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Sunday, February 27, 2022

सुल्तानपुर टाइम्स

सुल्तानपुर टाइम्स


तीन बजे तक 46.28 प्रतिशत मतदान

Posted: 27 Feb 2022 02:50 AM PST


लखनऊ उत्तर प्रदेश में पांचवें चरण में अमेठी, रायबरेली, सुल्तानपुर, चित्रकूट, प्रतापगढ़, कौशांबी, प्रयागराज, बाराबंकी, अयोध्या, बहराइच, श्रावस्ती और गोंडा में मतदान चल रहा है। तीन बजे तक 46.28 प्रतिशत वोटिंग हो चुकी है। वहीं, कुंडा में सपा प्रत्याशी गुलशन यादव पर हमला हुआ है। उनकी गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई है। समाजवादी पार्टी ने ट्वीट कर शिकायत की है कि प्रतापगढ़ की कुंडा विधानसभा सीट के बूथ संख्या 368 और 367 पर फर्जी वोटिंग हो रही है। चुनाव आयोग और जिला प्रशासन से संज्ञान लेने के लिए कहा है।अमेठी में 46.35 प्रतिशत मतदान,अयोध्या में 50.60 फीसदी वोटिंग,बहराइच में 48.66 प्रतिशत मतदान,बाराबंकी में 45.55 फीसदी वोटिंग,चित्रकूट में 51.67 प्रतिशत मतदान,गोंडा में 46.70 फीसदी वोटिंग,कौशांबी में 48.70 प्रतिशत मतदान ,प्रतापगढ़ में 44.26 फीसदी वोटिंग,प्रयागराज में 42.29 प्रतिशत मतदान,रायबरेली में 46.86 फीसदी वोटिंग,श्रावस्ती में 49.38 प्रतिशत मतदान,सुल्तानपुर में 46.47 फीसदी वोटिंग

11 बजे तक 21.39% मतदान

Posted: 26 Feb 2022 10:54 PM PST


लखनऊ उत्तर प्रदेश में पांचवें चरण में अमेठी, रायबरेली, सुल्तानपुर, चित्रकूट, प्रतापगढ़, कौशांबी, प्रयागराज, बाराबंकी, अयोध्या, बहराइच, श्रावस्ती और गोंडा में मतदान चल रहा है। सुबह 11 बजे तक 21.39 प्रतिशत वोटिंग हो चुकी है।अमेठी जिले के भीमी बूथ पर सीओ अर्पित कपूर और ग्रामीणों के बीच नोकझोंक के बाद बवाल हो गया। जिसके चलते मतदान प्रभावित हो गया।

बड़ी संख्या में भीमी गांव के ग्रामीण इकट्ठे हो रहे हैं। हालांकि मौके पर पहुंचे निरीक्षक विनोद कुमार सिंह व आरओ संजीव कुमार मौर्य के समझाने पर मामला शांत हुआ। करीब आधा घंटे तक बवाल की वजह से मतदान प्रभावित रहा

बूथ पर मोबाइल ले जाने की अनुमति दे चुनाव आयोग, बीजेपी प्रतिनिधिमंडल ने पत्र सौंपकर उठाई मांग

Posted: 26 Feb 2022 03:30 AM PST

 लखनऊ भाजपा ने निर्वाचन आयोग से मतदाताओं को मतदान केंद्र में स्विच ऑफ मोड में मोबाइल साथ रखने की अनुमति देने की मांग की है। पार्टी ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी अजय शुक्ला को पत्र लिखकर प्रत्येक बूथ के बाहर हेल्प डेस्क या बीएलओ के पास फोन जमा करने की सुविधा उपलब्ध कराने का आग्रह किया है।चुनाव आयोग संपर्क विभाग के प्रभारी अखिलेश अवस्थी ने बताया कि भाजपा के प्रतिनिधिमंडल ने सीईओ से इस संबंध में मुलाकात की है। उन्होंने बताया कि बूथ पर तैनात सुरक्षाकर्मी मोबाइल के साथ मतदाता को मत डालने की अनुमति नहीं देते हैं।मतदाता से फोन वापस रख कर आने को कहा जाता है। ऐसे में मतदाता वोट डालने दोबारा मतदान स्थल पर नहीं आता है। प्रदेश में पहले चार चरणों में हुए मतदान में ऐसी शिकायत मिली है।उन्होंने कहा कि एक ओर आयोग ने मतदान केंद्र के बाहर सेल्फी प्वाइंट बनाए हैं, वहीं दूसरी ओर मोबाइल को प्रतिबंधित गया है। यह गलत है।प्रदेश महामंत्री राठौर ने बताया कि बूथ पर तैनात सुरक्षाकर्मी मोबाइल के साथ मतदाता को मत डालने की अनुमति नहीं देते हैं। मतदाता से फोन वापस रखकर आने को कहा जाता है। परिणामस्वरूप मतदाता वोट डालने दोबारा मतदानस्थल पर नहीं आता है। ऐसी शिकायतें बहुतायत में मिली हैं। पत्र में यह भी कहा गया है कि मतदान स्थल पर मोबाइल फोन जमा करने की कोई सुविधा ना होने की वजह से मतदान में काफी बाधा आ रही है क्योंकि मतदाता अनजाने में मोबाइल फोन अपने साथ रखता है। वैसे भी बिना मोबाइल के रहना आजकल व्यवहारिक नहीं है। आयोग द्वारा पोलिंग को बढ़ावा देने के लिए बूथों के बाहर सेल्फी प्वाइंट भी बनाए गए हैं। ऐसे में यदि मोबाइल लेकर आने की अनुमति ही नहीं रहेगी तो आयोग का सेल्फी प्वाइंट बनाना व्यर्थ या अव्यवहारिक रहेगा। इसलिए आयोग से मांग की गई है कि वह मतदाताओं को पोलिंग बूथ के भीतर मोबाइल स्विच ऑफ मोड में रखकर मतदान करने की अनुमति प्रदान करे या मतदानस्थल पर फोन जमा करने की सुविधा दी जाए।

वोटिंग से पहले आया नेहा सिंह का नया गाना

Posted: 26 Feb 2022 12:05 AM PST

 


लखनऊ उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में 'यूपी में का बा' गाने से सुर्खियों में रहीं लोक गायिका नेहा सिंह राठौर ने शनिवार की सुबह अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर 4 मिनट 19 सेकेंड का नया गाना पोस्ट किया। नेहा का यह गाना किसानों की हाड़तोड़ मेहनत पर आधारित है। उन्होंने इस गाने का शीर्षक रखा है भादो-आषाढ़ चाहे जेठ के घाम केहू बूझे नाहीं हो। गाने के माध्यम से उन्होंने बताया है कि किसान साल के बारहों महीने काम करता है। घर छोड़ कर ज्यादातर समय खेत पर ही बिताता है। इसके बाद भी किसान को उसकी फसल का उचित दाम नहीं मिल पाता है। मंत्री-विधायक सिर्फ अपना हित साधने में लगे रहते हैं और जब उनसे कोई काम कहा जाता है तो उसे न सुनने के साथ ही वह चुप्पी भी साध लेते हैं।

मतदान केन्द्र के अन्दर फोन पकड़े जाने पर निर्वाचन की गोपनीयता भंग करने के तहत दर्ज होगा एफ.आई.आर

Posted: 26 Feb 2022 12:04 AM PST


मतदाता एवं एजेन्ट को मतदान केन्द्र पर फोन ले जाने की अनुमति नहीं होगी

सुलतानपुर विधान सभा सामान्य निर्वाचन 2022 को शांतिपूर्ण एवम् सूचितापूर्ण ढंग से सम्पन्न कराए जाने हेतु जनपद में दिनांक 10.02.2022 से 12.03.2022 तक दण्ड प्रक्रिया संहिता धारा 144 लागू हैं। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी आदर्श आचार संहिता एवम मतदान से पूर्व अंतिम 72 घंटो से लेकर मतगणना तक की एस0ओ0पी0 जारी की गई है, चूंकि स्थानीय अभिसूचना एवं परीक्षण के अनुसार कुछ ऐसी गतिविधियां है जिन पर नियंत्रण मतदान व्यवस्था को शांतिपूर्ण बनाए रखने हेतु आवश्यक है, जिसके क्रम में दिनांक 25.02.2022 से मतदान के दिन/यदि कोई पुनर्मतदान आवश्यक हो तो उसके समाप्ति तक पूरे जनपद सुलतानपुर में दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के तहत निम्न प्रतिबंध लागू रहेगा।

         1. किसी भी निर्वाचन बूथ के 100 मीटर सीमा में किसी भी प्रकार का मोबाइल फोन कैमरा या अन्य कोई इलेक्ट्रॉनिक यंत्र ले जाना वर्जित  होगा । निर्वाचन कार्मिक/अधिकारी एवम् पास धारक पत्रकार पास की शर्त के अनुसार इस प्रतिबंध से मुक्त रहेंगे ,विशेषकर एजेंट और मतदाता मोबाइल फोन या कोई अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस लेकर बूथ के 100 मीटर परिधि में नहीं जायेगे। किसी मतदाता और एजेंट को बूथ पर फोन ले जाने की अनुमति नही है बूथ के अंदर फोन पकड़े जाने पर निर्वाचन की गोपनीयता भंग करने की धारा के तहत एफ.आई.आर दर्ज की जायेगी।

   2. सभी गृह स्वागियों/भवन स्वागियों को निर्देश दिये जाते है कि मतदान के दिन उनके गृह/अहाते/भवन में मात्र उनके परिजन/सेवक ही रहेंगे। किसी भी भवन में बाहरी व्यक्ति (जो अन्य दिवसों पर उस भवन में नही रहते हैं) को मतदान के समय भीड़ लगाने की अनुमति नहीं दी जायेगी।

        3. सभी निजी वाहन धारकों द्वारा अपने वाहन का प्रयोग मात्र अपने स्वयं के परिजनों के परिवहन हेतु प्रयोग किया जायेगा, न कि सार्वजनिक परिवहन हेतु। इस हेतु चेकिंग में पुलिस/ मजिस्ट्रेट का सहयोग करना अनिवार्य है। *मतदेय स्थल के 200 मीटर की परिधि में निजी वाहनों का प्रयोग अनुमन्य नही होगा।*

         4. दण्ड प्रक्रिया संहिता के अन्तर्गत शासकीय अधिकारियों को जोनल एवं सेक्टर मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया है, एवं उन्हे विधि व्यवस्था के अन्तर्गत कार्यपालक मजिस्ट्रेट की सभी शकि प्रदान की गयी है। अतःस्थलीय आवश्यकतानुसार यह मजिस्ट्रेट स्थानीय स्तर पर आवागमन, ठहराव, आचरण एवं किसी अन्य व्यवस्था के नियंत्रण ले करके अपने जोन/सेक्टर में लिखित या मौखिक (वीडियोग्राफी सहित) रूप से आदेश कर सकते है। इन व्यवस्थाओं का पालन भी अनिवार्य होगा।

        5. मतदान के दिन मतदान स्थल पर या मतदान केन्द्रों के पास पहचान पर्ची वितरण के रूप में पोस्टर, ध्वज, प्रतीक या किसी भी अन्य प्रचार सामाग्री का प्रदर्शन नहीं किया जायेगा।

         6. किसी भी स्थान पर 05 या 05 से अधिक व्यक्ति इस रूप में एकत्र नहीं होंगे कि उससे

शान्ति व्यवस्था शंग होने की सम्भावना हो। उपर्युक्त आदेश पूर्व में पारित आदेश संख्या-762जे0ए0 दिनांक 10.02.2022 का अंग होगा।


इश्क की खौफनाक कहानी

Posted: 25 Feb 2022 04:56 AM PST

 


लखनऊ आगरा के सिकंदरा क्षेत्र के पश्चिम पुरी स्थित खंडेलवाल कॉम्प्लेक्स होटल में प्रेमिका की हत्या करने वाला प्रेमी उससे शादी करना चाहता था। घरवारों को उनका रिश्ता मंजूर नहीं था। इस पर दोनों ने अपनी जान देने का फैसला कर लिया। बुधवार रात को दोनों होटल में रुके। इसी दरम्यान प्रेमी ने दुपट्टे से गला घोंटकर प्रेमिका की हत्या कर दी। खुद भी विषाक्त पदार्थ खा लिया। इसके बाद पुलिस को घटना की सूचना दी। होटल में जगदीशपुरा के नगला बेर की पूजा की हत्या कर विषाक्त पदार्थ पीने वाले जोगेंद्र को अस्पताल में उपचार के बाद होश आया। इस पर पुलिस ने उससे पूछताछ की। उसने बताया कि पूजा और वो शादी करना चाहते थे। मगर उसके घरवालों ने इनकार कर दिया था। इससे ही परेशान होकर यह कदम उठाया। उधर मृतका के पिता गोविंद सिंह ने आरोपी पर बेटी को परेशान करने का आरोप लगाया। थाना सिकंदरा के प्रभारी निरीक्षक बलवान सिंह के मुताबिक, पुलिस की पूछताछ में जोगेंद्र ने बताया कि वह पूजा से प्यार करता है। वह भी उससे प्यार करती थी। दोनों एक ही जाति के हैं। इस कारण शादी करना चाहते थे। घर से निकलने के बाद ऐसे ही इधर उधर घूम रहे थे। बुधवार रात को होटल में पहुंचे थे। बहाने से कमरा किराये पर लिया। वह पहले से सोच कर आए थे कि अपनी जान दे देंगे। वह विषाक्त पदार्थ लेकर होटल आया था। पूजा के कहने पर उसकी दुपट्टे से गला घोंटकर हत्या कर दी। दस मिनट बाद उसकी मौत हुई। बाद में उसने विषाक्त पदार्थ पी लिया।पूजा के पिता गोविंद सिंह निजी गाड़ी चलाते हैं। पूजा पांचवीं कक्षा तक पढ़ी थी। जोगेंद्र जूते का काम करता है। उसका घर तकरीबन आधा किलोमीटर दूर है। गोविंद सिंह ने बताया कि तीन महीने पहले पूजा और जोगेंद्र के संबंध का पता चला था। डेढ़ महीने पहले वो बेटी को ले गया था। इस पर पुलिस से शिकायत की थी। तब बेटी घर आ गई थी। जोगेंद्र ने कहा था कि वह अब पूजा से नहीं मिलेगा। माफी मांग ली थी। इस कारण मुकदमा दर्ज नहीं कराया था। 

1 साल की बेटी और पिता फंदे पर लटके मिले,पत्नी बगल के कमरे में सो रही थी

Posted: 25 Feb 2022 04:55 AM PST

 


लखनऊ गाजियाबाद में रहस्यमयी परिस्थिति में बेटी और पिता का शव मिला है। बेटी और पिता का शव फंदे से लटका मिला। मृतक बेटी की उम्र मात्र 1 साल थी। घटना के वक्त मृतक की पत्नी भी दूसरे कमरे में मौजूद थी। दोनों के बीर देर रात तक लड़ाई हुई थी। पत्नी का कहना है कि उसे सुसाइड के बारे में कुछ पता नहीं चला। पति का शव बेड पर बैठने जैसी स्थिति में था। ऐसे में पुलिस सुसाइड और मर्डर दोनों एंगल पर जांच कर रही है। फिलहाल, पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।पुलिस ने बताया कि हापुड़ का रहने वाला 25 साल का अमित चौहान गाजियाबाद के अकबरपुर बहरामपुर गांव में पत्नी और बच्ची के साथ रहता था। वह इंदिरापुरम में एक पेट्रोल पंप पर बतौर सेल्समैन नौकरी करता था। गुरुवार रात अमित और और उसकी पत्नी अलग-अलग कमरे में सोए थे। शुक्रवार सुबह अमित और एक साल की बेटी भूमिका की लाश फांसी के फंदे पर लटकी मिली।अमित की पत्नी ने शोर मचाया तो पड़ोसी इकट्ठा हो गए। लोगों ने मामले की जानकारी विजयनगर थाने की पुलिस को दी। अमित की पत्नी ने पुलिस को सिर्फ इतना बताया कि घरेलू बात को लेकर दोनों में रात दो बजे तक झगड़ा हुआ था। इसके बाद पति-पत्नी अलग-अलग कमरे में सो गए थे। शुक्रवार सुबह सोकर उठी तो फंदे पर पति और बेटी के शव लटके हुए थे। एक आशंका यह भी है कि पारिवारिक कलह के बाद अमित ने एक साल की मासूम बेटी का मुंह दबाकर उसकी हत्या कर दी और फिर खुद सुसाइड कर लिया।इस घटना को लेकर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। क्राइम सीन की बात की जाए, तो अमित का शव बेशक फांसी पर लटका मिला हो, लेकिन उसकी मुद्रा बेड पर बैठने जैसी है। सामान्य तौर पर लोग जमीन पर पैर लटकाकर बेड पर बैठ जाते हैं। ठीक इसी स्थिति में अमित का शव मिला है। CO  ने बताया कि शुरुआती छानबीन में दंपति में झगड़े की जानकारी मिली है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद सारी चीजें साफ हो पाएंगी।

सपा प्रत्याशी का बसपा प्रेम इसौली में बोले ताहिर खान हाथी के सामने वाला दबा देना बटन, समझ आने दी सफाई

Posted: 25 Feb 2022 12:59 AM PST


सुलतानपुर बसपा से समाजवादी पार्टी (सपा) में आए हुए पूर्व सांसद ताहिर खान 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले भले ही स्पाई हो गए हों लेकिन पुराने दल का मोह भंग नहीं हो रहा है। सपा ने उन्हें इस विधानसभा चुनाव में इसौली से प्रत्याशी बनाया है। क्षेत्र में नुक्कड़ सभा करते हुए उनकी जुबान फिसल गई। उन्होंने कहा कि हाथी के सामने वाला बटन दबा देना।हालांकि ताहिर खान समझे कि यह तो चूक गई तो फौरन रुके और उन्होंने सफाई में कहा कि कहने का मतलब था जिस तरह 2004 के लोकसभा चुनाव में लाख वोट से जिताकर लोकसभा में भेजा था उसी तरह इस बार भी जिता देना। बता दें कि ताहिर खान 2004 में बसपा के टिकट पर सुल्तानपुर में सांसद बने थे 2009 में उन्हें शिकस्त मिली थी। इसके बाद 2012 में वो बसपा के ही टिकट पर सुल्तानपुर में विधानसभा चुनाव लड़े और रनर रहे। दरअस्ल 2004 के बाद से इनसे जुड़े लोग खासकर मुस्लिम वोटर उनके आचरण के चलते उनसे दूर होते गए। एक कारण उनकी हार का यह भी रहा कि क्षेत्र से ज्यादा उन्होंने अपना और परिवार का विकास किया। यही नहीं सांसद रहते हुए परिवार के सदस्यों का वर्चस्व ऐसा रहा कि अधिकतर परिवार के सदस्य ही सांसद बन गए थे। जिसको लोगो ने करीब से देखा और उनसे दूरी बनाई। यही नहीं मुस्लिम समुदाय के ही कई वर्गों के कार्यकमों में भी उन पर सत्ता की हनक दिखाने का आरोप लगा था। इस बार भी जब वो इसौली से चुनाव लड़ रहे तो अंदरुनी तौर पर उनका क्षेत्र में विरोध है। उन पर बाहरी प्रत्याशी होने का भी आरोप लगा है।

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