प्राइमरी का मास्टर ● इन |
- कोरोना महामारी के बढ़ते प्रकोप को दृष्टिगत रखते हुए खंड शिक्षा अधिकारी संघ ने की मतगणना स्थगित किए जाने की मांग
- मद्रास हाई कोर्ट ने कहा- कोरोना की दूसरी लहर के लिए चुनाव आयोग जिम्मेदार, क्यों दर्ज न हो हत्या का केस
- कोविड- 19 मरीजों के इलाज में लगे कर्मचारी की मृत्यु पर आश्रितों को मिलेंगे 50 लाख, केंद्र ने जारी किया शासनादेश
- कोरोना से 160 शिक्षक ने तोड़ा दम, शिक्षक संगठनों ने आंकड़े पेश कर पंचायत चुनाव के कारण संक्रमण बढ़ने का किया दावा
- प्रतापगढ़ : कोरोना संक्रमण से जिले के 12 शिक्षक हो चुके मृतक, बीएसए कार्यालय में आयोजित की गई शोक सभा
- पंचायत चुनाव की ड्यूटी करने वाले 135 शिक्षक, शिक्षा मित्र व अनुदेशकों की मृत्यु, राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने मुख्यमंत्री से पंचायत चुनाव स्थगित करने व परिजनों को सहायता की मांग की
- परिषदीय स्कूलों में अब अभिभावकों को स्कूल बुलाकर बच्चों की पढ़ाई के बारे में होगी चर्चा
- बहराइच : शिक्षक संगठन का बड़ा आरोप, चुनाव प्रशिक्षण में लापरवाही के कारण कार्मिक हुए कोरोना संक्रमित
| Posted: 27 Apr 2021 01:55 AM PDT |
| Posted: 26 Apr 2021 08:52 PM PDT मद्रास हाई कोर्ट ने चेतावनी भी दी है कि अगर दो मई को आयोग ने कोरोना प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित करने के लिए ब्लू प्रिंट तैयार नहीं किया तो मतगणना पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी जाएगी.हाई कोर्ट ने कहा कि संवैधानिक अधिकारियों को ऐसी बातें याद दिलानी पड़ती है. जब कोई व्यक्ति जीवित बचेगा तभी तो लोकतंत्र के पर्व में हिस्सा लेगा.चेन्नई: देश में जानलेवा कोरोना वायरस की दूसरी लहर का प्रकोप जारी है. इस बीच मद्रास हाई कोर्ट ने चुनाव आयोग को फटकार लगाई है. हाई कोर्ट ने कहा है कि कोरोना वायरस की दूसरी लहर के लिए चुनाव आयोग के अधिकारी जिम्मेदार हैं. ऐसे में क्यों ना चुनाव आयोग के अधिकारियों के खिलाफ हत्या के आरोपों पर मुकदमा दर्ज किया जाए मुख्य न्यायाधीश संजीब बनर्जी ने सख्त रुख अपनाने हुए कहा कि चुनाव आयोग ही कोरोना की दूसरी लहर के लिए जिम्मेदार है. साथ ही मद्रास हाई कोर्ट ने चेतावनी भी दी है कि अगर दो मई को आयोग ने कोरोना प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित करने के लिए ब्लू प्रिंट तैयार नहीं किया तो मतगणना पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी जाएगी कोरोना के ताजा हालात पर चिंता व्यक्त करते हुए चीफ जस्टिस संजीव बनर्जी और सेंथिल रामामूर्ति की बेंच ने कहा कि संवैधानिक अधिकारियों को ऐसी बातें याद दिलानी पड़ती है. जब कोई व्यक्ति जीवित बचेगा तभी तो लोकतंत्र के पर्व में हिस्सा लेगा. हाई कोर्ट ने अधिकारियों से पूछा कि आप उस वक्त कहा थे, जब बड़ी बड़ी रैलियां हो रही थीं. AIADMK के विधायक ने दायर किया था केस दरअसल तमिलनाडु कैबिनेट में मंत्री और करूर से AIADMK के विधायक एमआर विजय भास्कर ने हाई कोर्ट में केस दायर किया है. विजय भास्कर की ओर से कहा गया था कि करूर में 77 प्रत्याशियों की वोट्स काउंटिंग के लिए केवल 2 काउंटिंग रूम बनाए गए हैं. कोरोना काम में काउंटिंग के लिए स्पेस नहीं दिया गया. |
| Posted: 26 Apr 2021 08:45 PM PDT पीड़ित परिवार द्वारा विभाग के माध्यम से क्लेम करना होगा, राजनाथ सिंह ने भी की पुष्टि लखनऊ । इंडियन पब्लिक सर्विस इंप्लाइज फेडरेशन (इप्सेफ) के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीपी मिश्रा एवं महामंत्री प्रेमचंद्र ने बताया कि कोविड-19 मरीजों के इलाज में लगे कर्मचारी की मौत होने पर उसके आश्रितों को 50 लाख रुपये की राशि का भुगतान करने का केंद्र ने शासनादेश जारी कर दिया गया है। संबंधित परिवार द्वारा विभाग के माध्यम से क्लेम करने पर तत्काल भुगतान कर दिया जाएगा। इस बाबत रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी यह पुष्टि की है। इप्सेफ पदाधिकारियों ने देश के सभी मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिवों को पत्र भेजकर अनुरोध किया था कि शासनादेश के अनुसार मृतक आश्रितों को इस राशि के भुगतान करने की तत्काल व्यवस्था करें। वीपी मिश्रा ने कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों से भी कहा है कि हुई वर्चुअल बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार वे भी ऐसे परिवार को भुगतान कराने में सहयोग करें। यदि कहीं कोई कठिनाई हो तो अवगत कराएं। राष्ट्रीय सचिव अतुल मिश्रा ने यूपी के मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव को पत्र भेजकर मांग की है कि प्रदेश में कोविड-19 महामारी के इलाज में लगे कोरोना वायरस के कारण मृत कर्मचारियों के आश्रितों को तत्काल 50 लाख रुपये का भुगतान कराने की व्यवस्था करें। |
| Posted: 26 Apr 2021 08:34 PM PDT अब तक कोरोना से 160 शिक्षक ने तोड़ा दम, इन जिलों में हुई शिक्षकों की कोरोना से मौत कोरोना संक्रमण के दूसरे चरण में कफी संख्या में लोगों की मौत हो रही है। रोजाना 35 से 36 हजार के करीब संक्रमण के नये केस मिल रहे हैं, प्रतिदिन का मौत का आकड़ा 250 पहुंच गया है। इसी बीच बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से संचालित प्राथमिक और जूनियर स्कूल भले ही बंद चल रहे हैं, लेकिन इनमें पढ़ाने वाले काफी शिक्षकों को चुनाव ड्यूटी में लगाया गया है, वहीं लखनऊ समेत सभी जिलो में 16 हजार के करीब शिक्षकों को कोरोना ड्यूटी में लगाया गया है। कोरोना से बचाव के लिए शिक्षकों को कोई सरकारी सुविधा भी नहीं है। लखनऊ समेत अलग-अलग जिलो में करीब 160 शिक्षक कोरोना काल के गाल में समा चुके हैं, इन शिक्षकों के मृतक आश्रितों को क्या लाभ मिलेगा इस स्थिति अभी साफ नहीं दूसरी ओर बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों की भी मौत हुई है, अलग-अलग जिलो में तैनात 5 खंड शिक्षा भी संक्रमण के चपेट में आकर दम तोड़ चुके हैं। पंचायत चुनाव के चौथे चरण में भी बढ़ेगा संक्रमण का दायरा वहीं दूसरी ओर शिक्षक संगठनों का दावा है कि कोरोना का दायरा अभी तक हुए पंचायत चुनाव के बाद बढ़ा है, तीसरे चरण का चुनाव हो चुका है, जबकि चौथे चरण का चुनाव 28 तारीख को होने जा रहा है, इसके बाद लगातार कोरोना संक्रमण का दायरा बढ़ेगा। इस संबंध राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ और उ प्र. प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षित स्नातक एसोसिएशन की ओर से चुनाव आयोग दिल्ली से लेकर राष्ट्रपति व राज्यपाल तक पत्र भी लिखे जा चुके हैं, उसके बाद भी काई हल नहीं " निकला। इन जिलों में हुई शिक्षकों की कोरोना से मौत लखनऊ में 19 शिक्षक, जौनपुर में 5, सोनभद्र में 6, कुशीनगर में 5, बुलंदशहर में 5, देवरिया में 5, गोरखपुर में 4, हाथरस में 6, हरदोई में 10, लखीमपुर में 10, सीतापुर में 8, प्रतापगढ़ में 7, गजियाबाद में 6, महराजगंज में 6, मथुरा में 5, शाहजहां पुर में 8, उन्नाव में 4, गोंडा में 6, बहराइच में 4, श्रावस्ती में 3, बलरामपुर में 4 शिक्षकों की मौत हुई हैं। ये वह आकड़े हैं जो शिक्षक संगठनों की ओर से दिए गये हैं, इसमें शिक्षकों का संगठनों का कहना है कि अभी काफी संख्या में और भी आकड़े हैं जो एकत्र किए जा रहे हैं। संक्रमण की चपेट में निदेशालय बेसिक शिक्षा निदेशालय का शिविर कार्यालय निशातगंज भी कोरोना की चपेट में हैं, यहां एक अधिकारी ने बताया कि कोरोना की चपेट में अभी लगभग पूरा स्टाफ आ चुका है। कुछ अधिकारी घर से भी अपना काम कर रहे हैं।
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| प्रतापगढ़ : कोरोना संक्रमण से जिले के 12 शिक्षक हो चुके मृतक, बीएसए कार्यालय में आयोजित की गई शोक सभा Posted: 26 Apr 2021 08:19 PM PDT प्रतापगढ़ : कोरोना की दूसरी लहर ने जिले में कोहराम मचा रखा है। इलाज में थोड़ी सी चूक से लोगों को जान से हाथ धोना पड़ रहा है। जिले में अब तक 90 से अधिक लोग जान गवां चुके हैं। बेसिक शिक्षा विभाग के 13 शिक्षकों की भी संक्रमण की चपेट में आने से मौत हो गई। जिले में कोरोना वायरस का संक्रमण तेजी से पांव पसार रहा है। हर दिन संक्रमितों की संख्या बढ़ती जा रही है। जिले में अब तक सक्रिय मरीजों की संख्या 2561 के पार पहुंच चुकी है। इलाज में लापरवाही बरतने पर लोगों को जान से हाथ धोना पड़ रहा है। जिले में अब तक मौतों का आंकड़ा 100 के पार पहुंच चुका है। गौर करने वाली बात यह है कि यह आंकड़ा स्वास्थ्य विभाग के रिकार्ड के मुताबिक है। मौत के वास्तविक आंकड़े इससे कहीं ज्यादा हैं। संक्रमण की चपेट में आने से बेसिक शिक्षा विभाग के 13 शिक्षकों की भी मौत हो गई। इनमें पंकज पांडेय, गोविंद प्रसाद श्रीवास्तव, डा. रश्मि सिंह, बद्री नारायण, अयाजुद्दीन, जगतपाल यादव, अभिषेक श्रीवास्तव, रंजीत कुमार, प्रियंका सिंह, प्रदीप कुमार तिवारी, धर्मा देवी, ज्ञानेश त्रिपाठी और अवनीश तिवारी शामिल हैं। इसके अलावा एक अनुचर सुरेश गौड़ की भी मौत हुई है। इससे शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। बीएसए कार्यालय में आयोजित हुई शोक सभा प्रतापगढ़। बीएसए कार्यालय में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार की अध्यक्षता में सोमवार को शोकसभा आयोजित हुई। जिसमें कोरोना संक्रमण से जान गंवाने वाले शिक्षकों को श्रद्धांजलि दी गई। कर्मचारियों एवं शिक्षकों ने मृत आत्माओं की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार ने कहा कि ईश्वर परिजनों को दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करें। |
| Posted: 26 Apr 2021 07:59 PM PDT लखनऊ। प्रदेश में पंचायत चुनाव से संबंधित ड्यूटी करने वाले 135 शिक्षकों, शिक्षामित्रों व अनुदेशकों की मृत्यु हो गई है। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने मुख्यमंत्री से पंचायत चुनाव तत्काल स्थगित कर संक्रमितों का निशुल्क इलाज व मृतकों के परिजनों को 50 लाख की सहायता व अनुकंपा नियुक्ति देने की मांग की है। महासभा के प्रवक्ता वीरेंद्र मिश्र ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर कहा है कि कोविड 19 की भयंकर महामारी के बीच प्रदेश में पंचायत चुनाव कराए जा रहे हैं, जिसमें सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ रही हैं। पंचायत चुनाव से जुड़े अधिकारी, कर्मचारी, शिक्षक व सुरक्षाकर्मी प्रतिदिन संक्रमित हो रहे हैं और अनगिनत मौतों के साथ जनमानस सहमा हुआ है। उन्होंने कहा है कि जिन शिक्षकों व कर्मचारियों की चुनाव में ड्यूटी लगी है उनके परिवारों में बेचैनी है। वर्तमान हालात को देखते हुए कोई भी चुनाव ड्यूटी नहीं करना चाहता है। चुनाव में प्रथम चरण के प्रशिक्षण से लेकर तीसरे चरण के मतदान तक हजारों शिक्षक, शिक्षामित्र व अनुदेशक कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं। जहां-जहां चुनाव हो चुके हैं चुके चुके वहां कोविड संक्रमण कई गुना बढ़ गया है। मिश्र ने मुख्यमंत्री को बताया है कि चुनाव प्रशिक्षण व ड्यूटी के बाद अब तक हरदोई व लखीमपुर में 10-10, बुलंदशहर, हाथरस, सीतापुर, शाहजहांपुर में 8-8,भदोही, लखनऊ व प्रतापगढ़ में 7-7, सोनभद्र, गाजियाबाद व गोंडा में 6-6, कुशीनगर, जौनपुर, देवरिया, महाराजगंज व मथुरा में 5-5, गोरखपुर, ब बहराइच, उन्नाव व बलरामपुर में 4-4 तथा श्रावस्ती में तीन शिक्षक, शिक्षा मित्र या अनुदेशक की आकस्मिक मृत्यु हो चुकी है। उन्होंने कहा है कि महासंघ ने चुनाव से पूर्व शिक्षकों के टीकाकरण की मांग की थी। गृह मंत्रालय ने पांच राज्यों में हो रहे विधानसभा चुनाव में पोलिंग पार्टियों का टीकाकरण करने की अनुमति दे दी थी। इस आदेश के आधार पर प्रदेश में भी पंचायत चुनाव की पोलिंग पार्टियों का टीकाकरण किया जा सकता था। लेकिन महासंघ की मांग पर सरकार ने कोई ध्यान नहीं दिया। महासंघ ने पत्र पर कार्यवाही के लिए बेसिक शिक्षा मंत्री सतीश द्विवेदी व प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा रेणुका कुमार को भी भेजा है। |
| परिषदीय स्कूलों में अब अभिभावकों को स्कूल बुलाकर बच्चों की पढ़ाई के बारे में होगी चर्चा Posted: 26 Apr 2021 06:45 PM PDT परिषदीय स्कूलों में अब अभिभावकों को स्कूल बुलाकर बच्चों की पढ़ाई के बारे में होगी चर्चागोरखपुर। बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में अब अभिभावकों की कक्षाएं लगेंगी। उन्हें स्कूल में बुलाकर बच्चों की पढ़ाई के बारे में अध्यापक चर्चा करेंगे। अभ्यास कार्य की जांच करने के साथ ही बच्चों लिए गृहकार्य भी दिए जाएंगे। इसके साथ ही रोजाना संबंधित विषय के अध्यापक पांच-पांच विद्यार्थियों से फोन पर बातचीत कर उनकी पढ़ाई का हाल जानेंगे। कोरोना महामारी के बीच नए सत्र की शुरुआत के साथ ही सरकार ने एहतियात के तौर पर परिषदीय स्कूलों में अध्यापन कार्य को मई तक स्थगित कर दिया है। बच्चों की पढ़ाई एक बार फिर प्रभावित न हो, इस संबंध में ऑनलाइन कक्षाएं शुरू की जाएंगी। कोरोना की पहली लहर के दौरान भी विभाग ने ऑनलाइन कक्षाएं शुरू कराई थी। इसके सफल परिणाम भी दिखे थे। इसबार शिक्षक बच्चों के बजाय अभिभावकों को स्कूल बुलाएंगे। इस संबंध में महानिदेशक स्कूल शिक्षा का आदेश गोरखपुर के बेसिक शिक्षा विभाग में पहुंचा है। कोविड की दूसरी लहर की वजह से विद्यालयों में पठन- पाठन प्रभावित हो गया है। स्कूल बंद होने के कारण इस बार शत-प्रतिशत बच्चों तक ऑनलाइन शिक्षा पहुंचाने की तैयारी की जा रही है। प्राइमरी स्कूलों में फिर से ई-पाठशाला शुरू की जाएगी। व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए सभी स्कूलों के शिक्षकों को भी स्कूल आने के निर्देश दिए गए हैं। प्रत्येक शिक्षक हर दिन अपनी कक्षा के कम से कम दो बच्चों के अभिभावकों को स्कूल में बुलाकर बच्चों की पढ़ाई के बारे में चर्चा करेंगे। बच्चों के अभ्यास कार्य की जांच भी करेंगे तथा बच्चों को गृहकार्य देंगे। व्हाट्सएप ग्रुप पर शेयर होगी शैक्षणिक सामग्री महानिदेशक स्कूली शिक्षा के पत्र के मुताबिक शिक्षक, शिक्षा मित्र एवं अनुदेशकों को कक्षावार, विषय वार शैक्षणिक सामग्री एवं कंटेंट अभिभावकों के व्हाट्सएप ग्रुप पर शेयर करना होगा शिक्षक अभिभावकों से बच्चों के घर पर चल रही पढ़ाई के बारे में स्थिति जानेंगे और समीक्षा भी करेंगे। उनको पढ़ाई से संबंधित समस्याओं का समाधान भी शिक्षक करेंगे। अभिभावकों को विषय संबंधित पाठों के बारे में भी शिक्षक समझाएंगे। दूरदर्शन भी बनेगा माध्यम प्रत्येक कक्षा और विषय के लिए मासिक पंचांग के अनुसार शैक्षणिक सामग्री साझा की जाएगी। कंटेंट अभिभावकों के व्हाट्सएप पर शेयर किए जाएंगे। दूरदर्शन पर प्रसारित ई-कंटेंट को देखने के लिए बच्चों को प्रेरित किया जाएगा। शिक्षक प्रतिदिन बच्चों की शिक्षा को लेकर की गई गतिविधियों को एक डायरी में भी दर्ज करेंगे। कोविड महामारी के चलते बच्चों को स्कूल नहीं बुलाया जा सकता है। इसलिए अभिभावकों को अनुरोध कर स्कूल पर बुलाकर बच्चों की पढ़ाई से जुड़े कार्य प्रदान किए जाएंगे। वहीं कॉपियों की जांच भी की जाएगी। इसके साथ ही पांच- पांच बच्चों से रोजाना बात कर पढ़ाई की प्रगति पूछी जाएगी और काम दिया जाएगा। इसका निर्देश मिला है, पालन कराया जाएगा। -बीएन सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी |
| बहराइच : शिक्षक संगठन का बड़ा आरोप, चुनाव प्रशिक्षण में लापरवाही के कारण कार्मिक हुए कोरोना संक्रमित Posted: 26 Apr 2021 06:37 PM PDT बहराइच : शिक्षक संगठन का बड़ा आरोप, चुनाव प्रशिक्षण में लापरवाही के कारण कार्मिक हुए कोरोना संक्रमित।बहराइच। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने कार्मिकों के प्रशिक्षण के दौरान जिला प्रशासन की ओर से लापरवाही बरतने व उसके कारण शिक्षकों के कोरोना संक्रमित होने का गंभीर आरोप लगाया है। शिक्षक संघ की ओर से डीएम को भेजे गए पत्र में आरोप लगाया गया कि प्रशिक्षण के दौरान 4-4 शिक्षकों को 6 फुट की एक ही बेंच पर बिठाया गया । इसके साथ ही इसके पीछे लगी बेंच को को भी बस 1 फुट की दूरी पर रखा गया । यही नहीं प्रशिक्षण की निगरानी आला अधिकारी करते रहे, लेकिन किसी ने भी सोशल डिस्टेंसिंग के पालन पर ध्यान नहीं दिया। जिसके चलते कई जिले के सैकड़ों शिक्षक कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। यही नहीं कई ऐसे शिक्षक भी है । |
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