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Thursday, December 16, 2021

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यूपी : माध्यमिक विद्यालयों के लिए वर्ष 2022 की अवकाश तालिका हुई जारी, देखें UP Madhyamik shiksha avakash talika

Posted: 16 Dec 2021 10:26 AM PST

यूपी :  माध्यमिक विद्यालयों के लिए वर्ष 2022 की अवकाश तालिका हुई जारी, देखें 
UP Madhyamik shiksha avakash talika



CTET Exam 2021: आज से शुरू होगा परीक्षा का आयोजन, परीक्षा केंद्र में बैन है ये चीजें, यहां पढ़ें पूरी गाइडलाइन

Posted: 15 Dec 2021 05:05 PM PST

CTET Exam 2021: आज से शुरू होगा परीक्षा का आयोजन, परीक्षा केंद्र में बैन है ये चीजें, यहां पढ़ें पूरी गाइडलाइन


CTET Exam 2021: सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकंडरी एजुकेशन (CBSE) कल सेंट्रल टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (CTET) आज से आयोजन करेगा। CTET दिसंबर 2021 CBT (कंप्यूटर आधारित टेस्ट) मोड में आयोजित किया जाएगा और परीक्षा पूरे भारत में 20 भाषाओं में आयोजित की जाएगी। CTET में सभी प्रश्न मल्टीपल चॉइस (MCQ) होंगे, जिसमें चार विकल्प होंगे, जिनमें से एक उत्तर को चुनना होगा। प्रत्येक का एक अंक होगा और कोई नेगेटिव मार्किंग नहीं होगी। CTET के दो पेपर होंगे। पेपर I उन उम्मीदवारों के लिए होंगे जो कक्षा I से V के लिए शिक्षक बनना चाहते हैं, जबकि पेपर II उन उम्मीदवारों के लिए होंगे जो कक्षा VI से VIII के लिए शिक्षक बनना चाहते हैं।


⚫ परीक्षा की तारीख- 16-12-2021 से 13-01-2022
⚫ परीक्षा केंद्र में प्रवेश: पेपर I के लिए: सुबह 07:30 बजे, पेपर II के लिए: दोपहर 12:30 बजे
⚫ Paper I परीक्षा का आयोजन:  सुबह  09:30  बजे से शुरू होगी और 12:00  बजे से शुरू होगी।
⚫ Paper II परीक्षा का आयोजन: 02:30 PM बजे से शुरू होगी और 05:00 बजे से शुरू होगी।


CTET December 2021: यहां पढ़ें परीक्षा की गाइडलाइन
- परीक्षा शुरू होने से दो घंटे पहले उम्मीदवारों के लिए परीक्षा हॉल खोला जाएगा।

- परीक्षा के लिए उपस्थित होने वाले उम्मीदवारों से अनुरोध है कि वे परीक्षा हॉल के खुलने के तुरंत बाद अपनी कक्षा में जाएं, जहां परीक्षा देनी है।

- परीक्षा हॉल में प्रवेश करते समय, उम्मीदवारों के एडमिट कार्ड वेरिफाई करना होगा।

- CTET परीक्षा पूरी होने तक उम्मीदवार को अपनी सीट या परीक्षा कक्ष छोड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

- उम्मीदवार कैलकुलेशन और राइटिंग वर्क रफ शीट में किया जाना है जो परीक्षा हॉल में प्रदान किया जाएगा।

- CTET 2021 परीक्षा के पूरा होने के बाद, उम्मीदवारों को रफ शीट निरीक्षक को सौंपने की जरूरत है।


परीक्षा केंद्र पर क्या नहीं ले जाना चाहिए

- ज्योमेट्री/पेंसिल बॉक्स, कैलकुलेटर, स्केल, पेन ड्राइव, राइटिंग पैड, इरेजर, कैलकुलेटर, इलेक्ट्रॉनिक पेन/स्कैनर, लॉग टेबल, कार्डबोर्ड, मोबाइल फोन, हेल्थ बैंड, ईयरफोन, ब्लू टूथ, माइक्रोफोन, पेजर, घड़ी या कलाई घड़ी, कैमरा, बटुआ, काले चश्मे, हैंडबैग, सोने का आभूषण परीक्षा केंद्र में नहीं ले जा सकते।


CTET December 2021: ऐसे डाउनलोड करें एडमिट कार्ड

स्टेप 1- सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट ctet.nic.in. पर जाएं।

स्टेप 2-"Download Admit Card CTET December 2021 NEW" लिंक पर क्लिक करें।

स्टेप 3-आपको एक नया पेज पर भेज दिया जाएगा जहां आपको लॉग इन करने के लिए अपनी ब्रांच (आवेदन संख्या, जन्म तिथि, सिक्योरिटी पिन) दर्ज करने की आवश्यकता है।

- डायरेक्ट एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें।

स्टेप 4-आपका CTET दिसंबर 2021 का एडमिट कार्ड आपकी स्क्रीन पर दिखाई देगा।

स्टेप 5- इसे डाउनलोड कर लें और भविष्य के लिए प्रिंटआउट लेना न भूलें।



यदि कोई आवेदक अपना ई-प्रवेश पत्र डाउनलोड करने में सक्षम नहीं है, तो वह CTET यूनिट CBSE से 011- 22240112, 22240108, 22240107 और 22247154 पर (सुबह 9 बजे से शाम 5.30 बजे) के बीच संपर्क कर सकता है। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे नवीनतम अपडेट के लिए CTET की आधिकारिक वेबसाइट (ctet.nic.in) को नियमित रूप से देखते रहें।

प्रेरणा - DBT एप पर त्रुटिपूर्ण डाटा के संशोधन/परिमार्जन की प्रक्रिया से सम्बन्घित यू-टयूब सत्र दिनांक 17.12.2021 मध्याह्न 12ः00 बजे से आयोजित किये जाने के सम्बन्ध में

Posted: 15 Dec 2021 04:29 PM PST

प्रेरणा - DBT एप पर त्रुटिपूर्ण डाटा के संशोधन/परिमार्जन की प्रक्रिया से सम्बन्घित यू-टयूब सत्र दिनांक 17.12.2021 मध्याह्न 12ः00 बजे से आयोजित किये जाने के सम्बन्ध में


अपनी कक्षा के अनुरूप समझ नहीं पाते बच्चे, सरकारी प्राइमरी स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों के सामने की कई तरह की चुनौतियां

Posted: 14 Dec 2021 05:08 PM PST

अपनी कक्षा के अनुरूप समझ नहीं पाते बच्चे, सरकारी प्राइमरी स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों के सामने की कई तरह की चुनौतियां


सरकारी प्राइमरी स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों के सामने की कई तरह की चुनौतियां हैं। असर (एनुअल स्टेटस ऑफ एजुकेशन रिपोर्ट 2021) की रिपोर्ट में यह सामने आया है। रिपोर्ट के मुताबिक 70 फीसदी शिक्षकों को सामने पढ़ाते समय चुनौतियां आ रही हैं।

46 प्रतिशत शिक्षकों ने स्वीकारा कि उन्हें एक ही चीज को कई-कई बार पढ़ाना पड़ता है यानी बच्चों को एक या दो बार मे समझ नही आता है। 29 फीसदी शिक्षकों का मानना है कि बच्चों की उपस्थिति कक्षा में कम रहती है।


सरकार का सबसे ज्यादा जोर ग्रेडेड लर्निंग पर है यानी अपनी कक्षा के मुताबिक बच्चों को न्यूनतम ज्ञान होना चाहिए लेकिन 65 ़फीसदी शिक्षकों ने माना कि बच्चे अपने ग्रेड के स्तर का पाठ्यक्रम समझ नहीं पा रहे हैं। 


भले ही बीते डेढ़ वर्षो से कोरोना संक्रमण के चलते ऑनलाइन प्लेटफार्म पर पढ़ाने की गतिविधियां बढ़ाई गई हों लेकिन 22 ़फीसदी शिक्षक मानते हैं कि गांव में तकनीकी या नेटवर्क की कई दिक्कतें हैं।

उच्च शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत महिला छात्रों को मातृत्व अवकाश / बाल्य देखभाल अवकाश देने के लिए नियम बनाने की तैयारी, UGC ने सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को लिखा पत्र

Posted: 14 Dec 2021 05:02 PM PST

उच्च शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत महिला छात्रों को मातृत्व अवकाश / बाल्य देखभाल अवकाश देने के लिए नियम बनाने की तैयारी



निर्देश
-यूजीसी ने सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को लिखा पत्र

-कहा-हाजिरी में छूट, परीक्षा प्रपत्र जमा कराने की तिथि में विस्तार पर विचार करें



नई दिल्ली। 
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों से स्नातक और स्नातकोत्तर की पढ़ाई कर रहीं महिला छात्रों को मातृत्व अवकाश और हाजिरी में राहत देने के लिए उचित नियम व मानदंड तैयार करने का निर्देश दिया है।


कुलपतियों को लिखे पत्र में यूजीसी ने कहा कि यूजीसी (एमफिल और पीएचडी की डिग्री देने के लिए न्यूनतम मानक एवं प्रक्रिया) विनियम-2016 में एक प्रावधान है, जिसमें कहा गया है कि महिला उम्मीदवार को एमफिल और पीएचडी की पूरी अवधि में एक बार मातृत्व अवकाश या बच्चे की देखभाल के लिए 240 दिन का अवकाश दिया जा सकता है।


आयोग ने कहा, सभी उच्च शिक्षण संस्थानों से अनुरोध है कि वे अपने संस्थानों और संबद्ध कॉलेजों में महिला छात्रों को मातृत्व अवकाश देने के संबंध में उचित नियम एवं मानदंड तैयार करें। वे हाजिरी में छूट, परीक्षा प्रपत्र जमा कराने की तिथि में विस्तार सहित अन्य आवश्यक समझी जाने वाली सुविधाएं मुहैया कराने पर फैसला लें।

यूपी : 135 करोड़ से संवारे जाएंगे सूबे के 62 राजकीय विद्यालय

Posted: 14 Dec 2021 04:55 PM PST

यूपी : 135 करोड़ से संवारे जाएंगे सूबे के 62 राजकीय विद्यालय


135 करोड़ से सूबे के 62 राजकीय विद्यालय संवारे जाएंगे। प्रोजेक्ट अलंकार के तहत 62 जर्जर भवन संवारने का प्रस्ताव शिक्षा निदेशालय को मिला है। शिक्षा निदेशक की अध्यक्षता में गठित समिति इसका परीक्षण करेगी। वहां से मंजूरी के बाद काम शुरू होगा। 


अपर मुख्य सचिव आराधना शुक्ला ने एक अक्तूबर को जर्जर राजकीय विद्यालयों के पुनर्निर्माण और जीर्णोद्धार के लिए प्रस्ताव मांगा था। इसके लिए डीएम की अध्यक्षता में चार सदस्यीय कमेटी गठित बनी थी, जिसमें सीडीओ सदस्य, डीआईओएस सदस्य सचिव और अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी तकनीकी सदस्य के रूप में शामिल थे। प्रयागराज के सर्वाधिक छह स्कूलों के जीर्णोद्धार का प्रस्ताव भेजा गया है। कानपुर नगर, मेरठ और फिरोजाबाद के पांच-पांच स्कूल शामिल किए गए हैं।


जिले के छह स्कूलों में होगा काम

प्रोजेक्ट अलंकार के तहत 1998 में स्थापित जीजीआईसी कटरा के लिए 2.65 करोड़, 1962 में स्थापित जीजीआईसी फूलपुर में 3.91 करोड़, 1980 में स्थापित जीआईसी सुरुवादलापुर व बेरी में क्रमश: 3.72 करोड़ व 2.82 करोड़ जबकि 1992 में स्थापित जीजीआईसी सैदाबाद व धनुपुर में क्रमश: 61.50 व 38.21 लाख रुपये से कार्य होने हैं। इन स्कूलों में पेयजल सुविधा, बाउंड्रीवाल, गेट निर्माण, साइकिल स्टैंड, सोलर प्लांट, रेनवाटर हार्वेस्टिंग, दीवार, छत, फर्श आदि का कार्य होना है।

बड़ी राहत : CBSE की अगस्त इंप्रूवमेंट परीक्षा में फेल हुए छात्र बरकरार रख सकेंगे ओरिजिनल मार्कशीट

Posted: 14 Dec 2021 04:43 PM PST

बड़ी राहत : CBSE की अगस्त इंप्रूवमेंट परीक्षा में फेल हुए छात्र बरकरार रख सकेंगे ओरिजिनल मार्कशीट


सीबीएसई सुधार परीक्षा (CBSE improvement exam) में फेल हुए छात्रों को बड़ी राहत देते हुए बोर्ड ने छात्रों के करियर के हित में उनके मूल "पास" परिणाम को बनाए रखने का फैसला किया है।


सीबीएसई ने हाल ही में सुप्रीम कोर्ट में दाखिल एक हलफनामे में यह जानकारी दी। हलफनामा उन छात्रों के एक समूह की ओर से दायर एक याचिका के जवाब में आया, जो या तो फेल हो गए या सीबीएसई टेबुलेशन नीति (CBSE Tabulation policy) के तहत पहले से कम अंक हासिल किए।

बोर्ड ने कहा कि जिन छात्रों को 12वीं कक्षा के 29 सितंबर को घोषित परिणाम में फेल या RT (रिपीट थ्योरी) घोषित किया गया था, उन्हें अपने पिछले परिणाम को बरकरार रखने की अनुमति दी जाएगी। सीबीएसई ने कहा कि यह निर्णय यह सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है कि वर्तमान शैक्षणिक सत्र के बदले हुए सिलेबस को देखते हुए किसी छात्र का शैक्षणिक करियर प्रभावित न हो।


वकील रूपेश कुमार की ओर से दायर CBSE के हलफनामे में कहा गया है, "इस प्रकार, यह केवल ऐसे छात्रों को राहत देने का एक सचेत और तर्कसंगत निर्णय है जो सुधार परीक्षा में असफल रहे हैं, लेकिन सारणीकरण नीति के अनुसार पास हुए हैं।"

 बता दें, पिछले साल, बोर्ड रेगुलर तरीके से कक्षा 10वीं और 12वीं के लिए वार्षिक परीक्षा आयोजित नहीं कर सका। छात्रों को अंक देने के लिए सीबीएसई ने एक वैकल्पिक मूल्यांकन पद्धति का विकल्प चुना था, ताकि वे उच्च शिक्षा के लिए जा सकें।

बोर्ड द्वारा एक सारणीकरण नीति बनाई गई थी और उसी के आधार पर छात्रों को अंक दिए गए थे। सारणीकरण नीति के तहत, एक प्रावधान था जहां छात्रों को वैकल्पिक मूल्यांकन से संतुष्ट नहीं होने की स्थिति में अपने अंकों में सुधार करने की स्वतंत्रता दी गई थी।


हालांकि, सारणीकरण नीति में एक शर्त थी कि यदि कोई छात्र सुधार परीक्षा के लिए उपस्थित होता है, तो प्राप्त अंकों को अंतिम अंक माना जाएगा। शर्त में कहा गया है कि छात्र पिछली मार्कशीट पर दावा नहीं कर सकता है।

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