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Sunday, March 27, 2022

Bhopal Samachar | No 1 hindi news portal of central india (madhya pradesh)

Bhopal Samachar | No 1 hindi news portal of central india (madhya pradesh)


INDORE में GATE 2022 के लिए फ्री कोचिंग, SGSITS का बड़ा कदम

Posted: 27 Mar 2022 07:07 AM PDT

इंदौर
। प्रतियोगी परीक्षा और एडमिशन टेस्ट शिक्षा के बाजार में बड़े कारोबार बन रहे हैं लेकिन मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा इंजीनियरिंग संस्थान श्री गोविंदराम सेकसरिया प्रौद्योगिकी एवं विज्ञान संस्थान GATE की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स को फ्री कोचिंग उपलब्ध कराने जा रहा है।

GATE 2022 ग्रेजुएट एप्टीट्यूड टेस्ट इन इंजीनियरिंग 2022 के लिए फ्री कोचिंग का आयोजन किया गया है। इसमें केवल SGSITS के स्टूडेंट्स नहीं बल्कि सभी संस्थाओं के इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स को पढ़ाई करने का मौका दिया जाएगा। कोचिंग में SGSITS के एक्सपीरियंस होल्डर प्रोफेसर GATE की तैयारी करवाएंगे। उल्लेख प्रासंगिक है कि हाल ही में जारी हुए GATE रिजल्ट में SGSITS के 300 से ज्यादा स्टूडेंट्स ने टॉप रैंक में अपनी जगह बनाई है। हर साल टॉप 20 में SGSITS का कोई ना कोई स्टूडेंट हमेशा होता है।

SGSITS INDORE के डायरेक्टर का स्टेटमेंट

संस्थान के निदेशक प्रो. राकेश सक्सेना का कहना है कि प्रदेश में गेट में सबसे बेहतर परिणाम हमारे संस्थान के रहते हैं। चूंकि कई विद्यार्थी जो प्लेसमेंट कंपनियों की प्रक्रिया में बैठने से मना कर देते हैं और वे आइआइटी से एमटेक या केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में गेट स्कोर कार्ड के आधार पर नौकरी करना चाहते हैं। ऐसे में कालेज की जिम्मेदारी बनती है कि जब तक विद्यार्थी का करियर बेहतर न बन जाए, उन्हें हर तरह की मदद देना चाहिए। कोरोना महामारी के दौरान भी हमारे यहां के प्रोफेसर्स ने परीक्षा की तैयारी में विद्यार्थियों की काफी मदद की है। उच्च शिक्षा, सरकारी और प्राइवेट नौकरी एवं करियर से जुड़ी खबरों और अपडेट के लिए कृपया MP Career News पर क्लिक करें.

MPPEB पेपर आउट विवाद- CM के OSD ने कांग्रेसी नेताओं के खिलाफ FIR दर्ज कराई- MP PEB NEWS

Posted: 27 Mar 2022 06:46 AM PDT

भोपाल
। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के ओएसडी श्री लक्ष्मण सिंह मरकाम ने कांग्रेस पार्टी के नेता श्री केके मिश्रा सहित अन्य के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। पुलिस ने आरोपी नेताओं के खिलाफ अधिकारी की छवि धूमिल करने और एट्रोसिटी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया है। 

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के उप सचिव श्री लक्ष्मण सिंह मरकाम ने अपनी शिकायत में बताया है कि कांग्रेस नेता श्री केके मिश्रा ने सोशल मीडिया पर उनकी छवि धूमिल की है। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के SC-ST कल्याण थाने में मामला दर्ज किया गया है। उल्लेखनीय है कि दिनांक 26 मार्च 2022 को सोशल मीडिया पर एक मोबाइल फोन का स्क्रीन शॉट वायरल हो रहा था। दावा किया गया था कि प्राथमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा दिनांक 25 मार्च 2022 का पेपर और आंसर शीट आउट किए गए। मोबाइल पर लक्ष्मण सिंह नाम लिखा हुआ था। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के ट्विटर हैंडल से दावा किया गया कि यह स्क्रीनशॉट मुख्यमंत्री के उप सचिव श्री लक्ष्मण सिंह मरकाम के मोबाइल फोन के हैं।

केके मिश्रा ने कहा- एट्रोसिटी एक्ट का दुरुपयोग

FIR दर्ज होते ही कांग्रेस नेता केके मिश्रा ने शिवराज सरकार पर तंज कसते हुए धन्यवाद कहा है। उन्होंने ट्वीट किया 'धन्यवाद सरकार, अन्य मामलों में मुझे डरा/खरीद नहीं पाए तो अब एट्रोसिटी एक्ट का दुरुपयोग, FIR! मुझे खुशी होती इसके पहले शिक्षक भर्ती वर्ग-3 परीक्षा धांधली को लेकर दोषियों के खिलाफ FIR होती? 'सच व भ्रष्टाचार के खिलाफ बोलने से न तब डरा था न अब डरूंगा।' मध्य प्रदेश की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया mp news पर क्लिक करें.

MP HOUSING BOARD नामांतरण ऑनलाइन, कर्मचारियों की मनमानी नहीं चलेगी

Posted: 27 Mar 2022 06:22 AM PDT

भोपाल
। मध्य प्रदेश हाउसिंग बोर्ड में प्रॉपर्टी खरीदने वालों को हाउसिंग बोर्ड के कर्मचारियों की प्रताड़ना से कुछ तो राहत मिलेगी। हाउसिंग बोर्ड की नामांतरण प्रक्रिया 1 अप्रैल 2022 से ऑनलाइन हो जाएगी। उल्लेख अनिवार्य है कि मध्य प्रदेश हाउसिंग बोर्ड आज भी 80 के दशक में बनाए गए नियमों के अनुसार चल रहा है। यहां किसी भी प्रकार का शुल्क जमा करने के लिए पहले ऑफिस से बैंक चालान कलेक्ट करना होता है फिर बैंक जाकर पैसा जमा कराओ और लौटकर ऑफिस में चालान जमा करो। 

मध्य प्रदेश हाउसिंग बोर्ड में नियमानुसार नामांतरण के लिए रिश्वत लगती है

हाउसिंग बोर्ड द्वारा निर्धारित नियम के मुताबिक आवेदन करने के एक से डेढ़ माह बाद नामांतरण कर दिया जाना चाहिए, लेकिन अक्सर पांच से छह महीने तक परेशान किया जाता है। नामांतरण कराने के लिए हितग्राही को बोर्ड के कार्यालय जाकर फार्म भरना पड़ता है। इसमें सभी आवश्यक कागज साथ लगाए जाते हैं। नामांतरण का कितना शुल्क जमा करना होगा, यह हितग्राही को बाद में बताया जाता है। इसके लिए हितग्राही को कई चक्कर लगाने पड़ते हैं। जब खरीदार परेशान हो जाता है तब उसे बताया जाता है कि नियमानुसार नामांतरण में भी रिश्वत खर्च करनी होगी। ज्यादातर लोग टूट चुके होते हैं। पैसा दे देते हैं। कुछ लोग शिकायत करते हैं क्योंकि वह नियम के विरुद्ध कुछ नहीं कर रहे हैं।

मध्य प्रदेश हाउसिंग बोर्ड में ऑनलाइन नामांतरण कैसे होगा

हाउसिंग बोर्ड की ऑफिशल वेबसाइट पर ऑनलाइन नामांतरण का विकल्प मिलेगा। 
एक एप्लीकेशन फॉर्म मिलेगा जिसे भरकर वेबसाइट पर अपलोड करना है। 
फॉर्म अपलोड करते ही तारीख मिल जाएगी। हाउसिंग बोर्ड द्वारा दस्तावेजों का निरीक्षण किया जाएगा। 
निर्धारित तारीख पर हाउसिंग बोर्ड की वेबसाइट पर यह जानकारी मिल जाएगी फॉर्म में कोई कमी तो नहीं है। 
निर्धारित निर्देशों का पालन करने के बाद ऑनलाइन नामांतरण शुल्क जमा करने का विकल्प मिलेगा। 
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MP karmchari news- पुरानी पेंशन के लिए सीधी में सड़कों पर उतरे संयुक्त मोर्चा के कर्मचारी

Posted: 27 Mar 2022 06:05 AM PDT

सीधी
। नई पेंशन स्कीम के स्थान पर पुरानी पेंशन लागू करने के लिए सीधी जिले के मुख्यालय में आज कर्मचारियों का हुजूम उमड़ा। दूरस्थ अंचलों कुसमी, सिहावल, रामपुर नैकिन, मझौली, बहरी और स्थानीय तहसील गोपद बनास के  सभी विभाग के कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन की बहाली के लिए आज स्थानीय पूजा पार्क में एकत्रित हुए। 

विभिन्न विभाग के कर्मचारियों ने पूजा पार्क में पुरानी पेंशन स्कीम और नई पेंशन स्कीम में क्या अंतर है ,को अपने साथियों को बताया और अपने अपने विचार व्यक्त किए ।तत्पश्चात गगनभेदी नारे लगाते हुए पंक्तिबद्ध तरीके से पूजा  पार्क से कलेक्ट्रेट तक पैदल सह वाहन रैली निकालकर, माननीय मुख्यमंत्री महोदय मध्यप्रदेश को ,जिला कलेक्टर सीधी के माध्यम से एक सूत्रीय मांग का ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से 2005 से बंद पुरानी पेंशन को मध्यप्रदेश सिविल सेवा पेंशन अधिनियम 1976 के अनुसार जस का तस लागू करने का अनुरोध किया गया है। 

नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठता दी जाय। समस्त विभाग के कर्मचारियों ने माननीय मुख्यमंत्री महोदय से अनुरोध किया है कि आपके नेतृत्व में आपकी सरकार ने कर्मचारी हितैषी कई निर्णय लिए हैं और इस बार भी पुरानी पेंशन लागू करके आप भी लाखों कर्मचारियों के दिलों में अपनी जगह बनाएंगे। ज्ञापन में मुख्य रूप से शासकीय अध्यापक संगठन शिक्षा विभाग,राजस्व विभाग,स्वास्थ्य विभाग,महिला बाल विभाग ,सिंचाई विभाग के लगभग पांच हजार अधिकारी कर्मचारी शामिल हुए। 
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SATNA की छात्रा ने BHOPAL में सुसाइड किया, किसी लड़के का फोन आया था - MP NEWS

Posted: 27 Mar 2022 05:43 AM PDT

भोपाल
। मध्यप्रदेश के सतना से पढ़ाई करने के लिए आई 19 वर्षीय छात्रा प्राची सेन ने आत्महत्या कर ली। कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है लेकिन उसकी मां ने बताया कि किसी लड़के का फोन आया था। छोटे भाई ने कहा कि गांव का एक लड़का प्राची को परेशान करता था। पुलिस मामले का इन्वेस्टिगेशन कर रही है। कहीं यह ब्लैकमेलिंग का मामला तो नहीं। 

सतना के रहने वाले श्री मुन्ना लाल सेन की बेटी प्राची भोपाल के एमएलबी कॉलेज से बीएससी की पढ़ाई कर रही थी। प्राची की मां भोपाल में उसके साथ रहती थी। शनिवार को दोपहर करीब 3:30 बजे प्राची कॉलेज से घर आई। मां के साथ बैठकर टीवी में धार्मिक प्रवचन सुन रही थी। तभी उसके मोबाइल पर गांव के एक लड़के का फोन आया। इस फोन के बाद प्राची ने फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया। 

छोटे भाई ने बताया कि उनके परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। लॉकडाउन के समय पूरा परिवार सतना चला गया था। उसी समय एक लड़के से उसकी पहचान हुई थी। वही लड़का प्राची को परेशान कर रहा था। भोपाल की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया bhopal news पर क्लिक करें।

GWALIOR NEWS- 20 लाख वेतन, 20 करोड़ की प्रॉपर्टी, छानबीन जारी है

Posted: 27 Mar 2022 06:01 AM PDT

ग्वालियर
। शहर में इन दिनों केवल 2 नाम सुर्खियों में है। पहला ज्योतिरादित्य सिंधिया और दूसरा सहायक शिक्षक प्रशांत सिंह परमार। प्रशांत को 16 साल की नौकरी में ₹2000000 वेतन मिला है लेकिन EOW की छानबीन के दौरान अब तक ₹200000000 की प्रॉपर्टी का पता चल चुका है। मध्यप्रदेश शासन आर्थिक अपराध शाखा के अधिकारियों का कहना है कि छानबीन अभी जारी है। समाचार लिखे जाने तक प्रशांत सिंह परमार का कोई ऑफिशल स्टेटमेंट प्राप्त नहीं हुआ था।

प्रशांत सिंह परमार- शिक्षक नहीं शिक्षा माफिया है, EOW का दावा

छानबीन करने वाली टीम के एक सदस्य ने चुपके से बताया कि जिस तरह के डाक्यूमेंट्स हाथ में लग रहे हैं, प्रशांत सिंह परमार शिक्षक नहीं बल्कि शिक्षा माफिया है। यह आय से अधिक संपत्ति का मामला नहीं है बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा घोटाला है। EOW सूत्रों ने बताया कि शासकीय कर्मचारी होने के बावजूद प्रशांत सिंह ने परमार एजुकेशन ट्रस्ट का गठन किया। कुछ चेयरमैन बना और अपनी पत्नी को डायरेक्टर बनाया। ग्वालियर सहित कई जिलों में डीएड, बीएड और नर्सिंग कालेज संचालित कर रहा है। बिहार और झारखंड में ऑफिस खोले हुए हैं। 

धौलपुर राजस्थान का रहने वाला है प्रशांत सिंह परमार

शिक्षा विभाग ग्वालियर के सूत्रों ने बताया कि प्रशांत सिंह परमार राजस्थान के धौलपुर का रहने वाला है। नौकरी की तलाश में ग्वालियर आया था। हजीरा में अपने दोस्त के साथ रहता था। 12वीं पास करने के बाद दोस्त के साथ ही वह 8वीं व 10वीं कक्षा के बच्चों को कोचिंग पढ़ाने लगा था। कोचिंग पढ़ाने के दौरान प्रशांत 10वीं व 12वीं कक्षा के छात्रों को पास कराने का ठेका लेने लगा। इसके बाद वह पुरानी छावनी स्थित स्कूल में बच्चों को प्रवेश दिलाकर पास कराने का ठेका लेने लगा था। इस तरह उसने शिक्षा के क्षेत्र में घोटाले करना शुरू कर दिए। सरकारी नौकरी मिलने के बाद भी उसने अपने काम धंधे बंद नहीं किए। ग्वालियर की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया GWALIOR NEWS पर क्लिक करें.

MP NEWS- सरकारी मिडिल स्कूलों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पढ़ाया जाएगा: मुख्यमंत्री

Posted: 27 Mar 2022 04:36 AM PDT

भोपाल
। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पचमढ़ी में मंत्रिमंडल की चिंतन बैठक के दौरान कहा कि सभी सरकारी स्कूलों में कक्षा आठ से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पढ़ाया जाएगा। 

MP SCHOOL EDUCATION- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस 240 घंटों का पाठ्यक्रम होगा

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अपने मंत्रिमंडल के साथ मध्य प्रदेश के हिल स्टेशन पचमढ़ी में चिंतन बैठक कर रहे हैं। इस दौरान कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई और डिसीजन लिए गए। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने आज प्रेस को बताया कि मध्यप्रदेश में कक्षा 8 से Artificial Intelligence (ai) का पाठ्यक्रम प्रारंभ होगा। 240 घंटों का पाठ्यक्रम होगा, शासकीय स्कूलों में हम इसे प्रारंभ करेंगे। 

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्या होता है 

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का मतलब होता है कृत्रिम बुद्धि। यानी कि एक ऐसा कंप्यूटर जो इंसानों की तरह क्रिया की प्रतिक्रिया करता है। यदि आप गूगल के सर्च इंजन का उपयोग करते हैं, और गूगल क्रोम में किसी सब्जेक्ट को सर्च करने के लिए वॉइस कमांड देते हैं तो सर्च इंजन की तरफ से जो रिजल्ट दिखाई देता है। वह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस है। आपके सवाल को समझना और उसके अनुसार जवाब ढूंढ कर लाना। इसके माध्यम से काड्राइव की जा सकती है। हवाई जहाज उड़ाए जा सकते हैं, और बहुत सारे वह काम किए जा सकते हैं जो इंसान करते हैं। मध्य प्रदेश की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया mp news पर क्लिक करें.

BHOPAL NEWS- एक रात में 511 बदमाश गिरफ्तार, 1200 पुलिस वालों की काॅम्बिंग गश्त

Posted: 26 Mar 2022 10:34 PM PDT

भोपाल
। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के इतिहास में यह एक रिकॉर्ड है। पुलिस ने पूरे शहर में काॅम्बिंग गश्त करके एक रात में 511 ऐसे बदमाशों को गिरफ्तार किया जिनके खिलाफ कोर्ट से वारंट जारी हुए हैं लेकिन वह कोर्ट में पेश नहीं हो रहे हैं। इसके अलावा 12 ऐसे बदमाश भी पकड़े गए, जिन्हें कलेक्टर ने जिला बदर कर दिया था परंतु फिर भी घर पर आराम कर रहे थे। पुलिस कमिश्नर ने सभी के खिलाफ NSA की कार्रवाई की है। 

पुलिस की सरप्राइज काॅम्बिंग गश्त क्या होती है, क्यों की जाती है

गुंडे-बदमाशों की धरपकड़ के लिए पुलिस द्वारा समय-समय पर काॅम्बिंग गश्त की जाती है। भोपाल कमिश्नर सिस्टम की इस दूसरी काॅम्बिंग गश्त में एडिशनल पुलिस कमिश्नर सचिन अतुलकर, सभी डीसीपी, एडि. डीसीपी, एसीपी, थाना प्रभारी समेत 1200 पुलिसकर्मी शामिल थे। सभी को पुलिस कंट्रोल रूम बुलाया गया और टास्क दिया गया। हर थाने में 5-5 पुलिसकर्मियों की 5-5 टीमें तैयार की गई थीं। इस प्रकार करीब 200 टीमों ने एक साथ अपने-अपने थाना क्षेत्रों में काॅम्बिंग गश्त के दौरान गुंडे-बदमाशों की सर्चिंग शुरू की।

BHOPAL POLICE- 1200 जवान शहर के बदमाशों से होली मिलने पहुंचे, 511 को पकड़ लाए

रात 10.30 बजे से सुबह 5 बजे तक चली सरप्राइज कॉम्बिंग गश्त में 260 स्थायी एवं 251 गिरफ्तारी वारंट समेत कुल 511 वारंट तामील कर गुंडे-बदमाशों को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा जमानती वारंट, जिला बदर, फरार आरोपी, 110, 107/116 के 400 नोटिस तामील किए गए हैं। इस दौरान जिला बदर का उल्लंघन करने वाले 12 बदमाशों को गिरफ्तार कर रासुका के तहत कार्रवाई की गई है। साथ ही लगभग 250 से अधिक हिस्ट्रीशीटर बदमाशों को चैक किया गया।

6.30 घंटे में निपटाया महीनों का काम: ACP सचिन अतुलकर

कॉम्बिग गश्त सरप्राइज होने की वजह से गुंडे और बदमाशों को सतर्क होने और भागने का मौका नहीं मिल सका, जिससे भारी संख्या में स्थायी एवं गिरफ्तारी वारंट तामील किए गए। भोपाल पुलिस द्वारा एक साथ इतनी बड़ी संख्या में वारंट तामीली पहली बार हुई है, जिसे तामील करवाने में अमूमन महीनों लग जाते हैं। इसके पूर्व 5 फरवरी को भी काॅम्बिंग गश्त में 258 वारंट तामील हुए थे। -सचिन अतुलकर, एडि. पुलिस कमिश्नर, भोपाल
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BHOPAL NEWS- साल भर का एडवांस पार्किंग शुल्क लिया जाएगा, नगर निगम का नया नियम

Posted: 26 Mar 2022 10:19 PM PDT

भोपाल
। राजधानी में पार्किंग का पैसा जनता से तो वसूला जाता है लेकिन सरकारी खाते में जमा नहीं होता। इसलिए नगर निगम प्रशासन ने लोगों से साल भर का एडवांस पार्किंग शुल्क लेने का फैसला किया है। वाहनों पर PARKING PAID का स्टीकर लगा दिया जाएगा। आप अपना वाहन कहीं पर भी पाक कर सकते हैं। कोई पैसा नहीं लगेगा। 

BHOPAL NEWS- 1 साल की एडवांस पार्किंग फीस कितनी होगी

पिछले 10 सालों में पार्किंग का पैसा सरकारी खाते में जमा कराने के लिए नगर निगम ने सब कुछ कर के देख लिया परंतु पार्किंग का पैसा वसूलने वालों ने नगर निगम का हर प्लान फेल कर दिया। अब 1 अप्रैल से हैदराबाद की तर्ज पर साल में एक बार फोर व्हीलर से 450 रुपए और टू व्हीलर से 200 रुपए पार्किंग शुल्क के रूप में लिए जाएंगे और उन वाहनों पर पार्किंग पेड का स्टीकर चिपकाया जाएगा। इससे लगभग 20 करोड़ रुपए की आय होने का अनुमान है। 

BHOPAL TODAY- बाजार से 50 करोड़ वसूले, सरकारी खाते में 1.5 करोड़ जमा

निगम ने पिछले साल पार्किंग से लगभग 3 करोड़ रुपए आय होने का अनुमान लगाया था, लेकिन कांट्रेक्टर ने 1.5 करोड़ रुपए की जमा कराएं। जबकि वाहनों की संख्या और पार्किंग फीस के हिसाब से साल भर में लगभग ₹500000000 जमा होना चाहिए। इस प्रॉब्लम के सलूशन के लिए हैदराबाद और इंदौर के मॉडल को स्टडी किया गया। हैदराबाद में साल भर की एडवांस फीस ली जाती है और इंदौर में गाड़ी खरीदते समय ही पार्किंग टैक्स लग जाता है।

भोपाल में इंदौर और हैदराबाद का हाइब्रिड मॉडल लागू करेंगे: नगर निगम कमिश्नर

इंदौर और हैदराबाद के हाइब्रिड मॉडल को लागू करेंगे। इसमें पुराने वाहनों से साल भर का पार्किंग शुल्क लेकर पार्किंग स्थल पर होने वाली वसूली बंद कर देंगे। इसके लिए इंश्योरेंस कंपनी की मदद लेंगे और नई गाड़ियों की खरीद पर भी टैक्स लगाएंगे। एक हफ्ते के भीतर फाइनल ड्राफ्ट सामने आ जाएगा। -वीएस चौधरी कोलसानी, कमिश्नर, ननि 
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GWALIOR NEWS- सिटी सेंटर से युवक का अपहरण, 2 CAR आईं, गन पॉइंट पर उठा ले गए

Posted: 26 Mar 2022 09:51 PM PDT

ग्वालियर
। शहर के सबसे पॉश इलाके सिटी सेंटर में विनीत भदौरिया नाम के एक युवक का सरेआम अपहरण कर लिया गया। दो कारों में सात युवक आए, पिस्तौल अड़ाई, बेल्ट और लात घूसों से पीटना शुरू किया और कार में डालकर ले गए। बताया गया है कि आधी रात के समय किडनैपिंग के बाद कार शहर की सड़कों पर दौड़ती रही और उसके अंदर विनीत भदौरिया की पिटाई होती रही। कार को किसी ने नहीं रोका। 

भगत सिंह नगर में रहने वाले रमेश भदौरिया का बेटा विनीत भदौरिया अपने एक दोस्त के साथ सिटी सेंटर स्थित एक्सिस बैंक के पास आया था। तभी दो कारों से आधा दर्जन युवक आए। कार सवारों ने नाम पूछा और पिस्टल सीने पर अड़ा दी। इसके बाद उसकी बेल्टों, डंडों से मारपीट कर उसे कार में डाल कर ले गए। विनीत के साथ मौजूद उसके दोस्त ने तत्काल पुलिस को किडनैपिंग की सूचना दे दी। कार, शहर की सड़कों पर दौड़ती रही परंतु किसी भी रोड पर कार को नहीं रोका गया। 

बाद में CAR सवार युवक घायल विनीत को लेकर महाराजपुरा थाने पहुंचे। वह विनीत के खिलाफ FIR दर्ज कराना चाहते थे। पुलिस ने उन्हें यूनिवर्सिटी थाने भेज दिया। विनीत की हालत गंभीर थी, इसलिए पुलिस ने घायल विनित भदौरिया का मेडिकल कराया और नितिन शर्मा, निखिल, नीरज गुर्जर, राजेश, अंकित चौरसिया को हिरासत में ले लिया। सभी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

विनीत ने पिता को गाली दी थी, इसलिए किडनैप करके पीटा

आरोपियों ने बताया कि मारपीट का शिकार युवक उनके पिता को कॉल कर गाली गलौज कर रहा था। इसलिए वह उसे उठा ले गए थे और मारपीट की थी। पिता से गाली देने का बदला लेने के लिए उसे पीटा था। उनका इरादा अपहरण का बिल्कुल भी नहीं था। ग्वालियर की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया GWALIOR NEWS पर क्लिक करें.

मध्यप्रदेश में पेड़ों की रजिस्ट्री फीस माफ, पढ़िए नया नियम- MP NEWS

Posted: 26 Mar 2022 10:21 PM PDT

भोपाल
। मध्यप्रदेश में किसानों और जमीदारों के लिए गुड न्यूज़ है। यदि आपको ही खेत, फार्म हाउस या जमीन खरीद रहे हैं तो आपको उसमें लगे हुए पेड़ों के लिए अलग से रजिस्ट्री फीस नहीं देनी पड़ेगी। उल्लेखनीय है कि पेड़ों को प्रॉपर्टी माना जाता है और अब से पहले तक सरकार जमीन के साथ पेड़ों की खरीद बिक्री पर टैक्स लिया करती थी।

मध्यप्रदेश में सागौन, साल, शीशम, साजा के अलावा फलदार पेड़ों की लगभग सभी प्रजातियां सरकारी दस्तावेजों में संपत्ति की तरह दर्ज की जाती है। जब कोई जमीन की खरीद बिक्री होती है तो उसमें पेड़ों का उल्लेख किया जाता है। कलेक्टर गाइडलाइन के लिए बनाए उपबंध में 2011-12 में निजी जमीन पर लगे पेड़ की रजिस्ट्री कराने पर शुल्क देना शामिल किया गया था, लेकिन अब इसे हटा दिया गया है। 

MP NEWS- वन विभाग और सब रजिस्ट्रार टैक्स बढ़ाना चाहते थे

पंजीयन विभाग के अफसरों ने बताया कि वन विभाग ने हाल में पेड़ों की रजिस्ट्री के लिए तय कीमत में वृद्धि करने का प्रस्ताव दिया था। साथ ही सब रजिस्ट्रारों ने सागौन और इमरती पेड़ की रजिस्ट्री में 10-10 हजार रुपए बढ़ाने का प्रस्ताव दिया था। वन विभाग के प्रस्ताव के अनुसार अभी तक सागौन के पेड़ की रजिस्ट्री के लिए 50 हजार प्रति पेड़ शुल्क देना पड़ता था। वन विभाग ने इसे बढ़ाकर 78 हजार रुपए प्रति पेड़ करने का प्रस्ताव दिया था, जबकि पंजीयन विभाग की तरफ से 60 हजार रुपए प्रति पेड़ लिए जाने का प्रस्ताव था। 

इसी तरह साल, शीशम, साजा, अन्य इमारती पेड़ों की रजिस्ट्री के लिए अभी तक 30 हजार प्रति पेड़ शुल्क लिया जाता है। वन विभाग ने इसे बढ़ाकर 40 हजार रुपए प्रति पेड़ करने की बात कही थी। लेकिन पंजीयन मुख्यालय ने शासन के अफसरों के साथ हुई बैठक के बाद इस उपबंध में बदलाव कर दिया है।

लेकिन सरकार इससे सहमत नहीं हुई। TAX बढ़ाने या घटाने से कोई परिणाम नहीं निकलने वाला था क्योंकि लोगों ने जमीन की खरीद बिक्री में पेड़ों का विवरण देना ही बंद कर दिया है। पिछले 10 सालों से पेड़ों की रजिस्ट्री में वृद्धि नहीं हुई है। इसलिए सरकार ने पेड़ों की रजिस्ट्री के टैक्स को खत्म करने का फैसला कर दिया। मध्य प्रदेश की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया mp news पर क्लिक करें.

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