसूली होगी या नहीं। आईपीसी की धारा 70 में इस प्रश्न का उत्तर मिलता है।

भारतीय दंड संहिता 1860 की धारा 70 की परिभाषा:-

अगर कोई व्यक्ति 6 वर्ष के भीतर न्यायालय में जुर्माना नहीं भरता है तब न्यायालय को अधिकार है कि वह ऐसे अपराधी से उसकी अचल संपत्ति या चल संपत्ति को कुर्की एवं नीलाम करके जुर्माना की वसूली करें।अगर किसी आरोपी की कारावास में रहते हुए मृत्यु हो जाती है, तब भी न्यायालय द्वारा उसे जुर्माने से मुक्त नहीं किया जाएगा। छः वर्ष हो जाने के बाद न्यायालय ऐसे अपराधी की जो अचल संपत्ति होगी उससे न्यायालय द्वारा लगाए गए जुर्माने को वसूल करेगा। 

उपर्युक्त धारा से यह स्पष्ट है कि विधि के अनुसार लगाया गया जुर्माना किसी भी प्रकार से क्षमा योग्य नहीं है। अपराधी को कारावास की सजा में छूट मिल सकती है लेकिन जुर्माना में किसी भी प्रकार की छूट नहीं दी जाती है।

:- लेखक बी. आर. अहिरवार (पत्रकार एवं लॉ छात्र होशंगाबाद) 9827737665 | (Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article)

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कोरोना योद्धा कर्मचारियों को सैनिटाइजर, हैंड ग्लव्स और फेस मास्क तक नहीं दे रही सरकार - MP EMPLOYEE NEWS

Posted: 23 Apr 2021 10:06 PM PDT

जबलपुर
। मध्यप्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के जिला शाखा अध्यक्ष अरवेन्द्र राजपूत ने जारी विज्ञप्ति में बताया कि जिले में कोविड टीकाकरण व्यापक तरीके से चल रहा है। इस टीकाकरण का प्रमुख उद्देश्य 45 वर्ष की से अधिक आयु वर्ग के सभी नागरिकों का 100% टीकाकरण करना है जिसे एक अभियान के रूप में चलाया जा रहा है। 

कोविड टीकाकरण अभियान सप्ताह में सातों दिन जबलपुर जिले के जिला चिकित्सालय, समुदायिक स्वास्थ्य केन्दों, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, उप स्वास्थ्य केन्द्रों व फीवर क्लीनिकों में निरंतर चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोरोना गाईड लाईन को ठगा दिखाते हुए टीकाकरण अभियान में लगे स्वास्थ्य कर्मचारियों को सुरक्षा संसाधन उपलब्ध नहीं कराए जा रहे है। 

टीकाकरण हेतु उन्हें आवश्यक संसाधन जैसे – सैनिटाइजर, मास्क, ग्लब्ज, पी0पी0ई0 किट व स्वास्थ्य केन्द्रों में पेरासिटामोल की गोलियों का भी अभाव है जिसके कारण ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य कर्मियो को ग्रामीण जनों के गुस्से का शिकार होना पड़ रहा है । सुरक्षा संसाधनों के अभाव के चलते कोरोना संक्रमण के इस दौर मे अनेकों कर्मचारियों पर संक्रमण का खतरा मण्डरा रहा है, कई कर्मचारी संक्रमण का शिकार भी हो चुके है जिससे कर्मचारियों में आकोश के साथ ही भय का माहोल व्याप्त हैं। 

संघ के अरवेन्द्र राजपूत, अवधेश तिवारी, आलोक अग्निहोत्री, दुर्गेश पाण्डेय, वीरेन्द्र तिवारी, धनश्याम पटेल, अजय दुबे, मुकेश धनगर, बालक पाण्डेय, राकेश सेंगर, संतकुमार छीपा, देवेन्द्र प्रताप सिंह, श्रीराम झारिया, मथुरा झारिया, एस.बी.मिश्रा, प्रमोद पासी, बब्लू ठाकुर, राकेश राव, सतेन्द्र ठाकुर, श्याम नारायण तिवारी, नितिन शर्मा, संतोष तिवारी, मो. तारिक, धीरेन्द्र सोनी, मनोज पाठकर, प्रियाशु शुक्ला, ब्रजेश गोस्वामी आदि ने एक पत्र माननीय कलेक्टर महोदय व मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जबलपुर को देने के साथ ही माननीय मुख्यमंत्री जी व मुख्य सचिव, मध्यप्रदेश शासन को ई-मेल के माध्यम से भेजकर कोरोना टीकाकारण कार्य में लगे कर्मचारियों को आवश्यक सुरक्षा संसाधन व आवश्यक दवाईयों की आपूर्ति शासन की गाईड लाईन के अनुसार नहीं करने वाले दोषी अधिकारियों पर अनुशासनात्मक/ दण्डात्मक कार्यवाही की मांग की गई है।

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ALIRAJPUR: जोबट विधायक की कोरोना से मौत - MP NEWS

Posted: 24 Apr 2021 02:40 AM PDT

आलीराजपुर।
मध्यप्रदेश में कोरोना से हालात खराब होते जा रहे हैं। आलीराजपुर जिले की जोबट विधानसभा से कांग्रेस विधायक कलावती भूरिया की कोरोना से मौत हो गई। वह इंदौर के प्राइवेट हॉस्पिटल में विगत 14 दिनों से भर्ती थीं। दो दिन से ज्यादा तबीयत खराब थी।

पहली बार जोबट विधान सभा से वर्ष 2018 में चुनाव जीत कर विधायक बनी थीं। इसके पहले झाबुआ जिला पंचायत की लगातार 4 बार अध्यक्ष रह चुकी थीं। वे पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया की भतीजी थीं। उनके निधन पर पूर्व सीएम कमलनाथ ने ट्वीट करके श्रद्धांजलि दी है।

ऑक्सीजन और रेमडेसिविर इंजेक्शन की कमी के बीच इंदौर के लिए मुसीबतें बढ़ती जा रही हैं। संक्रमण बढ़ता ही जा रहा है। 24 घंटे में यहां 1813 नए संक्रमित आए, जबकि 7 की मौत हो गई। एक दिन पहले 1782 मरीज सामने आए थे।


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JAH GWALIOR में ऑक्सीजन खत्म होने से हड़कंप, 2 की मौत, 52 कोे शिफ्ट किया - GWALIOR NEWS

Posted: 23 Apr 2021 09:45 PM PDT

ग्वालियर।
मध्य प्रदेश के ग्वालियर अंचल के सबसे बड़े अस्पताल जयारोग्य चिकित्सालय के मेडिसिन आईसीयू सहित अन्य अस्पतालों में शुक्रवार की शाम ऑक्सीजन खत्म हो जाने अफरा-तफरी मच गई। जेएएच के मेडिसिन आईसीयू में मरीजों को आनन-फानन में मुख्य भवन (पत्थरवाली बिल्डिंग) में शिफ्ट किया गया। 

JAH में कुल 60 मरीज थे। इनमें से 52 को शिफ्ट किया गया। इनमें से कुछ को ऑक्सीजन सुविधा वाली एंबुलेंस मिली तो कुछ को परिजन अंबु बैग के सहारे ले गए। शहर में सरकारी और निजी 80 अस्पताल हैं। इनमें रोजाना 3 हजार सिलेंडर ऑक्सीजन की खपत होती है। इन अस्पतालों में 2055 मरीज भर्ती हैं। इनमें 1009 ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं।

जेएएच के मेडिसन आईसीयू में ऑक्सीजन का लेबल कम होने की खबर डॉक्टरों के ग्रुप में शाम 5 बजकर 21 मिनट से चल रही थी। इसके बाद भी अस्पताल प्रबंधन हाथ पर हाथ धरे बैठा रहा। हालात जब ज्यादा बिगड़ने लगे तो रात 10 करीब यानी, साढ़े चार घंटे बाद मरीजों को पत्थरवाली बिल्डिंग में शिफ्ट करने का काम शुरू किया गया। यहां कुल 60 मरीज भर्ती थे। इनमें से 52 कोे शिफ्ट कर दिया गया, जबकि 7 देर रात तक वहीं थे। बाकी दो मरीजों की ऑक्सीजन न मिलने से मौत हुई।

जिला अस्पताल मुरार में शाम को सिर्फ 1 सिलेंडर बचा था। मरीज के परिजनों की सूचना पर पूर्व विधायक मुन्नालाल गोयल व एसडीएम पुष्पा पुषाम ने 20 सिलेंडर मंगाए।
सिटी सेंटर स्थित परिधि हॉस्पिटल में ऑक्सीजन खत्म होने वाली थी। वहां से मरीजों को शिफ्ट किए जाने की सूचना फैल गई। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, विधायक प्रवीण पाठक व पूर्व विधायक मुन्नालाल गोयल ने यहां एमके एयर प्रॉडक्ट पर बात करके 10 सिलेंडर भिजवाए।
जिला न्यायालय भवन के पास की गली में स्थित सराफ हॉस्पिटल में शाम को ऑक्सीजन का संकट हो गया। अस्पताल प्रबंधन ने मरीजों को डिस्चार्ज करना शुरू कर दिया।
लक्ष्मीबाई कॉलोनी स्थित माहेश्वरी नर्सिंग होम में दोपहर बाद से ऑक्सीजन की कमी होने पर मरीजों से खुद इंतजाम करने के लिए कहा गया।
झांसी रोड स्थित सुविधा हॉस्पिटल में मरीजों को डिस्चार्ज किया जाने लगा। यहां के 2 मरीज सुपर स्पेशलिटी में जाकर भर्ती भी हुए।

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BHOPAL में BOI और केनरा बैंक सील, कलेक्टर ने लगाया जुर्माना - MP NEWS

Posted: 24 Apr 2021 02:40 AM PDT

भोपाल।
 मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में बैरसिया रोड पर भ्रमण के दौरान बैंकों में भीड़ लगी देखकर नाराज कलेक्टर अविनाश लवानिया ने दोनों शाखाओं को सील करा दिया। एक बैंक को तीन कार्यदिवस के लिए सील करके 20 हजार का जुर्माना लगा दिया। दूसरी शाखा को सात दिन के लिए सील कर दिया गया। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं करने पर ऐसी कार्रवाई लंबे समय बाद हुई। 
 
भोपाल टॉकीज से बैरसिया रोड की ओर जाते समय कलेक्टर अविनाश लवानिया को बैंकों में भीड़ नजर आई। यहां दवा बाजार के व्यापारी और उनके स्टाफ के सदस्य बैंकिंग के लिए आए हुए थे। जिस समय कलेक्टर यहां भ्रमण कर रहे थे उसी समय नगर निगम के एएचओ मो शाहाब खान भी यहां सफाई और अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर रहे थे। कलेक्टर ने एएचओ को बुलाया और दोनों बैंकों को तीन कार्य दिवस के लिए सील करने के साथ 20 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाने को कहा।

केनरा बैंक पर जैसे ही 20 हजार रुपए की जुर्माने की बात कही तो स्टाफ ने बताया कि अभी ब्रांच मैनेजर नहीं है और जुर्माना भरने के अधिकार किसी अन्य के पास नहीं हैं। इस पर शाहाब खान ने बैंक को 7 दिन के लिए सील कर दिया। बैंक ऑफ इंडिया में मैनेजर ने 20 हजार रुपए का जुर्माना जमा किया। इस ब्रांच को तीन कार्य दिवस यानी बुधवार तक के लिए सील कर दिया गया है। नगर निगम शहर के अन्य क्षेत्रों में भी बैंक की शाखाओं में लग रही भीड़ की जांच करेगा। वृद्धावस्था पेंशन सहित अन्य शासकीय योजनाओं की राशि लेने के लिए बैंकों में लंबी कतारें लग रही हैं। इन कतारों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन सुनिश्चित कराया जाएगा

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GWALIOR: किराना दुकानें सुबह 3 घंटे खुलेंगी - MP NEWS

Posted: 23 Apr 2021 07:18 PM PDT

ग्वालियर।
मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में कोरोना संक्रमितों की बढ़ती संख्या काे देखते हुए कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने कॉलोनी-मोहल्लों की किराना दुकानों के खुले रहने का समय 3 घंटे कम कर दिया है। श्री सिंह ने दो दिन पहले जारी कोरोना कर्फ्यू के आदेश में शुक्रवार को संशोधन किया है।   

कोरोना कर्फ्यू के दौरान किराना दुकानें अब सुबह 6 से 9 बजे तक ही खोली जा सकेंगी। इसी अवधि में थोक व्यवसायी खेरीज विक्रेताओं को सामान की होम डिलीवरी कर सकेंगे। धारा 144 के तहत जारी किए गए संशोधित आदेश में स्पष्ट किया गया है कि सुबह 9 बजे के बाद दुकानें खोलने पर पूर्णतः प्रतिबंध रहेगा। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है। आदेश का उल्लंघन भारतीय दंड संहिता की धारा 188 एवं आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत दंडनीय होगा। इससे पहले 21 अप्रैल को जो आदेश जारी किया गया था। 

कोरोना कर्फ्यू में इन दुकानों को सुबह 7 से दोपहर 12 बजे तक खोले जाने की अनुमति दी गई थी। इससे पहले गुरुवार को भी कलेक्टर ने संशोधित आदेश जारी किया था कि विवाह समारोह में दोनों पक्ष से कुल 50 लोग शामिल हो सकेंगे। इन्हीं लोगों में बैंड वालो को भी शामिल माना जाएगा।

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SAF कमांडर की प्रेगनेंट वाइफ की लाश मिली, हत्या की आशंका - INDORE NEWS

Posted: 23 Apr 2021 07:19 PM PDT

इंदौर।
 मध्य प्रदेश में इंदौर शहर के मल्हारगंज क्षेत्र के एक रिहायशी अपार्टमेंट में गर्भवती महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। महिला के पति धार की 34वीं बटालियन एसएएफ में कंपनी कमांडर है। उसकी हत्या की आशंका भी जताई जा रही है।  

मल्हारगंज टीआई प्रीतम सिंह ठाकुर ने बताया कि मृतका महिला पूजा पति जितेंद्र है। पति ने बताया कि वह कल ही धार से उससे मिलने घर आया था और घर में सामान भरकर वापस लौट गया। शुक्रवार रात को घर का दरवाजा बाहर से बंद था, शंका होने पर पड़ोसियों ने पुलिस को बुला लिया। पुलिस ने घर का दरवाजा खोला ताे महिला अपने कमरे में मृत पड़ी मिली। 

सूत्रों के मुताबिक उसके शरीर पर चोट व मौके पर संघर्ष के निशान मिले हैं। ऐसा लगता है कि उसका किसी से विवाद हुआ, फिर हत्या की गई। हालांकि टीआई ने शरीर पर चोट के निशान ना होने की बात कही है।

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पैनिक सिचुएशन से बचने तुरंत लीजिये ये पांच एक्शन - Take 5 actions immediately to avoid panic situations

Posted: 23 Apr 2021 05:52 PM PDT

शक्ति रावत।
मौजूदा हालात किसी से छिपे नहीं है, हर तरफ से जो खबरें और सूचनाएं आ रहीं हैं, वे नकारात्मक तो हैं हीं, हमारे मनोबल को तोडऩे वाली और निराश करने वाली भी हैं। जाहिर है, जब चारों तरफ डर का माहौल हो तो आपकी चिंता बढऩा स्वाभिक है। लेकिन यह हालात डरने के नहीं बल्कि डटने के हैं। कई लोग हालात देखकर पैनिक हो रहे हैं, कई डरे हुए हैं। कई लोगों ने पूछा ऐसे समय में क्या करें। मेरा जबाब है, आर्मी प्लान। जो हमेशा सर्तक रहने और तुंरत एक्शन लेने की सीख देता है। मेरे हिसाब से इस समय हममें से सभी लोगों को यह पांच एक् शन तुरंत लेने चाहिये।

1- निगेटिविटी को तुंरत रोकिये-

यह पहला जरूरी काम है, माना हालात बहुत बुरे हैं, ऐसे में सबसे जरूरी है, खुद को और परिवार को निगेटिविटी से बचाना। मीडिया से लेकर सोशल मीडिया तक 24 घंटे बुरी खबरों की चर्चा है, यह हमें कमजोर करती हैं। इसलिये जितनी जरूरी है उतनी जानकारी लेकर इनसे दूर हो जाईये। घर में या किसी से फोन पर निगेटिव बातें तुरंत बंद कीजिये। इसकी जगह घर में माहौल को पॉजीटिव बनाईये। खुद को उम्मीद से भरिये और दूसरों को भी।

2- आपात स्थिति की तैयारी-

आप सर्तक हैं, तो सुरक्षित भी हैं, लेकिन फिर भी तैयारी जरूरी है, ईश्वर ना करे आपको या आपके किसी पहचान वाले को कभी भी मदद की जरूरत हो सकती है। ऐसे में अपने शहर के कोविड अस्पतालों, एंबुलेंस, शव वाहन, मेडीकल शॉप तथा डॉक्टरों के जरूरी नंबरों की सूची तैयार करें, और उसे अपने पास रखें। यह सोशल मीडिया  और अखबारों पर भी है। इस एक् शन का मतलब डरना या डराना नहीं बल्कि इमरजेंसी के लिए तैयार रहना है।

3- ना बिगाड़ें रूटीन-

ज्यादातर शहरों में लॉकडाउन के हालात होने की वजह से कई लोग अपनी दिनचर्या बिगाड़ रहे हैं, यह गलती ना करें। इस समय शरीर को  एकदम चुस्त और तंदरूस्थ रखने की जरूरत है। अपना रूटीन कायम रखें, जिसमें प्रकृति के साथ रहकर योग, व्यायाम और प्राणायम जैसी चीजें करते रहें। परिवार के सदस्यों को भी इसके लिए प्रेरित करें। आप स्वस्थ्य रहेंगे, तभी हालात का मुकाबला कर पाएंगें।

4- बनायें रखें संपर्क-

बेकाबू होते हालात हो देखकर कई लोग अंदर तक डर गए हैं, ऐसे में लोग खुद तक सीमित हो रहे हैं, और संपर्क से दूर हो रहे हैं। ऐसा ना करें। रिश्तेदारों और मित्रों के संपर्क में बने रहें। मोबाइल पर बातचीत करते रहें, अपने हाल बतायें और उनके हाल लेते रहें। अगर कोई मुश्किल में है, तो उसकी मदद करने की कोशिश भी करें। जब भी बात करें तो सकारात्मक होकर बात करें।

5-खुद को और परिवार को संभालें-

बाहर के हालात पर तो नजर रखें ही सबसे पहले घर को संभालें। सभी सदस्यों की सुरक्षा का ध्यान रखें, साथ ही अगर कोई सदस्य पैनिक या अकेला महसूस कर रहा है, तो उसका भी मनोबल बढ़ाएं। बच्चों को भी बतायें कि यह समय भी बीत जाएगा और जल्द सबकुद सामान्य होगा। घर का माहौल हल्का-फुल्का रखें। संगीत, चुटकुले, इंउोर गेम और आपसी हंसीमजाक और पारिवरिक चर्चाओं को महत्व दें। महामारी की बात जितनी कम से कम करें। उतना अच्छा। -लेखक श्री शक्ति रावत मोटीवेशनल स्पीकर और लाइफ मैनेजमेंट गुरू हैं।

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