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Sunday, February 20, 2022

Bhopal Samachar | No 1 hindi news portal of central india (madhya pradesh)

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ज्यादातर भाषाओं के अक्षर गोल-गोल क्यों होते हैं, लकीरों से क्यों नहीं बनाते- GK in Hindi

Posted: 20 Feb 2022 12:19 PM PST

अपने कभी ध्यान नहीं दिया परंतु भारत की ज्यादातर भाषाओं में एक महत्वपूर्ण समानता है। संस्कृत और हिंदी से लेकर उड़िया और तेलुगु तक सभी भाषाओं के अक्षर गोल-गोल होते हैं। जबकि ज्यादातर अक्षरों को रेखाओं से भी बनाया जा सकता है। जैसे हिंदी में- 'म' अक्षर में रेखाओं का उपयोग किया गया है लेकिन अ, आ, इ, ई से लेकर क्ष, त्र, ज्ञ तक ज्यादातर अक्षरों को गोल बनाया गया है। प्रश्न यह है कि ऐसा क्यों किया गया, क्या यह कोई इत्तेफाक है या फिर इसके पीछे कोई लॉजिक भी है। आइए पता लगाते हैं:- 

इसके पीछे के लॉजिक को समझने के लिए हमें उस समय की परिस्थितियों को समझना पड़ेगा जबकि भाषा का विकास हो रहा था। संस्कृत भाषा में लिखे जाने वाले ग्रंथ हो या फिर किसी भी दूसरी भाषा में लिखे जा रहे धार्मिक एवं ऐतिहासिक दस्तावेज। सभी को लिखने के लिए एक ही प्रकार की कलम दवात का उपयोग किया जा रहा था। किसी विषय को अनंत काल तक स्थाई रूप से लिखने के लिए ताम्रपत्र पर लिखने की परंपरा थी। 

यह सही है कि 'क' सहित ज्यादातर अक्षरों को रेखाओं से भी बनाया जा सकता है लेकिन यदि रेखाओं से उसे बनाते तो स्याही फैलने का खतरा ज्यादा रहता। गोल अक्षरों में स्याही के फैलने और अक्षर के बेकार हो जाने का खतरा अपेक्षाकृत कम रहता है। दूसरी महत्वपूर्ण बात यह है कि यदि अक्षर बनाने के लिए रेखाओं का उपयोग किया जाता तो ताम्रपत्र की उम्र कम हो जाती। संभव है वह लिखते समय खराब हो जाता। 

वैसे भी ब्रह्मांड की अज्ञात शक्तियों के कारण ज्यादातर चीजें गोल हैं। Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article 
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मध्यप्रदेश राजस्व मण्डल क्या है, इसके पास कितनी शक्तियां हैं- पढ़िए MP Land Revenue Code,1959

Posted: 20 Feb 2022 11:55 AM PST

जब किसी राजस्व प्राधिकारियों के आदेशों, निर्णय या कोई कार्यवाही से भू स्वामी को ठीक प्रकार से इंसाफ नहीं मिल पाता है तब ज्यादातर लोग भूमि संबंधित मामलों को सिविल न्यायालय में लेकर चले जाते हैं लेकिन इन मामलों की अपील, पुनः निरीक्षण, पुनः अवलोकन के लिए मध्य प्रदेश भू राजस्व संहिता,1959 की धारा 3 में राजस्व मण्डल का गठन किया गया है। मण्डल में एक अध्यक्ष एवं दो या दो से अधिक सदस्य होंगे। • राजस्व मण्डल को तथ्य का अंतिम न्यायालय माना है【किशोरी लाल बनाम विक्रय अधिकारी जिला भूमि विकास बैंक】।

मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता, 1959 की धारा 7 एवं 8 की परिभाषा:-

राजस्व मण्डल संहिता के अधीन निम्न अधिकारिता शक्तियां प्राप्त है:-
(क). अधीक्षण (पर्यवेक्षण) की शक्ति:- राजस्व मण्डल सभी भू राजस्व मामलों में जो उसकी अपीलीय या पुनरीक्षण अधिकारिता के अधीन है। समस्त अधिकारियों पर उस सीमा तक जाँच पड़ताल की शक्ति प्राप्त होगी।

(ख). नियम बनाने की शक्ति:- संहिता की धारा 41 के अनुसार मण्डल को समय समय पर कार्य व्यवसाय और प्रक्रिया के नियम बनाने की शक्ति प्राप्त है।

(ग).  मामले को ट्रांसफर करने की शक्ति:- मण्डल को धारा-29 के अनुसार राजस्व आयुक्त को मामले को भेजने की शक्ति प्राप्त है, मंडल स्वयं विवेक से किसी भी पक्षकार का मामला, प्रकरण किसी भी आयुक्त या राजस्व अधिकारी को भेज सकता हैं।

(घ). अपील सुनने की शक्ति:- संहिता की धारा 44 के अनुसार राजस्व मण्डल को पक्षकारों की प्रथम एवं द्वितीय अपील सुनने का अधिकार प्राप्त होता है।

(ङ). पुनः निरीक्षण की शक्ति:- संहिता की धारा 50 के अनुसार राजस्व मण्डल को पक्षकारों के आवेदन पत्र पर पुनः मुआइना या जाँच पड़ताल(निरीक्षण) करने की शक्ति प्राप्त है। 
नोट:- किसी राजस्व अधिकारी(आयुक्त, कलेक्टर, उपखंड अधिकारी,तहसीलदार आदि) के आदेश के विरुद्ध सीधे राजस्व मण्डल के समक्ष पुनः निरीक्षण के लिए आवेदन प्रस्तुत किया जा सकता है【ओमप्रकाश बनाम मध्यप्रदेश राज्य,2004】।

(च). पुनः अवलोकन की शक्ति:- संहिता की धारा 51 में राजस्व मण्डल को किसी भी हितबद्ध पक्षकारों के आवेदन पर पुनः विचार या पुनः अवलोकन करने की शक्ति प्राप्त है।

(छ). राज्य सरकार की शक्ति:- संहिता की धारा 262 के अनुसार राजस्व मण्डल को ऐसे समस्त मामले जो इस संहिता में लागू है चाहे, अपील, पुनः निरीक्षण, पुनः अवलोकन या कोई लाम्बित हो,या समुचित विधि के आदि नियमों के अनुसार विनिश्चित किये जाएंगे।

राजस्व मण्डल को राजस्व अधिकारी से दस्तावेजों,बुक लेखा/जोखा के प्रपत्रों आदि को मांगने की शक्ति प्राप्त है या नहीं जानिए:-
• शंकरलाल  एवं अन्य बनाम मध्यप्रदेश राज्य,2000:- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 227 के आधीन उच्च न्यायालयो को अधीनस्थ न्यायालयो से विवरण मंगाने, उनकी कार्य प्रणाली और कार्यवाहियों के2विनियम हेतु नियम बनाने एवं पदाधिकारियों द्वारा रखी जाने वाली पुस्तकों, प्रविष्टियों और लेखाओ के प्रपत्रों को विहीत करने की शक्ति प्राप्त है। इसी प्रकार संहिता की धारा 8 के अधीन राजस्व मण्डल को अधीक्षण संबंधित शक्तियां प्राप्त है। राजस्व मण्डल राजस्व प्राधिकारियों से सभी प्रकार के अभिलेखों, प्रपत्रों, लेखाओ एवं पुस्तक को देख रेख एवं जांच पड़ताल या संचालन के लिए बुलवा सकता है।

मध्यप्रदेश में राजस्व मण्डल कहाँ एवं कौन अध्यक्ष सदस्य हैं:-

"मध्यप्रदेश राजस्व मण्डल का मुख्यालय मोतीमहल ग्वालियर में स्थित हैं इसके वर्तमान अध्यक्ष श्री अशिवनी कुमार राय हैं एवं प्रशासनिक सदस्य श्री मनु श्रीवास्तव एवं सदस्य श्री राजेश बहुगुणा जी हैं। (Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article)

:- लेखक बी.आर. अहिरवार (पत्रकार एवं लॉ छात्र होशंगाबाद) 9827737665
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MP TET VARG 3 टॉपिक- अधिगम एवं शिक्षाशास्त्र, मूलभूत प्रक्रियाएं, रणनीतियां, सामाजिक प्रक्रिया के रूप में, सामाजिक संदर्भ

Posted: 20 Feb 2022 11:25 AM PST

एमपीटेट वर्ग 3 का एक बहुत ही महत्वपूर्ण टॉपिक है अधिगम एवं शिक्षाशास्त्र, इसी का सबटॉपिक है" शिक्षण और अधिगम की मूलभूत प्रक्रियाएं, बच्चों के अधिगम की रणनीतियां, अधिगम एक सामाजिक प्रक्रिया के रूप में, अधिगम का सामाजिक संदर्भ। 

शिक्षण और अधिगम की मूलभूत प्रक्रियाएं

शिक्षा का बुनियादी तथ्य यह है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एक गुणवान शिक्षक के ऊपर ही निर्भर करती है। चाहे शिक्षक एवं शिक्षार्थी दोनों विषम परिस्थितियों में ही क्यों ना हो चाहे, शिक्षक आज के सर्वोत्तम आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित कक्षा में क्यों ना हो, चाहे वह विद्यार्थियों के एक छोटे से समुदाय के साथ हो या फिर टीवी पर, मोबाइल पर चल रहे पाठ का संचालन कर रहा हो जिसे हजारों- लाखों विद्यार्थी एक साथ देखकर
सीख रहे हो या फिर पूर्णता एक नियत कालीन कार्यक्रम के रूप हो, हर स्थिति में यह स्पष्ट है कि बेहतर शिक्षण, एक बेहतर शिक्षक द्वारा, बेहतर शिक्षण प्रक्रिया के माध्यम से ही संभव है। इसलिए महत्वपूर्ण है कि शिक्षण के कार्य के लिए महत्वपूर्ण रणनीतियां (शिक्षण विधियां) तैयार की जाएं जिससे की सही दिशा में मार्गदर्शन किया जा सके। 

बच्चों के अधिगम की रणनीतियां

शिक्षण का अर्थ ऐसे अनुभवों और संदर्भों से होना चाहिए जो शिक्षार्थी को सीखने के लिए इच्छुक और योग्य बनाएं। शिक्षक का सर्वाधिक महत्वपूर्ण कार्य है कि बच्चे को एक ऐसा परिवेश प्रदान किया जाए, जिसमें उसे जानकारी के लिए स्वतः ही खोज करने के  अवसर प्रदान किए जाएं। अधिगम एक सक्रिय प्रक्रिया है, जिसमें त्रुटियां होंगी और समाधान भी मिलेंगे। 

शिक्षण -सूत्र / Teaching Formulas 

शिक्षण प्रक्रिया में शिक्षण के सिद्धांत सूत्र के रूप में प्रत्येक शिक्षक को कुछ मौलिक सिद्धांतों को ध्यान रखना चाहिए-
1) ज्ञात से अज्ञात की ओर
2) सामान्य से विशिष्ट  की ओर
3) पूर्ण से अंश की ओर 
4) मूर्त से अमूर्त की ओर
5) आगमन से निगमन की ओर
यह शिक्षण के सामान्य सूत्र हैं, जिनके प्रयोग से किसी भी प्रकार के शिक्षण को अधिक सरल, सुगम, स्पष्ट और रोचक बनाया जा सकता है। 

अधिगम एक सामाजिक प्रक्रिया के रूप में एवं अधिगम का सामाजिक संदर्भ 

अधिगम या सीखना एक जीवन पर्यंत चलने वाली प्रक्रिया है। संसार में प्रत्येक व्यक्ति की सीखने की कला व्यक्तिगत रूप से अलग-अलग होती है। महान दार्शनिक अरस्तु के अनुसार" मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है" प्रत्येक व्यक्ति समाज के माध्यम से सीखता है ,जो उसके दिन प्रतिदिन क्रियाओं में देखने को मिलता है। 

जब एक बच्चे का जन्म होता है तो परिवार उसकी प्रथम पाठशाला की भूमिका निभाता है, परिवार भी समाज का एक छोटा मॉडल या मिनिएचर वर्जन ही होता है। इसके बाद वह विद्यालय में प्रवेश करता है तो उसका सामाजिक विस्तार बढ़ जाता है और वह मित्रों, शिक्षकों के संपर्क में आता है। मित्र और शिक्षक दोनों बालकों के सीखने की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। दूसरे शब्दों में कहें तो परिवार और विद्यालय से ही बच्चे के समाजीकरण की प्रक्रिया शुरू हो जाती है और समाज के माध्यम से ही अधिकतम व्यवहार सीखता है। जो की उसके व्यवहारिक जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते हैं। अधिगम की प्रक्रिया में भी समाज का अपना महत्वपूर्ण स्थान है। बच्चों को समाज के द्वारा विभिन्न प्रकार के अनुभव प्राप्त होते हैं, जिसके द्वारा बच्चे सक्रिय रूप से अपने अनुभवों का निर्माण करते हैं. अधिगम की प्रक्रिया समाज और संस्कृति पर भी निर्भर करती है। सामाजिक क्रियाकलापों का बच्चे के अधिगम पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है। मध्य प्रदेश प्राथमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा के इंपोर्टेंट नोट्स के लिए कृपया mp tet varg 3 notes in hindi पर क्लिक करें.

MP KISAN NEWS- किसानों को तार फेंसिंग का पैसा सरकार देगी: केंद्रीय कृषि मंत्री

Posted: 20 Feb 2022 07:58 AM PST

ग्वालियर
। केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने बताया कि आवारा जानवरों से उद्यानिकी फसलों को होने वाले नुकसान से बचाने के लिये खेतों की तार फैंसिंग की सुविधा का प्रावधान भारत सरकार के कृषि विभाग की योजना में कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि भारत सरकार किसानों के लिए यह राष्ट्रव्यापी सुविधा देने जा रही है। 

किसानों को प्रोसेसिंग यूनिट के लिये सरकार बड़ा अनुदान देती है: कृषि राज्य मंत्री मध्य प्रदेश

केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ग्वालियर व चंबल अंचल के किसानों के लिये उद्यानिकी एवं प्रसंस्करण विषय पर यहाँ कृषि महाविद्यालय ग्वालियर के ऑडिटोरियम में आयोजित हुए प्रशिक्षण कार्यक्रम को वर्चुअल संबोधित कर रहे थे। प्रशिक्षण कार्यक्रम में मौजूद किसानों को संबोधित करते हुए राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार श्री भारत सिंह कुशवाह ने कहा कि किसान दोहरी भूमिका में आएं। वे केवल फसल उत्पादन तक सीमित न रहकर अपनी उपज की प्रोसेसिंग भी करें। प्रोसेसिंग यूनिट के लिये सरकार बड़ा अनुदान देती है। 

किसानों से पूछ कर बनाया गया है मध्य प्रदेश का बजट: मंत्री भारत सिंह कुशवाह

उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री भारत सिंह कुशवाह ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की मंशा है कि किसानों के सुझावों के आधार पर प्रदेश के बजट में कृषि योजनाओं के लिये प्रावधान हों। श्री कुशवाह ने प्रशिक्षण कार्यक्रम में मौजूद किसानों से बजट के लिये सुझाव लिए। किसानों ने खासतौर पर उद्यानिकी फसलों की एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) निर्धारित करने, आलू एवं अन्य उद्यानिकी फसलों के बीज पर अनुदान, उद्यानिकी फसलों के लिये विशेष प्रशिक्षण, पशुधन नस्ल सुधार इत्यादि के लिये बजट प्रावधान करने के सुझाव दिए। मध्य प्रदेश की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया mp news पर क्लिक करें.

GWALIOR वालों से शताब्दी एक्सप्रेस में ज्यादा किराया लिया जाता है

Posted: 20 Feb 2022 07:53 AM PST

ग्वालियर।
ग्वालियर वालों के साथ रेलवे बेईमानी कर रहा है। ग्वालियर के लोग दिल्ली और भोपाल जाने के लिए शताब्दी एक्सप्रेस का उपयोग करना पसंद करते हैं, इसी बात का फायदा उठाकर रेलवे यात्रियों से ज्यादा किराया वसूल कर रहा है। सरल शब्दों में दलील यह है कि देश भर में चलने वाली सभी शताब्दी ट्रेनों का किराया प्रति किलोमीटर के हिसाब से समान होना चाहिए। जबकि नई दिल्ली- रानी कमलावती के बीच चलने वाली शताब्दी का किराया सबसे ज्यादा है।

दिल्ली-भोपाल शताब्दी एक्सप्रेस पूरे भारत में सबसे महंगी 

ग्वालियर के प्रतिष्ठित पत्रकार प्रियंक शर्मा की एक रिपोर्ट के अनुसार शताब्दी एक्सप्रेस में ग्वालियर से भोपाल तक का किराया चेयर कार में 1100 और एक्जीक्यूटिव क्लास में 1600 रुपये से अधिक वसूल किया जा रहा है। इसमें फ्लाइट्स की तर्ज पर लगने वाला डायनमिक चार्ज भी शामिल है। डायनमिक और कैटरिंग चार्ज यदि हटा दिया जाए तो भी भोपाल शताब्दी की तुलना में अमृतसर शताब्दी, अजमेर शताब्दी, लखनऊ शताब्दी, देहरादून शताब्दी सहित 10 से अधिक इस श्रेणी की ट्रेनों में प्रति किलोमीटर कम किराया लिया जा रहा है। 

भोपाल शताब्दी एक्सप्रेस के किराए का गणित इस प्रकार समझिए

भोपाल शताब्दी एक्सप्रेस में आगामी 28 फरवरी को ग्वालियर से भोपाल तक का किराया चेयर कार में 845 और एक्जीक्यूटिव क्लास में 1645 रुपये है। इसमें 185 और 245 रुपये कैटरिंग चार्ज शामिल है। इसे हटा दें तो चेयर कार में 660 रुपये और एक्जीक्यूटिव क्लास में 1400 रुपये का किराया लगता है। ग्वालियर से भोपाल की दूरी 394 किमी है। प्रति किलोमीटर के हिसाब से चेयर कार का 1.67 रुपये व एक्जीक्यूटिव क्लास का किराया 3.55 रुपये होता है। इसी हिसाब से अन्य शताब्दी एक्सप्रेस की तुलना कुछ इस प्रकार है-

ट्रेन दूरी किराया प्रति किमी किराया

नई दिल्ली-अमृतसर शताब्दी 448 किमी 725 व 1540 रु 1.61 व 3.43 रु
नई दिल्ली-अजमेर शताब्दी 443 720 व 1540 1.62 व 3.47
नई दिल्ली-लखनऊ शताब्दी 511 825 व 1770 1.61 व 3.46
गांधीनगर-मुंबई सेंट्रल शताब्दी 520 837 व 1770 1.60 व 3.40
न्यू जलपाई गुड़ी-हावड़ा शताब्दी 561 875 व 1875 1.55 व 3.34
नई दिल्ली-देहरादून शताब्दी 315 519 व 1100 1.64 व 3.49
नोट: किराया क्रमश: चेयर कार व एक्जीक्यूटिव क्लास

स्वर्गीय माधवराव सिंधिया ने शुरू करवाई थी शताब्दी एक्सप्रेस

भोपाल शताब्दी एक्सप्रेस के पास अपनी श्रेणी की पहली ट्रेन होने का खिताब भी है। देश के पहले प्रधानमंत्री स्व. पं. जवाहरलाल नेहरू की जन्मशताब्दी वर्षगांठ को मनाने के लिए 10 जुलाई 1988 को तत्कालीन रेल मंत्री स्व. माधवराव सिंधिया ने इस ट्रेन की शुरुआत कराई थी। इसी कारण इस श्रेणी की तेज रफ्तार ट्रेनों का नाम शताब्दी रखा गया। उस समय यह ट्रेन नई दिल्ली से ग्वालियर के बीच संचालित की गई थी। बाद में इसे झांसी और फिर भोपाल व रानी कमलापति स्टेशन तक के लिए बढ़ा दिया गया। ग्वालियर की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया GWALIOR NEWS पर क्लिक करें.

MP FOREST DEPT मुख्य वन संरक्षक को हाई कोर्ट की अवमानना का नोटिस- JABALPUR NEWS

Posted: 20 Feb 2022 07:41 AM PST

जबलपुर।
वन्य प्राणी संरक्षण के नाम पर बड़े-बड़े प्रोजेक्ट रूप देने वाली मध्य प्रदेश वन विभाग के मुख्य वन संरक्षक को वन्य प्राणी संरक्षण के मामले में लापरवाही के आरोप में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट द्वारा अवमानना का नोटिस जारी किया गया है। मामला सामान्य जानवरों का नहीं बल्कि तेंदुआ के संरक्षण की योजना का है।

प्रांतीय संयोजक मनीष शर्मा ने आरोप लगाया है कि हाई कोर्ट के स्पष्ट आदेश के बावजूद प्रदेश के मुख्य वन संरक्षक द्वारा तेंदुआ संरक्षण योजना का प्रारूप नहीं बनाया गया। ये खुलेआम हाई कोर्ट की अवमानना है। याचिकाकर्ता ने मुख्य वन संरक्षक को अवमानना नोटिस भेज कर चेतावनी दी है कि यदि 15 दिन के भीतर कोई कार्रवाई नहीं की जाती तो हाई कोर्ट में अवमानना याचिका दायर की जाएगी। 

उल्लेखनीय है कि 26 जुलाई, 2021 को हाई कोर्ट के तत्कालीन न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव व जस्टिस वीरेंद्र सिंह की युगलपीठ ने मुख्य वन संरक्षक को यह निर्देश दिए थे कि आठ सप्ताह के भीतर प्रदेश में तेंदुआ के संरक्षण हेतु एक क्विक एक्शन प्लान बनाया जाए। आठ माह बीतने के पश्चात भी सरकार द्वारा तेंदुआ संरक्षण हेतु कोई भी कार्य योजना नहीं बनाई गई है, जोकि हाई कोर्ट के आदेश की स्पष्ट अवमानना है।

नागरिक उपभोक्ता मंच द्वारा एक जनहित याचिका दायर कर मध्य प्रदेश में तेंदुए के हो रहे अवैध शिकार रोकने व संरक्षण हेतु कार्य योजना लागू करने की मांग की गई थी। आरटीआई से प्राप्त जानकारी के आधार पर बताया था कि विगत 10 वर्षों में प्रदेश में 405 तेंदुए की मृत्यु हुई जिसमें से लगभग 50 प्रतिशत तेंदुआ का अवैध शिकार किया गया। 

वहीं सेंटर फार वाइल्डलाइफ स्टडीज की रिपोर्ट के अनुसार तेंदुआ की आबादी में विगत कुछ वर्षों में 90% तक की कमी आई है। उन्होंने बताया कि 30 जुलाई, 2021 को दस्तावेजों तथा कोर्ट के आदेश के साथ एक अभ्यावेदन चीफ कंजरवेटर आफ फॉरेस्ट मध्य प्रदेश को भेजा गया था। इसके बाद एक रिमाइंडर भी भेजा गया था परंतु आज तक कोई भी कार्यवाही नहीं की गई। जबलपुर की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया JABALPUR NEWS पर क्लिक करें.

Dr Meets Clinic Jabalpur के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई

Posted: 20 Feb 2022 07:29 AM PST

जबलपुर।
Dr Meets Clinic Jabalpur के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई की है। स्वास्थ्य अधिकारी डा.रत्नेश कुरारिया ने दावा किया है कि त्वचा विशेषज्ञ के नाम पर यह क्लीनिक बिना रजिस्ट्रेशन के संचालित किया जा रहा था। क्लीनिक में मौजूद डॉक्टर के पास BHMS की डिग्री है लेकिन वह MMBS डॉक्टर की तरह एलोपैथी पद्धति में मरीजों का इलाज कर रहा था। 

Dr Meets Clinic Bhopal और Indore में भी चल रहा है

स्वास्थ्य अधिकारी डा.रत्नेश कुरारिया ने बताया कि राइट टाउन स्थित डा मीत क्लीनिक संचालित हो रहा था। जहां त्वचा रोग का उपचार किया जा रहा था। टीम को क्लीनिक में ब्लड से PRP बनाने की मशीन, लेजर संबंधित पोस्टर और मशीन दुकान में मिली। चिकित्सक के पास ड्रग लाइसेंस नहीं था इसके अलावा डा. मीत के नाम से इंदौर, भोपाल में दवाखाना चल रहे हैं। 

नर्सिंग होम एसोसिएशन ने शिकायत की थी

जबलपुर में क्लीनिक बिना पंजीयन के संचालित किया जा रहा था। इसकी शिकायत नर्सिंग होम एसोसिएशन की तरफ से की गई थी। सीएमओ के निर्देश पर डा.केके वर्मा ने यह कार्रवाई की। अवैध रूप से गैर प्रशिक्षित चिकित्सक डॉ.मतरंजन द्विवेदी द्वारा संचालित इस क्लीनिक के बारे में गत दिवस नर्सिंग होम एसोसिएशन द्वारा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय को जानकारी दी गई थी। जबलपुर की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया JABALPUR NEWS पर क्लिक करें.

62 साल में रिटायर हुए प्राध्यापकों को 3 साल का वेतन मिलेगा, हाईकोर्ट का आदेश - JABALPUR HC NEWS

Posted: 20 Feb 2022 07:32 AM PST

जबलपुर।
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने एक याचिका में सभी पक्षों की सुनवाई के बाद महत्वपूर्ण आदेश दिया है। उच्च न्यायालय ने शासन को आदेशित किया है कि 62 वर्ष की आयु में रिटायर किए गए प्राध्यापकों को 65 वर्ष तक सेवा का पूरा वेतन भुगतान किया जाए। यानी कि याचिकाकर्ता प्राध्यापकों को 3 साल का पूरा वेतन मिलेगा।

65 से पहले रिटायर हुए कर्मचारी इंटरवीनिंग पीरियड का पूरा वेतन पाने के हकदार

न्यायमूर्ति संजय द्विवेदी की एकलपीठ ने उच्च शिक्षा विभाग को याचिकाकर्ताओं की सेवा से बाहर रहे दिनों की गणना और उसके आधार पर बनने वाला पूरा वेतन की गणना की प्रक्रिया 60 दिन के भीतर पूरी करने के निर्देश दिए। कोर्ट ने कहा कि वे प्रोफेसर्स जिन्हें 62 वर्ष में सेवानिवृत्त कर दिया गया और वे सेवा से बाहर हो गए, वे सभी इंटरवीनिंग पीरियड का पूरा वेतन पाने के हकदार हैं। जबलपुर निवासी डा. आरएस सोहाने सहित अन्य की ओर से अधिवक्ता एलसी पटने व अभय पांडे ने पक्ष रखा।

कमिश्नर हायर एजुकेशन ने नियम विरुद्ध रिटायर कर दिया था

उन्होंने दलील दी कि आयुक्त उच्च शिक्षा विभाग ने 10 जून, 2020 को एक आदेश जारी कर वर्ष 2016 से 2018 के बीच का पूरा वेतन देने से इनकार कर दिया। उन्होंने बताया कि याचिकाकर्ताओं को जबरदस्ती 62 वर्ष में सेवानिवृत्ति दे दी गई, जिस कारण वे 65 वर्ष की आयु पूरा होने तक सेवा से बाहर रहे। 

सुप्रीम कोर्ट ने भी 65 वर्ष तक सेवा में रखने के आदेश दिए थे 

उन्होंने कोर्ट को बताया कि याचिकाकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट में भी SLP दायर की थी। भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने याचिकाकर्ताओं को 65 वर्ष तक सेवा में बने रहने के आदेश दिए थे। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने शासन को वेतन रिलीज करने के निर्देश भी दिए थे। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने बालकृष्ण राठी विरुद्ध मध्य प्रदेश शासन के मामले में भी अनुदान प्राप्त कालेजों के प्राध्यापकों को 65 वर्ष तक की सेवा का पूरा वेतन देने के निर्देश दिए थे। जबलपुर की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया JABALPUR NEWS पर क्लिक करें.

BHOPAL NEWS- प्यार पर पहरा लगा तो ब्यूटीशियन ने अग्निस्नान कर लिया, मौत

Posted: 20 Feb 2022 07:14 AM PST

भोपाल।
छावनी शाहपुरा में रहने वाली 19 साल की एक लड़की ने आत्मदाह कर लिया। वह आकाशगंगा कांम्प्लेक्स में स्थित एक ब्यूटी पार्लर में ब्यूटीशियन का जॉब करती थी। प्राइमरी पुलिस इन्वेस्टिगेशन में पता चला है कि उसका किसी लड़के से अफेयर चल रहा था परंतु परिवार ने पाबंदी लगा दी थी। पुलिस मामले की जांच कर रही है क्योंकि कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।

शाहपुरा थाने के सब इंस्पेक्टर एवं इस मामले के इन्वेस्टिगेशन ऑफीसर नवीन पांडे के मुताबिक छावनी शाहपुरा निवासी रीता वंशकार (19) स्कूली पढ़ाई करने के बाद आकाश गंगा कांम्प्लेक्स स्थित एक ब्यूटी पार्लर में ब्यूटीशियन का कोर्स कर रही थी। पिता निजी काम करते हैं। चार बहन भाइयों में वह सबसे छोटी थी। दो बहनों की शादी हो चुकी है। परिवार में एक भाई और एक बहन है। 

वैलेंटाइन डे 14 फरवरी के बाद गुरुवार 17 फरवरी की दोपहर करीब दो बजे रीता ने अपने घर में खुद को आग लगा ली। चीख और शोर सुनकर परिजन को घटना की जानकारी हुई। किसी तरह आग बुझाकर परिजन युवती को जेपी अस्पताल लेकर गए थे। लेकिन करीब 90 फीसदी जल जाने के कारण रीता की पहले ही मौत हो चुकी थी। बाद में जांच में परिजनों की डांट फटकार के बाद रीता ये कदम उठाया था। भोपाल की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया bhopal news पर क्लिक करें।

BHOPAL NEWS- महिला व्यापारी को बीमा क्लेम लेने 15 साल संघर्ष करना पड़ा, यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस का मामला

Posted: 20 Feb 2022 07:04 AM PST

भोपाल।
यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी ने 15 साल पहले महिला व्यापारी को बीमा क्लेम देने से इनकार कर दिया था। जिला उपभोक्ता फोरम में केस हारने के बाद कंपनी ने राज्य उपभोक्ता फोरम में अपील की थी। कंपनी यहां भी केस हार गई। महिला व्यापारी को बीमा क्लेम लेने के लिए 15 साल संघर्ष करना पड़ा। समाचार लिखे जाने तक महिला व्यापारी को क्लेम की राशि नहीं मिली थी। कंपनी की तरफ से स्पष्ट नहीं किया गया कि वह राज्य उपभोक्ता न्यायालय के आदेश का पालन करेगी या फिर अपील करेगी।

मध्य प्रदेश के बैतूल जिले की रहने वाली पुष्पा मिश्रा ने यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी के खिलाफ जिला उपभोक्ता आयोग में 2007 में शिकायत की थी। 15 मई 2007 को उपभोक्ता के टिंबर मार्ट डिपो में आग लग गई थी। आग से क्षति का क्लेम, बीमा कंपनी में प्रस्तुत किया तो कंपनी ने क्लेम देने से इंकार कर दिया। याचिका पर सुनवाई करते हुए जिला आयोग ने फैसला सुनाया कि उपभोक्ता को आग लगने से लकड़ी के स्टाक को हुई हानि की बीमा राशि 8,08,651 रुपये, मानसिक क्षतिपूर्ति राशि 5000 और वाद व्यय दो हजार रुपये दिए जाए। 

यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी ने कोर्ट का आदेश नहीं माना और 2010 में राज्य उपभोक्ता आयोग में अपील लगा दी। राज्य उपभोक्ता आयोग के सदस्य मोनिका मलिक व एसएस बंसल ने मामले का परीक्षण करने के बाद निर्णय सुनाते हुए जिला आयोग के फैसले को सही ठहराया। बीमा कंपनी का तर्क था कि उपभोक्ता ने आग में जलने के नुकसान के सर्वे के दस्तावेज जमा नहीं किए, इस कारण बीमा राशि नहीं दी गई। 

वहीं, उपभोक्ता ने अपना पक्ष रखा कि बीमा कंपनी द्वारा आग लगने को लेकर क्षति का जो आकलन किया गया था, वह करीब आठ लाख रुपये बताया गया था। सर्वेयर की रिपोर्ट भी पेश की थी। इसके बावजूद बीमा कंपनी ने क्लेम देने से इन्कार कर दिया था। आयोग ने बीमा कंपनी के तर्क को खारिज करते हुए क्लेम की राशि आठ लाख रुपये देने का आदेश दिया।

समाचार लिखे जाने तक यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी द्वारा भुगतान किए जाने की सूचना नहीं थी। भोपाल की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया bhopal news पर क्लिक करें।

मध्य प्रदेश के स्कूलों में भारत के सभी राज्यों की भाषाएं सिखाई जाएंगी: राज्य शिक्षा मंत्री - MP NEWS

Posted: 20 Feb 2022 06:53 AM PST

भोपाल।
मध्य प्रदेश शासन के स्कूल शिक्षा राज्य मंत्री इंदर सिंह परमार का कहना है कि मध्य प्रदेश के सभी 52 जिलों में भारत के सभी राज्यों की भाषाएं सिखाई जाएंगी। इसके लिए 52 जिलों में 53 स्कूलों का चयन किया गया है। इन स्कूलों में तमिल, तेलुगू, पंजाबी, मराठी सहित सभी प्रांतों की भाषाएं सिखाई जाएंगी।

स्कूल शिक्षा राज्य मंत्री ने बताया कि EFA के अंतर्गत ओपन बोर्ड के अधीन करके इन स्कूलों में हमने नए प्रयोग शुरू कर दिए हैं। इन 53 स्कूलों में हम देश भर के विभिन्न प्रांतों में बोली जाने वाली भाषाएं सिखाएंगे। हमारे विद्यार्थियों को अन्य प्रांतों की भाषाओं का ज्ञान भी होना चाहिए।

ताकि मप्र का विद्यार्थी बाहर राज्यों में जाकर उन्हीं की भाषा में उनसे संवाद कर सके। जैसे मप्र का विद्यार्थी अगर तमिल जानता है तो तमिलनाडु में जाकर उनकी भाषा में उनसे बात करेगा तो वहां के लोगों को लगेगा कि हिंदी भाषी लोग हमारी मातृभाषा का सम्मान करते हैं तो स्वाभाविक रूप से हिंदी के प्रति उनका सम्मान बढ़ेगा और हिंदी के प्रति उनका विरोध स्वाभाविक रूप से समाप्त हो जायेगा। 

इसलिए हिंदी भाषी राज्यों की यह जिम्मेदारी बनती है। मप्र देश का हृदय स्थल है और मप्र देश भर में पहला राज्य होगा, जहां अन्य राज्यों की भाषाओं को सिखाने का यह प्रयोग होगा। उच्च शिक्षा, सरकारी और प्राइवेट नौकरी एवं करियर से जुड़ी खबरों और अपडेट के लिए कृपया MP Career News पर क्लिक करें

उमा भारती- प्रतिष्ठा बचाने की कोशिश, मुख्यमंत्री के नाम अपील जारी की - BHOPAL NEWS

Posted: 20 Feb 2022 06:42 AM PST

भोपाल
। मध्य प्रदेश की पॉलिटिक्स में उमा भारती की एक्सपायरी डेट निकल चुकी है उसके बाद भी वह मैन स्ट्रीम में बने रहने की कोशिश कर रहीं थीं। शराबबंदी के नाम पर अपनी ही पार्टी को प्रेशर में लेने की कोशिश की लेकिन इस बार दांव उल्टा पड़ गया। अब अपनी प्रतिष्ठा बचाने की कोशिश में मुख्यमंत्री के नाम अपील जारी कर रही हैं। 

उमा भारती ने ताजा बयान में कहा है कि 'मैं सरकार के खिलाफ नहीं हूं, शराब के खिलाफ हूं, या तो शिवराज जी बताएं कि शराबबंदी को लेकर क्या योजना है या मेरा आग्रह स्वीकार कर लें। इस बार भी उन्होंने दोहराया कि मध्यप्रदेश में शराबबंदी होकर रहेगी। उल्लेख करना प्रासंगिक है कि उमा भारती कई बार मध्यप्रदेश में शराबबंदी के लिए आंदोलन करने का ऐलान कर चुकी हैं। अब तो कांग्रेस पार्टी के लोग शराबबंदी के नाम पर उमा भारती का मजाक उड़ाने लगे हैं। 

उमा भारती, गलत फीडबैक के कारण मुगालते का शिकार हो जाती हैं

टीकमगढ़ की रहने वाली उमा भारती के नाम कई रिकॉर्ड दर्ज हैं। मध्यप्रदेश में भारतीय जनता पार्टी ने उस समय उमा भारती को अपना चेहरा बनाया था जब तत्कालीन मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने दावा किया था कि उन्हें विधानसभा चुनाव में हराने की क्षमता भारतीय जनता पार्टी के किसी नेता में नहीं है। सफलता का श्रेय भी उमा भारती को मिला और मुख्यमंत्री बनाई गईं, लेकिन मुगालते का शिकार हो गईं और कार्यकाल पूरा नहीं कर गईं। कोई इत्तेफाक है या श्राप, लेकिन उमा भारती अपने पोलिटिकल कैरियर में ज्यादातर वक्त सत्ता के सिंहासन पर अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर गईं हैं। भोपाल की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया bhopal news पर क्लिक करें।

IIITM Gwalior- दीक्षांत समारोह में आई छात्रा का रेप, डायरेक्टर पर धोखाधड़ी का आरोप

Posted: 20 Feb 2022 06:08 AM PST

ग्वालियर
। प्रतिष्ठित शिक्षा संस्थानों में शामिल भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी एवं प्रबंधन संस्थान, ग्वालियर (Indian Institute of Information Technology and Management Gwalior) के लिए शर्मसार करने वाली खबर है। महाराजपुरा थाने में दर्ज FIR के अनुसार दीक्षांत समारोह में आई MTech पास छात्रा के साथ इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर बने नौकरी देने के नाम पर धोखाधड़ी की और सिक्योरिटी ऑफिसर ने उसकी मजबूरी का फायदा उठाते हुए बलात्कार किया। 

सीएसपी महाराजपुरा रवि भदौरिया ने बताया कि पीड़ित छात्रा ने सन 2015 में इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट ग्वालियर से एमटेक की डिग्री पास की है। कोर्स कंप्लीट होने के बाद जॉब की तलाश के दौरान पीड़ित लड़की की मुलाकात इसी इंस्टिट्यूट के सिक्योरिटी ऑफिसर दिनेश कुमार द्विवेदी से हुई। दिनेश कुमार ने छात्रा को इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर एसजी देशमुख से मिलवाया। बताया गया कि उसे इस इंस्टीट्यूट में नौकरी दी जा सकती है। इसके बदले में ₹500000 रिश्वत मांगी गई। 

लड़की ने अपनी शिकायत में पुलिस को बताया है कि उसने 3.60 लाख रुपए दे दिए थे। उसकी ओरिजिनल मार्कशीट भी इन लोगों ने अपने पास रख ली थी। घटना दिनांक 23 जनवरी 2017 को दीक्षांत समारोह में शामिल होने के लिए जब लड़की आई तो सिक्योरिटी ऑफिसर उसे इंस्टिट्यूट के कैंपस में बने अपने क्वार्टर में ले गया। जहां उसकी मजबूरी का फायदा उठाते हुए रिलेशन बनाए।

सीएसपी महाराजपुरा रवि भदौरिया ने बताया कि आरोपी सिक्योरिटी ऑफिसर दिनेश कुमार द्विवेदी को पकड़ लिया गया है जबकि आरोपी डायरेक्टर एसजी देशमुख इस इंस्टीट्यूट में दिल्ली में प्रोफेसर है। उसे भी जल्द ही पकड़ लिया जाएगा। ग्वालियर की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया GWALIOR NEWS पर क्लिक करें.

BHOPAL NEWS- 17 वर्षीय लड़के के चक्कर में हुई थी व्यापारी के बेटे की हत्या

Posted: 20 Feb 2022 05:47 AM PST

भोपाल
। किसी लड़की का कारण दो लोगों के बीच रंजिश और हत्या के मामले तो अक्सर सामने आ जाते हैं परंतु भोपाल पुलिस ने व्यापारी देवेंद्र कोठारी के बेटे नीरज कोठारी की हत्या के मामले में खुलासा किया है कि, यह हत्याकांड 17 साल के एक लड़के के चक्कर में हुआ है। हत्या का आरोपी भी उसी लड़के के साथ रिलेशन में था।

पुलिस के मुताबिक, 17 फरवरी को औबेदुल्लागंज के वार्ड नंबर 13 में रहने वाले व्यापारी देवेंद्र कोठारी ने अपने बेटे नीरज कोठारी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। SDOP मलकीत सिंह के साथ 4 थानों की टीम नीरज की तलाशी में जुटी थी। जांच के दौरान ही पुलिस ने नीरज की लाश शुक्रवार सुबह होशंगाबाद रोड पर शगुन वाटिका मैरिज गार्डन के पीछे झाड़ियों से बरामद की। इस मामले की इन्वेस्टिगेशन के बाद एडिशनल एसपी अमृत मीणा ने चौंकाने वाला खुलासा किया है।

नाबालिक लड़के को यूज़ करता था आरोपी, व्यापारी भी बुलाने लगा

मीणा ने बताया कि पिपलिया गांव का रहने वाला 23 साल का मनोज कटारे और एक नाबालिग की अच्छी दोस्ती थी। पहले दोनों स्टेशन रोड पर नमकीन की एक दुकान पर काम करते थे। इसी बीच, नाबालिग की मुलाकात रेलवे स्टेशन पर व्यापारी नीरज कोठारी (जिसकी हत्या हुई) से हुई। नीरज नाबालिग को अपने पास बुलाने लगा। उसके साथ गलत हरकत करने लगा। यह बात जब मनोज को पता चली तो उसने विरोध किया।

लड़की नहीं लड़के के प्यार में हो गई व्यापारी की हत्या 

आरोपी मनोज कटारे को बिल्कुल पसंद नहीं था कि उसके रिलेशन वाला लड़का व्यापारी मनोज कोठारी के पास जाए। इसलिए उसने नीरज कोठारी की हत्या की साजिश रची। प्लानिंग के तहत उसने नीरज कोठारी को बुलाया और धारदार हथियारों से उसकी हत्या करके, डेड बॉडी को झाड़ियों में फेंक दिया।

पूछताछ के दौरान आरोपी मनोज कटारे ने बताया कि व्यापारी नीरज कोठारी ने कुछ वीडियो बना लिए थे। वह नाबालिग लड़के को ब्लैकमेल कर रहा था। बार-बार अपने पास बुलाता था। 17 फरवरी गुरुवार की रात नीरज ने फोन कर नाबालिग को शगुन वाटिका के पीछे बुलाया था। नाबालिग ने यह बात मनोज को भी बताई। मनोज भी उसके पीछे गया। वहां व्यापारी नीरज पर मनोज ने हमले कर दिया। नाबालिग और मनोज ने मिलकर नीरज का गला दबा दिया और हाथों की नसें काट दी। उस पर धारदार हथियारों से हमला किया और इसके बाद दोनों आरोपी नीरज की स्कूटी मोबाइल लेकर मौके से फरार हो गए। भोपाल की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया bhopal news पर क्लिक करें।

INDORE NEWS- सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवती का शव होटल रूम में लटका मिला

Posted: 20 Feb 2022 06:19 AM PST

इंदौर
। अग्रसेन चौराहा, भवर कुआं थाना क्षेत्र के एक होटल में 25 साल की मोनिका यादव का शव फांसी के फंदे पर लटका हुआ मिला। उसके हाथ में कट लगा हुआ था। फर्श पर काफी खून फैला हुआ था। होटल स्टाफ का कहना है कि पुलिस के आने के बाद मास्टर चाबी से रूम को खोला गया था। कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। मोनिका यादव सॉफ्टवेयर इंजीनियर थी और 4 महीने पहले उसकी शादी हुई थी। सबसे लास्ट वीडियो कॉल उसने अपने भाई को किया था।

शनिवार सुबह निकली थी घर से, परिवार ने दर्ज कराई थी गुमशुदगी

भंवरकुआ थाने के TI संतोष दूधी के मुताबिक युवती शनिवार रात अग्रसेन चौराहे पर स्थित वाइन शॉप के ऊपर बनी होटल वेनिस ब्लू में रूकी थी। पुलिस को सूचना मिली कि होटल के पास वाली बिल्डिंग के लोगों ने होटल के कमरे में युवती को फांसी पर झूलता देखा है। होटल स्टाफ का कहना था कि युवती सुबह से कमरे का दरवाजा नहीं खोल रही है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मास्टर चाबी से कमरे का दरवाजा खुलवाया। अंदर युवती फंदे पर झूलती मिली। कमरे में काफी खून भी फैला हुआ था। युवती की पहचान मोनिका यादव (25) निवासी जगजीवन राम नगर के रूप में हुई है। वह शनिवार सुबह अपने घर से कुछ देर में वापस आने का कह कर निकली थी। जब वह नहीं लौटी तो परिवार ने रात में MIG थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी।

भाई को वीडियो कॉल कर काटी हाथ की नस, फिर फंदे पर झूली

जानकारी के मुताबिक मोनिका शनिवार को होटल में आकर रूकी थी। बताया जा रहा है कि उसने आत्महत्या के पहले अपने भाई नमन को 3 बजे कॉल किया था। उसी के सामने हाथ की नस काटी और फंदे पर झूल गई। पुलिस के मुताबिक इसकी रिकार्डिंग पूरी तरह से नहीं हो पाई है लेकिन पुलिस ने मोबाइल जब्त किया है। सूचना के बाद FSL टीम को भी मौके पर बुलाया गया था।

सॉफ्टवेअर इंजीनियर थी युवती, 4 माह पहले हुई थी शादी

TI संतोष दूधी के मुताबिक मोनिका ने सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। उसकी चार माह पहले ही शादी हुई थी। मोनिका का पति धीरज यादव प्राइवेट कॉलेज में सिक्युरिटी इंचार्ज है। पुलिस के मुताबिक अभी परिवार से पूछताछ की जा रही है। मायके पक्ष के बयानों के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।  इंदौर की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया indore news पर क्लिक करें.

आकाश विजयवर्गीय बल्ला कांड के फरियादी ने कहा: जो वायरल हो रहा है वह ओरिजिनल नहीं है - INDORE NEWS

Posted: 20 Feb 2022 05:18 AM PST

इंदौर।
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के पुत्र एवं विधायक आकाश विजयवर्गीय बल्ला कांड के फरियादी एवं नगर निगम के जोनल ऑफिसर धीरेंद्र बायस का कहना है कि सोशल मीडिया पर जो वीडियो वायरल हो रहा है, वह ओरिजिनल नहीं है। इससे पहले कोर्ट में बयान दर्ज कराते समय उन्होंने कहा था कि, उन्होंने आकाश विजयवर्गीय को मारते हुए नहीं देखा। 

कोर्ट के बाहर मीडिया ट्रायल के दौरान नगर निगम के जोनल ऑफिसर धीरेंद्र बायस ने कहा कि मैंने पुलिस इन्वेस्टिगेशन के दौरान जो बयान दिया था वही बयान कोर्ट में दिया है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर जो वीडियो वायरल हो रहा है वह ओरिजिनल नहीं है। आश्चर्यजनक बात यह है कि ना तो इंदौर पुलिस ने वायरल वीडियो की सत्यता को प्रमाणित करने के लिए कोई लैब टेस्ट कराया और ना ही फरियादी की तरफ से कोर्ट में ऐसी कोई अपील की गई। 

फरियादी धीरेंद्र बायस ने कहा कि, मैंने कोर्ट में दिए बयान में यह कहा है कि मैंने आकाश विजयवर्गीय को मारते हुए नहीं देखा लेकिन यह भी कहा कि चोट लगने के बाद जब मैंने मुड़कर देखा तो सबसे पहले आकाश विजयवर्गीय खड़े हुए थे। उनके पीछे और भी कई लोग थे जो हाथों में डंडे लिए हुए थे।

नामजद मुकदमा दर्ज हुआ है, विधायक जेल में रहे थे 

उल्लेख करना प्रासंगिक है कि इस घटना में फरियादी अधिकारी द्वारा नामजद मुकदमा दर्ज कराया गया था। एमजी रोड पुलिस थाने में दर्ज FIR में नगर निगम अधिकारी ने विधायक आकाश विजयवर्गीय और उनके समर्थकों पर मारपीट करने का आरोप लगाया है। आश्चर्यजनक बात आएगी वायरल वीडियो के आधार पर तत्कालीन कांग्रेस सरकार में गृहमंत्री बाला बच्चन ने आरोपियों की गिरफ्तारी के आदेश दिए थे। विधायक को जेल भेज दिया गया था लेकिन इसके बावजूद तत्कालीन कांग्रेस सरकार के गृह मंत्री ने पुलिस इन्वेस्टिगेशन में वायरल वीडियो को प्रमाण के तौर पर शामिल नहीं करवाया।  इंदौर की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया indore news पर क्लिक करें.

12वीं पास के लिए 5000 सरकारी नौकरियां- कर्मचारी चयन आयोग का नोटिफिकेशन- government jobs for 12 pass

Posted: 20 Feb 2022 07:43 AM PST

नई दिल्ली।
Staff Selection Commission, GoI द्वारा Combined Higher Secondary (10+2) Level Examination-2021 हेतु नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। सरकारी नौकरी का इंतजार कर रहे उम्मीदवारों के लिए 5000 वैकेंसी ओपन की गई है। 

CHSL 2021-2022 NOTIFICATION in Hindi

उल्लेखनीय है कि कंबाइंड हायर सेकेंडरी (10+2) लेवल भर्ती परीक्षा के माध्यम से केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों, विभागों एवं संबंधित कार्यालयों में लोअर डिवीजनल क्लर्क (LDC) / जूनियर सचिवालय सहायक (JSA), डाक सहायक (PA) / सॉर्टिंग असिस्टेंट (SA), और डाटा एंट्री ऑपरेटर (DEO) की पोस्ट पर रिक्रूटमेंट किए जाते हैं। उम्मीदवार ऑफिशल वेबसाइट पर जाकर नोटिफिकेशन डाउनलोड कर सकते हैं। 

SSC CHSL 2021 RECRUITMENT IMPORTANT NOTES 

SSC CHSL Tier 1 Exam- मई 2022 में। 
एडमिट कार्ड- परीक्षा से 7 दिन पहले। 
ऑनलाइन एप्लीकेशन की लास्ट डेट- 7 मार्च 2022 तक। 
SSC की ऑफिशियल वेबसाइट- ssc.nic.in 
ऑनलाइन एप्लीकेशन फीस की लास्ट डेट- 8 मार्च 2022 तक। 
आयु सीमा- 18 से 27 वर्ष तक। 
शैक्षणिक योग्यता- कक्षा 12 उत्तीर्ण। 
उच्च शिक्षा, सरकारी और प्राइवेट नौकरी एवं करियर से जुड़ी खबरों और अपडेट के लिए कृपया MP Career News पर क्लिक करें

Shri Kashi Vishwanath App यहां से Download करें, दर्शन एवं आरती बुकिंग

Posted: 20 Feb 2022 04:09 AM PST

विश्व प्रसिद्ध एवं चमत्कारी 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग है। यहां दुनिया भर के शिव भक्त आते हैं। वाराणसी शहर पूरी दुनिया के धर्म प्रेमी पर्यटकों के लिए हमेशा आकर्षण का केंद्र रहता है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए Shri Kashi Vishwanath Temple Trust द्वारा Mobile App लॉन्च किया गया है। 

Shri Kashi Vishwanath Mobile App की फीचर्स 

इस मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से श्रद्धालु महाशिवरात्रि के अवसर पर श्री काशी विश्वनाथ दर्शन के लिए रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। सामान्य दिनों में दर्शन, आरती एवं रेस्ट हाउस के लिए बुकिंग की जा सकती है। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट द्वारा उपलब्ध सभी सुविधाओं के लिए इस मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है।

श्री काशी विश्वनाथ मंदिर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन

श्रद्धालु गूगल प्ले स्टोर पर जाकर श्री काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट की ऑफिशल मोबाइल एप्लीकेशन को इंस्टॉल कर सकते हैं। सुविधा के लिए हम भी गूगल प्ले स्टोर की डायरेक्ट लिंक उपलब्ध करा रहे हैं। यहां क्लिक करके आप डायरेक्ट गूगल प्ले स्टोर से Shri Kashi Vishwanath Mobile App Download कर सकते हैं।

MP NEWS- उज्जैन आ रही दूल्हे की कार चंबल नदी में गिरी, सभी 9 सवारों की मौत

Posted: 20 Feb 2022 03:26 AM PST

भोपाल
। राजस्थान से मध्य प्रदेश के उज्जैन में आ रही बारात की एक कार कोटा जिले में में चंबल नदी में गिर गई। इस एक्सीडेंट में कार में सवार 9 लोगों की मौत हो गई।क्रेन की मदद से कार को बाहर निकाला गया है।

केसर सिंह शेखावत, एसपी सिटी कोटा, राजस्थान ने बताया कि बारात उज्जैन जा रही थी, बस आगे निकल गई ये गाड़ी रास्ता भटक कर छोटे पुल पर आ गई और नियंत्रण से बाहर होकर नदी में गिर गई। 7 शव गाड़ी से और 2 शव रेस्क्यू ऑपरेशन में पानी से बरामद की गई हैं। 

समाचार लिखे जाने तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इस कार में कौन कौन सवार था। उल्लेखनीय है कि इससे एक दिन पहले मध्य प्रदेश में बड़वानी से दूल्हे को लेकर धार जा रही कार का एक्सीडेंट हो गया था। इस एक्सीडेंट में दूल्हे की शादी से पहले ही मृत्यु हो गई थी। मध्य प्रदेश की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया mp news पर क्लिक करें.

MP NEWS- रिश्वतखोरी में पकड़े BRC को जेल भेजा, कोर्ट में जमानत नामंजूर की

Posted: 20 Feb 2022 03:21 AM PST

नरसिंहपुर।
मध्यप्रदेश में यह लगातार दूसरी बार हुआ है जब रिश्वतखोरी में पकड़े गए किसी कर्मचारी को जमानत नहीं दी गई बल्कि जेल भेज दिया गया। शिक्षा विभाग जिला शिक्षा केंद्र के विकासखंड स्त्रोत समन्वयक हरिओम पाठक को EOW ने रिश्वत लेते हुए पकड़ा था। स्पेशल कोर्ट ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। 

स्कूल की मान्यता के लिए रिश्वत मांगने का आरोप 

गिरफ्तार हुए शिक्षा विभाग के कर्मचारी हरिओम पाठक पर आरोप है कि उन्होंने शिकायतकर्ता मोहम्मद हुसैन जो अटल अंजुमन स्कूल का संचालन करता है, से मान्यता के लिए ₹25000 रिश्वत की मांग की थी। ₹10000 रिश्वत के प्राप्त कर चुके थे। ₹15000 दूसरी किस्त प्राप्त कर रहे थे। SP EOW देवेंद्र सिंह राजपूत का कहना है कि मोहम्मद हुसैन ने शिकायत की थी जिसके आधार पर कार्रवाई की गई। 

लोकायुक्त पुलिस और EOW की कार्रवाई में अंतर

मध्य प्रदेश में लोकायुक्त पुलिस और आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ की कार्यवाही में बड़ा अंतर है। लोकायुक्त पुलिस यदि किसी शासकीय कर्मचारी को रिश्वत लेते हुए पकड़ती है तो कानूनी कार्रवाई करने के बाद उसे जमानत पर छोड़ दिया जाता है लेकिन EOW द्वारा न्यायालय में पेश किया जाता है। विशेष न्यायालय ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए आरोपी अधिकारी को न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश दिए। मध्यप्रदेश कर्मचारियों से संबंधित महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया MP karmchari news पर क्लिक करें.

केंद्रीय कर्मचारियों को DA एरियर होली से पहले मिलेगा या नहीं, प्रधानमंत्री फैसला करेंगे- kendriya karmchari news

Posted: 19 Feb 2022 09:19 PM PST

नई दिल्ली।
खबरें आ रही है कि होली से पहले केंद्रीय कर्मचारियों को 18 का रुका हुआ डीए एरियर एक साथ मिलने वाला है। कैलकुलेशन लगाकर बताया जा रहा है कि इस बार की होली, कर्मचारियों के लिए दिवाली जैसी होगी। इतना पैसा मिलेगा कि वह नए कपड़े खरीद कर होली मना सकते हैं। 

मुद्दे की बात यह है कि पिछले 18 महीने से सरकार अपने कर्मचारियों को नई निर्धारित दरों के अनुसार महंगाई भत्ता नहीं दे पाई है। एरियर की बकाया रकम बहुत ज्यादा हो गई है। भारत में केंद्रीय कर्मचारियों की संख्या 48 लाख है। पेंशनर्स की संख्या 6000000 है। पांच राज्यों के चुनाव में सरकारी खजाने से काफी धन खर्च हुआ है, और वित्तीय वर्ष समाप्त होने पर आ गया है। साल भर के रुके हुए सभी महत्वपूर्ण भुगतान करने हैं। ऐसी स्थिति में 18 महीने का DA एरियर मिल पाएगा या नहीं, स्पष्ट नहीं कहा जा सकता। 

ताजा समाचार यह है कि प्रधानमंत्री फैसला करेंगे 

केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते के 18 महीने के बताया के मामले में ताजा समाचार सिर्फ इतना है कि इस मामले में अंतिम निर्णय प्रधानमंत्री करेंगे। मामला प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुंचाया जा चुका है। सभी कर्मचारी जानते हैं कि महंगाई भत्ते का बकाया जरूर मिलेगा लेकिन यह अन्य बकायेदारों की सूची पर निर्भर करेगा कि वह होली से पहले मिलेगा या नहीं। कर्मचारियों से संबंधित महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया karmchari news पर क्लिक करें.

DAVV NEWS- 12 कॉलेजों ने मान्यता नहीं ली, स्टूडेंट्स का एडमिशन कर लिए

Posted: 19 Feb 2022 09:00 PM PST

इंदौर।
Devi Ahilya Vishwavidyalaya, Indore से एलएलबी ऑनर्स में एडमिशन लेने वाले स्टूडेंट्स के लिए थोड़ी तनाव भरी खबर है। देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी से संबंधित 16 कॉलेजों में एलएलबी ऑनर्स के एडमिशन हुए हैं लेकिन इनमें से 12 कॉलेजों के पास मान्यता ही नहीं है। स्थिति यह बन गई कि 28 फरवरी से शुरू होने वाली परीक्षाओं को स्थगित कर दिया गया। 

देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के सूत्रों ने बताया कि एलएलबी ऑनर्स के लिए एडमिशन लेने वाले 16 में से सिर्फ एक कॉलेज के पास एलएलबी ऑनर्स की मान्यता है। 3 कॉलेज ऐसे हैं जिन्होंने मान्यता के लिए आवेदन किए हैं और 12 कॉलेज ऐसे हैं जिन्होंने आवेदन ही नहीं किया। मजबूर यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट को परीक्षा स्थगित करके कॉलेज संचालकों को नोटिस जारी करने पड़े। 

जितने कॉलेजों के पास मान्यता होगी उनकी ही परीक्षा कराएंगे: एग्जाम कंट्रोलर

देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी के परीक्षा नियंत्रक डॉ. अशेष तिवारी का कहना है हमने 12 कॉलेजों को नोटिस जारी किए हैं। उनसे पूछा है कि ऑनर्स की मान्यता कब तक लाएंगे? अगर तय समय में मान्यता नहीं लाए तो हमें बाकी छात्रों की परीक्षा आयोजित करना पड़ेगी। अभी तक एक कॉलेज ने मान्यता दिखाई है, जबकि तीन कॉलेजों ने प्रक्रिया पूरी होने का हवाला दिया है, बाकी 12 कॉलेजों की तरफ से कुछ नहीं आया। उच्च शिक्षा, सरकारी और प्राइवेट नौकरी एवं करियर से जुड़ी खबरों और अपडेट के लिए कृपया MP Career News पर क्लिक करें

MPSSB और MPPSC में कई समानताएं होंगी, लोग इसे मिनी पीएससी भी कहेंगे - HINDI NEWS

Posted: 20 Feb 2022 03:22 AM PST

भोपाल
। मध्य प्रदेश की शिवराज सिंह चौहान सरकार ने प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड का केवल नाम नहीं बदला बल्कि सारा सिस्टम बदल दिया है। MPPEB, तकनीकी शिक्षा विभाग के द्वारा संचालित किया जाता था जबकि MPSSB, सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा संचालित किया जाएगा। MPPSC का नोडल डिपार्टमेंट भी GAD ही है। कुल मिलाकर MPPSC और MPSSB दोनों GAD की संताने हैं। बोलचाल की भाषा में लोग MPSSB को मिनी पीएससी कहेंगे। 

मध्यप्रदेश में अब कभी व्यापम घोटाला नहीं होगा

व्यापम घोटाले ने पूरी दुनिया में मध्यप्रदेश को शर्मसार किया। यह एक ऐसा घोटाला था जिसमें जांच करने वाली एजेंसी सीबीआई के माथे पर भी दाग लगा है। जनता के बीच मान्यता है कि व्यापम घोटाले में सिंडिकेट के बड़े खिलाड़ियों को ना केवल बचाया गया बल्कि उन्हें बचाने के क्रम में कई लोगों की असमय मृत्यु हुई। दाग भी मिटा नहीं सकते थे इसलिए सरकार ने नाम बदलकर प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड कर दिया था परंतु फिर भी घोटाला हो गया, और इसे व्यापम घोटाला-2 कहा गया, लेकिन अब मध्यप्रदेश में कभी व्यापम घोटाला नहीं होगा। क्योंकि व्यापम और प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड दोनों संस्थान समाप्त कर दिए गए हैं। 

उम्मीदवारों को फायदा होगा या नुकसान

मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन बोर्ड के बन जाने से उम्मीदवारों को निश्चित रूप से फायदा होगा। MPSSB और MPPSC क्या संचालन सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा किया जाएगा इसलिए परीक्षा का पैटर्न, सिलेबस और सभी प्रकार की गतिविधियां लगभग एक समान होंगी। जिस प्रकार राजपत्रित अधिकारियों की भर्ती के लिए राज्यसेवा परीक्षा का आयोजन किया जाता है उसी प्रकार तृतीय श्रेणी कर्मचारियों की भर्ती के लिए सभी विभागों की संयुक्त भर्ती परीक्षा का आयोजन होगा। सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि MPSSB के उम्मीदवारों को MPPSC का फॉर्म भरने में डर नहीं लगेगा। उच्च शिक्षा, सरकारी और प्राइवेट नौकरी एवं करियर से जुड़ी खबरों और अपडेट के लिए कृपया MP Career News पर क्लिक करें

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