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Friday, December 10, 2021

Bhopal Samachar | No 1 hindi news portal of central india (madhya pradesh)

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INDORE NEWS- बेडरूम में क्रूरता की हद पार कर जाता था, स्पीच थैरेपिस्ट के खिलाफ FIR

Posted: 09 Dec 2021 10:05 PM PST

इंदौर
। फेमस ऑडियोलॉजिस्ट एवं स्पीच थैरेपिस्ट अंकुर सिंह चौहान के खिलाफ उनकी पत्नी ने दहेज एक्ट के तहत मामला दर्ज कराया है। आरोप लगाया है कि दहेज के लिए बेडरूम में क्रूरता की हद पार कर जाता था। संबंध बनाने से पहले नशा करने के लिए कहता था। अंकुर के पिता रविंद्र सिंह चौहान पर भी प्रताड़ित करने का आरोप लगाया गया है। 

ऑडियोलॉजिस्ट एवं स्पीच थैरेपिस्ट अंकुर सिंह चौहान की शादी 6 महीने पहले ही हुई थी। लड़की इंदौर लोकल से ही है। अपनी शिकायत में अंकुर की पत्नी ने पुलिस को बताया कि दहेज में ₹500000 कैश और ऑटोमेटिक कार की डिमांड की जा रही थी। वह शराब और प्रतिबंधित दवाओं से नशा करता है। बेडरूम में संबंध बनाने से पहले उसे भी नशा करने के लिए दबाव बनाता था। नशे की हालत में कई बार उसने जानलेवा हमले भी किए।

टीआइ ज्योति शर्मा ने बताया कि युवती की शिकायत पर अंकुर सिंह चौहान और उसके पिता रविंद्र सिंह चौहान के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। शादी के समय युवती के माता-पिता ने महंगी ज्वेलरी और गृहस्थी का सामान उसे गिफ्ट में दिया था, फिर भी ₹500000 कैश और ऑटोमेटिक कार की डिमांड की जा रही थी। शिकायतकर्ता युवती का कहना है कि अंकुर सिंह चौहान की बहन ने भी उसे प्रताड़ित किया है परंतु पुलिस ने FIR में अंकुर की बहन को नामजद नहीं किया। इसलिए वह कोर्ट में नाम जोड़ने का निवेदन करेंगी।

लड़की ने बताया कि उसने अपने माता-पिता को सब कुछ बता दिया था। जब उन्होंने अंकुर को समझाया तो अंकुर ने उसके भाइयों को मारने की धमकी दी। शादी के समय बताया गया था कि अंकुर सेकंड क्लास गवर्नमेंट ऑफिसर है लेकिन शादी के बाद पता चला कि वह तो ग्रेजुएट भी नहीं है। इंदौर की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया indore news पर क्लिक करें.

INDORE NEWS- फ्रेशर पार्टी के नाम पर PUB में झूमे स्टूडेंट्स, होलकर कॉलेज का मामला

Posted: 09 Dec 2021 09:23 PM PST

इंदौर।
Government Holkar College, Indore के स्टूडेंट की फ्रेशर पार्टी सुर्खियों में आ गई है। 50 से ज्यादा स्टूडेंट्स घर से कॉलेज में पढ़ाई करने के नाम पर निकले और PUB में पहुंच गए। यहां जमकर धमाल हुआ। कहा तो यहां तक जा रहा है कि प्रतिबंधित नशीली दवाओं का उपयोग हुआ। कॉलेज ने पार्टी ऑर्गेनाइज करने वाले सेकंड ईयर के स्टूडेंट जितेंद्र डांगी को नोटिस जारी किया है। उसके पिता को कॉलेज तलब किया है। 

मामला गुरुवार 9 दिसंबर का है। कॉलेज में ऑफलाइन क्लास चल रही है लेकिन अचानक फर्स्ट ईयर के कई स्टूडेंट्स क्लास से अनुपस्थित थे। अचानक बड़ी संख्या में फर्स्ट ईयर के स्टूडेंट्स की अनुपस्थिति के कारण मैनेजमेंट ने कारण पता लगाने की कोशिश की और सारे मामले का खुलासा हो गया। कॉलेज मैनेजमेंट को एनएसयूआई के छात्र नेता ने पहले ही इस पार्टी के बारे में बता दिया था, लेकिन कॉलेज मैनेजमेंट ने कोई एडवाइजरी जारी नहीं की। अब बवाल मच गया है। 

पार्टी में स्टूडेंट्स के द्वारा किसी तरह का क्राइम नहीं किया गया लेकिन कॉलेज टाइम में क्लास बंक करके PUB में जाना गंभीर अनुशासनहीनता कहलाता है। यदि प्रतिबंधित नशीली दवाओं की अफवाह में थोड़ी भी सच्चाई है तो यह मामला बहुत गंभीर और पुलिस इन्वेस्टिगेशन का सब्जेक्ट बन जाएगा। उच्च शिक्षा, सरकारी और प्राइवेट नौकरी एवं करियर से जुड़ी खबरों और अपडेट के लिए कृपया MP Career News पर क्लिक करें.

MP BOARD EXAM- एडमिट कार्ड की प्रक्रिया शुरू, पढ़िए कब तक अपलोड हो जाएंगे

Posted: 09 Dec 2021 08:32 PM PST

भोपाल
। Madhya Pradesh Board of Secondary Education ने 10वीं हाई स्कूल एवं 12वीं हायर सेकेंडरी स्कूल वार्षिक परीक्षाओं के लिए प्रवेश पत्र बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अनुमान लगाया जा रहा है कि जनवरी 2022 के फर्स्ट वीक में एडमिट कार्ड अपलोड कर दिए जाएंगे। 

सनद रहे कि मध्यप्रदेश में कक्षा 10 हाई स्कूल एवं कक्षा 12 हायर सेकेंडरी स्कूल की परीक्षाएं 17 फरवरी से शुरू हो रही है हैं। अर्धवार्षिक परीक्षा के दौरान माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा विद्यार्थियों के आंतरिक मूल्यांकन के नंबर तत्काल बुलवा लिए गए थे। इसके कारण एक अनुमान लगाया गया कि कोरोनावायरस की तीसरी लहर के चलते वार्षिक परीक्षाएं स्थगित कर दी जाएंगी परंतु लेटेस्ट न्यूज़ यह है कि परीक्षाओं की तैयारी टाइम टेबल के हिसाब से लगातार चल रही है। 

माध्यमिक शिक्षा मंडल में कक्षा 10 एवं कक्षा 12 वार्षिक परीक्षाओं के लिए अब तक 17 लाख स्टूडेंट्स का रजिस्ट्रेशन हो चुका है। ₹5000 लेट फीस के साथ नामांकन की प्रक्रिया जारी है। यह प्रक्रिया परीक्षा के 1 महीने पहले तक लगातार जारी रहेगी। मध्य प्रदेश की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया MP NEWS पर क्लिक करें.

सर्दी में हड्डियों से चटचट की आवाज क्यों आती है, क्या ठंड से हड्डियां जम जाती हैं- GK in Hindi

Posted: 09 Dec 2021 02:42 PM PST

सर्दी के मौसम में कई लोगों की हड्डियों से चटचट की आवाज आने लगती है। इस तरह की आवाज अक्सर घुटने और कोहनी से आती है। यानी जहां हड्डियों का जोड़ है, वहां से आती है। सवाल यह है कि यह आवाज क्यों आती है। क्या ठंड में हड्डियां जम जाती हैं। आइए पता लगाते हैं:- 

डॉ जितेंद्र गुप्ता बताते हैं कि कैल्शियम की कमी के कारण हड्डियां कमजोर हो जाती है और ऐसी स्थिति में जोड़ों से कट-कट की आवाज आने लगती है। इस आवाज का तात्पर्य होता है कि आपके शरीर को कैल्शियम की जरूरत है। डॉक्टर गुप्ता बताते हैं कि कई बार थायराइड की समस्या के कारण भी ऐसा होता है। हड्डियों के जोड़ों में लुब्रिकेंट के कम होने पर और लिगामेंट्स के डिस्टर्ब हो जाने पर भी हड्डियों से आवाज आती है। कुल मिलाकर ठंड के कारण हड्डियों पर एक्स्ट्रा कैल्शियम नहीं जमता बल्कि इस तरह की आवाज शरीर में किसी समस्या का संकेत होती है। 

डाइटिशियन रिचा भारद्वाज का कहना है कि यदि आप अपनी डेली डाइट में विटामिन, प्रोटीन, कैल्शियम और कार्बोहाइड्रेट को शामिल कर लेते हैं तो काफी हद तक आप हड्डियों की समस्या से मुक्त हो सकते हैं। यह सारे पोषक तत्व आपको दूध, मेथी, चना, गॉड और हरी सब्जियों से मिल जाएंगे। इन सारी चीजों को अपने नियमित भोजन में शामिल करें। हड्डियों में कैल्शियम का बैलेंस रखने के लिए विटामिन डी बहुत जरूरी है। 

इसलिए सर्दियों के मौसम में धूप में जरूर बैठें। दुनिया भर के करोड़पति लोग शरीर में सूरज की धूप की कमी को पूरा करने के लिए सनबर्न फेस्टिवल में शामिल होते हैं। (इसी प्रकार की मजेदार जानकारियों के लिए जनरल नॉलेज पर क्लिक करें) Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article (general knowledge in hindi, gk questions, gk questions in hindi, gk in hindi,  general knowledge questions with answers, gk questions for kids, ) :- यदि आपके पास भी हैं कोई मजेदार एवं आमजनों के लिए उपयोगी जानकारी तो कृपया हमें ईमेल करें। editorbhopalsamachar@gmail.com

MP NEWS- कृषि अधिकारी, 2 पटवारी, 2 पंचायत सचिव एवं कोऑर्डिनेटर स्वच्छता मिशन सस्पेंड

Posted: 09 Dec 2021 09:46 PM PST

भोपाल
। मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में पंचायत सचिव, बालाघाट में 2 पटवारी, अलीराजपुर में 1 ग्राम पंचायत सचिव और स्वच्छता मिशन के समन्वयक एवं दतिया में ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी को सस्पेंड किया गया है।

शहडोल में पंचायत सचिव समयलाल सिंह निलंबित

शहडोल। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री मेहताब सिंह ने ग्राम पंचायत बकहो के सचिव श्री समयलाल सिंह को मध्य प्रदेश पंचायत राज अधिनियम 1999 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है। गौरतलब है कि जिला शहडोल की नवगठित नगरपरिषद बकहो में पंचायत कालीन कर्मियों के नियम विरूद्ध संविलियन किए जाने के संबंध में विभिन्न स्तर पर प्राप्त शिकायतों की जांच में एवं ग्राम पंचायत बकहो के मूल कर्मचारियों का संविलियन नगर परिषद बकहों में किए जाने की कार्यवाही हेतु गंठित समिति के सदस्य की हैसियत का तत्कालीन सचिव ग्राम पंचायत बकहो श्री समयलाल सिंह जो वर्तमान में कार्यालय जनपद पंचायत बुढार में जो पदस्थ हैं उनके द्वारा बिना किसी आवश्यकता के 39 मानदेय कर्मियों की नियुक्ति अंतिम कार्य दिवसों में प्रस्ताव क्रंमाक. 05 दिनांक 27/01/2020 से की गई थी, जो कि ग्राम पंचायत बकहो क्षेत्र के निवासी भी नहीं थे, प्रथम दृष्टया उनके पुत्र श्री भॅवर सिंह को भी इन्ही मानदेय कर्मियों में सम्मिलित किये जाने के दोषी पाये गये हैं। 

बालाघाट में पटवारी योगेश उईके एवं केवल अग्निहोत्री सस्पेंड

बालाघाट। कलेक्टर डॉ गिरीश कुमार मिश्रा ने 08 दिसंबर को राजस्व अधिकारियों की वीडियो काफ्रेंस में तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार के राजस्व न्यायालय में लंबित प्रकरणों एवं राजस्व प्रकरणों की विस्तार से समीक्षा की। समीक्षा के दौरान सीएम किसान कल्याण योजना में किसानों के सत्यापन के प्रकरण अधिक संख्या में लंबित रहने के कारण बालाघाट तहसील के ग्राम खोड़सिवनी के पटवारी आशीष वर्मा को दो वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश दिये गये। इसी प्रकार खैरलांजी के पटवारी द्वारपाल पारधी की 01 वेतन वृद्धि रोकने तथा खैरलांजी तहसील अंतर्गत सावरी के पटवारी योगेश उईके एवं लांजी तहसील के पटवारी केवल अग्निहोत्री को निलंबित करने के निर्देश दिये गये। इसी प्रकरण में पांढरवानी के पटवारी शिवलाल अड़मे एवं जाम के पटवारी राजबीर बघेल को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिये गये है। 

अलीराजपुर में ग्राम पंचायत सचिव गुमानसिंह हरवाल सस्पेंड

अलिराजपुर। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती संस्कृति जैन ने ग्राम पंचायत दरखड जनपद कट्ठीवाडा के ग्राम पंचायत सचिव श्री गुमानसिंह हरवाल को अपने पदीय कर्तव्यों एवं दायित्वों के निर्वहन में बरती गई गंभीर लापरवाही के फलस्वरूप पंचायत सेवा अनुशासन तथा अपील नियम 1999 में निहित प्रावधानों के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किये जाने के आदेश जारी किये गए है। ग्राम रोजगार सहायक ग्रा. पं. दरखड श्री रमेश चौहान को आगामी आदेश पर्यन्त अस्थाई रूप से पंचायत सचिव का अतिरिक्त प्रभार के आदेश जारी किये गए है। 

अलीराजपुर में समन्वयक स्वच्छता मिशन प्रदीप अर्नाल्ड सस्पेंड

अलिराजपुर। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती संस्कृति जैन ने प्रभारी ब्लॉक समन्वयक स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण जनपद पंचायत कट्ठीवाडा श्री प्रदीप अर्नाल्ड को कार्य में न्यूनतम प्रगति होने पर, व्यक्तिगत एवं सामुदायिक शौचालक निर्माण कार्य में संतोषजनक प्रगति नहीं होने तथा कार्य के प्रति उदासीनता बरतने, बिना किसी सूचना व सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति के कर्तव्य से अनुपस्थित रहने, मैदानी स्तर पर कार्यो का निरीक्षण नहीं करने, प्रस्तावित एवं वास्तविक मासिक दौरा डायरी प्रस्तुत नहीं करने, जिला वरिष्ठालय के आदेशों की अव्हेलना करने पर म.प्र. सिविल सेवा वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील नियम 1966 के नियम 9 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश जारी किये है। निलंबन अवधि में श्री अर्नाल्ड का मुख्यालय जनपद पंचायत कट्ठीवाडा नियत किया गया है। निलंबन काल में श्री अर्नाल्ड को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी। 

दतिया में ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी वीपी पाठक सस्पेंड

दतिया। धान उपार्जन केन्द्रों पर विभिन्न समस्याओं के निराकरण हेतु ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी श्री वीपी पाठक को सेवा सहकारी समिति बड़ौनी खुर्द पर नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया था लेकिन श्री पाठक अपने कर्तव्य पर अनुपस्थित रहने के आरोप में कलेक्टर श्री संजय कुमार ने निलंबित कर दिया गया है। मध्यप्रदेश कर्मचारियों से संबंधित महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया MP karmchari news पर क्या करें.

Bhopal Panchayat Chunav शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर

Posted: 09 Dec 2021 01:38 PM PST

भोपाल
। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री अविनाश लवानिया ने त्रिस्तरीय पंचायतों के आम निर्वाचन 2021-22 के अंतर्गत जनपद पंचायत फंदा एवं बैरसिया के निर्वाचन का कार्य सुचारू रूप से संपादित करने के लिए शिकायत प्रबंधन कंट्रोल रूम स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। 

जिला शहरी विकास अधिकरण कार्यालय कक्ष में यह शिकायत कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। कंट्रोल रूम का दूरभाष नम्बर 0755-2540395 है। कंट्रोल रूम के प्रभारी श्री विनोद शुक्ला परियोजना अधिकारी जिला शहरी विकास एवं श्री एच.पी.सिंह प्रभारी अधिकारी खनिज जिला भोपाल प्रभारी रहेंगे तथा इनके अधीन सहायक अधिकारी एवं कर्मचारी कार्यरत रहेंगे। 

उक्त सहायक अधिकारी, कर्मचारी प्रतिदिन शिकायतों की मॉनिट्रिंग एवं रिपोर्टिंग प्रभारी अधिकारी को करेंगे एवं प्राप्त शिकायतों का पंजीयन एवं अभिलेख संधारित करेंगे। भोपाल की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया bhopal news पर क्लिक करें.

क्या है मोटर व्हीकल (संशोधित) एक्ट, 2019 के महत्वपूर्ण नियम, जानिए- Legal Genral Knowledge

Posted: 09 Dec 2021 01:10 PM PST

मोटर वाहन अधिनियम बहुत पुराना अधिनियम है। यह अधिनियम ब्रटिश सरकार द्वारा वर्ष 1914 में बनाया गया था एवं 1939 में ब्रटिश सरकार ने इसे पुनः संशोधित किया। लेकिन भारत सरकार द्वारा 1 जुलाई 1988 में इसे पुनः लागू किया गया एवं अक्टूबर 1988 को इसे सम्पूर्ण भारत में पारित कर दिया गया। 

इस अधिनियम में कुल- 14 अध्याय, 217 मूल धाराएं एवं 2 अनुसूचिया (i यातायात अनुसूची, ii.मुआवजा अनुसूची)  हैं। वर्ष 2019 में इस अधिनियम में कुछ संशोधन केंद्रीय सरकार द्वारा किया गया आज के लेख में हम कुछ महत्वपूर्ण धाराओं की जानकारी देंगे जिनमे  मोटर वाहन अधिनियम की धाराओ में संशोधन किया गया है जानिए।

• 134(A):- अगर कोई व्यक्ति की सार्वजनिक स्थान पर कोई दुर्घटना होती है तब दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को अस्पताल पहुचाने वाले व्यक्ति पर किसी भी प्रकार का सिविल/आपराधिक मामला दर्ज नहीं किया जाएगा।

• धारा 161:- किसी भी वाहन द्वारा टक्कर मारने का प्रतिकर बढ़ा दिया गया पहले 25 हजार था अब 2 लाख रुपए एवं गंभीर चोट होने की दशा में पहले 12 हजार था अब 50 हजार रुपए दिया जाएगा। प्रतिकर के लिए अब 6 माह के भीतर मांग की जाएगी【संशोधित धारा 166(3)】। 

• धारा 177 :- किसी भी प्रकार के यातायात नियमों के उल्लंघन करने पर पहली बार मे 500 दण्ड एवं  दूसरी बार में 1000 रुपए दण्ड का प्रावधान किया गया।

• धारा 178:- किसी भी यात्री वाहन में बिना टिकिट यात्रा करने पर 500 रुए जुर्माना।

• धारा 180:- एक्ट की धारा 3 एवं चार के उल्लंघन पर पहले एक हजार रुपए जुर्माना या कारावास या दोनों से दण्डित करना था, अब जुर्माने की रकम को 5000 रुपये कर दिया गया है।【(धारा-3:- बिना डीजल,पेट्रोल के वाहन चलाना अर्थात गैस सिलेंडर द्वारा वाहन चलाने पर), (धारा 4:-नाबालिग लड़के/लड़कियों को वाहन चलाने को देना)】

नोट:- संशोधित अधिनियम के अनुसार धारा 180 में वाहन देने वाले को एवं धारा 181 में वाहन चलाने वाले को दंडित किया जाएगा।

• धारा 183:- यह धारा 112 के उल्लंघन पर दण्डित करती है अर्थात तेज गति से वाहन चलाना, निराहित स्थान पर चलाना आदि पहले 400 एवं दूसरी बार मे एक हजार था, अब  छोटे वाहन पर एक हजार रुपए एवं बड़े वाहन पर दो हजार रुपए। अब जो व्यक्ति या यात्री वाहन को तेज चलाने की बोलेगा उस पर भी 300 से 500 तक का जुर्माना लिया जाएगा।

• धारा 184 :- लापरवाही से वाहन चलाने पर पहले 6 माह कारावास या जुर्माना या दोनो था अब जुर्माना पाँच हजार रुपए कर दिया गया है।

• धारा 185 :- नशे में वाहन चलाने पर पहले दो हजार रुपए से तीन हजार रुपए जुर्माना था एवं छः से दो वर्ष की कारावास या दोनो लेकिन अब जुर्माने दस हजार होगा।

• धारा 186:- शारिरिक या मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति को वाहन चलाने पर पहले 200 से 500 रुपए जुर्माना था, अब यह जुर्माना दस हजार रुपए हो गया है।

• धारा 189:- राज्य सरकार की अनुमति बगैर सार्वजनिक स्थान या सड़क पर वाहन की रेस करने पर एक माह की कारावास या साधारण  जुर्माना था अब जुर्माना पाँच हजार रुपए कर दिया गया है।

• धारा 190:- खतरनाक वाहन या असुरक्षित(खराब वाहन) को सार्वजनिक स्थान या सड़क पर चलाने पर 250 रुए जुर्माना अगर उस वाहन से दुर्घटना हो जाए तब 3 माह कारावास एवं एक हजार रुपए जुर्माना था अब जुर्माना को बड़ा कर दस हज़ार रुपये कर दिया गया है।

• धारा 192:- धारा 39 के उल्लंघन अर्थात बिना पंजीकरण वाहन चलाने पर पहली बार में 5000 रुपए एवं दूसरी बार मे दस हजार रुपए या 1 वर्ष की कारावास या दोनो।

• धारा 192(A):- बिना परमिट के किसी भी सडक़ पर यात्री वाहन चलाने पर प्रथम बार में पाँच हजार रुपए एवं दूसरी बार में दस हजार रुपये या एक वर्ष की करावास या दोनो से दण्डित किया जाएगा।

• धारा 193 :- वर्तमान में टैक्सी एग्रीगेटर ऐप के माध्यम से ओला, उबर आदि को बिना राज्य सरकार के लाइसेंस के चलाने पर पच्चीस हजार से एक लाख तक का जुर्माना होगा, यह आईटी एक्ट 2000 का अनुपालन भी होगा।

• धारा  194 निर्धारित भार से अधिक भार वाहन में ले जाने पर
1.बाइक के लिए 100 रुपये स्थान पर 1000 रुपये।
2.माल-वाहन पर 2000 रुपये के स्थान पर बीस हजार रुपए जुर्माना।
3. यात्री वाहन पर शून्य के स्थान पर 1000 रुपये जुर्माना।
संशोधित धाराएं:-
• धारा 194 A:- वाहन में प्रतिव्यक्ति अधिक भार में 1000 रुपये।
• धारा 194 B:- सीट-वेल्ट न लगाने पर 1000 रुपये जुर्माना।
•धारा 194 C:- बाइक पर तीन सवारी या अधिक ले जाने पर 1000 रुपये जुर्माना के साथ तीन माह तक लाइसेंस रद्द किया जाना।
• धारा 194 D:- बिना हेलमेट के वाहन चलाने पर 1000 रुपये जुर्माना एवं लाइसेंस तीन माह तक रद्द किया जाना।(नोट:- पगड़ी वाले सिक्खों को हेलमेट पहनने की आवश्यकता नहीं है)
• धारा 194 E:- इमरजेंसी वाहन, एम्बुलेंस आदि को रस्ता न देने पर दस हजार रुपये का जुर्माना।

• धारा 196:- बिना बीमा के गाड़ी चलाने पर तीन माह की कारावास या 1000 रुपये जुर्माना था अब जुर्माना 2000 हो गया है।

• धारा 199 A:- अभिभावक या माता पिता को जिम्मेदार ठहराया जाना:- अगर कोई नाबालिग लड़का या लड़की वाहन चलाते समय दुर्घटना कर देता है तब उसके माता पिता या अभिभावक जिम्मेदार होंगे इसके लिए 25 हजार रुपए जुर्माना या तीन वर्ष की कारावास या दोनो दे दण्डित किया जाएगा। साथ में वाहन पंजीकरण निरस्त कर दिया जाएगा।

• धारा 208:- यह धारा पुलिस अधिकारी एवं मजिस्ट्रेट को मोटर वाहन एक्ट के अंतर्गत मामले को निपटारा करने की शक्ति देती है।

• धारा 215 D:- यह धारा 2019 के संशोधन के बाद जोड़ी गई है इसके अंतर्गत एक सड़क सुरक्षा बोर्ड का गठन किया जाएगा।
【सरकार का इस अधिनियम का संशोधन करने का उद्देश्य यह हैं कि वाहन चालकों या खतरनाक वाहन द्वारा हो रही दुर्घटना को रोका जा सके।】:- लेखक बी. आर. अहिरवार (पत्रकार एवं लॉ छात्र होशंगाबाद) 9827737665 | (Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article) इसी प्रकार की कानूनी जानकारियां पढ़िए, यदि आपके पास भी हैं कोई मजेदार एवं आमजनों के लिए उपयोगी जानकारी तो कृपया हमें ईमेल करें। editorbhopalsamachar@gmail.com

व्यवसायिक शिक्षकों को फिल्मी स्टाइल में धमकियां दी जा रही है- MP Employees News

Posted: 09 Dec 2021 09:46 PM PST

भोपाल
। लोक शिक्षण संचालनालय की अपर संचालक कामना आचार्य को इन सर्विस ट्रेनिंग की तारीख आगे बढ़ाने का निवेदन क्या कर दिया, मानो सबसे बड़ा गुनाह हो गया। तमाम आउट सोर्स कंपनियों के अधिकारी निवेदन करने वाले कर्मचारियों की तलाश कुछ इस तरीके से कर रही है जैसे साउथ इंडियन फिल्मों में माफिया के गुर्गे करते हैं। 

निवेदन करने वाले कर्मचारी को भुगतना पड़ेगा

कर्मचारियों के लिए बनाए गए व्हाट्सएप ग्रुप पर अपने पद की मर्यादा और सभ्य शब्दावली को भूलकर आउटसोर्स कंपनियों के अधिकारी खुद को फिल्मी डॉन की तरह प्रदर्शित कर रहे हैं। एक कंपनी के अधिकारी ने लिखा है 'आपके द्वारा किसी भी प्रकार का मेल इन सर्विस ट्रेक रुकवाने या आगे बढ़ाने के लिए किया गया है तो आप अपना रेजिग्नेशन तैयार रखें'। इस मैसेज पर दूसरा अधिकारी लिखता है 'if anybody found guilty then he/has to suffer. (हिंदी: अगर कोई दोषी पाया जाता है तो उसे भुगतना पड़ेगा)। 

श्रम आयुक्त को संज्ञान लेना चाहिए 

सरकारी सिस्टम में आउटसोर्स कर्मचारियों के शोषण के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। स्पष्ट है कि इस तरह के मैसेज लिखने वाले अधिकारी पद के योग्य नहीं है। अयोग्य अधिकारियों की नियुक्ति हो गई है। कर्मचारियों को बंधुआ मजदूर की तरह ट्रीट किया जा रहा है। अपनी समस्या बताना और निदान के लिए निवेदन करना भारत में किसी भी नागरिक का अधिकार है। यदि वह गलत अधिकारी के सामने हैं तो संबंधित अधिकारी का दायित्व है कि वह पीड़ित को सही अधिकारी के समक्ष जाने की सलाह दें। 

यदि लोक शिक्षण संचालनालय की अपर संचालक कामना आचार्य आउटसोर्स कर्मचारियों के निवेदन को सुनने का अधिकार नहीं रखतीं, तो उन्हें स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए थी। पहले उन्होंने कर्मचारी से रिजाइन करने के लिए कहा। अब आउट सोर्स कंपनियों के अधिकारी साउथ इंडियन फिल्मों के माफिया के गुर्गों की तरह उन कर्मचारियों की तलाश कर रहे हैं जिन्होंने डीपीआई की अपर संचालक को ईमेल करने का गुनाह कर दिया। 

कर्मचारियों ने ऐसा क्या लिखा था ई-मेल में

कर्मचारियों ने बड़ी ही विनम्रता के साथ सिर्फ इतना सा निवेदन किया था कि कोरोनावायरस तीसरी लहर की संभावना को देखते हुए इन सर्विस ट्रेनिंग प्रोग्राम की तारीख आगे बढ़ा दी जाए या फिर ट्रेनिंग प्रोग्राम को ऑनलाइन कर दिया जाए। यह कोई मुद्दा ही नहीं था। कर्मचारियों ने मुर्दाबाद के नारे नहीं लगाए। सिर्फ अपना डर बताया था। वही डर जिसके कारण कानपुर में एक डॉक्टर ने आत्महत्या कर ली और भोपाल में दुकानदार ने।  मध्यप्रदेश कर्मचारियों से संबंधित महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया MP karmchari news पर क्या करें.

MP TET VARG 3 Subject- हिंदी शिक्षणशास्त्र TOPIC- भाषा के भाग, Hindi Pedagogy Parts of Language

Posted: 09 Dec 2021 02:40 PM PST

अध्ययन की सुविधा के लिए भाषा को कई भागों में बांटा जा सकता है, इनमें मुख्य रूप से चार भाग हैं। स्वनिम (Phoneme), रूपिम (Morphene), वाक्यविन्यास (Syntax) , अर्थविन्यास (Sementic) 

1 स्वनिम या ध्वनिम् (Phoneme)- यह ध्वनि की सबसे छोटी इकाई होती है, जिसका अपने आप में कोई विशेष अर्थ नहीं होता लेकिन यदि हम स्वनिम को किसी शब्द के साथ लगा देते हैं, तो यह उसका अर्थ परिवर्तित कर देते हैं। जैसे - अ,आ, ई, त आदि। 

2. रूपिम (Morphene) - रूपिम शब्द का छोटा रूप होता है, जब बच्चे को स्वनिम का ज्ञान हो जाता है, तो वह शब्दों को सीखना आरंभ कर देता है। बौद्धिक विकास पूर्ण ना होने के कारण छोटे- छोटे शब्दों को बोलना सीखता है, इनका स्वयं में भी अर्थ होता है। उदाहरण - अच्छा ,आना आदि।  

3- वाक्य विन्यास (Syntax) -  वाक्य विन्यास का अर्थ होता है ,वाक्य की संरचना से अर्थात कर्ता (Subject), क्रिया(Verb) और कर्म (Object) का उचित स्थान पर प्रयोग। एक साधारण वाक्य में सबसे पहले कर्ता, फिर क्रिया और फिर कर्म आते आते हैं ( S+V+O )
वाक्य विन्यास के अंतर्गत हर शब्द को क्रमिक रूप से लिखा जाता है। जैसे- रमेश खाना खा रहा है, इस वाक्य के सभी शब्द क्रम में है यदि हम लिखते हैं कि "खाना रमेश खा रहा है"  तो वह वाक्य क्रम में ना होने के कारण गलत होता। 

4 अर्धविन्यास (Sementics)- जब वाक्य में दिए गए सभी शब्द अर्थपूर्ण हो तो उसे, अर्थविन्यास कहा जाता है। उदाहरण के लिए "वह कॉफी पीता है" इस वाक्य के सभी शब्द अर्थ पूर्ण हैं, इसलिए इस वाक्य को हम ऐसे नहीं बोल सकते कि "वह कॉफी खाता है" क्योंकि कॉफी को खाया नहीं पिया जाता है।
विशेष नोट-  यह टॉपिक इंग्लिश पेडगॉजी के लिए भी उपयोगी है। मध्य प्रदेश प्राथमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा के इंपोर्टेंट नोट्स के लिए कृपया mp tet varg 3 notes in hindi पर क्लिक करें.

कोरोना की पहली लहर में मरे कर्मचारियों के आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति चाहिए: कर्मचारी संघ- MP Karmchari News

Posted: 09 Dec 2021 12:28 PM PST

जबलपुर
। मप्र तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ द्वारा जारी विज्ञप्ति में बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा कोरोना महामारी की द्वितीय लहर में कोरोना से मृत लोक सेवकों के आश्रित परिवार को एक अभियान के रूप में सैकड़ों अनुकम्पा नियुक्ति प्रदान की जा चुकी है। दुर्भाग्य यह है कि कोरोना महामारी की प्रथम लहर में मृत लोकसेवकों के परिजन अनुकम्पा नियुक्ति हेतु आवेदन करते हैं तो उनसे यह कह दिया जाता है कि सरकार का आदेश द्वितीय लहर में मृत लोकसेवकों के लिए है प्रथम लहर वालों के लिए नहीं है। 

जिससे कोरोना महामारी की प्रथम लहर में मृत लोक सेवकों के परिजन अपने आप को ठगा महसूस करते हुए सरकार पर इस दोहरे मापदण्ड का आरोप लगाते हुए आक्रोश व्यक्त कर रहे है। सरकार का उक्त आदेश नैसर्गिक न्याय के विपरीत होकर एक ही पीडा से दुखी व आश्रय के लिए दोहरा मापदण्ड व्यक्त करने वाला है।

संघ के मिर्जा मंसूर बेग, मुकेश सिंह, आलोक अग्निहोत्री, मुन्ना लाल पटेल,सुनील राय, अजय सिंह ठाकुर, योगेन्द्र मिश्रा , मनीष चौबे, नितिन अग्रवाल, गगन चौबे, श्यामनारायण तिवारी, प्रणव साहू, राकेश उपाध्याय, मनोज सेन, राकेश दुबे, गणेश उपाध्याय, धीरेन्द्र सोनी, मो. तारिक, प्रियांशु शुक्ला, मनीष लोहिया, सुदेश पाण्डेय, मनीष शुक्ला, राकेश पाण्डेय विनय नामदेव, देवदत्त शुक्ला, सोनल दुबे, ब्रजेश गोस्वामी, विजय कोष्टी, अब्दुल्ला चिस्ती, पवन ताम्रकार, संजय श्रीवास्तव, आदित्य दीक्षित, संतोष कावेरिया, जय प्रकाश गुप्ता, आनंद रैकवार, वीरेन्द्र धुर्वे, मनोज पाठकर, सतीश पटेल आदि ने माननीय मुख्यमंत्री जी से माग की है कि कोरोना महामारी की प्रथम लहर में मृत लोक सेवकों के परिजनों को भी अनुकम्पा नियुक्ति का लाभ दिये जाने के आदेश जारी कर अभियान के रूप में अनुकम्पा नियुक्ति प्रदान की जाये ताकि उनके परिजनों को भी आर्थिक संबल मिल सके। मध्यप्रदेश कर्मचारियों से संबंधित महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया MP karmchari news पर क्या करें.

INVESTMENT के नियमों का पालन कीजिए, मुनाफे की गारंटी होती है

Posted: 09 Dec 2021 12:06 PM PST

अपवाद को नियम मान लेने की चूक कई लोगों के investmentसे जुड़े फैसलों में नजर आती है। मसलन, equity fund में एकमुश्त निवेश नहीं करना चाहिए। इक्विटी फंड्स में निवेश SIP के जरिये करना चाहिए ताकि समय के साथ लागत की averaging होती रहे। ऐसा करने के कई फायदे हैं। ये सबको पता हैं। फिर भी, कई लोगों के पोर्टफोलियो इस नियम का पालन नहीं करते हैं। 

और वे इसकी वजहें भी बताते हैं- मुझे एकबार में यह रकम मिली थी और किसी ने मुझे बताया कि इसे एकबार में ही इस प्रॉडक्ट में लगा देना चाहिए। या मुझे पता है कि सेक्टर फंड्स से अभी परहेज करना चाहिए, लेकिन यह तो साफ दिख रहा है कि infrastructure का हाल बेहतर होने वाला है, तो मैंने infra funds में एक बार में ही मोटी रकम लगा दी या इक्विटी में उतार-चढ़ाव होता रहता है, लिहाजा मैंने FD में 10 साल के लिए यह रकम लगा दी। ये तो FD की तरह ही हैं।

ये टिपिकल उदाहरण हैं और कई पोर्टफोलियो में इनका दोहराव मामूली फेरबदल के साथ दिखता है। इनमें से ज्यादातर मामलों में investor ने सोच-समझकर investment rule का उल्लंघन करने का निर्णय किया होता है। वे ऐसा इसलिए करते हैं क्योंकि वे खुद को यह समझा ले जाते हैं (शायद किसी सेल्सपर्सन की मदद से) कि मौजूदा हालात में आम नियम का रास्ता छोड़ना फायदेमंद होगा।

हममें से ज्यादातर लोग अधिकांश मौकों पर इनवेस्टमेंट के नियमों को आम दिशानिर्देश की तरह या अच्छी सलाह की तरह लेते हैं, जिनका उल्लंघन किया जा सकता है। कुछ दिनों पहले किसी और जानकारी के लिए नेट ब्राउजिंग के वक्त मैंने अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा का एक डॉक्युमेंट देखा, जो सॉफ्टवेयर डिवेलपमेंट से जुड़ा होने के बावजूद इस मामले में प्रासंगिक है। 

'पावर ऑफ टेन' के नाम से इसे कुछ साल पहले कंप्यूटर साइंटिस्ट गेरार्ड होल्जमैन ने लिखा था, जो नासा के साथ काम करते थे। इसमें सेफ्टी-क्रिटिकल सॉफ्टवेयर डिवेलप करने के 10 नियम बताए गए हैं। हालांकि हमारे मतलब की बात वह है, जो इस डॉक्युमेंट के लिए रिसर्च करते वक्त होल्जमैन के सामने आई थी। होल्जमैन ने पाया था कि अगर नियमों का पालन किया जाए, तो उन्हें कानून की तरह मानना होगा, न कि दिशानिर्देश की तरह। 

ज्यादातर संगठनों में दर्जनों या सैकड़ों दिशानिर्देश होते हैं, लेकिन उनके कर्मचारी इन नियमों के अपवाद स्वरूप उल्लंघन को उचित ठहराने में एक्सपर्ट हो जाते हैं। होल्जमैन ने पाया कि इसके बजाय कुछ ही नियमों का होना बेहतर है, जिनका कभी उल्लंघन न हो। अगर किसी मामले में अपवाद को उचित ठहराया जा सकता हो तो भी अपवाद स्वरूप उल्लंघन की इजाजत न देने का बेहतर नतीजा सामने आता है। इसकी वजह है कि कुछ उचित ठहराए जा सकने वाले अपवादों पर भी रोक लगा दें तो बड़ी संख्या में बेमतलब के अपवाद स्वरूप उल्लंघनों से बचा जा सकेगा और उन्हें उचित या अनुचित ठहराने में जाया होने वाला वक्त भी बचेगा।

इनवेस्टर्स पर ऐसे नियम कोई भी जबरन तो नहीं थोप रहा है, तो मामला अनुशासन का हो जाता है। हो सकता है कि ऐसे हालात बनें, जिनमें इनवेस्टमेंट के बुनियादी नियमों के उल्लंघन से बेहतर रिटर्न मिले, लेकिन ऐसे मामले नाममात्र के ही होते हैं। लिहाजा इनवेस्टमेंट के बारे में बुनियादी दिशानिर्देशों का कड़ाई से पालन करना चाहिए।
लेखक श्री धीरेंद्र कुमार सीईओ, वैल्यू रिसर्च हैं।

Self Help- नतीजे आपको चौंका देंगे, खुद से बात करके तो देखिये

Posted: 09 Dec 2021 11:52 AM PST

शक्ति रावत।
क्या आप कभी खुद से बात करते हैं, सुनकर अजीब लगेगा लेकिन बात सच है, हम सभी जाने अनजाने खुद से बात करते ही हैं लेकिन, क्योंकि यह बातचीत व्यवस्थित और योजनाबद्व नहीं होती। अगर आप जिंदगी में किसी भी तरह की उलझनों में हैं, तो सेल्फ डायलॉग या स्वसंवाद को अपनाकर देखें। इसके लिए आपको जोर से नहीं बल्कि मन में ही खुद से बात करनी है, लेकिन अलग तरीके से, अगर आपने सेल्फ डायलॉग का यह फंडा अपना लिया तो यकीन मानिये इसके नतीजों से आप भी हैरान रह जाएंगे। क्योंकि जीवन को सुलझाने के लिए दूसरों से ज्यादा खुद से बात करने की कला आना बहुत जरूरी है। तो आइए आज बात इसी कला के फंडों पर। 

1- रोज दें 10 मिनिट का समय

सेल्फ डायलॉग या स्वसंवाद के लिए रोज खुद को 10 मिनिट का समय दें। यह समय सुबह का हो सकता है या फिर शाम का। यानि या तो दिन की शुरूआत करने से पहले या फिर अपना दिन खत्म करने के बाद। ताकि आपको तुंरत कोई काम करने का प्रेशर या तनाव ना हो। अपनी सुविधा के हिसाब से आप समय तय कर सकते हैं। इस 10 मिनिट के दौरान आप अपनी किसी उलझन या समसस्या या भविष्य की किसी योजना को लेकर खुद पर पूरा ध्यान केन्द्रित करें और सवाल करें। फिर ध्यान दें कि आपके अंदर से क्या जबाव निकलकर आ रहा है। शुरू में यह अजीब लगेगा, लेकिन यही 10 मिनिट आपके आने वाले पूरे जीवन को बदलकर रख देंगें।

2- पहले से लिख लें विषय

जब आप खुद के साथ बात करने बैंठेें तक यह ध्यान रखें कि यह काम हमेशा तब ही करें जब आप फ्री और अकेले हों, इसके साथ ही अगर संभव हो तो उन बातों को किसी कागज पर लिखकर रख लें, जिन पर आप अपना दृष्टिकोण या नजरिया साफ करना चाहते हैं, इससे फायदा यह होगा कि जब आप सेल्फ डायलॉग करेंगे तो आपको पता होगा कि आपको खुद से किस विषय पर और क्या बात करनी है।

3- भटकने ना दें ध्यान

वैसे हमारे दिमाग में 24 घंटे कुछ ना कुछ चलता ही है, लेकिन जब आप स्वसंवाद करेंगे तब सबसे बड़ी परेशानी यह आयेगी, कि आपका ध्यान बार-बार मुद्दे पर से भटकेगा। ऐसी स्थिति में आपके लिए चुनौती होगी कि किसी अहम विषय पर कोई फैसला लेते समय आपका ध्यान ना भटके। आपका पूरा फोकस खुद के साथ बातचीत पर होना चाहिये। आसान तरीका यह है कि आप अपने मन या दिमाग को कोई एक नाम दे दें। कोई भी। इससे आपको यह आभास होगा कि आप किसी व्यक्ति से ही बात कर रहे हैं, और आपका ध्यान नहीं भटकेगा। 

4- बातचीत में तक भी करें

ज्यादातर लोगों के साथ यह समस्या है कि उनके मन में जो भी विचार या बात आती है, वे उसे बिना तर्क के स्वीकार कर लेते हैं। यानि किसी को अगर किसी स्थिति से डर महसूस हो रहा है तो बिना तर्क स्वीकार कर लेता है। जबकि मनोवैज्ञानिकों की मानें तो लोगों के साथ 70 फीसदी विचार और कल्पनाएं उन घटनाओं के होते हैं, जो कभी घटीं ही नहीं हैं। ऐसे में सेल्फ डायलॉग करते वक्त मन या दिमाग की कोई भी बात बिना तर्क के स्वीकार ना करें। जब भी मन में कोई बात या खयाल आ रहा हो तो अपने आप से तर्क -वितर्क जरूर करें, इसके बाद अगर बात जंचती है तो ही उसे स्वीकार करें अन्यथा खारिज कर दें। - लेखक मोटीवेशनल एंव लाइफ मैनेजमेंट स्पीकर हैं।

mp tet varg 3 notes in hindi- मध्य प्रदेश प्राथमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा के नोट्स

Posted: 09 Dec 2021 02:30 PM PST

MP TET VARG-3 संबंधित व्याख्यान

मध्य प्रदेश में प्राथमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा का आयोजन होने जा रहा है। उम्मीदवारों की सुविधा के लिए भोपाल समाचार डॉट कॉम द्वारा हर रोज एक टॉपिक पर व्याख्यान प्रकाशित किया जा रहा है। इस प्रकार परीक्षार्थियों के लिए एक प्रैक्टिस सेट भी तैयार हो रहा है। इसके माध्यम से उम्मीदवार सरल शब्दों में MP TET वर्ग 3 की पढ़ाई कर सकते हैं।





भाषा का विकास- Development OF Language
अस्वीकरण: सभी व्याख्यान उम्मीदवारों को सुविधा के लिए सरल शब्दों में सहायता के लिए प्रस्तुत किए गए हैं। किसी भी प्रकार का दावा नहीं करते एवं अनुशंसा करते हैं कि आधिकारिक अध्ययन सामग्री से मिलान अवश्य करें।

SAGAR UNIVERSITY- ऑनलाइन और ऑफलाइन एग्जाम का टाइम टेबल जारी

Posted: 09 Dec 2021 07:30 AM PST

DHGVS- डॉ हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर (केंद्रीय विश्वविद्यालय) द्वारा सीबीसीएस ब्लेंडेड मोड में आयोजित होने होने वाले ऑनलाइन और ऑफलाइन एग्जाम का टाइम टेबल आज 9 दिसंबर 2021 को घोषित कर दिया गया है। 

यह टाइम टेबल यूजी 5th, 7th और  9th सेमेस्टर के रेगुलर, बैकलॉग, री रजिस्टर्ड अभ्यार्थियों के लिए है। यह परीक्षाएं 27 दिसंबर 2021 से दिनांक 3 जनवरी 2022 तक आयोजित की जाएंगी। संपूर्ण जानकारी के लिए www.sagaruniversity की वेबसाइट पर डिटेलड टाइम टेबल देखें। 

SSC NEWS- कंबाइंड ग्रैजुएट लेवल एग्जामिनेशन का रिजल्ट घोषित 

Staff Selection Commission (कर्मचारी चयन आयोग) ने कंबाइंड ग्रैजुएट लेवल एग्जामिनेशन (tier-1) का रिजल्ट घोषित कर दिया गया है। यह परीक्षा 26 नवंबर 2021 को हरजीत की गई थी। गौरतलब है कि इस परीक्षा की फाइनल आंसर की और क्वेश्चन पेपर्स आज तारीख 9.12.2021 को आयोग की वेबसाइट पर अपलोड किए गए हैं। सनद रहे कि अभ्यर्थी अपना रिजल्ट का प्रिंट आउट 9.12.2021 शाम 6:00 से 7.01.2022 शाम 7:00 बजे तक ही प्राप्त कर सकते हैं। उच्च शिक्षा, सरकारी और प्राइवेट नौकरी एवं करियर से जुड़ी खबरों और अपडेट के लिए कृपया MP Career News पर क्लिक करें.

राजमाता यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर भर्ती स्थगित- GWALIOR NEWS

Posted: 09 Dec 2021 07:16 AM PST

ग्वालियर
। नि:शक्तजन आयुक्त श्री संदीप रजक ने दिव्यांगजन डॉ. दीप सिंह सासोडे द्वारा राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय, ग्वालियर के डीन, प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष पदों के लिए जारी विज्ञापन में माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्णयों की अवहेलना के मद्दे नजर स्थगन आदेश जारी किया है। 

श्री सासोडे ने "दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम-2016" के तहत प्रावधानों एवं मध्यप्रदेश शासन के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा नि:शक्तजनों के लिए आरक्षित पदों की पूर्ति करने संबंधी जारी दिशा निर्देशों की अनदेखी करने की शिकायत 3 दिसम्बर को न्यायालय आयुक्त नि:शक्तजन मध्यप्रदेश में की थी। शिकायत में बताया गया है कि उक्त विज्ञापनों के लिए 18 दिसम्बर 2021 से इंटरव्यू शुरू हो रहे हैं। 

शिकायत की गंभीरता को देखते हुए तत्काल आयुक्त नि:शक्तजन मध्यप्रदेश श्री रजक द्वारा भर्ती प्रक्रिया पर 8 दिसम्बर 2021 को स्थगन देते हुए विश्वविद्यालय को दिव्यांग डॉ. दीप सिंह सासोडे के आरोपों पर बिंदुवार अपना पक्ष रखने के लिए न्यायालय, आयुक्त नि:शक्तजन मध्यप्रदेश, भोपाल में 28 दिसम्बर 2021 को रजिस्ट्रार, राजमाता विजयराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय को स्वयं या सक्षम प्रतिनिधि द्वारा उपस्थित होने के लिए कहा गया है। आयुक्त श्री रजक ने कहा कि दिव्यांगजनों के अधिकारों की रक्षा शासन की पहली प्राथमिकता है। उच्च शिक्षा, सरकारी और प्राइवेट नौकरी एवं करियर से जुड़ी खबरों और अपडेट के लिए कृपया MP Career News पर क्लिक करें.

DAVV NEWS- ओपन बुक एग्जाम रद्द नहीं किए गए हैं, सप्लीमेंट्री नोटिस जारी

Posted: 09 Dec 2021 11:40 AM PST

इंदौर
। Devi Ahilya Vishwavidyalaya, Indore मैनेजमेंट ने जल्दबाजी में परीक्षाओं को स्थगित करने वाला अधूरा आदेश जारी कर दिया। सवाल उठे और बवाल मचा तो सप्लीमेंट्री नोटिस जारी किया गया है। बताया है कि ओपन बुक एग्जाम रद्द नहीं किए गए हैं। 

देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के परीक्षा नियंत्रक ने सूचना पत्र क्रमांक 803 के माध्यम से यूनिवर्सिटी से संबंधित सभी कॉलेजों के प्राचार्य को जानकारी दी है कि विश्वविद्यालय द्वारा घोषित BA पूरक परीक्षा तथा BA, BCom, BCom honours और BSc की पूरक परीक्षाएं जो ओपन बुक पैटर्न पर दिनांक 14 दिसंबर 2021 से प्रारंभ होने वाली है, अपने टाइम टेबल के हिसाब से संचालित की जाएंगी। स्पष्ट किया गया है कि ओपन बुक परीक्षाओं को रद्द अथवा इस स्थगित नहीं किया गया है। 

हड़बड़ी में जारी होते हैं आदेश 
देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी के आदेश अक्सर हड़बड़ी में जारी हो जाते हैं। सवाल उठते हैं तो फिर उनमें संशोधन किया जाता है। परीक्षा नियंत्रक को हस्ताक्षर करने से पहले ध्यान देना चाहिए ताकि पत्र में क्या लिखा हुआ है, लेकिन यूनिवर्सिटी की पॉलिटिक्स अधिकारियों को उनके पद का कर्तव्य भुला देती है। उच्च शिक्षा, सरकारी और प्राइवेट नौकरी एवं करियर से जुड़ी खबरों और अपडेट के लिए कृपया MP Career News पर क्लिक करें.

INDORE NEWS- 22 हजार ऑटो रिक्शा संचालकों ने हड़ताल की चेतावनी दी

Posted: 09 Dec 2021 06:29 AM PST

इंदौर
। मध्य प्रदेश के ट्रांसपोर्ट कमिश्नर ऑटो रिक्शा संचालन को व्यवस्थित करने में लगातार असफल होते जा रहे हैं। पहले हाई कोर्ट ने नाराजगी व्यक्त की थी और अब ऑटो रिक्शा संचालक विरोध पर उतर आए हैं। इंदौर शहर के 22000 ऑटो रिक्शा संचालकों ने परिवहन विभाग की अचानक शुरू हुई कार्रवाई के खिलाफ अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी है। 

हाईकोर्ट के आदेश के नाम पर अत्याचार कर रहा है परिवहन विभाग

इंदौर आटो रिक्शा चालक महासंघ के राजेश बिड़कर ने बताया कि वर्तमान में इंदौर शहर में करीब 22 हजार आटो रिक्शा का संचालन किया जा रहा है। बीते कुछ दिनों से इन पर कार्रवाई की जा रही है। जिसमें कई गाड़ियों के कागजात पूरे नहीं होने पर परिवहन विभाग ने उनकी कोर्ट की चालानी कार्रवाई करते हुए सैकड़ों आटो रिक्शा जब्त कर लिए है। जिस पर कड़ा जुर्माना किया जा रहा है। रिक्शा चालकों की आर्थिक हालात कोरोनाकाल से दयनीय है। जबलपुर उच्च न्यायालय के आदेश के नाम पर यातायात पुलिस और परिवहन विभाग आटो रिक्शा चालकों को परेशान कर रहा है। 

शिविर लगाकर ऑटो रिक्शा का डॉक्यूमेंटेशन करें

रिक्शा चालक महासंघ ने मांग की है कि रिक्शा के कागजात पूरे नहीं होने पर जब्त करने की कार्रवाई करने के बजाय परिवहन विभाग एवं यातायात पुलिस हाथों-हाथ ही चालान बना दे और रिक्शा को छोड़ दे। बिड़कर ने बताया कि परिवहन विभाग अतिशीघ्र एक माह का शिविर आयोजित करें, जिसमें मीटर सत्यापन, परमिट, फिटनेस एक ही जगह पर हो जाए। 

जिससे अवैध रूप से चल रहे आटो रिक्शा के कागज वैध हो सके, जिससे कि गरीब आटो रिक्शा चालक चालानी कार्रवाई का शिकार ना हो पाए। जल्द से जल्द आटो रिक्शा चालकों के हित में निर्णय नहीं लिया गया तो कोर्ट चालानी कार्रवाई के विरोध में इंदौर के सभी आटो रिक्शा चालक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। इंदौर की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया indore news पर क्लिक करें.

MP NEWS- खंडवा-बुरहानपुर की कांग्रेस कमेटी भंग, जबलपुर में नया जिलाध्यक्ष

Posted: 09 Dec 2021 06:06 AM PST

भोपाल
। मध्यप्रदेश में कांग्रेस पार्टी के हाईकमान कमलनाथ ने खंडवा एवं बुरहानपुर की दोनों कांग्रेस कमेटियों को भंग कर दिया है। ऑफिशियल आर्डर ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी की तरफ से केसी वेणुगोपाल ने जारी किया है। इसके साथ ही जबलपुर में नए जिला अध्यक्ष की नियुक्ति की घोषणा कर दी गई। 

अरुण यादव को लोकसभा उपचुनाव में हार की सजा 

ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी की तरफ से केसी वेणुगोपाल द्वारा जारी प्रेस रिलीज में बताया गया है कि खंडवा शहर एवं ग्रामीण और बुरहानपुर शहर एवं ग्रामीण कि कांग्रेस कमेटियों को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि लोकसभा उपचुनाव में चारों कांग्रेस कमेटियों ने पार्टी द्वारा घोषित प्रत्याशी के पक्ष में ठीक प्रकार से काम नहीं किया। सनद रहे कि दोनों जिलों में कांग्रेस पार्टी के क्षेत्रीय नेता अरुण यादव के समर्थक प्रमुख पदाधिकारियों में शामिल थे। यह आदेश अरुण यादव को पार्टी में कमजोर प्रदर्शित करने के लिए बताया जा रहा है।

जबलपुर में नए जिलाध्यक्ष की घोषणा 

कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ की अनुशंसा पर जगत बहादुर सिंह उर्फ अन्नू को जबलपुर शहर कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष घोषित किया गया है। 2018 के विधानसभा चुनाव के समय जगत बहादुर सिंह अनु को शहर कांग्रेस कमेटी का कार्यवाहक अध्यक्ष बनाया गया था। सनद रहे कि जगत बहादुर सिंह जबलपुर के नेता विवेक तंखा के पुराने नजदीकी हैं। मध्य प्रदेश की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया MP NEWS पर क्लिक करें.

GWALIOR NEWS- ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बल्ला घुमाया, लेकिन समर्थकों को गुगली का इंतजार

Posted: 09 Dec 2021 05:40 AM PST

ग्वालियर
। केंद्रीय मंत्री, शिवराज सिंह के बाद भाजपा के सबसे लोकप्रिय नेता और ग्वालियर की राजनीति के महाराजा ज्योतिरादित्य सिंधिया ने आज न्यू क्रिकेट स्टेडियम में बल्ला घुमाया। यह स्टेडियम अभी अंडर कंस्ट्रक्शन है। ज्योतिरादित्य सिंधिया ऑफिशल विजिट पर आए हुए थे। 

राजनीति में ज्योतिरादित्य सिंधिया की गुगली बॉल का इंतजार

वैसे राजनीति में लोग ज्योतिरादित्य सिंधिया की गुगली बॉल का इंतजार कर रहे हैं। 2023 के विधानसभा चुनाव नजदीक आ गए हैं। भारतीय जनता पार्टी संगठन में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के प्रति विरोध बढ़ता जा रहा है। इधर ज्योतिरादित्य सिंधिया दिल्ली में लगातार मध्य प्रदेश के नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं। माना जा रहा है कि विधानसभा चुनाव से पहले ज्योतिरादित्य सिंधिया कम से कम 1 ओवर फेंकेगे। शिवराज सिंह चौहान क्लीन बोल्ड हो गए तो ठीक नहीं तो चुनाव प्रचार।

ज्योतिरादित्य सिंधिया- ग्वालियर-चंबल नहीं मध्य प्रदेश के नेता 

ज्योतिरादित्य सिंधिया को जब से केंद्रीय मंत्री का पद मिला है। वह इसका दोहरा उपयोग कर रहे हैं। एक तरफ केंद्र में अपनी पकड़ मजबूत बनाते जा रहे हैं। दूसरी तरफ मध्यप्रदेश में अपनी टीम का विस्तार कर रहे हैं। जब तक कांग्रेस पार्टी में थे, ज्योतिरादित्य सिंधिया ग्वालियर-चंबल संभाग के नेता थे। अब वह पूरे मध्यप्रदेश में काम कर रहे हैं। ग्वालियर की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया GWALIOR NEWS पर क्लिक करें.

भोपाल इंदौर में कलेक्टर की पावर कट, पुलिस का डंडा मजबूत - BHOPAL NEWS

Posted: 09 Dec 2021 07:17 AM PST

भोपाल
। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की मंजूरी और नोटिफिकेशन के बाद मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल और सबसे बड़े शहर इंदौर में पुलिस कमिश्नर सिस्टम लागू हो गया है। इसी के साथ दोनों शहरों में कलेक्टर की पावर कम हो गई है। जबकि पुलिस का डंडा मजबूत हो गया है। अब दोनों शहरों की पुलिस, कलेक्टर के अंडर में काम नहीं करेगी। पुलिस स्वतंत्र रूप से अपना काम करेगी और कलेक्टर केवल प्रशासनिक व्यवस्थाएं और टैक्स की वसूली देखेंगे। कानून और व्यवस्था का प्रश्न कलेक्टर के लिए नहीं रहेगा।

गृहमंत्री डॉक्टर नरोत्तम मिश्रा ने प्रेसवार्ता में कहा कि मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की घोषणा के अनुरूप भोपाल और इंदौर में आज से पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू करने का फैसला लिया गया है। इसका नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया गया है। पुलिस कमिश्नर प्रणाली में भोपाल के 38 पुलिस थाना क्षेत्र और इंदौर के 36 पुलिस थाना क्षेत्र शामिल किए जाएंगे। 

सनद रहे कि लगभग 40 साल पहले मध्य प्रदेश में पुलिस कमिश्नर प्रणाली को लेकर शुरुआत हुई थी लेकिन आईएएस लॉबी की आपत्ति के कारण इससे पहले तक कभी भी पुलिस कमिश्नर सिस्टम को लागू नहीं किया जा सका। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल में ही इसे लेकर काफी विचार मंथन हो चुका है। भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों का कहना है कि पुलिस कमिश्नर सिस्टम, पुलिस डिपार्टमेंट को बेलगाम कर देगा। क्योंकि जिले में पुलिस पर कलेक्टर का कंट्रोल नहीं रह जाएगा। मध्य प्रदेश की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया MP NEWS पर क्लिक करें.

EPFO NEWS- 22 करोड़ कर्मचारियों के खातों में ब्याज जमा

Posted: 09 Dec 2021 04:52 AM PST

नई दिल्ली।
भारत के सरकारी और प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले 22 करोड़ कर्मचारियों के लिए गुड न्यूज़ है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने उनके हाथों में वित्तीय वर्ष (FY) 2020-21 के लिए 8.50 प्रतिशत की दर से ब्याज की रकम जमा करवा दी है। ईपीएफओ ने इसकी ऑफिशियल जानकारी पब्लिक कर दी है। 

ईपीएफओ ने एक ट्वीट में कहा, वित्त वर्ष 2020-21 के लिए 22.55 करोड़ खातों में 8.50% ब्याज के साथ जमा किया गया है। अब इसके बाद आप तुरंत चेक करें कि आपके पीएफ खाते में यह पैसा आया है या नहीं। ईपीएफओ ने 30 अक्टूबर 2021 के एक सर्कुलर में कर्मचारी भविष्य निधि सदस्य खातों के लिए वर्ष 2020-21 के लिए ब्याज दर की घोषणा की घोषणा की। 

श्रम और रोजगार मंत्रालय ने कर्मचारी भविष्य निधि योजना, 1952 के पैरा 60 (1) के तहत केंद्र सरकार की मंजूरी से वर्ष 2020-21 के लिए प्रत्येक सदस्य के खाते में 8.50 प्रतिशत की दर से ब्याज क्रेडिट करने की मंजूरी दे दी है। ईपीएफओ ने अपने आधिकारिक परिपत्र में कहा ईपीएफ योजना, 1952 के पैरा 60 के प्रावधानों के अनुसार ईपीएफ योजना के तहत यह लाभ दिया गया है।

EPFO ACCOUNT बैलेंस कैसे चेक करें

1) बैलेंस चेक करने के लिए EPFO ​​मेंबर्स को EPFOHO UAN ENG टाइप करके 7738299899 पर SMS करना होगा।
2) पंजीकृत उपयोगकर्ता 011-22901406 पर एक मिस्ड कॉल भेज सकते हैं जिसके बाद उन्हें पीएफ खाते की शेष राशि के विवरण के साथ एक एसएमएस प्राप्त होगा।
3) पंजीकृत उपयोगकर्ता ईपीएफओ वेबसाइट के माध्यम से भी पीएफ बैलेंस की जांच कर सकते हैं
4) आप अपने यूएएन और ओटीपी के साथ लॉग इन करने के बाद उमंग ऐप पर अपनी पीएफ पासबुक भी एक्सेस कर सकते हैं।

MP Panchayat Chunav- हाईकोर्ट में हार गई कांग्रेस, चुनाव का रास्ता साफ

Posted: 09 Dec 2021 07:01 AM PST

जबलपुर
। मध्य प्रदेश त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव प्रक्रिया के खिलाफ कांग्रेस पार्टी द्वारा हाईकोर्ट में लगाई गई याचिका खारिज कर दी गई। मुख्य न्यायाधीश रवि मलिमठ व जस्टिस विजय कुमार शुक्ला की युगलपीठ ने ग्वालियर बेंच में जस्टिस रोहित आर्या की अध्यक्षता वाली युगलपीठ द्वरा पूर्व में अन्तरिम राहत की अर्जी खारिज करने के बिंदु को ध्यान में रखते हुए मांग नामंजूर कर दी। 

कांग्रेस पार्टी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक कृष्ण तन्खा ने बहस की। हाईकोर्ट में हार जाने के बाद कांग्रेस पार्टी के वकील ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का रास्ता खुला हुआ है। मध्यप्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर दायर विभिन्न याचिकाओं की गुरुवार नौ दिसंबर को एक साथ सुनवाई हुई। इस मामले में सर्वप्रथम अधिवक्ता महेंद्र पटेरिया फिर ब्रम्हेंद्र पाठक व वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक कृष्ण तन्खा, शशांक शेखर और अंत में आदर्शमुनि त्रिवेदी एसोसिएट की ओर से याचिकाएं दायर की गई थीं।

पिछले 3 दिनों से सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर काफी हंगामा था। कहा जा रहा था कि प्रक्रिया गलत है और संविधान की नीतियों के विपरीत है। दावा किया जा रहा था कि हाईकोर्ट से पंचायत चुनाव को स्टे कर दिया जाएगा। पहले ग्वालियर और जबलपुर हाई कोर्ट द्वारा याचिका खारिज कर दिए जाने के बाद पंचायत चुनाव के रास्ते में अब कोई विघ्न नहीं है। मध्य प्रदेश में चुनाव संबंधी समाचार एवं अपडेट के लिए कृपया mp election news पर क्लिक करें.

MPPSC NEWS- स्टेट इंजीनियरिंग सर्विस परीक्षा की फाइनल आंसर की जारी

Posted: 09 Dec 2021 04:14 AM PST

इंदौर
। MP Public Service Commission (MPPSC) Indore ने state Engineering services examination 2020 के लिए Final answer key जारी कर दी है। दावा किया गया है कि अभ्यर्थियों से प्राप्त आपत्तियों पर विशेषज्ञों की समिति द्वारा सूक्ष्म जांच के बाद अंतिम उत्तर कुंजी तैयार की गई है। 

मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग इंदौर द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार राज्य अभियांत्रिकी सेवा परीक्षा 2020 के संदर्भ में प्राविधिक उत्तर कुंजी दिनांक 17 नवंबर 2021 को जारी की गई थी। आपत्तियों के लिए 7 दिन का समय दिया गया था। परीक्षार्थियों से प्राप्त आपत्तियों पर विषय के विशेषज्ञों की समिति द्वारा सूक्ष्म जांच की गई एवं विशेषज्ञों द्वारा अनुशंसित अंतिम उत्तर कुंजी जारी की जा रही है। 

इसी के आधार पर परीक्षा परिणाम घोषित किया जाएगा। एमपीपीएससी का कहना है कि इस फाइनल आंसर की पर परीक्षार्थियों की तरफ से किसी भी प्रकार का चैलेंज एक्सेप्ट नहीं किया जाएगा। यह विज्ञप्ति एमपीपीएससी की ऑफिशल वेबसाइट पर उपलब्ध है। उच्च शिक्षा, सरकारी और प्राइवेट नौकरी एवं करियर से जुड़ी खबरों और अपडेट के लिए कृपया MP Career News पर क्लिक करें.

RDVV NEWS - NOC नहीं तो नामांकन नहीं, यूनिवर्सिटी का नोटिस जारी

Posted: 09 Dec 2021 04:03 AM PST

जबलपुर
। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय, जबलपुर के उप कुलसचिव परीक्षा के आदेश अनुसार पत्र क्रमांक 1099 द्वारा एक संशोधित अधिसूचना जारी की गई है। जिसमें समस्त संबद्ध शासकीय/ अशासकीय तथा शासकीय/ अशासकीय स्वशासी महाविद्यालय को सूचित किया गया है कि सत्र 2021-22 के नामांकन प्रक्रिया प्रारंभ होने के पूर्व महाविद्यालय में प्रवेशित वार्षिक पद्धति स्नातक तथा स्नातकोत्तर एवं व्यावसायिक पाठ्यक्रम सेमेस्टर पद्धति में प्रवेश हेतु छात्र/ छात्राओं की अकादमिक, सांस्कृतिक, छात्रसंघ,  ग्रंथालय, कौशल विकास, शारीरिक शिक्षण तथा परीक्षा संचालन शुल्क आदि विश्वविद्यालय के संबंधित विभागों को समस्त शुल्क जमा कराके, दिनांक 20 दिसंबर 2021 तक एनओसी की एक प्रति नामांकन शाखा में अनिवार्य रूप से जमा कराएं। एनओसी का प्रारूप विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध है। 

रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय, जबलपुर की ओर से NOC के लिये संशोधित अधिसूचना जारी की गई है। इस अधिसूचना के अनुसार जिन महाविद्यालयों की एनओसी जमा नहीं कराई जाएगी, ऐसे महाविद्यालयों के नामांकन जनरेट नहीं किए जाएंगे, जिसकी संपूर्ण जवाबदारी संबंधित महाविद्यालय की ही होगी। 

गौरतलब है कि विश्वविद्यालय द्वारा महाविद्यालयों को सत्र 2021- 22 में मान्य किए गए पाठ्यक्रमों की संबद्धता एवं निरंतरता का पत्र अनिवार्य रूप से संलग्न किया जाए। इसके साथ ही विश्वविद्यालय से संबद्ध समस्त महाविद्यालय प्रभारी, नोडल सेंटर ऑनलाइन सेल से छात्र संख्या का सत्यापन कराने के पश्चात ही संबंधित विभागों के अकाउंट में शुल्क जमा करें। उच्च शिक्षा, सरकारी और प्राइवेट नौकरी एवं करियर से जुड़ी खबरों और अपडेट के लिए कृपया MP Career News पर क्लिक करें.

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