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Friday, January 7, 2022

Bhopal Samachar | No 1 hindi news portal of central india (madhya pradesh)

Bhopal Samachar | No 1 hindi news portal of central india (madhya pradesh)


JABALPUR NEWS- सर्दी खांसी की दवा खरीदने वालों के नाम नंबर नोट किए जाएंगे

Posted: 07 Jan 2022 02:04 PM PST

जबलपुर
। कलेक्टर ने सभी मेडिकल स्टोर संचालकों को आदेशित किया है कि सर्दी खांसी की दवा खरीदने वालों के नाम नंबर नोट करें और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के पास लिस्ट भेजें। मेडिकल स्टोर संचालकों को या काम हर रोज करना है। 

कलेक्टर कर्मी शर्मा ने केमिस्ट ऐसोसिएशन के साथ मीटिंग है कहा कि पूर्व की तरह इस बार भी कोरोना संक्रमण की रोकथाम के प्रयासों में प्रशासन का सहभागी बंद कर काम करना है। श्री शर्मा ने कहा कि दवा दुकानदार उनके यहां से सर्दी-खांसी एवं बुखार की दवा लेने वाले प्रत्येक व्यक्ति की नाम, मोबाइल नम्बर एवं पते सहित सूची स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध करायें ताकि कोरोना टेस्ट हेतु उनका सेम्पल लिया जा सके।      

श्री शर्मा ने केमिस्ट ऐसोसिएशन के पदाधिकारियों को कोरोना के उपचार के लिये जरूरी दवाओं की उपलब्धता सभी मेडीकल स्टोर्स पर निरंतर बनाये रखने के निर्देश भी दिये। उन्होंने कहा केमिस्ट एसोसिएशन को सुनिश्चित करना होगा कि कोरोना के उपचार के लिये आवश्यक दवाओं की किसी भी हालत में कालाबाजारी न हो। कोरोना की दवाओं की कालाबाजारी में यदि कोई मेडीकल स्टोर या उनसे जुड़ा कोई व्यक्ति लिप्त पाया जाता है तो उसके विरूद्ध कठोर कार्यवाही की जायेगी और उनका लायसेंस तक निलंबित किया जा सकता है। 

दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने एसडीएम सिहोरा का अध्क्षक्षता में कमेटी गठित कलेक्टर श्री शर्मा ने बैठक में बताया कि कोरोना के उपचार के लिये आवश्यक दवाओं की उपलब्धता पर निगरानी रखने इस बार भी प्रशासनिक एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की समिति बनाई गई है। एसडीएम सिहोरा आशीष पाण्डे के नेतृत्व में गठित यह समिति दवाओं के थोक व्यापारियों से लेकर निजी अस्पतालों तक दवाओं की उपलब्धता एवं वितरण पर निगरानी रखेगी। कलेक्टर कार्यालय में संपन्न हुई केमिस्ट ऐसोसिएशन के पदाधिकारियों की इस बैठक में सिविल सर्जन डॉ. राजकुमार चौधरी भी मौजूद थे। 
जबलपुर की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया jabalpur news पर क्लिक करें.

SAARA PORTAL: मुख्यमंत्री आवासीय भू अधिकार योजना के तहत आवेदन कैसे करें

Posted: 07 Jan 2022 01:53 PM PST

मध्यप्रदेश शासन द्वारा ऐसे नागरिक जिनके पास ग्रामीण क्षेत्र में रहने के लिए प्लॉट एवं घर नहीं है एवं परिवार निर्धारित पात्रता रखता है, निशुल्क आवासीय भूखंड (रेजिडेंशियल प्लॉट) उपलब्ध कराए जा रहे हैं। कृपया पात्र हितग्राहियों को बताएं कि इसके लिए किसी भी मध्यस्थ अथवा दलाल की जरूरत नहीं है। घर बैठे किसी भी कंप्यूटर या लैपटॉप से स्मार्ट एप्लीकेशन फॉर रेवेन्यू एडमिनिस्ट्रेशन (SAARA) के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। 

मुख्यमंत्री आवासीय भू अधिकार योजना: ऑनलाइन आवेदन कहां और कैसे करें, पढ़िए 

सबसे पहले मध्यप्रदेश शासन का ऑफिशियल SAARA PORTAL (saara.mp.gov.in) ओपन करें। 
ध्यान रखें किसी भी मिलते जुलते नाम वाले पोर्टल को ओपन ना करें। 
SAARA PORTAL पर सबसे पहले मुख्यमंत्री आवासीय भू अधिकार योजना का बॉक्स दिखाई देगा। 
बॉक्स पर माउस ले जाते ही APPLY का विकल्प मिलेगा, इसी पर क्लिक करें। 
मुख्यमंत्री आवासीय भू-अधिकार योजना के दिशा निर्देश दिखाई देंगे, कृपया ध्यानपूर्वक पढ़ें। 

पढ़ने के बाद सबसे नीचे 'आवेदन करें' बटन पर क्लिक करें। 
एक फॉर्म (प्ररूप-क) प्रदर्शित हो जाएगा। 
अपनी एवं अपने परिवार की सही जानकारी दर्ज करें। 
सबसे अंत में preview and submit नीला रंग का बटन दिखाई देगा, क्लिक करें। 
बस हो गया। आपका आवेदन प्रक्रिया में शामिल हो जाएगा।
मध्य प्रदेश की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया MP NEWS पर क्लिक करें.

ग्रामीण क्षेत्र में फ्री आवासीय प्लॉट हेतु आवेदन शुरू- MP MMABA YAJANA

Posted: 07 Jan 2022 01:41 PM PST

भोपाल
। मध्य प्रदेश मुख्यमंत्री आवासीय भू अधिकार योजना प्रारंभ हो गई है। इसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों में उन निर्धन नागरिकों को फ्री आवासीय प्लॉट दिए जाएंगे जिनके पास रहने के लिए अपना घर नहीं है और खेती के लिए पर्याप्त जमीन भी नहीं है। 

मुख्यमंत्री आवासीय भू-अधिकार योजना का लाभ किसे मिलेगा

मुख्यमंत्री आवासीय भू-अधिकार योजना का लाभ उन नागरिकों को मिलेगा जिनका नाम 01 जनवरी 2021 को उस ग्राम की प्रचलित मतदाता सूची दर्ज होगा जहां वह आवासीय भू-खण्ड चाहता है। जिस परिवार के पास ग्राम पंचायत के आबादी क्षेत्र में रहने के लिए कोई घर नहीं होगा और खेती के लिए पर्याप्त जमीन नहीं होगी।

मुख्यमंत्री आवासीय भू-अधिकार योजना: पात्रता

(क) आवेदक परिवार के पास स्‍वतंत्र रूप से रहने के लिये आवास नही है।
(ख) आवेदक परिवार के पास 5 एकड़ से कम भूमि है।
(ग) आवेदक परिवार सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पी.डी.एस.) दुकान से राशन प्राप्‍त करने के लिये पात्रता पर्ची धारित करता है।
(घ) आवेदक परिवार का कोई भी सदस्‍य आयकर दाता नही है।
(ङ) आवेदक परिवार को कोई भी सदस्‍य शासकीय सेवा में नही है।
(च) आवेदक का नाम उस ग्राम में जहां वह आवासीय भू-खण्‍ड चाहता है दिनांक 01 जनवरी, 2021 तक की मतदाता सूची में नाम दर्ज है।

मुख्यमंत्री आवासीय भू-अधिकार योजना: अपात्रता

ऐसे परिवार जिनके पास स्वतंत्र रूप से रहने के लिए आवास है, अपात्र होंगे। 
ऐसे परिवार जिनके पास पॉच एकड़ से अधिक भूमि है, योजना का लाभ नहीं मिलेगा। 
ऐसे परिवार जो सार्वजनिक वितरण प्रणाली PDS दुकान से राशन प्राप्त करने के लिए पात्रता पर्ची धारित नहीं करता है, अपात्र है। 
आवेदक परिवार का कोई भी सदस्य आयकर दाता है। 
आवेदक परिवार का कोई भी सदस्य शासकीय सेवा में है। 
उपरोक्त सभी मुख्यमंत्री आवासीय भू अधिकार योजना के तहत अपात्र माने गए हैं।

मुख्यमंत्री आवासीय भू-अधिकार योजना का संचालन कौन करेगा

मुख्यमंत्री आवासीय भू अधिकार योजना के तहत प्राप्त आवेदन तथा स्वीकृत प्रकरणों की ऑनलाईन मॉनीटरिंग एवं कार्य की प्रगति की समीक्षा प्रमुख राजस्व आयुक्त द्वारा की जाएगी। 
SAARA पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों की सूची तहसीलदार आईडी से देखी जा सकती है।
आवेदक को मुख्यमंत्री आवासीय भू-अधिकार योजना के तहत आवासीय भू-खण्ड प्राप्त करने के लिए ऑनलाईन SAARA पोर्टल के माध्यम से निर्धारित प्रारूप में आवेदन प्रस्तुत करना होगा।

मुख्यमंत्री आवासीय भू-अधिकार योजना की प्रक्रिया

(1) आवेदक द्वारा आवसीय भू-खण्‍ड प्राप्‍त करने हेतु ऑनलाइन आवेदन SAARA पोर्टल के माध्‍यम से प्रस्‍तुत करना होगा।
(2) उक्‍त प्रस्‍तुत आवेदन संबंधित ग्राम पंचायत के सचिव एवं पटवारी को परीक्षण/प्रतिवेदन हेतु प्रेषित किया जायेगा।
(3) ग्राम पंचायत के सचिव एवं पटवारी द्वारा आवेदन की जांच कर प्रतिवेदन तैयार किया जाएगा।
(4) प्राप्‍त प्रतिवेदन अनुसार प्रारंभिक/परीक्षण कर पात्र/अपात्र आवेदकों की सूची तैयार की जाएगी।
(5)पात्र,अपात्र परिवारों की ग्राम पंचायतवार सूची संबंधित ग्राम के निवासियों से आपत्‍तीयां या सुझाव आमंत्रित किये जाने हेतु प्रकाशित की जायेगी। सूचना चौपाल, गुडी, चावडी आदि सार्वजनिक स्‍थलों तथा ग्राम पंचायत कार्यालयों में चस्‍पा की जायेगी।
(6)तहसीलदार सूचना में विनिर्दिष्‍ट तारीख और स्‍थान पर आपत्तियों और सुझाव का परीक्षण करेगा और पात्र, अपात्र आवेदकों की सूची तैयार करेगा।
(7)तहसीलदार पात्र, अपात्र आवेदकों की सूची ग्राम सभा के अनुमोदन हेतु प्रेषित करेगा जो ग्राम सभा द्वारा अनुमोदन कर तहसीलदार को विचारार्थ प्रेषित की जाएगी। जिस पर तहसीलदार आवंटन हेतु आदेश पारित करेगा।
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श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड में श्राइन से क्या तात्पर्य है - GK in Hindi

Posted: 07 Jan 2022 01:02 PM PST

माता वैष्णो देवी तो पूरे भारत की आस्था केंद्र हैं। दशकों पूर्व मृत्यु का भय होने के बावजूद श्रृद्धालुओं की श्रृद्धा में कमी नहीं हुई। वर्तमान में सभी प्रकार की व्यवस्थाओं का संचालन SHRI MATA VAISHNO DEVI SHRINE BOARD द्वारा किया जाता है। प्रश्न यह है कि श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड में श्राइन का क्या अर्थ है। श्राइन शब्द को क्यों जोड़ा गया है। श्राइन एक हिंदी शब्द है या उर्दू। आइए पता लगाते हैं।

श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड क्या है

जम्मू और कश्मीर क्षेत्र में त्रिकूट पर्वत पर जब से माता वैष्णो देवी का अनुसंधान हुआ तभी से उनके श्रद्धालुओं की संख्या में निरंतर वृद्धि हो रही है। आस्था इतनी अटूट है कि दुर्गम पहाड़ी रास्ते पर मृत्यु का भय होने के बावजूद तीर्थयात्रियों की संख्या में वृद्धि होती रही। आतंकवाद के बाद भी श्रद्धालुओं की संख्या में कमी नहीं आई। यात्रियों की संख्या बढ़ने से 80 के दशक में बड़ी संख्या में ठग सक्रिय हो गए थे। इसी समस्या का समाधान और यात्रियों की सुविधा के लिए श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड का गठन किया गया। राज्यपाल महोदय इसके चेयरमैन होते हैं। बोर्ड के 10 सदस्य और हजारों अधिकारी कर्मचारी व्यवस्थाओं का सुचारू संचालन करते हैं। कुल मिलाकर श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड एक सरकारी नियंत्रण वाला संस्थान है। 

श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड में श्राइन का क्या अर्थ है 

नेशनल थर्मल पावर कारपोरेशन से रिटायर श्री नंदकिशोर शर्मा बताते हैं कि श्राइन ना तो हिंदी भाषा का शब्द है और ना ही उर्दू अथवा अरबी शब्द है। SHRINE तो एक इंग्लिश वर्ड है। SHRINE का अर्थ होता है पुण्य स्थल, तीर्थ स्थल, या फिर किसी देवी देवता का मंदिर। SHRI MATA VAISHNO DEVI SHRINE BOARD नाम में SHRINE से तात्पर्य 'पुण्य स्थल' है।  Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article 
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पहले आओ - पहले पाओ, सरकारी नियम वैध है या अवैध, जानिए- Legal General Knowledge

Posted: 07 Jan 2022 11:55 AM PST

कभी-कभी राज्य सरकार या उससे अभिकरण, कोई कार्यसंचालक द्वारा ऐसे नियम किसी संविदा, किसी लाइसेंस या कोई लोक-संपत्ति की नीलामी या उपयोग करने के लिए पहले आओ, पहले पाओ के नियम बना दिये जाते हैं जिससे कारण कभी-कभी योग्य उम्मीदवार को इसका लाभ नहीं मिल पाता है। क्या सरकार द्वारा आर्थिक नीति को सुधारने के लिए बनाया गया ऐसा नियम वैध होगा या अवैध जानिए।

सेण्टर फार पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन बनाम भारत संघ

उक्त मामले में उच्चतम न्यायालय ने यह अभिनिर्धारित किया कि संविदा दिये जाने या लाइसेंस स्वीकृति करने या लोक संपत्ति के उपयोग करने के लिए अनुमति दिये जाने के मामले में जो पहले आये उसकी सेवा पहले करने की नीति का अवलम्ब लेना खतरनाक है, जो कि अंतर्निहित व विवक्षित हैं। प्राकृतिक संसाधनों को अंतरित करने या संक्रमित करने में राज्य इस कर्तव्य के अधीन हैं कि वह व्यापक प्रचार देते हुये नीलामी का ढंग अपनाये जिसमे कि सभी योग्य व्यक्ति प्रकिया में सम्मिलित हो सके।

न्यायालय ने यह स्पष्ट कर दिया कि न्यायालय को राज्य की आर्थिक नीतियों में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए लेकिन जब वह स्पष्ट है कि राज्य या इसके अभिकरण/कार्यसंचालक द्वारा बनायी गयी नीति या इसे लागू किया जाना लोकहित के प्रतिकूल है या संवैधानिक सिद्धान्तों के प्रतिकूल हैं तो न्यायालय का कर्त्तव्य है कि वह अपनी अधिकारिता का इस्तेमाल व्यापक लोकहित में करे और राज्य के इस अभिवचन (वाद-पत्र) को खारिज कर दे कि न्यायिक पुनर्विचार का क्षेत्र मान्य प्राचलों से बाहर न जाने पाये।

न्यायालय को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि संस्थागत निष्ठा के साथ उन लोगों को समझौता न करना चाहिए जिनमें लोगों ने व्यापक विश्वास व्यक्त किया है और जिन्होंने यह शपथ लिया है कि वे भय या पक्षपात,प्रेम या दुर्भावरहित होकर संविधान तथा विधि के अनुसार कर्तव्यों का निर्वहन करेंगे और साथ-साथ अनुच्छेद 51-क में उल्लिखित कर्तव्यों का पालन करने के लिये बाध्य हैं। :- लेखक बी. आर. अहिरवार (पत्रकार एवं लॉ छात्र होशंगाबाद) 9827737665 | (Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article) इसी प्रकार की कानूनी जानकारियां पढ़िए, यदि आपके पास भी हैं कोई मजेदार एवं आमजनों के लिए उपयोगी जानकारी तो कृपया हमें ईमेल करें। editorbhopalsamachar@gmail.com

MP TET VARG 3 प्रश्नोत्तर- जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास को प्रभावित करने वाले कारक पर आधारित

Posted: 07 Jan 2022 11:37 AM PST

Question answers based on the Factors affecting Jean piaget's cognitive development

Q1 जीन पियाजे के हिसाब से विकास किस प्रकार की प्रक्रिया है-According to Jean Piaget Development is a which type of process? 
Ans-असतत (Discontinuous) 
Q2.  जीन पियाजे के अनुसार बच्चे कब सीखते हैं-
 According to Jean piaget when do children learn? 
Ans-जब वे सीखने के लिए तैयार होते हैं (When they are Ready to learn)
 
Q3. छोटे  बच्चों की  पाठ्यपुस्तक किस प्रकार की होनी चाहिए- which type of books should be for children? 
Ans- रंग- बिरंगे चित्रों, कविता, कहानी वाली (with full of colourful pictures, poems, story etc)
 
Q4. जब कोई बच्चा कोई खिलाने को तोड़ देता है तो हम उसे अक्सर डांट देते हैं, परंतु वह क्या करना चाह रहा होता है।- When a child breaks his or her toy, we used to scold him,but by doing this what he/she wants to do? 
Ans-अपने आसपास की चीजों को समझने की कोशिश करता है (He or she try to explore physical world) 

Q5. जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास को प्रभावित करने वाले कारकों में से सबसे कम महत्व किसे दिया है। Jean piaget gave least importance to the which factor  that affecs the cognitive development? 
Ans-सामाजिक जगत के साथ अन्य अन्य क्रिया
( interaction with the social world) 

Q6 जीन पियाजे के अनुसार स्कीमा क्या है- According to Jean piaget what is Schema? 
Ans-मिलती-जुलती सूचनाओं का समूह (Sets of Similar information) 

Q7. आत्मसातीकरण का क्या अर्थ है- What is the meaning of Assimilation? 
Ans- किसी चीज के लिए बने हुए पुराने स्कीमा में कुछ नया ऐड करना (add something in the the old stored Schema) 

Q8. समायोजन का क्या अर्थ है- What is the meaning of Accommodation? 
Ans- पुराने स्कीमा को आत्मसात करने के बाद  होने वाले असंतुलन के साथ मॉडिफाई होना (Accommodation is the process of adjusting schema due to disequilibrium) 

Q9.संतुलन क्या है-What is Equilibrium? 
Ans- सभी प्रकार की सूचनाओं के बीच बैलेंस बनाना (the state of balance between the Assimilated information and the information you have already) 

Q10. नए जमाने की चीजों के साथ अपने आप update करना किस प्रकार का उदाहरण है- To update ourself with the changing things with the time  is an example of? 
Ans-सबके बीच संतुलन (Balance Among All)
मध्य प्रदेश प्राथमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा के इंपोर्टेंट नोट्स के लिए कृपया mp tet varg 3 notes in hindi पर क्लिक करें.

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