प्राइमरी का मास्टर ● इन |
- हाईकोर्ट : मानवीय संवेदना खो चुके अधिकारी, बीमार बेटे की इलाज को बेसिक शिक्षिका ने मांगा था स्थानांतरण, परिषद सचिव तलब
- UP BOARD : यूपी बोर्ड ने जारी की परीक्षा 10वीं और 12वीं के केंद्रों की सूची
- शिक्षा क्षेत्र में सुधार के लिए PM मोदी ने दिए ये पांच मंत्र, जानिए किन मुद्दों पर हुई बात
- बोर्ड परीक्षाएं ऑफलाइन होगी या नहीं, सुप्रीम कोर्ट करेगा फैसला
- शर्तों के चलते प्रोजेक्ट अलंकार के अनुदान में रुचि नहीं ले रहे माध्यमिक एडेड स्कूल
- बालिकाओं की ट्यूशन फीस माफ किये जाने सम्बन्धी योजना के क्रियान्वयन को स्थगित किये जाने के संबंध में
| Posted: 21 Feb 2022 05:28 PM PST हाईकोर्ट : मानवीय संवेदना खो चुके अधिकारी, बीमार बेटे की इलाज को बेसिक शिक्षिका ने मांगा था स्थानांतरण, परिषद सचिव तलब प्रयागराज, अदालत के आदेश के बावजूद शिक्षिका की अंतरजनपदीय आवेदन की अर्जी चार बार मना कर मनमाना आदेश पारित करने पर नाराज इलाहाबाद हाई कोर्ट ने सचिव बेसिक शिक्षा परिषद प्रयागराज प्रताप सिंह बघेल को तलब कर लिया है। अदालत ने अपने आदेश को नजरंदाज करने पर कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा है कि ऐसा लगता है कि सचिव मानवीय संवेदना खो चुके हैं। न्यायालय ने उनको तलब करते हुए स्पष्ट करने को कहा है कि क्यों न उनके खिलाफ अदालत की अवमानना करने की कार्यवाही की जाए। यह आदेश न्यायमूर्ति सरल श्रीवास्तव ने प्रयागराज के जसरा ब्लाक में नियुक्ति शिक्षिका सैयद रुखसार मरियम रिजवी की याचिका पर दिया है। याची का बेटा सेलेब्रल पालसी बीमारी से पीडि़त याची के अधिवक्ता नवीन कुमार शर्मा का तर्क था कि याची ने अपना स्थानांतरण यह कहते हुए प्रयागराज से लखनऊ करने की मांग की थी कि उसका साढ़े पांच वर्ष का बेटा सेलेब्रल पालसी नामक बीमारी से पीडि़त है, जिसका इलाज सिर्फ लखनऊ में संभव है। हालांकि उसका आवेदन इस आधार पर रद की दिया गया कि बेटे की बीमारी के आधार पर अंतरजनपदीय स्थानांतरण की मांग नहीं की जा सकती है। इस आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दी गई। अवमानना याचिका पर भी आदेश के बाद भी सचिव ने आवेदन निरस्त किया हाई कोर्ट ने सचिव का आदेश रद करते हुए कहा कि बेटे की बीमारी अंतरजनपदीय स्थानांतरण की मांग करने का वैध आधार है। न्यायालय ने सचिव का आदेश रद करते हुए उनकी शिक्षिका के आवेदन पर इस आदेश के आलोक में नए सिरे से आदेश पारित करने के लिए कहा। इसके बावजूद सचिव ने विभिन्न आधारों पर आवेदन रद कर दिया। यहां तक कि अवमानना याचिका पर भी आदेश होने के बावजूद सचिव ने दो बार आवेदन निरस्त कर दिया। हाई कोर्ट के स्पष्ट निर्देश के बाद सचिव ने 27 दिसंबर 2020, 31 मार्च 2021, 16 सितंबर 2021 और 12 फरवरी 22 को शिक्षिका का आवेदन निरस्त कर दिया। न्यायालय ने यह कहा न्यायालय ने कहा कि याची एक महिला है और पिछले एक वर्ष से अपने तबादले के लिए पिलर टू पोस्ट की तरह चक्कर काट रही है। बेटे की बीमारी को इस अदालत द्वारा अंतरजनपदीय तबादले का वैध आधार बताने के बाद अधिकारी आदेश पर विचार कर सकता है। |
| UP BOARD : यूपी बोर्ड ने जारी की परीक्षा 10वीं और 12वीं के केंद्रों की सूची Posted: 21 Feb 2022 05:04 PM PST UP BOARD : यूपी बोर्ड ने जारी की परीक्षा 10वीं और 12वीं के केंद्रों की सूची ⚫ उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने जारी की परीक्षा केंद्रों की सूची ⚫ जिला विद्यालय निरीक्षकों ने 8266 की तुलना में बढ़ाए 107 केंद्र प्रयागराज : विधानसभा चुनाव के चलते उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) ने बोर्ड परीक्षा की तिथि तो अभी घोषित नहीं की है, लेकिन परीक्षा केंद्र सोमवार को फाइनल कर दिए। वर्ष 2022 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा 8373 केंद्रों पर कराई जाएगी। पूर्व में प्रस्तावित 8266 केंद्रों की तुलना में जिलों ने आवश्यकता को देखते हुए 107 परीक्षा केंद्र बढ़ाए हैं। इसे अनुमोदन देने के साथ परिषद ने परीक्षा केंद्रों की सूची वेबसाइट पर अपलोड कर दी है। मतगणना के बाद बोर्ड परीक्षा कराने की तैयारी यूपी बोर्ड ने तेज कर दी है। परीक्षा केंद्र फाइनल करने के साथ नकलविहीन परीक्षा कराने के लिए कक्ष निरीक्षकों की सूची भी तैयार की जा रही है। सचिव दिब्यकांत शुक्ल ने बताया कि पूर्व की तुलना में परीक्षा केंद्र कम बनाए गए हैं। केंद्रों की अधिकतम संख्या करीब साढ़े नौ हजार तक रही है। इस बार केंद्र निर्धारण में विशेष तौर पर इसका भी ध्यान रखा गया है कि कोविड महामारी के दौर में परीक्षार्थियों को दूर न जाना पड़े। अधिक धारण क्षमता वाले विद्यालयों को केंद्र बनाने में प्राथमिकता दी गई है। केंद्रों की संख्या अधिक होने पर अधिक मैनपावर की जरूरत होती है। केंद्र कम होने पर व्यवस्थाओं का संचालन बेहतर ढंग से किया जा सकेगा। इधर, अब प्रायोगिक परीक्षा की तैयारी के साथ प्रश्नपत्र और उत्तरपुस्तिका की कार्य भी तेजी से पूरा कराया जाएगा। यूपी बोर्ड, परीक्षा तिथि और समय सारिणी की घोषणा शासन स्तर से किए जाने के पहले परीक्षा संचालन की तैयारी पूरी कर लेने की दिशा में काम कर रहा है। इस परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए कुल 51,75,583 परीक्षार्थियों ने फार्म भरा है, जिसमें हाईस्कूल के 27,83,742 और इंटरमीडिएट के 23,91,841 छात्र-छात्राएं हैं। |
| शिक्षा क्षेत्र में सुधार के लिए PM मोदी ने दिए ये पांच मंत्र, जानिए किन मुद्दों पर हुई बात Posted: 21 Feb 2022 05:17 PM PST शिक्षा क्षेत्र में सुधार के लिए PM मोदी ने दिए ये पांच मंत्र, जानिए किन मुद्दों पर हुई बात प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी ने आज सोमवार को बजट 2022 में शिक्षा क्षेत्र के लिए की गई घोषणाओं के जल्द से जल्द क्रियान्वयन के लिए आयोजित वेबीनार में अपना संबोधन दिया। इस वेबिनार का आयोजन केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की ओर से किया गया है। सत्र को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने शिक्षा क्षेत्र पर इस साल के केंद्रीय बजट के सकारात्मक प्रभाव पर चर्चा की। उन्होंने शिक्षा क्षेत्र को आगे बढ़ाने और इसके विकास के लिए किए गए कई अहम कार्यों के बारे में जानकारी दी और सुझाव दिएं। पहला – यूनिवर्सलाइजेशन ऑफ क्वालिटी एजुकेशन से हमारी शिक्षा व्यवस्था का विस्तार हो, उसकी क्वालिटी सुधरे और एजुकेशन सेक्टर की क्षमता बढ़े, इसके लिए अहम निर्णय लिए गए हैं। दूसरा – स्किल डेवलपमेंट (कौशल विकास) के माध्यम से देश में डिजिटल स्किलिंग इकोसिस्टम बने। तीसरा- अर्बन और डिज़ाइन के माध्यम से से भारत के पुरातन अनुभव और ज्ञान को आज की शिक्षा में समाहित किया जाए। चौथा- शिक्षा का अंतर्राष्ट्रीयकरण हो जिससे भारत में वर्ल्ड क्लास विदेशी यूनिवर्सिटियां आएं। पांचवा- AVGC- यानि एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स। पीएम मोदी ने बताया कि इन सभी में रोजगार की अपार संभावनाएं हैं और यह एक बहुत बड़ा ग्लोबल मार्केट है PM मोदी बोले : देश में डिजिटल असमानता में तेजी से आ रही कमी, उच्च शिक्षा में सीटों की समस्या खत्म होगी नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2022-23 के बजट में नेशनल डिजिटल यूनिवर्सिटी की घोषणा को बेहद अहम कदम बताते हुए सोमवार को कहा कि वह इसकी ताकत को देख रहे हैं। इसके चलते देश के उच्च शिक्षण संस्थानों में दाखिले के लिए सीटों की कमी की समस्या खत्म हो जाएगी। किसी भी विषय के लिए सीटें सीमित नहीं होंगी। कल्पना की जा सकती है कि शिक्षा के क्षेत्र में इससे कितना बड़ा परिवर्तन आएगा। प्रधानमंत्री मोदी 'पोस्ट बजट : फोस्टरिंग स्ट्रांग इंडस्ट्री-स्किल लिंकेज' पर एक वेबिनार में इस क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों, उद्योगों के प्रतिनिधियों, शिक्षकों और आला अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने बजट में फोकस वाले पांच बिंदुओं को सामने रखा जिनमें शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाना, कौशल विकास, अर्बन प्लानिंग एवं डिजाइन, विश्वस्तरीय विदेशी विश्वविद्यालयों के सेंटर खोलने और एवीजीसी (एनिमेशन विजुअल इफेक्ट्स गेमिंग कामिक) आदि शामिल हैं। नेशनल डिजिटल यूनिवर्सिटी का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि अब शिक्षा मंत्रालय और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) सहित शिक्षा से जुड़ी सभी एजेंसियों की जिम्मेदारी है कि वे इस घोषणा को तेजी से अमल में लाएं। साथ ही यह भी सुनिश्चित हो कि यह डिजिटल यूनिवर्सिटी विश्वस्तरीय मानकों को लेकर चले। विश्व मातृ भाषा दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री ने मातृ भाषा में शिक्षा देने की पहल को तेजी से आगे बढ़ाने और कौशल विकास की दिशा में उद्योगों व वैश्विक जरूरत को समझते हुए तेजी से काम करने पर भी बल दिया। प्रधानमंत्री ने कहा, क्या कभी हमने सोचा है कि जिस देश में नालंदा, तक्षशिला जैसे उच्च शिक्षण संस्थान रहे हों, उनके बच्चे आज पढ़ाई के लिए विदेश जाने के लिए मजबूर हैं। क्या यह ठीक है। हम देश में ही दुनियाभर की यूनिवर्सिटी को लाकर अपने बच्चों को कम खर्च में पढ़ाई करा सकते हैं। देश के युवाओं और उनसे जुड़े विभागों को बड़ा संदेश देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि युवा देश का भविष्य हैं, इन्हें हमें सक्षम बनाना होगा। इन्हें सक्षम करने का मतलब है, देश के भविष्य को मजबूत करना। सरकार ने वर्ष 2022-23 के बजट में इसी सोच को सामने रखा है। यह बजट राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने में भी मदद करेगा। उन्होंने कहा, 'ई-विद्या हो या वन क्लास वन चैनल, डिजिटल लैब्स या फिर डिजिटल यूनिवर्सिटी, शिक्षा के ऐसे ढांचे युवाओं की काफी मदद करेंगे।' उन्होंने कहा कि संबंधित विभाग बजट से जुड़ी घोषणाओं पर तेजी से अमल करें। प्रधानमंत्री ने कहा कि कोविड संकट आने के पहले से ही वह देश में डिजिटल फ्यूचर की बात कर रहे थे। जब गांवों को आप्टिकल फाइबर से जोड़ा जा रहा था, उस समय कुछ लोग इस पर सवाल उठा रहे थे। लेकिन कोविड महामारी के समय इन प्रयासों की अहमियत सभी की समझ में आई। ये डिजिटल कनेक्टिविटी ही है जिसने इस वैश्विक महामारी में भी हमारी शिक्षा व्यवस्था को बचाए रखा। अब देश में डिजिटल असमानता में तेजी से कमी आ रही है। |
| बोर्ड परीक्षाएं ऑफलाइन होगी या नहीं, सुप्रीम कोर्ट करेगा फैसला Posted: 21 Feb 2022 04:50 PM PST बोर्ड परीक्षाएं ऑफलाइन होगी या नहीं, सुप्रीम कोर्ट करेगा फैसला नई दिल्ली:- 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं ऑफलाइन होंगी या नहीं, इसका फैसला सुप्रीम कोर्ट करेगा। सर्वोच्च अदालत ने छात्रों की याचिका स्वीकार करते हुए कहा कि जस्टिस ए एम खानविलकर की पीठ इस मामले की सुनवाई करेगी। मुख्य न्यायाधीश एन.वी. रमना की अध्यक्षता वाली पीठ ने यह आदेश दिया है। याचिका में सभी राज्य बोर्ड सीबीएसई और आईसीएसई की 10वीं और 12वीं बोर्ड की शारीरिक तौर पर परीक्षाओं को रद्द करने की मांग की गई है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि कोरोना के कारण कक्षाएं ऑनलाइन आयोजित की गई, लिहाजा ऑफलाइन परीक्षा कराना ठीक नहीं। ऑफलाइन परीक्षाएं आयोजित करने से छात्रों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ेगा और वह अपने परिणाम को लेकर बेहद तनाव में आ सकते हैं। आंतरिक मूल्यांकन से परीक्षा परिणाम जारी हो याचिकाकर्ता ने दावा किया कि छात्र ऑफलाइन परीक्षाएं कराने के फैसले से दुखी हैं। पिछले शैक्षणिक परिणाम और आंतरिक मूल्यांकन के जरिए परीक्षा के परिणाम जारी किए जाएं। |
| शर्तों के चलते प्रोजेक्ट अलंकार के अनुदान में रुचि नहीं ले रहे माध्यमिक एडेड स्कूल Posted: 21 Feb 2022 04:44 PM PST शर्तों के चलते प्रोजेक्ट अलंकार के अनुदान में रुचि नहीं ले रहे माध्यमिक एडेड स्कूल प्रोजेक्ट अलंकार के तहत सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के जीर्णोद्घार मरम्मत पुनर्निर्माण आदि के लिए धनराशि शासन की ओर से दी जानी थी लेकिन संस्था प्रबंधकों की ओर से इसका प्रस्ताव तक नहीं दिया गया। बताते हैं कि शासन से मिलने वाली धनराशि के बराबर ही प्रबंधतंत्र की ओर से रकम लगाने के निर्देश और 75 वर्ष संस्था के पुराने होने की शर्त के चलते विद्यालयों ने रुचि नहीं ली है। प्रोजेक्ट अलंकार के अंतर्गत सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के अवस्थापना सुविधाओं के विकास, जीर्णोद्धार पुनर्निर्माण मरम्मत के लिए सहयोगी अनुदान शासन की ओर से दिया जाना था। जितनी धनराशि का प्रस्ताव संबंधित प्रबंधतंत्र की ओर से भेजा जाता, उतनी ही धनराशि मैनेजमेंट को खुद भी विद्यालय विकास के लिए लगानी थी। सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में से ज्यादातर ने इस योजना में रुचि नहीं ली है। जिम्मेदारों ने संस्था प्रधानों को पत्र भेजकर सूचनाएं अपलोड करने को कहा है। निर्धारित समय में सूचना अपलोड नहीं करने पर यह माना जाएगा कि विद्यालय प्रोजेक्ट अलंकार के लिए इच्छुक नहीं है। |
| बालिकाओं की ट्यूशन फीस माफ किये जाने सम्बन्धी योजना के क्रियान्वयन को स्थगित किये जाने के संबंध में Posted: 21 Feb 2022 08:00 AM PST |
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