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Saturday, January 15, 2022

प्राइमरी का मास्टर ● इन

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69000 शिक्षक भर्ती के चौथी सूची के चयनितों ने सोशल मीडिया पर खोला मोर्चा

Posted: 15 Jan 2022 05:35 PM PST

69000 शिक्षक भर्ती के चौथी सूची के चयनितों ने  सोशल मीडिया पर खोला मोर्चा



प्रयागराज 69 हजार शिक्षक भर्ती के तहत चयनित सहायक अध्यापकों की जारी चौथी सूची में शामिल अभ्यर्थियों ने नियुक्ति के लिए सोशल मीडिया पर मोर्चा खोल दिया है। साथ ही संघर्ष को संगठित रखने के उद्देश्य से अभ्यर्थियों ने सभी 18 मंडलों में व्हाट्सएप ग्रुप भी बनाए हैं।


 69 हजार शिक्षक भर्ती में आरक्षण की अनदेखी के आरोप लगने के बाद काफी विवाद हुआ था विधानसभा चुनाव करीब आते ही पांच जनवरी को विशेष आरक्षित वर्ग के लिए 6800 की चौथी सूची जारी कर दी गई थी, लेकिन आचार संहिता लागू हो जाने के कारण नियुक्ति की प्रक्रिया अटक गई।

‘परीक्षा पे चर्चा’: पंजीकरण कराने के लिए ट्वीट के जरिए पीएम मोदी का अनुरोध, बताया चुनौतियों व आकांक्षाओं को बेहतर तरीके से समझने का अवसर

Posted: 15 Jan 2022 05:05 PM PST


'परीक्षा पे चर्चा': पंजीकरण कराने के लिए ट्वीट के जरिए पीएम मोदी का अनुरोध, बताया चुनौतियों व आकांक्षाओं को बेहतर तरीके से समझने का अवसर 


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से इस वर्ष के 'परीक्षा पे चर्चा' कार्यक्रम के लिए पंजीकरण कराने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि यह पहल भारत के ऊर्जावान युवाओं के साथ संवाद स्थापित करने के साथ-साथ विश्व में शिक्षा के उभरते प्रचलन से रूबरू होने का बेहतर मौका है। 


प्रधानमंत्री ने शनिवार को ट्वीट कर कहा, 'परीक्षा पे चर्चा' कार्यक्रम नजदीक आ रहा है। हम तनाव मुक्त परीक्षा पर चर्चा करेंगे। अपने बहादुर परीक्षार्थियों, उनके परिजन और शिक्षकों का फिर से सहयोग करेंगे। प्रधानमंत्री ने इस कार्यक्रम को सीखने का एक शानदार अनुभव बताया। साथ ही कहा कि यह युवाओं से जुड़ने और उनकी चुनौतियों व आकांक्षाओं को बेहतर तरीके से समझने का अवसर है। स्कूल एवं कॉलेज के छात्रों के साथ प्रधानमंत्री के संवाद कार्यक्रम 'परीक्षा पे चर्चा' का पहला संस्करण 16 फरवरी 2018 को आयोजित हुआ था



प्रतियोगिता के लिए तय किए गए विषय

'परीक्षा पे चर्चा' कार्यक्रम में भाग लेने के लिए आयोजित होने वाली प्रतियोगिता में छात्रों के वास्ते कुछ विषय तय किए गए हैं। इनमें कोविड-19 के दौरान परीक्षा तनाव प्रबंधन रणनीति, अपने गांव एवं शहर का इतिहास, आत्मनिर्भर भारत के लिए आत्मनिर्भर स्कूल, स्वच्छ भारत-हरित भारत और पर्यावरण संरक्षण जैसे विषय शामिल हैं।

जूनियर हाईस्कूल एडेड शिक्षक भर्ती परिणाम के बाद चयन प्रक्रिया ठप्प, अभ्यर्थी हैरान परेशान

Posted: 14 Jan 2022 08:10 PM PST

जूनियर हाईस्कूल एडेड शिक्षक भर्ती परिणाम के बाद चयन प्रक्रिया ठप्प,  अभ्यर्थी हैरान परेशान



प्रयागराज : अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) जूनियर हाईस्कूल शिक्षक भर्ती-2021 परीक्षा का परिणाम आने के बाद की प्रक्रिया पहेली बन गई है। परिणाम आए दो महीने बीत गए, लेकिन चयन प्रक्रिया बातों-दावों के आगे नहीं बढ़ सकी। पिछले दिनों अभ्यर्थी भर्ती विज्ञप्ति की जानकारी करने शिक्षा निदेशालय पहुंचे तो पता चला कि सफल अभ्यर्थियों का परिणाम वहां नहीं पहुंचा है। उत्तर प्रदेश परीक्षा नियामक प्राधिकारी (पीएनपी) ने जो डिस्पैच नंबर दिया, उसमें परिणाम की सूची नहीं होने के दावा अभ्यर्थियों ने किया है। ऐसे में अभ्यर्थी समझ नहीं पा रहे कि आखिर परिणाम कहां अटका है। पीएनपी ने यह भर्ती परीक्षा 17 अक्टूबर को कराई थी। 


परिणाम 15 नवंबर को आया। प्रधानाध्यापक के 390 और सहायक अध्यापक के 1504 पदों के लिए 46 हजार से ज्यादा अभ्यर्थी सफल हुए। ये अभ्यर्थी रिक्त पदों के सापेक्ष भर्ती विज्ञप्ति के माध्यम से मेरिट तैयार कर चयन किए जाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हो रही है। परीक्षा में सफल अभ्यर्थी ज्ञानवेंद्र सिंह 'बंटी' का कहना है कि परीक्षा परिणाम को लेकर तस्वीर साफ नहीं की जा रही है। बेसिक शिक्षा मंत्री ने दावा किया था कि 30 दिसंबर से चयन प्रक्रिया शुरू होगी, लेकिन कुछ हुआ नहीं। 


इस पूरे मामले को लेकर अभ्यर्थी परेशान हैं। कभी शिक्षा निदेशालय तो कभी पीएनपी के चक्कर काट रहे हैं। पिछले दिनों पीएनपी कार्यालय पर प्रदर्शन भी किया था। यह परीक्षा कराने के बाद परिणाम पीएनपी के पूर्व सचिव संजय उपाध्याय के समय में घोषित किया गया था। इस परिणाम के 13 दिन बाद यानी 28 नवंबर-2021 को उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा आयोजित होनी थी, ऐसे में फोकस इस परीक्षा पर हो गया और जूनियर हाईस्कूल शिक्षक भर्ती का मामला पीछे चला गया। दुर्भाग्य यह रहा कि शिक्षक पात्रता परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने पर तत्कालीन सचिव को निलंबित कर गिरफ्तार कर लिया गया। ऐसे में जूनियर शिक्षक भर्ती के परिणाम को लेकर नए सचिव ने अभ्यर्थियों को कोई ठोस आश्वासन नहीं दिया।

रिपोर्ट कार्ड : नहीं हुआ जिले के भीतर तबादला, पदोन्नति भी नहीं हुई, बेसिक शिक्षा मंत्री ने तबादले का कई बार दिया था आश्वासन

Posted: 14 Jan 2022 07:27 PM PST

रिपोर्ट कार्ड : नहीं हुआ जिले के भीतर तबादला, पदोन्नति भी नहीं हुई, बेसिक शिक्षा मंत्री ने तबादले का कई बार दिया था आश्वासन


● अंतर जनपदीय तबादले तो हुए पर जिले के भीतर नहीं हुआ



प्रयागराज : बीते पांच साल में बेसिक शिक्षा परिषद के शिक्षकों का न तो जिले के भीतर तबादला हुआ और न ही पदोन्नति की आस पूरी हो सकी। बेसिक शिक्षा मंत्री डॉ. सतीश द्विवेदी ने जिले के अंदर एक से दूसरे विकास खंड में तबादले के लिए कई बार आश्वासन दिया लेकिन वास्तविकता में कुछ नहीं हुआ।



पिछले साल 23 अप्रैल को मंत्री ने ट्वीट कर शिक्षकों के जिले के भीतर जल्द तबादले की बात कही थी। फिर उसके बाद सात अगस्त को शिक्षा विभाग के अधिकारियों की बैठक में अगस्त में ही स्थानान्तरण करने के निर्देश दिए लेकिन न तो शासनादेश जारी हुआ और न ही प्रक्रिया आगे बढ़ सकी।


शिक्षकों में इस बात को लेकर नाराजगी है कि उनका पद जिला कैडर का होने के बावजूद 2016 के बाद से जिले के भीतर ट्रांसफर नहीं हुआ जबकि इन पांच सालों के दौरान गैर जिले के शिक्षकों को दो बार अंतर जनपदीय तबादले का लाभ मिला। पहले जिले के अंदर हर साल स्थानांतरण होता था लेकिन 2016 के बाद से स्थानांतरण नहीं हुए।


कुछ गिनती के शिक्षकों को पारस्परिक ट्रांसफर का लाभ मिला। इस दौरान शिक्षकों को पदोन्नति भी नहीं मिली। जिले में मार्च 2009 से नियुक्त हजारों शिक्षक पदोन्नति के इंतजार में है। बेसिक शिक्षा परिषद के नियमों के मुताबिक नियुक्ति के तीन साल बाद पदोन्नति होनी चाहिए।


लेकिन प्रयागराज में आखिरी बार 2016 में फरवरी 2009 तक नियुक्त शिक्षकों को ही पदोन्नति मिल सकी है। पदोन्नति न होने के कारण प्रत्येक शिक्षक को हर महीने औसतन चार से पांच हजार रुपये का नुकसान हो रहा है। वहीं दूसरी ओर एक परिसर में स्थित प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों का संविलियन करने से प्रधानाध्यापक के सैकड़ों पद कम हो गए। पद्दोन्नति के अवसर भी कम हो गए।


इनका कहना है

जिले में मार्च 2009 से नियुक्त शिक्षकों को पदोन्नति नहीं मिल सकी है। हम लोगों का हर महीने औसतन चार से पांच हजार रुपये का नुकसान हो रहा है। नियमत: तीन साल के बाद पदोन्नति होनी चाहिए। लेकिन हजारों शिक्षक ऐसे हैं जिनका प्रमोशन नियुक्ति के पांच से 12 साल के बाद भी नहीं हुआ। - दीपक मिश्र, परिषदीय शिक्षक


पांच साल में सबसे अधिक शिक्षकों के हित प्रभावित हुए। जिले के अंदर स्थानांतरण पांच वर्षों से नहीं हुए जबकि पारस्परिक स्थानांतरण नई सरकार बनने के बाद दो बार हुए। शिक्षक का पद जिले कैडर का होता है। बाहरी जिलों से आए शिक्षकों से ज्यादा प्राथमिकता जनपद में पूर्व से नियुक्त शिक्षकों की होनी चाहिए किन्तु नियमावली के विरूद्ध अन्य जिलों से आए शिक्षक को प्राथमिकता दी गई।- अनिल राजभर, परिषदीय शिक्षक

यूपी के माध्यमिक स्कूलों में होंगी लिखित और प्रायोगिक परीक्षाएं, सरकार ने सशर्त दी अनुमति

Posted: 14 Jan 2022 05:53 PM PST

यूपी के माध्यमिक स्कूलों में होंगी लिखित और प्रायोगिक परीक्षाएं, सरकार ने सशर्त दी अनुमति

प्रदेशभर में कोरोना संक्रमितों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी होने की वजह से विद्यालय बंद हैं। इस दौरान स्कूलों में लिखित व प्रायोगिक परीक्षाएं पहले से निर्धारित रही हैं। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने लिखित व प्रायोगिक परीक्षाएं कराने की अब सशर्त अनुमति दी है।

यूपी के माध्यमिक स्कूलों में होंगी लिखित और प्रायोगिक परीक्षाएं, सरकार ने सशर्त दी अनुमतिशासन ने लिखित व प्रायोगिक परीक्षाओं के लिए छात्र-छात्राओं को विद्यालय आने की छूट दी है।


लखनऊ :  प्रदेशभर में कोरोना संक्रमितों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी होने की वजह से विद्यालय बंद हैं। इस दौरान स्कूलों में लिखित व प्रायोगिक परीक्षाएं पहले से निर्धारित रही हैं। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने लिखित व प्रायोगिक परीक्षाएं कराने की अब सशर्त अनुमति दी है। अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा आराधना शुक्ला ने जिला विद्यालय निरीक्षकों को भेजे आदेश में लिखा है कि पांच व नौ जनवरी को शासन ने कोरोना संक्रमण की वजह से सभी विद्यालयों को 16 जनवरी तक बंद रखने का निर्देश दिया था, वहीं 11 जनवरी को जारी आदेश में शासन ने लिखित व प्रायोगिक परीक्षाओं के लिए छात्र-छात्राओं को विद्यालय आने की छूट दी गई है। ऐसे में जिन माध्यमिक विद्यालयों में पहले से निर्धारित लिखित व प्रायोगिक परीक्षाएं कराया जाना अनिवार्य हैं उन्हें प्रतिबंधों के साथ अनुमति दी गई है। 

अपर मुख्य सचिव का निर्देश है कि विद्यालय परिसर का नियमित सैनिटाइजेशन हो, शिक्षक-कर्मचारी सहित छात्र-छात्राएं अनिवार्य रूप से मास्क पहनें, शारीरिक दूरी का सख्ती से अनुपालन हो, किसी छात्र या शिक्षक को बुखार आने पर प्राथमिक उपचार दिलाकर तत्काल उसे घर भेजे जाने का इंतजाम हो। समय-समय पर शासन की ओर से जारी कोविड गाइडलाइन का पालन और स्थानीय परिस्थितियों को देखते हुए जिलाधिकारी की ओर से दिए गए निर्देशों का सख्ती से अनुपालन किया जाए। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने ये निर्देश इसलिए जारी किए हैं, क्योंकि माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) के स्कूलों में हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की प्रीबोर्ड परीक्षा इसी माह प्रस्तावित है, साथ ही इंटरमीडिएट की प्रायोगिक परीक्षाएं भी होनी हैं। इसीलिए विभाग को इस संबंध में निर्देश दिया है। इस समय जिस तेजी से संक्रमितों की संख्या बढ़ रही है, उसे देखते हुए स्कूलों में पठन-पाठन होना संभव नहीं है, लेकिन परीक्षाएं जरूर हो सकती हैं।

UPTET : रोक के बावजूद स्मार्टफोन की इंट्री, बेदाग यूपीटीईटी कराना चुनौती

Posted: 14 Jan 2022 05:36 PM PST

UPTET : रोक के बावजूद स्मार्टफोन की इंट्री, बेदाग यूपीटीईटी कराना चुनौती

UPTET 2021 : 28 नवंबर को पेपर लीक के कारण निरस्त होने के बाद दोबारा 23 जनवरी को होने जा रही उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपी-टीईटी) को बेदाग कराना परीक्षा नियामक प्रधिकारी कार्यालय के लिए किसी चुनौती से कम नहीं। सबसे बड़ी समस्या है कि तमाम केंद्रों पर स्मार्टफोन पर रोक नहीं लग पा रही। शासन ने पिछली कई परीक्षा से यह आदेश कर रखा है कि कक्ष निरीक्षक (शिक्षक), केंद्र व्यवस्थापक (प्रधानाचार्य), स्टाफ और निरीक्षण पर आने वाले अफसरों और मजिस्ट्रेट के पास केंद्र के अंदर स्मार्टफोन नहीं होना चाहिए। केवल की-पैड वाला सामान्य फोन बातचीत के लिए रह सकता है। लेकिन जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के बाबू और कई स्कूलों के प्रधानाचार्य व स्टाफ परीक्षा के दौरान भी स्मार्टफोन का चोरी से इस्तेमाल करते हैं। 



मुख्य बिंदु
-परीक्षा से एक घंटे पहले खुलेंगे परीक्षा कक्ष और हॉल
-पेपर शुरू होने से आधे घंटे पहले तक अभ्यर्थियों को अपना स्थान ग्रहण कर लेना है
-केंद्र अधीक्षक की अनुमति के बगैर अभ्यर्थी अपनी सीट या परीक्षा कक्ष नहीं छोड़ेंगे
-अभ्यर्थी अपने साथ कार्ड बोर्ड या क्लिप बोर्ड ला सकते हैं जिस पर कुछ लिखा नहीं होना चाहिए ताकि मेज की सतह समतल न होने पर उपयोग कर सकें।

28 नवंबर को पेपर लीक के बाद भी प्रयागराज समेत कई जिलों में परीक्षा शुरू हो गई थी। परीक्षा के दौरान कई केंद्र व्यवस्थापकों ने व्हाट्सएप ग्रुपों पर अभ्यर्थियों की उपस्थिति अपडेट की थी। यानी परीक्षा के दौरान प्रधानाचार्य अनधिकृत रूप से स्मार्टफोन चला रहे थे। ऐसे में कोई प्रश्नपत्र की फोटो खींचकर वायरल कर दे तो हंगामा तय है। सूत्रों के अनुसार परीक्षा से पहले शासन स्तर पर होने जा रही वीडियो कान्फ्रेंसिंग में इस बिन्दु पर प्रमुखता से चर्चा होने जा रही है। लापरवाही पर उड़नदस्ते में शामिल अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।

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