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Friday, January 21, 2022

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जानिये सरकार के इस पेंशन योजना के बारे में जिसमें पति-पत्नी को हर महीने मिलते हैं 18,300 रुपये

Posted: 21 Jan 2022 10:27 PM PST

Pradhan Mantri Vaya Vandana Yojana
Pradhan Mantri Vaya Vandana Yojana 2022

आज हम सीनियर सिटीजन के लिये निवेश का विकल्प बता रहे हैं। जाहिर है हर वरिष्ठ नागरिक चाहते हैं कि वे अपनी जीवनभर की गाढ़ी कमाई ऐसी जगह निवेश करें जहां बेहतर रिटर्न भी मिले और उनका निवेश सुरक्षित भी रहे।
ऐसे ही एक योजना है प्रधानमंत्री वय वंदना योजना (Pradhan Mantri Vaya Vandana Yojana) जिसे 4 मई 2017 को भारत भारत सरकार द्वारा देश के वरिष्ठ नागरिकों को ध्यान में रखते हुये लॉन्च किया गया था। प्रधानमंत्री वय वंदना योजना (Pradhan Mantri Vaya Vandana Yojana) सीनियर सिटीजन के लिये Social Security Scheme वाला पेंशन प्लान है जो भारत सरकार की

LIC द्वारा चलायी जा रही है। पहले इस योजना के तहत निवेश करने की अधिकतम सीमा पहले 7.50 लाख रुपये थी जिसे अब बढ़ा कर 15 लाख रुपये कर दिया गया है।

इस योजना पर 7.4 फीसदी सलाना ब्याज मिलता है। 60 वर्ष से ऊपर की आयु वाले सभी नागरिक 15 लाख रुपये तक के निवेश 31 मार्च 2023 से पहले कर सकते हैं। निवेश के आधार पर नागरिकों को 1000 रुपये से लेकर 9250 रुपये प्रति माह की पेंशन प्रदान की जाती है। यदि न्यूनत्तम 1.50 लाख रुपये का निवेश किया तो हर महीने 1,000 रुपये का पेंशन और 15 लाख रुपये का निवेश किया तो 9250 रुपये प्रति महीने पेंशन मिलता है।

अगर आप इस योजना में 15 लाख रुपए निवेश करते हैं, तो आपको हर महीने 9250 हजार रुपए पेंशन मिलती है। अगर पति-पत्नी मिलकर योजना में निवेश कर रहे हैं और निवेश की राशि 30 लाख रुपए है, तो प्रतिमाह 18,500 हजार रुपए हर महीने पेंशन के तौर पर मिलेंगे।

पेंशन की पहली किश्त रकम जमा करने के 1 साल, 6 महीने, 3 महीने,1 महीने बाद मिलेगी यह इस बात पर डिपेंड करता है कि आपने कौन सा ऑप्शन चुनते हैं। PMVVY Scheme 2021 के अंतर्गत ऑनलाइन तथा ऑफलाइन दोनों तरीके से आवेदन कर सकते हैं और पालिसी खरीद सकते है।

ऑनलाइन आवेदन आप LIC की Official Website पर जाकर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करके पालिसी खरीद कर सकते है तथा ऑफलाइन आवेदन LIC की ब्रांच पर जाकर कर सकते है और पीएम वय वंदना योजना (Pradhan Mantri Vaya Vandana Yojana) 2021 का लाभ उठा सकते है।

यह 10 साल की समयावधि वाली योजना है, जिसमें अगर 10 साल के भीतर पॉलिसीधारक की मृत्यु हो जाती है, तो मूल राशि नॉमिनी के खाते में चली जाती है। अगर आप इस योजना से जुड़ी अधिक जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं, तो आप 022-67819281 या 022-67819290 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके लिए एलआईसी ने एक टोल फ्री नंबर 1800-227-717 भी जारी किया।

यदि कोई पॉलिसी धारक प्रधानमंत्री वय वंदना योजना (Pradhan Mantri Vaya Vandana Yojana) के नियम से संतुष्ट नहीं है तो वह पॉलिसी लेने की 15 दिन के अंदर उसे वापस कर सकता है। यदि पॉलिसी ऑफलाइन खरीदी गई है तो 15 दिन के अंदर और यदि ऑनलाइन खरीदी गई है तो 30 दिन के अंदर वापस की जा सकती है। पॉलिसी वापस करते समय पॉलिसी वापस करने का कारण बताना होगा। यदि पॉलिसी धारक पॉलिसी वापस करता है तो उसे स्टैंप ड्यूटी तथा जमा की गई पेंशन की राशि काटकर खरीद मूल्य का रिफंड किया जाएगा।

IND vs SA ODI: भारत को 7 विकेट से मिली मात, KL Rahul ने दिए संकेत अगले मैच से बाहर होंगे ये खिलाड़ी

Posted: 21 Jan 2022 10:16 PM PST

IND vs SA ODI
IND vs SA ODI

भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज (IND vs SA ODI) का दूसरा मुकाबला 21 जनवरी को पार्ल के बोलैंड पार्क में खेला गया। टॉस जीतकर भारतीय कप्तान केएल राहुल ने पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। पहले बल्लेबाजी करते हुए टीम इंडिया ने 50 ओवर में 6 विकेट पर 287 रन का स्कोर खड़ा किया। इसके जवाब में दक्षिण अफ्रीका की टीम ने इस मैच को 7 विकेट से जीत लिया और सीरीज में 2-0 की बढ़त बना ली। दक्षिण अफ्रीका से मिली करारी हार के बाद भारत के कप्तान केएल राहुल (KL Rahul) ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की।
हार हमारे लिए सीख है

मैच हारने के बाद कप्तान केएल राहुल (KL Rahul) ने कहा,

"मेरे हिसाब से अफ़्रीकी टीम ने घर में अच्छा खेला। हम बीच में गलतियां कर रहे हैं और यह हमारे लिए सीख है। हम एक ऐसी टीम हैं जो जीतने में बहुत गर्व महसूस करती है लेकिन यह हमारे लिए एक सीख है और हम उम्मीद के साथ आगे बढ़ सकते हैं। हम उन चीजों को बेहतर करने की कोशिश कर रहे हैं, जिसे हमने पहले अच्छा नहीं किया है।"

साझेदारी और मध्यक्रम है बेहद महत्वपूर्ण

केएल राहुल (KL Rahul) ने आगे कहा,

"जब हम एक बड़े टूर्नामेंट में प्रवेश कर रहे हैं तो हमारे लिए साझेदारी और मध्यक्रम बहुत जरूरी हो जाता है। बीच के ओवर में गेंदबाजी बेहतर होनी चाहिए। यह कुछ चीजें हैं जो स्पष्ट रूप से हमारे सामने हैं। इस चीज के बारे में हमने बात की है और यह हमारे ऊपर है कि हम इससे सीखें और कोई रास्ता निकालें। मुझे नहीं लगता था कि यह ऐसी पिच थी जहाँ अफ़्रीकी टीम आसानी से 280 रनों का पीछा कर सकती थी। उन्होंने साझेदारी को महत्व दिया और गेंदबाजों पर दबाव डाला।"

क्या तीसरे मैच में होगा बदलाव ?

तीसरे मैच में बदलाव को लेकर कप्तान केएल राहुल (KL Rahul) ने कहा,

"फिलहाल इस मामले पर कुछ कहना जल्दबाजी होगी।"

वहीं, उन्होंने रिषभ पंत की तारीफ़ करते हुए कहा,

"पहले मैच में शिखर धवन और विराट कोहली ने अच्छी बल्लेबाजी की और आज रिषभ पंत ने अच्छी बल्लेबाजी की और पहली 20 गेंदों में कामयाबी भी हासिल की लेकिन बाद में स्पिनर ने उन्हें आउट कर दिया। इसके साथ ही शार्दुल ने भी यह बताया कि वो नीचे बल्लेबाजी कर सकते हैं और बढ़िया योगदान भी दे सकते हैं। वहीं, बुमराह और चहल ने आज अच्छी गेंदबाजी की।"

साथ ही केएल राहुल (KL Rahul) ने यह भी कहा कि हम चुनौतियों को स्वीकार करते हैं। शुरुआत के दो मैचों में हमने अच्छा नहीं किया लेकिन तीसरे मैच को हम जीतने की पूरी कोशिश करेंगे।
भारत की प्लेइंग इलेवन-

केएल राहुल (कप्तान), शिखर धवन, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर, रिषभ पंत, वेंकटेश अय्यर, शार्दुल ठाकुर, आर अश्विन, भुवनेश्वर कुमार, युजवेंद्रा चहल, जसप्रीत बुमराह।
दक्षिण अफ्रीका की प्लेइंग इलेवन-

क्विंटन डिकाक, जानेमन मलान, तेंबा बावुमा (कप्तान), एडेन मार्करम, वान डेर डुसेन, डेविड मिलर, एंडिले फेलुक्वायो, सिसांडा मगाला, केशव महाराज, लूंगी नगीडी, तबरेज शम्सी।

10वीं पास युवाओं को भारतीय डाक विभाग दे रहा है नौकरी का मौका, जल्दी करें अप्लाई

Posted: 21 Jan 2022 10:12 PM PST

Indian Post New Vacancy 2022
Indian Post New Vacancy 2022

इंडियन पोस्ट न्यू वेकेंसी 2022 - तमिलनाडु पोस्ट सर्कल में जाने के लिए उम्मीदवार की आयु चयन प्रक्रिया योग्यता से संबंधित जानकारी नीचे दी गई है भारतीय डाक विभाग ने ड्राइवर के पदों पर भर्ती जारी की है बता दें कि इस भर्ती के लिए आवेदन शुरू हो गया है और अंतिम तिथि 10 मार्च 2022 रखी गई है, 10 मार्च 2022 से पहले पहले उम्मीदवार अधिकारिक वेबसाइट पर जा कर आवेदन कर सकते है|

इंडिया पोस्ट भर्ती 2022:-

संस्था

भारतीय डाक विभाग भर्ती 2022


काम के प्रकार

सरकारी।


स्थान

सभी के लिए भर्ती


पद का नाम

कार्य कार चालक


आधिकारिक वेबसाइट

https://tamilnadupost.nic.in/


प्रारंभ दिनांक

आवेदन शुरू है


अंतिम तिथि

10/03/2022


Indian Post Recruitment Education Qualification

आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को 10 वीं कक्षा उत्तीर्ण होना चाहिए और आवेदन करने के लिए एसएसएलसी प्रमाणपत्र होना आवश्यक है, वाहन चलाने में सक्षम होना आवश्यक है और वाहन के बारे में ज्ञान भी अनिवार्य है।

Indian Post Age Recruitment

सभी अभ्यर्थियों की प्रतिनियुक्ति बैठक द्वारा अधिकतम आयु सीमा 56 वर्ष रखी गई है, 56 वर्ष से अधिक आयु के अभ्यर्थी का आवेदन मान्य नहीं होगा। भारतीय डाक नई रिक्ति 2022

Indian Post Recruitment Experience Details

इंडियन पोस्ट सर्कल का फॉर्म आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों के पास हल्के तथा भारी मोटर वाहन चलाने के लिए वैध ड्राइविंग लाइसेंस होना अनिवार्य है | और कम से कम 3 साल का हल्के तथा भारी वाहन चलाने का अनुभव अति आवश्यक है | Indian Post New Vacancy 2022


Indian Post Recruitment Salary Details

चयनित उम्मीदवार पे मैट्रिक्स स्तर पर 02 वेतन प्राप्त करने के पात्र होंगे और उन्हें 7वें सीपीसी के अनुसार नियमित किया जाएगा।

दुनिया का ऐसा मंदिर जहां देवमूर्ति नहीं वरन दिखेंगी नर्क-पीड़ा से प्रेरित प्रतिमाएं

Posted: 21 Jan 2022 10:30 PM PST

Hell Temple Thailand
Hell Temple Thailand

हम मनुष्य सामान्यतः मंदिरों में अपनी मनोकामना की पूर्ति हेतु प्रार्थना करने, कीर्तन-सत्संग में शामिल होने, अपनी किसी भूल की क्षमा याचना अथवा दान आदि करने के लिए जाते हैं। मंदिर एक ऐसा स्थान है जहां जाने से सुकून सा मिलता है। ऐसा कहा जाता है कि प्राचीन समय में वास्तु शास्त्रियों ने पृथ्वी पर ऊर्जा के सकारात्मक केंद्रों ढूंढ कर वहां मंदिरों की स्थापना की। मंदिर जाने को लेकर कई धार्मिक और वैज्ञानिक मान्यताएं जुड़ी हुई हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि नंगे पैर मंदिर में जाने से उच्च रक्तचाप की समस्या नियंत्रित होती है। ऐसा पैरों में मौजूद एक्यूप्रेशर बिंदुओं पर दबाव पड़ने के कारण होता है।

यूं तो मंदिरों में जाने पर हमारी पीड़ा खत्म होकर सुखद अनुभव होता है। तथा मनुष्य भगवान से मरणोपरांत स्वर्ग में जाने की कामना भी करता है। परंतु क्या आप जानते हैं कि थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में इस दुनिया का इकलौता ऐसा मंदिर है जिसे 'नर्क मंदिर' के नाम से जाना जाता है। यह नर्क मंदिर बैंकाक से लगभग 700 किलोमीटर दूर चियांग माइ शहर में बनाया गया है। इस मंदिर को बनाने की प्रेरणा सनातन और बौद्ध धर्म से ली गई है।

एक बौद्ध भिक्षु 'प्रा क्रू विशानजालिकॉन' को इस देवालय को बनाने का खयाल आया था। इस मंदिर के जरिए वह लोगों को इस बात का ज्ञान कराना चाहते थे कि बुरे कर्म करने वाले तथा पापियों का परिणाम भी बुरा ही होता है। इस मंदिर में लगी मूर्तियों को देखने पर ऐसा आभास होता है मानो हम सच में नर्क में दी जा रही यातनाओं को देख रहे हैं।

इस मंदिर में लोग देवी-देवताओं के दर्शन हेतु नहीं बल्कि यहां बनी हुई नर्क की पीड़ाओं से प्रेरित मूर्तियों को देखने के लिए आते हैं। थाईलैंड के स्थानीय लोगों का यह भी विचार है कि एक बार इस नर्क मंदिर के दर्शन कर लेने मात्र से पापों का प्रायश्चित हो जाता है।

न्याय के देवता का ऐसा मंदिर, जहां देवता की ओर पीठ करके की जाती है पूजा

Posted: 21 Jan 2022 10:08 PM PST

pokhu veer temple
pokhu veer temple

दरअसल देवभूमि उत्तराखंड में एक ऐसा मंदिर है जिसमें विराजित भगवान को तो न्याय का देवता माना जाता है, लेकिन इनके चेहरे के बजाय उनकी पीठ के ही दर्शन किए जाते हैं। कई सदियों से लोगों का इस मंदिर पर विश्वास है कि यहां हाजिरी लगाने वालों को अविलंब न्याय की प्राप्ति होती है।

ये मंदिर है उत्तरकाशी के छोटे-से कस्बे नैटवाड़ में मौजूद भगवान पोखूवीर का मंदिर है। इस क्षेत्र में पोखूवीर न्याय के देवता माने जाते हैं। माना जाता है कि जो कोई भी उनसे न्याय की याचना करता है, वे उसका बिल्कुल सही और निष्पक्ष इंसाफ करते हैं, लेकिन देव होने के बावजूद पोखूवीर के मुख के दर्शन नहीं किए जाते।

पोखूवीर मंदिर के संबंध में कहा जाता है कि इस मंदिर में देवता की कमर का ऊपरी हिस्सा मौजूद है जबकि उनका मुंह पाताल में है। ये यहां उल्टी व नग्नावस्था में हैं। ऐसे में इन्हें यानि पोखु देवता को इस हालत में देखना अशिष्टता माना जाता है इसलिए मंदिर के पूजारी और भक्त भी देवता की ओर पीठ करके पूजा करते हैं।

पोखु देवता मंदिर के संबंध में ये भी मान्यता है कि पोखू देवता कर्ण के प्रतिनिधि और भगवान शिव के सेवक हैं। जिनका स्वरूप डरावना होने के साथ ही अपने अनुयायियों के प्रति उनका स्वभाव कठोर था। इसी कारण क्षेत्र में चोरी व अपराध करने से लोग आज भी डरते हैं और क्षेत्र में यदि किसी भी प्रकार की विपत्ति या संकट आने पर पोखू देवता गांव के लोगों की मदद करते हैं।

पोखूवीर से लोगों की आस्था इतनी गहराई से जुड़ी है, कि पुराने समय में लोगों को जब निष्पक्ष न्याय नहीं मिलता था अथवा वे जब न्याय प्रणाली की पेंचीदगी से बचते हुए न्याय पाना चाहते थे, तो इसके लिए वे पोखूवीर से गुहार करते थे। क्षेत्रवासियों के अनुसार ऐसे में जो कोई भी दोषी होता है, उसे पोखूवीर किसी न किसी रूप में दंड अवश्य देते हैं।

पोखूवीर से जुड़ी प्राचीन कथाएं
यूं तो पोखूवीर से जुड़ी कई कथाएं क्षेत्र में प्रचलित हैं। एक कथा में जहां इन्हें किरिमर नामक राक्षस से जोड़ा जाता है। वहीं दूसरी एक प्रमुख कथा के अनुसार माना जाता है कि यही वभ्रूवाहन थे। जिनका श्रीकृष्ण ने महाभारत के युद्ध से ठीक पहले शीश काट दिया था। इस इलाके की खासियत है कि यहां कई स्थानों पर कौरवों की पूजा होती है। यहां तक कि दुर्योधन का मंदिर भी है। एक अन्य मंदिर में कर्ण की पूजा की जाती है।

ऐसा मंदिर जहां जिस ओर भी खड़े हों भक्त, दिखाई देते हैं भगवान

Posted: 21 Jan 2022 10:06 PM PST

Lord Narasimha

Lord Narasimha


यूं तो आपने कई शहरों की कई कहानियां सुनी ही होंगी, जैसे ग्वालियर शहर का नामकरण ही गालव ऋषि की तपभूमि होने के कारण माना जाता है, इसी तरह अधिकांश शहरों के नाम के पीछे भी वहां की अपनी कोई कहानी होती है। कोई महलों के लिए जाना जाता है तो कहीं प्राकृतिक सौंदर्य के नाम से शहर की पहचान होती है। वहीं मध्यप्रदेश का जिला नरसिंहपुर भगवान नृसिंह के नाम से जाना जाता है।

यहां बने एक मंदिर की ऐसी खास विशेषता है, जिसके बारे में जानकार आप भी चौंक जाएंगे। दरअसल यहां मौजूद प्रतिमा को आप चाहे पास से देखें या 100 फीट दूर से इसके दर्शन करें, आपको हर जगह से प्रतिमा के दर्शन तो होंगे ही साथ ही प्रतिमा की दृष्टि भी आपकी ओर ही रहेगी।

दरअसल नरसिंहपुर में बना यह नृसिंह मंदिर करीब 6 सदी पुराना है। जिसे एक जाट राजा ने अपने आराध्य के लिए बनवाया था। उसी से इस शहर का नाम पड़ गया। इस मंदिर में एक तलघर या गर्भ गृह भी मौजूद हैं, जो साल में केवल एक बार ही पूजन के लिए खुलता है।

इतिहासकारों के अनुसार नरसिंहपुर का नृसिंह मंदिर 600 साल से अधिक पुराना है। इसे उप्र के बुलंदशहर के जाट राजा नाथन सिंह ने बसाया था। वे यहां उप्र से आए थे तब मानिकपुर, नागपुर, कटनी तक पिंडारियों का आतंक था। तब नागपुर के राजा ने पिंडारियों के सरदार को पकड़कर लाने पर भारी इनाम रखा था।

ऐसा कहा जाता है कि उस समय जाट राजा नाथन सिंह बाहुबल से संपन्न व श्रेष्ठ योद्धा माने जाते थे, उन्होंने पिंडारियों के राजा को पकड़कर राजा के दरबार में पेश कर दिया।

तब नागपुर के राजा ने जाट राजा नाथन सिंह को 80 गांव समेत 200 घुड़सवार ईनाम में दिए थे। जिसमें वर्तमान नरसिंहपुर भी शामिल था। इसके बाद नाथन सिंह ने अपने ईष्ट देव भगवान नृसिंह का मंदिर बनवाया और उन्हीं के नाम से नरसिंहपुर बसाया।

मंदिर के पुजारियों के अनुसार मंदिर में विराजमान भगवान नृसिंह की प्रतिमा गर्भ गृह के एक स्तंभ पर विराजमान है। मंदिर का निर्माण वेदोक्त विधि से किया गया है। मंदिर के गर्भगृह को साल में नृसिंह जयंती के अवसर पर खोला जाता है। जहां विशेष पूजन अर्चन करने लोगों जाने का अवसर मिलता है। प्रतिमा की सबसे खास बात ये है कि जो भी श्रद्धालु यहां आते हैं वे पास से देखें या 100 फीट दूर सड़क पर खड़े होकर दर्शन करें, उन्हें प्रतिमा के दर्शन होंगे और प्रतिमा की दृष्टि उनकी ओर ही होगी।

अपने जज्बे और जुनून से भारत का नाम रौशन करने वाली नारियों की कहानियां

Posted: 21 Jan 2022 10:01 PM PST

Republic Day 2022
Republic Day 2022

भारत अपना 73वां गणतंत्र दिवस मनाने जा रहा है। 26 जनवरी 1950 को भारत का संविधान पूरे देश में लागू हुआ था। इस मौके पर हर साल 26 जनवरी को पूरा देश हर्षाल्लास से मनाता है। ब्रिटिश शासन से आजादी दिलाने में भारतीय नारियों का विशेष योगदान था, तो वहीं आजाद भारत के संविधान के निर्माण में 15 महिलाओं की अहम भूमिका थी। 
1947 के बाद से साल 2022 तक भारत को विश्व के सशक्त देशों की सूची में लाने और पूरी दुनिया में भारत का नाम रौशन करने में देश की मातृत्व शक्ति की भूमिका हमेशा ही सशक्त रही है। गणतंत्र दिवस के मौके पर महिला सशक्तिकरण का झंडा लहराने वाली कुछ प्रसिद्ध महिलाओं के बारे में यहां बताया जा रहा है। दुनियाभर के सामने इन महिलाओं के जज्बे, मेहनत और लगन के कारण ही भारत के हर नागरिक का सिर फक्र से उठता है। चलिए जानते हैं कुछ भारतीय नारियों की सफलता की कहानी।

Republic Day 2022
Republic Day 2022


अरुणिमा सिन्हा माउंट एवरेस्ट पर कई लोगों ने फतह की होगी लेकिन साल 2013 में भारत की पहली दिव्यांग महिला अरुणिमा सिन्हा ने माउंट एवरेस्ट पर पहुंच कर दुनियाभर में भारतीय महिलाओं की बल का परिचय दिया। साल 2011 में अरुणिमा सिन्हा को बदमाशों ने चलती ट्रेन से बाहर फेंक दिया। इस घटना में अरुणिमा बाएं पैर से अपंग हो गईं। लेकिन अरुणिमा ने हार नहीं मानी और अपनी मेहनत व लगन से दो साल बाद एवरेस्ट पर फतह कर ली। अरुणिमा के नाम कई और उपलब्धियां भी हैं। अरुणिमा अंटार्कटिका की सबसे ऊंची चोटी माउंट विंसन पर भारत की तिरंगा फहराकर दुनिया की पहली दिव्यांग महिला बन गईं। अरुणिमा वाॅलीबाॅल की राष्ट्रीय खिलाड़ी रह चुकी हैं। उन्हें पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।

 
Republic Day 2022
Republic Day 2022

कल्पना चावला भारत तकनीकी की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है। भारत के साथ ही देश की महिलाओं की भागीदारी भी तकनीकी और विज्ञान की तरफ उतनी ही बढ़ रही है। कल्पना चावला इस दिशा में पहला कदम रखने वाली महिला हैं। अंतरिक्ष में जाने वाली भारतीय मूल की पहली महिला कल्पना चावला हैं। उनकी इस उपलब्धि पर पूरे देश को मान है।

 
Republic Day 2022
Republic Day 2022

अवनी चतुर्वेदी मध्य प्रदेश के रीवा में जन्मी अवनी चतुर्वेदी भारत की पहली महिला फाइटर पायलट हैं। अवनी के साथ ही मोहना सिंह और भावना कांत को भी भारतीय वायुसेना में लड़ाकू स्क्वाड्रन चुना गया था। इन तीन महिलाओं के चयन से पहले भारतीय वायुसेना में महिलाओं को फाइटर प्लेन उड़ाने की अनुमति नहीं थी।साल 2018 अकेले MiG-21 लड़ाकू विमान उड़ाने के बाद अवनी पहली भारतीय महिला पालट बन गईं। इस समय भारत के बेड़े में सबसे दमदार लड़ाकू विमान राफले शामिल हो गया है, जिसे उड़ाने के लिए पहली महिला पायलट के तौर पर शिवांगी सिंह का चयन हुआ है। शिवांगी सिंह नौसेना की पहली महिला पायलट हैं।

Republic Day 2022
Republic Day 2022

साल 2018 में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) में पहली भारतीय मुख्य अर्थशास्त्री की नियुक्त हुई, जिनका नाम है गीता गोपीनाथन। गीता गोपीनाथ ने हार्वर्ड से अर्थशास्त्र की पढ़ाई पूरी की है। गीता गोपीनाथ के नाम एक बड़ी उपलब्धि और है। वह मशहूर अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन के बाद हार्वर्ड के अर्थशास्त्र विभाग में स्थायी सदस्यता हासिल करने वाली दूसरी भारतीय हैं। असके अलावा गीता गोपीनाथ ने 2011 के वर्ल्ड इकॉनोमिक फोरम की ओर से यंग ग्लोबल लीडर का खिताब भी हासिल किया है। 2014 में आईएमएफ द्वारा जारी की गई दुनिया के 25 शीर्ष के अर्थशास्त्रियों की लिस्ट में गीता गोपीनाथ का भी नाम शामिल था।

आलू पेट की चर्बी कम करने में है फायदेमंद, डाइट में इस तरह करें शामिल

Posted: 21 Jan 2022 09:56 PM PST

potato-reduce-belly-fat
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वजन घटाने और पेट की चर्बी को कम करने के लिए सही और पोषक आहार लेना होता है। इसके लिए एक मीन प्लान की जरूरत होती है, जिसमें आप वजन को घटाने वाले खाद्य पदार्थों को शामिल करते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि किन खाद्य पदार्थों को खाने से पेट की चर्बी कम होती है। वजन कम करने के लिए आपको अलग से कोई खास आहार लेने की जरूरत नहीं होती। रोजाना आपके आहार में इस्तेमाल होने वाली एक खाद्य सामग्री तेजी से वजन कम करने में फायदेमंद होती है। आलू वजन कम करने में बहुत फायदेमंद होता है। आलू में विटामिन, खनिज, फाइबर और कई पोषक तत्व पाए जाते हैं। आलू केवल पेट की चर्बी नहीं कम करता, साथ ही कैंसर जैसी बीमारियों के खतरे को दूर करने और पाचन में भी मदद करता है। वजन कम करने के लिए आलू इसलिए भी बढ़िया विकल्प है क्योंकि यह वसा रहित और कम कैलोरी का होता है। लेकिन वजन कम करने में आलू का सेवन कैसे किया जाए ये जानना जरूरी है। चलिए जानते हैं आलू के सेहतमंद फायदे और आलू के सेवन का तरीका।

आलू में पाए जाने वाले पोषक तत्व कहते हैं कि सेहत के लिए सफेद नुकसानदायक होता है। जैसे -चीनी, चावल और नमक, लेकिन आलू सफेद हो या मीठा हो, वजन घटाने में मददगार है। आलू में केले से भी ज्यादा पोटेशियम होता है। आलू में वसा और कम कैलोरी होती है।

आलू खाने के फायदे मात्र सादे उबले आलू के सेवन से लंबे समय तक पेट भरा महसूस होता है और जल्दी भूख नहीं लगती है। इससे वजन कम होने में मदद मिलती है।

मोटे लोगों को 'अपच' की समस्या हो सकती है, भोजन पचाने में आलू फायदेमंद है।

आलू कैंसर की बीमारी के खतरे को दूर रखता है।

आलू में ऐसे यौगिक होते हैं जो भूख को नियंत्रित, इंसुलिन, सूजन और नींद को प्रभावित करते हैं।

आलू के सेवन का तरीका

-आहार एवं पोषण विशेषज्ञ के मुताबिक, रोजाना भरपूर मात्रा में आलू खाए। लेकिन आलू के सेवन के दौरान किसी अन्य आहार को अपने भोजन में न शामिल करें।

-आलू को कई तरीके से खाया जा सकता है। उबले आलू के सेवन के अलावा आप आलू को बैक या स्टीम करते खा सकते हैं। लेकिन इस तरह के आलू को खाने से पहले 24 घंटे के लिए उसे फ्रिज में रख दें।

-आप चाहें तो आलू में बहुत कम मात्रा में सी साल्ट या सेंधा नमक मिला सकते हैं। लेकिन अधिक नमक का सेवन न करें।

-आलू की डाइट के दौरान आप बिना दूध या चीनी की ब्लैक टी, हर्बल टी, ब्लैक कॉफी और पानी पी सकते हैं।

-इस डाइट को करते समय भारी व्यायाम न करके हल्के व्यायाम करने चाहिए

'सोते-सोते' भी बढ़ा सकते हैं शरीर की इम्युनिटी, इन बातों को भी ध्यान में रखना जरूरी

Posted: 21 Jan 2022 10:28 PM PST

how-good-sleep-improves-immunity
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कोरोना संक्रमण के इस दौर में जिस एक चीज पर लोगों को विशेष ध्यान देने की सलाह दी जा रही है, वह है शरीर की मजबूत इम्युनिटी। अध्ययनों से पता चलता है कि जिन लोगों की इम्युनिटी मजबूत होती है, उनमें न सिर्फ कोरोना, बल्कि अन्य कई तरह के संक्रमण का जोखिम भी कम होता है। पिछले दो साल से शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने को लेकर हम तमाम तरह के उपाय करते आ रहे हैं, काढ़े के सेवन से लेकर नियमित व्यायाम तक। पर अगर कोई आपसे कहे कि सोते-सोते भी शरीर का इम्युनिटी को बढ़ा सकते हैं, तो क्या आप इस बात पर विश्वास कर पाएंगे?

आप विश्वास करें न करें, लेकिन अध्ययनों में भी इसके प्रमाण मिलते हैं कि अच्छी नींद लेकर भी आप शरीर की इम्युनिटी को बढ़ा सकते हैं। प्रतिरक्षा प्रणाली को स्वस्थ और मजबूत बनाए रखने के लिए स्वस्थ और पौष्टिक आहार के साथ-साथ अच्छी नींद लेना भी आवश्यक माना जाता है। आइए आगे की स्लाइडों में जानते हैं कि आखिर अच्छी नींद और इम्युनिटी का क्या संबंध हो सकता है, साथ ही प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूती देने के लिए और किन-किन बातों को ध्यान में रखा जाना चाहिए, ताकि कोरोना के इस दौर में खुद को स्वस्थ रखा जा सके।

इम्युनिटी के लिए जरूरी है अच्छी नींद
कई अध्ययनों में रात की अच्छी नींद को मजबूत इम्युनिटी के लिए आवश्यक बताया गया है। जर्मनी के शोधकर्ताओं ने एक अध्ययन में पाया कि अच्छी नींद टी सेल्स प्रतिरक्षा कोशिकाओं में सुधार करती है, जोकि इम्युनिटी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। टी कोशिकाएं वे प्रतिरक्षा कोशिकाएं हैं जो इंट्रासेल्युलर रोगजनकों से लड़ती हैं। शोधकर्ताओं का कहना है कि अच्छी नींद लेने से टी कोशिकाओं की संख्या में इजाफा होता है, जिससे संक्रमण की स्थिति में शरीर रोगजनकों से आसानी से मुकाबला कर सकता है। वयस्कों को रोजाना रात में 7-9 घंटे की अच्छी नींद जरूर लेनी चाहिए।

आहार की महत्वपूर्ण भूमिका
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक इम्युनिटी को मजबूती देने के लिए अच्छी नींद के साथ-साथ स्वस्थ और पौष्टिक आहार का सेवन करना भी महत्वपूर्ण माना जाता है। इसके लिए भोजन में हरी सब्जियां, फल, फलियां, साबुत अनाज, लीन प्रोटीन और स्वस्थ वसा को जरूर शामिल करें। आहार में विटामिन सी-डी, आयरन, फाइबर, प्रोटीन और अन्य खनिजों से युक्त चीजों को शामिल करके प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाया जा सकता है। ज्यादा तले-भुने और प्रोसेस्ड चीजों के सेवन से परहेज किया जाना चाहिए।

शारीरिक रूप से रहें एक्टिव
शारीरिक रूप से एक्टिव रहना भी शरीर की इम्युनिटी को बढ़ाने के लिए आवश्यक माना जाता है। इसके लिए नियमित रूप से व्यायाम या योगासनों को जीवनशैली में शामिल किया जा सकता है। नियमित व्यायाम, प्रतिरक्षा समारोह में सुधार करने के साथ रक्त परिसंचरण को बढ़ाने में मददगार हो सकते हैं। अध्ययनों से पता चलता है कि रोजाना कम से कम 30 मिनट के मध्यम स्तरीय व्यायाम करने से प्रतिरक्षा प्रणाली को उत्तेजित करने में मदद मिलती है।

तनाव-चिंता को कम करें
तमाम तरह के उपायों के साथ इम्युनिटी को बढ़ाने के लिए मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखना भी आवश्यक माना जाता है। अध्ययनों से पता चलता है कि अधिक तनाव-चिंता करने वाले लोगों की प्रतिरक्षा प्रणाली अन्य लोगों की तुलना में कमजोर हो सकती है। अधिक तनाव की स्थिति में शरीर में कुछ ऐसे हार्मोन का स्राव होता है जो इम्युनिटी के लिए नुकसानदायक हो सकता है। यही कारण है कि सभी लोगों को तनाव को प्रतिबंधित करने के उपाय करते रहने की सलाह दी जाती है।

इन दवाओं के इस्तेमाल पर रोक, खांसी बने रहने पर करना होगा यह काम

Posted: 21 Jan 2022 09:51 PM PST

Covid Treatment Guidelines
Covid Treatment Guidelines

पिछले एक महीने में देशभर में कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट का संक्रमण तेजी से बढ़ा है। कोरोना के इस संक्रामक वैरिएंट के कारण पिछले एक हफ्ते से रोजाना के संक्रमितों के आंकड़े में भारी उछाल देखने को मिल रहा है। पिछले 24 घंटे में देश में कोरोना के 2.38 लाख से ज्यादा नए मामले रिकॉर्ड किए गए, वहीं ओमिक्रॉन के केस भी 8 हजार के आंकड़े को पार कर गए हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, फिलहाल राहत की बात यह है कि ज्यादातर संक्रमितों में हल्के-मध्यम लक्षण ही देखे जा रहे हैं और बिना अस्पताल जाए भी लोग आसानी से ठीक हो रहे हैं। ओमिक्रॉन संक्रमितों को फिलहाल विशिष्ट उपचार की भी जरूरत नहीं हो रही है।

इस बीच सोमवार को देश की शीर्ष चिकित्सा अनुसंधान संस्था इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) ने कोविड-19 के प्रबंधन के लिए नए उपचार दिशानिर्देश जारी किए हैं। इसमें इलाज के लिए अब तक प्रयोग में लाई जा रही कुछ दवाओं में कटौती की गई है। नई गाइडलाइंस के मुताबिक कोरोना संक्रमितों के इलाज के लिए रेमेडिसविर और इम्यूनोसप्रेसिव दवा टोसीलिज़ुमैब के इस्तेमाल में कटौती की गई है। रेमेडिसविर दवा की, कोरोना की दूसरी लहर के दौरान मांग काफी बढ़ गई थी। आइए आगे की स्लाइडों में जानते हैं कि कोविड रोगियों के इलाज के लिए अब नए नियम क्या हैं?

रेमडेसिविर इंजेक्शन को लेकर नई गाइडलाइंस - 

सिर्फ गंभीर रोगियों को रेमडेसिविर की जरूरत
कोविड के इलाज के लिए जारी की गई नई गाइडलाइंस के मुताबिक अब हर रोगी को इलाज के दौरान रेमडेसिविर देने की आवश्यकता नहीं है। इसका प्रयोग सिर्फ उन्हीं लोगों पर किया जा सकता है जिनमें लक्षण दिखते हुए 10 दिनों से अधिक का समय बीत गया हो और उन्हें ऑक्सीजन की जरूरत महसूस हो रही हो। गाइडलाइंस में कहा गया है कि कोविड-19 के कारण अस्पताल में भर्ती मरीजों के इलाज में पांच दिनों के लिए रेमेडिसविर को प्रयोग में लाया जा सकता है। हालांकि पांच दिनों से अधिक के इलाज के लिए इसके लाभ के कोई सबूत नहीं हैं। इसके उपयोग को लेकर विशेष सावधानी बरतने की भी आवश्यकता है।

खांसी बनी रहे तो कराएं टीबी की जांच
दिशानिर्देशों में यह भी बताया गया है कि यदि हल्के लक्षण वाले रोगियों में भी खांसी की समस्या दो से तीन सप्ताह से अधिक समय तक बनी रहती है, तो इसके लिए टीबी की जांच कराई जानी चाहिए। नए प्रोटोकॉल में गंभीर बीमारी या मृत्यु दर के लिए उच्च जोखिम वाली श्रेणी के तहत टीबी रोगियों को भी शामिल किया गया है। ऐसे रोगियों पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी गई है।

स्टेरॉयड को लेकर भी बरतें सावधानी
कोविड रोगियों के इलाज के लिए स्टेरॉयड के इस्तेमाल को लेकर भी नए दिशानिर्देश जारी किए गए हैं। इसके मुताबिक जिन रोगियों को ऑक्सीजन की जरूरत नहीं है उन्हें स्टेरॉयड के इंजेक्शन की कोई आवश्यकता नहीं है। इसके लाभ के कोई सबूत नहीं मिले हैं। कोरोना की दूसरी लहर के दौरान स्टेरॉयड की मांग में भी भारी वृद्धि देखने को मिली थी। नए दिशानिर्देशों के अनुसार स्टेरॉयड के उपयोग को लेकर विशेष सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता है।

ब्लड शुगर की भी जांच करा लें
नवीनतम दिशानिर्देशों में गंभीर और मध्यम लक्षण वाले रोगियों के लिए लेबोरेटरी मॉनीटरिंग प्रोटोकॉल के तहत ब्लड शुगर की जांच कराने की भी सलाह दी गई है। इससे पहले के प्रोटोकॉल में सीआरपी और डी-डिमर, पूर्ण रक्त गणना (सीबीसी), किडनी फंक्शन टेस्ट (केएफटी), लिवर फंक्शन टेस्ट (एलएफटी) और आईएल -6 लेवल मॉनीटरिंग का सुझाव दिया गया था। फिलहाल कोविड के जिन रोगियों में लक्षण बने हुए हैं उन्हें होम आइसोलेशन में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।

बेटियों को अच्छे स्कूल में पढ़ाने के लिए देर रात तक टैक्सी चलाती हैं मीनाक्षी

Posted: 21 Jan 2022 09:34 PM PST

बेटियों को अच्छे स्कूल में पढ़ाने के लिए देर रात तक टैक्सी चलाती हैं मीनाक्षी

शिमला की सड़कों पर रात के अंधेरे में कोई महिला टैक्सी चालक आपसे पूछे कि सर क्या आपको टैक्सी चाहिए। तो चौंकिएगा नहीं। यह शिमला की पहली महिला टैक्सी चालक मीनाक्षी होंगी। कोरोना काल में आर्थिक संकट के बीच बेटियों की पढ़ाई अच्छे स्कूल में जारी रहे, इसके लिए शिमला की मीनाक्षी ने टैक्सी का स्टेयरिंग थाम लिया। मुश्किल वक्त निकल गया और अब भी मीनाक्षी गर्व के साथ शिमला में टैक्सी चला रही हैं।

लोअर पंथाघाटी के दोची में रहने वाली मीनाक्षी नेगी शिमला की पहली ग्रेजुएट टैक्सी चालक हैं। अब शिमला लोकल ही नहीं सवारियों को लेकर चंडीगढ़ और दिल्ली के भी चक्कर लगा आती हैं। मीनाक्षी का कहना है कि हिमाचल में महिलाएं सुरक्षित हैं इसलिए रात में भी टैक्सी चलाने में डर नहीं लगता।

मीनाक्षी ने बताया कि चार सालों से गाड़ी चला रही हैं। पहले अपनी आल्टो कार में बेटियों को स्कूल छोड़ती थी। पड़ोसियों ने आग्रह किया कि हमारे बच्चों को भी स्कूल छोड़ दिया करो, तुम्हारे साथ बच्चे सुरक्षित रहेंगे। बच्चों की संख्या बढ़ी तो बड़ी इक्को गाड़ी खरीद ली। गाड़ी खरीद कर 10 ही दिन हुए थे कि स्कूल बंद हो गए।

गाड़ी की किस्तें तो निकालनी थी इसलिए बतौर टैक्सी गाड़ी चलानी शुरू कर दी। महिला होने के कारण शुरू में अन्य टैक्सी संचालकों ने स्वीकार नहीं किया। लोगों की बातें सुननी पड़ी, लेकिन अब स्थितियां सुधर गई हैं। दूसरे टैक्सी संचालक भी सहयोग करने लगे हैं। लिफ्ट के पास से देर शाम तक सवारियां उठाती हूं। लोग अपने परिवारों को लाने ले जाने के लिए फोन कर बुलाते हैं।

कई बार रात 12 बजे तक टैक्सी चलाती हैं मीनाक्षी सुबह नौ बजे टैक्सी लेकर मीनाक्षी घर से निकलती हैं और रात आठ बजे के बाद घर लौटती हैं। बुकिंग हो तो सुबह 5 से रात 12 बजे तक भी गाड़ी चला लेती हैं। मीनाक्षी की दो बेटियां हैं। बड़ी 12वीं और छोटी 8वीं में पढ़ती है। मीनाक्षी का कहना है कि परिजनों के आशीर्वाद और टैक्सी ऑपरेटरों की वजह से ही इस पेशे में आगे बढ़ पा रही हैं।

महिलाएं आत्मनिर्भर बनना चाहें तो करूंगी मदद मीनाक्षी का कहना है कि महिलाएं आत्मनिर्भर बनना चाहें तो मैं मदद करने को तैयार हूं। अगर कोई महिला टैक्सी चलाना चाहती है तो मैं गाड़ी फाइनेंस करने में मदद करने को तैयार हूं। टैक्सी चला कर गाड़ी की किस्त, खर्चे निकालो और अपनी कमाई भी करो। मीनाक्षी ने बताया की शहर की कुछ महिलाएं उनके संपर्क में हैं जो टैक्सी चलाना चाहती हैं।

हिमाचल: दो दिन भारी बारिश-बर्फबारी का अलर्ट, इन जिलों में बिजली गिरने की संभावना

Posted: 21 Jan 2022 09:30 PM PST

हिमाचल: दो दिन भारी बारिश-बर्फबारी का अलर्ट, इन जिलों में बिजली गिरने की संभावना

हिमाचल प्रदेश में मौसम एक बार फिर करवट ले रहा है। सूबे में अलह-अलग स्थानों पर रुक-रुक कर हो रही बारिश बर्फ़बारी के बीच सूबे में एक बार फिर से मौसम खराब होने का अलर्ट जारी किया गया है। शिमला स्थित मौसम विज्ञान केंद्र द्वारा 25 जनवरी तक मौसम खराब रहने का पूर्वानुमान जताया गया है।

हिमाचल में मौसम की आज की अपडेट के अनुसार 22 और 23 जनवरी को कुछ क्षेत्रों में गरज के बिजली गिरने और भारी बारिश की संभावना है। साथ ही ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भारी बर्फबारी हो सकती है। ऐसे में दो दिन हिमाचल के पहाड़ी क्षेत्रों में संभलकर यात्रा करें।
 
इन क्षेत्रों में बर्फ़बारी की संभावना पश्चिमोत्तर भारत को प्रभावित करने वाले पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के चलते 22 जनवरी को ऊना, बिलासपुर, चंबा, कांगड़ा और कुल्लू जिलों में गरज के साथ बिजली गिरने और भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। इसके साथ ही किन्नौर, लाहुल-स्पीति और चंबा, कुल्लू और कांगड़ा जिला के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भारी बर्फबारी की संभावना है।

23 तारीख को इन जिलों में बिजली गिरने की संभावना वहीं, 23 जनवरी को बिलासपुर, चंबा, कांगड़ा, कुल्लू और मंडी जिलों में गरज के साथ बिजली गिरने और भारी बारिश का अनुमान है। चंबा, कांगड़ा, कुल्लू और मंडी के ऊंचाई वाले क्षेत्रों व किन्नौर व लाहौल स्पीति में भारी बर्फबारी की संभावना है। ऐसे में पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की संभावना जताई है। साथ ही दृष्यता की स्थिति में कमी आ सकती है। सुबह और शाम सावधानी से यात्रा करें।

हिमाचल: एक और कार अनियंत्रित होकर खाई में लुढकी, पति-पत्नी थे सवार

Posted: 21 Jan 2022 09:26 PM PST

हिमाचल: एक और कार अनियंत्रित होकर खाई में लुढकी, पति-पत्नी थे सवार

मंडीः हिमाचल प्रदेश में कार के अनियंत्रित होकर खाई में लुढ़कने के चलते दंपत्ति के घायल होने की खबर सामने आई है। मामला प्रदेश के मंडी जिले स्थित बीएसएल पुलिस थाने के तहत आते जयदेवी के समीप का है।

घायलों की पहचान 39 वर्षीय चालक संदीप शर्मा पुत्र राजकुमार चुराग तहसील करसोग व उसकी पत्नी 31 वर्षीय पूनम शर्मा के तौर पर हुई है। मिली जानकारी के मुताबिक कार नंबर- HP30-2575 में सवार होकर पति-पत्नी कहीं जा रहे थे।
 
रास्ते में खोया नियंत्रण, नेरचौक में चल रहा इलाज इस दौरान रास्ते में जब वे जयदेवी के समीप पहुंचे तो चालक कार पर से अपना नियंत्रण खो बैठा। इस वजह से कार अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरी। इस हादसे में कार सवार पति-पत्नी गंभीर रुप से घायल हो गए। वहीं, हादसे की आवाज सुनकर मौके पर पहुंचे स्थानीय लोगों ने दोनों को उपचार हेतु मेडिकल कॉलेज नेरचौक पहुंचाया। जहां वे उपचाराधीन हैं।

उधर, हादसे की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने घटना स्थल का जायजा लिया। इसके साथ ही हादसे के संबंध में मामला दर्ज कर आगामी कारवाई अमल में लाई जा रही है। मामले की पुष्टि करते हुए एसपी मंडी शालिनी अग्निहोत्री ने की है।

यहां देवी माता की मूर्ति दिन में तीन बार बदलती है अपना रूप और करतीं हैं चारों धाम की रक्षा

Posted: 20 Jan 2022 10:10 PM PST

यहां देवी माता की मूर्ति दिन में तीन बार बदलती है अपना रूप और करतीं हैं चारों धाम की रक्षा

रहस्यमय और प्राचीन मंदिरों की देश में कोई कमी नहीं है। ऐसा ही एक मंदिर उत्तराखंड के श्रीनगर से करीब 14 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, जहां हर दिन एक चमत्कार होता है, जिसे देखकर लोग हैरान हो जाते हैं। इस मंदिर को लेकर ये भी मान्यता है कि इस मंदिर में मौजूद देवी ने ही उत्तराखंड के धाम में बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धामों को धारण कर रखा है।

कहते हैं कि जब भी इन चारों धामों को धारण करने वाली इस देवी के मंदिर में कोई या किसी भी प्रकार का परिवर्तन किया जाता है, तो उत्तराखंड के चारों धाम में जलजला आ जाता है। यहां तक की ये चारों धाम हिल जाते हैं।

वहीं इस मंदिर में मौजूद माता की मूर्ति दिन में तीन बार अपना रूप बदलती है। मूर्ति सुबह में एक कन्या की तरह दिखती है, फिर दोपहर में युवती और शाम को एक बूढ़ी महिला की तरह नजर आती है। यह नजारा वाकई हैरान कर देने वाला होता है। कहते हैं मां धारी की प्रतिमा सुबह एक बच्चे के समान लगती है, दोपहर में उनमें युवा स्त्री की झलक मिलती है, जबकि शाम होते-होते प्रतिमा बुजुर्ग महिला जैसा रूप धर लेती है। कई श्रद्धालुओं की ओर से प्रतिमा में होने वाले परिवर्तन को साक्षात देखने का दावा भी किया जाता है।

इस मंदिर को उत्तराखंड के चार धामों को धारण के कारण ही धारी देवी मंदिर के नाम से जाना जाता है। यह मंदिर नदी के ठीक बीचों-बीच स्थित है। दरअसल देवी काली को समर्पित इस मंदिर के बारे में मान्यता है कि यहां मौजूद मां धारी उत्तराखंड के चारधाम की रक्षा करती हैं। इस माता को पहाड़ों और तीर्थयात्रियों की रक्षक देवी माना जाता है।

एक पौराणिक कथा के अनुसार, एक बार भीषण बाढ़ में यह माता की मूर्ति भी बह गई और वह धारो गांव के पास एक चट्टान से टकराकर रुक गई। कहते हैं कि उस मूर्ति से एक ईश्वरीय आवाज भी निकली, जिसने गांव वालों को उस जगह पर मूर्ति स्थापित करने का निर्देश दिया। इसके बाद गांव वालों ने मिलकर वहां माता का मंदिर बना दिया। पुजारियों की मानें तो मंदिर में मां धारी की प्रतिमा द्वापर युग से ही स्थापित है।

कहते हैं कि श्रीनगर में चल रहे हाइडिल-पॉवर प्रोजेक्ट के लिए मां धारी के मंदिर का स्थान परिवर्तन साल 2013 में किया गया था और उनकी मूर्ति को उनके मूल स्थान से हटा दिया गया था, इसी वजह से प्रतिमा हटाने के कुछ घंटे बाद ही केदारनाथ में तबाही आ गई थी। साथ ही उस साल उत्तराखंड में भयानक बाढ़ आई थी, जिसमें हजारों लोग मारे गए थे।

माना जाता है कि धारा देवी की प्रतिमा को 16 जून 2013 की शाम को हटाया गया था और उसके कुछ ही घंटों बाद राज्य में आपदा आई थी। बाद में उसी जगह पर फिर से मंदिर का निर्माण कराया गया।

बुजुर्गों का कहना है केदारनाथ विपदा का कारण मंदिर को तोड़कर मूर्ति को हटाया जाना है। ये प्रत्यक्ष देवी का प्रकोप है। पहाड़ के लोगों में यह मान्यता है कि पहाड़ के देवी-देवता जल्द ही रुष्ट हो जाते हैं और अपनी शक्ति से कैसी भी विनाशलीला रच डालते हैं। शाम छह बजे मूर्ति को उसके मूल स्थान से हटाया गया और रात्रि आठ बजे तबाही शुरू हो गई। उत्तराखंड के चारों धामों को यह मंदिर अपने में धारण किए हुए हैं। यहां तक की इन चारों धाम में आने वाली किसी आफत के संबंध में इस धारी देवी मां के मंदिर में संकेत मिलने शुरू हो जाते हैं।

धारी देवी मंदिर, देवी काली माता को समर्पित एक हिंदू मंदिर है। धारी देवी को उत्तराखंड की संरक्षक व पालक देवी के रूप में माना जाता है। धारी देवी का पवित्र मंदिर बद्रीनाथ रोड पर श्रीनगर और रुद्रप्रयाग के बीच अलकनंदा नदी के तट पर स्थित है। धारी देवी की मूर्ति का ऊपरी आधा भाग अलकनंदा नदी में बहकर यहां आया था तब से मूर्ति यही पर है। तब से यहां देवी "धारी" के रूप में मूर्ति पूजा की जाती है।

मूर्ति की निचला आधा हिस्सा कालीमठ में स्थित है, जहां माता काली के रूप में आराधना की जाती है। मां धारी देवी जनकल्याणकारी होने के साथ ही दक्षिणी काली मां भी कहा जाता है। पुजारियों के अनुसार कालीमठ और कालीस्य मठों में मां काली की प्रतिमा क्रोध मुद्रा में है, परन्तु धारी देवी मंदिर में मां काली की प्रतिमा शांत मुद्रा में स्थित है ।

मंदिर में मां धारी की पूजा-अर्चना धारी गांव के पंडितों द्वारा किया जाता है। यहां के तीन भाई पंडितों द्वारा चार-चार माह पूजा अर्चना की जाती है। मंदिर में स्थित प्रतिमाएँं साक्षात व जाग्रत के साथ ही पौराणिककाल से ही विधमान है। धारी देवी मंदिर में भक्त बड़ी संख्या में पूरे वर्ष मां के दर्शन के लिए आते रहते हैं।

दरअसल देवभूमि उत्तराखंड में देवी दुर्गा की अलग-अलग रूपों में पूजा होती है। ऐसे में बद्रीनाथ जाने वाले रास्ते में देवभूमि के श्रीनगर से 15 किमी दूरी पर कलियासौड़ में अलकनन्दा नदी के किनारे सिद्धपीठ मां धारी देवी का मंदिर स्थित है। जिन्हें छोटे चार धाम को धारण करने वाला माना जाता है। इनका नाम धारण करने वाली देवी के नाम से ही धारी देवी पड़ा।

घर की सफाई में भी जरूरी हैं वास्तु नियम, ध्यान रखने से नहीं होगी धन की कमी

Posted: 20 Jan 2022 10:06 PM PST

घर की सफाई में भी जरूरी हैं वास्तु नियम, ध्यान रखने से नहीं होगी धन की कमी

कहते हैं मां लक्ष्मी (Maa Lakshmi) वहीं वास करती हैं, जिस घर में साफ-सफाई होती है. घर में साफ-सफाई से न केवल मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है. बल्कि घर में सकारात्मक ऊर्जा (Positive Energy) का आगमन होता है. साथ ही, मन, शरीर, सेहत और परिवार के सदस्यों की तरक्की भी प्रभावित होती है. वास्तु शास्त्र (Vastu Shastra) में भी घर की साफ-सफाई को लेकर काफी जोर दिया गया है. वास्तु जानकारों का कहना है कि घर की साफ-सफाई के समय अगर कुछ नियमों का पालन किया जाए, तो इससे व्यक्ति की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है. आइए जानते हैं घर की साफ-सफाई के कुछ जरूरी नियमों के बारे में.

वास्तु के अनुसार साफ-सफाई के नियम (Vastu Tips for Cleaning)

1. इस समय न करें सफाई वास्तु शास्त्र का मानना है कि घर में कभी भी ब्रह्ममुहूर्त में या फिर सूर्यास्त के समय झाड़ू नहीं लगानी चाहिए. झाड़ू लगाने का सही समय ब्रह्ममुहूर्त के बाद या फिर सूर्यास्त से पहले का है. अगर किसी वजह से झाड़ू लगानी भी पड़ जाती है, तो कूड़ा सुबह के समय ही फेंके. रात में कूड़े का ढेर बनाकर एक तरफ को कर दें. कहते हैं रात में झाड़ू लगाने से लक्ष्मी जी नाराज हो जाती हैं.

2. बाथरूम को साफ रखें घर के बाथरूम-टॉयलेट आदि को भी हमेशा साफ-सुथरा रखें. बाथरूम में कभी जाले न लगने दें. वास्तु के अनुसार अगर बाथरूम या टॉयलेट के कारण कोई वास्तु दोष हो तो बाथरूम में एक कटोरी में नमक भरकर रख दें और हर हफ्ते उसे बदलते रहें. ऐसा करने से घर के वास्तु दोष दूर हो जाते हैं.

3. घर के कोने साफ रखें वास्तु के अनुसार घर में मौजूद सभी कोनों को हमेशा साफ रखना जरूरी है. कहते हैं कि घर की उत्तर दिशा, ईशान कोण आदि को बिल्कुल साफ रखना चाहिए. या धन के देवता कुबेर वास करते हैं. खासतौर से ईशान कोण, उत्तर दिशा, वायव कोण को खाली और साफ रखें.

4. पानी में नमक डालकर पोंछा लगाएं वास्तु जानकारों का मानना है कि घर में मौजूद वास्तु दोष को दूर करने के लिए हफ्ते में एक दिन पोंछे के पानी में समुद्री नमक डालकर पोंछा लगाएं. इससे घर में नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है. लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि ये काम गुरुवार के दिन न करें.

5. छत पर न रखें कबाड़ घर की छत या बालकनी में कबाड़ रखने से भी घर में नकारात्मक ऊर्जा आती है. छत या छप्पर पर टूटी-फूटी, अनुपयोगी चीजें आदि इक्ट्ठा न करें. ऐसा करने से घर में निर्धनता आती है.

लक्ष्मी जी को प्रसन्न करने के लिए शुक्रवार को करें ये आरती

Posted: 20 Jan 2022 10:02 PM PST

लक्ष्मी जी को प्रसन्न करने के लिए शुक्रवार को करें ये आरती

पंचांग के अनुसार शुक्रवार का दिन विशेष है. शास्त्रों में इस दिन को लक्ष्मी जी को समर्पित बताया गया है. 21 जनवरी को संकष्टी चतुर्थी है. इस दिन को सकट चौथ के नाम से भी जाना जाता है. लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए आज का दिन महत्वपूर्ण है.

प्रात: 8 बजकर 54 मिनट पर तृतीया तिथि का समापन हो रहा है और चतुर्थी तिथि का आरंभ होगा. इस दिन सौभाग्य योग का निर्माण हो रहा है जो इस दिन के धार्मिक महत्व में वृद्धि कर रहा है. चंद्रमा का गोचर सिंह राशि में हो रहा है. इस दिन प्रात: 9 बजकर 43 मिनट तक मघा नक्षत्र रहेगा. इसके बाद पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र प्रारंभ होगा. इस दिन लक्ष्मी जी की आरती का पाठ जीवन में सुख-समृद्धि लाता है.

लक्ष्मी जी की आरती (Lakshmi Ki Aarti)
ओम जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।
तुमको निशदिन सेवत हरि विष्णु विधाता।।
ओम जय लक्ष्मी माता।
उमा, रमा, ब्रह्माणी, तुम ही जगमाता।
सूर्य, चंद्रमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता।।
ओम जय लक्ष्मी माता।
दुर्गा रूप निरंजनी, सुख संपत्ति दाता।
जो कोई तुमको ध्यावत, ऋद्धि-सिद्धि धन पाता।।
ओम जय लक्ष्मी माता।
तुम पाताल निवासनी, तुम ही शुभ दाता।
कर्म प्रभाव प्रकाशनी, भवनिधि की त्राता।।
ओम जय लक्ष्मी माता।
जिस घर में तुम रहतीं,सब सद्गुण आता।
सब संभव हो जाता, मन नहीं घबराता।।
ओम जय लक्ष्मी माता।
तुम बिन यज्ञ न होते, वस्तु न कोई पाता।
खान पान का वैभव सब तुमसे आता।।
ओम जय लक्ष्मी माता।
शुभ्र गुण मंदिर सुन्दर, क्षीरोदधि जाता।
रत्न चतुर्दश तुम बिन कोई नहीं पाता।।
ओम जय लक्ष्मी माता।
महालक्ष्मी जी की आरती जो कोई नर गाता।
उर आनंद समाता, पाप उतर जाता।।
ओम जय लक्ष्मी माता।
लक्ष्मी माता की जय, लक्ष्मी नारायण की जय।

जिन्दगी भर फेफड़ो को रखना है स्वस्थ तो करे इन चीजो का सेवन, सांस की बीमारी भी नही होगी

Posted: 20 Jan 2022 09:59 PM PST

जिन्दगी भर फेफड़ो को रखना है स्वस्थ तो करे इन चीजो का सेवन, सांस की बीमारी भी नही होगी

आज के समय में प्रदूषण की दिक्कत बहुत ही ज्यादा बढती ही जा रही है और इसके कारण बहुत से लोग है जिनको समस्याओं का सामना करना पड रहा है जो कि हम लोग काफी समय से देख भी रहे है कि चीजे कितने बुरे दौर से गुजरी है और आये दिन अस्थमा से लेकर ब्रोंकाइटिस समेत कई ऐसी सांस से जुडी दिक्कते है जो लोगो को हो रही है और ये किसी को भी अच्छा नही लगेगा कि उसके किसी करीबी को हो जाए. ऐसे में कुछ एक चीजे है जो आपके फेफड़ो को बेहतर बनाती है.

इसके लिये आसान सा उपाय है रात को मेथी के दाने भिगोकर के रख दे और सुबह आधे गिलास गुनगुने पानी में शहद और एक चुटकी लाल मिर्च पाउडर के साथ में इन मेथी के दानो का सेवन कर ले, इससे आपके फेफड़े काफी स्वच्छ और तरोताजा हो जाते है.

इसके अलावा अगर आप खाली पेट नारियल पानी और गाजर का ज्यूस पीते है तो वो भी आपके फेफड़ो को काफी अच्छा और मजबूत बनाने के लिए काम करता है.

आप साफ़ और मजबूत फेफड़ो के लिए अपनी डाइट में फिश, अखरोट, बादाम, किशमिश, चुकंदर और सेव का सेवन भी कर सकते है.

मगर ये भी एक लिमिट में ही किया जाना चाहिए और हर रोज बदल बदलकर के सेवन हो तो फिर तो और भी ज्यादा अच्छा है.

वही अगर आप वाकई में और अधिक अच्छा चाहते है तो फिर आप अनुलोम विलोम और कपाल भाँती प्राणायाम कर सकते है और इसके अलावा रोज सुबह सुबह तेज चलने से भी आपके फेफड़ो की क्षमता में वृद्धि होती है और वो प्रदूषण से भी काफी कम प्रभावित होते है जिसकी अपेक्षा हर कोई रखता है कि ये जो प्रदूषण वाली दिक्कत है वो उसके फेफड़ो को प्रभावित न करे और बस जीने दे.

लौंग के सेवन से दूर भागती हैं बीमारियां, रोजाना रात में खाएं और देखें फायदे

Posted: 20 Jan 2022 09:56 PM PST

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नई दिल्ली: अगर हमारी रसोई में मिलने वाली लौंग (Clove) की बात करें तो इसे डाल देने से भोजन का स्वाद और खुशबू दोनों बढ़ जाते हैं. लौंग औषधीय गुणों (Medicinal Property) से भी भरपूर होती है. इसके नियमित सेवन करने से सेहत से जुड़ी कई समस्याओं को दूर किया जा सकता है.

बीमारियों को खत्म करती है लौंग

औषधीय खूबियों की वजह से आयुर्वेद (Ayurveda) में लंबे समय से लौंग का इस्तेमाल होता रहा है. लौंग में फॉस्फोरस, सोडियम, पोटैशियम, विटामिन के, फाइबर, ओमेगा 3 फैटी एसिड, मैग्नीशियम, आयरन समेत कई पोषक तत्व पाए जाते हैं. साथ ही लौंग में एंटीबैक्टीरियल प्रॉपर्टीज (Antibacterial) भी होती हैं. जिसकी वजह से कई बीमारियों को जड़ से खत्म करने में लौंग मददगार साबित हो सकती है.

रोज रात को खाने से होता है फायदा

लौंग एक ऐसी आयुर्वेदिक तत्व है, जिसे हम कभी भी खा सकते हैं. इसे हम अक्सर भोजन में यूज करते ही हैं. अगर हम रात में सोने से पहले 2 लौंग (2 cloves before sleeping) को अच्छी तरह से चबा-चबाकर खाएं. उसके बाद फिर 1 गिलास गर्म पानी पी लें तो इससे हमारे शरीर को कई तरह से लाभ हो सकता है. ऐसा करने से कब्ज, पेट में दर्द, गैस और एसिडिटी जैसी पाचन से जुड़ी समस्याएं (Digestion Problem) दूर करने में मदद मिलती है.

दांतों में दर्द छूमंतर हो जाता है

अगर दांत में दर्द (Tooth Pain) की समस्या हो या दांतों में कीड़े लग गए हों. तब भी रात में सोने से पहले 2 लौंग को अच्छी तरह से चबाकर खाएं. फिर 1 गिलास गर्म पानी पी लें. लौंग खाने से शरीर की बीमारियों से लड़ने की क्षमता (Immunity) बढ़ती है. इसके सेवन से सिरदर्द की समस्या भी दूर होती है.

मुंह की बदबू भी दूर होती है

अगर आपको मुंह से बदबू आने की दिक्कत है तो रात में सोने से पहले लौंग खाना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है. अगर गले से जुड़ी कोई समस्या (Throat Problem) जैसे- गले में खराश, गले में दर्द, गला बैठ गया हो, गला खराब हो. इन सारी समस्याओं को भी लौंग दूर कर सकती है. रात में सोने से पहले 2 लौंग खाएं और उसके बाद 1 गिलास गर्म पानी पी लें.

लौंग का काढ़ा भी बना सकते हैं

अगर आप चबा-चबाकर लौंग नहीं खा पा रहे हैं तो आप उसे अच्छी तरह कूट लें. उसके बाद लौंग के पाउडर को 1 गिलास पानी में डालकर 2-3 मिनट तक उबालें और फिर हल्का ठंडा कर गुनगुना ही पिएं. इससे भी आपको सेहत से जुड़े कई फायदे होंगे. अगर बच्चों को कब्ज या सर्दी खांसी की समस्या हो गई है तो 1 लौंग को अच्छी तरह से कूट लें. उसके बाद आधा चम्मच शहद में डालकर बच्चों को खिला दें.

अजवाइन में ऐसा क्या है कि दोपहर में लेनी चाहिए लेकिन रात को नहीं

Posted: 20 Jan 2022 09:54 PM PST

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कौन कौन सी चीजें हैं जो हमारे वात पित्त और कफ तीनों को कंट्रोल कर सकती हैं ये तीनों सम भाग में रहे तो अच्छा है तो बागभट्ट जी कहते हैं कि रसोई से बाहर जाने की जरुरत नही है सब वहीं है बाग़भट्ट जी कहते हैं कि दुनिया का सबसे बड़ा औषधि केंद्र हमारा रसोई घर ही हैं जिसे हम रसोई में मसाला कहते हैं दरअसल वो औषधीयां ही हैं. मसाला शब्द हमारे देश का नही हैं ये एक अरबिक शब्द है हमारे देश का शब्द हैं औषधि हमारे देश के जितने भी दसवीं शताब्दी से पहले के पुराने शास्त्र हैं कहीं भी मसाला शब्द का प्रयोग नही हैं सभी जगह औषधि का यूज हुवा है. मुगलों के राज्य के बाद के शास्त्रों में मसाला शब्द का प्रयोग हुवा हैं सब जगह औषधि शब्द है जैसे जीरा औषधि धनिया औषधि.

ये सभी रसोई की जो भी औषधियां हैं. ये सब चिकित्सा के लिए है. हमारे पुराने समय की दादी नानी हैं जिन्होंने अपनी बेटी पोतियों को सब्जी में ये ओषधियों का यूज करना सिखाया कि कितना जीरा डालेगा, कितना हिंग डलेगा और दूसरी औषधियां कितनी डलेंगी.

वो सभी वैज्ञानिक और चिकित्सक थीं वे जानती थीं कि हर रोज हमारे शरीर में वात पित्त और कफ की मात्रा सम विषम होती रहती है जिस समय जो प्रकोप( वात, पित्त, कफ) बढता है उस समय की सब्जी में वो ही औषधि डाली जाती है जिससे की वह प्रकोप को कंट्रोल कर सके जैसे की दोपहर की सब्जी जो बनती है उसमें आजवाइन जरुर डाली जाती है और वोही सब्जी अगर रात को भी बनाई जाए तो उसमें आजवाइन नही डाली जाती क्योंकि आजवाइन पित्त नाशक है और दोपहर को पित्त भड़कता है जो की आजवाइन से कंट्रोल हो जाता है इसीलिए दोपहर को दहीं और मठठे में आजवाइन डाली जाती है

अंग्रेजों के आने के बाद हम उनके गुलाम हो गये जब हम जी डी पी का कैलकुलेशन करते हैं तो अंग्रेजों के तरीके से जब चोरी और भ्रस्टाचार बढ़ जाये तो पुलिस का खर्च बढ़ जाता है और हमारे देश की जी डी पी बढ़ जाती है लेकिन महिलाओं द्वारा रसोई में किये गये काम की तुलना कोई सरकार नही करती क्योंकि अंग्रेजों के यहाँ महिलाओं द्वारा किये गये काम को कोई महत्त्व नही दिया जाता

2000 साल तक युरोप में महिलाओं द्वारा किये गये काम के बदले उन्हें पुरूषों से दो गुना कम वेतन दिया जाता था आज भी कई देशों में ऐसा ही है क्योंकि वो लोग महिलाओं में आत्मा ही नही मानते महिला कुछ करे तो बेकार उर उनके यहाँ से यही सोच हमारे देश में आ गयी अंग्रेजो के 200 साल के समय में हमारे देश के सब दिमाग ख़त्म हो गये सोचना विचारना बंद हो गया और महिलाओं के काम को महत्त्व देना बंद कर दिया जो कैलकुलेशन वो ले आए उसे ही हम सबने मान लिया

लेकिन महिलाएं जो कर रही हैं वो किसी डॉक्टर से कम नही हैं बस फर्क इतना है की डॉक्टर को ये जानकारी देने के लिए हम फीस दे रहे है और दादी नानी फोकट में ये एडवाइस दे रही है की धनिया खाओ जीरा खाओ आजवाइन खाओ आपके पेट की गैस खत्म हो जाएगी साढे तीन हजार साल से महिलाएं आजवाइन का यूज कर रही हैं कि गैस ख़त्म हो जाएगी एसिडिटी ख़त्म हो जाएगी लेकिन कोई महत्त्व नही दिया जा रहा अगर आप सब्जी में आजवाइन नही डालते तो खाना खाने के बाद थोडा ले लें अगर आजवाइन सही नही बैठती तो उसे काले नमक के साथ लें उससे बैलेंस बैठ जायेगा और 3 दिन में आपकी गैस ख़त्म हो जाएगी बाग़भट्ट जी कहते हैं की हमारी रसोई में घी के बाद जो पित्त नाशक है वो है आजवाइन.

Jio के इन प्लान में मिलती है30 दिनों की वैधता, कम ही लोगों को है जानकारी

Posted: 20 Jan 2022 09:37 PM PST

Jio Recharge Plans For 30 Days
Jio Recharge Plans For 30 Days

पिछले छह साल से प्री-पेड प्लान की वैधता को लेकर बहस हो रही है कि 30 दिनों की कीमत में ग्राहकों को 28 दिनों की वैधता क्यों मिलती है, लेकिन अभी तक कोई निष्कर्ष नहीं निकला है। एयरटेल, जियो और वोडाफोन आइडिया तीनों कंपनियों ने 30 दिनों की वैधता खत्म कर दी है। अब इन कंपनियों के सभी प्लान के साथ 28 दिनों की वैधता मिल रही है, हालांकि रिलायंस जियो के पास अभी भी कई ऐसे प्लान हैं जिनमें 30 दिनों की वैलिडिटी मिलती है। जियो के 30 दिनों की वैधता वाले प्लान के बारे में बहुत ही कम लोगों को जानकारी है।

जियो का 181 रुपये वाला प्लान जियो के पास एक 181 रुपये का प्लान है जिसमें 30 दिनों की वैधता मिलती है। यह प्लान आपको वर्क फ्रॉम होम कैटेगरी में मिलेगा। इस प्लान को खासतौर पर ऐसे लोगों के लिए डिजाइन किया गया है जिन्हें अधिक डाटा की जरूरत होती है। इस प्लान में आपको 30 जीबी डाटा मिलेगा और रोज डाटा इस्तेमाल की कोई सीमा नहीं होगी यानी आप चाहें तो एक दिन में 30 जीबी डाटा खत्म कर दें या फिर हर दिन 1 जीबी डाटा खत्म करें। इस प्लान में कॉलिंग या मैसेजिंग की कोई सुविधा नहीं मिलेगी।

जियो का 241 रुपये वाला प्लान 
यह प्लान भी एक वर्क फ्रॉम होम प्लान है। इस प्लान में भी 30 दिनों की वैलिडिटी मिलती है। इस प्लान में कुल 40 जीबी डाटा मिलता है। जैसा कि यह एक वर्क फ्रॉम होम डाटा प्लान है, ऐसे में इसमें भी कॉलिंग या मैसेजिंग की कोई सुविधा नहीं मिलेगी।

जियो का 296 रुपये वाला प्लान 
जियो के इस प्लान में भी 30 दिनों की वैलिडिटी मिलती है। इस प्लान के साथ सबसे अच्छी बात यह है कि इसमें आपको अनलिमिटेड कॉलिंग मिलती है। जियो का यह इकलौता प्लान है जिसमें अनलिमिटेड कॉलिंग के साथ 30 दिनों की वैधता मिलती है। जियो के इस प्लान में 25 जीबी डाटा और रोज 100 मैसेज भी मिलते हैं।

जियो का 301 रुपये वाला प्लान जियो के इस प्लान की वैलिडिटी भी 30 दिनों की है। जियो के इस प्लान में 50 जीबी डाटा मिलता है जिसके इस्तेमाल करने की प्रतिदिन कोई लिमिट नहीं है। इस प्लान के साथ कॉलिंग और मैसेजिंग की सुविधा नहीं मिलती है।

BSF में नौकरी का मौका, कांस्टेबल के 2788 पद खाली, जानिए कितनी मिलेगी सैलरी

Posted: 20 Jan 2022 09:30 PM PST

BSF Constable Recruitment 2022
BSF Constable Recruitment 2022

देश की रक्षा और सेवा करने का जज्बा रखने वाले युवाओं के लिए सुनहरा अवसर है। सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) कांस्टेबल के पदों के लिए भर्ती करने की तैयारी कर रही है, जिसके लिए बीएसएफ ने नोटिफिकेशन जारी करते हुए आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों से आवेदन आमंत्रित किए हैं। योग्य उम्मीदवार बीएसएफ की आधिकारिक साइट के जरिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

उम्मीदवारों को बीएसएफ की आधिकारिक साइट bsf.gov.in पर विजिट करके ऑनलाइन एप्लीकेशन भरना होगा। वहीं कांस्टेबल पद के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि रोजगार समाचार में विज्ञापन के प्रकाशन की तिथि से 45 दिनों के भीतर है। यह भर्ती 2788 पदों के लिए निकाली गई है।

BSF कांस्टेबल भर्ती 2022 से जुड़ी अहम जानकारी

  • ऑनलाइन आवेदन की प्रारंभिक तिथि- 15 जनवरी, 2022
  • ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि- 1 मार्च, 2022
  • पुरुष- 2651 पद
  • महिला- 137 पद
  • न्यूनतम आयु सीमा- 18 वर्ष (1 अगस्त, 2021 तक)
  • अधिकतम आयु सीमा- 23 वर्ष (1 अगस्त, 2021 तक)

BSF कांस्टेबल भर्ती 2022: वेतन विवरण

उम्मीदवारों को वेतन मैट्रिक्स लेवल-3, वेतनमान- 21,700 - 69, 100 रुपये और समय-समय पर केंद्रीय सरकार के कर्मचारियों को आवंटित अन्य भत्ते में कांस्टेबल (ट्रेड्समैन) पद पर तैनात किया जाएगा।

पात्रता मानदंड इस पद के लिए आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों को किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय / बोर्ड से मैट्रिक या समकक्ष उत्तीर्ण होना चाहिए और साथ ही संबंधित ट्रेडों में दो साल का कार्य अनुभव या व्यावसायिक संस्थान के औद्योगिक प्रशिक्षण से एक साल का सर्टिफिकेट कोर्स के साथ ट्रेड में कम से कम एक साल का अनुभव या दो साल का डिप्लोमा होना चाहिए। उम्मीदवार की आयु सीमा 1 अगस्त 2021 को 18 से 23 वर्ष के बीच होनी चाहिए।

बिजली बोर्ड में 633 पदों पर भर्ती, अलग से भरेंगे ड्राइवर के 100 पद

Posted: 20 Jan 2022 09:05 PM PST

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Electricity Jobs In Himachal

हिमाचल प्रदेश राज्य बिजली बोर्ड में लाइनमैन और इलेक्ट्रिीशियन के 633 पदों पर इसी माह से भर्ती प्रक्रिया शुरू होगी। कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर को भर्ती पत्र भेजने में बिजली बोर्ड प्रबंधन जुट गया है। इस संबंध में बोर्ड प्रबंधन की ओर से भर्ती प्रक्रिया शुरु करने हेतु कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर को पत्र भेज गया है।

बताया जा रहा है कि एक सप्ताह के भीतर ही भर्ती प्रक्रिया शुरु हो जाएगी। इसके अलावा 100 चालकों की बोर्ड स्वयं भर्तियां करेगा। इसकी जानकारी बुधवार को बोर्ड मुख्यालय कुमार हाउस शिमला में कर्मचारी यूनियन के साथ हुई बैठक में बोर्ड प्रबंधन ने यह जानकारी दी।

बता दें कि बीते कल यानी बुधवार को राजधानी शिमला स्थित बोर्ड मुख्यालय कुमार हाउस में बिजली बोर्ड कर्मचारी यूनियन के राज्य पदाधिकारियों ने विभिन्न लंबित मांगो को लेकर बोर्ड के प्रबंधन निदेशक पंकज डढवाल सहित अन्य बोर्ड के सदस्यों के साथ बैठक की। बैठक के दौरान 100 मागों को लेकर चर्चा की गई।

बिजली बोर्ड में कर्मचारियों की घटती संख्या की ओर ध्यान दिलाते हुए ऊर्जा मंत्री की 23 सितंबर को की गई दो हजार पदों पर भर्ती की घोषणा को जल्द पूरा करने का मामला उठाया गया। इस पर प्रबंधन वर्ग ने बताया कि लाइनमैन और इलेक्ट्रिीशियन के 633 पदों को भरने का मामला अंतिम चरण में है।

एक सप्ताह के भीतर भर्ती शुरू करने के लिए हमीरपुर आयोग को पत्र भेज दिया जाएगा। यूनियन ने भर्ती प्रक्रिया के लिए कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर के पास लंबित जूनियर ऑफिस असिस्टेंट के 544 पदों को भी शीघ्र भरने की भी मांग की। बैठक में कर्मचारियों की विभिन्न श्रेणियों की सेवा शर्तों से जुडे़ मामलों को लेकर भी चर्चा की गई।

पठान के तूफान में उड़े गेंदबाज, ताबड़तोड़ 80 रन ठोके, छक्के-चौकों से ही बना डाले 66 रन

Posted: 20 Jan 2022 09:06 PM PST


मस्कट में खेली जा रही लीजेंड्स लीग क्रिकेट 2022 टूर्नामेंट (Legends League Cricket 2022) की शानदार शुरुआत हुई. पहले मैच में इंडिया महाराजा ने एशिया लायंस (India Maharajas vs Asia Lions) को 6 विकेट से हरा दिया.
एशिया लायंस ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 175 रन बनाए जवाब में इंडिया महाराजा ने 5 गेंद पहले लक्ष्य हासिल कर लिया. इंडिया महाराज की जीत के हीरो यूसुफ पठान रहे जिन्होंने 40 गेंदों में 80 रन बनाकर मैच को पूरी तरह पलटकर रख दिया. यूसुफ पठान (Yusuf Pathan) ने महज 28 गेंदों में अर्धशतक जड़ा और अपनी पारी में 5 छक्के और 9 चौके लगाए. मतलब छक्के चौके से ही उन्होंने 66 रन कूट डाले. यूसुफ के अलावा कप्तान मोहम्मद कैफ ने 37 गेंदों में 42 रनों की पारी खेली.

एशिया लायंस के लिए उपुल थरंगा ने 66 और कप्तान मिस्बाह उल हक ने 44 रनों की पारी खेली. भारत के लिए मनप्रीत गोनी ने 3 और इरफान पठान ने 2 विकेट हासिल किए. एशिया लायंस के लिए शोएब अख्तर और उमर गुल ने 1-1 विकेट लिया.

यूसुफ पठान ने जिताई हारी हुई बाजी

बता दें 176 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी टीम इंडिया की शुरुआत बेहद खराब रही. ओपनर स्टुअर्ट बिन्नी तीसरे ही ओवर में आउठ हो गए. एस बद्रीनाथ दूसरी ही गेंद पर बिना खाता खोले आउट हो गए. विकेटकीपर नमन ओझा भी 19 गेंदों पर 20 रन बनाकर निपट गए. एक समय इंडिया महाराजा का स्कोर 6.1 ओवर में 3 विकेट पर 34 रन था लेकिन इसके बाद मोहम्मद कैफ और यूसुफ पठान ने शानदार शतकीय साझेदारी की.

यूसुफ पठान ने पहली गेंद से ही एशिया लायंस के गेंदबाजों पर धावा बोल दिया और ताबड़तोड़ अंदाज में महज 28 गेंदों में फिफ्टी लगा दी. दूसरी ओर मोहम्मद कैफ अपने ही अंदाज में स्ट्राइक बदलते नजर आए. यूसुफ पठान जब अपने शतक की ओर बढ़ रहे थे तो एक गलतफहमी की वजह से वो रन आउट हो गए. हालांकि अपनी 80 रन की पारी के साथ ही उन्होंने इंडिया महाराजा की जीत तय कर दी. अंत में उनके भाई इरफान पठान ने 10 गेंदों मे नाबाद 21 रन बनाकर 5 गेंद पहले ही इंडिया महाराजा को मैच जिता दिया.

इससे पहले एशिया लायंस के लिए बाएं हाथ के बल्लेबाज उपुल थरंगा ने 46 गेंदों में बेहतरीन 66 रन बनाए. थरंगा ने अपनी पारी में 7 चौके और 2 छक्के लगाए. अंतिम ओवरों में मिस्बाह उल हक ने 30 गेंदों में ताबड़तोड़ बल्लेबाजी की. मिस्बाह ने अपनी पारी में एक चौका और 4 छक्के जड़े.

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