प्राइमरी का मास्टर ● इन |
| यूपी : दिसंबर तक बंट जाएगी 55 लाख से अधिक छात्रों को छात्रवृत्ति Posted: 18 Nov 2021 06:08 PM PST यूपी : दिसंबर तक बंट जाएगी 55 लाख से अधिक छात्रों को छात्रवृत्ति लखनऊ : विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश सरकार दिसंबर तक करीब 55 लाख से अधिक गरीब छात्र-छात्रओं को छात्रवृत्ति प्रदान करेगी। समाज कल्याण विभाग छात्रवृत्ति वितरण की तैयारियों में जुट गया है। दूसरे चरण की छात्रवृत्ति वितरण कार्यक्रम 30 नवंबर को होगा, इसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करीब 15 लाख से अधिक छात्र-छात्रओं को छात्रवृत्ति प्रदान करेंगे। प्रदेश सरकार हर साल करीब 56 लाख से अधिक गरीब परिवारों के छात्र-छात्रओं को दशमोत्तर छात्रवृत्ति, शुल्क प्रतिपूर्ति एवं पूर्व दशम छात्रवृत्ति योजना का लाभ प्रदान करती है, इसमें सरकार करीब 4500 करोड़ रुपये खर्च करती है। हर साल छात्रवृत्ति वितरण कार्यक्रम दो अक्टूबर और 26 जनवरी को होता है। चूंकि अगले वर्ष विधानसभा चुनाव होने हैं इसलिए सरकार की कोशिश है कि इससे पहले सभी छात्र-छात्रओं को छात्रवृत्ति मिल जाए। सरकार इस साल दो अक्टूबर को पहले चरण की छात्रवृत्ति वितरित कर चुकी है। |
| Posted: 18 Nov 2021 05:11 PM PST लॉकडाउन के बाद सरकारी स्कूलों में सर्वाधिक छात्र यूपी में बढ़े यूपी के 58.7 फीसदी घरों में हैं स्मार्ट फोन, पर बच्चों को पढ़ाई के लिए फोन देने में हैं फिसड्डी लॉकडाउन के दौरान यूपी के सरकारी स्कूलों में बच्चों की संख्या में 13.2 फीसदी का इजाफा हुआ है। यह पूरे देश में सबसे ज्यादा है। वहीं लॉकडाउन में पढ़ाई करवाने के लिए बड़ी संख्या में अभिभावकों ने स्मार्ट फोन भी खरीदे हैं। 2018 में जहां 30.4 फीसदी अभिभावकों के पास स्मार्टफोन था वहीं अब यह संख्या बढ़ कर 58.9 फीसदी हो गई है। असर (एनुअल स्टेटस ऑफ एजुकेशन रिपोर्ट) 2021(ग्रामीण) के सर्वे में ये आंकड़े सामने आए हैं। इससे पहले 2018 में सर्वे हुआ था। प्रदेश में 2018 में 43.1 फीसदी बच्चे सरकारी स्कूल में पढ़ रहे थे और अब 56.3 फीसदी पंजीकृत हैं। नामांकन 13.2 बढ़ा है। यूपी में 2018 में 39.8लड़के व 46.7 लड़कियां सरकारी स्कूलों में थी तो 2021 में 54.8 लड़के और 58.1लड़कियां सरकारी स्कूलों में पंजीकृत हैं। स्कूल खुलने के बाद यूपी में 91.3 विद्यार्थियों के पास किताबें उपलब्ध हैं। यूपी के 58.7 फीसदी घरों में हैं स्मार्ट फोन, पर बच्चों को पढ़ाई के लिए फोन देने में हैं फिसड्डी लोगों के पास स्मार्ट फोन उपलब्धता में भारत का औसत 67.6 फीसदी है वहीं यूपी में 58.9 फीसदी घरों में स्मार्ट फोन है। 2018 में 30.4 प्रतिशत व 2020 में 53.7 फीसदी घरों में स्मार्टफोन था। हालांकि यह बात अलग है कि इनमें से 34.3 फीसदी को यह पढ़ाई के लिए नहीं मिलता है। स्मार्टफोन 18.7 फीसदी विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए दिया गया है। 47 फीसदी बच्चों के अभिभावक कभी पढ़ाई के लिए स्मार्टफोन देते हैं और कभी नहीं। बच्चों को मोबाइल न देने वालों में बिहार, पश्चिमी बंगाल व झारखण्ड के बाद यूपी चौथे नंबर पर है। |
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