प्राइमरी का मास्टर ● इन |
- सेना भर्ती की योग्यता सूची से संस्कृत विवि बाहर
- हाईकोर्ट - शिक्षा अधिनियम के विपरीत जाकर स्कूल प्रबंधन शिक्षकों की नहीं कर सकता तैनाती
- पॉलीटेक्निक संस्थानों को अब मिलेगी रैंकिंग, प्रवेश और प्लेसमेंट का स्तर सुधारने की कवायद
- जालौन : वर्तमान आयकर आंगणन में NPS के अंतर्गत नियोक्ता अंशदान 14% जोडकर 14% ही घटाए जाने का लेखाधिकारी का आदेश
| सेना भर्ती की योग्यता सूची से संस्कृत विवि बाहर Posted: 02 Feb 2022 06:01 PM PST सेना भर्ती की योग्यता सूची से संस्कृत विवि बाहर मध्यमा स्तर का नाम भी गायब, कुलपति ने लिखा पत्र देश के 18 संस्कृत विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की बुलाई बैठक वाराणसी : धर्म गुरु पद के लिए भारतीय सेना संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय की शास्त्री की डिग्री को स्नातक के समकक्ष नहीं मान रही है। सेना भर्ती महानिदेशालय बी (ए) की ओर से जारी योग्यता निर्धारण की सूची से देश के सभी संस्कृत विश्वविद्यालयों के छात्रों को बाहर कर दिया है। प्रकरण को कुलपति प्रो. हरेराम त्रिपाठी ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने बुधवार को जूम एप पर देश के 18 संस्कृत विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की आनलाइन बैठक बुलाई थी। इस दौरान कुलपति ने कहा कि रक्षा मंत्रलय की ओर से जारी योग्यता सूची में बेंगलुरु, चेन्नई, दानापुर, जबलपुर, जयपुर, कोलकाता, लखनऊ, पुणो, शिलांग, नेपाल, दिल्ली सहित अन्य जोनों के माध्यमिक विद्यालयों के नाम हैं। वहीं, संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के मध्यमा स्तर का नाम गोल है, जबकि विश्वविद्यालय उत्तर प्रदेश को छोड़कर देश के अन्य राज्यों में अब भी मध्यमा स्तर की परीक्षा कराता है। हाईस्कूल का सर्टिफिकेट पूर्व मध्यमा व इंटर का उत्तर मध्यमा के नाम पर अंकपत्र व प्रमाणपत्र जारी किया जाता है। बताया बुधवार को इस आशय का (भर्ती बोर्ड) सेना के महानिदेशक को एक पत्र प्रेषित किया जा रहा है जिससे कि सेना द्वारा अपने अध्यादेश मे संशोधन कर सभी संस्कृत विश्वविद्यालयों सहित काशी हंिदूू विश्वविद्यालय, वाराणसी के विद्या धर्म दर्शन संकाय की शास्त्री उपाधि को भी विज्ञापन मे शामिल किया जाए। इसे देखते हुए सेना के महानिदेशक को एक पत्र भेजा गया है। |
| हाईकोर्ट - शिक्षा अधिनियम के विपरीत जाकर स्कूल प्रबंधन शिक्षकों की नहीं कर सकता तैनाती Posted: 02 Feb 2022 05:52 PM PST हाईकोर्ट - शिक्षा अधिनियम के विपरीत जाकर स्कूल प्रबंधन शिक्षकों की नहीं कर सकता तैनाती इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि शिक्षा अधिनियम के विपरीत जाकर स्कूल प्रबंधन को शिक्षकों की नियुक्ति का अधिकार नहीं है। कोर्ट ने कहा है कि भर्ती का अधिकार जिला विद्यालय निरीक्षक के पास है। स्कूल प्रबंधन शिक्षकों की नियुक्ति जिला विद्यालय निरीक्षक के जरिए ही कर सकेगा। यह आदेश न्यायमूर्ति सूर्य प्रकाश केसरवानी और न्यायमूर्ति जयंत बनर्जी की खंडपीठ ने कृष्ण मोहन तिवारी की याचिका को खारिज करते हुए दिया है। कोर्ट ने अपने आदेश में संतोष कुमार सिंह के केस का हवाला दिया है। कहा कि इस तरह के मामले में सर्वोच्च अदालत की पूर्ण खंडपीठ ने पहले ही स्पष्ट आदेश पारित कर दिया है। मामले में 30 जून 1998 को लेक्चरर जय नारायण विश्वकर्मा के सेवानिवृत्ति होने के बाद पद रिक्त हो गया था। स्कूल प्रबंधन ने यूपी सेकेंड्री एजुकेशन सेलेक्शन बोर्ड के अधिनियमों का पालन किए बिना विज्ञापन निकालकर रिक्त पद पर याची की नियुक्ति कर ली। जबकि, स्कूल प्रबंधन को विज्ञापन निकालने और भर्ती करने का अधिकार नहीं है। यह अधिकार जिला विद्यालय निरीक्षक को है। मामले में याची ने पहले एकलपीठ के समक्ष मामला उठाया था। इसमें याची ने जिला विद्यालय निरीक्षक प्रयागराज के नियुक्ति रद्द किए जाने के आदेश को चुनौती दी थी। लेकिन, एकल पीठ ने यूपी सेकेंड्री एजुकेशन सेलेक्शन बोर्ड एक्ट 1982 और यूपी इंटरमीडिएट एजुकेशन एक्ट 1921 के नियमों का हवाला देते हुए याचिका खारिज कर दी थी। इस पर याची ने विशेष अपील दायर कर एकल पीठ के आदेश को चुनौती दी थी लेकिन दो जजों की खंडपीठ ने याचिका खारिज कर दी। |
| पॉलीटेक्निक संस्थानों को अब मिलेगी रैंकिंग, प्रवेश और प्लेसमेंट का स्तर सुधारने की कवायद Posted: 02 Feb 2022 05:20 PM PST पॉलीटेक्निक संस्थानों को अब मिलेगी रैंकिंग ● कुल 1440 पॉलीटेक्निक प्रदेश में संचालित होते हैं ● प्रवेश और प्लेसमेंट का स्तर सुधारने की कवायद लखनऊ : प्रदेश भर के राजकीय पॉलीटेक्निक संस्थान भी अब नम्बर एक, दो और तीन जैसी रैंकिंग प्राप्त कर सकेंगे। पॉलीटेक्निक संस्थानों की जल्द ही रैकिंग की जाएगी। इसके लिए विभाग रैकिंग फ्रेमवर्क तैयार करेगा। प्रदेश भर में राजकीय, अनुदानित और प्राइवेट सेक्टर के मिलाकर कुल 1440 पॉलीटेक्निक संचालित होते हैं। एकेटीयू और अन्य संस्थानों की तरह अब पॉलीटेक्निक में भी संस्थानों में सुविधाओं, शिक्षण और प्लेसमेंट के मुताबिक अंक दिए जाएंगे। साथ ही पुराने ढर्रे पर चले आ रहे पाठ्यक्रम में बदलाव होगा। बता दें कि नये पाठ्यक्रम शुरू होंगे। प्रवेश और प्लेसमेंट के स्तर को सुधारने के लिए नई रणनीतियां बनाई जाएंगी। संस्थान स्तर पर इसके लिए काम करने की आवश्यकता है। इसके तहत गुरुवार को प्रदेश के तमाम शिक्षण संस्थानों के प्रधानाचार्यों समेत विभागीय अधिकारियों का ब्रेन स्टॉर्मिंग सेशन होगा। शोध विकास एवं प्रशिक्षण संस्थान निदेशक मनोज कुमार ने इसके लिए बुधवार को पत्र जारी किया है। दरअसल पॉलीटेक्निक संस्थानों की स्थिति बदतर होती जा रही है। शिक्षण संस्थानों में प्रवेश क्षमता भी घट रही है। राजकीय पॉलीटेक्निक संस्थानों की जगह प्राइवेट संस्थानों की ओर छात्रों का रुझान बढ़ रहा है। उधर, पुराने कोर्स और बेकार मशीनरी से लैस लैब के सहारे राजकीय पॉलीटेक्निक में इन्नोवेशन दूर की कौड़ी बन हुआ है। आधुनिकीकरण और बदलाव की जरूरत है। इसको लेकर गुरुवार को प्रधानाचार्य और विभागीय अधिकारियों संग योजना भवन में एक बैठक का आयोजन कर सभी की ब्रेन स्टॉर्मिंग की जाएगी। जिससे सभी को पूरी बात समझ आ जाए और इस दिशा में जल्द ही गंभीरता से सार्थक काम किया जा सके। जानकारी के अनुसार इस मौके पर निदेशक संग प्राविधिक शिक्षा प्रिंसिपल सेक्रेट्री अमृत अभिजात, इंटीग्रल यूनिवर्सिटी वाइस चांसलर प्रो. जावेद मुसरर्त, बांदा राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज के निदेशक प्रो. एसपी शुक्ला, एआईसीटीई एनआरओ अमित सालुंके समेत तमाम गणमान्य लोग मार्गदर्शन करेंगे। |
| Posted: 02 Feb 2022 12:03 AM PST |
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