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Friday, February 11, 2022

Bhopal Samachar | No 1 hindi news portal of central india (madhya pradesh)

Bhopal Samachar | No 1 hindi news portal of central india (madhya pradesh)


ज्योतिरादित्य सिंधिया लोकसभा में भड़के, कांग्रेस सांसद ने महाराज कहकर कटाक्ष किया था- India political news

Posted: 11 Feb 2022 12:25 AM PST

नई दिल्ली।
मध्यप्रदेश में सीएम शिवराज सिंह चौहान का विकल्प और फिलहाल केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी पर भड़क उठे। श्री चौधरी ने उन्हें ' महाराज' कह कर संबोधित किया था। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सदन में कहा कि मेरा नाम ज्योतिरादित्य सिंधिया है। उनका आशय था कि 'महाराज' कह कर मुझ पर कटाक्ष ना किया जाए। 

मेरा नाम ज्योतिरादित्य सिंधिया है- केंद्रीय मंत्री ने संसद में बताया

संसद में प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि "मामला यह है कि एक 'महाराज' मंत्री हैं, दूसरे महाराज 'एयर इंडिया' का अब निजीकरण हो रहा है। अपने जवाब में मंत्री सिंधिया ने सबसे पहले सवाल पूछने के लिए कांग्रेस नेता को धन्यवाद दिया और कहा कि, "मैं उन्हें सूचित करना चाहता हूं कि मेरा नाम ज्योतिरादित्य सिंधिया है। शायद, उन्हें कुछ गलतफहमी है, तभी मेरे अतीत के बारे में बार-बार बात करते रहते हैं लेकिन मैं इस बारे में उन्हें सूचित करना चाहता हूं।" 

ज्योतिरादित्य सिंधिया- सिर्फ मध्यप्रदेश में महाराज होते हैं

पिछले कुछ सालों से ज्योतिरादित्य सिंधिया, स्पष्ट रूप से यह दोहराते रहते हैं कि वह कोई महाराज नहीं बल्कि भारत के एक आम नागरिक हैं, लेकिन मध्य प्रदेश में इस प्रकार का बयान नहीं देते। ग्वालियर में ज्योतिरादित्य सिंधिया के नाम के आगे अनिवार्य रूप से 'श्रीमंत महाराज' सम्मान सूचक शब्द लगाए जाते हैं। राजनीतिक कार्यक्रमों में ही नहीं बल्कि सरकारी कार्यक्रमों में भी प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा मंच से उन्हें, उनकी मौजूदगी में 'श्रीमंत महाराज' कि नाम से ही पुकारा जाता है। उनके समर्थक तो उन्हें सिर्फ 'महाराज साहब' ही कहते हैं।ग्वालियर की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया GWALIOR NEWS पर क्लिक करें.

BHOPAL NEWS- शेरखान की जमीन पर सरकारी यूनिवर्सिटी बना दी, दो बार अतिक्रमण हटाने कह चुका है

Posted: 10 Feb 2022 10:17 PM PST

भोपाल
। यदि कोई सरकारी जमीन पर कब्जा कर ले तो सरकार क्या करती है, JCB और पुलिस भेज कर अतिक्रमण को नष्ट कर दिया जाता है लेकिन यहां तो सरकार ने शेरखान (बाघ) के इलाके पर कब्जा कर लिया। भोज मुक्त विश्वविद्यालय का भवन और परिसर बना दिया। 

अतिक्रमण हटाने दो बार कह चुका है शेरखान (बाघ) 

बाघ एक हिंसक जानवर है और यदि उसकी टेरिटरी पर कोई कब्जा करता है तो वह जानलेवा हमला कर देता है परंतु आश्चर्यजनक बात यह है कि यह बाघ, शांतिप्रिय और कानून का पालन कर रहा है। यूनिवर्सिटी के कुलपति को दो बार कह चुका है। कुछ दिनों पहले 7 फरवरी 2022 दूसरी बार कुलपति के बंगले में आया था। रात भर रुका रहा लेकिन कुलपति उससे बात करने बाहर ही नहीं निकले। प्रश्न यह है कि शेरखान को न्याय कौन दिलाएगा। क्या उसे जंगल के कानून के तहत कार्रवाई करनी पड़ेगी।

साबित हो गया कि शेरखान के इलाके में यूनिवर्सिटी बनी है

विशेषज्ञों का कहना है कि बाघ के पूर्वजों की यहां टेरेटरी रही है, उनकी कई पीढ़ी इसी क्षेत्र में मूवमेंट करती हैं। भोज विवि परिसर में जो बाघ घूम रहा है, वह बाघिन 123 का शावक है और मां से अलग होकर अपनी टेरेटरी बना रहा है। यहां पर उसके नाना यानी बाघ टी-1 और बाघिन टी-2 का भी मूवमेंट रहा है। भोपाल वन मंडल के समरधा रेंज के पूर्व रेंजर सुधीर सिंह ने बताया कि पहले बाघ-टी-1 व टी-2 की टेरेटरी आईआईएफएम, ज्यूडिशियल अकादमी, खुशीलाल अस्पताल, पुलिस लाइन के पीछे वाला हिस्सा रही है।

पीढ़ियों से यहीं रहते आए हैं इस परिवार के बाघों

वाइल्ड लाइफ एक्सपर्ट डॉ. सुदेश बाघमारे का कहना है कि क्षेत्राधिकार की लड़ाई बेहतर भोजन व क्षेत्र को लेकर होती है। भोपाल और उसके आसपास के जंगलों में बाघों को पर्याप्त भोजन मिल रहा है। भोपाल में घूम रहे बाघ रेसीडेंशियल है, यानी यहीं उनका जन्म हुआ। एक ही मां की संतान हैं, इसलिए उक्त क्षेत्र में इनका मूवमेंट बना है। 

यह है शेर खान की फैमिली की हिस्ट्री

2009 में पहले बाघ टी-1 व बाघिन टी-2 रातापानी सेंक्चुरी से आकर बसे थे। बाघिन टी-2 ने दो शावक को जन्म दिया। इसमें से नर शावक की मौत हो गई। एक मादा शावक का नाम टी-21 रखा। दूसरी बार बाघिन टी-2 ने 3 शावकों को जन्म दिया। बाघिन टी- 21 ने दूसरी बार 3 शावकों को जन्म दिया। बाघिन टी-2 की बेटी टी- 213 ने 4 शावकों को जन्म दिया। भोपाल के नजदीक 3 नए बाघ होने के साक्ष्य मिले हैं। इनमें बाघ टी-3, टी-4 व एक अन्य शामिल हैं। बाघिन टी-123 ने दो साल पहले दो शावकों को जन्म दिया था।

कभी बाघों की टेरेटरी रोशनपुरा तक रही है

पूर्व चीफ कंजरवेटर रहे जगदीश चंद्रा ने बताया ने कि बाघों में जन्मजात स्वभाव होता है कि वे अपने पूर्वजों की टेरेटरी को एक्सप्लोर करते हुए कई बार रहवासी इलाके में पहुंच जाते हैं। इनके मुताबिक एक जमाने में मुख्यमंत्री आवास और पॉलिटेक्निक चौराहा, रोशनपुरा तक बाघ का मूवमेंट था। भोपाल की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया bhopal news पर क्लिक करें।

अजीबोगरीब लव स्टोरी- पढ़ने के बाद ही समझ आएगा दीवानगी का आलम - strange love story

Posted: 10 Feb 2022 09:43 PM PST

भोपाल
। यह एक ऐसी लव स्टोरी है जिसे 4 शब्दों में टाइटल नहीं किया जा सकता। मामला भोपाल की काउंसलर एवं एडवोकेट सरिता राजानी के पास आया है जबकि कहानी दिल्ली की है। एक फैमिली ने सरिता से संपर्क किया। बताया कि उनका इकलौता और शादीशुदा बेटा जो मल्टीनेशनल कंपनी में काम करता है, पिछले कुछ दिनों से अजीब सा व्यवहार कर रहा है। काउंसलिंग के 6 राउंड पूरे हो चुके हैं, लेकिन कहानी खत्म नहीं हुई है।

पति नहीं बन सकता तो बहन बनकर साथ रहेगा, जेंडर चेंज करा रहा है 

युवक की उम्र 32 साल है। मल्टीनेशनल कंपनी में अच्छी जॉब करता है। शादीशुदा है और बेटा भी है। पिता क्लास वन ऑफिसर थे, रिटायर हो गए हैं। परिवार में सब कुछ बहुत अच्छा चल रहा है। व्यवहार में अचानक परिवर्तन और काफी तनाव के बाद जब उसकी पत्नी ने उसे विश्वास में लेकर पूछा तब उसमें सब कुछ बताया।

युवक ने बताया कि जिस कंपनी में वह काम करता है, वहीं पर 30 साल की एक महिला भी काम करती है। उसकी एक बेटी है। कोरोनावायरस की पहली लहर में उसके पति की मृत्यु हो गई थी। अब वह अकेली रहती है। करीब 6 महीने पहले दोनों की मुलाकात हुई। युवक ने अपनी पत्नी को बताया कि वह साथ काम करने वाली महिला को बहुत प्यार करता है। उससे शादी करना चाहता है, परंतु साथी महिला कर्मचारी ने मना कर दिया। उसने कहा कि वह अपने स्वर्गवासी पति की जगह किसी और को नहीं देख सकती।

युवक ने, अकेले संघर्ष कर रही साथी महिला कर्मचारी का साथ देने के लिए एक ऐसे प्लान पर काम शुरू किया जिसके बारे में कभी कोई विचार ही नहीं कर सकता। वह डॉक्टर के पास गया और जेंडर चेंज की प्रक्रिया पर काम शुरू हो गया। युवक लड़की बनना चाहता है ताकि अपनी गर्लफ्रेंड के साथ उसकी बहन बनकर रह सके। उसका ख्याल रख सके क्योंकि वह दुनिया में अकेली है।

महिला कर्मचारी ने कहा, कई बार समझाया लेकिन मानता ही नहीं 

काउंसलर एडवोकेट सरिता ने उस महिला कर्मचारी से भी बात की जिसकी दीवानगी में युवक जेंडर चेंज करा रहा है। महिला ने बताया कि उसने प्रपोज किया था लेकिन मैंने अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी थी। फिर भी वह मानता नहीं है। कई बार उसे समझाया। वह सुनने को तैयार ही नहीं है।  भोपाल की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया bhopal news पर क्लिक करें.

थम्स अप- एक ऐसा ब्रांड जो बिका लेकिन मिटा नहीं और आज जीत गया- BRAND KATHA

Posted: 10 Feb 2022 08:52 PM PST

भारतीय मूल के ब्रांड थम्स अप का वैल्यूएशन $1000000000 पहुंच गया है। इसी के साथ भारत में जन्मा थम्स-अप वन मिलियन डॉलर क्लब का सदस्य बन गया। किसी भी ब्रांड के लिए यह गौरव की बात होती है। थम्स अप के मामले में मजेदार बात यह है कि जिस कंपनी ने अपने ब्रांड को स्टाइलिश करने के लिए थम्स अप का नाम खत्म करने की प्लानिंग के साथ, इसे खरीदा था। आज वही कंपनी थम्स अप की जीत का जश्न मना रही है। 

सरकार की पॉलिसी के कारण थम्स अप का जन्म हुआ था

थम्स अप, भारतीय बाजार में एक ऐसा योद्धा है। जिसे हर राजा अपनी सेना में देखना चाहता है। सन 1977 में जब भारत से आपातकाल खत्म हुआ और चुनाव हुए तो जनता पार्टी की सरकार बनी। मजदूर नेता जॉर्ज फर्नांडिस को मोरारजी देसाई सरकार में उद्योग मंत्री बनाया गया। उन्होंने अमेरिका की मल्टीनेशनल कंपनी IBM और COCA COLA को भारतीय बाजार से खदेड़ दिया। 

मात्र 10 साल में पूरे देश का दिल जीत लिया

ठीक इसी समय चौहान बंधुओं की कंपनी पारले ने Thums UP लॉन्च कर दिया। Thums UP ने बड़ी ही आसानी के साथ ना केवल COCA COLA की जगह ले ली बल्कि इसका बाजार भी बढ़ गया। कुछ लोग कोका कोला नहीं मिलने के कारण थम्स अप खरीदते थे लेकिन कुछ लोग केवल थम्स अप पीना पसंद करते थे। Thums UP के भाई बहन Gold Spot और Limca को भी काफी पसंद किया गया। 80 का दशक थम्स अप का दशक के लाता है।

सरकार की पॉलिसी के कारण बिक गया, लेकिन मरा नहीं

सनी 1991 में भारत सरकार ने विदेशी कंपनियों के लिए भारतीय बाजार के दरवाजे खोल दिए। सबसे पहले पेप्सी भारत आई। उसने थम्स अप को कड़ी टक्कर दी। दोनों ब्रांड के बीच युद्ध चरम सीमा पर था ठीक उसी समय सन 1993 में COCA COLA ने एंट्री मारी और हमलावर ब्रांडेड शुरू कर दी और अंत में COCA COLA ने Thums UP को खरीद लिया। 6 करोड़ अमेरिकी डॉलर में सौदा तय हुआ। 

चौहान बंधु टूट गए लेकिन Thums UP नहीं

इस कहानी में गौर करने वाली बात यह है कि 1991 में पेप्सी और 1993 में कोको कोला के साथ जो कंपटीशन हुआ उसमें Thums UP के मालिक चौहान बंधु हार गए थे। Thums UP का जलवा कायम था। उस समय माना गया था कि COCA COLA, भारतीय बाजार में अपने प्रोडक्ट को Thums UP से रिप्लेस कर देगी। यानी बाजार से Thums UP का नाम खत्म हो जाएगा लेकिन ऐसा हुआ नहीं। Thums UP की लोकप्रियता का आलम यह था कि COCA COLA ने उसे खत्म करने के बजाए आगे बढ़ाने का फैसला किया। 

10 फरवरी 2022 को  कोका-कोला कंपनी के चेयरमैन एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) जेम्स क्विंसी ने गर्व के साथ बताया कि हमारे स्थानीय थम्स अप ब्रांड का भारत में मूल्यांकन एक अरब डॉलर हो गया है। brand katha में आपको इसी प्रकार की कई कहानियां मिलेंगी। भारत की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया india national news पर क्लिक करें.

MPMSU NEWS- बिना आवेदन फ्री में मिलेगी मार्कशीट और डिग्री

Posted: 11 Feb 2022 12:00 AM PST

bhopal samachar
जबलपुर
। Madhya Pradesh Ayurvigyan Vishwavidyalaya (Medical Science University) के कुलपति श्री बी.चंद्रशेखर ने घोषणा की है कि स्टूडेंट्स को उन की मार्कशीट और डिग्री यूनिवर्सिटी की तरफ से ऑटोमेटिक प्रोसेस के तहत दी जाएगी। इसके लिए स्टूडेंट्स को ना तो कोई एप्लीकेशन फाइल करनी होगी और ना ही कोई फीस लगेगी। 

कुलपति श्री बी.चंद्रशेखर ने बताया कि विद्यार्थियों को अंकसूची अब जिस वर्ष विद्यार्थी परीक्षा उत्तीर्ण करेंगे उसी वर्ष प्रदान की जायेगी। विद्यार्थियों को अंकसूची या डिग्री विश्वविद्यालय स्वयं प्रदान करेगा, इसके लिए विद्यार्थियों को आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी। इतना ही नहीं पहले अंकसूची या डिग्री आदि देने के लिए विश्वविद्यालय द्वारा जो शुल्क लिया जाता था वह भी नहीं लगेगा। अब मार्कशीट व डिग्री बिना आवेदन के नि:शुल्क प्रदान किये जायेंगे। 

प्रोविजनल डिग्री वाले स्टूडेंट्स को परमानेंट डिग्री दी जाएगी

इसके साथ एक महत्वपूर्ण निर्णय यह भी लिया गया है कि जिन छात्रों ने प्रोविजनल डिग्री के लिए आवेदन किये हैं उन्हें सीधे परमानेंट डिग्री प्रदान की जायेगी। कुलपति श्री चंद्रशेखर का विजन है कि विश्वविद्यालय कार्य योजनाबद्ध तरीके से क्रमवार निष्पादित हों और पुराने रुके हुए कार्यों को समय पर पूरा हों। महाविद्यालयों की संबंद्धता की अति विलंबित प्रक्रिया को गति प्रदान करने के लिए अब विश्वविद्यालय प्रशासन का पोर्टल खुला ही रहेगा। जिससे छात्रों का नामांकन कार्य भी तेजी से होगा। उच्च शिक्षा, सरकारी और प्राइवेट नौकरी एवं करियर से जुड़ी खबरों और अपडेट के लिए कृपया MP Career News पर क्लिक करें.

MP NEWS- गांधी जयंती की तरह गांव गांव में मनाई जाएगी संत रविदास जयंती

Posted: 10 Feb 2022 01:32 PM PST

इंदौर।
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की मंशा के अनुरुप इस वर्ष संत रविदास जयंती के कार्यक्रम व्यापक स्तर पर आयोजित होंगे। ग्राम पंचायत से लेकर जिला स्तर तक यह समारोह 16 फरवरी को संत रविदास जयंती पर आयोजित किये जायेंगे। 

जिला एवं ग्राम पंचायत स्तर पर आयोजन प्रातः 11.30 बजे अनिवार्य रूप से प्रारम्भ किया जाएगा एवं उपस्थित अनुयायियों को राज्य स्तरीय कार्यक्रम का दोपहर 12 बजे से वेबकास्ट के माध्यम से सीधा प्रसारण किया जाएगा। आयोजन में संत रविदास के भजनों का कार्यक्रम भी होगा। 

प्रत्येक आयोजन में स्थानीय जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित कर संत रविदास की जीवनी पर आधारित उद्बोधन कराया जाएगा। हितग्राही मूलक योजना में लाभांवित होने वाले 5 से 10 हितग्राहियों की जिला मुख्यालय के कार्यक्रम में उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी। मध्य प्रदेश की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया mp news पर क्लिक करें.

ayush counselling 2022- संचालनालय द्वारा ऑनलाइन काउंसलिंग का टाइम टेबल जारी किया - BHOPAL SAMACHAR

Posted: 10 Feb 2022 01:24 PM PST

भोपाल
। बीएएमएस, बीएचएमएस और बीयूएमएस कोर्स में एडमिशन के लिए आयुष संचालनालय द्वारा ऑनलाइन काउंसलिंग का टाइम टेबल जारी कर दिया गया है। उम्मीदवार संचालनालय की ऑफिशल वेबसाइट के अलावा एमपी ऑनलाइन पर भी टाइम टेबल प्राप्त कर सकते हैं।

आयुष कॉलेजों में ऑनलाइन काउंसलिंग की जारी प्रक्रिया 24 फरवरी तक सीट आवंटन के साथ चलेगी। इसके बाद 25 फरवरी से विद्यार्थियों के प्रवेश की प्रक्रिया की जायेगी, जो एक मार्च तक चलेगी। आयुष संचालनालय ने ऑनलाइन काउंसलिंग की समय-सारणी जारी की है। ये काउंसलिंग बीएएमएस, बीएचएमएस और बीयूएमएस के लिये की जा रही है।

ऑनलाइन काउंसलिंग कार्यक्रम में केन्द्रीय आयुष मंत्रालय, नई दिल्ली से अनुमति प्राप्त शासकीय, स्वशासी, निजी आयुष महाविद्यालयों को शामिल किया गया है। काउंसलिंग के संबंध में नियम और निर्देश विभागीय वेबसाइट www.ayush.mp.gov.in और एमपी ऑनलाइन पोर्टल www.mponline.gov.in पर देखे जा सकते हैं। उच्च शिक्षा, सरकारी और प्राइवेट नौकरी एवं करियर से जुड़ी खबरों और अपडेट के लिए कृपया MP Career News पर क्लिक करें.

वर्किंग वूमंस के लिए IIM–Bangalore का फ्री ट्रेनिंग प्रोग्राम- BHOPAL NEWS

Posted: 10 Feb 2022 01:16 PM PST

भोपाल
। महिला उद्यमी अथवा अपना बिजनेस या स्टार्टअप प्लान कर रही वर्किंग वूमंस (working women) के लिए Indian Institute Of Management–Bangalore (IIM–Bangalore) द्वारा फ्री ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू किया जा रहा है। 

राष्ट्रीय महिला आयोग, भारत सरकार, नई दिल्ली की ओर से बताया गया कि आत्मनिर्भर भारत के तहत, महिलाओं को फाइनेंशली इंडिपेंडेंट बनाने के लिए इस प्रोग्राम की शुरुआत की जा रही है। यह ट्रेनिंग प्रोग्राम ऑनलाइन होगा यानी कि महिलाएं अपने घर बैठे इसे ज्वाइन कर सकती हैं। कार्यक्रम की अवधि 6 सप्ताह निर्धारित की गई है और सबसे अच्छी बात है कि यह पूरी तरह से हिंदी में होगा।

IIM–Bangalore के स्पेशलिस्ट महिलाओं को अपना स्टार्टअप शुरू करने एवं बिजनेस में ग्रोथ करने के लिए मदद करेंगे। महिलाओं के डाउट्स और क्वेश्चन भी आंसर किए जाएंगे। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का संपूर्ण विवरण महिला सशक्तिकरण वेबसाइट https://innovateindia.mygov.in/ पर उपलब्ध है। 

इसी वेबसाइट के माध्यम से प्रशिक्षण कार्यक्रम हेतु ऑनलाइन पंजीयन किया जा सकता है। प्रशिक्षण में सम्मिलित होने हेतु अभ्यर्थी की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता कक्षा 10वीं तथा प्रशिक्षण हेतु अंतिम तिथि 28 फरवरी नियत की गई है। भोपाल की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया bhopal news पर क्लिक करें.

ताले की तली में छोटा सा छेद क्यों होता है, क्या चोरों की मदद के लिए- GK in Hindi

Posted: 10 Feb 2022 12:51 PM PST

शायद कभी ध्यान न दिया हो परंतु हर अच्छी क्वालिटी के ताले की तली (निचली सतह) में एक छोटा सा छेद होता है। सवाल यह है कि यह छेद क्यों दिया जाता है। क्या यह चोरों के लिए होता है। जिसकी मदद से वह आसानी से ताला तोड़ लेते हैं। या फिर कोई और कारण है। आइए पता लगाते हैं। 

ताले का इतिहास करीब 4000 साल पुराना है। दुनिया का सबसे पुराना ताला नीनवे के पास खोरसाबाद महल के खंडहरों में पाया गया था। समय के साथ तालों का भी काफी विकास हुआ। यह कहानी लंबी है लेकिन आधुनिक युग में डबल-एक्टिंग पिन टंबलर लॉक का सबसे पहला पेटेंट 1805 में अमेरिकी चिकित्सक अब्राहम-ओ स्टान्सबरी के नाम दर्ज है और अपन लोग जिस ताले का उपयोग करते हैं उसका आविष्कार अमेरिकी लिनुस येल, सीनियर ने 1848 में किया था। 

ताला हमेशा घर के बाहर वाले दरवाजे पर चौकीदारी करता है। एक सबसे बड़ी समस्या यह होती थी कि बारिश के मौसम में उसमें पानी भर जाता था और अंदर की मशीन में जंग लग जाती थी। ऐसी स्थिति में चाबी होने के बावजूद ताला तोड़ना पड़ता था। इस बड़ी प्रॉब्लम का इंजीनियर्स ने सबसे छोटा सलूशन निकाला। ताले की निचली सतह पर छोटा सा छेद कर दिया। अब ऊपर से पानी भरता है और नीचे से निकल जाता है। लॉक में आयलिंग करने के लिए भी नीचे वाले छेद का उपयोग किया जाता है। Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article 
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कर्मचारियों का प्रमोशन विवाद सुलझाना ही नहीं चाहती सरकार: कर्मचारी संघ - MP karmchari news

Posted: 10 Feb 2022 11:57 AM PST

जबलपुर
। मध्य प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ ने जारी विज्ञप्ति में बताया की विगत लगभग 10 वर्षों से राज्य कर्मचारियों की पदोन्नति नहीं हो रही है। कर्मचारी बिना पदोन्नति के ही सेवा निवृत्त हो जा रहे है। माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा सरकार को कर्मचारियों की पदोन्नति देने के संबंध में स्वतंत्र कर दिया गया है, लेकिन सरकार, शासकीय सेवकों को प्रमोशन देना ही नहीं चाहती। 

राज्य शासन द्वारा पदोन्नति हेतु मंत्री समूह की पदोन्नति समिति का गठन किया गया है, उक्त कमेटी की अनेकों दौर की बैठक होने के बाद भी पदोन्नति पर कोई निर्णय नहीं लिया जा सका है। पूरे देश में केवल मध्य प्रदेश शासन द्वारा अपने कर्मचारियों को पदोन्नति से वंचित रखा गया है। पदोन्नति की इस हीला हवाली से ऐसा प्रतीत होता है कि शासन अपने कर्मचारियों को कभी सर्वोच्च न्यायालय के नाम पर कभी कर्मचारी संगठनों के आपसी मतभेद के नाम पर पदोन्नति से वंचित रखना चाहती है। शासन की इस कर्मचारी विरोधी नीति से प्रदेश लगभग 10 लाखा कर्मचारियों में निराशा एवं आक्रोश व्याप्त है। 

संघ के योगेन्द्र दुबे, अर्वेन्द्र राजपूत, अवधेश तिवारी अटल उपाध्याय, मुकेश सिंह, मिर्जा मन्सूर बेग, योगेन्द्र मिश्रा, आलोक अग्निहोत्री, दुर्गेश पाण्डे आशुतोष तिवारी, डॉ संदीप नेमा, बृजेश मिश्रा, एसपी वाथरे, वीरेन्द्र चन्देल, सुरेन्द्र जैन, नेतराम झारिया, संतकुमार छीपा, श्रीराम झारिया, श्यामनारायण तिवारी, आदि ने माननीय मुख्यमंत्री मंत्री महोदय से मांग की है कि राज्य कर्मचारियों की पदोन्नति पर शीघ्र निर्णय लिया जाये। मध्यप्रदेश कर्मचारियों से संबंधित महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया MP karmchari news पर क्लिक करें.

जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत हेतु समय सीमा कितनी होती है, यहां पढ़िए- MP Land Revenue Code,1959

Posted: 10 Feb 2022 11:41 AM PST

बहुत से मामले में देखने को मिलता है कि आम व्यक्ति की भूमि पर कोई व्यक्ति जबर्दस्ती कब्जा कर लेता है। ऐसे में वह इसकी शिकायत पुलिस थाने में करता है थाना अधिकारी ऐसे मामले को संज्ञान नहीं लेते हैं क्योंकि यह उनके कर्तव्य क्षेत्र का मामला नहीं होता है ऐसे मामले में वह कार्यवाही नहीं कर सकते हैं आम व्यक्ति को लगता है की हमारी सुनवाई नहीं हो रही है आज हम आपको बताएंगे की ऐसे मामले की सुनवाई एवं कार्यवाही करने का अधिकार किसे हैं।

मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता, 1959 की धारा 250 की परिभाषा:-

अगर कोई व्यक्ति किसी भूमिस्वामी की भूमि पर अनुचित कब्जा कर लेता है तब पीड़ित पक्षकार तहसीलदार को भूमि पर से कब्जा हटवाने के लिए आवेदन करेगा। तहसीलदार उक्त धारा के अंतर्गत ऐसी भूमि के से कब्जा हटवायेगा।

पीड़ित व्यक्ति कौन होगा एवं आवेदन की समय अवधि क्या होगी:-

1. अनुसूचित जनजाति वर्ग का का सदस्य हैं वह 1 जुलाई 1976 के पहले बेदखल कर दिया गया हो तो 1 जुलाई 1978 के पूर्व का कब्जा किया हो तब भूमि के क्षेत्र में तहसीलदार को कभी भी आवेदन कर सकता है।
2. अन्य मामले में आदिवासी अवैध कब्जा के लिए तारीख से पाँच वर्ष के भीतर तहसीलदार को कब्जा पुनः प्राप्त के लिए आवेदन कर सकता है।
★ अन्य व्यक्ति जो अनुसूचित जनजाति का सदस्य नहीं है वह पुनः कब्जा प्राप्त करने के लिए तहसीलदार को दो वर्ष के भीतर आवेदन कर सकता है।

महत्वपूर्ण नोट:- 
• इस धारा के अनुसार पीड़ित व्यक्ति को पुनः कब्जा दिलवाने का दायित्व तहसीलदार का है।
• भूमि स्वामी को आवेदन के साथ यह साक्ष्य देना होगा की जब उसकी भूमि पर कब्जा किया गया था तब भूमि का स्वामी स्वंय था।
• तहसीलदार द्वारा विरोधी पक्षकार से आवेदक को भूमि का प्रतिकर भी दिलवा सकता है।
• ऐसी भूमि के बाजार मूल्य के बीस प्रतिशत रुपये तक दण्ड अधिरोपित की जा सकता है।

दण्ड का प्रावधान:-
उपखण्ड अधिकारी (SDO) धारा 250(क) के अंतर्गत दण्ड का प्रावधान करेगा जब व्यक्ति को अवैध कब्जा वापस करने का आदेश जारी हो गया है एवं आदेश जारी होने के सात दिन के भीतर कब्जा वापस नहीं करता है तब उसे 15 दिन की कालावधि के लिए सिविल जेल भेज देगा।
• द्वितीय या दोबारा कब्जे के आदेश के बाद तीन माह की जेल भेज दिया जाएगा।
◆ ° पीड़ित व्यक्ति सिविल कब्जे को पुनः प्राप्ति के लिए सिविल वाद भी ला सकता है (बाबू लाल बनाम कालूराम वाद)। (Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article)

:- लेखक बी.आर. अहिरवार (पत्रकार एवं लॉ छात्र होशंगाबाद) 9827737665
इसी प्रकार की कानूनी जानकारियां पढ़िए, यदि आपके पास भी हैं कोई मजेदार एवं आमजनों के लिए उपयोगी जानकारी तो कृपया हमें ईमेल करें। editorbhopalsamachar@gmail.com

MP TET VARG 3- पार्ट 2, शिक्षा एवं शिक्षण प्रक्रिया से संबंधित महत्वपूर्ण संक्षेपाक्षर

Posted: 10 Feb 2022 11:20 AM PST

Abbriviation / Acronymes / FULL FORMS RELATED WITH TEACHING Part - 2

एमपीटेट टेट वर्ग 3 के लिए शिक्षा एवं  शिक्षण प्रक्रिया से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण  संक्षेपाक्षर (Abbreviation) हैं। जिनका उपयोग D.Ed., B. Ed. एवं बहुत  से टीचिंग-लर्निंग कार्यक्रमो में किया जाता है, अतः शिक्षक पात्रता परीक्षा देने से पहले इन महत्वपूर्ण फुल फॉर्मस को जानना आवश्यक है। इससे पहले कुछ फुल फॉर्म्स, हम पार्ट 1 में जान चुके हैं। 

1.OBC- Other Backward Classes
2.ODL- Open and Distance Mode
3.PTM- Parents Teacher Meeting
4.PTA- Parents Teacher Association
5.POA- Program Of Action
6.PPP- Public Private Partnership
7.PSA- Problem Solving Assessment
8.PWD- Persons With Disabilities
9.QCI- Quality Council Of India
10.RTE- Right To Education

11.RMSA- Rashtriya Madhyamik Shiksha Abhiyan
12.SCERT- State Conucil of Educational Research and Training
13.SSA- Serva  Shiksha Abhiyan
14.SMC- School Mangemdnt Committe
15.SEN-Special Educational Needs
16.STEM- Science Technology  Engineering and Mathematics 
17.SMART- Specific Measurable Attainable Realistic Time Consuming
18.SQAA- School Quality Assessment & Accrediation 
* NAAC- National Assessment and Accreditation Council(  for College) 
19.SA-Summative Assessment

21. SSC- Sahodaya School Complexes
22.TLM- Teaching Learning Material
23.UEC- University Education Committee
24.UNICEF- United Nations Children's fund
25.WHO- World Health Organization
मध्य प्रदेश प्राथमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा के इंपोर्टेंट नोट्स के लिए कृपया mp tet varg 3 notes in hindi पर क्लिक करें.

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