दिव्य रश्मि न्यूज़ चैनल |
- Liked on YouTube: उत्तरप्रदेश में क्या है जनता का मिजाज देखिये हमारे संवाददाता पद्मनाभ त्रिपाठी के साथ |
- 16 फरवरी 2022, बुधवार का दैनिक पंचांग एवं राशिफल - सभी १२ राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन ? क्या है आप की राशी में विशेष ? जाने प्रशिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. प्रेम सागर पाण्डेय से |
- वैशाली जिला इकाई पंच सरपंच की हुई अति महत्वपूर्ण महाबैठक
- मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुंगेर के तारापुर में अमर शहीदों की मूर्ति का किया अनावरण, शहीद पार्क तथा पुराने थाना परिसर में पार्क विकास कार्य का भी किया लोकार्पण
- धर्मवीर हकीकत राय की हत्या आज भी जारी है :-अध्यक्ष धर्म चन्द्र
- अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के मौके पर, एण्डटीवी के कलाकारों ने उत्तरप्रदेश की बोली के अपने पसंदीदा शब्द बताये
- योगी जी के नेतृत्व में पुनः बनेगी भाजपा सरकार : सुरेश तिवारी
- छत्रपति वीर शिवाजी
- कैंडल मार्च निकालकर दी गई पुलवामा के शहीदों को श्रद्धांजली
- पुलवामा के शहीदों की तीसरी बरसी पर उन्हें दी गई श्रद्धांजलि
- ‘जनता के दरबार में मुख्यमंत्री’ कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री, 159 फरियादियों की सुनी फरियाद, अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा निर्देश
- सिखौनी
- जाया नहीं जाएगी कुर्बानी
- हिजाब:कुरान का पालन या फसाद की तैयारी
- सर्वांगीण विकास का मातृ-पितृ पूजन
- दंत चिकित्सक डॉ अभिषेक वर्धन हुए सम्मानित
- 15 फरवरी 2022, मंगलवार का दैनिक पंचांग एवं राशिफल - सभी १२ राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन ? क्या है आप की राशी में विशेष ? जाने प्रशिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. प्रेम सागर पाण्डेय से |
- सोमवार, फरवरी 14, 2022 का दैनिक पंचांग एवं राशिफल - सभी १२ राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन ? क्या है आप की राशी में विशेष ? जाने प्रशिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. प्रेम सागर पाण्डेय से |
- पुलवामा शहीदों को नमन
- पंचायती राज : स्वास्थ्य सुविधा:-विभा सिंह
- बहुसंख्यक हिन्दुओं में जातिबोध एक घोर अपराध :-अशोक “प्रवृद्ध”
- वाणिज्य.कर विभाग ने राज्य के अनेक ठेकेदारों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए करोड़ों के फर्ज़ीवाड़े का खुलासा किया
- Liked on YouTube: उत्तरप्रदेश विधानसभा 342 बरहज के क्षेत्र की जनता क्या कहती है इस विषय पर हमरे संवाददाता पद्मनाभ
- बजट 2022-23 यानी व्यापक बदलाव लाने वाला ब्लूप्रिंट:-अनिल पद्मनाभन
- स्वयमेव एवं बोधिसत्व के माध्यम से अमरत्व प्राप्त किया मिथिलेश मधुकर ने
| Posted: 15 Feb 2022 09:12 AM PST उत्तरप्रदेश में क्या है जनता का मिजाज देखिये हमारे संवाददाता पद्मनाभ त्रिपाठी के साथ | उतरप्रदेश चुनाव में जनता के बीच से जनता के मुद्दों को उठाते हुए हमारे संवाददाता पद्मनाभ त्रिपाठी की वेवाक रिपोर्टिंग देखें | दिव्य रश्मि ! धर्म, राष्ट्रवाद , राजनीति , समाज एवं आर्थिक जगत की खबरों का चैनल है | जनता की आवाज़ बनने के उदेश्य से हमारे सभी साथी कार्य करते है अत: हमारे इस मुहीम में आप के साथ की आवश्यकता है |हमारे खबरों को लगातार प्राप्त करने के लिए हमारे चैनल को सबस्क्राइब करना न भूले और बेल आइकॉन को अवश्य दबाए | खबर पसंद आने पर👉 हमारे "चैनल" को Subscribe, वीडियो को Like 👍 & Share↪ , जरुर करें चैनल को सब्सक्राइब करें खबर को शेयर जरूर करें Facebook : https://ift.tt/EXkBA5t Twitter https://twitter.com/DivyaRashmi8 instagram : https://ift.tt/xtuNqB2 visit website : https://ift.tt/HN4QF5w via YouTube https://www.youtube.com/watch?v=frsr7HPQnEw |
| Posted: 15 Feb 2022 07:34 AM PST 16 फरवरी 2022, बुधवार का दैनिक पंचांग एवं राशिफल - सभी १२ राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन ? क्या है आप की राशी में विशेष ? जाने प्रशिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. प्रेम सागर पाण्डेय से |16 फरवरी 2022, बुधवार का दैनिक पंचांग🔅 तिथि पूर्णिमा 10:28 🔅 नक्षत्र आश्लेषा 03:14 🔅 करण : विष्टि 10:10 AM बव 10:10 AM 🔅 पक्ष शुक्ल 🔅 योग शोभन 08:42 PM 🔅 वार बुधवार ☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ 🔅 सूर्योदय 06:24 🔅 चन्द्रोदय 05:26 🔅 चन्द्र राशि कर्क 🔅 सूर्यास्त 05:36 🔅 चन्द्रास्त चन्द्रास्त नहीं 🔅 ऋतु शिशिर ☀ हिन्दू मास एवं वर्ष 🔅 शक सम्वत 1943 प्लव 🔅 कलि सम्वत 5123 🔅 दिन काल 11:19 AM 🔅 विक्रम सम्वत 2078 🔅 मास अमांत माघ 🔅 मास पूर्णिमांत माघ ☀ शुभ और अशुभ समय ☀ शुभ समय 🔅 अभिजित कोई नहीं ☀ अशुभ समय 🔅 दुष्टमुहूर्त 11:41 AM - 12:26 PM 🔅 कंटक 04:12 PM - 04:58 PM 🔅 यमघण्ट 08:40 AM - 09:25 AM 🔅 राहु काल 12:03 PM - 01:28 PM 🔅 कुलिक 11:41 AM - 12:26 PM 🔅 कालवेला या अर्द्धयाम 07:09 AM - 07:54 AM 🔅 यमगण्ड 07:49 AM - 09:14 AM 🔅 गुलिक काल 10:38 AM - 12:03 PM ☀ दिशा शूल 🔅 दिशा शूल उत्तर ☀ चन्द्रबल और ताराबल ☀ ताराबल 🔅 अश्विनी, भरणी, रोहिणी, आर्द्रा, पुष्य, आश्लेषा, मघा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, ज्येष्ठा, मूल, पूर्वाषाढ़ा, श्रवण, शतभिषा, उत्तराभाद्रपद, रेवती ☀ चन्द्रबल 🔅 वृषभ, कर्क, कन्या, तुला, मकर, कुम्भ 🌹विशेष ~ माघी पूर्णिमा, स्नान-दान की पूर्णिमा। 🌹 पं. प्रेम सागर पाण्डेय् नक्षत्र ज्योतिष वास्तु अनुसंधान केन्द्र नि:शुल्क परामर्श - रविवार 16 फरवरी 2022, बुधवार का दैनिक राशिफलमेष (Aries): विचारों की अस्थिरता आपको उलझनपूर्ण परिस्थिति में डालेगी। नौकरी- व्यवसाय के क्षेत्र में स्पर्धायुक्त वातावरण रहेगा, जिसमें से बाहर आने का प्रयत्न कामयाब साबित होगा। नए कार्य करने के लिए प्रेरित होंगे। छोटे-से प्रवास की संभावना है। बौद्धिक तथा लेखन कार्य के लिए अच्छा दिन है। महत्वपूर्ण निर्णय न लेने की सलाह देते हैं। शुभ रंग = लाल शुभ अंक : 8 वृषभ (Tauras): मन की दुविधा ठोस निर्णय पर आने से रोकेगी जिससे हाथ आए अवसर आप खो देंगे। झक्वी व्यवहार के कारण संघर्ष में उतरने की संभावना है। लेखक, कारीगर, कलाकारों को अपने कौशल प्रदर्शन का अवसर मिलेगा। आपकी वाकपटुता आपका कार्य संपन्न करेगी और दूसरे को मोहित करेगी। नए कार्य की शुरुआत के लिए दिन अच्छा न होने के सम्बंध में बताते हैं। शुभ रंग = क्रीम शुभ अंक : 7 मिथुन (Gemini): आज का दिन लाभदायक साबित होने की आशा रख सकते हैं। सुबह से ताजगी और प्रसन्नता का अनुभव होगा। मित्रों तथा सगे-सम्बंधियों के साथ मिलकर उत्तम भोजन का आनंद लेंगे। आर्थिक लाभ मिलने के साथ-साथ कहीं से गिफ्ट प्राप्त होने से आप अधिक खुश होंगे। सभी के साथ मिलकर आनंददायक प्रवास का आयोजन की संभावना है। दांपत्यजीवन में संवादिता बनी रहेगी। शुभ रंग = हरा शुभ अंक : 3 कर्क (Cancer): शरीर और मन में बेचैनी और अस्वस्थता का अनुभव होगा। मन की संदिग्धता और दुविधा आपकी निर्णयशक्ति को कसौटी के शिखर पर चढ़ाएंगे। विशेष रूप से परिजनों के साथ मनमुटाव का प्रसंग बनने से मन में उदासी बढ़ेगी। माताजी का स्वास्थ्य चिंता का कारण बनेगा। धन खर्च बढ़ेगा। गलतफहमी या वाद-विवाद से दूर रहें। शुभ रंग = आसमानी शुभ अंक : 2 सिंह (Leo): आज के दिन आपको विविध लाभ मिलने की संभावना है। ऐसे समय में मन का ढीलापन आपको लाभ से वंचित न कर दे, इसका ख्याल रखना पड़ेगा। मित्र- मंडल एवं स्त्री वर्ग और बुजुर्गों से लाभ होगा। नौकरी व्यवसाय में पदोन्नति और आय वृद्धि का योग है। दांपत्यजीवन में जीवनसाथी के साथ अधिक निकटता अनुभव करेंगे। पुत्र तथा पत्नी से लाभ होगा। शुभ रंग = गुलाबी शुभ अंक : 5 कन्या (Virgo): नए कार्य शुरू करने के लिए निर्मित योजनाओं को अमल में लाने का आज उत्तम समय है। व्यापार में लाभ होगा। बकाया वसूली के पैसे वापस मिलेंगे। नौकरीपेशा वालों की पदोन्नति की संभावना है। पिता की तरफ से लाभ होगा। परिवार में आनंद-उत्साह का वातावरण रहेगा। गृहस्थजीवन में मेल-जोल रहेगा। सरकारी कामकाज पूरे होंगे। शुभ रंग = हरा शुभ अंक : 3 तुला (Libra): लंबी दूरी की यात्रा या धार्मिक स्थान की मुलाकात होगी। विदेश यात्रा के लिए अनुकूलता रहेगी। फिर भी आपको संतान और स्वास्थ्य के सम्बंध में चिंता रहेगी। नौकरी पेशावालों को उच्च पदाधिकारियों तथा सहकर्मियों का आज सहयोग नहीं मिलेगा। विरोधियों या प्रतिस्पर्धियों के साथ चर्चा में गहरे न उतरने की सलाह देते हैं। धन का खर्च होगा। शुभ रंग = क्रीम शुभ अंक : 7 वृश्चिक (Scorpio): आज का दिन बिना किसी प्रवृत्ति के सावधानीपूर्वक बिताएं। नए कार्य शुरू न करें। क्रोध, आवेश और अनैतिक आचरण आपको कठिनाई में डाल सकते हैं। समय से भोजन नहीं मिलेगा। राजकीय अपराधी प्रवृत्तियों से दूर रहने और नए सम्बंध विकसित करने की सलाह देते हैं। दुर्घटना से बचें। इष्टदेव का नाम स्मरण राहत देगा। शुभ रंग = लाल शुभ अंक : 8 धनु (Sagittarius): बौद्धिक, तार्किक, विचार-विनिमय और लेखन कार्य के लिए शुभ दिन है। मनोरंजन, प्रवास, मित्रों के साथ मिलन-मुलाकात, सुंदर भोजन और वस्त्र परिधान, विपरीत लिंगीय पात्रों के साथ की निकटता आज के दिन को आनंदित और रोमांचित बनाएगी। भागीदारी में लाभ होगा। जीवनसाथी के साथ के सम्बंधों में अधिक घनिष्ठता रहेगी। मान-सम्मान में वृद्धि होगी। शुभ रंग = पींक शुभ अंक : 1 मकर (Capricorn): आपके व्यापार-धंधे का विकास होगा। आर्थिक रूप से लाभदायक दिन होने से पैसे की लेन-देन में सरलता रहेगी। परिवार में सुख- शांति का माहौल रहेगा। कार्यकर्ता तथा अधीनस्थ लोगों का सहयोग मिलेगा। ननिहाल पक्ष की तरफ से अच्छे समाचार मिलेंगे। प्रतिस्पर्धियों को पराजित करने में कामयाब रहेंगे। शुभ रंग = हरा शुभ अंक : 3 कुंभ (Aquarius): आज आप संतान और अपने स्वास्थ्य के सम्बंध में चिंतित रहेंगे। अपच, पेट-दर्द से परेशान होंगे। विचारों में तेजी से परिवर्तन मानसिक स्थिरता में खलल पहुंचाएगी। आज नए कार्यों का आरंभ न करना हितकर है। यात्रा प्रवास में कठिनाइ आएगी। इसलिए संभव हो तो स्थगित रखने की सलाह देते हैं। शुभ रंग = आसमानी शुभ अंक : 2 मीन (Pisces): शारीरिक- मानसिक भय रहेगा। कुटुंबीजनों के साथ वाद-विवाद होगा। माताजी का स्वास्थ्य खराब होगा। अनचाही घटनाओं से आपके उत्साह में कमी आएगी। अनिद्रा से परेशान रहेंगे। धन और कीर्ति की हानि होगी। स्त्री वर्ग तथा पानी से दूर रहने की सलाह देते हैं। स्थावर मिल्कियत तथा वाहन आदि की समस्याएं चिंता पैदा करेंगी। शुभ रंग = उजला शुभ अंक : 4 प्रेम सागर पाण्डेय् ,नक्षत्र ज्योतिष वास्तु अनुसंधान केन्द्र ,नि:शुल्क परामर्श - रविवार , दूरभाष 9122608219 / 9835654844 हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| वैशाली जिला इकाई पंच सरपंच की हुई अति महत्वपूर्ण महाबैठक Posted: 15 Feb 2022 06:35 AM PST वैशाली जिला इकाई पंच सरपंच की हुई अति महत्वपूर्ण महाबैठकहमारे संवाददाता जितेन्द्र कुमार सिन्हा की खास खबर | वैशाली जिला इकाई पंच सरपंच संघ की अति महत्वपूर्ण महाबैठक हाजीपुर कचहरी मैदान कला मंच पर जिलाध्यक्ष ई प्रेम कुमार की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। महाबैठक में सभी 16 प्रखंड एवं जिला के अध्यक्ष पदाधिकारी सहित 100 से अधिक निर्वाचित पंचायत ग्राम कचहरी जन- प्रतिनिधि उपस्थित थे। बैठक में सर्व सुविधा संपन्न बनाने सशक्त, सशक्तिकरण, सफल संचालन हेतु गहरी विचार-विमर्श की गई। वही मुख्य अतिथि के रुप में उपस्थित प्रदेश अध्यक्ष अमोद कुमार निराला को सर्वसम्मति स्थानीय निकाय बिहार विधान परिषद एमएलसी चुनाव के लिए वैशाली जिला से भावी प्रत्याशी उम्मीदवार घोषित किया गया।प्रदेश अध्यक्ष अमोद कुमार निराला ने कहा कि अंतिम सांस तक राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के सपनों को साकार करने के लिए पंचायती राज व्यवस्था शत - प्रतिशत जमीन पर लाने के लिए संघर्ष करता रहूंगा। उन्होंने कहा कि वैशाली जिलास्तरीय कमिटी 51 सदस्यीय होंगी, जिसमें 25 पदाधिकारी बनाये जायेंगे, शेष का मनोनयन के लिए जिलाध्यक्ष अधिकृत होंगे। सूत्रों ने यह भी बताया कि बैठक में यह निर्णय लिया गया कि जब तक पंचायती राज विभाग का दिशा निर्देश पत्र नहीं मिलता तब तक सरपंच, उपसरपंच के संयुक्त हस्ताक्षर से खाता संचालित किया जायेगा। विकासात्मक कार्यों में पंच, सरपंच और उपसरपंच की भागीदारी सुनिश्चित होगी, न्याय मित्र, सचिवो का सभी कार्य दिवस पर उपस्थिति अनिवार्य रहेगा। ग्राम रक्षा दल सदस्यों की अनुशंसा सरपंच करेंगे। शासन प्रशासन से मांग किया गया है कि अविलंब संविधान का सम्मान कर पंचायत की स्वतंत्रता सहभागिता सहयोग सुनिश्चित करें। बैठक पश्चात् संघ शिष्टमंडल पूलिस अधिक्षक वैशाली से मुलाकात-वार्ता की। उन्होंने आश्वासन दिया है कि ग्राम कचहरी और इसके निर्वाचित प्रतिनिधि सरपंच, उपसरपंच एवं पंच परमेश्वर को पूर्ण सहयोग दिया जाएगा। वैठक में जिला पंचायत राज कार्यालय प्रकोष्ठ में बैठे कर्मीगणों की उपेक्षा पूर्ण रवैया हेतु गहरा दुख व्यक्त किया। उक्त बैठक में राजेंद्र सिंह, नागेश्वर प्रसाद यादव, वशिष्ठ कुमार निषाद, रीता देवी, मनोहर कुमकुम शर्मा, देवेन्द्र चौधरी, भूषण राय, अरविंद पासवान, भूपेंद्र मेहता, रामजन्म पाण्डेय, विद्या नन्द सिंह, राम औतार पासवान, राजेंद्र राय, मोहन मिश्र, अनिल राय, मोहम्मद अकरम, रिक्की रानी, रूनी देबी सहित सैकड़ों प्रबुद्ध जन, जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। अंत में धन्यवाद ज्ञापन जिला मुख्य प्रवक्ता दिलीप पासवान ने किया। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 15 Feb 2022 06:07 AM PST मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुंगेर के तारापुर में अमर शहीदों की मूर्ति का किया अनावरण, शहीद पार्क तथा पुराने थाना परिसर में पार्क विकास कार्य का भी किया लोकार्पणपटना, 15 फरवरी 2022:- मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने 1, अणे मार्ग स्थित संकल्प से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शहीद स्मारक तारापुर, मुंगेर में अमर शहीदों की मूर्ति का अनावरण किया तथा शहीद पार्क तथा पुराना थाना परिसर में पार्क विकास कार्य का भी लोकार्पण किया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज तारापुर के शहीद स्मारक का उद्घाटन हुआ है और शहीद पार्क तथा पुराने थाना परिसर में पार्क विकास कार्य का लोकार्पण किया गया है। आज के इस विशेष कार्यक्रम में आप सबों का हार्दिक अभिनंदन करता हूं। सबने संक्षेप में इसके बारे में जानकारी दे दी है। दिवंगत विधायक स्व0 मेवा लाल चैधरी जी ने वर्ष 2016 में सबसे पहले मुझसे यहां के बारे में जानकारी दी थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1929 में कांग्रेस के लाहौर अधिवेशन में पूर्ण स्वराज की मांग की गई थी। वायसराय लार्ड इरविन और श्रद्धेय गांधी जी के बीच इंग्लैंड में बातचीत हुई, लेकिन वहां जो बातें हुई उससे कोई खास सफलता नहीं मिली। बापू जब लौटकर भारत आए तो उन्होंने आंदोलन करना शुरु किया। इस दौरान 04 जनवरी 1932 को राष्ट्रपिता को गिरफ्तार कर लिया गया। कांग्रेस को उस समय अवैध संगठन घोषित कर दिया गया और पूर्ण स्वराज की मांग को भी खारिज कर दिया गया। उस समय के कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष शार्दुल सिंह कविष्कर ने 15 फरवरी 1932 में सभी सरकारी भवनों पर तिरंगा फहराने का आह्वान किया था। 13 फरवरी 1932 को सुपौर के जमुआ गांव में निर्णय लिया गया और मदन गोपाल सिंह के नेतृत्व में 5 स्वयं सेवकों का धावा दल गठित किया गया। 14 फरवरी को लोग धावा दल के साथ तारापुर पहुंचे और 15 फरवरी 1932 को इनलोगों ने धावा बोल दिया। इसके बाद पुलिस द्वारा लाठीचार्ज कर दी गई। सबलोग भागने लगे लेकिन मदन गोपाल सिंह ने अपनी जेब में रखे झंडे को थाने पर फहरा दिया और वहां लोग नारा लगाने लगे 'झंडा ऊंचा रहे हमारा'। वहां उत्साहित लोगों ने पुलिस पर पथराव कर किया जिससे जिलाधिकारी का सिर फट गया। जिलाधिकारी ने 75 चक्र गोली चलाने का आदेश दिया, जिसमें 34 लोग शहीद हो गए। इनमें 13 लोगों के नाम का ही पता चल पाया। उन्होंने कहा कि तारापुर की यह घटना स्वतंत्रता संग्राम के लिए महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अमर शहीदों की मूर्तियों को लगाने का निर्णय किया गया, जिसके लिए 77 लाख 50 हजार रूपये की स्वीकृति दी गई और 7 सितंबर 2018 से मूर्ति का निर्माण कार्य शुरु किया गया। पंचायती राज मंत्री श्री सम्राट चैधरी जी ने भी हमसे बातचीत की थी और इसकी बेहतरी की बात रखी थी। 8 दिसंबर 2021 को हमलोगों ने निर्माण स्थल और थाना को जाकर देखा। उसके बाद चारो तरफ से बाउंड्री बनाने के साथ-साथ इसको और बेहतर ढंग से बनाने का निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि 15 फरवरी 2022 तक इसे पूर्ण करने का निर्णय लिया गया था। 90 वर्ष पूर्व 15 फरवरी 1932 को यह घटना घटित हुई थी, जिसमें 34 लोग शहीद हुए थे। आज 15 फरवरी के दिन ही अमर शहीदों की मूर्ति का लोकार्पण हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन 21 अमर शहीदों के नाम का पता नहीं चल सका उन अज्ञात शहीदों की सांकेतिक मूर्ति निर्माण करने का निर्णय लिया गया। थाना परिसर को भी विकसित करने का निर्णय लिया गया। अब 21 अमर शहीदों के म्युरल का निर्माण 45 लाख 67 हजार रुपये की लागत से किया जाएगा। अब इस योजना कुल लागत 1 करोड़ 28 लाख रूपये हो गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम में बिहार के तारापुर में एक साथ 34 लोग शहीद हुए थे। अब प्रत्येक वर्ष 15 फरवरी को तारापुर शहीद स्मारक पर राजकीय समारोह आयोजित किया जाएगा। ताकि नई पीढ़ी को इन सब चीजों की जानकारी हो सके और लोगों को गौरव महसूस हो। उन्होंने कहा कि हम सभी को अपने शहीदों को याद रखना है। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग से भी हम यह कहेंगे कि आजादी की लड़ाई में तारापुर के शहीदों के बारे में भी बच्चों को जानकारी दी जाय। कार्यक्रम के पश्चात् मुख्यमंत्री को भवन निर्माण विभाग के सचिव श्री कुमार रवि ने अज्ञात अमर शहीदों के म्यूरल की प्रतिकृति भेंट की। कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्यमंत्री ने मुंगेर के अमर शहीदों के चित्र पर माल्यार्पण कर अपनी श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम को भवन निर्माण मंत्री श्री अशोक चैधरी, मुंगेर के सांसद श्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने संबोधित किया। जबकि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बिहार निवास, नई दिल्ली से उपमुख्यमंत्री श्री तारिकशोर प्रसाद तथा तारापुर कार्यक्रम स्थल से पंचायती राज मंत्री श्री सम्राट चैधरी, तारापुर के विधायक श्री राजीव कुमार सिंह ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सचिव श्री अनुपम कुमार तथा भवन निर्माण विभाग के सचिव श्री कुमार रवि उपस्थित थे। जबकि तारापुर कार्यक्रम स्थल से विधायक श्री ललित कुमार मंडल, पूर्व मंत्री श्री शकुनी चैधरी, पूर्व विधायक श्री गणेश पासवान, अन्य जनप्रतिनिधिगण, पुलिस उप महानिरीक्षक, मुंगेर प्रक्षेत्र श्री संजय कुमार, जिलाधिकारी श्री नवीन कुमार, पुलिस अधीक्षक श्री जगुनाथ जल्लारेड्डी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| धर्मवीर हकीकत राय की हत्या आज भी जारी है :-अध्यक्ष धर्म चन्द्र Posted: 15 Feb 2022 05:52 AM PST धर्मवीर हकीकत राय की हत्या आज भी जारी है :-धर्मचन्द्र पोद्दारहिंदू पीठ , जमशेदपुर के द्वारा बरही हजारीबाग के बालक रुपेश पांडेय की हत्या से मर्माहत हिन्दुओं ने मंगलवार को एक शोक सभा आयोजित की । इस शोक सभा में धर्म के लिए अपने प्राणों की वली देनेवाले रुपेश पांडेय के चित्र पर शहर के अनेक समाजसेवी संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपने श्रद्धा सुमन अर्पित कर अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि दी । शोक सभा में उपस्थित भारतीय जन महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष धर्म चन्द्र पोद्दार ने कहा कि बसंत पंचमी पर माँ सरस्वती की प्रतिमा के विसर्जन जुलूस पर हमले करना और हिंदू बालक का कत्ल करना अत्यंत ही निंदनीय है । भारतीय जन महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष धर्म चन्द्र पोद्दार ने कहा कि इस प्रकार धर्मवीर हकीकत राय का कत्ल होना आज भी जारी है ।बरही वाली घटना पर दोषी लोगों को तत्काल गिरफ्तार कर कड़ी कार्रवाई करनी थी लेकिन ऐसा नहीं हुआ । इस प्रकार राज्य सरकार की विफलता दिखाई दे रही है । हिंदू पीठ के अध्यक्ष अरुण सिंह ने कहा कि रूपेश पांडेय की हत्या के बाद झारखंड के कई जिलों में इंटरनेट बंद किया जाना संदेहास्पद है ।इसके लिए वर्तमान राज्य सरकार की जितनी भी भत्सर्ना की जाए , कम होगी ।झारखंड राज्य बनने के पश्चात ऐसा पहली बार हुआ है कि इंटरनेट सेवाएं कुछ जिलों में बंद की गयी । हिंदू पीठ से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश मेहता ने कहा कि मुस्लिम समुदाय के द्वारा साजिश के तहत हिंदुओ में डर का माहौल पैदा करने के लिए सरस्वती पूजा के दिन हत्या कर यह जताया गया है कि हिंदू अपने पर्व त्यौहार नहीं मनाये व मां सरस्वती की पूजा नहीं करें ।रूपेश पांडेय की मॉब लिंचिंग के तहत हत्या की गयी है । हम इसकी सी बी आई जांच की मांग करते है । श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों में श्री अरुण सिंह के अलावे धर्म चन्द्र पोद्दार , प्रकाश मेहता , पिंकी देवी , मोहित राज , शिवनाथ सिंह , सुशील कुमार , राहुल कुमार , मुकेश कुमार , पप्पू सिंह , चंदन कुमार , विजय अग्रवाल , राजेश कुमार , प्रकाश दुबे , किशोर सिंह , आयुष चौधरी , भीम यादव , नकुल यादव , मुकेश ठाकुर , संजीव रजक आदि अनेक लोग उपस्थित थे । हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 15 Feb 2022 02:32 AM PST अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के मौके पर, एण्डटीवी के कलाकारों ने उत्तरप्रदेश की बोली के अपने पसंदीदा शब्द बतायेभाषाई और सांस्कृतिक विविधता और बहुभाषावाद के बारे में जागरूकता फैलाने के लिये हर साल 21 फरवरी को अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस (इंटरनेशनल मदर लैंग्वेज डे) मनाया जाता है। अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर, एण्डटीवी के कलाकारों सिद्धार्थ अरोड़ा (महादेव, 'बाल शिव'), अंबरीश बॉबी (रमेश प्रसाद मिश्रा, 'और भई क्या चल रहा है?'), योगेश त्रिपाठी (दरोगा हप्पू सिंह, 'हप्पू की उलटन पलटन'), और सलीम अली जैदी (टिल्लू, 'भाबीजी घर पर हैं') ने उत्तर प्रदेश की बोली से अपने पसंदीदा एवं मजेदार शब्दों और कहावतों के बारे में बात की। मूल रूप से वाराणसी के रहने वाले सिद्धार्थ अरोड़ा ऊर्फ एण्डटीवी के 'बाल शिव' के महादेव कहते हैं, "ऐसा माना जाता है कि बनारस या वाराणसी के लोग बहुत ही सरल और जमीन से जुड़े होते हैं। वह भी थोड़े ठेठ अंदाज के साथ जो उनकी खूबी है। कुछ शब्द इतने अनूठे और अनोखे हैं कि कोई भी दूसरा शब्द उसकी जगह नहीं ले सकता। वाराणसी में आमतौर पर इस्तेमाल किये जाने वाले कुछ मजेदार शब्द, जो मेरे दिमाग में आते हैं उनमें भौकाल (डर, रुतबा, जलवा), बंपिलाट (आलसी, लापरवाह), चापसांड (विशालकाय), चैचक (आकर्षक), लल्लनटॉप (अद्भुत) शामिल हैं। इसके अलावा, हम अक्सर लोगों को 'गुरु', 'राजा' या 'मालिक' कहकर भी बुलाते हैं। भारत की सुंदरता उसकी संस्कृति, खानपान और भाषा में विविधता में मौजूद है। जब मैं मातृभाषा के बारे में बात करता हूं, तो उसमें 'अपनापन' या आत्मीयता की भावना होती है, क्योंकि ये हमें पहचान का भाव देती है। यह हमारे व्यक्तित्व का एक अभिन्न अंग हैं। सभी को अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।" लखनऊ के मूल निवासी अंबरीश बॉबी ऊर्फ एण्डटीवी के 'और भई क्या चल रहा है?' के रमेश प्रसाद मिश्रा कहते हैं, "लखनवी अंदाज़ में कुछ तो जादू जरूर है। जब हम भाषा के बारे में बात करते हैं, तो हर शहर का अपना आकर्षण और स्वैग होता है। कुछ शब्द केवल स्थानीय लोग ही जानते हैं और उनका अनुवाद नहीं किया जा सकता, क्योंकि इससे उनका आकर्षण खत्म हो जाता है। जैसे, रंगबाज़ी (अकड़), भौकाल (भव्य), अमां यार! (एक तरह की अभिव्यक्ति), चीकाट" या "खटिक" (रोडसाइड रोमियो के संदर्भ में), कंटाप (थप्पड़), तफरी (चिल करना), भैया, टूटे देना (चेंज, छुट्टा) और ऐसे ही कई शब्द। जब कोई ओवर स्मार्ट होने की कोशिश करता है या कुछ बेवकूफी भरा कहता है, तो मैं हमेशा कहता हूं 'पगलैट है पूरा!'। किसी भी मातृभाषा की सुंदरता उसका अनूठापन, उसकी बनावट और गौरव है। हर भाषा पर गर्व होना चाहिये और उनका सम्मान किया जाना चाहिये। सभी को अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस की शुभकामनाएं।" कानपुर के रहने वाले योगेश त्रिपाठी ऊर्फ एण्डटीवी के 'हप्पू की उलटन पलटन' के दरोगा हप्पू सिंह कहते हैं, "हमारी मातृभाषा हमारा गौरव और हमारी पहचान है। जब हम बात करते हैं, तो मातृभाषा हमें हमारी जड़ों और संस्कृति से जोड़ती है। कनपुरिया भाषा में, यूपी भर में बोले गए कुछ शब्दों का ओवरलैप है। लेकिन कुछ शब्द ऐसे हैं जो केवल एक कनपुरिया ही पहचान सकता है। खासकर मेरे शो में, हम इन शब्दों का काफी इस्तेमाल करते हैं और दर्शकों को वे काफी पसंद भी आते हैं! जैसे कि, कंटाप (थप्पड़) , चैकस (अद्भुत), बकैत (बड़बोला), खलीफा (अति आत्मविश्वासी), बकलोली (बकवास), लभेड (परेशानी), पौवा (जुगाड़), चिकाई (मजाक), चिरांद (चिड़चिड़ा) और बौकाल (किसी व्यक्ति के स्वैग या पर्सनालिटी के बारे में बताने के लिये)। हमने शो में कुछ खास तकियाकलाम भी बनाये हैं, जिन्हें दर्शकों ने बहुत पसंद किया, खासकर 'न्यौछार कर दो' और 'अरे दादा'। यह देखकर बहुत अच्छा लगता है कि लोग अलग-अलग भाषाओं को अपना रहे हैं और उन्हें अपनी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बना रहे हैं। सबको अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस की अनेकानेक बधाइयां।" रामपुर जिले के रहने वाले और एण्डटीवी के 'भाबीजी घर पर हैं' में टिल्लू का किरदार निभा रहे हैं, सलीम अली जैदी कहते हैं, "उत्तर प्रदेश की बोली अनूठी और विविधताभरी है। इसमें ठेठपन का एक आकर्षण है और यही इसकी यूएसपी है। इसका ज़ायका और कुछ शब्द इतने अद्भुत हैं कि कोई दूसरा शब्द उसकी जगह नहीं ले सकता। मेरे अपने फेवरेट हैं कंटाप (थप्पड़), लफंटर (गुंडे), बकैती (बकवास), हप्शी (भुक्खड़), रंगबाजी (अकड़ दिखाना), चैधराहट (रॉयल) और ततियाना (अशिष्ट) शामिल हैं। इस लिस्ट का कोई अंत नहीं। इसका अपना अनूठापन है, इसकी ध्वनि ही इसे बेहद मजेदार और आकर्षक बनाती है। लोग जिज्ञासु होते हैं और इसका अर्थ जानना चाहते हैं। यह लोगों से जुड़ने का एक और तरीका है। मुझे अपनी मातृभाषा पर गर्व और अपने देश में भाषा का विविधतापन देखना दिलचस्प है। अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर, मैं चाहता हूं कि हर कोई अपनी भाषा का जश्न मनाये और उस पर गर्व करे।" देखिये, 'बाल शिव' में सिद्धार्थ अरोड़ा को महादेव के रूप में रात 8ः00 बजे, अंबरीश बॉबी को 'और भई क्या चल रहा है?' में रमेश प्रसाद मिश्रा के रूप में रात 9ः30 बजे, योगेश त्रिपाठी को दरोगा हप्पू सिंह के रूप में 'हप्पू की उलटन पलटन' में रात 10ः00 बजे और सलीम अली जैदी को टिल्लू के रूप में 'भाबीजी घर पर हैं' में रात 10ः30 बजे, सोमवार से शुक्रवार, सिर्फ एण्डटीवी पर! हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| योगी जी के नेतृत्व में पुनः बनेगी भाजपा सरकार : सुरेश तिवारी Posted: 15 Feb 2022 02:29 AM PST योगी जी के नेतृत्व में पुनः बनेगी भाजपा सरकार : सुरेश तिवारी
देवरिया ब्यूरो वेद प्रकाश तिवारी की खास खबर । भाटपार रानी उपनगर स्थित रतसिया रोड में भारतीय जनता पार्टी भाटपार रानी विधानसभा क्षेत्र के भाजपा प्रत्याशी सभा कुवंर कुशवाहा के केंद्रीय कार्यालय का उद्घाटन वैदिक मंत्रोचार के बीच सलेमपुर के सांसद रविंद्र कुशवाहा के द्वारा किया गया। कार्यालय उद्घाटन के बाद उपस्थित भाजपा कार्यकर्ताओं को संसद रविंद्र कुशवाहा ने संबोधित किया उन्होंने कहा भारतीय जनता पार्टी की प्रचंड बहुमत की सरकार पुनः बनने जा रही है और भारतीय जनता पार्टी के देवतुल्य कार्यकर्ताओं की बदौलत इस बार भाटपार रानी में भी भारी मतों के अंतर से कमल खिलने जा रहा है। जिलाध्यक्ष डाक्टर अंतर्यामी ने कहा कि बूथ अध्यक्ष अपनी टीम एवं पन्ना प्रमुखों के साथ बूथ में आने वाले प्रत्येक मतदाताओं के घर की कुण्डी प्रतिदिन बजाते रहे। जनता भाजपा को वोट देने के लिए तैयार है हमें केवल उन्हें जागरूक करते रहने की जरूरत है। भाजपा प्रत्याशी सभा कुवंर कुशवाहा ने कहा कि मैं भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को गहराई से धन्यवाद देता हूं कि उन्होंने मेरे जैसे एक छोटे कार्यकर्ता को भाटपार रानी से प्रत्याशी बनाकर जनता की रहनुमाई करने का मौका दिया है। उन्होंने कहा कि जनता ने मुझे मौका दिया तो मैं भाटपार रानी विधानसभा क्षेत्र को मांडल विधानसभा क्षेत्र बनाने का काम करूंगा और विकास का कीर्तिमान स्थापित होगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता मंडल अध्यक्ष राजेंद्र जायसवाल एवं संचालन मंडल महामंत्री अजय पांडेय ने किया। मीडिया से बातचीत में जिला कार्यसमिति के सदस्य श्री सुरेश तिवारी ने कहा कि प्रदेश में पुनः योगी जी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी प्रचंड बहुमत से अपनी सरकार बनाएगी । उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में योगी जी का कोई विकल्प नहीं है । भाजपा सरकार ने हाशिए पर खड़े लोगों को मुख्यधारा में शामिल करने का कार्य किया है और यही कारण है की सभी जातियों ,धर्मों से ऊपर उठकर लोग भाजपा को वोट कर रहे हैं और पुनः भाजपा सरकार बनाने का मन बना चुके हैं । कार्यक्रम में प्रमुख रूप से जिला पंचायत अध्यक्ष गिरीश चंद तिवारी, क्षेत्रीय मंत्री हरिचरण कुशवाहा, पूर्व मंत्री राजधारी सिंह,पूर्व जिलाध्यक्ष एवं पूर्व विधान परिषद सदस्य महेंद्र यादव, विधानसभा सभा पालक राधेश्याम सिंह, विधानसभा प्रभारी अनूप चौबे, अजय कुमार दुबे, राजकुमार शाही, विधानसभा संयोजक सुशील कुमार शाही, डाक्टर अरविंद सहाय, विजय कुमार गुप्ता, रामविलास आर्य, कृष्ण कुमार शाही, डॉक्टर भानु प्रताप सिंह, डाक्टर शम्स परवेज,सुमेश्वर नाथ तिवारी, दिलीप सिंह बघेल,अजय शाही, संजय राव, तीर्थ नारायण वैश्य,निरंजना भट्टाचार्य,माला देवी, सुनीता सिंह, रवि प्रकाश कुशवाहा,धनंजय सिंह, रवि पाल, त्रिपुनायक विश्व कर्मा, सुरेश तिवारी, सुरेन्द्र सिंह टुनटुन, राजेंद्र जायसवाल, अनिल कुमार शाही, संजय पटेल, सत्येंद्र पांडेय, लक्ष्मण कुशवाहा, नागेंद्र पासवान, संजय सिंह, सीमा देवी, धर्मेंद्र कुशवाहा, डाक्टर अशोक तिवारी,लल्लन मद्धेशिया, विशंभर पांडेय, अनिरुद्ध कुशवाहा, हरिकेश कुशवाहा, अश्वनी पांडेय, हरिश्चंद्र मौर्या,आनंद पियूष उपाध्याय, राहुल प्रताप सिंह, संजय गुप्ता, गुड्डू सहाय, राजेश यादव, दुर्गा गुप्ता, अमरेन्द्र मौर्या, चंदन मद्धेशिया, संतोष शाही, प्रमोद सिंह बघेल, मंटू पटेल, नकुल सोनी, नितिन श्रीवास्तव,धीरज गुप्ता, पंकज शाही, राजेश गुप्ता, चंदन मद्धेशिया, संतोष पटेल, धर्मेंद्र सिंह, विकास ठाकुर, सहित भारी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित थे। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 14 Feb 2022 07:51 AM PST छत्रपति वीर शिवाजीसमर्थ गुरु रामदास प्रिय चरण रज पालक शिवाजी युद्ध कौशल प्रवीणता पा वीर जीते रण में बाजी पराक्रम की धूम मची पड़ गए शासक सारे पीले वीर पराक्रमी छत्रपति ने जीते गढ़ और कई किले बढ़ता रहा प्रताप शिवा का जीते गढ़ चुन-चुन कर बगले सारे लगे झांकने नाम शिवाजी सुनकर आतंकित बीजापुर शासक कुटिल चाल तब गया खेल बंदी बना शिवा पिता को धोखे से भिजवा दिया जेल गुणवती माता जीजाबाई साहसी वीरांगना नारी थी शौर्य भावना भरी लाल में जो दुश्मन पर भारी थी अफजल मक्कार सेनापति सुलह का ढोंग रच आया वीर शिवा को भरा बाहों में पर वो मार नहीं पाया छत्रपति कर मे बघनखा खूब कमाल दिखा गया धोखेबाज को दंड मिला मक्कार प्राण गवां गया धर्म ध्वजा परचम ऊंचा वीर शिवाजी ने लहराया शौर्य पराक्रम वीरता अतुलित कोई सानी ना रह पाया वीर शिरोमणि छत्रपति शिवाजी मराठा महाराजा प्रतापी राव गौरव गाथा गुणगान करती गर्व करे हमारा हिंदुस्तान रमाकांत सोनी नवलगढ़ जिला झुंझुनू राजस्थान हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| कैंडल मार्च निकालकर दी गई पुलवामा के शहीदों को श्रद्धांजली Posted: 14 Feb 2022 07:41 AM PST कैंडल मार्च निकालकर दी गई पुलवामा के शहीदों को श्रद्धांजलीमढौरा (सारण) संवाददाता मुकेश कुमार की खबर शहीदों की मजारों पर लगेंगे हर बरस मेले वतन पर मरने वालों का बाकी यही निशां होगा । बलिदानियों की भूमि मढौरा में आज 14 फरवरी 2019 को शहीद हुए पुलवामा के जवानों को याद करते हुए एक कैंडल मार्च रेलवे स्टेशन से धनुकी चौक तक निकाल कर उन्हें याद किया गया तथा श्रद्धांजलि दी गई । इस कैंडल मार्च में देशभक्ति के नारे लगे। भारत माता की जय के नारों से पूरा बाजार गूंज उठा ।लोगों ने शहीदों के सम्मान में उनके शौर्य और पराक्रम के नारे लगाए। धेनुकी चौक पर सैकड़ों की संख्या में लोग उपस्थित थे । जिसमें बच्चे, युवा ,बुजुर्ग सबने हिस्सा लिया ।इस कैंडल मार्च में युवा नेता विष्णु गुप्ता, डॉ मुकेश कुमार रमजान हुसैन, मन्नू, राहुल, विकास, राजीव आदि लोगों के साथ बहुत सारे लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी । हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| पुलवामा के शहीदों की तीसरी बरसी पर उन्हें दी गई श्रद्धांजलि Posted: 14 Feb 2022 07:41 AM PST पुलवामा के शहीदों की तीसरी बरसी पर उन्हें दी गई श्रद्धांजलिमुकेश कुमार मढौरा (सारण) पुलवामा के शहीदों के तीसरे वर्षगांठ के अवसर पर छपरा के नगरपालिका चौक पर एक श्रध्दांजली सभा का आयोजन किया गया। सामाजिक कार्यकर्ता राजीव उपाध्याय ने देश के शहीदों के शौर्य और पराक्रम को याद करते हुए देश हित में सब का आवाहन करते हुए कहा कि चाहे हम किसी भी धर्म, जाति और मजहब से हों पर सबसे पहले हम भारतीय हैं । राष्ट्र का मान, सम्मान उसकी गरिमा के साथ कोई खिलवाड़ देश बर्दाश्त नहीं करेगा । 14 फरवरी, 2019 भारत के इतिहास में ब्लैक डे के रूप में जुड़ गया । शहीदों की कुर्बानी बेकार नहीं गई । हमारी सरकार ने पाकिस्तान पर आक्रमण करके सैकड़ों की संख्या में आतंकवादियों को मार गिराया। इस श्रद्धांजलि सभा में अभिषेक कुमार,अश्विनी उपाध्याय,समाजिक कार्यकर्ता राजीव उपाध्याय,मदन सिंह,आदित्य गिरि,मनोज कुमार यादव,मुकेश कुमार,राकेश कुमार सिन्हा,सुनील त्यागी इत्यादी लोगों ने मोमबती जलाकर 14 फरवरी 2019 को शहीद हुए भारत माता के वीर सपूतों को भावभीनी श्रध्दांजली अर्पित किया। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 14 Feb 2022 06:49 AM PST 'जनता के दरबार में मुख्यमंत्री' कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री, 159 फरियादियों की सुनी फरियाद, अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा निर्देशपटना, 14 फरवरी 2022:- मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार आज 4, देशरत्न मार्ग स्थित मुख्यमंत्री सचिवालय परिसर में आयोजित 'जनता के दरबार में मुख्यमंत्री' कार्यक्रम में शामिल हुए। 'जनता के दरबार में मुख्यमंत्री' कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने राज्य के विभिन्न जिलों से पहुंचे 159 लोगों की समस्याओं को सुना और संबंधित विभागों के अधिकारियों को समाधान के लिए समुचित कार्रवाई के निर्देश दिए। आज 'जनता के दरबार में मुख्यमंत्री' कार्यक्रम में सामान्य प्रशासन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, समाज कल्याण विभाग, पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, वित्त विभाग, संसदीय कार्य विभाग, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, विज्ञान एवं प्रावैधिकी विभाग, सूचना प्रावैधिकी विभाग, कला संस्कृति एवं युवा विभाग, श्रम संसाधन विभाग तथा आपदा प्रबंधन विभाग के मामलों पर सुनवाई हुयी। वैशाली की एक महिला ने आंगनबाड़ी सेविका के चयन में अनियमितता के संबंध में शिकायत की, तो वहीं सुपौल के एक व्यक्ति ने शिकायत करते हुए कहा कि उनके शिक्षक पिताजी की मृत्यु 15 वर्ष पहले हो गई थी। इतना लंबा समय गुजर जाने के बावजूद भी अनुकंपा पर किसी की बहाली नहीं हुई है। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को इस पर उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया। अरवल से आयी एक महिला ने मुख्यमंत्री से फरियाद करते हुए कहा कि वर्ष 2010 में अरवल जिले में पंचायत शिक्षिका के रूप में हमारी नियुक्ति हुई थी लेकिन वर्ष 2016 में मुझे नौकरी से हटा दिया गया। वहीं मधेपुरा के एक युवक ने जननायक कर्पूरी ठाकुर चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल में विज्ञापित पदों पर बहाली की प्रक्रिया पूर्ण करने के संबंध में अपनी बात रखी। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को समुचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया। मधेपुरा के एक छात्र ने मुख्यमंत्री से शिकायत करते हुए कहा कि स्टुडेंट क्रेडिट कार्ड के ऋण के भुगतान में बैंक द्वारा समय से पहले तथा अधिक ब्याज दर पर उन्हें ऋण भुगतान करने को कहा गया है। वहीं कटिहार के एक व्यक्ति ने मदरसा कमिटी में व्याप्त भ्रष्टाचार की शिकायत करते हुए जांच कराने की मांग की। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया। मुंगेर की एक छात्रा ने मुख्यमंत्री से आग्रह करते हुए कहा कि हमने 2019 में ही स्नातक की परीक्षा पास की लेकिन आज तक मुझे स्नातक प्रोत्साहन योजना की राशि नहीं मिली है। वहीं शेखपुरा की एक छात्रा ने इंटर प्रोत्साहन योजना की राशि नहीं मिलने की शिकायत की। मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग को निर्देश देते हुए कहा कि प्रोत्साहन राशि नहीं मिलने की कई छात्र-छात्राओं की शिकायत आई है, इन्हें जल्द से जल्द राशि भुगतान कराएं। दरभंगा जिला से आए एक फरियादी ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाते हुए कहा कि मेरे पिताजी की मृत्यु कोरोना संक्रमण से वर्ष 2021 में हुयी लेकिन अब तक किसी प्रकार की सहायता नहीं मिली है। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी को इस पर उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया। बेगूसराय के एक खिलाड़ी ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाते हुए कहा कि वर्ष 2018 से लगातार राइफल शूटिंग में स्टेट, जोनल एवं ऑल इंडिया जी0वी0 मूलंकर गोल्ड मेडल तक जीत चुके हैं। मेरी आर्थिक स्थिति बहुत कमजोर है इसलिए मैं आगे नहीं खेल पा रहा हूं। मुख्यमंत्री ने कला, संस्कृति एवं युवा विभाग को इनकी समस्या के निदान करने का निर्देश दिया। दरभंगा से आयी एक लड़की ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाते हुए कि मेरे पिताजी की कोरोना संक्रमण के कारण वर्ष 2020 में पी0एम0सी0एच0 में मृत्यु हो गई थी। लेकिन अभी तक उनका मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं बन पाया है, जिसकी वजह से अब तक मुआवजा नहीं मिल पाया है। वहीं कैमूर के एक युवक ने शिकायत करते हुए कहा कि मेरे पिताजी की मृत्यु कोरोना संक्रमण की वजह से हो गई थी लेकिन अब तक मुआवजा राशि नहीं मिल पाया है। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग को इस पर उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया। मुंगेर के एक व्यक्ति ने दिव्यांग पेंशन की बकाया राशि नहीं मिलने की शिकायत की तो वहीं छपरा की एक महिला ने विधवा पेंशन नहीं मिलने की शिकायत की। मुख्यमंत्री ने समाज कल्याण विभाग को इस पर उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया। 'जनता के दरबार में मुख्यमंत्री' कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री तारकिशोर प्रसाद, उप मुख्यमंत्री श्रीमती रेणु देवी, शिक्षा मंत्री श्री विजय कुमार चैधरी, स्वास्थ्य विभाग मंत्री श्री मंगल पांडे, जल संसाधन सह सूचना एवं जन-संपर्क मंत्री श्री संजय कुमार झा, समाज कल्याण मंत्री श्री मदन सहनी, कला, संस्कृति एवं युवा मामले के मंत्री श्री आलोक रंजन, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री श्री संतोष कुमार सुमन, विज्ञान एवं प्रावैधिकी मंत्री श्री सुमित कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार, मुख्य सचिव श्री आमिर सुबहानी, पुलिस महानिदेशक श्री एस0के0 सिंघल, संबंधित विभागों के अपर मुख्य सचिव/प्रधान सचिव/सचिव, मुख्यमंत्री के सचिव श्री अनुपम कुमार, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी श्री गोपाल सिंह, पटना के जिलाधिकारी श्री चंद्रशेखर सिंह तथा वरीय पुलिस अधीक्षक श्री मानवजीत सिंह ढिल्लो उपस्थित थे। 'जनता के दरबार में मुख्यमंत्री' कार्यक्रम की समाप्ति के पश्चात् मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से बातचीत की। प्रधानमंत्री द्वारा मुख्यमंत्री को सच्चा समाजवादी बताये जाने के संबंध में पूछे गये सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ये उनकी कृपा है कि उन्होंने ये बात कही। आप सब जानते हैं कि हम सबलोग लोहिया जी के ही शिष्य हैं। ये बात सही है कि समाजवाद का निर्माण उन्होंने किया, समाज को चलाया। हमलोग कोई परिवारवाद नहीं करते हैं। हम सबदिन से यही कहते हैं कि पूरा बिहार एक परिवार है। कुछ लोग अपने घर के परिवार को ही परिवार कहते हैं और उसी परिवारवाद में रहते हैं, जहां समाजवाद खत्म हो जाता है। समाजवाद बड़ी बुनियादी चीज है। समाजवाद के मामले में सभी लोग एक परिवार हंै। हमलोग छात्र जीवन से ही राजनीति में हैं। उसी समय से समाजवाद से प्रभावित हैं। जो पहले से होता रहा है और आजकल जो हो रहा है, इसको देखते हुए आदरणीय प्रधानमंत्री जी ने यह बात कही है। विपक्ष द्वारा उठाए गए सवाल कि किसी कारणवश से किसी के परिवार का सदस्य राजनीति में नहीं आना चाहता हो, सिर्फ इतने से ही उसे सच्चा समाजवादी नहीं कहा जा सकता। पत्रकारों के इस प्रश्न का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसा कुछ नहीं है, ये सब बेकार की बात है। प्रधानमंत्री जी, जो बोले हैं वो बहुत एक्यूरेट बात बोले हैं। पार्टी में और जो लोग हैं अगर उनको प्रतिष्ठा नहीं दे रहे हैं, केवल परिवार को प्रतिष्ठा दीजियेगा तो इसका मतलब आपको समाजवाद से मतलब नहीं है बल्कि परिवारवाद से मतलब है। राजनीति में किसी ने अपनी पत्नी, बेटे को आगे बढ़ा दिया तो क्या यही समाजवाद है? आपने मेहनत किया है, आप तक ठीक है। उसके बाद परिवार में से किसी को राजनीति में आगे बढ़ा दिया तो इसका कोई अर्थ नहीं है। यही बात प्रधानमंत्री जी बार-बार बोल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग राजनीति में अपने परिवार पर ही केंद्रित रहेंगे, ऐसा ज्यादा दिन नहीं चलेगा। एक समय आयेगा कि उनका कोई भविष्य नहीं रहेगा। ये अच्छी तरह से जान लें और ये कई जगहों से शुरू हो गया है। आप अगर राजनीतिक पार्टी चलाते हैं तो आपके साथ जिनकी सक्रियता है, उनलोगों के बीच से राजनीतिक पदों पर चयन होना चाहिये न कि परिवार से चयन होना चाहिए। जिनको कोई अनुभव नहीं है, जिनको कोई जानकारी नहीं है, आप सीधे उनको किसी पद पर रख देते हैं। बिहार को विशेष राज्य के दर्जे के संबंध में पत्रकारों द्वारा पूछे गये सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सब जानते हैं कि विशेष राज्य के दर्जा के लिये हमलोगों ने कितना बड़ा अभियान चलाया। इसके लिये कई जगहों पर सभायें हुई हैं, कितनी मीटिंग्स हुई हैं। हमलोग अपनी मांग रखे ही हुए हैं। हमलोग सब एन0डी0ए0 सरकार का ही हिस्सा हैं। उस समय की जो केंद्र सरकार थी, उसने कमिटी भी बनायी और कुछ बात भी कही। अभी नीति आयोग की रिपोर्ट में बिहार को सबसे पिछड़ा बताया गया है। उन्होंने कहा कि हमलोगों को वर्ष 2005 से काम करने का मौका मिला है, तबसे कितना मेहनत किया और बिहार को कहां से कहां पहुंचाया। उसके बावजूद भी अगर बिहार पीछे है तो उसका कारण है कि हमारा क्षेत्रफल कम है लेकिन हमारी आबादी बहुत ज्यादा है। एक वर्ग किलोमीटर में जितनी आबादी बिहार में है, उतनी आबादी इस देश में कहीं भी नहीं है और शायद दुनिया में भी कहीं नहीं है। बिहार में विकास का दर बढ़ा है। प्रति व्यक्ति आय बढ़ी है ये 2009 से ही रिपोर्ट आ रही है। बिहार में यहां की सरकार के द्वारा जो काम किया जा रहा है उसके चलते प्रोग्रेस जरूर हुआ है। बिहार को विशेष राज्य का दर्जा मिलने से यही फायदा होगा कि केंद्र और राज्य की हिस्सेदारी 90ः10 होगी। अभी 60ः40 तो कहीं-कहीं 50ः50 है। 90ः10 रहेगा तो राज्य का पैसा जो बचेगा वह विकास के और कामों में लगेगा। कुल मिलाकर आज जो स्थिति है उससे बहुत तेजी से राज्य आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि नीति आयोग की रिपोर्ट आने के बाद राज्य सरकार की तरफ से नीति आयोग को चिट्ठी भेजी गई है। जब इतना काम किया गया तब ये स्थिति है तो उस पर आपलोगों को सोचना होगा। सबलोगों को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि जब हमलोगों को मौका मिला तो सड़क की क्या स्थिति थी, शिक्षा की क्या स्थिति थी, स्वास्थ्य की क्या स्थिति थी, विधि-व्यवस्था की क्या स्थिति थी, महिलाओं की क्या स्थिति थी, गरीब परिवार के लोगों की क्या स्थिति थी ? आज देख लीजिये इन सबमें कितना बदलाव आया है। बिहार की आबादी बढ़ी हुई है, हमलोग प्रजनन दर घटाने के लिए काम कर रहे हैं। महिलाओं की शिक्षा पर जोर दिया जा रहा है, जिससे प्रजनन दर घटेगा। जब हमलोगों की सरकार बनी तो प्रजनन दर 4.3 था अब घटकर 3 पर पहुंच गया है। यही स्थिति रही तो बहुत जल्द 5-6 साल के अंदर प्रजनन दर 2 पर पहुंच जायेगा। हमलोग सब काम कर ही रहे हैं और ऐसा भी नहीं है आगे नहीं बढ़ रहे हैं। जहां नीचे थे उससे बहुत आगे बढ़े हैं। प्रति व्यक्ति आय 8 हजार के करीब थी, जो अब बढ़कर 50 हजार पर पहुंच गयी लेकिन देश की औसत प्रति व्यक्ति सवा लाख से भी ऊपर है, उससे हमलोग नीचे हैं। केंद्र सरकार की भी कई योजनायें चल रही हैं। विकास का काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि इस तरह के और जो राज्य हैं, उस पर भी गौर कीजिए। हमलोग तो अपनी बात कहेंगे और अपना काम करते रहेंगे। विशेष राज्य के दर्जे की मुहिम पर संसद में उठे सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सबका अपना-अपना विचार होता है। यह कोई व्यक्तिगत विचार नहीं है बल्कि यह जनहित में है, राज्य के हित में है। हमलोग तो काम कर रहे हैं। हम तो हमेशा बोलते रहते हैं कि लोगों की सेवा करना ही हमारा धर्म है। आप जरा देख लीजिये कि बिहार में किस प्रकार से काम हो रहा है। पहले और आज के वातावरण में कितना बड़ा फर्क है। यह दूसरी बात है कि हमलोग उतने भारी प्रचारक नहीं हैं। काम जरुर करते हैं लेकिन प्रचार उतना नहीं कर पाते हैं। हम तो आग्रह करेंगे कि वर्ष 2005 में जब हमलोगों को मौका मिला तो उस समय की राज्य की स्थिति और आज के राज्य की स्थिति की तुलना कर लें यही सबसे अच्छा है। जातिगत जनगणना के मुद्दे पर हमलोगों की आपस में बातचीत तो हुई ही है। हमलोग मन बनाकर बैठे हुए हैं। हमलोग तो ऑल पार्टी मीटिंग करेंगे। केंद्र सरकार ने भी कहा ही है कि यदि कोई राज्य जातीय जनगणना करना चाहे तो करे। हमलोग इसी पर कह रहे हैं कि यहां पर सब लोग बातचीत करेंगे। जातीय जनगणना होने से सबको जानकारी हो जायेगी कि किस जाति की कितनी आबादी है। हमलोगों को सुधार के लिए क्या करना पड़ेगा। लोगों के विकास के लिए और उनके उत्थान के लिए क्या करना पड़ेगा, जो राज्य के हित में होगा किया जाएगा। इससे किसी भी जाति की उपेक्षा नहीं होगी। यह सब बात चली है और आपस में बातचीत भी हुई है। हिजाब को लेकर मचे बवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वो सब बेकार की बात है। उस पर बोलने का कोई औचित्य नहीं है। इस मामले को लेकर लोग कोर्ट गये हैं। यहां के स्कूलों में सभी स्कूली बच्चे एक ही तरह के ड्रेस पहनते हैं। उन्होंने कहा कि देश-दुनिया में कोई बात होती है, वह एक अलग बात है, बिहार में ऐसी कोई बात नहीं है। हमलोग तो काम करने में लगे हुए हैं। सबके लिए हमलोग काम करते हैं और सबकी इज्जत करते हैं। कुछ लोगों का अपना-अपना तरीका है तो हमलोग उसमे इंटरफेयर नहीं करते हैं। मूर्ति लगाना या अपने-अपने ढंग से पूजा करना, यह सबकी अपनी-अपनी मान्यता है। हमलोगों के हिसाब से इस पर बहस करने की कोई जरूरत नहीं है। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 14 Feb 2022 06:46 AM PST
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| Posted: 14 Feb 2022 06:28 AM PST जाया नहीं जाएगी कुर्बानीमेरे देश के जवानों की , दुश्मनों तैयारी कर लो अपने जनाजे उठाने की। जवानों की शहादत पर ना खौले वह खून नहीं पानी है, जो देश के काम ना आए बेकार वह जवानी है। कभी पाकिस्तान कभी आतंकियों ने कि अपनी मनमानी है , इन्हे सबक सिखाने की भारतीय जवानों ने ठानी है। जाया नहीं जाएगी कुर्बानी मेरे देश के जवानों की , दुश्मनों तैयारी कर लो अपने जनाजे उठाने की। कभी पठानकोट कभी उरी पुलवामा को निशाना बनाया है , भरत माँ के सपूतों ने हर बार उन्हें मजा चखाया है । जवानो की शहादत पर हमने सिर्फ अश्रु बहाया है , मेरे वीर जवानों ने दुश्मन को मार गिराया है। फिर होनी चाहिए सर्जिकल स्ट्राइ हर भारतवासी चिल्लाया है , नहीं होना चाहिए लहू अब ठंडा जो इस बार गरमाया हैं। जाया नहीं जाएगी कुर्बानी मेरे देश के जवानों की , दुश्मनों तैयारी कर लो अपने जनाजे उठाने की। सुरक्षित एवं मौलिक रचना सुमित मानधना 'गौरव' सूरत , गुजरात। जय हिंद , जय भारत भारत माता की जय । हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| हिजाब:कुरान का पालन या फसाद की तैयारी Posted: 14 Feb 2022 06:22 AM PST प्रो कुसुमलता केडिया जिन 6 बच्चियों को आगे करके हिज़ाब से शुरू कर मजहब तक की हिफाजत की बात कही जा रही है , उनके वास्तविक प्रयोजन और वास्तविक व्यक्तित्व तथा आचरण तीनों को अच्छी तरह समझने की आवश्यकता है । क्योंकि इनके इस आचरण का संबंध जिस तरह से वे पूरे देश में इस विषय पर हल्ला मचाने का दावा कर रही हैं, उसे देखते हुए संपूर्ण राष्ट्र से इसका संबंध है ।। इसलिए कुछ बातें अच्छी तरह समझने की आवश्यकता है ।। पहली बात तो यह देखने की आवश्यकता है कि क्या सचमुच यह इस्लाम पर ईमान ले आती हैं ? क्या इनको पैगंबर मोहम्मद साहब पर पूरा ईमान है? क्या वह अल्लाह ताला द्वारा हजरत रसूल जो आखिरी रसूल है ,उन को भेजी गई आयतों यानी दिव्यसंदेशों और बातों पर ईमान ले आती हैं और उसके अनुसार जीवन जीने को संकल्पित है? या ये यूं ही सड़क पर निकल कर कुछ शोरगुल या कोई हल्ला हुड़दंग किसी खास मकसद से ,किसी विशेष प्रयोजन से करने वाले एक बहुत बड़े तंत्र की एक झलकहैं। इसके लिए कुछ बातों की जांच आवश्यक है जिन पर हम क्रम से बातें करेंगे लेकिन सबसे पहले तो एक प्रश्न यह है कि यह यदि सचमुच मुस्लिम हैं ,मोमिन हैं,उन्होंने केवल अपना नाम मुसलमानों जैसा नहीं रखा है बल्कि इनको कुरान शरीफ पर पूरी आस्था है, यह उस पर पूरा ईमान ले आई है और उसमें बताए गए कायदे से जिंदगी जीना चाहती हैं , तो फिर यह किस हिसाब से किस आधार पर उस स्कूल में जाने की सोच भी सकती हैं जो सह शिक्षा वाला है यानी लड़कों के साथ लड़कियां पढ़ें। यह तो पूरी तरह इस्लाम के कायदे के बाहर की बात है। हजरत पैगंबर साहब ने इस बात ki कहीं कोई इजाजत नहीं दी है और ऐसी कोई भी आयत नहीं है जो यह इजाजत देती हो कि लड़कियों को लड़कों के साथ दूर कहीं किसी एक स्कूल में जाकर गैर मजहबी कोई पढ़ाई 1 दिन को भी करें । यह तो पूरी तरह नान इस्लामिक है ,गैर मजहबी है । किसी भी मोमिन औरत को इजाजत नहीं है कि वह दूर कहीं जाकर गैर मर्दों या लड़कों के साथ गैर मज़हबी बातें साथ साथ पढ़ें। कुरान के सूरह 4 सूरा अन निसा की 34 वी आयत है कि "अल्लाह ने मर्दो को औरतों का मालिक बनाया है और उन्हें औरतों के मुकाबले आगे रखा है । नेक बीवी वह है जो अपने शौहर की आज्ञा का पालन करती है।" अतः ऐसे में यह सच्चाई सामने आनी चाहिए कि यह लड़कियां इस्लाम के कायदे के अनुसार रहने वाली हैं क्या? क्या यह मर्दों को यानी अपने मर्दो को अपना मालिक मानती हैं ?अभी यह अपने पिता और भाई को अपने से आगे मानती हैं ?और बाद में अपने पति को अपना मालिक मानेगी ?पहले तो यह घोषणा करें । क्योंकि अल्लाह ताला ने आखरी पैगंबर के जरिए स्पष्ट कहा हैकि औरतों पर मालिकाना हुकूमत मर्दों को हासिल है और मर्द औरतों से आगे रहेंगे क्योंकि वे आगे रखे गए हैं। इसलिए सबसे पहले तो यह सड़कों पर जोर शोर से चिल्लाने वाली बहनों को यह घोषित करना चाहिए कि उन्हें आखरी रसूल को अल्लाह ताला के द्वारा भेजे गए संदेश पर पूरा ईमान है और वह अपने पिता भाई और विवाहित होने पर अपने पति को अपना मालिक मानेंगी, उनके संरक्षण में ही काम करेंगी,यह उन्हें घोषणा करनी चाहिए। तत्कालीन भारत के पारसीक क्षेत्र के रहने वाले इस्लाम के महान दार्शनिक अल गजाली का कहना है कि काबिलियत या योग्यता के 1000 components हैं, इनमें से केवल एक स्त्री को मिला है ,शेष 999 पुरुषों को मिले हैं। क्योंकि अल्लाह की अवज्ञा के कारण अल्लाह ताला ने स्त्री को अट्ठारह तरीके की सजाएं दी हैं ,जिन में मासिक धर्म ,गर्भधारण ,बच्चा होना ,अपने माता-पिता से बिछड़ना, अजनबी से विवाह होना ,अपने व्यक्तित्व की स्वामिनी स्वयं नहीं होना ,तलाक दिए जा सकने की स्थिति में रहना और स्वयं कभी तलाक दे सकने की स्थिति में नहीं होना आदि आदि 18 प्रकार की सजाएं अल्लाह ताला ने औरतों को दी हैं। एक मर्द एक बार में 4 शादियां कर सकता है और फिर किसी भी प्रकार की उस में अवज्ञा देखने पर किसी को भी तलाक दे सकता है और इस तरह तलाक देने के बाद या तलाक देते हुए , जीवन में अनेक अनेक शादियां कर सकता है। इसके अतिरिक्त रखैल तो बहुत सी रख सकता है । कुरान के सूरह 4 की आयत 34 वी में अल्लाह ताला की ओर से प्राप्त संदेशों को आखिरी रसूल ने इस प्रकार बताया है कि जो औरतें अपने पति की मालकियत ना माने, उनका स्वामित्व ना माने उन्हें पहले तो समझाओ और अगर वह न समझे तो उन्हें मार भी सकते हो और उनको बिस्तर पर अकेली छोड़ दो ।। क्योंकि नेक बीवियां तो वही हैं जो पति का हुकुम मानती है ,आज्ञा पालन करने वाली होती हैं और अगर पति की कोई गुप्त या कमजोरी की बातें हो तो उन्हें किसी से नहीं कहतीं। इस प्रकार स्त्री सदा पुरुष के अधीन है और अगर वह अधीनता ठीक से नहीं मानती तो उसे मारा भी जा सकता है ।यहकुरान का आदेश है। अब स्थिति यह है कि प्रदर्शन करने वाली जो मुस्लिम बहनें हैं उनके साथ एक बड़ी विचित्र समस्या यह है कि वह भारत के संविधान की भी दुआएं देती हैं ,,,,फिर इस्लाम की भी दुआएं देती हैं ,फिर अपने को कम्युनिस्ट या सोशलिस्ट भी कहती हैं, इंकलाब के नारे लगाती हैं,,पर इंकलाब जिंदाबाद तो कम्युनिस्टों का नारा है तो यह तो मोमिन का नहीं मुनाफिकीन का लक्षणहै। अगर आपको मजहब का हुकुम पालना है तो आप सच्चे मोमिन की तरह पूरी तरह मजहबी कायदे कानूनों का पालन कीजिए। अगर आपको संविधान में श्रद्धा है तो संविधान का पालन कीजिए । आप एक साथ दोनों दावे कैसे कर सकते हैं? संविधान तो पति और पत्नी को, स्त्री और पुरुष को बराबरी का हुक्म देता है और कुरान कहती है कि पुरुषों को औरतों पर हुकूमत हासिल है और वह उनकी आज्ञा पालन करें ,यह अल्लाह का आदेश है और अगर वे आज्ञा पालन नहीं करती तो पति उन्हें मार भी सकता है भारतीय संविधान के अनुसार एक तो यह संज्ञेय अपराध होगा। तो आप संविधान को मानती हैं या कुरान को ? अपने आचरण के विषय में आप किस आदर्श से चलती हैं,यह तो आपको तय करना होगा। क्योंकि इस्लाम पर पूरा ईमान लाना है तो खुद औरत के विषय में उसमें जो कुछ कहा गया है, उसे तो मानना ही पड़ेगा। तो कुरान के अनुसार तो औरत का जो पर्सन है, व्यक्तित्व है ,वह पुरुष के अधीन है। यहां तक कि औरत की गवाही भी पुरुष की गवाही के बराबर नहीं। दो औरतों की गवाही एक पुरुष गवाही के बराबर है। और कहीं भी औरत को शासक या शीर्ष अधिकारी या जुडिशल अफसर जिन्हें इन दिनों जज कहते हैं ,यह होने का तो कोई प्रावधान इस्लाम में नहीं है ।इस्लाम तो यह नहीं कहता कि स्त्रियां पुरुषों पर शासन कर सकती हैं। इसलिए चाहे वह नूरजहां या मुमताज महल रही हो या वर्तमान समय में बेनजीर भुट्टो हों,महबूबा मुफ्ती हों,या स्वयं ममता बनर्जी जो कुरान का पाठ करती है और नमाज पढ़ती देखी जाती हैं,कुरान को प्रमाण मानती हैं तो उन्हें पुरु… मुख्य बात यह है कि औरत का जो person है, उसके विषय में इस्लाम बहुत स्पष्ट है।यहां तक कि स्वयं इस "औरत" शब्द का भी इस्लाम में जो अर्थ है, वह समझना चाहिए । अरबी में अवरात शब्द है और उर्दू में औरत। जिसका सुनिश्चित और स्पष्ट अर्थ है pudenda या vagina या vulva या woman's external genitals जिसे हिंदी में योनि कहते हैं, तो औरत को योनि की ही संज्ञा दी गई है इस्लाम में और उसको संबोधन योनि का ही दिया गया है। मेरी अब आयु पर्याप्त हो गई है इसलिए मुझे यह आवश्यक लगा कि खरी खरी बातें कह सकूँ। जानती तो बहुत पहले से थी परंतु कम आयु में यह शब्द मुंह में ही नहीं आते ।परंतु सत्य की प्रतिष्ठा के लिए तो थोड़ी हिम्मत करनी होगी । यहां तक कि जो निकाह है ,वह इसी pundenda, इसी योनि का आनंद लेने के लिए है ,यह बहुत स्पष्ट है और इसीलिए अगर विवाह विच्छेद होता है तो जो मेहर की रकम दी जाती है ,उसके लिए इसमें कहा गया है कि यह जो स्त्री की योनि है ,जिसे औरत कहते हैं ,उसके भोग का, उसके साथ समागम का ,उसके साथ आनंद लेने का किराया है ,उजुरत है।यह साफ-साफ कहा है।सूरा4 की24वीं आयत औऱ सूरा33 की 50 वीं आयत यह निर्देश देती है । चाचा की बेटियां हो या खाला की बेटियां हो या मामू जान की बेटियां हो ,उनमें से किसी से भी निकाह किया जा सकता है और तलाक होने पर इसी औरत यानी pudenda से प्राप्त आनंद के किराए के रूप में मेहर की रकम दी जाती है।क्योंकि औरतें मर्दों की खेतियाँ हैं ,जितने बार चाहो, भोग करो, यह मर्द का हक़ है और विरोध करने वाली को मारने-पीटने का भी हक़ है।तो क्या हमारे न्यायालय2प्रकार की स्त्रियोँ का वर्ग या श्रेणी बनाएंगे?एक वह जो पति के मिलन के आग्रह को घरेलू हिंसा कहकर अस्वीकार कर सकती है और पति को दण्डित करा सकती है, दूसरी वह औरत जो खसम द्वारा समागम के लिए पीटी जा सकती है और जिसकी कुल पहचान ही pudenda है और वह उसका किराया लेती है और शौहर को मना नहीं कर सकती वरना पीटी जाएगी क्योंकि वह मुस्लिम है?स्त्री का ऐसा अपमान, तिरस्कार, अवमूल्यन? मन काँप उठता है यह पढ़कर ही। तो यह है औरत का person इस्लाम में । क्या इसे भी वे लोग मानती हैं जो इस तरह सड़कों पर निकल रही हैं ? और क्या कहीं भी इस्लाम में यह कहा गया है कि औरतें ,बाहरी मर्दों के सामने, अपने घर के बाहर के लोगों के सामने खुले मुंह इस तरह सड़कों पर निकले और नारे लगाए , जलसा जुलूस करें, शासन के विषय में परामर्श दें, शासन को क्या करना चाहिए, क्या नहीं करना चाहिए, यह बताएं ? कुरान की किस आयत में औरत को यह हक दिया गया है ?किस आधार पर यह औरतें खुले मुंह सड़क में दौड़ती घूमती है और फिर हिजाब के नाम पर हिंदुस्तान को हिला देने की बात कह रही हैं,? यह किसी भी तरह मोमिन तो नहीं हो सकती। इस्लाम के लिए तो यह न जी रही हैं ,ना उसके लिए काम कर रही हैं ।यह स्पष्ट है।क्योंकि ये इस्लाम में ईमान नही लातीं।ये कुरान के निर्देशों पर नही चलतीं। तो फिर यह किसके लिए काम कर रही हैं ? इस बात की जांच होनी चाहिए। क्या यह आतंकवादियों को cover देने के लिए काम कर रही हैं कि जिससे आतंकवादी कहीं भी हिजाब के नाम पर मुंह ढक कर जाए ,आंखों में चश्मा भी लगा ले ताकि पहचाने नहीं जा सके। यदि कहीं जाए तो उनकी जांच नहीं होगी। उन्होंने परमाणु बम या कोई अस्त्र छुपा रखा है या कंप्यूटर या नक्शा या कोई घातक हथियार छुपा रखी है या कोई खतरनाक वस्तु छुपा रखी है। कल को उसकी जांच पर भी आपत्ति करेंगे कि पराया मर्द औरत को हाथ नहीं लगा सकता और आप बहुत बड़ी भीड़ बनाकर जगह-जगह दौड़ेंगे, सड़कों में बलवा करेंगे ,फसाद करेंगे । इसका तो इस्लाम से कोई रिश्ता नहीं दिखता । यहतो स्थापित सत्ता को ,हुकूमत को पलटने की कोशिश बलवा के द्वारा की जाती दिखती है ।इसके लिए तो इस्लाम में सजा-ए-मौत है। तो क्या आप इसे स्वीकार करेंगे ? और स्त्रियों को इस तरह सड़कों पर निकल कर शासन से मांग करना और शासन को बताना कि वह क्या करें ,क्या नहीं करें ,यह इस्लाम के किसी भी प्रावधान के अनुसार जायज नही है। अतः ये इस्लाम के लिए तो काम नहीं कर रही हैं। इनका कोई अन्य प्रयोजन है ।यह किसी अन्य के लिए काम कर रही हैं। यह बहुत स्पष्ट है। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| सर्वांगीण विकास का मातृ-पितृ पूजन Posted: 14 Feb 2022 06:07 AM PST सर्वांगीण विकास का मातृ-पितृ पूजनसत्येन्द्र कुमार पाठक सनातन धर्म की संस्कृति में मातृ एवं पितृ पूजन से सर्वागीण विकास का महत्वपूर्ण स्थान है । मातृ और पितृ पूजन का प्रारंभ भगवान शिव एवं माता पार्वती के पुत्र गणेश जी द्वारा की गई थी । देवों में श्रेष्ठ का निर्णय लेने के लिए भगवान शिव के पुत्र गणेश जी और कार्तिक जी ने भगवान शिव-पार्वती के पास गए थे । शिव-पार्वती ने कहाः संपूर्ण पृथ्वी की परिक्रमा करके पहले पहुँचेगा, उसी को श्रेष्ठ कहा जाएगा । श्रेष्ठ प्रतियोगिता में वाहन मयूर पर कार्तिकेय पृथ्वी की परिक्रमा करने और गणपतिजी ने अपने माता पिता शिव-पार्वती का हाथ पकड़ कर ऊँचे आसन पर बिठाया, पत्र-पुष्प से उनके श्रीचरणों की पूजा की और प्रदक्षिणा करने लगे। एक चक्कर पूरा हुआ तो प्रणाम किया… दूसरा चक्कर लगाकर प्रणाम कर माता-पिता की सात प्रदक्षिणा कर ली। भगवान शिव-पार्वती ने पूछाः वत्स! ये प्रदक्षिणाएँ क्यों की गयी है । गणपतिजी ने कहा कि सर्वतीर्थमयी माता एवं सर्वदेवमयो पिता जी ! शास्त्रों के अनुसार सारी पृथ्वी की प्रदक्षिणा करने से पुण्य होता है, वही पुण्य माता की प्रदक्षिणा करने से हो जाता है । माता पिता का पूजन करने से सब देवताओं का पूजन है। पिता देवस्वरूप हैं।शिव-पुराण के अनुसार मातापित्रोश्च पूजनं कृत्वा प्रक्रान्तिं च करोति यः। तस्य वै पृथिवीजन्यफलं भवति निश्चितम्।। अर्थात जो पुत्र माता-पिता की पूजा करके उनकी प्रदक्षिणा करता है, उसे पृथ्वी-परिक्रमाजनित फल सुलभ हो जाता है। आसने स्थापिते ह्यत्र पूजार्थं भवरोरिह। भवन्तौ संस्थितौ तातौ पूर्यतां मे मनोरथः।।अर्थात् ʹहे मेरे माता पिता ! आपके पूजन के लिए यह आसन मैंने स्थापित किया है। इसे आप ग्रहण करें और मेरा मनोरथ पूर्ण करें।ʹमनुस्मृति 2/121 के अनुसार अभिवादनशीलस्य नित्यं वृद्धोपसेविनः। चत्वारि तस्य वर्धन्ते आयुर्विद्या यशो बलम्।। अर्थात् जो माता पिता और गुरु जनों को प्रणाम करता है और उनकी सेवा करता है, उसकी आयु, विद्या, यश और बल चारों बढ़ते हैं। दीपज्योतिः परं ब्रह्म दीपज्योतिर्जनार्दनः। दीपो हरतु मे पापं दीपज्योतिर्नमोઽस्तु ते।। यन्मातापितरौ वृत्तं तनये कुरुतः सदा। न सुप्रतिकरं तत्तु मात्रा पित्रा च यत्कृतम्।। 'माता और पिता पुत्र के प्रति जो सर्वदा स्नेहपूर्ण व्यवहार करते हैं, उपकार करते हैं, उसका प्रत्युपकार सहज ही नहीं चुकाया जा सकता है।' (वाल्मीकि रामायणः 2.111.9) में उल्लेख है कि माता गुरुतरा भूमेः खात् पितोच्चतरस्तथा। 'माता का गौरव पृथ्वी से भी अधिक है और पिता आकाश से भी ऊँचे (श्रेष्ठ) हैं।'(महाभारत, वनपर्वणि, आरण्येव पर्वः 313.60) के अनुसार अभिवादनशीलस्य नित्यं वृद्धोपसेविनः। चत्वारि तस्य वर्धन्ते आयुर्विद्या यशो बलम्।। 'जो माता-पिता और गुरुजनों को प्रणाम करता है और उनकी सेवा करता है, उसकी आयु, विद्या, यश और बल चारों बढ़ते हैं।' मनुस्मृतिः 2.121) एवं पद्मपुराण भूमिखंड 62 , 74 में उल्लेख मिलता है कि मातापित्रोस्तु यः पादौ नित्यं प्रक्षालयेत् सुतः। तस्य भागीरथीस्नानं अहन्यहनि जायते।। 'जो पुत्र प्रतिदिन माता और पिता के चरण पखारता है, उसका नित्यप्रति गंगा-स्नान हो जाता है। माता-पिता की पूजा दिवस प्रथम बार 14 फरवरी 2007 को गुरुकुल, अहमदाबाद में मनाया गया था। छत्तीसगढ़ में 14 फरवरी 2012 से छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में मातृ-पितृ पूजन दिवस मनाया जा रहा है । 2013 में भुवनेश्वर के कुछ स्कूलों और कॉलेजों ने माता-पिता पूजा दिवस मनाना शुरू किया। 2015 में भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने इसे एक आधिकारिक उत्सव बनाया। दक्षिणपंथी राजनीतिक दल अखिल भारतीय हिंदू महासभा ने इस दिन का समर्थन किया। 14 फरवरी 2015 को, यह एक गैर सरकारी संगठन भारतीय युवा शक्ति द्वारा छत्रपति शिवाजी क्रीड़ा मंडल, नेहरू नगर , कुर्ला में बड़े पैमाने पर मनाया गया । इस आयोजन ने माता-पिता और बच्चों को सैद्धांतिक और व्यावहारिक मूल्य प्रदान किए। 2015, 2016 और 2017 में जम्मू में सनातन धर्म सभा द्वारा मनाया गया था । 2017 में मध्य प्रदेश में जिला कलेक्टर ने स्कूलों, युवाओं के लिए एक नोटिस जारी किया और लोगों से 14 फरवरी को मातृ-पितृ पूजन दिवस के रूप में मनाने की शुरुआत की गई । झारखंड की शिक्षा मंत्री नीरा यादव ने 2018 में राज्य के 40,000 सरकारी स्कूलों में दिवस मनाने के लिए एक नोटिस जारी किया । 2018 में, गुजरात टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी और स्वामीनारायण इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी ने माता-पिता के प्रति सम्मान की पुष्टि करने के लिए माता-पिता पूजा दिवस मनाया। 2019 में, गुजरात के शिक्षा मंत्री, भूपेंद्रसिंह चुडासमा ने 14 फरवरी को मातृ पितृ पूजन दिवस के रूप में मनाने की पहल की सराहना की। गुजरात शिक्षा विभाग ने स्कूलों को 14 फरवरी 2020 को माता-पिता की पूजा दिवस आयोजित करने के लिए निदेश जारी किया गस्य था। महाराष्ट्र , हरियाणा , ओडिशा , छत्तीसगढ़ , मध्य प्रदेश तथा अन्य राज्यों में राज्यों में मातृ-पितृ पूजन दिवस मनाने एवं लोक निर्देश निदेशालय छत्तीसगढ़ में प्रत्येक वर्ष 14 फरवरी को माता-पिता पूजा दिवस के रूप में मनाया जाता है। माता-पिता को स्कूलों में आमंत्रित किया जाता है और बच्चे आरती करके और मिठाई खिलाकर उनकी पूजा करते हैं। मुस्लिम छात्रों ने 14 फरवरी को 'अब्बा अम्मी इबादत दिवस' मनाकर माता-पिता के लिए प्रेम का इजहार किया जाता है। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| दंत चिकित्सक डॉ अभिषेक वर्धन हुए सम्मानित Posted: 14 Feb 2022 05:59 AM PST दंत चिकित्सक डॉ अभिषेक वर्धन हुए सम्मानितपटना से हमारे संवाददाता जितेन्द्र कुमार सिन्हा की खास खबर | दंत चिकित्सक-सह-समाजसेवी के रूप में दंत चिकित्सक डॉ अभिषेक वर्धन को इंडियन डेंटल एसोसिएशन के सिवान शाखा ने सम्मानित किया। उक्त सम्मान समारोह 13 फरवरी (रविवार) को होटल सफायर इन, एसकेजी सुगर मिल रोड, सिवान में आयोजित किया गया था। आयोजित कार्यक्रम का विषय "12th CDS Programme- cum-Educational Ceremony" रखा गया था, जिसमें ऑर्थोडेंटिक चिकित्सक डॉक्टर अभिषेक वर्धन को "GUEST OF HONOUR" से नवाजा गया। आयोजित समारोह में इंडियन डेंटल एसोसिएशन, सिवान शाखा के दंत चिकित्सक और समाजसेवी सहित अन्यगणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। कार्यक्रम का आयोजन इंडियन डेंटल एसोसिएशन, सिवान के अध्यक्ष डॉक्टर चन्द्र मोहन सिंह, एसोसिएशन के सीडीई कैनवेनर डॉक्टर सौरव कुमार और एसोसिएशन के सचिव डॉक्टर मो. मुमताज अहमद ने नेतृत्व में किया गया था।हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 14 Feb 2022 05:55 AM PST
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| Posted: 13 Feb 2022 08:11 AM PST
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| Posted: 13 Feb 2022 07:50 AM PST पुलवामा शहीदों को नमनपुलवामा में शहीद हो गए वंदन उन रणवीरों को मातृभूमि शीश चढ़ाये सब देशप्रेम रणधीरों को कश्मीर की केसर क्यारी में वीर कई बलिदान हुए आतंकी हमलों ने घायल भारत माँ को घाव दिए दहल उठा देश सारा दुश्मन की गहरी चालों से गर्व हमें उन महावीरों पे उन देशभक्त मतवालों पे हर सीने में आग जलती नाकों चने चबाने को मुंह तोड़ जवाब देती सेना अरि को दिखाने को शौर्य बलिदान नमन करें अमर सपूतों की गाथा सीमा पर अटल सेनानी वंदे मातरम् नारा गाता जहां रगों में जोश भरा है जो देशभक्त मतवाले हैं दुश्मन की हर चालों के मुंह तोड़ जवाबी भाले हैं आंख दिखाएं हिंद को मंसूबे चकनाचूर कर देंगे देशहित में वीर दीवाने मां चरणों में शीश धर देंगे रमाकांत सोनी नवलगढ़ जिला झुंझुनू राजस्थान हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| पंचायती राज : स्वास्थ्य सुविधा:-विभा सिंह Posted: 13 Feb 2022 07:47 AM PST
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| बहुसंख्यक हिन्दुओं में जातिबोध एक घोर अपराध :-अशोक “प्रवृद्ध” Posted: 13 Feb 2022 07:22 AM PST बहुसंख्यक हिन्दुओं में जातिबोध एक घोर अपराध :-अशोक "प्रवृद्ध"उल्लेखनीय है कि वर्ण और जाति दो अलग- अलग व्यवस्थाएं हैं। वर्ण अतिप्राचीन व्यवस्था है। मनुस्मृति और अन्य वैदिक ग्रन्थों के अध्ययन से स्पष्ट होता है कि यह आदिकाल से ही भारत में प्रचलित है, और मौजूदा जाति प्रथा से यह भिन्न है। वेद आदि शास्त्रों के विचारों व मान्यताओं को गलत रूप में प्रस्तुत कर अज्ञानी व स्वार्थी लोगों ने गुण-कर्म-स्वभाव पर आधारित आदर्श सामाजिक व्यवस्था को बिगाड़ा है। मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम, षोडश कलायुक्त योगीश्वर श्रीकृष्ण, युद्धिष्ठिर, अर्जुनादि पांडवों के नाम के पीछे किसी जाति का नाम संयुक्त नहीं है। वस्तुतः उस काल तक भारत में जाति व्यवस्था थी ही नहीं। उस समय मानव जाति, देव जाति, असुर जाति, गंधर्व जाति, वानर जाति, सर्प जाति, किन्नर जाति आदि थे। यही कारण है कि तत्कालीन समय में एक जाति से दूसरे जाति में विवाह की मनाही थी और मान्यता थी कि जो एक जाति से दूसरी जाति में विवाह करेगा उसकी वर्ण संकर संतान उत्पति होगी और वह वंश नाशक होगी। महाभारत में अंकित पौराणिक कथाओं से इस तथ्य की पुष्टि ही होती है कि उस समय इस प्रकार की जातियों में विवाह हुए हैं, जिनसे वर्णसंकर पुत्र उत्पन्न हुए। भीम हिडिम्बा (हिड़अम्बा) की प्रेम कथा में भीम मानव जाति से थे, और हिडिम्बा असुर जाति से, परन्तु वनवास के समय पांडवों में से एक भीम को हिडिम्बा से प्रेम हो गया और फिर दोनों की शादी हो गई। इन से एक घटोत्कच नामक संतान भी प्राप्त हुई, जो वर्ण संकर था। इसी वर्ण संकर संतान के माध्यम से से श्रीकृष्ण ने गीता में इनसे उत्पन्न कुपरिणामों का उल्लेख करते हुए कहा है कि ऐसे कुपरिणाम कालांतर में मानव जाति और वंश के लिए हानिकारक होंगे। इसलिए एक रणनीति के तहत कृष्ण ने घटोत्कच का महाभारत युद्ध में इस्तेमाल करके उसको वीरगति को प्राप्त करवाया। ध्यातव्य है कि जाति मनुष्य की मानव मानी गई है, न कि जो टाईटल अर्थात सरनेम हम अपने नाम के पीछे रख रहे हैं और उनके लिए मार काट कर रहे हैं। यह सत्य है कि हिन्दू अपने को जाति में बाँट कर ही आज इस कष्ट में पहुंचा है, और जाति ही तोड़ कर वापस अपने स्वर्णिम काल में पहुँच पायेगा। जन्मना वर्णव्यवस्था के सन्दर्भ में आज प्रचलित मतानुसार जिसके माता -पिता ब्राह्मण हों, वह ब्राह्मणी-ब्राह्मण होते हैं, परन्तु वैदिक मतानुसार जिसके माता-पिता अन्य वर्णस्थ हों, उनके सन्तान भी ब्राह्मण हो सकते हैं। प्राचीनकाल में भी ऐसे बहुत से हुए हैं, आज भी होते हैं और आगे भी होंगें। छान्दोग्य उपनिषद में जाबाल ऋषि अज्ञातकुल, महाभारत में विश्वामित्र क्षत्रिय वर्ण और मातंग ऋषि चाण्डाल कुल से ब्राह्मण वर्ण वाले हो गये थे। अब भी जो उत्तम विद्या स्वभाव वाला है वही ब्राह्मण के योग्य और मूर्ख शूद्र के योग्य होता है और वैसा ही आगे भी होगा। माता-पिता के रज-वीर्य से उत्पन्न शरीर ब्राह्मण शरीर नहीं होता, बल्कि व्यक्ति गुण कर्मों के योग से ब्राह्मण बनता है। जन्म से सभी शूद्र ही होते हैं, और विद्या प्राप्ति पश्चात गुण के आधार पर द्विज होकर ही ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य व शूद्र बनते हैं। ब्राह्मण बनने की विधि मनुस्मृति में बताते हुए कहा गया है कि पढ़ने-पढ़ाने, विचार करने-कराने. नानाविध होम के अनुष्ठान, सम्पूर्ण वेदों को शब्द, अर्थ, सम्बन्ध, स्वरोच्चारण सहित पढ़ने-पढ़ाने, पौर्णमासी, इष्टि आदि के करने, वैदिक विधिपूर्वक धर्म से सन्तानोत्पत्ति, वेदानुकूल ब्रह्मयज्ञ, देवयज्ञ, पितृयज्ञ, वैश्वदेवयज्ञ और अतिथियज्ञ, अग्निष्टोमादि-यज्ञ, विद्वानों का संग, सत्कार, सत्यभाषण, परोपकारादि सत्कर्म और सम्पूर्ण शिल्पविद्यादि पढ़ के दुष्टाचार छोड़ श्रेष्ठाचार में वर्त्तने से यह शरीर ब्राह्मी अर्थात ब्राह्मण का किया जाता है। इससे स्पष्ट है कि रज-वीर्य के योग से वर्णव्यवस्था नहीं माना जा सकता है। श्रेष्ठ पिता का पुत्र भी दुष्ट होता देखा गया है, और जिसका पुत्र श्रेष्ठ उसका पिता दुष्ट होता गया है, और कहीं- कहीं तो दोनों ही श्रेष्ठ थवा दुष्ट होते देखे गये हैं। इसलिए जो ब्राह्मणादि उत्तम कर्म करते हैं, वे ही ब्राह्मणादि और जो निम्न कुल का व्यक्ति भी उत्तम वर्ण के गुण, कर्म, स्वभाव वाला हो तो उस को भी उत्तम वर्ण में और जो उत्तम वर्णस्थ हो के नीच काम करे तो उसको नीच वर्ण में गिनना अवश्य चाहिए। इस सम्बन्ध में यजुर्वेद 31/11 में कहा गया है- ब्राह्मणोऽस्य मुखमासीद् बाहू राजन्यः कृतः। ऊरू तदस्य यद्वैश्यः पदभ्यामशूद्रो अजायत।।- यजुर्वेद 31/11 अर्थात- जो पूर्ण व्यापक परमात्मा की सृष्टि में मुख के सदृश सब में मुख्य उत्तम हो वह ब्राह्मण, बल-वीर्य नाम्नी बाहू जिसमें अधिक हो सो राजन्य अर्थात क्षत्रिय, कटि के अधो और जानु के उपरिस्थ भाग उरू अर्थात जो सब पदार्थों और सब देशों में ऊरू के बल से जावे आवे व प्रवेश करे, वह वैश्य और जो पग के अर्थात नीच अंग के सदृश मूर्खत्वादि गुणवाला हो वह शूद्र है। शतपथ ब्राह्मणादि ग्रन्थ में भी इसी प्रकार कहा गया है- यस्मादेते मुख्यास्तस्मान्मुखतो ह्यसृज्यन्त। अर्थात- जिस से ये मुख्य हैं, इस से मुख से उत्पन्न हुए ऐसा कथन संगत होता है अर्थात् जैसा मुख सब अंगों में श्रेष्ठ है वैसे पूर्ण विद्या और उत्तम गुण, कर्म, स्वभाव से युक्त होने से मनुष्य जाति में उत्तम ब्राह्मण कहाता है। वैदिक मतानुसार जब परमेश्वर के निराकार होने से मुखादि अंग ही नहीं हैं, तो मुख आदि से उत्पन्न होना बंध्या स्त्रियों के पुत्र होने की भांति असम्भव है। संसार में सभी मनुष्य गर्भाशय से उत्पन्न होते हैं। मुखादि से उत्पन्न न होकर ब्राह्माणादि संज्ञा का अभिमान करना व्यर्थ है, अर्थ का अनर्थ है। मनुस्मृति के अनुसार शूद्रकुल में उत्पन्न होके ब्राह्मण, क्षत्रिय और वैश्य के समान गुण, कर्म, स्वभाव वाला हो तो वह शूद्र ब्राह्मण, क्षत्रिय और वैश्य हो जाय तथा वैसे ही बाह्मण, क्षत्रिय और वैश्यकुल में उत्पन्न हुंआ हो और उस के गुंण, कर्म, स्वभाव शूद्र के सदृश हों तो वह शूद्र हो जाय। वैसे ही क्षत्रिय व वैश्य के कुल में उत्पन्न होके ब्राह्मण व शूद्र के समान होने से ब्राह्मण और शूद्र भी हो जाता है अर्थात चारों वर्णों में जिस-जिस वर्ण के सदृश जो-जो पुरुष स्त्री हो वह-वह उसी वर्ण में गिनी जायें । आपस्तम्ब वचन के सूत्र के अनुसार धर्माचरण से निकृष्ट वर्ण अपने से उत्तम-उत्तम वर्ण को प्राप्त होता है और वह उसी वर्ण में गिना जाये कि जिस-जिस के योग्य होवे। वैसे अधर्माचरण से उत्तम वर्ण वाला मनुष्य अपने से नीचे-नीचे वाले वर्ण को प्राप्त होता है ओर उसी वर्ण में गिना जाय। जैसे पुरुष जिस-जिस वर्ण के योग्य होता है वैसे ही स्त्रियों की भी व्यवस्था समझनी चाहिए। इस प्रकार होने से सब वर्ण अपने-अपने गुण, कर्म, स्वभावयुक्त होकर शुद्धता के साथ रहते हैं अर्थात ब्राह्मणकुल में कोई क्षत्रिय, वैश्य और शूद्र के सदृश न रहे। और क्षत्रिय वैश्य तथा शूद्र वर्ण भी शुद्ध रहते हैं। अर्थात् वर्णसंकरता प्राप्त न होगी। इससे किसी वर्ण की निन्दा या अयोग्यता भी न होगी। यह गुण व कर्मों से वर्णों की व्यवस्था कन्याओं की सोलहवें वर्ष और पुरुषों की पच्चीसवें वर्ष की परीक्षा में नियत करने का विधान है। और इसी क्रम से अर्थात ब्राह्मण वर्ण का ब्राह्मणी, क्षत्रिय वर्ण का क्षत्रिया, वैश्य वर्ण का वैश्या और शूद्र वर्ण का शूद्रा के साथ विवाह होना चाहिए। सभी अपने-अपने वर्णों के कर्म और परस्पर प्रीति भी यथायोग्य रहेगी। इसलिए बिना किसी पूर्वाग्रह से ग्रस्त हुए अपने तुच्छ स्वार्थो को त्याग कर जातिभेद मिटाना चाहिए, और मूर्खता व निहित स्वार्थों को त्याग कर सभी बहुसंख्यक भारतीयों को सिर्फ नाम से जीना सीखना चाहिए। जातियों का ढकोसला करने वाले किसी सहारे की तलाश चाहते है, और अपनी कोई पहचान बनाने में असमर्थ होते है। कांग्रेस और अन्य जातीय जनगणना की मांग करने वाली पार्टियाँ तो भारतीय बहुसंख्यक समाज को अगले सौ वर्षों तक इस जाति आधारित जनगणना से पीछे धकेलना चाहती हैं। हिन्दुओं के जाति के नाम लड़ते रहने हिंदुस्तान पर गैर हिन्दू और विदेशी ही राज करते और अपना घर भरते रहेंगे। इसलिए अपने पूर्वजों की भांति जाति विहीन समाज बनाकर उसको सींचना ही हितकर है। हाँ, शादी- व्याह में गोत्र का ध्यान रखे जाने की सख्त आवश्यकता है, क्योंकि एक गोत्र में शादी तो घोर आपति जनक है। गोत्र निर्धारण अत्यंत कठिन है, परन्तु एक ही परिवार को कम से कम पन्द्रह पीढ़ी तक एक दूसरे से सम्बन्ध बनाने के लिए प्रतिबंधित किया गया है। जैसे जाति से बाहर शादी करके रक्त दूषित होता है, इसी प्रकार बहुत नजदीकी रिश्तों, सगोत्र विवाह करके संतान में विकृति आती है और यह अनैतिक भी है। किसी भी सरकार अथवा राजनीतिक पार्टी द्वारा एक ही गोत्र में शादी किये जाने की स्वतन्त्रता देने सम्बन्धी कानून बनाना घोर आपत्तिजनक और भारत के बहुसंख्यक हिन्दू समाज के धार्मिक, सामाजिक कार्यों में सरासर दखलंदाजी है। जाति प्रथा, घूँघट प्रथा आदि बहुत सी कुरीतियाँ आज भी भारतीय समाज में है, जो गुलामी के समय मज़बूरी में हमें अपनाना पड़ा और हम उसको अपनी संस्कृति और परम्परा मानकर अब भी ढोह रहे है। पांच-सात पीढि़यों से आरम्भ हुई परम्पराओं को सनातन व्यवहार मानना उचित नहीं, वेद तथा सृष्टि के आरम्भ से आज पर्यन्त की परम्पराओं को मानना ही उत्तम है। इसलिए परमेश्वर द्वारा प्रकाशित वेदोक्त बातें ही सनातन और जो उसके विरुद्ध हैं वह सनातन कभी नहीं हो सकती। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 13 Feb 2022 07:17 AM PST वाणिज्य.कर विभाग ने राज्य के अनेक ठेकेदारों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए करोड़ों के फर्ज़ीवाड़े का खुलासा कियावाणिज्य कर विभाग बिहार ने शनिवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए राज्य के अनेक ठेकेदारों द्वारा किये गए फर्ज़ीवाड़े का पर्दाफाश किया। विभाग ने एक सिंडिकेट में शामिल अनेक ठेकेदारों का निरीक्षण किया जो फ़र्ज़ी खरीद के आधार पर करोड़ों के राजस्व की अपवंचना में संलिप्त थे। इस सिंडिकेट का किंगपिन गया में अवस्थित था जिसने दिल्ली एवं उत्तर प्रदेश के दो फर्मों से लगभग रू० 72 करोड़ का फ़र्ज़ी खरीद दर्शा रखी थी। विभागीय कार्रवाई में गया की यह फर्म अस्तित्वहीन ;दवद.मगपेजमदजद्ध तथा बोगस पायी गयी। गया के इस अस्तित्वहीन फर्म ने राज्य की लगभग 131 फर्मों को बिटुमिनए सीमेंट आदि की बिक्री दर्शा रखी है। वाणिज्य कर आयुक्त सह सचिव के निर्देश पर गठित दलों के द्वारा दिनांक 12ण्02ण्2022 को गया में 03ए पटना में 04ए सुपौल 01 तथा बेगूसराय में 02 कुल दस स्थान पर ऐसे बड़े ठेकेदारों के विरुद्ध निरीक्षण की कार्रवाई की गई जिन्होंने गया की उक्त बोगस फर्म से करोड़ों की खरीद दर्शायी हुई थी। निरीक्षण के क्रम में पाया गया कि ऐसी 10 फर्मों ने गया की उक्त फ़र्ज़ी फर्म से करीब रु० 48 करोड़ की कागज़ी खरीद दर्शा रखी थी। जांच के क्रम में पाया गया कि बिटुमिन की न तो वास्तविक आपूर्ति हुई और न ही किसी रकम का भुगतान हुआ। जांच के क्रम में पटना की एक फर्म द्वारा कर एवं ब्याज कुल रू० 52 लाख की पूरी रकम का कैश के द्वारा तत्काल भुगतान भी कर दिया गया जबकि एक फर्म द्वारा रू० 20 लाख का आंशिक भुगतान किया गया। आयुक्त सह सचिव ने बताया कि इस सिंडिकेट में शामिल सभी ठेकेदारों के विरुद्ध विभाग द्वारा कठोर कार्रवाई की जाएगी और कर भुगतान नही किये जाने की स्थिति में अरेस्ट करने जैसे कदम भी उठाए जा सकते हैं। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 13 Feb 2022 07:12 AM PST उत्तरप्रदेश विधानसभा 342 बरहज के क्षेत्र की जनता क्या कहती है इस विषय पर हमरे संवाददाता पद्मनाभ उत्तरप्रदेश विधानसभा 342 बरहज के क्षेत्र की जनता क्या कहती है इस विषय पर हमरे संवाददाता पद्मनाभ त्रिपाठी की खास रिपोर्ट | दिव्य रश्मि ! धर्म, राष्ट्रवाद , राजनीति , समाज एवं आर्थिक जगत की खबरों का चैनल है | जनता की आवाज़ बनने के उदेश्य से हमारे सभी साथी कार्य करते है अत: हमारे इस मुहीम में आप के साथ की आवश्यकता है |हमारे खबरों को लगातार प्राप्त करने के लिए हमारे चैनल को सबस्क्राइब करना न भूले और बेल आइकॉन को अवश्य दबाए | खबर पसंद आने पर👉 हमारे "चैनल" को Subscribe, वीडियो को Like 👍 & Share↪ , जरुर करें चैनल को सब्सक्राइब करें खबर को शेयर जरूर करें Facebook : https://ift.tt/EF9aRq8 Twitter https://twitter.com/DivyaRashmi8 instagram : https://ift.tt/A2wgpet visit website : https://ift.tt/atPGyLN via YouTube https://www.youtube.com/watch?v=f3ovstiaoJc |
| बजट 2022-23 यानी व्यापक बदलाव लाने वाला ब्लूप्रिंट:-अनिल पद्मनाभन Posted: 13 Feb 2022 07:10 AM PST बजट 2022-23 यानी व्यापक बदलाव लाने वाला ब्लूप्रिंट:-अनिल पद्मनाभनसमस्त सराहनीय केंद्रीय बजटों में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किया गया नवीनतम बजट निश्चित रूप से विशेष मायने रखता है। ऐसा इसलिए नहीं कहा जा रहा है कि कई राज्यों में हो रहे अत्यंत महत्वपूर्ण चुनावों को देखते हुए संभावित मतदाताओं को लुभाने के लिए वर्ष 2022-23 के केंद्रीय बजट में खुल कर मुफ्त उपहार और रियायतें बांटे जाने के तमाम अनुमान गलत साबित हुए हैं। इसी तरह ऐसा इसलिए नहीं कहा जा रहा है कि हाल-फिलहाल के वर्षों में यह किसी भी वित्त मंत्री का सबसे छोटा बजट भाषण था। दरअसल, ऐसा इसलिए कहा जा रहा है कि भारत में अभी से लेकर अगले 25 वर्षों तक की लंबी अवधि में व्यापक बदलाव लाने वाला ब्लूप्रिंट इस बजट में पेश किया गया है। इसमें कोई संशय नहीं है कि हमारा देश सदी में एक बार आने वाली उस महामारी के कारण गहराए संकट से अपनी अर्थव्यवस्था को पूरी तरह से उबारने में अब भी जुटा हुआ है, जिसकी उत्पत्ति संभवत: चीन के वुहान में हुई थी। लेकिन फिर भी इस केंद्रीय बजट में यह कहते हुए सरकार के पूर्ण आत्मविश्वास को स्पष्ट रूप से दर्शाया गया है कि वर्तमान संकट से पार पा लिया जाएगा और अब 'नए भारत' के लिए ब्लूप्रिंट तैयार करने का सही समय आ गया है। वित्त मंत्री सीतारमण ने यह संकेत दिया है कि केंद्र सरकार अभिनव डिजिटल प्रौद्योगिकियों की अद्भुत ताकत का इस्तेमाल कर, देश में तेजी से बढ़ी संख्या में स्टार्ट-अप्स द्वारा प्रदर्शित उत्कृष्ट उद्यम का अनुकरण करने के लिए लोगों को प्रेरित कर, और दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति के साथ इन नीतिगत सुधारों को सफलतापूर्वक लागू करके सदैव अटल रहने वाले व्यापक बदलाव को साकार करने की उम्मीद करती है। फिर से शुरुआत इस साल के बजट ने ठीक वहीं से शुरुआत की, जहां पिछले साल के '100 साल में अपनी तरह के पहले बजट' ने छोड़ा था। निजीकरण को लेकर सरकार का निर्णय पिछले साल के बजट की सबसे बड़ी विशेषता थी। सार्वजनिक क्षेत्र को भारतीय अर्थव्यवस्था की अग्रणी भूमिका में रखने की ऐतिहासिक परिपाटी को हमेशा के लिए त्याग दिया गया और कारोबार जगत को अर्थव्यवस्था में बराबर का हितधारक बनाया गया। उससे पहले साल के मध्य में कॉरपोरेट और व्यक्तिगत आय करों में कमी की गई। अंतरिम तौर पर, सरकार ने 14 क्षेत्रों के लिए उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजनाओं समेत व्यापक संरचनात्मक सुधारों एवं व्यापार करने को और अधिक आसान बनाने के लिए प्रक्रियात्मक सुधारों को अपनाया और नई विकसित डिजिटल सुविधाओं को बढ़ावा दिया। इस साल के बजट ने आपूर्ति से संबंधित बाधाओं को दूर करने के उद्देश्य से अर्थव्यवस्था में बुनियादी ढांचे को उन्नत बनाने पर नए सिरे से ध्यान केन्द्रित करते हुए इस सुधारात्मक प्रक्रिया को तेज किया है। कार्यान्वयन में अवरोध को कम करने के उद्देश्य से रेलवे, हवाई अड्डों, सड़कों, बंदरगाहों, जन परिवहन, जलमार्ग और लॉजिस्टिक्स से संबंधित अवसंरचना के सात क्षेत्रों से जुड़ी परियोजनाओं को गतिशक्ति पोर्टल के साथ जोड़ा गया है। इसमें कोई आश्चर्य की बात नहीं है कि इस बजट ने पूंजीगत व्यय को 35.4 प्रतिशत बढ़ाकर 7.5 लाख करोड़ रुपये कर दिया। इस राशि में से 1 लाख करोड़ रुपये को 50 साल के ब्याज मुक्त ऋण के रूप में राज्यों को उनके पूंजीगत निवेश को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दिए जाने के लिए अलग रखा गया है। इन सबके पीछे की रणनीति इन प्रमुख क्षेत्रों में निजी कॉरपोरेट निवेश को प्रेरित करने के उद्देश्य से बढ़े हुए सार्वजनिक निवेश का उपयोग करना और इस तरह उपभोग संबंधी मांग को प्रोत्साहित करना एवं अर्थव्यवस्था में पर्याप्त संख्या में रोजगार पैदा करना है। वित्त मंत्री के अनुसार, अकेले पीएलआई योजना अगले पांच वर्षों में 60 लाख नई नौकरियां पैदा करेगी। डिजिटल सुविधा की तेज गति वित्त मंत्री ने अपने भाषण में कहा कि प्रस्तावित बदलाव, नई विकसित डिजिटल सुविधाओं का लाभ उठाएगा। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन निसंदेह महामारी से पहले और इसके दौरान प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के अपने बेहतर अनुभव से प्रभावित हैः- मार्च 2020 तक लक्षित अंतरण से 1.70 ट्रिलियन रुपये की बचत हुई। डिजिटल इकोसिस्टम का लाभ उठाया गया, जिनमें 1 बिलियन से अधिक मोबाइल फोन, 600-800 मिलियन इंटरनेट उपयोगकर्ता और गरीबों के 430 मिलियन जन धन खाते शामिल है। वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य मिशन की शीघ्र ही शुरुआत की जाएगी। आधार नंबर की डिजिटल सुविधा का उपयोग करते हुए किफायती सार्वभौमिक स्वास्थ्य देखभाल सेवा उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जो लोग विशिष्ट डिजिटल स्वास्थ्य-आईडी का चयन करेंगे, उन्हें अपने चिकित्सा इतिहास को एक से दूसरे चिकित्सा संस्थान में ले जाने की सुविधा उपलब्ध होगी। इससे उपयोगकर्ता का अनुभव बेहतर होगा; कम से कम बाहरी मरीज, टेली-मेडिसिन और चिकित्सा कर्मियों की स्वास्थ्य रजिस्ट्री में सूचीबद्ध सत्यापित विशेषज्ञों से आसानी से परामर्श प्राप्त कर सकेंगे। डिजिटल सुविधा का महत्वपूर्ण लाभ यह भी है कि इससे मध्यस्थता की प्रक्रिया तेजी से समाप्त होती है। जिस तरह से एटीएम ने बैंक जाने की आवश्यकता को लगभग खत्म कर दिया उसी तरह नई डिजिटल सुविधा बिचौलियों की भूमिका को समाप्त कर देगी। सैद्धान्तिक रूप से, केन्द्रीय बजट 2022-23 भारत को अधिकार प्राप्त पात्रता के स्थान पर सशक्तिकरण के शासनकाल में बदलाने का प्रस्ताव देता है। पहले के शासनकाल में कोई भी वास्तविक अर्थ में गरीबी को दूर करने की बात नहीं करता था, हालांकि इस कार्य के लिए बड़ी मात्रा में धनराशि उपलब्ध कराई जाती थी। इस कार्यशैली के बदले एक ऐसे इकोसिस्टम को अपनाया जाएगा जो सशक्तिकरण का आधार बनेगा। संक्षेप में, गरीबों को सहायता देने के बदले उन्हें गरीबी से बाहर निकलने के लिए स्वयं प्रयास करने को लेकर सशक्त बनाया जाएगा, जिससे इस अभिशाप से मुक्ति की निरंतर लड़ाई की शुरुआत होगी। वास्तव में, यह जीत की स्थिति होगी। अनिल पद्मनाभन एक वरिष्ठ पत्रकार हैं जो @capitalcalculus से ट्वीट करते हैं। ****हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| स्वयमेव एवं बोधिसत्व के माध्यम से अमरत्व प्राप्त किया मिथिलेश मधुकर ने Posted: 13 Feb 2022 07:01 AM PST स्वयमेव एवं बोधिसत्व के माध्यम से अमरत्व प्राप्त किया मिथिलेश मधुकर नेकर्मा रोड के भास्कर नगर स्थित चित्रा समाज कल्याण केंद्र के कार्यालय में एक शोक-सभा आयोजित की गई जिसमें औरंगाबाद के दिनकर के नाम से सुख्यात दिवंगत मिथिलेश मधुकर के असामयिक निधन पर शहर के बुद्धिजीवियों द्वारा गहरी शोक- संवेदना प्रकट की गई। उक्त सभा की अध्यक्षता पंडित राम लखन मिश्र तथा संचालन धनंजय जयपुरी ने किया। सर्वप्रथम समुपस्थित लोगों द्वारा स्मृतिशेष मधुकर जी के छाया चित्र पर पुष्प अर्पित किया गया, तदुपरांत उक्त व्यक्तियों द्वारा अपनी-अपनी संवेदनाएं व्यक्त की गई। संस्था के सचिव राम नरेश मिश्र ने कहा कि मधुकर जी बड़े ही सहनशील, शांत एवं लगन के पक्के व्यक्ति थे। वे जिस काम को ठान लेते, पूरा करके ही दम लेते थे। निकट भविष्य में उनकी क्षतिपूर्ति होना असंभव सा दिखता है। संचालन के क्रम में धनंजय जयपुरी ने कहा कि दिवंगत आत्मा ने 'स्वयमेव' तथा 'बोधिसत्व' की रचना कर यश: कीर्ति की अमरता प्राप्त कर ली है। उन्होंने शब्द के चितेरे नामक पुस्तक के तीन भागों में जिले के उन्नीसवीं तथा बीसवीं शताब्दी के लगभग साढ़े तीन सौ साहित्यकारों की रचनाएं समाहित कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। 'शब्द तेरे पास है गाली बना या गीत तू, अक्षरों के मेल से दुश्मन बना या मीत तू' नामक मधुकर जी द्वारा रचित पंक्तियों को उद्धृत करते हुए भैरव नाथ पाठक ने कहा कि दिवंगत आत्मा में रचनाशीलता की अद्भुत प्रतिभा थी। उन्होंने अपनी कर्मठता एवं दृढ़ संकल्प के बल पर कुछेक वर्षों में विभिन्न साहित्यकारों द्वारा लगभग ढाई दर्जन पुस्तकों का प्रणयन एवं प्रकाशन करवाया। अध्यक्षीय उद्बोधन में भावुक होते राम लखन मिश्र ने कहा कि मधुकर जी के देहावसान से मैं व्यक्तिगत क्षति का अनुभव कर रहा हूं। साहित्य से संबंधित जो भी शंकाएं मेरे मन में उठती थीं, मैं तत्काल ही उनके माध्यम से समाधान पा लेता था। उक्त सभा में सुदर्शन पाण्डेय, बालानंद पाठक, रामचंद्र पाठक, अरुण कुमार मिश्र, प्रत्यूष कुमार, दिव्यांशु कुमार, सुनील कुमार मिश्र, सुधीश मिश्र, गोवर्धन पाठक, राजेश कुमार मिशश्र इत्यादि ने भी अपनी- अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।सभा के अंत में उपस्थित लोगों द्वारा दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा के चिरंतन शांति हेतु प्रार्थना की गई। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
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