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- वन और जंगल में क्या अंतर है, इंग्लिश में तो दोनों को फॉरेस्ट कहते हैं- GK in Hindi
- CM Sir, रिटायर कर्मचारियों के भुगतान 10 किस्तों में कीजिए, सब का फायदा होगा- Khula Khat
- MP TET VARG 3 TOPIC- एडवर्ड ली थार्नडाइक का त्रुटि और प्रयास का सिद्धांत
- INDORE LOCAL HOLIDAY 2022- इंदौर के स्थानीय अवकाश घोषित
- MPPSC Admit Card- डेंटल सर्जन 2019 एवं असिस्टेंट डायरेक्टर 2021 परीक्षा के लिए
- MPPSC 2020 RESULT- राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम यहां देखें
- MPPSC 2020 RESULT- राज्य वन सेवा प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम यहां देखें
- कोर्ट धारा में परिवर्तन के बाद गवाहों को बयान के लिए दोबारा बुला सकता है या नहीं - CrPC section 217
- मध्य प्रदेश के सभी आंगनबाड़ी केंद्र बंद, शासन का आदेश जारी
- MP NEWS- स्कूल बंद लेकिन पढाई चालू रहेगी, शिक्षकों के लिए गाइडलाइन जारी
- Government jobs- इंडियन ऑयल द्वारा 6 राज्यों में भर्ती
- MP NEWS- भिंड के भदौरिया दंपति की भोपाल पुलिस को तलाश
- GWALIOR NEWS- मधु ब्लैकमेल कर रही थी इसलिए मार डाला, गिरफ्तार बिल्डर का बयान
- MP NEWS- तहसीलदारों की भर्ती नहीं होगी, अधीक्षक भू-अभिलेख को अधिकार देंगे
- MP NEWS- शिवराज सिंह से लिपट कर रोने वाली महिला को कलेक्टर ने 50000 दिए
- INDORE NEWS- डॉक्टर पर आरोप, कर्मचारियों को बुलाकर ठेले वाले को पिटवाया
- MP WEATHER FORECAST- 26 जिलों में सीवियर कोल्ड डे की चेतावनी, 15 जिलों में घना कोहरा
- JABALPUR NEWS- ट्रेन आते ही पटरी पर गर्दन रख दी, ऐसी कौन सी तकलीफ थी जो इतनी दर्दनाक मौत चुनी
- MP NEWS- मुख्यमंत्री ने दो अधिकारी सस्पेंड किए, राजगढ़ मध्य प्रदेश में हुई कार्रवाई
- MP NEWS- कलेक्टर को अंधा बताने वाले एसडीओ सस्पेंड, ऑडियो वायरल हुआ था
- GWALIOR में सिंधिया सरकार- भोपाल से आए ADG को ज्वाइन ही नहीं करने दिया
- MP CORONA NEWS- 19 साल के लड़के की मौत जबकि मंत्री जी 24 घंटे में स्वस्थ
| वन और जंगल में क्या अंतर है, इंग्लिश में तो दोनों को फॉरेस्ट कहते हैं- GK in Hindi Posted: 15 Jan 2022 01:43 PM PST डिक्शनरी में FOREST को हिंदी में 'जंगल" और पर्यायवाची शब्द 'वन' बताया गया है। सवाल यह है कि जब दोनों शब्द हिंदी भाषा के हैं तो फिर 2 शब्दों का उपयोग क्यों किया गया है। आइए पता लगाते हैं कि वन और जंगल में क्या अंतर है। यदि आप गूगल ट्रांसलेटर का उपयोग करते हैं तो इंग्लिश टू हिंदी में FOREST का हिंदी 'जंगल' प्रदर्शित होगा और पर्यायवाची शब्द के रूप में 'वन' दिखाई देगा परंतु यदि गूगल ट्रांसलेटर को हिंदी टू इंग्लिश कर दिया जाए तब बात बदल जाती है। जंगल का इंग्लिश jungle प्रदर्शित किया जाता है जबकि वन का इंग्लिश Forest बताया जाता है। कुल मिलाकर एक बात स्पष्ट है कि जंगल और वन एक ही चीज नहीं है। दो अलग-अलग बातें हैं जो एक जैसी नजर आतीं हैं। जंगल किसे कहते हैंअब अपनी व्याकरण की बात करें तो जंगल को जङ्गल कहां जाएगा। अतः जङ्गल को समझने के लिए गल को समझना होगा। इस धातु के दो अर्थ है, आहार करना (खाना) तथा स्त्रावित होना, रिसना, अथवा द्रवित होना। यानी कि एक ऐसा स्थान जो मनुष्यों के लिए उपयुक्त नहीं है। इस स्थान पर घने वृक्ष हो सकते हैं। बीहड़ हो सकते हैं या फिर रेगिस्तान भी हो सकता है। कच्छ के रण को भी हिंदी साहित्य में जङ्गल बताया गया है। वन किसे कहते हैंवन (वन्-अच्) ऐसा स्थान है जो आश्रय देता हो, इसके अतिरिक्त वन् का सम्बन्ध पानी से भी है। वन कि तात्पर्य को समझने के लिए हिंदी व्याकरण में वन् धातु को समझने की आवश्यकता है। यह एक ऐसा स्थान है जिसे व्यवस्थित किया गया है। पेड़ यहां भी हैं परंतु वनस्पति है। उन्हें योजनाबद्ध तरीके से रोहित किया गया है। यह एक ऐसा क्षेत्र है जो मनुष्यों के उपचार और कल्याण के लिए सर्वोत्तम उपयोगिता रखता है। यहां पर रहने वाले लोगों को वनवासी कहते हैं। वन और जंगल में अंतर- सरल शब्दों में समझिएजंगल एक ऐसा स्थान है जहां प्राकृतिक रूप से कुछ ऐसी संरचना (पेड़ पौधे, झाड़, हिंसक जानवर, पहाड़, जल संरचनाएं, रेगिस्तान, दलदल, बीहड़ इत्यादि) है, जो मनुष्य के लिए खतरनाक हो सकते हैं। जबकि वन एक ऐसा स्थान है जहां पर मनुष्य के लिए उपयोगी वृक्षों ((फल एवं जड़ी बूटी और ऑक्सीजन उत्सर्जित करने वाले वृक्ष)) को योजनाबद्ध तरीके से रोपित किया गया है। यह व्यवस्थित है और इसके पोषण के लिए जल संरचनाएं बनाई गई हैं। देखभाल के लिए वनवासी नियुक्त किए गए हैं। सरकारी दस्तावेजों में भी फॉरेस्ट डिपार्टमेंट को हिंदी में वन विभाग कहते हैं। जंगल विभाग नहीं कहते। कुल मिलाकर, जंगल एक भीड़ है जिसमें साधु और डाकू कुछ भी हो सकते हैं और वन सिपाहियों की परेड है जो अनुशासन और सुरक्षा की गारंटी है। Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article :- यदि आपके पास भी हैं कोई मजेदार एवं आमजनों के लिए उपयोगी जानकारी तो कृपया हमें ईमेल करें। editorbhopalsamachar@gmail.com (general knowledge in hindi, gk questions, gk questions in hindi, gk in hindi, general knowledge questions with answers, gk questions for kids, ) |
| CM Sir, रिटायर कर्मचारियों के भुगतान 10 किस्तों में कीजिए, सब का फायदा होगा- Khula Khat Posted: 15 Jan 2022 12:48 PM PST माननीय, आपके सम्मुख तमाम आईएएस एवं आर्थिक सलाहकार ने वित्तीय संकट का पिटारा खोल कर रख दिया गया होगा कि मध्यप्रदेश शासन की आर्थिक स्थिति अभी ठीक नही हैं। जिस कारण रिटायरमेन्ट आयु में वृद्धि के आदेश जारी करना पड़ा। जिसका सीधा आर्थिक लाभ प्रथम क्लास और द्वतीय क्लास को अधिक हुआ। जिनको आज भारी भरकम पगार मिल रही हैं जो राज्य एवं भारत की अर्थव्यवस्था को प्रभावित करती हैं। जिस कारण आज महंगाई चरम पर है। रिटायरमेंट की आयु में पूर्व की भाँति 58-60 वर्ष प्रत्येक विभाग में करते हुये रिटायरमेंट की आयु कम की जाये। जिस कारण अधिक संख्या में शासकीय सेवक रिटायर होंगे और युवा बेरोजगार वर्ग के एक बड़े समूह को लाभ होगा। युवा पीढ़ी आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के निर्माण में प्रति माह कम आर्थिक लाभ में अपनी सेवा देंगे। रिटायरमेंट होने वाले शासकीय सेवक को उसकी जमा पूँजी की राशि को शासन एक मुश्त न देते हुये उस के बुढ़ापे को सुरक्षा प्रदान करते हुये यदि कुल भुगतान होने वाली राशि को एक समान बराबर-बराबर किस्तो में 1 से लेकर 10 वर्षो तक राशि का भुगतान किया जाये, यदि इस दौरान कोई दुःखद घटना घटित होती हैं तो शेष बची राशि का भुगतान नामनी को किया जाये। जिससे बुढापे में परिवार जन के साथ 10 वर्ष तक के सुरक्षित जीवन की गारंटी एवं सुरक्षा प्राप्त होगी और वृद्ध जन का वृद्धावस्था में वृद्धाश्रम की ओर पलायन कम होगा एवं राज्य शासन पर कम आर्थिक बोझ पड़ेगा। ✒ राजकुमार अहिरवार इससे पूर्व प्रकाशित हुए खुले खत पढ़ने के लिए कृपया Khula Khat पर क्लिक करें. खुला खत एक ओपन प्लेटफार्म है। यहां मध्य प्रदेश के सभी जागरूक नागरिक सरकारी नीतियों की समीक्षा करते हैं। सुझाव देते हैं एवं समस्याओं की जानकारी देते हैं। यदि आपके पास भी है कुछ ऐसा जो मध्य प्रदेश के हित में हो, तो कृपया लिख भेजिए हमारा ई-पता है:- editorbhopalsamachar@gmail.com |
| MP TET VARG 3 TOPIC- एडवर्ड ली थार्नडाइक का त्रुटि और प्रयास का सिद्धांत Posted: 15 Jan 2022 12:13 PM PST Edward Lee Thorndike's trial and Error theoryथार्नडाइक जो कि एक अमेरिकन मनोवैज्ञानिक थे। इन्होंने शैक्षिक मनोविज्ञान में काफी काम किया। इस कारण इन्हें शैक्षिक मनोविज्ञान (Educational Psychology) का जनक कहा जाता है। उन्होंने अपने सीखने के सिद्धांत में बताया कि सीखना, उद्दीपक (Stimuli) और अनुक्रिया (Response) के बीच का संबंध है। इसलिए इसे उद्दीपक -अनुक्रिया सिद्धांत (S-R Theory) भी कहा जाता है। उन्होंने बिल्ली पर प्रयोग किए और व्यवहारवाद के वास्तविक S-R फ्रेमवर्क के संबंध को बताया। उन्होंने बहुत से एनिमल्स जैसे - चूज़े, चूहे, कबूतर पर प्रयोग किए परंतु बिल्ली पर किये गए प्रयोग सबसे अधिक प्रसिद्ध हैं। थार्नडाईक त्रुटि और प्रयास का सिद्धांत - Trial and Error theory of Thorndike1. उन्होंने अपने प्रयोग में एक भूखी बिल्ली को एक पजल बॉक्स या पिंजरे या केज के अंदर रखा और फिश को बॉक्स के बाहर रख दिया। 2. फिश की स्मेल के कारण के कारण कैट को अभीप्रेरणा (Motivation) मिली। 3. अब बिल्ली बार-बार बॉक्स से बाहर आने की कोशिश करने लगी। 4. और एक बार अचानक गलती से उससे पिंजरे का गेट खुल गया। 5. यह प्रयोग बार-बार किया गया, जिससे कि कोई निष्कर्ष निकाला जा सके। 6. इस तरह से कैट की कंडीशनिंग हो गई। 7. इसके बाद बिल्ली ने कम प्रयास करके ही पिंजरे का गेट खोल लिया और फटाफट बाहर आ गई। इस पूरे प्रयोग में कैट -सब्जेक्ट है फिश- स्टिमुलस स्मैल्-मोटिवेशन है हंगर -ड्राइव है इस प्रयोग के अनुसार यदि कैट भूखी नहीं होती तो उसको स्मेल के होने ना होने से कोई फर्क नहीं पड़ता और वह अपने प्रयास नहीं करती इसलिए किसी भी काम को करने के लिए ड्राइव का होना जरूरी है। जैसे यदि हम किसी एग्जाम की तैयारी कर रहे हैं तो हमारे लिए वह कितना इंपॉर्टेंस रखता है, हमें यह पता होना जरूरी है, फिर हमें उस दिशा में प्रयास करना भी जरूरी है और जब बार-बार प्रयास करेंगे, कई बार असफलता मिलेगी और कभी ना कभी सफलता भी जरूर मिलेगी यही Trial and Error का सिद्धांत है। सीखने के नियम - Laws of Learningअपने इसी त्रुटि और प्रयास के सिद्धांत के आधार पर थोर्नडाइक ने सीखने के दो नियम दिए जिन्हें दो भागों में बांटा जा सकता है। 1) सीखने के प्राथमिक नियम (Primary Laws of Learning) 2) सीखने के द्वितीयक नियम या गौण (Secondary Law of Learning) सीखने के प्राथमिक नियम (Primary Laws of Learning)A) तत्परता का नियम (Laws of Readiness)- इस नियम के अनुसार जब तक आप सीखने के लिए तत्पर नहीं होंगे तब तक कुछ भी नहीं सीखा जा सकता। इसके अलावा मेंटल, फिजिकल, कॉग्निटिव, मोरल, सोशल, इकनोमिकल, हर प्रकार की स्थिति सीखने को प्रभावित करती है परंतु इस सबसे महत्वपूर्ण है रुचि या इंटरेस्ट इसीलिए बच्चों यदि उनकी उनकी रूचि के अनुसार सिखाया जाए तो वे आसानी से सीखते हैं। B) प्रयास का नियम - Law of Practice जैसे कि एक कहावत है" करत-करत अभ्यास के जड़मति होत सुजान" (practice makes a man or a woman Perfect) यदि हम बार-बार प्रयास करते रहते हैं तो एक ना एक दिन हम उस काम को करने में सफल हो ही जाते हैं। इसी कारण फ्लो बनने के लिए, practice जरूरी है। इसीलिए किसी भी बड़े लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए रोज का टाइम टेबल फॉलो करना सबसे ज्यादा जरूरी है। इसके अलावा प्रैक्टिस में उपयोग और अनुपयोग भी बहुत प्रभाव डालते हैं। यदि हम रोज कोई काम करेंगे तो करते-करते आ ही जाएगा परंतु जब हम उसका उपयोग नहीं करेंगे तो कुछ समय बाद उसको करना भूल भी सकते हैं। C) प्रभाव का नियम (Law of Effect) - अगर आप पर किसी चीज का पॉजिटिव प्रभाव पड़ा है तो आप उसको प्राप्त करने की कोशिश जरूर करेंगे परंतु यदि आपके ऊपर नेगेटिव प्रभाव पड़ा है तो आप उससे दूर जाएंगे। इसी प्रकार बच्चों के संबंध में शिक्षक और सिलेबस यदि पॉजिटिव प्रभाव डालेंगे तो बच्चे पढ़ने में रुचि लेंगे और तत्परता के नियम से जल्दी ही सीख जाएंगे। 2) सीखने के द्वितीयक नियम (Secondary Laws of Learning) - यह प्राथमिक नियमों से ही प्रभावित होकर बने हैं। इनमें मुख्य रूप से प्रधानता का नियम, तत्कालता का नियम, उद्दीपक की तीव्रता का नियम, बहुअनुक्रिया का नियम, समानता एवं समायोजन का नियम, मनोवृति का नियम, संलग्नता का नियम, सहलग्नता का नियम,आंशिक क्रिया का नियम आदि आते हैं परंतु शैक्षिक मनोविज्ञान की दृष्टि से प्राथमिक नियम ज्यादा महत्वपूर्ण हैं, यदि बच्चा प्राथमिक नियम सीख जाता है तो वह द्वितीयक नियम तो सीख ही जाता है। थार्नडाइक के नियम का शैक्षिक मनोविज्ञान में उपयोग - Use of Thorndike's Principle in Educational Psychology1. इसके अनुसार बार-बार बच्चों को प्रैक्टिस के लिए होमवर्क देने से उनको सीखने में आसानी होती है। 2. बार-बार रिवीजन(पुनरअभ्यास) करने से उनका अधिगम मजबूत होता है। 3. एक-एक करके सिखाने से से बच्चों को Recall करने में आसानी होती है। 4. इसीलिए पाठ्यक्रम में चैप्टर वाइज सिलेबस को बांटा गया है। 5. बच्चों के सीखने के लिए उनके शुरुआती साल काफी महत्वपूर्ण होते हैं, इसलिए प्राथमिक स्तर से ही बच्चों की रुचि का विशेष ध्यान रखना चाहिए। थार्नडाइक के सिद्धांत की आलोचनायें - Criticism of Thorndike's Principle1. प्रयास एवं त्रुटि के सिद्धांत के अनुसार इसमें समय बहुत अधिक लग जाता है। 2. इस सिद्धांत में रटने(Rote Learning) पर बल दिया गया है। 3. कई व्यवहारवादियों(Behaviourist)ने इसकी आलोचना की। 4. दंड एवं पुरस्कार पर बराबर बल दिया गया। 5. सीखने की गति धीमी होती है परंतु जब सफलता मिलती है तो अचानक ही मिल जाती है। मध्य प्रदेश प्राथमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा के इंपोर्टेंट नोट्स के लिए कृपया mp tet varg 3 notes in hindi पर क्लिक करें. |
| INDORE LOCAL HOLIDAY 2022- इंदौर के स्थानीय अवकाश घोषित Posted: 15 Jan 2022 11:54 AM PST इंदौर मध्यप्रदेश के कलेक्टर श्री मनीष सिंह ने इंदौर जिले के लिए स्थानीय अवकाश घोषित कर दिए हैं। यह अवकाश केवल इंदौर के लिए विशेष रूप से घोषित किए गए हैं। इनके अलावा शेष सभी शासकीय अवकाश (mp government holidays 2022) पूर्व में घोषित किए जा चुके हैं। इंदौर 2022 में लोकल छुट्टियांरंग पंचमी दिनांक 22 मार्च 2022 अहिल्या उत्सव अर्ध दिवस 26 अगस्त 2022 श्री गणेश चतुर्थी 31 अगस्त 2022 श्री गोवर्धन पूजा दीपावली के दूसरे दिन 25 अक्टूबर 2022 कलेक्टर द्वारा घोषित किया गया है कि उपरोक्त सभी अवकाश बैंक एवं कोषालय पर लागू नहीं होंगे। दिनांक 26 अगस्त 2022 शुक्रवार को अहिल्या उत्सव होने के कारण सरकारी कार्यालय का समय सुबह 10:00 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक रहेगा। लंच के बाद सरकारी कार्यालयों में कामकाज नहीं होगा। कर्मचारियों को उत्सव में शामिल होने के लिए छुट्टी दी गई है। इंदौर की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया indore news पर क्लिक करें. |
| MPPSC Admit Card- डेंटल सर्जन 2019 एवं असिस्टेंट डायरेक्टर 2021 परीक्षा के लिए Posted: 15 Jan 2022 11:39 AM PST MP Public Service Commission (मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग) द्वारा Assistant Director Examination 2021 for Department of Social Justice and Disabled Welfare और Dental Surgeon Examination 2019 के लिए प्रवेश पत्र जारी कर दिए हैं। HOW TO DOWNLOAD MPPSC ADMIT CARDसबसे पहले एमपीपीएससी की ऑफिशल वेबसाइट mppsc.nic.in ओपन करें। कंप्यूटर अथवा लैपटॉप पर आप के राइट हैंड साइड Download - Admit card दिखाई देगा, क्लिक करें। Admit Card वाला पेज ओपन हो जाएगा। सामाजिक न्याय तथा निःशक्तजन कल्याण विभाग -मध्य प्रदेश शासन हेतु सहायक संचालक संवर्ग के रिक्त पदों की पूर्ति हेतु परीक्षा 2021 वाले उम्मीदवार अपने विकल्प के सामने Link पर क्लिक करें। मध्य प्रदेश कर्मचारी राज्य बीमा सेवा,श्रम विभाग ,मंत्रालय ,मध्य प्रदेश शासन हेतु डेंटल सर्जन के पदों की पूर्ति हेतु परीक्षा 2019 वाले उम्मीदवार अपने विकल्प के सामने Link पर क्लिक करें। अपना एप्लीकेशन नंबर सबमिट करें। अपनी डेट ऑफ बर्थ सबमिट करें। वेरिफिकेशन के लिए एक सरल प्रश्न का उत्तर सबमिट करें। आपका एडमिट कार्ड आपके सामने है, कृपया डाउनलोड करके देखें। अपना प्रवेश पत्र अभी डाउनलोड कर ले। लास्ट डेट का इंतजार ना करें। उच्च शिक्षा, सरकारी और प्राइवेट नौकरी एवं करियर से जुड़ी खबरों और अपडेट के लिए कृपया MP Career News पर क्लिक करें. |
| MPPSC 2020 RESULT- राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम यहां देखें Posted: 15 Jan 2022 11:30 AM PST M.P. Public Service Commission (मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग) द्वारा राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2020 का रिजल्ट घोषित कर दिया गया है। ऑफिशियल वेबसाइट से MPPSC RESLUT PDF FILE DOWNLOAD की जा सकती है। इसकी डायरेक्ट लिंक हमने भी उपलब्ध कराई है। MPPSC civil service examination 2020 resultयह परीक्षा कुल 260 रिक्त पदों के लिए दिनांक 25 जुलाई 2021 को मध्य प्रदेश के सभी 52 जिला मुख्यालयों पर आयोजित की गई थी। एमपीपीएससी की ओर से बताया गया है कि सामान्य प्रशासन विभाग मध्य प्रदेश शासन के पत्र दिनांक 15 दिसंबर 2020 के परिपालन में अनारक्षित श्रेणी के पदों को 40% मान्य करते हुए एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण का प्रतिशत यथावत रखते हुए राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2020 का परिणाम घोषित किया गया है। MPPSC State Service Preliminary Examination 2020 RESULTउपरोक्त अनुसार प्रारंभिक परीक्षा में से मुख्य परीक्षा हेतु 20 गुना समान अंक प्राप्त प्राविधिक रूप से आरता रखने वाले कुल 7711 अभ्यर्थियों की श्रेणी वार सूची जारी की गई है। मुख्य परीक्षा हेतु चयनित उम्मीदवारों की आरक्षण सूची इस प्रकार है:- अनारक्षित 2597 अनुसूचित जाति 742 अनुसूची जनजाति 1316 अन्य पिछड़ा वर्ग 2380 आर्थिक कमजोर वर्ग 676 कुल योग 7711 MPPSC 2020- Category wise minimum cut off marksअनारक्षित- ओपन 140 फीमेल 138 अनुसूचित जाति- ओपन 130 फीमेल 128 अनुसूचित जनजाति- ओपन 120 महिला 118 अन्य पिछड़ा वर्ग- ओपन 132 महिला 130 आर्थिक कमजोर- ओपन 132 महिला 130 उच्च शिक्षा, सरकारी और प्राइवेट नौकरी एवं करियर से जुड़ी खबरों और अपडेट के लिए कृपया MP Career News पर क्लिक करें. |
| MPPSC 2020 RESULT- राज्य वन सेवा प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम यहां देखें Posted: 15 Jan 2022 11:26 AM PST M.P. Public Service Commission (मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग) द्वारा राज्य वन सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2020 का रिजल्ट घोषित कर दिया गया है। ऑफिशियल वेबसाइट से MPPSC RESLUT PDF FILE DOWNLOAD की जा सकती है। इसकी डायरेक्ट लिंक हमने भी उपलब्ध कराई है। MPPSC forest service examination 2020 resultएमपीपीएससी राज्य वन सेवा प्रारंभिक परीक्षा कुल 111 रिक्त पदों के लिए दिनांक 25 जुलाई 2021 को मध्य प्रदेश के सभी 52 जिला मुख्यालयों पर आयोजित की गई थी। एमपीपीएससी की ओर से बताया गया है कि सामान्य प्रशासन विभाग मध्य प्रदेश शासन के पत्र दिनांक 15 दिसंबर 2020 के परिपालन में अनारक्षित श्रेणी के पदों को 40% मान्य करते हुए एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण का प्रतिशत यथावत रखते हुए राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2020 का परिणाम घोषित किया गया है। MPPSC State Forest Service Preliminary Examination 2020 RESUTL and Cut Off Marks उपरोक्त अनुसार प्रारंभिक परीक्षा में से मुख्य परीक्षा हेतु 20 गुना समान अंक प्राप्त प्राविधिक रूप से आरता रखने वाले कुल 3129 अभ्यर्थियों की श्रेणी वार सूची जारी की गई है। मुख्य परीक्षा हेतु चयनित उम्मीदवारों की आरक्षण सूची इस प्रकार है:- अनारक्षित 1741 अनुसूचित जाति 268 अनुसूची जनजाति 157 अन्य पिछड़ा वर्ग 698 आर्थिक कमजोर वर्ग 265 कुल योग 3129 MPPSC 2020 forest- Category wise minimum cut off marksअनारक्षित 262 अनुसूचित जाति 248 अनुसूचित जनजाति 242 अन्य पिछड़ा वर्ग 254 आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग 254 उच्च शिक्षा, सरकारी और प्राइवेट नौकरी एवं करियर से जुड़ी खबरों और अपडेट के लिए कृपया MP Career News पर क्लिक करें. |
| कोर्ट धारा में परिवर्तन के बाद गवाहों को बयान के लिए दोबारा बुला सकता है या नहीं - CrPC section 217 Posted: 15 Jan 2022 01:43 PM PST दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 216 में हमने आपको बताया था कि न्यायालय कुछ शर्तों के अनुसार चार्जशीट में दर्ज धाराओं में परिवर्तन या परिवर्धित (जोड़ना) कर सकता है। ऐसे परिवर्तन के होने के बाद क्या न्यायालय पूर्व के साक्षियों को दोबारा बुलवाएगा या नई धाराओं के अपराध के साथ नए साक्षियों को भी बुलवा सकता है, जानते हैं इनका जबाब आज के लेख में। दण्ड प्रक्रिया संहिता,1973 की धारा 217 की परिभाषा:-• जब न्यायालय द्वारा आरोपी की किसी भी अपराध की धाराओ में बदलाव या जुड़ाव अर्थात परिवर्तन किया जाता है तब आरोपी के साक्षियो एवं पीड़ित व्यक्ति के साक्षियो को न्यायालय पुनः समन द्वारा गवाही के लिए बुलावा सकता है एवं पुनः परीक्षा करवा सकता है। • न्यायालय को अगर लगता है कि पुराने साक्षियो के अतिरिक्त नए साक्षियो को गवाही के लिए बुलवाना आवश्यक है तो वह किसी भी अन्य नए साक्षियो की भी न्यायालय में बुलवा कर बयान या कथन ले सकता है। अर्थात न्यायालय द्वारा आरोपो की धाराओ में परिवर्तन होने के बाद साक्षियो की गवाही में भी बदलाव हो सकता है।एवं पुनः नए बयान,कथन दर्ज किए जा सकते हैं। :- लेखक बी. आर. अहिरवार (पत्रकार एवं लॉ छात्र होशंगाबाद) 9827737665 | (Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article) इसी प्रकार की कानूनी जानकारियां पढ़िए, यदि आपके पास भी हैं कोई मजेदार एवं आमजनों के लिए उपयोगी जानकारी तो कृपया हमें ईमेल करें। editorbhopalsamachar@gmail.com |
| मध्य प्रदेश के सभी आंगनबाड़ी केंद्र बंद, शासन का आदेश जारी Posted: 15 Jan 2022 11:14 AM PST मध्य प्रदेश शासन के संचालनालय महिला एवं बाल विकास द्वारा दिनांक 15 जनवरी 2022 को आदेश क्रमांक 3568 के माध्यम से सभी कलेक्टरों को सूचित किया है कि मध्य प्रदेश के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन दिनांक 31 जनवरी 2022 तक के लिए स्थगित कर दिया जाए। संचालनालय महिला एवं बाल विकास मध्य प्रदेश द्वारा बताया गया है कि कोरोनावायरस के संक्रमण की स्थिति को देखते हुए आंगनवाड़ी केंद्रों का संचालन दिनांक 31 जनवरी 2022 तक स्थगित किया जाता है। इस अवधि में गर्व पके भोजन के स्थान पर पूर्व निर्देशानुसार ready-to-eat पूरक पोषण आहार का वितरण किया जाएगा तथा टेक होम राशन पात्र हितग्राहियों को उनके घर पर उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अतिरिक्त आंगनवाड़ी केंद्र द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली अन्य आवश्यक सेवाएं यथावत रहेंगी। यह आदेश डॉ राम राव भोसले संचालक महिला एवं बाल विकास मध्य प्रदेश द्वारा जारी किया गया। उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश शासन के चिकित्सा विभाग ने फरवरी के महीने में संक्रमण की दर सबसे ज्यादा होने की संभावना व्यक्त की है। मध्य प्रदेश की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया mp news पर क्लिक करें |
| MP NEWS- स्कूल बंद लेकिन पढाई चालू रहेगी, शिक्षकों के लिए गाइडलाइन जारी Posted: 15 Jan 2022 11:14 AM PST मध्यप्रदेश के स्कूल स्टूडेंट्स का दैनिक रुटीन सोमवार, 17 जनवरी से कुछ बदला बदला सा होगा। उनके स्कूल तो बंद रहेंगे पर उनके घर का एक हिस्सा ही उनका स्कूल बन जायेगा। घर के बड़े उनके मेंटर्स की भूमिका में होंगे तो पढाई के टिप्स उन्हें रेडियो और वाट्सएप से प्राप्त होंगे। हमारा घर हमारा विद्यालय फिर से शुरू हो रहा है। संचालक राज्य शिक्षा केन्द्र श्री धनराजू एस ने बताया कि, दरअसल कोविड-19 बीमारी से बच्चों सुरक्षा की दृष्टि से शासन ने एक बार पुनः कक्षा 1 से 12 के स्कूलों को बंद रखने का निर्णय लिया है। पर विद्यार्थियों की पढाई की निरन्तरता भी आवश्यक है इस दृष्टि से गृह आधारित शिक्षा की भी व्यवस्था पुनः प्रारंभ की गई है। दिनांक 17.01.2022 से हमारा घर हमारा विद्यालय कार्यक्रम पुनः प्रारम्भ किया जा रहा है। इसमें पूर्व की भाँति प्रतिदिन एवं नियमित अध्ययन हेतु घर में ही शाला जैसा वातावरण निर्मित कर शैक्षिक गतिविधियों संचालित की जाएंगी। साथ ही विद्यार्थी अपने घर के वातावरण, परिवेश, परिवार के बड़े-बुजुर्गों, वरिष्ठ शाला/कॉलेज में अध्ययनरत बडे भाई-बहन के सहयोग से घर पर ही रहकर पढ़ाई करेगें। इसमें बच्चे के पास सीखने के स्त्रोत के रूप में उपलब्ध रेडियो, पाठ्यपुस्तक एवं अभ्यास पुस्तिका के आधार पर लर्निंग पैकेज तैयार किया गया है। ''हमारा घर-हमारा विद्यालय'' के तहत प्रारंभिक कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए ''रेडियो स्कूल'' का प्रसारण सोमवार से शनिवार प्रातः 11 से दोपहर 12 बजे के मध्य प्रसारित होगा। जिसे आकाशवाणी और विविध भारती के प्रदेश स्थित सभी प्रसारण केन्द्र एक साथ रिले करेंगे। साथ ही डिजीलेप वाट्सएप समूहों के माध्यम से भी शैक्षिक सामगी प्रदाय की जायेगी। इसके साथ ही विद्यार्थी अपने घरों पर ही एटग्रेड अभ्यास पुस्तिका पर भी कार्य करेंगे। प्रतिदिन परिवार के बड़े सदस्य प्रातः 10 बजे घंटी/थाली बजाकर विद्यालयीन कार्य प्रारंभ करेंगे। 10 से 11 बजे के मध्य विद्यार्थी डिजीलेप वाट्सण्प ग्रुप्स पर प्राप्त शैक्षिक गतिविधियों को देखकर अध्ययन एवं अभ्यास करेंगे। 11 से 12 ''रेडियो स्कूल'' प्रसारण को सुनेंगे एवं तत्तसंबधी गतिविधियां करेंगे। तत्तपश्चात दोपहर 12 से 1 के मध्य एटग्रेड अभ्यास पुस्तिका पर कार्य करेंगे। इन सभी कार्यो की मॉनिटरिंग संबंधित विद्यालय के शिक्षक करेंगे। संचालक राज्य शिक्षा केन्द्र श्री धनराजू एस ने इस संबंध में विस्तृत निर्देश सभी जिला कलेक्टर्स को प्रेषित किए हैं। उन्होंने विद्यार्थियों के अभिभावकों एवं उनके परिवार के बडे सदस्यों से अपेक्षा की है कि, इस दौरान विद्यार्थियों को सहयोग करें एवं उन्हें घर में भी शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराएं। परिवार के सदस्यों की भूमिका • शिक्षा का स्थान / कोना निर्धारित समय पर बच्चों का घर में लिखने-पढ़ने के लिए एक स्थान नियत करेंगे और निर्धारित विषय का कार्य करने हेतु प्रेरित करेंगे। • बच्चों को आवश्यक स्टेशनरी सुबह 10 से दोपहर 1 बजे गतिविधि के अनुसार यथासंभव पेंसिल, कापी, स्केचपेन, कलर पेंसिल, पुराने पेपर आदि उपलब्ध कराएंगे। • DigiLEP वीडियो के माध्यम से प्राप्त सामग्री के अध्ययन के लिये सुविधानुसार बच्चों को मोबाइल उपलब्ध कराना। • बच्चे पूरे सप्ताह की गतिविधियों के आधार पर 1 से 2 मिनिट का ऑडियो रिकार्डिंग अथवा वीडियो तैयार करके अपने कक्षा ग्रुप पर भेजेंगे, जिसमें पालक उनकी मदद करेंगे। • प्रतिदिन एक पेज हिन्दी एवं अंग्रेजी का लेखन एवं गणित का मौखिक अभ्यास कराएंगे। शिक्षकों की भूमिका: o शिक्षकों के मोबाइल पर एक दिवस पूर्व शाम को 8:00 बजे तक DigILEP के वीडियो भेजे जाएंगे, जिन्हें अगले दिन आपको कक्षा के वाट्सएप ग्रुप पर प्रातः 10:00 बजे तक भेजना होगा भेजने से पूर्व वीडियो देखें एवं बच्चों को लिखित / ऑडियो के माध्यम से व्हाट्स एप समूह पर सूचना / संदेश दें। o प्रतिदिन अपने विद्यालय के कम से कम 05 बच्चों से मोबाइल के माध्यम से पढ़ी गई सामग्री पर चर्चा कर अगले दिन की सामग्री के बारे में बताना तथा रिकार्ड संधारित करना। o प्रतिदिन विद्यालय समय में गाँव / शहर के एक मोहल्ले में 05 बच्चों (जिनके पास मोबाइल उपलब्ध नहीं है) के घर जाकर गृह सम्पर्क के रूप में हमारा घर हमारा विद्यालय के कार्य का अवलोकन एवं आकलन करेंगे तथा फीडबैक देंगें। o बच्चों से उनकी समस्याए पूछेंगे तथा उनका समाधान करेंगे। o समय सारिणी अनुसार गतिविधियों का अवलोकन एवं आंकलन करना तथा अपना फीडबैक डायरी में प्रस्तुत करेंगे। इसी के साथ शिक्षक बच्चों से गृहकार्य जैसे एट ग्रेड अभ्यास पुस्तिका, बच्चों के प्रतिदिन पढ़ने एवं लिखने की कॉपी की जाँच करेंगे, मौखिक गणित पर चर्चा करेंगे एवं उनकी समस्याओं का समाधान करेंगे। प्रधानाध्यापकों की भूमिका : • प्रतिदिन अपने विद्यालय के शिक्षकों से चर्चा कर उनसे समय सारिणी के अनुसार "हमारा घर-हमारा विद्यालय के क्रियान्वयन की जानकारी लेंगे। • प्रतिदिन कम से कम 05 अभिभावकों से चर्चा कर उन्हें हमारा घर हमारा विद्यालय के अंतर्गत होने वाली गतिविधियों के बारे में अवगत करायेंगे तथा बच्चों को उसके अनुसार पढ़ाई करवाने हेतु प्रेरित करेंगे। • DigiLEP वीडियो के माध्यम से प्राप्त सामग्री के अध्ययन के लिये सुविधानुसार बच्चों को मोबाइल उपलब्ध कराने हेतु प्रेरित करेंगे। • पाँच विद्यार्थियों के घर जाकर बच्चों के प्रतिदिन पढ़ने एवं लिखने की कॉपी की जाँच करेंगे, मौखिक गणित पर चर्चा करेंगे शिक्षकों को सम्पादित किये गये आवंटित कार्यों को देखेंगे एंव रिकार्ड रखेंगे। मॉनीटरिंग: • उक्तग समस्तय गतिविधियों की मॉनिटरिंग एम शिक्षा मित्र एप के माध्यउम से की जायोगी। • डीपीसी जिला एवं ब्लॉक MIS के माध्यम से कक्षावार 05 व्हाट्सएप समूह की गतिविधियों की प्रतिदिन मॉनीटरिंग करेंगे। • जिला एवं विकासखंड स्तर के अधिकारियों (एपीसी. बीआरसी. बीएसी एवं जन शिक्षक) एवं डाइट फैकल्टी के द्वारा भी कक्षावार प्रतिदिन 05 व्हाट्सएप समूह में जुड़कर गतिविधियों की मॉनीटरिंग एवं आवश्यक सहयोग किया प्रदान किया जायेगा। • साथ ही जिला एवं विकासखंड स्तर के अधिकारी एवं डाइट फैकल्टी प्रतिदिन पांच शिक्षकों से दूरभाष पर चर्चा कर "हमारा घर हमारा विद्यालय की गतिविधियों जानकारी प्राप्त करेंगे एवं समस्याओं का निराकरण करेंगे। संचालक राज्य् शिक्षा केन्द्र श्री धनराजू एस ने अपने पत्र में यह निर्देशित किया है कि उक्तं समस्तक गतिविधियों के संपादन में कोविड प्रोटोकॉल पालन सुनिश्चित किया जाये। उन्हों ने सभी कलेक्ट र्स से अनुरोध किया है कि, उक्ताधनुसार गतिविधियों के सुचारू आयोजन के लिए समस्त ब्लॉक प्रभारियों, जनपद शिक्षा केन्द्रो तथा शिक्षकों को आवश्यक निर्देश प्रसारित करें एंव समस्त गतिविधियों का संचालन सुनिश्चित कराएं समय-समय पर शिक्षकों से फीडबैक, फोटोग्राफ्स एवं बच्चों की शैक्षणिक/सीखने की प्रक्रिया को वीडियों के रूप में उपलब्ध कराएं। |
| Government jobs- इंडियन ऑयल द्वारा 6 राज्यों में भर्ती Posted: 15 Jan 2022 06:31 AM PST भारत सरकार की पेट्रोलियम कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड द्वारा गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गोवा एवं दादर और नगर हवेली में टेक्निकल और ट्रेड अप्रेंटिस वैकेंसी के लिए जॉब नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। ऑनलाइन एप्लीकेशन का प्रोसीजर 15 जनवरी से शुरू हो गया है और लास्ट डेट 15 फरवरी 2022 घोषित की गई है। Indian Oil Corporation notification for Apprenticeship Engagementऐसे उम्मीदवार जिन्होंने इंजीनियरिंग में डिप्लोमा किया है या फिर रेगुलर फुल टाइम आईटीआई पास कैंडीडेट्स के लिए सबसे ज्यादा वैकेंसी हैं। सभी प्रकार की जानकारियां ऑफिशियल जॉब नोटिफिकेशन में प्रदर्शित की गई हैं। इच्छुक अभ्यर्थी ऑफिशल वेबसाइट iocl.com पर जाकर जॉब नोटिफिकेशन PDF FILE DOWNLOAD कर सकते हैं। सुविधा के लिए हमने भी डायरेक्ट लिंक उपलब्ध कराई है। Government jobs for diploma engineers and regular full time ITIनोटिफिकेशन के अनुसार घोषित की गई रिक्त पदों की संख्या में परिवर्तन किया जा सकता है। सभी नियुक्तियां Apprentices Act, 1961/1973 के तहत की जाएंगी। ऑनलाइन भर्ती परीक्षा की तारीख ऑफिशल वेबसाइट पर बाद में घोषित की जाएगी। उच्च शिक्षा, सरकारी और प्राइवेट नौकरी एवं करियर से जुड़ी खबरों और अपडेट के लिए कृपया MP Career News पर क्लिक करें. |
| MP NEWS- भिंड के भदौरिया दंपति की भोपाल पुलिस को तलाश Posted: 15 Jan 2022 05:56 AM PST मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल की पुलिस भिंड जिले के रहने वाले राजेंद्र सिंह भदौरिया एवं उनकी पत्नी छाया भदौरिया की तलाश कर रही है। भोपाल जिला न्यायालय में प्रैक्टिस करने वाले एडवोकेट पंकज खरे ने उनके खिलाफ धोखाधड़ी एवं अमानत में खयानत का मामला दर्ज करवाया है। मामले के इन्वेस्टिगेशन ऑफीसर एवं एमपी नगर थाने में पदस्थ असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर संजय सिंह सिसौदिया ने बताया कि राजेंद्र भदौरिया भोपाल के सोनागिर इलाके में रहते थे और ट्रांसपोर्ट का कारोबार करते थे। जालसाजी के एक मामले में विवाद के कारण सन 2016 में अधिवक्ता पंकज खरे और राजेंद्र भदौरिया की मुलाकात हुई थी। पहचान प्रगाढ़ होने पर राजेंद्र भदौरिया ने पंकज खरे को बताया कि मोंटफोर्ट स्कूल के पास उनकी पत्नी छाया भदौरिया के नाम एक प्लॉट है जिसे बेचना है। दोनों के बीच सौदा तय हो गया और पंकज खरे ने 1500000 रुपए देकर एग्रीमेंट कर लिया। एग्रीमेंट के अनुसार जब रजिस्ट्री नहीं हुई तो एडवोकेट पंकज खरे ने पुलिस में शिकायत कर दी। इन्वेस्टिगेशन के दौरान पाया गया कि जिस प्लॉट को बेचने के लिए एग्रीमेंट किया गया है वह बैंक ऑफ महाराष्ट्र में गिरवी रखा हुआ है। इतना ही नहीं एग्रीमेंट की तारीख के बाद उसी प्लॉट पर एक और बैंक से लोन लिया गया है। पुलिस ने राजेंद्र भदौरिया एवं छाया भदौरिया के खिलाफ धोखाधड़ी और अमानत में खयानत का मामला दर्ज कर लिया है। दोनों को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस तलाश कर रही है। मध्य प्रदेश की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया mp news पर क्लिक करें |
| GWALIOR NEWS- मधु ब्लैकमेल कर रही थी इसलिए मार डाला, गिरफ्तार बिल्डर का बयान Posted: 15 Jan 2022 05:55 AM PST ग्वालियर। ग्वालियर पुलिस ने मधु जाटव नाम की एक लड़की की हत्या के आरोप में बिल्डर भूपेंद्र सिंह धाकड़ को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का दावा है कि बिल्डर भूपेंद्र सिंह ने मधु की हत्या करना स्वीकार कर लिया है एवं बताया है कि मधु उसे ब्लैकमेल कर रही थी इसलिए मार डाला। मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर में 4 महीने पहले सिरोल पुलिस थाना क्षेत्र में स्थित गार्डन पैलेस के फ्लैट नंबर 319 में एक युवती की लाश मिली थी। उसकी पहचान मधु जाटव निवासी बानमोर जिला मुरैना उम्र 25 वर्ष हुई थी। उसके पास से एक सुसाइड नोट भी मिला था। जबकि मधु के पिता ने बिल्डर भूपेंद्र सिंह धाकड़ पर हत्या का आरोप लगाया था। मधु की लाश जिस फ्लैट में मिली वह भी बिल्डर भूपेंद्र सिंह का है। पुलिस ने संदिग्ध मृत्यु का मामला दर्ज कर लिया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मधु जाटव की हत्या करना बताया गया। पीएम रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया और प्रॉपर्टी डीलर भूपेंद्र सिंह धाकड़ की तलाश शुरू कर दी। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने बताया कि भूपेंद्र सिंह धाकड़ को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया है। वह दिल्ली में एक स्पा सेंटर चला रहा था। पुलिस को दिए बयान में उसने बताया कि मधु जाता उसके यहां जॉब करती थी। मधु ने उसे अपनी और आकर्षित किया और कुछ समय बाद दोनों अंतरंग हो गए। भूपेंद्र सिंह ने बताया कि उसने मधु के ऊपर काफी पैसे खर्च किए लेकिन मधु का लालच बढ़ता जा रहा था। वह आए दिन मोटी रकम की मांग करने लगी थी। जब मना किया तो पुलिस में रिपोर्ट करने की धमकी देने लगी। विवाद के दौरान गला दबाकर उसकी हत्या कर दी थी। |
| MP NEWS- तहसीलदारों की भर्ती नहीं होगी, अधीक्षक भू-अभिलेख को अधिकार देंगे Posted: 15 Jan 2022 06:53 AM PST मध्य प्रदेश शासन के राजस्व विभाग में तहसीलदारों के 341 एवं नायब तहसीलदारों के 483 रिक्त पदों पर निकट भविष्य में भर्ती होने की संभावना समाप्त हो गई है। शासन की तरफ से व्यवस्था दी गई है कि जहां पर तहसीलदारों के पद रिक्त हैं वहां पर भू अभिलेख अधिकारी को तहसीलदार एवं सहायक भू अभिलेख अधिकारियों को नायब तहसीलदार की शक्तियां दे दी जाएं, यानी दोनों अधिकारियों को मजिस्ट्रेट बना दिया जाए। राजस्व विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रमोशन पर प्रतिबंध होने की वजह से तहसीलदार के पद रिक्त हैं। मध्यप्रदेश में अब मात्र 265 तहसीलदार बचे हैं। इसी प्रकार राजस्व निरीक्षक से नायब तहसीलदार पद पर पदोन्न्ति के 259 पद खाली हैं। सीधी भर्ती के भी 153 पद अभी नहीं भरे गए हैं। राजस्व विभाग के तमाम मामले बिना तहसीलदार के संभव नहीं है। तहसीलदार स्थानीय मजिस्ट्रेट होता है। राजस्व विभाग से जुड़े मामलों की सुनवाई लंबित हो रही है। भोपाल और इंदौर में कलेक्टरों ने राजस्व न्यायालयों में कार्यपालिक अधिकारियों की कमी को देखते हुए सहायक भू-अभिलेख अधिकारियों को नायब तहसीलदार पद की जिम्मेदारी दी थी। प्रशासनिक व्यवस्था में एकरूपता के लिए राजस्व विभाग ने भू-अभिलेख अधिकारी को तहसीलदार और सहायक भू-अभिलेख अधिकारी को नायब तहसीलदार की शक्तियां देने का निर्णय लिया है। कलेक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि वे जिन्हें ये शक्तियां दी जाएं, उनका विभागीय परीक्षा पास उत्तीर्ण होना अनिवार्य रहेगा। रिक्त पद होने पर ही यह व्यवस्था की जा सकेगी लेकिन इससे भू-अभिलेख का कार्य प्रभावित नहीं होना चाहिए। मध्य प्रदेश की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया mp news पर क्लिक करें |
| MP NEWS- शिवराज सिंह से लिपट कर रोने वाली महिला को कलेक्टर ने 50000 दिए Posted: 15 Jan 2022 05:03 AM PST मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिला कलेक्टर आर उमा माहेश्वरी ने उस महिला को 50,000 रुपए दिए हैं जो बीते रोज मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से लिपट कर रोने लगी थी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अशोक नगर में ओला पीड़ित किसानों से मिलने गए थे। इसी दौरान बजावन गांव में वृद्ध महिला राजकुंअर बाई सीएम शिवराज सिंह चौहान से लिपट कर रोने लगी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने महिला को तत्काल राहत का वचन दिया था। मुख्यमंत्री के वादे को पूरा करने के लिए कुछ ही घंटों बाद मुंगावली तहसीलदार दिनेश सांवले ने महिला को 50,000 रुपए का चेक दे दिया। आर उमा महेश्वरी आईएएस एवं कलेक्टर जिला अशोकनगर ने बताया कि बजावन गांव की पीड़ित महिला को रेडक्रॉस मद से 50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता की गई है। किसानों का कहना है कि जैसी स्थिति राजकुंअर बाई की है ठीक वैसे ही स्थिति अशोकनगर जिले में हजारों किसानों की भी है। उन्हें पछतावा है कि मुख्यमंत्री के आने पर वह अपना दुख व्यक्त क्यों नहीं कर पाए। मध्य प्रदेश की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया mp news पर क्लिक करें |
| INDORE NEWS- डॉक्टर पर आरोप, कर्मचारियों को बुलाकर ठेले वाले को पिटवाया Posted: 15 Jan 2022 04:43 AM PST अनु अनायका क्लिनिक के संचालक डॉ अनिल घई पर आरोप है कि उन्होंने फिल्मी स्टाइल में हाथ ठेला संचालित करने वाली महिला और उसके बेटे को अपने कर्मचारियों के माध्यम से बेरहमी से पीटा आया और उनका ठेला पलट दिया। इस घटना का वीडियो भी वायरल हुआ है लेकिन पुलिस ने FIR में डॉक्टर को नामजद नहीं किया है। घटना मध्यप्रदेश के इंदौर शहर में भंवरकुआं पुलिस थाना इलाके में भोलाराम उस्ताद मार्ग पर स्थित अनु अनायका क्लिनिक के सामने की है। क्लीनिक के संचालक डॉ अनिल घई पर आरोप लगाते हुए हाथ ठेला संचालक महिला द्वारका भाई ने बताया कि वह अपने बेटे राजू के साथ ठेले पर खड़ी थी। उसी समय डॉक्टर अनिल घई ने अपनी कार हाथ ठेले के ठीक सामने लगा दी। महिला ने उनसे कार को साइड में लगाने के लिए कहा तो भड़क उठे। डॉ अनिल ने अपने क्लीनिक से 4 कर्मचारियों को बुलाया और महिला के बेटे राजू की पिटाई करवा दी। महिला का कहना है कि बेटे के साथ शिकायत करने भंवरकुआं थाने गई थी। वहां हमें काफी देर तक बिठाकर रखा गया। राजीनामे का दबाव बनाया गया, लेकिन जब थाने पर भीड़ जमा होने लगी, तब डॉ. घई के सिर्फ 1 कर्मचारी के खिलाफ मामला दर्ज किया। उसे थाने बुलाकर गिरफ्तार किया और तत्काल जमानत देकर छोड़ दिया। पीड़ित महिला का कहना है कि हमें रात 3:00 बजे तक थाने में बिठा कर रखा। पुलिस कमिश्नर से शिकायत महिला शिकायत लेकर पुलिस कमिश्नर हरिनारायण चारी मिश्र के पास पहुंचीं। कमिश्नर ने धाराएं बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। पुलिस सूत्रों ने बताया कि डॉ अनिल के खिलाफ पहले भी कुछ शिकायतें आ चुकी हैं। इंदौर की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया indore news पर क्लिक करें. |
| MP WEATHER FORECAST- 26 जिलों में सीवियर कोल्ड डे की चेतावनी, 15 जिलों में घना कोहरा Posted: 15 Jan 2022 06:00 AM PST भारत सरकार के पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के अंतर्गत भारत मौसम विज्ञान विभाग ने मध्य प्रदेश के 26 जिलों में सीवियर कोल्ड डे और 15 जिलों में घना कोहरा की चेतावनी जारी की है। यानी 26 जिलों में स्वास्थ्य के लिए हानिकारक ठंडी हवाएं चलेंगी और 15 जिलों में कोहरा इतना घना होगा कि विजिबिलिटी काफी कम रह जाएगी और सामान्य यातायात संभव नहीं होगा। मध्य प्रदेश मौसम- 26 जिलों में सीवियर कोल्ड डे का येलो अलर्टमौसम केंद्र भोपाल के अनुसार अलीराजपुर, बड़वानी, बुरहानपुर, धार, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, खरगोन, भोपाल, विदिशा, रायसेन, राजगढ़, होशंगाबाद, सीहोर, रतलाम, उज्जैन, शाजापुर, बैतूल, देवास, छिंदवाड़ा, टीकमगढ़, ग्वालियर, सागर, गुना, दतिया एवं दमोह जिला में सीवियर कोल्ड डे का येलो अलर्ट जारी किया गया है। यानी हवाएं इतनी अधिक ठंडी होंगी की चुभन होने लगेगी। ऐसी स्थिति में चारदीवारी के बाहर निकलना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है। यदि अति आवश्यक हो तब भी पूरा शरीर multi-layer कपड़ों से ढका होना चाहिए। शरीर का जो हिस्सा लंबे समय तक हवा के संपर्क में रहेगा उसमें गलन होने लगेगी। मध्य प्रदेश में ठंड- 15 जिलों में घना कोहरा की चेतावनीभारत मौसम विज्ञान विभाग की रिपोर्ट के अनुसार भिंड, मुरैना, श्योपुर, ग्वालियर, गुना, शाजापुर, आगर मालवा, टीकमगढ़, निवाड़ी, छतरपुर, सागर, शिवपुरी, सतना, जबलपुर एवं उज्जैन जिलों में घना कोहरा के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। यानी रात के समय और सूर्योदय से पहले रिहायशी इलाकों के बाहर यात्रा ना करें। विजिबिलिटी काफी कम रहेगी और किसी भी प्रकार के वाहन से सामान्य यात्रा संभव नहीं होगी। मध्य प्रदेश की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया mp news पर क्लिक करें |
| JABALPUR NEWS- ट्रेन आते ही पटरी पर गर्दन रख दी, ऐसी कौन सी तकलीफ थी जो इतनी दर्दनाक मौत चुनी Posted: 15 Jan 2022 03:54 AM PST जबलपुर। आत्महत्या के मामले तो रोज ही सामने आते हैं। रेलवे ट्रैक से ज्यादा नर्मदा नदी में कूदने के मामले ज्यादा आते हैं लेकिन ताजा मामला चौंकाने वाला है। 45 वर्ष के व्यक्ति ने ट्रेन के आते ही रेलवे ट्रैक पर गर्दन रख दी। लोग कुछ समझ पाते उससे पहले तो ट्रेन गुजर चुकी थी। शरीर के तीन टुकड़े बिखरे पड़े थे। हादसा कुर्रे ब्रिज का है। खितौला पुलिस मामले की इन्वेस्टिगेशन कर रही है। मृतक का नाम राजू पथरोल बताया गया है। छोटे बेटे शुभम ने पिता की शिनाख्त की है। बड़ा बेटा दिल्ली में रहता है और पत्नी कुछ दिनों पहले ही बड़े बेटे के पास दिल्ली गई थी।प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक किमी संख्या 1031/27 से 1031/25 के बीच जैसे ही महाकोशल सुपरफास्ट एक्सप्रेस ट्रेन पहुंची, राजू ने पटरी पर अपनी गर्दन रख दी। ट्रेन धड़धड़ाते हुए ऊपर से निकल गई। उसका सिर धड़ से अलग हो गया। एक हाथ दूर जा गिरा। इस तरह शरीर के तीन टुकड़े हो गए। आत्महत्या का कारण तलाश रही है पुलिसयह मामला पूरे शहर में चर्चा का विषय बन गया है। लोग जानना चाहते हैं कि आखिर राजू को ऐसी कौन सी तकलीफ थी जो उसने अपने लिए इतनी दर्दनाक मौत चुनी। बॉडी के पास से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। लोगों ने अपनी आंखों से देखा है इसलिए इसे एक्सीडेंट भी नहीं माना जा सकता। देखते हैं पुलिस की इन्वेस्टिगेशन में क्या कोई कहानी सामने आती है। जबलपुर की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया jabalpur news पर क्लिक करें. |
| MP NEWS- मुख्यमंत्री ने दो अधिकारी सस्पेंड किए, राजगढ़ मध्य प्रदेश में हुई कार्रवाई Posted: 15 Jan 2022 06:53 AM PST भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राजगढ़जिले के प्रभारी जिला आपूर्ति अधिकारी श्री सुरेश वर्मा और फूड इंस्पेक्टर श्री जसराम जाटव को निलंबित कर दिया। गरीबों के राशन में भ्रष्टाचार मिला तो जेल भिजवाऊंगा: सीएम शिवराज सिंहसीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि ग्राम काली पीठ में राशन से संबंधित शिकायत प्राप्त हुई है। मैं फिर कह रहा हूं कि गरीब का राशन अगर किसी ने खाया है उसे किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ूंगा, सबको जेल भिजवाऊंगा। मैं जिला आपूर्ति अधिकारी और फूड इंस्पेक्टर को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड करता हूं। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने राजगढ़ जिले में ओला वृष्टि प्रभावित क्षेत्रों का अवलोकन किया एवं किसानों से चर्चा की। उन्होंने किसानों को आश्वस्त किया कि केवल फसल ही खराब नहीं बल्कि ओलावृष्टि से कई जगह पशुओं की भी मौत हुई है। इसलिए गाय, भैंस की मृत्यु पर 30 हजार रुपये, बैल-भैंसा की मृत्यु पर 25 हजार रु, बछड़ा-बछिया के 16 हजार और भेड़-बकरी की मृत्यु पर भी 3 हजार रु दिये जाएंगे।
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| MP NEWS- कलेक्टर को अंधा बताने वाले एसडीओ सस्पेंड, ऑडियो वायरल हुआ था Posted: 15 Jan 2022 06:00 AM PST डॉ. राहुल हरिदास फटिंग आईएएस एवं कलेक्टर जिला सिवनी मध्य प्रदेश को अंधा बताने वाले जल संसाधन विभाग के एसडीओ श्रीराम बघेल को कमिश्नर बी चंद्रशेखर ने सस्पेंड कर दिया है। एक किसान के साथ एसडीओ की कथित बातचीत का ऑडियो जारी हुआ था। कलेक्टर राहुल हरिदास के बारे में क्या कहा एसडीओ नेबताया गया है कि वायरल ऑडियो में पलारी गांव के किसान विजय साहू और जल संसाधन विभाग के एसडीओ श्री राम बघेल की बातचीत है। बातचीत का दिनांक 15 दिसंबर और ऑडियो वायरल होने का दिनांक 17 दिसंबर है। किसान विजय साहू अपने खेत में सिंचाई के लिए पानी नहीं आने की समस्या बता रही हैं। किसान समाधान चाहते हैं। जवाब में एसडीओ बघेल ने यह कहा कि वे चुनाव में व्यस्त हैं, उन्हें अभी फोन नहीं लगाया जाए। कलेक्टर को फोन लगाए जिसने ड्यूटी लगा दिया है, उसकी आंख में नहीं दिख रहा है। कलेक्टर अंधा है तो अब हम क्या करें, जब हम हैं ही नहीं तो तुम्हारी कौन सुनेगा। आपका फोन बार-बार आ रहा है। तुम कलेक्टर को फोन करो। ऑडियो वायरल होने के बाद कलेक्टर द्वारा एसडीओ को कारण बताओ नोटिस दिया गया और फिर उन्हें निलंबित करने के लिए अनुशंसा पत्र कमिश्नर के पास भेजा गया। कलेक्टर की अनुशंसा के आधार पर कमिश्नर ने एसडीओ को सस्पेंड कर दिया है। मध्य प्रदेश की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया mp news पर क्लिक करें |
| GWALIOR में सिंधिया सरकार- भोपाल से आए ADG को ज्वाइन ही नहीं करने दिया Posted: 15 Jan 2022 02:43 AM PST ग्वालियर। राजनीति में महाराजा होना इसे कहते हैं। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने उनकी अनुमति के बिना भोपाल से ट्रांसफर होकर ग्वालियर आए श्रीनिवास वर्मा आईपीएस को एडीजी के पद पर ज्वाइन ही नहीं होने दिया। जिन्होंने प्रमोशन देकर वाली और भेजा था वह भी कुछ नहीं कर पाए। श्री वर्मा को छुट्टी पर जाना पड़ा। हाल ही में मध्य प्रदेश शासन के गृह विभाग मंत्रालय द्वारा भारतीय पुलिस सेवा के वरिष्ठ अफसरों की प्रमोशन सूची जारी की गई थी। प्रमोशन के साथ उन्हें नवीन पदस्थापना भी दी गई। आईजी रैंक के अधिकारी श्रीनिवास वर्मा आईपीएस को प्रमोट करके एडीजी बनाया गया और ग्वालियर पदस्थापना दी गई। श्री वर्मा शासन के निर्देशानुसार गृह सचिव के पद से रिलीवो कर ग्वालियर पहुंच गए परंतु एडीजी के पद पर चार्ज नहीं ले पाए। बताया गया है कि श्रीनिवास वर्मा आईपीएस की पदस्थापना केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की अनुमति के बिना कर दी गई थी। इसलिए उन्हें चार्ज नहीं दिया गया। उनके स्थान पर श्री गौरव राजपूत आईपीएस को चार्ज दिया गया है। श्री वर्मा गृह मंत्रालय से रिलीव हो चुके हैं और ग्वालियर में चार्ज नहीं मिला। कोई ऑप्शन नहीं था इसलिए छुट्टी पर चले गए। ग्वालियर की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया GWALIOR NEWS पर क्लिक करें. |
| MP CORONA NEWS- 19 साल के लड़के की मौत जबकि मंत्री जी 24 घंटे में स्वस्थ Posted: 15 Jan 2022 04:22 AM PST भोपाल। कोरोनावायरस भले ही भेदभाव ना करता हो परंतु मध्य प्रदेश की चिकित्सा व्यवस्था करती है। छिंदवाड़ा में 19 साल की लड़के की मौत हो गई। जबकि गाइडलाइन के विरुद्ध मंत्री कमल पटेल, हरदा कलेक्टर द्वारा 24 घंटे में स्वस्थ घोषित कर दिए गए। वह लड़का नेगेटिव था लेकिन उसे कोविड ICU में भर्ती किया गया। मंत्री जी की रिपोर्ट पॉजिटिव थी, डॉक्टरों ने पता नहीं कौन सी जादुई दवाई दी, 24 घंटे के भीतर उनकी रिपोर्ट नेगेटिव हो गई। पॉजिटिव नहीं था फिर भी कोविड ICU में भर्ती कर दिया, लड़के की मौत19 साल के नीलेश इनवाती को छिंदवाड़ा के अस्पताल में 13 जनवरी की रात में भर्ती किया गया था। डॉक्टरों का कहना है कि उसका ऑक्सीजन लेवल कम था। उसकी कोविड-19 जांच रिपोर्ट नहीं आई थी परंतु कोविड केयर के ICU वार्ड में भर्ती किया गया था। 24 घंटे के भीतर उसकी मृत्यु हो गई। लड़के की मौत के बाद RTPCR रिपोर्ट नेगेटिव आई। कोविड केयर प्रभारी डॉक्टर भूपेश जैन का कहना है कि मौत की वजह बैक्टीरियल निमोनिया है। मंत्री कमल पटेल 24 घंटे में स्वस्थ हो गएमध्य प्रदेश शासन के मंत्री, किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग कमल पटेल का कोरोनावायरस सुर्खियों में आ गया है। 1 दिन पहले उन्होंने ट्वीट करके बताया था कि उनकी RTPCR पॉजिटिव आई है, मेरे संपर्क में आए सभी लोग अपना टेस्ट करवा ले। दूसरे दिन हरदा कलेक्टर की तरफ से घोषित किया गया कि मंत्री कमल पटेल पूरी तरह से स्वस्थ हैं। उनकी नेगेटिव रिपोर्ट कलेक्टर द्वारा जारी की गई। मंत्री जी की सुपर फास्ट रिकवरी का राज क्या हैपब्लिक के सरल सवाल यह है कि यदि कोई लक्षण ही नहीं थे तो फिर जांच क्यों करवाई। गाइड लाइन के अनुसार पॉजिटिव मरीज को 7 दिन तक दूसरी जांच कराने की अनुमति नहीं है। मंत्री कमल पटेल को यह सुविधा क्यों दी गई। हरदा कलेक्टर ने मंत्री कमल पटेल को नेगेटिव घोषित करने के लिए इतने प्रयास क्यों किए। गाइडलाइन के अनुसार सिर्फ 7 दिन होम आइसोलेशन में रहना था। वह क्या कारण था जो गाइडलाइन और प्रोटोकॉल का उल्लंघन कर दिया गया। यदि पहली रिपोर्ट गलत थी तो सैंपल की जांच करने वाले डॉक्टर के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई। क्या सिर्फ कमल पटेल की जांच रिपोर्ट गलत थी या पूरे हरदा की रिपोर्ट गलत आई है। क्या हरदा के सभी संक्रमित नागरिकों का दोबारा टेस्ट होगा। यह कैसे विश्वास किया जा सकता है कि दूसरी रिपोर्ट सही है जबकि पहली गलत थी। जनता, पत्रकार और भाजपा के कार्यकर्ता भी जानना चाहते हैं मंत्री जी की सुपर फास्ट रिकवरी का राज क्या है।
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