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Thursday, December 16, 2021

Bhopal Samachar | No 1 hindi news portal of central india (madhya pradesh)

Bhopal Samachar | No 1 hindi news portal of central india (madhya pradesh)


DAVV NEWS- परीक्षा के लिए आदेश का इंतजार, मंत्री बयान देकर भूले

Posted: 16 Dec 2021 06:54 AM PST

इंदौर
। मध्य प्रदेश शासन के उच्च शिक्षा विभाग एवं उच्च शिक्षा मंत्री ने परीक्षाओं को लेकर कन्फ्यूजन की स्थिति खड़ी कर दी है। उच्च शिक्षा विभाग ने परीक्षा के ऑनलाइन अथवा ऑफलाइन मोड को लेकर यूनिवर्सिटी को स्वतंत्र कर दिया था लेकिन उच्च शिक्षा मंत्री डॉ मोहन सिंह यादव ने ऑनलाइन परीक्षा कराने से मना कर दिया। मंत्री डॉ यादव के बाद से लेकर अब तक डिपार्टमेंट की तरफ से कोई आदेश जारी नहीं हुआ है।

देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट एक बार फिर उच्च शिक्षा विभाग के आदेश का इंतजार कर रहा है। जब तक स्थिति स्पष्ट नहीं हो जाएगी तब तक देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में परीक्षाओं का आयोजन नहीं होगा। अलबत्ता यूथ फेस्टिवल की तैयारी शुरू हो गई है। माना जा रहा है कि जनवरी पहले सप्ताह के बाद परीक्षा आयोजित हो सकती है। जबकि एकेडमिक कैलेंडर के मुताबिक दिसंबर-जनवरी के बीच पहले, तीसरे, पांचवे, सातवें और नौवें सेमेस्टर की परीक्षाएं खत्म होना चाहिए।

बीबीए, बीसीए, एमए, एमकाम, एमएससी, एमएचएससी, एमबीए सहति लॉ और बीएड-एमएड की सेमेस्टर परीक्षाएं आफलाइन होना थी लेकिन स्टूडेंट्स द्वारा लगातार विरोध किया गया तो यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट ने उच्च शिक्षा विभाग से मार्गदर्शन मांग लिया। इसके तत्काल बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में ऑनलाइन परीक्षा आयोजित करने की घोषणा कर दी। 

मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद उच्च शिक्षा विभाग ने सभी विश्वविद्यालय को मनचाहे तरीके से परीक्षा कराने के लिए स्वतंत्र कर दिया लेकिन उच्च शिक्षा मंत्री डॉ मोहन यादव ने बयान जारी करके कहा कि परीक्षाएं ऑफलाइन ही होंगी। ऑनलाइन परीक्षाओं का आयोजन नहीं होगा। इस बयान के बाद कोई आदेश जारी नहीं हुआ। कुल मिलाकर मामला वहीं वापस चौराहे पर आकर खड़ा हो गया है। उच्च शिक्षा, सरकारी और प्राइवेट नौकरी एवं करियर से जुड़ी खबरों और अपडेट के लिए कृपया MP Career News पर क्लिक करें.

BHOPAL NEWS- कर्मचारी कुचलते हुए क्रेन निकल गई, मौत

Posted: 16 Dec 2021 06:36 AM PST

भोपाल
। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक क्रेन के चालक ने प्राइवेट कंपनी के सुपरवाइजर को ना केवल टक्कर मारी बल्कि उसे कुचलते हुए आगे बढ़ गया। जिसके कारण कर्मचारी की घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई।

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक राकेश श्रीवास्तव उम्र 35 वर्ष मूल रूप से शंकरगंज, शाहपुरा, डिंडौरी के रहने वाले थे और भोपाल में द्वारिका नगर बजरिया में रहते थे। वह रेलवे का काम करने वाली कंपनी में सुपरवाइजर थे। बुधवार शाम करीब साढ़े पांच बजे वह काम खत्म कर पैदल घर लौट रहे थे। तभी टीआरटी गेट के पास पीछे से आ रही क्रेन ने उन्हें टक्कर मारी और को चलते हुए आगे निकल गई। 

पुलिस का कहना है कि जिस जगह पर एक्सीडेंट हुआ वहां एक बड़ा सा पेड़ है। क्रेन के ड्राइवर ने सामने पेड़ आ जाने के बावजूद यह देखा ही नहीं कि रोड क्लियर है या नहीं। वह लगातार आगे बढ़ता चला गया। राकेश श्रीवास्तव को कब तक कर लगी और कब वह पहिए के नीचे आ गए, क्रेन के ड्राइवर ने ध्यान ही नहीं दिया। जब लोगों ने शोर मचाया तब जाकर उसने ट्रेन को रोका। भोपाल की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया bhopal news पर क्लिक करें.

MP NEWS- सीएम शिवराज सिंह के आदेश से अचानक बेरोजगार हो गए 1827 चयनित उम्मीदवार

Posted: 16 Dec 2021 06:05 AM PST

भोपाल
। मध्यप्रदेश में सरकारी नौकरी के अवसर कम किए जा रहे हैं। शासकीय उचित मूल्य की दुकान पर लोगों को राशन वितरण के लिए 1827 चयनित कनिष्ठ संविदा विक्रेताओं की नियुक्ति प्रक्रिया एंड टाइम पर रोक दी गई। सहकारिता विभाग द्वारा बुधवार को अचानक आदेश जारी कर दिए गए। पता चला है कि कनिष्ठ संविदा विक्रेता का पद समाप्त किया जा रहा है। भविष्य में कभी इस पद पर कोई नियुक्ति नहीं होगी।

मध्य प्रदेश सहकारिता विभाग ने अचानक नियुक्ति प्रक्रिया रोकने के आदेश जारी किए

सहकारिता विभाग ने कनिष्ठ संविदा विक्रेता के 3626 पद स्वीकृत किए थे। भर्ती हेतु विज्ञापन जारी किया गया था। एमपी आनलाइन के माध्यम से चयन प्रक्रिया कराई गई। इसमें 45 हजार से ज्यादा अभ्यर्थियों ने भाग लिया था। डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के बाद 1799 उम्मीदवारों की नियुक्ति हो चुकी है जबकि शेष 1827 उम्मीदवारों को नियुक्ति की प्रक्रिया लगातार जारी थी कि तभी बुधवार को सहकारिता विभाग ने अचानक नियुक्ति प्रक्रिया को रोकने के आदेश जारी कर दिए। 

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने व्यवस्था ही बदल दी 

बताया गया है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शासकीय उचित मूल्य की दुकानों पर राशन के वितरण की व्यवस्था ही बदल दी है। पहले राशन का वितरण विक्रेताओं के द्वारा किया जाता था परंतु अब स्व सहायता समूह के द्वारा किया जाएगा। इसके लिए नियमों में परिवर्तन किया जा रहा है। सामान्यतः ऐसी स्थिति में आगामी भर्ती प्रक्रिया को रद्द कर दिया जाता है परंतु मध्यप्रदेश में भर्ती प्रक्रिया के अंतिम चरण में अचानक नियुक्ति को रोक दिया गया। 1827 उम्मीदवार, कल तक सरकारी कर्मचारी बनने वाले थे आज बेरोजगार हो गए। मध्य प्रदेश की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया mp news पर क्लिक करें.

MP NEWS- कलेक्टर के रिश्वतखोर बाबू को 4 साल की जेल

Posted: 16 Dec 2021 05:43 AM PST

भोपाल
। मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में भ्रष्टाचार के मामलों की सुनवाई करने वाली स्पेशल कोर्ट ने कलेक्टर ऑफिस के बाबू (क्लर्क) गुलाबचंद जांगड़े को रिश्वतखोरी के मामले में भ्रष्टाचार का दोषी पाते हुए 4 साल की जेल की सजा सुनाई है। कलेक्टर के बाबू को 2016 में लोकायुक्त की टीम ने रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा था। 

मीडिया सेल प्रभारी मनोज सैयाम ने बताया कि आवेदक सिवनी निवासी एमके खान ने भूमि विक्रय के लिए कलेक्टर कार्यालय में आवेदन दिया था। उसे भूमि विक्रय के लिए अनुमति पत्र भी दे दिया गया था परंतु उसमें जानबूझकर टाइपिंग की गलती की गई। जिसके कारण जमीन का सौदा नहीं हो पा रहा था। आवेदक ने वापस कलेक्टर कार्यालय में संपर्क किया तो कलेक्टर के रीडर गुलाबचंद जांगड़े ने संशोधित अनुमति पत्र जारी करने के बदले ₹2000 की रिश्वत मांगी। 

पीड़ित व्यक्ति द्वारा इस मामले की शिकायत लोकायुक्त पुलिस से की गई। प्राइमरी इन्वेस्टिगेशन शिकायत सही पाई गई। लोकायुक्त पुलिस ने प्लानिंग के तहत शिकायतकर्ता को रिश्वत देने के लिए कलेक्टर के रीडर के पास भेजा। दिनांक 27 जनवरी 2016 को कलेक्टर ऑफिस में बने जैन कैंटीन में जैसे ही शिकायतकर्ता ने कलेक्टर के लिए को रिश्वत के ₹2000 दिए, लोकायुक्त की टीम ने छापामार कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार कर लिया। मध्य प्रदेश की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया mp news पर क्लिक करें.

MP Panchayat Chunav news- आरक्षण विवाद पर हाईकोर्ट में कार्यवाही का विवरण

Posted: 16 Dec 2021 05:21 AM PST

जबलपुर
। मध्य प्रदेश त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में आरक्षण विवाद को लेकर कांग्रेस पार्टी वापस हाईकोर्ट में आई लेकिन उसकी कोई मांग पूरी नहीं हुई। हाईकोर्ट ने तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया। चुनाव प्रक्रिया पर रोक लगाने से भी मना कर दिया। 

सुप्रीम कोर्ट द्वारा कांग्रेस पार्टी के नेताओं की याचिका वापस मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में सुनवाई के लिए फॉरवर्ड किए जाने के बाद कांग्रेस पार्टी में बिल्कुल वैसा ही माहौल था जैसा कि किसी खेल में जीत सुनिश्चित हो जाने पर टीम के भीतर होता है। निर्देशानुसार कांग्रेस पार्टी ने हाईकोर्ट में याचिका प्रस्तुत की, लेकिन यहां से निराश होकर वापस लौटना पड़ा। 

हाईकोर्ट ने याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार तो कर लिया परंतु बहस के लिए अगली तारीख 3 जनवरी 2022 निर्धारित की। कांग्रेस पार्टी के नेताओं की तरफ से तत्काल सुनवाई के निवेदन को अस्वीकार कर दिया गया। इसके अलावा पंचायत चुनाव में नामांकन सहित किसी भी प्रक्रिया पर रोक लगाने से मना कर दिया। 

सनद रहे कि इस याचिका को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट द्वारा पूर्व में दो बार खारिज किया जा चुका है। मध्य प्रदेश में चुनाव संबंधी समाचार एवं अपडेट के लिए कृपया mp election news पर क्लिक करें.

BHOPAL ACP की गाड़ी में सामने से टक्कर मारी, लड़की सहित 4 को घायल किया- drink and drive

Posted: 16 Dec 2021 05:06 AM PST

भोपाल
। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में पुलिस कमिश्नर सिस्टम के पहले सप्ताह में ड्रिंक एंड ड्राइव का सनसनीखेज मामला सामने आया है। नशे में टल्ली एक युवक ने अपनी फॉर्च्यूनर कार ACP हनुमानगंज की गाड़ी में सीधे सामने आकर ठोक दी और फरार हो गया। एक लड़की सहित 4 लोगों को घायल किया। चार अन्य वाहनों में टक्कर मारी। 3 थानों की पुलिस पीछा कर रही थी लेकिन पब्लिक ने पकड़ लिया, जमकर धुनाई लगाई और पुलिस के हवाले कर दिया।

पुलिस आरक्षक दीपक जनोरिया ने जहांगीराबाद थाना पुलिस को बताया कि वह ACP हनुमानगंज के ड्राइवर हैं। उन्हें घर छोड़कर वापस कंट्रोल रूम जा रहे थे कि तभी शब्बन चौराहा के पास सामने से फॉर्च्यूनर कार आई और सीधी टक्कर मार दी। वह संभल पाते इससे पहले फॉर्च्यूनर कार फरार हो गई। उन्होंने तत्काल कंट्रोल रूम को सूचित किया। फॉर्च्यूनर कार जिंसी की तरफ भागी थी। भोपाल की हनुमानगंज, जहांगीराबाद और ऐशबाग थाना पुलिस कार की तलाश कर रहे थे।

इधर फॉर्च्यूनर कार जिंसी और पुल बोगदा में एक्सीडेंट करते हुए ऐशबाग पहुंच गई। यहां पर भी एक कार में टक्कर मार दी। इसके साथ ही पब्लिक ने फॉर्च्यूनर कार को घेर लिया। कार में सवार युवक को नीचे उतारा और जमकर पिटाई लगाई। फिर पुलिस के हवाले कर दिया। इस मामले के इन्वेस्टिगेशन ऑफीसर सब इंस्पेक्टर विनोद शुक्ला ने बताया कि फॉर्च्यूनर कार चलाने वाले नशे में धुत युवक का नाम अयाज खान उम्र 32 वर्ष है। जिस फॉर्च्यूनर कार से हिट एंड रन केस हुआ है महाराष्ट्र में एक महिला के नाम रजिस्टर्ड है। भोपाल की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया bhopal news पर क्लिक करें.

MP BOARD- पेपर सरल होंगे, स्टूडेंट्स को किताबें चुनने की आजादी

Posted: 16 Dec 2021 05:23 AM PST

भोपाल
। नई शिक्षा नीति 2020 के तहत मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल की व्यवस्थाओं में क्या परिवर्तन होगा, बोर्ड रिफॉर्म्स एवं असिस्मेंट विषय पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी के पहले दिन इसी बात पर डिस्कस हुआ। 

एमपी बोर्ड के स्टूडेंट्स अब सब्जेक्ट नहीं बुक्स सिलेक्ट कर सकेंगे

बताया गया कि स्टूडेंट्स को अब तक सब्जेक्ट चुनने की आजादी थी लेकिन अब किताबें चुनने की आजादी होगी। यानी एक स्टूडेंट मैथ्स के साथ हिस्ट्री की पढ़ाई भी कर सकता है। PCM अनिवार्य नहीं होगा। पेपर भी सरल होंगे। सेमिनार भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर (मिंटो हॉल) में मध्यप्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग एवं माध्यमिक शिक्षा मंडल के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। जिसमें विभिन्न प्रदेशों के शिक्षा बोर्ड, एनसीईआरटी, सीबीएससी, आईसीएसई, आईबी कैंब्रिज बोर्ड और प्रदेश के शिक्षाविद शामिल हुए। 

नई शिक्षा नीति 2020- एमपी बोर्ड परीक्षाओं में क्या बदलेगा

ओपन बुक पैटर्न से परीक्षा की संभावना तलाशी जा रही
ऑनलाइन पढ़ाई के साथ ही ऑनलाइन परीक्षा के विकल्प
अपनी स्ट्रीम के साथ छात्र स्ट्रीम से अलग विषय ले सकेगा
बेसिक और स्टैंडर्ड गणित में से चुनाव कर सकेगा छात्र
सभी स्कूलों में नेट कनेक्टिविटी करने का प्रयास किया जा रहा
एक सेंटर में ऑनलाइन परीक्षा का प्रयोग किया जाएगा
स्किल बेस एजुकेशन पर अब जोर दिया जाएगा
ऑनलाइन पढ़ाई के लिए सभी विषयों पर 700 से अधिक वीडियो तैयार किए गए
15 हजार 500 प्रश्न का बैंक बनाया गया है

बोर्ड रिफॉर्म्स एवं असिस्मेंट सेमिनार- यह सुझाव आए

ऑनलाइन एक्जाम कराएं
ऑनलाइन पेपर जांचने की सुविधा
प्रश्नों के उत्तरों को ज्यादा से ज्यादा छोटा पैटर्न किया जाए
परीक्षा के समय को 3 घंटे के तय समय को बदलना
बड़े उत्तर लिखने की जगह बिंदुवार किया जाए
नेशनल टेस्ट एजेंसी की तरह ही राज्य भी परीक्षा आयोजित करने का सिस्टम बनाएं

एमपी बोर्ड- 15 लाख स्टूडेंट्स, 1 दिन में 1 लाख ऑनलाइन परीक्षा दे सकते हैं

संगोष्ठी के दौरान बताया गया कि मध्यप्रदेश में अभी करीब 40 हजार कम्प्यूटर है। ऐसे में एक दिन में करीब 80 हजार छात्र ऑनलाइन परीक्षा दे सकते हैं। हालांकि, इसके अलावा प्राइवेट एजेंसी टैबलेट के माध्यम से भी परीक्षा आयोजित करवाते हैं। यह एक साथ 1 लाख छात्रों से पेपर दिलवा सकते हैं। सनद रहे कि चालू शिक्षा सत्र में कक्षा 10 एवं कक्षा 12 की कुल 17 लाख विद्यार्थियों ने परीक्षा के लिए आवेदन किया है। मध्य प्रदेश की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया mp news पर क्लिक करें.

मप्र कैबिनेट मीटिंग का आधिकारिक प्रतिवेदन - MP CABINET MEETING OFFICIAL REPORT 16 DEC 2021

Posted: 16 Dec 2021 05:24 AM PST

17 जिलों के 6117 गाँवों में घरेलू नल कनेक्शन हेतु योजना मंजूर

भोपाल। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा मध्यप्रदेश जल निगम के माध्यम से क्रियान्वित की जाने वाली समूह जल-प्रदाय योजनाओं को मंजूरी दी गई। अनुमोदित की गई 22 समूह जल-प्रदाय योजनाओं से 17 जिलों के 6117 गाँवों में प्रत्येक घर को घरेलू नल कनेक्शन के माध्यम से पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराई जा सकेगी। इन 22 योजनाओं की लागत 9373 करोड़ 99 लाख रूपये है। 

नीलाम की गई संपत्तियों की रजिस्ट्री हेतु कलेक्टरों को अधिकार

मंत्रि-परिषद द्वारा परिवहन विभाग की डबरा जिला ग्वालियर स्थित डिपो की भूमि एवं भवन परिसम्पत्ति के निर्वर्तन के लिए ई-नीलामी में लगाई गई बोली में से उच्चतम H-1 निविदाकार बोली मूल्य 5 करोड़ 52 लाख 75 हजार रूपये तथा परिवहन विभाग की वार्ड क्र. 23, ए.बी. रोड, गुना स्थित गुना बस स्टेंड एवं सब-डिपो स्थित भूमि एवं भवन परिसम्पत्ति के निर्वर्तन के लिए ई-नीलामी में लगाई गई बोली में से उच्चतम H-1 निविदाकार की निविदा बोली मूल्य 32 करोड़ एक लाख रूपये के अनुमोदन का अनुबंध/रजिस्ट्री के निष्पादन की कार्यवाही जिला कलेक्टरों द्वारा किये जाने का निर्णय लिया गया।

स्व-सहायता समूहों का विलय

मंत्रि-परिषद् द्वारा तेजस्विनी कार्यक्रम में गठित स्व-सहायता समूहों के कार्य-क्षेत्र एवं स्वरूप को यथावत रखते हुए राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन में उनका विलय किए जाने का अनुमोदन किया गया।

सड़क विकास निगम को क्रियान्वयन एजेंसी बनाने की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम को शासन के विभिन्न विभागों की भवन परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए क्रियान्वयन एजेंसी बनाये जाने की स्वीकृति दी।

MP Building Development Corporation- MP-BDC को कैबिनेट की मंजूरी

प्रदेश में भवन निर्माण के लिए मध्यप्रदेश भवन विकास निगम (MP Building Development Corporation (MP-BDC)) के रूप में एक नवीन शासकीय कम्पनी के गठन की सैद्धांतिक स्वीकृति दी गई। नवीन कम्पनी के क्रियाशील होने तक MPRDC को अपने वर्तमान दायित्वों के साथ स्वीकृत पदों पर नियुक्ति/प्रतिनियुक्ति/संविदा/सेवाप्रदाता के रूप में चयन कर भवन निर्माण के कार्यों के क्रियान्वयन की स्वीकृति दी गई। परियोजना में डीपीआर, सुपरविजन कंसलटेंसी, प्रशासनिक एवं अन्य व्यय, वेतन-भत्ते के लिए निगम को परियोजना लागत पर निर्धारित 6 प्रतिशत सुपरविजन चार्ज के रूप दिया जायेगा। कार्यों की आवश्यकता के दृष्टिगत स्वीकृत सेट-अप में ही विभिन्न जिलों में पृथक से परियोजना क्रियान्वयन इकाई खोलने एवं परियोजना पूर्ण होने के उपरांत उसे बंद करने का निर्णय लेने के लिए प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम को अधिकृत किया गया।

144 में से 72 अभियोजन अधिकारियों की भर्ती को मंजूरी

मंत्रि-परिषद द्वारा सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारियों के रिक्त 144 पदों में से पहले चरण में 72 पदों की पूर्ति किये जाने का अनुमोदन किया गया।  राजेश दाहिमा 
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RGPV में नौकरियां- कंसलटेंट एंड एसोसिएट के लिए जॉब नोटिफिकेशन- mp government jobs

Posted: 16 Dec 2021 04:11 AM PST

राजीव गांधी विषय राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय भोपाल में कंसलटेंट/ एसोसिएट को हायर करने के लिए सूचना जारी की गई है। इस सूचना के अनुसार आईपीआर कंसलटेंट को इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी फील्ड से होना चाहिए। फार्मेसी और अप्लाइड साइंस में कांटेक्ट बेसिस पर 1 साल के लिए रखा जाएगा। 

एप्लीकेशन फॉर्म आरजीपीवी की वेबसाइट htpps://www.rgpv.ac.in से डाउनलोड किए जा सकते हैं। आवेदन के लिए योग्यता, जॉब डिस्क्रिप्शन और अन्य जानकारी विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। एप्लीकेशन फॉर्म 31 दिसंबर की शाम 5:30 बजे तक आईपीआर, कोऑर्डिनेटर को सॉफ्ट और एक हार्ड कॉपी में जमा कराने हैं। 

IPR CONSULTANT / ASSOCIATE के आवेदन के लिए आवश्यक योग्यता -
1. बीई बीटेक एमटेक पीएचडी इन साइंस एंड टेक्नोलॉजी 
2. कम से कम 15 वर्ष का अनुभव. 
3. इंडिया /US / EU और अन्य देशों के पेटेंट लॉ और एक्सपोजर की पूर्ण जानकारी होना चाहिए।
अधिक जानकारी के लिए राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर विजिट करें।
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MPPSC NEWS- चेयरमैन बदले, क्या सिस्टम भी बदलेगा

Posted: 16 Dec 2021 05:44 AM PST

इंदौर
। MP Public Service Commission Indore (मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग) के चेयरमैन बदल गए हैं। प्रोफेसर राजेश लाल मेहरा ने पदभार ग्रहण कर लिया है। उम्मीदवारों की तरफ से बड़ा सवाल यह है कि क्या चेयरमैन के बदल जाने के बाद मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग का सिस्टम बदलेगा या फिर एमपीपीएससी का पुराना ढर्रा चलता रहेगा। 

प्रो.मेहरा इससे पहले पीएससी में कार्यवाहक अध्यक्ष के तौर पर पदस्थ थे। उससे पहले वे पीएससी में सदस्य थे। 16 नवंबर को प्रदेश कैबिनेट ने पूर्णकालिक अध्यक्ष के रूप में उनके नाम का अनुमोदन किया था। इसके बाद नियुक्ति आदेश जारी किया था। कुल मिलाकर प्रोफ़ेसर मेहरा को लोक सेवा आयोग का पुराना अनुभव है। अब उन्हें काम करने की स्वतंत्रता मिली है। देखना यह है कि वह अपना कार्यकाल किस प्रकार से पूरा करते हैं।

एक दिन पहले मुख्यमंत्री लापता के पोस्टर लगे हैं 

प्रोफ़ेसर राजेश लाल मेहरा ने उस समय पदभार ग्रहण किया है जबकि पूरे मध्यप्रदेश में एमपीपीएससी मैनेजमेंट का विरोध हो रहा है। विरोध के स्वर मुख्यमंत्री तक पहुंच गए हैं। इंदौर में राज्य सेवा परीक्षा के उम्मीदवारों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान लापता के पोस्टर लगा दिए हैं। सभी का एक सवाल है कि यदि हाईकोर्ट में आरक्षण का मामला 10 साल तक चलता रहा, तो क्या 10 साल तक एमपीपीएससी के सारे काम ठप पड़े रहेंगे। जैसे प्रमोशन में आरक्षण का मामला अटक गया है। मध्य प्रदेश की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया mp news पर क्लिक करें.

RTO कार्रवाई के खिलाफ ऑटो ड्राइवर ने आत्मदाह किया- JABALPUR NEWS

Posted: 15 Dec 2021 09:47 PM PST

जबलपुर
। परिवहन विभाग की लापरवाही के कारण पूरे शहर में बड़ी संख्या में अवैध ऑटो रिक्शा संचालित हो रहे हैं। हाईकोर्ट ने परिवहन आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी तो अचानक परिवहन विभाग ने अवैध ऑटो रिक्शा की धरपकड़ शुरू कर दी। इसके कारण तनाव की स्थिति बन गई है। एक ऑटो रिक्शा चालक ने इसी तनाव के चलते आत्मदाह कर लिया। 80% जली हुई स्थिति में उसे अस्पताल में भर्ती किया गया है।

बताया गया है कि ऑटो रिक्शा चालक चंद्रिका अहिरवार उम्र 24 साल, रामनगर में दुर्गा मंदिर के पास रहता है एवं ऑटो रिक्शा चलाकर पूरे परिवार का भरण पोषण करता है। परिवार में माता-पिता के अलावा पत्नी और 2 साल की बेटी भी है। कुछ दिनों पहले तक सब कुछ ठीक था। परिवहन विभाग वालों को सब कुछ पता था लेकिन वो करवाई नहीं करते थे। अब अचानक ऑटो रिक्शा जप्त करने लगे।

चंद्रिका की बहन कमला ने बताया कि आरटीओ की कार्रवाई के कारण चंद्रिका कई दिनों से तनाव में था। उसने अपना ऑटो घर पर खड़ा कर दिया था। 15 दिसंबर को वह ऑटो लेकर घर से निकला और फिर थोड़ी ही देर में वापस आ गया। घर पर ऑटो खड़ा करके मेमोरी तिराहा पहुंचा, जहां उसने खुद को आग लगा ली। डॉक्टरों का कहना है कि उसकी हालत काफी नाजुक है। 80% तक जल चुका है। उसके साथ ऐसा क्या हुआ और किसने किया, फिलहाल कुछ नहीं पता।

पुलिस का दावा- आत्मदाह नहीं एक्सीडेंट है

सीएसपी रांझी एमपी प्रजापति ने दावा किया है कि यह मामला आत्मदाह का नहीं बल्कि एक्सीडेंट का है। घायल चंद्रिका ने खुद तहसीलदार को बयान दिए हैं। चंद्रिका ने बताया है कि वह ऑटो के इंजन को केरोसिन से साफ कर रहा था। इस दौरान केरोसिन उसके कपड़ों पर गिर गया। इससे अनभिज्ञ चंद्रिका ने सिगरेट जलाई तो कपड़ों में आग लग गई। वह 80 प्रतिशत के लगभग झुलस गया है। 

हालांकि, सीएसपी ने यह नहीं बताया कि बयान की वीडियो रिकॉर्डिंग की गई है या नहीं और बयान के समय चंद्रिका के परिवार की कौन-कौन लोग उपस्थित थे। जबलपुर की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया jabalpur news पर क्लिक करें.

GWALIOR NEWS- 27 बेरोजगारों के नाम पर बड़े लोन फ्रॉड की साजिश पकड़ी

Posted: 15 Dec 2021 08:59 PM PST

ग्वालियर
। मध्य प्रदेश की ग्वालियर पुलिस ने ICICI BANK में 27 बेरोजगारों के नाम पर फर्जी पर्सनल लोन की साजिश को विफल कर दिया एवं 3 षडयंत्रकारियों को गिरफ्तार कर लिया। इन तीनों ने बेरोजगार लड़कों को हाई प्रोफाइल महिलाओं के साथ वक्त बिताने के बदले मोटी कमाई का लालच देकर उनके डाक्यूमेंट्स हासिल कर लिए थे। 

ग्वालियर पुलिस ने बताया कि इस साजिश का मास्टरमाइंड पंकज राजपूत है। पूछताछ के दौरान उसने बताया कि दो महीने और नहीं पकड़े जाते तो एक बड़ा बैंक फ्रॉड करने की पूरी तैयारी कर ली थी। पंकज राजपूत ने बताया कि उन्होंने दीपक ट्रेडर्स के नाम से एक फर्जी कंपनी बनाई। ग्वालियर की ICICI BANK में अकाउंट खुलवाए। बैंक में दीपक ट्रेडर्स कंपनी के 27 कर्मचारियों के फर्जी सैलेरी अकाउंट खुलवाए। 

लगभग 4 महीने पहले खोले गए इन खातों में कर्मचारियों के नाम से 10 से 15 हज़ार रुपए हर अकाउंट में प्रति महीने सैलरी के रूप में ट्रांसफर किए जा रहे थे। 2 महीने बाद कंपनी एकाउंट को 6 महीने पूरे होने पर इस कंपनी के नाम पर बैंक से एक भारी-भरकम पर्सनल लोन लेने की तैयारी थी। पर्सनल लोन प्राप्त होती सभी लोग अपना कारोबार ग्वालियर से समेटकर दिल्ली फरार होने वाले थे।

पिन प्वाइंट इंफॉर्मेशन और एडिशनल एसपी क्राइम राजेश डंडौतिया एवं डीएसपी विजय भदौरिया के कोआर्डिनेशन के कारण सैनिक कॉलोनी के बंसी राम मार्केट में फ्लाइट नंबर 1-A से मास्टर माइंड पंकज राजपूत निवासी मुरैना, सौरभ नवरविरया निवासी अंबाह मुरैना, अभिनव कुमार उर्फ गुलशन निवासी फैजाबाद यूपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने बताया कि आरोपियों के पास से 30 सिम कार्ड, 56 ATM कार्ड, 50 आधार कार्ड, 20 पेनकार्ड बरामद हुए हैं।

बेरोजगार लड़कों को ठगी का शिकार बनाते थे

पुलिस ने दावा किया है कि इन लोगों ने अब तक भारत के 1000 बेरोजगार लड़कों को अपनी ठगी का शिकार बनाया है। इन्होंने कम क्वालिफिकेशन वाले लड़कों को मोटी सैलरी देने की घोषणा करते हुए एक वेबसाइट बनाई थी। इस पर अप्लाई करने वाले लड़कों से सारे डाक्यूमेंट्स लिए जाते थे। लड़कों को बताया जाता था कि हाई प्रोफाइल घरों की महिलाओं के साथ समय बिताना है। इसके बदले मोटी रकम मिलेगी। रजिस्ट्रेशन के नाम पर लड़कों से फीस वसूली जाती थी। ग्वालियर की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया GWALIOR NEWS पर क्लिक करें. 

भारत सरकार ने लड़कियों की शादी की उम्र बदली, कैबिनेट की मंजूरी- Hindi Samachar

Posted: 15 Dec 2021 09:52 PM PST

नई दिल्ली।
भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की कैबिनेट ने भारत में लड़कियों की शादी की उम्र बदलने वाले प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस प्रस्ताव के अनुसार भारत में लड़कियों की शादी के लिए न्यूनतम आयु 18 वर्ष से बढ़ाकर 21 वर्ष की गई है। 

सनद रहे कि पिछले साल प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से अपने भाषण में इसका जिक्र किया था। उसी के बाद से लड़कियों की शादी की उम्र में परिवर्तन के लिए नया बिल तैयार किया जा रहा था। कैबिनेट की मंजूरी के बाद इस बिल को भारत की संसद में मंजूरी के लिए पेश किया जाएगा। संसद से मंजूरी मिलते ही यह कानून बन जाएगा और फिर उसके बाद भारत में 21 वर्ष से कम आयु की लड़कियों का विवाह करना, बाल विवाह के तहत अपराध माना जाएगा। 

इस विषय पर अध्ययन करने के लिए भारत सरकार द्वारा पूर्व सांसद जया जेटली की अध्यक्षता में एक टास्क फोर्स का गठन किया गया था। इस टीम ने महिलाओं की मां बनने की क्षमता। वर्तमान परिवेश और महिलाओं से जुड़े सभी मुद्दों पर विचार करने के बाद। लड़कियों की शादी की उम्र में वृद्धि करने का प्रस्ताव दिया था। भारत की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया Hindi Samachar पर क्लिक करें. 

आंखों में नीचे की तरफ छोटा सा छेद क्यों होता है- GK in Hindi

Posted: 15 Dec 2021 08:18 PM PST

ज्यादातर लोग ध्यान नहीं देते परंतु हर व्यक्ति की आंखों में नीचे की तरफ बहुत बारीक सा छेद होता है। इसे हम अपनी आंखों से देख सकते हैं। बिल्कुल ऐसा लगता है जैसे किसी ने सुई या ऑलपीन से छेद कर दिया है। कुछ लोग इसे देखकर घबरा जाते हैं। उन्हें लगता है कि किसी कीड़े ने बिल बना लिया है। वह आंख के अंदर चला गया है। आइए जानते हैं यह छोटा सा छेद क्यों होता है:-

टियर पॉइंट का वैज्ञानिक नाम क्या है

कुछ लोगों में इसे लेकर कन्फ्यूजन की स्थिति है। वह दावा करते हैं कि इस छोटे से छेद से ही आंसू बाहर निकलते हैं लेकिन यह जानकारी गलत है। आंख में नीचे वाली पलक पर नाक के थोड़े पास इस छोटे से छेद को सामान्य बोलचाल की भाषा में टियर पॉइंट कहा जाता है। इसका वैज्ञानिक नाम lacrimal punctum है।

lacrimal punctum यानी टियर पॉइंट क्या काम करता है

जब आंखों की ऊपर वाली पलक से आंसुओं का बनना शुरू होता है तो नीचे वाली परत पर डियर टियर एक्टिव हो जाता है। इसके कारण नीचे वाली पलक के आकार में मामूली सा परिवर्तन आता है और इसके कारण आप के आंसू आपकी नाक के आस पास से होकर बहते हैं। lacrimal punctum के कारण ही आंखों के आंसू झरने की तरह नहीं बहते बल्कि अपना एक रास्ता बना लेते हैं। - (इसी प्रकार की मजेदार जानकारियों के लिए जनरल नॉलेज पर क्लिक करें) Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article (general knowledge in hindi, gk questions, gk questions in hindi, gk in hindi,  general knowledge questions with answers, gk questions for kids, ) :- यदि आपके पास भी हैं कोई मजेदार एवं आमजनों के लिए उपयोगी जानकारी तो कृपया हमें ईमेल करें। editorbhopalsamachar@gmail.com

सुरक्षित रहना है तो व्हाट्सएप की सेटिंग बदलिए - Tech news in hindi

Posted: 16 Dec 2021 03:23 AM PST

व्हाट्सएप भारत का सबसे लोकप्रिय मैसेजिंग ऐप है और सभी जानते हैं कि क्रिमिनल्स हमेशा ऐसे लोगों को अपना शिकार बनाते हैं जिनके पास प्रैक्टिकल नॉलेज कम होती है, थोड़े लापरवाह होते हैं और कभी-कभी लालची भी। कोई कितना भी सतर्क रहे लेकिन हैकिंग और साइबर फ्रॉड का शिकार बन सकता है। बेहतर होगा कि उन रास्तों को ही बंद कर दिया जाए जहां से अपराधी आपके फोन के अंदर तक पहुंच सकते हैं।

WhatsApp Last Seen की सेटिंग 

सबसे पहले अपने व्हाट्सएप पर लास्ट सीन की सेटिंग चेंज करें। ज्यादातर लोग सेटिंग में किसी भी तरह की छेड़छाड़ नहीं करते लेकिन आप की सुरक्षा के लिए लास्ट सीन का स्टेटस चेंज करना अनिवार्य है। या तो इसे पूरी तरह से बंद कर दें और यदि नहीं तो अपनी प्राइवेसी को केवल अपने कांटेक्ट तक ही सीमित रखें। व्हाट्सएप की सेटिंग में प्राइवेसी का ऑप्शन है जहां लास्ट सीन बदलने का विकल्प मिल जाता है।

WhatsApp पर प्रोफाइल फोटो पब्लिक ना रखें 

व्हाट्सएप पर अपना प्रोफाइल फोटो कभी भी पब्लिक नहीं रखना चाहिए। ऐसी स्थिति में कोई भी व्यक्ति आपका नंबर अपने मोबाइल में सेव करके आपका प्रोफाइल फोटो देख सकता है। इसे बदलने के लिए सेटिंग्स में जाकर प्रोफाइल पिक्चर की सेटिंग में जाना होगा। यहां दिए गए ऑप्शन से My Contacts पर सेट करें।

WhatsApp ग्रुप सेटिंग्स में भी करें ये बदलाव 

कोई भी आपके व्हाट्सएप नंबर को किसी भी ग्रुप में ऐड कर लेता है। फिर आपके सामने परेशानियां पैदा हो जाती हैं। व्हाट्सएप पर आपको यह चुनाव करने का विकल्प मिल गया है कि कौन आपको अपने ग्रुप में जोड़ सकता है और कौन नहीं। ऐप की सेटिंग में जाकर प्राइवेसी में जाना होगा। इसके बाद आप माय कॉन्टैक्ट्स या किसी खास कॉन्टैक्ट को सेलेक्ट कर सकते हैं।

Whatsapp स्टेटस को हाईड करके रखें 

Whatsapp स्टेटस पर अपनी एक्टिविटी पोस्ट करते रहते हैं, तो आपको इसमें भी प्राइवेसी सेट करने की जरूरत है। यदि आपको लगता है कि आपके स्टेटस के जरिए कोई आपको ट्रैक कर रहा है तो आप उन चुनिंदा यूजर्स से अपना स्टेटस हाइड सकते हैं।

अबाउट सेक्शन में भी करें बदलाव

Whatsapp के अबाउट सेक्शन को भी आप छिपा सकते हैं। सेटिंग मेन्यू में जाकर अकाउंट में जाएं और प्राइवेसी सेटिंग में जाएं। यहां आप माय कॉन्टैक्ट्स या नोबडी फॉर अबाउट का विकल्प चुन सकते हैं।

ठंड के मौसम में रोज नहाना सेहत के लिए हानिकारक है: रिसर्च रिपोर्ट- health tips in hindi

Posted: 16 Dec 2021 03:23 AM PST

नईदिल्ली।
उन लोगों के लिए यह एक गुड न्यूज़ है जो रोज नहीं नहाते। इस आलस के कारण उन्हें कई बार शर्मसार भी होना पड़ता है लेकिन आप यह रिसर्च रिपोर्ट उनकी मदद कर सकती है। इस रिपोर्ट के अनुसार रोज नहाना सेहत के लिए हानिकारक है। खासकर ठंड के मौसम में।

ब्रिटेन के अखबार 'द सन' में छपी एक रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार हर रोज नहाने की आदत के कारण कई लोग बीमार हो जाते हैं। बताया गया है कि हर रोज नहाने के कारण त्वचा की ऑयल लेयर नष्ट हो जाती है। जो मौसम से त्वचा को बचाने के लिए बहुत अनिवार्य है। हर रोज नहाने वालों की त्वचा में नमी खत्म हो जाती है। क्योंकि साबुन और शैंपू, त्वचा की नमी और तेल के दुश्मन हैं। इसके कारण कई प्रकार के त्वचा रोग होने लगते हैं।

हालांकि, यह रिसर्च पश्चिमी देशों में हुई है और वहां के वातावरण एवं मनुष्यों के आधार पर इसके निर्णय सामने आए हैं। भारत में इस तरह की रिसर्च शायद 5000 वर्ष पहले ही हो गई थी इसीलिए ठंड के मौसम में नहाने से पहले त्वचा पर तेल लगाने की परंपरा है।

पांच में से चार महिलाएं हर रोज नहीं नहातीं

ब्रिटेन में हुए एक सर्वे के मुताबिक पांच महिलाओं में एक चार महिलाएं हर रोज नहाने से परहेज करती हैं। जबकि एक तिहाई महिलाओं का मानना है कि वे हर तीन दिन पर नहाती हैं। इन दिनों वह परफ्यूम, क्रीम, बॉडी ऑयल और डियो आदि से खुद को ताजा रखती हैं।

तभी नहाना चाहिए जब आपको जरूरत महसूस हो: प्रोफेसर स्टीफेन शुमैक 

ऑस्ट्रेलियन कॉलेज में डर्मोटोलॉजी के अध्यक्ष प्रोफेसर स्टीफेन शुमैक के मुताबिक आपको तभी नहाना चाहिए जब आपको जरूरत महसूस हो। सनडे मॉर्निंग हेराल्ड से बोलते हुए उन्होंने कहा, ये सिर्फ पिछले 50-60 सालों में ऐसा बदलाव आया है कि लोग बाथरूम जाकर नहाने के आदी हो गए हैं वरना पहले ऐसा नहीं होता था। अब हर दिन नहाना बहुत आम हो गया है। आज हर दिन नहाना अपनी इच्छा नहीं बल्कि सामाजिक दबाव भी बन गया है।

रिसर्चरों के निष्कर्ष
प्रोफेसर शुमैक ने तर्क दिया कि हमारा शरीर प्राकृतिक तौर पर एक तैलीय पदार्थ निकालता है जो हमारी त्वचा की कोशिकाओं को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक होता है। अत्यधिक नहाने या धोने से त्वचा को वह तैलीय पदार्थ नहीं मिल पाता। ऐसे में त्वचा संबंधी रोग होने की संभावना बढ़ जाती है। स्वास्थ्य से संबंधित समाचार एवं जानकारियों के लिए कृपया Health Update पर क्लिक करें

MP ITI ADMISSION ओपन, लास्ट डेट 31 दिसंबर

Posted: 15 Dec 2021 11:59 AM PST

भोपाल
। शासकीय आईटीआई में प्रवेश पत्र 2021 हेतु प्रवेश प्रक्रिया जारी है। जिन विद्यार्थियों ने एमपी ऑनलाइन पर रजिस्ट्रेशन करा लिया है परंतु चॉइस फिलिंग नहीं की है। वह चॉइस फिलिंग कर सकते हैं। नए एडमिशन के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया ओपन है।

एमपी ऑनलाइन पोर्टल पर पूर्व में रजिस्टर्ड आवेदक नई चॉइस फिलिंग कर अथवा ऐसे आवेदक जिसका एमपी ऑनलाइन पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन नहीं है वह 10 दिसंबर 2021 से 31 दिसंबर 2021 के मध्य एमपी ऑनलाइन पोर्टल से रिक्त सीटों की जानकारी प्राप्त कर स्पॉट रजिस्ट्रेशन एवं चॉइस फिलिंग कर प्रवेश ले सकेंगे। 

प्रवेश हेतु चॉइस फिलिंग उपरांत संबंधित संस्था से प्राचार्य द्वारा मेरिट अनुसार दोपहर 2:00 बजे के बाद प्रवेश की कार्यवाही की जाएगी। प्रत्येक दिवस में नई चॉइस फिलिंग मान्य होगी। अधिक जानकारी हेतु आवेदक https:/iti.mponline.gov.in पर विजिट कर सकते हैं। उच्च शिक्षा, सरकारी और प्राइवेट नौकरी एवं करियर से जुड़ी खबरों और अपडेट के लिए कृपया MP Career News पर क्लिक करें.

MP Panchayat Chunav news- मतगणना, मतदान केंद्र पर मत करवाइए प्लीज: कर्मचारी संघ

Posted: 16 Dec 2021 03:22 AM PST

जबलपुर
। मध्य प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ ने जारी विज्ञप्ति में बताया कि आगामी त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में पंच एवं सरपंच की मतों की गणना बूथ पर ही किये जाने का प्रावधान किया गया है। विगत कई पंचायत चुनाव के मतदान दलों के कटु अनुभव रहे हैं, मतदान कर्मियों के साथ प्रत्याशियों, समर्थकों के द्वारा दुर्यव्यवहार किया जाता रहा है। 

स्थानीय चुनाव होने के कारण इस चुनाव में प्रत्येक वोटर उत्साह पूर्वक अपने समर्थक उम्मीवारों की जीत के लिए सक्रियता दिखाता है जिस कारण मतदान का प्रतिशत बहुत अधिक होता है, जिससे प्रत्येक बूथ अतिसंवेदनशील हो जाता है यदि चुनाव के तत्काल बाद पंच एवं सरपंच के मतों की गणना की जाती है तो विवाद की स्थिति निर्मित हो जाती है , बूथों पर समुचित पुलिस बल भी न होना विवाद को बढावा देता है। 

संघ के योगेन्द्र दुबे, अर्वेन्द्र राजपूत, अवधेश तिवारी, अटल उपाध्याय, मुकेश सिंह मंसूर बेग, आलोक अग्निहोत्री, दुर्गेश पाण्डे , आशुतोष तिवारी , बृजेश मिश्रा , श्यामनारायण तिवारी , मो ० तारिख , धीरेन्द्र सोनी , नितिन शर्मा , प्रियांशु शुक्ला , संतोष तिवारी , विनय नामदेव , सोनल दुबे , देवदत्त शुक्ला , प्रणव साहू , मनीष लोहिया , मनीष शुक्ला , मनोज पाटकर , आन्नद रैकवार , आदित्य दीक्षित , राकेश पाण्डे , विष्णु पाण्डे , आदि ने आयुक्त मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग से मतदान कर्मियों की सुरक्षा दृष्टिगत मांग की है कि पंच एवं सरपंच प्रत्याशियों के मतों की गणना बूथ स्तर पर न कराते हुए विकास खण्ड मुख्यालय में हो। मध्यप्रदेश कर्मचारियों से संबंधित महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया MP karmchari news पर क्या करें.

MP TET VARG-3 TOPIC- भाषा अर्जन एवं भाषा अधिगम में अंतर एवं भाषा अर्जन की अवस्थाएं

Posted: 15 Dec 2021 11:27 AM PST

Difference between Language Acquisition and Language Learning  and stages of language Acquisition in a child


भाषा अर्जन (Language Acquisition) -

जैसा कि हमने अपने भाषा अर्जित करने के सिद्धांत वाले आर्टिकल में पढ़ा की भाषा का अर्जन या ग्रहण करना स्वतः ही होता है। इसके लिए किसी औपचारिक वातावरण जैसे-स्कूल, कॉलेज की जरूरत नहीं होती। भााषा का अर्जन बच्चे के जन्म के कुछ सप्ताह बाद ही शुरू हो जाता है, जो कि मुख्य रूप से मातृभाषा या क्षेत्रीय भाषा में होता है। इसी कारण बच्चे की मां को उसकी पहली शिक्षक और उसके परिवार को पहली पाठशाला / प्राथमिक स्कूल कहा जाता है। जबकि पास-पड़ोस और विद्यालय उसे बाद में सिखाते हैं,इसलिए द्वितीयक साधन कहलाते हैं। 

भाषा अधिगम (Language Learning)- 

अपनी मातृभाषा और क्षेत्रीय भाषा के अतिरिक्त कोई दूसरी, तीसरी लैंग्वेज को सीखना, भाषा अधिगम कहलाता है। जो कि यदि आपके आसपास अनुकूल वातावरण मिले तो सहज भी हो सकता है, परंतु सामान्यता इसे हमें एक नियंत्रित वातावरण में सीखना होता है, इसलिए भाषा अधिगम में थोड़ी सी कठिनाई आती है। जबकि भाषा अर्जन स्वतः ही हो जाता है। 

एक बच्चे में भाषा अर्जन की विभिन्न अवस्थाएं- Different stages in a child for Language Acquisition

चूँकि भाषा अर्जन बच्चे के जन्म के कुछ सप्ताह बाद ही शुरू हो जाता है, जो कि विभिन्न अवस्थाओं के अनुसार होता है (जब तक की कोई बच्चा किसी भाषा विकार से पीड़ित ना हो) तब तक भाषा का अर्जन स्वतः ही होता चला जाता है। एक बच्चे के भाषा अर्जन की मुख्य अवस्थाएं निम्नलिखित हैं-
1. कूकना (Cooing)- यह जन्म से करीब 6 सप्ताह तक की अवस्था होती है, जिसमें बच्चा तरह तरह की आवाजें निकालना, किलकारियां निकालना सीख जाता है जिनका कोई अर्थ नहीं होता। 

2. बड़बड़ाना (Babbling)- यह करीब 6 महीने तक की अवस्था होती है जिसमें कि बच्चा तरह तरह तरह की आवाजें निकाल-निकाल कर बड़बड़ाने की कोशिश करता है या कहें कि शब्दों को तोड़-तोड़ कर बोलने की प्रैक्टिस करता है। इनका भी कोई अर्थ नहीं होता। 

3. एक शब्द अवस्था (one word stage stage)- लगभग 1 वर्ष की उम्र तक बच्चा लगभग एक शब्द या कोई बच्चा दो शब्द भी सीख जाता है, जिनका कुछ अर्थ भी होता है या कहें कि उनके परिवार वाले उन शब्दों का अर्थ समझने लगते हैं। 

4. द्विशब्द अवस्था (Two word stage) लगभग डेढ़ वर्ष की उम्र तक बच्चा दो से अधिक शब्द सीख जाता है और जिनका कोई अर्थ भी होता है।

5. लंबे उच्चारण (Longer Utterance)- लगभग 2 से 4 वर्ष की उम्र तक बच्चा लंबे-लंबे वाक्यों को बनाकर बोलना भी सीख जाता है और उसका इसके बाद उसका शब्द भंडार (Vocabulary) दिन पर दिन बढ़ता ही जाता है। यानी एक बच्चा जब प्री प्राइमरी प्रीस्कूल या नर्सरी स्कूल जा रहा होता है तो वह भाषा अर्जन वह कर चुका होता है और उसके बाद ही वह भाषा अधिगम करने के योग्य होता है और यह अर्जित भाषा उसके लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण टूल की तरह उसके साथ होती है, जिससे वह कभी इशारों में, तो कभी बोल कर, अपनी बात दूसरों को बता देता है। मध्य प्रदेश प्राथमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा के इंपोर्टेंट नोट्स के लिए कृपया mp tet varg 3 notes in hindi पर क्लिक करें.

एक व्यक्ति, एक वर्ग कब हो सकता है, जानिए- The Constitution Of India

Posted: 15 Dec 2021 11:15 AM PST

आम तौर पर देखा जाता है कि किसी वर्ग विशेष द्वारा किसी व्यक्ति के अधिकारों का हनन हो जाता है। तब क्या पूरे वर्ग विशेष व्यक्ति को न्यायालय में अपने अधिकार की रक्षा के लिए जाना होगा या एक ही व्यक्ति को न्यायालय वर्ग मान सकता है जानिए।

भारतीय संविधान अधिनियम, 1950 के अनुच्छेद 14 (14) की परिभाषा

कोई अधिनियम जो व्यक्तियों का वर्गीकरण करता है केवल इस आधार पर अवैध नहीं हो जाता कि वह वर्ग जिसको वह लागू होता है एवं उसमे केवल के ही व्यक्ति हैं। यदि किन्ही विशेष परिस्थितियों के कारण वह केवल एक व्यक्ति को लागू होता हैं और दूसरों को नहीं, तो उस एक व्यक्ति को ही वर्ग माना जा सकता है【चिरंजीत लाल बनाम यूनियन ऑफ इंडिया. सुप्रीम कोर्ट का महत्वपूर्ण जजमेंट】।


•जम्मू और कश्मीर राज्य बनाम बख्शी गुलाम मोहम्मद:- 

उक्त मामले में मुख्यमंत्री बख्शी गुलाम मोहम्मद के विरुद्ध भ्रष्ट आचरण की जाँच के लिए बैठाए गए जाँच आयोग को विधिमान्य घोषित किया गया, क्योंकि वे स्वयं एक वर्ग थे ओर अपने मंत्रिमंडल के सहयोगियों से अलग थे। :- लेखक बी. आर. अहिरवार (पत्रकार एवं लॉ छात्र होशंगाबाद) 9827737665 | (Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article) इसी प्रकार की कानूनी जानकारियां पढ़िए, यदि आपके पास भी हैं कोई मजेदार एवं आमजनों के लिए उपयोगी जानकारी तो कृपया हमें ईमेल करें। editorbhopalsamachar@gmail.com

MP Panchayat Chunav news- शनिवार की छुट्टी नहीं होगी

Posted: 15 Dec 2021 09:52 PM PST

भोपाल
। मध्यप्रदेश में कोरोनावायरस संक्रमण की रोकथाम के लिए शनिवार और रविवार को शासकीय कार्यालय बंद रहते हैं परंतु त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव से संबंधित कार्यालय खुले रहेंगे। पंचायत चुनाव के उम्मीदवार शनिवार के दिन भी नामांकन फॉर्म जमा कर सकते हैं। 

राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री बसंत प्रताप सिंह ने जानकारी दी है कि पंचायत निर्वाचन के तहत अवकाश के दिन शनिवार को भी नाम निर्देशन- पत्र लिए जाएंगे। इस संबंध में सभी कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। उल्लेखनीय है कि निर्वाचन के प्रथम और द्वितीय चरण के लिए 13 दिसंबर से नाम निर्देशन-पत्र भरे जा रहे हैं। नाम निर्देशन- पत्र जमा करने की अंतिम तारीख 20 दिसंबर है। 

मध्य प्रदेश पंचायत चुनाव- 1166 उम्मीदवारों ने नामांकन फॉर्म दाखिल किया

पंचायत निर्वाचन 2021-22 में प्रथम और द्वितीय चरण के लिये 15 दिसम्बर को 887 अभ्यर्थियों ने नाम निर्देशन-पत्र जमा किए। इनमें 386 महिला अभ्यर्थी और 2 अन्य अभ्यर्थी के नाम निर्देशन-पत्र हैं। अभी तक कुल 1166 अभ्यर्थियों ने नाम निर्देशन-पत्र प्रस्तुत किया है, जिनमें से 645 पुरुष और 519 महिला तथा 2 अन्य अभ्यर्थी शामिल हैं।

सचिव राज्य निर्वाचन आयोग श्री बी.एस. जामोद ने बताया है कि शाम 6 बजे तक प्राप्त जानकारी के अनुसार 15 दिसम्बर को जिला पंचायत सदस्य के लिये 15, जनपद पंचायत सदस्य के लिये 58, सरपंच पद के लिये 596 और पंच पद के लिये 218 अभ्यर्थियों ने नाम निर्देशन-पत्र जमा किया है।

अभी तक जिला पंचायत सदस्य के लिए 23, जनपद पंचायत सदस्य के लिए 73, सरपंच पद के लिये 821 और पंच पद के लिये 249 अभ्यर्थियों ने नाम निर्देशन-पत्र प्रस्तुत किया है।

मध्य प्रदेश त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव कार्यक्रम

प्रथम और द्वितीय चरण के लिये नाम निर्देशन-पत्र 20 दिसम्बर तक भरे जायेंगे। नाम निर्देशन-पत्रों की संवीक्षा 21 दिसम्बर को होगी। अभ्यर्थिता से नाम वापस लेने की अंतिम तारीख और निर्वाचन प्रतीकों का आवंटन 23 दिसम्बर को होगा। प्रथम चरण का मतदान 6 जनवरी और द्वितीय चरण का मतदान 28 जनवरी, 2022 को सुबह 7 बजे से अपरान्ह 3 बजे तक होगा।

प्रथम चरण में 85 विकासखण्ड की 6,285 ग्राम पंचायतों और द्वितीय चरण में 110 विकासखण्ड की 8015 ग्राम पंचायतों के लिये नाम निर्देशन-पत्र लिये जा रहे हैं। मध्य प्रदेश में चुनाव संबंधी समाचार एवं अपडेट के लिए कृपया mp election news पर क्लिक करें.

कर्मचारी नेता का दूसरी बार ट्रांसफर, हाईकोर्ट ने फिर से स्टे आर्डर जारी किया- MP employees news

Posted: 15 Dec 2021 10:52 AM PST

जबलपुर
। जबलपुर में पदस्थ राजस्व निरीक्षक एवं कर्मचारी नेता प्रवीण दुबे के ट्रांसफर पर हाईकोर्ट ने फिर से लोग लगा दी है। इससे पहले हाईकोर्ट ने राजस्व विभाग मध्यप्रदेश शासन को कर्मचारी नेता के अभ्यावेदन पर विचार करने के निर्देश दिए थे। डिपार्टमेंट में इसके बाद भी उनका ट्रांसफर कर दिया। हाईकोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी करके जवाब तलब किया है। सुनवाई जनवरी के तीसरे सप्ताह में निर्धारित की गई है।

न्यायमूर्ति एसए धर्माधिकारी की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता दिनेश उपाध्याय ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि 31 अगस्त, 2021 के आदेश के जरिये याचिकाकर्ता का तबादला जबलपुर से होशंगाबाद किया गया था, जिसके खिलाफ उसने हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। उस याचिका का निराकरण करते हुए हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ता के अभ्यावेदन पर विचार करने के निर्देश दिए थे। तथा स्थानांतरण आदेश का पालन करने पर रोक लगा दी थी।

हाई कोर्ट के आदेश के बाद दिनांक 4 दिसंबर, 2021 को एक नए आदेश के जरिये याचिकाकर्ता का अभ्यावेदन अमान्य कर दिया गया। जिसके खिलाफ फिर से याचिका दायर करनी पड़ी। याचिकाकर्ता मान्यता प्राप्त कर्मचारी संघ का पदाधिकारी है। राज्य शासन के निर्देश व स्थानांतरण नीति के अनुसार निर्वाचित पदाधिकारियों को चार वर्ष अर्थात दो पदावली के लिए स्थानांतरण में छूट प्राप्त है।

याचिकाकर्ता की यह प्रथम कालावधी है। इन तथ्यों को नजरअंदाज करके अभ्यावेदन निरस्त किया गया है। लिहाजा, यह रवैया न केवल शासन के निर्देशों के विपरीत है बल्कि हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ है। इसीलिए हाई कोर्ट में चुनौती दी गई। हाईकोर्ट ने एक बार फिर ट्रांसफर आर्डर पर स्टे लगाते हुए विभागीय अधिकारियों से जवाब मांग लिया है। मध्यप्रदेश कर्मचारियों से संबंधित महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया MP karmchari news पर क्या करें.

कदाचरण साबित होने तक कर्मचारी को विभागीय दंड नहीं दिया जा सकता: हाई कोर्ट- MP karmchari news

Posted: 15 Dec 2021 07:44 PM PST

जबलपुर
। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने रिटायर्ड डीएसपी अशोक राणा विरुद्ध मध्यप्रदेश शासन मामले में डिसीजन देते हुए कहा कि जब तक किसी कर्मचारी का कदाचरण साबित नहीं हो जाता तब तक डिपार्टमेंट की तरफ से उसे दंडित नहीं किया जा सकता। मध्य प्रदेश गृह विभाग पुलिस डिपार्टमेंट द्वारा डीएसपी को विभागीय जांच में कदाचरण का दोषी मानते हुए पेंशन में 10% की कटौती कर दी गई थी।

मुख्य न्यायाधीश रवि मलिमठ व जस्टिस विजय कुमार शुक्ला की युगलपीइ ने राज्य सरकार की उस अपील को खारिज कर दिया है जिसमें राणा के पक्ष में पारित आदेश को चुनौती दी गई थी। फरवरी 2014 में अशोक राणा अजाक थाना कटनी में पदस्थ थे। बीमार होने पर उन्होंने छुट्टी का आवेदन दिया जिसे डिपार्टमेंट द्वारा स्वीकार कर लिया गया। स्वास्थ्य लाभ नहीं मिलने पर उन्होंने मेडिकल सर्टिफिकेट सहित डाक के माध्यम से विभाग के पास छुट्टी बढ़ाने का आवेदन भेजा, लेकिन अधिकारियों ने उन्हें बिना अनुमति अनुपस्थित मानकर कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया। उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई।

जांच पूरी होने से पहले जनवरी, 2017 में डीएसपी अशोक राणा रिटायर हो गए। विभागीय जांच के कारण गृह मंत्रालय ने स्थाई रूप से 10 फीसद पेंशन कम करने का आदेश जारी कर दिया। राणा ने इसके खिलाफ हाई कोर्ट में याचिका दायर की। मामले पर सुनवाई के बाद कोर्ट कहा कि जब अनाधिकृत रूप से कार्य से अनुपस्थित का आरोप लगता है तो अधिकारियों को यह साबित करना जरूरी है कि अनुपस्थिति जानबूझकर की गई है।

कोर्ट ने कहा कि जांच समिति की रिपोर्ट में भी यह साबित नहीं हुआ कि डीएसपी जानबूझकर ड्यूटी से अनुपस्थित रहे, इसलिए यह मामला कदाचरण का नहीं बनता। कर्मचारी को तभी सजा दी जानी चाहिए जब उसके खिलाफ कदाचरण साबित हो जाए। एकलपीठ ने उस आदेश को निरस्त कर दिया था, जिसमें 10 फीसदी पेंशन कम करने कहा गया था। 

एकल पीठ के आदेश के खिलाफ राज्य सरकार ने हाई कोर्ट में अपील पेश की थी।इस मामले पर सुनवाई के बाद युगलपीठ ने एकलपीठ के आदेश को सही ठहराते हुए सरकार की अपील खारिज कर दी। मध्यप्रदेश कर्मचारियों से संबंधित महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया MP karmchari news पर क्या करें.

एक्सीडेंट से दिव्यांग हुए व्यक्ति को कितना मुआवजा दिया जाएगा- हाईकोर्ट ने फार्मूला बताया- JABALPUR NEWS

Posted: 15 Dec 2021 07:07 AM PST

जबलपुर
। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने एक्सीडेंट के कारण स्थाई रूप से विकलांग हुए युवक को कितना मुआवजा दिया जाना चाहिए, इसका फार्मूला घोषित किया। हाईकोर्ट ने कहा कि दिव्यांग होने वाला व्यक्ति यदि 28 साल का युवा है तो उसकी आय की गणना करते समय स्वीकृत आय में 40 प्रतिशत अतिरिक्त जोड़ा जाना चाहिए। इस मत के साथ न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल की एकलपीठ ने याचिकाकर्ता को 313200 का अतिरिक्त भुगतान किए जाने के निर्देश दिए।

मोटर दुर्घटना दावा ट्रिब्यूनल का फैसला गलत था

राजधानी भोपाल के न्यू अशोक गार्डन निवासी रितेश जैन की ओर से मोटर दुर्घटना दावा ट्रिब्यूनल के फैसले के खिलाफ यह अपील की गई। अधिवक्ता कपिल पटवर्धन ने कोर्ट को बताया कि स्थायी दिव्यांगता के आधार पर याचिकाकर्ता की मासिक स्वीकृत आय 9000 रुपये व उसकी आधी 4500 रुपये मानी गई। जबकि सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देश के तहत 28 साल के युवा के दुर्घटना में स्थायी दिव्यांग होने पर आधी मासिक आय का 40 प्रतिशत और उसमें जोड़कर गणना की जानी चाहिए।

ट्रिब्यूनल की गणना के तहत याचिकाकर्ता को कुल आमदनी में नुकसान के लिए अनावेदक ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी को महज 972000 रुपये चुकाने के आदेश दिए गए। जबकि सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देश के तहत याचिकाकर्ता को इसके लिए 1285200 रुपये मिलने चाहिए। सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने दलीलें मंजूर कर याचिकाकर्ता को अंतर की राशि 313200 रुपये का भुगतान ब्याज सहित किए जाने के निर्देश दिए। मध्य प्रदेश की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया mp news पर क्लिक करें.

Government jobs for MBBS- 1120 vecancy, सरकारी डॉक्टरों की भर्ती, लास्ट डेट 31 जनवरी

Posted: 15 Dec 2021 06:27 AM PST

भोपाल
। सरकारी नौकरी का अवसर तलाश रहे एमबीबीएस डिग्री होल्डर्स के लिए गुड न्यूज़ है। ESIC द्वारा जॉब नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। रिक्रूटमेंट प्रोसेस शुरू हो गई है। ऑनलाइन एप्लीकेशन के लिए लास्ट डेट 31 जनवरी 2022 है। कुल 1120 वैकेंसी ओपन की गई। 

भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई है। सहायक ग्रेड-2 (एलोपैथी) के 1120 रिक्त पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। Employees State Insurance Corporation की ऑफिशियल वेबसाइट (esic.nic.in) के माध्यम से ऑनलाइन एप्लीकेशन फाइल कर सकते हैं।

आयु सीमा एवं वेतन 
उम्मीदवारों की अधिकतम आयु 35 साल निर्धारित की गई है। भारत सरकार के नियमों एवं निर्देशों के अनुसार आरक्षण मामले में आयु सीमा की छूट रहेगी। सैलरी सातवां वेतनमान के अनुसार दी जाएगी। मैट्रिक्स (र 56,100/- से 1,77,500/-) का लेवल-10 घोषित किया गया है। वेतन के अतिरिक्त डीए, एनपीए, एचआरए एवं परिवहन भत्ते के लिए भी पात्र होंगे। अधिक जानकारी के लिए कृपया दिनांक 14 दिसंबर 2021 को अपलोड किए गए ऑफिशल नोटिफिकेशन को ध्यानपूर्वक पढ़ें। उच्च शिक्षा, सरकारी और प्राइवेट नौकरी एवं करियर से जुड़ी खबरों और अपडेट के लिए कृपया MP Career News पर क्लिक करें.

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