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Wednesday, March 2, 2022

Bhopal Samachar | No 1 hindi news portal of central india (madhya pradesh)

Bhopal Samachar | No 1 hindi news portal of central india (madhya pradesh)


MBBS कि विदेशी डिग्री भारत में काम नहीं आती, 80 प्रतिशत डॉक्टर INDIA में प्रैक्टिस नहीं कर पाते- Hindi Samachar

Posted: 02 Mar 2022 09:07 PM PST

नई दिल्ली।
यूक्रेन युद्ध भूमि में भारत के 20000 MBBS विद्यार्थी फंसे हुए थे। सबको पता चला कि लोग कम फीस के कारण रूस और यूक्रेन जैसे देशों में MBBS डिग्री कोर्स करने के लिए जाते हैं, लेकिन बहुत कम लोगों को पता है कि विदेशों से MBBS की डिग्री प्राप्त करने के बाद, उनमें से 80% डॉक्टर भारत में प्रैक्टिस नहीं कर पाते। 

भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा संसद में उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार विदेशों से डिग्री प्राप्त करके भारत में प्रैक्टिस करने से पहले MBBS पास डॉक्टरों को नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) द्वारा आयोजित फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट एग्जामिनेशन (FMGE) पास करना होता है। पिछले 3 साल के आंकड़े बताते हैं कि कुल 85722 विदेशी MBBS डिग्री धारी डॉक्टरों ने भारत में प्रैक्टिस करने के लिए FMG एग्जामिनेशन में पार्टिसिपेट किया लेकिन मात्र 17812 ही पास हो पाए। यानी कि मात्र 20% के आसपास डॉक्टरों को भारत में प्रैक्टिस करने का लाइसेंस मिला। 

बड़ा सवाल- FMGE फेल MBBS डिग्री होल्डर्स क्या करते हैं

भारत से प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में NEET क्लियर करने वाले स्टूडेंट्स विदेशों में MBBS की पढ़ाई करने जाते हैं, क्योंकि यूक्रेन, रूस, किर्गिस्तान और कजाकिस्तान में पूरी पढ़ाई का खर्चा औसत 2500000 रुपए आता है। इसी प्रकार बांग्लादेश में 3000000 और फिलीपींस में 3500000 रुपए आता है। इस खर्चे में पढ़ाई के साथ हॉस्टल और खाना-पीना भी शामिल है। जबकि भारत में 1 साल का खर्चा 25 लाख रुपए आता है यानी पूरे साल में 1.25 करोड़ रुपए। 

सबसे बड़ा सवाल यह है कि विदेशों से MBBS सी डिग्री पास करके भारत लौटने वाले 67910 डॉक्टर जो FMG EXAM में फेल हो जाते हैं। वह क्या करते हैं। कहीं यह सारे डॉक्टर अवैध रूप से प्रैक्टिस तो नहीं कर रहे। उच्च शिक्षा, सरकारी और प्राइवेट नौकरी एवं करियर से जुड़ी खबरों और अपडेट के लिए कृपया MP Career News पर क्लिक करें.

घरेलू LPG सिलेंडर में मीटर क्यों नहीं होता, जबकि सभी पेट्रोलियम वाहनों में होता है- GK in Hindi

Posted: 02 Mar 2022 08:09 PM PST

भारत में आप कोई भी पेट्रोलियम उत्पाद उपयोग करते हैं तो उसके साथ एक मीटर लगा होता है। कितनी भी सस्ती BIKE क्यों ना हो, 1 मीटर हमेशा यह बताता है कि टंकी में कितना पेट्रोल बचा हुआ है, रसोई गैस भी एक पेट्रोलियम उत्पाद है। सवाल यह है कि रसोई गैस सिलेंडर में कोई मीटर क्यों नहीं लगा होता, जिससे यह पता चल सके कि सिलेंडर में कितनी गैस बाकी है।

रसोई गैस (LPG- लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस) की कहानी 

अमेरिकी वैज्ञानिक डॉ वाल्टर स्नेलिंग ने सन 1910 में पहली बार LPG का पता लगाया और 2 साल बाद सन 1912 में इसका कमर्शियल उपयोग शुरू हो गया। भारत में दिनांक 5 जुलाई 1952 में स्‍टैण्‍डर्ड वैक्यूम रिफाइनिंग कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड द्वारा LPG गैस का कारोबार शुरू किया गया। लाल रंग का जो रसोई गैस सिलेंडर आपके घर पर आता है उसके निर्माण की प्रक्रिया में बेहतरीन इंजीनियरिंग का उपयोग किया गया है। यहां तक की घरेलू गैस सिलेंडर के स्टैंड में जो छोटे-छोटे छेद होते हैं, उसका भी एक बड़ा कारण है। इसके बावजूद रसोई गैस सिलेंडर में कोई मीटर नहीं लगाया गया। 

क्या रसोई गैस सिलेंडर में मीटर लगाना संभव नहीं है

पूरा इंडिया स्मार्ट और डिजिटल होता जा रहा है लेकिन घरेलू गैस (LPG- लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस) सिलेंडर आज भी अपने उसी स्वरूप में सप्लाई किया जा रहा है जैसा कि शुरुआती अध्ययन के बाद तैयार किया गया था। इसमें हर साल कोई अपडेट नहीं होता। सरकारी इंजीनियर का मानना है कि रसोई गैस सिलेंडर में कोई मीटर नहीं लगाया जा सकता क्योंकि उसमें कोई भी उपकरण लगाएं तो खतरा कई गुना बढ़ जाएगा। सिलेंडर में गैस के रिसाव को रोकने के लिए बहुत जरूरी है कि वह पूरी मजबूती के साथ बंद किया गया हो। 

रसोई गैस सिलेंडर में मीटर लगाने का तरीका

लेकिन ऐसा नहीं है कि इसका कोई विकल्प ही ना हो। आजकल भारत के कई शहरों में पाइप लाइन के जरिए रसोई गैस सप्लाई की जा रही है। उस पाइप लाइन में 1 मीटर लगा होता है जिससे पता चलता है कि आपने कितनी गैस खर्च की है। वह मीटर रसोई गैस सिलेंडर से रसोई गैस के चूल्हे तक जाने वाली पाइप लाइन में लगाया जा सकता है, लेकिन बड़ी ही चतुराई के साथ उसे टाला जा रहा है। सुरक्षा के नाम पर किसी भी इनोवेशन से इनकार किया जा रहा है, क्योंकि यदि ऐसा हुआ तो LPG की कंपनी से लेकर डीलर तक सब की पोल खुल जाएगी। Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article 
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CM RISE SCHOOL RESULT यहां देखें, प्रशासकीय एवं अकादमिक शिक्षकों की लिस्ट

Posted: 02 Mar 2022 09:06 PM PST

भोपाल
। मध्य प्रदेश शासन के लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की महत्वकांक्षी योजना सीएम राइज स्कूलों में प्रशासकीय एवं अकादमिक शिक्षकों की नियुक्ति हेतु चयन परीक्षा का आयोजन किया गया था। जिस का रिजल्ट घोषित कर दिया गया है। 

उम्मीदवार विमर्श पोर्टल पर जाकर अपना रिजल्ट देख सकते हैं। आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा बताया गया है कि प्रत्येक प्रकरण में शिक्षक के पास चयनित विषय में शासकीय सेवा में नियुक्ति का आदेश होना चाहिए। यानी कि परीक्षा से पूर्व गणित का शिक्षा की सीएम राइज स्कूल में गणित पढ़ा सकता है। वह अपना विषय नहीं बदल सकता। इसके अलावा डिपार्टमेंटल इंक्वायरी, चयनित उम्मीदवार के खिलाफ शिकायत एवं दंड की स्थिति और मेरिट के आधार पर नियुक्ति का अंतिम निर्णय लिया जाएगा। आधिकारिक सूचना में कहा गया है कि जनजातीय कार्य विभाग के शिक्षकों के पास अपने डिपार्टमेंट की तरफ से NOC का होना अनिवार्य है। 

सीएम राइज स्कूल शिक्षकों की नियुक्ति परीक्षा का परिणाम
प्रशासकीय
1. उप प्राचार्य यहाँ क्लिक करें
2. प्रधानअध्यापक (माध्यमिक सेक्शन) यहाँ क्लिक करें
3. प्रधानअध्यापक (प्राथमिक सेक्शन) यहाँ क्लिक करें
अकादमिक:
1. प्राथमिक शिक्षक यहाँ क्लिक करें
2. माध्यमिक शिक्षक यहाँ क्लिक करें
3. उच्च माध्यमिक शिक्षक/व्याख्याता यहाँ क्लिक करें
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GWALIOR JOBS- ओपन कैम्पस भर्ती, 7 बड़ी कंपनियां आ रहीं हैं, 10वीं पास से ग्रेजुएट्स तक सभी को नौकरियां

Posted: 02 Mar 2022 02:10 PM PST

ग्वालियर
। जिला रोजगार कार्यालय द्वारा यशस्वी अकादमी फॉर टैलेन्ट मैनेजमेंट (पीपीपी) के सहयोग से 4 मार्च को प्लेसमेंट ड्राइव का आयोजन किया गया है। इस दिन यह रोजगार मेला प्रात: 11 बजे से गोले का मंदिर-मुरैना लिंक रोड पर गदाईपुरा स्थित रेडीमेड गारमेंट पार्क परिसर में आयोजित होगा। 

प्लेसमेंट ड्राइव में 7 जानी-मानी कंपनियां कैम्पस भर्ती करने आ रही हैं। प्लेसमेंट ड्राइव में पाँचवी कक्षा से लेकर स्नातक योग्यताधारी युवक-युवतियों के लिये नौकरी के अवसर प्राप्त होंगे। चयनित युवाओं को विभिन्न पदों के अनुसार 8 हजार से लेकर 40 हजार रूपए तक का वेतन मिलेगा। उपसंचालक जिला रोजगार कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस प्लेसमेंट ड्राइव में 7 कंपनियां बेरोजगार युवाओं को नौकरी के लिए चयनित करने आ रही हैं। 

जमना ऑटो इंडस्ट्रीज लिमिटेड मालनपुर द्वारा ट्रेनीज, एयरटेल पेमेंट बैंक ग्वालियर द्वारा सेल्स एक्जीक्यूटिव मार्केटिंग, यूरेका फोर्ब्स व टाटा स्काई द्वारा सेल्स मार्केटिंग, ईगल सिक्यूरिटी सर्विसेज द्वारा सिक्यूरिटी गार्ड, सुपरवाइजर, कम्प्यूटर ऑपरेटर, टैलीकॉलर, इलेक्ट्रीशियन व वाहन चालक, गुडवर्कर वेटर लाईफ ग्वालियर द्वारा फील्ड सेल्स, कॉल सेंटर, बीपीओ व डीलेवरी ब्वॉय, भारत-पे द्वारा फील्ड सेल्स एक्जीक्यूटिव एवं सिनेटस लेबोरेट्रीज इंडिया प्रा. लि. द्वारा लैब टैक्नीशियन व रिशेप्सनिस्ट की भर्ती की जायेगी।          

प्लेसमेंट ड्राइव में आने वाले सभी युवक-युवतियों से आग्रह किया गया है कि वे मास्क लगाकर आएँ और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें। साथ ही अपनी शैक्षणिक योग्यता और अन्य प्रमाण पत्रों को जरूर साथ में लेकर जाएं। ग्वालियर की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया GWALIOR NEWS पर क्लिक करें.

INDORE NEWS- खादी के फैशनेबल कपड़ों की एग्जीबिशन, अन्य देसी प्रोडक्ट भी मिलेंगे

Posted: 02 Mar 2022 08:01 PM PST

इंदौर। 
मध्यप्रदेश खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा खादी वस्त्रों तथा ग्रामोद्योग उत्पादों के विक्रय एवं प्रचार-प्रसार के लिये इंदौर में 12 दिवसीय प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है। यह प्रदर्शनी तीन मार्च से प्रारंभ होगी। यह प्रदर्शनी 14 मार्च 2022 तक ग्रामीण हाट बाजार, साऊथ तुकोगंज, ढक्कन वाला कुँआ में आयोजित की गई है।

खादी ग्रामोद्योग के प्रबंधक श्री एच.एल. सस्त्या ने बताया कि प्रदर्शनी में देश की प्रसिद्ध खादी संस्थाओं के अपने उत्कृष्ट सुती खादी, रेशमी, सिल्क वस्त्र, साड़ियां, रेडिमेट शर्ट, जॉकेट, कुरते-पजामे, बेडशीट, चादरे आदि अनेक उत्पाद, उपलब्ध होगें। बताया गया है कि खादी के वह सारे प्रोडक्ट जो हमेशा डिमांड में रहते हैं, एग्जीबिशन के दौरान उचित मूल्य पर बेचे जाएंगे।

इसी के साथ ग्रामोद्योग इकाईयॉ जैसे मसाला, पापड़, अगरबत्ती, शेम्पो, लेदर गुड्स शुद्ध घानी का तेल, शहद आदि उत्पादों का विक्रय भी होगा। प्रदर्शनी आम जनता के लिए दोपहर 12.30 बजे से रात्री 9.30 बजे तक खुली रहेगी। जिसमें फुड स्टाल, बच्चों के झुले भी रहेगें। इंदौर की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया indore news पर क्लिक करें.

MP KISAN NEWS- रबी की फसलों का समर्थन मूल्य घोषित

Posted: 02 Mar 2022 01:50 PM PST

भोपाल
। मध्यप्रदेश शासन द्वारा रबी की फसलों का समर्थन मूल्य घोषित कर दिया गया है। किसानों से अपील की गई है कि वह अपना रजिस्ट्रेशन कंफर्म करें क्योंकि रजिस्ट्रेशन की लास्ट डेट 5 मार्च 2022 है। 

जिला आपूर्ति अधिकारी द्वारा बताया गया कि रबी विपणन वर्ष 2022-23 में फसलों का समर्थन मूल्‍य निर्धारित किया गया है। जिसमें गेहूँ 2015, जौ 1635, चना 5230, मसूर 5500, सरसों 5050 एवं कुसुम 5441 रूपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। जो किसान अपनी उपज को समर्थन मूल्‍य पर विक्रय करना चाहते है वह किसान अपने निर्धारित पंजीयन केन्‍द्रो पर पंजीयन 5 मार्च तक करा सकते है।

राज्य शासन द्वारा इस वर्ष पंजीयन प्रक्रिया में आंशिक परिवर्तन किया गया है। किसानों को पंजीयन में आ रही समस्याओं को दृष्टिगत रखते हुए कृषि विभाग द्वारा सतत निगरानी की जा रही हैं। मध्य प्रदेश की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया mp news पर क्लिक करें.

रेलवे भर्ती में वेटिंग लिस्ट वालों को कब तक नौकरी मिल जाती है, यहां पढ़िए - RRB NEWS

Posted: 02 Mar 2022 12:09 PM PST

भारत में हर साल रेलवे भर्ती होती है। बड़ी संख्या में वैकेंसी ओपन की जाती है। स्वाभाविक है कि उम्मीदवार बड़ी संख्या में आवेदन भी करते हैं और परीक्षा के उपरांत जो वेटिंग लिस्ट बनती है उसमें भी उम्मीदवारों की संख्या काफी बड़ी होती है। आइए जानते हैं कि वेटिंग लिस्ट वालों को नौकरी मिलने की उम्मीद कितनी बड़ी होती है। 

रेलवे के एक इंजीनियर ने बताया कि रेलवे की भर्ती प्रक्रिया, अन्य विभागों से थोड़ी अलग होती है। रेलवे की पुरानी परंपरा है, यदि रिक्त पदों की संख्या 16 है तो अधिसूचना में रिक्त पदों की संख्या 20 प्रदर्शित की जाती है। इस प्रकार रिक्त पदों की संख्या 20% बढ़ाकर आवेदन आमंत्रित किए जाते हैं और चयन प्रक्रिया शुरू की जाती है। रेलवे भर्ती प्रक्रिया में इसे वेस्टेज कहा जाता है। 

यानी कि यदि 16 में से 4 चयनित उम्मीदवारों ने अपने पद पर ज्वाइन नहीं किया अथवा नियुक्ति की अंतिम प्रक्रिया में किसी कारण से कोई बाहर हो गया तो प्रक्रिया पर कोई असर नहीं पड़ता। रेलवे भर्ती बोर्ड की रणनीति बनाने वाले अधिकारियों द्वारा पिछले वर्षों के अनुभव के आधार पर वेस्टेज का प्रतिशत निर्धारित किया जाता है, जो पिछले साल 20% था। 

यानी कि वेटिंग लिस्ट की जरूरत नहीं पड़ती। बहुत कम होता है कि वेटिंग लिस्ट से उम्मीदवारों को नौकरी पर ज्वाइन कराने की जरूरत पड़े, क्योंकि चयनित उम्मीदवार को नियमानुसार नियुक्ति के अवसर देने पड़ते हैं और रेलवे की भर्ती प्रक्रिया में वेटिंग लिस्ट से उम्मीदवार को बुलाने की कार्यवाही भी आसान नहीं है। ऐसी स्थिति में यदि कोई पद रिक्त रह जाता है और उस पर नियुक्ति अत्यंत अनिवार्य नहीं है तो उसे अगले वर्ष की भर्ती के लिए समायोजित कर दिया जाता है। उच्च शिक्षा, सरकारी और प्राइवेट नौकरी एवं करियर से जुड़ी खबरों और अपडेट के लिए कृपया MP Career News पर क्लिक करें.

क्या आरोपी उन गवाहों को कोर्ट में प्रस्तुत कर सकता है जिन्हें पुलिस ने जांच प्रक्रिया में शामिल नहीं किया था - CrPC section 233

Posted: 02 Mar 2022 11:41 AM PST

FIR (प्रथम सूचना प्रतिवेदन) के आधार पर पुलिस अधिकारी मामले की इन्वेस्टिगेशन शुरू करता है। इस दौरान नियमानुसार जांच अधिकारी दोनों पक्षों (पीड़ित पक्ष और आरोपी पक्ष) के गवाह एवं सबूत शामिल करता है और पूरी जांच रिपोर्ट अपने अभिमत एवं निष्कर्ष के साथ कोर्ट में प्रस्तुत करता है। कई बार विभिन्न कारणों से आरोपी पक्ष के कुछ गवाह या सबूत पुलिस की केस डायरी में शामिल नहीं होते। आइए जानते हैं क्या आरोपी ऐसे गवाहों को कोर्ट में प्रस्तुत कर सकता है या नहीं। 

दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 233 की परिभाषा:-

• जब आरोपी अपने ऊपर लगे आरोपों को स्वीकार नहीं करता है तब उपर्युक्त धारा के अंतर्गत अपनी प्रतिरक्षा के साक्ष्य मजिस्ट्रेट को देगा।
• अगर आरोपी मौखिक साक्ष्य देता है तब मजिस्ट्रेट उसके कथनों को लिखेगा।
• आरोपी को लगता है कि उसके पक्ष में कोई गवाह मौजूद हैं तो वह मजिस्ट्रेट से उसे गवाही के लिए बुलवाने के लिए आवेदन कर सकता है। मजिस्ट्रेट को यह ठीक लगता है तब वह आरोपी के आवेदन को स्वीकार कर आदेश जारी कर सकता है साक्षी एवं साक्ष्य को अन्य व्यक्ति द्वारा प्रस्तुत करने के लिए।

अर्थात उपर्युक्त धारा आरोपी को अपनी प्रतिरक्षा या निजी सुरक्षा के साक्ष्य को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने का अधिकार देती है अगर साधारण शब्दों में कहे तो यह धारा आरोपी को झूठे या मिथ्था आरोप को बचाती है। (Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article)

:- लेखक बी.आर. अहिरवार (पत्रकार एवं लॉ छात्र होशंगाबाद) 9827737665
इसी प्रकार की कानूनी जानकारियां पढ़िए, यदि आपके पास भी हैं कोई मजेदार एवं आमजनों के लिए उपयोगी जानकारी तो कृपया हमें ईमेल करें। editorbhopalsamachar@gmail.com

MP IAS NEWS - तीन अधिकारियों की नवीन पदस्थापना के आदेश जारी

Posted: 02 Mar 2022 10:50 AM PST

भोपाल
। मध्य प्रदेश शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस के द्वारा जारी भारतीय प्रशासनिक सेवा के दो अधिकारियों की नवीन पदस्थापना आदेश प्रसारित किए हैं। इस आदेश में श्री शशांक मिश्रा एवं श्री भास्कर लक्षकार को नवीन पदों पर पदस्थ किया गया है। 

श्री शशांक मिश्रा, भाप्रसे (2007), प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी, मध्यप्रदेश इंटर स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी तथा पदेन अपर सचिव, मध्यप्रदेश शासन, लोक निर्माण विभाग एवं पदेन अपर सचिव, मध्यप्रदेश शासन, लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग एवं प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम, भोपाल (अतिरिक्त प्रभार) को अस्थाई रूप से आगामी आदेश तक प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश राज्य परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनी लिमिटेड, भोपाल के पद पर पदस्थ करते हुए उन्हें पदेन अपर सचिव, मध्यप्रदेश शासन, लोक निर्माण विभाग एवं पदेन अपर सचिव, मध्यप्रदेश शासन, लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग घोषित किया जाता है।

श्री भास्कर लक्षकार भाप्रसे (2010). वि.क.अ.-सह-आयुक्त-सह-संचालक, संस्थागत वित्त एवं उप सचिव, मध्यप्रदेश शासन वित्त विभाग को अपने वर्तमान कर्त्तव्यों के साथ-साथ अस्थाई रूप से आगामी आदेश तक मुख्य कार्यपालन अधिकारी, मध्यप्रदेश इंटर स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी एवं प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम, भोपाल का प्रभार अतिरिक्त रूप से सौंपा जाता है। 

राज्य शासन द्वारा श्री संजय गुप्ता, भाप्रसे (2007) को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ, अस्थाई रूप से प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश स्टेट को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन लिमिटेड, भोपाल का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। 
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BHOPAL NEWS- हैण्डलूम एक्स-पो की तारीख घोषित, 7 राज्यों के 50 से ज्यादा स्टॉल लगेंगे

Posted: 02 Mar 2022 07:42 AM PST

भोपाल
। आजादी के 75वें अमृत महोत्सव में 14 दिवसीय हैण्डलूम एक्स-पो अर्बन हाट गौहर महल में होगा। इसका शुभारंभ 3 मार्च को पद्मश्री भूरीबाई द्वारा किया जाएगा। सन्त रविदास म.प्र. हस्तशिल्प एवं हाथकरघा विकास निगम लि. भोपाल, केन्द्रीय वस्त्र मंत्रालय के सहयोग से स्पेशल हैण्डलूम एक्स-पो का आयोजन कर रहा है। एक्स-पो 2 से 15 मार्च, 2022 तक लगेगा।

प्रबंध संचालक खादी एवं ग्रामोद्योग श्रीमती अनुभा श्रीवास्तव ने बताया कि एक्स-पो में मध्यप्रदेश सहित उत्तरप्रदेश, बिहार, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, और गुजरात के बुनकरों के गुणवत्तायुक्त और विविध हैण्डलूम उत्पाद एक साथ एक ही कैम्पस में उपलब्ध रहेंगे। विगत वर्षों में आयोजित स्पेशल हैण्डलूम एक्स-पो भोपाल में भारी विक्रय के चलते प्रदेश और अन्य राज्यों के बुनकर संघ और समितियाँ में उत्साह के साथ प्रतिभागिता के लिए तैयार है। इसी दृष्टि से अर्बन हाट गौहर महल परिसर में 35 स्थाई उपलब्ध दुकानों के साथ 25 अस्थाई दुकानों का अतिरिक्त निर्माण किया गया है। इस प्रकार 60 दुकानों में विभिन्न राज्यों के बुनकर हैण्डलूम वस्त्र लेकर उपलब्ध होंगे। लगभग 50 बुनकर समितियों की प्रविष्टियाँ अब तक निगम को प्राप्त हो चुकी हैं।

स्पेशल हैण्डलूम एक्स-पो 14 दिवस का होगा, जिसमें प्रतिदिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों भी होंगे। एक्स-पो प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से रात्रि 9 बजे तक एवं अवकाश के दिनों में 12 बजे से रात्रि 10 बजे तक खुला रहेगा। इसमें ग्राहकों के लिये प्रवेश एवं पार्किंग व्यवस्था नि:शुल्क रहेगी। भोपाल की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया bhopal news पर क्लिक करें।

नायब तहसीलदार की याचिका पर हाईकोर्ट ने अवर सचिव को फटकार लगाई - MP NEWS

Posted: 02 Mar 2022 08:18 PM PST

जबलपुर
। नायब तहसीलदार महेंद्र कुमार द्विवेदी की याचिका पर हाईकोर्ट ने राजस्व विभाग के अवर सचिव को फटकार लगाते हुए कहा कि या तो अगली तारीख से पहले हाईकोर्ट के आदेश का पालन करें अन्यथा परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहें। मामला कटनी में पदस्थ महेंद्र कुमार द्विवेदी के प्रमोशन का है, जिसे दुर्भावना पूर्वक रोक लिया गया है। 

याचिकाकर्ता कटनी में पदस्थ महेन्द्र कुमार द्विवेदी की ओर से अधिवक्ता महेन्द्र पटेरिया, सुभाष चतुर्वेदी और बृजेश चौबे ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि याचिकाकर्ता को पांच अगस्त, 1997 से प्रमोशन का लाभ मिलना था, लेकिन उसकी ACR ग्रेडिंग के अंकों की गलत गणना के कारण उसे यह लाभ नहीं दिया गया। प्रमोशन इस आधार पर रिजेक्ट कर दिया गया कि उसे केवल 60 अंक मिले हैं, जबकि असलियत में उसे कुल 133 अंक मिले हैं। 

याचिकाकर्ता ने इस संबंध में विभाग को अभ्यावेदन भी दिया था, लेकिन उसे लंबित रखा रहा गया। उन्होंने कोर्ट को बताया कि याचिका दायर करने के बाद अवर सचिव ने माना कि ग्रेडिंग की गणना में गलती हुई है, इसलिए प्रमोशन रिजेक्ट किया गया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने याचिकाकर्ता की ओरीजनल फाइल पेश करने के निर्देश दिए हैं। हाई कोर्ट ने साफ कर दिया है कि इस तरह याचिकाकर्ता को परेशान करना अनुचित है। जिम्मेदार विभागों को हाई कोर्ट के आदेश को गंभीरता से लेना चाहिए। लेकिन ऐसा नहीं किया जाना बेहद चिंताजनक है। 

हाई कोर्ट ने ACR में गलत ग्रेडिंग के मामले में राजस्व विभाग को नायब तहसीलदार की ओरीजनल फाइल पेश करने के निर्देश दिए हैं। न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल की एकलपीठ ने ताकीद दी है कि यदि आदेश का पालन नहीं हुआ तो राजस्व विभाग के अवर सचिव को व्यक्तिगत रूप से हाजिर होना पड़ेगा। मामले पर अगली सुनवाई 24 मार्च को निर्धारित की गई है। कर्मचारियों से संबंधित महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया MP karmchari news पर क्लिक करें.

80 हजार शिक्षकों की क्रमोन्नति नोटशीट 3 साल से मंत्रालय में घूम रही है - MP Shiksha Vibhag ke samachar

Posted: 02 Mar 2022 10:50 AM PST

भोपाल।
लंबा संघर्ष करके मध्यप्रदेश के 80 हजार अध्यापक, नवीन संवर्ग में शिक्षक तो बन गए परंतु उनकी क्रमोन्नति की नोट शीट वरिष्ठ अधिकारियों के लिए फुटबॉल बन गई है। मंत्रालय से लेकर सचिवालय तक पिछले 3 साल से हर अधिकारी उसे अगले अधिकारी की तरफ पास कर रहा है। 

सामान्य प्रशासन विभाग के नियम अनुसार किसी भी कर्मचारी को नियोक्ता (नियुक्त करने वाला अधिकारी) ही क्रमोन्नति या समयमान वेतनमान का लाभ दे सकता है। यह व्यवस्था सभी विभागों में लागू है पर वर्ष 2014 में स्कूल शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों ने क्रमोन्नति को लेकर होने वाली कानूनी झंझट से बचने के लिए अपने अधिकार कनिष्ठ अधिकारियों को सौंप दिए थे। यही निर्णय आज 80 हजार शिक्षकों को भारी पड़ रहा है। 

वर्तमान अधिकारी भी चाहते हैं कि वर्ष 2014 की ही व्यवस्था लागू रहे और शासन इसके लिए तैयार नहीं है। इसी मुद्दे पर सहमति बनाने के लिए तीन साल से नोटशीट घूम रही है। स्कूल शिक्षा राज्यमंत्री इंदर सिंह परमार की प्रशासकीय मंजूरी के बाद नोटशीट करीब दो माह पहले फिर से वित्त विभाग को भेजी गई है, जो अभी नहीं लौटी है। उल्लेखनीय है कि शिक्षकों को 12, 24 और 30 साल में क्रमोन्नति दी जाती है। वर्ष 2006 में नियुक्त शिक्षक वर्ष 2018 में पहली क्रमोन्नति के लिए पात्र हो चुके हैं। 

पढ़िए अधिकारियों ने कैसे पल्ला झाड़ा 

स्कूल शिक्षा विभाग में पुराने संवर्ग के व्याख्याता की नियुक्ति आयुक्त लोक शिक्षण, उच्च श्रेणी शिक्षक की संभागीय संयुक्त संचालक व सहायक शिक्षक की जिला शिक्षा अधिकारी ने की है। यही फार्मूला क्रमोन्नति पर लागू होता है, पर अधिकारियों ने वर्ष 2014 में इस व्यवस्था को ही पलट दिया।

आयुक्त ने अपने अधिकार संभागीय संयुक्त संचालक और संभागीय संयुक्त संचालक ने जिला शिक्षा अधिकारी को सौंप दिए। यानी नियुक्ति भले ही आयुक्त ने की हो, पर व्याख्याता संवर्ग को अन्य लाभ देने की जिम्मेदारी संभागीय संयुक्त संचालक निभाएंगे और उच्च श्रेणी शिक्षक व सहायक शिक्षक की नियुक्ति की जिला शिक्षा अधिकारी।

जनजातीय कार्य विभाग में कोई टंटा नहीं

करीब 55 हजार शिक्षकों की नियुक्त जनजातीय कार्य विभाग में भी हुई है, पर वहां ऐसी स्थिति नहीं है। इसलिए नियोक्ता कर्मचारियों को तय समय पर क्रमोन्न्ति का लाभ दे चुके हैं। कर्मचारियों से संबंधित महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया karmchari news पर क्लिक करें.

CM RISE SCHOOL: विद्यार्थियों को वन विहार बुलाकर बताया, गौरैया से लेकर गिद्ध तक सबका इंपोर्टेंस क्या है

Posted: 02 Mar 2022 06:59 AM PST

भोपाल।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की महत्वकांक्षी योजना सीएम राइज स्कूल के तहत भोपाल जिले के चयनित 6 स्कूलों के स्टूडेंट्स को वन विहार में बुलाकर बताया गया कि इस पृथ्वी पर गौरैया चिड़िया से लेकर गिद्ध तक, सब का क्या इंपोर्टेंस है। यदि गौरैया चिड़िया नहीं होगी तो अच्छी वर्षा के बाद भी खेतों में फसल नहीं होगी। यदि गिद्ध नहीं होंगे तो कोरोनावायरस जैसे करोड़ों जानलेवा वायरस दुनिया में इंसानों को खत्म कर देंगे।

पृथ्वी पर जीवित प्रत्येक छोटे से जीव से लेकर मनुष्य और खूंखार मांसाहारी जानवरों तक सब का अपना महत्व है। मनुष्य के जीवन के लिए मधुमक्खी भी जरूरी है। इन सारी बातों को समझाने वाले सब्जेक्ट का नाम जैवविविधता (biodiversity) है। स्‍कूल शिक्षा विभाग और वर्ल्‍ड वाइड फंड फॉर नेचर इंडिया (WWF INDIA) के संयुक्त तत्वावधान में भोपाल जिले के चयनित 6 सीएम राइज योजना स्कूलों में कक्षा छठवीं से आठवीं के विद्यार्थियों के लिए जैव विविधता उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। 

कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों को पहले जैव विविधता के बारे में समझाया गया फिर भोजन अवकाश के बाद लगभग 50 विद्यार्थियों एवं 4 शिक्षकों को वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में भ्रमण कराया गया। भ्रमण के दौरान सभी को वन्य प्राणियों की आवश्यकता और संरक्षण के महत्व को समझाया गया। भोपाल की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया bhopal news पर क्लिक करें।

नगर निगम की लीज को शासन निरस्त कर सकता है, सुप्रीम कोर्ट का फैसला- INDIA NATIONAL NEWS

Posted: 02 Mar 2022 06:38 AM PST

इंदौर।
मिल्की-वे टॉकीज मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला देश भर में कई विवादों के लिए प्रारंभिक स्तर पर निर्णय का कारण बन सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने निर्धारित किया है कि नगरीय प्रशासन द्वारा यदि कोई लीज स्वीकृत की गई है तो उसे शासन स्तर पर निरस्त किया जा सकता है। इस प्रकार की कार्रवाई को अवैध नहीं कहा जा सकता। 

सिनेमाघर के लिए लीज पर दी गई थी जमीन, दुरुपयोग होने लगा था

इंदौर के व्यापारी होमी रागीना को सिनेमाघर के संचालन के लिए दशकों पहले नगर निगम द्वारा सरकारी जमीन लीज पर दी गई थी। वित्तीय वर्ष 1992-93 में इस जमीन की लीज समाप्त हो गई थी, जिसका नगर निगम द्वारा नवीनीकरण कर दिया गया। इधर लीज की जमीन पर सिनेमाघर का संचालन बंद हो गया। दूसरे कई प्रकार के कारोबार शुरू हो गए। जमीन पर अवैध कब्जे होने लगे। शासन को पता चला तो उसने लीज निरस्त कर दी। 

डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट ने शासन के आदेश को निरस्त कर दिया था

होमी रागीना के उत्तराधिकारी होने शासन द्वारा की गई निरस्ती की कार्यवाही को अवैध बताया क्या। इंदौर कलेक्टर की कोर्ट में उन्होंने दावा किया कि उन्हें नगर निगम ने जमीन लीज पर दी है। नगर निगम ने नवीनीकरण भी कर दिया है। शासन को लीज निरस्त करने का कोई अधिकार नहीं है। इंदौर के कलेक्टर एवं डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट ने इस तर्क से सहमत होते हुए शासन के लीज निरस्त करने वाले आदेश को निरस्त कर दिया था। 

शासन की तरफ से डिस्टिक मजिस्ट्रेट के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई परंतु हाई कोर्ट ने भी डिस्टिक मजिस्ट्रेट के फैसले को सही ठहराया। मामले की अपील सुप्रीम कोर्ट में की गई। सुप्रीम कोर्ट को बताया गया कि सरकारी जमीन सिनेमाघर के संचालन के लिए लीज पर दी गई थी, परंतु अब उस जमीन पर सिनेमाघर का संचालन नहीं होता। शासन को अधिकार है कि लीज के नियमों का उल्लंघन करने वालों की लीज निरस्त कर दी जाए। सुप्रीम कोर्ट ने इस तर्क को सही मानते हुए, मिल्की वे टॉकीज के नाम पर 19200 वर्ग फीट की जमीन को सरकारी घोषित कर दिया है। अब कलेक्टर को यह जमीन खाली करवानी है। भारत की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया INDIA NATIONAL NEWS पर क्लिक करें.

कर्मचारी संघ ने विधायक से कहा- IFMIS मामले में वेतन कटनी से बचाइए - JABALPUR NEWS

Posted: 02 Mar 2022 06:28 AM PST

जबलपुर
। madhya Pradesh तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ ने जारी विज्ञप्ति में बताया कि जिले के समस्त 53 विभागों के लोक सेवकों को अपना IFMIS सिस्टम में Ess (Employee Self Service) प्लेटफार्म पर अपनी स्वयं की Profile अपडेशन, पारिवारिक जानकारी, नामिनेशन, आधार कार्ड पेन कार्ड, बैंक खाता आदि जानकारी पूर्ण करने के निर्देश हैं। 

शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पुलिस विभाग में लोक सेवकों की संख्या हजारों में है तथा Ess अपडेट करने हेतु करने हेतु वित्त विभाग द्वारा IFMIS सिस्टम रात्रि 10.00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक ही उपलब्ध कराई जा रही है। जिससे इन विभाग के लोक सेवकों द्वारा अपडेशन का कार्य पूर्ण नहीं हो पा रहा है तथा कोषालय द्वारा जानकारी पूर्ण न करने वाले आहरण संवितरण अधिकारी तथा संबंधित शाखा प्रभारी लिपिकों का माह फरवरी 2022 को वेतन रोकने संबंधी आदेश जारी किये गये। 

संघ द्वारा Ess Profile अपडेशन में वित्त विभाग की तकनीकी त्रुटियों के कारण कर्मचारियों को आ रही समस्याओं को दूर करने के संबंध में माननीय श्री अजय विश्नोई जी पूर्व केबिनेट मंत्री एवं विधायक पाटन को ज्ञापन सौंपकर समस्या का निराकरण कराने तथा लिपिक संवर्ग के कर्मचारियों का वेतन न रोके जाने के संबंध में आवश्यक कार्यवाही करने अनुरोध किया गया। 

इस अवसर पर संघ के योगेन्द्र दुबे,अर्वेन्द्र राजपूत, संजय यादव अटल उपाध्याय ,मंसूर बेग मुकेश सिंह , बृजेश मिश्रा दुर्गेश पाण्डे आलोक अग्निहोत्री नितिन अग्रवाल श्यामनारायण तिवारी गगन चौबे , मनोज सेन , महेश कोरी , मनीष लोहिया विनय नामदेव , संतोष तिवारी , मनीष शुक्ला प्रणव साहू , राकेश दुबे , गणेश उपाध्याय आदि उपस्थित रहे। कर्मचारियों से संबंधित महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया karmchari news पर क्लिक करें.

कथावाचक के पंडाल से निराश लौटा कमलनाथ कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल - MP NEWS

Posted: 02 Mar 2022 06:21 AM PST

भोपाल।
मध्यप्रदेश में राजनीति की स्थिति बड़ी ही अजीब बनी हुई है। लोक शिवराज सिंह चौहान से नाराज हैं लेकिन उनकी जगह मुख्यमंत्री की कुर्सी पर कमलनाथ को देखना नहीं चाहते। रुद्राक्ष महोत्सव में प्रशासनिक गड़बड़ियों के कारण पब्लिक नाराज है। कमलनाथ का प्रतिनिधिमंडल मौके का फायदा उठाने गया था लेकिन निराश होकर लौटा है। 

कमलनाथ का प्रतिनिधिमंडल कथावाचक से मिला 

मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से बताया गया है कि प्रतिनिधिमंडल सीहोर जाकर कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा से मिला। उन्हें बताया कि हम सभी कमलनाथ जी के निर्देश पर, उनके प्रतिनिधि बनकर आपसे भेंट करने आए हैं। बीते 28 फरवरी के घटनाक्रम से कमलनाथ जी काफी आहत हुए है। प्रतिनिधिमंडल ने महाराज जी को कहा कि कांग्रेस व कमलनाथ जी का पूरा समर्थन इस कार्यक्रम के साथ है। 

पंडित प्रदीप मिश्रा ने बयान जारी किया

कांग्रेस के प्रतिनिधि मंडल के वापस लौटते ही कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने बयान जारी करके कहा कि उनके कार्यक्रम को राजनीति का अखाड़ा ना बनाया जाए। प्रशासन के साथ उनका समन्वय स्थापित हो चुका है और कथा का कार्यक्रम निर्विघ्न संचालित हो रहा है। इससे पहले गृह मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा ने भी कमलनाथ पर धार्मिक कार्यक्रम में राजनीति करने का आरोप लगाया था। मध्य प्रदेश की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया mp news पर क्लिक करें.

MP NEWS- किसानों के नाम पर सेडमैप की औपचारिकता, गंभीर विषय पर भी गंभीर नहीं

Posted: 02 Mar 2022 06:14 AM PST

भोपाल।
सरकार से जुड़े संस्थान गंभीर मामलों पर भी गंभीर नहीं होते। उद्यमिता विकास केंद्र मध्य प्रदेश (सेडमैप) द्वारा किसानों के लिए ऊर्जा दक्षता के प्रयोग से कृषि को लाभकारी बनाने के बारे में बताने हेतु वेबीनार का आयोजन किया जा रहा है परंतु इसकी सूचना कार्यक्रम के प्रारंभ होने के मात्र 16 घंटे पहले प्रेस को जारी की गई है। इस 16 घंटे में से 12 घंटे रात्रि काल के हैं। कुल मिलाकर कार्यक्रम नहीं औपचारिकता की जा रही है। 

उद्यमिता विकास केंद्र की ओर से दिनांक 2 मार्च 2022 को शाम 7:00 बजे प्रेस को भेजी गई सूचना में बताया गया है कि उद्यमिता विकास केन्द्र मध्यप्रदेश (सेडमैप) द्वारा मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम के सहयोग से भोपाल संभाग के पांच जिलों के कृषकों हेतु एक दिवसीय ऊर्जा दक्षता एवं ऊर्जा संरक्षण विषय पर 03 मार्च को वेबिनार का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें ऊर्जा दक्षता के माध्यम से खेती को फायदे का धंधा कैसे बनाएं, बताया जाएगा। 

विषय गंभीर है और ज्यादा से ज्यादा किसानों को इसके बारे में बताया जाना चाहिए, लेकिन यह सब कुछ नहीं हो पाएगा क्योंकि 
- 2 मार्च की शाम 7:00 बजे प्रेस को सूचना जारी की गई है। 
- किसानों से कहा गया है कि वह एक ऑनलाइन फॉर्म भरेंगे, प्राप्त होने पर उनको लिंक भेजी जाएगी। 
- 3 मार्च कि सुबह 11:00 बजे वेबीनार प्रारंभ होना है। यानी पूरी प्रक्रिया के लिए मात्र 16 घंटे शेष है।
- ब्रेकिंग न्यूज़ नहीं है इसलिए इसकी सूचना तत्काल प्रसारित नहीं होगी। 
- बहुत संभावना है कि किसानों को इसकी सूचना 3 मार्च कि सुबह 11:00 बजे या उसके बाद प्राप्त हो। 
- सबसे बड़ा सवाल यह है कि ऐसी क्या जल्दी थी, इतने शॉर्ट नोटिस पर इनवाइट क्यों किया। 
- सचमुच किसानों को जानकारी देना चाहते हैं या फिर एक औपचारिकता पूरी करना है ताकि सरकारी खजाने से फंडिंग मिल जाए और किसानों के सवालों का जवाब भी ना देना पड़े। मध्य प्रदेश की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया mp news पर क्लिक करें.

INDORE NEWS- जाम में फंसे कैलाश विजयवर्गीय को पब्लिक ने खरी-खोटी सुनाई थी

Posted: 02 Mar 2022 06:00 AM PST

इंदौर।
सीहोर में रुद्राक्ष महोत्सव के दौरान भोपाल इंदौर हाईवे पर 40 किलोमीटर लंबी ट्रैफिक जाम का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बताया जा रहा है कि कैलाश विजयवर्गीय भी 3 घंटे तक इसी जाम में फंसे रहे थे। इस दौरान पब्लिक ने कैलाश विजयवर्गीय को काफी खरी-खोटी सुनाई थी। 

विदिशा के डॉ. जीके माहेश्वरी ने पत्रकारों को बताया कि घटना वाले दिन कैलाश विजयवर्गीय विदिशा निवासी समाजसेवी स्व. मोहनलाल अग्रवाल के निधन के बाद उनके घर शोक संवेदना व्यक्त करने के लिए पहुंचने वाले थे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार उन्हें सुबह 11:00 बजे विदिशा पहुंचना था परंतु दोपहर 3:00 बजे पहुंचे। उन्होंने बताया कि वह भोपाल इंदौर हाईवे पर ट्रैफिक जाम में फस गए थे। 

सूत्रों ने बताया कि ट्रैफिक जाम के दौरान पब्लिक ने कैलाश विजयवर्गीय को लगभग घेर लिया था। लोगों ने कैलाश विजयवर्गीय को काफी खरी-खोटी सुनाईं। कैलाश विजयवर्गीय का मुख्यमंत्री के नाम पत्र, पब्लिक की प्रतिक्रियाओं पर आधारित था। जिसे उन्होंने पार्टी की मर्यादा को ध्यान में रखते हुए संयमित शब्दों में लिखा। इंदौर की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया indore news पर क्लिक करें.

MP NEWS- महिला कांग्रेस पर दिग्विजय सिंह का कब्जा बरकरार, नूरी का नंबर नहीं लगा

Posted: 02 Mar 2022 05:04 AM PST

भोपाल
। मध्य प्रदेश महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष पद के मामले में कमलनाथ के कैंप से भले ही दिग्विजय सिंह के किले पर जबरदस्त हमला हुआ हो परंतु महिला कांग्रेस पर दिग्विजय सिंह का कब्जा बरकरार है। प्रदेश अध्यक्ष के पद पर विभा पटेल की नियुक्ति की आधिकारिक घोषणा हो गई है। 

नूरी का नंबर नहीं लगा, कमलनाथ ने वचन दिया था

उज्जैन की महिला नेता नूरी खान ने पिछले दिनों कमलनाथ से नाराज होकर इस्तीफा दे दिया था। कहा था कि इस्तीफा उनका अंतिम फैसला है परंतु कमलनाथ के एक फोन कॉल पर इस्तीफा वापस हो गया। कांग्रेस सूत्रों ने बताया कि कमलनाथ ने नूरी खान को महिला कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष बनाने का वचन दिया है। कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि पिछले दिनों महिला कांग्रेस की पूरी कार्यकारिणी बंद कर देने के पीछे भी नूरी खान के मामले में कमलनाथ की प्रतिष्ठा थी। कमलनाथ के समर्थकों को विश्वास था कि इस बार नूरी खान की नियुक्ति जरूर हो जाएगी। 

दिग्विजय सिंह ने सबसे पहले विभा पटेल का नाम प्रस्तावित किया था

महिला कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष के पद पर जब नियुक्ति की बात चली तो दिग्विजय सिंह ने सबसे पहले विभा पटेल का नाम प्रस्तावित किया था परंतु कमलनाथ सहमत नहीं हुए, इसलिए अर्चना जायसवाल को महिला कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष बना दिया गया था। मध्य प्रदेश की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया mp news पर क्लिक करें.

BHOPAL NEWS- जंगल में रेव पार्टी, कई VIPs के बच्चे पकड़े गए, पुलिस ने लिखा पढ़ी की और फाइल क्लोज

Posted: 02 Mar 2022 04:50 AM PST

भोपाल
। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल की केरवा डैम वाले जंगल में पुलिस ने मंगलवार की रात बड़ी कार्रवाई करते हुए एक रेव पार्टी को पकड़ने में सफलता हासिल की। बुधवार की सुबह यह बड़ी खबर, छोटी सी रह गई क्योंकि आयोजक के अलावा किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। 

VIPs के दर्जनों बच्चे प्रतिबंधित दवाओं के नशे में धुत थे 

सूत्रों ने बताया कि जिस समय पुलिस की टीम छापामार कार्रवाई करने पहुंची उस समय भोपाल शहर के कई नामी और प्रतिष्ठित लोगों के बच्चे नशे में धुत थे। पुलिस की कार्रवाई के दौरान एक भी बच्चा भाग नहीं पाया। पुलिस की टीम ने सब को हिरासत में लिया और सब के नाम पत्र भी लिखे गए। 

बाद में पता चला कि पुलिस ने केवल आयोजक के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पकड़े गए बच्चों का मेडिकल तक नहीं कराया गया। पुलिस ने बच्चों को उनके पेरेंट्स के हवाले कर दिया। उस व्यक्ति के खिलाफ भी कार्रवाई नहीं की गई जिसने प्रतिबंधित दवाओं की सप्लाई की थी। भोपाल की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया bhopal news पर क्लिक करें।

JAH GWALIOR- यहां जिंदा मरीजों को मार दिया जाता है, 4 दिन में दूसरी घटना

Posted: 02 Mar 2022 04:27 AM PST

ग्वालियर। किसी जमाने में अनुभवी डॉक्टर और अच्छे इलाज के लिए मध्य प्रदेश सहित सीमावर्ती उत्तर प्रदेश और राजस्थान तक लोकप्रिय हुआ ग्वालियर का जयारोग्य चिकित्सालय, अब मिसमैनेजमेंट के कारण बदनाम हो चुका है। पिछले कुछ दिनों से यहां जिंदा मरीजों को मारा जा रहा है। पिछले 4 दिन में दो घटनाएं सामने आ चुकी हैं। संभव है कुछ और भी हुई हो जिनकी शिकायत नहीं हुई। 

JAH GWALIOR- जिंदा मरीज को मरा बताकर वेंटिलेटर हटा दिया

ताजा मामले में मरीज का नाम शिव कुमार उपाध्याय है, जो मुरैना के रहने वाले थे। अच्छे इलाज की उम्मीद में जयारोग्य चिकित्सालय आए थे। यहां वेंटिलेटर पर थे। इलाज के दौरान अचानक मौजूद जूनियर डॉक्टर और नर्सों ने वेंटिलेटर से हटा दिया एवं शिव कुमार उपाध्याय को मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने देखा तो शिव कुमार की धड़कन चल रही थी। उन्होंने हंगामा किया। बात अस्पताल के अधीक्षक डॉ आरकेएस धाकड़ तक पहुंची। मरीज जिंदा था। फिर से वेंटिलेटर लगाया गया, लेकिन इस पूरी प्रक्रिया में जिंदगी की उम्मीद टूट चुकी थी। वेंटिलेटर लगाने के थोड़ी देर बाद शिव कुमार की मृत्यु हो गई। 

4 दिन पहले जिंदा महिला को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था 

अच्छे डॉक्टर की तलाश में उत्तर प्रदेश के महोबा से नरपत सिंह अपनी पत्नी का इलाज कराने के लिए ग्वालियर आए थे। महिला को ट्रामा सेंटर में भर्ती किया गया। 24 घंटे बाद शुक्रवार 4:30 बजे डॉक्टर ने महिला को मृत घोषित करके पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। बॉडी को डेड हाउस ले जाया गया। यहां फ्रीजर में रखने से पहले जब शोक में डूबे हुए नरपत सिंह ने अपनी पत्नी को हाथ लगाया तो वह चौक उठा। शरीर में हलचल हो रही थी। महिला जिंदा थी। 

जानलेवा लापरवाही पर अस्पताल प्रशासन क्या करता है 

उत्तर प्रदेश की महिला की मृत्यु के मामले में अस्पताल प्रशासन में जिम्मेदार डॉक्टर को नोटिस देकर जवाब मांगा है लेकिन 4 दिन बाद समाचार लिखे जाने तक कोई कार्यवाही नहीं की गई। ताजा मामले में 2 नर्सों को सस्पेंड किया गया है और दो जूनियर डॉक्टरों को नोटिस दिया गया है। उल्लेख करना प्रासंगिक है के डॉक्टर जूनियर हैं फिर भी सस्पेंड नहीं किया गया है।

एक डॉक्टर कहते हैं परिजन परेशान करें तो मरीज को मार दो

कुछ सालों पहले एक ऑडियो वायरल हुआ था जिसमें मरीज के परिजनों द्वारा रात के समय डॉक्टर को इलाज के लिए बुलाने पर, एक डॉक्टर ने मोबाइल फोन पर अपने जूनियर डॉक्टर को निर्देशित किया था कि यदि मरीज के परिजन ज्यादा परेशान करें तो मरीज को मार देना। इत्तेफाक से जिस मोबाइल पर बात की जा रही थी वह मरीज के परिजन का था। सालों बीत गए, उस मामले में भी कोई कार्यवाही नहीं हुई। ग्वालियर की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया GWALIOR NEWS पर क्लिक करें.

KISAN NEWS- सूरजमुखी की फसल कीजिए, डबल मुनाफा होगा, पढ़िए क्या बदल गया जो फायदा होगा

Posted: 02 Mar 2022 04:06 AM PST

रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध के कारण दुनिया भर में सूरजमुखी के तेल की सप्लाई पर काफी बड़ा प्रभाव पड़ेगा क्योंकि यूक्रेन सूरजमुखी के मामले में दुनिया का लीडर है। इस समाचार का दूसरा पहलू यह है कि भारत के किसानों के पास एक अवसर है। यदि वह सूरजमुखी की फसल करते हैं तो उन्हें अच्छा मुनाफा होगा, क्योंकि बाजार से सूरजमुखी की डिमांड कम नहीं होने वाली, और भारत सूरजमुखी का निर्यातक देश बन सकता है। 

पहले आंकड़ों पर बात करते हैं

दुनिया भर में सूरजमुखी का सबसे ज्यादा उत्पादन (13,626,890 टन) यूक्रेन में किया जाता है। 
सूरजमुखी का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक (11,010,197 टन) देश रूस है। 
भारत की गिनती टॉप टेन में भी नहीं आती। 
यूक्रेन और रूस मिलकर दुनिया भर में सबसे ज्यादा सूरजमुखी का निर्यात करते हैं। 
दोनों देशों का कुल उत्पादन, टॉप टेन में मौजूद शेष 8 देशों के टोटल से भी ज्यादा है। 
बताने की जरूरत नहीं की है ऐसी विषम परिस्थिति में यूक्रेन की फसलें बर्बाद हो चुकी होंगी और आने वाले 2-3 सालों तक यूक्रेन का निर्यात प्रभावित रहेगा। 

भारतीय किसानों के सामने नया अवसर 

भारत के ज्यादातर किसान पारंपरिक खेती करना पसंद करते हैं परंतु पिछले कुछ सालों में किसानों ने फायदे वाली खेती करने की शुरुआत की है। 
दुनिया को 13,626,890 टन सूरजमुखी की जरूरत है, भारतीय किसान इसकी पूर्ति कर सकते हैं।
सूरजमुखी की फसल किसी भी प्रकार की मिट्टी में उगाई जा सकती है।
जो मिट्टी ज्यादा पानी सोख लेती है, वह मिट्टी सूरजमुखी के लिए सबसे अच्छी मानी जाती है। 
सूरजमुखी की फसल को वर्ष में 3 बार रबी, खरीफ एवं जायद सीजन में बोया जा सकता है।
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GWALIOR NEWS- बैंड वालों ने दूल्हा-दुल्हन सहित पूरी बारात को पीटा

Posted: 02 Mar 2022 03:39 AM PST

ग्वालियर
। मुरैना जिले की कैलारस में बैंड वालों की गैंग ने ग्वालियर से गई बारात सहित दूल्हा दुल्हन पर भी हमला कर दिया। पूरे पंडाल में तोड़फोड़ कर डाली। भारी उपद्रव मचाया। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। 

मुरैना पुलिस की ओर से बताया गया कि ग्वालियर से एक बारात कैलारस में आई हुई थी। कुछ बाराती बैंड वालों से फरमाइशी गाने बजाने के लिए दबाव बना रहे थे। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच बहस हो गई। बारात में मौजूद कुछ लोगों ने बैंड वालों के साथ हाथापाई कर दी। नियमानुसार बैंड वालों को पुलिस से शिकायत करनी चाहिए थी परंतु उन्होंने ऐसा नहीं किया बल्कि बदले की कार्रवाई की। 

बैंड वालों ने अपने साथियों को बुला लिया और एक गिरोह बनाकर विवाह समारोह स्थल पर हमला कर दिया। जो सामने आया उसके साथ मारपीट की गई। जिन बारातियों को विवाद के विषय में जानकारी तक नहीं थी, उनको भी पीटा गया। इतना ही नहीं उपद्रवी बैंड वालों ने दूल्हा एवं दुल्हन के साथ भी मारपीट कर डाली। पूरे मैरिज गार्डन में तोड़फोड़ की गई। उनके हमले से बचने के लिए आयोजकों द्वारा पुलिस बुलाई गई तब कहीं जाकर मामला शांत हो पाया। पुलिस ने बैंड वालों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। ग्वालियर की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया GWALIOR NEWS पर क्लिक करें.

MP NEWS- दमोह में पटवारियों का नेता गिरफ्तार, लोकायुक्त ने रिश्वत लेते पकड़ा

Posted: 02 Mar 2022 03:42 AM PST

सागर
। लोकायुक्त पुलिस की टीम ने छापामार कार्रवाई करते हुए मध्य प्रदेश के दमोह में पटवारी देवेंद्र पटेल को गिरफ्तार किया है। लोकायुक्त पुलिस का दावा है कि देवेंद्र पटेल को उस समय गिरफ्तार किया गया जब वह एक व्यक्ति से प्लॉट की नपती के लिए रिश्वत ले रहे थे। उल्लेखनीय है कि देवेंद्र पटेल दमोह जिले में पटवारियों के नेता हैं। 

लोकायुक्त पुलिस सागर ने बताया कि रिंकू जैन, उम्र 41 वर्ष  ग्राम गैसाबाद तहसील हटा जिला दमोह ने शिकायत की थी कि पटवारी देवेंद्र पटेल प्लॉट की नपती करने के लिए ₹10000 रिश्वत मांग रहे हैं। रिश्वत न देने की स्थिति में शासकीय कर्तव्य का निर्वहन करने से इनकार करते हैं। लोकायुक्त पुलिस ने रिंकू जैन की शिकायत के समर्थन में साक्ष्य एकत्रीकरण किया। शिकायत सही पाए जाने पर प्लानिंग के साथ छापामार कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार कर लिया। 

उल्लेखनीय है कि पटवारी देवेंद्र पटेल, दमोह जिले में पटवारियों के संगठन के नेता हैं। विधायक रामबाई के साथ इनका विवाद हो गया था। किसानों की शिकायत मिलने के बाद महिला विधायक उपार्जन केंद्र पर पहुंची थी जहां महिला विधायक की डांट लगाने पर, इन्होंने काफी विवाद किया था। आरोप लगाया था कि महिला विधायक द्वारा सार्वजनिक स्थल पर उन्हें अपमानित किया गया। उस समय दावा किया गया था कि देवेंद्र पटेल बड़े ही ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ शासकीय सेवक हैं। किसानों ने झूठे आरोप लगाए हैं और महिला विधायक को इनसे माफी मांगनी होगी। कर्मचारियों से संबंधित महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया MP karmchari news पर क्लिक करें.

रुद्राक्ष महोत्सव मामला- UPSC और मैनेजमेंट के स्टूडेंट्स के लिए केस स्टडी

Posted: 01 Mar 2022 10:36 PM PST

भोपाल।
महाशिवरात्रि के अवसर पर मध्यप्रदेश के सीहोर जिले में लगातार दूसरे साल आयोजित रुद्राक्ष महोत्सव के दौरान जो कुछ भी हुआ उसके लिए केवल दो ही चीजों को जिम्मेदार माना जा रहा है। कलेक्टर ने सब्जेक्ट को लगातार इग्नोर किया और एसपी क्या इंफॉर्मेशन नेटवर्क प्रॉपर नहीं था। अन्यथा क्या कारण हो सकते हैं कि जब एक कथा वाचक 10000 स्क्वायर फीट पंडाल लगा रहा हो, 5000 स्वयंसेवकों की टीम तैनात कर दी गई हो वहां ट्रैफिक कंट्रोल के लिए पुलिस एवं प्रशासन के पास कोई प्लान नहीं था। 

कानून और व्यवस्था की स्थिति बिगड़ सकती थी

दिनांक 28 फरवरी को जिस प्रकार की परिस्थितियां बनी। भोपाल इंदौर नेशनल हाईवे पर ट्रैफिक जाम हुआ और फिर व्यास गद्दी पर बैठे पंडित प्रदीप मिश्रा ने 1 सप्ताह तक चलने वाले रुद्राक्ष महोत्सव को निरस्त करने की घोषणा की, सब कुछ काफी तनावपूर्ण हो सकता था। कानून और व्यवस्था की स्थिति बिगड़ सकती थी। UPSC के स्टूडेंट के लिए यह मामला एक केस स्टडी हो सकता है। 


सबको पता था कि कार्यक्रम बहुत बड़ा होगा

यह कार्यक्रम अचानक पर पहली बार नहीं हो रहा था। रुद्राक्ष महोत्सव का दूसरा साल था। आयोजकों ने ऐलान किया था कि 1 सप्ताह के भीतर कम से कम 1500000 लोग आएंगे। 10000 स्क्वायर फीट पंडाल लगाया गया था। नेपाल से 11.51 लाख रुद्राक्ष मंगवाई गए थे। कार्यक्रम की व्यवस्था के लिए 2000 पुरुष और 3500 महिला स्वयं सेवकों को नियुक्त किया गया था। सुबह 7:00 बजे घर से लेकर रात 10:00 बजे तक लगातार भंडारा चलने वाला था। उपरोक्त तमाम व्यवस्थाएं अपने आप में यह बताने के लिए काफी थी कि कार्यक्रम बहुत बड़ा होने वाला है। 

ऐसे मामलों में प्रशासन हमेशा आयोजकों के साथ संबंध में बनाते हुए अपनी व्यवस्था में बनाता है। आयोजक के खर्चे एवं तैयारियों को ध्यान में रखते हुए प्रशासन अपनी तैयारियां कर लेता है। मैनेजमेंट के स्टूडेंट्स के लिए यह मामला एक उदाहरण है कि कभी भी किसी भी इंफॉर्मेशन को इग्नोर नहीं करना चाहिए, और अपने इंफॉर्मेशन नेटवर्क को चेक करते रहना चाहिए। भोपाल की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया bhopal news पर क्लिक करें।

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