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Tuesday, December 28, 2021

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14 साल की उम्र में हुई शादी, दो बच्चों को संभालते हुए एन अंबिका बनी आईपीएस ऑफिसर

Posted: 28 Dec 2021 08:22 AM PST

आईपीएस ऑफिसर एन अंबिका का नाम ऐसी ही महान शख्सियत में लिया जाता है. तमिलनाडु की रहने वाली एन अंबिका (IPS N Ambika) की शादी सिर्फ 14 साल की उम्र में ही पुलिस कॉन्स्टेबल के साथ हो गई थी. शादी के चार साल बाद 18 की उम्र में वे दो बच्चों की मां बन चुकी थीं.

बेहद कम उम्र में शादी और दो बच्चों की मां बनने के बाद भी अंबिका ने हालातों के सामने हार नहीं मानी और जिंदगी में बड़ा मुकाम हासिल करने के लिए संघर्ष करती रहीं. अपने पति के साथ गणतंत्र दिवस समारोह देखने पहुंची अंबिका ने पति को अधिकारियों को सैल्यूट करते हुए देखा तो उनके मन में कई सवाल खड़े हो गए.

अंबिका ने अपने पति से पूछा कि आखिर वे कौन थे, जिन्हें सैल्यूट किया जा रहा था. अंबिका के इस सवाल पर उनके पति ने बताया कि वे उनके सीनियर अधिकारी हैं जो आईपीएस अधिकारी हैं. इस घटना के बाद ही अपने पति से पूछा कि आखिर वे कौन थे, जिन्हें सैल्यूट किया जा रहा था. अंबिका के इस सवाल पर उनके पति ने बताया कि वे उनके सीनियर अधिकारी हैं जो आईपीएस अधिकारी हैं.
उन्होंने एक प्राइवेट संस्थान से 10वीं और 12वीं पास की और फिर ग्रेजुएशन पूरी की. आईपीएस अधिकारी बनने के लिए अंबिका को अभी सिविल सर्विसेस एग्जाम भी देने थे, जिसकी कोचिंग के लिए उन्हें चेन्नई जाना पड़ा. ऐसे में उनके पति अपने ड्यूटी के साथ-साथ दोनों बच्चों की भी देखरेख करते रहे. अंबिका सिविल सर्विसेस एग्जाम (Civil Services Exam) में तीन बार फेल हुईं.
आईपीएस ऑफिसर बनने के बाद अंबिका को महाराष्ट्र में पहली पोस्टिंग मिली. फिलहाल वे मुंबई में डीसीपी की पोस्ट पर कार्यरत हैं. अंबिका की सफलता की कहानी पूरे देश की लड़कियों और महिलाओं के लिए मिसाल बनकर सामने आई है.



'सचिन को कुछ हो जाता तो भारत के लोग मुझे जिंदा जला देते', शोएब अख्तर ने बताई बड़ी वजह

Posted: 28 Dec 2021 08:14 AM PST

भारत के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर और पाकिस्तान के खतरनाक तेज गेंदबाज शोएब अख्तर के बीच रोमांचक जंग देखने को मिलती थी. इन दोनों के बीच क्रिकेट के मैदान पर कई बार कड़ी टक्कर देखने को मिली है.
शोएब अख्तर ने सचिन तेंदुलकर को लेकर बड़ा खुलासा किया.

सचिन को लेकर अख्तर का बड़ा खुलासा

शोएब अख्तर ने बताया कि साल 2007 में सचिन तेंदुलकर और उनके बीच कुछ ऐसा हुआ था, जिसके बाद भारत के लोग उन्हें जिंदा जला देते. बता दें कि एक अवॉर्ड फंक्शन के दौरान भारत और पाकिस्तान के खिलाड़ी एक साथ बैठे थे और मजाक में अख्तर ने सचिन को उठाने की कोशिश की थी. हालांकि सचिन तब अख्तर के हाथों से फिसलकर नीचे गिर गए.

मजाक करने की थी कोशिश

शोएब अख्तर ने स्पोर्ट्सकीड़ा को दिए एक इंटरव्यू में बताया कि सचिन तेंदुलकर को एक अवॉर्ड फंक्शन के दौरान उन्होंने मजाक में उठाने की कोशिश की, लेकिन वो उनके हाथों से फिसल गए. अख्तर ने कहा, 'मैंने मजाक में सचिन तेंदुलकर को उठाने की कोशिश की, लेकिन वो मेरे हाथों से फिसल गए और वो नीचे गिर गए. लेकिन ज्यादा बुरी तरीके से नहीं.'

'भारत के लोग मुझे जिंदा जला देते'

शोएब अख्तर ने कहा, 'फिर मैंने सोचा कि मैं तो गया. मुझे लग रहा था कि अगर सचिन तेंदुलकर अनफिट या चोटिल हो जाते तो मुझे दोबारा कभी भारत का वीजा नहीं मिलता. भारत के लोग मुझे कभी अपने देश में नहीं बुलाते और या मुझे जिंदा जला देते.' अख्तर ने इंटरव्यू के दौरान कहा कि कुछ ऐसा होता तो उन्हें शायद दोबारा भारतीय सरजमीं पर आने का मौका नहीं मिलता. शोएब ने कहा, 'पाकिस्तान के बाद जिस देश में मुझे सबसे ज्यादा प्यार मिलता है, वो भारत है. मैंने जब-जब भारत का दौरा किया है तब-तब अपने साथ अच्छी यादों को लेकर आया हूं.'

हरभजन और युवराज ने दिया ऐसा रिएक्शन

शोएब अख्तर ने बताया कि जब सचिन तेंदुलकर नीचे गिरे तब वहां पर हरभजन सिंह और युवराज सिंह भी थे और उन्होंने कहा कि वो क्या रहे हैं. उसके बाद शोएब अख्तर सचिन के पास गए और उनको प्यार से गले लगाया.

दिल्ली में येलो अलर्ट जारी, सिनेमा हॉल, स्पा, जिम सब बंद, मेट्रो-बस के भी नए नियम जारी

Posted: 28 Dec 2021 07:58 AM PST

दिल्ली में कोरोना केस बढऩे के बाद येलो अलर्ट जारी कर दिया गया है. सीएम अरविंद केजरीवाल के ऐलान के फौरन बाद कई तरह की पाबंदियां भी लगा दी गई हैं. स्कूल-कॉलेज समेत सिनेमा हॉल और जिम में भी ताला लगा दिया गया है.

मेट्रो और बसों में यात्रा करने के लिए भी नई गाइडलाइंस आ गई है.

येलो अलर्ट के बाद ये सब बंद

1- दिल्ली में स्कूल, कॉलेज, शिक्षण संस्थान, कोचिंग संस्थान बंद.

2- सिनेमा हॉल और जिम में भी ताले लगाए गए.

3- राष्ट्रीय राजधानी में स्पा, जिम, मल्टीप्लेक्स, बैंक्वेट हॉल, ऑडिटोरियम और स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स तत्काल प्रभाव से बंद.

4- मॉल में दुकानों को सम-विषम आधार पर खोला जाएगा.

5- दिल्ली मेट्रो, बसों का परिचालन 50 प्रतिशत बैठने की क्षमता के साथ किया जाएगा.

6- मेट्रो और बसों में किसी यात्री को खड़े रहने की इजाजत नहीं होगी.

7- कोविड ग्रेडेड एक्शन रिस्पॉन्स प्लान के तहत येलो अलर्ट प्रभावी होने के साथ ही अन्य पाबंदियां भी होंगी लागू.

8- रात 10 बजे से सुबह पांच बजे तक का कर्फ्यू लगाया गया, जो पहले रात 11 बजे से था.

9- प्राइवेट ऑफिसों में सुबह 9 से शाम 5 बजे तक 50 प्रतिशत क्षमता के साथ काम होगा.

10- रेस्तरां 50 प्रतिशत क्षमता के साथ सुबह 8 बजे से रात 10 बजे तक खुलेंगे जबकि बार 50 प्रतिशत क्षमता के साथ दोपहर 12 बजे से रात 10 बजे तक खुलेंगे.

11- होटल खुले रहेंगे लेकिन होटल के अंदर बैंक्वेट और कॉन्फ्रेंस हॉल बंद रहेंगे.

12- योग संस्थान, जिम, मनोरंजन पार्क बंद किए गए.

13- आउटडोर योग की अनुमति.

14- धार्मिक स्थल खुले रहेंगे लेकिन श्रद्धालुओं की एंट्री पर पाबंदी होगी.

इससे पहले मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शहर में कोविड-19 संक्रमण के मामले बढऩे पर मंगलवार को कहा कि दिल्ली में येलो अलर्ट जारी किया गया है और 'ग्रेडेड रेस्पॉन्स एक्शन प्लानÓ (जीआरएपी) के तहत कुछ पाबंदियां लगाई जाएंगी. 'येलोÓ अलर्ट के तहत रात में कर्फ्यू लगाना, स्कूलों और कॉलेजों को बंद करना, गैरजरूरी सामान की दुकानों को ऑड-इवन आधार पर खोलना और मेट्रो ट्रेनों तथा सार्वजनिक परिवहन की बसों में यात्रियों के बैठने की क्षमता आधी करने जैसे उपाय आते हैं.

मुख्यमंत्री ने एक उच्चस्तरीय बैठक में कोविड स्थिति की समीक्षा करने के बाद कहा कि दिल्ली में संक्रमण के मामले बहुत तेजी से बढ़ रहे हैं लेकिन घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है क्योंकि ज्यादातर लोगों में बीमारी के हल्के लक्षण हैं.

कब जारी होता है येलो अलर्ट

येलो अलर्ट तब जारी किया जाता है जब कोविड संक्रमण दर लगातार दो दिनों तक 0.5 प्रतिशत से अधिक रहती है. दिल्ली में पिछले दो दिनों से संक्रमण दर 0.5 प्रतिशत से अधिक है. केजरीवाल ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि लोग मास्क पहने बिना बाजार और मॉल जा रहे हैं तथा उन्होंने लोगों से कोविड उपयुक्त व्यवहार का पालन करने की अपील की. उन्होंने कहा कि दिल्ली में संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं लेकिन चिकित्सीय ऑक्सीजन के इस्तेमाल में वृद्धि नहीं हुई है तथा अस्पतालों में बिस्तरों या आईसीयू बिस्तरों की मांग नहीं बढ़ी है जिसका मतलब है कि ज्यादातर लोगों का घर पर ही उपचार हो रहा है.

हर हर महादेव, नए साल की शुरुआत होगी मासिक शिवरात्रि के साथ, जरूर करें पूजा

Posted: 28 Dec 2021 07:54 AM PST

साल 2021 खत्म होने वाला है और नया साल आने वाला है। नए साल 2022 का लोग बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। नए साल नए बदलाव होंगे। नए साल की शुरूआत इस बार बहुत ही खास होने वाली है। हिन्दू पंचांग के मुताबिक नए साल की शुरूआत भगवान शिव (Lord Shiva) की पूजा के साथ होगी।
बता दें कि नए साल को मासिक शिवरात्रि (Masik Shivratri) है।
माना जाता है कि मासिक शिवरात्रि (Masik Shivratri) पर शिवरात्रि शिव और शक्ति के मिलन होता है। भारतीय पौराणिक कथाओं के अनुसार, महाशिवरात्रि की मध्यरात्रि में भगवान शिव लिंग (Shiva Linga) के रूप में प्रकट हुए थे। शिव लिंग की सबसे पहले भगवान विष्णु और भगवान ब्रह्मा ने पूजा की थी।

मासिक शिवरात्रि (Masik Shivratri) का व्रत करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं। मासिक शिवरात्रि की तिथि-

पंचांग के अनुसार चतुर्दशी की तिथि की शुरुआत 1 जनवरी 2022 को प्रात: 7 बजकर 17 मिनट से होगी। 2 जनवरी 2022, रविवार को प्रात: 3 बजकर 41 मिनट पर चतुर्दशी की तिथि का समापन होगा।
व्रत विधि-

मासिक शिवरात्रि (Masik Shivratri) की पूजा आधी रात को की जाती है जिसे निशिता काल भी कहा जाता है।
भगवान शिव की मूर्ति या शिव लिंग के अभिषेक करने से होती है।
भक्त गंगाजल, दूध, दही, घी, शहद, सिंदूर, हल्दी पाउडर, गुलाब जल और बेल के पत्ते चढ़ाते हैं।
शिव आरती (Shiva aarti) या भजन गाए जाते हैं और शंख बजाया जाता है।
इसके बाद भक्त प्रसाद ग्रहण करते हैं. शिवरात्रि व्रत पूरे दिन रखा जाता है और अगले दिन पारण किया जाता है।
मासिक शिवरात्रि मंत्र-

"ॐ नमः शिवाय"

का जाप करना काफी शुभ माना जाता है.

एल राहुल टेस्ट में उपकप्तानी के बाद वनडे टीम के भी बनेंगे कप्तान, रोहित शर्मा हुए आउट!

Posted: 27 Dec 2021 08:07 PM PST

एल राहुल टेस्ट में उपकप्तानी के बाद वनडे टीम के भी बनेंगे कप्तान, रोहित शर्मा हुए आउट!

भारतीय वनडे टीम का कप्तान बनने के बाद से ही रोहित शर्मा (Rohit Sharma) के दिन अच्छे नहीं चल रहे हैं. मांसपेशियों में खिंचाव के चलते पहले उन्हें दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज से बाहर होना पड़ा और अब ऐसी खबरें सामने आ रही हैं कि वो वनडे सीरीज में भी शायद ही खेल पाएं. अगर ऐसा होता है तो केएल राहुल (KL Rahul) वनडे सीरीज में टीम इंडिया की कमान संभालेंगे. इस सूरत में विराट कोहली उनकी कप्तानी में खेलेंगे. रोहित फिलहाल, बेंगुलरु स्थित नेशनल क्रिकेट एकेडमी में अपना रिहैबिलिटेशन पूरा कर रहे हैं.

स्पोर्ट्स टुडे की खबर के मुताबिक, रोहित शर्मा पूरी तरह फिट नहीं हुए हैं और इसी वजह से दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए टीम इंडिया की घोषणा में देरी हो रही है. रोहित शर्मा के चोटिल होने की वजह से ही केएल राहुल को टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय टीम का उप-कप्तान बनाया गया था और यह जिम्मेदारी मिलने के बाद उन्होंने सेंचुरियन टेस्ट के पहले दिन शतक ठोक डाला.

रोहित एनसीए में रिहैब पूरा कर रहे रोहित को दक्षिण अफ्रीका दौरे के लिए रवाना होने से पहले टीम के प्रैक्टिस सेशन में हैमस्ट्रिंग इंजरी हुई थी. इससे उबरने में 4 हफ्ते से ज्यादा का वक्त लगता है. ऐसे में उनके वनडे सीरीज से पहले फिट होने की संभावना काफी कम है. भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच 19 जनवरी से 3 वनडे की सीरीज खेली जानी है.

विराट की जगह रोहित वनडे के नए कप्तान बने हैं साउथ अफ्रीका दौरे से ठीक पहले सेलेक्टर्स ने विराट कोहली को वनडे कप्तानी से हटा दिया था. हालांकि, बीसीसीआई के इस फैसले के बाद से ही बवाल हो रहा है. बोर्ड अध्यक्ष सौरव गांगुली ने दावा किया था कि सेलेक्टर्स व्हाइट बॉल फॉर्मेट में एक ही कप्तान चाहते थे. ऐसे में विराट को वनडे की कप्तानी से हटाना पड़ा. वो टी20 विश्व कप के बाद इस फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ चुके हैं. हालांकि, विराट ने गांगुली के दावे को यह कहते खारिज कर दिया था कि उनसे बीसीसीआई के किसी पदाधिकारी ने किसी ने भी टी20 कप्तानी नहीं छोड़ने को लेकर कोई बात की थी.

28 दिसंबर: देश-दुनिया के इतिहास में आज के दिन की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ

Posted: 27 Dec 2021 08:03 PM PST

28 दिसंबर: देश-दुनिया के इतिहास में आज के दिन की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ

28 दिसंबर की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ

2013 - आम आदमी पार्टी ने दिल्ली में कांग्रेस के समर्थन से सरकार बनायी।

2008 - अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कवि और साहित्यकार प्रो. सुरेश वात्स्यायन का निधन हो गया।

2007 - रूस ने ईरान के बुशेहर विद्युत संयंत्र के लिए परमाणु ईधन की दूसरी खेप खेप भेजी।

2003 - इस्रायल ने कज़ाकिस्तान के बैंकानूर अंतरिक्ष स्टेशन से दूसरा वाणिज्य उपग्रह छोड़ा। अमेरिका में ब्रिटेन के कुछ विमानों में स्काई मार्शल यानी सुरक्षा गार्ड तैनात करने का फैसला लिया।

2002 - मशहूर फ़ैशन फ़ोटोग्राफ़र हर्वे रिट्स का लास एंजेल्स में निधन।

2000 - भारतीय डाक विभाग द्वारा वीरता पुरस्कार विजेताओं के सम्मान में पांच डाक टिकटों के सेट में 3 रुपये का एक सचित्र डाक टिकट जारी किया गया।

1995 - पोलैंड के अन्वेषक मारके कार्मिस्की एक ही वर्ष में उत्तरी एवं दक्षिणी ध्रुवों पर झंडा फहराने वाले पहले व्यक्ति बने, विश्व सिनेमा का दूसरी सदी में प्रवेश।

1984 - श्री राजीव गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस को लोकसभा चुनाव में जीत मिली।

1976 - अमेरिका ने नेवादा में परमाणु परीक्षण किया।

1974 - पाकिस्तान में 6.3 तीव्रता के भूकंप में 5200 मरे।

1966 - चीन ने लोप नोर में परमाणु परीक्षण किया।

1957 - सोवियत संघ ने परमाणु परीक्षण किया।

1950 - द पीक डिस्ट्रिक्ट ब्रिटेन का पहला राष्ट्रीय पार्क बना।

1942 - रॉबर्ट सुलिवन पहले पायलट बने, जिन्होंने अटलांटिक महासागर के ऊपर एक सौ बार उड़ानें भरी।

1928 - कोलकाता में पहली बार बोलती फ़िल्म मेलोडी ऑफ लव प्रदर्शित हुई।

1926 - इंपिरियल एयरवेज ने भारत और इंग्लैंड के बीच यात्री और डाक सेवा शुरू की।

1908 - इटली के मेसिना में भूकंप से करीब 80 लोग मारे गये।

1906 - दक्षिण अमेरिकी देश इक्वाडोर ने अपना दूसरा उदारवादी संविधान अंगीकार किया।

1896 - भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कोलकाता अधिवेशन में पहली बार बन्दे मातरम् गाया गया।

1885 - भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का पहला अधिवेशन बंबई में हुआ ,जिसमें 72 प्रतिनिधि शामिल हुए।

1836 - स्पेन ने मेक्सिको की स्वतंत्रता को मान्यता दी।

1767 - किंग ताकसिन थाईलैंड के राजा बने तथा उन्होंने थोनबुरी को अपनी राजधानी बनाया।

1668 - मराठा शासक शिवाजी के पुत्र संभाजी की मुग़ल शासक औरंगजेब द्वारा कैद करके यातना देने के कारण मौत हो गयी।
28 दिसंबर को जन्मे व्यक्ति

1952 - अरुण जेटली, भारतीय राजनेता।

1937 - रतन टाटा, भारतीय उद्योगपति।

1932 - धीरूभाई अंबानी - भारत के प्रसिद्ध उद्योगपति थे।

1932 - नेरेला वेणु माधव - भारतीय मिमिक्री कलाकार थे।


Omicron के बढ़ते कहर के बीच आई अच्छी खबर, कम हो सकती है भारत की चिंता

Posted: 27 Dec 2021 07:57 PM PST

Omicron के बढ़ते कहर के बीच आई अच्छी खबर, कम हो सकती है भारत की चिंता

दुनियाभर में ओमिक्रॉन के लगातार बढ़ते मामलों के बीच एक राहत की खबर आई है. उद्योगपति हर्ष गोएनका ने कोरोना वायरस के नए वैरिएंट से जुड़ा एक दिलचस्प डेटा अपनी ट्विटर वॉल पर शेयर किया है, जो कि सबसे पहले दक्षिण अफ्रीका में पाया गया था. इसमें एक ग्राफ शेयर किया गया है जो बताता है कि दक्षिण अफ्रीका में ओमिक्रॉन के मामले अब तेजी से घट रहे हैं. माना जा रहा है कि दक्षिण अफ्रीका में ओमिक्रॉन का पीक बीत चुका है.

हर्ष गोएनका ने ट्वीट शेयर करते हुए लिखा, 'दक्षिण अफ्रीका से ओमिक्रॉन पर अच्छी खबरें आ रही हैं. अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ रही है, लेकिन बहुत धीमी गति से. ज्यादातर अनवैक्सीनेटेड या सिंगल डोज लेने वाले ही नए वैरिएंट का शिकार हो रहे हैं.' दक्षिण अफ्रीका में हुई एक स्टडी के मुताबिक, ओमिक्रॉन में कोरोना के पहले वाले वैरिएंट्स से कम गंभीर प्रभाव देखा गया है.

यूनिवर्सिटी ऑफ विटवॉटर्सरैंड में एपिडेमायोलॉजी की प्रोफेसर शेरिल कोहेल ने बताया कि दक्षिण अफ्रीका में ओमिक्रॉन का जो व्यवहार देखा गया है, उससे यह कम गंभीर नजर आता है. उन्होंने 'नेशनल इंस्टिट्यूट फॉर कम्यूनिकेबल डिसीज' की एक ऑनलाइन ब्रीफिंग में 'अर्ली एसेसमेंट ऑफ द सीवियर्टी ऑफ दि ओमिक्रॉन वैरिएंट इन साउथ अफ्रीका' नाम की रिसर्च के परिणाम भी साझा किए हैं.

वहीं, गोएनका ने अपने ट्विटर हैंडल पर जो ग्राफ शेयर किए हैं, उनसे काफी अच्छे संकेत मिले हैं. ओमिक्रॉन से लोगों को गंभीर बीमारी नहीं हो रही है और बहुत कम संख्या में मरीजों को अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत पड़ रही है. बहुत कम मामलों में ऑक्सीजन की जरूरत हुई और इनमें से अधिकांश मामले नॉन वैक्सीनेटेड थे. हालांकि, इसका यह मतलब बिल्कुल नहीं कि हम सेफ्टी प्रोटोकॉल्स का ख्याल ना रखें. बस हमें घबराने की जरूरत नहीं है.

बता दें कि भारत में ओमिक्रॉन के रविवार तक 422 मामले दर्ज किए जा चुके हैं. इनमें सबसे ज्यादा मामले महाराष्ट्र (108), दिल्ली (79), गुजरात (43), तेलंगाना (41) और केरल (38) में दर्ज किए गए हैं. केंद्र सरकार ने 10 प्रभावित राज्यों में अपनी मल्टी डिसिप्लिनरी टीमें भेजने का फैसला किया है जो ओमिक्रॉन के बढ़ते मामलों को रिपोर्ट करने के साथ-साथ वैक्सीनेशन प्रोग्राम पर काम करेंगी.

यूनियन हेल्थ मिनिस्ट्री के मुताबिक, केंद्र सरकार महाराष्ट्र, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, मिजोरम, कर्नाटक, बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड और पंजाब में अपनी मल्टी डिसिप्लिनरी टीमें भेजेगी. देश में ओमिक्रॉन के बढ़ते मामलों के बीच मध्य प्रदेश, हरियाणा, गुजरात, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और दिल्ली में नाइट कर्फ्यू लग चुका है.

कम हाइट वाले पुरुषों की सेक्स लाइफ पर नई स्टडी में चौंकाने वाला दावा

Posted: 27 Dec 2021 07:57 PM PST

कम हाइट वाले पुरुषों की सेक्स लाइफ पर नई स्टडी में चौंकाने वाला दावा

ज्यादातर महिलाएं लंबे पुरुषों को पसंद करती हैं लेकिन छोटे हाइट वाले पुरुषों की भी अपनी खूबियां हैं. 'द जर्नल ऑफ सेक्सुअल मेडिसिन' की एक नई स्टडी में कम लंबाई वाले पुरुषों से जुड़ी कई दिलचस्प जानकारियां सामने आई हैं. स्टडी में पाया गया है कि कम हाइट वाले पुरुष ज्यादा सेक्‍सुअली एक्टिव होते हैं. 531 पुरुषों पर की गई ये स्टडी न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी (New York University) के शोधकर्ताओं ने की है.

क्या कहती है स्टडी- स्टडी में पाया गया है कि जिन पुरुषों की लंबाई 175 सेंटीमीटर से कम थी, यानी कि जो लोग 5'9'' से कम थे, उनकी सेक्स ड्राइव ज्यादा अच्छी थी. कम हाइट वाले पुरुष ना सिर्फ ज्यादा सेक्सुअली एक्टिव होते हैं बल्कि पार्टनर को तलाक देने की भी संभावना इनमें 32 प्रतिशत कम होती है. शोधकर्ताओं का कहना है कि ज्यादा लंबे पुरुषों की तुलना में कम लंबाई वाले पुरुष घर के काम भी ज्यादा करते हैं और पैसे भी ज्यादा कमाते हैं. कुल मिलाकर इस स्टडी के मुताबिक पुरुष की हाइट जितनी कम होगी, वो उतना ही अच्छा पार्टनर साबित होगा.

ये है वजह- शोधकर्ता पूरी तरह से नहीं समझ पाए हैं कि आखिर इसके पीछे क्या वजह है लेकिन उन्हें लगता है कि लंबे पुरुष अपने लुक को लेकर ज्यादा आत्मविश्वासी होते हैं और वो घर के काम को अपने लायक नहीं मानते हैं. वहीं कम हाइट वाले पुरुष खुद को साबित करने में लगे रहते हैं और यही वजह है कि वो घर और ऑफिस दोनों जगह कड़ी मेहनत करते हैं. ऐसा नहीं है कि कम हाइट वाले पुरुषों को महिलाएं पसंद नहीं करती हैं. कई ऐसे फेमस सेलिब्रिटी कपल्स हैं जहां पुरुष छोटे और महिलाएं लंबी हैं. ये लोग 'पुरुषों की अच्छी लंबाई' वाली अवधारणा को खारिज करते हैं. जाहिर तौर पर टॉल, डार्क और हैंडसम वाली बात अब पुरानी हो चुकी है और इस स्टडी के बाद छोटे पुरुषों की डिमांड बढ़ने की संभावना है.

इस स्टडी को कई सेलिब्रिटीज का समर्थन मिला है. दरअसल, स्पाइडरमैन फिल्म के हीरो टॉम होलान्ड ने भी उस पोस्ट को लाइक किया है जिसमें इस स्टडी को शेयर किया गया था. इसके बाद से इस स्टडी की और चर्चा हो रही है.

गर्लफ्रेंड को गलती से भी न बोलें ये 6 बातें, नहीं तो तुरंत टूट सकता है रिलेशन

Posted: 27 Dec 2021 07:48 PM PST

गर्लफ्रेंड को गलती से भी न बोलें ये 6 बातें, नहीं तो तुरंत टूट सकता है रिलेशन

इन सभी का हर किसी की लाइफ में काफी महत्व होता है. कपल्स रिलेशनशिप में आने के बाद प्यार भरे लम्हों को बेहद खूबसूरती से जीने लगते हैं. फोन पर बात करना, चैट करना, साथ घूमने जाना, एक-दूसरे के साथ समय बिताना, डेट पर जाना बहुत सी ऐसी बातें हैं जिनसे आपका रिलेशनशिप मजबूत होता है.

लेकिन वहीं कुछ कपल्स के बीच समय गुजरने के साथ-साथ मन-मुटाव होने लगते हैं. मैं समझ सकता हूं कि रिलेशन में छोटे-मोटे झगड़े होते रहते हैं, लेकिन कई बार ये झगड़े इतने बढ़ जाते हैं कि ब्रेकअप की नौबत आ जाती है.

कई बार ब्वॉयफ्रेंड मजाक में झगड़े के दौरान गर्लफ्रेंड से कुछ ऐसी बातें बोल जाते हैं, जिससे वो हर्ट हो जाती है और रिलेशन टूट जाता है. इसलिए हम कुछ ऐसी बातें बता रहे हैं, जिन्हें हमेशा गर्लफ्रेंड से बोलने से बचना चाहिए, ताकि रिलेशन अच्छा चलता रहे.

1. स्क्रीनशॉट भेजने को कहना 'स्क्रीनशॉट भेजना' आज के समय में यह सबसे अधिक बोली जाने वाली लाइन है. जब गर्लफ्रेंड का फोन बिजी आता है, तो कई ब्वॉयफ्रेंड अपनी गर्लफ्रेंड से स्क्रीनशॉट भेजने को कहते हैं. अगर आप भी ऐसा करते हैं, तो सावधान होने की जरूरत है.

लड़की की भी अपनी पर्सनल लाइफ है, उसके भी फ्रेंड्स हैं, फैमिली है जिनसे वो बात कर सकती है. उसका मोबाइल बिजी होने पर अगर आप उसे बार-बार स्क्रीनशॉट भेजने का बोलेंगे तो उसे लगेगा कि आपको उस पर विश्वास नहीं है और इससे रिलेशन टूट सकता है.

2. एक्स से तुलना लड़के अक्सर यह गलती करते ही हैं. वे कभी न कभी अपनी गर्लफ्रेंड की एक्स से तुलना कर ही देते हैं. भले ही आप मजाक में कर रहे हों, लेकिन इस बात से आपकी पार्टनर को काफी तकलीफ पहुंचती है.

इसलिए इस बात का खास ख्याल रखें कि कभी भी गर्लफ्रेंड की तुलना एक्स से न करें. अगर आप ऐसा करते हैं तो रिलेशन को टूटने से कोई नहीं बचा सकता.

3. तुम्हारा वजन बढ़ गया है गर्लफ्रेंड अक्सर चाहती हैं कि उनका पार्टनर उनकी तारीफ करे और कॉम्प्लीमेंट दे. लड़कियां अपनी हेल्थ और फिटनेस का काफी ध्यान रखती हैं. लेकिन कई बार गलत लाइफस्टाइल एवं मेडिकल कंडिशन के कारण उनका वजन बढ़ सकता है. वहीं अगर आप उनसे उनके वजन बढ़ने को लेकर कॉमेंट करेंगे या मजाक उड़ाएंगे तो निश्चित ही वे हर्ट होंगी.

अगर आप उन्हें उनके बढ़ते हुए वजन के बारे में अवगत कराना चाहते हैं तो अच्छे से बात करें और उनकी हेल्थ पर बात करें, न कि मजाक में बोलें या फिर उन पर कॉमेंट करें.

4. फैमिली मेंबर्स का मजाक उड़ाना ब्वॉयफ्रेंड-गर्लफ्रेंड के बीच मजाक मस्ती चलती रहती है, जिससे रिलेशन हेल्दी बना रहता है. लेकिन वहीं मजाक-मजाक में आप लड़की की फैमिली का मजाक उड़ाएंगे या फिर कुछ गलत शब्द बोल देंगे, तो गर्लफ्रेंड की नाराजगी से आपको कोई नहीं बचा सकता. इसलिए कोशिश करें कि कभी भी सामने वाली की फैमिली के बारे में कुछ गलत न बोलें और न ही मजाक उड़ाएं.

5. कमियां गिनाते रहना हर इंसान में कमी होती हैं, दुनिया में कोई भी इंसान ऐसा नहीं हुआ जिसमें कोई कमी न हो. जाहिर सी बात है आपके साथ-साथ आपकी गर्लफ्रेंड में भी कुछ कमियां होंगी, लेकिन अगर आप बार-बार उन कमियों को गिनाएंगे तो निश्चित ही वो हर्ट होंगी. सामने वाली की कमी को प्यार से समझाना अलग होता है और उस गलती पर बार-बार टोकना अलग होता है. अगर आप भी ऐसा करते हैं तो इस बात को लड़की सहन नहीं कर पाएगी और उसे लगेगा कि वो आपके लायक नहीं है तो वो रिलेशन तोड़ भी सकती है.

6. हर बात पर रोक-टोक करना ऐसा मत करो, वहां मत जाओ, उसके साथ मत जाओ, ऐसी ड्रेस मत पहनो, ऐसे कई तरह से कई ब्वॉयफ्रेंड अपनी गर्लफ्रेंड को हर बात पर रोक टोक करते हैं. ऐसा करने से लड़की को लगेगा कि आप उसे पर्सनल स्पेस नहीं दे रहे हैं और उसकी लाइफ पर काबू कर रहे हैं. ऐसे में गर्लफ्रेंड अपनी आपको बंधा महसूस करेगी और रिलेशन को तोड़ भी सकती है.

अब आप समझ ही गए होंगे कि रिलेशन अच्छा चलाने के लिए गर्लफ्रेंड को कौन सी बातें बोलने से बचना चाहिए. तो बस रिलेशन में प्यार-मोहब्बत से एक-दूसरे को समझते हुए चलें और खुश रहें.

पुराना किला ही नहीं, दिल्ली के इन स्थानों के भी जुडे़ हैं पांडवों से नाम

Posted: 27 Dec 2021 07:45 PM PST

पुराना किला ही नहीं, दिल्ली के इन स्थानों के भी जुडे़ हैं पांडवों से नाम

जब भी दिल्ली के इतिहास की बात की जाती है तो उसमें सबसे पहला जिक्र आता है पांडवों का। हस्तिनापुर के वो युवराज जिन्होंने खांडव प्रदेश को बसाया था और उसे किकर के जंगलों के बीच इंद्रप्रस्थ नामक इतनी सुंदर नगरी का निर्माण करवाया जोकि इंद्रदेव के महल सरीखा खूबसूरत था।

लेकिन सिर्फ इंद्रप्रस्थ ही नहीं बल्कि इसके अलावा सात अन्य भी ऐसे स्थल है जिन्हें पांडवों के नाम से याद किया जाता है। मुगलों व अंग्रेजों की बसाई इस दिल्ली में हालांकि हिंदूओं की दिल्ली काफी कम दिखती है लेकिन बावजूद पांडवों के दिल्ली का इतिहास आज भी अधूरा लगता है। आइए जानते हैं कि आखिर वो 8 जगह कौन से हैं जिनके तार पांडवों से जुडे हुए हैं।

निगमबोध घाट के नजदीक हनुमान मंदिर बता दें कि निगमबोध घाट को पांडवों से भी पुरातन काल का स्थान माना जाता है। निगमबोध घाट पर जो हनुमानजी का मंदिर है उसे 5 पांडवों में से तीसरे नंबर के अर्जुन द्वारा स्थापित बताया जाता है। कहा जाता है कि हनुमान जी के प्रति अपनी कृतज्ञता प्रदर्शित करने के लिए उन्होंने यहां कीर्ति स्तंभ उनके नाम से स्थापित किया था, जहां बाद में मूर्ति स्थापित कर दी गई है। इस मंदिर में आज भी हनुमान भक्तों का तांता लगा रहता है।

यमुना के किनारे बनाया नीली छतरी मंदिर यमुना के किनारे बने सलीमगढ के उत्तरी द्वार के सामने शहर से यमुना के पुल को जाते समय सडक के बाएं हाथ पर नीली छतरी नाम का एक छोटा सा मंदिर है। कहते हैं कि महाराज युधिष्ठिर ने राजसूय यज्ञ कर जब खुद को सम्राट घोषित किया तब इस छतरी को बनवाया था। जिसमें शिव मंदिर की स्थापना की गई थी, इसके कुछ खंभों में नीले रंग की सजावट आज भी देखने को मिलती है। लेकिन इतिहासकारों का कहना है कि नीली छतरी मंदिर को मुगलों ने तुडवा दिया था सिर्फ कुछ सीढियां, खंभे, शिवलिंग व दीवारों पर कहीं- कहीं नक्काशी बची थी। लेकिन इसका पुर्ननिर्माण मराठों ने अपने दिल्ली पर अधिकार के समय बनाया।

कृष्ण की बहन योगमाया का मंदिर श्रीकृष्ण के जन्म के संबंध में भागवत में कथा है कि वह योगमाया की सहायता से कंस के जाल से बच पाए थे, उसी योगमाया की स्मृति में पांडवों ने योगमाया मंदिर को बनवाया था। जिसे साल 1827 में अकबर द्वितीय के शासनकाल के दौरान लाला सेठमल ने पुर्ननिर्माण करवाया। मंदिर में मूर्ति नहीं है बल्कि काले पत्थर का गोलाकार पिंडी रूप आज भी देखने को मिलता है। यह मंदिर महरौली में स्थित है, इसे हिंदू-मुस्लिम एकता का प्रतीक माना जाता है क्योंकि यहां फूलवालों की सैर मेला लगता है।

कालकाजी अथवा काली देवी मंदिर इस मंदिर का इतिहास बहुत प्राचीन है कहते हैं लाखों वर्ष पूर्व जब इस मंदिर में देवताओं का निवास था तो उन्हें दो दैत्य सताया करते थे। जिससे तंगा आकर देवता ब्रह्मा के पास शिकायत लेकर पहुंचे लेकिन उन्होंने दखल ना देकर उन्हें पार्वती के पास जाने को कहा। पार्वती के मुंह से कुश्की देवी निकली और उन्होंने दैत्यों का संहार किया लेकिन उनके रक्त से और राक्षस प्रकट होने लगे तो पार्वती को कुश्की देवी पर दया आ गई। कुश्की देवी की पलकों से विकराल काली देवी का जन्म हुआ और उन्होंने दैत्यों का संहार कर उनका खून पी लिया तब कहीं जाकर दैत्यों का अंत हुआ। तबसे कहा जाता है कि काली देवी यहां आकर बस गईं और पांडवों ने उनका मंदिर बनावाया। हालांकि वर्तमान मंदिर का सबसे पुराना भाग साल 1768 में बना बताया जाता है।

बटुक भैरव मंदिर पांडवों ने दूधिया व किलकारी भैरव के साथ ही फतहगढ की पहाडियों यानि नेहरू पार्क में बटुक भैरव का मंदिर बनवाया था। एकमात्र इस मंदिर की मूर्ति को पांडव काल का माना जाता है। मूर्ति पिंडी रूप में है जिसका चेहरा जमीन में बना हुआ है और चारों ओर 6 इंच ऊंची संगमरमर की दीवार है। कहा जाता है कि पांडव किले की सुरक्षा के लिए यज्ञ करते तो राक्षसों द्वारा उन्हें बार-बार भंग कर दिया जाता तब श्रीकृष्ण ने कहा कि भैरव जी का मंदिर बनाया जाए।

भीम, भैरव बाबा को लेने काशी गए और इंद्रप्रस्थ चलने को कहा तब उन्होंने शर्त रखी कि भीम उन्हें जहां पहले रख देंगे वो वहीं विराजमान हो जाएंगे। भीम ने शर्त मानी और कंधे पर उठाकर भैरव बाबा को चल दिए, बाबा की माया से भीम ने उन्हें यहां कंधे उतारकर रख दिया तबसे वो यहीं विराजमान है। उन्होंने अपनी जटा काटकर इंद्रप्रस्थ की सुरक्षा के लिए भेज दी थी। इस मंदिर की देखभाल नाथ संप्रदाय के पुजारियों द्वारा की जाती है और इसकी विशेष मान्यता है।

किलकारी भैरव मंदिर मथुरा रोड पर बाएं हाथ में पुराने किले की उत्तरी चारदीवारी के बराबर जो सडक अंदर को गई है वहां किले की दीवार से सटा है। उसे पांडवों द्वारा बनावाया गया किलकारी भैरव मंदिर बताया जाता है जिसका निर्माण पांडवों ने इंद्रप्रस्थ बसाने के दौरान किया था। इस मंदिर के भीतर आज भी भैरव जी के अलावा भीमसेन और हनुमान जी की मूर्तिंया हैं। साथ ही पुजारी नाथों की तीन समाधियां है। दिल्ली के 52 भैरव मंदिरों में इसे सबसे प्राचीन और श्रेष्ठ माना जाता है। कहा जाता है कि बटुक भैरव ने यहां जो अपनी चोटी काटकर भीम द्वारा भेजी थी उसे रखकर मंदिर का निर्माण करवाया गया ताकि किले की सुरक्षा की जा सके।

दूधिया भैरव मंदिर दूधिया भैरव मंदिर भी किलकारी भैरव मंदिर से करीब एक फर्लांग की दूरी पर ही है। इसका निर्माण भी पांडवकालीन माना जाता है। यह भी पुराने किले की दीवार से सटा हुआ मंदिर है जहां भैरव की मूर्ति सिंदूर से ढकी है। ये काफी अद्भूत मंदिर है क्योंकि बाबा भैरवनाथ पर यहां कच्चा दूध चढाया जाता है। साथ ही कुत्तों को भगवान भैरव का वाहन माना गया है इसलिए मंदिर परिसर में कई कुत्तों का पोषण किया जाता है। कहते हैं कि महाभारत प्रारंभ होने से पूर्व कुंती ने यहां आकर बाबा को दूध चढाया था और उनसे दूध की लाज रखने के बदले पांडवों की विजय व कुशलता की गुहार लगाई थी। जिसके बाद पांडवों को युद्ध में विजय प्राप्त हुई।

पुराना किला या इंद्रप्रस्थ पांडवों द्वारा बसाए गए किले इंद्रप्रस्थ को अब पुराना किला के नाम से जाना जाता है हालांकि अभी तक खुदाई मंे पांडवकालीन साक्ष्य प्राप्त नहीं हुए हैं लेकिन एएसआई लगातार प्रयासरत है। पुराणों के अनुसार युधिष्ठिर ने इंद्रप्रस्थ का राज अपने पुत्र व्रज और हस्तिनापुर का परीक्षित को दिया लेकिन व्रज अपना राज्य मथुरा ले गया और इंद्रप्रस्थ परीक्षित के अधीन आ गया। युधिष्ठिर की 30 पीढी ने इस पर राजा किया जिसका अंतिम राजा क्षेमक था। लेकिन वो अत्यंत दुर्बल साबित हुआ, जिसे मारकर मंत्री विस्त्रवा ने सिंहासन पर कब्जा कर लिया। पांडवों की पीढी का राज इतिहासकार 1 हजार 745 वर्ष का बताते हैं।

इस आरती को पढ़ करें भगवान विश्वकर्मा की पूजा, मिलेगा फायदा

Posted: 27 Dec 2021 07:41 PM PST

इस आरती को पढ़ करें भगवान विश्वकर्मा की पूजा, मिलेगा फायदा

आज भारत में विश्‍वकर्मा पूजा की जा रही है। हिंदू मान्‍यता के अनुसार इस दिन निर्माण के देवता विश्‍वकर्मा का जन्‍म हुआ था। विश्‍वकर्मा को देवताओं के वास्‍तुकार थे। उन्‍होंने देवताओं के महल, हथियार और भवन बनाए थे। इस दिन औजारों, मशीनों और दुकानों की पूजा करते हैं।

कहा जाता है कि एक बार देवताओं ने असुरों से परेशान होकर विश्‍वकर्मा से गुहार लगाई। तब विश्वकर्मा ने महर्षि दधीची की हड्डियों से देवताओं के राजा इंद्र के लिए एक वज्र बनाया। इस वज्र से असुरों का सर्वनाश हो गया। तभी से भगवान विश्‍वकर्मा को अहम स्थान दिया गया। हिंदू धर्म के अनुसार भगवान विश्वकर्मा ने रावण की लंका, कृष्‍ण नगरी द्वारिका, पांडवों के लिए इंद्रप्रस्‍थ नगरी और हस्तिनापुर का निर्माण किया था।

साथ ही उन्होंने उड़ीसा स्थित जगन्नाथ मंदिर के लिए भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की मूर्ति का निर्माण अपने हाथों से किया था। उन्‍होंने भगवान शिव के त्रिशूल, भगवान विष्‍णु के सुदर्शन चक्र और यमराज के कालदंड जैसे हथियार बनाए। उन्‍होंने दानवीर कर्ण के कुंडल और रावण का पुष्‍पक विमान भी बनाए थे।

पूजा विधि
आज के दिन अपनी गाड़ी, मोटर या दुकान की मशीनों को साफ करें।
घर के मंदिर में विष्‍णु जी का ध्‍यान करें और फूल चढाएं।
कमंडल में पानी लेकर उसमें फूल डालें और विश्वकर्मा भगवान का ध्यान करें।
जमीन पर आठ पंखुड़‍ियों वाला कमल बनाएं और उसपर सात प्रकार के अनाज रखें।
अनाज पर तांबे या मिट्टी के बर्तन के पानी का छिड़काव करें।
सात प्रकार की मिट्टी, सुपारी और दक्षिणा को कलश में डालकर उसे कपड़े से ढकें।
भगवान विश्‍वकर्मा को फूल चढ़ा और आरती उतारें।

विश्‍वकर्मा की आरती
ॐ जय श्री विश्वकर्मा प्रभु जय श्री विश्वकर्मा।
सकल सृष्टि के कर्ता रक्षक श्रुति धर्मा ॥

आदि सृष्टि में विधि को, श्रुति उपदेश दिया।
शिल्प शस्त्र का जग में, ज्ञान विकास किया ॥

ऋषि अंगिरा ने तप से, शांति नही पाई।
ध्यान किया जब प्रभु का, सकल सिद्धि आई॥

रोग ग्रस्त राजा ने, जब आश्रय लीना।
संकट मोचन बनकर, दूर दुख कीना॥

जब रथकार दम्पती, तुमरी टेर करी।
सुनकर दीन प्रार्थना, विपत्ति हरी सगरी॥

एकानन चतुरानन, पंचानन राजे।
द्विभुज, चतुर्भुज, दशभुज, सकल रूप साजे॥

ध्यान धरे जब पद का, सकल सिद्धि आवे।
मन दुविधा मिट जावे, अटल शांति पावे॥

श्री विश्वकर्मा जी की आरती, जो कोई नर गावे।
कहत गजानन स्वामी, सुख सम्पत्ति पावे॥

Ramayana: कोई नहीं हिला पाया पैर, सब पर भारी पडे अंगद

Posted: 27 Dec 2021 07:39 PM PST

Ramayana: कोई नहीं हिला पाया पैर, सब पर भारी पडे अंगद

रावण की सेना के बड़े-बड़े वीर भी अंगद का पैर नहीं हिला पाए। सभी पसीने से लथ-पथ हो गए। वहीं इस दृश्य के मंचन के दौरान विशेष कलर एलईडी लाईटों के जलने से काफी आकर्षक बने दृश्य का दर्शकों ने जमकर आनंद लिया। वहीं हनुमान जी द्वारा उड़कर जाना और संजीवनी बूटी लाने के दृश्य ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया।

अंतिम चार दिन पहुंचेंगे 10 देशों के राजदूत लवकुश रामलीला कमेटी के अध्यक्ष अशोक अग्रवाल ने कहा कि इस बार सीमित दर्शकों के बीच लीला का मंचन हो रहा है बावजूद हम हाईटेक तकनीक का प्रयोग मंचन के दौरान कर रहे हैं। मंगलवार को रामलीला मंचन के दौरान राम-हनुमान की भेंट, विभीषण का श्रीराम की शरण में आना, लंका पर युद्ध के लिए सेतु निर्माण, रावण-अंगद संवाद, लक्ष्मण जी के मूर्छित होना से लेकर संजीवनी बूटी लाने तक की लीला का मंचन किया गया। 

लीला के गेस्ट कोर्डिनेटर मंत्री अंकुश अग्रवाल ने बताया इस वर्ष लीला में विदेशी राजनयिकों के आने का सिलसिला मंचन के पहले दिन से जारी है, अंतिम चार दिनो में दस से ज़्यादा देशों के राजदूत लीला मंचन देखने आ रहे है। वहीं शास्त्री पार्क विष्णु अवतार रामलीला कमेटी में हनुमान जी के आगमन पर सुंदर झांकी व हनुमान चालीसा सहित राम-हनुमान मिलन, सुग्रीव-बाली युद्ध, लंका दहन की लीला का मंचन किया गया।

आप के बृजेश गोयल ने निभाई अंगद की भूमिका लवकुश रामलीला कमेटी में आप के सीनियर नेता बृजेश गोयल जब मंच पर अंगद के किरदार में उतरे तो उन्होंने मंझे हुए अभिनय से सभी दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। लंकापति रावण के दरबार में अपनी पूंछ से रावण के समान अपना आसन बनाकर अंगद और रावण के बीच जोरदार संवादों का दर्शकों ने भरपूर आनंद लिया तो अंगद द्वारा जमीं पर पावं जमाने का दृश्य भी काफी रोचक दर्शकों को लगा।

554 पदों पर आवेदन को बचे हैं कुछ दिन, जानें कैसे करें अप्लाई

Posted: 27 Dec 2021 07:54 PM PST

554 पदों पर आवेदन को बचे हैं कुछ दिन, जानें कैसे करें अप्लाई

हिमाचल प्रदेश स्टाफ सिलेक्शन कमीशन की ओर से कुल 554 पदों पर भर्ती निकाली गई है। बता दें कि इन भर्तियों के लिए आवेदन प्रक्रिया 6 दिसंबर से शुरु की जा चुकी है। जिन उम्मीदवारों ने अब तक इस भर्ती के लिए आवेदन नहीं किया है वे 5 जनवरी 2022 तक इस भर्ती के लिए अप्लाई कर सकते हैं।

इस भर्ती से संबंधित अधिक जानकारी हेतु इच्छुक उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट hpsssb.hp.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

आवेदन करने की अंतिम दिनांकः 5 जनवरी 2022
आवेदन करने की प्रक्रिया-

आवेदक बेवसाइट के होम पेज पर जाकर hpsssb.hp.gov.in पर क्लिक करें।
इसके उपरांत अपनी पसंद की पोस्ट के आगे दिए गए लिंक पर जाएं।
वहां दिए गए Apply Online के लिंक पर क्लिक करें।
जहां मांगी गई डिटेल्स भरकर रजिस्ट्रेशन कर लें।
प्राप्त रजिस्ट्रेशन नंबर की मदद से Application form भरें।

जानें किन पदों पर निकली है भर्ती-


मेडिकल लैब टेक्नीशियन ग्रेड 2 – 10 पद
इनवेस्टिगेटर – 03 पद
स्टेनो टाइपिस्ट – 66 पद
लैब टेक्नीशियन – 01 पद
फील्ड इनवेस्टिगेटर – 01 पद
जूनियर स्केल स्टेनोग्राफर – 01 पद
जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (अकाउंट्स) – 78 पद
स्टाफ नर्स – 85 पद
रेडियोग्राफर – 04 पद
ऑपरेशन थिएटर असिस्टेंट – 18 पद
लैब असिस्टेंट – 16 पद
सैनिटरी इंस्पेक्टर – 06 पद
जूनियर टेक्नीशियन – 03 पद
जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (आईटी) – 200 पद
असिस्टेंट माइनिंग इंस्पेक्टर – 02 पद
जूनियर ड्रॉट्समैन (इलेक्ट्रिकल) – 03 पद
फार्मासिस्ट – 03 पद
मेडिकल लैब टेक्नीशियन (स्पोर्ट्स कोटा) – 02 पद
ऑपरेशन थिएटर असिस्टेंट (स्पोर्ट्स कोटा) – 01 पद
लैब असिस्टेंट (स्पोर्ट्स कोटा) – 06 पद
रेडियोग्राफर (स्पोर्ट्स कोटा) – 03 पद
स्टैटिस्टिकल असिस्टेंट – 06 पद
जूनियर टेक्नीशियन (इलेक्ट्रिकल) – 12 पद
अकाउंटेंट – 04 पद
लाइब्रेरियन – 01 पद
अकाउंटेंट (धर्मशाला नगर निगम) – 01 पद
जूनियर अकाउंटेंट – 02 पद
माइनिंग इंस्पेक्टर – 04 पद
फार्मासिस्ट – 07 पद
बॉयलर ऑपरेटर – 03 पद
मेडिकल सोशल वर्कर – 01 पद

आवेदन करने की फीस-

बता दें कि हिमाचल प्रदेश स्टाफ सिलेक्शन कमीशन की ओर से निकाली गई भर्ती पर जनरल व आर्थिक रुप से कमजोर ( ईडब्ल्यूएस) वर्ग के उम्मीदवारों को 360 रुपए एप्लीकेशन फीस के तौर पर जमा करने होंगे। वहीं, आईआरडीपी, दिव्यांग, स्वतंत्रता सेनानी, हिमाचल प्रदेश सरकार के पूर्व कर्मचारियों के बच्चों व sc-st और ओबीसी कैटेगरी के लिए एप्लीकेशन फीस 120 रुपए निर्धारित की गई है। जबकि राज्य की महिला उम्मीदवारों और दिव्यांग वर्ग के लिए कोई एप्लीकेशन फीस नहीं है।

JOA, स्टेनो और अन्य पदों के लिए चयन प्रक्रिया
चयन का आधार

लिखित परीक्षा - 85 अंक
मूल्यांकन - 15 अंक

आयु सीमाः 18 से 45 वर्ष
नोटः ऑफलाइन किए गए आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।

31 दिसंबर तक हर हाल में कर लें ये सारे काम, वरना आपको होगा बड़ा नुकसान

Posted: 27 Dec 2021 07:30 PM PST


नई दिल्ली: साल 2021 का आखरी महीना यानी दिसंबर (December 2021) खत्म होने में कुछ ही दिन बाकी रह गए हैं. इस महीने के अंत तक आपको कई जरूरी काम हर हाल में निपटाने हैं.
अगर आपने निर्धारित तिथि से पहले इन कामों को नहीं निपटाया तो आपको बड़ा आर्थिक नुकसान हो सकता है.

इसी क्रम में अगर आपने अब तक इनकम टैक्स रिटर्न फाइल नहीं किया है तो 31 दिसंबर तक जरूर कर दें. वहीं EPFO ने भी PF खाताधारकों को नॉमिनी जोड़ने के लिए इस महीने के आखिर तक का ही समय दिया है. आइए जानते हैं ऐसे कौन-कौन से काम हैं जिन्हें आपको इस महीने के आखिर तक निपटा लेने हैं.

इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करें

वित्त वर्ष 2020-21 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने की लास्ट डेट 31 दिसंबर है. टैक्स एक्सपर्ट के अनुसार, आपको डेडलाइन से पहले ITR फाइल करने से न केवल पेनल्टी से बचाव होगा, बल्कि और भी कई फायदे होंगे. निर्धारित तिथि से पहले ITR दाखिल नहीं करने पर आपको भारी जुर्माना भरना पड़ सकता है. अगर आपने समय रहते इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल कर दिया तो आपको नोटिस आने का डर भी नहीं रहता.

PF खाताधारकों के लिए नॉमिनी जरूरी

इम्प्लॉई प्रोविडेंट फंड ऑर्गेनाइजेशन यानी EPFO ने सभी PF खाताधारकों को नॉमिनी जोड़ने के लिए कहा है. EPFO ने नॉमिनी जोड़ने की लास्ट डेट 31 दिसंबर 2021 तय की है. अगर आपने 31 दिसंबर तक अपने PF अकाउंट में नॉमिनी नहीं जोड़ा तो आपको कई तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ा सकता है. आपको बता दें कि आप आसानी से इस काम को EPFO की साइट पर जाकर ऑनलाइन कर सकते हैं.

दरअसल, यह नियम इसलिए बनाया गया है क्योंकि नॉमिनेशन करने से EPF सदस्य की मृत्यु होने पर आसानी से PF का पैसा, इम्प्लॉई पेंशन स्कीम (EPS) और इम्प्लॉई डिपॉजिट लिंक्ड इंश्योरेंस स्कीम (EDLI) का फायदा पाने में मदद मिलती है.
ऑडिट रिपोर्ट फाइल करें

इस महीने की आखिरी तक ऑडिट रिपोर्ट भी फाइल करना अनिवार्य है. दरअसल, बिजनेस मैन जिनकी सालाना कमाई 10 करोड़ रुपये से ज्यादा है, उन्हें इनकम टैक्स रिटर्न के साथ ही एक ऑडिट रिपोर्ट भी फाइल करनी होती है. आर्किटेक्ट, इंजीनियर, डॉक्टर, फिल्म एक्टर, वकील, टेक्नीशियंस जैसे प्रोफेशनल्स को तो 50 लाख रुपये से ज्यादा इनकम पर ही ऑडिट रिपोर्ट देना पड़ता है. वित्त वर्ष 2020-21 के लिए ऑडिट फाइल करने की अंतिम तारीख 31 दिसंबर ही है.

कम ब्याज पर मिल रहा है होम लोन

गौरतलब है कि बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank Of Baroda) ने त्योहारी सीजन में होम लोन ब्याज दर को घटाकर 6.50% कर दिया है. यानी अब आप सस्ते दर पर होम लोन ले सकते हैं. और सबसे खास बात कि नई ब्याज दर का फायदा नए लोन के अलावा दूसरे बैंक से ट्रांसफर होकर आए होम लोन पर भी मिलेगा. लेकिन आपको बता दें कि इस ऑफर का फायदा आपको 31 दिसंबर तक मिलेगा. ऐसे में अगर आप भी होम लोन लेने का प्लान बना रहे हैं तो इसके लिए 31 दिसंबर तक आप अप्लाई कर सकते हैं.

मोदी हिमाचल में बैठे थे और केजरीवाल ने 'लूट' लिया चंडीगढ़: नगर निगम चुनाव में 'आप' सबसे आगे

Posted: 27 Dec 2021 05:19 AM PST

मोदी हिमाचल में बैठे थे और केजरीवाल ने 'लूट' लिया चंडीगढ़: नगर निगम चुनाव में 'आप' सबसे आगे

चंडीगढ़। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हिमाचल प्रदेश में जयराम सरकार के चार वर्ष का कार्यकाल पूरा होने के मौके पर मंडी जिले में आए हुए हैं। इस सब के बीच हिमाचल प्रदेश की सीमा के साथ लगते केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। दरअसल, यहां पर हुए नगर निगम चुनावों में अरविन्द केजरीवाल की आम आदमी पार्टी ने बीजेपी और कांग्रेस को पछाड़ते हुए सबसे अधिक सीटें हासिल की है।

हिमाचल से थे मेयर- अपनी सीट भी नहीं बचा सके

आप ने कुल 35 सीटों में से 14 पर जीत हासिल की है। भाजपा ने 12 और कांग्रेस ने 8 सीटों पर जीत हासिल की है। अकाली दल को एक सीट पर जीत हासिल की है। वहीं, हिमाचल से ताल्लुक रखने वाले भाजपा के मेयर रविकांत खुद वार्ड नंबर 17 से चुनाव हार गए हैं। उन्हें आम आदमी पार्टी (आप) के दमनप्रीत सिंह ने 828 वोटों से हराया है।
हिमाचल में भी राजनीतिक दलों के लिए खतरे की घंटी

ज्ञात रहे कि चंडीगढ़ में आप को मिली इस जीत का प्रभाव सिर्फ पंजाब ही नहीं हिमाचल पर भी पड़ने की संभावना है। अब एक तरफ जहां चंडीगढ़ में हुए इन चुनावों में हिमाचल बीजेपी के नेता भी प्रचार करने पहुंचे थे, लेकिन पार्टी को उसका कोई ख़ास लाभ नहीं हुआ।

वहीं, ध्यान देने वाली बात ये भी है कि आम आदमी पार्टी ने अगले साल हिमाचल में होने वाले विधानसभा चुनावों में सभी सीटों पर दंगल करने का ऐलान कर रखा है। ऐसे में अगर चंडीगढ़ के बाद पंजाब में भी आम आदमी पार्टी अच्छा प्रदर्शन कर ले जाती है तो इसका काफी व्यापक असर हिमाचल में होने वाले चुनावों में भी देखने को मिल सकता है।
पंजाब चुनाव से पहले कई मायनों में अहम है ये जीत

वहीं, पंजाब में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव से पहले चंडीगढ़ में आम आदमी पार्टी को मिली ये बढ़त अन्य पार्टियों के लिए गंभीर राजनीतिक संकट की तरफ इशारा कर रही है। गौरतलब है कि पंजाब में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर यह माना जा रहा है कि इस बार आम आदमी पार्टी इन चुनावों में काफी अच्छा प्रदर्शन करेगी। वहीं, अब इस तरह के परिणाम पंजाब में 'आप' को भारी बढ़त मिलने की तरफ भी इशारा कर रहे हैं।

शादी करने से पहले हर किसी को जरूर कर लेने चाहिए ये 8 काम, नहीं तो बाद में होगा अफसोस

Posted: 27 Dec 2021 05:11 AM PST

शादी करने से पहले हर किसी को जरूर कर लेने चाहिए ये 8 काम, नहीं तो बाद में होगा अफसोस

आजकल आप जब भी सोशल मीडिया स्क्रॉल करते होंगे, तो दिख रहा होगा कि आपके फ्रेंड्स या पहचान वालों की शादियां हो रही है. वहीं कुछ इंगेजमेंट तो कुछ हनीमून के भी फोटो शेयर कर रहे हैं. उन्हें देखकर आपके परिवार वालों का भी आपसे यही कहना होगा कि 'शादी कर लो, नहीं तो उम्र निकल जाएगी'.

लड़का हो या लड़की, हर किसी की लाइफ में शादी के बाद कुछ बदलाव आ जाते हैं. इस बात को आपने भी महसूस किया होगा कि जो दोस्त शादी से पहले रोजाना मिला करते थे, वे आज कम मिलने लगे हैं. इसका कारण है कि उन पर पारिवारिक जिम्मेदारियां बढ़ जाती हैं, जिस कारण वे अपने लिए कम समय निकाल पाते हैं.

लाइफ कोच और राइटर सराहा ई स्टीवर्ट (Sarah E Stewart), M.S.W., C.P.C, के मुताबिक, ''शादी सब कुछ बदल देती है" (Marriage changes everything)

अगर आप भी शादी करने का प्लान बना रहे हैं, तो पहले नीचे दिए हुए 8 कामों के बारे में पढ़ें और देखें कि आपने उन्हें किया या नहीं. शादी के पहले इन कामों को करने की एक्सपर्ट भी सलाह देते हैं.

1. रिलेशनशिप में रहें रिलेशनशिप में रहने या किसी को डेट करने से यह पता चलता है कि कौन हमारे लिए सही है और कौन गलत. ​​​​सेक्सोलॉजिस्ट, रिलेशनशिप एक्सपर्ट और राइटर डॉन माइकल (Dawn Michael) का कहना है कि "शादी करने के बाद हर कोई खुश रहता है और उसकी लाइफ चैंज हो जाती है. मेरा मानना ​​है रिलेशनशिप ऐसी प्रोसेस है जिससे हम सभी को गुजरना चाहिए."

वहीं, साइकोथैरेपिस्ट Fran Walfish के मुताबिक, कपल को कम से कम 1 बार रिलेशनशिप का एक्सपीरियंस करना चाहिए, जिससे फ्यूचर के लिए बेसलाइन तैयार हो सके.

2. अकेले या रूममेट्स के साथ रहें अकेले या रूममेट के साथ रहना आपको बहुत कुछ सिखाता है. ऐसा करने से आप आर्थिक और भावनात्मक रूप से अपने आपको तैयार कर लेते हैं और परिस्थितियों से लड़ना भी सीख लेते हैं. अकेले या रूममेट के साथ रहने से आपको घर जैसी सुविधाएं नहीं मिल पातीं. जैसे, मां के हाथ का खाना, धुले हुए कपड़े, साफ-सुथरा घर आदि. जब आप अकेले रहते हैं, तो सभी काम आपको ही करने होते हैं.

3. फाइनेंसिअली मजबूती चाहे आप नौकरी कर रहे हों या फिर कोई अन्य काम से आपकी आमदनी हो रही हो, हर किसी को फाइनेंसिअली इंडिपेंडेंट होना काफी जरूरी है और यह शादी के पहले ही हो जाना चाहिए.

आर्थिक रूप से मजबूत होने का यह मतलब है कि मान लीजिए शादी के बाद कोई परेशानी आती है तो आप शादी के पहले किए गए बैंक बैलेंस या फाइनेंसिअली मजबूती से उस मुश्किल समय में रह सकें और परिस्थितियों से लड़ सकें.

4. पार्टनर से लड़कर देखें एक्सपर्ट के मुताबिक, शादी से पहले इस बात की जानकारी भी होनी चाहिए कि आपका मंगेतर परेशानी या लड़ाई-झगड़े के समय आपको किस तरह संभालता है क्योंकि यह सफल विवाह की कुंजी है.

कई बार कपल्स के बीच मिसअंडरस्टेंडिंग या एक ही मुद्दे पर अलग-अलग राय होने के कारण मतभेद हो जाते हैं. इसलिए शादी के पहले मंगेतर के साथ हेल्दी फाइट से यह पता लगा सकते हैं कि आपके पार्टनर में आपको संभालने, खुद को समझने और परिस्थिति से लड़ने की कितनी क्षमता रखता है.

5. दुनिया की यात्रा रणबीर कपूर और आलिया भट्ट (Image Credit : Instagram/aliaabhatt)

यदि आपको अभी तक आस-पास की खूबसूरत दुनिया को देखने और अनुभव करने का मौका नहीं मिला है, तो शादी के पहले सही समय है कि आप घूम आइए. नहीं तो शादी के बाद जिम्मेदारियों के कारण सिर्फ प्लान बनाकर रह जाएंगे और कई बार ऐसा मौका आएगा कि लास्ट समय पर घूमने जाने के प्लान कैंसल हो जाएंगे. हालांकि आपकी पार्टनर भी अगर घूमने की शौकीन होगी, तो शादी के बाद साथ में घूम सकते हैं.

6. हॉबी डेवलप करें हर इंसान की कोई न कोई हॉबी या शौक होते हैं. लेकिन कई लोग ऐसे भी होते हैं जिन्हें किसी चीज का शौक नहीं होता. लेकिन उन लोगों को समझना चाहिए कि हॉबीज इंसान को इंटरेस्टिंग / दिलचस्प बनाती हैं. शादी से पहले अपनी हॉबीज बनाएं जैसे, दौड़ना, पढ़ना, लिखना, योग या किताबें पढ़ना आदि.

पसंद की चीजें करने से माइंड अच्छा रहेगा और तनाव भी दूर रहेगा, इससे आपकी मैरिज लाइफ काफी अच्छी रहेगी.

7. सपोर्ट सिस्टम बनाएं शादी करने के बाद आपका फ्रेंड सर्कल बदल जाता है. शादी के पहले आपके कई मेल-फीमेल फ्रेंड भी होते हैं, लेकिन शादी के बाद आपकी उनके साथ बातचीत कम होने लगती है. इसलिए शादी के पहले ही ऐसा फ्रेंड सर्कल तैयार करें, जिसके साथ शादी के बाद भी आप फैमिली लेकर घूमने जा सकें. ऐसा स्ट्रांग सपोर्ट सिस्टम या फ्रेंड सर्कल काफी जरूरी होता है.

8. ग्रूमिंग पर दें ध्यान अक्सर लोग अपनी ग्रूमिंग पर अधिक ध्यान नहीं देते. हालांकि, सभी को वेल ग्रूम्ड लोग ही पसंद आते हैं, इसलिए समय निकालकर अपनी ग्रूमिंग पर भी कुछ ध्यान दें. ऐसा करने से आपमें कॉन्फिडेंस आएगा, जो कि लंबे समय तक बरकरार रहेगा.

इस अंगूठी को पहनने से बरसती है मां लक्ष्मी की कृपा

Posted: 27 Dec 2021 05:09 AM PST

इस अंगूठी को पहनने से बरसती है मां लक्ष्मी की कृपा

भाग्य कमजोर होने से कई बार मन के अनुकूल सफलता नहीं मिलती है. हर इंसान धनवान नहीं होता है, उसके जीवन में पैसों से जुड़ी समस्याएं आती रहती हैं. पैसों की कमी के कारण जीवनयापन में भी कई प्रकार की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. इसके अलावा कई बार इंसान कर्ज की बोझ से बहुत अधिक परेशान हो जाते हैं. इन सभी प्रकार की परेशानियों को दूर करने के लिए कछुआ का रिंग मददगार हो सकता है. कछुआ का रिंग किस प्रकार परेशानियों से छुटकारा दिलाता है, इसे जानते हैं.
 
मां लक्ष्मी होती हैं खुश 
वास्तु शास्त्र के अनुसार में श्री मेरु यानि कछुआ रिंग बहुत शुभ है. कछुए की अंगूठी इंसान के लिए लाभकारी भी है. इस अंगूठी के प्रभाव से अनेक दोष शांत होते हैं. साथ ही यह रिंग आत्मविश्वास को बढ़ाती है. इसके अलावा इस अंगूठी के प्रभाव से मां लक्ष्मी भी प्रसन्न होकर घर वास करती हैं.
 
धन बढ़ाने में भी मददगार कछुआ का संबंध मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु से है. ऐसे में कछुआ का रिंग पहनने से जीवन में सफलता मिलती है. साथ ही जीवन में सकारात्मकता बनी रहती है. इसके अलावा कछुआ रिंग धन बढ़ाने में भी मददगार साबित हो सकता है. साथ ही घर में बरकत भी रहती है.
 
लव लाइफ और वैवाहिक जीवन में बढ़ता है प्यार कछुए की अंगूठी पति-पत्नी और प्रेमी-प्रेमिकाओं के बीच प्यार बढ़ाता है. साथ ही जिंदगी में खुशहाली आती है. इस अंगूठी को पहनने से मन में बुरे ख्याल नहीं आते हैं. साथ ही नकारात्मक ऊर्जा भी दूर भागती है.

अप्रैल 2022 से पलटेगी कर्क राशि वालों की किस्मत, दो तरफ से होगा धन का आगमन

Posted: 27 Dec 2021 05:04 AM PST

अप्रैल 2022 से पलटेगी कर्क राशि वालों की किस्मत, दो तरफ से होगा धन का आगमन

कर्क राशि के जातकों के लिए यकीनन साल 2022 अच्छा है. धन के मामले में ये साल आपके लिए शुभ रहेगा. धन के स्वामी सूर्य शुक्र के साथ संयोग कर धन की स्थिति अच्छी कर रहे हैं. दो तरफ से धन आगमन होगा. सरकारी योजनाओं से लाभ होगा. तीन महीने स्वास्थ्य की समस्या रहेगी, लेकिन पारिवारिक माहौल अच्छा होगा. नौकरी के योग बनेंगे एवं पदोन्नति की पूरी संभावना है.

ज्योतिषाचार्य डॉ. विनोद बताते हैं कि चन्द्र-मंगल के योग से संतान को लाभ होगा. साल के अंत में व्यवसाय में सफलता मिल सकती है. रोजमर्रा के व्यवहार और घरेलू बातचीत में कुछ बदलाव होंगे. इस साल बृहस्पति कर्क राशि के जातकों को अधिक जवाबदेह और अनुशासित बनाएंगे. साल 2022 की शुरुआत को छोड़ दें तो पूरा साल आपके लिए शुभ फल देने वाला साबित होगा. साल की शुरुआत जनवरी माह में शनि कर्क राशि से सप्तम भाव में होगा. इस वजह से काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है. जब शनि का गोचर कुंभ राशि में होगा तब आपके जीवन में धन को लेकर शानदार बदलाव होंगे.

अनायास धन लाभ के योग अप्रैल से अगस्त तक धन का आगमन चारों तरफ से होगा. आपकी नई योजनाएं एवं प्रोजेक्ट्स सफल होंगे. इस साल आप अच्छा धन एकत्र कर पाएंगे, बचत भी रहेगी और खरीदारी भी खूब होगी. इस साल आप फिर से कार खरीद सकते हैं. नया साल 2022 सकारात्मक बदलाव लेकर आ रहा है. आर्थिक रूप से मजबूती देगा. कमाई के नए रास्ते खुल सकते हैं. कई स्रोतों से आर्थिक लाभ मिलने के प्रबल योग बन रहे हैं. सितारों की चाल और ग्रहों के हाल आपको इस साल धनवान बनाएंगे. लेकिन आपको सही-गलत का ध्यान रखना जरूरी है. अचानक धन लाभ होने के योग भी बन रहे हैं.

ये उपाय करने से होगा लाभ कर्क राशि के जातकों को सोमवार को सफेद रंग के वस्त्र धारण करना चाहिए. साथ ही भोलेनाथ एवं बजरंग बली की आराधना करनी चाहिए. सोमवार का व्रत रहना काफी लाभकारी होगा. मंगल इस राशि के लिए परम कारक ग्रह है. इसलिए मंगल ग्रह को मजबूत करना चाहिए. स्वास्थ्य की दृष्टि से वृहस्पति की उपासना फलदायी होगी.

ऐसे लोगों को जल्दी चपेट में लेगा Omicron! जानें कमजोर इम्युनिटी के खतरनाक लक्षण

Posted: 27 Dec 2021 05:02 AM PST

ऐसे लोगों को जल्दी चपेट में लेगा Omicron! जानें कमजोर इम्युनिटी के खतरनाक लक्षण

Symptoms of Weak Immune System: कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के मामले (covid 19 omicron variant cases) भारत में काफी बढ़ गए हैं. ओमिक्रॉन कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों को सबसे जल्दी शिकार बनाता है और ऐसे लोगों की हालत खराब कर देता है. लेकिन, अगर आपको इम्युनिटी कम होने के इन खतरनाक लक्षणों के बारे में जानकारी है, तो आप समय पर इम्युनिटी बूस्ट करके किसी भी संक्रमण से बच सकते हैं. आइए, शरीर की इम्युनिटी यानी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने के लक्षण जान लेते हैं.

Symptoms of weak immunity: कमजोर इम्युनिटी के खतरनाक लक्षण
वेबएमडी के मुताबिक, जिस व्यक्ति के शरीर की इम्युनिटी कमजोर होती है, उसके अंदर निम्नलिखित लक्षण दिख सकते हैं.

 जैसे- 1. सर्दी-जुकाम या खांसी सर्दी-जुकाम या खांसी होना रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने का सबसे आम लक्षण है. क्योंकि, इम्युनिटी कमजोर होने से शरीर बैक्टीरिया व वायरस के खिलाफ ढंग से लड़ नहीं पाता और बार-बार बीमार पड़ने लगता है. इस बीमारी में सर्दी-जुकाम होना सबसे आम है.

2. ठंडे हाथ रहना एक्सपर्ट्स के मुताबिक, हाथ ठंडे रहने के पीछे कई वजहों में से एक कमजोर इम्यून सिस्टम भी होता है. जिसके कारण नसों में सूजन आ जाती है और उनमें ढंग से ब्लड फ्लो नहीं हो पाता है. ऐसे में स्किन पीली पड़ने लगती है और हाथ ठंडे रहने लगते हैं.

3. पेट की दिक्कतें इम्यून सिस्टम कमजोर होने के कारण पेट से जुड़ी दिक्कतें भी हो सकती हैं. जिन लोगों को लो-इम्युनिटी की परेशानी होती है, उन्हें बार-बार कब्ज, डायरिया, पेट दर्द आदि दिक्कतों से जूझना पड़ सकता है. क्योंकि, शरीर पेट में पहुंचे हानिकारक सूक्ष्मजीवों से ढंग से लड़ नहीं पाता है.

4. थकान रहना इम्युनिटी कम होने के कारण शरीर में हरदम थकावट रहती है. क्योंकि, कमजोर इम्यून सिस्टम कई बार हेल्दी ब्लड सेल्स को नष्ट कर देता है. जिसके कारण शरीर में खून की कमी व एनीमिया हो सकता है. यह खून की कमी सिरदर्द, थकान, सांस फूलने जैसी समस्याओं का कारण बन सकती है.

Immunity booster tips: इम्युनिटी बढ़ाने के आसान तरीके

मायोक्लीनिक के मुताबिक, शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता या इम्युनिटी बढ़ाने के लिए निम्नलिखित टिप्स को जरूर अपनाएं. ताकि ओमिक्रॉन जैसे वायरस से भी बचे रह सकें. वहीं, बच्चों में इम्युनिटी (how to improve immunity in kids) कम होती है, जिस कारण उन्हें भी ये तरीके सीखाएं.

हाथों की साफ-सफाई का ध्यान रखें.
दिन में दो बार दांतों को साफ करें.
ताजे फल व हरी सब्जियां खाएं.
शारीरिक गतिविधि ज्यादा से ज्यादा करें.
पर्याप्त नींद लें.
तनाव मैनेज करें.
बीमार व्यक्तियों से उचित दूरी बनाएं व मास्क, हैंड सैनिंटाइजर जैसे सेफ्टी तरीके अपनाएं.
डॉक्टर से सलाह लेकर जरूरी टीके लगवाएं.

मंडी : PM ने याद की सेपू बड़ी, 5 में से 3 कैलाश हिमाचल में होने का जिक्र

Posted: 27 Dec 2021 04:54 AM PST

मंडी : PM ने याद की सेपू बड़ी, 5 में से 3 कैलाश हिमाचल में होने का जिक्र

करीब 1ः40 बजे मंच पर संबोधन के लिए पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंडियाली में देवी-देवताओं का आशीर्वाद मांगा। साथ ही सेपू बड़ी व बदाना का जिक्र भी किया। शुरूआत में प्रधानमंत्री ने जय राम सरकार को सफलतापूर्वक चार साल पूरे करने पर बधाई दी। उन्होंने जनता को संबोधन में कहा कि इन चार सालों में आपने हिमाचल को तेजी से आगे बढ़ते देखा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले चार सालों मे कोविड से भी लड़ाई लड़ी गई, साथ ही विकास को भी गति दी गई। उन्होंने कहा कि चंबा व सिरमौर में मेडिकल काॅलेज स्थापित किए गए। कनैक्टिीविटी को बढ़ाने के लिए भी प्रयास जारी है। उन्होंने कहा कि विकास की प्रदर्शनियां देखकर मन अभिभूत हो गया। आज चार बड़े हाइड्रो इलैक्ट्रिकल प्रोजैक्टस के शिलान्यास व उदघाटन किए। इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

पीएम ने कहा कि श्री रेणुका जी हमारी आस्था का केंद्र है। भगवान परशुराम की इस भूमि से देश के लिए एक जलधारा निकलेगी। इस परियोजना से जो भी आय होगी, उसका बड़ा हिस्सा भी यहीं के विकास पर खर्च होगा। प्रधानमंत्री ने क


हा कि लोगों की जीवन शैली में सुधार लाने में बिजली की अहम भूमिका है। उन्होंने कहा कि बिजली के बगैर मोबाइल भी चार्ज नहीं हो सकता।

उन्होंने कहा कि पूरा विश्व इस बात की तारीफ कर रहा है कि कैसे भारत पर्यावरण को बचाकर विकास को नई गति प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि देश आज रिन्यूएबल एनर्जी के दोहन का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि 2016 में ये लक्ष्य रखा था कि 2030 तक बिजली की 40 फीसदी खपत को रिन्यूएबल एनर्जी से प्राप्त कर लिया जाएगा। खुशी की बात है इसे नवंबर में पूरा कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि सिंगल यूज प्लास्टिक को लेकर भी सरकार गंभीर है। प्रधानमंत्री ने हिमाचल आने वाले पर्यटकों से भी आग्रह किया कि हिमाचल को स्वच्छ रखने में भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि हिमाचल में टूरिज्म के साथ-साथ औद्योगिक विस्तार की भी आपार संभावनाएं हैं। सरकार इस दिशा में भी कार्य कर रही है।

पीएम ने कहा कि हिमाचल में फूड प्रोसेसिंग औद्योगिक इकाईयों की भी प्रबल संभावनाएं हैं। इसको लेकर भी डबल इंजन की सरकार निरंतर कार्य कर रही है। केमिकल मुक्त कृषि उत्पाद आज विशेष आकर्षण का केंद्र बन रहे है। हिमाचल ने प्राकृतिक खेती का रास्ता चुना है, जो खुशी की बात है। हिमाचल के किसान कैमिकलमुक्त खेती की और अग्रसर हैं। उन्होंने देश भर के किसानों को हिमाचल की तर्ज पर कार्य करने का आह्वान किया।

संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि हिमाचल वीरों की धरती है, अनुशासन की धरती है। यहां के घर-घर में देश की रक्षा करने वाले बेटे-बेटियां हैं। पूर्व फौजियों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि वन रैंक-वन पैंशन को भी मंजूरी दी। उन्होंने कहा कि पंच पर्यटन व तीर्थाटन का एक संगम है। पांच कैलाशों में से तीन हिमाचल में हैं। इसके अलावा भी कई शक्तिपीठ हैं।प्रधानमंत्री ने कहा कि इस समय देश आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है तो हिमाचल पूर्ण राज्यत्व दिवस की स्वर्ण जयंती मना रहा है। लिहाजा, ये समय कुछ खास करने का है।प्रधानमंत्री ने भारत माता की जयघोष के साथ अपना संबोधन समाप्त किया।

उन्होंने कहा कि मंडी देवभूमि का एक ऐसा स्थान है, जिसे छोटी काशी कहा जाता है। उन्होंने कहा कि बड़ी काशी के सांसद आप है। उन्होंने कहा कि हाल ही मे व्यक्तिगत तौर पर काशी का बदला हुआ रूप देखा है। सीएम ने कहा कि पड्डल मैदान से उनकी काॅलेज की यादें जुड़ी हुई हैं।

मोदी ने बढ़ाया जयराम ठाकुर का कद…


रैली के दौरान उप चुनाव हारने की कोई टीस नहीं थी। करीब 35 से 40 मिनट के संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई मर्तबा जयराम सरकार का जिक्र किया। प्रधानमंत्री ने सीएम के अभिभाषण की कई बातों का समर्थन भी किया। रैली में साफ तौर पर ये जाहिर हुआ कि प्रधानमंत्री व केंद्रीय आलाकमान की हिमाचल के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर पर पूरी अनुकंपा है। प्रधानमंत्री बार-बार जयराम सरकार को डबल इंजन वाली सरकार कहकर संबोधित करते रहे।

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