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Sunday, March 27, 2022

Bhopal Samachar | No 1 hindi news portal of central india (madhya pradesh)

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कोल्ड ड्रिंक की बोतल नीचे से सपाट क्यों नहीं होती, 5 पॉइंट वाला बेस डिजाइन है या विज्ञान- GK in Hindi

Posted: 27 Mar 2022 01:39 PM PDT

तेल, पानी और कोल्ड ड्रिंक सहित लगभग सभी प्रकार के लिक्विड बोतल में आते हैं। क्या आपने कभी नोटिस किया है कि सभी बोतलों का बॉटम बेस एक जैसा नहीं होता। मिनरल वाटर और ऑयल आदि की बोतलों का बॉटम बेस फ्लैट होता है जबकि कोल्ड ड्रिंक की बोतल के बेस में 5 पॉइंट होते है। प्रश्न यह है कि कोल्ड ड्रिंक की बोतल नीचे से सपाट क्यों नहीं होती, 5 पॉइंट वाला बेस डिजाइन है या विज्ञान, आइए पता लगाते हैं:- 

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सबसे पहले तो हमें यह विश्वास करना होगा कि किसी भी प्रकार का डिजाइन बोतल के टॉप पर होता है, बॉटम पर नहीं। किसी भी बोतल का बॉटम बेस इस प्रकार से तैयार किया जाता है ताकि वह मजबूती के साथ एक स्थान पर खड़ी रहे। यदि बोतल का तला सपाट होगा तो स्वाभाविक है वह किसी भी आधार पर ज्यादा मजबूती से खड़ी होगी। यही कारण है कि मिनरल वाटर, ऑयल या अन्य कई प्रकार के लिक्विड के लिए जो बोतल यूज़ की जाती है उसका बॉटम बेस फ्लैट होता है। 

कोल्ड ड्रिंक की बोतल का बॉटम बेस फ्लैट क्यों होता है- general knowledge

केवल कोल्ड ड्रिंक ही नहीं बल्कि कुछ और भी लिक्विड हैं जिनकी बोतल का तला सपाट नहीं होता बल्कि 5 पॉइंट वाला होता है। इसके पीछे एकमात्र कारण यह है कि बोतल के अंदर कोल्ड ड्रिंक का कार्बोनेशन किया जाता है। ऐसी स्थिति में बोतल को एक ऐसे बॉटम बेस की जरूरत होती है जो कंपन या हिलने डुलने की स्थिति में बोतल के अंदर ड्रिंक में कार्बोनेशन की प्रक्रिया को होने से रोक दें। 

कोल्ड ड्रिंक की बोतल का तला सपाट कर दिया जाए तो क्या होगा, यहां पढ़िए

यदि कोल्ड ड्रिंक की बोतल का तल सपाट कर दिया जाएगा तो जिस स्थान पर उसे रखा जाएगा (कार में, ट्रेन में, टेबल पर, फ्रिज में) वहां पर आने वाली सभी तरंगे बोतल के अंदर भरे हुए ड्रिंक को प्रभावित करेंगी। कार्बोनेशन के कारण गैस बनेगी और एक समय ऐसा आएगा जब बोतल ब्लास्ट हो जाएगी। Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article 
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प्रियंका गांधी संभालेंगी कांग्रेस की कमान, INC में बड़े बदलाव पर विचार- INDIA NATIONAL NEWS

Posted: 27 Mar 2022 01:05 PM PDT

नई दिल्ली।
कांग्रेस पार्टी उत्तर प्रदेश का चुनाव भले ही हार गई हो परंतु प्रियंका गांधी जीत गईं। लड़की हूं लड़ सकती हूं, केवल एक चुनावी नारा नहीं था बल्कि प्रियंका गांधी ने उसे साकार करके दिखाया। यही कारण है कि इंडियन नेशनल कांग्रेस में राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए प्रियंका गांधी के नाम पर बड़ी गंभीरता से विचार हो रहा है। 

राजनीति के विशेषज्ञों का कहना है कि कांग्रेसी नेताओं का एक वर्ग ऐसा है जो चाहता है कि सोनिया गांधी, राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर बनी रहे। यदि दूसरी पार्टियों से गठबंधन की बात होती है तो सभी नेता सोनिया गांधी के साथ समन्वय बनाने में स्वयं को सहज महसूस करते हैं, इसके बावजूद कांग्रेस पार्टी का बहुत बड़ा वर्ग चाहता है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष बदला जाए। ताकि पूरे देश में कांग्रेस पार्टी को पहले की तरह शक्तिशाली बनाया जा सके। 

राहुल गांधी की टीम के लोग अक्सर बयान देते हैं कि राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए राहुल गांधी अद्वितीय और बेहतर विकल्प हैं परंतु अहमद पटेल के निधन के बाद कांग्रेस पार्टी के महत्वपूर्ण फैसलों में प्रियंका गांधी मुख्य भूमिका निभा रही हैं। बात राजस्थान के विवाद की हो, कैबिनेट के विस्तार की, पंजाब में प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति की या फिर ऐसे ही बहुत सारे मामले, सभी में प्रियंका गांधी ने कुशलतापूर्वक परिस्थितियों को संभाला और समय रहते फैसले किए। 

राहुल गांधी की टीम को प्रियंका गांधी के नाम पर कोई आपत्ति नहीं है। उत्तर प्रदेश के अभियान के बाद देशभर के युवा कांग्रेस कार्यकर्ता चाहते हैं कि प्रियंका गांधी के नेतृत्व में पार्टी आगे बढ़े। फिलहाल सब कुछ कांग्रेस पार्टी के अंदर चल रहा है, लेकिन उम्मीद है कि इस विचार विमर्श का फैसला जल्द ही आ जाएगा। भारत की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया INDIA NATIONAL NEWS पर क्लिक करें.

क्या आरोपी को पुलिस इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट की प्रतिलिपि मिलनी चाहिए- CrPC section 237

Posted: 27 Mar 2022 12:34 PM PDT

पुलिस को जब किसी अपराध के विषय में सूचना प्राप्त होती है तो संबंधित थाने में FIR दर्ज की जाती है। फिर पुलिस इन्वेस्टिगेशन करती है। अन्वेषण के बाद जो भी निष्कर्ष निकल कर आते हैं, वह पूरी रिपोर्ट मजिस्ट्रेट के सामने प्रस्तुत की जाती है। इसे पुलिस की जांच रिपोर्ट या फिर पुलिस चालान भी कहते हैं। आइए जानते हैं कि क्या पुलिस द्वारा कोर्ट में पेश किए जाने वाले चालान की प्रतिलिपि, आरोपी व्यक्ति को दी जानी चाहिए अथवा नहीं:-

दण्ड प्रक्रिया संहिता,1973 की धारा 238 की परिभाषा:-

मजिस्ट्रेट को जब किसी अपराध की पुलिस इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट प्राप्त होती है तब वह विचारण प्रारंभ करने से पहले आरोपी व्यक्ति से यह जानेगा की उसे पुलिस रिपोर्ट की प्रतिलिपि प्राप्त हुई है या नहीं अगर धारा 207 के अंतर्गत नियमों का अनुपालन नहीं किया गया तब यह अनुपालन करना जरूरी था।

अर्थात आरोपी व्यक्ति को पुलिस रिपोर्ट की प्रतिलिपि देना एक विधिक कर्तव्य है क्योंकि धारा 207 में मजिस्ट्रेट विचारण से पहले आरोपी से पुलिस रिपोर्ट प्राप्त होने या न होने का कारण पूछेगा। ऐसा इसलिए आवश्यक है ताकि आरोपी व्यक्ति को पता चले कि पुलिस की इन्वेस्टिगेशन में क्या पाया गया और यदि वह पुलिस की जांच से असंतुष्ट है तो कोर्ट में उसे चुनौती दे सके। निष्पक्ष न्याय प्रक्रिया के लिए यह प्रथम एवं अनिवार्य कर्तव्य है। Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article)

:- लेखक बी.आर. अहिरवार (पत्रकार एवं लॉ छात्र होशंगाबाद) 9827737665
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BEST MOTIVATIONAL TIPS- टारगेट मैनेजमेंट, मंजिल पाने क्या करना चाहिए

Posted: 27 Mar 2022 12:21 PM PDT

Motivational Monday in Hindi 

शक्ति रावत। दोस्तों एक बडी पुरानी कहानी है। एक राजा अपने पडोसी राज्य को जीतना चाहता था, जो चारों तरफ से पानी से घिरा था। राजा जब भी वहां सेना भेजता वह हर बार हारकर लौट आती। तब उसके एक मंत्री ने सलाह दी कि जिन नावों से सेना वहां जाती है उन्हें सिपाहियों के किनारे पर उतरते ही जलवा दिया जाए। इस बार राजा की सेना जीतकर वापस लौटी। जब राजा ने मंत्री से इसका रहस्य पूछा तो उसने कहा सीधी बात है इस बार सिपाहियों के सामने कोई विकल्प नहीं था। या तो वे जीतते या फिर मारे जाते। यह विकल्प षब्द हमारी जिंदगी में बहुत कीमत का है। हमें पता ही नहीं कि हम जीवन में अहम लक्ष्यों से कई बार इसलिये चूक जाते हैं क्योंकि हमारे पास विकल्प मौजूद होता है। तो अगर लक्ष्य हासिल करना है तो सबसे पहले अपने विकल्प को आग लगा दीजिये। आज बात इसी पर।

Motivational quotes- मंजिल नहीं रास्ता बदलिए

यह हर दूसरे आदमी के साथ होता है। जब हम अपने लक्ष्य के लिए निकलते हैं तो स्वभाविक तौर पर परेषानियों एक के बाद एक सामने आतीं हैं। ऐसे में हममें से ज्यादातर लोग अपना लक्ष्य बदल देते हैं। जबकि जरूरत मंजिल नहीं बल्कि रास्ते को बदलने की होती है, तो जब भी अपना ल उक्ष्य हासिल करने में परेषानी महसूस हो उस समय अपने लक्ष्य को बदलने की नहीं बल्कि रास्ते को बदलने की सोचिये। लक्ष्य को बदलने का विकल्प मन से हटा दीजिये।

Inspirational quotes- ध्यान सिर्फ एक पर

हम देखादेखी लक्ष्य और सपने तो बडे-बडे बना लेते हैं, लेकिन समस्या यह है कि उन पर फोकस बहुत कम लोग कर पाते हैं। अपनी मंजिल से भटक जाने का यह सबसे आम कारण है। क्योंकि लक्ष्य तय करने के बाद भी मन यहां-वहां भटकता रहता है। कभी सोचते हैं यह करें कभी सोचते हैं वह करें। ऐसे में अपने मूल लक्ष्य पर ध्यान देना मुकिष्ल होता है। याद रहे जब तक आपके पास विकल्प मौजूद हैं। आप एक बात पर ध्यान नहीं लगा पाएंगे और फेल होते रहेंगे। इसलिये ध्यान सिर्फ एक पर दुनियाभर के सफल लोग इस मूलमंत्र को मानकर ही आगे बढते हैं।

Positive Thoughts Hindi- मैदान में डटे रहिये

ध्यान रखें। जीवन में आपका सफल या असफल होना सिर्फ एक बात पर टिका होगा। कि आप अपने लक्ष्य या सपने को लेकर कितने संजीदा हैं, और कब तक मैदान में डटे रह सकते हैं। आपको षायद भरोसा ना हो कि 99 प्रतिषत लोग उस समय पीछे हट जाते हैं, जबकि वे अपने लक्ष्य के एकदम करीब होते हैं। जिंदगी में कई बार ऐसा होगा जबकि आपको लगेगा कि आपका लक्ष्य आपसे दूर हो गया है या फिर आगे का रास्ता नजर ही नहीं आ रहा है। ऐसे हालात में बस मैदान पर डटे रहिये। डटे रहना ही रास्ता बन जाएगा उस मंजिल का जहां आप पहुंचना चाहते हैं। ✒ लेखक मोटीवेषनल स्पीकर और लाइफ मैनेजमेंट कोच हैं। 

MP HC NEWS- तथ्य छिपाने के आरोप में वकील पर 1 लाख का जुर्माना, वकालत की सनद निलंबित करने का नोटिस

Posted: 27 Mar 2022 09:02 AM PDT

जबलपुर
। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने तथ्य छिपाकर अपील दायर करने पर टीकमगढ़ निवासी अधिवक्ता निर्मल लोहिया पर एक लाख रुपए का जुर्माना लगाया। चीफ जस्टिस रवि मलिमठ एवं जस्टिस पुरुषेन्द्र कौरव की खंडपीठ ने एमपी स्टेट बार कौंसिल को अधिवक्ता के खिलाफ व्यावसायिक कदाचरण की कार्रवाई करने के निर्देश दिए। कोर्ट ने लोहिया से पूछा कि क्यों न वकालत की सनद यानी लाइसेंस निलंबित कर दिया जाए। कोर्ट ने नोटिस जारी कर एक सप्ताह के भीतर स्पष्टीकरण पेश करने के निर्देश भी दिए। निर्मल लोहिया ने हाईकोर्ट की एकलपीठ द्वारा पूर्व में पारित आदेश को अपील के जरिये चुनौती दी थी।

अपील में कहा गया था कि विद्युत नियामक आयोग द्वारा विद्युत वितरण कंपनियों की तरफ से टैरिफ संबंधित अपील को वापस करने के सिलसिले में निर्देश जारी किए थे। विद्युत अधिनियम की धारा 64-3 के मुताबिक विद्युत नियामक आयोग को सुनवाई के बाद अपील को मंजूर या निरस्त करने का अधिकार है। आयोग को निष्पक्षता से निर्णय लेने का अधिकार है। इसके बावजूद टैरिफ संबंधी अपील को वापस कर दिया गया। इसी रवैये को हाईकाेर्ट की एकलपीठ में याचिका के जरिये चुनौती दी गई थी।

एकलपीठ ने याचिका को इस टिप्पणी के साथ निरस्त कर दिया कि टैरिफ अपील की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने अपनी आपत्ति प्रस्तुत कर दी है। अब आयोग याचिकाकर्ता की आपत्ति पर विचार करते हुए अंतिम निर्णय ले। इसी आधार पर एकलपीठ के आदेश के साथ आयोग को पत्र लिखा गया था। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट की युगलपीठ ने इस बात को गंभीरता से लिया कि आयोग को पत्र लिखने के बावजूद अपील कैसे दायर कर दी गई। यह रवैया अनुचित है। हाईकोर्ट का कीमती समय खराब करने को आड़े हाथों लेते हुए अपीलार्थी अधिवक्ता पर जुर्माना लगाया गया। मध्य प्रदेश की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया mp news पर क्लिक करें.

INDORE NEWS- 23 मार्च से लापता युवक की डिकम्पोज डेड बॉडी मिली

Posted: 27 Mar 2022 08:53 AM PDT

इंदौर
। रालामंडल क्षेत्र में 20 वर्षीय युवक की डीकंपोज होती डेड बॉडी मिली है। परिवार वालों का कहना है कि उसकी हत्या की गई है। पुलिस के पास फिलहाल कोई जवाब नहीं है। युवक 23 मार्च को घर से निकला था फिर वापस नहीं लौटा। पुलिस को इसकी सूचना दी गई थी परंतु उसका मोबाइल ट्रेस करने की कोशिश नहीं की गई। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

INDORE TODAY NEWS- वन विभाग इंदौर ने बताया कि जंगल में युवक की डेड बॉडी पड़ी है

एसआई रूचि कनोजिया के मुताबिक वन विभाग के अफसरों से सूचना मिली थी कि रालामंडल के फेस 1 में एक युवक का डिकम्पोज शव मिला है। इसके बाद मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव की पहचान राहुल पुत्र विष्णु यादव (20 वर्ष) निवासी ग्राम पंजारिया बड़गोंदा के रूप में हुई है। परिवार में चचेरे भाई अभिषेक ने बताया कि राहुल एक निजी कंपनी में मार्केटिग मैनेजर था। 23 मार्च को वह ऑफिस जाने का कहकर निकला था लेकिन उसके बाद घर नहीं लौटा। 

अगले दिन वह थाने पहुंचे ओर बड़गोंदा में राहुल की गुमशुदगी दर्ज कराई। शनिवार देर शाम उन्हें पुलिस ने शिनाख्त के लिये बुलाया था। जिसमें उन्होंने राहुल को पहचान लिया। उसके पिता पेशे से ड्रायवर हैं। राहुल का एक छोटा भाई है जो पढ़ाई कर रहा है।

परिवार को हत्या की आशंका, लव एंगल पर जांच शुरू

पुलिस राहुल की मौत के मामले में आत्महत्या को लेकर जांच कर रही है। वहीं परिवार के लोग हत्या की आशंका जता रहे हैं। उनके मुताबिक राहुल को किसी तरह की परेशानी नहीं थी। वह घर से अच्छे से निकला था। पुलिस को लव एंगल को लेकर भी जानकारी मिली है। जिसमें एक लड़की से राहुल बात करने की कोशिश कर रहा था। संभवत: वह एक तरफा प्रेम में था। इसलिये उसने यह कदम उठाया है। फिलहाल पूरे मामले में जांच की जा रही है। इंदौर की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया indore news पर क्लिक करें.

मच्छर मारने वाला लैंप खरीदने से पहले, टेक्नोलॉजी और मच्छर की प्रकृति जरूर जान लें- INDIA NATIONAL NEWS

Posted: 27 Mar 2022 08:20 AM PDT

भारत में हर रोज कुछ ना कुछ इन्नोवेट होता रहता है। हर सीजन से पहले लोगों की सबसे बड़ी प्रॉब्लम सॉल्व करने वाले गैजेट्स बाजार में दिखाई देने लगते हैं। गर्मी शुरू हो गई है। मच्छर मारने वाले लैंप का प्रचार किया जा रहा है। यह लैंप ₹273 से लेकर 999 रुपए तक बेचा जा रहा है। कीमत के हिसाब से देखें तो डील अच्छी है लेकिन खरीदने से पहले प्रोडक्ट की टेक्नोलॉजी और मच्छर की प्रकृति को जानना जरूरी है। धोखा ₹2 का हो या ₹200000 का, फील एक जैसा आता है। 

भोपाल समाचार डॉट कॉम के पाठक ठगी का शिकार क्यों नहीं होते

इस डिवाइस को कई नामों से पुकारा जा रहा है। पीआर कंपनी द्वारा विभिन्न समाचार एवं संचार माध्यमों से प्रचार किया जा रहा है कि यह डिवाइस किसी भी कमरे में मच्छरों का 100% सफाया कर सकती है। कई प्रतिष्ठित ई-कॉमर्स वेबसाइट पर यह डिवाइस उपलब्ध है और लोग धड़ाधड़ आर्डर भी कर रहे हैं, लेकिन भोपाल समाचार डॉट कॉम के नियमित पाठक कभी जल्दबाजी में फैसले नहीं लेते क्योंकि भोपाल समाचार डॉट कॉम अपने पाठकों को हमेशा तर्क और तथ्य के परीक्षण की प्रक्रिया के बारे में बताता रहता है। 

मच्छर मारने वाली डिवाइस की टेक्नोलॉजी क्या है

इस डिवाइस को बनाने वाली कंपनी और बेचने वाली वेबसाइट ने कहीं पर भी वह दावा नहीं किया जो समाचारों में किया जा रहा है। टेक्नोलॉजी की बात करें तो इस डिवाइस में एलईडी लाइट लगी है और अंदर मच्छर को मारने के लिए एक मशीन। दावा किया जा रहा है कि इस लाइट से मोहित होकर मच्छर इसकी तरफ खींचा चलाएगा और मर जाएगा। 

क्या मच्छर अंधेरे से रोशनी की तरफ भागता है

सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या मच्छर अंधेरे से रोशनी की तरफ भागता है। मच्छर और पतंगा में अंतर होता है। मच्छर को अंधेरे में कोई प्रॉब्लम नहीं है। वह इंसानों के पसीने से निकलने वाली बदबू और कार्बन डाइऑक्साइड की तरफ आकर्षित होता है। यही कारण है कि मच्छर अंधेरे में भी इंसानों को ढूंढ लेता है। इस हिसाब से मच्छर मारने वाली एलईडी डिवाइस किसी काम की नहीं है। इससे तो ऑल आउट जैसी मच्छर भगाने वाली डिवाइस बढ़िया क्योंकि उसमें केमिकल होता है जो कार्बन डाइऑक्साइड की दुर्गंध को खत्म कर देता है और मच्छर कंफ्यूज हो जाता है। भारत की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया INDIA NATIONAL NEWS पर क्लिक करें.

मध्यप्रदेश में केजरीवाल का इंतजार करने वालों को निराश करने वाली खबर - MP NEWS

Posted: 27 Mar 2022 07:52 AM PDT

भोपाल।
मध्यप्रदेश में कुछ लोगों ने उम्मीद जताई थी कि पंजाब में आम आदमी पार्टी की सत्ता स्थापित होने के बाद अरविंद केजरीवाल का अगला पड़ाव मध्यप्रदेश में होगा, लेकिन उनके लिए निराश करने वाली खबर है, क्योंकि अरविंद केजरीवाल राजस्थान जा रहे हैं। 

मध्यप्रदेश में तीसरी पॉलिटिकल पार्टी की जरूरत

कुछ लोगों का मानना है कि मध्यप्रदेश में किसी राजनीतिक दल की सरकार नहीं है बल्कि राजनीति में सक्रिय मित्र दल की सरकार है। सीएम शिवराज सिंह चौहान और कांग्रेस पार्टी के एकमात्र सबसे बड़े नेता कमलनाथ के बीच पक्की दोस्ती के प्रमाण कई बार मिल जाते हैं। हाल ही में भोपाल एयरपोर्ट स्टेट हैंगर का एक फोटो बताता है कि दोनों की दोस्ती में कोई दरार नहीं है। ऐसी स्थिति में 2023 का विधानसभा चुनाव, किसी फ्रेंडली मैच की तरह होगा। जो मतदाता शिवराज सिंह सरकार से नाराज हैं, उनके पास भी कोई विकल्प नहीं है। 

अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी का राजस्थान प्लान 

सूत्रों का कहना है कि अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी ने 2023 का विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए राजस्थान को चुना है। आप के सांसद संजय सिंह राजस्थान में सक्रिय हो गए हैं। जयपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने ऑफिशल अनाउंसमेंट कर दिया है कि आम आदमी पार्टी राजस्थान में 2023 का विधानसभा चुनाव पूरी ताकत से लड़ाई। मध्य प्रदेश की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया mp news पर क्लिक करें.

After 12th- कुछ नए डिग्री कोर्स, पढ़ाई में मजा आएगा, टॉप भी कर सकते हैं

Posted: 27 Mar 2022 07:37 AM PDT

नई दिल्ली।
The University Grants Commission ने स्टूडेंट्स के इंटरेस्ट को देखते हुए कुछ न्यू डिग्री कोर्स अनाउंस कर दिए हैं। इनमें से ज्यादातर UG (अंडर ग्रेजुएट) कोर्स हैं और कुछ PG (पोस्ट ग्रेजुएट) डिग्री कोर्स है।

UGC NEW DEGREE COURSE FOR 12th PASS STUDENTS 

बैचलर ऑफ सोवा रिग्पा मेडिसिन एंड सर्जरी (BSRMS)
बैचलर ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (BFTech)
बैचलर ऑफ अर्बन डिजाइन (BUD)
बैचलर ऑफ स्पोर्ट्स मैनेजमेंट (BSM)
बैचलर ऑफ स्पोर्ट्स साइंस (BSS)

UGC NEW DEGREE COURSE FOR UG PASS STUDENTS 

मास्टर ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (MFTech)
मास्टर ऑफ फैशन मैनेजमेंट (MFM)
मास्टर्स ऑफ अर्बन डिजाइन (MUD)
मास्टर्स ऑफ स्पोर्ट्स मैनेजमेंट (MSM)
मास्टर्स ऑफ स्पोर्ट्स साइंस (MSS)

UGC COLLEGE EDUCATION BIG NEWS- MCA डिग्री कोर्स 2 साल में

इस बीच, मास्टर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन (MCA) की कोर्स अवधि तीन से घटाकर दो साल कर दी गई, जबकि बैचलर ऑफ ऑक्यूपेशनल कोर्स की अवधि थेरेपी (BOT) चार साल से बढ़कर साढ़े चार साल हो गई। विस्तृत नोटिफिकेशन आधिकारिक वेबसाइट- ugc.ac.in पर उपलब्ध है। उच्च शिक्षा, सरकारी और प्राइवेट नौकरी एवं करियर से जुड़ी खबरों और अपडेट के लिए कृपया MP Career News पर क्लिक करें.

JABALPUR NEWS- पुरानी पेंशन बहाली के लिए मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन

Posted: 27 Mar 2022 07:18 AM PDT

जबलपुर
। कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के बैनर तले प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन जिला कलेक्टर जबलपुर को सौंपा गया। जिसमें मप्र सरकार द्वारा जनवरी 2004 के पश्चात् नियुक्त कर्मचारियों की पुरानी पेंशन बन्द कर नई पेंशन योजना लागू की गई थी। 

नई पेंशन योजना की अनेकों विसंगतियों के चलते रिटायर्ड कर्मचारियों को बहुत कम पेंशन मिल रही है जो कि अन्याय है, जिसके चलते कर्मचारियों में एवं उनके परिवार में नाराजगी बनी हुई है। इसी तारतम्य में संयुक्त मोर्चा द्वारा मप्र शासन से मांग की गई है कि अन्य राज्यों की तरह मप्र में भी नई पेंशन योजना बन्द कर पुरानी पेंशन योजना लागू की जावे। 

ज्ञापन सौंपते वक्त अर्वेन्द्र राजपूत , मुकेश सिंह , नितिन अग्रवाल , संध्या अवस्थी , सीमा सिंह , प्रेमनारायण तिवारी , विनीता सिंह , मनीष चौबे , गीता सोनी , दीपक पटेल , मनीषा सोनी , उमाशंकर पटेल , भूमिका पटेल , अनुज दीक्षित , ममता सिंह , अजय तिवारी , के.के. चौबे , सोनल दुबे , दीपक सोनी , धीरेन्द्र सोनी , मो . तारिक , नूतन राय , सतीश चड़ार , महेश कोरी , विष्णु पाण्डे , मनोज सेन , संजय जसूजा , सुनीता सोनी , गनेश उपाध्या , वर्षा झारिया , राकेश उपाध्याय , चन्द्रवंशी तिवारी , प्रियांशु शुक्ला , विभा पटेल , मनीष लोहिया , मनीष शुक्ला , अभिषेक मिश्रा , सुशील पाडे , राजकुमार सिंह , सुशील दाहिया प्रतीक्षा चन्द्रवंशी , पारसनाथ यादव , राकेश दुबे , आनंद रैकवार , संतोष तिवारी , राकेश पाण्डे , शरद परोहा , आदि उपस्थित रहे। 
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