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Sunday, April 25, 2021

Bhopal Samachar | No 1 hindi news portal of central india (madhya pradesh)

Bhopal Samachar | No 1 hindi news portal of central india (madhya pradesh)


BF की हत्या, GF के पति ने जबलपुर बुलाया, चाकू से गला रेत दिया - JABALPUR NEWS

Posted: 25 Apr 2021 08:34 AM PDT

जबलपुर।
मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में एक युवक ने बेटी की बीमारी की बात कह धोखे से पत्नी और उसके प्रेमी को भोपाल से जबलपुर बुलाया। यहां मुख्य स्टेशन के पास की प्रकाश रेलवे कॉलोनी में ले जाकर पत्नी के प्रेमी की बेरहमी से हत्या कर दी। वहां से पत्नी के पास पहुंचा और उसे लात मारकर फरार हो गया।   

पत्नी के BF को भोपाल से जबलपुर मिलने बुलाया, चाकू घोंपकर हत्या कर दी

नौ महीने पहले आरोपी की पत्नी उसे और तीन बच्चों को छोड़कर प्रेमी संग भोपाल भाग गई थी। सिविल लाइंस पुलिस ने हत्या का प्रकरण दर्ज कर जांच में लिया है। मांडवा टेंटर टूर सामुदायिक भवन के पास गोरखपुर में रहने वाली नीतू जाटव (47) की शादी 2001 में रामप्रसाद जाटव के साथ हुआ था। उनके तीन बच्चे हैं। एक बेटी व दो बेटे हैं। उनके ही मोहल्ले में राजू ठाकुर भी रहता था। रामप्रसाद पत्नी नीतू पर संदेह करता था कि उसके राजू से संबंध हैं। इसे लेकर वह अक्सर उसके साथ मारपीट करता रहता था।

नौ महीने पहले नीतू पत्नी व तीनों बच्चों को छोड़कर राजू ठाकुर के साथ भोपाल भाग गई। वहां दोनों छोटा तालाब कुम्हार मोहल्ला भोपाल में रहकर मजदूरी करने लगे। इधर, रामप्रसाद लगातार राजू ठाकुर के मोबाइल पर फोन करता रहता था। कुछ दिन पहले उसने राजू को फोन कर बताया कि उसकी बेटी की तबीयत खराब है। एक बार नीतू को लेकर आ जाओ, दिखाकर चले जाना। राजू ने नीतू से इसके बारे में बात की, तो वह भी बेटी काे लेकर परेशान हो गई।

GF के पति ने BF की हत्या की, भोपाल से जबलपुर बेटी से मिलने बुलाया था

नीतू और उसका प्रेमी राजू ठाकुर भोपाल से शाम 5.40 बजे की ट्रेन से जबलपुर के लिए निकले थे। रास्ते भर रामप्रसाद उनका लोकेशन लेता रहा। ट्रेन के स्टेशन पहुंचने पर रामप्रसाद भी प्लेटफाॅर्म नंबर पांच पर पहुंच गया। नीतू के मुताबिक रामप्रसाद बोला कि चलो तुम्हें लेने आया हूं। दोनों उसके साथ सामान लेकर पैदल चलने लगे। आगे अंकित होटल के पास पुरानी प्रकाश रेलवे कॉलोनी ले गया।

रामप्रसाद मांडवा बस्ती में रहने से पहले प्रकाश रेलवे कॉलोनी में ही रहता था। उसने नीतू से कहा कि सामान लेकर यहीं पर खड़ी रहो, पुराने कमरे के पास उसने बाइक खड़ी की है। राजू ठाकुर को लेकर वह चला गया। 10 मिनट बाद बाइक से अकेला लौटा। राजू के बारे में बताया कि मैने उसका काम-तमाम कर दिया हूं। इसके बाद नीतू को लात मारकर गिरा दिया और बाइक लेकर भाग गया।

नीतू वहां से दौड़कर घटनास्थल पर पहुंची। वहां राजू खून से लथपथ हालत में पड़ा था। उसके पेट व गर्दन पर चाकू के धारदार हथियार के निशान थे। वह चिल्लाते हुए बाहर निकली। वहां पास में रहने वाला मोनू कुचबंधिया भी पहुंच गया। मामला समझते ही उसने सिविल लाइंस पुलिस को खबर दी। टीआई धीरज राज के मुताबिक नीतू की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ हत्या का प्रकरण दर्ज करते हुए जांच में लिया था।

टीआई सिविल लाइंस धीरज राज के मुताबिक रात में ही आरोपी रामप्रसाद जाटव के घर मांडव बस्ती पहुंच कर उसके रिश्तेदारों का पता लगाया गया। पता चला कि उसका भाई माढ़ोताल कठौंदा में रहता है। इसके बाद पुलिस ने कठौंदा में दबिश दी तो रामप्रसाद वहां मिल गया। पुलिस ने उसे दबोचते हुए बाद में उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त चाकू जब्त किया और कोर्ट में पेश किया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

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GWALIOR: महिला कर्मचारी की कोरोना से मौत, जहां नौकरी की वहीं बेड नहीं मिला, 6 घंटे पड़ा रहा शव - MP NEWS

Posted: 25 Apr 2021 08:31 AM PDT

ग्वालियर।
यह भी अजीब विडंबना है कि जिस अस्पताल में दिन भर उठना बैठना होता था। हंसी-ठहाके होते थे। वहां स्वास्थ्य कर्मचारी महिला का शव 6 घंटे तक लावारिसों की तरह स्ट्रेचर पर पड़ा रहा। कोई उसके शव को हाथ तक लगाने के लिए तैयार नहीं था। जो उसे कभी अपना अच्छा दोस्त मानते थे, वह मुंह मोड़ कर निकल गए। कुछ इस तरह का नजारा रविवार को मुरार जिला अस्पताल का था। 

यहां स्वास्थ्य विभाग की कर्मचारी मंगला दो दिन पहले कोविड संक्रमित हुईं। रविवार को उनकी मौत हो गई। पड़ोसी लगातार गुहार करते रहे कि उनके शव को डेड हाउस में रखवा दो। इसके बावजूद 6 घंटे तक शव लावारिसों की तरह पड़ा रहा। इसके बाद, शव वाहिका से महिला का शव डेड हाउस पहुंचाया गया। महिला का परिवार इंदौर में रहता है। फिलहाल उसका बेटा भी इंदौर में कोविड पॉजिटिव होने के कारण हॉस्पिटल में भर्ती है।

आदर्श नगर गली नंबर एक निवासी मंगला बुरारे स्वास्थ्य विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी थीं। उनकी पदस्थापना मुरार प्रसूति गृह में थी। पास में ही मुरार जिला अस्पताल है। अक्सर मंगला यहां आकर बैठती थीं। मंगला का परिवार इंदौर में रहता है। वह नौकरी के चलते ग्वालियर में रह रही थीं। दो दिन पहले रात को जब मंगला बीमार हुई, तो पड़ोसियों ने दरवाजा तोड़कर उन्हें बाहर निकाला और जिला अस्पताल लेकर पहुंचे।

आदर्श नगर निवासी बबलू ने बताया, पड़ोसी ही उन्हें लेकर जिला अस्पताल मुरार पहुंचे थे। स्टाफ की सदस्य होने के बाद भी अस्पताल के डॉक्टर उन्हें भर्ती करने के लिए तैयार नहीं थे। कलेक्टर समेत वरिष्ठ अधिकारी जब अस्पताल आए, तो महिला को भर्ती किया जा सका था। अगले दिन महिला की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई। रविवार सुबह 9 बजे मंगला की मौत हो गई। इसके बाद स्टाफ ने शव को स्ट्रेचर पर रखा और जिला अस्पताल की गैलरी में छोड़कर चले गए।

सूचना के बाद पड़ोसी वहां पहुंच गए। पड़ोसी लगातार जिम्मेदारों को फोन लगा रहे थे, लेकिन शव को ले जाने के लिए वाहन की व्यवस्था नहीं हो सकी। छह घंटे तक शव गैलरी में पड़ा रहा। शाम 3 बजे के बाद शव वाहिका वाले ने फोन करके शव लेने आने की सूचना दी है। इसके बाद शव जिला अस्पताल से हट सका।

कोविड से मंगला की मौत क्या हुई, जिला अस्पताल के उसके वो साथी जो हमेशा उसके साथ रहते थे, उन्होंने मुंह मोड़ लिया। वह स्ट्रेचर पर मृत पड़ी थी। लोग देखते हुए निकल रहे थे। अफसर भी कुछ नहीं कर रहे थे। मृतका का एक बेटा है, वह भी इंदौर में कुछ दिन पहले कोरोना संक्रमित निकल चुका है। वहां वह कोविड हॉस्पिटल में भर्ती है, इसलिए वह मां के शव को लेने भी नहीं आ सकता।

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MP CORONA: खतरनाक स्थिति वाले जिलों की संख्या 29, मात्र 6 जिलों में कोरोना कंट्रोल - UPDATE NEWS

Posted: 25 Apr 2021 08:22 AM PDT

भोपाल।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज जनता को संबोधित करते हुए बताया कि रिकवरी रेट पड़ रहा है और पॉजिटिविटी रेट कम हो रहा है लेकिन ऑक्सीजन और इंजेक्शन के मामले में क्षमा मांग ली है। यह भी कहा है कि लड़ाई लंबी है। इन सब बातों की अपने अर्थ निकाले जा रहे हैं। इधर सरकारी रिपोर्ट के अनुसार खतरनाक स्थिति वाले जिलों की संख्या बढ़कर 29 हो गई है जबकि कोरोनावायरस को कंट्रोल में रखने वाले जिलों की संख्या घटकर 6 रह गई है।

मध्य प्रदेश में सबसे खतरनाक स्थिति वाले जिलों की संख्या 29 (एक जिला बढ़ गया) 

इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन, सागर, खरगोन, रतलाम, रीवा, बैतूल, विदिशा, धार, सतना, होशंगाबाद, बड़वानी, शिवपुरी, कटनी, शहडोल, बालाघाट, सीहोर, झाबुआ, रायसेन, राजगढ़, मुरैना, छतरपुर, सिंगरौली, सीधी, टीकमगढ़ और दतिया ऐसे जिले हैं जहां कोरोनावायरस से पीड़ित मरीजों की संख्या 1000 से अधिक चल रही है। इंदौर में 12000, भोपाल 12000, ग्वालियर 9000 और जबलपुर 5000 से अधिक के साथ सबसे खतरनाक स्थिति में है। 

मध्य प्रदेश के 6 जिले जहां स्थिति नियंत्रण में है (2 जिले घट गए)

आगर मालवा, बुरहानपुर, भिंड, खंडवा, छिंदवाड़ा और देवास मध्यप्रदेश के ऐसे जिले हैं जहां एक्टिव केस की संख्या 500 से कम है। इनमें से बुरहानपुर एकमात्र ऐसा जिला है जहां एक्टिव केस की संख्या 200 से कम है। निश्चित रूप से इन जिलों में कलेक्टर एवं तमाम कोरोना कंट्रोल टीम सफलतापूर्वक काम कर रही है। यह सभी अभिवादन के पात्र हैं।

MADHYA PRADESH COVID19 UPDATE NEWS 25 APRIL 2021 

- बोकारो स्टील प्लांट से बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज, सागर के लिए चला लिक्विड ऑक्सिजन टैंक उत्तर प्रदेश के झांसी शहर में रोक लिया गया। जब मीडिया में खबर चली कि उत्तर प्रदेश मध्य प्रदेश का ऑक्सीजन टैंकर लूट लिया है और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मामले में हस्तक्षेप किया तब कहीं जाकर निर्धारित हुआ कि सोमवार की सुबह झांसी के डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट मध्य प्रदेश की सीमा पर मध्यप्रदेश के अधिकारियों को लिक्विड ऑक्सीजन का टैंकर सौपेंगे। 
- पीपुल्स अस्पताल के कोविड सेंटर से 90 साल की महिला ने जीती कोरोना से जंग। 
- उज्जैन में रेमडेशिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी करने के मामले में 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इन आरोपियों में मेडिकल कॉलेज के छात्र कर्मचारियों और एक निजी अस्पताल के कर्मचारी भी शामिल है। 
- दमोह उपचुनाव में प्रचार करने के लिए गए भोपाल के युवा नेता अमित शर्मा कोरोनावायरस के संक्रमण का शिकार होकर वापस लौटे। अमित शर्मा की हालत गंभीर बनी हुई है।
- मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में कोरोनावायरस की शिकार एक महिला को इलाज और ऑक्सीजन उपलब्ध कराने के लिए उसके पति को पूरी एंबुलेंस हाईजैक करनी पड़ी। आगजनी की धमकी देने के बाद इलाज शुरू हो पाया।
- मुरार चिकित्सालय में पदस्थ डॉक्टरों (सरकारी मान्यता प्राप्त भगवान) ने अपने ही डिपार्टमेंट की चतुर्थ श्रेणी महिला कर्मचारी को भर्ती करने से मना कर दिया। 6 घंटे तक महिला कर्मचारी का शव लावारिस लाश की तरह उसी अस्पताल में पढ़ा रहा।
- कटनी जिले के बिचुआ गांव में ग्रामीणों ने सभी बाहरी नागरिकों का प्रवेश वर्जित कर दिया है। यहां तक की वैक्सीनेशन करने गई स्वास्थ्य विभाग की टीम को भी वापस भेज दिया। ग्रामीणों का कहना था कि हमारे यहां संक्रमण नहीं है। हम किसी को गांव में नहीं आने देंगे।
- पुलिस वालों का अहंकार कितना ज्यादा होता है इसका प्रमाण आज भोपाल के कोलार क्षेत्र में देखने को मिला। यहां पुलिस ने अपनी मां को कोरोना टेस्ट कराने जा रहे एक युवक को केवल इसलिए हिरासत में ले लिया क्योंकि उसने एक पुलिस कर्मचारी द्वारा दी गई गाली का विरोध कर दिया था।
- होशंगाबाद में 3 महीने के बच्चे ने मात्र 4 दिनों में कोरोनावायरस को मार भगाया। उसे 105 डिग्री बुखार था। अब वह पूरी तरह से स्वस्थ है। 
- ग्वालियर में होम आइसोलेट की गई एक महिला ने आत्महत्या कर ली। महिला का पति ज्योतिरादित्य सिंधिया के स्कूल में नौकरी करता है।

MADHYA PRADESH CORONA BULLETIN 25 APRIL 2021 DISTRICT WISE STATUS LIST




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CM शिवराज सिंह ने मध्य प्रदेश से माफी मांगी, कहा लंबी लड़ाई बाकी है

Posted: 25 Apr 2021 06:50 AM PDT

भोपाल
। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज मध्य प्रदेश के नागरिकों को संबोधित करते हुए कहा कि हम चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की पूरी कोशिश कर रहे हैं परंतु यदि कहीं कोई कमी रह जाती है तो इसके लिए मैं क्षमा चाहता हूं। बताने की जरूरत नहीं कि मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल सहित लगभग सभी जिलों (जहां पॉजिटिविटी रेट 10% से अधिक है) के सरकारी अस्पतालों में मरीजों को भर्ती करना बंद कर दिया गया है। ऑक्सीजन की कमी के समाचार हर रोज आ रहे हैं। इंजेक्शन की कालाबाजारी अब पुलिस डिपार्टमेंट के FIR रजिस्टर प्रमाणित देखी जा सकती है।

अभी लंबी लड़ाई बाकी है: कोरोना कर्फ्यू पर मुख्यमंत्री ने कहा

आंकड़े प्रस्तुत करते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि पिछले 3 दिनों से संक्रमित नागरिकों की संख्या स्थिर बनी हुई है जबकि स्वस्थ होने वाले नागरिकों की संख्या बढ़ती जा रही है। यानी पॉजिटिविटी रेट स्थिर है और रिकवरी रेट बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी लंबी लड़ाई बाकी है। यह लड़ाई हम घर पर रहकर ही जीत सकते हैं।

छोटे-छोटे कंटेनमेंट जोन बनाएं 

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ग्राम पंचायतों और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों से अपील की है कि यदि किसी के घर में कोरोनावायरस से संक्रमित लोग पाए जाते हैं तो उनके साथ अच्छा व्यवहार करें। उनके घर के आसपास छोटा सा कंटेनमेंट जोन बना दें। उनके भोजन और दवाइयों की व्यवस्था करें। इसी तरह शहरों में भी छोटे-छोटे कंटेनमेंट जोन बनाए जाएं। ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। 

डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ से अच्छा व्यवहार करें: मुख्यमंत्री की अपील 

सीएम शिवराज सिंह चौहान ने जनता से अपील की है कि कोरोनावायरस के संक्रमण को दूर करने के लिए और संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए काम करने वाले डॉक्टर एवं मेडिकल स्टाफ के साथ अच्छा व्यवहार करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि संकट काल में यही लोग हमारी जिंदगी को बचा रहे हैं। इनके प्रति विनम्र रहना चाहिए।

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मध्य प्रदेश के 9 जिलों में कोरोना कर्फ्यू बढ़ाया

Posted: 25 Apr 2021 06:34 AM PDT

भोपाल
। नेताओं की देखा देखी जनता द्वारा प्रोटोकॉल तोड़ने के बाद कोरोनावायरस संक्रमण की दूसरी लहर का कहर पूरे मध्यप्रदेश में दिखाई दे रहा है। संक्रमित नागरिकों को ऑक्सीजन और इंजेक्शन देने में असफल शिवराज सिंह सरकार ने मध्य प्रदेश के उन सभी जिलों में कोरोना कर्फ्यू 3 मई 2021 तक बढ़ा दिया है, जहां 26 अप्रैल 2021 तक कर्फ्यू लगाया गया था। 

अशोक नगर एवं बैतूल में कर्फ्यू बढ़ाने के आदेश शनिवार को ही जारी हो गए थे। आज रविवार को भोपाल, छिंदवाड़ा, रतलाम, सागर, गुना एवं जबलपुर के आदेश जारी हो गए। शेष जिलों में भी क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटी की बैठक के बाद आदेश जारी होने की संभावना है। स्वास्थ विभाग का कहना है कि मध्यप्रदेश में एक्टिव केस का आंकड़ा 91,548 हो गया है, जो 30 अप्रैल तक 1 लाख होने का अनुमान है। 

पिछले दिनों स्वास्थ्य विभाग के एक सरकारी दस्तावेज लीक हो गया था। जिसमें स्वास्थ्य विभाग के बड़े अधिकारियों ने अनुमान लगाया था कि 30 अप्रैल तक एक्टिव केस की संख्या 180000 से ज्यादा हो जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने सरकार से इस संख्या के अनुसार ऑक्सीजन एवं इंजेक्शन के इंतजाम करने की मांग की थी।

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JABALPUR: दिव्यांग का शव 2 दिन पड़ा रहा, परिजन और निगम ने मुँह मोड़ा, पुलिस ने किया अंतिम संस्कार - MP NEWS

Posted: 25 Apr 2021 06:34 AM PDT

जबलपुर।
 मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में कोरोना के संक्रमण काल में मानवीय संवेदनाएं भी मरती जा रही हैं। गौर के सालीवाड़ा में एक वृद्ध का शव दो दिनों तक घर के अंदर पड़ा रहा। पड़ाेसी कोरोना के खौफ के चलते खोज-खबर लेने की हिम्मत नहीं जुटा पाए। परिवार के लोग भी संक्रमित होकर होम आइसोलेशन में हैं। 
 
नगर निगम की टीम ने यह कहते हुए शव उठाने से मना कर दिया कि वह शहरी क्षेत्र से बाहर का है। बाद में किसी तरह वृद्ध का कोविड गाइडलाइन के अनुसार अंतिम संस्कार किया गया। जानकारी के अनुसार सालीबाड़ा पेट्रोल पंप के सामने वन बिहार कॉलोनी निवासी परेश सौरभि की दो दिन पहले मौत हो गई। पड़ोसियों ने दो दिन पहले उनकी आवाज सुनी थी। वृद्ध परेश दिव्यांग थे। घर में अकेले रहते थे। उनके भाई और परिवार सिविल लाइंस में रहते हैं। इसी दौरान उनकी तबीयत खराब हुई और मौत हो गई। पड़ोसियों को शनिवार को भनक लगी, तो पुलिस को खबर दी। 
 
रविवार सुबह गौर चौकी की पुलिस पहुंची। चौकी प्रभारी नितिन पांडे के मुताबिक परेश का शव बिस्तर पर औंधे मुंह पड़ा था। शव से दुर्गंध आने लगी थी। ग्रामीणों का दावा है कि वह कोरोना संक्रमित थे। कोरोना गाइडलाइन के अनुसार शव का अंतिम संस्कार गांव में किया गया। परेश के बड़े भाई नरेंद्र सौरभि ने लिखित में सहमति दी थी।

पुलिस के मुताबिक परेश के बड़े भाई सिविल लाइन गोविंद भवन काॅलोनी निवासी नरेंद्र सौरभि से संपर्क किया, तो उसने हाथ खड़े कर दिए। बोला- उसका पूरा परिवार कोरोना से संक्रमित होकर पांच दिन से होम आइसोलेशन में हैं। फिर उसने पुलिस-प्रशासन से ही शव का अंतिम संस्कार कराने में मदद मांगी।

पुलिस ने नगर निगम को शव उठाने के लिए सूचना दी, लेकिन वहां से बताया गया कि वृद्ध का घर नगर निगम सीमा से बाहर है। इस कारण वे शव उठाने नहीं आ सकते। करीब दो घंटे तक शव पड़ा रहा। पड़ोसी शव उठाने को तैयार नहीं थे। परिवार वाले पहले ही मजबूरी गिना चुके थे। गौर पुलिस ने अधिकारियों को अवगत कराते हुए सहयोग मांगा, तब जाकर नगर निगम की टीम पहुंची।

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खटारा कूलर भी ठंडी हवा देगा, बस इन 4 चीजों का ध्यान रखें

Posted: 25 Apr 2021 06:03 AM PDT

जानते तो सभी हैं लेकिन लाइफ इतनी बिजी है कि हर साल याद दिलाना पड़ता है। पिछले 12 महीनों से तो वैसे भी ज्यादातर लोगों के मेमोरी कार्ड में वायरस आ गया है। तो अपन बात कर रहे थे गर्मी के मौसम में कूलर से ज्यादा से ज्यादा ठंडी हवा प्राप्त करने की। आप 1 मिनट में समझ जाएंगे कि कौन सी चार चीजों का ध्यान रखना है।

ठंडी हवा चाहिए तो कूलर को धूप से बचा कर रखें 

आपका कूलर हमेशा किसी ऐसी जगह पर होना चाहिए जहां 24 घंटे की साइकिल में कभी भी धूप नहीं आती हो। यदि कूलर धूप में रहेगा तो सूर्यास्त के बाद भी आपको ठंडी हवा नहीं दे पाएगा। दोपहर के समय तो वैसे भी कूलर पस्त पड़ा हुआ नजर आएगा।

कूलर को वेंटिलेशन पसंद है 

यदि कूलर को पर्याप्त वेंटिलेशन मिल जाए तो वह खिल खिला उठता है। फिर वह आपको बिल्कुल वैसी ही ठंडी हवा देता है जैसी अच्छी नींद के लिए आपको जरूरी होती है। पर्याप्त वेंटीलेशन मिलने पर 47 डिग्री टेंपरेचर में भी कूलर कम से कम एक कमरे को बिल्कुल ठंडा कर देता है। 

कूलर की खुराक है अच्छी हवा और पानी

आपका कूलर नया हो या पुराना लेकिन वह हमेशा अपनी पूरी शक्ति के साथ आपकी सेवा करता है। यदि आप उसे पर्याप्त खुराक उपलब्ध कराते हैं तो वह भी आपके लिए क्षमता से अधिक काम करके दिखाता है। किसी भी कूलर की खुराक है अच्छी हवा और अच्छा पानी। अच्छी हवा से तात्पर्य की जहां पर कूलर रखा है वहां प्राकृतिक हवा का बहाव मिल जाए तो सोने पर सुहागा हो जाता है। अच्छे पानी से तात्पर्य यह है कि पानी में कचरा नहीं होना चाहिए।

घास बदलना जरूरी है 

कूलर में हर साल घास बदलना जरूरी है। कई बार कुछ लोग घास में फंसे हुए कचरे को निकालकर उसे कई सालों तक उपयोग करते रहते हैं। दरअसल घास का काम कचरे को रोकना नहीं है बल्कि पानी के कारण घास ठंडी हो जाती है और इसी घास के कारण ठंडी हवा आपके कमरे के अंदर आती है। घास की अपनी एक उम्र होती है। दो-तीन महीने बाद वह पानी को सोखना बंद कर देती है। इसलिए कूलर में से ठंडी हवा आना बंद हो जाती है।

BHOPAL कलेक्टर ने कर्फ्यू बढ़ाया, गाइडलाइन एवं आदेश जारी

Posted: 25 Apr 2021 05:25 AM PDT

भोपाल
। जैसी की उम्मीद थी, कलेक्टर श्री अविनाश लवानिया ने भोपाल में कर्फ्यू की अवधि बढ़ाकर 3 मई 2021 सुबह 6:00 बजे तक कर दी है। इससे पहले 26 अप्रैल 2021 की सुबह कर्फ्यू खत्म होने वाला था। कलेक्टर की ओर से इसके लिए आईपीसी की धारा 144 के तहत विधिवत संशोधित आदेश जारी कर दिए गए हैं।

कर्फ्यू तोड़ने वालों को जेल भेजा जाएगा: कलेक्टर

भोपाल शहर में कोरोनावायरस संक्रमण की रोकथाम के लिए आयोजित एक मीटिंग के दौरान कलेक्टर श्री अविनाश लवानिया ने कहा कि जिस तरह से जिले में संक्रमित नागरिकों की संख्या लगातार बढ़ रही है उसे देखते हुए संक्रमण की चैन को तोड़ना बहुत जरूरी हो गया है। कलेक्टर ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति कोरोना कर्फ्यू के आदेशों का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 188 के तहत कार्रवाई की जाएगी। उपद्रव करने की स्थिति में उसे गिरफ्तार करके जेल भेज दिया जाएगा।

कलेक्टर के कर्फ्यू आदेश पर आपत्ति हो तो क्या करें 

यदि किसी व्यक्ति को कलेक्टर द्वारा आईपीसी की धारा 144 के तहत लगाए गए कोरोना कर्फ्यू पर आपत्ति है अथवा घोषित की गई गाइडलाइन में संशोधन चाहते हैं तो सीआरपीसी 1973 की धारा 144 (5) के तहत कलेक्टर कोर्ट में आपत्ति पेश कर सकते हैं। यदि डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट आपके तर्कों से सहमत हुए तो आपको कर्फ्यू में छूट दी जा सकती है।

लॉकडाउन: इलाज के इंतजाम के लिए या वायरस के कमजोर होने का इंतजार 

1 साल पहले कोरोनावायरस महामारी के आते ही लॉकडाउन इसलिए किया गया था क्योंकि सरकार के पास इलाज के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। इस साल फिर से वही हालत बने और एक बार फिर उसी प्रकार कर्फ्यू बढ़ाया जा रहा है। सवाल यह है कि लॉकडाउन करके सरकार उतने समय में इलाज का इंतजाम कर रही है या फिर वायरस के कमजोर होने का इंतजार किया जा रहा है। यदि विकल्प नंबर दो सही है तो यह मान लिया जाना चाहिए कि भोपाल में लॉकडाउन अब लोगों की दिनचर्या का हिस्सा बन जाएगा।

GWALIOR : मकान मालिक के 5 लाख रू लेकर किरायेदार फरार - MP NEWS

Posted: 25 Apr 2021 04:51 AM PDT

ग्वालियर।
 मध्य प्रदेश के दिल्ली पोस्ट ऑफिस के कर्मचारी और उसकी पत्नी को किराए से रहने वाले युवक ने पांच लाख रुपए ठग लिए। आरोपी ने कौशल विकास योजना में पैसे इन्वेस्ट करवाए थे। कहा था कि आठ महीने में पैसे डबल हो जाएंगे। घटना वर्ष 2019 से अभी तक के बीच गालव नगर की है। इससे पहले ही आरोपी मकान खाली कर गया। पीड़ित ने मामले की शिकायत बहोड़ापुर थाना में की थी।

बहोड़ापुर थाना क्षेत्र के गालव नगर सिल्वर अपार्टमेंट निवासी कल्याण थापक दिल्ली में पोस्ट ऑफिस में कर्मचारी है। यहां उनकी पत्नी विनीता व बच्चे रहते हैं। उनके मकान में मनीष माहेश्वरी किराए से कमरा लेकर रहता था। वर्ष 2019 में मनीष ने विनीता को कौशल विकास योजना में पैसे इन्वेस्ट कर आठ महीने में रकम डबल होने का झांसा दिया। इसके बाद अपने बड़े भाई बृजबल्लभ माहेश्वरी से मिलाया। 

बताया, बृजबल्लभ माहेश्वरी कौशल विकास योजना में काम करते हैं। बातचीत के बाद विनीता और कल्याण झांसे में आ गए। उन्होंने 5 लाख रुपए बृजबल्लभ व मनीष माहेश्वरी को दे दिए। जब समय पूरा होना था, उससे पहले ही मनीष सामान समेट कर गायब हो गया। पता चलते ही पीड़ित ने पड़ताल की। पता चला कि दोनों के बीच किया गया एग्रीमेंट फर्जी है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।


25 अप्रैल को सबसे ज्यादा पढ़े जा रहे समाचार

INDORE: 300 बेड के अस्पताल से ऑक्सीजन प्लांट हटवाया, कोरोना के नाम पर राजनीति हो रही है: कमलनाथ

Posted: 25 Apr 2021 04:51 AM PDT

इंदौर
। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष कमलनाथ ने बताया कि इंदौर में 300 बिस्तर के सर्व सुविधा युक्त अस्पताल में मरीजों को भर्ती करने के बजाए उसका ऑक्सीजन प्लांट हटवा दिया गया है। कमलनाथ का कहना है कि इंदौर में कोरोनावायरस से पीड़ित लोगों के इलाज के नाम पर राजनीति हो रही है। उल्लेखनीय है कि यह अस्पताल पिछले साल कोविड हॉस्पिटल के रूप में सेवाएं दे चुका है।

सेवा कुंज अस्पताल में 300 बिस्तर के साथ सारी सुविधाएं मौजूद है: विधायक संजय शुक्ला

कमलनाथ ने अपने बयान में कहा है कि हमारे इंदौर के विधायक संजय शुक्ला द्वारा मुझे बताया कि कोरोना महामारी के इस संकट काल में इंदौर में कनाडिया रोड स्थित सेवा कुंज अस्पताल को कोरोना मरीज़ों का उपचार केन्द्र बनाने की माँग वो पिछले कई दिनो से कर रहे थे। 300  बिस्तर के इस अस्पताल में सारी सुविधाएँ मौजूद है। 

कोविड केयर सेंटर ना बन पाए इसलिए ऑक्सीजन प्लांट हटवा दिया

विधायक संजय शुक्ला का आरोप है कि इस अस्पताल के चालू होने से बड़ी संख्या में मरीज़ों को उपचार मिल सकता था लेकिन अब यहाँ से रातो- रात ऑक्सीजन प्लांट हटवा लिया गया है ताकि गंभीर रूप से संक्रमित मरीज़ों के उपचार में व इसे उपचार केन्द्र बनने में रोड़ा पैदा किया जा सके ? 

इंदौर में कोरोना के नाम पर राजनीति हो रही है: कमलनाथ

प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा कि यह सब राजनीति से प्रेरित होकर किया जा रहा है। यह कृत्य बेहद निंदनीय है व इंदौर की जनता के साथ घोर अन्याय है। शहर हित में इस अस्पताल को तत्काल शुरू करना चाहिये।

25 अप्रैल को सबसे ज्यादा पढ़े जा रहे समाचार

सिंधिया स्कूल के कर्मचारी की पॉजिटिव पत्नी का शव फांसी पर लटका मिला - GWALIOR NEWS

Posted: 25 Apr 2021 04:31 AM PDT

ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर में कोराेना पॉजिटिव महिला ने तनाव और दहशत में आकर जान दे दी। वह शनिवार को कोरोना पॉजिटिव आई थी। शाम को कुछ लोग आकर घर के बाहर कोविड-19 पोस्टर लगा गए। इसके बाद आस-पड़ोस के लोग महिला के घर से दूरी बनाने लगे। इस व्यवहार से महिला दहशत में आ गई। उसे लगा कि अब कोरोना के कारण उसका समाज से बहिष्कार हो रहा है। उसने पूरे परिवार को संकट में डाल दिया है। इसी डिप्रेशन में उसने रात में फांसी लगा दी।   

घटना का पता रविवार तड़के 4 बजे पता लगा जब परिजनों की नींद खुली। महिला को जिस कमरे में आइसोलेट किया था, उसके दरवाजे से ही शव लटका मिला। कोरोना पेशेंट की मौत के बाद पुलिस ने कोविड प्रोटोकॉल के तहत बॉडी को निगरानी में लेकर जांच को आगे बढ़ाया है। उपनगर ग्वालियर के चंदननगर ठाकुर मोहल्ला निवासी पार्वती देवी पत्नी संतराम पाल (51) को 3-4 दिन से बुखार आ रहा था। पार्वती के पति संतराम सिंधिया बॉयज स्कूल में कर्मचारी हैं। बड़े बेटे सुमेर सिंह पाल ने पार्वती का टेस्ट कराया था। शनिवार शाम को उनके कोरोना संक्रमित होने का पता लगा। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कॉल किया और उनको घर में ही आइसोलेशन में रखा। एक रूम में उनको रहने की सलाह दी गई।

इधर, एक टीम आकर उनके दरवाजे पर कोविड गाइडलाइन का पोस्टर चस्पा कर गई। पोस्टर लगने के बाद पूरे मोहल्ला में पार्वती के संक्रमित होने का पता लग गया। लोगों ने दूरियां बना ली। दीवार पर कोविड पोस्टर से महिला डिप्रेशन में आ गई। शनिवार रात को पार्वती अकेली थी। पति संतराम जयविलास पैलेस में ड्यूटी पर थे। बेटे और बहू अपने-अपने कमरे में थे। देर रात महिला ने साड़ी का फंदा बनाकर दरवाजे की चौखट पर कसा और फांसी लगा ली। रविवार सुबह 4 बजे जब बेटे सुमेर की नींद खुली तो उसने मां को फांसी पर लटकी हुई पाया।

इस मामले में अभी तक की जांच में सामने आया कि कोरोना पॉजिटिव होने की बात सुनने के बाद ही महिला तनाव में आ गई थी। रही सही कसर दरवाजे पर कोविड का पोस्टर और बैरिकेड्स ने कर दी। इससे उनको लगा कि उसने पूरे परिवार की जिंदगी को खतरे में डाल दिया। फिर डिप्रेशन में आकर महिला ने यह कदम उठा लिया।


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JABALPUR: कोरोना मृतकों के दाह संस्कार पर पाबंदी, नगर निगम ने आदेश जारी किए - CORONA NEWS

Posted: 25 Apr 2021 04:40 AM PDT

जबलपुर।
नगर निगम ने कोरोनावायरस से संक्रमित मरीजों के अंतिम संस्कार पर प्रतिबंध लगा दिया है। नगर निगम का कहना है कि उसकी अनुमति के बिना यदि अंतिम संस्कार किया गया तो मृत्यु प्रमाण पत्र जारी नहीं किया जाएगा। निगम का कहना है कि कई लोग प्रोटोकॉल का पालन किए बिना मृतकों का अंतिम संस्कार कर रहे हैं। जिससे महामारी फैलने का खतरा है। 

नगर निगम की अनुमति के बिना कोरोना पॉजिटिव की डेड बॉडी परिजनों को न दी जाए: आदेश

नगर निगम जबलपुर के स्वास्थ्य अधिकारी की ओर से सभी अस्पतालों को जो आदेश जारी किए गए हैं उसमें कहा गया है कि कोविड पॉजिटिव शवों को नगर निगम को सूचित करने के बाद ही अंतिम संस्कार के लिए बॉडी दी जाए। बिना निगम की अनुमति के पॉजिटिव शव न दिए जाएँ। आदेश की अवहेलना पर अस्पताल संचालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और मृत्यु प्रमाण पत्र भी जारी नहीं किया जाएगा। 

प्रोटोकॉल क्या है 
निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार कोरोनावायरस से संक्रमित व्यक्ति की मृत्यु हो जाने पर बिना देर की अंतिम संस्कार करना जरूरी है। अंतिम संस्कार के समय परिवार के कम से कम व्यक्ति दूर से खड़े होकर पूरी प्रक्रिया को देख सकते हैं। नगर निगम या स्वास्थ्य विभाग का प्रशिक्षित कर्मचारी, मृत व्यक्ति के किसी एक परिजन को अपनी निगरानी में लेकर अंतिम संस्कार की विधि पूरी कराएगा। यहां सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अंतिम संस्कार के लिए देरी नहीं की जा सकती और अंतिम संस्कार हमेशा खुली हवादार जगह में होगा ताकि वायरस समूह बनाकर किसी दूसरे को अपना शिकार ना बना पाए। देखना यह है कि क्या नगर निगम के आदेश अंतिम संस्कार की प्रक्रिया को सरल बना पाएंगे। 

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DANGAL TV की महिला अधिकारी की हत्या, पति पर प्रतिबंधित अबॉर्शन मेडिसिन खिलाने का आरोप - INDORE NEWS

Posted: 25 Apr 2021 04:40 AM PDT

इंदौर।
मध्य प्रदेश के इंदौर जिले में टीवी चैनल की एक कंप्लायंस अधिकारी की अस्पताल में मौत हो गई। माता-पिता का आरोप है कि साजिश के तहत उनकी बेटी की हत्या की गई। वह सात माह की गर्भवती थी। पति ने उसे चुपके से गर्भपात की प्रतिबंधित गोली देकर अस्पताल में गर्भपात करवाकर मृत जन्मी बच्ची को दफना दिया।   

जूनी इंदौर पुलिस के अनुसार माणिकबाग ब्रिज के पास रहने वाले विजय कुमार उदासीन ने आवेदन दिया। इसमें आरोप लगाया कि उनकी बेटी श्रद्धा दंगल और इंटरटेन चैनल में कंप्लायंस अधिकारी के पद पर कार्यरत थी।तीन साल पहले श्रद्धा की शादी महू के खदान मालिक अमित से हुई थी। जब उसे बेटी हुई तो अमित के परिजन उसे प्रताड़ित करने लगे। जब दूसरी बार प्रेग्नेंट हुई तो पति ने उसका भ्रूण टेस्ट कराया। 

ससुराल वाले उसे गर्भपात का कहने लगे। कुछ दिन पहले उसे कोरोना बताकर एमटीएच में भर्ती करा दिया और इलाज के दौरान पति ने चुपके से प्रतिबंधित गोली खिलाकर 7 माह का गर्भ गिरवा दिया। रात 3 बजे अजन्मी बच्ची को दफना आया। पिता का कहना है अस्पताल के सीसीटीवी में रिकार्डिंग भी होगी। अगले दिन श्रद्धा की तबीयत बिगड़ गई और उसने दम तोड़ दिया। जूनी इंदौर पुलिस ने परिजन को किशनपुरा थाने में शिकायत करने के लिए कहा है, क्योंकि उसका ससुराल वहीं था।

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VIDISHA: प्रेग्नेंट वाइफ को ऑक्सीजन बेड नहीं मिला तो पति ने एंबुलेंस हाईजैक कर ली - MP NEWS

Posted: 25 Apr 2021 04:40 AM PDT

विदिशा।
मध्य प्रदेश के विदिशा जिले की आरती कुशवाह पत्नी सुनील कुशवाह उम्र 25 साल को ऑक्सीजन वाले बेड में भर्ती नहीं करने पर परिजनों ने 108 एंबुलेंस को पहले पुतली घाट घर पर बुलाया फिर तोड़फोड़ और आग लगाने की धमकी देकर उसे 2 घंटे तक हाईजैक कर लिया। बात यहीं पर आकर खत्म नहीं हुई। 

परिजनों ने स्वास्थ्य कर्मचारियों से एंबुलेंस में ही महिला को ऑक्सीजन भी लगवाई और ड्राइवर दीपक को हास्पिटल नहीं जाने दिया। इस पर ड्राइवर ने अधिकारियों को घटना की सूचना दी और मौके पर डायल 100 भेजी। करीब 2 घंटे बाद पुलिस कर्मचारियों ने बंधक बनाई गई एंबुलेंस को छुड़ाया और महिला को मेडिकल कालेज में ऑक्सीजन वाले बेड पर भर्ती करवाया। 

सुनील कुशवाह ने बताया कि मेरी पत्नी आरती 10 दिन पहले कोरोना पॉजिटिव हुई थी। एक दिन पहले निगेटिव रिपोर्ट आई थी, लेकिन ऑक्सीजन लेवल कम हो रहा था। वह 8 माह की गर्भवती भी है। मैं शुक्रवार रात 11 बजे से एंबुलेंस को कॉल कर रहा था, एंबुलेंस दूसरे दिन शनिवार सुबह 9:30 बजे के बाद वहां पहुंची। इसी बीच मैंने ग्यारसपुर में ऑक्सीजन सिलेंडर की कहीं से व्यवस्था भी कर ली और जब दूसरे दिन एंबुलेंस वहां पहुंची तो उसे रोककर ग्यारसपुर चलने को कहा लेकिन वे नहीं गए। मेडिकल कॉलेज में उसकी पत्नी को भर्ती नहीं किया जा रहा था। इसकी सूचना जब डायल 100 को लगी तब घटनास्थल पर पुलिस पहुंची और पत्नी का उपचार शुरू कर दिया गया है।

अटेंडर दीपक वर्मा की मानें तो हम यहां पेशेंट लाने को आए थे। सुनील ने पत्नी को इसमें बिठा भी दिया लेकिन एंबुलेंस को रोक लिया क्योंकि इनकी ग्यारसपुर में किसी डॉक्टर से बात हो गई थी। पीड़िता का पति एंबुलेंस के कांच तोड़ने की और एंबुलेंस को आग लगाने की बात भी कह रहा था।

डायल 100 के पुलिस कर्मचारियों ने सुनील को समझाया। अगर ऐसे ही सभी लोग एंबुलेंस को बंधक बनाते रहे तो दूसरे पेशेंट को इलाज कैसे मिलेगा। ऐसा नहीं करने और एंबुलेंस को हाईजैककरने के मामले में FIR दर्ज कराई जाएगी।

आरती को आक्सीजन की जरूरत थी। इसी कारण उसने 108 एंबुलेंस को रोक लिया था। मौके पर पुलिस को पहुंचाकर महिला के पति को समझाया गया। चूंकि महिला पीड़ित थी और उसे आक्सीजन की जरूरत थी, इसलिए अस्पताल में लाकर भर्ती कराया है। परिजनों के खिलाफ केस दर्ज नहीं कराया गया है।
डा.केएस अहिरवार,CMHO विदिशा

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INDORE: कमांडर की शादी से नाराज भाई ने दूसरी पत्नी की हत्या कर दी - MP NEWS

Posted: 24 Apr 2021 09:36 PM PDT

इंदौर।
 मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के कमला नेहरू कॉलोनी के रामदुलारी अपार्टमेंट में रहने वाली गर्भवती पत्नी पूजा उर्फ जाह्नवी की हत्या के मामले में मल्हारगंज पुलिस ने शनिवार को खुलासा कर दिया। पुलिस का कहना है कि 34वीं बटालियन के कंपनी कमांडर जितेंद्र एसके ने पूजा से दूसरी शादी की थी। यह बात जब धार में रहने वाली उनकी पहली पत्नी अन्नू को पता चली तो घर में खूब विवाद हुआ।   

इसकी जानकारी कमांडर के भाई को लगी तो वह दो साथियों के साथ कार से इंदौर आया। यहां शुक्रवार को उसने पूजा से विवाद किया और गला घोंटकर हत्या कर दी। आरोपी की तस्दीक पड़ोसियों ने भी की है। मल्हारगंज टीआई प्रीतम सिंह ठाकुर ने बताया कि शॉर्ट पीएम रिपोर्ट में पूजा की गला घोंटकर हत्या की बात सामने आई है। उसे आठ माह का गर्भ भी था। पुलिस मामले में कमांडर पति और उसकी पहली पत्नी को भी आरोपी बनाएगी।

पूजा की बहन दुर्गा ने जीजा जितेंद्र व धार में रहने वाली उसकी पहली पत्नी अन्नू पर हत्या करने का आरोप लगाया है। दुर्गा के मुताबिक शुक्रवार शाम 7 से 8 बजे के बीच पूजा ने कॉल किया था। उसका कहना था कि जितेंद्र अच्छा व्यवहार नहीं कर रहे। चरित्र शंका को लेकर मारपीट करते हैं। दुर्गा का आरोप है कि जीजा जितेंद्र ने पहली शादी के बारे में बहन को नहीं बताया था। उन्होंने झूठ बोलकर शादी की थी।

पूजा मुझसे प्यार करती थी इसलिए मुझसे दूसरी शादी की थी

पूजा ने मुझसे दूसरी शादी की थी। मैंने उसे पहली पत्नी की जानकारी दे रखी थी, लेकिन वह मुझसे प्यार करती थी, इसलिए शादी की। इसकी जानकारी उसके परिवार को भी थी। कल मुझे पड़ोसियों ने उसके बेहोश होने की जानकारी दी तो मैंने एंबुलेंस बुलाई। एंबुलेंस वालों ने मुझे पत्नी के मृत होने की जानकारी दी। उसके परिवार वालों ने मुझ पर उसकी हत्या के झूठे आरोप लगाए हैं। पूजा को 8 माह का गर्भ था। मेरे उससे संबंध भी अच्छे थे। मैं वर्तमान में इंदौर पुलिस कंट्रोल रूम में पदस्थ हूं।
- जितेंद्र एसके, कंपनी कमांडर, 34वीं बटालियन

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हद कर दी आपने! लॉकडाउन में सड़क किनारे होर्डिंग कौन देखेगा - MP NEWS

Posted: 25 Apr 2021 04:21 AM PDT

भोपाल
। मध्यप्रदेश की शिवराज सिंह चौहान सरकार एक बार फिर वैसे ही स्थिति में आ गई है जैसे सन 2016-18 में थी। सरकार के रणनीतिकार इतने योग्य और विद्वान है कि लगभग हर कदम पर विरोधियों को कोई ना कोई मौका दे ही देते हैं। एक टीवी इंटरव्यू में सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा था कि विरोधी उन्हें हतोत्साहित कर रहे हैं, सवाल यह है कि विरोधियों का अवसर कौन प्रदान कर रहा है।

सोशल मीडिया पर सरकार का मजाक उड़ाया जा रहा है

प्रदेश के मुख्यमंत्री का एक-एक मिनट महत्वपूर्ण होता है। इसीलिए तो उन्हें जनता के पैसों से तमाम तरह की सुविधाएं दी जाती है। महामारी के संकट काल में जब मुख्यमंत्री का पूरा समय लोगों की जान बचाने के लिए भी बीतना चाहिए था, शिवराज सिंह चौहान कोरोनावायरस से पीड़ित मरीजों को योग से निरोग बनाने के लिए बाबा रविशंकर से निवेदन कर रहे थे। यहां तक कि ठीक था परंतु लोग समझ नहीं पा रहे, सोशल मीडिया पर सवाल कर रहे हैं कि 2 लाख करोड़ से ज्यादा के कर्जदार मध्य प्रदेश के सरकारी खजाने से पैसा खर्च करके सड़क किनारे होर्डिंग लगाने से क्या फायदा होगा। कर्फ्यू के समय देखने देखने के लिए कौन आएगा। 

लोग 48 घंटे में मर रहे हैं, 'योग से निरोग' करके दिखाओ

वर्तमान संकट काल में जबकि कोरोनावायरस कई लोगों को 48 घंटे का समय नहीं दे रहा, अस्पतालों में लाशों और श्मशान घाटों में चिताओं की गिनती नहीं हो पा रही है, तब लोगों की जान बचाने के लिए इंजेक्शन और ऑक्सीजन की जरूरत है। ऐसी स्थिति में 'योग से निरोग' की जरूरत ही क्या है। जब सबकुछ सामान्य हो जाएगा तो कोरोनावायरस की तीसरी लहर से बचने के लिए 'योग से निरोग' का बड़ा अभियान चलाएं। करोड़ों खर्च करें। कोई सवाल नहीं करेगा।

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MP CORONA: कुल 104 मौतें हुई, 100 चिताएं भोपाल में जलीं तो फिर...

Posted: 25 Apr 2021 03:56 AM PDT

भोपाल
। कोरोनावायरस संक्रमण के मामले में एक बार फिर सरकारी कागज झूठ बोलते नजर आए। संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं द्वारा जारी बुलेटिन में बताया गया कि पिछले 24 घंटे में पूरे मध्यप्रदेश में 104 नागरिकों की मौत हुई जबकि भोपाल के भदभदा विश्राम घाट का वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें बताया जा रहा है कि यहां 100 चिताएं जलाई गईं। 

ऑक्सीजन और रेमडेसिवीर उपलब्ध नहीं करवा पा रही सरकार

महामारी के संकटकाल में जनता सरकार से सिर्फ दो काम चाहती है। ऑक्सीजन और रेमडेसिवीर इंजेक्शन। बेड की चिंता नहीं है। लोग नीम के पेड़ के नीचे ऑक्सीजन लगवाने के लिए तैयार है। बावजूद इसके अस्पतालों के बाहर नोटिस लगाकर इलाज करने से मना किया जा रहा है और सरकार एवं चुने हुए जनप्रतिनिधि ऑक्सीजन और रेमडेसिवीर इंजेक्शन उपलब्ध करा पाने में असफल साबित हो रहे हैं। एक लोकतांत्रिक देश में आपदा और आपातकाल के समय नागरिकों की रक्षा करना सरकार का पहला कर्तव्य होता है। लोग करोड़ों के टेंडर जारी करने के लिए सरकार का चुनाव नहीं करते। 

अस्पतालों में सिर्फ सिफारिश वालों की भर्ती 

सरकारी अस्पतालों में जहां ऑक्सीजन और रेमडेसिवीर इंजेक्शन की उपलब्धता है, वहां केवल वीआईपी और वीआईपी की सिफारिश वालों को भर्ती किया जा रहा है। कुछ भी छुपा नहीं है। सोशल मीडिया पर हर बात के वीडियो वायरल हो रहे हैं। अस्पताल में नोटिस लगा है, आम आदमी को भगाया जा रहा है लेकिन एंबुलेंस से वीआईपी की सिफारिश पर आए हुए लोगों को भर्ती किया जा रहा है। ऐसे दृश्य आधे से ज्यादा मध्यप्रदेश में दिखाई देते हैं।

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GK HINDI - कपड़े प्रेस करने वाली मशीन को इस्त्री क्यों कहते हैं

Posted: 25 Apr 2021 03:56 AM PDT

ज्यादातर लोग स्त्री और इस्त्री में फर्क नहीं जानते हैं। वह कपड़े प्रेस करने वाली मशीन को स्त्री कह कर पुकारते हैं। जब से भारतीय बोली में अंग्रेजी शब्दों का प्रयोग ज्यादा शुरू हुआ है, तब सही से प्रेस, कपड़ों की प्रेस, क्लॉथ आयरन और ऐसे ही कुछ नए नामों से पुकारा जाने लगा है। मजेदार बात यह है कि इस मशीन को हिंदी में ना तो इस्त्री कहा जाता है और ना ही प्रेस। हिंदी में इस मशीन का सही नाम है: वस्त्र निपीडक,

कपड़ों की सलवट दूर करने वाली मशीन को इस्त्री क्यों कहते हैं 

दरअसल, यह मशीन किसी भारतीय इंजीनियर द्वारा नहीं बनाई गई बल्कि पुर्तगाली इसे अपने साथ भारत लेकर आए थे। पुर्तगाली लोग इसे अपनी भाषा में एस्तिकार (esticar) कहते थे। भारत में रहने वाले कुछ विदेशी इस मशीन को स्पेनिश भाषा में एस्तिरार (estirar) कहते थे। भारत में हमेशा उच्चारण के लिए सरल शब्दों का प्रयोग किया जाता है। इसलिए एस्तिकार और एस्तिरार के कन्फ्यूजन में ना पढ़ते हुए इस मशीन को इस्त्री कह कर पुकारा जाने लगा। वैसे भी भारतीयों के लिए स्त्री शब्द सबसे आसान है।

पुर्तगाली esticar को भारत में Iron press क्यों कहते हैं 

प्रेस का अर्थ होता है दबाव बनाना। मुद्रणालय जिसे छापाखाना या प्रिंटिंग प्रेस के नाम से जाना जाता है, में भी ऐसा ही होता है। इसमें प्रिंटिंग अलग और प्रेस अलग दो काम है। कागज को पहले प्रेस किया जाता है फिर उस पर प्रिंटिंग होती है और एक बार फिर छपे हुए कागज को प्रेस किया जाता है। कपड़े हो या कागज प्रेस करने का उद्देश्य होता है सलवटें खत्म कर देना। esticar शब्द पुर्तगाली था इसलिए हमने उनकी मशीन का नाम Iron press रख दिया। Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article 

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1 लाठी मारने की सजा 1 वर्ष है तो क्या 50 लाठी मारने की सजा 50 वर्ष होगी जानिए - LEARN IPC SECTION 71

Posted: 24 Apr 2021 06:31 PM PDT

हर अपराध के लिए अलग अलग दण्ड का प्रावधान होता है अगर हम भारतीय दण्ड संहिता की बात करे तो यहाँ पर एक व्यक्ति को सामान्य थप्पड़ मारने पर भी दाण्डित किया जाता है, यह भारतीय विधि में उपबन्ध है। बहुत सारे अपराध ऐसे होते हैं जो एक ही श्रेणी में आते हैं इन अपराध की परिभाषा अलग अलग धाराओं में होती है पर न्यायालय किसी एक अपराध को मानकर दाण्डित करेगा। 

अर्थात :- किसी भी व्यक्ति पर एक बार लाठी से बार करना कम गंभीर चोट का अपराध धारा 323 का अपराध होता है। अगर व्यक्ति को बार-बार लाठी से से पीटा जाता है जिससे उसे गंभीर चोट हो जाये यहाँ पर यह अपराध धारा 325 के अंतर्गत देखा जाएगा। अगर एक सामान्य छड़ी मारने पर एक वर्ष की कारावास का नियम है और आरोपी द्वारा 10 सामान्य छड़ी मारने पर एक ही वर्ष की कारावास होगी न कि 10 वर्ष की। लेकिन यदि अपराधी दस अलग-अलग लोगों को एक-एक लाठी मारता है तब उसे 10 साल की सजा होगी।

भारतीय दण्ड संहिता 1860 की धारा 71 की परिभाषा

1. जब एक अपराध अनेक कार्यो से गठित हुआ हो, तो आरोपी को केवल एक अपराध के लिए दण्डित किया जा सकेगा, उससे अधिक दण्ड के लिए नहीं।
2. यदि कोई अपराध दण्ड संहिता में वर्णित दो या अधिक अपराधों की परिभाषा के अंतर्गत आता हो, ऐसी स्थिति में न्यायालय द्वारा आरोपी को उनमें से किसी भी अपराध के लिए देय अधिकतम दण्ड से दाण्डित किया जा सकता है। 

उपर्युक्त परिभाषा से स्पष्ट है कि एक ही श्रेणी में आने वाले अपराध की FIR में धाराएं अलग अलग हो सकती है, पर न्यायालय उस अपराध के लिए दण्डित करेगा जो अधिकतम सजा का प्रावधान होता है। :- लेखक बी. आर. अहिरवार (पत्रकार एवं लॉ छात्र होशंगाबाद) 9827737665 | (Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article)

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क्या जमानत की शर्तों का उल्लंघन अपराध है, नई FIR दर्ज हो सकती है
एक व्यक्ति अपराध करे और दूसरा सिर्फ साथ रहे तो दूसरा अपराधी माना जाएगा या नहीं
रात के समय किसी के घर में चोरी छुपे घुसना किस धारा के तहत अपराध है
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यदि जबरदस्ती नशे की हालत में अपराध हो जाए तो क्या सजा से माफी मिलेगी

कर्मचारियों के लिए घोषित स्वास्थ्य बीमा योजना लागू की जाए: कर्मचारी संघ - EMPLOYEE NEWS

Posted: 24 Apr 2021 06:07 PM PDT

जबलपुर
। मध्यप्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ ने जारी विज्ञप्ति में बताया कि पिछली सरकार द्वारा प्रदेश के कर्मचारियों एवं पेंशनरों के लिए स्वास्थ्य बीमा योजना 01 अप्रैल 2020 लागू करने की करने की घोषणा की गई थी परंतु अब तक लागू नहीं की गई है। इसके कारण मध्य प्रदेश के 1000000 कर्मचारियों में रोष व्याप्त है।

कर्मचारी संघ ने बताया कि योजना को मूर्त रूप देने के लिए वित्त विभाग द्वारा प्रदेश के सभी कर्मचारियों, शिक्षकों एवं अध्यापकों को IFMIS सॉफ्टवेयर में कर्मचारी एवं परिवार का विवरण एवं नामांकित विवरण पूर्ण करने के निर्देश दिये गये थे जिसे प्रदेश के लगभग सभी कर्मचारियों, शिक्षकों एवं अध्यापकों द्वारा पूर्ण कर लिया गया था। सरकार बदलने एवं कोविड-19 महामारी के चलते उक्त योजना को सरकार द्वारा भुला दिया गया। यदि शासन द्वारा स्वास्थ्य बीमा योजना लागू कर दी गई होती तो (Covid-19) कोरोना महामारी की चपेट में आये कर्मचारी एवं उनके परिवार निजी अस्पतालों में अपना कैशलेस इलाज करा सकते थे।

संघ के अटल उपाध्याय, आलोक अग्निहोत्री, मुकेश सिंह, मंसूर बेग, दुर्गेश पाण्डे, चन्दु जाउलकर, नन्दु चंसोरिया, बृजेश मिश्रा, आर.के.गुलाटी, अरूण दुबे, विपिन शर्मा, सुधीर पण्डया, बिट्टू आहलोबालिया, उमेश पारखी, विजय सेन, मस्तराम राय, शकील खान, अनिल दुवे, हेमचन्द विश्वकर्मा, राजेश ढीमर, मनोज उपाध्याय, मुमताज अंसारी राकेश खरे, नितिन अग्रवाल, श्यामनारायण तिवारी, धीरेन्द्र सोनी, नितिन शर्मा, मो०तारिख, प्रियांशु शुक्ला, संतोष तिवारी, आदित्य दीक्षित आदि ने माननीय मुख्यमंत्री म.प्र. शासन को ई-मेल के माध्यम से पत्र भेजकर मांग की है कि कर्मचारियों के लिए घोषित स्वास्थ्य बीमा योजना शीघ्र लागू की जाये ताकि कोविड महामारी के इस दौर में कर्मचारी अपना उनका परिवार ईलाज प्राईवेट अस्पतालों में करा सकें।

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MP COLLEGE EXAM: बरकतउल्ला के 2 लाख स्टूडेंट्स को आंसर शीट के लिए 225 विकल्प

Posted: 24 Apr 2021 09:03 AM PDT

भोपाल। बरकतउल्ला विश्वविद्यालय भोपाल ने ओपन बुक पैटर्न पर फाइनल ईयर के एग्जाम कराने की तैयारियां शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि मई महीने के सेकंड वीक में एग्जाम कंडक्ट किया जाएगा। 480 कॉलेजों के 200000 स्टूडेंट्स 8 जिलों में 225 केंद्रों में से किसी पर भी आंसर शीट जमा कर सकते हैं।

प्रदेश के सभी विवि विद्यार्थियों ही परीक्षाएं ओपन बुक पैटर्न से लेंगे। परीक्षाओं के संबंध में बीयू ने अधिकारियों और प्राचार्यों की वेबीनार के माध्यम से बैठक ली। अधिकारियों के मुताबिक विद्यार्थी बीयू से संबद्धता प्राप्त किसी भी कालेज में अपनी कापियां जमा कर पाएंगे। नोडल कालेज प्रोफेसरों की टीम बनाकर उक्त कालेजों से कापियां अपने पास बुलाएगा। इसके बाद बीयू अपने गोपनीय वाहन से कॉपियों का मूल्यांकन कराने के लिए विवि लेकर आएगा।

पिछली साल की तुलना में 600 केंद्र कम कर दिए

पिछले वर्ष भी बीयू ने ओपन बुक पैटर्न पर परीक्षा कराई थीं। इसमें बीयू ने 800 कालेजों व स्कूलों को परीक्षा केंद्र बनाया था। विद्यार्थियों ने कई केंद्रों पर कापियां ही जमा नहीं की, जिसके कारण करीब 600 केंद्रों में कटौती कर दी है। अब सिर्फ 200 केंद्रों पर ही कापियां जमा होंगी। 

तीन मई तक जमा होंगे एग्जाम फार्म

बीयू ने प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय वर्ष की वार्षिक परीक्षा एवं पूरक परीक्षा के लिए आवेदन की संशोधित तारीख जारी की गई है। इसके अनुसार बीए, बीकॉम, बीएससी, होमसाइंस, बीए मैनेजमेंट, बीबीए, बीसीए, बीकॉम आनर्स के विद्यार्थी तीन मई तक फार्म जमा कर सकते हैं। वहीं एक हजार विशेष विलंब शुल्क के साथ चार मई से परीक्षा शुरू होने से तीन दिन पूर्व तक विद्यार्थी आवेदन कर सकेंगे।

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MP में होम आइसोलेशन वालों को नगर पालिका से मेडिकल किट मिलेगी - CORONA NEWS

Posted: 24 Apr 2021 08:49 AM PDT

भोपाल
। बार-बार निर्देशों के बावजूद जब स्वास्थ्य विभाग ने होम आइसोलेशन वाले कोरोनावायरस से संक्रमित मरीजों को मेडिकल किट उपलब्ध नहीं कराई तो अंततः नगरीय निकाय मंत्री भूपेंद्र सिंह इसकी जिम्मेदारी अपने ऊपर ली। 

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह ने सभी नगरीय निकायों के आयुक्त व नगर पालिका अधिकारियों को नगरीय क्षेत्र में ऐसे मरीज़ जो होम आइसोलेशन में हैं, उन्हें स्वास्थ्य विभाग से समन्वय कर मेडिसिन किट को उनके घर पर ही वितरित करने के निर्देश दिए हैं। किट के साथ होम आइसोलेशन में पालन लिए जाने वाले निर्देश भी मरीज़ों को उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

मंत्री श्री सिंह ने बताया कि 18 अप्रैल से 23 अप्रैल के मध्य नगरीय क्षेत्र में फ़ीवर क्लीनिक व होम डेलिवेरी के माध्यम से 73 हजार 382 मेडिसिन किट कोविड मरीज़ों को उपलब्ध कराई गई हैं। मेडिसिन किट 18 अप्रैल को 12 हजार 583, 19 अप्रैल को 16 हजार 914, 20 अप्रैल को 11 हजार 465, 21 अप्रैल को 10 हजार 327, 22 अप्रैल को 11 हजार 76 और 23 अप्रैल को 11 हजार 17 कोविड मरीजों को वितरित की गई हैं।

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WORK FROM HOME वाले शिक्षक घर से बाहर नहीं जा सकते: केंद्रीय विद्यालय संगठन

Posted: 24 Apr 2021 08:46 AM PDT

भोपाल
। केंद्रीय विद्यालय संगठन (केवीएस) ने कोरोना महामारी के दौरान केंद्रीय विद्यालय (केवी) के शिक्षकों को कक्षाएं चलाने को लेकर दिशा-निर्देश जारी किया है। जिससे कि शिक्षकों, स्कूल स्टाफ और विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। केवीएस ने सभी शिक्षकों को अनुमति दी है कि वे घर से ही ऑनलाइन कक्षाएं ले सकते हैं। इसके लिए उन्हें स्कूल आने की जरूरत नहीं है, यानी शिक्षक वर्क फ्रॉम होम कर सकते हैं। 

हालांकि संगठन ने सभी शिक्षकों को यह भी निर्देश दिया है कि वर्क फ्रॉम होम करने के दौरान वे फोन पर उपलब्ध रहेंगे। स्कूल प्राचार्यों को अनुमति होगी कि जब जरूरत हो तब वे वर्क फ्रॉम होम कर रहे शिक्षकों को कॉल कर सकेंगे या उन्हें स्कूल बुला सकेंगे। केवीएस ने शिक्षकों को निर्देश दिया कि प्राचार्य के बिना अनुमति के कोई भी शिक्षक शहर नहीं छोड़ेगा। केवीएस ने अपने दिशा-निर्देश में स्कूलों से कहा कि इस दौरान ऑनलाइन कक्षाएं जारी रखें। राज्य सरकार या जिले के जिला शिक्षाधिकारी जब भी ऑफलाइन कक्षाओं की अनुमति देते हैं तो प्राचार्यों की यह जिम्मेदारी होगी कि वे जरूरी कोरोना गाइडलाइंस का पालन कराना सुनिश्चित करेंगे। 

कभी भी ऑफलाइन कक्षाएं शुरू होने से पहले कर्मचारी और शिक्षकों को पहले से ही बताना होगा। कक्षाएं रद्द होने पर केवीएस मुख्यालय को सूचित करना होगा। बता दें, कि 3 मई से केवी के पहली से आठवीं कक्षा के लिए ग्रीष्मावकाश घोषित किया जाएगा। इसमें शिक्षक भी शामिल रहेंगे। वहीं नौवीं से बारहवीं के शिक्षकों को अभी ग्रीष्मावकाश नहीं दिए जाने की संभावना है।

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GWALIOR में ऑटो चालक का शव फांसी पर लटका मिला - MP NEWS

Posted: 24 Apr 2021 08:28 AM PDT

ग्वालियर।
मध्य परदेश के ग्वालियर जिले में एक ऑटो चालक ने फोन पर पत्नी से बहस के बाद गुस्से में फांसी लगाकर जान दे दी। घटना शुक्रवार-शनिवार दरमियानी रात माधवगंज के बारह बीघा पंचायत भवन की है। मृतक की पत्नी अपनी बेटी के साथ अलग रहती है। इसी को लेकर दोनों के बीच में खींचतान चल रही थी। पुलिस ने शव को निगरानी में लेकर मर्ग कायम कर लिया है।

माधवगंज थाना क्षेत्र के बारह बीघा पंचायत भवन के पास निवासी 34 वर्षीय वीरेन्द्र धानुक पुत्र नारायण धानुक ऑटो चालक था। शुक्रवार रात वह ऑटो चलाकर घर आया और अपने कमरे में चला गया। कुछ देर बाद जब परिजन उसे खाना खाने के लिए बुलाने गए तो वह फांसी के फंदे पर लटका हुआ था। मामले का पता चलते ही पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच के बाद शव को पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया। साथ ही मर्ग कायम कर लिया है।

परिजन ने पुलिस को बताया है कि मृतक की पत्नी गीता व ढाई साल की बेटी अलग रहती है। वह कई बार उसे घर लाने के लिए प्रयास कर चुका है,लेकिन वह नहीं आ रही है। शुक्रवार को भी मृतक का किसी बात पर पत्नी से विवाद हुआ था। जिसके बाद वह गुस्से में आ गया। उसने अपने रूम में जाकर फांसी लगा ली। TI माधवगंज थाना डीपी गुप्ता का कहना है कि ऑटो चालक ने फांसी लगाकर जान दी है। जांच के बाद ही खुदकुशी के कारणों का पता चल सकेगा।

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MP CORONA: सिर्फ एक गलती की सजा मौत है, आज 104 मर गए, घर में रहिए - UPDATE NEWS

Posted: 24 Apr 2021 08:27 AM PDT

भोपाल
। ना डॉक्टर बचा पा रहे हैं, ना कलेक्टर ऑक्सीजन और इंजेक्शन दिला पा रहे हैं, अस्पतालों में सरकार अनुपस्थित है। सब कुछ भगवान भरोसे चल रहा है। मध्यप्रदेश शासन का सबसे बड़ा अफसर (मुख्य सचिव) कोरोनावायरस से संक्रमित हो गया यानी अब मध्य प्रदेश का हर इंसान खतरे में है। सिर्फ एक गलती की सजा मौत हो सकती है। पिछले 24 घंटे में 104 लोगों का निधन हो गया। कर्फ्यू की जरूरत नहीं है, जब तक जिंदगी के लिए जरूरी ना हो, घर में ही रहिए। इस सबके बीच अच्छी बात यह है कि मध्यप्रदेश में खतरनाक स्थिति वाले जिलों की संख्या 29 से घटकर 28 हो गई और कोरोनावायरस से मुक्त हो रहे जिलों की संख्या 6 से बढ़कर 8 हो गई।

मध्य प्रदेश में सबसे खतरनाक स्थिति वाले जिलों की संख्या 28 (एक जिला कम हुआ) 

इंदौर, भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन, सागर, खरगोन, रतलाम, रीवा, बैतूल, विदिशा, धार, सतना, होशंगाबाद, शिवपुरी, कटनी, बालाघाट, शहडोल, झाबुआ, सीहोर, राजगढ़, रायसेन, मुरैना, दमोह, सिंगरौली, सीधी, टीकमगढ़ और दतिया ऐसे जिले हैं जहां कोरोनावायरस से पीड़ित मरीजों की संख्या 1000 से अधिक चल रही है। इंदौर में 12000, भोपाल 10000, ग्वालियर 8000 और जबलपुर 5000 से अधिक के साथ सबसे खतरनाक स्थिति में है। 

मध्य प्रदेश के 8 जिले जहां स्थिति नियंत्रण में है (2 जिले बढ़ गए)

छिंदवाड़ा, देवास, छतरपुर, खंडवा, श्योपुर, भिंड, बुरहानपुर और आगर मालवा मध्यप्रदेश के ऐसे जिले हैं जहां एक्टिव केस की संख्या 500 से कम है। इनमें से खंडवा एकमात्र ऐसा जिला है जहां एक्टिव केस की संख्या 200 से कम है। निश्चित रूप से इन जिलों में कलेक्टर एवं तमाम कोरोना कंट्रोल टीम सफलतापूर्वक काम कर रही है। यह सभी अभिवादन के पात्र हैं।

MADHYA PRADESH COVID19 UPDATE NEWS 24 APRIL 2021 

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि ऑक्सीजन के लिए पूरा प्लान तैयार हो रहा है। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर, नरेंद्र सिंह तोमर, थावरचंद गहलोत एवं विक्की के माध्यम से उद्योगपतियों से ऑक्सीजन के लिए बात की है। 
ग्वालियर के अस्पतालों में ऑक्सीजन खत्म हो गई है। एसपी ग्वालियर में आदेश दिया है कि यदि कहीं ऑक्सीजन के सिलेंडर तालों में बंद है तो ताला तोड़ कर ले आएं। 
पिछले 24 घंटे में मध्यप्रदेश में ऑक्सीजन की कथित कमी के कारण 100 से ज्यादा लोगों की मृत्यु हो गई। इनमें से कुछ की तो रिपोर्ट भी नहीं आई थी। 
उज्जैन में लकड़ियों के बड़े से ढेर पर दर्जनों लाश रखकर जला दी गई। अंतिम संस्कार के लिए जगह नहीं बची है। 
सागर में अधजली लाशों के अंग यहां वहां पड़े देखे गए। 
मध्यप्रदेश के बैतूल में 104 साल के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी बिरदीचंद गोठी ने घर पर रहते हुए कोरोनावायरस को हरा दिया। उनकी रिपोर्ट नेगेटिव आ गई है। उनका कहना है कि संतुलित आहार एवं जीवन चर्या से जीता जा सकता है। 
मध्यप्रदेश के बीना में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन द्वारा 1000 बिस्तर का अस्थाई अस्पताल बनाया जा रहा है। 
कैबिनेट मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया गुना में पुलिस पार्टी की जगह गश्त करते हुए दिखाई दिए। अस्पताल में मरीजों को ऑक्सीजन और इंजेक्शन के लिए लड़ते हुए देखा गया। 
ग्वालियर में जब नेता कोई काम नहीं आए तो उद्योगपतियों ने जनता की मदद करना शुरू किया। मालनपुर का सूर्या रोशनी प्लांट हर रोज 250 ऑक्सीजन सिलेंडर रिफिल करके देगा। प्लांट के मालिक ने अपना उत्पादन बंद कर दिया है। 
मध्यप्रदेश के अशोकनगर एवं बैतूल में लॉक डाउन की अवधि बढ़ाकर 3 मई 2021 कर दी गई है। 
पूरे मध्यप्रदेश में 90% से ज्यादा आईसीयू एवं ऑक्सीजन बेड भरे हुए हैं। इलाज नहीं मिलने के कारण मरीज दम तोड़ रहे हैं। 
बालाघाट में सरकारी अस्पताल से 20 ऑक्सीजन सिलेंडर गायब हो गए। 
ग्वालियर के डबरा शहर में एक घर के अंदर दर्जनों ऑक्सीजन सिलेंडर रखे हुए मिले। 
ग्वालियर में अस्पताल में भर्ती दो लोगों को इंजेक्शन के लिए कांग्रेस विधायक डॉक्टर गोविंद सिंह ने 22 घंटे में कलेक्टर को 22 फोन लगाए लेकिन इंजेक्शन नहीं मिला। मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर को एक फोन लगाया और इंजेक्शन मिल गया। सिर्फ वीआईपी के कहने पर इंजेक्शन मिल रहा है। 
कांग्रेस पार्टी की विधायक कलावती भूरिया की कोरोनावायरस से संक्रमण के कारण मृत्यु हो गई। 
कमलनाथ और दिग्विजय सिंह की प्रेस अधिकारी रहे मनोज पाठक का कोरोनावायरस के कारण निधन हो गया। 
ऑक्सीजन सिलेंडर के मामले में पुलिस ने मोर्चा संभाल लिया है। प्रदेश के 1 दर्जन से ज्यादा जिलों में पुलिस की टीम ने ऑक्सीजन सिलेंडर लाकर अस्पताल को दिए।

MADHYA PRADESH CORONA BULLETIN 24 APRIL 2021 DISTRICT WISE STATUS LIST 




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