प्राइमरी का मास्टर ● इन |
- शिक्षक भर्ती की मांग कर रहे अभ्यर्थी पानी की टंकी पर चढ़े, पद बढ़ाने की मांग पर अड़े
- हाईस्कूल प्रमाणपत्र की जन्मतिथि ही आयु निर्धारण में मान्य : हाईकोर्ट
- यूपी बोर्ड 2022 की परीक्षा में ऑनलाइन होगा परीक्षा केंद्र का निर्धारण
- UPTET 2020 : इस बार यूपीटीईटी के लिए रिकॉर्ड आवेदन आने की उम्मीद, जाने कब हो सकती है परीक्षा
- सरकारी प्राइमरी स्कूलों में बच्चों की संख्या के फर्जीवाड़े पर विभाग एलर्ट, पायलट प्रोजेक्ट की सफलता के बाद सभी 75 जिलों में आधार प्रमाणीकरण लागू करने की तैयारी
- JNV Class 11 Admission 2021: नवोदय विद्यालयों में कक्षा 11 में दाखिले के लिए आवेदन शुरू, 10वीं के अंकों के आधार पर मिलेगा एडमिशन, देखें अधिकृत नोटिफिकेशन
- CBSE Exams 2021: सीबीएसई ने रेग्यूलर और प्राइवेट स्टूडेंट्स के लिए जारी किया जरूरी नोटिफिकेशन, करें चेक
- लखनऊ : ऐडेड स्कूलों में प्रबंध समिति के चुनाव ससमय सम्पन्न न कराने अथवा प्रबंधक के हस्ताक्षर बीएसए से प्रमाणित न कराने पर वेतन रोकने की चेतावनी
| शिक्षक भर्ती की मांग कर रहे अभ्यर्थी पानी की टंकी पर चढ़े, पद बढ़ाने की मांग पर अड़े Posted: 11 Aug 2021 07:45 PM PDT शिक्षक भर्ती की मांग कर रहे अभ्यर्थी पानी की टंकी पर चढ़े, पद बढ़ाने की मांग पर अड़े शिक्षा विभाग में रिक्त सभी पदों की भर्ती किए जाने को लेकर अभ्यर्थियों का प्रदर्शन बुधवार को भी जारी रहा। बुधवार को प्रदर्शन कम ड्रामा ज्यादा देखने को मिला। अभ्यर्थी एससीईआरटी कार्यालय स्थित पानी की टंकी पर चढ़ गए और दौरान नौकरी की मांग करने लगे। मौके पर पहुंची पुलिस ने अभ्यर्थियों को काफी समझाने का प्रयास किया, मगर उन्होंने किसी की एक न सुनी। सुबह 11 बजे शुरू हुआ प्रकरण दोपहर तक जारी रहा। इससे पहले मंगलवार को अभ्यर्थियों ने पहले शिक्षा निदेशालय का फिर भाजपा कार्यालय का घेराव करने का प्रयास किया था। मगर भाजपा कार्यालय के पास पहुंचने से पहले पुलिस ने उन्हें रोक लिया। विरोध के दौरान महिला अभ्यर्थी सड़क पर लेट गईं थी और नौकरी की मांग को लेकर नारेबाजी करने लगीं थीं। अभ्यर्थियों का कहना था कि न्यायालय ने 1.37 लाख पदों को दो भर्ती प्रक्रिया के तहत भरने का आदेश दिया था, ऐसे में शेष पद अगली भर्ती में क्यों? अभ्यर्थियों का यह भी कहना थ कि सरकार के अनुसार प्रदेश में करीब ढाई लाख पद खाली हैं, इनमें 22 हजार खाली पदों के अलावा भी तमाम पद ऐसे हैं जिन पर सरकार भर्ती कर सकती है। इसके अलावा बहुत से बीएड अभ्यर्थियों के पास यह अंतिम मौका था, क्योंकि उम्र के कारण बीएड के लिए 2011 के बाद कोई भर्ती प्राइमरी में नहीं आई। बहुत से अथ्यर्थी 15 वर्ष पूर्व पढ़ रहे थे, उनके शैक्षिक ज्ञान और मौजूदा समय में पढ़े अभ्यर्थियों के शैक्षिक ज्ञान में काफी असमानता है, ऐसे में सरकार द्वारा प्रक्रिया के तहत तीन अंक देना कमजोर एकेडमिक वालों को भर्ती प्रक्रिया से बाहर कर देना। बता दें कि इससे पहले बेरोजगार युवक युवतियां काफी दिनों से राजधानी में जगह जगह प्रदर्शन कर रहे हैं। मंगलवार को इन्होंने शक्ति भवन के सामने प्रदर्शन किया। इससे पहले विधान भवन और भाजपा कार्यालय के आगे भी कई बार प्रदर्शन कर चुके हैं। अभ्यर्थियों की मांग है कि जब तक सरकार उनकी मांगे पूरी नहीं करेगी वे प्रदर्शन जारी रखेंगे। इससे पहले ओबीसी और एसई वर्ग के लोगों ने पिछले दिनों शिक्षा मंत्री सतीश द्विवेदी के घर का घेराव किया था। इसमें आरोप था कि 27 फीसदी ओबीसी आरक्षण के नियम को फॉलो नहीं किया गया है। इसमें छह लोगों का डेलीगेशन शिक्षा मंत्री से मिला भी था। |
| हाईस्कूल प्रमाणपत्र की जन्मतिथि ही आयु निर्धारण में मान्य : हाईकोर्ट Posted: 11 Aug 2021 07:33 PM PDT हाईस्कूल प्रमाणपत्र की जन्मतिथि ही आयु निर्धारण में मान्य : हाईकोर्ट प्रयागराज : इलाहाबाद हाई कोर्ट ने अपने महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि जन्मतिथि निर्धारित करने के लिए यदि हाईस्कूल प्रमाणपत्र उपलब्ध है तो आधार कार्ड, पैन कार्ड या मेडिको लीगल जांच रिपोर्ट पर विचार करने का प्रश्न नहीं उठता। यदि हाईस्कूल प्रमाणपत्र में दर्ज जन्मतिथि पर आपत्ति अथवा उसकी विश्वसनीयता पर सवाल है तो स्थानीय निकाय द्वारा जारी दस्तावेज मान्य होगा। यह न होने पर ही मेडिकल जांच रिपोर्ट स्वीकार की जा सकती है। आधार कार्ड व पैन कार्ड में दर्ज जन्मतिथि पर आयु निर्धारण निष्कर्षात्मक नहीं है। यह आदेश न्यायमूíत आरआर अग्रवाल ने मेरठ के अंकित व अन्य की याचिका पर दिया है। कोर्ट ने कहा कि आधार कार्ड, पैन कार्ड व मेडिकल जांच रिपोर्ट में आयु भिन्न होने से हाईस्कूल प्रमाणपत्र और याची पत्नी की मां के बयान पर अविश्वास नहीं किया जा सकता। |
| यूपी बोर्ड 2022 की परीक्षा में ऑनलाइन होगा परीक्षा केंद्र का निर्धारण Posted: 11 Aug 2021 07:20 PM PDT यूपी बोर्ड 2022 की परीक्षा में ऑनलाइन होगा परीक्षा केंद्र का निर्धारण माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से यूपी बोर्ड 2022 की परीक्षा के लिए तैयारी शुरू हो गई है। इस पर परीक्षा केंद्रों के निर्धारण में पारदर्शिता बरतने के लिए ऑनलाइन केंद्र निर्धारण होगा। इसके लिए माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव दिव्यकांत शुक्ल ने सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को पत्र लिखा है कि वह जिला स्तर पर गठित समिति से विद्यालयों में उपलब्ध सुविधाओं का सत्यापन कराने के पश्चात परिषद की वेबसाइट पर 25 अगस्त अपडेट करें। सचिव ने कहा है कि यूपी बोर्ड 2022 की परीक्षाओं के लिए केंद्र निर्धारण के तहत विद्यालयों की ओर से उपलब्ध मूलभूत सुविधा एवं भौतिक संसाधनों के बारे में सूचना दी गई है। विद्यालयों की ओर से दी गई जानकारी की जांच के लिए जिला स्तर पर एक समिति का गठन कर भौतिक सत्यापन कराया जाए। जांच समिति पप्रत्र में उल्लिखित बिंदुओं की पूरी तरह से जांच के बाद ही दर्ज करें। प्रपत्र की दो प्रति हो, जिसमें समिति के सदस्यों और प्रधानाचार्य के हस्ताक्षर हों। प्रपत्र की एक प्रति प्रधानाचार्य और दूसरी प्रति के आधार पर जिला विद्यालय निरीक्षक की ओर से विद्यालयों के भौतिक संसाधनों की सूचना परिषद की वेबसाइट पर अपलोड की जानी है। साथ ही अक्सर यह देखने में आता है कि केंद्र निर्धारण में विद्यालय के मध्य दूरी अधिक होती है। इससे निजात के लिए समिति अपने सामने ही परिषद द्वारा तैयार मोबाइल एप से विद्यालय प्रांगण से ही विद्यालयों की मैपिंग/ जिओ टैगिंग की सूचना प्रधानाचार्य से परिषद की वेबसाइट पर अपडेट कराएंगे। |
| UPTET 2020 : इस बार यूपीटीईटी के लिए रिकॉर्ड आवेदन आने की उम्मीद, जाने कब हो सकती है परीक्षा Posted: 11 Aug 2021 06:50 PM PDT UPTET 2020 : इस बार यूपीटीईटी के लिए रिकॉर्ड आवेदन आने की उम्मीद उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा 2020 तकरीबन दो साल बाद होने जा रही है। अक्टूबर में इस परीक्षा को आयोजित किए जाने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। इस बार यूपीटीईटी परीक्षा 2020 में काफी अधिक आवेदन आने की उम्मीद जताई जा रही है। कहा जा रहा है कि इस बार रिकॉर्ड 10 लाख से अधिक आवेदन का अनुमान है। इसके पीछे दो कारण हैं, पहला कि टीईटी परीक्षा दो साल बाद आयोजित की जा रही है। वहीं दूसरा कारण यह है कि प्रदेश सरकार ने टीईटी की वैधता पांच साल से बढ़ाकर आजीवन कर दिया है। 2019 की बात करें तो 8 जनवरी2019 को आयोजित हुई यूपीटीईटी परीक्षा में 16,34,249 से ज्यादा अभ्यर्थियों ने परीक्षा में भाग लिया था। UPTET 2020 : जानें सरकार कब कराएगी उत्तर प्रदेश टीईटी 2020 परीक्षा, 2020 की परीक्षा अब तक नहीं हो सकी पिछले साल कोरोना के कारण परीक्षा नहीं हो सकी। इसके बाद परीक्षा नियामक प्राधिकारी ने अगस्त 2020 में शासन को 15 फरवरी के बाद परीक्षा कराने प्रस्ताव भेजा था। शासन ने 16 मार्च को अधिसूचना जारी कर 18 मई से आवेदन लेने की अनुमति दे दी। लेकिन दूसरी लहर के कारण आवेदन नहीं लिए जा सके। |
| Posted: 11 Aug 2021 06:41 PM PDT सरकारी प्राइमरी स्कूलों में बच्चों की संख्या के फर्जीवाड़े पर विभाग एलर्ट, पायलट प्रोजेक्ट की सफलता के बाद सभी 75 जिलों में आधार प्रमाणीकरण लागू करने की तैयारी सरकारी व सहायता प्राप्त स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की संख्या को लेकर होने वाला फर्जीवाड़ा बंद होगा। बेसिक शिक्षा विभाग अब पूरे प्रदेश में अपने विद्यार्थियों का आधार प्रमाणीकरण कराने जा रहा है। लखनऊ मण्डल में हुए पायलट प्रोजेक्ट की सफलता के बाद अब सभी 75 जिलों में इसे लागू किया जा रहा है। प्रदेश में कक्षा एक से आठ तक 1.80 करोड़ विद्यार्थी सरकारी व सहायताप्राप्त प्राइमरी-जूनियर स्कूलों में पढ़ते हैं। 40 हजार से ज्यादा डुप्लीकेट विद्यार्थी मिले लखनऊ मण्डल में प्रमाणीकरण के दौरान 40,636 डुप्लीकेट विद्यार्थी मिले हैं, जिनका दो या इससे ज्यादा स्कूलों में नामांकन हैं। अब इनका नामांकन केवल एक स्कूल में रखने और इस आधार पर प्रेरणा पोर्टल का डाटाबेस सही कराया जा रहा है। आधार कार्ड और स्कूल में दर्ज नाम-पते को भी एक जैसा करने के निर्देश हैं। पूरे प्रदेश में इसे लागू करने के लिए श्रीटॉन इण्डिया ने प्रस्ताव मांगे गए हैं। एमओयू साइन होने के अंदर छह महीने में कंपनी को काम पूरा करना होना। जिन बच्चों की आधार संख्या है, उनका सत्यापन किया जाएगा। यदि आधार कार्ड नहीं है उनका आधार बनवा कर उन्हें डाटाबेस में शामिल किया जाएगा। प्रेरणा पेार्टल के मुताबिक प्रदेश में 40 लाख ऐसे बच्चे हैं, जिनका आधार कार्ड नहीं है। फर्जी संख्या पर कसेगी नकेल आधार संख्या के होने से वास्तविक विद्यार्थियों की संख्या का पता चल पाएगा। अभी भले ही 1.80 करोड़ बच्चे नामांकित हों लेकिन मिड डे मील खाने वाले केवल 55 से 60 फीसदी विद्यार्थी ही होते हैं। नामांकन बढ़ाने के लिए एक ही बच्चे का नामांकन कई स्कूलों में कर दिया जाता है। सरकार द्वारा निशुल्क यूनिफार्म, जूता-मोजा, स्वेटर, स्कूल बैग, पाठ्यपुस्तक आदि नामांकित विद्यार्थियों की संख्या के हिसाब से दिया जाता है। इस फर्जीवाड़े पर आधार प्रमाणीकरण से निजात मिलेगी। क्या होता है आधार प्रमाणीकरण इस प्रक्रिया में आधार संख्या के साथ जनसांख्यिकीय (जैसे नाम, जन्म तिथि , लिंग आदि) ब्यौरे व व्यक्ति की बायोमीट्रिक सूचना (फ़िंगरप्रिंट या आइरिस) का सत्यापन यूआईडीएआई से किया जाता है। |
| Posted: 11 Aug 2021 06:27 PM PDT JNV Class 11 Admission 2021: नवोदय विद्यालय समिति ने कक्षा 11 में छात्रों के प्रवेश के लिए विज्ञप्ति की जारी। JNV Class 11 Admission 2021: नवोदय विद्यालयों में कक्षा 11 में दाखिले के लिए आवेदन शुरू, 10वीं के अंकों के आधार पर मिलेगा एडमिशन जवाहर नवोदय विद्यालयों (जेएनवी) में शैक्षणिक वर्ष 2021-22 के लिए कक्षा 11 दाखिले के लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो गयी है। नवोदय विद्यालय समिति (एनवीएस) द्वारा कक्षा 11 में दाखिले के लिए आवेदन की प्रक्रिया वेबसाइट nvsadmissionclasseleven.in पर शुरू की गयी है। नवोदय विद्यालयों में कक्षा 11 में दाखिले के लिए आवेदन शुरू, 10वीं के अंकों के आधार पर मिलेगा एडमिशनआवेदन की आखिरी तारीख 26 अगस्त 2021 निर्धारित की गयी है। नई दिल्ली । JNV Class 11 Admission 2021: देश भर के जवाहर नवोदय विद्यालयों (जेएनवी) में शैक्षणिक वर्ष 2021-22 के लिए कक्षा 11 दाखिले के लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो गयी है। जेएनवी का प्रबंधन करने वाली बॉडी नवोदय विद्यालय समिति (एनवीएस) द्वारा कक्षा 11 में दाखिले के लिए आवेदन की प्रक्रिया इस उद्देश्य के लिए बनायी गयी विशेष वेबसाइट, nvsadmissionclasseleven.in पर शुरू की गयी है। जो भी पैरेंट्स अपने बच्चों का दाखिला नवोदय विद्यालयों में कराना चाहते हैं, वे एनवीएस क्लास 11 एडमिशन पोर्टल पर उपलब्ध कराये गये ऑनलाइन फॉर्म को भर सकते हैं। आवेदन की आखिरी तारीख 26 अगस्त 2021 निर्धारित की गयी है। पैरेंट्स को ध्यान देना चाहिए कि नवोदय विद्यालयों में स्टूडेंट्स का दाखिला सिर्फ रिक्त सीटों के लिए ही किया जाएगा। 10वीं के अंकों के आधार पर मिलेगा एडमिशन एनवीएस क्लास 11 एडमिशन 2021 के लिए जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, स्टूडेंट्स को दाखिला उनके कक्षा 10 के अंकों के आधार पर दिया जाएगा। स्टूडेंट्स के मैट्रिक के अंकों के आधार पर आवेदित जिले के विद्यालयों में कक्षा 11 में रिक्त सीटों के लिए जिलेवार मेरिट लिस्ट तैयार की जाएगी और इसी के अनुसार, दाखिला दिया जाएगा। साथ ही, इसके बाद रिक्त सीटों के लिए राज्य स्तर पर तैयार की गयी मेरिट लिस्ट के अनुसार, दाखिला दिया जाएगा। वहीं, जिन राज्यों ग्रेड दिये जाते हैं, वहां के लिए एनवीएस द्वारा सम्बन्धित बोर्ड से मार्क्स की जानकारी मांगी जाएगी। 600 रूपये का मासिक शुल्क नवोदय विद्यालयों में शिक्षा, ड्रेस, किताबें आदि के साथ-साथ छात्रावास व भोजन नि:शुल्क दिया जाता है। इनके अतिरिक्त, एनवीएस द्वारा कक्षा 11 में दाखिले के लिए जारी नोटिफिकेशन के अनुसार प्रवेश के बाद प्रत्येक स्टूडेंट से 600 रुपये प्रतिमाह का शुल्क विद्यालय विकास निधि के लिए लिया जाएगा। हालांकि, एससी/एसटी, बीपीएल, सभी छात्राओं से यह शुल्क नहीं लिया जाएगा। सरकारी कर्मचारियों के मामले में छूट प्राप्त कैटेगरी के स्टूडेंट्स को छोड़कर विद्यालय विकास निधि शुल्क 1500 रुपये प्रतिमाह प्रति छात्र लिया जाएगा। |
| Posted: 11 Aug 2021 04:09 PM PDT CBSE Exams 2021: सीबीएसई ने रेग्यूलर और प्राइवेट स्टूडेंट्स के लिए जारी किया जरूरी नोटिफिकेशन, करें चेक CBSE Exams 2021 सीबीएसई कक्षा 10 12वीं की इम्प्रूवमेंट कंपार्टमेंट और पत्राचार की परीक्षाएं 25 अगस्त से शुरू होंगी। इसके अनुसार कक्षा 10 की परीक्षाएं 8 सितंबर तक जारी रहेंगी और कक्षा 12 की परीक्षाएं 15 सितंबर तक चलेंगी। CBSE Exams 2021: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (Central Board of Secondary Education, CBSE) ने 10वीं और 12वीं कक्षा के लिए कंपार्टमेंट और इम्प्रूवमेंट परीक्षा के संबंध में एक महत्वपूर्ण नोटिस जारी किया है। बोर्ड ने 25 अगस्त से आयोजित होने वाली इन परीक्षाओं में शामिल होने जा रहे रेग्यूलर और नियमित छात्र-छात्राओं के लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन में कहा है कि, बोर्ड ने उन छात्रों की कैटेगिरी जारी कर दी हैं, जो इस साल देश में कंपार्टमेंट या इम्प्रूवमेंट परीक्षा में बैठने के योग्य हैं। ऐसे में परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन करने वाले छात्र-छात्राएं सीबीएसई बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर लॉगइन करने के बाद डिटेल्ड नोटिफिकेशन को चेक कर सकते हैं। बता दें कि सीबीएसई कक्षा 10, 12वीं की इम्प्रूवमेंट, कंपार्टमेंट, और पत्राचार की परीक्षाएं 25 अगस्त से शुरू होंगी। इसके अनुसार, कक्षा 10 की परीक्षाएं 8 सितंबर तक जारी रहेंगी और कक्षा 12 की परीक्षाएं 15 सितंबर तक चलेंगी। यह परीक्षाएं ऑफलाइन आयोजित की जाएगी। वहीं कक्षा 10 के अधिकांश पेपर 10:30 से 1:30 बजे के बीच तीन घंटे के लिए आयोजित किए जाएंगे। वहीं सूचना प्रौद्योगिकी और कंप्यूटर एप्लीकेशन जैसे विषयों के लिए परीक्षा दो घंटे के लिए आयोजित की जाएगी। इसके अलावा कक्षा 12 के सभी पेपर तीन घंटे के लिए सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक आयोजित किए जाएंगे। कक्षा 10, 12वीं के वे रेग्यूलर स्टूडेंट्स जिन्हें सीबीएसई रिजल्ट में पास किया गया है, लेकिन वे अपने मूल्यांकन से संतुष्ट नहीं हैं, वे परीक्षा में शामिल हो सकते हैं। बता दें कि सीबीएसई 10वीं और 12वीं की ऑफलाइन परीक्षा 2021 के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया10 अगस्त 2021 से शुरू हो गई है। गौरतलब है कि इस बार मार्च के अंतिम सप्ताह में आई कोविड-19 संक्रमण की दूसरी लहर के चलते सीबीएसई बोर्ड को 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं को कैंसिल करना पड़ा था। इसके बाद वैकल्पिक मूल्यांकन मानंदड के आधार पर रिजल्ट की घोषणा की गई है। |
| Posted: 11 Aug 2021 05:29 AM PDT |
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