प्राइमरी का मास्टर ● इन |
- बेसिक शिक्षा विभाग ने CLASS SAATHI APP का प्रयोग किया शुरू, गणित और विज्ञान की पढाई होगी आसान
- कोविड संक्रमण में सुधार को देखते हुए देशभर के विश्वविद्यालय और कालेज खोलने का UGC का निर्देश
- सरकार बनी तो सरकारी कर्मचारियों की पुरानी पेंशन होगी बहाल, बसपा प्रमुख मायावती का एलान
- DBT : अभिभावकों की लापरवाही और बैंको की मनमानी की सजा भुगत रहे बेसिक शिक्षक
| बेसिक शिक्षा विभाग ने CLASS SAATHI APP का प्रयोग किया शुरू, गणित और विज्ञान की पढाई होगी आसान Posted: 13 Feb 2022 05:03 PM PST बेसिक शिक्षा विभाग ने क्लास साथी एप का प्रयोग किया शुरू, गणित और विज्ञान की पढाई होगी आसान गणित, विज्ञान और अंग्रेजी की पढ़ाई को आसान बनाने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने क्लास साथी एप का प्रयोग शुरू किया है। कक्षा छह से आठ तक के छात्रों के लिए यह एप बेहद उपयोगी है। विद्यार्थियों के साथ ही शिक्षक भी इस एप से जुड़कर शिक्षा की बेहतरी में योगदान दे रहे हैं। इसके लिए ऑनलाइन कार्यशाला का आयोजन भी किया जा रहा है। कार्यशाला के माध्यम से शिक्षकों को दे रहे प्रशिक्षण एप को पूरी तरह प्रभावी बनाने तथा विद्यार्थियों को उसका लाभ दिलाने के लिए ऑनलाइन कार्यशाला आयोजित कर शिक्षकों को जागरूक किया जा रहा है। प्रत्येक महीने शिक्षकों के प्रशिक्षण के लिए एक दिवसीय यूट्यूब लाइव का प्रसारण किया जा रहा है। जिससे कि वे उसे बेहतर ढंग से विद्यार्थियों से साझा कर उन्हें शिक्षण गतिविधियों से जोड़ सके। कक्षा छठवीं से आठवीं के बच्चों को मिल रहा लाभ राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान की पहल पर क्लास साथी एप हिंदी माध्यम में भी उपलब्ध है। ऐसे में अधिक से अधिक विद्यार्थियों को उससे जोड़ते हुए उन्हें शिक्षा की मुख्य धारा में बनाए रखने की पहल की जा रही है। |
| कोविड संक्रमण में सुधार को देखते हुए देशभर के विश्वविद्यालय और कालेज खोलने का UGC का निर्देश Posted: 13 Feb 2022 04:47 PM PST कोविड संक्रमण में सुधार को देखते हुए देशभर के विश्वविद्यालय और कालेज खोलने का UGC का निर्देश नई दिल्ली: कोविड संक्रमण में तेजी से सुधार के बीच विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने देशभर के बंद पड़े विश्वविद्यालय व कालेज फिर से खोलने को कहा है। इससे पहले सभी संस्थानों से स्थानीय स्थिति को परखने को कहा गया है। संक्रमण से बचाव के लिए कोविड प्रोटोकाल का कड़ाई से पालन का सुझाव दिया है। यूजीसी ने उच्च शिक्षण संस्थानों को यह सुझाव पिछले करीब दो साल से बंद उच्च शिक्षण संस्थानों को खोलने की छात्रों की मांगों को देखते हुए दिया है। सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को लिखे पत्र में आयोग ने कहा है कि कोविड संक्रमण की स्थितियां अब पहले से बेहतर हैं। ऐसे में उच्च शिक्षण संस्थानों को संक्रमण की स्थानीय स्थिति को देखते हुए अब खोलने का फैसला लेना चाहिए। छात्रों की कक्षाएं फिर से आयोजित की जाएं। परीक्षाएं भी आफलाइन, आनलाइन या फिर मिले-जुले तरीके से, जैसे संभव हों कराई जाएं। केंद्र व राज्य सरकार से कोविड से बचाव को लेकर जारी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन कराने के लिए कहा गया है। |
| सरकार बनी तो सरकारी कर्मचारियों की पुरानी पेंशन होगी बहाल, बसपा प्रमुख मायावती का एलान Posted: 12 Feb 2022 06:50 PM PST सरकार बनी तो सरकारी कर्मचारियों की पुरानी पेंशन होगी बहाल, बसपा प्रमुख मायावती का एलान समाजवादी पार्टी (सपा) की तर्ज पर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की सुप्रीमो मायावती ने शनिवार को घोषणा की कि उनकी पार्टी की सरकार बनने पर सरकारी कर्मचारियों की पुरानी पेंशन बहाल की जाएगी । औरैया में बसपा प्रत्याशियों के पक्ष में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए मायावती ने कहा ,''शिक्षा के क्षेत्र में एवं अन्य विभागों के कर्मचारी आए दिन अपनी मांगो को लेकर धरना प्रदर्शन एवं हड़ताल आदि करते हैं तो उन सभी मामलों को निपटाने लिए एक आयोग का गठन किया जाएगा और उनकी सही मांगो को मान लिया जाएगा । इसमें कर्मचारियों की पुरानी पेंशन का मामला भी शामिल हैं, क्योंकि हमारी पार्टी नयी पेंशन व्यवस्था से कतई भी सहमत नहीं हैं । इसलिए बसपा की सरकार बनने पर फिर पुरानी पेंशन व्यवस्था को लागू किया जाएगा ।'' गौरतलब है कि इससे पहले सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी उत्तर प्रदेश में उनकी पार्टी के सत्ता में आने पर सरकारी कर्मचारियों को पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने की घोषणा की थी। उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के मुताबिक वर्तमान में (2005 के बाद) करीब 10 लाख शिक्षक और कर्मचारी कार्यरत हैं जिनको पुरानी पेंशन का लाभ नहीं मिल रहा है। |
| DBT : अभिभावकों की लापरवाही और बैंको की मनमानी की सजा भुगत रहे बेसिक शिक्षक Posted: 13 Feb 2022 05:11 PM PST DBT : अभिभावकों की लापरवाही और बैंको की मनमानी की सजा भुगत रहे बेसिक शिक्षक बैंकों की मनमानी के चलते सूबे परिषदीय स्कूलों के बच्चे ड्रेस से वंचित, विभाग के दबाव से शिक्षक परेशान परिषदीय स्कूलों के कई बच्चों को डीबीटी की राशि का अभी भी इंतजार है। बैकों द्वारा अभिभावकों के खातों को आधार से लिंक नहीं किया जा रहा है, जिसके कारण शासन से बार-बार डाटा रिजेक्ट में आ रहा है। बीएसए एवं ब्लॉक के बीईओ द्वारा बार-बार बैंकों को पत्र लिखा जा रहा है। मगर अभी तक उक्त खातों को आधार से लिंक नहीं किया गया है। शिक्षक भी बैंकों के चक्कर लगा रहे हैं। कई जिलों में अभिभावकों और बैंक कर्मियों की लापरवाही से शिक्षकों पर कार्यवाहियां भी शुरू कर दी गई हैं। बेसिक शिक्षा विभाग के प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों में शासन द्वारा बच्चों को ड्रेस, स्वेटर, बैग और जूते-मौजों की राशि खरीदने के लिए 1100-1100 रुपये दिए जा रहे हैं। विभाग के अनुसार बैंकों में पहुंचकर प्रार्थना पत्र के साथ आधार कार्ड दे रहे हैं, मगर संबंधित बैंक कर्मचारियों को खातों को आधार से लिंक करने में देरी की जा रही है। बीएसए द्वारा भी लीड बैंक मैनेजर और बीईओ द्वारा संबंधित बैंकों को कई बार पत्र जारी किया जा चुका है, मगर विभाग के सामने समस्या यह समस्या लगातार आ रही है। बैंकों की मनमानी के कारण बच्चों का पैसा अभी तक शासन में फंस हुआ है। बताया गया कि अभी तक इन बच्चों के अभिभावक ड्रेस, जूते-मौजे, स्वेटर और बैग नहीं खरीद सके हैं। अभिभावक भी राशि के लिए बैंकों के चक्कर काट रहे हैं। |
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