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Monday, January 10, 2022

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में चूक के मुद्दे पर भाजपा जमशेदपुर अनुसूचित जाति मोर्चा ने दिया मौन धरना, कहा- पंजाब की कांग्रेस सरकार ने प्रधानमंत्री के गरिमा को ठेस पहुंचाई।

Posted: 10 Jan 2022 06:09 AM PST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में चूक के मुद्दे पर भाजपा जमशेदपुर अनुसूचित जाति मोर्चा ने दिया मौन धरना, कहा- पंजाब की कांग्रेस सरकार ने प्रधानमंत्री के गरिमा को ठेस पहुंचाई।

जमशेदपुर। पंजाब में पीएम नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में हुई चूक मामले में भाजपा का आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रही है। बीजेपी पंजाब सरकार और कांग्रेस पर लगातार हमलावर है। देश भर में बीजेपी की और से कांग्रेस का विरोध किया जा रहा है। इसी कड़ी में लौहनगरी जमशेदपुर में सोमवार को भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा की और से साकची पुराना कोर्ट गोलचक्कर पर स्थित संविधान निर्माता डॉ भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के समक्ष कार्यकर्ताओं ने मौन धरना देकर पंजाब की कांग्रेस सरकार का विरोध जताया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने बांह पर काली पट्टी बांधकर घटना पर विरोध दर्ज कराया। इससे पहले, भाजपा कार्यकर्ताओं ने डॉ भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर नमन करते हुए मौन धरना में भाग लिया।
धरने में शामिल भाजपा जमशेदपुर महानगर अध्यक्ष गुँजन यादव ने पीएम की सुरक्षा में हुई चूक को देश की संघीय ढांचे पर प्रहार बताया। उन्होंने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में चूक कर पंजाब सरकार ने प्रधानमंत्री पद की गरिमा को ठेस पहुंचाई है। दिल्ली में बैठे अपने आकाओं को खुश करने के लिए साजिश के तहत पंजाब की कांग्रेस सरकार ने इस प्रकार का शर्मनाक और अक्षम्य कृत्य किया है। जिलाध्यक्ष गुँजन यादव ने कहा कि संवैधानिक व्यवस्था के अंतर्गत राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री जिस प्रदेश में दौरे पर जाते हैं, उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी राज्य सरकार की होती है। परंतु पंजाब सरकार ने जिस प्रकार से प्रधानमंत्री की सुरक्षा में कोताही बरती है, वह निदंनीय है।
वहीं, एससी मोर्चा के जमशेदपुर महानगर अध्यक्ष अजीत कालिंदी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पंजाब दौरे के समय पुलिस के मुखिया का उपस्थित न होना और इस घटना के बाद मुख्यमंत्री द्वारा फोन न उठाना, कोई सामान्य घटना नहीं है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय षड्यंत्र के तहत कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी के इशारे पर पंजाब सरकार ने प्रधानमंत्री के खिलाफ साजिश रची थी। इस घटना की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
मौन धरना के दौरान भाजपा महानगर अध्यक्ष गुंजन यादव, पूर्व जिलाध्यक्ष चंद्रशेखर मिश्रा, भाजपा जिला महामंत्री राकेश सिंह, जिला कोषाध्यक्ष राजीव कुमार सिंह, मोर्चा के जिलाध्यक्ष अजीत कालिंदी, अनुसूचित जाति मोर्चा प्रभारी नीलू मछुआ, परसुडीह मंडल अध्यक्ष त्रिदेव चटराज, साकची पुर्वी मंडल महामंत्री जय प्रकाश सिंह, मोर्चा के उपाध्यक्ष राकेश मुखी, मनोज कारवां, दिलीप पासवान, महामंत्री पीके कारवां, शंभू कुमार राम, मंत्री सतीश मुखी, मिली दास, कोषाध्यक्ष चंद्रशेखर दास, सोशल मीडिया प्रभारी चंदन भारती, लीगल सेल प्रभारी मनीष कुमार रजक, मोर्चा के मंडल अध्यक्ष हीरालाल गणेश रजक, अशोक बेहरा, राजाराम कुमार बबलू मुखी, पोरेश कालिंदी, अशोक कुमार, शेरा बाग, विकास बाउरी, सबुर दास, सरजू मुखी, राहुल रजक, शिवा राम, मनोज मुखी, मनोज सिंह, घनश्याम कालिंदी, अभिषेक कुमार रजक, करण कुमार सिंह, मनोज कुमार मुखी, विवेक मुखी समेत अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे।
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बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हुए कोरोना पॉजिटिव, होम आइसोलेशन में रहेंगे

Posted: 10 Jan 2022 05:55 AM PST

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हुए कोरोना पॉजिटिव, होम आइसोलेशन में रहेंगे

बताया जा रहा है कि सीएम सुबह एंटीजन टेस्ट में निगेटिव थे. उसी समय आरटीपीसीर जांच कराई गई थी. अब रिपोर्ट आने के बाद पता चला है कि वो कोरोना पॉजिटिव हैं.
बिहार में कोरोना संक्रमण बड़ी तेजी से पांव पसार रहा है. कोरोना के कोविड-19 (Covid19) वैरिएंट के साथ-साथ अब डेल्टा (Delta) और ओमिक्रोन (Omicron) ने भी लोगों को अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया है. इधर अब फिर एक बार बिहार से बड़ी खबर आ रही है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) भी कोरोना पॉजिटिव हो गए हैं. बताया जा रहा है कि सीएम सुबह एंटीजन टेस्ट में निगेटिव थे. उसी समय आरटीपीसीआर जांच कराई गई थी. अब रिपोर्ट आने के बाद पता चला है कि वो कोरोना पॉजिटिव हैं.
सावधानियां बरतने की अपील
सीएमओ बिहार पर ट्वीट कर इसकी जानकारी दी गई है. लिखा गया कि- "माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार कोरोना जांच में पॉजिटिव पाए गए हैं. चिकित्सकों की सलाह पर वह होम आइसोलेशन में हैं. उन्होंने सभी से कोविड अनुकूल सावधानियां बरतने की अपील की है."
माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार कोरोना जाँच में पॉज़िटिव पाये गए हैं। चिकित्सकों की सलाह पर वह होम आइसोलेशन में हैं। उन्होंने सभी से कोविड अनुकूल सावधानियां बरतने की अपील की है।

कोरोना के साथ फैल रहा ओमिक्रोन
सभी पाठकों को  बता दें कि कोरोना संकट के बीच प्रदेश के सात जिलों के मरीजों में ओमिक्रोन वैरिएंट की पुष्टि हुई है. रविवार को आईजीआईएमएस (IGIMS, Patna) की माइक्रोबायोलॉजी लैब में की गई जीनोम सिक्वेंसिंग में 32 संक्रमितों की रिपोर्ट आई, जिसमें से 27 लोगों में कोरोना के ओमीक्रोन और चार लोगों में डेल्टा वेरिएंट की पुष्टि हुई. जबकि एक सैंपल में अपुष्ट वैरिएंट मिला. अस्पताल अधीक्षक ने बताया कि कुल 32 सैंपल में से 22 पटना के थे. पटना के 22 सैंपल में से 20 में ओमिक्रोन, एक में डेल्टा की पुष्टि हुई थी. उन्होंने बताया कि सैंपल यात्रा इतिहास वाले मरीजों का है, जो राज्य के बाहर कहीं घूमने या इलाज कराने गए थे. हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag

आज की युवा पीढ़ी और राष्ट्र के प्रति अभिमान - स्वामी विवेकानंद जयंती पर विशेष

Posted: 10 Jan 2022 05:47 AM PST

आज की युवा पीढ़ी और राष्ट्र के प्रति अभिमान - स्वामी विवेकानंद जयंती पर विशेष

परिचय : भारत एक प्रचंड युवा शक्ति से परिपूर्ण देश है। आंकड़ों के अनुसार देश मे 22 प्रतिशत जनसंख्या 18 से 29 वर्ष आयु वर्ग की है। ये युवा इस देश के मुख्य आधार स्तंभ हैं । यह स्तंभ जितना मजबूत और राष्ट्रनिष्ठ होगा, देश उतना ही आगे बढ़ेगा। फ्रेंच राज्य क्रांति के प्रणेता रूसो ने कहा था कि , "आपके देश में युवाओं के होठों पर कौन से गीत है ? मुझे बताओ, मैं तुम्हारे देश का भविष्य बताता हूं।" रूसो के वक्तव्य को किसी भी कसौटी पर जांच कर देखा जाए तो उसकी सत्यता स्वीकारणीय है। इस कसौटी को देश, काल, स्थिति आदि किसी का भी बंधन नहीं है । भारत के विषय में कहा जाए तो पिछले कुछ वर्षों में युवाओं में देशभक्ति की ज्योत जलती हुई प्रतीत होती है, फिर भी इसे देशभक्ति की धधकती ज्योत में बदलने के लिए एक ठोस प्रयास करने की आवश्यकता है।

भारत के गौरवशाली युवाओं का इतिहास: भारत का गौरवशाली युवाओं का एक लंबा इतिहास रहा है। आदि शंकराचार्य ने 11 वर्ष की आयु में आत्मज्ञान प्राप्त किया और हिंदू धर्म की पुनर्स्थापना के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। संत ज्ञानेश्वर महाराज ने 16 वर्ष की अल्पायु में महान ग्रंथ ज्ञानेश्वरी की रचना कर समाज को दिशा दी। 16 वर्ष की आयु में छत्रपति शिवाजी महाराज जी ने अपने साथियों के साथ रायरेश्वर के मंदिर में हिंदवी स्वराज्य की स्थापना का संकल्प लिया। मात्र 30 वर्ष की आयु में स्वामी विवेकानंद ने शिकागो में धर्मपरिषद में एक ऐतिहासिक भाषण दिया और दुनिया भर में हिंदू धर्म का ध्वज लहराया । अपने 39 वर्ष के कार्यकाल के दौरान, बाजीराव पेशवा जी ने मराठा साम्राज्य का विस्तार किया और सीमा पार जाकर अटक तक झंडे फहराए। हाल के समय में, लगभग सौ वर्ष पूर्व , बहुत ही कम आयु के युवा भारत की स्वतंत्रता के लिए हंसते-हंसते फांसी पर चढ़ गए। ऐसे कई प्रतिभाशाली नवयुवकों के उदाहरण हैं जिन्होंने धर्म और राष्ट्र के उत्थान के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया । आज इस गौरवशाली युवा की परंपरा का अंत हो गया है, यह निश्चित है! आज देश में असाधारण देशभक्ति और धर्मपरायणता वाले युवा हैं; परंतु इनकी संख्या कम है। भारत के युवाओं की समग्र तस्वीर पर दृष्टि डालें तो यह अधिक 'अर्थ' केंद्रित लगता है। यदि यह केंद्र 'अर्थ' से 'राष्ट्र' की ओर चला जाए तो देश की प्रगति में अधिक समय नहीं लगेगा।

वर्तमान की दयनीय स्थिति: आज का औसत भारतीय युवा हिंसक और अश्लील धारावाहिकों, फिल्मों, व्यसनों, अश्लील साहित्य के कारण मार्ग भटक गया है। बड़े पैमाने पर 'पैकेज' के रूप में गाड़ी-बंगला इन भौतिक सुख सुविधाओं को जीवन का ध्येय मानने के कारण युवाओं में आत्मकेंद्रितता बढ़ रही है, ऐसे स्वार्थी युवक जहां जन्मदाता माता-पिता को भी वृद्धाश्रम में रखते समय तनिक भी विचार नहीं करते, वहां वे राष्ट्र के लिए कुछ योगदान देंगे यह अपेक्षा रखना बहुत बड़ी गलती होगी । नशे की लत के कारण फिल्म अभिनेताओं पर हुई कार्यवाही देखकर दु:खी होने वाले युवा, जो फिल्म अभिनेताओं के निजी जीवन की घटनाओं को पढ़ने में रुचि रखते हैं, जो 'तकनीकी प्रेम' की आड़ में मोबाइल फोन, टेलीविजन, कंप्यूटर से ग्रस्त हैं, जो मुसीबत में फंसे हुए व्यक्ति को मदद करने की अपेक्षा उसकी असहाय स्थिति का चित्रीकरण करने मे मग्न हैं, ऐसे युवक राष्ट्र निर्मिति के कार्य में योगदान नहीं दे सकते ।

आज भी अनेक युवक भारत के राष्ट्रगीत और राष्ट्रीय गान के सन्दर्भ में भ्रमित हैं। आज भी बहुत से लोग 'वंदे मातरम' को पूर्ण नहीं गा सकते हैं। गोवा में कॉलेज के छात्रों के एक सर्वेक्षण के दौरान, छात्रों द्वारा भारत के राष्ट्रगान के रूप में 'हम होंगे कामयाब', 'ए मेरे वतन के लोगाें' जैसे जवाब मिले। पोद्दार इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन द्वारा किए गए एक सर्वेक्षण में पाया गया कि मुंबई, बैंगलोर और चेन्नई में 40 प्रतिशत छात्र राष्ट्रगान ठीक से नहीं गा सके। यदि राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति उदासीनता है, तो देशभक्ति के विषय में प्रश्न उठता है।

स्वामी विवेकानंद जी ने एक बार कहा था, "आज के युवा, देश को कैसे विकसित करें इसकी अपेक्षा कैसे बालों का सौंदर्य करें ।" इसके लिए अधिक चिंतित हैं । 'देश ने मुझे क्या दिया है?', इसकी अपेक्षा मैं देश को और क्या दे सकता हूं?' इसका विचार होना चाहिए ।

राष्ट्रभक्ति का प्रवाह क्षीण होने के कारण : स्वतंत्रता पूर्व काल में देशभक्ति से प्रभावित हुए युवा पीढी की देशप्रेम की भावना स्वातंत्र्योत्तर काल में क्षीण होने के कई कारण हैं। इसके पीछे मैकाले रचित शिक्षाशास्त्र मुख्य कारण है। आज डिग्री के कागजात लेकर विश्वविद्यालय से निकलने वाले युवाओं को नौकरी के लिए भटकना पड़ रहा है। यह एक सच्चाई है कि किताबी ज्ञान से स्नातक करने वाला एक युवा गहन ज्ञान प्राप्त करने के स्थान पर व्यावहारिक और यथार्थवादी दुनिया में अप्रभावी होता जा रहा है। फ्रांसीसी क्रांति कैसे हुई?, द्वितीय विश्व युद्ध कैसे हुआ?, इसका इतिहास आज शैक्षिक पाठ्यक्रमों में पढ़ाया जाता है; परंतु पेशवाओं ने सरहद पार झण्डा कैसे फहराया ?, 1857 का स्वतंत्रता संग्राम कैसे हुआ ? विजयनगर का साम्राज्य कैसे खड़ा रहा ? भारत की प्राचीन प्रगल्भ संस्कृति कैसी थी ? विज्ञान-तंत्रज्ञान में भारत कितना अग्रसर था ? भारत का सकल राष्ट्रीय उत्पादन का हिस्सा 30 प्रतिशत कैसे पहुंचा था ? इस विषय के बारे में युवा वर्ग को अनभिज्ञ रखने के कारण उनमें देशभक्ति निर्माण होने में बाधा उत्पन्न हुई है। उस विकृत इतिहास को थोपकर भारत के सभी गौरवशाली स्थानों को हीनता के केंद्र में बदल दिया गया है, तो उनमें देशभक्ति का निर्माण कहाँ से होगा? जो समाज अपने इतिहास को भूल जाता है वह एक उज्जवल भविष्य नहीं बना सकता। इसके लिए सिर्फ अकादमिक पाठ्यक्रम ही नहीं बल्कि मीडिया भी जिम्मेदार है। पाक्षिक 'आर्यनीति' के संपादक श्री. सत्यव्रत सामवेदी ने कहा था कि देश के युवाओं में देशभक्ति की प्रेरणा देने में मीडिया की विफलता राष्ट्र के पतन का एक महत्वपूर्ण कारण है! आज, युवा लोगों को फिल्म अभिनेताओं के नाम और उनके जन्मदिन से अवगत कराया जाता है; लेकिन क्रांतिकारियों और उनकी जयंती और वर्षगांठ के नाम ज्ञात नहीं हैं। जब यह स्थिति बदलेगी तो देश का वास्तविक विकास होगा।

राष्ट्रभक्ति के अभाव के दुष्परिणाम : राष्ट्रभक्ति के अभाव के कारण आज 'राष्ट्र प्रथम' की अपेक्षा 'स्वार्थ प्रथम' यह समीकरण बन गया है। आज के समय में अनेक बुद्धिमान युवा धनार्जन हेतु विदेशों में जा रहे हैं हैं। तथाकथित समाज कल्याण के नाम पर किए जाने वाले आंदोलनों में युवा पत्थर फेंककर, आग लगाकर और सड़कों को अवरुद्ध करके राष्ट्रीय सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाते हैं। कई लोग कानून अपने हाथ में लेते हैं। उन्हें इस बात का भान भी नहीं है कि राजनीतिक दल उनकी भावनाओं से खेल रहे हैं और अपनी स्वार्थ पूर्ति के लिए उनका उपयोग कर रहे हैं, जिस प्रकार जलती हुई लकड़ी घर को जला कर राख कर देती है, उसी प्रकार युवा पीढ़ी अपने साथ अपने देश का भी विनाश कर रही है,ऐसे दिखाई देता है। आज युवा पीढ़ी को जागृत कर तथा सन्मार्ग पर लगा कर युवा शक्ति का होने वाली हानि रोकने की आवश्यकता है ।

राष्ट्रभक्ति कैसे निर्माण करें? : देशभक्ति दिखाने के लिए हर किसी को सीमा पर जाकर लड़ना है, ऐसा नहीं है ; बल्कि कई सरल कार्यों का पालन करके भी व्यक्ति अपने आप में देशभक्ति का संस्कार निर्माण कर सकता है। देशभक्ति बढ़ाने के लिए अपनी स्वभाषा और स्वसंस्कृति पर गर्व करना चाहिए। इस गौरव को बनाने के लिए स्वभाषा और स्वसंस्कृति का अध्ययन करना, उनकी विशेषताओं को जानना आवश्यक है।

क्रांतिकारियों और देशभक्तों के चरित्रों का पठन करके देशभक्ति की ज्योत प्रज्वलित की जा सकती है। 15 अगस्त-26 जनवरी को गाड़ियों पर कागज के झंडे फहराने की अपेक्षा उस समय का राष्ट् और धर्म कार्यों में उपयोग करना और दूसरों को इसके बारे में जागरूक करना, यह एक राष्ट्रीय सेवा भी है। सड़कों पर गिरे राष्ट्रीय ध्वज को उठाकर और उन्हें स्थानीय प्रशासन को सौंपना, दूसरों को तिरंगे के केक न काटने की सलाह देना, तिरंगे के रंग के कपड़े या मास्क का उपयोग न करने की सलाह देना, इससे भी राष्ट्रीय अस्मिता के अनादर को रोकने के कार्य में योगदान किया जा सकता है।

आज विकास या धर्मनिरपेक्षता के नाम पर भारत विरोधी भावनाओं को व्यापक रूप से फैलाया जा रहा है। ऐसी राष्ट्रविरोधी विचारधाराओं का आज खंडन करने की आवश्यकता है। कानून का पालन करना, संकेतों का पालन करना, अपना काम ईमानदारी और सही तरीके से करना, अन्याय के विरुद्ध वैध तरीके से लड़ना, पूर्वजों के माध्यम से प्राप्त स्वतंत्रता को सुराज्य में बदलने का प्रयास करना भी राष्ट्रीय सेवा है। क्रिकेट मैच में भारत की जीत के बाद पटाखे फोड़ना,15 अगस्त और 26 जनवरी को देशभक्ति के गीत का 'रिंगटोन' लगाना सच्ची देशभक्ति नहीं है, तथापि देश के लिए बलिदान देने के लिए तैयार रहना, सुव्यवस्था निर्माण होने के लिए प्रयास करना देश भक्ति है। अपनी बुद्धि और कौशल्य का उपयोग राष्ट्रोध्दार के लिए करना, खरी राष्ट्र भक्ति है । धर्म राष्ट्र का प्राण है। इसलिए हमारी देशभक्ति को साधना की अर्थात उपासना के साथ की आवश्यकता है। छत्रपति शिवाजी महाराज तथा स्वामी विवेकानंद ने राष्ट्रीय उत्थान के लिए कार्य करते हुए अखंड साधना भी की थी । इसी प्रकार यदि युवा सनातन धर्म का पालन करें और साधना करे तो उनका व्यक्तिगत आध्यात्मिक विकास भी होगा । उनके कार्य के परिणाम में भी वृद्धि होगी। जब युवाओं का उत्थान होगा तभी समाज अर्थात राष्ट्र का उत्थान होगा ।
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‘वीर सावरकर - दी मैन हू कुड हैव प्रिवेंटेड पार्टिशन’ इस पुस्तक का गोवा में लोकार्पण !

Posted: 10 Jan 2022 05:44 AM PST

'वीर सावरकर - दी मैन हू कुड हैव प्रिवेंटेड पार्टिशन' इस पुस्तक का गोवा में लोकार्पण !

स्वा. सावरकरजी के विचारों के अनुसार आचरण किया होता, तो विभाजन नहीं,देश विश्‍वगुरु बन गया होता ! - श्री. उदय माहुरकर, केंद्रीय जानकारी आयुक्त

स्वा. सावरकर एक दूरदर्शी राष्ट्रपुरुष तथा राष्ट्रीय सुरक्षा के मानबिंदु थे । स्वा. सावरकरजी के विचारों के अनुसार आचरण न करने से देश की बडी हानि हुई । स्वा. सावरकरजी के विचारों के अनुसार यदि देश ने आचरण किया होता, तो देश का विभाजन नहीं हुआ होता । इसके विपरीत देश विश्‍वगुरु बन गया होता, ऐसा प्रतिपादन केंद्रीय जानकारी आयुक्त श्री. उदय माहूरकर ने किया । स्वातंत्र्यवीर सावरकरजी के जीवन पर पुनः प्रकाश डालनेवाले और श्री. उदय माहुरकर और सहलेखक श्री. चिरायू पंडित द्वारा लिखित 'वीर सावरकर - दि मैन हू कुड हैव प्रिवेंटेड पार्टिशन' नामक ग्रंथ के लोकार्पण के अवसर पर वे बोल रहे थे । हिन्दू जनजागृति समिति द्वारा आयोजित यह समारोह पणजी स्थित गोमंतक मराठा समाज - राजाराम स्मृति सभागृह में उत्साह से संपन्न हुआ । इस कार्यक्रम में मुंबई के 'स्वातंत्र्यवीर सावरकर राष्ट्रीय स्मारक' के अध्यक्ष श्री. प्रवीण दीक्षित (सेवानिवृत्त पुलिस महानिदेशक) प्रमुख अतिथि के रूप में 'ऑनलाइन' माध्यम से उपस्थित थे ।

शंखनाद, दीपप्रज्वलन, स्वा. सावरकर और छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा का पूजन कर कार्यक्रम प्रारंभ हुआ । इसके उपरांत श्री क्षेत्र तपोभूमि के धर्मभूषण प.पू. ब्रह्मेशानंद स्वामी महाराज के संदेश का वाचन किया गया । देशभक्ति की ज्योत प्रज्वलित रखनी चाहिए, ऐसे आशीर्वचन स्वामीजी ने दिए । इस समय कार्यक्रम का प्रास्ताविक करते हुए सनातन संस्था के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री. चेतन राजहंस ने कहा कि, स्वा. सावरकरजी के विचार ७० वर्ष हो जाने के उपरांत भी देश के लिए एक वैचारिक संपत्ति हैं । 'हिन्दू राष्ट्र' स्थापित करने का स्वा. सावरकरजी का स्वप्न साकार करने का दायित्व अब हिंदुओं का है । इस पुस्तक का वाचन करने से हिन्दुओं को नई ऊर्जा प्राप्त होगी । हिन्दू जनजागृति समिति के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री. रमेश शिंदे ने इस समय कहा किे, स्वा. सावरकरजी ने कहा कि 'एक बार यह भूल जाएं कि मैं 'मार्सेलिस' के समुद्र में कूदा था, तब भी चलेगा; परंतु मैं 'हिन्दू संगठक' हूं, यह मत भूलिए । इन्हीं विचारों का स्वीकार कर हमें स्वा. सावरकरजी के हिन्दू राष्ट्र का कार्य आगे ले जाना है । कहा जाता है कि 'चरखे के कारण देश को स्वतंत्रता मिली तो गोवा, दमण-दीव इस क्षेत्र को स्वतंत्रता 1961 में क्यों मिली ? गोवा के लिए सैनिकी कार्यवाही क्यों करनी पडी ? स्वा. सावरकरजी के विचार हमारे पास हैं । इन विचारों के आधार पर इससे आगे देश का होनेवाला विभाजन हम रोक सकते हैं । कार्यक्रम के प्रमुख अतिथि श्री. प्रवीण दीक्षित ने इस समय कहा कि, स्वा. सावरकरजी के विचारों से स्फूर्ति लेकर अनेकों ने बडा कार्य किया है । इसलिए स्वातंत्र्यवीर सावरकरजी के विचार वर्तमान काल में भी अनुकरणीय हैं । कार्यक्रम का सूत्रसंचालन श्री. शैलेश बेहरे ने किया तथा आभार प्रदर्शन समिति के गोवा राज्य समन्वयक श्री. सत्यविजय नाईक ने किया । यह कार्यक्रम ट्विटर और यू-ट्यूब इन सामाजिक माध्यमों से हजारों लोगों ने देखा । संपूर्ण वंदे मातरम् कहकर इस कार्यक्रम का समापन किया गया ।
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डिप्रेशन दूर करता है लाल टमाटर

Posted: 10 Jan 2022 05:42 AM PST

डिप्रेशन दूर करता है लाल टमाटर

(पं. आर.एस. द्विवेदी-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा)
खट्टे-मीठे स्वाद वाले टमाटर के बारे में यह विवाद रहा है कि यह फल है या सब्जी? पर चाहे जो भी हो सारे विश्व में लोग इसके दीवाने रहे हैं। और दीवाने क्यों न हों? इसमें रुप और स्वाद के साथ-साथ अनेक गुण भी तो मौजूद हैं। योरोप में 1,379 व्यक्तियों पर किए गए अध्ययन से ज्ञात हुआ है कि जो लोग भोजन में अधिक लाइकोपीन (जो टमाटर में पाया जाता है) लेते हैं, उनमें हृदयाघात के खतरे कम होते हैं। अध्ययन में शामिल अधिकांश लोग प्रौढ़ावस्था के थे और उनमें से 662 को दिल का दौरा पड़ चुका था। अध्ययन के अंतर्गत शरीर में लाइकोपीन की उपस्थिति की मात्रा का आकलन किया गया था। बीटा केरोटीन की तरह लाइकोपीन भी वसा में घुलने वाला पदार्थ है, जो आंतों में सोखा जाता है। लाइकोपीन की सुरक्षा क्रिया इसके प्रभावशाली ऑक्सीकरण रोधक के रूप में है, जिससे फ्री रेडिकलों के द्वारा कोशिकाओं, अणुओं और जीन्स की क्षति रुकती है। फ्री रेडिकल्स अत्यधिक प्रतिक्रियात्मक अणु हैं, जो रक्त प्रवाह में अन्य पदार्थों से मिलकर हानि पहुंचाते हैं। उदाहरण के लिए इनमें कोलेस्टरोलिमोआ धमनियों में जम जाता है और आघात का कारण बन सकता है। यह जेनेटिक परिवर्तन करके कैंसर उत्पन्न कर सकता है। फ्री रेडिकल क्षति से सूर्य प्रकाश के कारण होने वाला कैंसर अथवा ओजोन जैसे प्रदूषण में सांस लेने से फेफड़ों की बीमारियां हो सकती हैं। अब प्रदूषण भरे वातावरण से बचना हो या हृदय रोग को दूर रखना हो या कोलेस्ट्राल से बचना हो तो खूब टमाटर खाइए और स्वस्थ रहिए। एक अन्य अध्ययन में इसके एक और विशेष गुण का पता चला है कि यह अवसाद से दूर रखने में सहायक है।

अनुसंधानकर्ताओं ने इसके लिए 70 अथवा उससे अधिक उम्र के करीब 1000 पुरुष और महिलाओं के भोजन की आदत और उनके मानसिक स्वास्थ्य का विश्लेषण किया।

डेली मेल के अनुसार उन्होंने पाया कि जो लोग एक हफ्ते में दो से छह बार टमाटर खाते हैं उन्हें उन लोगों की तुलना में अवसाद से पीड़ित होने का खतरा 46 प्रतिशत कम होता है जो हफ्ते में केवल एक बार टमाटर खाते हैं अथवा नहीं खाते। चीन और जापान के अनुसंधानकर्ताओं द्वारा किए गए अध्ययन में पाया गया कि अन्य फलों और सब्जियों के सेवन से यह लाभ नहीं मिलता। मानसिक रूप से स्वस्थ रहने में गोभी, गाजर, प्याज और कद्दू में बहुत कम लाभदायक हैं या बिल्कुल भी फायदेमंद नहीं हैं। वास्तव में लाल टमाटर एक फल है। फल भी कोई ऐसा-वैसा नहीं बल्कि सेब की टक्कर का। जी हां, जितने गुण एक सेब में होते हैं उतने ही टमाटर में भी हैं। पहले लोग सोचा करते थे कि टमाटर विषाक्त और अम्लीय होता है, लेकिन टमाटर स्वास्थ्य के लिए बहुत गुणकारी है और वह क्षारीय प्रवृत्ति का है। टमाटर का इस्तेमाल सलाद, ग्रेवी, प्यूरी, सॉस, सब्जी, पुलाव व दाल में तो किया ही जाता है, आप चाहें तो इसे अपनी डाइट में भी शामिल कर सकते हैं।
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चुनावी परीक्षा में सफलता की तैयारी

Posted: 10 Jan 2022 05:39 AM PST

चुनावी परीक्षा में सफलता की तैयारी

(डॉ दिलीप अग्निहोत्री-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा)
विद्यार्थियों के लिए परीक्षा और नेताओं के लिए चुनाव का समय लगभग एक जैसा होता है। मन में अनेक प्रकार की आशंकाए उपजती है। तैयारियों पर चिंतन होता है। किसी का मनोबल उच्च स्तर पर रहता है। किसी में आत्मविश्वास की कमी रहती है। दोनों के लिए कर्तव्यों का अपना महत्व है। इस पर उनका अधिकार होता है। यह बात अलग है कि किसकी मेहनत कितनी रही। विगत कुछ वर्षों में पराजय के बाद ईवीएम पर ठीकरा फोड़ने का चलन भी बढा है। मतलब जीत गए तो उनकी मेहनत व कर्तव्य का निर्वाह,पराजित हुए तो ईवीएम जिम्मेदार। किंतु प्रारंभिक हंगामे के बाद ईवीएम को कोसने की राजनीति आगे नहीं बढ़ सकी। ऐसे में जनादेश को सहज भाव में स्वीकार करने के अतिरिक्त अन्य कोई विकल्प नहीं था। यह संयोग था कि चुनाव की घोषणा के कुछ घण्टे पहले योगी आदित्यनाथ एक कॉन्क्लेव में संवाद कर रहे थे। इसका आयोजन दूरदर्शन ने लखनऊ में किया था। दोपहर बारह बजे योगी आदित्यनाथ यहां पहुंचे थे। इस समय तक यह तय हो गया था कि शाम को चुनाव आयोग की नई दिल्ली में पत्रकार वार्ता होगी। इसमें उत्तर प्रदेश सहित पांच राज्यों के चुनाव कार्यक्रम की घोषणा होगी। कॉन्क्लेव में योगी आदित्यनाथ से इसी संदर्भ में प्रश्न किया गया। एंकर ने पूंछा कि परीक्षा में शामिल होने से पहले विद्यार्थी व चुनाव में उतरने से पहले नेताओं में एक जैसी धुकधुकी होती है। मुख्यमंत्री से पूंछा गया कि उन्हें कैसा लग रहा है। योगी आदित्यनाथ ने उत्तर में विद्यार्थियों व नेताओं दोनों पर लागू विचार का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वर्ष भर में जो विद्यार्थी मेहनत नहीं करता है, कक्षा में नही जाता है, उसकी समझ में चीजें स्पष्ट नहीं होती है।उसे ज्यादा घबराहट होती है। लेकिन जिसने नियमित रूप से अपनी कक्षाएं की हो,जिसने अपना कार्य समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया हो,जिसने हर एक क्षेत्र में अच्छा करने का प्रयास किया हो,उसमें उपलब्ध्यिों पर आधारित उत्साह होता है।यह मानना पड़ेगा कि मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के साथ ही योगी आदित्यनाथ मिशन मोड में आ गए थे। वह लगतार मेहनत करते रहे। पूरे प्रदेश की यात्रा करते रहे। योजनाओं के क्रियान्वयन के साथ ही उनका जायजा लेते रहे। जिस प्रकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विषय में कहा जाता है कि ध्येय पथ पर अनवरत चलते रहते है। ना अवकाश लेते है। ना विश्राम करते है। मतलब रात्रि में तीन चार घण्टे की नींद के अलावा वह आराम नहीं करते। योगी आदित्यनाथ की दिनचर्या भी बिल्कुल ऐसी है। यहां तक कि कोरोना संक्रमित होने के बाद भी उन्होंने विश्राम नहीं किये। अपने आवास से लगातार अधिकारियों के साथ मीटिंग करते रहे। उनको दिशा निर्देश देते रहे। कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आने के तत्काल बाद वह जनपदों को यात्रा पर निकल गए। लगभग सभी जनपदों में पहुंच कर उन्होंने कोरोना आपदा प्रबंधन का जायजा लिया था।

वस्तुतः उन्होंने कर्तव्य निर्वाह में एक पल भी व्यर्थ नहीं गंवाया। वह कहते है कि विपक्ष के लिए यह धुकधुकी का समय है। विपक्षी नेता समय रहते तैयारियों के प्रति गंभीर नहीं रहे। भाजपा को चुनावी परीक्षा से कोई घबराहट नहीं है। बल्कि हमारे लिए यह प्रजतन्त्र का उत्सव है। हम लोग उत्सव के रूप उसका आनंद भी लेंगे। योगी आदित्यनाथ को अपनी सरकार के कार्यों पर विश्वास है। इस आधार पर वह पुनः जनादेश मिलने के प्रति आश्वस्त है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को भाजपा का संबल मानते है। संगठन के स्तर पर भाजपा सर्वाधिक सक्रिय है। कोरोना आपदा के दौरान भी भाजपा संगठन ने आमजन के बीच अपनी सक्रियता को बनाये रखा था। इन सबका लाभ पार्टी को चुनाव में मिलेगा। भाजपा सरकार सबका साथ सबका विकास की भावना से कार्य कर रही है। योगी कहते है कि पहले दिन से तय कर लिया था कि हमारी सरकार प्रधानमंत्री के सबका साथ सबका विकास के मंत्र को अंगीकार करते हुए कार्य करेगी। विकास योजनाओं का लाभ सबको बिना भेद भाव के दिया गया हैं। विकास सबका किया है। अपने इस राष्ट्रवाद के मुद्दे से हमलोग कभी भी विचलित नहीं होंगे। भारत और हिन्दू विरोधी तत्व नरेंद्र मोदी और योगी को कैसे स्वीकार कर सकता है। ऐसे तत्वों परवाह करने की आवश्यकता नहीं है। राष्ट्रवाद,सुशासन और विकास भाजपा का चुनावी मुद्दा है। कानून का राज सर्वोच्च प्राथमिकता हैं। वर्तमान सरकार ने व्यवस्था को बदला है। पहले केवल सरकारें बदलती थी। व्यवस्था में बदलाव नहीं होता था। वर्तमान सरकार के कार्यकाल में एक भी दंगा नहीं हुआ। एक भी आतंकी घटनाय नहीं हुई। सभी पर्व और त्योहार शांतिपूर्वक ढंग से संपन्न कराया गया। यह सब व्यवस्था में सुधार के सकारात्मक परिणाम है। सरकार की प्रतिबद्धता प्रदेश की पच्चीस करोड़ जनता है। बिना भेदभाव के उनके लिए कानून का शासन स्थापित किया गया है। यह चुनाव अस्सी बनाम बीस प्रतिशत के बीच है। केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री किरण रिजिजू ने भी इस संदर्भ को उठाया। कहा कि स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव के लिए चुनाव प्रक्रिया में संशोधन करना उचित है। उन्हें अल्पसंख्यक क्यों नहीं माना जा रहा है। यह मामला कोर्ट में पहुंचा और कोर्ट ने केंद्र से जवाब मांगा है। यह सच्चाई है। लेकिन भाजपा सरकारें देश व प्रदेशों में सबका साथ सबका विकास की भावना से कार्य करती है। भाजपा सरकार में सबको एक दृष्टि से देखा जाता हैं। सबको साथ लेकर चलने का प्रयास किया जाता है। सरकार वृहद स्तर पर काम कर रही है। इससे समाज का कोई भी वर्ग विकास की दौड़ में पिछड़ेगा नहीं। प्रदेश सरकार के मंत्री मोहसिन रजा विपक्ष पर साम्प्रदायिक होने का आरोप लगाते है। मोहसिन रजा ने कहा कि विपक्ष के लोगों ने मुसलमानों को केवल खजूर की गुठली दी। एक्सीडेंटल हिन्दू ने मुसलमानों को डराया। सच्चे हिन्दू ने मुसलमानों के साथ न्याय किया। केंद्र में मोदी और उत्तर प्रदेश में योगी ने मुसलमानों को विकास की मुख्य धारा से जोड़ा। उत्तर प्रदेश में छियालीस लाख आवास दिए गए हैं। उसमें से बारह से तेरह लाख मुसलमानों को लाभ मिला है। पिछली सरकार तुष्टीकरण करती थी। भाजपा सरकार सबको साथ लेकर चल रही हैं। नरेंद्र मोदी सरकार ने मुस्लिम बहनों को तीन तलाक की कुप्रथा से मुक्त कराया। भाजपा सरकार ने मदरसों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम लागू किया। ओडीओपी योजना का बड़ा लाभ मुस्लिम समाज के लोगों को हुआ है। सरकार ने जाति धर्म को नहीं देखा है। पात्रता के आधार पर ईमानदारी से योजनाएं लागू कर रहे हैं। सभी योजनाओं में मुसलमानों को लाभ मिला है। बड़ी संख्या में मुसलमान इस सच्चाई को स्वीकार करने लगे है। मोहसिन रजा ने दावा किया कि पिछले लोकसभा चुनाव में मुस्लिम समाज का आठ प्रतिशत वोट भाजपा को मिला था। ईद विधानसभा चुनाव में भाजपा को मुसलमानों का बीस प्रतिशत वोट मिलेगा। वर्तमान सरकार धार्मिक क्षेत्र का विकास करती है। श्रद्धालुओं के लिए रास्ता बनाते हैं। अयोध्या काशी का विकास हो रहा है तो उससे सभी वर्ग के लोगों को लाभ होगा। साठ वर्षों तक कांग्रेस ने शासन किया। उन्होंने शौचालय बनाना भी मुनासिब नहीं समझा। नरेंद्र मोदी ने इसकी चिंता की। दंगा व आतंकी घटनाओं को रोका गया। देवबंद में एटीएस की स्थापना की गई है। मोहसिन ने कहा पच्चीस करोड़ आबादी का समुदाय अल्पसंख्यक नहीं हो सकता। (हिफी)
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चुनाव में पापी भी पुण्यात्मा

Posted: 10 Jan 2022 05:37 AM PST

चुनाव में पापी भी पुण्यात्मा

(अशोक त्रिपाठी-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा)

चुनाव लोकतंत्र के उत्सव होते हैं लेकिन स्वार्थ की राजनीति ने इस उत्सव को भी भ्रष्टाचार से सराबोर कर दिया है।पंजाब में भी पांच राज्यों के साथ विधानसभा के चुनाव होने हैं। चुनाव में कैसे भी जीत मिल जाए, इसके लिए अंधी दौड़ लग गयी है। अच्छे बुरे और पाप पुण्य का विचार ताख पर रख दिया गया है। यही कारण हज कि पंजाब के नेता इन दिनों अपनी सियासत चमकाने के लिए 'डेरा सच्चा सौदा' की तरफ दौड़ लगा रहे हैं, वह भी दलगत राजनीति से पूरी तरह परे होकर। डेरा सच्चा सौदा वही है जहां के मुखिया बाबा गुरुमीत राम रहीम बलात्कार और हत्या के जघन्य अपराध में जेल की रोटियां तोड़ रहे हैं। बताया जा रहा है कि पंजाब में विधानसभा चुनाव की तारीखें घोषित होते ही करीब 10-12 नेता, मंत्री, संभावित उम्मीदवार आदि बाबा गुरमीत राम रहीम के डेरा सच्चा सौदा में जाकर माथा टेक चुके हैं। इस मामले में दिलचस्प बात यह भी है कि डेरा सच्चा सौदा की तरफ दौड़ लगाने वाले नेता सभी प्रमुख दलों के हैं, फिर चाहे वह राज्य में सरकार चला रही कांग्रेस हो या फिर केंद्र की सत्ता संभाल रही भारतीय जनता पार्टी या फिर पंजाब में सरकार बनाने का मंसूबा बांध रही आम आदमी पार्टी (आप) और शिरोमणि अकाली दल (एसएडी)। डेरा सच्चा सौदा की पूरे पंजाब में करीब 84 शाखाएं हैं। इनमें से 11 शाखाएं सिर्फ बठिंडा जिले में हैं। पंजाब के मालवा क्षेत्र की 40 से अधिक सीटों पर डेरा सच्चा सौदा और उनके समर्थकों का असर है। इतना प्रभाव है कि वे किसी भी उम्मीदवार की जीत-हार तय कर सकते हैं। चुनाव आयोग ने 8 जनवरी को पंजाब विधानसभा चुनाव 2022 की तारीख का ऐलान कर दिया है। राज्य में 14 फरवरी को एक ही चरण में विधानसभा की 117सीटों के लिए मतदान होगा। चुनाव नतीजे 10 मार्च को आएंगे। चुनाव आयोग ने बताया कि पंजाब में चुनाव तारीख के ऐलान के साथ ही राज्य में आदर्श चुनाव सहिंता लागू कर दी गई है। पंजाब विधानसभा का कार्यकाल 27 मार्च 2022 को खत्म हो रहा है। मिली जानकारी के पंजाब में विधानसभा चुनाव की घोषणा होने के अगले ही दिन भाजपा के हरजीत ग्रेवाल और सुरजीत ग्यानी डेरा सच्चा सौदा पहुंचे हैं जबकि कांग्रेस के विजय इंदर सिंगला (मंत्री), साधु सिंह धरमसोत, हरमिंदर जस्सी और मंगत राय बंसल भी यहां आमद दर्ज करा चुके हैं. 'आप' की ओर से बठिंडा (शहर) के उम्मीदवार जगरूप गिल और शिअद के उम्मीदवार दिरबा गुलजार सिंह ने भी डेरा में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। बताया जाता है कि ये सभी नेता डेरा में 9 जनवरी को हुए सतसंग में शामिल हुए थे। यह सतसंग सलाबतपुरा में हुआ था। इन नेताओं ने हालांकि अपनी इस यात्रा के पीछे राजनीतिक मकसद होने की बात को पूरी तरह खारिज किया है। डेरा सच्चा सौदा की तरफ से भी अब तक इस पर कोई टिप्पणी नहीं आई है और न ही प्रतिक्रिया. लेकिन मायने फिर भी निकाले जा रहे हैं क्योंकि इस सतसंग में डेरा की राजनीतिक मामलों की समिति के राम सिंह और राज्य समिति के सदस्य भी मौजूद थे। ध्यान रखने लायक ये भी है कि अतीत में डेरा की ओर से खुलकर अपने अनुयायियों से किसी पार्टी विशेष के समर्थन या विरोध की अपील भी जाती रही है। हालांकि अभी डेरा की ओर से यह संकेत नहीं दिया गया है कि वह इस बार अपने अनुयायियों को किसका साथ देने के लिए कहेगा या फिर तटस्थ रहेगा।

पंजाब में 9 जनवरी को संगरूर, बठिंडा और फरीदकोट जिलों में डेरा सच्चा सौदा के संस्थापक प्रमुख शाह मस्ताना जी का जन्मदिन मनाने के लिए हजारों की संख्या में उमड़ी डेरा प्रेमियों की भीड़ ने एकाएक राजनीतिक दलों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। दि ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले कुछ साल से राजनीतिक गलियारों में अनदेखी को लेकर डेरा प्रेमी काफी गुस्से में भी दिखे। यहां पर ध्यान देने की बात है कि पंजाब की सियासत में डेरे आखिरी वक्त में गेमचेंजर साबित होते हैं। हालांकि इन डेरों के प्रमुख

सीधे तौर पर अपने अनुयायियों को किसी राजनीतिक दल को समर्थन देने के लिए नहीं कहते हैं, लेकिन मतदान से एक दिन पहले किया गया इशारा सियासी फेरबदल में अपनी भूमिका निभा जाता है।

एक रिपोर्ट के मुताबिक पंजाब में करीब 9 हजार सिख और करीब 12 हजार गैर सिख डेरे हैं। इन डेरों के करोड़ों प्रेमी देश भर में और विदेशों में फैले हुए हैं। डेरा सच्चा सौदा की बात करें तो यह कहा जाता है कि पंजाब 13 जिलों में करीब 35 लाख डेरा प्रेमी हैं, जबकि देश भर में इनकी संख्या करीब 2 करोड़ बताई जाती है। पंजाब में बठिंडा को डेरा सच्चा सौदा का गढ़ माना जाता है। इसके अलावा पंजाब के प्रमुख डेरों में पटियाला का राधा स्वामी सत्संग ब्यास और निरंकारी समुदाय है। मुक्तसर में दिव्य ज्योति जागृति संस्थान, डेरा सच्चा सौदा राधा स्वामी सत्संग ब्यास है। नवांशहर में दिव्य ज्योति जागृति संस्थान, गरीब दासी संप्रदाय से संबंधित डेरे हैं।कपूरथला में दिव्य ज्योति जागृति संस्थान, राधा स्वामी सत्संग ब्यास और निरंकारी समुदाय डेरा है।

इसी प्रकार अमृतसर में राधा स्वामी सत्संग ब्यास और निरंकारी समुदाय,जालंधर में दिव्य ज्योति जागृति संस्थान, डेरा सचखंड रायपुर बल्लां और निरंकारी समुदाय है।पठानकोट में डेरा जगत गिरी आश्रम है तो रोपड़ में बाबा हरनाम सिंह खालसा (धुम्मा) का डेरा, बाबा प्यारा सिंह भनियारां वाले के डेरों का प्रभाव है। तरनतारन में दिव्य ज्योति जागृति संस्थान श्रद्धालुओं का प्रमुख केंद्र है। इतिहास गवाह है कि 2017 विधानसभा चुनाव के दौरान शायद ही कोई नेता हो जो अपनी पार्टी के लिए समर्थन जुटाने के लिए इन डेरों में न पहुंचा हो।ध्यान रहे कि 2016 में राहुल गांधी डेरा ब्यास पहुंचे थे और उन्होंने वहां करीब 19 घंटे बिताए थे। इसी साल अर्थात 2016 में ही पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, पूर्व कैबिनेट मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया ने डेरा ब्यास में सोलर प्लांट का उद्घाटन किया था। मई 2016 में ही पंजाब के डिप्टी सीएम सुखबीर बादल, पंजाब कांग्रेस के तत्कालीन अध्यक्ष कैप्टन अमरिंदर सिंह और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल संत ढढरियांवाले पर हुए अटैक के बाद उनसे मिलने के लिए पटियाला में उनके डेरे पर पहुंच गए थे क्योंकि 2017 में विधानसभा चुनाव थे।सितंबर 2016 को शिक्षा मंत्री परगट सिंह और लोक इंसाफ पार्टी के बैंस बंधुओं ने डेरा ब्यास से चुनाव समर्थन के लिए बातचीत की थी। यह भी ध्यान देने की बात है कि 2017 के चुनाव से करीब पांच महीने पहले कैप्टन अमरिंदर सिंह डेरा ब्यास गए थे और सितंबर 2016 को केजरीवाल ने डेरा ब्यास के प्रमुख से मुलाकात की थी। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पूर्ण बहुमत से सरकार बनायी और स्वयं मुख्यमंत्री बने जबकि अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी ने पहली बार किसी राज्य में मुख्य विपक्षी दल का दर्जा हासिल किया था। उल्लेखनीय है कि राम रहीम के बेअदबी के मामलों के चलते लगभग सभी राजनीतिक दलों ने डेरा सच्चा सौदा से किनारा कर लिया था, क्योंकि मामले में डेरा प्रेमियों के संलिप्त होने के आरोप थे, लेकिन डेरा सच्चा सौदा के संस्थापक प्रमुख शाह मस्ताना का जन्म दिवस मनाने जुटे इन डेरा प्रेमियों की भीड़ ने यह भी बताने की कोशिश की कि अभी भी उनकी संख्या कम नहीं है और वह एकजुट हैं। विधानसभा की117 सीटों वाले पंजाब में 2017 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस 77 सीटें जीतकर 10 साल बाद सत्ता में लौटी थी। अकाली दल-बीजेपी गठबंधन केवल 18 सीटों पर सिमट गया था और आम आदमी पार्टी 20 सीटें जीतकर मुख्य विपक्षी दल बनी। (हिफी)
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दमदार सीएम के दमदार जवाब

Posted: 10 Jan 2022 05:34 AM PST

दमदार सीएम के दमदार जवाब

(अशोक त्रिपाठी-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा)
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ एक खुली किताब की तरह हैं। वे जो करते हैं,वही कहते भी हैं। कथनी और करनी की जगह करनी और कथनी एक होने से योगी आदित्य नाथ दमदार व्यक्तित्व के स्वामी हैं । यह बात उनकी पार्टी भाजपा भी समझ गयी है। राजनीतिक जानकारों के अनुसार योगी आदित्य नाथ अगर दमदार न होते तो आज भाजपा इतना बढचढकर दावे नहीं कर पाती।यहां की राजनीति के समीकरण भी बदले हो सकते थे। योगी ने जो किया है और जो करने वाले हैं, उसके बारे में साफ साफ बोल देते हैं। जनता भी इस पर विश्वास करती है। अयोध्या में भव्य दीपोत्सव उनका अपना आयोजन है। काशी में बाबा विश्वनाथ कारीडोर का निर्माण करवाना योगी आदित्य नाथ के बूते की ही बात थी। पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ ही यूपी की भी सियासत गरमा गई है। यहां 10 फरवरी से मतदान सात चरणों में होगा। चुनाव की तारीखों की घोषणा होते ही सभी सियासी दल अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी उत्तर प्रदेश में अपनी पार्टी की सरकार फिर से बनाने का विश्वास जताया। मुख्यमंत्री बड़ी ही बेबाकी से अपनी बात कहते हैं और विपक्ष पर निशाना भी साधते हैं। वे कोई झिझक नहीं दिखाते। इसीलिए उनके जवाब भी दमदार होते हैं। बात चाहे मथुरा के मंदिर की हो अथवा विपक्षी दलों के आरोपों की, योगी आदित्य नाथ साफ साफ जवाब देते हैं । वोटों के ध्रुवीकरण के सवाल पर भी वे अपनी बात सपाट और बेझिझक रखते हैं।

बीते दिनों उनका एक साक्षात्कार सुन रहा था। एक सवाल के जवाब में कि चुनाव से पहले आप मथुरा की बात कर रहे हैं, मुख्यमंत्री ने कहा कि क्यों न करें. जिसमें दम होगा वही मथुरा में मंदिर बनाएगा। हमने अयोध्या में राम मंदिर बनवा दिया। काशी में विश्वनाथ धाम का भी निर्माण हो गया। मथुरा में ब्रज तीर्थ विकास क्षेत्र का गठन कर दिया गया है। उनकी जगह वोटों की राजनीति करने वाला कोई नेता होता तो सवाल को टाल जाता क्योंकि एक सम्प्रदाय विशेष के लोग इससे नाराज हो सकते हैं। योगी आदित्य नाथ ने इस बात की जरा भी परवाह नहीं की।

कुछ सच्चाईयां ऐसी हैं, जिनसे इनकार भी नहीं किया जा सकता।

अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का मामला तो अदालत में चल रहा था लेकिन दीपावली पर भव्य दीपोत्सव तो तब भी हो सकता था लेकिन पूर्व की सरकारों ने इसमें रुचि ही नहीं दिखाई । योगी आदित्य नाथ की सरकार ने अयोध्या के लोगों को उसी युग की याद दिला दी जब भगवान राम अपने अनुज और पत्नी सीता के साथ चैदह साल बाद वनवास से वापस आए थे। यह एक दमदार फैसला है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ जब कहते हैं कि उनकी सरकार में एक भी दंगा नहीं हुआ तो यह एक सच्चाई है और सरकार की उपलब्धियों में भी इसे शामिल किया जाना चाहिए । लेकिन जब वह यह कहते हैं अगर हिन्दुओं का घर जलेगा तो मुस्लिमों का घर कैसे सुरक्षित रहेगा. जब हिन्दुओं का घर सुरक्षित रहेगा तो मुस्लिम भी सुरक्षित रहेगा,तो यह उनका दमदार जवाब है।

मुख्यमंत्री गोरक्षपीठ के पीठाधीश्वर हैं। इसलिए हिन्दुओं के झंडावरदार होना स्वाभाविक है।कट्टरवादी हिंदुत्व के मुद्दे पर वे विल्कुल सही कहते हैं कि हिंदुत्व कभी कट्टरवाद नहीं हो सकता. यह हमारे लिए गौरव है। योगी आदित्य नाथ कहते हैं कि हम लगातार विकास की बात करते हैं और उस पर काम भी करते हैं। हमने माफियाओं का राज खत्म किया। आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीती अपनाई। लोगों की सुरक्षा को पहले स्घ्थान पर रखा। हमारी बेटियों को किसी भी तरह का भय न हो. साथ ही गरीबों को सरकार की हर योजनाओं का लाभ मिल सके। इस प्रकार के दावे दमदार नेता ही कर सकता है।

विपक्षी दलों के नेताओं के दावे पर भी योगी दमदार जवाब देते हैं । मुख्यमंत्री कहते हैं कि अखिलेश यादव यदि 400 सीटों पर जीत की बात करते हैं तो वे सपना देख रहे हैं और सपना देखना बुरी बात नहीं हैं लेकिन जब उनको मौका मिला था तो उन्होंने क्या किया ये सभी को पता है। इसके साथ ही यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ कहते हैं कि अखिलेश यादव की तीन सीटों वाली बात सही है । एक सीट चचा कि एक खुद की और एक परिवार के किसी की ले लीजिए। सीएम योगी कहते हैं कि सपा, बसपा और कांग्रेस ने सत्ता का दुरुपयोग किया। उन्होंने राज्य के विकास के लिए कुछ भी नहीं किया। अब ये सभी लोग राम और कृष्घ्ण की शरण में जा रहे हैं लेकिन भगवान भी जानते हैं कि कौन कैसा है। प्रदेश में किसको किस चीज की जरूरत है, इसे भी योगी समझ रहे हैं। यही कारण है कि विधानसभा चुनाव की तिथियों की घोषणा से पहले उत्तर प्रदेश के खिलाड़ियों के लिए योगी सरकार ने बड़ी खुश खबरी दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के खिलाड़ियों के हित में तीन बड़े फैसले लिये। इससे खिलाड़ियों को न केवल नौकरियों में आरक्षण मिलेगा, बल्कि सीधे डिप्टी एसपी तक बन सकेंगे। योगी सरकार के फैसले के तहत अब समूह ग के पदों पर भर्ती में खिलाड़ियों को 2 फीसदी आरक्षण मिलेगा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट द्वारा यह फैसला लिया गया। योगी सरकार के फैसलों के मुताबिक पहले फैसले में समूह ग के पदों पर भर्तियों में खिलाड़ियों को 2 फीसदी आरक्षण मिलेगा। वहीं समूह ख, ग और घ के पदों पर आउट ऑफ टर्न प्रमोशन दिया जाएगा। इतना ही नहीं, नए फैसले के मुताबिक, खेलों में पदक पाने वाले अब अधिकारी स्तर के पदों मसलन बीडीओ,डीपीआरओ, बीएसए और डिप्टी एसपी जैसे अहम पदों पर सीधे नियुक्ति पा सकते हैं। इसी प्रकार आंगनबाड़ी कर्मियों और अन्य वर्गों को उनके लम्बित अधिकार दिये गये हैं। योगी कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश पुलिस (कुशल खिलाड़ी) की भर्ती एवं बिना पारी पदोन्नति नियमावली 2021 को भी मंजूरी दे दी, जिसके तहत कुशल खिलाड़ी के रूप में सब इंस्पेक्टर (दरोगा) के पद पर भी भर्ती हो सकेगी। मथुरा को लेकर योगी सरकार ने पहले ही अहम फैसला ले लिया है। योगी सरकार ने मथुरा वृंदावन में कृष्ण जन्मस्थल को लेकर बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने जन्मस्थल के 10 वर्ग किलोमीटर के दायरे को तीर्थस्थल घोषित किया है। बता दें कि इस इलाके में 22 नगर निगम वार्ड क्षेत्र आते हैं, जिसे तीर्थस्थल घोषित किया गया है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने मथुरा में ही जन्माष्टमी भी मनाई थी, जिसके बाद तीर्थस्थल घोषित किए जाने का फैसला काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जन्माष्टमी के कार्यक्रम में शामिल हुए योगी आदित्यनाथ ने कृष्ण जन्मस्थान पर पहुंचकर भगवान श्री कृष्ण के दर्शन किए थे।मथुरा में मुख्यमंत्री ने कहा था कि पहले त्योहार में बधाई देने के लिए विधायक, मुख्यमंत्री यहां नहीं आते थे और जो पहले मंदिरों में जाने से डरते थे, वे अब कह रहे हैं कि राम मेरे हैं, कृष्ण भी मेरे हैं।सच तो यह है कि यूपी में तीर्थस्थलों के विकास का काम चल रहा है। अयोध्या, वाराणसी, मथुरा आदि में सुविधाएं पहले की मुकाबले बेहतर हो रही हैं। अयोध्या में डेढ़ साल पहले आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राम मंदिर का निर्माण कार्य तेजी से जारी है। माना जा रहा है कि साल 2024 से पहले तक अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण पूरा हो जाएगा। (हिफी)हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag

कजाकिस्तान में हुए सामूहिक दंगों की बड़े पैमाने पर होगी जांच नूर-सुल्तान।

Posted: 10 Jan 2022 05:32 AM PST

कजाकिस्तान में हुए सामूहिक दंगों की बड़े पैमाने पर होगी जांच नूर-सुल्तान। 

पिछले दिनों कजाकिस्तान में हुए सामूहिक दंगों की कजाख कानून प्रवर्तन एक बड़ी जांच करेगा और विश्व समुदाय इसकी रिपोर्ट पेश करेगा। सुबह कजाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने इस बात की जानकारी दी। मंत्रालय ने आगे इस बात पर जोर देते हुए कहा कि देश को बड़े आतंकी समूहों द्वारा लक्षित किया गया था। मंत्रालय ने टेलीग्राम पर प्रकाशित एक बयान में कहा कि कानून प्रवर्तन एजेंसियों को मौजूदा स्थिति के कारणों की बड़े पैमाने पर जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। इस जांच के परिणाम अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने पेश किए जाएंगे। मंत्रालय ने मीडिया से कजाकिस्तान में अशांति के बारे में जानकारी को लोगों के सामने तोड़-मरोड़ कर पेश न करने का आह्वान किया। (हिफी)
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न्यूयॉर्क की इमारत में लगी भीषण आग, नौ बच्चों समेत 19 की मौत

Posted: 10 Jan 2022 05:30 AM PST

न्यूयॉर्क की इमारत में लगी भीषण आग, नौ बच्चों समेत 19 की मौत

न्यूयार्क। सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार न्यूयार्क शहर के ब्रोंक्स में एक आवासीय अपार्टमेंट की इमारत में भीषण आग लगने से नौ बच्चों सहित कम से कम 19 लोगों की मौत हो गई है। वहां के मेयर एरिक एडम्स ने कहा कि यह शहर के लिए एक भयावह, दर्दनाक क्षण है, उन्होंने कहा कि 32 से अधिक लोग हैं जिनकी हालत गंभीर बनी हुई है।मेयर ने बताया कि इस अग्निकांड को न्यूयार्क के सबसे भयानक हादसों में गिना जाएगा। उन्होंने कहा कि यह देश की सबसे बुरी घटनाओं में से एक गिनी जाएगी। आग पर काबू पाने के लिए घटनास्थल पर दमकल की 200 गाड़ियां पहुंचीं। आग की यह घटना ब्रोंक्स जू के पश्चिम में स्थित एक 19 मंजिला इमारत में लगी। आग दिन के करीब 11 बजे दूसरी एवं तीसरी मंजिल से फैलनी शुरू हुई थी। अपार्टमेंट में आग कैसे लगी, इसकी वजह का अभी पता नहीं लग सका है।
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पाकिस्तान में सेना प्रमुख की नियुक्ति को लेकर सरकार पर लगातार हमलावर विपक्ष

Posted: 10 Jan 2022 05:28 AM PST

पाकिस्तान में सेना प्रमुख की नियुक्ति को लेकर सरकार पर लगातार हमलावर विपक्ष 

इस्लामाबाद। पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के महासचिव अहसान इकबाल ने रविवार को सेना प्रमुख का कार्यकाल खत्म होने से पहले ही बढ़ाने की बात करने के लिए इमरान खान सरकार पर हमला बोला है। जियो न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार इकबाल ने रविवार को पीएम इमरान खान को सेना प्रमुख के कार्यकाल को सही समय से पहले ही बढ़ाने की बात करने के लिए लताड़ते हुए इसे राजनीतिक के लिए एक रणनीति बताया है। नरोवाल में पत्रकारों से बात करते हुए इकबाल ने कहा कि मौजूदा सेना प्रमुख के कार्यकाल के अंतिम तीन महीनों के दौरान एक नए सैन्य प्रमुख की नियुक्ति की जाती है। इसके चलते समय से पहले मौजूदा पाकिस्तान सेना प्रमुख के कार्यकाल को बढ़ाने की बात सिर्फ एक राजनीतिक रणनीति है। उन्होंने कहा कि सरकार सेना प्रमुख की नियुक्ति के मामले में अपना राजनीतिक कार्ड खेलने की कोशिश कर रही है। उन्होंने इसकी कड़ी निंदा भी की है।इससे पहले 6 जनवरी को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने एक इंटरव्यू में कहा था कि सेना के साथ उनके अमूल्य संबंध हैं।
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चीन के तिआनजिन शहर में ओमिक्रोन के मामले विकराल

Posted: 10 Jan 2022 05:24 AM PST

चीन के तिआनजिन शहर में ओमिक्रोन के मामले विकराल 

बीजिंग। उत्तरी चीन के शहर तिआनजिन ने कोराना के तेजी से फैलने वाले वैरिएंट ओमिक्रोन को फैलने से रोकने के लिए ट्रैवल नियमों को और कड़ा कर दिया है। इसके साथ ही अब स्थानीय निवासियों को शहर से बाहर जाने के लिए अधिकारियों से अनुमति लेनी होगी। राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ने बताया कि बीजिंग के दक्षिण-पूर्व बंदरगाह शहर में घरेलू संक्रमण के 21 नए मामले सामने आए हैं। 1.4 करोड़ आबादी वाले शहर तिआनजिन में घरेलू संक्रमण के साथ ओमिक्रोन के दो मामले सामने आए हैं। कोरोना वायरस के तेजी से फैलने वाले वैरिएंट ओमिक्रोन को देखते हुए विश्व के कई देशों ने ट्रैवल नियमों को कड़ा किया है। वहीं, अगले महीने यानि 4 फरवरी से बीजिंग में शुरू होने वाले शीत ओलंपिक खेलों की शुरुआत के पहले देश में ओमिक्रोन के मामले सामने आए हैं। इसके चलते चीन ओमिक्रोन को लेकर पहले से ही काफी सतर्क है। तिआनजिन शहर की सरकार ने बताया कि सभी क्षेत्रों, प्रांतों और शहरों में खासतौर से बीजिंग में ओमिक्रोन को फैलने से रोकने के लिए शहर में दो दिनों में सामूहिक टेस्टिंग को पूरा कर लिया जाएगा।
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11 जनवरी 2022, मंगलवार का दैनिक पंचांग एवं राशिफल - सभी १२ राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन ? क्या है आप की राशी में विशेष ? जाने प्रशिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. प्रेम सागर पाण्डेय से |

Posted: 10 Jan 2022 05:19 AM PST

11 जनवरी 2022, मंगलवार का दैनिक पंचांग एवं राशिफल - सभी १२ राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन ? क्या है आप की राशी में विशेष ? जाने प्रशिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. प्रेम सागर पाण्डेय से |

11 जनवरी 2022, मंगलवार का दैनिक पंचांग

🔅 तिथि नवमी दिन 04:59:01

🔅 नक्षत्र अश्विनी दिन 02:01:52

🔅 करण :

                कौलव 14:24:18

                तैतिल 27:34:54

🔅 पक्ष शुक्ल

🔅 योग सिद्ध 10:53:51

🔅 वार मंगलवार

☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ

🔅 सूर्योदय 06:44:36

🔅 चन्द्रोदय 12:56:59

🔅 चन्द्र राशि मेष

🔅 सूर्यास्त 17:16:31

🔅 चन्द्रास्त 26:21:00

🔅 ऋतु शिशिर

☀ हिन्दू मास एवं वर्ष

🔅 शक सम्वत 1943 प्लव

🔅 कलि सम्वत 5123

🔅 दिन काल 10:27:25

🔅 विक्रम सम्वत 2078

🔅 मास अमांत पौष

🔅 मास पूर्णिमांत पौष

☀ शुभ और अशुभ समय

☀ शुभ समय

🔅 अभिजित 12:08:08 - 12:49:57

☀ अशुभ समय

🔅 दुष्टमुहूर्त 09:20:49 - 10:02:38

🔅 कंटक 07:57:09 - 08:38:59

🔅 यमघण्ट 10:44:28 - 11:26:18

🔅 राहु काल 15:05:54 - 16:24:20

🔅 कुलिक 13:31:47 - 14:13:37

🔅 कालवेला या अर्द्धयाम 09:20:49 - 10:02:38

🔅 यमगण्ड 09:52:11 - 11:10:37

🔅 गुलिक काल 12:29:02 - 13:47:28

☀ दिशा शूल

🔅 दिशा शूल उत्तर

☀ चन्द्रबल और ताराबल

☀ ताराबल

🔅 अश्विनी, भरणी, कृत्तिका, मृगशिरा, पुनर्वसु, आश्लेषा, मघा, पूर्वा फाल्गुनी, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, विशाखा, ज्येष्ठा, मूल, पूर्वाषाढ़ा, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, पूर्वाभाद्रपद, रेवती

☀ चन्द्रबल

🔅 मेष, मिथुन, कर्क, तुला, वृश्चिक, कुम्भ

🌹विशेष ~ उत्तराषाढ़ नक्षत्र में सूर्य का प्रवेश दिन 02:12:25 से, पूरब दिशा में शुक्रोदय दिन 01:50:30 से। 🌹

पं.प्रेम सागर पाण्डेय्

11 जनवरी 2022, मंगलवार का दैनिक राशिफल

मेष (Aries): आपका दिन फलदायी रहेगा। परिवारजनों के साथ बैठकर आप महत्वपूर्ण चर्चा करेंगे। घर की साज-सज्जा में आपको परिवर्तन करने की इच्छा होगी। ऑफिस या व्यवसाय क्षेत्र में अधिकारियों के साथ भी महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी। सरकारी लाभ मिलने की संभावना है। ऑफिस से संबंधित कार्य के लिए यात्रा करनी पड़ेगी। कार्यभार बढ़ सकता है।

शुभ रंग = गुलाबी

शुभ अंक : 8

वृषभ (Tauras): नए कार्य की प्रेरणा मिलेगी और आप उन्हें प्रारंभ कर पाएंगे। किसी धार्मिक स्थल की मुलाकात से आपका मन भक्तिमय हो जाएगा। लंबे प्रवास का योग है। दूर स्थित स्नेहीजन या मित्रों के शुभ समाचार मिलेंगे। परेदश जाने की संभावनाएं उपस्थित होंगी। व्यापार में आर्थिक लाभ हो सकता है। स्वास्थ्य मध्यम रहेगा।

शुभ रंग = क्रीम

शुभ अंक : 2

मिथुन (Gemini): आज का दिन प्रतिकूल है अतः आज आप हर तरह से सावधान रहें ऐसी आपको सूचना देते हैं। आज किसी नए कार्य का प्रारंभ न करें। क्रोध के कारण कुछ अनिष्ट न हो, इसका खास ध्यान रखिएगा। रोगी कोई नया इलाज या शल्यचिकित्सा आज न करवाएं। कामवृत्तियों पर संयम रखने की कोशिश करें। अधिक खर्च होने से हाथ तंग रह सकता है।

शुभ रंग = क्रीम

शुभ अंक : 2

कर्क (Cancer): आज का संपूर्ण दिन आनंद-प्रमोद तथा मनोरंजन की प्रवृत्तियों में बीतेगा। आनंद-प्रमोद के साधन, वस्त्र इत्यादि की खरीद होगी। प्रणय संबंधों में सफलता मिल सकती है। उत्तम भोजन, वाहन-सुख के योग हैं तथा प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। व्यावसायिक क्षेत्र में भी लाभदायी दिन रहेगा। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।

शुभ रंग = पींक

शुभ अंक : 5

सिंह (Leo): आज का दिन मिश्र फलदायी है। घर में शांति का वातावरण रहेगा। दफ्तर में सहकर्मियों से कम सहयोग मिलेगा। दैनिक कार्यों में कुछ रुकावटें आएंगी। शत्रुओं तथा प्रतिस्पर्धियों की वजह से परेशानी होगी। उच्च पदाधिकारियों के साथ विवाद टालिएगा। आप में आज उदासीनता एवं शंकाशीलता खूब रहेगी जिससे मानसिक व्याकुलता का अनुभव होगा।

शुभ रंग = लाल

शुभ अंक : 1

कन्या (Virgo): आज आप संतान को लेकर चिंतित रहेंगे। मन विचलित रह सकता है। पेट से संबंधित व्याधि की वजह से दर्द रह सकता है। विद्योपार्जन करनेवालों के अभ्यास में अवरोध आएंगे। आकस्मिक खर्च की संभावनाएं हैं। बातचीत में तार्किक एवं बौद्धिक चर्चा से दूर रहिएगा। प्रियजनों से मिलाप होगा। शेयर-सट्टे में सावधान रहें।

शुभ रंग = उजला

शुभ अंक : 4

तुला (Libra): आज के दिन आप मानसिक रूप से थकावट का अनुभव करेंगे, ऐसा प्रतीत होता है। आज आप कुछ अधिक ही भावुक रहेंगे। मन में उठ रहे विचारों के कारण कुछ परेशान रहेगें। माता तथा स्त्री के विषयों में चिंता सताएगी। प्रवास के लिए आज का दिन प्रतिकूल है। पानी से दूरी रखें। निद्रा अपूर्ण रहने से मानसिक व्यग्रता रहेगी।

शुभ रंग = आसमानी

शुभ अंक : 7

वृश्चिक (Scorpio): आज पूरे दिन आप प्रसन्न रहेंगे। किसी नए कार्य का प्रारंभ कर पाएंगे। साथियों से सुख एवं आनंद की प्राप्ति होगी। मित्रों व स्वजनों से भेंट हो सकती है। किसी भी काम में आज आपको सफलता मिलेगी। आर्थिक लाभ एवं भाग्यवृद्धि के योग हैं। भाई-बहनों से लाभ होगा। प्रतिस्पर्धियों के समक्ष विजय मिलेगी। स्नेह संबंध बनेंगे। छोटे प्रवास की संभावनाए हैं।

शुभ रंग = गुलाबी

शुभ अंक : 8

धनु (Sagittarius): आज का दिन मध्यम फलदायी होगा। निरर्थक व्यय होगा। मन में ग्लानि रहेगी। परिवारजनों के साथ गलतफहमी की वजह से मनमुटाव हो सकते हैं। कार्यों में मनवांछित सफलता नहीं मिल पाएगी। दुविधायुक्त मनोदशा के कारण निर्णय नहीं ले पाएंगे, अतः आज कोई भी महत्वपूर्ण विषय पर निर्णय न लें ऐसा सूचित करते हैं।

शुभ रंग = पीला

शुभ अंक : 9

मकर (Capricorn): आज का दिन ईश्वर के स्मरण में बीतेगा। धार्मिक कार्य में आप व्यस्त रहेंगे। नौकरी-व्यवसाय में भी सानुकूल परिस्थिति रहेगी। आज आपका हर कार्य सरलता से पूर्ण होगा। मान-सम्मान मिलेगा। नौकरी में पदोन्नति के योग हैं। गृहस्थजीवन आनंदपूर्ण रहेगा। किसी दुर्घटना कि वजह से चोट न लगे इसका खास ध्यान रखें।

शुभ रंग = पींक

शुभ अंक : 5

कुंभ (Aquarius): धन के लेन-देन व जमीन जायदाद के सौदों में किसी की जिम्मेदारी न लेने की सूचना देते हैं। मानसिक रूप से आज एकाग्रता रहेगी। खर्च अधिक मात्रा में होगा। स्वास्थ्य के विषय में ध्यान रखें। पूंजी निवेश अनुचित स्थान पर न हो इसका ध्यान रखें। आपकी बातों से स्वजन सहमत न हों ऐसी संभावना है। क्रोध पर संयम रखें।

शुभ रंग = आसमानी

शुभ अंक : 7

मीन (Pisces): मित्रों से आज आप को लाभ होगा और उनके पीछे धन खर्च भी होगा। सामाजिक कार्यों में अधिक अभिरुचि रहेगी। बड़ों और मित्रों के साथ संपर्क या व्यवहार बन सकते हैं। किसी रमणीय स्थल के प्रवास का आयोजन हो सकता है। नए मित्र बनेंगे व ऐसे लोगों से संपर्क होगा जो कि भविष्य में आप के लिए लाभदायी साबित होंगे। घर से शुभ समाचार प्राप्त हो सकता है।

शुभ रंग = पीला

शुभ अंक : 9 
प्रेम सागर पाण्डेय् ,नक्षत्र ज्योतिष वास्तु अनुसंधान केन्द्र ,नि:शुल्क परामर्श - रविवार , दूरभाष 9122608219 / 9835654844
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मुस्कुराती रहे मेरी हिन्दी जग में चँहुओर

Posted: 10 Jan 2022 01:59 AM PST

विश्व हिन्दी दिवस के अवसर पर-:

मुस्कुराती रहे मेरी हिन्दी जग में चँहुओर

आज दिवस है जन गण मन की हिन्दी का,
मिलकर बढ़ायें हम सब हिन्दी का मान,
मुस्कुराती रहे मेरी हिन्दी जग में चहुँओर ,
मिले विश्व में इसे एक नयी पहचान
   मुस्कुराती रहे मेरी हिन्दी...।

सुर,तुलसी,कबीर,खुसरो की यह भाषा,
रहीम, रसखान, जायसी की यह आशा,
लाल, बाल, पाल ने डाली इसमें जान,
हिन्दी से हो पूरे जगत का कल्याण।
      मुस्कुराती रहे मेरी हिन्दी ...।

गाँधी,राजेन्द्र,पटेल,रेणु ने सींचा इसको,
विवेकानंद,अटल,रफी ने फुंके इसमें प्राण,
महादेवी,शिवपूजन,निराला ने दी आहुति,
दिनकर,पंत, नेपाली,लता ने बढ़ाई शान।
     मुस्कुराती रहे मेरी हिन्दी...।

अज्ञेय,दुष्यंत,वर्मा ने हिन्दी की दी ऊँचाई
नागार्जुन,शुक्ल ने हिन्दी में दिया योगदान,
भारतेंदु,इंशा,काम ने किया अपना जीवन कुर्बान,
आनंद,हसरत,समीर हिन्दी गीत से बने महान।
    मुस्कुराती रहे मेरी हिन्दी...।

प्रेमचंद, द्विवेदी, बेनीपुरी का इसमें आन,
नीरज, प्रदीप, गुलजार ने किया सम्मान,
मीरा,सरोजिनी ने की हिन्दी साहित्य की सेवा,
कवि"अकेला"को है हिन्दी पर स्वाभिमान।
     मुस्कुराती रहे मेरी...।
      -------0-----
        अरविन्द अकेलाहमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag

हिंदी समन्वय की भाषा

Posted: 10 Jan 2022 01:57 AM PST

हिंदी समन्वय की भाषा

जहानाबाद । सच्चिदानद शिक्षा एवं समाज कल्याण संस्थान की ओर से विश्व हिंदी दिवस के अवसर पर हिंदी संगोष्टी में जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन के उपाध्यक्ष साहित्यकार व इतिहासकार सत्येन्द्र कुमार पाठक ने कहा कि विश्व हिन्दी दिवस प्रति वर्ष 10 जनवरी को विश्व में हिंदी के प्रचार-प्रसार के लिये जागरूकता पैदा करना तथा हिन्दी को अन्तरराष्ट्रीय भाषा प्रथापित करना है। विदेशों में भारत के दूतावास तथा सरकारी कार्यालयों में विभिन्न विषयों पर हिन्दी में व्याख्यान आयोजित किये जाते रहे हैं। विश्व में हिन्दी का विकास और प्रचारित-प्रसारित करने के उद्देश्य से विश्व हिन्दी सम्मेलनों का प्रारंभ प्रथम विश्व हिन्दी सम्मेलन 10 जनवरी 1975 को नागपुर में आयोजित हुआ था । भारत के पूर्व प्रधानमन्त्री मनमोहन सिंह ने 10 जनवरी 2006 को प्रति वर्ष विश्व हिन्दी दिवस के रूप मनाये जाने की घोषणा की थी । भारतीय विदेश मंत्रालय ने विदेश में 10 जनवरी 2006 को पहली बार विश्व हिन्दी दिवस मनाया था।हिन्दी के प्रचार-प्रसार में विश्व में 147 संस्थाएँ कार्य कर रही है । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विश्व पटल पर हिंदी भाषा में भाषण देते हैं। इससे पहले दिवगंत प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने संयुक्त राष्ट्र संघ में हिंदी में भाषण दिया था। विश्व हिंदी दिवस 10 जनवरी को मनाया जाता है। हिंदी दिवस 14 सितंबर को मनाया जाता है। हिंदी के महान साहित्यकार व्यौहार राजेन्द्र सिंह ने हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने के लिए कड़ी मेहनत की। उनके संघर्ष और मेहनत की वजह से हिंदी राष्ट्रभाषा बन सकी। व्यौहार राजेन्द्र सिंह का जन्म 14 सितंबर, 1900 को मध्यप्रदेश के जबलपुर में हुआ था । सविंधान सभा ने उनके अथक प्रयास पर गंभीरता से संज्ञान लेते हुए 14 सितंबर, 1949 को सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि हिंदी ही देश की राष्ट्रभाषा होगी। हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने में काका कालेलकर, मैथिलीशरण गुप्त, हजारीप्रसाद द्विवेदी, सेठ गोविन्ददास की अहम भूमिका रही है।विश्व हिंदी दिवस संगोष्टी में जिला भाजपा बुद्धिजीवी प्रोकोष्ट जहानाबाद के संयोजक डॉ राधेश्याम शर्मा , संस्थान के कार्यक्रम पदाधिकारी पप्पू कुमार , जिला कृषक संगठन जहानाबाद के अध्यक्ष कामेश्वर सिंह आदि ने अपने अपने विचार व्यक्त किए ।
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हिन्दी दिवस पर अच्छा लगता है

Posted: 09 Jan 2022 09:20 PM PST

अन्तर्राष्ट्रीय हिन्दी दिवस पर अच्छा लगता है

अच्छी अच्छी बातें पढ़ना, अच्छा लगता है,
सीधी सच्ची बातें करना, अच्छा लगता है।
अंग्रेजी को लिखना पढ़ना, भाषा ज्ञान बताता,
मातृभाषा पर गौरव होना, अच्छा लगता है।
पडोसन को मम्मी कहो, मान सदा ही बढ़ता,
अपनी माँ को माँ कहना, सच्चा लगता है|
नहीं धरा पर प्रदूषण, स्वच्छ नीर नदियों में,
वृक्ष धरा के आभूषण हों, अच्छा लगता है।
प्रकृति के साथ जीऊं, प्रकृति के साथ बढूं,
तितली भौरों चिड़ियों संग, अच्छा लगता है।

अ कीर्ति वर्द्धन
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आयुष्मान भारत फ़ाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डाक्टर आर के गुप्ता ने खाद्य सामग्री का वितरण किया

Posted: 09 Jan 2022 07:12 AM PST

आयुष्मान भारत फ़ाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डाक्टर आर के गुप्ता ने  खाद्य सामग्री का वितरण किया

जितेन्द्र कुमार सिन्हा, पटना,
श्याम हेल्थ केयर एवं आयुष्मान भारत के राष्ट्रीय चिकित्सक संघ अध्यक्ष डाक्टर आर के गुप्ता ने जरूरतमंद लोगों के बीच 'श्याम की रसोई " के माध्यम से खाना का वितारण किया और लोगों को कोरोना महामारी से बचने के लिये सुझाव भी दिया। उन्होंने जरुरतमंद लोगों को गांधी मैदान, आकाशवाणी के नजदीक और पटना सिटी में भोजन का वितरण किया।
 उन्होंने कहा कि सभी लोग आगे आये और इस संकट की घड़ी में जरुरतमंद लोगों को सहयोग करें। ऐसा करने से  जरुरतमंद लोगों की दुआये एवं "श्याम बाबा की कृपा" आपके पूरे परिवार एवं व्यापार पर बनी रहेगी। हमारा एक ही सपना, भूखा सोऐ न कोई अपना। 
ध्यातव्य है कि यह सेवा बसंत थिरानी, चेतन थिरानी ,रोहित थिरानी ,धीरेन्द्र गुप्ता, अनिता गुप्ता ने दी है।
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रोटरी क्लब ऑफ चाणक्या ने किया ठेले का वितरण

Posted: 09 Jan 2022 07:10 AM PST

रोटरी क्लब ऑफ चाणक्या ने किया ठेले का वितरण

जितेन्द्र कुमार सिन्हा, पटना, 9 जनवरी ::
रोटरी क्लब ऑफ चाणक्या ने न्यू बोर्न केअर सेन्टर के प्रांगण में 3 ठेले का वितरण किया गया।उक्त कार्यक्रम 9 जनवरी (रविवार) को दोपहर 12 बजे आर्य कुमार रोड, राजेन्द्र नगर, पटना में
3 जरूरतमंद ब्यक्तियों को जीवन यापन के लिए ठेला बनवाकर दिया।
उक्त अवसर पर एक जरूरतमंद बुजुर्ग महिला रुक्मणि देवी को कचरी-पकौड़ी बना कर बेचने के लिए और उनके पति को लाई का लड्डू, तिल-पापड़ी बेचने के लिए एक ठेला दिया जायेगा। इनके 4 बच्चे हैं और बच्चे को पढ़ाने के लिए ठेले की मदद दी जा रही है।
राजेन्द्र नगर स्टेडियम के सामने जमीन पर सब्जी बेचने वाले मदन महतो, जो प्रतिदिन हरदास बीघा बिनटोली से सब्जी लाकर बेचते हैं को घूम-घूम कर सब्जी बेचने के लिए और अपने बच्चो का निर्वाह करने के लिए ठेला दिया गया। अजय कुमार को भी एक ठेला सब्जी बेचने के लिए दिया गया।
रोटेरियन अश्विनी गुप्ता ने अपने माता-पिता की पुण्य स्मृति में स्वरोजगार हेतु 2 ठेला दिया जा रहा है। एक ठेला रोटरी चाणक्य के पूर्व प्रेजिडेंट रोटेरियनआशीष बंका के द्वारा स्वरोजगार के लिए दिया गया।
उक्त अवसर पर रोटरी चाणक्या की प्रेसिडेंट अर्चना जैन ने कहा कि लगातार वह यह प्रयास कर रही हैं कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को रोजगार के लिए साधन उपलब्ध कराया जाय।
सभी लोगों को ठेला के साथ कंबल, टोपी, सब्जी, लाई, एवं आर्थिक मदद भी दी गई। रोटेरियन ईशान जैन, रोटेरियन संदीप चौधरी ,रोटेरियन अश्वनी गुप्ता, रोटेरियन आशीष बंका, रोटेरियन डॉ श्रवण कुमार, रोटेरियन नीना मोटानी, रोटेरियन डॉ नम्रता आनंद उपस्थित थी।
यह कार्यक्रम रोटेरियन नीना मोटानी के अथक प्रयास से सफल हुआ। नीना मोटानी कुशल समाजसेवी है जो लगातार कई सालों से निस्वार्थ भाव से सेवा कर रही है।
समाजसेवी एवं रोटेरियन डॉ नम्रता आनंद ने बताया की रोटरी चाणक्या के लगातार नए नए प्रयास और नवाचार ने मानवता को जिंदा रखा है। रोटरी चाणक्या का हर रोटेरियन निस्वार्थ भाव से जरूरतमंदों की सेवा करता है।
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सांस्कृतिक चेतना का विकास हिंदी

Posted: 09 Jan 2022 07:07 AM PST

सांस्कृतिक चेतना का विकास हिंदी 

सत्येन्द्र कुमार पाठक 
भारत में हिन्दी एवं देवनागरी को विविध सामाजिक क्षेत्रों में आगे लाने के लिये  हिंदी  आन्दोलन में साहित्यकारों, समाजसेवियों नवीन चन्द्र राय, श्रद्धाराम फिल्लौरी, स्वामी दयानन्द सरस्वती,पंडित सत्यनारायण शास्त्री, पंडित गौरीदत्त,भारतेंदु , निराला जी , मैथिलीशरण गुप्त , महावीर प्रसाद द्विवेदी ,  पत्रकारों एवं स्वतंत्रतता संग्राम-सेनानियों महात्मा गांधी, मदनमोहन मालवीय, पुरुषोत्तमदास टंडन आदि का विशेष योगदान था। युगान्तकारी ने देश के सांस्कृतिक आवश्यकताओं को पहचान कर  हिन्दी के लिये संघर्ष ,  सामाजिक-सांस्कृतिक जीवन में उसका व्यवहार सुदृढ और  मतरूकात का सिलसिला खत्म करके  हिन्दी को उसी मार्ग बढ़ने की प्रेरणा दी जिस पर बंगला, मराठी, तेलुगू आदि पहले से बढ़ रहीं थीं। हिन्दी का विकास हमारे राष्ट्रीय जीवन के लिये आवश्यक और अपरिहार्य था। विशाल हिन्दी प्रदेश का सांस्कृतिक विकास उर्दू के माध्यम से सम्भव न था। तुलसी , सुर , कवीर , रसखान , जायसी , विहारी आदि ने हिंदी के विकास में श्रेय है । सन् १९२८ में ख्वाजा हसन निजामी ने कुरान का हिन्दी अनुवाद कराया था । 14 सितम्बर 1949 को संविधान सभा के निर्णयानुसर   हिन्दी  केन्द्र सरकार की आधिकारिक भाषा  गयी ।  भारत मे क्षेत्रों में  हिंदी भाषा बोले जाने से   हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने का निर्णय लिया और इसी निर्णय के महत्व को प्रतिपादित करने तथा हिन्दी को हर क्षेत्र में प्रसारित करने के लिये वर्ष 1953 से पूरे भारत में 14 सितम्बर को प्रतिवर्ष हिन्दी-दिवस के रूप में मनाया जाता है। स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद हिन्दी को आधिकारिक भाषा के रूप में स्थापित करवाने के लिए काका कालेलकर, हजारीप्रसाद द्विवेदी, सेठ गोविन्ददास आदि साहित्यकारों को साथ लेकर  राजेन्द्र सिंह ने अथक प्रयास किए थे। वर्ष 1918 में गांधी जी ने हिन्दी साहित्य सम्मेलन में हिन्दी भाषा को राष्ट्रभाषा बनाने को कहा था। गांधी जी ने हिंदी को  जनमानस की भाषा कहा था।स्वतंत्र भारत की राष्ट्रभाषा के प्रश्न पर 14 सितम्बर 1949 को काफी विचार-विमर्श के बाद यह निर्णय लिया गया है । भारतीय संविधान के भाग 17 के अध्याय की अनुच्छेद 343(1) में  संघ की राष्ट्रभाषा हिन्दी और लिपि देवनागरी होगी तथा संघ के राजकीय प्रयोजनों के लिए प्रयोग होने वाले अंकों का रूप अंतर्राष्ट्रीय रूप होगा।यह निर्णय 14 सितम्बर को लिया गया ।  हिन्दी के मूर्धन्य साहित्यकार राजेन्द्र सिंहा का 14 सितंबर को  50-वां जन्मदिन होने के कारण हिन्दी दिवस के लिए श्रेष्ठ माना गया था। हालांकि जब राष्ट्रभाषा के रूप में इसे चुना गया और लागू किया गया । अंग्रेजी और चीनी भाषा के बाद हिन्दी भाषा विश्व  में तीसरी बड़ी भाषा है। हिन्दी को 177 देशों का समर्थन मिला है ।भारत की पहचान , जीवन मूल्यों, संस्कृति एवं संस्कारों की सच्ची संवाहक, संप्रेषक और परिचायक हिंदी   है।  सरल,  सहज और सुगम भाषा होने के साथ हिंदी विश्व की संभवतः सबसे वैज्ञानिक भाषा है जिसे दुनिया भर में समझने,  बोलने और चाहने वाले लोग बहुत बड़ी संख्या में मौजूद हैं। यह विश्व में तीसरी सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा है जो हमारे पारम्‍परिक ज्ञान, प्राचीन सभ्‍यता और आधुनिक प्रगति के बीच एक सेतु भी है। हिंदी भारत संघ की राजभाषा होने के साथ ही ग्यारह राज्यों और तीन संघ शासित क्षेत्रों की भी प्रमुख राजभाषा है। संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल इक्कीस भाषाओं के साथ हिंदी का एक विशेष स्थान है। हिन्दी दिवस के मौके पर राजभाषा विभाग द्वारा सी डैक के सहयोग से तैयार किये गये लर्निंग इंडियन लैंग्‍वेज विद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (लीला) के मोबाइल ऐप का लोकार्पण भी किया गया। इस ऐप से देश भर में विभिन्‍न भाषाओं के माध्‍यम से जन सामान्‍य को हिंदी सीखने में सुविधा और सरलता होगी तथा हिंदी भाषा को समझना, सीखना तथा कार्य करना संभव हो सकेगा।  विदेश मंत्रालय द्वारा ''विश्व हिंदी सम्मेलन'' और अन्य अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों के माध्यम से हिंदी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लोकप्रिय बनाने का कार्य किया जा रहा है । विश्‍वभर में करोड़ों की संख्‍या में भारतीय समुदाय के लोग एक संपर्क भाषा के रूप में हिन्‍दी का इस्‍तेमाल कर रहे हैं। इससे अंतर्राष्‍ट्रीय स्‍तर पर हिन्‍दी को एक नई पहचान मिली है। यूनेस्‍को की सात भाषाओं में हिंदी को भी मान्‍यता मिली है। भारतीय विचार और संस्‍कृति का वाहक होने का श्रेय हिन्‍दी को ही जाता है। संयुक्त राष्ट्र जैसी संस्थाओं में हिंदी की गूंज सुनाई देने लगी है।  सितंबर माह में  प्रधानमंत्री द्वारा संयुक्त राष्ट्र महासभा में हिंदी में ही अभिभाषण दिया गया था। विश्व हिंदी सचिवालय विदेशों में हिंदी का प्रचार-प्रसार करने और संयुक्त राष्ट्र में हिंदी को आधिकारिक भाषा बनाने के लिए कार्यरत है। हिंदी आम आदमी की भाषा के रूप में देश की एकता का सूत्र है ।  हिंदी के महत्त्व को गुरुदेव रवीन्द्र नाथ टैगोर ने कहा था, 'भारतीय भाषाएं नदियां हैं और हिंदी महानदी'। हिंदी के इसी महत्व को देखते हुए तकनीकी कंपनियां इस भाषा को बढ़ावा देने की कोशिश कर रही हैं । सूचना प्रौद्योगिकी में हिन्‍दी का इस्‍तेमाल बढ़ रहा है । विश्व  में 175  विश्वविद्यालयों में हिन्दी भाषा पढ़ाई जा रही है। ज्ञान-विज्ञान की पुस्तकें बड़े पैमाने पर हिंदी में लिखी जा रही है। सोशल मीडिया और संचार माध्यमों में हिंदी का प्रयोग निरंतर बढ़ रहा है। तकनीकी के युग में वि‍ज्ञान और इंजीनियरिंग के क्षेत्र में हिंदी में काम को बढ़ावा और देश की प्रगति में ग्रामीण जनसंख्‍या सहित सबकी भागीदारी सुनिश्चित कर रहा है । भाषा रूपी नदियाँ प्रवाहित होकर हिंदी रूपी सागर में समाहित है । भाषा निर्पेक्ष और समन्वय की भाषा हिंदी है । जान संस्कृति नवचेतना का स्तम्भ  हिंदी है । 
अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर हिन्दी के प्रति जागरुकता पैदा करने, समय-समय पर हिन्दी की विकास यात्रा का आकलन करने, लेखक व पाठक दोनों के स्तर पर हिन्दी साहित्य के प्रति सरोकारों को और दृढ़ करने, जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में हिन्दी के प्रयोग को प्रोत्साहन देने तथा हिन्दी के प्रति प्रवासी भारतीयों के भावुकतापूर्ण व महत्त्वपूर्ण रिश्तों को और अधिक गहराई व मान्यता प्रदान करने के उद्देश्य से 1975 में विश्व हिन्दी सम्मेलनआरम्भ की गयी। तत्कालीन प्रधानमन्त्री श्रीमती इन्दिरा गान्धी द्वारा उद्घाटन पहला विश्व हिन्दी सम्मेलन राष्ट्रभाषा प्रचार समिति, वर्धा के सहयोग से नागपुर में सम्पन्न हुआ था । भोपाल में आयोजित दसवाँ विश्व हिन्दी सम्मेलन का उद्घाटन तत्कालीन प्रधानमंत्री श्री मति इंदिरा गांधी द्वारा  10 अक्टूबर  1975 किया गया था । विश्व हिन्दी सम्मेलन  का सम्मेलन मारीशस, नई दिल्ली, पुन: मारीशस, त्रिनिडाड व टोबेगो, लन्दन, सूरीनाम न्यूयार्क और जोहांसबर्ग और २०१५ में भोपाल में आयोजित हुआ। २०१८ में इसका आयोजन मॉरीशस में प्रस्तावित है। 14 जनवरी 1975 नागपुर ,  भारत , 30 अगस्त 1976 पोर्ट लुई , मारीशस , 30  अक्टूबर 1983  नई दिल्ली ,  भारत , 2 -4 दिसम्बर 1993 पोर्ट लुई ,  मारीशस , 8 अप्रैल 1996 त्रिनिडाड-टोबेगो त्रिनिदाद और टोबैगो , 18  सितम्बर 1999 लंदन , यूनाइटेड किंगडम , 9  जून 2003 ,पारामरिब , सूरीनाम , 15 जुलाई 2007 यूयार्क संयुक्त राज्य अमेरिका , सितम्बर 2012 , जोहांसबर् , दक्षिण अफ्रीका , 10 -12 सितम्बर 2015 भोपाल् , भारत , 18-20  अगस्त 2018  पोर्ट लुई मॉरिशस तथा 12 वां विश्व हिंदी सम्मेलन फिजी के सुअवा सिटी में हुआ था ।प्रथम विश्व हिन्दी सम्मेलन 10  जनवरी से 14  जनवरी 1975 तक नागपुर में राष्ट्रभाषा प्रचार समिति वर्धा  द्वारा  आयोजित किया गया।  सम्मेलन से सम्बन्धित राष्ट्रीय आयोजन समिति के अध्यक्ष महामहिम उपराष्ट्रपति श्री बी डी जत्ती थे। राष्ट्रभाषा प्रचार समिति, वर्धा के अध्यक्ष श्री मधुकर राव चौधरी उस समय महाराष्ट्र के वित्त, नियोजन व अल्पबचत मन्त्री थे। पहले विश्व हिन्दी सम्मेलन का बोधवाक्य था - वसुधैव कुटुम्बकम। सम्मेलन के मुख्य अतिथि थे मॉरीशस के प्रधानमन्त्री श्री शिवसागर रामगुलाम, जिनकी अध्यक्षता में मॉरीशस से आये एक प्रतिनिधिमण्डल ने भी सम्मेलन में भाग लिया था। इस सम्मेलन में  30  देशों के 122 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। हिन्दी साहित्य सम्मेलन की स्थापना 1 मई 1910 ई. में नागरी प्रचारिणी सभा के तत्वावधान में हुआ। 1 मई सन् 1910 को काशी नागरी प्रचारिणी सभा, वाराणसी की एक बैठक में हिन्दी साहित्य सम्मेलन का एक आयोजन करने का निश्चय किया गया है । सम्मेलन रूपी इस विशाल वटवृक्ष की प्रशाखाएँ पूरे देश में हिन्दी प्रचार में लगी हुई हैं। राष्ट्रभाषा प्रचार समिति, वर्धा के माध्यम से जुड़ी हैं। उत्तरप्रदेशीय हिन्दी साहित्य सम्मेलन; मध्यप्रदेश हिन्दी साहित्य सम्मेलन, भोपाल; हरियाणा प्रादेशिक हिन्दी साहित्य सम्मेलन, गुड़गाँव; बम्बई प्रान्तीय हिन्दी साहित्य सम्मेलन, बम्बई; दिल्ली प्रान्तीय हिन्दी साहित्य सम्मेलन, दिल्ली; विन्ध्य प्रादेशिक हिन्दी साहित्य सम्मेलन, रीवा; ग्रामोत्थान विद्यापीठ, सँगरिया, राजस्थान; मैसूर हिन्दी प्रचार परिषद्, बैंगलूर; मध्य भारत हिन्दी साहित्य समिति, इंदौर; भारतेन्दु समिति कोटा, राजस्थान तथा साहित्य सदन, अबोहर , बिहार हिंदी साहित्य सम्मेलन पटना हैं। स्थापना वर्ष सन् 1910 से  प्रत्येक वर्ष हिन्दी साहित्य सम्मेलन अधिवेशन की गौरवमयी परंपरा 1910 से निरंतर चलती आ रही है । काशी , प्रयाग ,कलकत्ता,भागलपुर , लखनऊ, जबलपुर, इंदौर, बंबई, लाहौर, कानपुर, दिल्ली, देहरादून, वृंदावन, भरतपुर, मुजफ्फरपुर, गोरखपुर, झाँसी, ग्वालियर, नागपुर, मद्रास, शिमला, पूना, अबोहर, हरिद्वार, जयपुर, उदयपुर, करांची, मेरठ, हैदराबाद और कोटा आदि में अधिवेशन हुए। हिन्दी साहित्य सम्मलेन के सभापति में 01 . महामना पंडित मदनमोहन मालवीय (सन् 1910) , 02 .पंडित गोविन्दनारायण मिश्र (सन् 1911) ,03 . उपाध्याय पंडित बद्रीनारायण चौधरी 'प्रेमघन' (सन् 1912) ,04 . महात्मा मुंशीराम (स्वामी श्रद्धानंद) (सन् 1913) ,05  श्रीधर पाठक (सन् 1914) ,06  राय बहादुर बाबू श्यामसुंदर दास बी०ए० (सन् 1915) ,07. महामना महामहोपाध्याय पंडित रामावतार शर्मा (सन् 1916) , 08  कर्मवीर मोहनदास करमचंद गाँधी (सन् 1918) , 09 महामना पंडित मदन मोहन मालवीय (सन् 1919) ,10 . राय बहादुर पंडित विष्णु दत्त शुक्ल (सन् 1920) ,11 . डॉ० भगवान दास एम० ए० डी० लिट् (सन् 1921) ,12  पंडित जगन्नाथ प्रसाद चतुर्वेदी (सन् 1922) ,13  पुरुषोत्तम दास टंडन (सन् 1923) ,14 . पंडित अयोध्या सिंह उपाध्याय 'हरिऔध' (सन् 1924) ,15  पंडित माधवराव सप्रे (सन् 1924) ,16 . श्री अमृतलाल चक्रवर्ती (सन् 1925) ,17.  म०म०रा०ब० पंडित गौरीशंकर हीराचन्द ओझा (सन् 1926) ,18 . पंडित पद्मसिंह शर्मा (सन् 1928) ,19 . श्री गणेश शंकर विद्यार्थी (सन् 1930) ,20  बाबू जगन्नाथदास रत्नाकर बी०ए० (सन् 1931) ,21 पंडित किशोरीलाल गोस्वामी (सन् 1932) ,22. राव राजा डॉ० श्याम बिहारी मिश्र एम०ए० (सन् 1933) ,23 . महाराजा सर सयाजीराव गायकवाड़ (वडोदरा) (सन् 1934) ,24  महात्मा मोहनदास करमचंद गाँधी (सन् 1935) ,25 . डॉ० राजेंद्र प्रसाद (सन् 1936) ,26 . सेठ जमनालाल बजाज (सन् 1937) ,27 . पंडित बाबूराव विष्णु पराडकर (सन् 1938) ,28 . पंडित अम्बिका प्रसाद वाजपेयी (सन् 1939) ,29  श्री संपूर्णानंद (सन् 1940) ,30 . डॉ० अमरनाथ झा (सन् 1941) ,31 . पंडित माखनलाल चतुर्वेदी (सन् 1943) हुए है ।  बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन की स्थापना मुजफ्फरपुर के हिन्दू भवन में 19 अक्टूबर 1919 को, श्रीयुत जगन्नाथ प्रसाद एम॰ ए॰ बी॰ एल॰ काव्यतीर्थ के सभापतित्व में, हिन्दी सेवियों और हिन्दी प्रेमियों की एक सार्वजनिक सभा हुई ।  1920 में सम्मेलन का 10वां अधिवेशन बिहार में सुनिश्चित हुआ और इसी के साथ बिहार हिंदी साहित्य सम्मेलन की स्थापना की सुगबुगाहट भी शुरू हुई थी । डॉ राजेंद्र प्रसाद के विशेष पहल व लक्ष्मी नारायण सिंह, मथुरा प्रसाद दीक्षित, बाबू वैद्यनाथ प्रसाद सिंह, पीर मोहम्मद यूनिस, लतीफ हुसैन नटवर और पंडित दर्शन केशरी पांडेय जी के प्रयास से मुजफ्फरपुर के हिन्दू भवन में 19 अक्टूबर 1919 को जगन्नाथ प्रसाद के सभापतित्व में सार्वजनिक सभा हुई जिसमें बिहार हिंदी साहित्य सम्मेलन की स्थापना का निर्णय हुआ। 1919 में साहित्य सम्मेलन की स्थापना के बाद 1920 में अखिल भारतीय हिन्दी साहित्य सम्मेलन का 10वां सम्मेलन पटना में आयोजित करने की घोषणा हुई थी। जिसको लेकर ही पटना में अखिल भारतीय हिन्दी साहित्य सम्मेलन की स्थापना की गई। शुरू में ज़मीन उपलब्ध न होने के चलते किराए की भूमि पर इसके कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता था। पहले इसका मुख्यालय मुजफ्फरपुर में हुआ करता था फिर 1935 में इस मुख्यालय को पटना में लाया गया और 1937 में हिन्दी साहित्य सम्मेलन के लिए कदमकुआं में अपनी ज़मीन मिली। साहित्य सम्मेलन प्रारंभ से ही हिन्दी साहित्य जगत की बड़ी विभूतियों और स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े सारे बड़े नेताओं का केन्द्र हुआ करता था। डॉ॰ राजेन्द्र प्रसाद सहित हिंदी विभूतियां द्वारा बिहार  साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष पद को सुशोभित करते रहे। हिंदी के विकास का श्रय पूर्व प्रधान मंत्री अटलबिहारी बाजपेयी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में हिंदी का रूप दिया वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हिंदी को विश्व स्तरीय मंच पर संयुक्त राष्ट्र में हिंदी की गरिमा बढ़ाई गई है । बिहार में बिहार हिंदी साहित्य सम्मेलन , बिहार हिंदी ग्रंथ अकादमी , बिहार राष्ट्रभाषा परिषद और राजभाषा विभाग बिहार सरकार हिंदी के विकास में सक्रिय है।
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समाजसेवी राजीव उपाध्याय के द्वारा बुजुर्ग गरीबों, असहायों को वितरित किया गया कंबल

Posted: 09 Jan 2022 06:52 AM PST

समाजसेवी राजीव उपाध्याय के द्वारा बुजुर्ग गरीबों, असहायों को वितरित किया गया कंबल

मुकेश कुमार , मढौरा, सारण । 
आज समाजसेवी राजीव उपाध्याय के द्वारा साधनापुरी वार्ड न.--23 , छपरा में गरीब बुजुर्गों, खासकर ज्यादा संख्या में महिलाओं को ठंड से राहत के लिए कंबल वितरित किया गया साथ ही राजीव उपाध्याय के द्वारा कोरोना प्रोटोकॉल के नियम को बताया गया । मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग पर भी जोर दिया गया । बताते चलें कि राजीव उपाध्याय समाजसेवी के रूप में वर्षों से अपनी सेवाएं देते आ रहे हैं । समय-समय पर गरीब, असहाय लोगों की मदद करना, वस्त्र, अन्न और धन के द्वारा भी लाचार और गरीबों की मदद करते हैं । राह चलते अगर कोई परेशानी किसी को होती है तो वे बिना किसी जाति, धर्म, संप्रदाय से ऊपर उठकर हर संभव मानवीय रिश्तों को निभाने की कोशिश करते हैं । मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि मानवीय रूप से एक मनुष्य का धर्म है कि वह अपने बीच असहाय लोगों की मदद करें । मैं किसी लाभ की आशा से या अपनी पहचान बनाने के लिए ऐसा कुछ नहीं करता । मैं मानव धर्म का पालन करते हुए इस दिशा में अपने कर्तव्यों का निर्वहन करता हूं और जो मुझसे संभव हो पाएगा मैं आगे भी करूंगा । कंबल पाकर गरीब महिलाओं के चेहरे खिल उठे । उन्होंने राजीव उपाध्याय के सुंदर कार्य की सराहना करते हुए उन्हें दुआएं दी ।
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आचार संहिता लागू होते ही पुलिस प्रशासन के द्वारा हटवाए गए चौराहों से राजनीतिक दलों के बैनर और पोस्टर ।

Posted: 09 Jan 2022 06:51 AM PST

आचार संहिता लागू होते ही पुलिस प्रशासन के द्वारा हटवाए गए चौराहों से राजनीतिक दलों के बैनर और पोस्टर । 

सरोजीत मजुमदार, बंगरा बाजार, भाटपार रानी, देवरिया । 
भाटपार रानी तहसील अंतर्गत बंगरा बाजार के चौराहे पर , जहां-तहां बिजली के खंभों पर लगे राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं के बैनर व पोस्टर पुलिस प्रशासन के द्वारा हटवाए गए । इस दौरान एक पुलिस अधिकारी साथ  कुछ पुलिस कांस्टेबल के द्वारा इन बैनर और पोस्टरों को उतरवाकर एक वाहन में रख कर ले जाया गया ।
ज्ञातव्य है की कल  9 दिसंबर को उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव की  तिथियों की  घोषणा के साथ ही पूरे प्रदेश में आचार संहिता लागू हो गया । इसके मद्देनजर भाटपार रानी तहसील क्षेत्र के समस्त चट्टी, चौराहों से, बिजली के खंभों पर जहां- तहां लगे बैनर पोस्टर को उतारने का काम पुलिस प्रशासन करवा रही है ।
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हिन्दी बेचारी

Posted: 09 Jan 2022 06:48 AM PST

हिन्दी बेचारी 

 राष्ट्र है मेरे अपने घर 
भारती हूँ मैं कहलाती 
जनमानस की हूँ सदा 
सरल अभिव्यक्ति मैं 
राजदुलारी जन सभा की 
अवहेलना का दंश मुझे तो 
आज तक बरबस झेलना 
नियति हमारी सदियों से 
बनती आ रही है, घर में 
अकेली महिला की भाँति 
प्रताड़ित होती आ रही है 
पिता हमारे खेवनहार वो 
नजर अंदाज़ है करते रहे 
घर की बनकर रह गई चेरी 
उपेक्षिता सी जिंदगी मेरी 
जब कभी आवाज उठाई 
विदेशी सौतन आगे आई 
पद प्रतिष्ठा मिली उनको 
शिकार होना पड़ा मुझको 
क्या कहूँ घरवाले तुझको 
विदेशी ने जब पैर पसारी 
 देखो कैसे बन गई बेचारी 
जन जागरण हम मिलकर 
जागृति फैलाए ,लहराकर
जन सैलाब ,निकाले हम
कदम से कदम बढाए हम 
चिनगारी अब धधक उठी
रोके ना रुकेगी ये जमाने 
देखो ऐ देखो दुनिया वाले।
        डॉ. इन्दु कुमारी
                      मधेपुरा बिहार
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10 जनवरी 2022, सोमवार का दैनिक पंचांग एवं राशिफल - सभी १२ राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन ? क्या है आप की राशी में विशेष ? जाने प्रशिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. प्रेम सागर पाण्डेय से |

Posted: 09 Jan 2022 06:45 AM PST

10 जनवरी 2022, सोमवार का दैनिक पंचांग एवं राशिफल - सभी १२ राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन ? क्या है आप की राशी में विशेष ? जाने प्रशिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. प्रेम सागर पाण्डेय से |

10 जनवरी 2022, सोमवार का दैनिक पंचांग

🔅 तिथि अष्टमी दिन 03:58:27

🔅 नक्षत्र रेवती दिन 12:32:10

🔅 करण :

                बव 12:27:12

                बालव 25:21:13

🔅 पक्ष शुक्ल

🔅 योग शिव 10:35:09

🔅 वार सोमवार

☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ

🔅 सूर्योदय 06:44:52

🔅 चन्द्रोदय 12:26:59

🔅 चन्द्र राशि मीन - 08:50:10 तक

🔅 सूर्यास्त 17:16:47

🔅 चन्द्रास्त 25:26:59

🔅 ऋतु शिशिर

☀ हिन्दू मास एवं वर्ष

🔅 शक सम्वत 1943 प्लव

🔅 कलि सम्वत 5123

🔅 दिन काल 10:26:39

🔅 विक्रम सम्वत 2078

🔅 मास अमांत पौष

🔅 मास पूर्णिमांत पौष

☀ शुभ और अशुभ समय

☀ शुभ समय

🔅 अभिजित 12:07:45 - 12:49:31

☀ अशुभ समय

🔅 दुष्टमुहूर्त :

12:49:31 - 13:31:18

14:54:51 - 15:36:38

🔅 कंटक 09:20:38 - 10:02:25

🔅 यमघण्ट 12:07:45 - 12:49:31

🔅 राहु काल 08:33:38 - 09:51:58

🔅 कुलिक 14:54:51 - 15:36:38

🔅 कालवेला या अर्द्धयाम 10:44:12 - 11:25:58

🔅 यमगण्ड 11:10:18 - 12:28:38

🔅 गुलिक काल 13:46:58 - 15:05:18

☀ दिशा शूल

🔅 दिशा शूल पूर्व

☀ चन्द्रबल और ताराबल

☀ ताराबल

🔅 अश्विनी, भरणी, रोहिणी, आर्द्रा, पुष्य, आश्लेषा, मघा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, ज्येष्ठा, मूल, पूर्वाषाढ़ा, श्रवण, शतभिषा, उत्तराभाद्रपद, रेवती

☀ चन्द्रबल

🔅 वृषभ, मिथुन, कन्या, तुला, मकर, मीन

🌹विशेष ~ पचखा (पंचक) समाप्ति दिन 12:32:10 से। 🌹

पं.प्रेम सागर पाण्डेय्

10 जनवरी 2022, सोमवार का दैनिक राशिफल

मेष (Aries): आज आप अधिक संवेदनशील रहेंगे। किसी के द्वारा आपकी भावना को ठेस पहुंच सकती है। मां की बीमारी के विचार सतायेंगे। मकान या जमीन के दस्तावेज आज न करें। मानसिक बेचैनी को दूर करने के लिए आध्यात्मिकता, योग का सहारा लें। पानी और जलाशय से दूर रहें। अभ्यास के लिए समय मध्यम है।

शुभ रंग = केशरी

शुभ अंक : 6
वृषभ (Tauras): आज आपको जरुरत से ज्यादा भावुकता के विचार आएंगे जिससे मन द्रवित हो उठेगा। हालांकि आपकी चिंता थोड़ी कम होगी, इस कारण आपका मन खुश रहेगा। आप कल्पना शक्ति से सृजनात्मक काम कर सकेंगे। परिजनों या दोस्तों के साथ अच्छा भोजन करने का मिलेगा। आकस्मिक प्रवास करना पड़ेगा। पैसों के बारे ध्यान रखने से उसका आयोजन कर सकेंगे।

शुभ रंग = क्रीम

शुभ अंक : 7
मिथुन (Gemini): रिश्तेदार और मित्रों के साथ मुलाकात से आप आनंद का अनुभव करेंगे। आर्थिक योजना में पहले थोड़ी मुसीबतें आएंगी लेकिन आप आसानी से काम पूरा कर सकेंगे। आप के जरुरी काम भी कुछ विलंब के बाद आसानी से पूरे होंगे जिससे आपको शांति महसूस होगी। नौकरी-धंधे में अनुकूल वातावरण रहेगा।

शुभ रंग = आसमानी

शुभ अंक : 2

कर्क (Cancer): आपके मन में आज प्यार और भावना छलक उठेगी और आप उसके प्रवाह में रहेंगे। दोस्त, स्वजन एवं सम्बंधी की ओर से भेंट-उपहार मिल सकता है। आप उनके साथ अपना दिन खुशी में बिताएंगे। प्रवास और सुंदर भोजन से आप रोमांचित रहेंगे। पत्नी के संग से मन प्रसन्न रहेगा।

शुभ रंग = उजला

शुभ अंक : 4

सिंह (Leo): आज कोर्ट-कचहरी के प्रश्न में सावधानी बरतने की सलाह देते हैं। मन भावनाओं से व्यथित रहेगा। आज कोई अनैतिक काम न हो, इसका ख्याल रखें। महिलाओं के बारे में विशेष ध्यान रखें। वाणी एवं वर्तन में संपर्क रखें। विदेश से समाचार मिलेंगे। कानूनी बातों का निर्णय सोच समझकर करें।

शुभ रंग = पींक

शुभ अंक : 8

कन्या (Virgo): घर, परिवार एवं व्यापार जैसे तमाम क्षेत्र लाभ लिए आपकी प्रतिक्षा कर रहे हैं। मित्रों के साथ आनंददायक प्रवास होगा तो दांपत्य जीवन में भी आप ज्यादा निकटता बना सकेंगे। स्त्री मित्र विशेष लाभदायी रहेंगी। धन प्राप्ति के लिए भी शुभ समय है। व्यापार के पैसे लेने के लिए प्रवास होगा। अविवाहितों को जीवनसाथी की तलाश में सफलता मिलेगी।

शुभ रंग = केशरी

शुभ अंक : 9
तुला (Libra): आज नौकरी में पदोन्नति के योग हैं। आप पर अधिकारियों की कृपादृष्टि रहेगी। परिवार में उत्सव का माहौल रहेगा। मन में भावनात्मकता बढ़ेगी। मां की ओर से फायदा होगा। उत्तम विवाह सुख प्राप्त होगा। जमीन जायदाद के दस्तावेज कर सकेंगे। व्यवसाय क्षेत्र में अच्छा एवं सफल दिन है।

शुभ रंग = आसमानी

शुभ अंक : 2
वृश्चिक (Scorpio): आपका आज का दिन मिला जुला रहेगा। लेखन-साहित्य से जुड़ी प्रवृत्ति करेंगे। कार्यस्थल पर प्रतिकूल परिस्थिति रहेगी। ऊपरी अधिकारियों का रवैया नकारात्मक रहेगा। प्रतिस्पर्धियों के साथ वाद-विवाद न करें। संतान से मतभेद खड़े होंगे। प्रवास की संभावना है। धन खर्च होगा।

शुभ रंग = केशरी

शुभ अंक : 6
धनु (Sagittarius): आज खाने-पीने में खास ध्यान रखें। कार्य सफलता में विलंब होने के कारण निराशा होगी। काम समय से पूरा नहीं होगा। काम का बोझ ज्यादा रहेगा। नये काम की शुरुआत न करें। शारीरिक स्वास्थ्य बिगड़ेगा। मन बेचैन रहेगा। बोलने पर संयम रखें। खर्च ज्यादा होगा।

शुभ रंग = उजला

शुभ अंक : 4
मकर (Capricorn): आज का दिन पैसों की दृष्टि से बहुत अच्छा रहेगा। व्यापार वृद्धि के योग हैं। दलाली, ब्याज, कमिशन से मिलने वाले पैसे आपके भंडार मसुख-शांतिय करेंगे। प्रेमियों के लिए आज प्रणय परिचय का योग है। विजातीय आकर्षण रहेगा। सुंदर भोजन, वस्त्र परिधान एवं वाहनसुख प्राप्त होगा।

शुभ रंग = क्रीम

शुभ अंक : 7
कुंभ (Aquarius): वर्तमान समय में आप को कार्यों में सफलता मिलेगी एवं यशकीर्ति प्राप्त होगी। आज आप के स्वभाव में ज्यादा भावुकता रहेगी। मायके से अच्छे समाचार मिलेंगे। घर में प्रफुल्लितता का माहौल होगा। नौकरी में भी आप को साथियों का सहयोग मिलेगा। परिवार का माहौल सुख-शांति भरा रहेगा।

शुभ रंग = आसमानी

शुभ अंक : 2

मीन (Pisces): आज का दिन विद्यार्थियों के लिए अच्छा है। उनको अभ्यास में सफलता मिलेगी एवं प्रगति के लिए नया मौका प्राप्त होगा। आप अपनी कल्पना शक्ति से साहित्य लेखन में नया काम करेंगे। प्रेमीजन एक दूसरे का सानिध्य पा सकेंगे। आप के स्वभाव में ज्यादा भावुक्ता एवं कामुकता रहेगी।

शुभ रंग = पीला

शुभ अंक : 9 
प्रेम सागर पाण्डेय् ,नक्षत्र ज्योतिष वास्तु अनुसंधान केन्द्र ,नि:शुल्क परामर्श - रविवार , दूरभाष 9122608219 / 9835654844
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