प्राइमरी का मास्टर ● इन |
- परीक्षा के दिन ही मिलेगा परिणाम, लांच होगा सरल एप, परिषदीय स्कूलों के कक्षा तीन तक के बच्चों का होगा आकलन, गोरखपुर से होगी शुरुआत
- आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की प्रोत्साहन राशि के मानकों में बदलाव
- अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों लिपिक श्रेणी/शिक्षणेत्तर पदों पर चयन हेतु चयन प्रक्रिया का निर्धारण, देखें विस्तृत दिशा-निर्देश व शासनादेश।
- सीबीएसई बोर्ड परीक्षा 2021 : मुख्य विषयों की बोर्ड परीक्षाएं अगले सप्ताह से, तैयारियां पूरी
- हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा फार्म भरने की तिथि 15 दिसंबर तक फिर बढ़ी
- पुरानी पेंशन और भत्ते बहाल करे यूपी सरकार, पांच दिसंबर तक मांगे पूरी न होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
- मृतक शिक्षकों के आश्रितों को अब लिपिक के रूप में मिल सकेगी अनुकंपा नियुक्ति, बेसिक शिक्षा विभाग ने कैबिनेट के लिए प्रस्ताव भेजा
- आजादी का अमृत महोत्सव के अंग के रूप में 26 नवंबर को संविधान दिवस कार्यक्रम मनाए जाने के संबंध में माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने दिया आदेश, देखें
- चुनाव से पहले योगी सरकार संविदा कर्मियों के मानदेय में वृद्धि, जानिए आंगनबाड़ी, शिक्षामित्रों एवं अनुदेशकों का कितना बढ़ सकता है मानदेय
- UPTET : परीक्षा केंद्रों पर नहीं ले जा सकते स्मार्टफोन, लाइव सीसीटीवी के माध्यम से नजर जाएगी रखी
- अध्यापकों से BLO ड्यूटी कराने के मामले की सुनवाई करेगी विशेष न्यायपीठ
- अटेवा का दावा : पुरानी पेंशन पर सकारात्मक परिणाम का मिला आश्वासन, मुख्यमंत्री लेंगे अंतिम निर्णय
- अर्धवार्षिक परीक्षा की लिखित /प्रयोगात्मक परीक्षाओं के प्राप्तांक परिषद की वेबसाइट पर अपलोड कराने के सम्बन्ध में माध्यमिक शिक्षा परिषद का आदेश जारी
- यूपी बोर्ड : कॉलम के बाहर नहीं लिखें नाम, सही जवाब के गोले को पूरा भरें, जानें OMR सीट भरने का सही तरीका
| Posted: 26 Nov 2021 05:59 PM PST परीक्षा के दिन ही मिलेगा परिणाम, लांच होगा सरल एप, परिषदीय स्कूलों के कक्षा तीन तक के बच्चों का होगा आकलन, गोरखपुर से होगी शुरुआत गोरखपुर : परिषदीय स्कूलों में विद्यार्थियों की योग्यता के आकलन के लिए जिस दिन परीक्षा होगी, उसी दिन शाम तक परिणाम भी आ जाएगा। यह संभव होगा सरल एप के जरिये, जिसकी लांचिंग आज होगी। इसके परीक्षण के लिए पायलट प्रोजेक्ट के तहत गोरखपुर को चुना गया है, जहां 27 दिसंबर को कक्षा एक से तीन तक के बच्चों की परीक्षा लेकर इस एप के जरिये उनका योग्यता का आकलन किया जाएगा। गोरखपुर में प्रयोग सफल होने के बाद इसे पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा। एप का इस्तेमाल शैक्षिक मूल्यांकन परीक्षा यानी सैट (स्टूडेंट असेसमेंट टेस्ट) में किया जाएगा। सैट में लर्निंग आउटकम के लिए विद्यार्थियों से निर्धारित प्रेरणा सूची पर आधारित प्रश्न पूछे जाते हैं। शनिवार को भाषा तथा गणित विषय को लेकर बच्चों का आकलन किया जाएगा। मूल्यांकन के जरिये यह जानकारी हो सकेगी की किस कक्षा के किस विषय में बच्चे का कौन सा पक्ष (बोलने, लिखने या समझने) कमजोर है और उसे दूर करने के लिए अतिरिक्त शिक्षक व शिक्षण सामग्री की व्यवस्था की जाएगी। अगले माह से यह प्रक्रिया नियमित अपनाई जाएगी। ऐसे काम करेगा सरल एप सरल एंड्रायड आधारित एप है। इसके माध्यम से शिक्षक ओएमआर शीट को स्कैन कर पाएंगे। विद्यार्थियों के अधिगम स्तर को जानने के लिए कक्षा एक से तीन के बच्चों का आकलन लिया जाएगा, जिसका परिणाम ओएमआर शीट में शिक्षक भरेंगे। स्कैनिंग के बाद जिला मुख्यालय तक जानकारी पहुंच जाएगी और वह परिणाम घोषित कर देगा। बच्चों की योग्यता के आकलन के लिए प्रत्येक बच्चे के हिसाब से स्कूलों को ओएमआर शीट उपलब्ध करा दी गई है। आकलन के दौरान शिक्षक बच्चों से प्रश्न पूछेंगे और मिला उत्तर शीट में भरेंगे। इसके बाद परिणाम घोषित किया जाएगा। कोरोनाकाल में बच्चे करीब दो वर्ष तक विद्यालय से दूर रहे हैं, जिससे उनकी पढ़ाई का नुकसान हुआ है। नुकसान किन-किन विषयों में हुआ है, यह पता लगाने के लिए यह मूल्यांकन किया जा रहा है। - विवेक जायसवाल, जिला समन्वयक, प्रशिक्षण |
| आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की प्रोत्साहन राशि के मानकों में बदलाव Posted: 26 Nov 2021 06:02 PM PST आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की प्रोत्साहन राशि के मानकों में बदलाव राज्य सरकार ने पोषण अभियान के तहत आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं के लिए मासिक प्रोत्साहन राशि के मानक नवंबर से बदल दिए हैं। कार्यकत्रियों को 500, सहायिकाओं को 250 रुपए दिए जाएंगे। बाल विकास पुष्टाहार विभाग की विशेष सचिव गरिमा यादव ने आदेश जारी कर दिया है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को हर माह केंद्रों में पंजीकृत 6 वर्ष तक के 80 फीसदी बच्चों के वजन, कम वजन, सैम, मैम आदि बच्चों का मापन का लक्ष्य रखा गया है। सहायिकाओं के लिए हर माह 21 दिन केंद्र खोलने का लक्ष्य है। पहले तय मानकों के आधार पर आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को 1500,सहायिकाओं को 750 रुपये प्रोत्साहन राशि दी गई है। |
| Posted: 26 Nov 2021 05:38 PM PST लिपिक भर्ती : एडेड माध्यमिक स्कूलों में चयन प्रक्रिया निर्धारित, आदेश जारी अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों लिपिक श्रेणी/शिक्षणेत्तर पदों पर चयन हेतु चयन प्रक्रिया का निर्धारण, देखें विस्तृत दिशा-निर्देश व शासनादेश। एडेड माध्यमिक स्कूलों में लिपिकों की चयन प्रक्रिया का निर्धारण कर दिया गया है। चयन में पीईटी में न्यूनतम 50 पर्सेंटाइल स्कोर पाने वाले अभ्यर्थी पात्र होंगे। 20 नंबर का साक्षात्कार और 80 नंबर पीईटी परीक्षा के पर्सेंटाइल स्कोर से मेरिट बनाई जाएगी। माध्यमिक शिक्षा विभाग की अपर मुख्य सचिव आराधना शुक्ला ने आदेश जारी कर दिया है। पीईटी परीक्षा के बाद शार्टलिस्ट युवाओं की टंकण परीक्षा होगी, ये केवल पात्रता परीक्षा होगी। पीईटी में सर्वाधिक पर्सेंटाइल पाने वाले 10 अभ्यर्थियों को पहले टंकण परीक्षा के लिए बुलाया जाएगा। चयन समिति अध्यक्ष संबंधित स्कूल प्रबंधक या प्रबंध तंत्र द्वारा नामित व्यक्ति होगा। डीआईओएस, जिला सेवायोजन अधिकारी, राजकीय औद्योगिक संस्थान के प्रधानाचार्य सदस्य होंगे। सदस्यों में एससी, एसटी या ओबीसी वर्ग के प्रतिनिधि न होने पर जिलाधिकारी द्वारा प्रतिनिधित्व के लिए अधिकारी को नामित किया जाएगा। प्रबंधतंत्र रिक्तियों की सूचना डीआईओएस को देंगे। डीआईओएस सत्यापन कर प्रस्ताव माध्यमिक शिक्षा निदेशक को भेजेंगे। निदेशक के आदेश के बाद डीआईओएस विज्ञापन निकालेंगे। अभ्यर्थी आवेदन पत्र संबंधित स्कूल को रजिस्टर्ड डाक से भेजेंगे। 18 से 40 वर्ष की आयुसीमा वाले आवेदन कर सकेंगे। अभी तक प्रबंध तंत्र जिसे चाहते थे उसे भर्ती कर लेते थे। इसके लिए तय प्रक्रिया में अब तक सरकार का कोई दखल नहीं था। |
| सीबीएसई बोर्ड परीक्षा 2021 : मुख्य विषयों की बोर्ड परीक्षाएं अगले सप्ताह से, तैयारियां पूरी Posted: 26 Nov 2021 04:54 PM PST सीबीएसई बोर्ड परीक्षा 2021 : मुख्य विषयों की बोर्ड परीक्षाएं अगले सप्ताह से, तैयारियां पूरी CBSE Main Exam 2021: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की 10वीं और 12वीं की मुख्य परीक्षाएं अगले सप्ताह से शुरू होने वाली हैं। 10वीं कक्षा के छात्रों के मुख्य विषयों की परीक्षाएं 30 नवंबर से 11 दिसंबर 2021 तक चलेंगी जबकि 12वीं कक्षा के छात्रों की मुख्य विषयों की परीक्षाएं एक दिसंबर से 22 दिसंबर तक चलेंगी। वहीं प्रयोगात्मक परीक्षाएं 30 नवंबर से 23 दिसंबर के बीच आयोजित होंगी। सीबीएसई की 10वीं और 12वीं की टर्म 1 बोर्ड परीक्षा पहले ही शुरू हो चुकी है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि प्रत्येक स्कूल में एक कक्ष में 12 छात्र ही परीक्षा दे सकेंगे। सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक डा.संयम भारद्वाज ने बताया कि 10वीं में लगभग 23 लाख तथा 12वीं में लगभग 14 लाख विद्यार्थी परीक्षा के लिए नामांकित हैं। परीक्षा सुचारू रूप से और बाधा रहित हो इसके लिए बोर्ड ने एक तरफ जहां छात्रों का ओएमआर पर परीक्षा देने के लिए मॉक टेस्ट आयोजित किया है वहीं दूसरी तरफ स्कूल प्रबंधन को शामिल करते हुए मॉक ड्रिल का भी आयोजन किया गया था। बोर्ड ने कोविड-19 से उपजी स्थिति को देखते हुए कक्षाओं में परीक्षा के दौरान सामाजिक दूरी के पालन कराने का निर्णय लिया है। यह भी निर्देश दिया है कि एक कक्ष में केवल 12 विद्यार्थी ही परीक्षा देंगे। परीक्षा केंद्रों को सेनेटाइज करने और निर्धारित नियमों का पालन करने का भी निर्देश स्कूलों को दिया गया है। माइनर विषयों में कम संख्या में छात्र होते हैं जबकि मुख्य विषयों में अधिक छात्र होते हैं इसलिए स्कूल प्रशासन भी मुख्य परीक्षा के लिए अपने यहां पूरी तरह से प्रबंध कर रहे हैं। प्रयोगात्मक परीक्षा कराएंगे स्कूल स्कूलों में आयोजित होने वाली बोर्ड परीक्षा के तहत आयोजित प्रयोगात्मक परीक्षा में स्कूल के शिक्षक ही वहां होने वाली परीक्षा में पर्यवेक्षक होंगे। इसके अलावा बोर्ड द्वारा भी मुख्य परीक्षाओं में पर्यवेक्षक निर्धारित किए गए हैं। यह परीक्षाएं स्कूल स्वयं कराएगा। कोविड को देखते हुए बढ़ाई परीक्षा केंद्रों की संख्या डा.संयम भारद्वाज ने बताया कि छात्रों के लिए परीक्षा केंद्र बढ़ाए गए हैं। सीबीएसई से लगभग 26 हजार स्कूल संबद्ध हैं। इसमें से लगभग 14 हजार स्कूलों में परीक्षा केंद्र बनाया गया है। पहले यह संख्या आधे से भी कम थी। कोविड-19 से उपजी स्थिति को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि माइनर विषयों के होने वाले परीक्षा का फीडबैक काफी सकारात्मक रहा। स्कूल काफी मेहनत कर रहे हैं। यह पूछे जाने पर कि क्यों निजी स्कूलों में सेल्फ सेंटर है जबकि सरकारी स्कूलों में ऐसा नहीं है? उनका कहना था कि सभी निजी स्कूलों में परीक्षा केंद्र नहीं बनाया गया है जहां बेहतर सुविधा थी और छात्रों की संख्या अधिक थी वहीं पर ऐसा किया गया है। |
| हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा फार्म भरने की तिथि 15 दिसंबर तक फिर बढ़ी Posted: 26 Nov 2021 04:41 PM PST हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा फार्म भरने की तिथि 15 दिसंबर तक फिर बढ़ी उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने यूपी बोर्ड परीक्षा 2022 के लिए ऑनलाइन परीक्षा फार्म भरने की तिथि एक बार फिर बढ़ा दी है। अब दसवीं और बारहवीं के विद्यार्थी 15 दिसंबर तक परीक्षा फार्म भर सकते हैं। साथ ही 9वीं और 11वीं के विद्यार्थियों के अग्रिम पंजीकरण की अंतिम तिथि 15 दिसंबर है। यूपी बोर्ड परीक्षा 2022 में 10वीं और 12 वीं के अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा फार्म भरने की तिथि माध्यमिक शिक्षा परिषद ने चौथी बार बढ़ाई है। माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव के मुताबिक कक्षा दस एवं बारह के संस्थागत/ व्यक्तिगत परीक्षार्थियों के प्रवेश/परीक्षा शुल्क प्राप्त करने और ऑनलाइन आवेदन पत्र भरने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 20 दिसंबर कर दी गई है। संस्था के प्रधान द्वारा विद्यार्थियों से प्राप्त परीक्षा शुल्क को सौ रुपये प्रति छात्र विलंब शुल्क के साथ मुश्त चालान के माध्यम से कोषागार में जमा करने और विद्यार्थियों के शैक्षिक विवरण को परिषद की वेबसाइट पर अपलोड करने की अंतिम तिथि 15 दिसंबर है। ऑनलाइन अपलोड विवरणों में संस्था प्रधान 16 दिसंबर तक संशोधन कर सकते हैं। संस्था के प्रधान द्वारा पंजीकृत अभ्यर्थियों की फोटोयुक्त नामावली एवं तत्संबंधी कोष पत्र की एक प्रति परिषद के क्षेत्रीय कार्यालय को भेजे जाने की अंतिम तिथि 23 दिसंबर है। साथ ही यूपी बोर्ड की वर्ष 2021 की परीक्षा में प्रोन्नत सभी श्रेणियों के छात्र वर्ष 2022 की परीक्षा में नि:शुल्क बैठ सकते हैं। ऐसे अभ्यर्थी भी 15 दिसंबर परीक्षा फार्म भर सकते हैं। केवल यूपी बोर्ड वर्ष 2021 की अंकसुधार परीक्षा में उत्तीर्ण अभ्यर्थी इसके लिए आवेदन नहीं कर सकते हैं। |
| Posted: 26 Nov 2021 02:13 AM PST पुरानी पेंशन और भत्ते बहाल करे यूपी सरकार, पांच दिसंबर तक मांगे पूरी न होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी लखनऊ। पुरानी पेंशन व भत्ते बहाल करने की मांग को लेकर बृहस्पतिवार को राज्य कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने पांच दिसंबर तक मांगे पूरी न होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी है। डीएम आवास के सामने स्थित बीएन सिंह प्रतिमा के समक्ष प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे संयुक्त संघर्ष संचालन समिति के प्रदेश अध्यक्ष एसपी तिवारी ने कहा कि सरकार ने न तो पुरानी पेंशन बहाली पर कोई निर्णय लिया और न ही भत्ते बहाल किए। समस्याओं के निस्तारण के बजाय सरकार कमेटी गठित कर टालने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि पांच दिसंबर तक मांगे पूरी न हुई तो गांधी भवन में होने वाले महासम्मेलन में अनिश्चितकालीन हड़ताल का निर्णय लिया जाएगा। महासचिव आरके निगम ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए निजीकरण पर रोक लगाने की मांग की। प्रदर्शन में प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुशील पांडेय, संयुक्त संयोजक विनय कुमार सिंह, कोषाध्यक्ष एससी श्रीवास्तव समेत बड़ी संख्या में कर्मचारी शामिल हुए। |
| Posted: 25 Nov 2021 04:53 PM PST मृतक शिक्षकों के आश्रितों को अब लिपिक के रूप में मिल सकेगी अनुकंपा नियुक्ति, बेसिक शिक्षा विभाग ने कैबिनेट के लिए प्रस्ताव भेजा पंचायत चुनाव में कोरोना संक्रमित होने से जान गंवाने वाले परिषदीय शिक्षकों के आश्रितों को जल्द ही लिपिक पद पर नियुक्ति मिलेगी। बेसिक शिक्षा विभाग ने नियमावली में संशोधन के लिए प्रस्ताव कैबिनेट मंजूरी के लिए भेज दिया है। मार्च-अप्रैल में पंचायत चुनाव के दौरान एक हजार से अधिक परिषदीय शिक्षकों की चुनाव ड्यूटी के दौरान संक्रमित होने से मृत्यु हुई थी। बेसिक शिक्षा विभाग में वर्तमान में मृतक शिक्षक के आश्रितों को चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद पर ही नियुक्ति का प्रावधान है। जबकि विभाग ने दो साल पहले मृतक शिक्षक के आश्रित को भी लिपिक के पद पर नियुक्ति देने की घोषणा की थी। विभाग की घोषणा के चलते कोरोना से जान गंवाने वाले शिक्षकों के आश्रितों ने अभी तक अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन नहीं किया है। वहीं अन्य कारणों से दिवंगत हुए परिषदीय शिक्षकों के आश्रित भी छह महीने से नियमावली में संशोधन का इंतजार कर रहे हैं ताकि उन्हें भी लिपिक के पद पर नियुक्ति मिल सके। सूत्रों के मुताबिक करीब एक हजार से अधिक मृतक शिक्षकों के आश्रितों को नियुक्ति का इंतजार है। विभाग ने अब नियमावली में संशोधन का प्रस्ताव कैबिनेट के लिए भेज दिया है। आगामी दिनों में कैबिनेट की मंजूरी के बाद मृतक शिक्षकों के आश्रितों को लिपिक पद पर नौकरी का रास्ता साफ हो जाएगा। विभाग का प्रयास है कि दिसंबर तक प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी मिल जाए ताकि चुनाव से पहले आश्रितों को नौकरी का तोहफा मिल सके। शिक्षित युवाओं को योग्यता के अनुसार नियुक्ति मिले उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष दिनेश चंद्र शर्मा का कहना है कि सरकार को इस संबंध में जल्द निर्णय करना चाहिए। उनका कहना है कि मृतक शिक्षकों के आश्रित बच्चे स्नातक, स्नातकोत्तर की शिक्षा के साथ लॉ, बीबीए, एमबीए जैसी डिग्री प्राप्त है उन्हें चपरासी पद पर अनुकंपा की नियुक्ति मिलेगी तो उनकी योग्यता का अपमान होगा। मृतक आश्रित शिक्षकों को लिपिक पद पर अनुकंपा नियुक्ति देने का प्रस्ताव कैबिनेट के लिए भेजा है। कैबिनेट के निर्णय के बाद ही आगे की कार्यवाही होगी। - सतीश चंद्र द्विवेदी, बेसिक शिक्षा मंत्री |
| Posted: 25 Nov 2021 04:48 PM PST |
| Posted: 25 Nov 2021 04:33 PM PST चुनाव से पहले योगी सरकार संविदा कर्मियों के मानदेय में वृद्धि, जानिए आंगनबाड़ी, शिक्षामित्रों एवं अनुदेशकों का कितना बढ़ सकता है मानदेय उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव 2022 में फतेह हासिल करने के लिए योगी सरकार एक बार फिर तैयारियों में लगी हुई है। वोट बैंक को बटोरने का एक भी मौका हाथ से खोना नहीं चाहती है.योगी सरकार वोट बैंकों को लुभाने के लिए नई-नई रणनीतियां अपना रही है. इसी कड़ी में यूपी की योगी सरकार जल्द ही शिक्षामित्र, अनुदेशकों, आंगनबाड़ी और आशा कार्यकत्रियों के मानदेय में वृद्धि कर सकती हैं। बताया जा रहा है कि यह योगी सरकार के लिए मास्टर स्ट्रोक की तरह काम करेगा. इसे लेकर बुधवार को हुई बैठक में शिक्षा सहित कई विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। सूत्रों की मानें तो इस बैठक में अन्य राज्यों में इस तरह के संविदा कर्मियों समेत इनसे जुड़े अन्य बिन्दुओं पर चर्चा हुई है। हालांकि, अभी इस पर ठोस निर्णय नहीं हो सका है, लेकिन जल्द इस संबंध में फैसला होने की उम्मीद है. चुनाव से पहले यह फैसला योगी सरकार के लिए लाभदायक होगा ऐसा माना जा रहा है. खास बात यह है कि सरकार बजट में भी इसे लेकर प्रावधान कर चुकी है। आपको बता दें कि संविदा कर्मचारियों का अनुपूरक बजट में मानदेय वृद्धि का प्रस्ताव है अगर बजट से देखा जाए तो शिक्षामित्रों एवं अनुदेशकों सहित अन्य संविदा कर्मियों का मानदेय एक हजार रुपए तक बढ़ सकता है यह एक हजार हमारे द्वारा अनुपूरक बजट से जोड़ कर बताया गया है। फ़िलहाल शिक्षामित्रों एवं अनुदेशकों का कितना मानदेय बढ़ेगा इसकी सटीक सूचना किसी को नहीं है एंड मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार एक हजार वृद्धि हो सकती है लेकिन इसको लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। वोटरों को लुभाने में लगी सरकार चुनाव के नजदीक आते ही सभी राजनीतिक दल जोर आजमाइश में लगे हैं. कोई भी दल इस मौके को हाथ से जाने नहीं देना चाहता है. योगी सरकार भी वोट बैंक को खींचने में लगी है. युवा से लेकर हर वर्ग के लिए कुछ न कुछ योजनाएं ला रही है. चाहे वो मानदेय बढ़ाने का फैसला हो या कृषि कानून को वापस लेना का फैसला हो। |
| UPTET : परीक्षा केंद्रों पर नहीं ले जा सकते स्मार्टफोन, लाइव सीसीटीवी के माध्यम से नजर जाएगी रखी Posted: 25 Nov 2021 04:25 PM PST UPTET : परीक्षा केंद्रों पर नहीं ले जा सकते स्मार्टफोन, लाइव सीसीटीवी के माध्यम से नजर जाएगी रखी यूपी टीईटी 2021 की परीक्षा 28 नवंबर को प्रस्तावित है। इसे लेकर गुरुवार को प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा ने समस्त मंडल के कमिश्नर और जनपदों के जिलाधिकारी, प्रशासनिक अफसर, पुलिस आयुक्त, एसएसपी और जिला विद्यालय निरीक्षक के साथ वीडियो कांफ्रेसिंग की। परीक्षा से पहले जनपद वार तैयारियों की समीक्षा की। पहली बार परीक्षा केंद्रों पर लाइव सीसीटीवी के माध्यम से नजर रखी जाएगी। राज्य स्तर पर स्थापित नियंत्रण कक्ष से लगातार मॉनिटरिंग की जाएगी। परीक्षा केंद्र के अंदर मोबाइल फोन तथा अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पर पूर्णतया प्रतिबंध रहेगा। केवल केंद्र व्यवस्थापक और स्टैटिक मजिस्ट्रेट बिना कैमरे का कीपैड वाला ही फोन ले जा सकते हैं। लेकिन प्रश्नपत्र एवं ओएमआर पत्रक बंडल खोलने के दौरान किसी प्रकार का इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, कैमरा फोन आदि नहीं रहेगा। सोशल मीडिया के माध्यम से भ्रामक सूचना प्रसारित करने अथवा नकल का प्रयास करने वालों के विरुद्ध साइबर अपराध नियंत्रण कानून के सुसंगत प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। विदित हो कि टीईटी 28 नवंबर को दो पालियों 2554 केंद्रों पर प्राथमिक स्तर की परीक्षा होगी। दूसरी पाली में 1754 केंद्रों पर उच्च प्राथमिक स्तर की परीक्षा होगी। पहली में 12,91,628 और दूसरी पाली में 8,73,553 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे। UPTET परीक्षा केंद्रों पर लाइव सीसीटीवी सर्विलांस की व्यवस्था प्रयागराज : सूबे में शिक्षक पात्रता परीक्षा-2021 को नकलमुक्त बनाने के लिए विशेष तैयारी की गई है। पहली बार परीक्षा केंद्रों पर लाइव सीसीटीवी सर्विलांस की व्यवस्था की गई है। इसके जरिये केंद्र की हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी। इसके लिए प्रदेश स्तर पर कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है, जिससे किसी भी गड़बड़ी को रोका जासके। साथ ही केंद्रों पर होने वाली गतिविधियों की निगरानी के दौरान अगर किसी भी प्रकार की कोई गड़बड़ी मिलती है, तो कंट्रोल रूम से सीधे कार्रवाई के निर्देश भी दिए जाएंगे। परीक्षा केंद्रों पर किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रानिक उपकरण ले जाने पर रोक लगाई गई है। शिक्षक पात्रता परीक्षा-2021 प्रदेश के विभिन्न जिलों में 28 नवंबर को दो पालियों में आयोजित की जाएगी। प्राथमिक स्तर पर 12 लाख, 91 हजार, 628 अभ्यर्थियों के लिए 2554 केंद्र बनाए गए है। वहीं, उच्च प्राथमिक स्तर में 8 लाख, 73 हजार, 553 अभ्यर्थियों के लिए कुल 1747 केंद्र बने हैं। प्रथम पाली में प्राथमिक स्तर और दूसरी पाली में उच्च प्राथमिक स्तर के टीईटी का आयोजन किया जाएगा। परीक्षा को लेकर गुरुवार को प्रमुख सचिव बेसिक की अध्यक्षता में वीडियो कांफ्रेसिंग से अधिकारियों की समीक्षा बैठक हुई। इसमें सभी मंडलों के कमिश्नर, समस्त जिलाधिकारी, पुलिस कमिश्नर, एसएसपी, डीआइओएस व शिक्षा विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। |
| अध्यापकों से BLO ड्यूटी कराने के मामले की सुनवाई करेगी विशेष न्यायपीठ Posted: 24 Nov 2021 05:16 PM PST अध्यापकों से BLO ड्यूटी कराने के मामले की सुनवाई करेगी विशेष न्यायपीठ प्रयागराज : बेसिक स्कूलों के सहायक अध्यापकों से मतदाता सूची के सत्यापन का कार्य लिए जाने के खिलाफ दाखिल याचिकाओं व विशेष अपीलों की सुनवाई इलाहाबाद हाई कोर्ट की विशेष पीठ करेगी। यह आदेश मुख्य न्यायमूर्ति राजेश बिंदल व न्यायमूर्ति पीयूष अग्रवाल की खंडपीठ ने कमलेश यादव की विशेष अपील पर दिया है। अधिवक्ता अग्निहोत्री कुमार त्रिपाठी का कहना था कि हाई कोर्ट की एकल पीठ ने बीएलओ ड्यूटी लगाए जाने के खिलाफ याचिका खारिज कर दी है। वहीं, शिवशंकर सिंह केस में 16 अगस्त 2021 के आदेश से एकलपीठ ने बीएलओ ड्यूटी लगाने के आदेश पर रोक लगा दिया। दो न्यायपीठ के फैसले में भिन्नता है, उसका निराकरण किया जाय। इस संबंध में लखनऊ पीठ व इलाहाबाद प्रधानपीठ में लंबित कई विशेष अपीलों व याचिकाओं का हवाला दिया गया। अपर मुख्य स्थायी अधिवक्ता रामानंद पांडेय ने इसका विरोध करते हुए कहा कि एकलपीठ द्वारा याचिका खारिज करने का निर्णय सही है। कोर्ट ने बड़ी संख्या में लंबित याचिकाओं को देखते हुए सरकारी अधिवक्ता को इलाहाबाद हाईकोर्ट व लखनऊ खंडपीठ के सभी मुकदमों की सूची प्रस्तुत करने और साथ ही निदेशक बेसिक शिक्षा से जानकारी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। साथ ही कोर्ट ने कहा है कि यदि निदेशक मांगी गई सूचनाएं नहीं उपलब्ध कराते हैं या अपूर्ण जानकारी दी जाती हैं तो अदालत उनको व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार मानेगी। |
| अटेवा का दावा : पुरानी पेंशन पर सकारात्मक परिणाम का मिला आश्वासन, मुख्यमंत्री लेंगे अंतिम निर्णय Posted: 24 Nov 2021 05:02 PM PST अटेवा का दावा : पुरानी पेंशन पर सकारात्मक परिणाम का मिला आश्वासन, मुख्यमंत्री लेंगे अंतिम निर्णय लखनऊ । अटेवा पेंशन बचाओ मंच की प्रदेश अध्यक्ष विजय कुमार बन्ध के नेतृत्व में मंगलवार को अपर मुख्य सचिव कार्मिक देवेश चतर्वेदी के साथ बैठक हुई। बैठक में परानी पेंशन व निजीकरण जैसे महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा की गई। अटेवा प्रदेश अध्यक्ष विजय कमार बंधु ने बताया कि काफी विस्तार से परानी पेंशन पर कई तथ्य व तर्क रखे और जोर देकर कहा कि पुरानी पेंशन कर्मचारी की सामाजिक सुरक्षा है और जीने का सहारा है। उन्होंने बताया कि अपर मुख्य सचिव ने कहा कि वित्त विभाग उस पर काम कर रहा जल्द ही उसमे सकारात्मक परिणाम आएंगे। |
| Posted: 24 Nov 2021 05:22 PM PST अर्धवार्षिक परीक्षा की लिखित /प्रयोगात्मक परीक्षाओं के प्राप्तांक परिषद की वेबसाइट पर अपलोड कराने के सम्बन्ध में माध्यमिक शिक्षा परिषद का आदेश जारी। यूपी बोर्ड: अपलोड होंगे अर्धवार्षिक परीक्षा के प्राप्तांक प्रयागराज : कोरोना महामारी से शिक्षा व्यवस्था पर विपरीत प्रभाव पड़ा है। इसके चलते बड़े पैमाने पर बदलाव किए गए हैं। सीबीएसई व आइसीएससीई ने साल में दो बार बोर्ड परीक्षाएं शुरू दिया है। वहीं, यूपी बोर्ड (माध्यमिक शिक्षा परिषद) ने अर्धवार्षिक परीक्षाओं को कराने के साथ उसमें शामिल होने वाले छात्र-छात्रओं के प्राप्तांक को बोर्ड की वेबसाइट पर अपलोड करने का निर्णय लिया है। इसके मद्देनजर बुधवार को निर्देश जारी कर दिया। जिसके अनुसार, जिला विद्यालय निरीक्षकों को अर्धवार्षिक परीक्षा के प्राप्तांकों को वेबसाइट पर तीन दिसंबर तक अपलोड कराना है। यूपी बोर्ड ने बीते माह 9वीं से 12वीं तक के छात्र-छात्रओं की अर्धवार्षिक परीक्षाएं 20 नवंबर से कराने का निर्देश दिया था। इसके बाद स्कूलों में अर्धवार्षिक परीक्षाओं का आयोजन किया जा रहा है। यूपी बोर्ड के सचिव दिव्यकांत शुक्ल की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि अर्धवार्षिक परीक्षाओं के प्राप्तांक को बोर्ड पर अपलोड होने की मानिटरिंग सभी जिलों के डीआईओएस करें, इसके लिए डीआइओएस उत्तरदायी होंगे। |
| Posted: 24 Nov 2021 04:08 PM PST यूपी बोर्ड : कॉलम के बाहर नहीं लिखें नाम, सही जवाब के गोले को पूरा भरें, जानें OMR सीट भरने का सही तरीका -ओएमआर शीट पर जवाब भरने में गलतियां कर रहे छात्र -कक्षा नौ के छात्र ओएमआर शीट पर दे रहे अर्द्धवार्षिक परीक्षा अभी तक ओएमआर शीट पर प्रतियोगी छात्र परीक्षा देते आए हैं। अब सीबीएसई की हाईस्कूल और इंटर की टर्म वन बोर्ड परीक्षाओं के साथ ही यूपी बोर्ड के कक्षा नौ के छात्र ओएमआर शीट पर परीक्षा दे रहे हैं। यूपी बोर्ड के राजकीय, एडेड और प्राइवेट स्कूलों में कक्षा नौ की अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं शुरू हो चुकी हैं। ये छात्र सभी विषयों की परीक्षाएं ओएमआर शीट पर दे रहे हैं। लेकिन परीक्षा के बाद जब छात्रों की कॉपियां देखी गईं तो अधिकांश छात्र ओएमआर शीट पर जवाब भरने में गलती कर रहे हैं। सबसे ज्यादा गलती सही जवाब के विकल्प का गोला भरने में आ रही हैं। वहीं कुछ स्कूलों के छात्र जवाब में गोला भरने की जगह सही का टिक लगा दे रहे हैं। ये गलतियां छात्रों को मिलने वाले अंकों पर असर डालेंगी। वहीं यूपी बोर्ड हाईस्कूल और इंटर की बोर्ड परीक्षाओं में भी 20 अंक के वस्तुनिष्ठ प्रश्न के जवाब भी ओएमआर शीट पर ही देने होंगे। इसलिए ओएमआर पर जवाब भरने का अभ्यास बार-बार छात्र-छात्राओं को करना होगा। नाम और रोल नम्बर लिखने में गलती राजकीय जुबली इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य धीरेन्द्र मिश्र ने बताया कि यूपी बोर्ड कक्षा नौ के छात्र पहली बार ओएमआर शीट पर परीक्षा दे रहे हैं। इसलिए गलतियां हो रही हैं। एक बार की परीक्षा के बाद सुधार होगा। अभी छात्र मुख्य रूप से गोला भरने, नाम और रोल नम्बर कॉलम के बाहर लिखने जैसी गलतियां कर रहे हैं। छात्रों को ओएमआर पर अभ्यास ज्यादा से ज्यादा कराया जाएगा। इसके साथ ही जब छात्र को ओएमआर शीट मिले तो सबसे ऊपर दिए गए उदाहरण देखें कि कैसे नाम, रोल नम्बर, और जवाब भरे गए हैं। उसी आधार पर छात्र अपनी ओएमआर शीट भरें। सबसे जरूरी है कि जवाब के सही विकल्प को गोला नीले या काले पेन से पूरा भरें उसे आधा या सिर्फ टिक न करें। ऐसा करने में नम्बर कट जाएंगे। इन बातों का ध्यान रखें -ओएमआर शीट के ऊपर दिए गए उदाहरण को ध्यानपूर्वक देखें -नाम भरने के लिए बने बॉक्स में ही अक्षर लिखें -रोल नम्बर के अंक दिए गए कॉलम से बाहर नहीं लिखें -सही जवाब के विकल्प को काले या नीले पेन से पूरा भरना है -गोले में सही जवाब के विकल्प का टिक किसी भी दशा में नहीं लगाना है -सही जवाब के गोले को अधूरा या रिक्त नहीं छोड़े -सोशल साइट के माध्यम से भी देखें कि ओएमआर शीट कैसे भरते हैं |
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