Bhopal Samachar | No 1 hindi news portal of central india (madhya pradesh) |
- ड्राइविंग लाइसेंस की प्रक्रिया और अधिक सरल हो गई- BHOPAL NEWS
- रेस्टोरेंट में पीला रंग क्यों होता है, नीला क्यों नहीं होता, यहां पढ़िए - GK in Hindi
- क्या सभी प्रकार की निजी और सार्वजनिक तालाब शासकीय संपत्ति होते हैं, जानिए - MP Land Revenue Code, 1959
- MP TET VARG 3 टॉपिक- अधिगम के लिए आकलन और अधिगम का आकलन में अंतर
- कर्मचारियों को बिना ब्याज 25 लाख होमलोन हेतु सभी कर्मचारी संगठन लामबंद - MP karmchari news
- हाई कोर्ट ने 3 साल में फैसला कर दिया था, पंचायत विभाग में 7 साल से पेंडिंग है- MP NEWS
- BU BHOPAL NEWS- फर्स्ट ईयर ऑफलाइन परीक्षा की तैयारियां तेज, 420 कॉलेज, 100000 स्टूडेंट्स
- SBI ने उपभोक्ताओं से कहा- घबराइए नहीं, बैलेंस शीट पर कोई असर नहीं पड़ेगा - India national News
- GUNA JOBS- न्यायालय में भर्ती इंटरव्यू की नई तारीख घोषित
- भिंड कलेक्टर आपा खो बैठे, वकील और व्यापारी हिरासत में, हालात तनावपूर्ण- MP NEWS
- GWALIOR के मिट्टी के खिलौने दुनिया भर में प्रसिद्ध थे, Do You Know
- बिना गारंटी का सरकारी लोन मात्र 45 दिनों में, ब्याज पर सब्सिडी भी- MP MMUKY
- GWALIOR पुलिस की जांच पर सवाल, 77 प्रतिशत पास्को एक्ट के मामले में पुलिस ने सजा नहीं दिलवाई
- ब्रेकअप से नाराज विदिशा की लड़की ने राजगढ़ के लड़के के खिलाफ भोपाल में FIR दर्ज कराई - MP NEWS
- INDORE पहुंची राजस्थान की गर्म हवाएं, MP से शीत ऋतु की विदाई शुरू- MP WEATHER FORECAST
- BHOPAL NEWS- सेंट जेवियर स्कूल टीचर के 12 वर्षीय बेटे ने सुसाइड कर लिया
- रायसेन में महिला मित्र के साथ रुके भाजपा नेता की लाश मिली, जैनश्री होटल की घटना- MP NEWS
- हमारा समयमान वेतनमान क्यों रोक लिया सरकार: मप्र शासकीय सेवक तकनीकी संगठन- Khula Khat
- MP NEWS- रीवा में थानेदार सहित 3 पुलिसकर्मी गिरफ्तार, लोकायुक्त की कार्रवाई
- INDORE NEWS- आरटीओ कर्मचारी के बेटे की एक्सीडेंट में मौत
- रिटायर्ड महिला शिक्षक की संदिग्ध मौत- बाहर ताला, अंदर लाश मिली - MP NEWS
- अच्छे ससुराल के लिए अच्छी पढ़ाई जरूरी है: मध्य प्रदेश के राज्यपाल ने कहा - MP NEWS
- भारत के सभी स्कूल-कॉलेजों में एक समान ड्रेसकोड के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका- India national news
- हर सिक्के पर सन के नीचे विशेष चिन्ह क्यों बना होता है, पढ़िए रोचक जानकारी- GK in Hindi
- मप्र में कर्मचारियों की रिटायरमेंट आयु सीमा का विरोध- MP karmchari news
| ड्राइविंग लाइसेंस की प्रक्रिया और अधिक सरल हो गई- BHOPAL NEWS Posted: 13 Feb 2022 01:28 PM PST भोपाल। परिवहन विभाग का दावा है कि ड्राइविंग लाइसेंस के लिए ऑनलाइन एप्लीकेशन की प्रक्रिया को और अधिक सरल कर दिया गया है। यह इसलिए किया जा रहा है ताकि सभी लोग आसानी से ड्राइविंग लाइसेंस बनवा सकें। परिवहन कार्यालय भोपाल की ओर से बताया गया है कि अब कोई भी आवेदक लर्निंग लाइसेंस, नवीन ड्राइविंग लाइसेंस के आवेदन, नवीनीकरण अथवा ड्राइविंग लाइसेंस में अन्य श्रेणी के आवेदन के साथ रजिस्टर्ड चिकित्सक द्वारा पोर्टल पर ऑनलाइन फॉर्म 1ए में मेडिकल सर्टिफिकेट जारी कर सकेंगे। उल्लेखनीय है कि एक अप्रैल 2021 के पूर्व उक्त मेडिकल सर्टिफिकेट मैनुअल तरीके से जारी किए जाने का प्रावधान था। मेडिकल काउंसिल में रजिस्टर्ड चिकित्सक पोर्टल पर ऑनलाइन फॉर्म 1ए में मेडिकल सर्टिफिकेट जारी कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें एनआईसी के सारथी पोर्टल पर पंजीयन कराना आवश्यक है। भोपाल की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया bhopal news पर क्लिक करें। |
| रेस्टोरेंट में पीला रंग क्यों होता है, नीला क्यों नहीं होता, यहां पढ़िए - GK in Hindi Posted: 13 Feb 2022 01:30 PM PST दुनिया के किसी भी बड़े रेस्टोरेंट को देख लीजिए। उसके साइन बोर्ड में, उसके नाम में, उसके लोगो में पीले रंग का उपयोग हमेशा होता है लेकिन नीले रंग का उपयोग कभी नहीं होता। सवाल यह है कि ऐसा क्यों होता है। क्या यह कोई टोना-टोटका है या फिर रेस्टोरेंट की इंटरनेशनल एसोसिएशन वालों का पीले रंग से डील और नीले रंग से झगड़ा हो गया है। आइए पता लगाते हैं:- रेस्टोरेंट के साइन बोर्ड पीले रंग के क्यों होते हैंरिसर्च के दौरान पाया गया है कि पीला रंग भूख बढ़ाने में सहायक होता है। पीला रंग, इंसान के दिमाग को एक संकेत देता है। उसका ध्यान अपने पेट की तरफ चला जाता है। यदि पेट में थोड़ी सी भी जगह है तो कुछ ना कुछ खाने का मन करने लगता है। यही कारण है कि दुनिया भर के सभी ब्रांडेड रेस्टोरेंट्स अपने साइन बोर्ड और इंटीरियर में पीले रंग का उपयोग करते हैं। रेस्टोरेंट्स इंटीरियर में नारंगी रंग क्यों होता हैसिर्फ पीला रंग ही नहीं बल्कि नारंगी रंग का उपयोग भी रेस्टोरेंट्स में सबसे ज्यादा किया जाता है। ऑरेंज कलर का उपयोग सबसे ज्यादा इंटीरियर में किया जाता है। नारंगी रंग की सबसे बड़ी विशेषता यह होती है कि वह आप को सम्मोहित कर लेता है। यानी आपको भूख नहीं लगी होती तब भी आप कुछ ना कुछ खा ही लेते हैं। या फिर पेट भर जाने के बाद भी खाते रहते हैं। सम्मोहन के कारण यदि स्वाद 19-20 है, तो आपको पता ही नहीं चलता। यदि वाइट कलर के साथ येलो कलर का यूज किया जाए तो लोग ओवरहीटिंग कर सकते हैं। यानी जितनी भूख लगी है उससे ज्यादा खा जाएंगे। रेस्टोरेंट्स में नीले और काले रंग का उपयोग क्यों नहीं होतासबसे खास बात यह है कि दुनिया के किसी भी ब्रांडेड रेस्टोरेंट में नीले और काले रंग का उपयोग नहीं होता। इसका लॉजिक भी बिल्कुल वही है। यह शांत रंग है। इनको देखने के बाद आपकी भूख मर जाती है। यदि किसी को थोड़ी बहुत भूख है और साइन बोर्ड पर नीला रंग दिखाई दिया तो वह हल्का फुल्का खाने का प्रोग्राम टाल देगा। यदि इंटीरियर में नीला अथवा काला रंग दिखाई दिया तो जितनी भूख लगी है उससे कम खाएगा। रंगों का असर अधिकतम 10% होता है लेकिन बिक्री के लिए यह काफी होता है। Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article - (इसी प्रकार की मजेदार जानकारियों के लिए जनरल नॉलेज पर क्लिक करें) :- यदि आपके पास भी हैं कोई मजेदार एवं आमजनों के लिए उपयोगी जानकारी तो कृपया हमें ईमेल करें। editorbhopalsamachar@gmail.com (general knowledge in hindi, gk questions, gk questions in hindi, gk in hindi, general knowledge questions with answers, gk questions for kids, ) |
| Posted: 13 Feb 2022 11:53 AM PST मध्यप्रदेश भू राजस्व संहिता की धारा 57 के अनुसार राज्य की समस्त भूमि पर सरकार का अधिकार होता है। सरकार इन भूमियों को कभी भी आपने अधीन कर सकती है लेकिन कुछ ऐसी भूमि जो वाजिबुल अर्ज या छूट पाने (निस्तार) के अधिकार में सम्मिलित हैं उनको छोड़कर। धारा 57 में तालाबों को शामिल नहीं किया गया था। तालाबों को राज्य सरकार ने अलग से अपना अधिकार माना है जानिए। मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता, 1959 की धारा 251 की परिभाषा:-ऐसी समस्त भूमि जो भूमि पट्टे से मुक्त हो, वे तालाब वाली समस्त भूमि 6 अप्रैल 1959 के बाद सरकार के निहित होगी। कौन सा तालाब राज्य में निहित नहीं होगा:- वह तालाब तब तक राज्य शासन में निहित नहीं होगा होगा जब तक कि कलेक्टर (जिला मजिस्ट्रेट) जाँच न कर ले कि भूमि पट्टे या निस्तार (छूट के अधिकार) या वाजिबुल अर्ज (रूढ़ि अभिलेख) के जाँच शर्त पूरी हो जाने के बाद हितधारियों को सुनवाई के लिए अवसर व नोटिस देगा। मुआवजा या प्रतिकर का अधिकारजहाँ कलेक्टर की जाँच रिपोर्ट में यह पाया जाता है कि भूमि निजी पट्टे या किसी निस्तार या रूढ़ि अभिलेख की है, तो वह भूमि स्वामी तालाब का प्रतिकर या मुआवजा लेने का हकदार। • शासन ऐसे तालाब को अपने निहित नहीं लेगा जिससे व्यक्ति के अधिकारों पर प्रतिकूल प्रभाव पडता हैं। नोट:- तालाब के तट पर लगे वृक्ष भी शासन में निहित होंगे। (Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article) :- लेखक बी.आर. अहिरवार (पत्रकार एवं लॉ छात्र होशंगाबाद) 9827737665 इसी प्रकार की कानूनी जानकारियां पढ़िए, यदि आपके पास भी हैं कोई मजेदार एवं आमजनों के लिए उपयोगी जानकारी तो कृपया हमें ईमेल करें। editorbhopalsamachar@gmail.com |
| MP TET VARG 3 टॉपिक- अधिगम के लिए आकलन और अधिगम का आकलन में अंतर Posted: 13 Feb 2022 11:33 AM PST Difference between Assessment for Learning and Assessment Of Learningअधिगम का अर्थ है ,सीखना (Learning) और सीखने की प्रक्रिया निरंतर चलती रहती है, यानी यह भी विकास की ही तरह जन्म से मृत्यु तक चलती ही रहती है। यानी बच्चा अपनी मां के गर्भ से बाहर आते ही सीखना शुरू कर देता है और जीवन पर्यंत सीखता ही रहता है। इस सीखने की प्रक्रिया में उसकी मां, परिवार, पास -पड़ोस, समाज ,विद्यालय, मित्र सभी का अपना महत्वपूर्ण योगदान होता है। बच्चों के अधिगम की प्रक्रिया में विद्यालय का बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान होता है, जहां पर बच्चे नियंत्रित एवं व्यवस्थित वातावरण में अपने सहपाठी मित्रों के साथ अधिगम करते हैं। इस सीखने-सिखाने की प्रक्रिया का लगातार मूल्यांकन भी होना चाहिए, इसलिए समय-समय पर विभिन्न प्रकार के टेस्ट, परीक्षाएं आयोजित की जा सकती की जाती है (Assesment या आकलन) किया जाता है एवं कुछ सीमाएं निर्धारित कर दी जाती हैं जैसे- पास, फैल या मेरिट (measurement या मापन) जिसे सम्मिलित रूप से सतत और समग्र मूल्यांकन (CCE) कहा जाता है। अधिगम के लिए आकलन और अधिगम का आकलन मूल्यांकन प्रक्रिया के ही एक चरण है जिसमें बीच-बीच में पता लगाया जाता है कि कितनी लर्निंग हुई है और कितनी अभी होनी बाकी है। अधिगम के लिए आकलन / Assessment for Learningयह अधिगम की वह प्रक्रिया है जिसमें सिखाने के समय ही बच्चों का आकलन किया जाता है। उससे तरह-तरह के सवाल पूछे जाते हैं। जैसे छोटे बच्चों की बुक्स में दिया होता है, हमने सीखा!! इसे देने का उद्देश्य यही होता है कि किसी चीज को पढ़कर या समझकर बच्चा क्या सीखा, यही अधिगम के लिए आकलन है। यानी यह एक फीडबैक की तरह है की अभी अधिगम की प्रक्रिया में क्या-क्या सुधार करने की जरूरत है। यह बच्चों से ज्यादा शिक्षक के लिए महत्वपूर्ण है और इसके द्वारा बच्चों में उत्सुकता बनी रहती है कि अभी हमसे पूछा जाएगा कि हमने क्या क्या-क्या सीखा? इसमें सुधार किया जा सकता है। अधिगम का आंकलन / Assessment of LearningLearningयह अधिगम की वह प्रक्रिया है जिसमें यह पता लगाया जाता है कि अधिगम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद बच्चों ने क्या-क्या सीखा, वह कहां तक पहुंचे? सामान्यता वार्षिक परीक्षा इसी का हिस्सा है। इसे योगात्मक आकलंन भी कहा जाता है जो की जजमेंटल होता है। अधिगम के रूप में आकलन और अधिगम में आकलन / Assessment as Learning and Assessment in Learning नई शिक्षा नीति (New Education Policy) के अनुसार अधिगम के रूप में आकलन (Assessment As Learning) और अधिगम में आकलन (Assessment in Learning) का भी उपयोग किया जाता है। यह टीचिंग- लर्निंग की एक नई अप्रोच है जिसमें बच्चों को खुद करके सीखने का मौका दिया जाता है। जैसे अधिगम के रूप में आकलन के अंतर्गत बच्चों को छोटी-छोटी जिम्मेदारियां दी जाती हैं, जिससे कि उन्हें लगे कि वे भी कुछ कर सकते हैं और टीचर का काम सिर्फ फैसिलिटेटर का होता है। जबकि अधिगम में आकलन के अंतर्गत बच्चों को करके सीखने के मौके दिए जाते हैं, जैसे उन्हें अंकुरण के बारे में बताया और फिर उनसे उसी से संबंधित बीजों को अंकुरित करके लाने के लिए कहा गया। इससे जब वह खुद करके सीखते हैं तो उनको पता चलता है कि उन्होंने कितना सीखा और क्या अभी कितना सीखना बाकी है। मध्य प्रदेश प्राथमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा के इंपोर्टेंट नोट्स के लिए कृपया mp tet varg 3 notes in hindi पर क्लिक करें. |
| कर्मचारियों को बिना ब्याज 25 लाख होमलोन हेतु सभी कर्मचारी संगठन लामबंद - MP karmchari news Posted: 13 Feb 2022 11:17 AM PST जबलपुर। अधिकारी कर्मचारी संयुक्त मोर्चा जिलाध्यक्ष अटल उपाध्याय ने सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को निजी आवास निर्माण के लिए बिना ब्याज के 25 लाख रुपये का लोन दिये जाने पर जोर दिया है, जिसकी बसूली मासिक वेतनों से की जाए। आज निजी आवास न होने के कारण किराये के मकानों में अधिकारियों और कर्मचारियों को रहने मजबूर होना पड़ रहा है। सरकारी आवास पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं है, जो है वह भी 100 वर्ष पुराने हैं। सरकारी आवासों की मरम्मत भी सालों नहीं होती है। अनेक विभागों के आवास अपनी निर्धारित अवधि भी पूरी कर चुके है। यह डिस्मेंटल की राह देख रहे है किसी भी समय जर्जर यह आवास रहवासियों के ऊपर गिर सकते है जिससे बढ़ी दुर्घटनाएं होने की संभावनाएं बनी है। सरकारी कर्मचारी होने के कारण प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ भी इन्हें नही दिया जा रहा है। जबकि कुछ अल्प आय कर्मी तृतीय वर्ग और चतुर्थ वर्ग के साथ ही मजदूरी करने वाले, वाहन चालक, चौकीदार माली, पम्प अटेंडेंट, वाल आपरेटर, स्वीपर, भृत्य को बहुत ही कम तनखाह मिलती है। आर्थिक स्थिति खराब है, जर्जर आवासों में बुजुर्ग माता पिता साथ रहते है, सरकारी नजूल की जमीन भी इन कर्मचारियों को नहीं दी जा रही है। आवास के पट्टे भी देने में भारी आना कानी की जाती है। अधिकारी कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के संरक्षक योगेंद दुबे, जिलाध्यक्ष अटल उपाध्याय (मप्र राज्य कर्मचारी संघ) के नरेश शुक्ला, (मध्यप्रदेश शिक्षक कॉंग्रेस) विश्वदीप पटैरिया (अजाक्स) योगेश चौधरी,(आई टी आई तक. कर्म.संघ) प्रशांत सोधिया (मध्यप्रदेश कर्मचारी कॉंग्रेस) संतोष मिश्रा( म.प्र.तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ) आलोक अग्निहोत्री (मप्र स्वास्थ कर्मचारी संघ) संजय गुजराल, (मध्यप्रदेश लिपिक कर्मचारी संघ) मुकेश चतुवेर्दी (मध्यप्रदेश लघुवेतन कर्मचारी संघ) रविदहायत, अजय दुबे(मप्र डिप्लोमा ई एसोसिएशन) देव दोनेरिया (सपाक्स) प्रदीप पटैल (मप्र ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी संघ) एस के बांदिल (मध्यप्रदेश समयपाल महासंघ) मुकेश मरकाम (मध्यप्रदेश वाहन चालक तकनीकी संघ) धीरेन्द्र सिंह ,सिहोरा तहसील अध्यक्ष योगेन्द्र मिश्रा, यू एस करोसिया नरेन्द्रदुबे,सतीश उपाध्याय, नेतराम झारिया, दालचंद पासी, अर्जुन सोमवंसी, संतोष दुबे, राजू मस्के ने समस्त अधिकारियों और कर्मचारियों को बिना ब्याज के आवास निर्माण के लिए 25 लाख रुपये कर्ज देने की मांग करते हुए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास का लाभ भी अल्प आय वाले कर्मचारियों को देने की माँग की है। मध्यप्रदेश कर्मचारियों से संबंधित महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया MP karmchari news पर क्लिक करें. |
| हाई कोर्ट ने 3 साल में फैसला कर दिया था, पंचायत विभाग में 7 साल से पेंडिंग है- MP NEWS Posted: 13 Feb 2022 11:08 AM PST भोपाल। जिला पंचायत पन्ना में संविदा पर नियुक्त जिला समन्वयक मनेन्दु पहारिया को नौकरी में रखना है या सेवा समाप्त कर देनी है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा पिछले 7 साल में यह फैसला नहीं किया गया। जबकि हाईकोर्ट ने इस विवाद में 3 साल में फैसला सुना दिया था। मनेन्दु पहारिया को कलेक्टर के आदेश पर सन 2015 में हटा दिया गया था। मनेन्दु पहारिया ने अपनी सेवा समाप्ति के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी। मध्य प्रदेश के उच्च न्यायालय ने 22 फरवरी 2018 मनेन्दु पहारिया की सेवा समाप्ति का आदेश निरस्त कर दिया एवं मध्यप्रदेश पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के मुख्यालय को अधिकृत किया कि वह इनके विषय में विधि अनुसार निर्णय लें। अब मध्यप्रदेश पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को निर्णय लेना है कि मनेन्दु पहारिया की संविदा सेवाएं बहाल करनी है अथवा उनकी सेवाएं समाप्त कर देनी है। डिपार्टमेंट द्वारा पिछले 7 साल से यह निर्णय नहीं लिया गया है। मामला लगातार पेंडिंग चल रहा है। मनेन्दु पहारिया ने बताया कि वह लगातार पत्र व्यवहार कर रहे हैं। स्वयं भोपाल आकर भी अधिकारियों से मिल चुके हैं। अपने हाथ से आवेदन दे चुके हैं परंतु उनके मामले में डिपार्टमेंट कोई डिसीजन नहीं ले रहा है। मध्यप्रदेश कर्मचारियों से संबंधित महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया MP karmchari news पर क्लिक करें. |
| BU BHOPAL NEWS- फर्स्ट ईयर ऑफलाइन परीक्षा की तैयारियां तेज, 420 कॉलेज, 100000 स्टूडेंट्स Posted: 13 Feb 2022 07:46 AM PST भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में स्थित बरकतुल्लाह यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट द्वारा UG (अंडर ग्रेजुएट) फर्स्ट ईयर ऑफलाइन परीक्षा की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इस साल 420 कॉलेजों के एक लाख स्टूडेंट्स भाग लेंगे। संख्या इससे ज्यादा भी हो सकती है क्योंकि नामांकन प्रक्रिया जारी है। यह संख्या यूनिवर्सिटी के इतिहास में सबसे बड़ा नंबर है। बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय प्रबंधन के सामने निर्विघ्नं ऑफलाइन परीक्षा संपन्न कराना सबसे बड़ी चुनौती है। इस साल 92000 रेगुलर और 8000 प्राइवेट स्टूडेंट्स परीक्षा देने वाले हैं। नामांकन की प्रक्रिया 15 अप्रैल तक बढ़ा दी गई है। अप्रैल के महीने में ही परीक्षा शुरू होने वाली है। स्टूडेंट्स के पास पढ़ाई के लिए और मैनेजमेंट के पास तैयारी के लिए सिर्फ डेढ़ महीना बचा है। मध्यप्रदेश में कोरोनावायरस की तीसरी लहर खत्म हो चुकी है। सरकार ने सभी प्रकार के प्रतिबंध हटा लिए हैं। स्थिति सामान्य हो गई है और ऑफलाइन परीक्षा टलने की कोई संभावना नहीं है। राजधानी भोपाल में छात्रों का आना शुरू हो गया है। ऑनलाइन क्लास के कारण कोर्स पूरे नहीं हो पाए थे। शिक्षकों पर फटाफट कोर्स पूरे कराने का दबाव है। उच्च शिक्षा, सरकारी और प्राइवेट नौकरी एवं करियर से जुड़ी खबरों और अपडेट के लिए कृपया MP Career News पर क्लिक करें. |
| SBI ने उपभोक्ताओं से कहा- घबराइए नहीं, बैलेंस शीट पर कोई असर नहीं पड़ेगा - India national News Posted: 13 Feb 2022 10:33 AM PST नई दिल्ली। भारत का सबसे बड़ा बैंक घोटाला (एबीजी शिपयार्ड) मीडिया की सुर्खियों में आने के बाद स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के उपभोक्ताओं में तनाव की स्थिति बन गई। लोग बैंक में जमा अपनी पूंजी की सुरक्षा के लिए चिंता में है। इस बीच भारतीय स्टेट बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर जे स्वामीनाथन ने आश्वासन दिया है कि इससे बैंक पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। एबीजी शिपयार्ड लगभग 23000 करोड़ रुपए का बैंक घोटाला है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की तरफ से CBI में FIR दर्ज करवाई गई है। इस मामले में SBI का नाम आने के बाद स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के खाताधारकों में तनाव की स्थिति बन गई। एसबीआई भारत का सबसे बड़ा सरकारी बैंक है। करो सरकारी कर्मचारियों के खाते इसी बैंक में है। आम जनता सबसे ज्यादा एसबीआई पर भरोसा करती है। ब्याज कम होने के बावजूद सबसे ज्यादा बैंक का एफडी एसबीआई में होती है। एम डी जे स्वामीनाथन ने कहा कि एबीजी शिपयार्ड कंपनी द्वारा कुल 28 बैंकों से लोन लिया गया था। उन्होंने कहा "सबसे बड़े पीएसबी होने के नाते, एसबीआई को अन्य बैंकों द्वारा सीबीआई शिकायत दर्ज करने के लिए अधिकृत किया गया था। उन्होंने कहा कि हम ज्यादा से ज्यादा रिकवरी करने की कोशिश करेंगे। इस घटनाक्रम से बैंक की बैलेंस शीट पर कोई असर नहीं पड़ेगा। भारत की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया india national news पर क्लिक करें. |
| GUNA JOBS- न्यायालय में भर्ती इंटरव्यू की नई तारीख घोषित Posted: 13 Feb 2022 06:52 AM PST गुना। गुना न्यायालय में चपरासी, चौकीदार एवं माली आदि रिक्त पदों पर भर्ती हेतु इंटरव्यू की नई तारीख घोषित कर दी गई है। पहले यह इंटरव्यू 15 एवं 16 जनवरी 2022 को होने वाले थे, परंतु कोरोनावायरस की तीसरी लहर के कारण स्थगित कर दिए गए थे। कार्यालय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश गुना द्वारा बताया गया कि वर्तमान में माननीय उच्च न्यायालय मध्य प्रदेश जबलपुर के ज्ञापन क्रमांक सी / 463 दिनांक 11.02.2022 के द्वारा अधीनस्थ न्यायालयों में दिनांक 14.02.2022 से लंबित प्रकरणों की भौतिक सुनवाई के निर्देश प्राप्त होने हुए हैं। इसके अलावा माननीय पोर्टफोलियो न्यायाधिपति महोदय के परामर्श अनुसार तथा कोविङ-19 की तीसरी लहर का प्रभाव कम होने के फलस्वरूप इस स्थापना पर भृत्य/ चौकीदार/ जलवाहक एवं माली (कलेक्टर रेट/ आकस्मिकता निधि से वेतन भोगी कर्मचारी) की भर्ती हेतु साक्षात्कार दिनाँक 26.02.2022 एवं 27.02.2022 कुल 02 दिवस में आयोजित किया जायेगा। उच्च शिक्षा, सरकारी और प्राइवेट नौकरी एवं करियर से जुड़ी खबरों और अपडेट के लिए कृपया MP Career News पर क्लिक करें. |
| भिंड कलेक्टर आपा खो बैठे, वकील और व्यापारी हिरासत में, हालात तनावपूर्ण- MP NEWS Posted: 13 Feb 2022 10:33 AM PST ग्वालियर। मध्यप्रदेश के भिंड जिला मुख्यालय पर रविवार को स्वच्छ भिंड मिशन के दौरान हंगामा खड़ा हो गया। कलेक्टर सतीश कुमार एस (IAS) आपा खो बैठे। कलेक्टर ने तीन बार कहा, मारो-मारो, गोली मारो। एसपी शैलेंद्र सिंह चौहान ने सिचुएशन को कंट्रोल किया और कानून और व्यवस्था की स्थिति को बिगड़ने से बचाया। इस प्रक्रिया के दौरान एक वकील और 5 व्यापारियों को हिरासत में लिया गया। पॉइंट टू पॉइंट समझिए स्वच्छ भिंड मिशन में बवाल क्यों हुआरविवार की सुबह कलेक्टर सतीश कुमार एस, एसपी शैलेंद्र सिंह चौहान की मौजूदगी में स्वच्छता के लिए जागरूकता अभियान का कार्यक्रम निर्धारित था। स्वच्छ भिंड मिशन के कार्यकर्ता निर्धारित समय अनुसार पहुंच गए थे। कलेक्टर-एसपी और नगर पालिका सीएमओ सहित पूरी टीम आ गई थी। कार्यक्रम शुरू हुआ, परेड चौराहा से सभी लोग सदर बाजार की ओर चले। जागरूकता अभियान था लोगों को जागरूक किया जा रहा था। थोड़ी दूरी के बाद ही अभियान की सूरत बदल गई। फुटपाथ पर रखिए दुकानदारों के काउंटर आदि जप्त किए जाने लगे। स्वच्छ भिंड मिशन के कार्यकर्ता व्यापारियों को प्लास्टिक के बड़े डस्टबिन दे रहे थे लेकिन नगर पालिका के कर्मचारी सड़क पर सामान रखने के एवज में चालान बना रहे थे। कुछ दुकानों के बाहर टीनशेड दिखाई दिया। उसे हटाने के लिए JCB बुलवा ली गई। स्वच्छ भिंड मिशन अभियान, अतिक्रमण हटाओ अभियान में बदल गया। अचानक अतिक्रमण विरोधी अभियान के कारण दुकानदारों ने विरोध करना शुरू कर दिया। एक व्यापारी सनी जैन की घर की तरफ से कुछ पत्थर आकर गिरे। एसपी शैलेंद्र सिंह चौहान ने पुलिस टीम का नेता तो करते हुए दुकानदार सनी जैन को हिरासत में ले लिया। इसके बाद 4 और दुकानदारों को हिरासत में लिया गया। हालात तनावपूर्ण हो चुके थे। जागरूकता के नाम पर कार्यवाही शुरू हो गई थी। व्यापारियों के बुलाने पर पूर्व सासद डा. रामलखन सिंह पहुंचे, उन्होंने कलेक्टर से इस तरह कार्यवाही करने से मना किया लेकिन कलेक्टर नहीं माने। कलेक्टर के रवैया के खिलाफ पूर्व सांसद धरने पर बैठ गए, कार्यवाही फिर भी नहीं रुकी। इसी दौरान एडवोकेट विजय कुमार सोनी कुछ डाक्यूमेंट्स लेकर आ गए। वह अपनी दुकान पर चल रही कार्रवाई को रुकवा ना चाहते थे। विजय कुमार सोनी तेज आवाज में बात कर रहे थे। इसी बात पर कलेक्टर अपना नियंत्रण खो बैठे। एसपी शैलेंद्र सिंह चौहान ने वकील विजय कुमार सोनी को हिरासत में लिया और हवालात भेज दिया। समाचार लिखे जाने तक स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई थी। मध्य प्रदेश की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया mp news पर क्लिक करें। |
| GWALIOR के मिट्टी के खिलौने दुनिया भर में प्रसिद्ध थे, Do You Know Posted: 13 Feb 2022 06:10 AM PST ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर की पहचान भले ही आज की तारीख में सिंधिया राजवंश से होती हो परंतु एक वक्त ऐसा भी था जब मिट्टी के खिलौनों के कारण ग्वालियर की ख्याति दुनियाभर में प्रसिद्ध थी। क्या मुगल और क्या अंग्रेज, सभी ग्वालियर के कलाकारों द्वारा बनाए गए खिलौनों से मोहित हो जाते थे। ग्वालियर शहर में जिसे महाराज बाड़ा कहा जाता है, ठीक इसी स्थान पर मिट्टी के खिलौनों का बाजार लगता था। यहां केवल बच्चों के खेलने के लिए हाथी, घोड़े, सिपाही और गुल्लक नहीं बनाए जाते थे बल्कि महालक्ष्मी का हाथी, हरदौल का धोड़ा, गणगौर, विवाह संस्कार के समय उपयोग किए जाने वाले के कलश, टेसू, मायके से ससुराल जाते समय दुल्हन को दी जाने वाली विशेष कलात्मक मटकी आदि बनाए जाते थे। ग्वालियर के कुम्हारों की कला का लोहा केवल ग्वालियर अंचल में ही नहीं बल्कि झांसी के आगे उत्तर प्रदेश में और राजस्थान में जयपुर तक संस्कृति में शामिल हो गई थी। कोई भी त्यौहार हो, यदि ग्वालियर में मिट्टी से निर्मित विशेष कलात्मक मूर्तियां उसमें शामिल नहीं है तो माना जाता था कि देवता प्रसन्न नहीं होंगे। सबसे खास बात यह है कि ग्वालियर की मिट्टी और उससे बनी मूर्तियों को सर्वाधिक शुद्ध माना जाता था। बैलगाड़ी के जमाने में मिट्टी की मूर्तियों का निर्यात होता था। ग्वालियर की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया GWALIOR NEWS पर क्लिक करें. |
| बिना गारंटी का सरकारी लोन मात्र 45 दिनों में, ब्याज पर सब्सिडी भी- MP MMUKY Posted: 13 Feb 2022 05:46 AM PST इंदौर। मध्य प्रदेश के सबसे बड़े कारोबारी शहर इंदौर में 1400 बेरोजगारों को बिना बैंक गारंटी के सरकारी योजना के तहत 2500000 रुपए तक का लोन मात्र 45 दिनों में दिलाने के लिए कैंप का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के तहत लोन के ब्याज पर सब्सिडी भी मिलेगी। मार्गदर्शन शिविर दिनांक 14 फरवरी से शुरू होंगे। 1400 का टारगेट पूरा होते ही शिविर बंद कर दिए जाएंगे। इंदौर कलेक्टर श्री मनीष सिंह की ओर से है बताया गया है कि जिला उद्योग एवं व्यापार केंद्र द्वारा मार्गदर्शन शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। 14 फरवरी को इंदौर से शुरुआत होने के बाद 15 फरवरी को महू, 17 फरवरी को सांवेर, 18 फरवरी को देपालपुर और उसके बाद राऊ, बिजलपुर व कम्पेल में कैंप लगाए जाएंगे। निर्धारित किया गया है कि आवेदन करने के 45 दिन के भीतर लोन की रकम हितग्राही के बैंक खाते में जमा कर दी जाएगी। Madhya Pradesh Mukhyamantri Udyami Kranti Yojana- योग्यता:- 12वीं पास - अतिरिक्त योग्यता:- जिस उद्यम के लिए लोन चाहिए उस की पात्रता। - अधिकतम आय सीमा:- पूरे परिवार की वार्षिक आय ₹1200000 से अधिक नहीं। - कितना लोन मिलेगा:- ₹100000 से लेकर ₹2500000 तक। - कहां संपर्क करें- जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र। - आयु सीमा:- 18 वर्ष से 40 वर्ष तक। - किस काम धंधे के लिए लोन मिलेगा:- लोडिंग रिक्शा, टैक्सी, जेसीबी, दुकान, लघु उद्योगों के लिए। थोक कारोबार और सर्विसेज वाले काम के लिए भी लोन मिलेगा। - आवश्यक दस्तावेज:- 12वीं की मार्कशीट, वोटर कार्ड, समग्र आईडी, आधार कार्ड, मूल निवासी प्रमाणपत्र, जाति प्रमाणपत्र, प्रोजेक्ट रिपोर्ट और कोटेशन। - किस बैंक से लोन मिलेगा:- सभी सरकारी बैंक की जो योजना से अनुबंधित हैं। - बैंक का चुनाव कौन करेगा:- हितग्राही अपने पसंदीदा बैंक का नाम बता सकते हैं। उच्च शिक्षा, सरकारी और प्राइवेट नौकरी एवं करियर से जुड़ी खबरों और अपडेट के लिए कृपया MP Career News पर क्लिक करें. |
| GWALIOR पुलिस की जांच पर सवाल, 77 प्रतिशत पास्को एक्ट के मामले में पुलिस ने सजा नहीं दिलवाई Posted: 13 Feb 2022 06:23 AM PST ग्वालियर। ग्वालियर पुलिस की इन्वेस्टिगेशन और ईमानदारी पर सवाल खड़ा हो गया है। नाबालिग लड़की के साथ बलात्कार के मामलों में ग्वालियर जिला न्यायालय के आंकड़े ग्वालियर पुलिस के लिए शर्मसार करने वाले हैं। 77% मामलों में पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया परंतु सजा नहीं दिलवा पाई। सन 2021 में नाबालिग लड़कियों के साथ दुष्कर्म के 61 मामलों में कोर्ट द्वारा फैसला सुनाए गए। इनमें से 47 मामलों (77%) में आरोपी दोषमुक्त हो गए। पुलिस ने अपनी इन्वेस्टिगेशन में जिन लोगों को अपराधी बताकर कोर्ट में पेश किया था। उनके खिलाफ अपराध साबित नहीं हो पाया। 47 में से 23 मामले तो ऐसे हैं जिनमें पीड़ित लड़की ने बताया कि पुलिस ने वह बयान रिकॉर्ड ही नहीं किया जो उसने दिया था। पुलिस द्वारा गलत बयान रिकॉर्ड किए गए। कोर्ट में पुलिस साबित नहीं कर पाई कि उसने जो बयान रिकॉर्ड किए थे वह सही थी। सिर्फ एक मामले में DNA रिपोर्ट के आधार पर आरोपी को सजा हुई। लगभग 20 मामले ऐसे हैं जिनमें पुलिस गवाहों के बयान नहीं करवा पाई। पुलिस ने केस डायरी में जो बयान दर्ज किए थे। कोर्ट में गवाहों ने वैसे बयान नहीं दिए। न्यायालय में पुलिस यह साबित करने में असफल रही कि उसने गवाहों के वही बयान दर्ज किए थे, जो गवाहों द्वारा दिए गए थे। आश्चर्यजनक बात यह है कि डिजिटल इंडिया के जमाने में पुलिस आज भी दशकों पुराने पैटर्न पर बयान दर्ज करती है और केस डायरी बनाती है। जबकि आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जा सकता है। अब तो पुलिस के पास कैमरे भी हैं। ग्वालियर की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया GWALIOR NEWS पर क्लिक करें. |
| ब्रेकअप से नाराज विदिशा की लड़की ने राजगढ़ के लड़के के खिलाफ भोपाल में FIR दर्ज कराई - MP NEWS Posted: 13 Feb 2022 04:46 AM PST भोपाल। वैलेंटाइन डे से पहले मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के निशातपुरा थाने में एक लव स्टोरी का अंत दर्ज हो गया। विदिशा जिले की एक लड़की ने राजगढ़ के लड़के के खिलाफ बलात्कार का मामला दर्ज करा दिया है। लड़की का आरोप है कि उसके बॉयफ्रेंड ने अपने पिता की बातों में आकर उससे ब्रेकअप कर लिया है। इससे पहले तक लड़का उसका लिव-इन पार्टनर था। पुलिस ने बताया कि लड़की गंज बासौदा जिला विदिशा की रहने वाली है। उसकी दो बहनें और एक भाई है। भाई भी भोपाल में ही रहता है, लेकिन लड़की अपने पिता अथवा परिवार के किसी अन्य सदस्य का नंबर नहीं बता रही है। उसका कहना है कि वह अपने परिवार से अलग रहती है। पुलिस ने बताया कि लड़की इंदौर में जॉब करती थी। उसी समय राजगढ़ के गोविंद यादव से उसका परिचय हुआ। दोस्ती के दायरे से आगे बढ़कर दोनों की लव स्टोरी शुरू हो गई। मार्च 2021 में दोनों भोपाल में इंडस रेजिडेंसी में एक फ्लैट लेकर रहने लगे। दिसंबर के महीने में गोविंद के पिता उससे मिलने के लिए इंडस रेजिडेंसी आए। यहां फ्लैट में उन्होंने लड़की को देखा। पूछने पर गोविंद में सारी बात बता दी। पिता का कहना था कि शादी से पहले लड़की के साथ रहना पाप है। वह अपने बेटे को राजगढ़ ले गए। लड़की लगातार एक महीने तक अपने लिव-इन पार्टनर से संपर्क करने की कोशिश करती रही। जब निराश हो गई तो उसने निशातपुरा थाने में बलात्कार का मामला दर्ज करा दिया। लड़की गोविंद के मौसेरे भाई दीपक के खिलाफ भी छेड़छाड़ का मामला दर्ज कराया है। युवती ने पुलिस को बताया कि गोविंद के साथ उसका मौसेरा भाई दीपक भी रह रहा था। दीपक ने उसके साथ छेड़छाड़ की है। भोपाल की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया bhopal news पर क्लिक करें। |
| INDORE पहुंची राजस्थान की गर्म हवाएं, MP से शीत ऋतु की विदाई शुरू- MP WEATHER FORECAST Posted: 13 Feb 2022 04:40 AM PST इंदौर। उत्तर पूर्व से आने वाली हिमालय की हवाएं कमजोर पड़ गई हैं। राजस्थान की तरफ से गर्म हवाएं आने लगी है। व्यावहारिक रूप से मौसम बदल रहा है। शीत ऋतु की विदाई शुरू हो गई है। जल्द ही पूरे मध्यप्रदेश में तापमान बढ़ने लगेगा। मौसम विभाग के विशेषज्ञों ने अनुमान लगाया था कि सोमवार से हवाओं में परिवर्तन होगा लेकिन पूर्वानुमान के पहले ही शनिवार को गर्म हवाएं मध्य प्रदेश की सीमा में प्रवेश कर गई। दिन का तापमान बढ़ने लगा है। एरोड्रम स्थित मौसम केंद्र के अनुसार शनिवार को दिन का अधिकतम तापमान 26.1 डिग्री सेल्सियस (सामान्य से 3 डिग्री कम) व रात का तापमान 10.4 डिग्री रहा। जबकि शुक्रवार को दिन का अधिकतम तापमान 23.7 व रात का पारा 8.8 डिग्री था। जो सामान्य से 3 डिग्री कम था। रविवार सुबह से ही आसमान साफ है तथा हवा की रफ्तार भी बहुत कम है। दोपहर 12 बजे बाद दिन का तापमान 27 डिग्री था। मौसम वैज्ञानिक डॉ. एचएल खापडिया ने बताया कि पश्चिम विक्षोभ में अब परिवर्तन हुआ है। पहले हिमालय की ओर से आने वाली उत्तरी-पूर्वी हवा के कारण इंदौर सहित मालवा-निमाड़ में मौसम में ठंडक घुली हुई थी। अब हवा का रुख उत्तर-दक्षिण की ओर है। मंगलवार तक अधिकतम तापमान 28 से 29 डिग्री तथा रात का न्यूनतम तापमान 11 डिग्री तक जा सकता है। इंदौर की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया indore news पर क्लिक करें. |
| BHOPAL NEWS- सेंट जेवियर स्कूल टीचर के 12 वर्षीय बेटे ने सुसाइड कर लिया Posted: 13 Feb 2022 04:14 AM PST भोपाल। सेंट जेवियर स्कूल की टीचर किशन करोसिया के 12 वर्षीय पुत्र आर्यन करोसिया ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के समय वह घर पर अकेला था। किशन और उनकी पत्नी एक विवाह समारोह में शामिल होने गए थे। बताया गया है कि आर्यन इस बात से नाराज था कि उसे साथ में क्यों नहीं ले गए। मामला मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल की गोविंदपुरा इलाके का है। आर्यन की उम्र 12 वर्ष एवं व कक्षा 6 का छात्र था। पुलिस ने बताया कि शनिवार को किशन एवं उनकी पत्नी करोंद में आयोजित एक विवाह समारोह में शामिल होने के लिए जा रहे थे। आर्यन उनके साथ आना चाहता था। उन्होंने कहा कि अपने बड़े भाई के साथ बाद में आना। यह कहकर दोनों चले गए। आर्यन ने अपने कमरे में फांसी लगा ली। जब बड़े भाई ने देखा तब तक उसकी मृत्यु हो चुकी थी। बड़े भाई ने ही सबको सूचित किया। आर्यन को अस्पताल ले जाया गया जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। इन्वेस्टिगेशन ऑफीसर ASI धनराज सिंह ने बताया कि आर्यन पुत्र किशन करोसिया (12) एन-2, ई सेक्टर, बरखेड़ा में रहता था। भोपाल की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया bhopal news पर क्लिक करें। |
| रायसेन में महिला मित्र के साथ रुके भाजपा नेता की लाश मिली, जैनश्री होटल की घटना- MP NEWS Posted: 13 Feb 2022 03:32 AM PST रायसेन। जैनश्री होटल में अपनी महिला मित्र के साथ रुके भारतीय जनता पार्टी के नेता की लाश मिली है। किसी भी प्रकार की खून और संघर्ष के निशान नहीं मिले हैं। ना ही कोई सुसाइड नोट मिला है। पुलिस पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। भावेश पुरोहित उम्र 42 वर्ष, ग्राम पंचायत उमरिया की सरपंच श्रीमती उर्मिला बाई के बेटे थे। रायसेन के होटल जैनश्री में शनिवार की रात अपनी महिला मित्र के साथ रुकने के लिए आए थे। रविवार की सुबह उनकी महिला मित्र ने होटल संचालक को बताया कि वह उठ नहीं रहे हैं। उनके शरीर में कोई हलचल भी नहीं हो रही है। सांची पुलिस को बुलाया गया। डॉक्टरों ने भावेश पुरोहित को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने बताया कि उनकी महिला मित्र सागर जिले की रहने वाली है एवं जैन समाज से है। कमरे में किसी भी प्रकार के संघर्ष और खून के निशान नहीं मिले हैं। भावेश पुरोहित के पास से कोई सुसाइड नोट भी नहीं मिला है। मृत्यु का कारण स्पष्ट नहीं हो पा रहा है। इसलिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। मध्य प्रदेश की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया mp news पर क्लिक करें। |
| हमारा समयमान वेतनमान क्यों रोक लिया सरकार: मप्र शासकीय सेवक तकनीकी संगठन- Khula Khat Posted: 13 Feb 2022 03:16 AM PST मध्यप्रदेश शासन द्वारा राज्य के सिविल सेवा के सदस्यों को सेवा में आगे बढ़ाने के निश्चित अवसर उपलब्ध कराये जाने हेतु आदेश प्रसारित किये गये है। यह योजना समयमान वेतनमान के रूप में जारी है। इस योजना में क्रमाशः 10-20 एवं 30 वर्ष पूर्ण करने पर प्रथम, द्वितीय तृतीय उच्च एवं उच्चत्तम पदोन्नति वेतनमान दिये जा रहें है। जल संसाधन विभाग के सहायक मानचित्रकार एवं अनुरेखक को पदोन्नति वेतनमान का लाभ नहीं दिया जा रहा है। इस संबंध में मध्यप्रदेश शासन जल संसाधन विभाग के पत्र क्र 22-28/2008/पी-1/31 भोपाल, दिनांक 26.12.2008 एवं समसंख्या पत्र 13.01.2009 के द्वारा जल संसाधन विभाग द्वारा प्रस्ताव भेजकर जानकारी सामान्य प्रशासन एवं वित्त विभाग को प्रेषित की गई हेै। इसी प्रकार लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग एवं लोक निर्माण विभाग द्वारा भी इन कर्मचारियों के संबंध में जानकारी वित्त एवं सामान्य प्रशासन को विभाग को भेजी जा चुकी हैं। शासन की ओर से अभी तक कोई आदेश जारी नहीं हुये हैं। वर्तमान मे सहायक मानचित्रकारों एवं अनुरेखक को उच्च पद का वेतनमान प्राप्त नही हो रहा है। जैसे कि सहायक मानचित्रकार को 10 वर्ष की सेवा उपरांत मानचित्रकार तथा 20 वर्ष की सेवा उपरांत सहायक यंत्री तथा 30 वर्ष की सेवा उपरांत कार्यपालन यंत्री का वेतनमान प्राप्त होना चाहिए। इसी प्रकार अनुरेखको का 30 वर्ष बाद सहायक यंत्री का वेतन प्राप्त होना चाहिए। इस संबध मे सभी एच.ओ.डी. द्वारा अनुशंसा की है। वर्तमान में इस संवर्ग के मानचित्रकार/उपयंत्री को उक्त अनुसार वेतन प्राप्त हो रहा है। यह स्थिति सहायक मानचित्रकारो एवं अनुरेखकों के लिये प्राकृतिक न्याय के प्रतिकूल प्रतीत होती है। अतः अनुरोध है कि जल संसाधन विभाग मे कार्यरत सहायक मानचित्रकार एंव अनुरेखको को दिये जा रहे समयमान वेतनमानो मे संशोधन करने का अनुरोध है। विनोद दरोठिया एवं समस्त तकनीकी सेवक गण जल संसाधन विभाग (म.प्र.) म.प्र.शासकीय सेवक तकनीकी संगठन अस्वीकरण: खुला-खत एक ओपन प्लेटफार्म है। यहां मध्य प्रदेश के सभी जागरूक नागरिक सरकारी नीतियों की समीक्षा करते हैं। सुझाव देते हैं एवं समस्याओं की जानकारी देते हैं। पत्र लेखक के विचार उसके निजी होते हैं। इससे पूर्व प्रकाशित हुए खुले खत पढ़ने के लिए कृपया Khula Khat पर क्लिक करें. यदि आपके पास भी है कुछ ऐसा जो मध्य प्रदेश के हित में हो, तो कृपया लिख भेजिए हमारा ई-पता है:- editorbhopalsamachar@gmail.com |
| MP NEWS- रीवा में थानेदार सहित 3 पुलिसकर्मी गिरफ्तार, लोकायुक्त की कार्रवाई Posted: 13 Feb 2022 02:50 AM PST रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा जिले में लोकायुक्त पुलिस ने थाना प्रभारी वीरेंद्र सिंह परिहार, प्रधान आरक्षक जय प्रकाश सिंह और आरक्षक राजकुमार प्रजापति को गिरफ्तार किया है। दावा किया है कि छापामार कार्रवाई के दौरान तीनों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार किए गए सभी पुलिस कर्मचारी गोविंदगढ़ थाने में पदस्थ हैं। कुछ महीने पहले इसी थाने में लोकायुक्त पुलिस की छापामार कार्रवाई हुई थी। उस समय भी रिश्वतखोरी का मामला सामने आया था। लोकायुक्त पुलिस ने पकड़े गए थाना प्रभारी वीरेंद्र सिंह परिहार, प्रधान आरक्षक जय प्रकाश सिंह एवं साथी आरक्षक राजकुमार प्रजापति के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। लोकायुक्त पुलिस ने बताया कि मुनीश कुमार पटेल, पिता का नाम महेंद्र कुमार पटेल, निवासी ग्राम मढ़ा तहसील रामपुर नैकिन जिला सीधी ने शिकायत की थी। बताया गया कि सोन नदी से रेत के अवैध उत्खनन के मामले में पुलिस नियमित रूप से रिश्वत वसूल करती है। पहले चार डंपर के लिए 12000 रुपए लिए जाते थे। अब रिश्वत की रकम बढ़ाकर ₹15000 कर दी गई है। लोकायुक्त पुलिस रीवा रिश्वतखोरी के खिलाफ तेजी से काम कर रही है। कुछ दिनों पहले ही अनूपपुर जिले में रीवा लोकायुक्त ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मध्य प्रदेश स्टेट सिविल सप्लाई कॉरपोरेशन लिमिटेड के जिला अधिकारी एम एस उपाध्याय को ₹50,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा था। मध्य प्रदेश की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया mp news पर क्लिक करें। |
| INDORE NEWS- आरटीओ कर्मचारी के बेटे की एक्सीडेंट में मौत Posted: 12 Feb 2022 09:35 PM PST इंदौर। आरटीओ कर्मचारी के बेटे शिवम भंसाली की रोड एक्सीडेंट में मौत हो गई। वह अपने दोस्तों के साथ किसी पार्टी में गया था। कार में कुल 3 दोस्त सवार थे। लोगों ने बताया कि कार की स्पीड 100 से ज्यादा थी। ड्राइवर कंट्रोल नहीं कर पाया। कार पलट गई और 35 फीट दूर बबूल के पेड़ से जाकर टकराई। गांधी नगर टीआई संतोष सिंह यादव के अनुसार, मृतक का नाम शिवम भंसाली (24) था। वह गुरुकृपा कॉलोनी में रहता था। शिवम के पिता परिवहन विभाग में काम करते हैं। वहीं कार चालक विनय तिवारी 60 फीट रोड पर रहता था। उसकी हालत गंभीर है। इनका तीसरा साथी पीयूष राठी एरोड्रम क्षेत्र का है। इसे मामूली चोट आई थी। उसे डिस्चार्ज कर दिया गया। दिलीप नगर मोड़ पर हुआ कार एक्सीडेंटप्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि नावदा पंथ की ओर से एरोड्रम की तरफ तेज स्पीड से कार आती हुई दिखाई दी। दिलीप नगर स्थित मोड़ पर कार का ड्राइवर कंट्रोल नहीं कर पाया। कार की स्पीड 100 से ज्यादा रही होगी। उस में तेजी से ब्रेक लगाए जिससे कार्य का बैलेंस बिगड़ गया। कार पलट गई और 35 फुट दूर बबूल के पेड़ से जा टकराई। स्थानीय लोगों ने तत्काल सभी को बाहर निकाल कर अस्पताल भेज दिया था। इंदौर की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया indore news पर क्लिक करें. |
| रिटायर्ड महिला शिक्षक की संदिग्ध मौत- बाहर ताला, अंदर लाश मिली - MP NEWS Posted: 12 Feb 2022 09:23 PM PST मंदसौर। पद्मावती नगर में रहने वाली रिटायर्ड महिला शिक्षक संतोष मिश्रा की संदिग्ध मौत हो गई। उनके घर के बाहर ताला लगा हुआ था जबकि घर के अंदर उनकी लाश पड़ी हुई थी। लोगों का कहना है कि मामला हत्या का है लेकिन पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। थाना कोतवाली के टीआई अमित सोनी ने बताया कि रिटायर्ड महिला शिक्षक की उम्र 65 वर्ष है। उनके पति रमेश चंद शर्मा की मृत्यु 2015 में हो गई थी। श्रीमती संतोष मिश्रा घर में अकेली रहती थी। उनके पड़ोसियों ने स्नेह नगर में रहने वाले उनके भाई को बुलाया। बताया कि घर के बाहर ताला लगा हुआ है। श्रीमती संतोष मिश्रा था मोबाइल फोन भी बंद आ रहा था। महिला शिक्षक के भाई ने ताला तुड़वा कर देखा। घर के अंदर बाथरूम में रिटायर्ड महिला शिक्षक की डेड बॉडी पड़ी हुई थी। बाथरूम में कौन पैदा हुआ था। टीआई अमित सोनी का कहना है कि हमने इन्वेस्टिगेशन शुरू कर दी है। मामला संदिग्ध है लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने से पहले हम कुछ नहीं कह सकते। मध्य प्रदेश की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया mp news पर क्लिक करें. |
| अच्छे ससुराल के लिए अच्छी पढ़ाई जरूरी है: मध्य प्रदेश के राज्यपाल ने कहा - MP NEWS Posted: 12 Feb 2022 09:05 PM PST भोपाल। मध्य प्रदेश के राज्यपाल श्री मंगू भाई पटेल का कहना है कि अच्छा ससुराल चाहिए तो पढ़ाई करना जरूरी है। राज्यपाल महोदय खरगोन जिले कि महेश्वर विधानसभा सीट में आशापुर के दौरे पर थे। खरगोन से 65 किमी दूर महेश्वर विस के आशापुर गांव पहुंचे राज्यपाल श्री मंगू भाई पटेल ने भ्रमण के दौरान 10वीं की ड्रॉपआउट छात्रा से बात की। उन्होंने पूछा तुम कौन सी क्लास में पढ़ती हो, छात्रा ने बताया 10वीं के बाद पढ़ाई छोड़ चुकी हूं। इस पर राज्यपाल ने कहा - क्यों नहीं जा रही, छात्रा ने कहा - मम्मी की तबीयत खराब हो गई थी। एक महीने खरगोन अस्पताल रही। इस पर राज्यपाल ने कहा तो बेटा, ऐसे स्कूल नहीं छोड़ देते हैं। वापस एडमिशन ले लो, सरकार की ओर से व्यवस्था है। अब तो मम्मी अच्छी हो गई है, दोबारा उसी में भर्ती हो जाओ। पढ़ना तो जरूरी है बेटा। अच्छा ससुराल चाहिए तो अच्छा पढ़ना पड़ेगा। मध्य प्रदेश की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया mp news पर क्लिक करें. |
| भारत के सभी स्कूल-कॉलेजों में एक समान ड्रेसकोड के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका- India national news Posted: 12 Feb 2022 08:51 PM PST NEW DELHI- (SC- Supreme Court) सर्वोच्च न्यायालय में समानता, सामाजिक न्याय और लोकतंत्र के मूल्यों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से देश के शिक्षा संस्थानों में कॉमन ड्रेस कोड लागू करने की मांग को लेकर एक जनहित याचिका दायर की गई है। इसके साथ ही 10वीं और 12वीं की परीक्षा सीबीएसई व आईसीएसई द्वारा ऑफलाइन कराने के निर्णय को भी सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देते हुए याचिका दायर की गई है। इस याचिका में कहा गया है की देश भर में एक समान ड्रेस कोड होने से समानता, सामाजिक न्याय और लोकतंत्र के मूल्यों को बढ़ावा मिलेगा। एक न्यायपूर्ण और मानवीय समाज बनाने के लिए ऐसा जरूरी है। इसके लिए केंद्र और राज्य सरकारों को निर्देश जारी करने चाहिये। याचिकाकर्ता ने इस पर जल्द सुनवाई की मांग की है। याचिकाकर्ता निखिल उपाध्याय ने कोर्ट में पेश याचिका में कहा है कि देश भर के शिक्षण संस्थाओं में जातिवाद, सांप्रदायिकता, वर्गवाद, कट्टरवाद और अलगाववाद का खतरा खत्म करने के उद्देश्य से कॉमन ड्रेस कोड लागू करना जरूरी है। इससे लोकतंत्र के मूल्यों को बढ़ावा मिलेगा। जबकि 10वीं व 12वीं की ऑफलाइन परीक्षा कराने की चुनौती को देते हुए, दायर याचिका में कोरोना की तीसरी लहर के चलते, इस वर्ष भी ऑफलाइन मोड की बजाय वैकल्पिक मूल्यांकन विधि अपनाई जाने की मांग की गई है। भारत की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया india national news पर क्लिक करें. |
| हर सिक्के पर सन के नीचे विशेष चिन्ह क्यों बना होता है, पढ़िए रोचक जानकारी- GK in Hindi Posted: 12 Feb 2022 01:17 PM PST सिक्कों का उपयोग तो हम सभी करते हैं। हो सकता है अभी आपके पास कोई सिक्का हो। कृपया उसे निकाल कर देखिए। जहां पर उसके निर्माण का वर्ष (year) लिखा होता है ठीक उसके नीचे एक विशेष प्रकार का चिन्ह दिखाई देगा। प्रश्न यह है कि यह विशेष प्रकार का चिन्ह क्यों बनाया जाता है। इस संकेतक का क्या अर्थ होता है। आइए जानते हैं। हर सिक्के पर बना होता है टकसाल का पहचान चिन्हयदि डायमंड बना है तो यह सिक्का मुंबई की टकसाल में तैयार हुआ है। यदि डॉट बना है तो यह सिक्का नोएडा की टकसाल में तैयार किया गया है। यदि स्टार बना है तो यह सिक्का हैदराबाद की टकसाल में तैयार किया गया है। और यदि कोई निशान नहीं बना है तो यह सिक्का कोलकाता की टकसाल में तैयार किया गया है। सिक्के बनाने वाले कारखानों को क्या कहते हैंभारत में सिक्के बनाने के लिए 4 कारखाने स्थापित किए गए हैं। मुंबई और कोलकाता के कारखाने अंग्रेजों द्वारा स्थापित किए गए थे। हैदराबाद और नोएडा के कारखाने सबसे नए हैं। इन कारखानों को टकसाल (Mint) कहते हैं। आपके लिए एक और मजेदार जानकारी है कि सन 1885 में भारत में बनाए गए पहले एक रुपए के सिक्के की कीमत वर्तमान में 10 करोड़ रुपए हो गई है। यह सिक्का ब्रिटिश इंडिया के पास है। Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article :- यदि आपके पास भी हैं कोई मजेदार एवं आमजनों के लिए उपयोगी जानकारी तो कृपया हमें ईमेल करें। editorbhopalsamachar@gmail.com (general knowledge in hindi, gk questions, gk questions in hindi, gk in hindi, general knowledge questions with answers, gk questions for kids, ) |
| मप्र में कर्मचारियों की रिटायरमेंट आयु सीमा का विरोध- MP karmchari news Posted: 12 Feb 2022 12:22 PM PST जबलपुर। मध्य प्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के संरक्षक योगेन्द्र दुबे, जिलाध्यक्ष अटल उपाध्याय ने कर्मचारियों को अलग अलग उम्र में रिटायरमेन्ट किये जाने की कड़ी निन्दा की है।मध्य प्रदेश शासन के कुछ कर्मचारियों को 65 वर्ष की उम्र में रिटायर किया जाता है वही कुछ कर्मचारियों को 62 वर्ष की आयु में ही रिटायर कर दिया जाता है। जबकि सभी कर्मचारियों की नियुक्ति एक ही नियम से होती है सभी लाभ भी एक समान दिये जाते है। अलग -अलग उम्र में सेवा निव्रत कर कर्मचारियों के साथ फूट डालो की नीति अपनाई जा रही है। अलग अलग उम्र में रिटायर करने से अधिकारियों और कर्मचारियों में फूट पड़ी हुई है, मोर्चा पदाधिकारियों ने इसे कर्मचारियों के साथ भेद भाव करना बताया है। यह पूरी तरह कर्मचारियों को बांटने की नीति है। फूट डालो नीति बंद कर सरकार को सभी कर्मचारियों को योग्य मान कर एक साथ 65 वर्ष की उम्र में रिटायर करना चाहिए। अधिकारी कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के जिला संरक्षक योगेन्द्र दुबे, जिलाध्यक्ष अटल उपाध्याय, मुकेश चतुर्वेदी ,नरेश शुक्ला,संजय गुजराल, प्रसांत सोंधिया, एस के बांदिल, प्रदीप पटैल, देव दोनेरिया, रविकांत दहायत, योगेस चौघरी, अजय दुबे, विश्वदीप पटेरिया, सन्तोष मिश्रा,योगेन्द्र मिश्रा, धीरेंद्र सिंह ,मुकेश मरकाम,आसुतोष तिवारी, चंदू जाऊ लकर नरेंद्र सेन,रजनीश पांडेय,संदीप नेमा, गोविंद विल्थरे ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को 65 वर्ष की उम्र पूर्ण करने के पश्चात ही रिटायर करने की माँग की है। मध्यप्रदेश कर्मचारियों से संबंधित महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया MP karmchari news पर क्लिक करें. |
| You are subscribed to email updates from Bhopal Samachar | No 1 hindi news portal of central india (madhya pradesh). To stop receiving these emails, you may unsubscribe now. | Email delivery powered by Google |
| Google, 1600 Amphitheatre Parkway, Mountain View, CA 94043, United States | |