प्राइमरी का मास्टर ● इन |
- CTET Admit Card 2021: सीटीईटी परीक्षा अगले सप्ताह, आज जारी जारी हो सकते हैं एडमिट कार्ड
- BSA औरैया रहते नियमों को दरकिनार करने पर एडी बेसिक को दी गई प्रतिकूल प्रविष्टि
- वित्तीय नियमों की अनदेखी कर GPF खाते से धन आहरण को स्वीकृत करने के आरोप में BSA बाराबंकी एवं BSA हरदोई से स्पष्टीकरण तलब, देखें
- हाथरस : प्रतिकर अवकाश आदेश
- आरक्षण के दायरे में आ सकता सांसदों का केंद्रीय स्कूल का प्रवेश कोटा
- नवोदय विद्यालय समिति ने जारी की महत्वपूर्ण सूचना, 6वीं कक्षा में दाखिला हेतु ऑनलाइन आवेदन करने वाले दें ध्यान
- UPTET 2021 : दिसंबर में यूपीटीईटी कराना मुश्किल, जानिए आगे कब हो सकती है परीक्षा
| CTET Admit Card 2021: सीटीईटी परीक्षा अगले सप्ताह, आज जारी जारी हो सकते हैं एडमिट कार्ड Posted: 09 Dec 2021 05:20 PM PST CTET Admit Card 2021: सीटीईटी परीक्षा अगले सप्ताह, आज जारी जारी हो सकते हैं एडमिट कार्ड, परीक्षार्थी ctet.nic.in से कर सकेंगे डाउनलोड CTET Admit Card 2021: केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (CTET) का आयोजन अगले सप्ताह (16 दिसंबर 2021 को) किया जाना है, ऐसे में उम्मीद है कि सीटीईटी के एडमिट कार्ड आज 10 दिसंबर 2021, दिन शुक्रवार को जारी कर दिए जाएं। क्योंकि सीबीएसई के पास अब एडमिट कार्ड जारी करने के लिए 7 दिन से कम का समय शेष बचा है। समय पर यदि एडमिट कार्ड जारी होते हैँ तो अभ्यर्थी अपने परीक्षा केंद्र के बारे में जरूरी सूचना जुटा पाएंगे। सीटीईटी एडमिट कार्ड 2021 सीटीईटी की वेबसाइट ctet.nic.in पर जारी किए जाएंगे। एडमिट कार्ड जारी होने के बाद सीटीईटी 2021 के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थी ऑफिशियल वेबसाइट से अपने एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकेंगे। उल्लेखनीय है कि सीटीईटी परीक्षा के एडमिट कार्ड में देरी की वजह से परीक्षार्थी चिंता में हैं। 9 दिसंबर को कई अभ्यर्थियों ने इस लेकर शोशल मीडिया पर अपना दर्द बयान किया। एक सीटीईटी अभ्यर्थी ने लिखा, 'ट्रेनों में इन दिनों केवल रिजर्वेशन वाले लोग ही बैठ सकते हैं। सीटीईटी परीक्षा केंद्र अन्य जिले में पड़ने पर परीक्षार्थी कैसे टिकट बुक करा सकेंगे।' ज्ञात हो कि इस साल पहली बार सीटीईटी का आयोजन ऑनलाइन सीबीटी (कंप्यूटर बेस्ड मोड) किया जा रहा है। अभी तक ऑफलाइन परीक्षा आयोजित की जाती थी। पूरे देश में परीक्षा का आयोजन 20 भाषाओं में किया जाएगा। सीबीएसई सीटीईटी पेपर-1, सीटीईटी पेपर-2: सीटीईटी परीक्षा सीबीएसई बोर्ड द्वारा साल में दो बार आयोजित कराई जाती है। पहली परीक्षा जुलाई और दूसरी दिसंबर के महीने में होती है। सीटेट के पेपर -1 में भाग लेने वाले सफल उम्मीदवार कक्षा 1 से लेकर कक्षा 5 तक के लिए होने वाली शिक्षक भर्ती के लिए योग्य माने जाएंगे। जबकि पेपर -2 में बैठने वाले सफल अभ्यर्थी कक्षा 6 से 8वीं तक के लिए होने वाली शिक्षक भर्ती के लिए योग्य माने जाएंगे। सीटीईटी परीक्षा को पास करने वाले परीक्षार्थी देशभर के केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय और आर्मी स्कूलों में शिक्षकों के पद पर नियुक्ति के लिए आवेदन कर करने के लिए पात्र हो जाते हैं। सीटेट सर्टिफिकेट की वैधता आजीवन रहेगी। |
| BSA औरैया रहते नियमों को दरकिनार करने पर एडी बेसिक को दी गई प्रतिकूल प्रविष्टि Posted: 09 Dec 2021 04:49 PM PST BSA औरैया रहते नियमों को दरकिनार करने पर एडी बेसिक को दी गई प्रतिकूल प्रविष्टि लखनऊ : कर्मचारी को नियम के विरुद्ध प्रतिनियुक्ति पर लिए जाने के पुराने मामले में मंडलीय सहायक बेसिक शिक्षा निदेशक (एडी), मेरठ राजेश कुमार श्रीवास को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है। इन्होंने औरैया में बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) रहते हुए जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) के कनिष्ठ सहायक प्रबुद्ध कुमार को गलत ढंग से अपने कार्यालय से संबद्ध रखा। नियमानुसार प्रतिनियुक्ति पांच वर्ष की होनी चाहिए, लेकिन आठ वर्ष तक प्रतिनियुक्त रखा। यही नहीं इस कर्मचारी को कार्यमुक्त करने के कानपुर मंडल के संयुक्त शिक्षा निदेशक द्वारा आठ मार्च, 2016 को जारी किए गए पत्र की भी अनदेखी की। |
| Posted: 09 Dec 2021 04:44 PM PST वित्तीय नियमों की अनदेखी कर GPF खाते से धन आहरण को स्वीकृत करने के आरोप में BSA बाराबंकी एवं BSA हरदोई से स्पष्टीकरण तलब, देखें। कर्मचारी के सामान्य भविष्य निधि खाता (जीपीएफ) में उपलब्ध रकम से ज्यादा का भुगतान करने पर हरदोई व बाराबंकी के बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) को कारण बताओ नोटिस जारी की गई है। |
| Posted: 09 Dec 2021 02:50 AM PST |
| आरक्षण के दायरे में आ सकता सांसदों का केंद्रीय स्कूल का प्रवेश कोटा Posted: 09 Dec 2021 04:30 PM PST आरक्षण के दायरे में आ सकता सांसदों का केंद्रीय स्कूल का प्रवेश कोटा नई दिल्ली : केंद्रीय विद्यालयों में प्रवेश के लिए सांसदों को मिलने वाला कोटा भी अब आरक्षण के दायरे में आ सकता है। अभी तक इसमें किसी तरह का कोई आरक्षण लागू नहीं है। सांसद अपने क्षेत्र या फिर राज्य के किसी भी बच्चे का इस कोटे के जरिये केंद्रीय विद्यालयों में सीधे प्रवेश दिलाने में सक्षम हैं। कुछ सांसदों की ओर से कोटे की पूरी व्यवस्था को और ज्यादा पारदर्शी बनाने की बात हो रही थी। कोटे से जुड़े कानूनी पहलुओं की जानकारी जुटाई जा रही है। माना जा रहा है कि सरकार जल्द ही इसे लेकर कोई अहम फैसला ले सकती है। सरकार इससे पहले केंद्रीय विद्यालयों और नवोदय विद्यालयों के प्रवेश में ओबीसी आरक्षण को लागू करने का फैसला ले चुकी है जो पिछले सत्र से ही लागू किया गया है। इससे पहले इनमें सिर्फ एससी और एसटी को ही आरक्षण मिलता था। आरक्षण पर सरकार कई और भी अहम फैसले कर चुकी है। इनमें हाल ही में मेडिकल कालेजों में दाखिले के लिए निर्धारित आल इंडिया कोटे में ओबीसी आरक्षण को लागू करने का निर्णय भी शामिल है। केंद्रीय विद्यालयों में प्रवेश के लिए खत्म हो सांसद कोटा, उठी संसद में मांग नई दिल्ली : केंद्रीय विद्यालयों में प्रवेश के लिए सांसदों को मिलने वाला कोटा अब उनके लिए ही आफत बन गया है। राज्यसभा में भाजपा नेता सुशील मोदी ने बुधवार को इस कोटे को खत्म करने की मांग को प्रमुखता से उठाया और कहा कि यह कोटा, सांसदों के चुनाव हारने का बड़ा कारण बन रहा है। यह इसलिए है, क्योंकि हर साल इस कोटे से केंद्रीय विद्यालयों में प्रवेश दिलाने के लिए उनके पास हजारों लोगों की सिफारिशें आती है जबकि वे तय कोटे के तहत सिर्फ 10 लोगों को ही खुश कर पाते है। खास बात यह है कि भाजपा सांसद की इस मांग का राज्यसभा के अन्य सदस्यों ने भी समर्थन किया। फिलहाल मौजूदा नियमों के तहत केंद्रीय विद्यालयों में प्रवेश के लिए सभी सांसदों (राज्यसभा व लोकसभा के सभी सदस्यों) के पास दस सीटों का सालना कोटा होता है। जिसके तहत वे अपने संसदीय क्षेत्र या राज्य के किन्हीं दस बच्चों का नजदीक के किसी भी केंद्रीय विद्यालय में सीधे प्रवेश दिला सकते हैं। वैसे तो केंद्रीय विद्यालयों में प्रवेश की अपनी तय प्रक्रिया है, जहां मेरिट के आधार पर ही प्रवेश दिया जाता है लेकिन सांसदों के इस कोटे से किसी को भी सीधे प्रवेश मिल जाता है। यही कारण है कि सांसदों के पास हर साल इस काम के लिए काफी सिफारिशें आती हैं। भाजपा सांसद ने राज्यसभा में शून्यकाल के दौरान इस मुद्दे को उठाते हुए शिक्षा मंत्री की तारीफ की और कहा कि उन्होंने अपना कोटा खत्म करके अच्छा काम किया है। उन्होंने कहा कि यह कोटा इसलिए भी खत्म होना चाहिए, क्योंकि इसमें आरक्षण का भी कोई प्रविधान नहीं है। ऐसे में 788 से ज्यादा सांसदों की ओर से हर साल इस कोटे के तहत केंद्रीय विद्यालयों में 78 सौ से ज्यादा जो प्रवेश कराए जाते हैं, उससे कमजोर और पिछड़े वर्ग के बच्चों को नुकसान होता है। |
| Posted: 08 Dec 2021 04:32 PM PST नवोदय विद्यालय समिति ने जारी की महत्वपूर्ण सूचना, 6वीं कक्षा में दाखिला हेतु ऑनलाइन आवेदन करने वाले दें ध्यान नई दिल्ली। नवोदय विद्यालय समिति (Navodaya Vidyalaya Samiti) ने 6वीं कक्षा में दाखिले के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना जारी की है। एनवीएस ने 6वीं कक्षा में प्रवेश के लिए आयोजित होने वाली जवाहर नवोदय विद्यालय चयन परीक्षा फॉर्म 2022 (Jawahar Navodaya Vidyalaya Selection Test 2022) में करेक्शन करने के लिए तारीखें घोषित कर दी हैं। इसके अनुसार, कक्षा 6 में प्रवेश के लिए जेएनवीएसटी फॉर्म में सुधार के लिए विंडो 16 और 17 दिसंबर को खुली रहेगी। ऐसे में जो भी छात्र-छात्राएं भरे हुए आवेदन पत्र में बदलाव करना चाहते हैं, वे इसे NVS की आधिकारिक साइट navodaya.gov.in के माध्यम से कर सकते हैं। वहीं इस संबंध में आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध सूचना के अनुसार, कक्षा VI JNVST 2022 के लिए रजिस्टर्ड उम्मीदवारों के आवेदन पत्र में केवल लिंग (पुरुष / महिला), श्रेणी (सामान्य / ओबीसी / एससी / एसटी), क्षेत्र (ग्रामीण / शहरी), विकलांगता, और परीक्षा का माध्यम सुधार की अनुमति दी जाएगी। कक्षा 6वीं में जवाहर नवोदय विद्यालय चयन परीक्षा ऑनलाइन पंजीकरण करने की अंतिम तिथि 15 दिसंबर, 2021 तक थी। इस परीक्षा के लिए आवेदन करने के लिए उम्मीदवार का जन्म 1 मई 2009 से पहले और 30 अप्रैल 2013 के बाद का नहीं होना चाहिए। इस परीक्षा में शामिल होने के लिए छात्र-छात्राओं को सरकारी/सरकारी सहायता प्राप्त या अन्य मान्यता प्राप्त स्कूलों में शैक्षणिक सत्र 2021-22 के लिए कक्षा 5 में अध्ययन कर रहे हों या उसी जिले में राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान के 'बी' प्रमाणपत्र योग्यता पाठ्यक्रम में अध्ययन कर रहे हों, जहां वह प्रवेश लेना चाहता है। जेएनवी में छठवीं कक्षा में प्रवेश के लिए जेएनवी चयन परीक्षा शनिवार, 30 अप्रैल, 2022 को सुबह 11.30 बजे आयोजित की जाएगी। बता दें कि कक्षा 6 JNVST के लिए परीक्षा एक फेज में आयोजित की जाएगी। परीक्षा में उम्मीदवारों का चयन उसमें प्राप्त अंकों के आधार पर होगा। परीक्षा 1 घंटे की होगी, जिसमें प्रश्न वस्तुनिष्ठ प्रकार के होंगे। प्रश्नों में मानसिक क्षमता, अंकगणित और भाषा परीक्षण शामिल होंगे। वहीं इस परीक्षा से जुड़ी ज्यादा जानकारी के लिए स्टूडेंट्स ऑफिशियल वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं। |
| UPTET 2021 : दिसंबर में यूपीटीईटी कराना मुश्किल, जानिए आगे कब हो सकती है परीक्षा Posted: 09 Dec 2021 07:25 AM PST UPTET 2021 : दिसंबर में यूपीटीईटी कराना मुश्किल, जानिए आगे कब हो सकती है परीक्षा UPTET 2021 Exam Date : यूपीटीईटी रद्द करने के बाद प्रशासन ने कहा था कि परीक्षा एक माह के भीतर करा ली जाएगी। लेकिन यूपीटीईटी दोबारा से एक महीने में कराना किसी सूरत में संभव नहीं है। सीटीईटी व बैंक भर्ती समेत कई परीक्षाएं दिसंबर में होने जा रही हैं। हाल ही में बेसिक शिक्षा मंत्री सतीश द्विवेदी ने दिसंबर में दोबारा परीक्षा कराने की बात कही थी। लेकिन आयोजन से जुड़े लोगों का मानना है कि जनवरी के दूसरे सप्ताह के बाद ही परीक्षा हो सकती है। तैयारियां शुरू उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा ( यूपीटीईटी ) 2021 फिर से कराने की तैयारियां फिर से शुरू हो चुकी हैं। प्रश्नपत्र निर्माण के लिए विषय विशेषज्ञों को भी बुलाने की तैयारी कर रहे हैं। परीक्षा के लिए त्रुटिहीन प्रश्नपत्र बनवाना सबसे बड़ी चुनौती है। सूत्रों के अनुसार कुछ जिलों में परीक्षा केंद्र बदलने की तैयारी है। अभ्यर्थियों को नए सिरे से प्रवेश पत्र जारी होंगे। इस संबंध में मंगलवार को शासन में बैठक हुई थी, जिसमें सचिव अनिल भूषण चतुर्वेदी को भी बुलाया गया था। वित्तविहीन स्कूलों के स्थान पर राजकीय और सहायता प्राप्त माध्यमिक स्कूलों, सीबीएसई-सीआईएससीई के स्कूलों, डिग्री कॉलेजों और विश्वविद्यालयों को भी केंद्र बनाने के लिए कोशिशें की जा रही हैं। बहुत आवश्यकता पड़ने पर अच्छी छवि के वित्तविहीन स्कूलों को ही केंद्र बनाया जाएगा। इसके लिए जिला विद्यालय निरीक्षकों से भी वार्ता हो रही है, ताकि केंद्रों को बदलने में आने वाली कठिनाइयों को दूर किया जा सके। पेपर लीक होने के चलते यूपीटीईटी परीक्षा निरस्त कर दी गई थी। टीईटी प्राथमिक स्तर की परीक्षा के लिए 13.52 लाख और टीईटी उच्च प्राथमिक स्तर की परीक्षा के लिए 8.93 लाख अभ्यर्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। टीईटी परीक्षा में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में अभ्यर्थी भाग लेने जा रहे थे। परीक्षार्थियों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए योगी सरकार ने उन्हें प्रवेश पत्र दिखाकर बसों से मुफ्त यात्रा की सुविधा दी है। नई तिथि पर परीक्षा देने में अभ्यर्थियों को दिक्कत न हो, इसके लिए सभी जिला प्रशासन को निर्देश जारी कर दिया गया है। UPTET 2021 : फिर से जारी होंगे यूपीटीईटी के प्रवेश पत्र, कुछ परीक्षा केंद्र भी बदलेंगे, दिसंबर में संभव नहीं परीक्षा यूपीटीईटी की तैयारी शुरू, केंद्रों की समीक्षा प्रयागराज: प्रश्नपत्र लीक हो जाने से रद की गई उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी)-2021 अब नए परीक्षा नियामक प्राधिकारी (पीएनपी) सचिव को करानी है। ऐसे में वह अपने स्तर से तैयारियों को परखकर अंतिम रूप देंगे। परीक्षा तिथि शासन और बेसिक शिक्षा मंत्री से विमर्श के बाद तय होगी, लेकिन परीक्षा कराए जाने को लेकर तैयारियां पीएनपी में शुरू कर दी गई हैं। खासतौर पर परीक्षा केंद्रों की समीक्षा किए जाने की तैयारी है। परीक्षा केंद्रों में बड़े स्तर पर बदलाव किए जाने की चर्चा है। प्रश्नपत्र तैयार कराने के साथ प्रश्नपत्र छपवाने के लिए प्रिंटिंग एजेंसी का नए सिरे से चयन किया जाना है। इस पूरी प्रक्रिया के चलते दिसंबर में परीक्षा हो पाना कठिन है। यूपीटीईटी-2021 को निष्पक्ष कराना नए सचिव अनिल भूषण चतुर्वेदी के लिए बड़ी चुनौती है। नए सिरे से प्रश्नपत्र तैयार कराने के साथ उसे छपवाने के लिए प्रिंटिंग एजेंसी फाइनल करना प्रमुख कार्य है। नकल के लिए बदनाम कई जिलों के केंद्रों पर खासतौर पर नजर है। पेपर लीक के कारण निरस्त उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपी-टीईटी) 2021 को फिर से कराने के लिए परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। सूत्रों के अनुसार कुछ जिलों में परीक्षा केंद्र बदलने की तैयारी है। अभ्यर्थियों को नये सिरे से प्रवेश पत्र जारी होंगे। इस संबंध में मंगलवार को शासन में बैठक हुई थी, जिसमें सचिव अनिल भूषण चतुर्वेदी को भी बुलाया गया था। वित्तविहीन स्कूलों के स्थान पर राजकीय और सहायता प्राप्त माध्यमिक स्कूलों, सीबीएसई-सीआईएससीई के स्कूलों, डिग्री कॉलेजों और विश्वविद्यालयों को भी केंद्र बनाने के लिए कोशिशें की जा रही हैं। बहुत आवश्यकता पड़ने पर अच्छी छवि के वित्तविहीन स्कूलों को ही केंद्र बनाया जाएगा। इसके लिए जिला विद्यालय निरीक्षकों से भी वार्ता हो रही है, ताकि केंद्रों को बदलने में आने वाली कठिनाइयों को दूर किया जा सके। साथ ही प्रश्नपत्र निर्माण के लिए विषय विशेषज्ञों को भी बुलाने की तैयारी कर रहे हैं। परीक्षा के लिए त्रुटिहीन प्रश्नपत्र बनवाना सबसे बड़ी चुनौती है। क्योंकि परीक्षा के बाद सर्वाधिक विवाद प्रश्नों को ही लेकर होता है। हालांकि सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूलों में सहायक अध्यापक के 1504 और प्रधानाध्यापकों के 390 पदों के लिए 17 अक्तूबर को आयोजित परीक्षा में प्रश्नों को लेकर खास विवाद नहीं हुआ था। इसलिए यूपी-टीईटी में भी ऐसे ही पेपर सेट करवाया जाएगा जिससे कोई विवाद न हो। दिसंबर में संभव नहीं टीईटी यूपी-टीईटी को दोबारा से एक महीने में कराना किसी सूरत में संभव नहीं है। हाल ही में बेसिक शिक्षा मंत्री सतीश द्विवेदी ने दिसंबर में दोबारा परीक्षा कराने की बात कही थी। लेकिन आयोजन से जुड़े लोगों का मानना है कि जनवरी के दूसरे सप्ताह के बाद ही परीक्षा हो सकती है। |
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