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Tuesday, February 22, 2022

दिव्य रश्मि न्यूज़ चैनल

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Liked on YouTube: उत्तर प्रदेश से बिहार के सिवान जिले को जोडनेवाली पुल जो कभी भी बन सकता है बड़े हादसे की बजह |

Posted: 22 Feb 2022 03:12 AM PST

उत्तर प्रदेश से बिहार के सिवान जिले को जोडनेवाली पुल जो कभी भी बन सकता है बड़े हादसे की बजह |
उत्तर प्रदेश से बिहार के सिवान जिले को जोडनेवाली पुल जो कभी भी बन सकता है बड़े हादसे की बजह | संवाददाता वेद प्रकाश तिवारी की खबर उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के प्रतापपुर शुगर फैक्ट्री से जो सड़क बिहार के सिवान जिले के मैरवा कस्बे को जोड़ती है , वह सड़क मैरवा के समीप एक पुल से होकर गुजरती है जो पूरी तरह से बिहार में है । यह पुल स्याही नामक छोटी सी नदी के ऊपर बना हुआ है जो पूरी तरह से जर्जर हो चुका है । इसके बैरियर टूट गए हैं । बीच-बीच में बड़े-बड़े गड्ढे बने हुए हैं । बुजुर्ग बताते हैं कि यह पुल अंग्रेजों का बनाया हुआ है। यह पुल कभी भी किसी बड़ी दुर्घटना को दे सकता है अंजाम। दिव्य रश्मि ! धर्म, राष्ट्रवाद , राजनीति , समाज एवं आर्थिक जगत की खबरों का चैनल है | जनता की आवाज़ बनने के उदेश्य से हमारे सभी साथी कार्य करते है अत: हमारे इस मुहीम में आप के साथ की आवश्यकता है |हमारे खबरों को लगातार प्राप्त करने के लिए हमारे चैनल को सबस्क्राइब करना न भूले और बेल आइकॉन को अवश्य दबाए | खबर पसंद आने पर👉 हमारे "चैनल" को Subscribe, वीडियो को Like 👍 & Share↪ , जरुर करें चैनल को सब्सक्राइब करें खबर को शेयर जरूर करें Facebook : https://ift.tt/gByr1FP Twitter https://twitter.com/DivyaRashmi8 instagram : https://ift.tt/tiOrIwj visit website : https://ift.tt/5yznLUJ
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Liked on YouTube: एक दिव्यांग चित्रकार अंशु जो देखते देखते तैयार कर देता है तस्वीर | बचपन से बोलने और सुनने की शक्ति

Posted: 22 Feb 2022 02:12 AM PST

एक दिव्यांग चित्रकार अंशु जो देखते देखते तैयार कर देता है तस्वीर | बचपन से बोलने और सुनने की शक्ति
एक दिव्यांग चित्रकार अंशु जो देखते देखते तैयार कर देता है तस्वीर | बचपन से बोलने और सुनने की शक्ति खो चुके बालक में भगवान ने चित्रकला का ऐसा हुनर दिया जिसे देखकर लोग अपने दातों तलें ऊँगली दबा लेने को मजबूर हो जातें है |ऐ बच्चा ऐसी तस्वीरें बनता है जिसे देख लगता है तस्वीरें बोल उठेंगी | दिव्य रश्मि ! धर्म, राष्ट्रवाद , राजनीति , समाज एवं आर्थिक जगत की खबरों का चैनल है | जनता की आवाज़ बनने के उदेश्य से हमारे सभी साथी कार्य करते है अत: हमारे इस मुहीम में आप के साथ की आवश्यकता है |हमारे खबरों को लगातार प्राप्त करने के लिए हमारे चैनल को सबस्क्राइब करना न भूले और बेल आइकॉन को अवश्य दबाए | खबर पसंद आने पर👉 हमारे "चैनल" को Subscribe, वीडियो को Like 👍 & Share↪ , जरुर करें चैनल को सब्सक्राइब करें खबर को शेयर जरूर करें Facebook : https://ift.tt/gByr1FP Twitter https://twitter.com/DivyaRashmi8 instagram : https://ift.tt/tiOrIwj visit website : https://ift.tt/5yznLUJ
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कैसे कैसे लोग

Posted: 22 Feb 2022 02:04 AM PST

कैसे कैसे लोग 

अक्सर हमसे डरते लोग,
महज दिखावा करते लोग।
हम भी यह सब खूब समझते,
चापलूसी क्यों करते लोग।

वो हैं चोरों के सरदार,
कहने से क्यों डरते लोग।
सफ़ेद भेडिये खुले घूमते,
क्यों नहीं उन्हें पकड़ते लोग।

कहते हैं सब बेईमान,
क्यों नहीं उन्हें बदलते लोग।
अबकी बार चुनाव होगा,
फिर से उन्हें चुनेंगे लोग।

लूट रहे जो अपने देश को,
कहते देश भक्त हैं लोग।
जन्म दिया और बड़ा किया
घर के बाहर खड़े क्यों लोग?

मात पिता जीवित भगवान
क्यों नहीं सार समझते लोग?
माँ-बाप की कदर न करते
मरे हुए से बदतर लोग।

जीवन मरण, लाभ यश, हानि
कर्मो का फल कहते लोग।
मानवता की राह चले जो
अक्सर दुखिया रहते लोग।

भ्रष्ट-बेईमान क्यों कर फूले
बतला दो तुम ज्ञानी लोग।
साँसों की गिनती है सिमित
बतलाते हैं साधू लोग।

तेरा मेरा करते लड़ते
जीवन व्यर्थ गंवाते लोग।
आज भी हम हैं विश्व गुरु
क्यों नहीं बात समझते लोग?

भारत सदा ज्ञान का केंद्र
कहते हैं दुनिया के लोग।
ज्ञान की भाषा कहाँ खो गई
ढूंढ रहे हैं ज्ञानी लोग?

अंग्रेजी को महान बताते 
मेरे अपने घर के लोग।
सबसे बड़ा बन गया रुपैया
ऐसा कहते ज्यादा लोग।

फिर भी धनी दुखी क्यों रहता 
समझाते नहीं सयाने लोग।
देश ऩे हमको दिया है सब कुछ
क्यों नहीं गर्व समझते लोग?

लूट रहे जो अपने देश को
सचमुच बड़े कमीने लोग।

डॉ अ कीर्तिवर्धन
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वीर छत्रपति शिवाजी

Posted: 21 Feb 2022 07:47 AM PST

वीर छत्रपति शिवाजी

निडर पराक्रमी वीर शिवाजी छत्रपति सम्राट हुए 
झुके नहीं कहीं वीर सिंह व्यक्तित्व विराट लिये

रणधीर पराक्रमी महायोद्धा महासमर में लड़ते थे 
छापामार युद्ध प्रणाली नित्य कीर्तिमान गढ़ते थे

नींव रखी मराठा साम्राज्य हिंद प्रबल पुजारी थे 
मुगलों से संघर्ष किया रणनीति शौर्य अवतारी थे

शिक्षा जीजाबाई से युद्ध कौशल प्रवीणता पाई 
गढ़ किले दुर्ग जीत शूर पराक्रम वीरता समाई

पूना का तोरण किला सिंहगढ़ दुर्ग सिंहनाद करें 
शौर्य पराक्रम सैन्य दल में ओज भरी हुंकार भरे

यश पताका चहूंदिशा में कीर्ति ध्वज जब लहराया 
कांप उठा मुगलों का आसन आदिलशाह घबराया 

अफजल खां सेनापति दगाबाज धूर्त था मक्कार 
वीर शिवाजी से टक्कर लेकर खा गया दुष्ट मार 

छत्रपति प्रताप देख मुगल सेना सब कांप गई 
रणवीरों का ओज दमकता तलवारे भी भांप गई

केसरिया बाना ले निकले तीर और तलवार लिए 
हाथों में भाला दमकता वीरों की रण हुंकार लिए

हिंदू धर्म रक्षक पुरोधा अदम्य साहस से भरपूर 
हड़कंप मचाया मुगलों में मंसूबे किये चकनाचूर 

धर्म ध्वज के संरक्षक पराक्रमी वीर शिवाजी थे 
भारत भूमि के गौरव प्रतापी जीतते हर बाजी थे

रमाकांत सोनी नवलगढ़
जिला झुंझुनू राजस्थान
प्रस्तुत की गई रचना स्वरचित व मौलिक है।
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घर का बटवारा

Posted: 21 Feb 2022 07:45 AM PST

घर का बटवारा 

घर की चौखट दीवारें भी कांप उठी थी आज 
जाने किसकी नजर लगी बरस पड़ी थी गाज 

घर के बंटवारे को लेकर अब बैठ गए सब भाई 
बाबूजी की पेंशन पर भी हिसाब जोडै पाई पाई 

सारा आंगन थर्राया बहना का भी दिल भर आया 
मां की आंखें देख रही डाली पत्ता बिखर आया 

आज दरारे बड़ी हो गई सारी अड़चनें खड़ी हो गई 
दुकान मकान बंटा मीठी मीठी बातें कहीं खो गई 

बंटवारे में देश बट गया संस्कार दिलों में घट गया 
एकता की डोर संभालो उजड़े चमन को बचा लो 

सद्भाव की लेकर धारा बरसे हृदय में प्रेम प्यारा 
अपनापन अनमोल रख लो घर बने सुंदर हमारा

रमाकांत सोनी नवलगढ़
जिला झुंझुनू राजस्थान
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चुनाव :नेता -मीडिया बाज़ार -सरकार -

Posted: 21 Feb 2022 07:41 AM PST

चुनाव :नेता -मीडिया बाज़ार -सरकार -डॉ विजय प्रकाश शर्मा

हमारे देश में मीडिया वालों का सबसे बड़ा बाज़ार मेला, चुनाव ही होता है जो पूरे ६ महीने तक उनकी धुआंधार कमाई का जरिया होता है. इस बाज़ार में सबसे ज्यादा बिकने वाली बस्तु है "कबाड़". अब इस मूल्यवान बस्तु को मीडियाकर्मी देश के विभिन्न कोनों से जुटाते हैं। ट्रेक्टर का चक्का स्कूटर में लगाते हैं, देश भर के नर-नारी को विभ्भिन्न वस्त्रों से सजाकर मंच पर महाभोज आयोजित करते हैं. जो कबाड़ सरकार के विरूद्ध जमा कियi जाता है उसके शानदार क्लिपिंग्स परोसते हैं -भूखी जनता के सामने और वो बड़े चाव से इन व्यंजनों का रसास्वादन कर अनंत सुख में डूब जाती है.
यह कबाड़ भोज केवल देश में ही नहीं पडोसी देशों में भी बड़े चाव से ग्रहण किया जाता है. आप सबको तो मालूम है -गाँव में विवाह भोज में महिलायें सस्वर गाती हैं-" हाँ सज्जन सुनिए मधुर सुर गालियां - अम्मा तुम्हारी बाजार बीच नाचे लोग देवें सब तालियां ". और इन गलियों से भोजन का स्वाद सहस्त्रगुना बढ़ जाता है।
इस चुनाव में भी "कबाड़भोज" आयोजित है -समधी- समधिन , बुआ -बबुआ , पप्पू-झप्पू , खाला - सब निगल रहीं हैं गालियों का शुद्ध निवाला, साथ में -नाच , मैं हूँ हिन्दुस्तानी. मेरा कुनबा पाकिस्तानी। अब इस मीडिया आयोजन से अरबों रुपये की कमाई। सोने की चिड़ियाँ के सारे पर नोच लिए जाएंगे और वह लहूलुहान गिरेगी आपके खलिहान. पांच वर्षों तक उसका इलाज़ कीजिये फिर सोने के पर उगायिये और मीडिया हाउस के "कबाड़भोज" में सिरकत कराते रहिये. बनाते रहिये इस सोंचिरैयां को कबाड़ियों का निवाला भले ही देश का निकल जाए दिवाला. जय भारत, जय इंडिया, जय मीडिया.
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ए बाबू का कहूँ(मगही कविता )

Posted: 21 Feb 2022 07:42 AM PST

21 फरवरी मातृभाषा दिवस के अवसर पर (मगही कविता )

ए बाबू का कहूँ(मगही कविता )

डॉ विजय प्रकाश शर्मा

सूतवे अझूराए गेल
गाँधी के आंधी में
देशवा बँटाय गेल
नेहरू के चक्कर में
चरखा बेंचाय गेल
ए बाबू का कहूँ
सूतवे अझुराय गेल।
इंदिरा के जाल में
गरीबी पसराय गेल
सरदारजी अयलन तो
बोलिये हेराय गेल
ए बाबू का कहूँ
सूतवे अझुराय गेल।
रात -दिन रोव ही
पुरान कपडा धोव ही
चिरकूट अब बचल हे
ओकरे संजोव ही
अइसन बिहान भेल
छठी मैया रूठ गेल
अरग अब देब कहाँ
पोखरा भसाय गेल
ए बाबू का कहूँ
सूतवे अझुराय गेल।
नया सरकार आएल
घर घर खुसी छाएल
असरा भरोसा देलक
सपना भी खूब देखवलक
ए बाबू का कहीं
अब सपनवें सेराय गेल
ए बाबू का कहींसूतवे अझुराय गेल।
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22 फरवरी 2022, मंगलवार का दैनिक पंचांग एवं राशिफल - सभी १२ राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन ? क्या है आप की राशी में विशेष ? जाने प्रशिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. प्रेम सागर पाण्डेय से |

Posted: 21 Feb 2022 07:26 AM PST

22 फरवरी 2022, मंगलवार का दैनिक पंचांग एवं राशिफल - सभी १२ राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन ? क्या है आप की राशी में विशेष ? जाने प्रशिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. प्रेम सागर पाण्डेय से |

22 फरवरी 2022, मंगलवार का दैनिक पंचांग

🔅 तिथि षष्ठी 05:34 PM

🔅 नक्षत्र स्वाति 02:50 PM

🔅 करण :

                गर 07:20 AM

                वणिज 07:20 AM

🔅 पक्ष कृष्ण

🔅 योग वृद्धि 10:50 AM

🔅 वार मंगलवार
☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ

🔅 सूर्योदय 06:20 AM

🔅 चन्द्रोदय 11:18 PM

🔅 चन्द्र राशि तुला

🔅 सूर्यास्त 05:40 PM

🔅 चन्द्रास्त 09:48 AM

🔅 ऋतु वसंत
☀ हिन्दू मास एवं वर्ष

🔅 शक सम्वत 1943 प्लव

🔅 कलि सम्वत 5123

🔅 दिन काल 11:27 AM

🔅 विक्रम सम्वत 2078

🔅 मास अमांत माघ

🔅 मास पूर्णिमांत फाल्गुन
☀ शुभ और अशुभ समय

☀ शुभ समय

🔅 अभिजित 11:40:24 - 12:26:15

☀ अशुभ समय

🔅 दुष्टमुहूर्त 08:37 AM - 09:22 AM

🔅 कंटक 07:05 AM - 07:51 AM

🔅 यमघण्ट 10:08 AM - 10:54 AM

🔅 राहु काल 02:55 PM - 04:21 PM

🔅 कुलिक 01:12 PM - 01:57 PM

🔅 कालवेला या अर्द्धयाम 08:37 AM - 09:22 AM

🔅 यमगण्ड 09:11 AM - 10:37 AM

🔅 गुलिक काल 12:03 PM - 01:29 PM

☀ दिशा शूल

🔅 दिशा शूल उत्तर
☀ चन्द्रबल और ताराबल

☀ ताराबल

🔅 अश्विनी, कृत्तिका, मृगशिरा, आर्द्रा, पुनर्वसु, पुष्य, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, स्वाति, विशाखा, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद

☀ चन्द्रबल

🔅 मेष, वृषभ, सिंह, तुला, धनु, मकर

🌹विशेष ~ पश्चिम दिशा में गुरू अस्त,। 🌹

पं.प्रेम सागर पाण्डेय् नक्षत्र ज्योतिष वास्तु अनुसंधान केन्द्र नि:शुल्क परामर्श - रविवार

22 फरवरी 2022, मंगलवार का दैनिक राशिफल

मेष (Aries): पर्सनल लाइफ में खुशियों की आवक रहेगी। सपरिवार भ्रमण मनोरंजन पर जा सकते हैं। भूमि भवन के मामलों में तेजी आएगी। आवश्यक कार्य शीघ्र करें।

शुभ रंग = गुलाबी

शुभ अंक : 8

वृषभ (Tauras): करियर कारोबार में जोखिम लेने से बचें। नौकरी पेशा बेहतर बने रहेंगे। आय की तुलना में खर्च बढ़ा हुआ रहेगा। व्यर्थ विवाद से बचें। दिन सामान्य शुभ।

शुभ रंग = केशरी

शुभ अंक : 1

मिथुन (Gemini): मन की बात करने के लिए अनुकूल समय है। प्रियजन से भेंट होगी। संतान सफलता अर्जित करेगी। आर्थिक पक्ष सहज रहेगा। दिन श्रेष्ठ फलकारक।

शुभ रंग = पींक

शुभ अंक : 1

कर्क (Cancer): कोई बात न भाए तो धैर्य रखें। अकारण असहजता बनी रह सकती है। भौतिक संसाधन पर्याप्त रहेंगे। कामकाज बेहतर रहेगा। दिन सामान्य शुभ।
शुभ रंग = पीला
शुभ अंक : 9

सिंह (Leo): मेहनत और मेलमिलाप में बेहतर बने रहेंगे। कार्यक्षमता में वृद्धि होगी। आलस्य से बचें। आवश्यक कार्याें को आज ही पूरा कर लेने की सोच रखें।
शुभ रंग = गुलाबी
शुभ अंक : 8

कन्या (Virgo): भव्य आयोजन में प्रमुखता से शामिल हो सकते हैं। मूल्यवान भेंट की प्राप्ति संभव है। तेजी बनाए रखें। परिजन समर्थक और सहयोगी रहेंगे। दिन शुभ।
शुभ रंग = आसमानी
शुभ अंक : 7

तुला (Libra): संकल्पशक्ति और सृजनात्मकता को बल मिलेगा। प्रभावशीलता में वृद्धि होगी। सबको साथ लेकर चलने की कोशिश करें। दिन उत्तम फलकारक।
शुभ रंग = केशरी
शुभ अंक : 1

वृश्चिक (Scorpio): दिखावे पर अधिक जोर दे सकते हैं। खर्च पर नियंत्रण कठिन होगा। रिश्ते बेहतर बने रहेंगे। कला प्रियता बनी रहेगी। दिन सामान्य शुभकारक।
शुभ रंग = गुलाबी
शुभ अंक : 8

धनु (Sagittarius): लाभ के अवसरों को भुनाने पर जोर दें। सफलता का प्रतिशत उम्मीद से अच्छा बना रहेगा। बहुमुखी प्रतिभा के प्रदर्शन का मौका मिलेगा। दिन हितकर।
शुभ रंग = लाल
शुभ अंक : 5

मकर (Capricorn): जिम्मेदारियों को बखूबी निभाएंगे। अच्छे प्रस्ताव प्राप्त हो सकते हैं। पैतृक पक्ष से लाभ होगा। घर परिवार में सुख बना रहेगा। दिन सम्मान बढ़ाने वाला।
शुभ रंग = उजला
शुभ अंक : 4

कुंभ (Aquarius): आगे देखें और बढ़ते चलें। भाग्य की मेहरबानी बनी रहेगी। आस्था और आत्मविश्वास को बल मिलेगा। भ्रमण मनोरंजन में रुचि लेंगे। दिन शुभकारक।
शुभ अंक = उजला
शुभ अंक : 4

मीन (Pisces): नए प्रयोगों से अभी दूरी रखें। आकस्मिक घटनाक्रम बना रह सकता है। परिजन सहयोगी और समर्थक बने रहेंगे। विनम्रता बनाए रखें। दिन सामान्य शुभ।
शुभ रंग = लाल
शुभ अंक : 5 
प्रेम सागर पाण्डेय् ,नक्षत्र ज्योतिष वास्तु अनुसंधान केन्द्र ,नि:शुल्क परामर्श - रविवार , दूरभाष 9122608219 / 9835654844
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भाषाओं की आकाशगंगा में सांस्कृतिक विरासत है

Posted: 21 Feb 2022 07:20 AM PST

भाषाओं की आकाशगंगा में सांस्कृतिक विरासत है 

सत्येन्द्र कुमार पाठक
जहानाबाद । अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के अवसर पर सच्चिदानंद शिक्षा एवं समाज कल्याण संस्थान की ओर से आयोजित मातृभाषा संगोष्टी में जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन के उपाध्यक्ष साहित्यकार व इतिहासकार सत्येन्द्र कुमार पाठक ने कहा कि मातृ , मातृभाषा , मातृभूमि और भाषाई , बहुभाषावाद सांस्कृतिक विविधता को बढ़ावा का अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस है । 17 नवंबर 1999 को यूनेस्को द्वारा 21 फरवरी को मातृभाषा दिवस मनाने। की स्वीकृति दी गयी थी । बांग्लादेश के ढाका मेडिकल कैम्पस में स्थित शहीद मीनार स्मारक ,21 फरवरी 1952 पर बांग्ला भाषा के लिए बलिदान की स्मृति में मातृभाषा दिवस मनाया गया है । यूनेस्को द्वारा अन्तरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस की घोषणा से बांग्लादेश के भाषा आन्दोलोन दिबॉश को अन्तरराष्ट्रीय स्वीकृति मिली। है । बांग्लादेश में सन 1952 से मनाया जाता रहा है। बांग्लादेश में मातृभाषा दिवस राष्ट्रीय अवकाश होता है। अन्तरराष्ट्रीय भाषा वर्ष घोषित करते हुए, संयुक्त राष्ट्र आम सभा ने 2008 में अन्तरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के महत्व को फिर दोहराया है। विश्व में 6900 भाषाओं में 3000 भाषाएं खतरे में है । भाषाओं की आकाशगंगा में हमारी सांस्कृतिक विरासत छिपी हुई है । हमारी भाषा हमारी मूल संपति है ।आन्दोलोन दिबॉश को अन्तरराष्ट्रीय स्वीकृति मिली। है । बांग्लादेश में सन 1952 से मनाया जाता रहा है। बांग्लादेश में मातृभाषा दिवस राष्ट्रीय अवकाश होता है। अन्तरराष्ट्रीय भाषा वर्ष घोषित करते हुए, संयुक्त राष्ट्र आम सभा ने 2008 में अन्तरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के महत्व को फिर दोहराया है। विश्व में 6900 भाषाओं में 3000 भाषाएं खतरे में है । भाषाओं की आकाशगंगा में हमारी सांस्कृतिक विरासत छिपी हुई है । हमारी भाषा हमारी मूल संपति है । विश्व में 6809 भाषाओं में भारत 121 की भाषाओं में 22 भाषाएं संवैधानिक मान्यता प्राप्त है । बिहार में मगही , भोजपुरी , मैथिली , वज्जिका तथा अंगिका भाषाएं विभिन्न क्षेत्रों में बोली जाती है । भारत में सर्वाधिक बोले जाने वाली भाषा हिंदी है । इस अवसर पर साहित्यकार व पी एन बी के सेवानिवृत अधिकारी सत्येन्द्र कुमार मिश्र , रामविनय सिंह , आशुकवि चितरंजन चैनपुरा , उर्वशी , प्रियंका आदि द्वारा मातृभाषा सामाजिक समन्वय का महत्वपूर्ण साधक पर व्याख्यान दिया गया है ।
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भगवान नरसिंह का तपोभूमि ज्योतिर्मठ

Posted: 21 Feb 2022 07:17 AM PST

भगवान नरसिंह का तपोभूमि ज्योतिर्मठ

सत्येन्द्र कुमार पाठक 
उत्तराखण्ड राज्य के चमोली ज़िले में 23 00 मीटर अर्थात 9200 फीट ऊँचाई पर स्थित औली को बुग्याल , पर्वतीय मर्ग (घास) से ढका मैदान कहा गया है ।औली का निर्देशांक: 30°31′44″N 79°34′12″E / 30.529°N 79.570°E है । देवदार के वृक्ष बहुतायत में पाए जाते हैं। नंदा देवी के पीछे सूर्योदय देखना सुखद है। नंदा देवी राष्ट्रीय उद्यान यहाँ से 41 किलोमीटर दूर है। इसके अलावा बर्फ गिरना और रात में खुले आकाश को देखना मन को प्रसन्न कर देता है। शहर की भागती-दौड़ती जिंदगी से दूर औली पर्यटक स्थल है। जोशीमठ महागुरू आदि शंकराचार्य का ज्ञान स्थल जोशीमठ में नरसिंह, गरूड़ मंदिर आदि शंकराचार्य का मठ और अमर कल्प वृक्ष 2,500 वर्ष पुराना है। जोशीमठ के समीप औली से नंदा देवी, त्रिशूल, कमेत, माना पर्वत, दूनागिरी, बैठातोली और नीलकंठ का बहुत ही सुन्दर दृश्य दिखाई देता है। जोशीमठ में ८वीं सदी में धर्मसुधारक आदि शंकराचार्य का ज्ञान प्राप्त एवं प्रथम मठ की स्थापना स्थल है । निर्देशांक: 30°34′N 79°34′E / 30.57°N 79.57°E तथा ऊँचाई1800 मी (5,900 फीट) पर स्थित जोशीमठ की जनसंख्या (2011) के अनुसार जनसंख्या 16,709 है । ललितशूर के तांब्रपत्र के अनुसार जोशीमठ कत्यूरी राजाओं की राजधानी कार्तिकेयपुर था। सेनापति कंटुरा वासुदेव ने गढ़वाल की उत्तरी सीमा पर अपना शासन स्थापित किया था । वासुदेव कत्यूरी के कत्यूरी वंश ने 7वीं से 11वीं सदी के बीच कुमाऊं एवं गढ़वाल पर शासन किया। जोशी मठ को कार्तिकेय पुर , ज्योतिषपीठ , ज्योतिर्मठ कहा जाता है ।आदिशंकराचार्य द्वारा 515 ई. में जोशीमठ में अवस्थित सहतूत वृक्ष की छाया में ज्ञानप्राप्ति के बाद शांकरभाष्य की रचना की गयी थी । प्रारंभ में जोशीमठ का क्षेत्र समुद्र में पहाड़ उदित होने के बाद भगवान नरसिंह तपोभूमि थी ।आदि शंकराचार्य द्वारा बद्रीनाथ मंदिर की स्थापना तथा नम्बूद्रि पुजारियों को बिठाने के समय से जोशीमठ बद्रीनाथ के ,हेमंत शिशिर और वसंत ऋतु , कार्तिक , अगहन , पुष्य , माघ और फाल्गुन 6 महीनों के दौरान जब बद्रीनाथ मंदिर बर्फ से ढंका होता है तब भगवान बद्रीविशाल बद्रीनाथ की उपासना पूजा जोशीमठ के नरसिंह मंदिर में होती है। ई.टी. एटकिंस दी हिमालयन गजेटियर, (वोल्युम III, भाग I, वर्ष 1982) के अनुसार जोशीमठ शहर की वास्तुकला , "विष्णुप्रयाग से इस शहर में प्रवेश किनारे के ऊपर से होता है जहां स्लेटों तथा पत्थरों से कटी सीढ़ियां , भगवान नरसिंह की प्रतिमा वाला भवन का निर्माण नुकीले भवन है जिसके छत की ढलान एक तांबे की चादर से ढंकी रहती है। नरसिंह मंदिर के सामने खुला मैदान में पत्थर की एक मांद है जिसमें दो नल हैं जिससे लगातार पानी का बहाव होता रहता है और इसमें पानी की आपूर्त्ति गांव के दक्षिण पहाड़ी पर एक झरने से होती है। दस फीट ऊंचे चबूतरे पर महान पुरातात्विक चिह्नों के कई मंदिर मैदान के एक ओर श्रेणीबद्ध हैं। क्षेत्र के बीच में 30 फीट स्थल पर दीवालों के अंदर विष्णु मंदिर है। आदि शंकराचार्य अपने 109 शिष्यों के साथ जोशीमठ आये तथा अपने चार पसंदीदा एवं सर्वाधिक विद्वान शिष्यों को चार मठों की गद्दी पर आसीन कर दिया, जिसे उन्होंने देश के चार कोनों में स्थापित किया था। उनके शिष्य ट्रोटकाचार्य इस प्रकार ज्योतिर्मठ के प्रथम शंकराचार्य हुए। नरसिंह और वासुदेव मंदिरों के पुजारी परंपरागत डिमरी लोग हैं। यह सदियों पहले कर्नाटक के एक गांव से जोशीमठ पहुंचे। उन्हें जोशीमठ के मंदिरों में पुजारी और बद्रीनाथ के मंदिरों में सहायक पुजारी का अधिकार सदियों पहले गढ़वाल के राजा द्वारा दिया गया। वह गढ़वाल के सरोला समूह के ब्राह्मणों में से है। शहर की बद्रीनाथ से निकटता के कारण यह सुनिश्चित है कि वर्ष में 6 महीने रावल एवं अन्य बद्री मंदिर के कर्मचारी जोशीमठ में ही रहें। आज भी यह परंपरा जारी है। त्रिशूल शिखर से उतरती ढाल पर, संकरी जगह पर अलकनंदा के बांयें किनारे पर जोशीमठ स्थित है। इसके दोनों ओर एक चक्राकार ऊंचाई की छाया है और खासकर उत्तर में एक ऊंचा पर्वत उच्च हिमालय से आती ठंडी हवा को रोकता है। यह तीन तरफ बर्फ से ढंके दक्षिण में त्रिशूल (7,250 मीटर), उत्तर पश्चिम में बद्री शिखर (7,100 मीटर), तथा उत्तर में कामत (7,750 मीटर) शिखर से घिरा है। हर जगह से हाथी की शक्ल धारण किये हाथी पर्वत को देखा जा सकता है। फिर भी इसकी सबसे अलौकिक विशेषता है– एक पर्वत, जो एक लेटी हुई महिला की तरह है और इसे स्लीपिंग ब्यूटी के नाम से पुकारा जाता है । अलकनंदा के किनारे जोशीमठ के नजदीक का इलाका वनस्पतियों का धनी है। यहां की खासियत है– एन्सलिया एपटेरा, बारबरिस स्पप, सारोकोका प्रियुनिफॉरमस स्पप पौधे, जो यहां के वन में पैदा होते हैं, जहां की जलवायु नम है। यहां बंज बलूत के जंगल भी हैं, जहां बुरांस, अयार, कारपीनस, विमिनिया तथा ईलेक्स ओडोराला के पेड़ पाये जाते हैं। तिलौज वन में लौरासिया, ईलेक्स, बेतुला अलन्वायड्स के पेड़ तथा निचले नीले देवदार के वन में यूसचोल्जिया पोलिस्टाच्या, विबुमन फोक्टेन्स, रोसा माउक्रोफाइला, विबुमन कोटोनिफोलियन, एक्सायकेरिया एसीरीफोलिया आदि झाड़ियां होती हैं। जोशीमठ शहर 3,000 वर्ष पुराना है जिसके महान धार्मिक महत्त्व को यहां के कई मंदिर दर्शाते हैं। यह बद्रीनाथ गद्दी का जाड़े का स्थान है यह बद्रीनाथ मंदिर के जाड़े का बद्रीनाथ गद्दी एवं बद्रीनाथ का पहुंच शहर है। औली रज्जुमार्ग तथा चढ़ाई के अवसर प्राचीन एवं पौराणिक स्थल है। ज्योतिर्मठ, कल्पवृक्ष तथा आदि शंकराचार्य के पूजास्थल की गुफा है और इसके नीचे बद्रीनाथ की ओर बाहर निकलने पर जोशीमठ के दो प्रमुख आकर्षण नरसिंह मंदिर तथा वासुदेव मंदिर जोगी झरना , कल्पवृक्ष , शंकराचार्य गुफा स्थित हैं। जोशीमठ से द्रोणगिरी, कामेत, बरमाल, माना, हाथी-घोड़ी-पालकी, मुकेत, बरथारटोली, नीलकंठ एवं नंदा देवी पर्वतों के मनोरम दृश्य होते हैं। । 6150 फीट (1875 मीटर) की ऊंचाई पर स्थित हिमालय पर्वतारोहण अभियानों, ट्रेकिंग ट्रेल्स और बद्रीनाथ तीर्थ केंद्रों का प्रवेश द्वार और आदि शंकराचार्य द्वारा स्थापित प्रमुख पीठों में है । जोशीमठ में हेमकुंड ट्रस्ट द्वारा संचालित गुरुद्वारा है । 7 वीं और 11 वीं शताब्दी के मध्य में कत्यूरी राजाओं ने कुमाऊं में "कत्यूर" बैजनाथ घाटी में अपनी राजधानी से अलग-अलग क्षेत्र पर शासन किया। कत्यूरी वंश की स्थापना वासुदेव कत्यूरी ने की थी। जोशीमठ के प्राचीन बसदेव मंदिर का श्रेय वासु देव को जाता है। [5] वासु देव बौद्ध मूल के थे, लेकिन बाद में उन्होंने ब्राह्मणवादी प्रथाओं का पालन किया और कत्यूरी राजाओं की ब्राह्मणवादी प्रथाओं को कभी-कभी आदि शंकराचार्य (788-820 सीई) के एक जोरदार अभियान के लिए जिम्मेदार ठहराया जाता है। कत्यूरी राजाओं को 11वीं शताब्दी ई. में चांद राजाओं ने विस्थापित कर दिया था। 7 फरवरी 2021 को उत्तराखंड के चमोली जिले के नंदा देवी राष्ट्रीय उद्यान में नंदा देवी ग्लेशियर का एक हिस्सा टूट जाता है , जिससे ऋषिगंगा और धौलीगंगा नदी से रिनी , धौलीगंगा बांध , ऋषि गंगा बांध, तपोवन विष्णुगढ़ में विनाशकारी बाढ़ आती रही है। जोरदार अभियान के लिए जिम्मेदार ठहराया जाता है। कत्यूरी राजाओं को 11वीं शताब्दी ई. में चांद राजाओं ने विस्थापित कर दिया था। 7 फरवरी 2021 को उत्तराखंड के चमोली जिले के नंदा देवी राष्ट्रीय उद्यान में नंदा देवी ग्लेशियर का एक हिस्सा टूट जाता है , जिससे ऋषिगंगा और धौलीगंगा नदी से रिनी , धौलीगंगा बांध , ऋषि गंगा बांध, तपोवन विष्णुगढ़ में विनाशकारी बाढ़ आती रही है। ज्योतिर्मठ परिभ्रमण के दौरान साहित्यकार व इतिहासकार सत्येन्द्र कुमार पाठक द्वारा ज्योतिर्मठ में स्थापित भगवान नरसिंह , आदिशंकराचार्य द्वारा स्थापित मठ , भगवान सूर्य , हनुमान जी , झरने , मैन काली अनेक मंदिर , मूर्तियां , औली पर्यटन स्थल, गुरुद्वारा ,अलकनंदा नदी का दर्शन किया गया है ।
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मातृभूमि और मातृभाषा

Posted: 21 Feb 2022 07:14 AM PST

मातृभूमि और मातृभाषा

         --:भारतका एक ब्राह्मण.
           संजय कुमार मिश्र"अणु"
----------------------------------------
जब कभी
मेरी मां को लगता
ये इसे समझाना चाहिए
जीवन बोध कराना चाहिए
तब वो मुझे
अपनी गोद में उठाती
खुब इठलाती और दुलराती
फिर अपनी गीत सुनाती
मैं हो जाता आनंद विभोर
पाकर मां का आंचल अछोर
मैं उसे सुनता
और अपनी भी सुनाता
उसी के भाव में
अपनी भावना के साथ
वो मुझे समझती
मैं उसे समझता
वो साथ में खेलती
और मैं गाता
मुझे उसने सीखा दी
अपनी भावना,संवेदना,आशा
शब्द,अर्थ,भाव और भाषा
मां जैसी प्यारी है मेरी मातृ भाषा
मुझे जान से भी प्यारी है 
अपनी मातृभूमि और मातृभाषा
----------------------------------------
वलिदाद,अरवल(बिहार)८०४४०२
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नचा रहा है समय

Posted: 21 Feb 2022 07:12 AM PST

नचा रहा है समय

        ---:भारतका एक ब्राह्मण.
           संजय कुमार मिश्र"अणु"
----------------------------------------
वो विजय हो या पराजय-
सबको नचा रहा है समय।।
      है ये सबसे बडा बलवान,
      है सबसे तुक्ष्य और महान,
      सदा रहता है वह निर्लिप्त-
      रहे कोई प्राणी या भगवान,
      हमेशा रहता है तटस्थ-
      बिना भेदभाव बिना संशय।।
कभी करता राजा कभी भिखारी,
सबको देता अवसर बारी-बारी,
करता है वह न्याय सबके साथ-
न सुनता कभी राग दरवारी,
देता सबको अपनी जिम्मेदारी-
करम करता सबका वो तय।।
       न सुनता एक किसीकी बात,
       न करता किसी का पक्षपात,
       सुनाता सत्य कर्म का फल-
       न पडता किसी के जज्बात,
      सीखाता सबको अपना कर्म-
      मिटाता सबका भव भय।।
रखना हो गर गर्वोन्नत माथ,
तो फिर चलो समय के साथ,
एक समय हीं सच्चा साथी-
जो अनाथों का भी है नाथ,
सब समय समय के साथी-
भुलाकर बुद्धि,विद्या, वय।।
----------------------------------------
वलिदाद,अरवल(बिहार)८०४४०२
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स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने जन जागरूकता रथों को किया रवाना

Posted: 21 Feb 2022 05:38 AM PST

स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने जन जागरूकता रथों को किया रवाना

बिहार के 19 जिलों में चलेंगी 20 दिनों तक जागरूकता रथें,सांस्कृतिक दल 140 जगहों पर करेंगे कार्यक्रम

कोविड 19 टीकाकरण, मिशन इंद्रधनुष 4.0, आत्मनिर्भर भारत एवं केंद्र सरकार की अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में बिहार के 19 जिलों में आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार के पटना स्थित रीजनल आउटरीच ब्यूरो द्वारा जन जागरूकता रथों के शुभारंभ एवं प्रस्थान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने अपने आवास से सात जन जागरूकता रथों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मंत्रालय द्वारा जन जागरूकता के उद्देश्य से रथों का चलाया जाना सराहनीय कदम हैं। यह इस मामले में सराहनीय है क्योंकि जहां एक ओर 20 दिनों में राज्य के 19 जिलों में जन जागरूकता रथें चलेंगी वहीं दूसरी ओर मंत्रालय के पंजीकृत दल सूबे के 140 स्थानों पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से जन जागरूकता का कार्य करेंगे। ये कार्य मूल रूप से वहां किए जाएंगे जहां टीकाकरण कम हुए हैं। उन्होंने कहा कि पहले किसी बीमारी से निजात पाने के लिए जिसमें टीके की जरूरत पड़ती थी, तब हमे दूसरे देशों पर निर्भर होना पड़ता था लेकिन आज हमारे स्वास्थ सेवा क्षेत्र के वैज्ञानिकों ने महामारी आने के एक साल के अंदर देश का स्वनिर्मित टीका उपलब्ध कराया और प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को पूरा कर दिखाया। उन्होंने कहा कि बिहार में 5.95 करोड़ जनसंख्या जो 18 साल से ऊपर है, का टीकाकरण पूर्ण हो चुका हैं और दूसरा डोज भी लगभग 90% पूरा हो चुका है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पीआईबी एवं आरओबी, पटना के अपर महानिदेशक एस.के. मालवीय ने कहा कि भले ही कोविड मरीजों की संख्या में कमी देखने को मिल रही हो लेकिन हमलोगों को आगे भी कोविड 19 अनुरूप नियमों को लगातार पालन करते रहने की आवश्यकता है। इसी उद्देश्यों के साथ विभाग द्वारा आगे 12 मार्च तक सूबे के 19 जिलों के गांवों, टोलों, कस्बों में जागरूकता रथों द्वारा जन जागरूकता का कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इन जिलों में मंत्रालय के पंजीकृत दलों द्वारा 140 स्थानों पर नुक्कड़ नाटक, गीत संगीत के माध्यम से लोगों को कोविड-19 टीकाकरण, मिशन इंद्रधनुष 4.0 सहित केंद्र की अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में 19 जिलों सारण, वैशाली, सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर, सहरसा, अररिया, दरभंगा, किशनगंज, कटिहार, भागलपुर, खगड़िया, जमुई, मुंगेर, गया, नवादा, औरंगाबाद, पटना, जहानाबाद और नालंदा में जागरूकता रथ और सांस्कृतिक दलों के कार्यक्रम होंगे और लोगों को जानकारी देंगे। उन्होंने कहा कि लोगों तक जन जागरूकता के संदेशों को आमजनों तक पहुंचाने में मीडिया की अहम भूमिका होती है।
कार्यक्रम स्थल पर पंजीकृत सांस्कृतिक दल सुरांगन के कलाकारों द्वारा कोविड-19 पर थीम गीत और सुबोध सोनपुरी के कलाकारों ने लोकनृत्य की प्रस्तुति की। कार्यक्रम का संचालन आरओबी, पटना के सहायक निदेशक एन एन झा ने किया।
मौके पर पीआईबी, पटना के निदेशक दिनेश कुमार, सहायक निदेशक संजय कुमार, आकाशवाणी एवं दूरदर्शन की संयुक्त निदेशक श्वेता सिंह, दूरदर्शन के सहायक निदेशक अजय कुमार, आरओबी के कार्यालय प्रमुख मनीष कुमार, कार्यक्रम प्रमुख पवन कुमार सिन्हा, एफपीए नवल किशोर झा, अमरेंद्र मोहन सहित मंत्रालय के पटना स्थित विभिन्न मीडिया ईकाइयों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद थे।
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सांसद और भोजपुरी सिने स्टार मनोज तिवारी ने किया रोड शो

Posted: 21 Feb 2022 05:32 AM PST

सांसद और भोजपुरी सिने स्टार मनोज तिवारी ने किया रोड शो

ब्यूरो, देवरिया वेद प्रकाश तिवारी, । 
उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले की भाटपार रानी विधानसभा सीट पर भाजपा के प्रत्याशी सभा कुंवर कुशवाहा के लिए दिल्ली से सांसद, भोजपुरी गायक और अभिनेता मनोज तिवारी ने आज भाटपार रानी के फुलवरिया चौराहे से तहसील तक रोड शो किया और पार्टी प्रत्याशी सभा कुंवर कुशवाहा को उन्हें भारी मतों से जिताने की गुजारिश की । हजारों की संख्या में उनके समर्थक हाथों में पार्टी का झंडा लिए भाजपा के समर्थन में नारे लगाते हुए दिखे । भोजपुरी गायक और अभिनेता होने की वजह से मनोज तिवारी के रोड शो में युवाओं में काफी उत्साह दिखा । रोड शो में भारतीय जनता पार्टी भाटपार रानी से प्रत्याशी सभा कुंवर कुशवाहा, सलेमपुर लोकसभा के सांसद रविंद्र कुशवाहा , देवरिया जिला पंचायत अध्यक्ष, गिरीश चंद तिवारी के अलावा भारतीय जनता पार्टी देवरिया जिले के अनेक पदाधिकारी गण उपस्थित थे । अपार जन समूह ने मनोज तिवारी का स्वागत किया । उनके आगे पीछे मोटरसाइकिल रैलियों का तांता लगा हुआ था। रोड शो में देशभक्ति के नारों से भाटपार रानी कस्बा गूंज उठा।
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‘जनता के दरबार में मुख्यमंत्री’ कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री, 125 फरियादियों की सुनी फरियाद, अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा निर्देश

Posted: 21 Feb 2022 05:24 AM PST

'जनता के दरबार में मुख्यमंत्री' कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री, 125 फरियादियों की सुनी फरियाद, अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा निर्देश

पटना, 21 फरवरी 2022:- मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार आज 4, देशरत्न मार्ग स्थित मुख्यमंत्री सचिवालय परिसर में आयोजित 'जनता के दरबार में मुख्यमंत्री' कार्यक्रम में शामिल हुए। 'जनता के दरबार में मुख्यमंत्री' कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने राज्य के विभिन्न जिलों से पहुंचे 125 लोगों की समस्याओं को सुना और संबंधित विभागों के अधिकारियों को समाधान के लिए समुचित कार्रवाई के निर्देश दिए।
आज 'जनता के दरबार में मुख्यमंत्री' कार्यक्रम में सामान्य प्रशासन विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, ग्रामीण कार्य विभाग, पंचायती राज विभाग, ऊर्जा विभाग, पथ निर्माण विभाग, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग, कृषि विभाग, सहकारिता विभाग, पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग, जल संसाधन विभाग, उद्योग विभाग, नगर विकास एवं आवास विभाग, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, परिवहन विभाग, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, लघु जल संसाधन विभाग, योजना एवं विकास विभाग, पर्यटन विभाग, भवन निर्माण विभाग, वाणिज्य कर विभाग, सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग, गन्ना (उद्योग) विभाग तथा विधि विभाग से संबंधित मामलों पर सुनवाई हुयी।
'जनता के दरबार में मुख्यमंत्री' कार्यक्रम में बाराचट्टी गया से आए एक फरियादी ने मुख्यमंत्री से शिकायत करते हुये कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ उन्हें नहीं मिल पाया है। लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम का फैसला भी हमारे पक्ष में आया फिर भी अधिकारी नहीं सुन रहे हैं। हमारी जगह किसी दूसरे को इसका लाभ दे दिया गया है। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग को उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
सहरसा से आए एक फरियादी ने मुख्यमंत्री से कहा कि नल-जल योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। वहीं सहरसा के ही एक अन्य व्यक्ति ने गली नाली योजना के कार्य में अनियमितता के संबंध में शिकायत की। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग को इस पर उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
वैशाली से आये एक व्यक्ति ने अपनी गुहार लगाते हुए मुख्यमंत्री से कहा कि हमारी पंचायत में अब तक पंचायत भवन नहीं बना है। पंचायत के लोग इसको लेकर अपनी लगातार मांग रख रहे हैं लेकिन फिर भी इस पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम तो पंचायत को सरकार मानते हैं और पंचायत सरकार भवन बनाते हैं। उन्होंने पंचायती राज विभाग को इस पर उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया। 
किशनगंज से आये एक व्यक्ति ने सात निश्चय योजना में हो रही गड़बड़ी को लेकर मुख्यमंत्री से शिकायत करते हुए कहा कि हमारे पंचायत में सिर्फ वाटर टावर बना दिया गया, लेकिन अब तक किसी के यहां नल का जल नहीं पहुंचा है। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग को इस पर शीघ्र कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
रुपौली, पूर्णिया के एक व्यक्ति ने मुख्यमंत्री से शिकायत करते हुए कहा कि बाढ़ के दौरान हमेशा संपर्क पथ टूटने से गांव की आबादी प्रभावित होती है। संपर्क पथ का निर्माण नहीं हो पाता है, इससे आवागमन की समस्या हमेशा बनी रहती है। इसका स्थायी समाधान किया जाए। वहीं अररिया के एक व्यक्ति ने शिकायत करते हुए कहा कि हर साल बाढ़ के कारण गांव के दर्जनों घर बर्बाद हो जाते हैं। इसके स्थायी समाधान का उपाय किया जाए। मुख्यमंत्री ने जल संसाधन विभाग को उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
मुरलीगंज, मधेपुरा एक व्यक्ति ने महादलित टोला के लिए संपर्क पथ निर्माण के संबंध में अपनी बात रखी। वहीं कटिहार के एक व्यक्ति ने नवनिर्मित बस स्टैंड परिसर में नगर निगम द्वारा कचड़ा डंप करने तथा असमाजिक तत्वों के जमावड़े को लेकर शिकायत की। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग को समुचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
मोदनगंज, जहानाबाद के एक व्यक्ति ने शिकायत करते हुए कहा कि नाला निर्माण में अनियमितता की गई है तथा नाले का पानी आहर में गिराकर जल स्त्रोत को प्रदूषित किया जा रहा है, इसे रोकने का उपाय किया जाए। वहीं परवलपुर, नालंदा के एक व्यक्ति ने शिकायत करते हुए कहा कि मुखिया एवं उनके अन्य सहयोगियों द्वारा उनका जबरन विद्युत कनेक्शन काट दिया गया है। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को जांचोपरांत उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
नानपुर, सीतामढ़ी के एक व्यक्ति ने मुख्यमंत्री से शिकायत करते हुए कहा कि सर्पदंश से उनके परिजन की मृत्यु हो गई है, लेकिन अब तक उन्हें मुआवजा नहीं मिल पाया है। वहीं रहिका, मधुबनी के एक व्यक्ति ने शिकायत करते हुए कहा कि जल-जीवन-हरियाली अभियान के अंतर्गत उनके यहां सरकारी पोखर का जीर्णोद्धार कार्य पूर्ण नहीं किया गया है। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को समुचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया।  
'जनता के दरबार में मुख्यमंत्री' कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री तारकिशोर प्रसाद, ऊर्जा मंत्री श्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, जल संसाधन सह सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री श्री संजय कुमार झा, ग्रामीण विकास मंत्री श्री श्रवण कुमार, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण मंत्री श्री रामप्रीत पासवान, कृषि मंत्री श्री अमरेंद्र प्रताप सिंह, उद्योग मंत्री श्री शाहनवाज हुसैन, गन्ना (उद्योग) तथा विधि मंत्री श्री प्रमोद कुमार, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्रीमती लेशी सिंह, पंचायती राज मंत्री श्री सम्राट चैधरी, परिवहन मंत्री श्रीमती शीला कुमारी, लघु जल संसाधन मंत्री श्री संतोष कुमार सुमन, ग्रामीण कार्य मंत्री श्री जयंत राज, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार, मुख्य सचिव श्री आमिर सुबहानी, पुलिस महानिदेशक श्री एस0के0 सिंघल, संबंधित विभागों के अपर मुख्य सचिव/प्रधान सचिव/सचिव, मुख्यमंत्री के सचिव श्री अनुपम कुमार, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी श्री गोपाल सिंह एवं पटना के जिलाधिकारी श्री चंद्रशेखर सिंह उपस्थित थे। 
'जनता के दरबार में मुख्यमंत्री' कार्यक्रम की समाप्ति के पश्चात् मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से बातचीत की। जमुई में स्वर्ण का भंडार मिलने से बिहार को ज्यादा रॉयल्टी मिलने से संबंधित पत्रकारों के सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बहुत खुशी की बात है। हमलोग तो प्रारंभ से ही इसके बारे में कह रहे थे। जिन ऐतिहासिक स्थलों के बारे में पता चला है वहां जाकर हमलोग उसके संबंध में जानकारी लेते हैं। आप जानते हैं कि बिहार सबसे पौराणिक जगह है। बिहार का बहुत बड़ा महत्व है। बिहार में कई ऐसी जगहें हैं जहां पर कई सारी चीजें हैं। एक जगह से सोना का खान मिलने की जानकारी मिली है, यह बड़ी खुशी की बात है लेकिन यहां एक ही जगह नहीं कई अन्य जगहों पर खान मिल सकता है। हमलोग इस काम को देखने के लिये लगे रहते हैं। उन्होंने कहा कि जब भी कोई बात होगी तो हमलोग क्यों नहीं चाहेंगे कि राज्य सरकार का जो लाभ मिलना चाहिये वो मिले। इसके लिये जरूर केंद्र सरकार को भी कहेंगे। हमलोग तो चाहते हैं कि सब जगह के बारे में पूरी जानकारी मिले। बिहार भारत का ही नहीं बल्कि दुनिया के पौराणिक जगहों में से एक है। यहां तो बहुत कुछ समय समय पर मिलेगा ही।
भोजपुरी को राज्य सरकार द्वारा प्राइमरी एजुकेशन में शामिल करने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा विभाग इस पर गौर करेगा। भोजपुरी सिर्फ बिहार की ही नहीं है, यह यू0पी0 और झारखंड में भी बोली जानेवाली भाषा है। भोजपुरी का बड़ा एरिया है, इसका अंतरराष्ट्रीय महत्व भी है। अभी झारखण्ड में जो हुआ वो बहुत गलत है। जब बिहार झारखण्ड एक था तो यह भाषा कई जिलों में बोली जाती थी। उसी तरह से मगही का भी महत्व है। आपलोगों को पता होगा कि कई बार हम भोजपुरी के सम्मेलन में गये हैं। हम मगही इलाके के हैं लेकिन कभी कभी भोजपुरी में भी बोलने की कोशिश किये हैं। हमलोग जब कॉलेज में पढ़ते थे उस समय हमलोगों के साथ भोजपुरी वाले मित्र भी साथ रहते थे। सब जगह के लोगों से बात करते हुए अपने छात्र जीवन में जरूर कुछ सीखने की कोशिश करते थे। भोजपुरी की बड़ी प्रतिष्ठा है। आप जिन चीजों के बारे में पूछ रहे हैं, शिक्षा विभाग इसको जरूर देखेगा। इसके लिये अलग से कुछ भी करना होगा तो हमलोग करेंगे। लैंग्वेज को महत्व मिले इसके लिये हमलोग काम करते ही रहते हैं। उन्होंने कहा कि जब श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी आये थे उस समय भी हमने मैथिली भाषा के लिये कहा था। एक महीना के अंदर उसको संविधान के अष्टम सूची में डाल दिया गया। मीटिंग में भी हमनें अटल जी से कहा था और जब वो बोल रहे थे तो हम बगल में जाकर फिर उनको याद दिलाये। हम बार बार कह रहे हैं कि भोजपुरी सिर्फ बिहार की ही भाषा नहीं है। भोजपुरी यू0पी0 में भी है और झारखण्ड में तो है ही। बिहार झारखण्ड तो पहले एक ही था। छत्तीसगढ़ में भी कई लोग यह भाषा बोलते हैं। हमलोग यहां जो करना है वो तो करेंगे ही और फिर से इसे भेजेंगे। आप जानते हैं कि डेवलपमेंट के काम में लगातार लगे हुए हैं। इन सब चीजों पर गौर करते इसे भी देखेंगे।
दिल्ली में श्री प्रशांत किशोर से हुई मुलाकात के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पर सवाल उठता है तो मुझे आश्चर्य होता है। श्री प्रशांत किषोर से मेरा रिश्ता आज का नहीं है। बीच में हमारी तबीयत खराब हुई तो वे कितनी बार वो फोन किये थे। जब हम दिल्ली गये तो मिलने के लिये आये। इसमें कोई राजनैतिक बात नहीं है। भले ही राजनैतिक संबंध नहीं हो, जिससे व्यक्तिगत रिश्ता रहता है, लोग उससे मिलता ही है। उनका रिश्ता अन्य पार्टी के नेताओं के साथ नहीं है ? सब लोगों से बात होती है लेकिन कोई राजनैतिक बात नहीं है। हम भी इस बार कोराना से पीड़ित हो गये थे। इसकी खबर गई तो स्वाभाविक है उन्होंने फोन किया और मिलने के लिए बोले तो हमने कहा कि दिल्ली आ रहे हैं और दिल्ली में हमारी मुलाकात हुई। राजनीति अपनी जगह पर है लेकिन व्यक्तिगत संबंध और संपर्क तो पुराना होता है। राजनैतिक रूप से अलग होने के बाद भी आदमी एक दूसरे से बात करता है, संपर्क करता है। इन सब चीजों का राजनीति से कोई लेना देना नहीं है। इन सब चीजों का मतलब सीधे सीधे व्यक्तिगत है। किसी का विचार कुछ भी हो, इच्छा कुछ भी हो वो अपनी जगह पर है उससे इसका कोई संबंध नहीं है।
श्री लालू प्रसाद यादव को होनेवाली सजा को लेकर सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इसमें क्या देखना है, ये आज की बात थोड़े ही है। जब वो मुख्यमंत्री थे तब ही उनपर आरोप लगा, उनको हटना पड़ा। उसके बाद अपनी जगह पर अपनी श्रीमती जी को मुख्यमंत्री बनवा दिये। कई चीजों में कई केसेज हैं, कई में सजा हो गई, अभी करीब 3 साल से जेल में भी थे। अब दूसरे का भी फैसला हो रहा है। इसमें क्या कहना है। आज उनके साथ जो लोग हैं केस करनेवाले थे, ये पता है न, केस कौन कौन किये थे? जब वो केस किये थे तो मेरे पास भी आये थे, हमने कहा कि केस करना है तो आपलोग करिये, ये सब मेरा काम नहीं है। आजकल केस करनेवालों में से कुछ लोग उन्हीं के साथ हैं वो अलग बात है। जो केस करने वाले हैं उन्हीं लोगों से पूछिये कि केस तो आप ही किये थे? अंत में सब पर जांच शुरू हो गया। ट्रायल हुआ है सजा हुई है तो इस बारे में हम क्या कह सकते हैं ? इसलिये उसके बारे में मुझे कुछ नहीं कहना है। 
जातीय जनगणना को लेकर ऑल पार्टी मीटिंग पर पूछे गये सवाल का जवाब देत हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमलोग एक मत के हैं। निश्चित रुप से हमलोग राज्य सरकार की तरफ से इसे करना चाहते हैं। इसका ऐलान करने से पहले हमलोग चाहते हैं कि सभी लोग एक साथ बैठ जायें ताकि सभी लोगों का आइडिया सामने आ जाये। इस संबंध में हमने पहले भी आप सबों को बता दिया है। इसको लेकर हमलोग सक्रिय हैं। कास्ट, सब कास्ट समेत सभी चीजों को अनेक प्रकार से हमलोग देख रहे हैं ताकि किसी तरह की कोई गलतफहमी नहीं हो। जातीय जनगणना को कैसे बेहतर ढंग से किया जा सकता है, इसको भी हमलोग देख रहे हैं। किसी दूसरे राज्य में क्या हो रहा है इस पर मत जाइये। उनका किस ढंग से हुआ या नहीं हुआ वह अपनी जगह है। हमलोग जातीय जनगणना को बहुत ही अच्छे ढंग से करना चाहते हैं। पार्लियामेंट में पहली बार जब मैं गया था उसी समय से हम इसके पक्षधर हैं। कुछ लोग अपनी बात कहते रहते हैं, बोलने का अधिकार सभी को है, जिसको जो मन में आये वो बोले। उन्होंने कहा कि हमलोग चाहते हैं कि जातीय जनगणना हो जाये। एक बार जातीय जनगणना हो जाने से यह पता चल जायेगा कि किस जाति के कितने लोग हैं और आप उनलोगों के विकास के लिए काम कर सकते हैं। जिसकी स्थिति खराब है उसको देखना पड़ेगा। हमलोग सभी के उत्थान के लिए काम कर रहे हैं। देश भर में अगर नहीं हो रहा है तो राज्य में हमलोग इसे करायेंगे। राज्य में लोगों के हित में जो कुछ भी कर सकते हैं वो सब करेंगे। अभी कई राज्यों में चुनाव चल रहा है, उसको खत्म हो जाने दीजिए। हमलोग एक बार बैठकर इस पर विचार करके जातीय जनगणना को शुरु करा देंगे। ये काम काफी तेजी और बढ़िया ढंग से कराया जायेगा। हम तो लोगों से कहेंगे सर्वेक्षण शुरु होने पर उस पर नजर रखिये। कैबिनेट की मीटिंग में डिसाइड करके हम इसको शुरु कर सकते थे लेकिन हम चाहते हैं कि एक साथ बैठकर सभी से बात करके इसको शुरु करें ताकि सबों की भूमिका इसमें रहे। हमलोग सिर्फ अपना कोई क्रेडिट नहीं लेना चाहते हैं। हम तो चाहते हैं कि इसमें सभी की भूमिका रहे। कुछ लोग अगर राजनीतिक रुप से कुछ बोलते हैं तो इसमें हमको कोई ऐतराज नहीं है।
दरभंगा में 3 लोगों को जिंदा जलाने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले में पूरे तौर पर एक्शन लिया जा रहा है। ऐसा कोई भी मामला मेरी जानकारी में आता है तो तुरंत बात करके उस पर कार्रवाई की जाती है। इस मामले को भी हमलोग देख रहे हैं। इस मामले में पूरी जानकारी आपलोगों को डी0जी0पी0 देंगे। 
जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री ललन सिंह के पार्टी के विस्तार को लेकर दिये गये बयान के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि एक बात तो आप लोग जानते हैं कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष तो हम ही थे। बिहार विधानसभा चुनाव खत्म होने के बाद हमने पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक बुलाकर कमान श्री आर0सी0पी0 सिंह को दे दी। घोषणा से पहले इसकी जानकारी किसी को नहीं थी। मीटिंग में हमने कहा कि मेरी इच्छा है कि पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री आर0सी0पी0 सिंह को बनाया जाए। इस प्रस्ताव को सभी लोगों ने मंजूर किया। श्री आर0सी0पी0 सिंह जब केंद्र सरकार में मंत्री बन गये तो फिर से मीटिंग बुलाकर श्री ललन बाबू को पार्टी की कमान दी गयी। इस प्रस्ताव पर भी सभी लोगों ने अपनी सहमति दी। पार्टी में कहीं पर भी कुछ नहीं है। पार्टी में सभी लोग एक राय, एक विचार के साथ काम कर रहे हैं। एन0डी0ए0 के रुप में हमलोग एक साथ मिलकर बिहार की सेवा कर रहे हैं। पार्टी में सभी लोग अपना-अपना फर्ज निभा रहे हैं। जार्ज साहब के समय से ही हमलोग एक साथ हैं। सभी पार्टी अपना विस्तार चाहती है। लेकिन इसका इससे कोई मतलब नहीं है। हमलोग जनता के दरबार में हाजिर होनेवाले लोग हैं। आप लोगों से आग्रह है कि जनता से संबंधित ही सवाल कीजिए।
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जीकेसी का 13 मार्च को होगी होली मिलन समारोह

Posted: 21 Feb 2022 05:16 AM PST

जीकेसी का 13 मार्च को होगी होली मिलन समारोह

संवाददाता जितेन्द्र कुमार सिन्हा की खबर
जीकेसी (ग्लोबल कायस्थ कांफ्रेंस) पटना में 13 मार्च को होगी "होली मिलन" समोरोह।
जीकसी बिहार कार्यकारिणी समिति की बैठक होली मिलन समारोह की तैयारी के लिए 20 फरवरी (रविवार) को ग्लोबल अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद की अध्यक्षता में संपन्न हुयी।
होली मिलन समारोह कार्यक्रम के लिए युवा प्रकोष्ठ के प्रभारी राजेश सिन्हा 'संजू' को प्रभारी बनाया गया है। राजेश सिन्हा 'संजू' ने बैठक में जानकारी दी कि इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया जायेगा, जिसके संचालन की दायित्व बिहार कला-संस्कृति प्रकोष्ठ के अध्यक्ष दिवाकर कुमार वर्मा को दी सौंपी गई है।
ग्लोबल अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि होली रंगों का त्योहार होने के साथ-साथ भाईचारे को बढ़ावा देने वाला भी त्योहार है। यह आपसी सद्भावना का प्रतीक है। सारे भेदभाव भूलाकर इसे मनाना चाहिए।होली का त्योहार रंगों का त्योहार होने के साथ-साथ आपसी प्रेम भाईचारे एवं सौहार्द का त्योहार है। इस त्योहार मे हमारे सभी धर्मों के साथ मिलजुल कर मनाने की एक अनोखी मिसाल भी दिखती है।
बिहार प्रदेश अध्यक्ष डा. नम्रता आनंद ने कहा कि होली, दीपावली, ईद जैसे त्योहार आपसी भाईचारे का संदेश देते हैं। होली का रंग ऐसा रंग है जिसमें सभी मस्त मगन होकर नाचते-गाते हैं और एक दूसरे को रंग और गुलाल लगाकर मनाते हैं। होली मिलन समारोह एकता का प्रतीक है और इस त्योहार में लोग गिले-शिकवे को भूल कर प्रेम और भाईचारे का संदेश देते है।
उक्त अवसर पर मीडिया-कला संस्कृति प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रेम कुमार, पटना जिलाध्यक्ष सुशील श्रीवास्तव, संगठन मंत्री बलराम जी, प्रदेश उपाध्यक्ष रवि शंकर प्रसाद सिन्हा, मीडिया सेल के प्रदेश महासचिव मुकेश महान, युवा प्रकोष्ठ के प्रभारी राजेश सिन्हा संजू, युवा प्रकोष्ठ के कार्यवाहक अध्यक्ष सुशांत सिन्हा, सागर कुमार सिन्हा, आलोक कुमार, शैलेश कुमार, जितेन्द्र राज, अश्विनी कुमार, अनंत सहाय, रिकेश श्रीवास्तव, राज निरंजन कुमार, पंकज पाली, प्रसून श्रीवास्तव, समेत कई अन्य लोग उपस्थित थे।
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चित्रांश चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज कायस्थ समुदाय के आर्थिक विकास और उद्धार हेतु कृतसंकल्पित हैं : राजीव रंजन प्रसाद

Posted: 21 Feb 2022 05:11 AM PST

चित्रांश चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज कायस्थ समुदाय के आर्थिक विकास और उद्धार हेतु कृतसंकल्पित हैं : राजीव रंजन प्रसाद

संवाददाता जितेन्द्र कुमार सिन्हा की खबर 
जीकेसी (ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस) के चित्रांश चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने कायस्थों के आर्थिक विकास और उद्धार के लिए अनेक परियोजनाओं का शुभारंभ करेगी। उक्त जानकारी देते हुए चित्रांश चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के राष्ट्रीय अध्यक्ष नवीन कुमार ने बताया कि चित्रांश नेटवर्क इंटरनेशनल परियोजना के अन्तर्गत इसके सदस्य बनकर लोग लाभान्वित हो सकते हैं और अपने द्वारा सदस्यता बढ़ा कर धनार्जन भी कर सकते है।
उन्होंने वैश्विक चित्रांश व्यापारिक संघ की घोषणा करते हुए समस्त कायस्थ व्यापारियों से सदस्य बनने का आह्वान भी किया। साथ ही उन्होंने कायस्थ रोजगार मंच और माइक्रो फाइनेंस कम्पनी भी शुरु करने की घोषणा की।
ग्लोबल अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद ने चित्रांश चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के सभी पदाधिकारियों को परियोजनाओं के शुभारंभ करने के लिए बधाई दिया और कायस्थ समुदाय को आश्वस्त किया कि चित्रांश चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज कायस्थ समुदाय के आर्थिक विकास और उद्धार हेतु कृतसंकल्पित हैं।
प्रबंध न्यासी रागिनी रंजन ने चित्रांश चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के सभी पदाधिकारियों और सदस्यों को परियोजनाओं को जमीनी स्तर पर उतारने के लिए बधाई दी।
उक्त अवसर पर आयोजित बैठक में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आलोक अविरल, महाराष्ट्र प्रदेश के महासचिव रवि प्रकाश, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजेश श्रीवास्तव ने भी अपने-अपने सुझावों से अवगत कराया।
बैठक में ग्लोबल महासचिव अनुराग सक्सेना, राष्ट्रीय संगठन मंत्री शुभ्रांशु श्रीवास्तव, दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष ई० सुनील कुमार, चित्रांश चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के राष्ट्रीय महासचिव संदीप राज, दिल्ली प्रदेश महासचिव राजीव कांत , मीडिया-कला संस्कृति प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रेम कुमार, बिहार की प्रदेश अध्यक्ष डा. नम्रता आनंद सहित अनेक पदाधिकारिगण एवं सदस्यों ने भी अपने विचारों से अवगत कराते हुए अपना सहयोग देने का आश्वासन दिया।
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मुगलकालीन सड़क बंद कर दी गयी

Posted: 21 Feb 2022 05:07 AM PST

मुगलकालीन सड़क बंद कर दी गयी

नोएडा। ग्रेटर नोएडा से होकर गुजरने वाली सड़क को आज बंद कर दिया जाएगा। लोगों का दावा है कि यह मुगलकालीन सड़क है। इस सड़क को जेवर, झाजर और सिकंदराबाद रोड भी कहा जाता है। लेकिन जेवर एयरपोर्ट के चलते इस सड़क को बंद किया जा रहा है। वजह है सड़क का 4 किमी का हिस्सा जेवर एयरपोर्ट के निर्माण क्षेत्र में आ रहा है। सड़क बंद होने से 20 गांवों समेत बाहर से आने वाले वाहनों का जेवर से संपर्क टूट जाएगा। हालांकि संबंधित विभागों ने वैकल्पिक रोड की तलाश कर ली है। नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया सड़क बनवाने का काम करेगी। हालांकि सड़क बंद करने की मुनादी दिसम्बर 2021 में ही पिटवा दी गई थी। दूर-दूर तक सड़क बंद होने के बोर्ड भी लगवा दिए गए हैं। मुगलकालीन सड़क को अब जेवर-बुलंदशहर हाइवे के नाम से जाना जाता है जिसे 21 फरवरी से बंद कर दिया गया है। इस दौरान हरियाणा और राजस्थान की ओर से बुलंदशहर, सिकंदराबाद आने-जाने वाले वाहन चालक और झाजर से जेवर तक इस हाइवे पर पड़ने वाले कलुपूरा, जौनचाना, आकलपुर, बीरमपुर, मुढरह, रन्हेरा, कुरैब आदि गांव के लोगों को भी हाइवे बंद होने की परेशानी उठानी पड़ेगी। वहीं इन गांवों का जेवर से सीधा संपर्क भी खत्म हो जाएगा। जेवर-बुलंदशहर हाइवे में पड़ने वाले अलीगढ़ के हामिदपुर से जेवर, ककोड़ के करीब 4 किमी हिस्से को 21 फरवरी को बंद कर दिया जाएगा। पहले हाइवे का यह हिस्सा नवंबर-दिसम्बर को बंद होना था। लेकिन जेवर एयरपोर्ट के शिलान्यास कार्यक्रम के चलते ऐसा नहीं किया गया था। कार्यक्रम में पीएम नरेन्द्र मोदी, यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने हिस्सा लिया था। कार्यक्रम में आने वाली भीड़ के चलते रोड को बंद नहीं किया गया था। जानकारों की मानें तो 21 फरवरी से सभी तरह के वाहनों को जेवर की तरफ से साबौता कट और बुलंदशहर की तरफ से झाजर में ही रोक दिया गया। यहां से वाहनों को जेवर से जहांगीरपुर, झाजर और खुर्जा होते हुए बुलंदशहर-सिकंदराबाद और मेरठ की तरफ निकाला जाएगा। इस दौरान वाहन जाम में न फंसें इसके लिए ट्रैफिक पुलिस की मदद ली जा रही है।
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केरल में सीपीएम कार्यकर्ता की हत्या

Posted: 21 Feb 2022 05:04 AM PST

केरल में सीपीएम कार्यकर्ता की हत्या

  • राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ व भाजपा पर हत्या का आरोप
कन्नूर (केरल)। केरल के कन्नूर जिले में रविवार देर रात माक्र्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) के एक कार्यकर्ता की कथित तौर पर हत्या कर दी गई। पुलिस ने बताया कि पेशे से मछुआरे हरिदासन पर रविवार 20 फरवरी को देर रात करीब डेढ़ बजे हमलावरों ने न्यू माहे के निकट पुन्नोल में उसके घर के सामने तब हमला किया जब वह काम से लौट रहा था। पुलिस ने बताया कि 54 वर्षीय पीड़ित को पड़ोसी तलास्सेरी के अस्पताल ले गए लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया।
पुलिस ने यह भी बताया कि पुन्नोल इलाके में करीब एक सप्ताह पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और सीपीएम कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई थी। सीपीएम ने आरोप लगाया है कि उसके कार्यकर्ता की राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस))-भाजपा के लोगों ने हत्या की है। हालांकि, भाजपा ने इन आरोपों से इनकार किया है। माकपा ने आरोप लगाया कि हरिदासन पर ''आरएसएस कार्यकर्ताओं ने बर्बर हमला किया और उस पर धारदार हथियार से कई बार वार किए और उसका एक पैर काट दिया ताकि उसकी मौत सुनिश्चित हो सके। हालांकि, आरएसएस ने इस आरोप पर प्रतिक्रिया नहीं दी है। माकपा ने हत्या के विरोध में तलास्सेरी नगर पालिका और न्यू माहे पंचायत में 21 फरवरी को हड़ताल आ आह्वान किया।
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मणिपुर के एक प्रत्याशी के पास नहीं है सम्पत्ति

Posted: 21 Feb 2022 04:58 AM PST

मणिपुर के एक प्रत्याशी के पास नहीं है सम्पत्ति

  • सबसे युवा प्रत्याशी हैं निंगथौजम
  • चुनाव आयोग को सौंपे हलफनामें में सम्पत्ति बतायी शून्य

गुवाहाटी। मणिपुर में 26 साल के निंगथौजम पोपिलाल सिंह विधानसभा चुनाव के सेकमाई सीट से चुनाव लड़ने वाले सबसे कम उम्र के उम्मीदवार हैं। मणिपुर में सेकमाई सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित अकेली सीट है। कांग्रेस का टिकट नहीं मिलने के बाद सिंह राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी यानी राकांपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। चुनाव आयोग को सौंपे हलफनामे में उन्होंने अपनी संपत्ति शून्य बताई है।

मणिपुर चुनाव के पहले चरण में 173 उम्मीदवारों में से 91 करोड़पति थे। मणिपुर में टिकट पाने के लिए अमीर होना पहली जरूरत की तरह है, लेकिन सिंह इसके अपवाद हैं। सेकमाई में सिंह को कड़ा मुकाबला मिल रहा है। इस जगह को स्थानीय मादक पेय पदार्थ के लिए जाना जाता है। सिंह के साथ ही सात उम्मीदवार मैदान में हैं। अंगम आशाकिरन कहते हैं, वह एक युवा है जो समुदाय के लिए काम करता है। भविष्य की पीढ़ी के लिए उसका एजेंडा मुझे बहुत प्रभावित करता है, इसलिए मैं उसका समर्थन करता हूं। साथ ही उन्होंने जोड़ा कि सिंह चाहें जीतें या हारें वह निश्चित रूप से युवाओं को राजनीति में आने के लिए प्रेरित करेंगे। मणिपुर में सत्तारूढ़ भाजपा, मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के नेतृत्व में एक और कार्यकाल जीतने की कोशिश कर रही है। मणिपुर में कांग्रेस सहित सभी राजनीतिक दलों के लिए सशस्त्र बल (विशेष अधिकार) अधिनियम, या अफस्पा को हटाना एक बड़ा मुद्दा है। मतदान 28 फरवरी को होना है। दूसरे चरण का मतदान 5 मार्च को होगा।
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शिवपाल यादव को प्रचार के लिए मिला हेलिकाप्टर

Posted: 21 Feb 2022 04:54 AM PST

शिवपाल यादव को प्रचार के लिए मिला हेलिकाप्टर

  • सीट न मिलने पर भाजपा ने उड़ाया था मजाक
लखनऊ। प्रचार के दौरान शिवपाल यादव को बैठने के लिए सीट न मिलने पर भाजपा नेताओं ने व्यंग्य किया था, अब समाजवादी पार्टी ने शिवपाल यादव को स्टार प्रचारक बनाकर उन्हें हेलिकाप्टर की सुविधा दी है।
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए समाजवादी पार्टी ने स्टार प्रचारकों की लिस्ट में प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के नेता शिवपाल सिंह यादव को भी शामिल किया है। इसके अलावा सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव, अखिलेश यादव, डिंपल यादव और स्वामी प्रसाद मौर्य भी स्टार प्रचारकों की लिस्ट में शामिल हैं। बताया जा रहा है कि समाजवादी पार्टी शिवपाल के लिए अलग से हेलीकॉप्टर का इंतजाम कर रही है जिसके जरिए से उत्तर प्रदेश में बाकी बचे चार चरणों के चुनाव में वह तेजी से प्रचार कर सकें। समाजवादी पार्टी का मानना है कि संगठन को लेकर जो जानकारी शिवपाल सिंह यादव के पास है, उसका सही इस्तेमाल होना चाहिए। इससे पहले प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के नेता शिवपाल सिंह यादव ने सपा संरक्षक और बड़े भाई मुलायम सिंह यादव से मुलाकात की। बताया जा रहा है कि शिवपाल यादव वोटिंग से पहले मुलायम का आशीर्वाद लेने पहुंचे थे। तीसरे चरण की वोटिंग के दौरान सैफई के अभिनव स्कूल स्थित मतदान केंद्र पर एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप करने वाले चाचा-भतीजे भाई-भाई गले मिलते हुए दिखाई दिए। रामगोपाल के सामने शिवपाल पहुंचे तो शिवपाल ने उनके पैर छूकर आशीर्वाद भी लिया। पैर छूने के बाद शिवपाल और रामगोपाल दोनों काफी देर तक मीडिया के कैमरों पर फोटो खिंचवाते रहे। मीडिया से बात करते हुए रामगोपाल ने शिवपाल सिंह को आशीर्वाद देने की बात कही है। वहीं शिवपाल ने कहा कि प्रो. रामगोपाल यादव मेरे बड़े भाई हैं। मैंने उनसे आशीर्वाद ले लिया है। नेता जी से कल आशीर्वाद ले चुका हूं। मतदान केंद्र के बाहर शिवपाल और रामगोपाल के इस मिलन को देखकर सैफई गांव के लोग और देश भर की जुटी मीडिया भी हैरत में पड़ गई। रामगोपाल यादव अपनी गाड़ी की ओर चलने के लिए बढ़े तो शिवपाल के बेटे आदित्य उनको गाड़ी तक छोड़ने के लिए गए।
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चुनाव ड्यूटी में पुलिसकर्मियों को ले जा रही बस दुर्घटनाग्रस्त

Posted: 21 Feb 2022 04:51 AM PST

चुनाव ड्यूटी में पुलिसकर्मियों को ले जा रही बस दुर्घटनाग्रस्त

  • कानपुर के पास हुआ हादसा
  • 26 पुलिसकर्मी घायल

लखनऊ। चुनाव ड्यूटी में पुलिस को ले जा रही बस दुर्घटनाग्रस्त हो गयी। हादसे में 26 घायल हो गये। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के चैथे चरण का मतदान 23 फरवरी को होगा।
कानपुर में चुनाव ड्यूटी में जा रही पुलिसकर्मियों की बस तेज रफ्तार अनियंत्रित ट्रक से भिड़ गई। हादसे में बस पलट गई। वहीं 3 के हाथ पैर टूट गए और 26 घायल हैं। सभी घायल पुलिसकर्मियों का हैलेट अस्पताल में इलाज चल रहा है। हादसा कानपुर के नौबस्ता बाईपास हाईवे पर हुआ है। यह सभी पुलिसकर्मी फिरोजाबाद में तीसरे चरण का मतदान कराने के बाद चैथे चरण का चुनाव कराने के लिए उन्नाव जा रहे थे। हादसा इतना भीषण था कि बस के परखच्चे उड़ गए। उत्तर प्रदेश में तीसरे फेज का चुनाव खत्म होने के बाद अब चैथा फेज शुरू होने वाला है। इस चरण में अयोध्या समेत अवध की कुछ सीटें बेहद अहम मानी जा रहीं है, जहां से कई दिग्गज मैदान में है। चैथे चरण में 9 जिलों की 60 सीटों पर 23 फरवरी को मतदान होना है। इस चरण में कुल 624 उम्मीदवार मैदान में हैं। सभी राजनीतिक दल और जनता चैथे चरण की वोटिंग के लिए तैयारियां कर रही हैं। इसमें लखनऊ सहित 9 जिलों में 23 फरवरी को वोटिंग होगी। पिछले चुनाव में बीजेपी ने इस इलाके से बड़ी बाजी मारी थी। चैथे चरण के मतदान में उम्मीदवारों के साथ-साथ केंद्र सरकार के कई मंत्रियों की भी परीक्षा होगी।
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केरल में फिर राजनीतिक हत्या!

Posted: 21 Feb 2022 04:45 AM PST

केरल में फिर राजनीतिक हत्या!

(अशोक त्रिपाठी-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा)

  • राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ व भाजपा पर हत्या का आरोप

कन्नूर (केरल)। केरल के कन्नूर जिले में रविवार देर रात माक्र्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) के एक कार्यकर्ता की कथित तौर पर हत्या कर दी गई। पुलिस ने बताया कि पेशे से मछुआरे हरिदासन पर रविवार 20 फरवरी को देर रात करीब डेढ़ बजे हमलावरों ने न्यू माहे के निकट पुन्नोल में उसके घर के सामने तब हमला किया जब वह काम से लौट रहा था। पुलिस ने बताया कि 54 वर्षीय पीड़ित को पड़ोसी तलास्सेरी के अस्पताल ले गए लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया।
पुलिस ने यह भी बताया कि पुन्नोल इलाके में करीब एक सप्ताह पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और सीपीएम कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई थी। सीपीएम ने आरोप लगाया है कि उसके कार्यकर्ता की राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस))-भाजपा के लोगों ने हत्या की है। हालांकि, भाजपा ने इन आरोपों से इनकार किया है।
माकपा ने आरोप लगाया कि हरिदासन पर ''आरएसएस कार्यकर्ताओं ने बर्बर हमला किया और उस पर धारदार हथियार से कई बार वार किए और उसका एक पैर काट दिया ताकि उसकी मौत सुनिश्चित हो सके। हालांकि, आरएसएस ने इस आरोप पर प्रतिक्रिया नहीं दी है। माकपा ने हत्या के विरोध में तलास्सेरी नगर पालिका और न्यू माहे पंचायत में 21 फरवरी को हड़ताल आ आह्वान किया।
केरल में राजनीतिक हिंसा गंभीर समस्या बन गयी है। यहां के जाने-माने नेता पी. जयराजन की हथेली का वो हिस्सा खाली है, जहां पहले कभी उनका अंगूठा हुआ करता था। उनका अंगूठा पिछले चुनाव अभियान में हुई हिंसा में काट डाला गया था। मुझे मेरी पत्नी और परिवार के सामने मारना चाहते थे लेकिन मैं बच निकला। केरल में चुनावी माहौल में होने वाली हिंसा यहां सक्रिय राजनेताओं के लिए आम बात है। जयराजन कहते हैं, मैंने अपना अंगूठा खो दिया और मेरी बांह भी काट दी गई। बाद में बांह तो जुड़ गई लेकिन अब इस हिस्से में कुछ महसूस नहीं होता। राज्य में होने वाली चुनावी हिंसा के वह इकलौते पीड़ित नहीं है, बल्कि पिछले दो दशकों के दौरान केरल में दर्जनों लोग मौत के घाट उतारे गए हैं। जयराजन पर दो दशक पहले भी हमला हुआ था, हालांकि विरोधी दल जयराजन पर भी इस तरह के हमले भड़काने का आरोप लगाते रहे हैं। जयराजन ऐसे सभी आरोपों को खारिज करते हैं।
पिछले साल फरवरी में मतदान की तारीखों के घोषित होने के बाद, विपक्षी दल कांग्रेस के दो कार्यकर्ताओं की हत्या कर दी गई। कांग्रेस और वाम दलों के कार्यकर्ताओं के बीच प्रदेश में संघर्ष लंबे वक्त से चला आ रहा है। वाम दलों के सामने सिर्फ कांग्रेस से ही निपटने की ही चुनौती नहीं है, बल्कि उनके सामने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) भी अपनी जमीन पसार रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि जब से केरल में बीजेपी और आरएसएस और सक्रिय हुए हैं तब से बदले की राजनीति तेज हो गई है। उन्होंने कहा कि ऐसा रक्तपात केरल पर बड़ा धब्बा है। माना जाता है कि हिंसा सबसे पहले कांग्रेस पार्टी ने शुरू की थी। कांग्रेस ने विरोधी खेमों के आंदोलनों को दबाने के लिए वही रणनीति अपनाई, जो स्वतंत्रता के पहले ब्रिटिश शासन अपनाता था। इस के जवाब में कम्युनिस्ट भी उग्र हो गए। अब यह विरोधी विचारधाराओं के लिए वर्चस्व स्थापित करने का मुद्दा बन गया है। वर्चस्व की इस लड़ाई के चलते अब गांव के गांव किसी एक दल के वफादार बन गए हैं और आपसी प्रतिद्वंदियों के बीच लड़ाई-झगड़ा, मारधाड़ भी आम हो बात हो गई है। इतना ही नहीं, यहां होने वाली आपसी लड़ाई का भी हर पक्ष हिसाब किताब रखता है, जो बताता है कि कब कौन जीता और कौन हारा। राजनीतिक दुश्मनी के चलते मारे गए लोगों के लिए गांवों में स्मारक भी बने हुए हैं। कम्युनिस्ट नेता एएन शमशीर कहते हैं, मेरे जिले में हमारी पार्टी के 93 कार्यकर्ता शहीद हो चुके हैं। वहीं आरएसएस के स्थानीय कार्यालय की एक दीवार मारे गए कार्यकर्ताओं का हिसाब लिखा है। इस दीवार पर कई कार्यकर्ताओं की तस्वीरें लटकी हुई हैं।
बीते साल दिसम्बर में एसडीपीआई नेता केएस शान की सड़क पर हत्या की गई। 38 वर्षीय शान अपने घर जा रहे थे तभी रास्ते में एक गाड़ी ने उनकी मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। फिर उसी गाड़ी में से चार लोग उतरे, शान पर चाकू से कई बार वार किया और उसी गाड़ी में सवार होकर वहां से भाग गए। शान ने बाद में अस्पताल में दम तोड़ दिया। अगली सुबह कुछ लोगों ने राज्य में बीजेपी के ओबीसी मोर्चा के सचिव रंजीत श्रीनिवासन के घर में घुस कर उनकी मां, उनकी पत्नी और उनकी बेटी के सामने उनकी हत्या कर दी। पुलिस ने दोनों हत्याओं की जांच कर करीब 50 लोगों को हिरासत में ले लिया था, जिनमें से अधिकांश बीजेपी, आरएसएस और एसडीपीआई के कार्यकर्ता थे। केरल में बीजेपी के अध्यक्ष के सुरेंद्रन ने सीधे सीधे श्रीनिवासन की हत्या का आरोप पॉप्युलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) पर लगाया। एसडीपीआई पीएफआई का ही राजनीतिक संगठन है। साथ ही सुरेंद्रन ने शान की हत्या के पीछे आरएसएस और बीजेपी की कोई भी भूमिका होने से इनकार किया है। एसडीपीआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष एमके फैजी ने शान की हत्या का आरोप आरएसएस पर लगाया था। केरल में इस तरह की राजनीतिक हत्याओं का एक लंबा इतिहास है। एक रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 15 सालों में राज्य में 125 राजनीतिक हत्याएं हुई हैं, जिनमें लगभग बराबर की संख्या में आरएसएस और सीपीएम के कार्यकर्ता मारे गए हैं। आज तक इन हत्याओं की संस्थागत रूप से न जांच हो पाई है और न किसी को सजा दी गई है। 2009 में एसडीपीआई की स्थापना के बाद इस पार्टी के कार्यकर्ता भी इस हिंसा की जद में आने लगे। बाद में उन पर भी इस हिंसा में शामिल होने के आरोप लगने लगे। सन् 2014 में केरल सरकार ने केरल हाई कोर्ट को एक हलफनामे में बताया था कि पीएफआई और उससे जुड़े एक और संगठन एनडीएफ के कार्यकर्ताओं को 27 हत्याओं, 86 हत्या की कोशिश के मामलों और सांप्रदायिक हिंसा के 106 दूसरे मामलों में शामिल पाया गया। (हिफी)
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संघ के समर्पित सेवक संजय जोशी

Posted: 21 Feb 2022 04:32 AM PST

संघ के समर्पित सेवक संजय जोशी

(मनीषा स्वामी कपूर-हिन्दुुस्तान समाचार फीचर सेवा)

  • बेजोड़ संगठन क्षमता के मालिक हैं संजय जोशी
  • कार्यकर्ता उनसे खुलकर कहते हैं अपनी बात
  • समस्याओं को सुलझाने का उनका अपना है तरीका
  • कभी नहीं आया पद का अभिमान

संघ अर्थात् राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की दीक्षा को पूर्णरूप से आत्मसात करने वाले भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) संजय विनायक जोशी की संगठन क्षमता बेजोड़ है। यह भी सच है कि उनका जीवन संघर्षमय रहा है। संजय जोशी का मानना है कि पहली और सबसे बड़ी जीत खुद पर विश्वास रखना है। वे कहते हैं मन को स्वस्थ रखो, तन खुद स्वस्थ हो जाएगा। नेता जी सुभाष चंद्र बोस की यह सीख उन्हंे अच्छी लगती है कि 'याद रखें- अन्याय सहना और गलत के साथ समझौता करना सबसे बड़ा अपराध है। लाला लाजपत राय की यह बात भी वह अक्सर दोहराया करते हैं कि 'नेता वह है जिसका नेतृत्व प्रभावशाली हो, जो अपने अनुयायियों से सदैव आगे रहता हो, जो साहसी और निर्भीक हो। इन दिनों देश के पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव हो रहे हैं, ऐसे में संजय जोशी की मतदाताओं को सलाह है कि मतदाता और उसका मत ही भारतीय लोकतंत्र या किसी भी स्वस्थ लोकतंत्र का मूल आधार होता है। संघ के कार्यकर्ताओं से भी वे यही कहते रहते हैं कि राष्ट्र निर्माण में जैसे हर व्यक्ति का योगदान जरूरी है, संगठन को मजबूत करने में वैसे ही हर कार्यकर्ता का योगदान जरूरी है। वह कहते हैं कि संतोष सबसे बड़ा धन है और स्वास्थ्य सर्वोत्तम उपहार है। संजय जोशी ने अपने जीवन में मदन मोहन मालवीय जी का यह जीवन मंत्र अपनाया है कि 'जो इंसान अपने स्वयं की निंदा सुन लेता है, वह सारे विश्व पर विजय प्राप्त कर लेता है।

अभी गत वर्ष 13 दिसम्बर को संजय जोशी प्रयागराज आये थे। उनका यह निजी दौरा था लेकिन भाजपा के भीतर की सियासत गरमा गयी थी। उन्हांेने भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ वार्ता की थी। इससे पूर्व प्रयागराज एक्सप्रेस से आगमन पर कार्यकर्ताओं ने संजय जोशी का जोरदार स्वागत किया था। वह हंडिया में आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम में शामिल हुए और वहीं से सुल्तानपुर के लिए रवाना हो गये थे। संजय जोशी ने केन्द्र और प्रदेश सरकार के कार्यों की तारीफ की तथा विधानसभा चुनाव में भाजपा की दुबारा जीत का दावा किया था।

सन् 1988 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से गुजरात की भाजपा इकाई में आए संजय जोशी ने भाजपा के कार्यकर्ताओं के बीच आत्मीयता का बंधन बांधा जो अब तक कायम है। वे भाजपा के एक ऐसे नेता हैं जो अपने मन की बात किसी को नहीं बताते लेकिन बिना किसी लोभ या लालच के निःस्वार्थ भाव से कार्यकर्ता के मन की बात को सुनना चाहते हैं। इतना ही नहीं, कार्यकर्ता के मन की बात को अधिकारियों तक पहुंचाते भी हैं। कार्यकर्ता का काम किस माध्यम से हो सकता है, इसका मार्गदर्शन भी वे करते हैं। आज के समय में नेता अपनी कुर्सी को बचाने के लिए ही सारे प्रयास करते रहते हैं, तब संजय जोशी जैसे नेता की याद आना स्वाभाविक है।

यह बिडम्बना ही कही जाएगी कि आज के नेता न तो कार्यकर्ताओं से मिलते हैं और न उनके बारे में सोचते हैं। इस प्रकार कार्यकर्ता अपने को असहाय समझने लगता है। कई कार्यकर्ताओं को यह कहते सुना गया कि कार्यकर्ताओं के मन की बात आपके अलावा कोई नहीं सुनता। संजय जोशी उसकी बात शांतिपूर्वक सुनते हैं। इससे कार्यकर्ताओं का मन हल्का भी हो जाता है और लगता है कि संगठन में कोई तो ऐसा है जो उनके दर्द को सुन रहा है। दुख बांटने से कम होता है। संजय जोशी जानते हैं कि अगर कार्यकर्ताओं के मन की बात नहीं सुनी गयी तो आने वाले समय में संगठन को बहुत बड़ा नुकसान भी हो सकता है।

कहा जा सकता है कि संजय जोशी भाजपा कार्यकर्ताओं के हृदय की धड़कन हैं। अगर कार्यकर्ता से कभी कोई गलती भी हो जाए तो वे बहुत ही प्यार से समझाते हैं। गलतियों को एहसास कराने का उनका तरीका भी अलग है। बताते हैं कि एक बार संजय जोशी चेन्नई से दिल्ली विमान से आने वाले थे। विमान सबेरे ही आने वाला था और जिन कार्यकर्ताओं को हवाई अड्डे पर उन्हंे रिसीव करने का दायित्व सौंपा गया था, वे सो गये और समय पर नहीं पंहुंच पाये। संजय जोशी का विमान आ गया और वहां कार्यकर्ताओं को न देखकर वे टैक्सी करके कार्यालय आ गये। कार्यकर्ताओं को बाद में उन्हांेने घड़ी दिलवाई ताकि वे समय का पालन ठीक से कर सकें। इस तरह की कई बातें कार्यकर्ता उनके बारे में बताया करते हैं।

संजय जोशी अपने कार्यकर्ताओं को बहुत ज्यादा स्नेह करते हैं। मिलते समय हर कार्यकर्ता को वे उसके नाम से बुलाते हैं। इससे कार्यकर्ता को लगता है कि इतना बड़ा नेता संजय जोशी मुझे व्यक्तिगत रूप से जानता है। इससे कार्यकर्ताओं में गर्व की अनुभूति होती है। संजय जोशी कार्यकर्ताओं से उनकी कुशल क्षेम के साथ घर-परिवार के बारे में भी पूछना नहीं भूलते। इससे कार्यकर्ता आत्मीयता महसूस करते हैं। कार्यकर्ताओं से जब नेता का इस तरह से लगाव हो जाता है, तभी वह बिना किसी झिझक के सही जानकारी देता है। संजय जोशी को देश के हर कोने की इसीलिए सटीक जानकारी रहती है। आमतौर पर देखा गया है कि कार्यकर्ता जब किसी नेता से मिलने जाते हैं, तब खुलकर संवाद नहीं कर पाते। एक झिझक जैसी रहती है। वे सोचते हैं कि पता नहीं कौन सी बात नेता को अच्छी न लगे। इसलिए नेता को सही जानकारी नहीं मिल पाती है। सही जानकारी न होने से नेता कभी-कभी गलत फैसला भी कर देता है जबकि संजय जोशी के पास सटीक जानकारी रहती है और कार्यकर्ताओं का भी मनोबल बढ़ता है। संजय जोशी को यह गुण राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से मिला है। वे संघ के ऐसे स्वयंसेवक है, जो अपने नाम से नहीं अपने काम से पहचाने जाते हैं। हर मौसम और हर परिस्थिति में एक सच्चे स्वयंसेवक के रूप में कार्य करते रहते हैं। आज के समय में ज्यादातर लोग अपने अधिकार के बारे में सोचते रहते हैं लेकिन संगठन के बारे में उनके कत्र्तव्य क्या है, संजय जोशी इसी को प्राथमिकता देते हैं। भारतीय जनता पार्टी के सर्वोच्च पद राष्ट्रीय महासचिव संगठन पद पर रहते हुए भी संजय जोशी में अभिमान नाम की कोई चीज नहीं रही। उन्हांेने वीआईपी कल्चर को कभी फटकने नहीं दिया। भेदभाव से हमेशा वह दूर रहे हैं। इसीलिए संगठन का एक दूसरा नाम संजय जोशी कहा जाता है। (हिफी)
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पाक में सरकारी स्थानों की आलोचना पर सजा

Posted: 21 Feb 2022 04:27 AM PST

पाक में सरकारी स्थानों की आलोचना पर सजा

इस्लामाबाद। पाकिस्तान में इमरान खान सरकार ने चैतरफा आलोचना के बीच विरोधी स्वरों को दबाने के लिए कड़ा कदम उठाया है। पाकिस्तान की कैबिनेट ने शनिवार को एक प्रस्ताव पारित किया, जिसके तहत टीवी चैनलों पर सेना, न्यायपालिका जैसे सरकारी संस्थानों की आलोचना करने पर 5 साल की सजा दी जाएगी। पाकिस्तान सरकार इलेक्ट्रानिक क्राइम्स प्रिवेंशन ऐक्ट में बदलाव के लिए अध्यादेश लेकर आई है। राष्ट्रपति की मंजूरी मिलते ही यह कानून बन जाएगा। द न्यूज इंटरनेशनल ने ये जानकारी दी है।
सूत्रों ने जियो न्यूज को बताया है कि पाकिस्तान कैबिनेट ने चुनाव आयोग की आचार संहिता के नियमों में बदलाव का फैसला किया है। इसके तहत मंत्री और सांसद चुनाव के दौरान अपने पसंदीदा उम्मीदवारों का देश भर में प्रचार कर पाएंगे। सूत्रों का कहना है कि सभी दलों ने आयोग की आचारसंहिता को लेकर विरोध जताया था। इस कारण सरकार अध्यादेश के जरिये इसमें बदलाव लेकर आई है। पाकिस्तान मुस्लिम लीग नवाज के नेता इरफान सिद्दीकी ने कहा कि आलोचना को दबाने के साथ अभिव्यक्ति की आजादी को दबाने का प्रयास किया जा रहा है
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