प्राइमरी का मास्टर ● इन |
- अब परिषदीय विद्यालयों में बच्चों की बजाए अभिभावक जाएंगे स्कूल, मिशन प्रेरणा की ई पाठशाला का तीसरा चरण शुरू
- चुनाव ड्यूटी में संक्रमित होकर जान गंवाने वाले शिक्षामित्रों के परिवार को 50 लाख की सहायता की मांग
- कोरोना प्रभाव : बेपटरी हुई शिक्षा व्यवस्था, बच्चों को डिजिटल कंटेंट पहुंचाएगा बेसिक शिक्षा विभाग
- ऑनलाइन ई कंटेंट बनाएंगे तभी गुरुजी पुरस्कार पाएंगे
| Posted: 25 Apr 2021 07:08 PM PDT अब परिषदीय विद्यालयों में बच्चों की बजाए अभिभावक जाएंगे स्कूल, मिशन प्रेरणा की ई पाठशाला का तीसरा चरण शुरू नए शिक्षा सत्र लागू होते ही स्कूली बच्चों की पढ़ाई कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण की वजह से प्रभावित हो गई। मई माह तक सभी विद्यालयों में शिक्षण कार्य ठप कर दिया गया है। बीते वर्ष की भांति फिर से बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा संचालित परिषदीय स्कूलों के बच्चों की फिर से ऑनलाइन कक्षा शुरू कराने जा रहा है। इस संबंध में महानदेशक स्कूल शिक्षा ने सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किया है। जिसमें कहा गया है कि शिक्षक बच्चों के बजाय अभिभावकों को स्कूल बुलाएं और 5 बच्चों से प्रतिदिन मोबाइल पर बात करें। देशभर में कोविड-19 का संक्रमण बढ़ गया है। जिस कारण विद्यालयों में पठन-पाठन प्रभावित हो गया है। स्कूल बंद होने के कारण इस बार शत-प्रतिशत बच्चों तक ऑनलाइन शिक्षा पहुंचाने की तैयारी की जा रही है। प्राइमरी स्कूलों में फिर से ई-पाठशाला शुरू की जाएगी। व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए सभी स्कूलों के शिक्षकों को भी स्कूल आने के निर्देश दिए गए हैं। प्रत्एक शिक्षक हर दिन अपनी कक्षा के कम से कम 2 बच्चों के अभिभावकों को स्कूल में बुलाकर बच्चों की पढ़ाई के बारे में चर्चा करेंगे। बच्चों के अभ्यास कार्य की जांच भी करेंगे तथा बच्चों को गृह कार्य भी देंगे। इस संबंध में महानिदेशक स्कूली शिक्षा विजय किरन आनंद ने सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों को भेजे पत्र में कहा है कि शिक्षक, शिक्षा मित्र एवं अनुदेशकों को कक्षावार, विषय वार शैक्षिक सामग्री एवं कंटेंट अभिभावकों के व्हाट्सएप ग्रुप पर शेयर किया जाएगा। शिक्षक अभिभावकों से बच्चों के घर पर चल रही पढ़ाई के बारे में हाल जानेंगे और समीक्षा भी करेंगे। उनकी पढ़ाई से संबंधित समस्याओं का समाधान भी शिक्षक करेंगे। अभिभावकों को विषय संबंधित पाठों के बारे में भी शिक्षक समझाएंगे। दूरदर्शन भी बनेगा फिर से माध्यम प्रत्एक कक्षा और विषय के लिए मासिक पंचांग के अनुसार शैक्षणिक सामग्री साझा की जाएगी। कंटेंट अभिभावकों के व्हाट्सएप पर शेयर किए जाएंगे। दूरदर्शन पर प्रसारित ई-कंटेंट को देखने के लिए बच्चों को प्रेरित किया जाएगा। शिक्षक प्रतिदिन बच्चों की शिक्षा को लेकर की गई गतिविधियों को एक डायरी में भी दर्ज करेंगे। शिक्षक करेंगे 5 बच्चों से बात बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि महानिदेशक द्वारा दिए गए निर्देशों में कहा गया है कि बच्चों को ऑनलाइन शिक्षा देने में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। शिक्षकों को प्रतिदिन 5-5 बच्चों से फोन पर बात करनी होगी। घर पर चल रही पढ़ाई की समीक्षा की जाएगी। उनकी पढ़ाई से संबंधित समस्याओं का समाधान भी किया जाएगा। इससे सभी बच्चे अपने शिक्षकों के संपर्क में भी रहेंगे। मिशन प्रेरणा की ई-पाठशाला का तीसरा चरण शुरू किया गया कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण के कारण पठन-पाठन की स्थिति बाधित होने के कारण मिशन प्रेरणा की ई-पाठशाला का तीसरा चरण शुरू किया गया है। इसके लिए शत प्रतिशत बच्चों तक पहुंच बनाने एवं उन्हें लर्निंग आउटकम पर शिक्षक देने के निर्देश जारी किए गए हैं। कार्यवाहक जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संजय कुमार उपाध्याय ने बताया कि सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को ऑनलाइन शिक्षा दिए जाने की व्यवस्था करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। शिक्षकों को पहले से बने व्हाट्सएप ग्रुप से बच्चों एवं अभिभावकों को जोड़कर ऑनलाइन क्लासेस एवं गूगल मीट आदि के बारे में जानकारी देने के भी दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। |
| चुनाव ड्यूटी में संक्रमित होकर जान गंवाने वाले शिक्षामित्रों के परिवार को 50 लाख की सहायता की मांग Posted: 25 Apr 2021 06:54 PM PDT चुनाव ड्यूटी में संक्रमित होकर जान गंवाने वाले शिक्षामित्रों के परिवार को 50 लाख की सहायता की मांगलखनऊ। यूपी प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ ने प्रदेश सरकार से चुनाव प्रशिक्षण व ड्यूटी के बाद मृतक शिक्षा मित्रों के परिजनों को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिए जाने की मांग की है। साथ ही पंचायत चुनाव तत्काल स्थगित करने का आग्रह किया है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष शिव कुमार शुक्ल व सदस्य प्रदेश कार्यसमिति अवधेश मणि मिश्र ने संयुक्त रूप से बताया है कि त्रिस्तरीय पंचायत सामान्य निर्वाचन के दो चरण के चुनाव के बाद सैकड़ों शिक्षा मित्र साथी कोरोना संक्रमित हो गए हैं। दर्जनों की जान चली गई है। संघ पदाधिकारियों का कहना है कि चुनाव के दौरान कोविड 19 के गाइडलाइन का पालन नहीं हो रहा है। इसका खामियाजा चुनाव में लगे शिक्षकों, शिक्षा मित्रों व अन्य कर्मचारियों को भुगतना पड़ रहा है। चुनाव प्रशिक्षण से चुनाव संपन्न होने तक हर जिले में सैकड़ों शिक्षामित्र कोविड 19 से संक्रमित हुए हैं। संघ पदाधिकारियों ने सरकार से मृतक शिक्षकों शिक्षा मित्रों व कर्मचारियों के परिवार को 50-50 लाख रुपये की आर्थिक सहयोग देने की मांग की है। |
| कोरोना प्रभाव : बेपटरी हुई शिक्षा व्यवस्था, बच्चों को डिजिटल कंटेंट पहुंचाएगा बेसिक शिक्षा विभाग Posted: 25 Apr 2021 06:47 PM PDT कोरोना प्रभाव : बेपटरी हुई शिक्षा व्यवस्था, बच्चों को डिजिटल कंटेंट पहुंचाएगा बेसिक शिक्षा विभागआजमगढ़। सरकारी स्कूलों के छात्र-छात्राओं को डिजिटल कंटेंट पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी की जा रही है। वर्ग, विषय और चैप्टर के आधार पर हर दिन का कंटेंट तैयार किया जा रहा है। शुरुआत में व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से अधिक से अधिक बच्चों तक डिजिटल कंटेंट पहुंचाया जाएगा। व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए बच्चों या फिर उनके अभिभावकों के पास कंटेंट भेजे जाएंगे, जिससे बच्चे अभ्यास कर सकेंगे। बच्चों को ऑडियो और वीडियो के माध्यम से भी गणित समेत अन्य विषयों की जानकारी दी जाएगी। सरकार ने 2020 में अप्रैल के पहले सप्ताह से ही डिजिटल कंटेंट बच्चों को उपलब्ध कराना शुरू किया था। 30 फ़ीसदी बच्चों तक ही डिजिटल कंटेंट पहुंच पा रहे थे। चार लाख बच्चों तक डिजिटल कंटेंट नियमित पहुंचाने का प्रयास किया गया। हालांकि बहुतायत ऐसे बच्चे रहे जिनके पास मोबाइल तक नहीं थे। उन्हें ऑफलाइन या फिर दूसरे माध्यम से पढ़ाने की भी तैयारी की जा रही है। डिजिटल कंटेंट के साथ-साथ सभी बच्चों के हाथों में पाठ्य पुस्तकें हो इसके लिए निर्देश जारी किए जा चुके हैं। जल्द से जल्द सभी बच्चों को किताबें मिल सके इसके लिए स्कूलों तक किताब पहुंचाने की गाइडलाइन भेजी गई थी। स्कूल के शिक्षक और क्लास वार बच्चों का व्हाट्सएप ग्रुप तैयार किया जा रहा है। विद्यालय बंद है। बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाया जाएगा। व्हाट्सएप ग्रुप पर बच्चों को कंटेंट उपलब्ध कराया जाएगा। ताकि वह घर पर रहकर पढ़ाई कर सके। साथ ही अन्य संसाधनों के माध्यम से बच्चों को बेहतर शिक्षा दी जाएगी। - अम्बरीष कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, आजमगढ़। |
| ऑनलाइन ई कंटेंट बनाएंगे तभी गुरुजी पुरस्कार पाएंगे Posted: 25 Apr 2021 06:42 PM PDT ऑनलाइन ई कंटेंट बनाएंगे तभी गुरुजी पुरस्कार पाएंगेवाराणसी। राज्य शिक्षक पुरस्कार के लिए आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन कर दी गई है। आवेदन में यह देखा जाएगा कि ई मटेरियल का शिक्षक ने कितना उपयोग किया है। आईसीटी आधारित अभिनव प्रयोग में वीडियो आदि से शिक्षण सामग्री बनाने में कितनी मदद ली गई। राज्य अध्यापक पुरस्कार के लिए बेसिक शिक्षा परिषद ऐसे शिक्षकों को प्रोत्साहन दे रही है जो आईसीटी यानी इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी का अधिकाधिक प्रयोग कर रहे हैं। ऐसे शिक्षकों को पुरस्कार के लिए आवेदन 31 मई तक प्रेरणा पोर्टल के माध्यम से करना होगा। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राकेश सिंह ने बताया कि राज्य अध्यापक पुरस्कार के लिए आवेदन शुरू हो चुके है, जिन शिक्षकों ने ज्यादा से ज्यादा ई कंटेंट का उपयोग किया होगा, उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी। |
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