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Sunday, December 5, 2021

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बेसिक शिक्षा में रिक्त पदों को भरे जाने की मांग को लेकर कैंडल मार्च निकाल रहे 69000 शिक्ष‍क भर्ती के अभ्यर्थियों पर पुलिस का लाठीचार्ज

Posted: 04 Dec 2021 06:20 PM PST

बेसिक शिक्षा में रिक्त पदों को भरे जाने की मांग को लेकर कैंडल मार्च निकाल रहे 69000 शिक्ष‍क भर्ती के अभ्यर्थियों पर पुलिस का लाठीचार्ज 


लखनऊ। राजधानी लखनऊ में बेसिक शिक्षा में रिक्त पदों को भरे जाने की मांग को लेकर शनिवार को कैंडल मार्च निकाल रहे 69 हजार सहायक शिक्ष‍क भर्ती के अभ्यर्थियों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। मिली जानकरी के अनुसार 1090 चौराहा से मुख्यमंत्री आवास की तरफ बढ़ रहे अभ्यार्थियों को पुलिस ने रास्ते में दौड़ा-दौड़ाकर लाठियों से पीटा। लाठीचार्ज में कई अभ्‍यर्थियों को चोटें आयीं हैं।


बताया जा रहा है कि कल शाम जब सहायक शिक्षक भर्ती के अभ्‍य‍र्थी 1090 चौराहे से मुख्यमंत्री आवास तक शांति पूर्ण ढंग से अपना कैंडिल मार्च निकाल रहे थे। तभी मुख्यमंत्री आवास के करीब चौराहे के पास पुलिस ने उन्हें रोक लिया।  रोके जाने को लेकर अभ्यर्थियों की पुलिसबल से नोक-झोंक हुई।


अभ्यर्थियों का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर शांति पूर्ण ढंग से कैंडिल मार्च निकाला रहे हैं, लेकिन पुलिस ने उन्हें मुख्यमंत्री चौराहे की तरफ बढ़ने ही नहीं दिया। वहीं अभ्यर्थियों के आगे बढ़ने पर पुलिस ने अभ्‍यर्थियों पर लाठी  भांजना शुरू कर दिया। फिर पुलिस ने अभ्यर्थियों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा है।


वहीं पुलिस के लाठीचार्ज का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। गौरतलब है कि अपनी मांगों को लेकर कई जिलों से आये ये 69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थी करीब साढ़े पांच महीनों से लखनऊ में धरना दे रहे हैं, लेकिन इनकी सुनवाई नहीं की जा रही है। 


इन अभ्यर्थियों की मांग है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर एक लाख 37 हजार शिक्षकों की भर्ती पूर्ण की जाए। इसके साथ इनकी यह मांग है कि 68 हजार 500 शिक्षक भर्ती की रिक्त 22 हजार सीटों को 69 हजार भर्ती से जोड़ा जाए। अभ्‍यर्थी शिक्षक भर्ती में आरक्षण घोटाले किए जाने की बात भी उठा रहें हैं।

गोण्डा के तत्कालीन बेसिक शिक्षा अधिकारी इंद्रजीत प्रजापति का निलंबन वापस

Posted: 04 Dec 2021 05:42 PM PST

गोण्डा के तत्कालीन बेसिक शिक्षा अधिकारी इंद्रजीत प्रजापति का निलंबन वापस


लखनऊ. गोण्डा के निलंबित बेसिक शिक्षा अधिकारी इंद्रजीत प्रजापति को बहाल कर दिया गया है. दरअसल, फरवरी 2021 में तत्कालीन बेसिक शिक्षा अधिकारी इंद्रजीत प्रजापति को निलंबित कर दिया गया था. बेसिक शिक्षा अधिकारी इंद्रजीत प्रजापति को अध्यापकों से हुई अवैध धनराशि की वसूली में शामिल होने के आरोप में निलंबित किया गया था.


इस आरोप के बाद तत्कालीन बेसिक शिक्षा अधिकारी इंद्रजीत प्रजापति को निलंबित कर दिया गया था. उसके बाद इस पूरे मामले की जांच मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक ने की थी. लेकिन आरोपी बेसिक शिक्षा अधिकारी इंद्रजीत प्रजापति के खिलाफ आरोप साबित नहीं हो पाया. जिसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने आरोप साबित नहीं के बाद उनके खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई को समाप्त करते हुए सेवा में बहाल कर दिया गया है.


गौरतलब है कि फरवरी 2021 में तत्कालीन बेसिक शिक्षा अधिकारी इंद्रजीत प्रजापति को अध्यापकों से हुई अवैध धनराशि की वसूली में शामिल होने के आरोप में निलंबित कर दिया गया था. उसके बाद मामले की जांच मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक ने की थी. लेकिन आरोपी बेसिक शिक्षा अधिकारी इंद्रजीत प्रजापति के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला. जिसके बाद प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने उनके खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई को समाप्त करते हुए सेवा में बहाल कर दिया गया है. 


बताते चलें कि गोण्डा के निलंबित बेसिक शिक्षा अधिकारी इंद्रजीत प्रजापति को बहाल कर दिया गया है. बेसिक शिक्षा अधिकारी इंद्रजीत प्रजापति को अध्यापकों से हुई अवैध धनराशि की वसूली में शामिल होने के आरोप में फरवरी 2021 में निलंबित किया गया था.

शिक्षामित्रों,अनुदेशकों का तीसरे माह भी नहीं बढ़ा मानदेय, पुरानी दरों पर ही जारी हुआ नवम्बर माह का मानदेय बजट

Posted: 04 Dec 2021 04:25 PM PST

शिक्षामित्रों,अनुदेशकों का तीसरे माह भी नहीं बढ़ा मानदेय, पुरानी दरों पर ही जारी हुआ नवम्बर माह का मानदेय बजट


लखनऊ: बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में कार्यरत डेढ़ लाख शिक्षामित्रों और करीब 30000 अनुदेशकों का मानदेय अनुपूरक बजट में पारित होने के 3 महीने बाद भी नहीं बढ़ा है।



महानिदेशक स्कूली शिक्षा अनामिका सिंह में शिक्षामित्रों की नवंबर महीने का मानदेय ₹10000 और अनुदेशकों का ₹7000 मासिक की दर से करने का आदेश जारी किया है।


 प्रदेश सरकार की ओर से अगस्त में प्रस्तुत अनुपूरक बजट में शिक्षा मित्रों का मानदेय करीब ₹1000 बढ़ाने का प्रस्ताव मंजूर किया गया था। मनरेगा कें संविदा कर्मियों का मानदेय बढ़ाने का भी प्रस्ताव पारित हुआ था।

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