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Sunday, December 26, 2021

प्राइमरी का मास्टर ● इन

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69000 शिक्षक भर्ती में दोहरा रवैया : अधिकारियों की चूक मात्र विसंगति और अभ्यर्थियों की त्रुटि पर सेवा खत्म, समान गलती पर अधिकारियों व अभ्यर्थियों को अलग चश्मे से निहार रहा विभाग

Posted: 26 Dec 2021 04:59 PM PST

69000 शिक्षक भर्ती में दोहरा रवैया : अधिकारियों की चूक मात्र विसंगति और अभ्यर्थियों की त्रुटि पर सेवा खत्म, समान गलती पर अधिकारियों व अभ्यर्थियों को अलग चश्मे से निहार रहा विभाग


बेसिक शिक्षा मंत्री डा. सतीश द्विवेदी ने 69000 शिक्षक भर्ती में आरक्षित वर्ग के करीब छह हजार अभ्यर्थियों का चयन न हो पाने को विसंगति माना है। यह भी कहा कि अधिकारियों की चूक से ऐसा हुआ, विसंगति दूर की जा रही है। विभाग चयन सूची में गड़बड़ी करने वालों की जिम्मेदारी तय नहीं कर सका है। इसके उलट इसी भर्ती में हाईस्कूल, इंटरमीडिएट, स्नातक व प्रशिक्षण परीक्षा के अंक वेबसाइट पर दर्ज करने में त्रुटि करने वाले अभ्यर्थियों की सेवा समाप्त की जा चुकी है।


बेसिक शिक्षा विभाग सहायक अध्यापक भर्ती में समान गलती पर अधिकारियों व अभ्यर्थियों को अलग चश्मे से निहार रहा है। फिरोजाबाद जिले में अंकित यादव का स्नातक परीक्षा का प्राप्तांक 2237 रहा, जबकि 2297 दर्ज हो गया। रायबरेली के जनमेजय शुक्ल ने बीटीसी थ्योरी का प्राप्तांक 1214 की जगह 1412 दर्ज कर दिया, प्रयागराज के आशुतोष श्रीवास्तव ने बीएड थ्योरी के कालम में प्रैक्टिकल व प्रैक्टिकल के कालम में थ्योरी के अंक दर्ज कर दिए। आजमगढ़ के आशीष त्रिपाठी ने इंटरमीडिएट का प्राप्तांक 335 की जगह 355 दर्ज किया, सीतापुर की शिवांगी का हाईस्कूल में प्राप्तांक 462 रहा लेकिन, भर्ती की वेबसाइट पर 477 दर्ज हो गया, ऐसे ही फरुखाबाद की ज्योति अवस्थी का स्नातक में प्राप्तांक 1017 था और चूकवश 1071 दर्ज हो गया था।


इन अभ्यर्थियों ने भर्ती की लिखित परीक्षा में शानदार अंक हासिल किए थे और एकेडमिक रिकार्ड भी बेहतर होने से उन्हें 70 प्रतिशत से अधिक गुणांक मिला, शिक्षक पद पर चयनित होकर विद्यालय भी पा गए लेकिन, भर्ती की वेबसाइट पर अंक दर्ज करने की उन्हें बड़ी कीमत चुकानी पड़ी है, सभी को शिक्षक पद से हटा दिया गया है। कुछ चयनित करीब तीन माह का वेतन तक पा चुके थे उन्हें भी त्रुटि होने पर बाहर कर दिया गया। शिक्षक बनने के बाद मामूली त्रुटि से बाहर होने वालों में सीतापुर की बबली पाल, गोरखपुर की कुमुद श्री, प्रतापगढ़ के सतवंत पटेल, महोबा की स्वाति सिंह, रायबरेली की गायत्री यादव, सीतापुर की रुचि शुक्ला, सुलतानपुर के सौरभ पांडेय सहित करीब 250 से 300 अभ्यर्थी हैं।


बेसिक शिक्षा परिषद के जिन अफसर व कार्मिकों ने लगभग छह हजार आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को चयन सूची में जगह नहीं दी, उनकी जिम्मेदारी तक विभाग तय नहीं कर सका है। ये हाल तब है जब राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग ने अपनी रिपोर्ट में चयन सूची को गड़बड़ माना और छह माह से अभ्यर्थी आंदोलन प्रदर्शन करके सरकार की किरकिरी करा रहे थे।


मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप पर विभाग को स्वीकार करना पड़ा कि गड़बड़ी हुई थी और विसंगति दूर कर रहे हैं। उधर, बेसिक शिक्षा मंत्री का कहना है कि इस मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी।

हाईस्कूल और इंटर पास कर चुके इन छात्रों को मिलेगा एक लाख का इनाम, जानें कितने लोगों को होगा फायदा

Posted: 26 Dec 2021 05:03 PM PST

हाईस्कूल और इंटर पास कर चुके इन छात्रों को मिलेगा एक लाख का इनाम, जानें कितने लोगों को होगा फायदा 

हाईस्कूल व इंटर 2020 के मेधावियों को मिलेगा टैबलेट व पुरस्कार में मोटी धनराशि


लखनऊ : प्रदेश सरकार हाईस्कूल व इंटरमीडिएट 2020 के मेधावियों को टैबलेट व पुरस्कार की धनराशि देने जा रही है। हर जिले में सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा। जिला विद्यालय निरीक्षकों को कार्यक्रम के आयोजन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे। शिक्षा निदेशक माध्यमिक विनय कुमार पांडेय ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है।


सरकार हर वर्ष सभी बोर्ड के हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के टाप 10 मेधावियों को राज्य स्तर व जिला स्तर पर सम्मानित करती रही है। कोरोना संक्रमण के कारण पिछले वर्ष 2020 में इस कार्यक्रम का आयोजन नहीं हो सका था। साथ ही 2021 में 10वीं और 12वीं में छात्र-छात्रओं को प्रोन्नत किया गया था और मेरिट सूची भी जारी नहीं हुई थी, ऐसे में अब 2020 के मेधावियों को सम्मानित करने की तैयारियां तेजी से शुरू हो गई हैं।


शिक्षा विभाग राज्य स्तरीय मेधावी छात्र-छात्रओं को एक लाख रुपये और जिला स्तर के मेधावियों को 21 हजार रुपये देगा। साथ ही उन्हें टैबलेट भी दिए जाएंगे। विभाग ने इसके लिए 3.88 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं और टैबलेट भी डीआइओएस को भेजे जा रहे हैं। माध्यमिक शिक्षा विभाग इसके लिए मंडलवार नोडल अफसरों की नियुक्ति कर दी है। सभी जिलों को पुरस्कृत करने वाले छात्र-छात्रओं की सूची सोमवार तक शिक्षा निदेशालय को भेजनी है। इसमें पीसी यादव को मुरादाबाद, बरेली, लखनऊ की जिम्मेदारी सौंपी गई है।



हाईस्कूल व इंटरमीडिएट 2020 के मेधावी विद्यार्थियों को इस वर्ष टैबलेट व पुरस्कार की धनराशि दी जाएगी। सम्मान समारोह जिला स्तर पर आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में निदेशक विनय कुमार पाण्डेय ने आदेश जारी कर दिया है। जिला विद्यालय निरीक्षकों केा कार्यक्रम के आयोजन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि मौजूद रहेंगे।


 राज्य स्तरीय मेधावी विद्यार्थियों को एक लाख रुपए और जिला स्तर के मेधावियों को 21 हजार रुपए दिए जाएंगे। इसके अलावा टैबलेट भी दिए जाएंगे। इसके लिए 3.88 करोड़ रुपए जारी कर दिए गए हैं और टैबलेट भी डीआईओएस को भेजे गए हैं। 



इसके लिए मंडलवार नोडल अफसर नियुक्त किए गए हैं। सभी जिलों को पुरस्कृत करने वाले विद्यार्थियों की सूची सोमवार तक निदेशालय को भेजनी है। इसके लिए उप निदेशक विकास श्रीवास्तव मेरठ, सहारनपुर, अलीगढ़ की, पीसी यादव को मुरादाबाद, बरेली, लखनऊ, आरके तिवारी को आगरा, बस्ती, कानपुर, राजकुमार को अयोध्या, देवीपाटन, गोरखपुर, प्रतिमा सिंह को आजमगढ़, वाराणसी, मिर्जापुर और विनोद कुमार को प्रयागराज, झांसी व चित्रकूट की जिम्मेदारी सौंपी गई है। राज्य सरकार हर वर्ष सभी बोर्डों के दसवीं व इंटरमीडिएट के टॉप 10 विद्यार्थियों को राज्य स्तर व जिला स्तर पर सम्मानित करती है। कोरोना संक्रमण के कारण पिछले वर्ष इस कार्यक्रम का आयोजन नहीं हो सका था।

पुस्तकालयों में अब धूल नहीं फांकेगी PhD थीसिस, शोधगंगा पोर्टल पर देख सकते हैं ऑनलाइन

Posted: 26 Dec 2021 03:37 AM PST

पुस्तकालयों में अब धूल नहीं फांकेगी PhD थीसिस, शोधगंगा पोर्टल पर देख सकते हैं ऑनलाइन



नई दिल्ली। अभी कुछ अरसा पहले तक पीएचडी थीसिस विश्वविद्यालयों के पुस्तकालयों में धूल फांका करती थी लेकिन अब यह लोगों के ज्ञान का स्रोत बन रही हैं।


एक बार पीएचडी मंजूर हो जाने के बाद किसी को पता नहीं होता था कि किस पीएचडी में क्या लिखा है। शोध कैसा है। लेकिन अब यूजीसी के प्रयासों से शोधगंगा पोर्टल पर 3.32 लाख पीएचडी थीसिस उपलब्ध हैं। कोई भी शोधकर्ता या पढ़ने का शौकीन इन्हें ऑनलाइन निशुल्क पढ़ सकता है। भविष्य में होने वाली हर पीएचडी को अब इस पर अपलोड करना अनिवार्य भी कर दिया है।


यूजीसी ने कुछ समय पूर्व सभी विश्वविद्यालयों और शोधकर्ताओं के लिए थीसिस को शोधगंगा वेबसाइट पर डालना अनिवार्य कर दिया था। दरअसल, यूजीसी ने एक वर्चुअल इनफार्मेशन एंड लाइब्रेरी नेटवर्क की स्थापना की है जिसकी वेबसाइट शोधगंगा है। इस पर अब तक 3,32,242 पीएचडी थीसिस अपलोड हो चुकी हैं। ये पीएचडी विज्ञान से लेकर, सामाजिक विषयों एवं भाषाओं पर भी हैं। पीएचडी अंग्रेजी, हिन्दी समेत अनेक क्षेत्रीय भाषाओं में हैं। 

पढ़ने को नहीं तैयार विधायक जी, विशेष रूप से तैयार पाठयक्रम में एक भी MLA एडमिशन लेने को नहीं तैयार

Posted: 25 Dec 2021 06:54 PM PST

पढ़ने को नहीं तैयार विधायक जी, विशेष रूप से तैयार पाठ्यक्रम में एक भी MLA एडमिशन लेने को नहीं तैयार

यूनिवर्सिटी ने विधानसभा के साथ मिलकर इन कोर्स को तैयार किया है, जिससे उन विधायकों को मदद मिल सके जो स्कूली शिक्षा के बाद आगे पढ़ाई नहीं कर पाए।



मध्य प्रदेश में भोज ओपन यूनिवर्सिटी ने विधायकों को ध्यान में रखते हुए कुछ ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स तैयार किए हैं लेकिन किसी भी विधायक ने इसमें दाखिला नहीं लिया है। यूनिवर्सिटी ने उन्हें एक और मौका देते हुए इन कोर्स में एडमिशन लेने की अंतिम तारीख बढ़ाकर 31 दिसंबर कर दी है। विधानसभा अध्यक्ष ने भी कहा है कि वे विधायकों से फिर से इन कोर्स में दाखिला लेने का अनुरोध करेंगे। भोज ओपन यूनिवर्सिटी द्वारा तैयार किए ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स में रामचरित मानस और भगवद्‌गीता से जुड़े पाठ्यक्रम हैं।


रिपोर्ट के मुताबिक, यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार एलएस सोलंकी ने इस बाबत कहा कि अभी के लिए एडमिशन की तारीख बढ़ा दी गई है और आगे विधायकों की रुचि के बाद इस पर फैसला लिया जाएगा। दरअसल, यूनिवर्सिटी ने विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम को पत्र लिखकर कहा था कि ये कोर्स खास तौर पर विधायकों के लिए हैं, लेकिन किसी भी विधायक ने इस कोर्स में दिलचस्पी नहीं दिखाई।


यूनिवर्सिटी द्वारा कोर्स के बारे में बताए जाने पर विधानसभा अध्यक्ष ने सभी विधायकों से कहा था कि इस कोर्स के ग्रेजुएशन के साथ-साथ रामचरित मानस और भगवद्‌गीता के ज्ञान की बारीकियों को भी समझना आसान होगा। लेकिन विधानसभा अध्यक्ष के अनुरोध के बावजूद एक भी विधायक ने एडमिशन नहीं लिया। मध्य प्रदेश विधानसभा में ग्रेजुएशन न करने वाले विधायकों की संख्या 75 है।


यूनिवर्सिटी ने विधानसभा के साथ मिलकर इन कोर्स को तैयार किया है, जिससे उन विधायकों को मदद मिल सके जो स्कूली शिक्षा के बाद आगे पढ़ाई नहीं कर पाए। इस कोर्स के जरिए उनका ग्रेजुएशन भी हो जाएगा। यूनिवर्सिटी ने दर्शनशास्त्र के लिए रामचरितमानस और प्रबंधन के बारे जानकारी के लिए भगवद्‌गीता के अलावा कौटिल्य के अर्थशास्त्र से महत्वपूर्ण प्रसंगों से निकालकर इन पाठ्यक्रमों को विधायकों के लिए तैयार किया है। साथ ही यूनिवर्सिटी ने विधायकों को बीए, बीएससी या बीकॉम के कोर्स के साथ रामचरितमानस में डिप्लोमा का ऑफर दिया है। इसके अलावा, भोज ओपन यूनिवर्सिटी ने विधायकों को पाठ्यक्रम सामग्री भेजने के साथ-साथ ऑनलाइन औरऑफलाइन क्लासेज शुरू करने का इंतजाम भी किया है।

नई भर्ती में डीएलएड प्रशिक्षितों ने मांगे और पद, भर्ती के लिए 17 हजार पद को बताया अपर्याप्त

Posted: 25 Dec 2021 06:10 PM PST

नई भर्ती में डीएलएड प्रशिक्षितों ने मांगे और पद, भर्ती के लिए 17 हजार पद को बताया अपर्याप्त


प्रयागराज : बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षक बनने की प्रतीक्षा कर रहे प्रशिक्षितों के लिए राहत भरी खबर तो आई, लेकिन इसमें पर्याप्त पद नहीं हैं। कम पद होने से डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजूकेशन (डीएलएड) प्रशिक्षित निराश और नाराज हैं। 


प्रशिक्षितों ने बेसिक शिक्षा में रिक्त पदों का विवरण देकर पद बढ़ाने की मांग उठाई। कहा, आंदोलन करेंगे। प्रशिक्षित पंकज मिश्र का कहना है कि डीएलएड प्रशिक्षितों की संख्या पांच लाख से ज्यादा है। बीएड व शिक्षामित्रों को जोड़ दे तो संख्या दो गुना बढ़ जाएगी। ऐसी स्थिति में नए भर्ती विज्ञापन में सिर्फ 17000 सहायक अध्यापकों की भर्ती का आदेश पर्याप्त नहीं है।



बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षक भर्ती में पद बढ़ाए जाने की मांग


प्रदेश सरकार की ओर बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षकों के 17 हजार नए पदों पर भर्ती करने की घोषणा की है। अभ्यर्थियों पदों की संख्या बढ़ाए जाने की मांग की है। पंकज मिश्र का कहन है कि डीएलएड के करीब 5 लाख प्रशिक्षित हैं और बीएड, शिक्षामित्रों आदि को शामिल कर लिया जाए तो यह आंकड़ा 15.17 लाख के करीब होगा। सरकार ने 69000 प्रकरण के दौरान सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा देकर 51112 पद रिक्त होने की बात स्वीकार की थी।



पिछले तीन वर्षों में हर वर्ष तकरीबन 10 हजार शिक्षक सेवानिवृत्त हुए हैं। ऐसे में तकरीबन 90 हजार से ज्यादा शिक्षकों के पद रिक्त हैं। वहीं, रोजगार के मुद्दे पर पत्थर गिरजाघर चौराहे के पास 116 दिनों से आंदोलन कर रहे प्रतियोगी छात्रों ने मांग की है कि सरकार प्राथमिक विद्यालयों में सभी रिक्त पदों पर भर्ती का विज्ञापन जारी कर। इस मौके पर मदन, शिबलू, सुनील यादव, करन सिंह परिहार, गीतांजलि यादव, मीनाक्षी मिश्रा, राहुल यादव, अश्विनी कुमार आदि मौजूद रहे।

सीएम योगी ने वितरित किए टैबलेट व स्मार्टफोन, तकनीक से जोड़ने की दिशा में बड़ी पहल बताया, अगले एक सप्ताह में सभी पात्र लाभार्थियों को टैबलेट व स्मार्ट फोन बांटे जाएंगे

Posted: 25 Dec 2021 05:39 PM PST

सीएम योगी ने वितरित किए टैबलेट व स्मार्टफोन, तकनीक से जोड़ने की दिशा में बड़ी पहल बताया

अगले एक सप्ताह में सभी कमिश्नरी मुख्यालय पर कार्यक्रम आयोजित कर सभी पात्र लाभार्थियों को टैबलेट व स्मार्ट फोन बांटे जाएंगे


पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती 25 दिसंबर को 'सुशासन दिवस' के अवसर पर प्रदेश में स्नातक, स्नातकोत्तर, मेडिकल, इंजीनियरिंग और कौशल विकास प्रशिक्षण से जुड़े विद्यार्थियों को मुफ्त टैबलेट और स्मार्टफोन वितरण की योजना का आगाज किया गया।


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजधानी लखनऊ के इकाना स्टेडियम में प्रतीकात्मक रूप से कुछ छात्रों को टैबलेट और स्मार्टफोन दिया। इसके बाद स्टेडियम में मौजूद 60 हजार विद्यार्थियों में टैबलेट और स्मार्टफोन वितरित किए गए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ओलंपिक खेलों में रजत पदक जीतने वाली मणिपुर की मीराबाई चानू को 1.50 करोड़ और उनके कोच विजय शर्मा को 10 लाख की सम्मान राशि देकर सम्मानित किया।



इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी ने सभी विद्यार्थियों को बधाई दी और कहा कि यह हमारे विद्यार्थियों को तकनीक से जोड़ने की दिशा में बड़ी पहल है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डिजिटल इंडिया का सपना साकार किया जा रहा है। यह पीएम मोदी के सक्षम नेतृत्व में ही संभव हो पाया है कि कोरोना की महामारी ने जहां बड़े विकसित और ताकतवर देशों को असहाय कर दिया। हमारे देश ने कोरोना का मुकाबला पूरी बहादुरी से किया। मोदी जी के नेतृत्व में सबके साथ व सबके विकास का सपना साकार हो रहा है। मुख्यमंत्री योगी ने इस दौरान विद्यार्थियों के लिए राज्य सरकार की ओर से चलाई जा रही योजनाओं की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अटलजी की प्रेरणा हमेशा मार्गदर्शक की भूमिका में रहेगी। 


युवाओं के भविष्य से खेलने वालों की सही जगह है जेल
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों की सही जगह जेल है। उन्होंने पिछली सरकारों पर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाते हुए कहा कि हमारी सरकार की नीयत साफ है। सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को टैबलेट व स्मार्ट फोन के साथ फ्री डिजिटल एक्सेस भी देगी ताकि लाभार्थी इसके जरिये कंटेंट ले सकें और उसे शेयर भी कर सकें।


उन्होंने कहा कि अगले एक सप्ताह में सभी कमिश्नरी मुख्यालय पर कार्यक्रम आयोजित कर सभी पात्र लाभार्थियों को टैबलेट व स्मार्ट फोन बांटे जाएंगे। पिछले साढ़े चार साल में शिक्षा के स्तर में बेहतरी का दावा करते हुए सीएम योगी ने कहा कि भाजपा सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों से सख्ती से निपटेगी। उन्होंने कहा कि पेपर लीक करने वालों और फर्जी नियुक्ति पत्र देने वालों को उनकी सरकार ने जहां जेल का रास्ता दिखाया है, वहीं शिक्षा के स्तर को बेहतर करने के साथ नियुक्ति प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया है।


किसी का नाम लिए बगैर मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि 2017 के पहले नियुक्तियों में भाई-भतीजावाद का बोलबाला था। सरकारी विभागों में भर्ती की वैकेंसी निकलने के साथ ही एक ही खानदान के चाचा, भतीजा, मामा समेत पूरा परिवार हाथ में थैला लेकर वसूली के लिए निकल पड़ता था। लेकिन अब पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से सरकारी भर्तियां हो रही हैं।


उन्होंने कहा कि जब सरकार की नीयत साफ होती है तो काम भी दमदार दिखता है। एक समय नौकरी की तलाश में बाहर जाने वाले यूपी के युवकों को हेय दृष्टि से देखा जाता था। लेकिन अब यूपी के प्रति देश दुनिया का नजरिया बदला है। 2017 से पहले प्रदेश में बेरोजगारी की दर 18 फीसदी थी, जो अब घटकर साढे 4 प्रतिशत तक आ गई है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले साढ़े चार साल के दौरान विकास और कानून व्यवस्था के मामले में प्रदेश ने बेहतर काम किया है। गरीबों की जमीनों पर जबरन कब्जा करने वालों और व्यापारियों से वसूली करने वाले माफिया और आपराधिक तत्वों की अवैध संपत्ति पर बुलडोजर चल रहा है। माफिया के संरक्षकों को इससे तकलीफ हो रही है। औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। इस मौके पर मंत्री आशुतोष टंडन, रमापति शास्त्री, डॉ. महेन्द्र सिंह, सतीश द्विवेदी, स्वाति सिंह, धर्मवीर प्रजापति, अजीत पाल सिंह तथा महापौर संयुक्ता भटिया भी मौजूद थीं।


अटल व मालवीय को दी श्रद्धांजलि
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और पंडित मदन मोहन मालवीय की जयंती पर टैबलेट व स्मार्ट फोन वितरण योजना का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री ने दोनों महापुरूषों को श्रद्धांजलि भी दी। उन्होंने कहा कि अटल जी कहते थे कि सिद्धांतविहीन राजनीति मौत का फंदा होती है।

 अटल जी ने भारतीय राजनीति को छह दशक तक जिस शुचिता व पारदर्शिता के साथ एक नई दिशा देने का कार्य किया था, वह देशवासियों व प्रत्येक जनप्रतिनिधि के लिए प्रेरणदायी बना रहेगा। पंडित मदन मोहन मालवीय ने भी काशी हिंदू विश्वविद्यालय की स्थापना के साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में अमूल्य योगदान दिया है। दोनों विभूतियों का जीवन युवकों को प्रेरित करता है।


टायर्ड व रिटायर्ड लोगों पर भरोसा न करें युवा
उन्होने कहा कि प्रदेश की युवा शक्ति में असीम संभावनाएं है क्योंकि भारत सबसे युवा देश है। यूपी में युवाओं की संख्या सर्वाधिक है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कोरोना में वैक्सीन का विरोध करने वाले और गुमराह करने वाले युवा नहीं हैं। यह सब टायर्ड हैं और रिटायर्ड लोग हैं। इन पर भरोसा न करना।


अत्याचार से मुक्ति दिलाने वाले राम व कृष्ण भी युवा थे मुख्यमंत्री ने युवाओं को राम और कृष्ण से प्रेरणा लेने का आह्वान करते हुए कहा कि रावण व कंस के अत्याचार से मुक्ति दिलाने वाले ये दोनों भी युवा थे। उन्होंने सरदार भगत सिंह, सुभाषचंद्र बोस, आदि शंकराचार्य, संत ज्ञानेश्वर, स्वामी विवेकानंद, गुरु गोविंद सिंह, छत्रपति शिवाजी, महाराणा प्रताप जैसे तमाम महापुरूषों का उदाहरण देते हुए कहा कि इन लोगों ने भी युवा काल में ही समाज को नई दिशा दी थी। युवाओं को इनसे प्रेरणा लेकर आगे बढ़ना होगा।


60026 युवाओं को दिया गया टैबलेट व फोन
मुफ्त टैबलेट और स्मार्ट फोन वितरण का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में प्रतीकात्मक रूप से 26 युवक-युवतियों को मंच पर बुलाकर टैबलेट दिया। जबकि स्टेडियम में बैठे 250 कॉलेजों से आए 60 हजार से विद्यार्थियों को टैबलेट और स्मार्ट फोन शिक्षकों द्वारा बंटवाया गया।

कोविड के बढ़ते मामलों के चलते प्रदेश में संचालित समस्त शिक्षा बोर्डों के विद्यालयों में भौतिक पठन-पाठन प्रारंभ किए जाने के संबंध में (SOP) दिशा निर्देश जारी।

Posted: 26 Dec 2021 05:08 PM PST

कोविड के बढ़ते मामलों के चलते प्रदेश में संचालित समस्त शिक्षा बोर्डों के विद्यालयों में भौतिक पठन-पाठन प्रारंभ किए जाने के संबंध में (SOP) दिशा निर्देश जारी।

अभिभावकों की सहमति से ही स्कूल जाएंगे विद्यार्थी, ओमीक्रोन के बढ़ते खतरे के बीच माध्यमिक शिक्षा विभाग की गाइडलाइन जारी


कोरोना के नए वेरिएंट ओमीक्रोन के बढ़ते मामलों को देखते हुए शिक्षा विभाग भी सतर्क हो गया है। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने रविवार को स्कूल खोलने की गाइडलाइन नए सिरे से जारी की है।


विभाग की अपर मुख्य सचिव आराधना शुक्ला ने शासनादेश जारी करते हुए कहा है कि विद्यार्थियों को उनके अभिभावकों की लिखित सहमति के बाद ही विद्यालय जाए। ऑनलाइन कक्षाएं चलाई जाएं। छात्रों के बीच सोशल डिस्टेंसिंग स्कूलों का रोजाना सैनिटाइज जरूरी है। खांसी, जुकाम, बुखार की दशा में स्कूल न बुलाएं व विद्यार्थियों को स्कूल आने के लिए बाध्य न किया जाए।


कोविड-19 के मद्देनजर शासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के क्रम में माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव दिव्यकांत शुक्ल ने सभी मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशकों और जिला विद्यालय निरीक्षकों को इस बाबत पत्र जारी किया है।

ओमिक्रॉन के बढ़ते प्रभाव को ध्यान में रखते हुए सभी माध्यमिक विद्यालयों को खोलने से पूर्व उन्हें सैनिटाइज किए जाने के निर्देश दिए गए हैं और यह प्रक्रिया प्रतिदिन नियमित रूप से सुनिश्चित की जानी है। साथ ही विद्यार्थियों को उनके अभिभावकों की लिखित सहमति के बाद ही विद्यालय बुलाया जाए। 

कोविड-19 के मद्देनजर शासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के क्रम में माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव दिव्यकांत शुक्ल ने सभी मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशकों और जिला विद्यालय निरीक्षकों को इस बाबत पत्र जारी किया है। विद्यालयों में हैंडवॉश, सैनिटाइजर, थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।

साथ ही विद्यार्थियों को पंक्तिबद्ध करते हुए और विद्यालय के अंदर भी कम से कम छह फीट की शारीरिक दूरी का पालन किया जाए। विद्यालय में अगर एक से अधिक प्रवेश द्वार हों तो उनका उपयोग सुनिश्चित किया जाए। स्कूली वाहनों को दिन में कम से कम दो बार सैनिटाइज किया जाए। साथ ही सभी शिक्षक, विद्यार्थी एवं अन्य कर्मचारी अनिवार्य रूप से मास्क का उपयोग करें।


प्रयागराज। ओमिक्रॉन का खतरा देख सभी माध्यमिक स्कूल खोलने से पूर्व उन्हें सेनेटाइज करने के निर्देश दिए गए हैं और यह प्रक्रिया रोज नियमित करनी होगी। विद्यार्थियों को बुलाने के लिए उनके अभिभावकों की फिर लिखित सहमति लेने के बाद ही बुलाया जाए।

कोविड-19 के मद्देनजर शासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के क्रम में माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव दिव्यकांत शुक्ल ने सभी मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशकों और डीआईओएस को इस बाबत पत्र जारी किया है।


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