दिव्य रश्मि न्यूज़ चैनल |
- पंजाब को भारत से तोडने हेतु खलिस्तानवादियों को साथ लेकर छद्म युद्ध आरंभ ! - श्री. प्रवीण दीक्षित, पूर्व पुलिस महानिदेशक, महाराष्ट्र
- राजेंद्र सिंह के भाजपा में शामिल होने के बाद श्रीमद्भगवद्गीता सप्रेम भेंट कर किया गया सम्मान
- 18 जनवरी 2022, मंगलवार का दैनिक पंचांग एवं राशिफल - सभी १२ राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन ? क्या है आप की राशी में विशेष ? जाने प्रशिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. प्रेम सागर पाण्डेय से |
- दिल्ली राजपथ पर बिहार यूथ होस्टल्स एशोसिएशन के राजन कुमार (चार्ली चैपलिन–2) गणतन्त्र दिवस परेड में दिखायेगा जलवा
- श्रीराम जन्मभूमि अयोध्या
- मशहूर हैं बिरजू महाराज और बिहार की जुगलबंदी के किस्से, पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव भी रहे हैं कायल
- यूपी के चुनावी मैदान में अकेले उतरेगी JDU
- यूपी के कारण बिहार में छिड़ी महाभारत! क्या टूट जाएगा बीजेपी-जेडीयू गठबंधन?
- स्त्रियों को दंडवत प्रणाम क्यों नहीं करना चाहिए?
- यूपी में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पुनः बनेगी भाजपा की सरकार: सुरेश तिवारी
- अंतरराष्ट्रीय संस्था हिंदी साहित्य भारती मुजफ्फरनगर इकाई की मासिक गोष्ठी संपन्न
- एक्सरसाइज करते समय न करें ऐसी गलतियां
- सर्दियों में तिल का सेवन सेहत के लिए फायदेमंद
- बिरजू महाराज की संगीत साधना
- केजरीवाल लगा रहे कांगे्रस में सेंध
- पूर्ण टीकाकरण वालों के लिए पीसीआर टेस्ट की अनिवार्यता खत्म करेगा ब्रिटेन
- कभी भी पूरी तरह से खत्म नहीं होगा कोरोना: डब्ल्यूएचओ
- पाकिस्तान में महिलाओं, धार्मिक अल्पसंख्यकों के साथ भेदभाव और उत्पीड़न
- 2017 के बाद उत्तर कोरिया को अब क्यों पड़ी बैलेस्टिक मिसाइल लान्च करने की जरूरत
- राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री ने कथक सम्राट पंडित बिरजू महाराज के निधन पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की
- पुरानी पेंशन को लेकर बिहार के सभी जिलों में आंदोलन तेज होगा।
| Posted: 17 Jan 2022 07:15 AM PST 'पंजाब को भारत से तोडने का षड्यंत्र !' विषय पर 'ऑनलाइन' विशेष संवाद ! पंजाब के एक न्यायालय में एक पूर्व पुलिसकर्मी के द्वारा बमविस्फोट कराया जाता है, सीमावर्ती क्षेत्र में आर.डी.एक्स. से भरी हुई बस मिलती है, पाकिस्तान से ड्रोन द्वारा पंजाब में शस्त्रास्त्र और मादक पदार्थ भेजे जा रहे हैं । इन सभी घटनाओं को देखते हुए पंजाब में कुछ देशविरोधी तत्त्व कार्यरत हैं । उन्होंने खलिस्तानवादियों को अपने साथ लेकर देश के विरुद्ध छद्म युद्ध ('प्रॉक्सी वॉर') आरंभ किया है; क्योंकि वे इस युद्ध में कभी सफल नहीं होंगे; क्योंकि पंजाब की जनता भारत के साथ है । पंजाब सरकार को अब जागकर राज्य और सीमावर्ती क्षेत्र को सुरक्षित रखना चाहिए, ऐसा प्रतिपादन महाराष्ट्र के पूर्व पुलिस महानिदेशक तथा 'वीर सावरकर राष्ट्रीय स्मारक' के अध्यक्ष श्री. प्रवीण दीक्षित ने किया । वे हिन्दू जनजागृति समिति द्वारा 'ऑनलाइन' पद्धति से आयोजित 'पंजाब को भारत से तोडने का षड्यंत्र !' विषय पर आयोजित विशेष संवाद में बोल रहे थे । इस अवसर पर 'हिन्दू फ्रंट फॉर जस्टिस' के प्रवक्ता तथा सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने कहा कि गुप्तचर विभागों ने यह जानकारी दी है कि खलिस्तानी आंदोलन ने अब चीन, पाकिस्तान और इस्लामी आतंकियों से हाथ मिलाया है । भारत के इतिहास में सिखों का बडा योगदान है; परंतु खलिस्तानवादियों ने किसान आंदोलन में सिख किसानों को उतारकर सरकार उन पर गोलीबारी करे; इस प्रकार का वातावरण कई बार उत्पन्न किया; परंतु सरकार ने उन पर बलप्रयोग नहीं किया । यदि वैसा हो जाता, तो उस माध्यम से देश को अस्थिर बनाने का उनका बडा षड्यंत्र था । प्रधानमंत्री का काफिला रोकने के पीछे भी योजनाबद्ध षड्यंत्र रचा गया था । इस संवाद में अमेरिका स्थित मां राज्यलक्ष्मी ने कहा कि 'भारत को धर्मांतरित कीजिए और उसके उपरांत भारत को नियंत्रित कर भारत को तोड दीजिए', इस उद्देश्य से भारत को स्वतंत्रता मिलने से लेकर ही षड्यंत्र चल रहे हैं । इसके लिए मिशनरी, पाकिस्तानी, चीन, अंतरराष्ट्रीय समूह आदि कार्यरत हैं । उनमें खलिस्तानी आंदोलन, इस्लामी आतंकवाद, 'डिसमेंटलिंग ग्लोबल हिन्दुत्व' परिषद, 'सीएए' विरोधी आंदोलन, किसान आंदोलन, हिन्दुओं के देवी-देवताओं का जानबूझकर अनादर करना आदि कृत्य जानबूझकर किए जा रहे हैं । यह एक वैश्विक षड्यंत्र है । इस विशेष संवाद में सनातन संस्था के धर्मप्रचारक श्री. अभय वर्तक ने कहा कि कांग्रेस की ओर से वर्ष 1984 की स्थिति उत्पन्न करने का प्रयास किया जा रहा है । सिख पंथ जातिवादी अथवा देशद्रोही नहीं है । सिखों के गुरु गोविंदसिंहजी ने विविध जातियों को सम्मान देकर 'पंचप्यारे' की संकल्पना रखी; परंतु कांग्रेस ने अपने राजनीतिक स्वार्थ के चलते जातिवाद को बढावा दिया । पंजाब के मुख्यमंत्री चन्नी के दलित सीख होने का प्रचार कर कांग्रेस ने साक्षात गुरु गोविंदसिंहजी का अपमान किया है । वर्ष 2014 तक सिखों और उनके गुरु का उत्पीडन करनेवाले औरंगजेब के नाम से देहली में एक महामार्ग था । कांग्रेस ने कभी वह नाम नहीं बदला । इसके चलते कांग्रेस ने एक प्रकार से सिखों का अपमान ही किया है ।हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| राजेंद्र सिंह के भाजपा में शामिल होने के बाद श्रीमद्भगवद्गीता सप्रेम भेंट कर किया गया सम्मान Posted: 17 Jan 2022 06:41 AM PST भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य पूर्व प्रदेश प्रवक्ता तथा श्रीमद्भगवद्गीता आपके द्वार अभियान के संस्थापक श्री संजीव कुमार मिश्र ने आज पूर्व बिहार भाजपा के प्रदेश महामंत्री और उपाध्यक्ष रहे श्री राजेंद्र सिंह को पुन: भाजपा में शामिल होने पर हार्दिक प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उनका पुरजोर स्वागत किय। मिश्र द्वारा भाजपा के वरिष्ठ नेता राजेंद्र सिंह जी को गोरखपुर गीता प्रेस द्वारा प्रकाशित श्रीमद्भागवत गीता सप्रेम भेंट किया और शांतिकुंज हरिद्वार के उप वस्त्र से उनका स्वागत अभिनंदन किया। श्री मिश्र ने कहा कि श्री राजेंद्र सिंह को पुनः भाजपा में आने से भाजपा और ही सशक्त और मजबूती के साथ बिहार में दिखाई देगा। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 17 Jan 2022 06:38 AM PST
18 जनवरी 2022, मंगलवार का दैनिक पंचांग🔅 तिथि प्रतिपदा रात्रिशेष 05:57:02 🔅 नक्षत्र पुष्य रात्रिशेष 06:10:24 🔅 करण : बालव 18:11:21 कौलव 30:56:15 🔅 पक्ष कृष्ण 🔅 योग विश्कुम्भ 16:06:28 🔅 वार मंगलवार ☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ 🔅 सूर्योदय 06:41:45 🔅 चन्द्रोदय 18:06:00 🔅 चन्द्र राशि कर्क 🔅 सूर्यास्त 17:19:40 🔅 चन्द्रास्त 07:37:00 🔅 ऋतु शिशिर ☀ हिन्दू मास एवं वर्ष 🔅 शक सम्वत 1943 प्लव 🔅 कलि सम्वत 5123 🔅 दिन काल 10:33:44 🔅 विक्रम सम्वत 2078 🔅 मास अमांत पौष 🔅 मास पूर्णिमांत माघ ☀ शुभ और अशुभ समय ☀ शुभ समय 🔅 अभिजित 12:10:28 - 12:52:43 ☀ अशुभ समय 🔅 दुष्टमुहूर्त 09:21:28 - 10:03:43 🔅 कंटक 07:56:58 - 08:39:13 🔅 यमघण्ट 10:45:58 - 11:28:13 🔅 राहु काल 15:10:02 - 16:29:15 🔅 कुलिक 13:34:58 - 14:17:13 🔅 कालवेला या अर्द्धयाम 09:21:28 - 10:03:43 🔅 यमगण्ड 09:53:10 - 11:12:23 🔅 गुलिक काल 12:31:36 - 13:50:49 ☀ दिशा शूल 🔅 दिशा शूल उत्तर ☀ चन्द्रबल और ताराबल ☀ ताराबल 🔅 अश्विनी, कृत्तिका, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, आश्लेषा, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, विशाखा, अनुराधा, ज्येष्ठा, मूल, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद, रेवती ☀ चन्द्रबल 🔅 वृषभ, कर्क, कन्या, तुला, मकर, कुम्भ 🌹विशेष ~ माघ मासारम्भ, पश्चिम दिशा में बुधास्त। 🌹 पं.प्रेम सागर पाण्डेय् 18 जनवरी 2022, मंगलवार का दैनिक राशिफलमेष (Aries): आज आपका दिन मिश्रफलदायी है। आपको आज नए कार्य करने की प्रेरणा मिलेगी एवं नए कार्य प्रारंभ कर पाएंगे। आज आप के मन में परिवर्तन शीघ्र आएंगे, जिससे आपका मन कुछ दुविधायुक्त रहेगा। आज नौकरी एवं व्यवसाय में आपको स्पर्धात्मक व्यवहार का सामना करना पड़ेगा। किसी निश्चित हेतु के लिए कार्य करने की प्रेरणा मिलेगी। छोटे प्रवास का योग है। महिलाओं को आज वाणी पर संयम रखने कि सलाह देते हैं। शुभ रंग = लाल शुभ अंक : 5 वृषभ (Tauras): हाथ में आया हुआ अवसर अनिर्णायकता के कारण आप आज गंवा सकते हैं और उसका लाभ नहीं ले पाएंगे ऐसी चेतावनी देते हैं। विचारो में खोए रहेंगे इसलिए कोई निश्चित निर्णय नहीं ले पाएंगे। आज कोइ भी नया कार्य का प्रारंभ करना हितकारी नहीं है। वाद-विवाद या चर्चा में आपके हठीले स्वभाव से घर्षण की संभावना है। आज आप वाक्चातुर्य से किसी को रिझा सकते हैं। भाई-बहनों में प्रेम बना रहेगा। शुभ रंग = क्रीम शुभ अंक : 2 मिथुन (Gemini): आज के दिन की शुरुआत प्रफुल्लित मन और स्वस्थ चित्त से होगा ऐसा गणेशजी को प्रतीत होता है। आज मित्र या परिवार के सदस्यों के साथ भोजन का आनंद उठा सकते हैं। सुंदर वस्त्र धारण करेंगे। आर्थिक दृष्टि से आपके लिए आज का दिन लाभदायी है। अधिक खर्च पर संयम रखें। आज मन से नकारात्मक विचारों को निकाल देने की सूचना देते हैं। आपके किसी प्रियजन या मित्र से उपहार पाकर मन प्रफुल्लित रहेगा। शुभ रंग = हरा शुभ अंक : 3 कर्क (Cancer): आज आप मानसिक अस्वस्थता का अनुभव करेंगे। किसी एक निश्चय पर आप नहीं पहुंच पाएंगे और असमंजस के कारण मानसिक कष्ट होगा। सम्बंधियों के साथ अनबन हो सकती है। पारिवारिक कार्यों के पीछे खर्च होगा। झगड़े, मारामारी से दूर रहने की सूचना देते हैं। मुसीबतों का तत्काल निवारण करें। अकस्मात से संभलकर चलें। अविचारी वर्तन से दूर रहना हितकर रहेगा। आरोग्य एवं धन हानि की संभावना है। शुभ रंग = क्रीम शुभ अंक : 2 सिंह (Leo): आज का दिन आपके लिए अच्छा रहेगा ऐसा गणेशजी कहते हैं। फिर भी दुविधापूर्ण मानसिकता के कारण सामने आया हुआ अवसर गंवा देंगे ऐसा चेतावनी देते हैं। आपका मन विचारो में खोया रहेगा। नए कार्यों का आरंभ आज न करें। स्त्री मित्रों से भेंट होगी तथा उनसे लाभ भी होगा। दोस्तों के साथ प्रवास-पर्यटन का आयोजन होगा, जो कि लाभदायी होगा। व्यापार में लाभ होगा। धनप्राप्ति के योग हैं। शुभ रंग = नीला शुभ अंक : 6 कन्या (Virgo): आज का दिन आपके हेतु शुभफलदायी होगा। नए कार्यों का आयोजन आज सफल होगा। व्यापारी तथा वैतनिक कर्मचारीयों के लिए लाभप्रद दिन है। उनकी पदोन्नति की संभावना अधिक है। उपरी अधिकारियों से लाभ होगा। धन, मान-सन्मान मिलेगा। पिता की ओर से लाभ होगा। परिवार में आनंद का वातावरण छाया रहेगा। तंदुरस्ती अच्छी रहेगी। सरकारी कार्य संपन्न होंगे। सरकार से लाभ होगा। ऑफिस के काम से बाहर जाना पड़ सकता है। गृहस्थजीवन में सामंजस्य रहेगा। शुभ रंग = हरा शुभ अंक : 3 तुला (Libra): आज आप बौद्धिक तथा लेखन के कार्यों में सक्रिय रहेंगे। नए कार्य के प्रारंभ के लिए दिन अच्छा है। लंबे प्रवास या धार्मिक स्थल की मुलाकात करने का प्रसंग उपस्थित होगा। व्यवसाय में लाभ का अवसर मिलेगा। विदेश में रहते मित्र या स्नेहीजनों के समाचार मिलेंगे। व्यवसाय या नौकरी पर सहकर्मीयों की ओर से सहकार कम रहेगा। स्वास्थ्य संभालना होगा। संतानों के विषय में दुविधा रहेगी। विरोधीयों के साथ गहन चर्चा में न उतरने की सूचना देते हैं। शुभ रंग = आसमानी शुभ अंक : 7 वृश्चिक (Scorpio): आज का दिन सावधानी से बिताने की सलाह आपको देते है। नए कार्यों का प्रारंभ न करें एवं क्रोध पर संयम रखें। अनैतिक कामवृत्ति से दूर रहें। राजकीय गुनाह से सम्बंधित तथा सरकारी प्रवृतियों से दूर रहने की सलाह देते हैं। नए सम्बंध स्थापित करने से पहले गंभीरता से विचार करें। अधिक खर्च होने से हाथ तंग रहेगा। ईश्वर की आराधना तथा नाम-स्मरण से लाभ होगा। शुभ रंग = लाल शुभ अंक : 5 धनु (Sagittarius): आज आपका दिन सुखपूर्वक एवं आनंद से व्यतीत होगा। आज आप मनोरंजन के दुनिया की सैर करेंगे। पार्टी, पिकनिक, प्रवास, सुंदर भोजन तथा वस्त्रपरिधान आज के दिन की विशेषता रहेगी। विपरीत लिंगीय व्यक्ति से भेंट रोमांचक होगी। विचार-परिवर्तन शीघ्र हो सकता है। लेखनकार्य के लिए दिन अच्छा है। बौद्धिक तथा तार्किक विचार-विनिमय होगा। भागीदारी से लाभ होगा। सम्मान और ख्याति मिलेगी। उत्तम वैवाहिक सुख प्राप्त होगा। शुभ रंग = पींक शुभ अंक : 1 मकर (Capricorn): आप के व्यापार में आज विस्तार हो सकता है। इस दिशा में आप कदम आगे बढ़ाऐगें । धन की लेनदेन में सरलता रहेगी। घर में शांति और आनंद का वातावरण बना रहेगा। आवश्यक कारणों के पीछे धन खर्च होगा। नौकरी में सहकर्मियों की तरफ से सहयोग प्राप्त होगा। व्यापारियों को कानूनी परेशानी हो सकती है। विदेश के साथ व्यापार बढेगा। शत्रुओं पर विजय मिलेगी। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। शुभ रंग = हरा शुभ अंक : 3 कुंभ (Aquarius): आज कोई भी नए कार्य का प्रारंभ न करने का सूचना देते हैं। आज आपके विचारों में परिवर्तन शीघ्र ही आएंगे। महिलाओं को अपने वाणी पर संयम रखना हितकर होगा। यात्रा को यथासंभव टालें। संतान के प्रश्नों के कारण चिंता रहेगी। लेखनकार्य या सृजनात्मक कृतियों की रचना करने के लिए दिन अच्छा है। बौद्धिक चर्चा में भाग लेने का अवसर मिल सकता है। आकस्मिक खर्च का योग है। पेट से सम्बंधित व्याधियों से सावधान रहें। शुभ रंग = आसमानी शुभ अंक : 7 मीन (Pisces): आज का दिन अरुचिकर घटनाओ के कारण उत्साहजनक नहीं रहेगा। घर में परिवारवालों के साथ वाद-विवाद होगा। माता का स्वास्थ्य बिगड़ सकता है, जिससे चिंता होगी। आपका मन प्रफुल्लित नहीं रहेगा। शारीरिक एवं य सावधानी बरतें। धन और कीर्ति की हानि हो सकती है। नौकरी करनेवालों को नौकरी में! चिंता रहेगी। स्थायी संपत्ति, वाहन आदि के दस्तावेज करने में सावधानी रखें। शुभ रंग = केशरी शुभ अंक : 6 प्रेम सागर पाण्डेय् ,नक्षत्र ज्योतिष वास्तु अनुसंधान केन्द्र ,नि:शुल्क परामर्श - रविवार , दूरभाष 9122608219 / 9835654844 हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 17 Jan 2022 06:30 AM PST दिल्ली राजपथ पर बिहार यूथ होस्टल्स एशोसिएशन के राजन कुमार (चार्ली चैपलिन–2) गणतन्त्र दिवस परेड में दिखायेगा जलवागुजराती वेशभूषा में केंद्र वस्त्र मंत्रालय की झांकी को जीवंत करेंगे राजन कुमार जितेन्द्र कुमार सिन्हा, गणतंत्र दिवस के अवसर पर दिल्ली के राजपथ पर आयोजित होने वाली, ऐतिहासिक परेड/झांकियों में कोरोना के कारण इस बार भाग लेने वाले कलाकार की संख्या कम होगी। ऐसे में 130 करोड़ से अधिक की आबादी में से कुछ चुनिन्दे कलाकार ही इस बार की झांकी में नजर आएंगे और उन सीमित फनकारों में से एक है बिहार के मुंगेर जिला के टेटिया बम्बर प्रखंड के कलाकार राजन कुमार।राजन कुमार अंतरराष्ट्रीय संस्था यूथ होस्टल्स एशोसिएशन ऑफ इंडिया, बिहार राज्य शाखा के सदस्य भी हैं | यह मुंगेरवासियों, यूथ होस्टल्स एशोसिएशन परिवार, बिहार वासियों और पूरे देश वासियों के लिए खुशी और प्रेरणा का विषय है कि एक छोटे से शहर का युवा इस ऐतिहासिक दिन पर अपनी कला के प्रदर्शन के लिए चयनित किया गया है। इस के लिए राजन कुमार ने खास कर केंद्र वस्त्र मंत्रालय के प्रति आभार व्यक्त किया है, जिनके द्वारा यह सौभाग्य प्राप्त हुआ है | उन्होंने अपने माता-पिता, पूरे परिवार, मुंगेर, बिहार समेत समस्त देशवासियों के साथ-साथ यूथ होस्ट्ल्स एशोसिएशन ऑफ इंडिया परिवार के प्रति आभार व्यक्त किया है | राजन कुमार इस बार बड़ी पगड़ी कलरफुल ड्रेस पहने गुजराती वेशभूषा में वस्त्र मंत्रालय की झांकी को जीवंत करेंगे। इसके लिए राजन कुमार दिल्ली पहुंच गए हैं और रात दिन लगातार राजपथ पर प्रैक्टिस करके 26 जनवरी परेड की तैयारी में जुटे हुए हैं। सूत्रों के अनुसार, देशभक्ति का गहरा जज़्बा राजन कुमार को एक अलग मुकाम पे खडा करता है। शुरू से ही राजन कुमार को कला संस्कृति से बेहद लगाव रहा है। यही वजह है कि 1998 में भारत सरकार से उन्हें छाव डांस के लिए नेशनल अवार्ड मिला था। 2004 में लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में उनका नाम शामिल हुआ। 2005 मे गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड ने उन्हें सर्टिफिकेट दिया और फिर उनका नाम चार्ली चैपलिन द्वितीय के रूप में पूरी दुनिया में जाना जाता है। कई खास मौके पर राजन कुमार ने भारत की कला संस्कृति को उजागर किया है भारत का नेतृत्व किया है पूरी दुनिया में अंतरराष्ट्रीय कलाकार राजन कुमार के कद्रदान हैं उनके चाहने वाले हैं। इस बार मिनिस्ट्री ऑफ टेक्सटाइल (वस्त्र मन्त्रालय) की झांकी पर राजन कुमार एक गुजराती अटायर में नजर आएंगे। ड्रेस पहनते ही वह किरदार में आ जाते हैं। बहुत बड़ी पगड़ी कलरफुल ड्रेस एकदम से वस्त्र मंत्रालय की झांकी को जीवंत करते हुए राजन कुमार राजपथ पर मन मोहेंगे। राजन कुमार की सोच शुरु से ही अलग रही है। यही वजह है कि बिहार में पहले कलाग्राम की स्थापना उन्होंने की। साथ ही साथ बाफ्टा को स्थापित किया। वह बिहार फिल्म एंड टेलीविजन आर्टिस्ट असोसिएशन ट्रस्ट के फाउंडर अध्यक्ष भी हैं। राजन कुमार ने बिहार की पहली हिंदी फिल्म शहर मसीहा नहीं बनाकर मुंगेरवासियों का सर ऊंचा किया है। जिसके "बिहार में टैलेंट है मगर साइलेंट है" जैसे डायलॉग काफी पॉपुलर हुए। राजन कुमार विकट परिस्थितियों में भी देश के लिए मर मिटने के लिए तैयार रहते हैं। उनके इसी कारनामे की वजह से भारत सरकार ने उन्हें रंगशाला कैम्प मे आमंत्रित किया। जहां वह रात दिन कलाकारों के साथ रहकर प्रैक्टिस करते रहते हैं। अग्रिम बधाई देने वालों में यूथ होस्टल्स एशोसिएशन ऑफ इंडिया, दिल्ली राष्ट्रीय कमिटी के साथ-साथ राष्ट्रीय कमिटी के उपाध्यक्ष -सह- बिहार राज्य शाखा के चेयरमैन के एन भारत, प्रसीडेंट मोहन कुमार, उपाध्यक्ष सुधीर मधुकर, रीता कुमारी सिंह, शरद सलारपुड़िया, सचिव ए के बॉस, संगठन सचिव अमिताभ ओझा, कोषाध्यक्ष प्रियेस रंजन समेत, पूर्णिया, आम्रपाली -पूर्णिया, मधेपुरा, कटिहार, भागलपुर, मुजफ्फरपुर, पाटलिपुत्र, पटना, आरा / शाहाबाद जिला शामिल है | हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 17 Jan 2022 06:18 AM PST श्रीराम जन्मभूमि अयोध्यासत्येन्द्र कुमार पाठक पुरणों , स्मृति ग्रंथो. जैन , बौद्ध धर्म ग्रंथों में प्राचीन और सात पवित्र तीर्थस्थलों में अयोध्या को शामिल किया गया है । कोसल राज्य की प्रारंभिक राजधानी अयोध्या थी । अयोध्या को अयोध्या , कौशल , कोसल , कोसलपुर , साकेत रामपुर , अवध , राघवपुर कहा जाता है । गौतमबुद्ध के काल में कोसल को सरयू नदी द्वारा उत्तर कोसल और दक्षिण कौशल विभक्त थी । बौद्ध काल में अयोध्या के समीप साकेत नगर स्थापित हुआ था । वाल्मीकि रामायण के अनुसार कोशल राज्य की राजधानी अयोध्या है । पुराणों में इस नगर के संबंध में कोई विशेष उल्लेख नहीं मिलता है. वहीं राम के जन्म के समय यह नगर अवध ( अयोध्या) नाम जाना जाता है ।अयोध्या में ऐसे स्थल पर एक मस्जिद बनवाया गया, जिसे हिंदू अपने आराध्य देव भगवान राम का जन्म स्थान मानते हैं. कहा जाता है कि मुगल राजा बाबर के सेनापति मीर बाकी ने यहां मस्जिद बनवाई थी, जिसे बाबरी मस्जिद के नाम से जाना जाता था. बाबर 1526 में भारत आया. 1528 तक उसका साम्राज्य अवध (वर्तमान अयोध्या) तक पहुंच गया. इसके बाद करीब तीन सदियों तक के इतिहास की जानकरी किसी भी ओपन सोर्स पर मौजूद नहीं है ।कालिदास की रघुवंश तथा बौद्ध ग्रंथों , जैन साहित्य , कनिंघम ने अयोध्या और साकेत को समीकृत किया , वाल्मीकि रामायण में कौशल की राजधानी अयोध्या का उल्लेख है । रामायण में सरयू नदी के किनारे स्थित अयोध्या में दशरथ की राजधानी और राम की जन्भूमि है । सरयू नदी के किनारे 14 घाट में गुप्तद्वार घाट, कैकेयी घाट, कौशल्या घाट, पापमोचन घाट, लक्ष्मण घाट , राम की पैड़ी आदि है । अयोध्या के मंदिरों में 'कनक भवन , हनुमान गढ़ी का हनुमान जी मंदिर , वाल्मीकि मंदिर , सबसे सुंदर है. । उत्तर प्रदेश का अयोध्या जिले का मुख्यालय सरयू नदी के तट पर बसा अयोध्या प्राचीन धार्मिक , सांस्कृतिक नगर है। कोसल , साकेत , अयोध्यापुरी को अयोध्या कहा जाता है । पुरणों के अनुसार अयोध्या में सूर्यवंश राजाओं का राज था, जिसमें भगवान् श्री राम ने अवतार लिया। प्रसिद्ध चीनी यात्री ह्वेन त्सांग ७वीं शताब्दी का यात्रा क्रमानुसार अयोध्या में 20 बौद्ध मंदिर तथा 3000 भिक्षु रहते थे। यह नगरी सप्त पुरियों में से एक है । 5458.01 वर्ग कि.मि . ( 14136 वर्गमील ) क्षेत्रफल में फैला अयोध्या जिले के अयोध्या पूरी 4 वर्गमील में स्थित है । अयोध्या मथुरा माया काशी काञ्ची अवन्तिका ।पुरी द्वारावती चैव सप्तैता मोक्षदायिक : । अर्थात अयोध्या, मथुरा, हरिद्वार, काशी, काञ्चीपुरम, उज्जैन, और द्वारिका - ये सात पुरियाँ नगर मोक्षदायी हैं। ब्रह्मपुराण के अनुसार वैवस्वत मनु के पौत्र एवं इक्ष्वाकु का बडे पुत्र विकुक्षि को पराक्रम के कारण अयोध्य कहा गया था । राजा अयोध्य ने सरयू नदी के किनारे अयोध्या नगर की स्थापना और अयोध्या राज की नींव डाली थी । राजा अयोध्य के पुत्र शकुनि उत्तरभारत के रक्षक थे । अयोध्या के सूर्यवंशीय राजा अवध्य के वंशज में ककुट्स, अनेना , पृथु ,विष्टरश्च , आर्द ,युवनाश्व और श्रावस्त अयोध्या के राजा हुए । राजा श्रावस्त द्वारा श्रावस्तीपूरी नगर बसायी थी । श्रवस्त के पौत्र एवं वृहदश्व के पुत्र कुलाश्व द्वारा दैत्य मधु का पुत्र दैत्य धुन्धु को वध कर जनता की रक्षा की । इक्ष्वाकु वंशीय राजाओं में अयोध्या का राजा दिलीप , रघु ,अज , दशरथ , भगवान राम , कुश ,अतिथि ,निषध , नल , नभ , पुण्डरीक ,क्षेमधंवा , देवनिक अहिनगु, सुधन्वा , शाल , उक्य , वज्रनाभ और नाल थे । वेद में अयोध्या को ईश्वर का नगर बताया गया है, "अष्टचक्रा नवद्वारा देवानां पूरयोध्या" । अथर्ववेद में यौगिक प्रतीक के रूप में अयोध्या का उल्लेख है- अष्टचक्रा नवद्वारा देवानां पूरयोध्या।तस्यां हिरण्मयः कोशः स्वर्गो ज्योतिषावृतः॥ (अथर्ववेद -- 10.2.31). रामायण के अनुसार अयोध्या की स्थापना मनु ने की थी। यह पुरी सरयू के तट पर बारह योजन (लगभग १४४ कि.मी) लम्बाई और तीन योजन (लगभग ३६ कि.मी.) चौड़ाई में बसी थी। शताब्दी तक यह नगर सूर्यवंशी राजाओं की राजधानी रहा। स्कन्दपुराण के अनुसार सरयू के तट पर दिव्य शोभा से युक्त दूसरी अमरावती के समान अयोध्या नगरी है। जैन धर्म ग्रंथों के अनुसार चौबीस तीर्थंकरों में पांच तीर्थंकरों का जन्म हुआ था। प्रथम तीर्थंकर ऋषभनाथ जी, दूसरे तीर्थंकर अजितनाथ जी, चौथे तीर्थंकर अभिनंदननाथ जी, पांचवे तीर्थंकर सुमतिनाथ जी और चौदहवें तीर्थंकर अनंतनाथ जी थे । इसके अलावा जैन और वैदिक दोनों मतो के अनुसार भगवान रामचन्द्र जी का जन्म भूमि पर हुआ था । इक्ष्वाकु वंशीय भगवान रामचंद्र जी कोसल जनपद की राजधानी अयोध्या में राजा था। अयोध्या का क्षेत्रफल 96 वर्ग मील था। सातवीं शाताब्दी में चीनी यात्री ह्वेनसांग आया था। उसके अनुसार यहाँ 20 बौद्ध मंदिर थे तथा 3000 भिक्षु रहते थे। श्रीरामजन्मभूमि , कनकभवन , हनुमानगढ़ी , दशरथमहल , श्रीलक्ष्मणकिला , कालेराम मन्दिर , मणिपर्वत , श्रीराम की पैड़ी , नागेश्वरनाथ , क्षीरेश्वरनाथ श्री अनादि पञ्चमुखी महादेव मन्दिर , गुप्तार घाट समेत अनेक मन्दिर यहाँ प्रमुख दर्शनीय स्थल हैं। बिरला मन्दिर , श्रीमणिरामदास जी की छावनी , श्रीरामवल्लभाकुञ्ज , श्रीलक्ष्मणकिला , श्रीसियारामकिला , उदासीन आश्रम रानोपाली तथा हनुमान बाग हैं । श्रीरामनवमी , श्रीजानकीनवमी , गुरुपूर्णिमा , सावन झूला , कार्तिक परिक्रमा , श्रीरामविवाहोत्सव आदि उत्सव प्रमुखता से मनाये जाते हैं।शहर के पश्चिमी हिस्से में स्थित रामकोट में स्थित अयोध्या का सर्वप्रमुख स्थान श्रीरामजन्मभूमि है। श्रीराम-लक्ष्मण-भरत और शत्रुघ्न चारों भाइयों के बालरूप के दर्शन यहाँ होते हैं। कनक भवन - हनुमान गढ़ी के निकट स्थित कनक भवन अयोध्या का एक महत्वपूर्ण मंदिर है। यह मंदिर सीता और राम के सोने मुकुट पहने प्रतिमाओं के लिए लोकप्रिय है । कनक मंदिर को टीकमगढ़ की रानी ने 1891 में बनवाया था। हनुमान गढ़ी - नगर के केन्द्र में स्थित इस मंदिर में 76 कदमों की चाल से पहुँचा जा सकता है। हनुमान जी सदैव वास करते हैं। अयोध्या आकर भगवान राम के दर्शन से पहले भक्त हनुमान जी के दर्शन करते हैं। हनुमान मंदिर "हनुमानगढ़ी" के नाम से प्रसिद्ध है। यह मंदिर राजद्वार के सामने ऊंचे टीले पर स्थित है। हनुमान जी यहाँ एक गुफा में रहते थे और रामजन्मभूमि और रामकोट की रक्षा करते थे। प्रभु श्रीराम ने हनुमान जी को अधिकार दिया था कि भक्त मेरे दर्शनों के लिए अयोध्या आएगा उसे पहले तुम्हारा दर्शन पूजन करना होगा। छोटी दीपावली के दिन आधी रात को संकटमोचन का जन्म दिवस मनाया जाता है। पवित्र नगरी अयोध्या में सरयू नदी में पाप धोने से पहले लोगों को भगवान हनुमान से आज्ञा लेनी होती है। यह मंदिर अयोध्या में एक टीले पर स्थित होने के कारण मंदिर तक पहुंचने के लिए लगभग 76 सीढि़यां चढ़नी पड़ती हैं। इसके बाद पवनपुत्र हनुमान की 6 इंच की प्रतिमा के दर्शन होते है। मुख्य मंदिर में बाल हनुमान के साथ अंजनी माता की प्रतिमा है । मंदिर परिसर में मां अंजनी व बाल हनुमान की मूर्ति में हनुमान जी, अपनी मां अंजनी की गोद में बालक के रूप में विराजमान हैं। हनुमान मन्दिर के निर्माण सुल्तान मंसूर अली अवध का नवाब था। एक बार उसका एकमात्र पुत्र गंभीर रूप से बीमार पड़ गया। प्राण बचने के आसार नहीं रहे, रात्रि की कालिमा गहराने के साथ उसकी नाड़ी उखड़ने लगी तो सुल्तान ने थक हार कर संकटमोचक हनुमान जी के चरणों में माथा रख दिया। हनुमान ने अपने आराध्य प्रभु श्रीराम का ध्यान किया और सुल्तान के पुत्र की धड़कनें पुनः प्रारम्भ हो गई। अपने इकलौते पुत्र के प्राणों की रक्षा होने पर अवध के नवाब मंसूर अली ने बजरंगबली के चरणों में माथा टेक दिया। जिसके बाद नवाब ने न केवल हनुमान गढ़ी मंदिर का जीर्णोंद्धार कराया बल्कि ताम्रपत्र पर लिखकर ये घोषणा की कि कभी मंदिर पर किसी राजा या शासक का कोई अधिकार नहीं रहेगा और न ही यहां के चढ़ावे से कोई कर वसूल किया जाएगा। उसने 52 बीघा भूमि हनुमान गढ़ी व इमली वन के लिए उपलब्ध करवाई थी । लंका से विजय के प्रतीक रूप में लाए गए निशान मंदिर में रखे गए थे ।मन्दिर में विराजमान हनुमान जी को अयोध्या का राजा माना जाता है। कहते हैं कि हनुमान यहाँ एक गुफा में रहते थे और रामजन्मभूमि और रामकोट की रक्षा करते है । अयोध्या में हिंदू अपने आराध्य देव भगवान राम का जन्म स्थान पर राम मंदिर पर मुगल शासक बाबर के सेनापति मीर बाकी ने मस्जिद बनवाई थी, जिसे बाबरी मस्जिद के नाम से जाना जाता था । बाबर 1526 में भारत आया. 1528 तक उसका साम्राज्य अवध (अयोध्या) तक पहुंच गया था । श्री राम जन्मभूमि - श्री राम मंदिर का निर्माण अयोध्या का राजा लव द्वारा निर्माण किया था । श्रीराम मंदिर का समय समय पर अयोध्या के विभिन्न सूर्यवंशीय इक्ष्वाकु कुल के राजाओं में वृहद्वल , आदि राजाओं में इक्ष्वाकु वंशीय का अंतिम राजा क्षुद्रक का प्रपौत्र कुंडक का पौत्र सुरथ का पुत्र सुमित्र द्वारा समय समय पर विकास किया था । राजा विक्रमादित्य द्वितीय द्वारा श्री राम का जन्म भूमि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण कर राम लला को विराजमान किया था जिसे मुगल बादशाह बाबर ने तोड़कर वहाँ मस्जिद बना दी। ६ दिसम्बर सन् १९९२ को यह विवादित ढ़ांचा गिरा दिया गया और वहाँ श्री राम का एक अस्थायी मन्दिर निर्मित कर दिया गया।१५२८ में राम जन्म भूमि पर मस्जिद बनाई गई थी। हिन्दुओं के पौराणिक ग्रन्थ रामायण और रामचरित मानस के अनुसार यहां भगवान राम का जन्म हुआ था।१८५३ में हिन्दुओं और मुसलमानों के बीच इस जमीन को लेकर पहली बार विवाद हुआ।१८५९ में अंग्रेजों ने विवाद को ध्यान में रखते हुए पूजा व नमाज के लिए मुसलमानों को अन्दर का हिस्सा और हिन्दुओं को बाहर का हिस्सा उपयोग में लाने को कहा।१९४९ में अन्दर के हिस्से में भगवान राम की मूर्ति रखी गई। तनाव को बढ़ता देख सरकार ने इसके गेट में ताला लगा दिया।सन् १९८६ में जिला न्यायाधीश ने विवादित स्थल को हिंदुओं की पूजा के लिए खोलने का आदेश दिया। मुस्लिम समुदाय ने इसके विरोध में बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी गठित की।सन् १९८९ में विश्व हिन्दू परिषद ने विवादित स्थल से सटी जमीन पर राम मंदिर की मुहिम शुरू की। ६ दिसम्बर १९९२ को अयोध्या में बाबरी मस्जिद गिराई गई। परिणामस्वरूप देशव्यापी दंगों में करीब दो हजार लोगों की जानें गईं।उसके दस दिन बाद १६ दिसम्बर १९९२ को लिब्रहान आयोग गठित किया गया। आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के सेवानिवृत मुख्य न्यायाधीश एम.एस. लिब्रहान को आयोग का अध्यक्ष ने १६ मार्च १९९३ को प्रतिवेदन प्रस्तुत किया । १९९३ में केंद्र के अधिग्रहण को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती मिली। चुनौती देने वाला शख्स मोहम्मद इस्माइल फारुकी था। मगर कोर्ट ने इस चुनौती को ख़ारिज कर दिया कि केंद्र जमीन का संग्रहक है। जब मलिकाना हक़ का फैसला हो जाएगा तभी मालिकों को जमीन लौटा दी जाएगी। १९९६ में राम जन्मभूमि न्यास ने केंद्र सरकार से जमीन मांगी लेकिन मांग ठुकरा दी गयी। इसके बाद न्यास ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया जिसे १९९७ में कोर्ट ने ख़ारिज कर दिया। २००२ में जब गैर-विवादित जमीन पर कुछ गतिविधियां हुई तो असलम भूरे ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई।२००३ में सुप्रीम कोर्ट ने यथास्थिति कायम रखने का आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि विवादित और गैर-विवादित जमीन को अलग करके नहीं देखा जा सकता।३० जून २००९ को लिब्रहान आयोग ने चार भागों में ७०० पन्नों की रिपोर्ट प्रधानमंत्री डॉ॰ मनमोहन सिंह और गृह मंत्री पी. चिदम्बरम को सौंपा। ३१ मार्च २००९ को समाप्त हुए लिब्रहान आयोग का कार्यकाल को अंतिम बार तीन महीने अर्थात् ३० जून तक के लिए बढ़ा गया।२०१० में इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने निर्णय सुनाया जिसमें विवादित भूमि को रामजन्मभूमि घोषित किया गया। न्यायालय ने बहुमत से निर्णय दिया कि विवादित भूमि जिसे रामजन्मभूमि माना जाता रहा है, उसे हिंदू गुटों को दे दिया जाए। न्यायालय ने कहा कि वहाँ से रामलला की प्रतिमा को नहीं हटाया जाएगा। न्यायालय ने यह पाया कि चूंकि सीता रसोई और राम चबूतरा आदि कुछ भागों पर निर्मोही अखाड़े का भी कब्ज़ा रहा है इसलिए यह हिस्सा निर्माही अखाड़े के पास ही रहेगा। दो न्यायधीधों ने निर्णय दिया कि इस भूमि के कुछ भागों पर मुसलमान प्रार्थना करते रहे हैं इसलिए विवादित भूमि का एक तिहाई हिस्सा मुसलमान गुटों दे दिया जाए। लेकिन हिंदू और मुस्लिम दोनों ही पक्षों ने इस निर्णय को मानने से अस्वीकार करते हुए सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।उच्चतम न्यायालय ने ११ अगस्त २०१७ से तीन न्यायधीशों की पीठ इस विवाद की सुनवाई प्रतिदिन करेगी। सुनवाई से ठीक पहले शिया वक्फ बोर्ड ने न्यायालय में याचिका लगाकर विवाद में पक्षकार होने का दावा किया । ३० मार्च १९४६ के ट्रायल कोर्ट के फैसले को चुनौती दी जिसमें मस्जिद को सुन्नी वक्फ बोर्ड की सम्पत्ति घोषित अर दिया गया था। अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के 2019 के फैसले के बाद 5 फरवरी 2020 को संसद में घोषणा की गई थी कि द्वितीय मोदी मंत्रालय ने मंदिर निर्माण की एक योजना को स्वीकार कर लिया है। राम मंदिर 235 फीट चौड़ा, 360 फीट लंबा और 161 फीट ऊंचा होगा। हिंदू राम मंदिर श्री राम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट ने मार्च 2020 में राम मंदिर के निर्माण का पहला चरण शुरू किया गया । राम निर्माण स्थल के समतल और खुदाई के दौरान एक शिवलिंग, खंभे और टूटी हुई मूर्तियाँ मिलीं। 25 मार्च 2020 को भगवान राम की मूर्ति को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में एक अस्थायी स्थान पर ले जाया गया। इसके निर्माण की तैयारी में, विश्व हिंदू परिषद ने एक विजय महामंत्र जाप अनुष्ठान का आयोजन किया, जिसमें 6 अप्रैल 2020 का विजय महामंत्र है । भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने सरयू की एक धारा की पहचान की थी जो मंदिर के नीचे बहती है। राजस्थान से आए 600 हजार क्यूबिक फीट बलुआ पत्थर बंसी पर्वत पत्थरों से निर्माण कार्य पूरा किया जाएगा।11 जनवरी 2022 को जहानबद से 45 कि. मि . ट्रैन से पटना पहुचने के बाद पटना से 418 कि .मि . दूरी पर स्थित अयोध्या जंक्शन कोटा एक्सप्रेस द्वारा 8: 31 रात्रि में अयोध्या पहुच कर अयोध्या का सिताविहार कुंज में विश्राम किया है । 12 जनवरी 2022 को अयोध्या परिभ्रमण के दौरान अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि , श्रीराम मंदिर ,हनुमान गढ़ी का हनुमान मंदिर स्थित हनुमानजी ,कनक भवन , वाल्मीकि मंदिर ,बड़े हनुमान जी , नागेश्वरनाथ ,सिद्ध हनुमान बाग , दशरथ गद्दी , चौर्बुजी मंदिर , राम की पैड़ी , सरयू घाटों , सरयू आरती , राम दरबार , सीता माता रसोई घर , गौ सेवन , अनेकों मंदिर का दर्शन किया । साहित्यकार व इतिहासकार सत्येन्द्र कुमार पाठक एवं भारतीय जन क्रांति दाल के महासचिव एवं दिव्य रश्मि के संपादक डॉ राकेश दत्त मिश्र के साथ अयोध्या परिभ्रमण किया गया । अयोध्या के प्रत्येक गलियों , चौराहों , मंदिर के इर्द गिर्द , मठों के परिसरों में वन्दर हनुमानजी के रूप में विचरते है । अयोध्या मंदिरों का शहर कहा गया है । हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| मशहूर हैं बिरजू महाराज और बिहार की जुगलबंदी के किस्से, पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव भी रहे हैं कायल Posted: 17 Jan 2022 06:15 AM PST मशहूर हैं बिरजू महाराज और बिहार की जुगलबंदी के किस्से, पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव भी रहे हैं कायलकथक नृत्य के माध्यम से देश और दुनिया में अपनी अमिट पहचान बनाने वाले पद्म विभूषण पंडित बिरजू महाराज पंडित बिरजू महाराज आज हमारे बीच नहीं रहे. 83 की उम्र में सोमवार की रात हृदय गति रुक जाने से दिल्ली में उनका देहांत हो गया. बिरजू महाराज के निधन से पटना के कला जगत में शोक की लहर है. बिरजू महाराज का बिहार और पटना के लोगों से गहरा लगाव रहा है. पटना में होने वाले कई कार्यक्रमों में बिरजू महाराज के साथ तबले पर संगत कर चुके राजशेखर ने इस बात की जानकारी दी कि अपने पिता और गुरु अच्छन महाराज, चाचा शंभू महाराज, लच्छू महाराज के साथ पंडित बिरजू महाराज बचपन से ही आते रहते थे। 1980-90 के दशक में पटना शहर में जब दुर्गापूजा का भव्य आयोजन होता था और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन की परंपरा थी तब लब्धप्रतिष्ठ कलाकारों की प्रस्तुति होती थी. इस तरह के कार्यक्रमों में सारा पटना उमड़ता था. पंडित बिरजू महाराज कथक के अलावा ठुमरी गायक और वादक भी थे. साल 2002 में गांधी मैदान में आयोजित चार दिवसीय सांस्कृतिक आयोजन के दौरान पंडित बिरजू महाराज पहुंचे थे. तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू प्रसाद इनकी प्रस्तुति पर कायल हो गए थे. लालू प्रसाद ने गुरु जी महाराज की प्रस्तुति को जमकर सराहा था। पटना में बिरजू महाराज के नाम से एक अकादमी भी संचालित है. इसका संचालन महाराज के शिष्य नीलम चैधरी करती हैं. गुरु महाराज अकादमी के बच्चों को प्रशिक्षण देने आते रहे थे. बासा भवन में पंडित बिरजू महाराज की प्रस्तुति हुई थी. इसके अलावा पटना आर्ट कॉलेज परिसर में भी पंडित बिरजू महाराज ने अपने कथक नृत्य से सब को सम्मोहित कर दिया था. आर्ट कॉलेज में उनके साथ गिरिजा देवी की जुगलबंदी हुई थी. इस कार्यक्रम का आनंद पटनावासियों ने जमकर उठाया था. ललित जी महाराज कहा करते थे कि बिहार मेरा आंगन है। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| यूपी के चुनावी मैदान में अकेले उतरेगी JDU Posted: 17 Jan 2022 06:11 AM PST यूपी के चुनावी मैदान में अकेले उतरेगी JDUउत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में जेडीयू अब अकेले अपने बूते चुनाव लड़ेगी. इसी तैयारी में लखनऊ में जेडीयू के प्रदेश पदाधिकारियों की कल बैठक बुलाई गई है, जिसमें पार्टी के यूपी प्रभारी और राष्ट्रीय प्रधान महासचिव के सी त्यागी भी शामिल होंगे. के सी त्यागी ने बीजेपी के साथ गठबंधन नहीं होने पर कहा कि हमारी तरफ से पार्टी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह को बीजेपी से बात के लिए अधिकृत किया गया था. उन्होंने पार्टी की तरफ से अमित शाह, राजनाथ सिंह, जे पी नड्डा, धर्मेंद्र प्रधान से बात की थी, लेकिन बीजेपी की तरफ से कोई सकारात्मक संदेश नहीं थे. उन्होंने अपने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अपना दल और निषाद पार्टी को अपना सहयोगी बताया उसमें जेडीयू का नाम नहीं था। जेडीयू नेता ने कहा कि हमारी तैयारी लंबे समय से चल रही थी. 2017 में भी जब नीतीश कुमार नच के दौरे पर थे तो उनकी बड़ी-बड़ी सभाएं हुई थी. हालांकि 2017 में हम लोग चुनाव नहीं लड़े थे, उसका राजनीतिक नुकसान अभी भी भुगतना पड़ रहा है. इसके बाद पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने तय किया है कि उत्तर प्रदेश में हम अकेले अपने बलबूते पर चुनाव लड़ेंगे. उसी सिलसिले में लखनऊ में पार्टी की एक बैठक होगी. पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश पर बैठक हो रही है उसमें उम्मीदवारों का चयन होगा. अभी 51 लोगों ने इसके लिए आवेदन किया है। उत्तर प्रदेश में जेडीयू बीजेपी के अलग लड़ने से बिहार में गठबंधन पर असर की किसी भी संभावना से के सी त्यागी ने इंकार किया. उन्होंने कहा कि झारखंड में भी हम अलग चुनाव लड़े . ऐसे भी सभी दल चुनाव लड़ने के लिए स्वतंत्र हैं. हालाकि, जेडीयू सिर्फ बीजेपी के साथ ही गठबंधन करता रहा है और अलग से तालमेल करने का हमारा कोई प्लान नहीं है। बिहार में संजय जायसवाल और उपेन्द्र कुशवाहा के बीच बयानबाजी और जेडीयू , बीजेपी के कई प्रवक्ताओ के बयान से बढ़ी तल्खी पर केसी त्यागी ने कहा कि जब बीजेपी कई बार जड़ों की तरफ वापसी की बात करती है,वैसे ही जेडीयू भी है उसका भी अतीत धर्मनिरपेक्षता का है, सामाजिक समरसता का है, दलित, पिछड़े, महिलाओं के उत्थान का है इसलिए वैचारिक और पर जब एनडीए बना था तब भी कई सवालों पर बुनियादी मतभेद थे और वह आज भी हैं. उन्होंने कहा कि सभी दलों को अपनी -अपनी तरफ से आजादी है अपने कोर इसुज को उठाने की। के सी त्यागी ने जेडीयू , बीजेपी के नेताओं को नसीहत देते हुए कहा कि इस तरह की बयानबाजी से विरोधियों को हमारे अंतर विरोध को एक्सप्लाइट करने का मौका मिलता है लिहाजा इस इस तरह की बयानबाजी से बचने का प्रयास करना चाहिए। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| यूपी के कारण बिहार में छिड़ी महाभारत! क्या टूट जाएगा बीजेपी-जेडीयू गठबंधन? Posted: 17 Jan 2022 06:07 AM PST यूपी के कारण बिहार में छिड़ी महाभारत! क्या टूट जाएगा बीजेपी-जेडीयू गठबंधन?बिहार की सियासत को लेकर इन दिनों सबके बीच एक ही चर्चा है कि क्या खरमास के खत्म होते ही बिहार में बड़े उलटफेर की संभावना होने वाली है या फिर सारे राजनीतिक बदलाव एक-दूसरे पर दबाब बनाने की राजनीति है. दरअसल यह चर्चा अचानक नहीं हो रही है कि बल्कि पिछले कुछ दिनों से जेडीयू और बीजेपी के बीच कुछ मुद्दों पर रार छिड़ी है. हाल के दिनों में शराबबंदी, सम्राट अशोक, यूपी चुनाव जैसे तमाम मुद्दों को लेकर दोनों ही दलों के नेता एक दूसरे पर जमकर प्रहार कर रहे हैं. एक-दूसरे को गलत साबित करने की होड़ लगी है. ये सारे राजनीतिक घटनाक्रम जिस तरीके से हो रहे हैं वह कई इशारे भी करती है। राजनीति के जानकारों की मानें तो बिहार की राजनीति में इन दिनों एनडीए के बीच कुछ भी सामान्य नहीं दिख रहा है. बात यहां तक आ पहुंची है कि बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष को कहना पड़ा कि एनडीए की मर्यादा का ख्याल एक तरफा नहीं रखा जा सकता है. पीएम मोदी पर सवाल खड़ा किया जाएगा तो बीजेपी के 75 लाख कार्यकर्ता जबाब देना जानते हैं। बिहार सरकार की कई योजनाएं और फैसले जो सीधे मुख्यमंत्री के लिए ड्रीम प्रोजेक्ट के तौर पर माने जाते रहे हैं. अब बीजेपी उसका खुलकर विरोध कर रही है. शराबबंदी नीतीश कुमार के सबसे महत्वाकांक्षी फैसलों में से एक है जिसे लेकर विपक्ष जब-जब सवाल खड़ा करता रहा है नीतीश कुमार और सख्त होते गए हैं. लेकिन, अब सहयोगी बीजेपी ने सीधा विरोध शुरू कर दिया है. दरअसल बीजेपी के विरोध के कई कारण भी हैं. बिहार में लगातार जहरीली शराब से हो रही मौत और पुलिसिया नाकामी पर अब बीजेपी सख्त हो गई है. बता दें, शराबबंदी की समीक्षा की मांग एनडीए के मुख्य सहयोगी के रूप में जीतन राम मांझी शुरू से करते रहे हैं. लेकिन, अब बीजेपी के बड़े नेता भी खुलकर सामने आ गए हैं. नीतीश कुमार के गृह जिले नालंदा में जहरीली शराब से 14 लोगों की मौत के बाद संजय जायसवाल ने खुलकर विरोध किया और शराबबंदी कानून की समीक्षा की बात कही। संजय जायसवाल ने कहा-पहले जेडीयू ने उनके क्षेत्र में हुए मौत पर सवाल पूछा था अब नालन्दा को लेकर जेडीयू को भी जबाब देना चाहिए. उन्होंने सवाल पूछा था कि क्या जिन लोगों की मौत हुई है उनके घर के लोगों को भी जेल भेजा जाएगा ? उन्होंने पुलिस और प्रशासन के मिलीभगत पर भी सवाल खड़ा किया. दूसरी तरफ बीजेपी के सवालों पर जेडीयू संसदीय दल के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने सीधा संजय जायसवाल को टारगेट करते हुए कहा कि वो क्या बोलते हैं सिर्फ वही समझते हैं. सरकार में वो भी शामिल हैं और ऐसे सवाल उठा रहे हैं। लेखक दया प्रकाश सिन्हा द्वारा सम्राट अशोक की औरंगजेब से तुलना करने के बाद जेडीयू और बीजेपी के बीच ऐसी ठन गई है कि बीच बचाव के लिए सांसद सुशील मोदी को उतरना पड़ा. बावजूद इसके तनाव थमने का नाम नहीं ले रहा है. सम्राट अशोक पर दया प्रकाश की राय को लेकर जेडीयू के तमाम बड़े नेता बीजेपी पर सवाल खड़े करते हुए दया प्रकाश को दिए राष्ट्रपति पुरस्कार को वापस लेने की बात कह डाली. जेडीयू राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह से लेकर उपेंद्र कुशवाहा और प्रवक्ताओं ने बयानों की बौछार कर दी. बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल में मोर्चा संभालते हुए अब 75 लाख बीजेपी कार्यकर्ताओं के जबाब देने की बात कह डाली है। बिहार एनडीए में चल रहे राजनीतिक संघर्ष को लेकर राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि आने वाले दिनों में चुनौतियां और बढ़ने वाली हैं. वरिष्ठ पत्रकार कन्हैया भेल्लारी की माने तो बीजेपी और जेडीयू के बीच छिड़ी जंग का बड़ा कारण यूपी में जदयू को एक भी सीट नहीं मिलना है. जेडीयू मानकर चल रही थी कि यूपी चुनाव में जेडीयू को सीट मिलेगी लेकिन नहीं दी गई जिससे जेडीयू में बीजेपी के प्रति नाराजगी है. वहीं राजनीतिक बदलाव के सवाल पर भेल्लारी बताते हैं कि फिलहाल बिहार में सत्ता परिवर्तन जैसे बदलाव मुश्किल हैं. लेकिन, यूपी चुनाव में अगर बीजेपी की बड़ी जीत होती है तो बिहार की सियासत और गर्म होगी। वहीं वरिष्ठ पत्रकार रवि उपाध्याय भी मानते हैं कि यूपी में जेडीयू को सीट नहीं मिलना जेडीयू के लिए बड़ा निराशाजनक रहा. रवि उपाध्याय सम्राट अशोक के औरंगजेब से तुलना वाले बयान को भी यूपी से जोड़कर देखते हैं. रवि उपाध्याय का मानना है कि यूपी में अब जेडीयू अकेले लड़ने की तैयारी कर रही है और अति पिछड़ा वोट बैंक को साधने की तैयारी है. यूपी में भी कुशवाहा समाज का बड़ा वोट बैंक है. हाल में डिप्टी सीएम रहे केशव प्रसाद मौर्य के बीजेपी से पाला बदलने के बाद जेडीयू यूपी में अपने समीकरण साधना चाहती है. रवि उपाधयाय का कहना है कि यूपी चुनाव के नतीजे बिहार में काफी कुछ असर डालेगा। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| स्त्रियों को दंडवत प्रणाम क्यों नहीं करना चाहिए? Posted: 17 Jan 2022 05:59 AM PST स्त्रियों को दंडवत प्रणाम क्यों नहीं करना चाहिए?आज कल मन्दिरों में और पूजा स्थल पर लोग बगैर जानकारी के ऐसी गलती करतें है जो उन्हें पाप का भागीदार बनाता है | शास्त्र के अनुसार स्त्रियों को दंडवत प्रणाम नहीं करना चाहिए परन्तु कई जगह हमने देखा है स्त्रियाँ भी दंडवत प्रणाम करती हुई मिल जाती है जो सर्वथा अनुचित है | वैसे दंडवत प्रणाम को सभी प्रकार के प्रणामों में सर्वश्रेष्ठ माना गया है लेकिन हमारे शास्त्रों में स्त्रियों को दंडवत प्रणाम करने का सर्वथा निषेध है। शास्त्रानुसार स्त्रियों को कभी भी किसी के भी सम्मुख दंडवत प्रणाम नहीं करना चाहिए। आजकल अनेक स्थानों पर देखने में आता है कि स्त्रियां भी मंदिरों, पूजा स्थलों व परिक्रमा आदि में षाष्टांग दंडवत प्रणाम करती हैं, जो शास्त्रानुसार अनुचित है। ऐसा क्यों है इसका समाधान हमें 'धर्मसिन्धु' नामक ग्रंथ में मिलता है, जिसमें स्पष्ट निर्देश है- 'ब्राह्मणस्य गुदं शंखं शालिग्रामं च पुस्तकम्। वसुन्धरा न सहते कामिनी कुच मर्दनं।।' - अर्थात् ब्राह्मणों का पृष्ठभाग, शंख, शालिग्राम, धर्मग्रंथ (पुस्तक) एवं स्त्रियों का वक्षस्थल (स्तन) यदि सीधे भूमि (बिना आसन) का स्पर्श करते हैं तो पृथ्वी इस भार को सहन नहीं कर सकती है। इस असहनीय भार को सहने के कारण वह इस भार को डालने वाले से उसकी श्री (अष्ट-लक्ष्मियों) का हरण कर लेती है। ब्राह्मणों का पृष्ठभाग, शंख, शालिग्राम, धर्मग्रंथ (पुस्तक) एवं स्त्रियों के वक्षस्थल को पृथ्वी पर सीधे स्पर्श कराने वाले की अष्ट-लक्ष्मियों क्षय होने लगता है। अत: शास्त्र के इस निर्देशानुसार स्त्रियों को दंडवत प्रणाम कभी नहीं करना चाहिए।स्त्रियों को दंडवत प्रणाम के स्थान पर घुटनों के बल बैठकर अपना मस्तक भूमि से लगाकर ही प्रणाम करना चाहिए एवं ब्राह्मणों, शंख, शालिग्राम भगवान को, धर्मग्रंथ (पुस्तक) को सदैव उनके यथोचित आसन पर ही विराजमान कराना चाहिए हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| यूपी में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पुनः बनेगी भाजपा की सरकार: सुरेश तिवारी Posted: 17 Jan 2022 05:57 AM PST यूपी में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पुनः बनेगी भाजपा की सरकार: सुरेश तिवारीदेवरिया ब्यूरो वेद प्रकाश तिवारी भारतीय जनता पार्टी के पूर्व मंडल अध्यक्ष सदस्य जिला कार्यसमिति सुरेश तिवारी ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि विकास कार्यों की बदौलत उत्तर प्रदेश में 2022 में पुनः योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी की प्रचंड बहुमत की सरकार बनेगी। उन्होंने कहा कि केंद्र की मोदी एवं उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने समाज के हर वर्ग के हित में दर्जनों निर्णय लिए हैं। जिनका लाभ उन्हें बिना किसी बिचौलिए के मिल रहा है। उन्होंने कहा कि देश के 10 करोड़ से ऊपर किसानों को प्रतिवर्ष रुपए 6000 सालाना किसान सम्मान निधि के रूप में मुहैया कराया जा रहा है। सपा एवं बसपा के शासनकाल में चीनी मिलों को कौड़ियों के भाव बेचने का काम हुआ था। वही उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ की सरकार में जहां बंद चीनी मिलों को चलाने का काम हो रहा है वहीं नई चीनी मिलों की स्थापना की जा रही है। श्री तिवारी ने कहा कि सपा- बसपा की सरकार की तुलना में उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों के मूल्य का रिकॉर्ड भुगतान भाजपा सरकार में किया गया है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत 10 करोड़ गरीब महिलाओं को निशुल्क गैस कनेक्शन दिया गया है। देश के सभी नागरिकों को केंद्र की मोदी सरकार ने कोरोना वैक्सीन की निशुल्क डोज देने की काम की है। तो वही 15 से 18 साल के युवाओं को भी निशुल्क कोरोना वैक्सीन देने का काम शुरू हो गया है। श्री तिवारी ने कहा कि उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के कुशल नेतृत्व में प्रदेश में सड़कों,पुल एवं पुलियों का जाल बिछाया जा रहा है। भाटपार रानी विधानसभा क्षेत्र की लगभग सभी प्रमुख सड़कें टूलेन में परिवर्तित हो चुकी हैं। उत्तर प्रदेश की सरकार ने साढ़े चार लाख से ऊपर नौजवानों को पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरी देने का काम की है। स्टार्टअप योजना, स्टैंड अप योजना, वन डिस्टिक वन प्रोडक्ट एवं स्वयं सहायता समूह के माध्यम से लाखों लोगों को रोजगार मुहैया कराया गया है। श्री तिवारी ने कहा कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने असंगठित क्षेत्र के कामगारों को ₹500 महीने के हिसाब से पोषण भत्ता देने का निर्णय ली है। जिसका पहला किश्त दिसंबर एवं जनवरी का ₹1000 डेढ़ करोड़ कामगारों के खाते में ट्रांसफर कर दिया गया है। अप्रैल 2020 से देश के लगभग 80% लोगों को निशुल्क राशन उपलब्ध कराने का काम भाजपा सरकार में हो रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा गेहूं एवं चावल के साथ साथ 1 किलो नमक, 1 किलो खाद्य तेल एवं 1 किलो चना राशन कार्ड धारकों को निशुल्क मुहैया कराया जा रहा है। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| अंतरराष्ट्रीय संस्था हिंदी साहित्य भारती मुजफ्फरनगर इकाई की मासिक गोष्ठी संपन्न Posted: 17 Jan 2022 05:54 AM PST अंतरराष्ट्रीय संस्था हिंदी साहित्य भारती मुजफ्फरनगर इकाई की मासिक गोष्ठी संपन्नअंतरराष्ट्रीय संस्था हिंदी साहित्य भारती मुजफ्फरनगर इकाई की मासिक गोष्ठी दिनांक 16 /01/ 2021 को वरिष्ठ साहित्यकार डॉ अ कीर्तिवर्धन जी की अध्यक्षता में तरंग माध्यम से संपन्न हुई। कार्यक्रम का शुभारंभ घंटी वादन के साथ ध्येय गीत द्वारा हुआ। मां सरस्वती की वंदना कर कवयित्री सुमन प्रभा ने कार्यक्रम को गति प्रदान की। दो सत्रों में विभाजित इस गोष्ठी के प्रथम चरण में गद्य के अंतर्गत सुमन युगल द्वारा" वह तुम ना थी "शीर्षक और इंदु राठी द्वारा "संस्कारों की तिजोरी" शीर्षक लघु कथाओं का वाचन किया गया । पद्य श्रंखला में पंकज शर्मा जी ने बहुत मधुर गीत प्रस्तुत किया" चलो एक बार हों फिर से तुम्हारे प्यार की बातें" एक युवा सदस्या गीत दीक्षित ने बेटियों के ऊपर रचना प्रस्तुत की"अब किसी मां की आंख नम ना हो, बेटियों पर कोई सितम ना हो" संस्था के उपाध्यक्ष श्री राम कुमार रागी जी ने बहुत खूबसूरत गीत गाया "बुझा दो जन्मों की प्यास, लौटकर अब तो आजा ",सुनीता सोलंकी द्वारा" बदलते रिश्ते दिखते नहीं मगर महसूस होते हैं" कविता प्रस्तुत की गई ,जितेंद्र जी द्वारा छन्द बद्ध रचना की प्रस्तुति की गई जो बहुत ही प्रभावशाली थी " ", प्रतिभा त्रिपाठी जी ने एक बहुत ही सरस गजल प्रस्तुत की "काव्य रस छंद की अल्पना हो गई मैं कवि की सहज कल्पना हो गई", डॉ रश्मि 'विनायक' ने काव्य की पुरातन आंचलिक विधा लोरी प्रस्तुत की चांदी का पालना।द्वितीय सत्र के प्रारंभ में अध्यक्षा डॉ रश्मि विनायक ने संस्था के संविधान, कार्यशैली और भविष्य की योजनाओं से अवगत कराया। इस कार्यक्रम में "हिंदी के परिप्रेक्ष्य में युवा वर्ग के लिए विश्व पटल पर संभावनाएं" शीर्षक पर मुख्य अतिथि डॉक्टर एस एन चौहान जी( डायरेक्टर एस डी इंजी कॉ) एवं मुख्य अतिथि डॉ कंचन प्रभा शुक्ला जी(प्रधानाचार्य जैन क इं कॉ) द्वारा वक्तव्य प्रस्तुत किए गए। डॉ एस एन चौहान जी ने वैश्विक विश्वविद्यालयों के परिप्रेक्ष्य में पाठ्यक्रम के अंतर्गत हिंदी की स्थिति बताते हुए संवैधानिक स्तर पर हिंदी को राष्ट्रभाषा घोषित किए जाने पर ही विश्व में इसकी गरिमा बढ़ेगी इस बात पर बल दिया ,वहीं डॉ कंचन प्रभा जी ने व्यक्तिगत प्रयासों से हिंदी को व्यवहार में लाने ,स्वयं अपने बच्चों को हिंदी सिखाने, बोलने आदी के द्वारा हिंदी के विकास,विस्तार जैसे वक्तव्य दिए विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ साहित्यकार श्री शरद बाजपेई द्वारा एक लघु कथा " "और कविता प्रस्तुत की गई कार्यक्रम में श्री संदीप शर्मा जी( राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ बीजेपी कार्यकर्ता) मुख्य श्रोता अतिथि के रूप में और डा अजय पाल(एच ओ डी इतिहास विभाग एस डी डिग्री कॉ) उपस्थित रहे ।डॉ कीर्ति वर्धन जी ने अध्यक्षीय संबोधन के अंतर्गत हिंदी की समस्त बोलियों को हिंदी की समृद्धि बताया साथ ही एक मनमोहक कविता की प्रस्तुति भी दी।गोष्ठी का संचालन संस्था की महामंत्री प्रतिभा त्रिपाठी द्वारा किया गया गोष्ठी का समापन कल्याणऔर स्वस्ति मंत्रोच्चारण द्वारा किया गया। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| एक्सरसाइज करते समय न करें ऐसी गलतियां Posted: 17 Jan 2022 05:49 AM PST एक्सरसाइज करते समय न करें ऐसी गलतियां...(हिफी डेस्क-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा) आज के समय में हर व्यक्ति खुद को फिट रखना चाहता है और इसके लिए खान-पान के साथ-साथ वर्कआउट पर भी पूरा ध्यान दिया जाना चाहिए। अधिकतर लोग खुद को फिट रखने के लिए एक्सरसाइज तो करते हैं, लेकिन वह इस दौरान कुछ छोटी-छोटी गलतियां कर बैठते हैं, जिसके कारण उन्हें फायदे की जगह नुकसान उठाना पड़ता है। साथ ही साथ उन्हें वह रिजल्ट भी नहीं मिल पाता है, जैसा कि उन्होंने सोचा होता है। इससे उनके मन में एक निराशा पैदा होती है। अगर आप एक्सरसाइज करते हुए ऐसे कपड़े पहनते हैं जो पसीने को अब्जॉर्ब न कर सकें तो इससे आपको चिपचिपेपन के कारण इरिटेशन व स्किन इचिंग की समस्या शुरू हो जाती है। वहीं, आपके कपड़े थोड़े स्ट्रेचेबल भी होने चाहिए, ताकि वर्कआउट के दौरान तरह-तरह के बॉडी मूवमेंट को आसानी से करना आपके लिए आसान हो। कुछ लोगों की यह आदत होती है कि वह जब वर्कआउट शुरू करते हैं तो सीधे ही अपनी मेन एक्सरसाइज को करना शुरू कर देते हैं। जबकि यह गलत है। इससे बॉडी में दर्द बढ़ने के साथ-साथ चोटिल होने की संभावना भी बढ़ जाती है। हमेशा पहले 5-10 मिनट तक वार्मअप किया जाना चाहिए। ऐसा करने से आपकी बॉडी अलर्ट होती है और फिर आप किसी भी एक्सरसाइज को अधिक बेहतर तरीके से कर पाते हैं और आपको रिजल्ट भी अच्छा मिलता है। यह सच है कि वर्कआउट का एक रूटीन होना चाहिए, लेकिन उसमें हमेशा एक ही एक्सरसाइज को करना कभी भी एक अच्छा आइडिया नहीं माना जाता। इसके कई नुकसान होते हैं। सबसे पहले तो जब आप एक ही वर्कआउट करते हैं तो इससे आपको बोरियत होती है और बेमन से एक्सरसाइज करने से वह आपके लिए बोझिल हो जाता है। वहीं दूसरी ओर, एक ही तरह का वर्कआउट करने से बॉडी उसकी आदी हो जाती है और फिर इससे आपको रिजल्ट नहीं मिलते हैं। इसके अलावा, एक ही तरह के वर्कआउट से केवल आपकी बॉडी के कुछ ही हिस्सों पर उसका असर नजर आता है। इसलिए कोशिश करें कि आप हर दिन अपने वर्कआउट में वैरायटी लाएं ताकि इसमें आपको मजा भी आए और आपको बेस्ट रिजल्ट मिल सकें। यह गलती हम सभी ने कभी ना कभी अवश्य की है। दरअसल, जब हम वर्कआउट शुरू करते हैं तो हम उसके लिए पहले से ही समय सुनिश्चित कर लेते हैं और फिर तय समय सीमा में अपना वर्कआउट खत्म करने के चक्कर में हम बैक टू बैक एक्सरसाइज करते जाते हैं, जिससे शरीर को बिल्कुल भी रिलैक्स नहीं मिलता और कभी-कभी मसल्स में चोट भी आ जाती है। इसलिए वर्कआउट सेशन खत्म करने की जल्दी न करें, बल्कि हर एक्सरसाइज को सही तरह से करें। अगर आप किसी एक्सरसाइज के तीन सेट कर रहे हैं तो एक खत्म करने के बाद कुछ सेकंड्स के लिए रूकें और तभी दूसरा सेट शुरू करें। (हिफी) हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| सर्दियों में तिल का सेवन सेहत के लिए फायदेमंद Posted: 17 Jan 2022 05:46 AM PST सर्दियों में तिल का सेवन सेहत के लिए फायदेमंद(हिफी डेस्क-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा) तिल में प्रोटीन, आयरन, विटामिन, ओमेगा 6, मैग्नीशियम, फॉस्फोरस जैसे कई पोषक तत्व मौजूद होते हैं जो हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद हैं। सर्दियों में तिल खाने से शरीर को गर्मी पहुंचती है और इसके साथ ही सेहत को ढेरों फायदे मिलते हैं। सर्दियों में गुड़ और तिल का बहुत सेवन किया जाता है। सर्दियां शुरू होते ही लोग तिल के लड्डू या तिल की पट्टी बनाने लगते हैं। ये खाने में तो स्वादिष्ट लगते ही हैं लेकिन इसके साथ ही यह हमारे स्वास्थ्य के लिए भी बहुत फायदेमंद होते हैं। तिल में प्रोटीन, आयरन, विटामिन, ओमेगा 6, मैग्नीशियम, फॉस्फोरस जैसे कई पोषक तत्व मौजूद होते हैं जो हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद हैं। सर्दियों में तिल खाने से शरीर को गर्मी पहुंचती है और इसके साथ ही सेहत को ढेरों फायदे मिलते हैं। आज के इस लेख में हम आपको सर्दियों में तिल खाने के फायदे बताने जा रहे हैं। तिल का सेवन हमारे दिमाग के स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है। तिल में प्रोटीन, कैल्शियम, मिनरल्स, मैग्नीशियम, आयरन और कॉपर जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं जो दिमाग की ताकत बढ़ाते हैं। सर्दियों में रोजाना तिल का सेवन करने से याददाश्त कमजोर नहीं होती है। रोजाना तिल के सेवन से दिल का स्वास्थ्य भी अच्छा रहता है। इसमें मौजूद, आयरन, मैग्नीशियम, जिंक और सेलेनियम जैसे पोषक तत्व दिल की मांसपेशियों को सक्रिय रूप से काम करने में मदद करते हैं। इससे हार्ट की बीमारियों का जोखिम कम करने में मदद मिलती है। तिल का सेवन करने से कैंसर से भी बचाव होता है। तिल में सेसमीन नामक तत्व पाया जाता है जो कैंसर कोशिकाओं को बढ़ने से रोकता है। तिल का सेवन करने से लंग कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर और पेट के कैंसर से बचाव होता है। जिन लोगों को अनिद्रा की समस्या है उनके लिए भी तेल का सेवन बहुत फायदेमंद होता है। तिल में कुछ ऐसे तत्व पाए जाते हैं जिससे नींद अच्छी आती है। इसके साथ ही तिल का सेवन करने से तनाव और डिप्रेशन को कम करने में मदद मिलती है। गठिया के मरीजों के लिए तिल का सेवन फायदेमंद माना जाता है। तिल में कैल्शियम और फास्फोरस जैसे जरूरी पोषक तत्व मौजूद होते हैं जो हड्डियों को मजबूत बनाते हैं। तिल का सेवन करने से जोड़ों के दर्द और सूजन में राहत मिलती है। ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए भी तिल फायदेमंद साबित हो सकता है। तिल में पाया जाने वाला तेल कार्डियोवैस्कुलर सिस्टम में तनाव को कम करता है। इसके अलावा तिल में भरपूर मात्रा में मैग्निशियम मौजूद होता है जो हाई बीपी की समस्या को कम करने में मदद करता है। तिल का सेवन करने से कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने में भी मदद मिलती है। तिल में सेसमिन और सेसमोलिन नामक तत्व मौजूद होते हैं जो कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करते हैं। तिल का सेवन करने से कब्ज की समस्या से भी छुटकारा पाया जा सकता है। तिल के बीज में भरपूर मात्रा में फाइबर होता है। तिल का सेवन करने से कब्ज से निजात मिल सकता है। हमारे बालों के लिए भी तिल बहुत फायदेमंद है। इसमें विटामिन बी, कैल्शियम, मैग्नीशियम,फॉस्फोरस और प्रोटीन मौजूद होता है जिससे बालों को संपूर्ण पोषण मिलता है और बाल मजबूत बनते हैं। हमारी त्वचा के लिए भी तिल अमृत के समान काम करता है। इसके सेवन से त्वचा में नमी बरकरार रहती है और त्वचा का रूखापन दूर होता है। तिल के सेवन से चेहरे पर चमक आती है। (हिफी) हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 17 Jan 2022 05:44 AM PST बिरजू महाराज की संगीत साधना(डॉ दिलीप अग्निहोत्री-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा) भारतीय संगीत की अनेक विधाएं है। इसमें कत्थक नृत्य का विशेष महत्व है। इसके साथ किसी कलाकार का नाम सदा सर्वदा के लिए जुड़ना विलक्षण होता है। पदम् विभूषण प.बिरजू महाराज को इसका गौरव हासिल हुआ। देश विदेश में जब भी कत्थक की चर्चा होगी उनका नाम सम्मान के साथ लिया जाएगा। बचपन में ही उन्होंने कत्थक नृत्य की साधना प्रारंभ की थी। आजीवन इसके प्रति समर्पित रहे। कत्थक उनके जीवन में रच बस गया था। उनकी सामान्य वार्ता में भी गजब की भाव भंगिमा हुआ करती थी। नृत्य की बात तो अलग है। उनमें हथेलियों की भाव भंगिमा से किसी चित्रण को अभिव्यक्त करने की अद्भुत क्षमता थी। ऐसा करते समय वह एक शब्द भी बोलते नहीं थे। हथेलियों से सब कुछ समझा देते है। भोर होना चिड़ियों की उड़ान, उनके द्वारा अपने बच्चों तक दाना पहुंचना, फूलों का खिलना आदि सब हथेलियों के माध्यम से जीवंत हो जाता है। इसी प्रकार वह नृत्य किये बिना ही अनेक दृश्यों को साकार कर देते थे। इसमें वीर रस से लेकर श्रृंगार रस के प्रसंग भी होते थे। नृत्य में यंत्रवत प्रदर्शन। सब कुछ नपा तुला। साथ में भावनाओं की अभिव्यक्ति। उनके चाहने वालों में एक साथ कई पीढ़ी के लोग थे। उन्होंने तेरह वर्ष की अवस्था में ही कत्थक में महारथ हासिल की थी। उस दौर में भारतीय संगीत बहुत लोकप्रिय हुआ करता था। बिरजू महाराज ने उस समय अपना विशिष्ट मुकाम बनाया था। पाश्चात्य संगीत का प्रभाव बढ़ने के बाद भी उनकी लोकप्रियता कायम रही। वर्तमान पीढ़ी में भी उनकी पसंद करने वाले कम नहीं है। उन्होंने सत्यजीत राय की फिल्म शतरंज के खिलाड़ी में संगीत दिया। इस फिल्म के दो गानों के नृत्य पर गायन किया था। करीब दस वर्ष पहले बनी फिल्म देवदास में गाने काहे छेड़ छेड़ मोहे का नृत्य संयोजन किया था। फिल्म डेढ़ इश्किया उमराव जान, बाजी राव मस्तानी में भी कत्थक नृत्य का निर्देशन किया था। करीब सात वर्ष पहले फिल्म बाजीराव मस्तानी के गाने मोहे रंग दो लाल के नृत्य निर्देशन के लिये उन्हें। फिल्मफेयर पुरस्कार मिला था। इसके पहले उन्हें पद्म विभूषण संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार तथा कालिदास सम्मान आदि अनेक सम्मान प्राप्त हुए थे। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय एवं खैरागढ़ विश्वविद्यालय से डॉक्टरेट की उपाधि मानद मिली थी। भारतीय शास्त्रीय संगीत में लखनऊ घराने के विशेष महत्व है। कत्थक सम्राट पद्मविभूषण विरजू महाराज ने इसे बुलंदियों पर पहुंचाया। लखनऊ के विद्यांत शिक्षण संस्थान का नाम आते ही वह भावुक हो जाते है। विरजु महाराज ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा यहीं से ग्रहण की थी। उन्होंने एक बार स्वयं बताया था कि बचपन से ही शिक्षा के संगीत में उनकी गहरी रुचि थी। क्लास और स्कूल में भी मौका मिलने पर वह नाचते थे। विद्यांत स्कूल के बाहर के दुकानदारों तक उनके विलक्षण हुनर की चर्चा पहुंच गई थी। होनहार विरवान के होत चिकने पात। विरजू महाराज ने बताया था कि उन्हें पतंग उड़ाने का शौक था। वह स्कूल के बाहर पतंग लेने जाते थे। वहां लोग उनके नृत्य के मुरीद थे। फरमाइश होने लगती थी। उनके नन्हे कदम थिरकने लगते थे। दुकानदार उन्हें बिना पैसा लिए पतंग दे दिया करते थे। विरजू महाराज को आज भी यह सब याद है। अक्सर वह लखनऊ आते थे। एक बार मुलाकात में उनसे विद्यांत स्कूल की चर्चा छेड़ी,ऐसा लगा जैसे वह अपने बचपन में लौट गए हो। जब वह नृत्य के बदले पतंग ले लिया करते थे। तब किसी को यह कल्पना नहीं रही होगी कि यह बालक कत्थक जगत के शिखर पर आसीन होगा। विरजू महाराज के देश में अनगिनत शिष्य है। देश के अनेक हिस्सों में जाकर वह शिष्यों और कत्थक कलाकारों की नृत्य की बारीकियां समझते रहे है। लखनऊ का कालिका बिन्दादिन ड्योढ़ी में कत्थक का केंद्र था। बिरजू महाराज के दो चाचा व ताऊ, शंभु महाराज एवं लच्छू महाराज भी कत्थक के साधक थे। इनके पिता अच्छन महाराज थे। जिन्होंने बिरजू महाराज को संगीत शिक्षा दी। बिरजू महाराज ने कत्थक नृत्य में नए रंग जोड़े। इन्होंने पन्द्रह सौ से अधिक ठुमरियों का कमोजिशन किया। लखनऊ घराना कथक नृत्य शैली में छोटे टुकड़ों का महत्व होता है। नृत्य के बोलों के अतिरिक्त पखावज की परने और परिमलु के बोल भी नाचे जाते हैं। बिरजू महाराज ने इन सभी को नए रूप में सँवारा। उनको आकर्षक बनाया। वह अनवरत इस साधना में लगे रहे। उनका जन्म 4 फरवरी, 1938 को लखनऊ, उत्तर प्रदेश के कालका बिन्दादीन घराने में हुआ था। पहले उनका ना दुखहरण रखा गया था। लेकिन यह नाम जमा नहीं। इसलिए उनका नाम बृजमोहन नाथ मिश्रा रखा गया। लेकिन यह नाम भी उनके साथ जुड़ नहीं सका। वह देश दुनिया में बिरजू मगराज के नाम से ही प्रख्यात हुए। इनके पिता का नाम जगन्नाथ मिश्र थे। वह भी अच्छन महाराज के नाम से संगीत जगत में विख्यात थे। अच्छन महाराज ने ही सर्वप्रथम अपने इस पुत्र की प्रतिभा को पहचाना था। वह इनके प्रथम संगीत गुरु थे। उन्होंने संगीत दीक्षा प्रारंभ की थी। बिरजू महाराज जब नौ वर्ष के थे तभी पिता अच्छन महाराज का निधन हो गया। उनकी मृत्यु के बाद उनके चाचा शंभू महाराज व और लच्छू महाराज ने इस दायित्व का निर्वाह किया। इन्होंने गोवर्धन लीला, माखन चोरी, मालती माधव, कुमार संभव व फाग बहार इत्यादि की रचना की। तबला, पखावज, ढोलक, नाल और तार वाले वाद्य वायलिन,स्वर मंडल व सितार आदि में भी वह पारंगत थे। बीस बाइस वर्ष पूर्व इन्होंने संगीत समारोहों में सक्रियता कम कर दी थी। लेकिन संगीत से अलग होना इनके लिए संभव ही नहीं था। उन्होंने संगीत भारती, भारतीय कला केंद्र में अध्यापन किया। दिल्ली के कत्थक केंद्र के प्रभारी भी रहे। इन्हें प्रसिद्ध कालिदास सम्मान,सोवियत लैंड नेहरू अवार्ड एसएनए अवार्ड व संगम कला अवार्ड भी प्राप्त हुआ था। इन्हें नेहरू फैलोशिप प्रदान की गई थी। उन्होंने मात्र तेरह वर्ष की आयु में नई दिल्ली के संगीत भारती में नृत्य की शिक्षा देना आरम्भ कर दिया था। उसके बाद दिल्ली में ही भारतीय कला केन्द्र, कत्थक केन्द्र संगीत नाटक अकादमी की एक इकाई में भी संगीत शिक्षा देते रहे। वह संकाय के अध्यक्ष व निदेशक भी रहे। यहां से अवकाश ग्रहण करने के बाद उन्होंने दिल्ली में कलाश्रम नाट्य विद्यालय स्थापित किया था। (हिफी) हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| केजरीवाल लगा रहे कांगे्रस में सेंध Posted: 17 Jan 2022 05:42 AM PST केजरीवाल लगा रहे कांगे्रस में सेंध(अशोक त्रिपाठी-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा) पंजाब में आम आदमी पार्टी (आप) मुख्य विपक्षी दल से सत्ताधारी पार्टी बनने की जुगत में है। राज्य की 117 सदस्यीय विधानसभा में 60 विधायकों को आंकड़ा किस पार्टी को मिलेगा, यह तो 10 मार्च को ही पता चलेगा लेकिन कौन किसमें सेंधमारी कर रहा है, यह मतदान से पहले ही मालूम पड़ जाएगा। सबसे ज्यादा सेंध कांग्रेस के घर में लग रही है। अब तक पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ही कांग्रेस के नेताओं को तोड़ रहे थे, अब आम आदमी पार्टी के नेता केजरीवाल रणनीति अपना रहे हैं। गत 15 जनवरी को कांगे्रस के बड़े नेता और पूर्व मंत्री जोगिंदर सिंह मान कांग्रेस छोड़कर आम आदमी पार्टी में चले गये हैं। मान का कांग्रेस से 50 साल से जुड़ाव रहा है और किसान आंदोलन में भी उनका प्रभाव था। मान फगवाड़ा को जिला का दर्जा नहीं देने से नाराज थे। विधानसभा चुनाव से पहले पंजाब के पूर्व मंत्री जोगिंदर सिंह मान कांग्रेस से नाता तोड़ने के एक दिन बाद आम आदमी पार्टी (आप) में शामिल हो गए। आप नेता और पंजाब के सह प्रभारी राघव चड्ढा ने कहा कि मान के शामिल होने से राज्य में पार्टी को काफी मजबूती मिलेगी। चड्ढा ने एक ट्वीट में कहा, 'अरविंद केजरीवाल जी के दृष्टिकोण से प्रेरित होकर पंजाब के पूर्व कैबिनेट मंत्री और तीन बार के विधायक जोगिंदर सिंह मान जी कांग्रेस के साथ अपने 50 साल पुराने जुड़ाव को समाप्त करते हुए आप में शामिल हो गए। वह पंजाब कृषि उद्योग निगम के अध्यक्ष थे। चड्ढा ने कहा, मान के शामिल होने से पंजाब में आप की इकाई को काफी मजबूती मिलेगी। चड्ढा ने एक तस्वीर भी साझा की जिसमें मान को आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल की मौजूदगी में पार्टी में शामिल होते दिखाया गया है। अनुसूचित जाति (एससी) वर्ग के नेता मान कथित रूप से करोड़ों रुपये के पोस्ट-मैट्रिक एससी छात्रवृत्ति घोटाले के आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होने और फगवाड़ा को जिला का दर्जा नहीं देने पर कांग्रेस से नाराज थे। मान ने कांग्रेस से और पंजाब कृषि उद्योग निगम के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के बाद सोनिया गांधी को एक पत्र में कहा कि उनका एक सपना था कि वह ताउम्र कांग्रेस नेता रहते। मान ने बेअंत सिंह, राजिंदर कौर भट्टल और अमरिंदर सिंह के मंत्रिमंडलों में मंत्री के रूप में कार्य किया था। मान ने पत्र में कहा था, ''मैट्रिक के बाद दी जाने वाली छात्रवृत्ति योजना के गुनहगारों को कांग्रेस संरक्षण दे रही है, इसलिए मेरी अंतरात्मा मुझे पार्टी में रहने की अनुमति नहीं देती है। पंजाब की 117 विधानसभा सीटों के लिए 14 फरवरी को मतदान होगा और 10 मार्च को नतीजे आएंगे। पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए 14 जनवरी को कांग्रेस ने 86 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर दी है, जिसमें मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू, उप मुख्यमंत्री सुखजिंदर रंधावा और ओ पी सोनी समेत कई वरिष्ठ नेताओं के नाम शामिल हैं। पार्टी की ओर से जारी उम्मीदवारों की सूची के अनुसार, मुख्यमंत्री चन्नी चमकौर साहिब से एक बार फिर चुनाव लड़ेंगे। सिद्धू अपनी वर्तमान सीट अमृतसर पूर्व, रंधावा अपनी वर्तमान सीट डेरा बाबा नानक और सोनी भी अपने मौजूदा क्षेत्र अमृतसर मध्य से ही चुनाव लड़ेंगे। पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष और राज्यसभा सदस्य प्रताप सिंह बाजवा कादियान से चुनाव लड़ेंगे। हाल ही में कांग्रेस में शामिल हुईं मालविका सूद मोगा से पार्टी की उम्मीदवार होंगी। वह अभिनेता सोनू सूद की बहन हैं। परमिंदर सिंह पिंकी फिरोजपुर सिटी से चुनाव लड़ेंगे। अबोहर से सुनील जाखड़ के भतीजे संदीप जाखड़ कांग्रेस की ओर से चुनावी मैदान में भाग्य आजमाएंगे। कांग्रेस ने बस्सी पठाना से मौजूदा विधायक गुरप्रीत सिंह को बरकरार रखा है। वहीं पटियाला ग्रामीण से मंत्री ब्रह्म मोहिंद्रा के पुत्र मोहित चुनाव लड़ेंगे। मनसा विधानसभा सीट से गायक सिद्धू मूसेवाला चुनाव लड़ेंगे। नरेश पुरी सुजानपुर से कांग्रेस की ओर से और अमित विज पठानकोट से चुनाव लड़ेंगे। अमृतसर सेंट्रल से ओमप्रकाश सोनी और सुल्तानपुर लोधी से नवतेज सिंह को कांग्रेस का उम्मीदवार बनाया गया है। जालंधर वेस्ट से सुशील कुमार कांग्रेस की ओर से चुनाव लड़ेंगे। जालंधर नार्थ से अवतार सिंह कांग्रेस की ओर से चुनाव लड़ेंगे। रूपनगर से बीरेंद्र सिंह को कांग्रेस का प्रत्याशी बनाया गया है। आम आदमी पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल कहते हैं कि पंजाब के लोग बहुत खुश है कि अब उनको बदलाव का मौका मिलेगा। पंजाब पर 1966 से आज तक 25 साल कांग्रेस और 19 साल बादल परिवार ने राज किया। इन दोनों ने पार्टनरशिप में राज किया। चाहे किसी की भी सरकार थी, दोनों ने एक-दूसरे पर कोई एक्शन नहीं लिया और दोनों ने लूटा। पंजाब के विकास के लिए हमने 10 पॉइंट का पंजाब मॉडल तैयार किया है। ये 10 सूत्रीय एजेंडा है। पहला एजेंडा है रोजगार। हम ऐसा पंजाब बनाएंगे कि जो बच्चे कनाडा चले गए वे वापस आएंगे। पंजाब को नशा मुक्त करेंगे, पंजाब में शांति व्यवस्था लाएंगे। बेअदबी के एक भी मामले में सजा नहीं हुई क्योंकि सब पार्टियों के तार मिले हुए थे, साजिश थी। सभी बेअदबी मामलों में कठोर से कठोर सजा दिलाएंगे, शांति और भाईचारा कायम करेंगे। पंजाब को भ्रष्टाचार मुक्त बनाएंगे जैसे दिल्ली बनाई है शिक्षा में बेहतर माहौल देंगे। अब टीचर क्लासरूम में पढ़ाएंगे, धरने नही देंगे। जैसे दिल्ली में किया वैसे करेंगे, स्वास्थ्य- 16 हजार मोहल्ला क्लीनिक बनाएंगे। हर पंजाबवासी को मुफ्त इलाज मिलेगा, बिजली- दिल्ली की तरह मुफ्त और 24 घंटे बिजली देंगे, हर 18 साल से ऊपर की महिला को हर महीने 1000 रुपये देंगे। खेती के मसले हल करेंगे, व्यापारियों और उद्योगपतियों पर रेड राज बंद करेंगे। अरविंद केजरीवाल ने पार्टी टिकट बेचे जाने के आरोपों पर भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि 1947 से लेकर आजतक की सबसे ईमानदार पार्टी आप है। हमने एक भी टिकट नहीं बेची। अगर कोई साबित कर दे कि टिकट बेची तो बेचने और खरीदने वाले को तुरंत पार्टी से निकालूंगा। यहीं नहीं,उनका जहन्नुम तक पीछा नहीं छोडूंगा। आजकल कीचड़ उछालने का फैशन है। कीचड़ हम पर उछाला जा रहा है। अगर किसी ने ऊलजुलूल आरोप लगाया तो उसको भी नहीं छेड़ेंगे।केजरीवाल ने कहा, राजेवाल साहब की बहुत इज्जत करता हूं। वे मेरे घर आए थे। उन्होंने एक ऑडियो क्लिप दी, उसमें दो लोग बात कर रहे हैं कि केजरीवाल पैसे खाता है, सिसोदिया पैसे लेकर खाता है, राघव चड्ढा 5 स्टार होटल जाता है। यह तो सबूत नहीं हुआ न, राजेवाल साहब भोले आदमी हैं, उन्हें गुमराह किया जा रहा है। अकाली नेता बिक्रम मजीठिया से माफी मांगने के मुद्दे पर केजरीवाल ने कहा, हमने कांग्रेसियों का हाथ नहीं पकड़ा था कि गिरफ्तार मत करना, आज चन्नी साहब कहते फिर रहे हैं कि केजरीवाल ने माफी मांगी थी। हमने यह थोड़ी न कहा था कि उसे गिरफ्तार मत करना। उनकी सेटिंग थी, दोनों फोन पर बात करते थे। गौरतलब है कि केजरीवाल ने मजीठिया पर ड्रग्स कारोबार में जुड़े होने के आरोप लगाए थे, जिस पर मजीठिया ने आप प्रमुख पर मानहानि का मुकदमा कर दिया था। बाद में केजरीवाल ने मान लिया है कि उनके आरोपों का कोई आधार नहीं था। वह इसके लिए माफी मांगते हैं। शिरोमणि अकाली दल नेता सुखबीर बादल पर निशाना साधते हुए केजरीवाल ने कहा, सुखबीर बादल ने बांटने के लिए कितना पैसा रख रखा है, पंजाबी मर जाएगा लेकिन वोट बेचने वाला नहीं है। हर गली-गली में लोग कहते हैं कि पैसे उनके लाएंगे लेकिन वोट आपको देंगे। आप प्रमुख ने कहा, हमारा मकसद एक ही है-पंजाब का भला करना। हमारा किसी से द्वेष नहीं है, राजेवाल साहब जिस दिन मेरे घर आए थे, हम 90 टिकट अनाउंस कर चुके थे। उन्होंने कहा कि 60 टिकट चाहिए तो हमने कहा ली 27 टिकट बची है।10-15 आप ले लीजिए, जिन्हें टिकट दे चुके हैं, उनसे वापस लेना ठीक नहीं। एक अन्य सवाल पर उन्होंने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा अलग से लड़ता है, तो बिल्कुल कुछ वोट कटेगा। सीट खाली छोड़ दूंगा लेकिन गलत आदमी को नहीं अंदर जाने दूंगा। देखना यह है कि पंजाब की जनता उनकी बात पर कितना यकीन करती है। (हिफी) हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| पूर्ण टीकाकरण वालों के लिए पीसीआर टेस्ट की अनिवार्यता खत्म करेगा ब्रिटेन Posted: 17 Jan 2022 05:39 AM PST पूर्ण टीकाकरण वालों के लिए पीसीआर टेस्ट की अनिवार्यता खत्म करेगा ब्रिटेनलंदन। ब्रिटेन दूसरे देशों से लौटने वाले उन लोगों के लिए इस महीने के आखिर से पीसीआर टेस्ट की अनिवार्यता खत्म करेगा जिनका पूर्ण टीकाकरण हो चुका है। ब्रिटेन के परिवहन मंत्री ग्रांट शैप्पस के एक नजदीकी सूत्र के हवाले से मीडिया के मुताबिक सूत्र ने कहा कि इस महीने के अंत से पूर्ण टीकाकरण वालों के लिए लौटने पर अनिवार्य पीसीआर टेस्ट को खत्म करने पर विचार किया जा रहा है। यह संयोग है कि 26 जनवरी को ही प्लान बी उपायों की भी समीक्षा की जानी है। इस कदम से ब्रिटिश परिवार के सैकड़ों पाउंड बचेंगे और पयर्टन उद्योग को वापस पटरी पर लाने में मदद मिलेगी। पूर्ण टीकाकरण वालों के लिए पीसीआर टेस्ट की अनिवार्यता खत्म करने के साथ ही अन्य पाबंदियों में भी ढील देने पर विचार किया जा रहा है। इसमें दुकानों और सार्वजनिक परिवहन के साधनों में फेस मास्क पहनने की अनिवार्यता खत्म करना भी शामिल है। बता दें कि क्रिसमस से पहले ब्रिटेन में कोरोना के मामलों में उछाल देखने को मिला था। सात दिसंबर को अधिकारियों ने नए ओमिक्रोन स्ट्रेन के प्रसार के बीच देश में प्रवेश करने वाले 12 साल से अधिक उम्र के सभी व्यक्तियों के लिए कोविड-19 के परीक्षण की नेगेटिव रिपोर्ट पेश करना अनिवार्य कर दिया था। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| कभी भी पूरी तरह से खत्म नहीं होगा कोरोना: डब्ल्यूएचओ Posted: 17 Jan 2022 05:36 AM PST कभी भी पूरी तरह से खत्म नहीं होगा कोरोना: डब्ल्यूएचओमास्को। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कहा कि कोरोना महामारी जिस तरह से विकसित हो रही है उससे पता चलता है कि यह वायरस कभी भी पूरी तरह से खत्म नहीं होगा। समाचार एजेंसी तास ने सोलोविएव लाइव यूट्यूब चैनल पर रूस में डब्ल्यूएचओ की प्रतिनिधि मेलिता वुजनोविक के हवाले से बताया कि यह वायरस एक स्थानिक बीमारी के रूप में आबादी में संचारित होता रहेगा। उन्होंने कहा कोरोना वायरस एक स्थानिक बीमारी बनने की राह पर है। इसका अर्थ है कि यह कभी खत्म नहीं होगा। हमें यह सीखना होगा कि इसका इलाज कैसे किया जाए और इससे खुद की रक्षा कैसे की जाए। मेलिता वुजनोविक ने कहा कि अभी सबसे अहम संक्रमण को रोकने और इसकी चपेट में आने वालों की संख्या को कम करने की आवश्यकता है। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| पाकिस्तान में महिलाओं, धार्मिक अल्पसंख्यकों के साथ भेदभाव और उत्पीड़न Posted: 17 Jan 2022 05:31 AM PST पाकिस्तान में महिलाओं, धार्मिक अल्पसंख्यकों के साथ भेदभाव और उत्पीड़नन्यूयार्क। पाकिस्तान आए दिन नई मुश्किलों का सामना करता हुआ सुनाई देता है। पिछले सप्ताह विश्व रिपोर्ट 2022 में, ह्यूमन राइट्स वाचने एक खुलासा किया है, जिसमें पाकिस्तान में नागरिक स्वतंत्रता की एक धूमिल तस्वीर स्पष्ट रूप से दिखाई गई है। इस रिपोर्ट के अनुसार, बताया गया है कि पाकिस्तान में महिलाओं, धार्मिक अल्पसंख्यकों और ट्रांसजेंडर लोगों को हिंसा, भेदभाव और उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है। इस्लामी उग्रवादियों द्वारा समय-समय पर हिंसा और प्रदर्शन करना विशेष रूप से तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान द्वारा किए गए हमलों में देश को भारी क्षति पहुंची, जिसमें कानून प्रवर्तन अधिकारियों और धार्मिक अल्पसंख्यकों को निशाना बनाकर दर्जनों लोग मारे गए थे। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| 2017 के बाद उत्तर कोरिया को अब क्यों पड़ी बैलेस्टिक मिसाइल लान्च करने की जरूरत Posted: 17 Jan 2022 05:16 AM PST 2017 के बाद उत्तर कोरिया को अब क्यों पड़ी बैलेस्टिक मिसाइल लान्च करने की जरूरतसिओल। उत्तर कोरिया ने जापान सागर की तरफ दो शार्ट रेंज बैलेस्टिक मिसाइल लान्च कर बड़ा संकेत देने की कोशिश की है। इस मिसाइल लान्च से जहां दक्षिण कोरिया और जापान की चिंता बढ़ी है वहीं अमेरिका भी हैरान हो गया है। ऐसा इसलिए भी है क्योंकि उत्तर कोरिया अपने मिसाइल प्रोग्राम के चलते पहले से ही कड़े प्रतिबंध झेल रहा है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया में जिस तरह से उसकी अर्थव्यवस्था की बदहाली की खबरें सामने आई हैं उसको देखते हुए इस माह में चार बार मिसाइल टेस्ट करना अपने आप में कई तरह के सवाल खड़ा कर रहा है। आपको बता दें कि वर्ष 2017 में आखिरी बार उत्तर कोरिया ने बैलेस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया था, जिसको सफल बताया गया था। तब के बाद अब उत्तर कोरिया ने बैलेस्टिक मिसाइल लान्च की है वो भी एक नहीं दो। ये मिसाइल चार मिनट के अंतराल पर प्योंगयोंग एयरफील्ड से लान्च की गई थीं। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री ने कथक सम्राट पंडित बिरजू महाराज के निधन पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की Posted: 17 Jan 2022 04:39 AM PST राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री ने कथक सम्राट पंडित बिरजू महाराज के निधन पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त कीपटना, 17 जनवरी 2022को महामहिम राज्यपाल श्री फागू चैहान ने सुप्रसिद्ध कथक नर्तक पंडित बिरजू महाराज के निधन पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है। राज्यपाल ने अपने शोक संदेष में कहा है कि स्व॰ पंडित बिरजू महाराज ने भारतीय कथक नृत्य कला को विष्व भर में विषिष्ट पहचान दिलायी। उन्हें पद्म विभूषण, संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार तथा कालीदास सम्मान जैसे पुरस्कारों से सम्मानित किया गया था। उनके निधन से कला एवं संस्कृति के क्षेत्र में अपूरणीय क्षति हुई है। राज्यपाल ने दिवंगत आत्मा की चिरषांति तथा शोक संतप्त परिजनों एवं प्रषंसकों को धैर्य, साहस एवं सम्बल प्रदान करने हेतु ईष्वर से प्रार्थना की है। मुख्यमंत्री ने अपने शोक संदेष में कहा है कि पद्म विभूषण पंडित बिरजू महाराज ने कथक नृत्य शैली को पूरे विष्व में पहचान दिलाई। उन्हें बिहार सरकार द्वारा राष्ट्रीय स्तर का कला पुरस्कार 2013 में दिया गया था। पंडित बिरजू महाराज को संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार और कालिदास सम्मान से भी सम्मानित किया गया था। वे कलाकारों के प्रेरणास्रोत रहे हैं। उनके निधन से कला एवं संस्कृति के क्षेत्र में अपूरणीय क्षति हुई है। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की चिर शान्ति तथा उनके परिजनों एवं प्रशंसकों को दुःख की इस घड़ी में धैर्य धारण करने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की है। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| पुरानी पेंशन को लेकर बिहार के सभी जिलों में आंदोलन तेज होगा। Posted: 17 Jan 2022 04:31 AM PST पुरानी पेंशन को लेकर बिहार के सभी जिलों में आंदोलन तेज होगा।पटना- : देश में पुरानी पेंशन लागू कराने के लिए राष्ट्रव्यापी आंदोलन चल रहा है। नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम की बिहार इकाई ने भी सभी जिलों में पाँव पसार लिया है। एन.एम.ओ.पी.एस. नामक संगठन पुरानी पेंशन की माँग को जन-जन तक पहुंचाने में लगा हुआ है, इसी कड़ी में 16 जनवरी, 2022 को राज्यस्तरीय टीम द्वारा वर्चुअल बैठक का आयोजन किया गया जिसमें सारण, सिवान, गोपालगंज एवं अररिया जिला के लगभग सभी सरकारी विभाग में कार्यरत एन.पी.एस के अंतर्गत आने कर्मी शामिल हुए। एन.एम.ओ.पी.एस, बिहार के राज्यस्तरीय कार्यकारिणी द्वारा सारण का जिलाध्यक्ष असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. दिनेश पाल को, सीवान का जिलाध्यक्ष असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. पवन कुमार यादव को, गोपालगंज का जिलाध्यक्ष असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ संजय कुमार सुमन एवं अररिया जिलाध्यक्ष,श्री आशुतोष कुमार, जिला सचिव, मो. रिज्वनुल्लाह जिला अध्यक्षा(महिला प्रकोष्ठ) श्रीमती अनिता देवी, तथा जिला प्रवक्ता,श्री रवीश कुमार यादव, को सर्वसम्मति से मनोनीत किया गया। सभी जिला अध्यक्षों को पंद्रह दिन में जिला कार्यकारिणी का गठन कर प्रदेश कार्यकारिणी को सूचित करने का निर्देश दिया गया। बिहार राज्याध्यक्ष वरुण पाण्डेय ने बैठक को सम्बोधित करते हुए आह्वान किया कि बिहार के सभी विभागों में कार्यरत सभी एन.पी.एस. आच्छादित कर्मचारियों को अपने संगठन से जोड़ें, ताकि संगठन को मजबूत कर आंदोलन को और तेज किया जाए। संगठन के प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष अनिरुद्ध प्रसाद ने कहा कि 2004 से हमलोग का पेंशन छीनकर एनपीएस के रूप में झुनझुना पकड़ा दिया गया है। प्रदेश उपाध्यक्ष संजीव तिवारी ने बताया कि चार साल से शुरू हुए आंदोलन का ही असर है कि तमाम राजनीतिक पार्टियां अपने घोषणा-पत्र में हमलोग की माँग को शामिल करने लगी हैं। प्रदेश मुख्य प्रवक्ता संतोष कुमार ने कहा कि यदि पेंशन नहीं मिलता है तो 30-40 वर्षों के नौकरी करने के बाद हमलोग बिल्कुल लाचार स्थिति में होंगे। पेंशन बुढ़ापे की लाठी है जिसके सहारे हम चल फिर सकते हैं। डॉ. दिनेश पाल ने कहा कि हमलोग जितना अधिक से अधिक लोगों को एकजुट करके व्यापक आंदोलन करेंगे उतना ही जल्दी राजनीतिक पार्टियों के कान पर जू रेंगेगा। डॉ. संजय कुमार सुमन ने बताया कि पुरानी पेंशन को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ी है। जब माननीय लोगों को पेंशन मिल सकता है तो हम सरकारी कर्मियों को क्यों नहीं। बैठक में सीमा कुमारी, प्रियंका कुमारी, तपस्या, डॉ. निर्मल पाण्डेय, डॉ. पुष्पलता हंसिका, प्रदीप प्रसाद, आदित्य तिवारी, सुरेश कुमार, डॉ. हैदर अली, डॉ. रणजीत कुमार, डॉ. तेज प्रताप, सोनू कुमार, राकेश कुमार, बोलेन्द्र कुमार श्रीवास्तव, संजय पाण्डेय, डॉ. रजनीश यादव, शशीतोष कुमार, डॉ. श्री भगवान ठाकुर, डॉ. विशाल भूषण यादव, डॉ. विकास कुमार चौहान, डॉ. ऋषिराज आनंद, डॉ. शैलेश कुमार, मुकेश तिवारी, डॉ. गोपाल कुमार साहनी, हरेश्वर शर्मा, विभवेंद्र कुमार, शम्भूनाथ राय, मृत्युंजय तिवारी, बोलेन्द्र कुमार आगम, अयाज आलम, वीरेंद्र यादव, गूँजेश कुमार,आदि बैठक में उपस्थित रहे। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| You are subscribed to email updates from दिव्य रश्मि समाचार. To stop receiving these emails, you may unsubscribe now. | Email delivery powered by Google |
| Google, 1600 Amphitheatre Parkway, Mountain View, CA 94043, United States | |