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Wednesday, January 5, 2022

प्राइमरी का मास्टर ● इन

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आशा एवं शहरी आशाओं व आशा संगीनियों को प्रतिपूर्ति धनराशि ₹750 से बढ़ाकर ₹1500 प्रतिमाह किए जाने संबंधी आदेश जारी।

Posted: 04 Jan 2022 06:30 PM PST

आशा एवं शहरी आशाओं व आशा संगीनियों को प्रतिपूर्ति धनराशि ₹750 से बढ़ाकर ₹1500 प्रतिमाह किए जाने संबंधी आदेश जारी।


प्राथमिक शिक्षक भर्ती के 12,460 पदों को भरने की मांग को लेकर घेरा विधानभवन, प्रदर्शनकारियों ने कहा, समीक्षा के नाम पर पांच वर्ष से रुकी है भर्ती प्रक्रिया

Posted: 04 Jan 2022 06:26 PM PST

प्राथमिक शिक्षक भर्ती के 12,460 पदों को भरने की मांग, विधानभवन को घेरा

प्रदर्शनकारियों ने कहा, समीक्षा के नाम पर पांच वर्ष से रुकी है भर्ती प्रक्रिया

लखनऊ : प्राथमिक शिक्षक भर्ती 2016 के 12,460 पदों को भरने की मांग को लेकर मंगलवार को बीटीसी प्रशिक्षुओं ने विधानभवन का घेराव किया। पुलिस ने जब उन्हें रोका तो वे सड़क पर बैठकर नारेबाजी करने लगे। इस पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को बसों में भरकर ईको गार्डन भेज दिया। इससे पहले सोमवार को इन लोगों ने भाजपा प्रदेश कार्यालय का घेराव किया था। 


प्रदर्शनकारियों की अगुवाई कर रहे सत्यप्रकाश मधुकर ने बताया कि प्रदेश की पूर्व सरकार ने वर्ष 2016 में शिक्षकों के 12,460 पदों पर भर्ती का विज्ञापन निकाला था। लेकिन वर्ष 2017 में भाजपा सरकार ने भर्ती को समीक्षा के लिए रोक लिया। उन्होंने कहा कि पांच साल से लंबित इस भर्ती प्रक्रिया को अभी तक पूरा नहीं किया गया। उन्होंने सरकार से भर्ती प्रक्रिया पूरी करने की मांग की।

शिक्षामित्र मायूस, मानदेय बढ़ने के ऐलान का इंतजार, मुख्यमंत्री लेंगे अंतिम निर्णय

Posted: 04 Jan 2022 06:16 PM PST

शिक्षामित्र मायूस, मानदेय बढ़ने के ऐलान का इंतजार, मुख्यमंत्री लेंगे अंतिम निर्णय



लखनऊ : अनुदेशकों, रसोइयों, आशा बहुओं, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों व सहायिकाओं का मानदेय बढ़ गया लेकिन शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़ाने की घोषणा अभी तक नहीं की गई है। राज्य सरकार ने अगस्त 2021 में अनुपूरक बजट में इन सबके मानदेय बढ़ाने का ऐलान किया था लेकिन अभी तक घोषणा न होने से प्रदेश के 1.47 लाख शिक्षामित्र मानदेय बढ़ने का इंतजार कर रहे हैं।


बेसिक शिक्षा विभाग ने शिक्षामित्रों का मानदेय 1500 रुपये बढ़ाने का प्रस्ताव भेजा था। प्रदेश सरकार ने मानदेय बढ़ाने से पहले सभी कर्मचारियों के संगठनों से मुलाकात कर उनकी मुश्किलों और मांगों को सुना था। इसी क्रम में शिक्षामित्रों के प्रतिनिधि भी बुलाए गए। वर्तमान में प्रदेश में शिक्षामित्रों के लगभग एक दर्जन संगठन हैं और ये सब बैठक में पहुंचे। इनमें आपस में गुटबाजी भी बहुत है। इनके बीच आपसी रार के चलते मांगों पर सहमति नहीं बन पाई। अब इस पर मुख्यमंत्री को अंतिम निर्णय लेना है। 



आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष जितेन्द्र शाही ने कहा है कि राज्य सरकार शिक्षामित्रों का भी सम्मानजनक मानदेय बढ़ा दे। एक आम शिक्षामित्र पूरी मेहनत से स्कूलों में पढ़ा रहा है और शिक्षा को मजबूत करने में अपना सहयोग दे रहा है। इनका मानदेय बढ़ाने की भी घोषणा मुख्यमंत्री को करनी चाहिए। शिक्षामित्र अच्छी घोषणा का इंतजार कर रहा है।

68500 पदों में खाली बचे थे हजारों पद, खाली बचे पदों पर भर्ती को लेकर अभ्यर्थियों ने घेरा विधानभवन

Posted: 04 Jan 2022 06:12 PM PST

68500 पदों में खाली बचे थे हजारों पद, खाली बचे पदों पर भर्ती को लेकर अभ्यर्थियों ने घेरा विधानभवन


 2018 के शासनादेश में 30-33 पास पर भर्ती की कही गई थी बात

⚫ 26 हजार पद उस भर्ती में खाली रह गए थे, उसी में भर्ती की मांग की

 ईको गार्डन भेजे गए प्रदर्शनकारी अभ्यर्थी


लखनऊ : प्राथमिक शिक्षकों के 12460 पदों पर भर्ती प्रक्रिया पूरी किए जाने की मांग कर रहे अभ्यर्थियों ने मंगलवार को एक बार फिर से विधानभवन के सामने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। अपनी मांगों के समर्थन में अभ्यर्थी विधानभवन के सामने सड़क पर बैठ गए। पुलिस ने इन्हें बसों में भरकर ईको गार्डेन भेज दिया। अभ्यर्थियों ने बताया कि 2016 की शिक्षक भर्ती छह सालों में अभी तक पूरी नहीं हुई है। भाजपा सरकार ने 2018 में छह हजार पद भरे। अभ्यर्थियों ने भर्ती प्रक्रिया में बचे 6460 पदों पर को भी भरे जाने की मांग की।


लखनऊ : सहायक शिक्षक के 68500 पदों में शेष बचे 26 हजार पदों पर इस भर्ती के अभ्यर्थियों को नियुक्ति दिए जाने की मांग को लेकर मंगलवार दोपहर अभ्यर्थियों ने विधानभवन के सामने जोरदार प्रदर्शन किया।


आंदोलन का नेतृत्व कर रहे आदित्य पांडे ने बताया कि 68500 शिक्षक भर्ती में अभी करीब 26 हजार सीटें बची हैं। बेसिक शिक्षा विभाग ने 21 मई 2018 को शासनादेश जारी किया था। इसके मुताबिक सामान्य व ओबीसी अभ्यर्थियों के लिए 33 प्रतिशत और एससी व एसटी के लिए 30 प्रतिशत उत्तीर्णांक (पासिंग नम्बर) पर सफल माना गया था। तूफान सिंह ने 68500 शिक्षक भर्ती की बची हुई 26 हजार सीटों को 30 व 33 प्रतिशत पासिंग नम्बर वाले इसी भर्ती वाले अभ्यर्थियों से भरे जाने की मांग मुख्यमंत्री से की है। आशुतोष वर्मा, अखिल मौजूद थे।

प्रतियोगी छात्रों ने प्रदर्शन कर मांगी टीजीटी और पीजीटी की नई भर्ती

Posted: 04 Jan 2022 05:50 PM PST

प्रतियोगी छात्रों ने प्रदर्शन कर मांगी टीजीटी और पीजीटी की नई भर्ती

प्रयागराज : प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) एवं प्रवक्ता संवर्ग (पीजीटी) के 27 हजार पदों पर भर्ती विज्ञापन की मांग को लेकर युवा मोर्चा की अगुवाई में प्रतियोगी बेरोजगारों ने माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड के बाहर प्रदर्शन किया।


प्रतियोगियों का कहना था कि सरकार ने घोषणा की, लेकिन ने उस पर कोई अमल नहीं किया।
चयन बोर्ड को अल्टीमेटम दिया है कि दो दिन में नया भर्ती विज्ञापन और 2016 व 2021 के चयनित शिक्षकों को समायोजित कर नियुक्ति नहीं दी गई तो सात जनवरी को चयन बोर्ड के समक्ष प्रदर्शन किया जाएगा। मंगलवार को दिए गए धरने की अगुवाई कर रहे युवा मंच के अध्यक्ष अनिल सिंह, संयोजक राजेश सचान ने कहा कि चयनित शिक्षक नियुक्ति के लिए भटक रहे हैं, लेकिन समायोजन नहीं किया जा रहा है। चयन बोर्ड के उप सचिव नवल किशोर ने उन्हें समझाने की कोशिश की। कहा कि चुनाव आचार संहिता का प्रभाव चयन बोर्ड की जारी प्रक्रिया पर नहीं पड़ेगा और नए विज्ञापन व समायोजन के लिए चयन बोर्ड प्रयासरत है। आरोप लगाया कि प्रबंधकों के गलत हितों की रक्षा के लिए 27 हजार भर्ती की सरकार की घोषणा के बावजूद नया विज्ञापन जारी नहीं किया गया ।

प्रयागराज : 39 हजार बच्चों की यूनिफॉर्म और जूते के रुपये फंसे

Posted: 04 Jan 2022 05:15 PM PST

प्रयागराज : 39 हजार बच्चों की यूनिफॉर्म और जूते के रुपये फंसे

बेसिक शिक्षा

● यूनिफॉर्म, बैग, जूते-मोजे, स्वेटर के लिए मिलने हैं 1100 रुपये
● 20,716 बच्चों के बैंक खाते आधार कार्ड से लिंक नहीं


प्रयागराज : जिले के कक्षा एक से आठ तक के 39 हजार से अधिक छात्र-छात्राओं के यूनिफॉर्म और जूते आदि के रुपये फंस गए हैं। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के लिए पोर्टल पर ऑनलाइन सूचनाएं अपडेट न होने के कारण अड़चन आ रही है। जिले में 4,94,541 छात्र-छात्राओं को यूनिफॉर्म, बैग, जूते-मोजे और स्वेटर के लिए 11-11 सौ रुपये सीधे उनके बैंक खाते में मिलने हैं।

दो चरणों में 2,98,486 बच्चों के खाते में रुपये ट्रांसफर हो चुके हैं जबकि 1,96,055 बच्चों को धनराशि मिलनी बाकी है। इनमें से सोमवार तक लगभग 37000 छात्र-छात्राओं की सूचनाएं संदिग्ध दिख रही थी जबकि तकरीबन 50 हजार बच्चों का विवरण खाते से लिंक नहीं था। बेसिक शिक्षा अधिकारी ने खंड शिक्षाधिकारियों को शासकीय योजना के प्रति उदासीनता बरतने वाले शिक्षकों को नोटिस जारी कर कार्रवाई प्रस्तावित करने के निर्देश दिए थे।

जिसके बाद 24 घंटे के अंदर तकरीबन 18 हजार बच्चों की ऑनलाइन सूचनाएं अपडेट कर दी गईं। बीएसए प्रवीण कुमार तिवारी ने बताया कि 18,858 बच्चों की सूचनाएं अभी संदिग्ध हैं। या तो इनके नाम एक से अधिक स्कूलों में दिखाई पड़ रहे हैं या अन्य विसंगतियां हैं। वहीं 20,716 बच्चे ऐसे हैं जिनके बैंक खाते आधार कार्ड से लिंक नहीं हैं। माना जा रहा है कि तीसरे चरण में शेष बच्चों के खाते में रुपये ट्रांसफर हो जाएंगे।

अप्रैल-मई में होगी यूपी बोर्ड की परीक्षा : कोरोना की तीसरी लहर से प्रभावित हो सकती है परीक्षा

Posted: 04 Jan 2022 04:33 PM PST

अप्रैल-मई में होगी यूपी बोर्ड की परीक्षा : कोरोना की तीसरी लहर से प्रभावित हो सकती है परीक्षा


उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाई स्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा-2022 अप्रैल-मई में आयोजित की जाएगी। परिषद की ओर से विधानसभा चुनाव की तिथियां घोषित होने के बाद परीक्षा कार्यक्रम तैयार किया जाएगा। प्रदेश में विधानसभा चुनाव फरवरी-मार्च में प्रस्तावित है। परीक्षा के लिए करीब 55 लाख से अधिक परीक्षार्थियों ने पंजीकरण कराया है। बोर्ड की ओर से इस वर्ष भी पाठ्यक्रम 30 प्रतिशत कम किया गया है।



यूपी बोर्ड की ओर से अप्रैल-मई में बोर्ड परीक्षा कराने की तैयारी की जा रही है। परिषद के अधिकारी ने बताया कि परीक्षा का कार्यक्रम आचार संहिता लागू होने के बाद तैयार किया जाएगा। परीक्षा का कार्यक्रम जारी करते समय कोरोना संक्रमण की स्थिति का आकलन भी किया जाएगा। प्रदेश में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच परीक्षा का कार्यक्रम प्रभावित हो सकता है। 

अंबेडकरनगर : कस्तूरबा विद्यालयों में चयन हेतु विज्ञप्ति जारी

Posted: 04 Jan 2022 04:12 PM PST

अंबेडकरनगर : कस्तूरबा विद्यालयों में चयन हेतु विज्ञप्ति जारी



UP में 10वीं तक के स्कूल 14 जनवरी तक बंद, कोरोना के बढ़ते मामलों को लेकर मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश

Posted: 04 Jan 2022 07:11 PM PST

UP में 10वीं तक के स्कूल 14 जनवरी तक बंद, कोरोना के बढ़ते मामलों को लेकर मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश


लखनऊ : कोरोना की तीसरी लहर को लेकर सरकार सतर्क हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर शासन ने मकर संक्रांति (14 जनवरी) तक 10वीं कक्षा तक के सभी स्कूल बंद करने का आदेश जारी किया है। साथ ही रात्रि कर्फ्यू में दो घंटे की बढ़ोतरी की गई है। 


छह जनवरी से रात 10 से सुबह छह बजे तक रात्रि कफ्यरू प्रभावी होगा। जिन जिलों में कोरोना के एक हजार से अधिक सक्रिय केस होंगे, वहां सिनेमाहाल, बैंक्वेट हाल, रेस्टोरेंट व अन्य सार्वजनिक स्थल पर क्षमता के 50 प्रतिशत लोगों को ही अनुमति दी जाएगी। अब शादी समारोह व अन्य आयोजनों में बंद स्थानों पर एक समय में 100 से अधिक लोगों की सहभागिता नहीं हो सकेगी। खुले स्थान पर मैदान की कुल क्षमता के 50 प्रतिशत से अधिक लोगों की उपस्थिति की ही अनुमति दी जाएगी।


मुख्यमंत्री ने मंगलवार रात कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों की रोकथाम के लिए उच्चस्तरीय बैठक की और कड़े निर्देश दिए। कहा कि लोगों को मास्क पहनने, टीका लगवाने व शारीरिक दूरी का पालन करने के लिए जागरूक किया जाए। इसके बाद मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र की ओर से देर रात विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए, जो कि गुरुवार से लागू होंगे। 


इसमें कहा गया है कि 10वीं कक्षा तक के सभी शासकीय व निजी विद्यालयों में मकर संक्रांति तक अवकाश रहेगा। इस अवधि में किशोरों का टीकाकरण जारी रहेगा। रात्रि कर्फ्यू 10 से सुबह छह बजे तक लागू होगा। शासन ने किसी भी जिले में एक हजार से अधिक केस होने की दशा में अतिरिक्त सतर्कता के निर्देश जारी किए हैं। 


रेस्टोरेंट, होटल के रेस्टोरेंट, फूड ज्वाइंट्स और सिनेमा हाल पचास प्रतिशत क्षमता के साथ संचालित होंगे, जबकि स्वीमिंग पूल, वाटर पार्क और जिम बंद रहेंगे। प्रदेश के सभी शासकीय, अर्धशासकीय, निजी, ट्रस्ट, संस्थाओं, कंपनियों, ऐतिहासिक स्मारक, कार्यालयों, धार्मिक स्थलों, होटल-रेस्त्रं, औद्योगिक इकाइयों में तत्काल प्रभाव से कोविड हेल्प डेस्क क्रियाशील करने और बिना स्क्रीनिंग/सैनिटाइजेशन के किसी को भी परिसर में प्रवेश न दिए जाने का निर्देश भी दिया गया है। उल्लेखनीय है कि 24 दिसंबर को रात्रि कफ्यरू का आदेश जारी करने के साथ ही सरकार ने व्यवस्था बना दी थी कि बंद स्थान पर शादी-समारोह में 200 से अधिक लोग शामिल नहीं होंगे।


कोरोना के बढ़ते मामलों की समीक्षा उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश


'>>अब रात दस से सुबह छह बजे तक रहेगा रात्रि कर्फ्यू
'>>गुरुवार से लागू होगी नई व्यवस्था मुख्य सचिव का आदेश जारी


अब हर दिन करें तीन से चार लाख लोगों की कोरोना जांच: योगी


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में प्रतिदिन तीन लाख से चार लाख तक कोविड टेस्ट किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना जांच को तेजी से बढ़ाया जाए। अधिक से अधिक जांच कर कोरोना संक्रमितों की पहचान की जाए। फिर इनके संपर्क में आने वाले लोगों को चिह्न्ति कर कोरोना जांच कराई जाए। योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी जिलों में इंटीग्रेटेड कोविड कमांड सेंटर 24 घंटे अलर्ट रहे। इससे जिले में उपलब्ध एंबुलेंस में से 10 प्रतिशत एंबुलेंस कोविड कमांड सेंटर से जोड़ी जाएं। ताकि कोरोना से संक्रमित मरीजों को अस्पताल लाने में कोई दिक्कत न हो।



लखनऊ : यूपी में मंगलवार को कोरोना के ओमिक्रोन वैरिएंट के 23 नए रोगी मिले। इसमें सबसे ज्यादा आठ रोगी लखनऊ के मिले हैं। वहीं मेरठ में पांच, गाजियाबाद में तीन व मुरादाबाद, कानपुर और आगरा में दो-दो तथा महाराजगंज में एक नया मरीज मिला है। अब तक ओमिक्रोन वैरिएंट के कुल 31 मरीज प्रदेश में मिल चुके हैं।


ओमिक्रोन वैरिएंट के कारण जीनोम सीक्वेंसिंग को बढ़ाने के आदेश दिए गए हैं। गोरखपुर, झांसी व गाजियाबाद के मेडिकल कालेजों और राजधानी में संजय गांधी पीजीआइ में जीनोम सीक्वेंसिंग की व्यवस्था की जा रही है। अभी पांच चिकित्सा संस्थानों में जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए लैब है। संक्रमण को काबू में करने के लिए अस्पतालों में दवाओं की उपलब्धता और बढ़ाई जा रही है। इसी हफ्ते कोरोना के लक्षण वाले लोगों दवा की किट का वितरण किया जाएगा।


सतर्कतापूर्ण कदम

🔴 'प्रयागराज माघ मेला में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए 48 घंटे पूर्व की आरटीपीसीआर निगेटिव रिपोर्ट को अनिवार्य कर दिया गया है।
🔴 'राशन की दुकान व अन्य दुकानों के बाहर शारीरिक दूरी का पालन कड़ाई से कराया जाए।

🔴 'मंडियों, साप्ताहिक बाजारों में भीड़भाड़ रोकने के उपाय होंगे।

🔴 'अलग-अलग दुकानों को अलग अलग समय पर खोला जाए।

🔴 'मंडियों में ट्रकों की आवाजाही सुबह 4 से आठ बजे के बीच कराई जाए।

🔴 'निगरानी समिति और इंटीग्रेटेड कोविड कमांड सेंटर को पूरी तरह सक्रिय किया जाए।

🔴 'गांवों में प्रधान के नेतृत्व में और शहरी वार्डो में पार्षदों के नेतृत्व में निगरानी समितियां क्रियाशील रहें।

🔴 'घर-घर संपर्क कर बिना टीकाकरण वाले लोगों को चिह्न्ति किया जाए।

🔴 'जरूरत के मुताबिक लोगों को मेडिसिन किट उपलब्ध कराई जाए।

CBSE Single Child SCHOLARSHIP : सिंगल गर्ल चाइल्ड और मेरिट स्कॉलरशिप स्कीम के लिए रजिस्ट्रेशन आरंभ, जानिए आवेदन कैसे करें

Posted: 03 Jan 2022 07:14 PM PST



CBSE Single Child SCHOLARSHIP : सिंगल गर्ल चाइल्ड और मेरिट स्कॉलरशिप स्कीम के लिए रजिस्ट्रेशन आरंभ, जानिए आवेदन कैसे करें


Single Girl Child Scholarship 2020: सीबीएसई छात्रवृत्ति के लिए पात्र होने के लिए, उम्मीदवार सिंगल गर्ल चाइल्ड होनी चाहिए.

CBSE Scholarship: एलिजिबिलिटी शर्तें और आवेदन फॉर्म बोर्ड की वेबसाइट www.cbse.gov.in पर देख सकते हैं. आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 17 जनवरी, 2022 है.



CBSE  Scholarship: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने 'सिंगल गर्ल चाइल्ड' और 'सीबीएसई मेरिट स्कॉलरशिप योजना' के आवेदन के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू कर दिया है. आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 17 जनवरी, 2022 है. उम्मीदवार अन्य विवरण जैसे एलिजिबिलिटी शर्तें और आवेदन फॉर्म बोर्ड की वेबसाइट www.cbse.gov.in पर देख सकते हैं.


सिंगल गर्ल चाइल्ड 2020 छात्रवृत्ति योजना: पात्रता मानदंड

-सीबीएसई छात्रवृत्ति के लिए पात्र होने के लिए, उम्मीदवार सिंगल गर्ल चाइल्ड होनी चाहिए. उसने कक्षा 10 की परीक्षा में 60% से अधिक अंक प्राप्त किए हो.

-कक्षा 10 में आवेदकों की ट्यूशन फीस 1500 रुपये प्रति माह से अधिक नहीं होनी चाहिए.

-लड़की सीबीएसई स्कूल में कक्षा 10 और 12 भी पढ़ी हो.

-प्लस -2 कक्षाओं में, स्कूल की फीस 10वीं कक्षा से 10% से अधिक नहीं बढ़ी हो.


सिंगल गर्ल चाइल्ड 2020 के लिए सीबीएसई छात्रवृत्ति योजना: आवेदन कैसे करें


सिंगल गर्ल चाइल्ड छात्राएं जिन्होंने 10वीं कक्षा उत्तीर्ण की है, वे निम्नलिखित तरीके से आवेदन कर सकती हैं:

-सीबीएसई की आधिकारिक साइट cbse.nic.in पर जाएं.-नीचे स्क्रॉल करें और होम पेज पर उपलब्ध छात्रवृत्ति लिंक पर क्लिक करें.

-नए पेज पर सिंगल गर्ल चाइल्ड 2020 लिंक के लिए सीबीएसई छात्रवृत्ति योजना पर क्लिक करें.

-आवेदन पत्र डाउनलोड करें, इसे भरें और जमा करें.-भविष्य में उपयोग के लिए इसकी एक हार्ड कॉपी का प्रिंट आउट ले लें.





UPTET : एडमिट कार्ड संग फाइनल होंगे यूपीटेट के परीक्षा केंद्र

Posted: 03 Jan 2022 06:49 PM PST

UPTET : एडमिट कार्ड संग फाइनल होंगे  यूपीटेट के परीक्षा केंद्र


प्रयागराज : प्रश्नपत्र लीक होने के कारण रद की गई उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी) के लिए प्रस्तावित केंद्रों की सूची जिला विद्यालय निरीक्षकों ने भेज दी है। 


शासन ने पूर्व में निर्धारित परीक्षा केंद्रों का पुनरावलोकन कर आवश्यक होने पर संशोधित करने का सुझाव दिया था, लेकिन प्रदेश के आधे से ज्यादा जनपदों की सूची में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है। अब परीक्षार्थियों की संख्या के मुताबिक जिलों में परीक्षा केंद्र निर्धारण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा-2021 की तिथि 23 जनवरी-2022 घोषित की गई है। 


पहले यह 28 नवंबर-2021 को करानी थी, लेकिन परीक्षा शुरू होने से पहले ही प्रश्नपत्र इंटरनेट मीडिया पर वायरल होने से रद कर दी थी। 


अब उत्तर प्रदेश परीक्षा नियामक प्राधिकारी (पीएनपी) सचिव अनिल भूषण चतुर्वेदी ने नए सिरे से परीक्षा कराने के लिए जिलों से आई परीक्षा केंद्रों की सूची एनआइसी लखनऊ को भेज दी है। 


पूर्व में घोषित परीक्षा कार्यक्रम के मुताबिक 12 जनवरी को प्रवेशपत्र जारी किया जाना है। जिलों से किए गए अभ्यर्थियों के आवेदनों की संख्या के हिसाब से एनआइसी से परीक्षा केंद्र निर्धारित किए जाने हैं। 



केंद्र आवंटन के साथ ही परीक्षा केंद्र फाइनल हो सकेंगे। परीक्षा दो पालियों में कराई जाएगी। पहली पाली में प्राथमिक और दूसरी पाली में उच्च प्राथमिक स्तर के अभ्यर्थियों की परीक्षा होगी। 


प्राथमिक स्तर की परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए 12 लाख, 91 हजार, 628 और उच्च प्राथमिक के लिए आठ लाख, 73हजार, 553 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। 28 नवंबर की प्रस्तावित परीक्षा में प्राथमिक स्तर के लिए 2,554 और उच्च प्राथमिक के लिए 1,747 केंद्र बनाए ।

यूपी में कोविड वैक्सीन लगवाने को स्कूल से मिलेगी दो दिन की छुट्टी

Posted: 03 Jan 2022 05:37 PM PST

यूपी में कोविड वैक्सीन लगवाने को  स्कूल से मिलेगी दो दिन की छुट्टी



उत्तर प्रदेश में 15 वर्ष से 18 वर्ष के बीच की उम्र के 1.40 करोड़ किशोरों को कोरोना से बचाव के लिए वैक्सीन लगवाने के लिए स्कूल से दो दिन की छुट्टी मिलेगी। सोमवार को किशोरों को वैक्सीन लगाने की शुरुआत हुई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजधानी में डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी (सिविल) अस्पताल में किशोरों के लिए बने टीकाकरण केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किशोरों को टीका लगवाने की तिथि और उसके अगले दिन यानि दो दिन स्कूल से छुट्टी दी जाए, ताकि वह मानसिक तनाव से दूर रहें और स्वास्थ्य के प्रति पूरी तरह सचेत।




उत्तर प्रदेश में पहले दिन टीका लगवाने को लेकर किशोरों में भारी उत्साह देखने को मिला। प्रदेश में 2150 से अधिक टीकाकरण केंद्रों पर वैक्सीन लगाने की व्यवस्था की गई। किशोरों को सिर्फ कोवैक्सीन लगाई जा रही है। फिलहाल कोविन पोर्टल पर घर बैठे आनलाइन पंजीकरण के साथ-साथ टीकाकरण केंद्रों पर भी पंजीकरण कराने की सुविधा दी जा रही है। पहले दिन 1.62 लाख ने कोरोनारोधी टीका लगवाया। उधर, 10 जनवरी से 20 लाख हेल्थ केयर व फ्रंटलाइन वर्करों और 37.54 लाख बुजुर्गाें को भी टीके की सतर्कता (प्रिकाशन) डोज लगाई जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा चुनावों को देखते हुए पुलिस बल को प्राथमिकता के आधार पर सतर्कता डोज लगाने के निर्देश दिए हैं।

तदर्थ शिक्षकों को नियमित के लिए रास्ता निकालने में जुटी सरकार

Posted: 03 Jan 2022 05:25 PM PST

तदर्थ शिक्षकों को नियमित के लिए रास्ता निकालने में जुटी सरकार


लखनऊ : प्रदेश के अशासकीय सहायताप्राप्त (एडेड) माध्यमिक कालेजों में कार्यरत तदर्थ शिक्षकों को नियमित करने का सरकार रास्ता खोजने में जुटी है। इस संबंध में माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड से शिक्षा निदेशालय का पत्राचार भी हुआ, चयन बोर्ड शिक्षकों का समायोजन आदेश जारी करने को लेकर टालमटोल कर रहा है। 


एडेड माध्यमिक कालेजों के तदर्थ शिक्षकों को लेकर सरकार असहज है। चयन बोर्ड ने पहले इन शिक्षकों का भारांक कम तय किया, इसके बाद आवेदन करने वाले सभी शिक्षकों को भारांक नहीं दिया जा सका। 1446 आवेदक शिक्षकों में से सिर्फ 126 को ही भारांक मिला। सरकार अब इनको नियमित कराने का जतन कर रही है। 



शिक्षा निदेशालय में उच्च स्तरीय बैठक के बाद आठ दिसंबर को पत्र चयन बोर्ड को भेजा गया, इसमें तदर्थ शिक्षकों के पदों सापेक्ष भेजे गए चयनित अभ्यर्थियों को अन्यत्र नियमित करने का प्रस्ताव दिया गया। सरकार तदर्थ शिक्षकों को उन्हीं कालेजों में नियमित कराना चाहती है। बोर्ड जिलों को ऐसे निर्देश देने से हिचक रहा है। बैठक में कहा गया कि जिन शिक्षकों के स्थान पर अभ्यर्थियों का पैनल भेजा गया है, उनका अधियाचन चयन बोर्ड को मिला था और शीर्ष कोर्ट का आदेश है कि अब तदर्थवाद समाप्त हो।

आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का मानदेय बढ़ा, कोविड काल में काम करने के लिए दो साल का प्रोत्साहन भत्ता भी मिलेगा

Posted: 03 Jan 2022 05:17 PM PST

आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का मानदेय बढ़ा, कोविड काल में काम करने के लिए दो साल का प्रोत्साहन भत्ता भी मिलेगा



मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अनुदेशकों, आशा बहुओं के बाद अब आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों समेत सहायिकाओं के मानदेय में बढ़ोत्तरी की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने एक जनवरी, 2022 से आंगनबाड़ी व मिनी आंगनबाड़ी कार्यकत्री को 500 रुपये और सहायिकाओं के मानदेय में 250 रुपये प्रतिमाह बढ़ाने का ऐलान करते हुए कहा कि कोरोना काल के दौरान अच्छा काम करने के लिए इन्हें दो साल की प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी। एक अप्रैल, 2020 से 31 मार्च, 2022 तक की अवधि यानी पूरे दो साल के लिए आंगनवाड़ी कार्यकत्री व मिनी आंगनवाड़ी कार्यकत्री को 500 और सहायिकाओं को 250 रुपये प्रतिमाह प्रोत्साहन भत्ता दिया जाएगा। प्रदेश की 306829 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों व सहायिकाओं को इसका लाभ मिलेगा।


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अब आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को परफार्मेंस आधारित धनराशि के बाद 5500 की जगह 8000 रुपये, मिनी आंगनबाड़ी कार्यकत्री का 4250 की जगह 6500 और सहायिका को 2750 की जगह 4000 रुपये तक मानदेय दिया जाएगा। उन्होंने कोविड काल में काम करने वाली आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों के प्रति आभार जताते हुए आह्वान किया कि हम सब इसी तरह मिलकर तीसरी लहर का भी मुकाबला करेंगे।


सोमवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित आंगनवाड़ी कार्यकत्री व सहायिका सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने सभी आंगनबाड़ी और कार्यकत्रियों को स्मार्टफोन, ग्रोथ मॉनीटरिंग डिवाइस आदि से लैस किया गया है। इसके इस्तेमाल से मातृ व शिशु मृत्यु दर को रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि 2017 के पहले तक आंदोलन करने वाले आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने 2018 के बाद एक भी आंदोलन नहीं किया। वर्ष 2017 के पहले प्रदेश के अंदर पोषाहार की शिकायतें आती थीं, लोग उसे कूड़े में फेंक देते थे लेकिन अब इसे महिला स्वयं सहायता समूह तैयार कर रहे हैं। यही कारण है कि स्वास्थ्य इण्डेक्स में यूपी बेहतर है।


कोविड काल की चुनौतियों की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का समर्पण भाव ही था कि कोविड की पहली लहर से लेकर अब तक हर समय यह अग्रिम पंक्ति में रहीं। घर-घर पोषाहार पहुंचाने, गर्भवती, धात्री महिलाओं व गर्भस्थ, नवजात शिशु के पोषण की देखरेख का काम तो किया ही, कोरोना मरीजों की ट्रेसिंग, मेडिसिन किट वितरण और फिर टीकाकरण में सहयोग भी किया।


कोविड काल के दौरान यूपी के बेहतर प्रदर्शन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि हमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, नीति आयोग, विश्व स्वास्थ्य संगठन से सराहना मिली। कोविड टीका बनाने वाली प्रतिष्ठित कम्पनी 'फाइजर' के वैज्ञानिक डॉक्‍टर राबर्ट मलोने ने कहा कि यूपी के कोविड प्रबंधन पर शोध होना चाहिए। अब जब तीसरी लहर आने की आशंका है तो मेडिकल किट उपलब्ध कराई जा रही हैं। हर पात्र व्यक्ति को वैक्सीनेशन मिले, इसे सुनिश्चित करने में आंगनबाड़ी कार्यकत्री महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। उन्होंने कहा कि पूर्वी उप्र में 40 बरसों से जमा मस्तिष्क ज्वर इन चार सालों में हमने खत्म कर दिया। पहले बच्चे मरते थे और सरकारें मौन धारण कर मूकदर्शक बनी रहती थीं।


कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना, मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र, अपर मुख्य सचिव सूचना नवनीत सहगल, प्रमुख सचिव बाल विकास पुष्टाहार अनीता सी मेश्राम, विशेष सचिव डा. सारिका मोहन आदि मौजूद रही।


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को विशेष महत्व दिया। उनके नेतृत्व में विभाग उल्लेखनीय काम कर रहा है। -स्वाति सिंह, राज्यमंत्री(स्वतंत्र प्रभार)


खास-खास बातें:

43.26 करोड़ धनराशि से बनने वाले 585 नए आंगनवाड़ी केंद्रों के भवनों का शिलान्यास व 169 केन्द्रों का लोकार्पण

कोविड काल में सराहनीय काम करने के लिए बाराबंकी की कांति वर्मा, बुलंदशहर की कमलेश यादव, गोरखपुर की शमा परवीन और संभव अभियान में उत्कृष्ट कामों के लिए बहराइच की नूरजहां, सीतापुर की सरोजनी देवी, देवरिया की संध्या सिंह को सम्मानित किया गया


24 महीने की प्रोत्साहन राशि मिलेगी
आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को 24 महीने की कुल प्रोत्साहन राशि 500 रुपए प्रतिमाह की दर से- 12000
आंगनबाड़ी सहायिकाओं को 24 महीने की कुल प्रोत्साहन राशि 250 रुपए प्रतिमाह की दर से- 6000 रुपए


एक जनवरी, 2022 से मिलेगा बढ़ा हुआ मानदेय-

पद --------वर्तमान मानदेय---- राज्य सरकार पीएलआई----- केन्द्र सरकार पीएलआई---- बढ़ाया गया मानदेय---- कुल मानदेय

आंगनबाड़ी कार्यकत्री --------5500 रु.  -------- अधिकतम 1500 रु.  --------500 रु.  --------500 रु.  --------8000 रुपए
मिनी आंगनबाड़ी कार्यकत्री  --------4250 रु.  --------अधिकतम 1250 रु.  --------500 रु.   --------500 रु. -------- 6500 रुपए
सहायिका  --------2750 रु. --------अधिकतम 750 रु.  --------250 रु. -------- 250 रु.  --------4000 रुपए

(नोट- # परफार्मेंस लिंक्ड इन्सेंटिव (पीएलआई) शतप्रतिशत लाभार्थियों को पोषाहार देने और पोषण ट्रैकर पर शतप्रतिशत फीडिंग करने पर देय होगा। राज्य सरकार ने सितम्बर, 2021 से पीएलआई लागू किया है। )

शैक्षणिक सत्र वर्ष 2022-23 से केंद्रीय विश्वविद्यालयों में अब संयुक्त प्रवेश परीक्षा से ही मिलेगा दाखिला

Posted: 03 Jan 2022 05:12 PM PST

शैक्षणिक सत्र वर्ष 2022-23 से केंद्रीय विश्वविद्यालयों में अब संयुक्त प्रवेश परीक्षा से ही मिलेगा दाखिला


नई दिल्ली : इंजीनियरिंग व चिकित्सा शिक्षा संस्थानों में दाखिले के लिए आयोजित होने वाली जेईई और नीट की तर्ज पर अब देशभर के सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों में भी संयुक्त प्रवेश परीक्षा के जरिये ही छात्रों को प्रवेश दिया जाएगा। यह व्यवस्था नए शैक्षणिक सत्र (वर्ष 2022-23) से लागू होगी। शिक्षा मंत्रालय ने इसकी जिम्मेदारी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) को सौंपी है। नई व्यस्था फिलहाल स्नातक कोर्सो में प्रवेश पर ही लागू होगी। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति की सिफारिश के बाद शिक्षा मंत्रालय ने वैसे तो इस व्यवस्था को पिछले साल ही अपनाने की तैयारी कर ली थी, लेकिन अंतिम समय में दिल्ली यूनिवर्सिटी (डीयू) सहित सभी प्रमुख केंद्रीय विश्वविद्यालयों ने हाथ खड़े कर दिए थे।


 इसके कारण मंत्रालय ने अपने फैसले को टालते हुए नए शैक्षणिक सत्र में इस पर विचार करने की बात कही थी। अब शिक्षा मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि नए शैक्षणिक सत्र से ही केंद्रीय विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा (सीयूईटी) आयोजित की जाएगी। दिल्ली यूनिवर्सिटी, काशी हिंदू विश्वविद्यालय व इलाहाबाद यूनिवर्सिटी सहित ज्यादातर प्रमुख केंद्रीय विश्वविद्यालयों ने नई व्यवस्था पर सहमति दे दी है। देश में करीब 50 केंद्रीय विश्वविद्यालय हैं और फिलहाल सभी अलग-अलग प्रवेश परीक्षाएं आयोजित करते हैैं। शिक्षा मंत्रालय का मानना है कि संयुक्त प्रवेश परीक्षा से छात्रों को भारी राहत मिलेगी। इससे न सिर्फ उनका समय बचेगा, बल्कि आर्थिक बोझ भी कम होगा।


राज्य विश्वविद्यालयों में भी लागू हो सकती है नई व्यवस्था 
एनटीए के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, अभी सीयूईटी का दायरा सिर्फ केंद्रीय विश्वविद्यालयों में प्रवेश तक ही सीमित रखा गया है, लेकिन भविष्य में इससे राज्य विश्वविद्यालयों को भी जोड़ा जाएगा। आने वाले दिनों में राज्यों से बात की जाएगी। दाखिले के लिए उन्हें अलग से कसरत नहीं करनी होगी, बल्कि सीयूईटी की मेरिट के आधार पर वे अपने विश्वविद्यालयों में प्रवेश दे सकेंगे।

UP Scholarship : 80 हजार सालाना छात्रवृत्ति के दावेदार 24 हजार मेधावी, वेबसाइट upmsp.edu.in से पाएं एडवाइजरी नोट

Posted: 03 Jan 2022 05:02 PM PST

UP Scholarship : 80 हजार सालाना छात्रवृत्ति के दावेदार 24 हजार मेधावी, वेबसाइट upmsp.edu.in से पाएं एडवाइजरी नोट

UP Scholarship : यूपी बोर्ड की इंटर परीक्षा 2021 विज्ञान वर्ग में 83 प्रतिशत (500 में से 415 अंक) पाने वाले 24074 मेधावी 80 हजार रुपये सालाना छात्रवृत्ति के योग्य हैं। केंद्र सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से इंस्पायर योजना के तहत स्कॉलरशिप फॉर हायर एजुकेशन (शी) के लिए यूपी बोर्ड ने एलिजिबिलिटी नोट सोमवार को जारी कर दिया है।



छात्रवृत्ति के रूप में सालाना 60 हजार रुपये नकद और 20 हजार प्रोजेक्ट के लिए मिलते हैं। अभ्यर्थी वेबसाइट www.online.inspire.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। यह स्कालरशिप उन्हीं मेधावियों को मिलेगी जिन्होंने नेचुरल और बेसिक साइंस के पाठ्यक्रम में इस साल दाखिला लिया है।

यानि गणित, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान अथवा लाइफ साइंस जैसे वनस्पति विज्ञान, जन्तु विज्ञान आदि में स्नातक या इंटीग्रेटेड स्नातकोत्तर कक्षाओं में प्रवेश लेने वाले ही फॉर्म भर सकते हैं। देशभर के विभिन्न बोर्ड से 12वीं विज्ञान वर्ग की परीक्षा में टॉप एक प्रतिशत मेधावियों में स्थान बनाने वाले कुल 10 हजार छात्रों को यह छात्रवृत्ति दी जाती है।

सचिव दिव्यकांत शुक्ल ने बताया कि आवेदन पत्र के साथ लगाए जाने वाले एलिजिबिलिटी/एडवाइजरी नोट यूपी बोर्ड की वेबसाइट www.upmsp.edu.in से अपने अनुक्रमांक डालकर अभ्यर्थी डाउनलोड कर सकते हैं। पिछले साल इंटर विज्ञान वर्ग में 390 अंक पाने वाले 20730 अभ्यर्थी इस छात्रवृत्ति के योग्य थे।

बेसिक शिक्षकों को भी कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने की माँग को लेकर राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने सौंपा ज्ञापन

Posted: 03 Jan 2022 07:56 AM PST

बेसिक शिक्षकों को भी कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने की माँग को लेकर राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने सौंपा ज्ञापन




Padhe Bharat 100 Days Reading Campaign : केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने शुरू किया 100 दिन का 'पढ़े भारत' रीडिंग आभियान

Posted: 02 Jan 2022 07:30 PM PST

Padhe Bharat 100 Days Reading Campaign : केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने शुरू किया 100 दिन का  'पढ़े भारत' रीडिंग आभियान



केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 1 जनवरी, 2022 को 100-दिवसीय पठन अभियान शुरू किया है। अभियान बालवाटिका और कक्षा 8वीं के बीच कक्षाओं में पढ़ने वाले छात्रों पर केंद्रित होगा।


केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 1 जनवरी, 2022 को 100-दिवसीय पठन अभियान शुरू किया है। 100-दिवसीय पठन अभियान, यानी पढ़े भारत अभियान, छात्रों को उनकी रचनात्मकता, महत्वपूर्ण सोच और शब्दावली को मौखिक और लिखित रूप में व्यक्त करने की क्षमता सुधारने में मददगार साबित हुआ। अभियान बालवाटिका और कक्षा 8वीं के बीच कक्षाओं में पढ़ने वाले छात्रों पर केंद्रित होगा। 'पढ़े भारत' अभियान की शुरुआत करते हुए, मंत्री ने पढ़ने के महत्व को रेखांकित किया कि बच्चों को निरंतर और आजीवन सीखने को सुनिश्चित करने के लिए विकसित करने की आवश्यकता है।



किताबें पढ़ना कौशल विकसित करने का एक शानदार तरीका : प्रधान

प्रधान ने ट्वीट किया, "किताबें पढ़ना एक स्वस्थ आदत है और संज्ञानात्मक, भाषा और सामाजिक कौशल विकसित करने का एक शानदार तरीका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नागरिकों से नियमित रूप से किताबें पढ़ने के आह्वान से प्रेरित होकर, मैं जीवन भर किताब पढ़ने की आदत विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध हूं।" 



चौदह सप्ताह तक जारी रहेगा  'पढ़े भारत' अभियान

100 दिनों का अभियान चौदह सप्ताह तक जारी रहेगा और प्रति समूह प्रति सप्ताह एक गतिविधि को पढ़ने को सुखद बनाने और पढ़ने के आनंद के साथ आजीवन जुड़ाव बनाने पर ध्यान देने के साथ डिजाइन किया गया है। पढ़े भारत अभियान के हिस्से के रूप में, सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ पठन अभियान पर एक व्यापक दिशा-निर्देश भी साझा किया है। दिशा-निर्देशों में उम्र के आधार पर विभाजित गतिविधियों का साप्ताहिक कैलेंडर है। गतिविधियों का गठन इस तरह से किया जाता है कि छात्र उन्हें घर पर उपलब्ध संसाधनों की मदद से कर सकें। दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि स्कूल बंद होने की स्थिति में छात्र परिवार या साथियों की मदद ले सकते हैं। 

ऐसा पढ़ें जो आनंददायक और टिकाऊ हो

मंत्री ने जोर देकर कहा, पढ़ना सीखने की नींव है, जो छात्रों को स्वतंत्र रूप से किताबें पढ़ने के लिए प्रेरित करता है, रचनात्मकता, महत्वपूर्ण सोच, शब्दावली और मौखिक और लिखित दोनों में व्यक्त करने की क्षमता विकसित करता है। यह बच्चों को अपने परिवेश और वास्तविक जीवन की स्थिति से संबंधित करने में मदद करता है। उन्होंने एक सक्षम वातावरण बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया जिसमें छात्र आनंद के लिए पढ़ते हैं और अपने कौशल को एक ऐसी प्रक्रिया के माध्यम से विकसित करते हैं जो आनंददायक और टिकाऊ हो और जो जीवन भर उनके साथ रहे। प्रधान ने उन पांच किताबों के नाम भी साझा किए जिन्हें उन्होंने पढ़ने के लिए चुना है।

अब अंग्रेजी व्याकरण की बारीकियां जानेंगे बेसिक शिक्षक

Posted: 02 Jan 2022 06:53 PM PST

अब अंग्रेजी व्याकरण की बारीकियां जानेंगे बेसिक शिक्षक


बेसिक शिक्षा परिषद के लगभग 1.60 लाख स्कूलों के छह लाख शिक्षक अंग्रेजी व्याकरण की बारीकियां जानेंगे। आंग्ल भाषा शिक्षण संस्थान (ईएलटीआई) के विशेषज्ञ उनके लिए अंग्रेजी व्याकरण और अपठित गद्यांश पर एक हैंडबुक तैयार कर रहे हैं। जो हर समय शिक्षकों के पास रहेगी ताकि अंग्रेजी अध्यापन में मुश्किल न हो।


यह पुस्तिका अंग्रेजी और हिन्दी में होगी। इसे सरल भाषा में तैयार किया जा रहा है। अधिकांश उदाहरण परिषदीय स्कूलों की अंग्रेजी की किताबों से लिए गए हैं ताकि शिक्षक आसानी से समझ कर बच्चों को अच्छे से समझा सकें। हैंडबुक में अंग्रेजी व्याकरण की आधारभूत जानकारी रहेगी। जो शिक्षक अधिक अंग्रेजी समझना चाहते हैं उनके लिए उन्नत सामग्री के साथ शिक्षकों के स्व-मूल्यांकन के लिए भी सामग्री रहेगी। पुस्तिका में अंग्रेजी व्याकरण के नियमों की तर्कों के साथ व्याख्या दी जाएगी। इससे न सिर्फ शिक्षकों की अंग्रेजी व्याकरण की समझ बढ़ेगी बल्कि वे बच्चों को अच्छे से पढ़ा सकेंगे।


ईएलटीआई के प्राचार्य डॉ. स्कंद शुक्ल के अनुसार हैंडबुक में कार्यात्मक आधार पर अंग्रेजी शिक्षण को बढ़ावा दिया जाएगा जो अध्यापन का सही तरीका है।

69000 शिक्षक भर्ती : 6 हजार अभ्यर्थियों की सूची आज जारी होने के आसार कम

Posted: 02 Jan 2022 06:34 PM PST

69000 शिक्षक भर्ती : 6 हजार अभ्यर्थियों की सूची आज जारी होने के आसार कम


लखनऊ : बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक स्कूलों में नियुक्ति पाने के दावेदार लगभग छह हजार अभ्यर्थियों की सूची सोमवार को सार्वजनिक होने के आसार कम हैं। कहा जा रहा है इस मामले में न्याय विभाग से मार्गदर्शन लिया जा रहा है इसीलिए छूटे चयनितों की सूची बनाने में विलंब हो रहा है। ज्ञात हो कि सूची का वेबसाइट पर प्रकाशन 30 दिसंबर को ही होना था, लेकिन अपरिहार्य कारण से ऐसा नहीं हो सका। तब चयनितों की सूची तीन जनवरी को वेबसाइट पर अपलोड करने की नई तारीख तय हुई थी।


परिषदीय प्राथमिक स्कूलों की 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती में अधिकारियों व कार्मिकों की अनदेखी से आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों का अपेक्षित चयन नहीं हो सका था। इसे लेकर अभ्यर्थी आंदोलित थे। 


मुख्यमंत्री ने इसका संज्ञान लिया तो बेसिक शिक्षा मंत्री डा. सतीश द्विवेदी ने 24 दिसंबर को विसंगति से बाहर होने वाले अभ्यर्थियों को चयनित करने की समय सारणी जारी किया था, परिषद के अधिकारी उसका भी तय समय में अनुपालन नहीं कर सके। इस वजह से काउंसिलिंग की तारीख में बदलाव किया गया था, तीन जनवरी को वेबसाइट पर सूची जारी करने के साथ ही उसी दिन से काउंसिलिंग शुरू करानी थी, ताकि पांच तक संबंधित जिलों में पूरा कराकर छह जनवरी को नियुक्तिपत्र दिया जाए। इसमें किस अभ्यर्थी को कौन जिला आवंटित हुआ है इसका भी उल्लेख रहेगा। 


उधर, भर्ती के अभ्यर्थी छह हजार पदों से संतुष्ट नहीं हैं, उनका कहना है कि गड़बड़ी जितने पदों पर हुई है नियुक्ति उसी के सापेक्ष की जाए।

टीईटी पर्चा लीक में सात के खिलाफ चार्जशीट तैयार

Posted: 03 Jan 2022 06:33 PM PST

पर्चा लीक में सात के खिलाफ चार्जशीट तैयार

टीईटी पर्चा लीक मामले में एसटीएफ ने जांच रिपोर्ट में मिले तथ्य सम्बन्धित थानों को उपलब्ध करा दिये हैं।

इसी आधार पर तीन जिलों की पुलिस ने मुख्य आरोपी परीक्षा नियामक प्राधिकरण के सचिव संजय उपाध्याय, प्रिन्टिंग प्रेस का ठेका लेने वाले राय अनूप प्रसाद और एक साल्वर समेत सात आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट तैयार कर ली है। कानूनी औपचारिकता पूरी होते ही पुलिस चार्जशीट को कोर्ट में पेश कर देगी। एसटीएफ ने जांच में कई वैज्ञानिक साक्ष्य पुलिस को दिये हैं।

28 नवम्बर को टीईटी का पर्चा लीक होने पर पूरी परीक्षा निरस्त कर दी गई थी। इसमें संजय उपाध्याय और राय अनूप प्रसाद की गिरफ्तारी से हड़कम्प मच गया था। एसटीएफ और पुलिस 52 आरोपियों को जेल भेज चुकी है। एसटीएफ की जांच में सामने आया था कि छपाई से लेकर परीक्षा केन्द्र तक पर्चा पहुंचने की सारी जानकारी गोपनीय रखी गई थी। पर, साजिशकर्ताओं के साथ शामिल दो अफसरों को यह पता था कि इस परीक्षा का पर्चा लीक होना है। यह पर्चा कहां से और कैसे लीक कराया जायेगा, इस बारे में सब पहले से तय था। इन तथ्यों के आने के बाद ही एसटीएफ की रडार पर कई और लोग भी आ गये हैं। इनके बारे में सुबूत जुटाये जा रहे हैं।

इन जिलों में चार्जशीट तैयार

लखनऊ, प्रयागराज और बरेली पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट तैयार कर ली है। जल्दी ही इसे कोर्ट में पेश कर दिया जायेगा। चार्जशीट में वैज्ञानिक साक्ष्यों का भी जिक्र किया गया है ताकि कोर्ट में मजबूत पैरवी की जा सके।





टीईटी पेपर लीक का मुख्य आरोपी अभी पकड़ से दूर

 
एसटीएफ जांच

● किसने पेपर लीक किया, इसका जवाब भी एसटीएफ के पास नहीं
● पुलिस 50 से अधिक लोगों को अब तक गिरफ्तार कर चुकी

नोएडा : उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी) के पेपर लीक प्रकरण में एसटीएफ और पुलिस की टीमें अभी तक भी मुख्य आरोपी तक नहीं पहुंच सकी हैं। सबसे बड़ा सवाल अभी तक अनसुलझा है कि यह पेपर सबसे पहले कहां से लीक हुआ था और किसने इस पेपर को लीक कराने में अहम भूमिका निभाई थी और इसे सॉल्वरों को उपलब्ध किसने कराया था।


एसटीएफ अधिकारियों की मानें तो अभी तक उस व्यक्ति को चिह्नित नहीं किया जा सका है, जिसने सबसे पहले पेपर लीक किया था। इसे लेकर जांच चल रही है और अब तक गिरफ्तार हो चुके 54 आरोपियों से भी पूछताछ की जा रही है।

एसटीएफ की नोएडा टीम ने इस मामले में मुख्य आरोपी सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी संजय उपाध्याय और राय अनूप प्रसाद को रिमांड पर लिया था और उनसे पूछताछ की थी। इस दौरान राय अनूप प्रसाद की दिल्ली स्थित फर्म से टीईटी के पेपरों के दो बंडल बरामद हुए थे।

यह है मामला: 28 नवंबर को उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा का प्रश्न पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था, जिसके बाद यह परीक्षा निरस्त कर दी गई थी। इस मामले की जांच में जुटी नोएडा एसटीएफ ने बेसिक शिक्षा विभाग के निदेशक सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी संजय उपाध्याय समेत 54 लोगों को अभी तक गिरफ्तार किया है।

इस मामले में प्रदेश में दर्ज सभी मुकदमों की जांच एसटीएफ को मिल चुकी है।

प्रयागराज : 69000 शिक्षक भर्ती की तीसरी सूची में चयनित शिक्षकों के वेतन भुगतान का रास्ता साफ, हलफनामा लेकर वेतन देने का आदेश

Posted: 02 Jan 2022 05:25 PM PST

प्रयागराज : 69000 शिक्षक भर्ती की तीसरी सूची में चयनित शिक्षकों के वेतन भुगतान का रास्ता साफ, हलफनामा लेकर वेतन देने का आदेश



प्रयागराज : परिषदीय प्राथमिक स्कूलों में तैनात जिले के 65 शिक्षकों को नए साल का तोहफा मिला है। अभिलेखों का सत्यापन न होने की स्थिति में शिक्षकों से 100 रुपये के स्टांप पर हलफनामा लेकर उन्हें वेतन करने के आदेश जारी किए गए हैं। इस बाबत बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रवीण कुमार तिवारी ने खंड शिक्षाधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी किए हैं।


परिषदीय प्राथमिक स्कूलों में 69 हजार शिक्षक भर्ती की तीसरी सूची में चयनित जिले के 65 शिक्षकों को जल्द ही वेतन का भुगतान होगा। बेसिक शिक्षा अधिकारी ने निर्देश जारी किए हैं कि जिन शिक्षकों के हाईस्कूल, इंटरमीडिएट, बीटीसी, बीएड, टीईटी, सीटीईटी का सत्यापन नहीं हुआ है, उनसे हलफनामा लेकर वेतन भुगतान की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।


 तृतीय सूची के चयनित 6696 अभ्यर्थियों की काउंसिलिंग जून के अंतिम सप्ताह में आयोजित की गई थी। प्रयागराज में 23 जुलाई को नियुक्ति पत्र वितरित किया गया था, जिसके बाद शिक्षकों को तैनाती मिल गई थी। इन शिक्षकों के शैक्षिक अभिलेखों का सत्यापन न होने के कारण वेतन का भुगतान अटका हुआ था।


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