दिव्य रश्मि न्यूज़ चैनल |
- उत्तरप्रदेश में हिन्दू जनजागृति समिति द्वारा जिलाधिकारी को ज्ञापन !
- बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री की पार्टी हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा का निबंधन रद्द करने की भारतीय जन क्रान्ति दल की मांग , राज्यपाल एवं चुनाव आयोग को सौपा ज्ञापन |
- 21 दिसम्बर 2021, मंगलवार का दैनिक पंचांग एवं राशिफल - सभी १२ राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन ? क्या है आप की राशी में विशेष ? जाने प्रशिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. प्रेम सागर पाण्डेय से |
- यहां वहां सौ बार
- बहुत पछ्तायेगा
- जलगांव की सड़कें हेमामालिनी के गाल जैसी: गुलाब राव पाटिल
- मर्यादा ही भूल गये कांग्रेस के विधायक आर रमेश कुमार
- मोदी की उत्तर प्रदेश यात्राओं का महत्व
- क्या ‘मांझी’ डुबोएंगे नाव?
- भाजपा से कुछ तो सीखी कांग्रेस
- मिसाइल तकनीक में भारत सर्वोच्च पांच देशों में
- ब्रिटेन में तेजी से फैल रहा ओमिक्रान
- फिलीपींस में तूफान से भारी तबाही
- जनरल बाजवा के बयान पर भारत का करारा जवाब
- सीमान्त मुख्यालय सशस्त्र सीमा बल पटना ने मनाया 58वां स्थापना दिवस
- काकोरी कांड के शहीदों की याद में आयोजित हुआ कवि गोष्ठी
| उत्तरप्रदेश में हिन्दू जनजागृति समिति द्वारा जिलाधिकारी को ज्ञापन ! Posted: 20 Dec 2021 07:40 AM PST २५ एवं ३१ दिसंबर को सार्वजनिक स्थानों पर पटाखे जलाने एवं मद्यपान पर प्रतिबंध लगाया जाए !- राष्ट्रप्रेमियों की मांग ३१ दिसंबर की रात्रि बडी मात्रा में धूम्रपान, मद्यपान, मादक पदार्थों का सेवन करना, तेज आवाज के पटाखे जलाकर प्रदूषण करना, कर्णकर्कश ध्वनिवर्धक लगाना, अश्लील हावभाव कर नाचना, अपशब्द बोलना, लडकियों को छेडना-विनयभंग-बलात्कार आदि कुकृत्य होते हैं | मद्यपान कर तीव्र गति से वाहन चलाने से दुर्घटनाएं भी हो रही हैं | गंभीर बात यह है कि, इस रात्रि से मद्यपान आरंभ करनेवाली युवापीढी की संख्या अत्यधिक है तथा इनमें अवयस्क युवा और युवतियों का भी समावेश है | फलस्वरूप कानून और व्यवस्था की दृष्टि से गंभीर स्थिति उत्पन्न हो रही है | उसका अतिरिक्त तनाव पुलिस और प्रशासन पर आता है | इन सब संकटों को रोकने की दृष्टि से हिन्दू जनजागृति समिति तथा अनेक राष्ट्रप्रेमियों ने वाराणसी के जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया | अतः क्रिसमस निमित्त २५ दिसंबर व ईसाई नववर्ष निमित्त ३१ दिसंबर को होनेवाले सर्व प्रकार के सार्वजनिक समारोहों पर ('सेलिब्रेशन'पर) और पटाखे जलाने पर प्रतिबंध लगाया जाए | इस रात्रि राज्य के प्रमुख पर्यटनस्थल, किले, ऐतिहासिक स्थल आदि सार्वजनिक स्थानों पर जाने हेतु रोक लगाई जाए | सार्वजनिक स्थानों पर मद्यपान-धूम्रपान एवं पार्टियां करने पर प्रतिबंध लगाया जाए | पुलिस के गश्ती दल नियुक्त कर इसका उल्लंघन करनेवालों पर कार्यवाही की जाए | आनेवाले ३१ दिसंबर को राज्य के किले, पर्यटनस्थल, ऐतिहासिक व सार्वजनिक स्थल पर मद्यपान, धूम्रपान, पार्टियां करना और सार्वजनिक स्थानों पर पटाखे जलाना प्रतिबंधित करने का आदेश दिया जाए | इन स्थानों पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस दल का नियोजन कर समाज की कुप्रवृत्तियों पर रोक लगाई जाए तथा नीतिमान समाज बनाने हेतु सहयोग किया जाए, ये मांग आज हिन्दू जनजागृति समिति ने प्रशासन से की है | हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 20 Dec 2021 07:04 AM PST बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री की पार्टी हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा का निबंधन रद्द करने की भारतीय जन क्रान्ति दल की मांग , राज्यपाल एवं चुनाव आयोग को सौपा ज्ञापन |भारतीय जन क्रान्ति दल डेमो के राष्ट्रीय महासचिव डॉ राकेश दत्त मिश्र ने आज बिहार के महामहिम राज्यपाल, राज्य निर्वाचन आयोग एवं भारत निर्वाचन आयोग को पत्र लिख पूर्व मुख्यमंत्री श्री जीतनराम मांझी की पार्टी का निबंधन रद्द करने की गुहार लगे है क्योकि श्री मांझी अपनी राजनीती चमकने के चक्कर में हमेशा समाजिक सौहार्द को नष्ट करने का प्रयास करते है |कभी ब्रह्मणों को तो कभी हिन्दू देवि-देवता को अपमानित करते है जो भारतीय सम्बिधान के अनुछेद ११ का अवहेलना है | श्री मांझी जैसे व्यक्ति का राजनीत में रहना ही राजनीत का और सम्पूर्ण लोकतंत्र का अपमान है | हम भारत निर्वाचन आयोग एवं बिहार के महामहिम से आशा करतें है वो अवश्य करवाई करेंगे | हमारी पार्टी कल पटना के न्यायालय में एक परिवाद पत्र भी दाखिल करेगी | हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 20 Dec 2021 06:28 AM PST
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| Posted: 20 Dec 2021 04:02 AM PST
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| Posted: 20 Dec 2021 04:01 AM PST
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| जलगांव की सड़कें हेमामालिनी के गाल जैसी: गुलाब राव पाटिल Posted: 20 Dec 2021 03:59 AM PST जलगांव की सड़कें हेमामालिनी के गाल जैसी: गुलाब राव पाटिलमहाराष्ट्र के मंत्री और वरिष्ठ शिव सेना नेता गुलाबराव पाटिल के अपने विधानसभा क्षेत्र जलगांव जिले की सड़कों की तुलना अभिनेत्री हेमा मालिनी के गाल से करने की टिप्पणी पर विवाद खड़ा हो गया। हालांकि, राज्य के महिला आयोग के कड़ा रुख अपनाए जाने के बाद मंत्री ने अपने बयान पर माफी मांगी है। पाटिल की कथित टिप्पणी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। मंत्री ने कथित टिप्पणी हाल में जिले के बोधवाड़ नगर पंचायत चुनाव के दौरान एक चुनावी बैठक को संबोधित करने के दौरान की। अपने भाषण के दौरान पाटिल ने अपने विरोधियों को उनके विधानसभा क्षेत्र का दौरा कर वहां अच्छी गुणवत्ता वाली सड़कें देखने को कहा। कई वर्षों तक जलगांव सीट से विधायक रहे भाजपा के पूर्व नेता एकनाथ खडसे पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए राज्य के जलापूर्ति मंत्री पाटिल ने कहा, 'जोकि 30 सालों तक विधायक रहे, उन्हें मेरे विधानसभा क्षेत्र में आकर सड़कों को देखना चाहिए। अगर ये हेमा मालिनी के गाल जैसी नहीं हैं तो मैं इस्तीफा दे दूंगा।' वहीं, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रूपाली चाकणकर ने मंत्री पाटिल की टिप्पणी का संज्ञान लिया और अपनी टिप्पणी पर माफी नहीं मांगने पर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी। आयोग की चेतावनी के कुछ घंटों बाद पाटिल ने अपने बयान के लिए माफी मांगी। पाटिल ने धुले में संवाददाताओं से कहा, 'मेरा मकसद किसी को ठेस पहुंचाना नहीं था। मैं अपनी टिप्पणी के लिए माफी मांगता हूं।' वहीं पार्टी के नेता इस बयान पर शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा कि इस तरह की तुलना पहले भी हो चुकी है। यह हेमा मालिनी के लिए सम्मान की बात है। इसलिए इसे नकारात्मक रूप से न देखें। इससे पहले लालू यादव ने भी ऐसा ही उदाहरण दिया था। संजय राउत ने कहा हम हेमा मालिनी का सम्मान करते हैं। (हिफी) हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| मर्यादा ही भूल गये कांग्रेस के विधायक आर रमेश कुमार Posted: 20 Dec 2021 03:56 AM PST मर्यादा ही भूल गये कांग्रेस के विधायक आर रमेश कुमारकर्नाटक विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष और कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक के आर रमेश कुमार ने विधानसभा में विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा कि 'जब बलात्कार होना ही है, तो लेटो और मजे लो।' उन्होंने ये बयान उस वक्त दिया जब विधानसभा में बारिश और बाढ़ से संबंधित नुकसान को लेकर चर्चा हो रही थी जिसमें कई विधायक अपने-अपने क्षेत्र के लोगों की दशा को पटल पर रखना चाह रहे थे। विधानसभा अध्यक्ष विश्वेश्वर हेगड़े कागेरी के पास वक्त की कमी थी और उन्हें शाम छह बजे तक चर्चा को पूरा कराना था जबकि विधायक समय बढ़ाने का आग्रह कर रहे थे। कागेरी ने हंसते हुए कहा, 'मैं उस स्थिति में हूं जहां मुझे मजा लेना है और हां, हां करना है। ठीक है। मुझे तो यही महसूस होता है। मुझे स्थिति को नियंत्रित करना छोड़ देना चाहिए और कार्यवाही व्यवस्थित तरीके से चलानी चाहिए। मुझे सबसे कहना चाहिए कि आप अपनी बात जारी रखें।' उन्होंने कहा कि उनकी शिकायत केवल इतनी है कि सदन का कामकाज नहीं हो रहा है। पूर्व मंत्री रमेश कुमार ने इस पर हस्तक्षेप करते हुए कहा, 'देखिए, एक कहावत है- ' जब बलात्कार होना ही है, तो लेटो और मजे लो। आप एकदम इसी हालत में हैं।' कर्नाटक विधानसभा में रेप पर दिए बयान (मजाक) पर माफी मांगने में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष को केवल छह मिनट लगे क्योंकि वर्तमान अध्यक्ष ने विरोध कर रही महिला सदस्यों को इस मुद्दे पर एक भी शब्द बोलने की अनुमति नहीं दी। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष रमेश कुमार को सोशल मीडिया पर यूजर्स का और सदन में कांग्रेस और बीजेपी की महिला सदस्यों का गुस्सा झेलना पड़ा। विपक्षी दलों ने तो इसे कांगे्रस नेतृत्व के लिए शर्मनाक बताते हुए रमेश कुमार को पार्टी से निष्कासित करने की मांग तक कर दी। राहुल और प्रियंका गांधी ने इस बयान की कड़े शब्दों में निंदा की है। गत दिनों रमेश कुमार का 'रेप' वाला बयान तब आया जब विधानसभा अध्यक्ष विश्वेश्वर हेगड़े कागेरी ने हाल ही में आई बाढ़ के कारण फसलों को हो रहे नुकसान की समस्या पर सदस्यों की प्रतिक्रिया के बाद अपनी पीड़ा जाहिर की थी। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| मोदी की उत्तर प्रदेश यात्राओं का महत्व Posted: 20 Dec 2021 03:54 AM PST मोदी की उत्तर प्रदेश यात्राओं का महत्व(डॉ. दिलीप अग्निहोत्री-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा) पिछले कुछ दिनों में कई बार नरेंद्र मोदी उत्तर प्रदेश की यात्रा पर आ चुके है। यह क्रम आगे भी जारी रहेगा। उनकी प्रत्येक यात्रा राजनीति व उत्तर प्रदेश के विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। सभी जनसभाओं में वह योगी आदित्यनाथ की प्रशंसा कर चुके है। उनका यह विचार मात्र राजनीति तक सीमित नहीं है। बल्कि यह प्रमाणों व तथ्यों पर आधारित है। योगी सरकार ने अपने कार्यकाल में अनेक अभूतपूर्व उपलब्धियां हासिल की है। अनेक विषयों पर तो सत्तर वर्ष के कार्य भी पीछे छूट गए है। नए भारत में नए उत्तर प्रदेश का सर्वाधिक योगदान है। शाहजहाँपुर में नरेंद्र मोदी ने इन उपलब्धियों के आधार पर योगी आदित्यनाथ की उपयोगिता को रेखांकित किया। यूपी विधान सभा चुनाव में सत्ता पक्ष के नेतृत्व को लेकर चल रहे कयासों पर विराम लगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सार्वजनिक रूप में अलंकारिक शब्दावली में योगी आदित्यनाथ के नाम का उल्लेख किया। यह स्वाभाविक भी था। उत्तर प्रदेश के इतिहास में विगत पांच वर्ष उपलब्धियों की दृष्टि से सर्वाधिक महत्वपूर्ण रहे है। करीब पचास योजनाओं में यूपी नम्बर वन का गौरव सामान्य नहीं है। प्रधानमंत्री पिछले कुछ समय में कई बार उत्तर प्रदेश की यात्रा पर आए है। उनकी प्रत्येक यात्रा यूपी की विकास यात्रा में मील का पत्थर साबित हो रही है। सभी परियोजनाओं का क्रियान्वयन योगी आदित्यनाथ की अनवरत मेहनत व सक्रियता से संभव हो रहा है। कुछ दिन पहले नरेंद्र मोदी ने ऐतिहासिक श्री काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का लोकार्पण किया था। इसकी चर्चा दुनिया में हुई। इसके पहले कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय एयर पोर्ट लोकार्पण में तो बीस देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए थे। पूर्वांचल एक्सप्रेस वे लोकार्पण अवसर पर युद्धक विमानों के प्रदर्शन पर भी दुनिया ने ध्यान दिया। मेडिकल कॉलेज निर्मांण में भी यूपी शिखर पर है। नरेंद्र मोदी ने स्वयं कहा था कि योगी सरकार की सभी उपलब्धियों को गिनाना संभव नहीं है क्योंकि इसके लिए बहुत समय की आवश्यकता होगी। ऐसे में उन्होंने शाहजहांपुर में जो कहा वह अप्रत्याशित नहीं था। यह तो होना ही था। नरेन्द्र मोदी ने योगी की जम कर सराहना की। उनके अनुसार उत्तर प्रदेश की जनता अब कह रही है-यूपी प्लस योगी, बहुत है उपयोगी। नरेंद्र मोदी ने मंच से इस नारे को कई बार दोहराया। अपार जनसमूह ने इसका पुरजोर समर्थन किया। कुछ देर तक जनसभा में यह नारा गूंजता रहा। प्रधानमंत्री ने मेरठ से प्रयागराज तक बनने वाले गंगा एक्सप्रेस वे का शिलान्यास किया। वह इस अवसर पर आयोजित जनसभा को संबोधित कर रहे थे। योगी सरकार ने व्यवस्था को सुधारने का बखूबी कार्य किया है। माफियाओं पर नकेल कसी गई। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे लोकार्पण के साथ ही उत्तर प्रदेश सबसे ज्यादा एक्सप्रेसवे वाला राज्य बन गया है। बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे,गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे व बलिया लिंक एक्सप्रेसवे का कार्य प्रगति पर है। सबसे बड़ी गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना अगले करीब दो वर्ष में पूरी होगी। गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे का निर्माण गोरखपुर आजमगढ़ के बीच तेजी से चल रहा है। गंगा एक्सप्रेसवे लगभग छह सौ किमी लंबी होगी। देश की सबसे लंबी गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ से प्रयागराज तक बनेगी। इसके लिए पंचानबे प्रतिशत से ज्यादा जमीन खरीदी जा चुकी है। नरेंद्र मोदी के कथन को राष्ट्रीय स्तर पर भी सकारात्मक समर्थन मिला है। डबल इंजन की सरकार, मोदी योगी की जोड़ी, उत्तर प्रदेश में पांच एक्सप्रेस वे,काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर, श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण, एयरपोर्ट निर्माण और कानून व्यवस्था की सुदृढ़ स्थिति, माफियाओं की अवैध सम्पत्ति पर बुलडोजर चलाने आदि को लोगों ने सराहनीय कार्य बताया। योगी सरकार उत्तर प्रदेश को सर्वोत्तम प्रदेश बनाने की दिशा में प्रभावी कार्य कर रही है। इसी क्रम में वैश्विक स्तर की बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराने के लिए प्रदेश में एक्सप्रेसवे का संजाल बिछाया जा रहा है। विकास के मामले में सरकार का नजरिया समग्रता का है। सरकार एक्सप्रेसवे के साथ एयर कनेक्टिविटी पर भी बराबर का जोर दे रही है। सरकार ने दशकों से लम्बित वाण सागर, अर्जुन सहायक नहर, सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजनाओं को पूरा किया। किसानों को समय से पानी के साथ खाद भी मिले इसके लिए करीब तीन दशक से बंद गोरखपुर के खाद कारखाने की जगह नया कारखाना लगाया। सबके स्वास्थ्य का सपना साकार करने के लिए गोरखपुर एम्स का भी उद्घाटन हो चुका है। विकास का यह सिलसिला जारी है। शाहजहांपुर में नरेंद्र मोदी ने यूपी के विकास का उल्लेख किया। साथ ही विपक्ष पर भी जम कर हमला बोला। उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक दलों को देश की विरासत से भी परेशानी होती है क्योंकि इन्हें अपने वोटबैंक की चिंता ज्यादा सताती है। देश के विकास से दिक्कत इस कारण क्योंकि गरीबों की इन पर निर्भरता दिनों। दिन कम हो रही है। काशी में बाबा विश्वनाथधाम के पुनर्निर्माण कार्य से भी कुछ दलों के नेताओं की परेशानी सामने आई है। क्योंकि इससे उनको वोट बैंक की चिंता सता रही है। ऐसे दल गंगा की सफाई,आतंक के आकाओं के खिलाफ सेना की कार्रवाई पर सवाल उठाते हैं। ये वही लोग हैं जो भारतीय वैज्ञानिकों की बनाई मेड इन इंडिया कोरोना वैक्सीन को कठघरे में खड़ा कर देते है। अयोध्या में प्रभु श्रीराम का भव्य मंदिर बनने से परेशान होते है। सरकारें पहले भी आती जाती रहती थी। देश के विकास का उत्सव हम सभी को खुले मन से मनाना चाहिए। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश की कमान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हाथों में आने के बाद से निरंतर जोड़ने का काम हुआ है। सबको साथ लेकर चलने का काम हुआ है। इसी कड़ी में गंगा एक्सप्रेसवे प्रयागराज को मेरठ से जोड़ने का काम करेगा। नरेंद्र मोदी देश के किसानों, नौजवानों, महिलाओं और नौजवानों के लिए अनवरत कार्य करने वाले प्रधानमंत्री हैं। उन्हें कुछ दिनों पहले काशी विश्वनाथ धाम का लोकार्पण करते, श्रमिकों पर पुष्प वर्षा करते देख सभी लोग अभिभूत हुए। आजादी के बाद से किसानों, नौजवानों, महिलाओं, श्रमिकों के साथ हमारी आस्था को सम्मान देने का काम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया है। उत्तर प्रदेश में आजादी के बाद से पांच वर्ष पहले तक मात्र एक एक्सप्रेसवे बना था। आज छह एक्सप्रेस वे बन रहे हैं। पूर्वांचल एक्सप्रेस वे का उद्घाटन प्रधानमंत्री ने कुछ दिनों पहले ही किया है बलिया लिंक एक्सप्रेसवे, बुंदेलखण्ड एक्सप्रेसवे, दिल्ली मेरठ एक्सप्रेस वे, गोरखपुर एक्सप्रेसवे और अब गंगा एक्सप्रेसवे की नींव रखी जा रही है। लगभग छह सौ किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे न केवल प्रयागराज से मेरठ को जोड़ने का काम करेगा, बल्कि इससे रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा। यह आपसी दूरी को कम करेगा। दिलों की दूरी को भी कम करेगा। लोगों को जोड़ने का भी काम करेगा। (हिफी) हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 20 Dec 2021 03:51 AM PST क्या 'मांझी' डुबोएंगे नाव?(अशोक त्रिपाठी-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा) मांझी के हाथ में पतवार इसलिए दी जाती है कि वह नौका को दूसरे किनारे तक पहुंचा देगा लेकिन बिहार का एक मांझी तो नाव डुबो देना चाहता है। बेशक, उसके हाथ में पतवार नहीं है लेकिन राजनीति की नाव तो कई पतवारों के सहारे ही पार लगती है। बिहार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन में भाजपा और जद(यू) के साथ हिन्दुस्तान अवाम मोर्चा (हम) भी प्रमुख घटक है। हम के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी ने राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की आगामी जनवरी में शुरू होने वाली बेरोजगारी हटाओ यात्रा का समर्थन किया है। यह यात्रा नीतीश कुमार की सरकार की नाकामी को प्रदर्शित करने वाली होगी और मांझी उसी सरकार के विरोध में खड़े हो गये हैं? राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि राजद के नेतृत्व वाला महागठबंधन जीतनराम मांझी को एनडीए से तोड़ना चाहता है जबकि जद(यू) के प्रवक्ता अभिषेक झा ने कहा है कि जीतनराम मांझी एनडीए के अभिन्न अंग है। हालांकि मांझी अपने बयानों से एनडीए के सामने लगातार मुसीबतें खड़ी करते रहते हैं। दो दिन पहले ही मांझी ने ब्राह्मणों को लेकर विवादास्पद बयान दिया था। बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को एक बार फिर से हम के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी का समर्थन मिला है। जीतन राम मांझी ने तेजस्वी यादव द्वारा जनवरी में शुरू होने वाली बेरोजगारी हटाओ यात्रा का समर्थन किया है। जीतन राम मांझी ने पटना में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए इस बात को स्वीकार किया है कि बिहार में बेरोजगारी अभी भी एक बड़ी समस्या है। तेजस्वी यादव द्वारा इस तरह की यात्रा निकाले जाने को लेकर जीतन राम मांझी ने कहा कि वह प्रतिपक्ष के नेता हैं और अगर वो बेहतर समझते हैं कि बिहार में बेरोजगारी एक बड़ी समस्या है तो उन्हें इस बात का हक है कि वह इस तरह की यात्रा पर निकलें। जीतन राम माझी ने कहा कि जिस तरीके से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शराबबंदी कानून को लेकर समाज सुधार अभियान शुरू कर रहे हैं, ऐसे में शराबबंदी कानून को लेकर उन्हें ग्राउंड पर रियलिटी नजर आएगी। कुछ लोगों द्वारा शराबबंदी कानून को लेकर सवाल उठाए जाने को मांझी ने गलत करार दिया और कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार में जिस तरीके से शराबबंदी कानून लागू किया है, वह बेहतर कदम है। मांझी की मानें तो शराब बंदी कानून को लेकर सीएम जैसे समाज सुधार अभियान पर निकल रहे हैं तो प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी यादव भी बेरोजगारी हटाओ यात्रा पर निकल सकते हैं, इसमें कोई आश्चर्य की बात नहीं है। मांझी ने अप्रत्यक्ष रूप से नीतीश सरकार पर हमला किया। जीतन राम मांझी ने माना कि बिहार में बेरोजगारी एक अहम समस्या है लेकिन साथ में उन्होंने कहा कि यह केवल बिहार की समस्या नहीं बल्कि पूरे देश की समस्या है। मांझी द्वारा तेजस्वी यादव को अपने बयानों के माध्यम से दिए गए समर्थन पर राजद नेता इसे राजनीतिक चश्मे से देखने लगे हैं। पार्टी के प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि जीतन राम मांझी एनडीए में घुटन महसूस कर रहे हैं और वो तेजस्वी यादव को बिहार का भावी मुख्यमंत्री के रूप में देख रहे हैं, यही कारण है कि वे तेजस्वी यादव की बेरोजगार यात्रा को अपना खुला समर्थन दे रहे हैं। दूसरी तरफ मांझी के बयान पर राजद की प्रतिक्रिया को जदयू नेता राजद द्वारा देखा जाने वाला मुंगेरीलाल का हसीन सपना बता रहे हैं। जदयू के प्रवक्ता अभिषेक झा ने कहा कि जीतन राम मांझी एनडीए के अभिन्न अंग हैं, जिन्हें तोड़ना राजद के वश की बात नहीं है। पूर्व मुख्यमंत्री और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी विवादास्पद बयान देते रहते हैं। इसी सिलसिले में उनके ब्राह्मणों पर दिए आपत्तिजनक बयान से बिहार की सियासत गर्मा गई है। तमाम राजनीतिक पार्टियों ने इसे लेकर मांझी पर हमला बोला है और उन्हें नसीहत दी है कि वो भविष्य में कभी इस तरह के बयान न दें लेकिन बिहार बीजेपी के उपाध्यक्ष और पूर्व विधायक मिथिलेश तिवारी ने इससे हट कर 11 बिंदुओं को सिलसिलेवार लिख कर जीतन राम मांझी को यह बताने का प्रयास किया है कि ब्राह्मणों का समाज को एक साथ जोड़े रखने में बड़ा योगदान है। मिथिलेश तिवारी ने कहा कि एक यज्ञ में ब्राह्मण इतने समाज के लोगों को एक साथ जोड़ता है यह बात शायद जीतन राम मांझी नहीं जानते हैं। उदाहरण के लिए डाला के लिए डोम, मानर पुजाई के लिए चमईन, मिट्टी का बर्तन के लिए कुम्हार, लकड़ी की आसनी के लिए लोहार, नौ ग्रह की लकड़ी एवं मुंडन के लिए हजाम, गाय का दूध, दही, घी, मूत्र, गोबर के लिए यादव, फूल के लिए माली, कपड़ा सिलाई के लिए दर्जी, पूजा-पाठ में फल के लिए कुशवाहा, मिठाई एवं चूल्हा पुजाई के लिए हलवाई और पान और ताम्बुल के लिए पनहेरी की आवश्यकता होती है। वहीं, बीजेपी के विधायक नीतीश मिश्रा ने भी जीतन राम मांझी के बयान को गलत बताते हुए कहा कि हिंदू धर्म और ब्राह्मणों के प्रति की गई उनकी टिप्पणी से जनमानस आहत है। इस तरह का बयान समाज के सौहार्द को बिगाड़ने का काम करता है। हम सभी का यह प्रयास होना चाहिए कि समाज को जोड़कर एक साथ रखें न कि उसमें वैमस्यता पैदा करें। ध्यान रहे कि 18 दिसम्बर की शाम पटना में एक कार्यक्रम में शिरकत करते हुए जीतन राम मांझी ने ब्राह्मणों और देवी-देवताओं के लिए बेहद अपमानजनक शब्द का प्रयोग किया था। मांझी ने कहा कि लोग आज कल सत्यनारायण भगवान की पूजा करवा रहे हैं, और पंडित '''' (गाली) आते हैं तो बोलते हैं हम खायेंगे नहीं, नगद (पैसा) दीजिये। मांझी यहीं नहीं रुके, उन्होंने कहा कि पहले गरीबों के बीच यह पूजा देखने को नहीं मिलती थी लेकिन आज कल खूब हो रही है। बाबा भीमराव अंबेडकर का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि जीवन के अंतिम दौर में बाबा साहब ने हिंदू धर्म को खराब बताया था। उनका निधन बौद्ध होकर हुआ था। जीतन राम मांझी के इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। हालांकि बयान पर बवाल बढ़ने पर पूर्व मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर इस पर सफाई दी। उन्होंने कहा कि ब्राह्मणों को लेकर उनके वीडियो के उस पार्ट को ही केवल वायरल किया जा रहा है जिससे विवाद खड़ा हो सके। मांझी ने कहा कि बयान को समझने के लिए उसे पूरा सुनने की जरूरत है। उनके दिल में हर तबके के लिए सम्मान और इज्जत है। उन्होंने कहा कि उन्होंने ब्राह्मणों को नहीं, बल्कि अपने समाज के लोगों के लिए अपशब्द (गाली) यूज किया था। अगर नहीं हो तो मैं माफी मांगने को तैयार हूं। मांझी की सवर्ण विरोधी भावना पहले भी सामने आ चुकी है। (हिफी) हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 20 Dec 2021 03:48 AM PST भाजपा से कुछ तो सीखी कांग्रेस(अशोक त्रिपाठी-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा) राजनीति में भाजपाई फार्मूले कारगर साबित हो रहे हैं। उदाहरण के लिए भाजपा ने शाहजहांपुर (उत्तर प्रदेश) में गंगा एक्सप्रेस वे का शिलान्यास किया। उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में ही शहीद रामप्रसाद बिस्मिल का जन्म हुआ था और 19 दिसम्बर को उन्हें फांसी पर चढ़ा दिया गया। इस शहीद दिवस पर भाजपा को शाहजहांपुर का महत्व दर्शाना है। इस तरह के कई फार्मूले मिल जाएंगे। उत्तराखण्ड में कांगे्रस ने भी भाजपा के इसी फार्मूले पर काम किया है। कांगे्रस ने उत्तराखण्ड चुनाव अभियान के चलते ही वीर ग्राम पराजय यात्रा निकालने का निश्चय किया है। यह यात्रा हेलिकाप्टर हादसे में शहीद हुए पूर्व सीडी एस जनरल विपिन रावत के पैतृक गांव से निकाली जाएगी। इससे पूर्व 16 दिसम्बर को उत्तराखण्ड में राहुल गांधी की रैली में भी दिवंगत जनरल विपिन रावत के बड़े-बड़े कटआउट लगाए गये थे। राजनीतिक दल वोटरों को कई तरह से रिझाते हैं। उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव से पहले सैनिक और उनके परिवारों के वोटों पर सभी राजनीतिक पार्टियों की नजर है। देहरादून के परेड ग्राउंड में गत दिनों हुई कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की विशाल रैली में गांधी परिवार के नेताओं के साथ ही जनरल बिपिन रावत के बड़े कट आउट लगाए गए। यही नहीं, पिछले दिनों चॉपर क्रैश में शहीद हुए तमाम सैनिकों के चित्र भी कार्यक्रम स्थल पर लगाए गए थे। सैनिकों के सम्मान में 'विजय सम्मान रैली' का आयोजन कर रही कांग्रेस सीधे तौर पर उत्तराखंड के सैन्य परिवारों के वोट को टारगेट करती हुई नजर आ रही है। कांग्रेस ने उत्तराखंड चुनाव अभियान के अपने सिलसिले में 'वीर ग्राम पराक्रम यात्रा' का ऐलान करते हुए बताया कि यह यात्रा पौड़ी गढ़वाल के गांव से शुरू की जाएगी। उत्तराखंड के सैनिकों के योगदान को सराहने और याद करने के आइडिया पर केंद्रित होकर इस यात्रा को खास ढंग से शुरू किया जा रहा है। पिछले दिनों एक हवाई हादसे में दिवंगत हुए पूर्व सीडीएस जनरल बिपिन रावत के पैतृक गांव से कांग्रेस इस यात्रा का आगाज करने जा रही है तो इसके पीछे उसकी खास रणनीति साफ दिख रही है। 1971 के युद्ध में शामिल रहे पूर्व सैनिकों के सम्मान में आयोजित इस रैली में एक तरफ पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के बड़े कटआउट लगाए गए तो राहुल गांधी के कटआउट के आकार से बड़ा जनरल रावत का चित्र लगाया गया। उत्तराखंड में सेवारत सैनिकों के साथ ही पूर्व सैनिकों के परिवारों के वोट बड़ी अहमियत रखते हैं। इन्हीं कारणों से भाजपा ने सैन्य धाम के शिलान्यास का कार्यक्रम किया, जिसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जनरल रावत के नाम पर स्मारक के प्रवेश द्वार का नामकरण करने का ऐलान किया। भाजपा ने भी 200 सैन्य परिवारों का सम्मान किया। जनरल रावत के कटआउट लगाए जाने के बारे में कांग्रेस के उत्तराखंड अध्यक्ष गणेश गोदियाल का कहना है कि कांग्रेस ने हमेशा ही सैनिकों का सम्मान किया है। गोदियाल ने कहा, 'जनरल रावत देश का गौरव रहे। उनका ताल्लुक उत्तराखंड से रहा और वह अपने प्रदेश के भले के लिए हमेशा प्रयत्नशील रहे। उनके कटआउट लगाकर कांग्रेस ने महान सैनिक के प्रति अपनी श्रद्धा भाव दर्शाया है।' इस मामले में भाजपा ने कांग्रेस की आलोचना करते हुए इसे वोटों की राजनीति कहा है। पार्टी के प्रवक्ता विपिन कैंथोला ने कहा कि चुनाव आते ही सैनिकों से कांग्रेस का प्रेम समझा जा सकता है लेकिन कांग्रेस को जनरल रावत के नाम का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। हालांकि भाजपा खुद सैन्य धाम के लिए शहीदों के आंगन की मिट्टी जुटाने का अभियान चला चुकी है। कांग्रेस के चुनाव अभियान प्रमुख हरीश रावत कहते हैं कि यह यात्रा 20 या 21 दिसंबर से शुरू होगी, जब जनरल रावत के लिए शोक की औपचारिक अवधि पूरी हो जाएगी। कांग्रेस ने अपनी इस यात्रा में उत्तराखंड के ज्यादा से ज्यादा गांवों में पहुंचने का लक्ष्य रखा है यानी कुल करीब 17,000 गांवों में से कांग्रेस इस यात्रा को हजारों गांवों तक पहुंचाने की आस में है। उत्तराखंड में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस के इस ऐलान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जनरल रावत के नाम को राजनीतिक लाभ के लिए कांग्रेस भुनाने की फिराक में है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कांग्रेस नेता सेना का अपमान कर चुके हैं और जनरल रावत को 'गुंडा' तक कह चुके हैं। धामी ने कहा, 'अब ये लोग उनके पैतृक गांव में यात्रा निकालने जा रहे हैं, लोग सब समझते हैं कि वो ऐसा क्यों कर रहे हैं।' जाहिर है कि कांग्रेस की यह यात्रा भाजपा को एक खतरा जैसी लग रही है। कांग्रेस ने उत्तराखंड चुनाव अभियान के अपने सिलसिले में 'वीर ग्राम पराक्रम यात्रा' का ऐलान करते हुए बताया कि पिछले दिनों एक हवाई हादसे में दिवंगत हुए पूर्व सीडीएस जनरल बिपिन रावत के पैतृक गांव से कांग्रेस इस यात्रा का आगाज करने जा रही है तो इसके पीछे उसकी खास रणनीति साफ दिख रही है। हालांकि राहुल गांधी की रैली में जनरल रावत के कटआउट लगने से राजनीतिक विवाद सुर्खियों में थे लेकिन कांग्रेस ने कट आउट विवाद को दरकिनार करते हुए अपनी इस चुनावी यात्रा का ऐलान कर दिया और यह भी बताया है कि जनरल रावत के पैतृक गांव सैंण से इस यात्रा का शुभारंभ होगा। कांग्रेस के चुनाव अभियान प्रमुख हरीश रावत ने कहा कि कांग्रेस ने अपनी इस यात्रा में उत्तराखंड के ज्यादा से ज्यादा गांवों में पहुंचने का लक्ष्य रखा है यानी कुल करीब 17,000 गांवों में से कांग्रेस इस यात्रा को हजारों गांवों तक पहुंचाने की आस में है। उत्तराखंड में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस के इस ऐलान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जनरल रावत के नाम को राजनीतिक लाभ के लिए कांग्रेस भुनाने की फिराक में है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कांग्रेस नेता सेना का अपमान कर चुके हैं और जनरल रावत को 'गुंडा' तक कह चुके हैं। धामी ने कहा, 'अब ये लोग उनके पैतृक गांव में यात्रा निकालने जा रहे हैं, लोग सब समझते हैं कि वो ऐसा क्यों कर रहे हैं।' चुनाव में कांग्रेस के पोस्टर चेहरे के तौर पर उभरे हरीश रावत ने भाजपा के इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि जनरल रावत उत्तराखंड के गौरव रहे हैं। किसी पार्टी को हमसे 'असुरक्षा' क्यों महसूस हो रही है? उन्होंने कहा, 'कोई पार्टी या व्यक्ति हमसे जनरल रावत को याद करने का हक छीन नहीं सकती। जिन लोगों ने महात्मा गांधी को गालियां दीं, कांग्रेस ने कभी उनसे गांधी की याद या तारीफ करने का हक नहीं छीना।' बहरहाल, जैसे जैसे चुनाव प्रचार की गति बढ़ रही है, उत्तराखंड के चुनाव से पहले श्रेय लेने की राजनीति भी बढ़ती जा रही है। (हिफी) हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| मिसाइल तकनीक में भारत सर्वोच्च पांच देशों में Posted: 20 Dec 2021 03:45 AM PST मिसाइल तकनीक में भारत सर्वोच्च पांच देशों मेंनई दिल्ली। चीन ने बीते दिनों हाइपरसोनिक ग्लाइड व्हीकल के साथ हाइपरसोनिक मिसाइल का सफल परीक्षण करके दुनियाभर को चैंका दिया था। हालांकि रिपोर्ट बताती हैं कि परीक्षण में पता चला कि इसने दुनिया का चक्कर तो लगाया, लेकिन कुछ ही किलोमीटर पर यह अपने लक्ष्य से चूक गया था। आइए समझते हैं कि भारत मिसाइल तकनीक के मामले में किस स्थान पर है। अगर दुनियाभर में मिसाइल तकनीक की बात करें तो भारत सर्वोच्च 5 देशों में स्थान रखता है लेकिन अभी भी तकनीक के मामले में हम अमेरिका, रूस और चीन से काफी पीछे हैं। आजादी से पहले भारत में बहुत सारे साम्राज्य मौजूद थे जो युद्ध तकनीक में रॉकेट का इस्तेमाल किया करते थे। मैसूर के राजा हैदर अली ने 18वीं सदी के मध्य में अपनी सेना को लोहे के कवच वाले रॉकेट से परिचित कराया था। हैदर के बेटे टीपू सुल्तान की मौत होने तक उनकी सेना की हर टुकड़ी के साथ एक रॉकेट चलाने वाला जुड़ा हुआ था। एक अनुमान के मुताबिक उनके दल में करीब 5000 रॉकेट चलाने वाले मौजूद थे। आजादी के वक्त भारत में स्वदेशी स्तर पर मिसाइल क्षमता नहीं थी। भारत सरकार ने 1958 में विशेष शस्त्र विभाग का निर्माण किया। यही आगे चलकर डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट लैबोरेटरी (डीआरडीएल) यानी रक्षा अनुसंधान एवं विकास प्रयोगशाला बना,जिसे 1962 में दिल्ली से हैदराबाद में स्थानांतरित किया गया। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक डीआरडीओ की प्रयोगशाला के आधिकारिक रिकॉर्ड बताते हैं कि 1972 में सतह से सतह पर हमला करने वाली मध्यम रेंज की मिसाइल के विकास की शुरुआत प्रोजेक्ट डेविल के नाम से की गई। इस दौरान बड़ी संख्या में परीक्षण सुविधा और बुनियादी ढांचे का निर्माण हुआ। 1982 आते आते डीआरडीएल, इंटीग्रेटेड गाइडेड मिसाइल डेवलपमेंट प्रोग्राम (आईडीएमडीपी) यानी एकीकृत निर्देशित मिसाइल विकास कार्यक्रम के तहत कई मिसाइल तकनीकों पर काम कर रहा था। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| ब्रिटेन में तेजी से फैल रहा ओमिक्रान Posted: 20 Dec 2021 03:43 AM PST ब्रिटेन में तेजी से फैल रहा ओमिक्रानलंदन। ब्रिटेन में कोरोना वायरस के नए ओमिक्रॉन वेरिएंट तेजी से फैल रहा है। यहां एक दिन में ओमिक्रॉन के 10,000 से अधिक संक्रमित मिले हैं। 24 घंटे के अंदर ये अब तक सबसे ज्यादा केस हैं। ब्रिटेन में पिछले 24 घंटे में कोरोना संक्रमण के 90,418 नए मामले दर्ज किए गए। ब्रिटिश स्वास्थ्य सुरक्षा एजेंसी (यूकेएचएसए) ने ओमिक्रॉन के 10,059 नए मामलों की पुष्टि की है, जो इस वेरिएंट के सामने आए 3,201 मामलों से तीन गुना से अधिक संख्या है। ब्रिटेन में अब तक ओमिक्रॉन के कुल 24,968 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। ब्रिटेन में पिछले 24 घंटे के दौरान 125 मरीजों की मौत भी हुई है। देश में वायरस के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन से संक्रमित सात मरीजों की मौत हो चुकी है। ओमिक्रॉन के मामलों की बढ़ती संख्या के चलते सरकार द्वारा सख्त लॉकडाउन नियमों को लागू करने की योजना संबंधी रिपोर्ट का हवाला देते हुए ब्रिटेन के स्वास्थ्य मंत्री साजिद जाविद ने कहा, 'हमने पूर्व में देखा है कि सरकार ने किस तरह महामारी का मुकाबला किया है। हम जो भी जरूरी होगा, वो करेंगे। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| फिलीपींस में तूफान से भारी तबाही Posted: 20 Dec 2021 03:41 AM PST फिलीपींस में तूफान से भारी तबाहीमनीला। फिलीपींस में तूफान 'राय' ने भीषण तबाही मचाई है। नेशनल पुलिस ने सोमवार को कहा कि इस साल फिलीपींस में आए सबसे तेज तूफान से मरने वालों की संख्या बढ़कर 208 हो गई है। तूफान में कम से कम 239 लोग घायल हो गए और 52 लापता हो गए हैं। बताया जा रहा है कि यह हाल के वर्षों में देश में आए सबसे घातक तूफानों में से एक है। फिलीपींस में गत दिनों एक सुपर टाइफून राय की वजह से सैकड़ों लोग बेघर हो गए हैं। तूफान के देश में टकराने के बाद 300,000 से अधिक लोग अपने घरों और समुद्र तट के किनारे के रिसॉर्ट से भागने को मजबूर हो गए। फिलीपीन रेड क्रॉस ने तटीय क्षेत्रों में जान माल के काफी नुकसान की सूचना दी है। रेड क्रॉस के अध्यक्ष रिचर्ड गॉर्डन ने कहा कि घरों, अस्पतालों, स्कूल और सामुदायिक भवनों को काफी नुकसान पहुंचा है। तूफान राय ने घर, अस्पताओं की छतों को तोड़ दिया, कई पेड़ उखड़ गए, कंक्रीट के बिजली के खंभों को गिरा दिया, लकड़ी के घरों को टुकड़े-टुकड़े कर दिया, और कई गांवों में बाढ़ आ गई। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| जनरल बाजवा के बयान पर भारत का करारा जवाब Posted: 20 Dec 2021 03:36 AM PST जनरल बाजवा के बयान पर भारत का करारा जवाबइस्लामाबाद। पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा ने कहा कि क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए कश्मीर मुद्दे का समाधान महत्वपूर्ण है। जनरल बाजवा ने यह टिप्पणी सऊदी विदेश मंत्री फैसल बिन फरहान अल सऊद के साथ एक बैठक के दौरान की। सऊद ने अफगानिस्तान में मानवीय हालात पर आयोजित इस्लामिक सहयोग संगठन के विदेश मंत्रियों के 17वें सत्र से इतर बाजवा से मुलाकात की थी। इस पर भारत ने करारा जवाब दिया है। पाकिस्तान सेना ने एक बयान में कहा कि दोनों ने साझा हित, क्षेत्रीय सुरक्षा, अफगानिस्तान में मौजूदा स्थिति और द्विपक्षीय रक्षा संबंधों के मुद्दों पर चर्चा की। एक बयान के अनुसार, जनरल बाजवा ने इस बात पर भी जोर दिया कि 'दक्षिण एशिया में स्थिरता के लिए कश्मीर विवाद का शांतिपूर्ण समाधान आवश्यक है। साथ ही यह भी दोहराया कि पाकिस्तान क्षेत्रीय शांति और समृद्धि के मद्देनजर अपने सभी पड़ोसियों के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध चाहता है। भारत ने पाकिस्तान को सलाह दी है कि वह वास्तविकता को स्वीकार करे और भारत विरोधी सभी दुष्प्रचार को बंद करे। भारत ने भी सदैव पाकिस्तान से कहा है कि वह इस्लामाबाद के साथ आतंकवाद और हिंसा मुक्त वातावरण में सामान्य संबंधों की इच्छा रखता है। उन्होंने दोहराया कि पाकिस्तान सऊदी अरब के साथ अपने ऐतिहासिक और भाईचारे के संबंधों को महत्व देता है। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| सीमान्त मुख्यालय सशस्त्र सीमा बल पटना ने मनाया 58वां स्थापना दिवस Posted: 20 Dec 2021 03:27 AM PST सीमान्त मुख्यालय सशस्त्र सीमा बल पटना ने मनाया 58वां स्थापना दिवससीमान्त मुख्यालय सशस्त्र सीमा बल मुख्यालय, कर्पूरी ठाकुर सदन परिसर पटना में आज 20 दिसम्बर को बल का 58वां स्थापना दिवस मनाया गया। इस अवसर पर उप-महानिरीक्षक कुमार चन्द्र विक्रम ने बलकर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि 'हर परिसर हरा परिसर' के नारा के तहत बिहार सरकार के सहयोग से 3,37,668 वृक्षो का वृक्षारोपण भी इस वर्ष किया गया है तथा पटना सीमांत मुख्यालय परिसर को प्लास्टिक मुक्तजोन बनाया गया है। वहीं वर्ष 2021 में नागरिक कल्याण कार्यक्रम के तहत नक्सल प्रभावित क्षेत्रो एवं भारत नेपाल के सीमवर्ती क्षेत्रों में 52 चिकित्सा शिविर एवं 20 पशु चिकित्सा शिविर भी लगया गया है। सीमांत पटना के कुल 78 बलकार्मिकयों को उनके उत्कृष्ट और साहसिक कार्य हेतु महानिदेशक अलंकरण तथा प्रशस्ति पत्र बल मुख्याल द्वारा प्राप्त हुआ है। इसमें स्वर्ण डिस्क एक स्टार-05, स्वर्ण डिस्क -05, और सिल्वर डिस्क-68 है। नक्सल विरोधी अभियान एवं आसूचना के क्षेत्र में उत्कृष्ट और पराक्रम भरा कार्य करने, भारी मात्रा मे हथियार व गोला-बारूद बरामद करने और बल का मान बढ़ाने में सराहनीय कार्य करने वाले अधिकारियों एवं जवानों को महानिदेशक अलंकरण तथा प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाता है। पूरे सशस्त्र सीमा बल के 06 सीमांत मुख्यालयों में से पटना सीमांत के 16वीं वाहिनी जमुई को सर्वश्रेष्ठ प्रचालन बटालियन, नारकोटिक्स की जब्तियाँ तथा नागरिक कल्याण कार्यक्रम के क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ सीमांत की ट्रॅाफी केन्दीय गृह राज्य मंत्री निशीथ प्रामाणिक के द्वारा 25वीं वाहिनी नई दिल्ली में हुए बल के 58वें स्थापना दिवस के अवसर पर प्रदान किया गया । हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| काकोरी कांड के शहीदों की याद में आयोजित हुआ कवि गोष्ठी Posted: 20 Dec 2021 03:21 AM PST काकोरी कांड के शहीदों की याद में आयोजित हुआ कवि गोष्ठी , बंगरा बाजार , भाटपार रानी, देवरिया से हमारे संवाददाता वेद प्रकाश तिवारी की खास खबर भारत को आजादी दिलाने के लिए अपना सब कुछ न्योछावर करने वाले स्वतंत्रता सेनानियों राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खान, राजेन्द्र लाहिड़ी, ठाकुर रोशन सिंह को 1927 में 19 दिसम्बर को फांसी दी गई थी। रविवार की शाम भाटपार रानी तहसील क्षेत्र के पड़री बाजार में एक कवि गोष्ठी आयोजित कर काकोरी कांड के शहीदों को उनकी शहादत दिवस पर याद किया गया। वहीं हाल ही में हेलीकॉप्टर दुर्घटना में शहीद सीडीएस जनरल विपिन रावत सहित असामयिक मृत्यु के शिकार सभी सैन्य अधिकारियों को भी नमन किया गया। चिकित्सक , रचनाकार और पत्रकार डॉ वेद प्रकाश तिवारी ने अपनी रचनाओं के माध्यम से शहीदों के बलिदानों को याद किया। उन्होंने बदलते परिवेश में कुछ तथाकथित लोगों पर दुख जताया जिनके द्वारा शहीदों के बलिदान को नजरअंदाज करते हुए उन पर हंसी उड़ाई जाती है । उन्होंनेे राष्ट्रगान की महत्ता और उसकेेे प्रोटोकॉल को विस्तार से समझाया । इस दौरान कवि मक़सूद अहमद भोपतपुरी ने अपनी रचना-मजबूत बनाओ प्यार भाईचारा वतनपरस्ती और अच्छी आदत को,जिंदगी में कभी न भूलना वीर सपूतों की शहादत को---पेश कर काकोरी कांड के शहीदों की वीरगाथा पर प्रकाश डाला।वहीं उन्होंने अपनी रचना- तमिलनाडु के कुन्नूर में ऐसा आफत आया,8 दिसम्बर 2021 को देश में मातम छाया---पेश कर भारतीय सैनिकों की वीरता का बखान किया। जियाउल्लाह अंसारी ने-शहीदों की लाशों से चन्दन सी महक आती है---पेश किया। रंगीला हिंदुस्तानी ने कविता के माध्यम से वीरों की शहादत पर राजनीति न करने की सलाह दी। विनीत मिश्र अंकित ने एक फौजी के दर्द पर गीत प्रस्तुत किया।इंजीनियर प्रमोद चौधरी ने युवाओं को देश सेवा के लिए प्रेरित करते हुए गीत प्रस्तुत किया।कार्यक्रम में लोकगायक सुबाष यादव,अब्दुल कलाम,मुस्ताक अहमद,साबिर अली,अरविंद मिश्र ने गीत प्रस्तुत किया।मुख्य अतिथि जिला पंचायत सदस्य विजय प्रताप सिंह ने कहा कि हम देश के शहीदों के अत्यंत ऋणी हैं।अध्यक्षता करते हुए समाजसेवी जटाशंकर सिंह ने कहा कि देश के जवान व शहीद क्रांतिकारी इतिहास के पन्नो में सदा अमर रहेंगें।संयोजक नन्दजी कुशवाहा व प्रमोद चौधरी ने आए हुए रचनाकारों व अतिथियों के प्रति आभार प्रकट किया।यहां मुख्य रूप से सन्त वेदही शरण पांडेय,भृगुराशन सिंह,हासिम अंसारी,हरेराम यादव,भगवती शरण गुप्ता, अनिल सिंह,अली मुहम्मद,रमेश प्रसाद,मुकेश गुप्ता,बब्बन प्रसाद,शमशेर अली,विपिन मौर्य,सुबाष यादव,मानवेन्द्र यादव,पप्पू पासवान, संदीप सिंह,गोविंद आदि मौजूद रहे। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
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