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Friday, March 4, 2022

Bhopal Samachar | No 1 hindi news portal of central india (madhya pradesh)

Bhopal Samachar | No 1 hindi news portal of central india (madhya pradesh)


यूक्रेन से मध्य प्रदेश के स्टूडेंट्स का दल दिल्ली पहुंचा, खर्चा सरकार उठाएगी - MP NEWS

Posted: 03 Mar 2022 10:29 PM PST

भोपाल
। यूक्रेन में MBBS की पढ़ाई करने गए मध्यप्रदेश के स्टूडेंट्स का एक दल युद्धभूमि से सुरक्षित दिल्ली पहुंच गया है। मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा इसकी जानकारी दी गई। मध्य प्रदेश शासन के जनसंपर्क विभाग ने बताया है कि सभी विद्यार्थियों को दिल्ली से उनके घर तक पहुंचाने का खर्चा सरकार उठाएगी। 

मध्यप्रदेश शासन की ओर से जारी जानकारी के अनुसार यह सब कुछ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के प्रयासों से संभव हो सका है। आज बुखारेस्ट से छात्रों की सुरक्षित वापसी हुई। नई दिल्ली और मुंबई लौटने वाले मध्यप्रदेश के विद्यार्थियों को मध्यप्रदेश भवन, मध्यांचल और अन्य स्थानों पर ठहराने की व्यवस्था की गई है। उनके भोजन और यात्रा टिकट का प्रबंध भी किया जा रहा है। 

सागर कलेक्टर ने बताया कि शोभित सोनी पिता महेश सोनी उम्र 24 साल निवासी जगदीश वार्ड गढ़ाकोटा यूक्रेन से गढ़ाकोटा वापस लौट आए हैं। वह पूरी तरह से स्वस्थ हैं एवं अपने परिवार के साथ हैं। Ukriane से वापस लौटीं छात्रा रिजा अंजुम अंसारी ने बताया कि वे हंगरी के बुडापेस्ट से दिल्ली पहुंचीं, जहां मध्यप्रदेश भवन के अधिकारियों ने उनकी अगवानी की। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश भवन द्वारा उन्हें दिल्ली से जबलपुर के लिए फ्लाइट टिकट उपलब्ध करवाया गया है। मध्य प्रदेश की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया mp news पर क्लिक करें.

MP शिक्षक भर्ती परीक्षा- कई उम्मीदवारों के एडमिट कार्ड अपलोड नहीं, कल से एग्जाम है - PEB NEWS

Posted: 03 Mar 2022 10:05 PM PST

भोपाल
। मध्य प्रदेश प्राथमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा दिनांक 5 मार्च 2022 से शुरू होने जा रही है और आज दिनांक 4 मार्च 2022 तक कई उम्मीदवारों के एडमिट कार्ड ऑफिशल वेबसाइट पर प्रदर्शित नहीं हो रहे हैं। लोग परेशान हो रहे हैं लेकिन हेल्पलाइन नंबर से हेल्प नहीं मिल रही है। 

पिछले 24 घंटो में कई उम्मीदवारों ने सोशल मीडिया समूहों में यह जानने का प्रयास किया है कि जिन लोगों के एडमिट कार्ड प्रदर्शित नहीं हो रहे हैं वह क्या करें। लोग इस समस्या का समाधान जानना चाहते हैं। सूत्रों का कहना है कि परेशान उम्मीदवारों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। 5 मार्च से परीक्षा प्रारंभ होने के कारण तनाव की स्थिति बन गई है। चिंता की बात यह है कि इतनी बड़ी परीक्षा के आयोजन के बावजूद प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड द्वारा हेल्पलाइन नंबर पर उम्मीदवारों को कोई जवाब नहीं मिल रहा है। 

उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश में 10 सालों के बाद प्राथमिक शिक्षक की भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई है। मध्यप्रदेश में प्राथमिक शिक्षक बनने के लिए हड़ताल दो लाख से ज्यादा उम्मीदवार Bed की डिग्री प्राप्त करते हैं। इस परीक्षा में 10 लाख से ज्यादा उम्मीदवार शामिल हो रहे हैं। निश्चित रूप से यह परीक्षा, अन्य पात्रता परीक्षाओं से अलग है क्योंकि यहां उम्मीदवारों की संख्या रिकॉर्ड स्तर पर है। MPPEB को परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए कंट्रोल रूम एवं हेल्पलाइन नंबर 24X7 करना चाहिए। उच्च शिक्षा, सरकारी और प्राइवेट नौकरी एवं करियर से जुड़ी खबरों और अपडेट के लिए कृपया MP Career News पर क्लिक करें.

BHOPAL NEWS- शहर से एक साथ 170 कारें गायब, TAXIDO के मालिक और मैनेजर के खिलाफ FIR

Posted: 03 Mar 2022 09:26 PM PST

भोपाल
। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल की खुला क्षेत्र से संचालित होने वाली कंपनी TAXIDO के कथित मालिक वरुण बंसल उर्फ राहुल बंसल और मैनेजर रवि कांत वर्मा के खिलाफ एमपी नगर पुलिस थाने में FIR दर्ज की गई है। आरोप है कि इन दोनों ने TAXIDO कंपनी में मासिक किराए पर CARs लीं और गायब हो गए। लोगों को नाटककार मिल रही है और ना ही किराया। 

एमपी नगर थाने के टाउन इंस्पेक्टर सुधीर अरजरिया का कहना है कि विकेश सिंह एवं राज परोसिया की शिकायत के आधार पर TAXIDO के कथित मालिक वरुण बंसल उर्फ राहुल बंसल और मैनेजर रवि कांत वर्मा के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। अब तक इस मामले में 30 लोगों की शिकायतें आ चुकी हैं, और उनका कहना है कि कुल 170 लोगों के साथ ठगी की गई है। 

मामला क्या है
टीआई सुधीर अरजरिया ने बताया कि, FIR में दर्ज विवरण के अनुसार TAXIDO कंपनी ने लोगों से एकमुश्त मासिक किराए के आधार पर CARs के लिए एग्रीमेंट किया। उनकी कार अपने कब्जे में ले ली और फिर गायब हो गए। कुछ लोगों को शुरुआत के महीनों में एग्रीमेंट के अनुसार उनकी कार का किराया भी मिला, लेकिन अब ना तो कार मिल रही है और ना ही किराया। 

TAXIDO क्या है 

taxido.in एक ऑनलाइन वेबसाइट है जिसके ABOUT US पेज में कंपनी का नाम नहीं लिखा है। इस वेबसाइट को DV Infosoft Pvt. Ltd. द्वारा डिजाइन किया गया है। वेबसाइट पर इसके ऑफिस का पता  F 1/04 Shalimar Park Kolar Road Bhopal एवं कांटेक्ट नंबर  +91 748-9396-645 दर्ज है। Ministry of Corporate Affairs के रिकॉर्ड में TAXIDO INDIA PRIVATE LIMITED के नाम से एक वेबसाइट दर्ज है। जिस का एड्रेस H.NO. 66 PRIYADARSHNI PRISTINE BEHIND RAJIV GANDHI COLLEGE SANKHEDI KOLAR BHOPA है, लेकिन इस कंपनी के डायरेक्टरों में राहुल बंसल या फिर वरुण बंसल का नाम नहीं है। 

यह उल्लेखनीय है इसलिए है क्योंकि इस कंपनी के डायरेक्टरों में Chhavi Bansal and Priya Agrawal का नाम दर्ज है। पुलिस के लिए यह एक इन्वेस्टिगेशन का सब्जेक्ट है कि क्या छवी बंसल और प्रिया अग्रवाल, वरुण बंसल के परिवार से हैं और क्या वरुण बंसल (राहुल बंसल), इसी कंपनी का संचालन कर रहा था। हमने कंपनी की वेबसाइट पर दर्ज मोबाइल नंबर पर संपर्क करने का प्रयास किया परंतु आ स्विच ऑफ है। भोपाल की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया bhopal news पर क्लिक करें।

रेलवे ट्रैक पर डबल येलो सिग्नल क्यों होते हैं, जबकि रोड पर तो केवल GYR सिग्नल होते हैं- GK in Hindi

Posted: 03 Mar 2022 02:03 PM PST

जब हम ट्रेन के अंदर बैठे होते हैं तो अक्सर ध्यान नहीं देते लेकिन कभी ना कभी रेलवे ट्रैक पर बने हुए सिग्नल पर नजर पड़ ही जाती है। रोड पर ट्रैफिक कंट्रोल के लिए GYR (ग्रीन- येलो-रेड) सिग्नल होते हैं परंतु रेलवे ट्रैक पर इन तीनों के अलावा एक एक्स्ट्रा सिग्नल भी होता है। उसमें पीले रंग की दो बत्तियां होती है। इसे डबल येलो सिग्नल कहते हैं। सवाल यह है कि जब GYR से काम चल रहा है तो फिर Y2 की क्या जरूरत थी। आइए किसी ऑफिशियल से पूछते हैं:-

भारतीय रेलवे ट्रैफिक में Y2 सिग्नल का महत्व क्या है

वेस्टर्न रेलवे मुंबई डिविजन के मंडल प्रबंधक मुकुल जैन बताते हैं कि पिछले 10 सालों में 3 बत्ती वाले सिग्नल सिस्टम की जगह चार बत्ती वाले सिग्नल सिस्टम लगाए गए हैं। ऐसा इसलिए किया गया ताकि यात्रियों के समय की बचत की जा सके। चार बत्ती वाले सिग्नल सिस्टम के कारण ट्रेन को बहुत कम समय के लिए स्पीड कंट्रोल करनी पड़ती है। 

मुकुल जैन बताते हैं कि 3 बत्ती वाले सिग्नल सिस्टम में जब पीली बत्ती का सिग्नल मिलता था तो ट्रेन की स्पीड को 50% तक कम करना पड़ता था। 4 बत्ती वाले सिग्नल सिस्टम में इसी समस्या का निदान किया गया है। डबल येलो सिग्नल के कारण ट्रैफिक को ज्यादा बेहतर तरीके से कंट्रोल किया जा रहा है और ट्रेन की स्पीड भी ज्यादा देर तक कंट्रोल नहीं करनी पड़ती। 

रेलवे में चार बत्ती वाले ट्रैफिक सिग्नल का अर्थ 

लाल बत्ती- ट्रेन को रोक दीजिए। 
हरी बत्ती- ट्रेन को बेधड़क पूरी स्पीड से चलाइए। 
डबल येलो बत्ती। ATTENTION (ध्यान दीजिए) 
सिंगल येलो बत्ती CAUTION (गति नियंत्रित कीजिए)। Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article 
(इसी प्रकार की मजेदार जानकारियों के लिए जनरल नॉलेज पर क्लिक करें) 
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GWALIOR NEWS- कलेक्टर ने पटवारी को सस्पेंड किया, मात्र 2 घंटे में शिकायत की जांच हुई, FIR के आदेश

Posted: 03 Mar 2022 02:02 PM PST

ग्वालियर
। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने चीनौर तहसील के ग्राम बनवार में आयोजित हुए जिला स्तरीय सुशासन शिविर में ग्राम बनवार के पटवारी हीरा सिंह कुर्रे के निलंबन और ग्राम अमरौल के पटवारी अतुल सिंह व हिम्मतगढ़ के पटवारी शशिकांत शर्मा की पाँच–पाँच वार्षिक वेतन वृद्धियाँ रोकने के आदेश जारी कराए। साथ ही निलंबित पटवारी के खिलाफ पुलिस थाने में FIR दर्ज करने के निर्देश भी दिए। 

सुशासन शिविर में बनवार सहित आस-पास के गाँवों के लगभग 700 ग्रामीणों ने भाग लिया। राज्य शासन के दिशा-निर्देशों के तहत बनवार में कलेक्टर श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह की मौजूदगी में आयोजित हुए इस सुशासन शिविर में कई ऐसी जन समस्याओं का मौके पर ही निराकरण किया गया, जिनके लिये लोग लंबे अर्से से परेशान थे। 

ग्रामीणों ने रिश्वतखोरी की शिकायत की थी

सुशासन शिविर में ग्राम बनवार के निवासियों ने पटवारी द्वारा राजस्व से संबंधित कामों के निराकरण के लिए पैसे मांगने की शिकायत की। इसी तरह ग्राम अमरौल व हिम्मतगढ़ से आए किसानों का कहना था कि हमारे यहाँ के पटवारी द्वारा फौती नामांतरण नहीं किए जा रहे हैं और न ही बी-1 का वाचन किया जाता है। 

कलेक्टर ने मौके पर ही जांच करवाई और सस्पेंड कर दिया

कलेक्टर श्री सिंह ने मौके पर ही इन शिकायतों की जाँच कराई और शिकायत के तथ्य सही पाए जाने पर तीनों पटवारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश भितरवार के अनुविभागीय राजस्व अधिकारी से जारी कराए। 

सड़कें खोदकर डालने वाले ठेकेदार के खिलाफ FIR कराई

बनवार में आयोजित हुए जिला स्तरीय सुशासन शिविर में बनवार व हिम्मतगढ़ के लोगों द्वारा शिकायत की गई कि पाइप लाइन डालने के नाम पर पूरे गाँव की सड़कें खोदकर डाल दी गई हैं, जिससे हम सबको बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कलेक्टर श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने शिविर में मौजूद कार्यपालन यंत्री पीएचई को संबंधित ठेकेदार व उपयंत्री के खिलाफ पुलिस थाने में FIR दर्ज कराने के निर्देश दिए।  ग्वालियर की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया GWALIOR NEWS पर क्लिक करें.

INDORE NEWS- कमिश्नर कोर्ट से राहत के बाद भी सस्पेंड रहेगा बेलदार मोहम्मद असलम

Posted: 03 Mar 2022 01:53 PM PST

इंदौर
। इंदौर नगर निगम के जनकार्य विभाग में बेलदार के रूप में कार्यरत रहे मोहम्मद असलम सस्पेंड रहेगा। उसे सेवा में वापस नहीं लिया जाएगा। यह घोषणा नगर निगम इंदौर की कमिश्नर सुश्री प्रतिभा पाल ने की है। उन्होंने बताया कि कमिश्नर कोर्ट से बेलदार मोहम्मद असलम को एक मामले में राहत मिली है परंतु लोकायुक्त वाले मामले में अभी कोई निर्णय नहीं हुआ है। लोकायुक्त की कार्रवाई के कारण बेलदार मोहम्मद असलम को सस्पेंड किया गया था, उसका निलंबन यथावत रहेगा।

नगर निगम आयुक्त सुश्री प्रतिभा पाल ने स्पष्ट किया है कि जनकार्य विभाग नगर निगम इंदौर के बेलदार मोहम्मद असलम पर  बिना अनुमति के भवन अनुज्ञा शाखा में प्रवेश करने एवं वरिष्ठ स्तर से जारी किये गये आदेश का पालन न करने की शिकायत प्राप्त होने पर उसे  17 अप्रैल 2018 को तत्कालीन नगर निगम आयुक्त द्वारा निलंबित किया गया। तत्पश्चात 25 अप्रैल 2018 को तत्कालीन निगम आयुक्त द्वारा मोहम्मद असलम द्वारा प्रस्तुत आवेदन पत्र पर सहानुभूति पूर्वक विचार करते हुये निलंबन से बहाल किया जाकर विभागीय जांच संस्थित की गई। विभागीय जांच पश्चात   05 जुलाई 2021 के आदेश से नगर निगम आयुक्त द्वारा कर्मचारी मोहम्मद असलम को सेवा से पृथक किया गया।

उक्त आदेश की अपील संभागायुक्त न्यायालय में अपीलार्थी मोहम्मद असलम द्वारा की गई। प्रस्तुत अपील के निराकरण हेतु उभयपक्षों को समस्त रिकोर्ड / दस्तावेज के साथ आहूत किया जाकर सुना गया। दस्तावेजों के अवलोकन एवं दोनों पक्षों को सुनने के पश्चात चूंकि प्रकरण में आरोपी पर वित्तीय अनियमितता किये जाने संबंधी कोई भी गंभीर आरोप न होने से "न्यायालय आयुक्त इंदौर संभाग द्वारा यह पाया गया कि अपीलार्थी पर लगाया गया मात्र अनुशासनहीनता का आरोप प्रमाणित है परन्तु उन पर लगाये गये आरोप की तुलना में दीर्घ शास्ति के रूप में दिया गया सेवा समाप्ति का दण्ड अत्याधिक है।" अतैव उनकी तीन वेतन वृद्धि संचयी प्रभाव से रोकी जाकर उन्हें पुनः नगर निगम सेवा में बहाल किये जाने का आदेश  28 जनवरी 2022 को जारी किया गया।

इस प्रकरण की नस्ती में कर्मचारी मोहम्मद असलम पर लोकायुक्त द्वारा की गई कार्यवाही का कोई उल्लेख नहीं है। अपील आदेश प्रस्तुत दस्तावेजों एवं नस्ती के परीक्षण के आधार पर पारित किया गया है। चूंकि यह विभागीय जांच का प्रकरण लोकायुक्त कार्यवाही के पूर्व संस्थित था, इसलिए इसमें लोकायुक्त कार्यवाही के संबंध में कोई भी आरोप उल्लेखित नहीं थे एवं यह एक पृथक अलग प्रकरण है।

आज 03 मार्च 2022 को समाचार पत्र में प्रकाशित खबर में आय से अधिक संपत्ति के मामले में बर्खास्त किये गये बेलदार असलम खान को "संभागायुक्त द्वारा बहाल किया गया" खबर संज्ञान में आने से नगर निगम इंदौर से लोकायुक्त कार्यवाही संबंधी नस्ती प्राप्त कर अवलोकन किया गया। जिसके अवलोकन से स्पष्ट है कि अगस्त 2018 को लोकायुक्त की कार्यवाही के पश्चात तत्कालीन नगर निगम आयुक्त द्वारा 8 अगस्त 2018 को मोहम्मद असलम को निलंबित किया गया था। जिसमें उसे अभी बहाल नहीं किया गया है।

यह स्पष्ट है कि लोकायुक्त कार्यवाही वाली नस्ती नगर निगम में पृथक से प्रचलित है। जिसका संभागायुक्त न्यायालय के अपीलीय प्रकरण से कोई संबंध नहीं है। लोकायुक्त कार्यवाही संबंधी निगम में प्रचलित नस्ती में निलंबन आदेश दिनांक 08 अगस्त 2018 प्रभावशील है एवं मोहम्मद असलम आज भी निलंबित है। इंदौर की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया indore news पर क्लिक करें.

MP KISAN NEWS- हरदा में मूंग दाल सिंचाई के लिए पानी की व्यवस्था

Posted: 03 Mar 2022 01:47 PM PST

इंदौर
। जल-संसाधन मंत्री एवं हरदा जिले के प्रभारी मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट और किसान-कल्याण तथा कृषि विकास मंत्री श्री कमल पटेल ने बुधवार को हरदा डिग्री कॉलेज में अंकुर अभियान में पौध-रोपण किया। टिमरनी विधायक श्री संजय शाह, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष श्री सुरेंद्र जैन और श्री अमर सिंह मीणा भी मौजूद रहे।

ग्रीष्मकालीन मूंग की फसल के लिए मिलेगा नहरों से पानी

जल-संसाधन मंत्री श्री सिलावट ने हरदा और नर्मदापुरम् जिले के किसानों के लिए ग्रीष्मकालीन मूंग की फसल के लिए 25 मार्च से तवा डेम से नहरों में पानी छोड़ने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व और कृषि मंत्री श्री पटेल के प्रयासों से कोरोना काल में भी ग्रीष्मकालीन मूंग की फसल के लिए तवा डेम से पानी छोड़ा गया था। श्री सिलावट ने कहा कि किसानों को नहरों से दो बार में पिछली दफा से अधिक पानी उपलब्ध कराया जाएगा।

दो दिवसीय तवा उत्सव मनाया जाएगा

कृषि मंत्री श्री पटेल ने कहा कि दो दिवसीय तवा उत्सव समारोहपूर्वक मनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि कोरोना काल के दौरान भी हमारी सरकार ने हरदा और नर्मदापुरम जिले के किसानों को तवा डैम से सिंचाई के लिये पानी दिया गया था। इससे ग्रीष्मकालीन मूंग की फसल का रिकार्ड उत्पादन हुआ और किसानों की आर्थिक स्थिति में सकारात्मक सुधार आया। 

कृषि मंत्री श्री पटेल ने कहा कि इस बार ग्रीष्मकालीन मूंग की फसल के लिए दो दिवसीय तवा उत्सव मना कर किसानों को तवा डेम के माध्यम से पानी नहरों में उपलब्ध कराया जाएगा। कृषि मंत्री श्री पटेल ने किसानों से अपील की है कि सिंचाई विभाग ने ग्रीष्मकालीन मूंग की फसल के लिए जो कमांड एरिया तय किया है, उस क्षेत्र के किसान मूंग की फसल की बोवनी करें। मध्य प्रदेश की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया mp news पर क्लिक करें.

EPFO NEWS- प्राइवेट कर्मचारियों को 60 हजार रुपए का लाभ

Posted: 03 Mar 2022 01:41 PM PST

भोपाल
। आत्मनिर्भर भारत योजना के तहत नई कंपनियों के कर्मचारियों को 60,000 रुपए तक का औसत लाभ दिया जा रहा है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन द्वारा बताया गया है कि नई कंपनियां जिनमें कर्मचारियों की संख्या 1000 से कम है, के कर्मचारियों को 24 महीने का लाभ दिया जाएगा।

कलेक्टर कार्यालय की ओर से प्रेस को प्रसारण के लिए भेजी गई सूचना के अनुसार आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना में पंजीयन के लिए अवधि 31 मार्च तक बढ़ाई गई। आत्मनिर्भर भारत योजना के प्रमुख बिंदूओं में ईपीएफओ के साथ पंजीकृत पात्र स्थापनाओं के नए कर्मचारियों एवं नियोक्ताओं के लिए प्रोत्साहन। नए कर्मचारी, जो 15 हजार रुपए से कम मासिक वेतन प्राप्त करते हैं, पंजीकरण की तिथि से 24 वेतन माह के लिए लाभ प्राप्त करने के पात्र हैं।

प्रोत्साहन का भुगतान 1000 कर्मचारियों तक नियोजित करने वाली स्थापनाओं में कार्यरत नए कर्मचारियों के संबंध में कर्मचारियों तथा नियोक्ता, दोनों का अंशदान, अर्थात वेतन का 24 प्रतिशत। 1000 से अधिक कर्मचारियों वाली स्थापनाओं में कार्यरत नए कर्मचारियों के संबंध में के केवल कर्मचारियों का अंशदान अर्थात वेतन का 12 प्रतिशत। 

एक अक्टूबर 2020 के बाद ईपीएफओ के साथ पंजीकृत स्थापनाएं सभी नए कर्मचारियों के संबंध में लाभ प्राप्त कर सकेंगीं। अधिक जानकारी के लिए www.epfindia.gov.inपर ARBY टैब पर जाएं।  कर्मचारियों से संबंधित महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया MP karmchari news पर क्लिक करें.

BHOPAL NEWS- डायबिटीज और हाई बीपी सहित 6 बीमारियों का फ्री होम्योपैथी इलाज

Posted: 03 Mar 2022 01:33 PM PST

भोपाल
। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज सहित 6 बड़ी और खर्चीली बीमारियों का होम्योपैथिक पद्धति से फ्री इलाज की घोषणा की गई है। 

भोपाल के कलेक्टर कार्यालय की ओर से जारी सूचना के अनुसार भोपाल के स्वशासी होम्योपैथी महाविद्यालय में वृद्धावस्था जन्य रोगों के उपचार संबंधी कार्य नि:शुल्क रूप से किया जा रहा है। होम्योपैथी महाविद्यालय पं. खुशीलाल आयुर्वेद अस्पताल परिसर में संचालित हो रहा है। 

महाविद्यालय में 6 तरह की वृद्धावस्था जन्य बीमारियों डिमेन्सिया, मधुमेह, उच्च रक्तचाप, आमवात, संघिवात, यूरोलॉजी और क्रोनिक आब्स्ट्रेक्टिव पल्मोनरी डिसीज के उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। भोपाल की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया bhopal news पर क्लिक करें।

MP College अतिथि विद्वानों को वेतन भुगतान के लिए बजट आवंटित - MP karmchari news

Posted: 03 Mar 2022 01:33 PM PST

भोपाल
। मध्य प्रदेश शासन के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा अतिथि विद्वानों की मानदेय के भुगतान के लिए लंबित राशि हेतु बजट स्वीकृत किया गया है। इसके अलावा अनुदान प्राप्त कॉलेजों की वेतन भक्तों के लिए भी राशि का आवंटन किया गया है। 

कार्यालय आयुक्त उच्च शिक्षा मध्यप्रदेश शासन द्वारा जारी पत्र के अनुसार सरकारी कॉलेज बड़ा मलहरा जिला छतरपुर, शोभा सिंह यादव शासकीय महाविद्यालय पाटन जबलपुर और शासकीय संस्कृत महाविद्यालय ग्वालियर में जिन अतिथि विद्वानों का मानदेय भुगतान बकाया था, वह स्वीकृत कर दिया गया है। 

एक अन्य पत्र के अनुसार अनुदान प्राप्त कॉलेजों को वेतन भक्तों के लिए राशि आवंटित की गई है। इन कॉलेजों में जीएस अर्थ वाणिज्य महाविद्यालय जबलपुर और श्री क्लॉथ मार्केट कन्या वाणिज्य महाविद्यालय इंदौर शामिल हैं। 

SC-ST वर्ग के स्टूडेंट्स को FREE BOOKS 

उच्च शिक्षा विभाग द्वारा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति संवर्ग के विद्यार्थियों को निशुल्क पाठ्य पुस्तकों की उपलब्धता हेतु सभी शासकीय महाविद्यालयों के प्राचार्य को सर्कुलर जारी कर दिया गया है।  कर्मचारियों से संबंधित महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया MP karmchari news पर क्लिक करें.

Small business ideas- वेजिटेबल स्टोर, 4 घंटे में 30,000 रुपए महीने की इनकम

Posted: 03 Mar 2022 12:06 PM PST

CORONA ने दुनिया को बदल कर रख दिया है। करोड़ लोग बेरोजगार हो गए लेकिन लाखों लोगों ने अपने इनोवेटिव आइडियाज के दम पर सोसायटी के कल्चर को बदल दिया। वेजिटेबल स्टोर, एक ऐसा ही आईडिया है। 3 साल पहले तक सब्जी बेचना, लाइफ में पूरी तरह से फेल हो जाने का प्रतीक था लेकिन आज MBA और इंजीनियरिंग पास करने के बाद भारत के युवा वेजिटेबल स्टोर खोल रहे हैं। 

जनरल स्टोर की तरह हर कॉलोनी में वेजिटेबल स्टोर खुल रही है

आपको जानकर आश्चर्य होगा परंतु भारत के कई शहरों में जिस प्रकार हर कॉलोनी में एक जनरल स्टोर होती है, ठीक उसी प्रकार अब वेजिटेबल स्टोर खुल रही है। रेजिडेंशियल एरियाज में लोग सुबह-शाम सब्जी वाले भैया का इंतजार नहीं करते। सोसाइटी की वेजिटेबल स्टोर से उचित मूल्य और क्वालिटी की गारंटी मिलती है। कल तक जो सब्जी एक ठेले पर भरकर लाई जाती थी आज वही सब्जी स्टोर में सलीके से एक प्रोडक्ट की तरह सजा कर रखी जाती है। 

वेजिटेबल स्टोर खोलने के लिए क्या करना होगा

आपके पास केवल उतनी जगह होनी चाहिए जहां आप डिस्प्ले लगा सके। उसके आसपास कहीं पर भी आप बैकअप स्टोर कर सकते हैं। ज्यादातर लोग सुबह और शाम को सब्जी खरीदना पसंद करते हैं। यानी कि 10:00 टू 5:00 ऑफिस टाइम में आप फ्री रहते हैं। फैमिली से एक सपोर्टिंग हैंड चाहिए, जो परचेसिंग का काम देखेगा, और दूसरा व्यक्ति सेल्स संभालेगा। 

दोनों का ज्यादा टाइम खर्च नहीं होगा। आप चाहे तो कोई ऑफिस भी ज्वाइन कर सकते हैं। वेजिटेबल स्टोर पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। इस तरह आप अपनी नौकरी के साथ भी वेजिटेबल स्टोर का संचालन कर सकते हैं। यदि 200 परिवारों वाले रेजिडेंशियल एरिया में आपकी इकलौती वेजिटेबल स्टोर है और आप बिजनेस के नियमों का पालन करते हैं तो 30,000 रुपए महीने की इनकम न्यूनतम मानी गई है। उच्च शिक्षा, सरकारी और प्राइवेट नौकरी एवं करियर से जुड़ी खबरों और अपडेट के लिए कृपया MP Career News पर क्लिक करें.

कर्तव्य से चूकने वाले पुलिस अधिकारियों को जेल का प्रावधान है, पढ़िए Police Act,1861

Posted: 03 Mar 2022 11:39 AM PST

यदि राज्य शासन के किसी अन्य विभाग का कोई अधिकारी अथवा कर्मचारी अपने कर्तव्य से जानबूझकर चूक जाता है, तब उसे सस्पेंड करके विभागीय जांच करने एवं दोषी पाए जाने पर सेवाएं समाप्त करने का प्रावधान होता है परंतु पुलिस डिपार्टमेंट में नियम अलग हैं। यहां आपराधिक लापरवाही के लिए जेल भेजने का प्रावधान भी है।

पुलिस विभाग के अधिकारी पुलिस एक्ट 1861 के अधीन होते हैं एवं पुलिस एक्ट में दर्ज कर्तव्यों का पालन करने के लिए बाध्य होते हैं। यदि किसी गंभीर परिस्थिति में आवश्यकता पड़ने पर पुलिस अधिकारी कर्तव्य निभाने से (कायरता के कारण या फिर किसी अपराधी को मौका देने के लिए) पीछे हट जाता है, तब ऐसे अधिकारी को जेल भेजने का प्रावधान भी है।

यहाँ हम एक बात स्पष्ट कर दे की अधिनियम के अनुसार पुलिस अधिकारी से तात्पर्य- पुलिस दल के सभी कर्मचारियों से है चाहे वह किसी भी पद पर नियुक्त किए गए हो【AIR,1929 लाहौर 325】। इन पुलिस अधिकारी के क्या कर्तव्य है जानिए।

पुलिस अधिनियम, 1861 की धारा 23 की परिभाषा:-

प्रत्येक पुलिस अधिकारी का कर्त्तव्य है कि-
1. किसी सक्षम अधिकारियों द्वारा उसे विधिपूर्ण जारी किए गए सभी आदेशों एवं वारण्ट का पालन या निष्पादन करे।
2. लोकशान्ति को प्रभावित करने वाली गुप्त बातों का संग्रहण एवं सूचना करे।
3. अपराधों और लोक न्याय के लिए जाने का निवारण करे, अपराधियों का पता लगाएं एवं उन्हें न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करें।
4. उन सभी आरोपियों या व्यक्तियों को गिरफ्तार करें जिन्हें पकड़ने के लिए वैध अधिकार प्राप्त है।
5. बिना वारण्ट के मदिरालय, जुआघर, भ्रष्ट या अश्लील कार्यक्रम वाले स्थान पर अवैध एवं गलत कार्यो को रोकें।
6. किसी भी हस्तक्षेप प्रकरणों में अगर बंदी बनाए बिना अपराध नहीं रुक सके तब पुलिस अधिकारी, आरोपी को दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 151 के अंतर्गत बंदी बना सकते हैं।

कर्तव्य उपेक्षा के लिए दण्ड का प्रावधान

कोई भी पुलिस अधिकारी उपर्युक्त अधिनियम की धारा-23 एवं अपने कर्तव्य को जानबूझकर भंग करने के लिए छुट्टी ले लेता हैं, जो बिना ठोस कोई कारण के या बिना अपने प्राधिकारी की आज्ञा के किसी भिन्न नियोजन में लग जाता है, या कायरता के कारण अपने कर्तव्य से पीछे हट जाता है, या पुलिस अभिरक्षा में आरोपी पर अवैध शारिरिक हिंसा करता है, तब किसी भी मजिस्ट्रेट द्वारा (पुलिस सिपाही) एवं प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट द्वारा (सिपाही से ऊपर की पंक्ति के कोई भी अधिकारी) की सुनवाई की जाएगी। 

सजा- उपर्युक्त कर्तव्य उपेक्षा का दण्ड का प्रावधान पुलिस एक्ट, 1861 की धारा 29 के अनुसार अपराधी पुलिस अधिकारी को अधिकतम तीन माह की कठोर कारावास या अधिकतम तीन माह के वेतन से वांछित किया जा सकता है या दोनों सजा से दण्डित किया जा सकता है।

महत्वपूर्ण नोट:- भ्रष्ट या कर्तव्य उपेक्षा के लिए लोकसेवक को अलग अलग विधि के अनुसार भी दण्डित किया जाएगा। (Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article)

:- लेखक बी.आर. अहिरवार (पत्रकार एवं लॉ छात्र होशंगाबाद) 9827737665
इसी प्रकार की कानूनी जानकारियां पढ़िए, यदि आपके पास भी हैं कोई मजेदार एवं आमजनों के लिए उपयोगी जानकारी तो कृपया हमें ईमेल करें। editorbhopalsamachar@gmail.com

अच्छा वक्ता बनना है तो ये गलतियां सुधारिये, आत्मविश्वास के साथ सटीक ढंग से अपनी बात रखना सीखिए - Life Management

Posted: 03 Mar 2022 11:13 AM PST

शक्ति रावत।
किसी महान दार्शनिक ने क्या खूब कहा है कि इंसान बोलना तो जन्म के सालभर के अंदर सीख जाता है, लेकिन कब क्या और कैसे बोलना यह पूरे जीवनभर नहीं सीख पाता। दरअसल पूरे आत्मविश्वास के साथ सटीक ढंग से अपनी बात रखना एक कला है। जिसकी जानकारी ज्यादातर लोगों को नहीं होती। बहुत से लोग सामने वाले को अपनी बात ठीक से समझा ही नहीं पाते जिससे वे परेशान रहते हैं। हालांकि यह कोई एेसी कला नहीं है, जो इतनी कठिन हो की सीखी ही ना जा सके। बातचीत के ढंग में थोड़ा सा बदलाव करके आप आसानी से प्रभावशाली ढंग से अपनी बात रखना सीख सकते हैं। तो आईये लाइफ मैनेजमेंट के इस चैप्टर में आज बात बातचीत के सही तरीके से जुड़े टिप्स की। बातचीत के दौरान इन गलतियों से बचिये।

1- एक शब्द में मत दीजिये उत्तर

यह गलती आमतौर पर लोग बातचीत में करते हैं, जब सामने वाला आपकी बात गौर से सुन रहा हो या आपको कुछ कहना चाह रहा हो तब आप एक शब्द में या छोटा उत्तर देकर बात बिगाड़ देते हैं। क्योंकि इससे बात आगे बढ़ ही नहीं पाती। यह गलती बिजनेस, नौकरी या संबध सब जगह लागू होती है। इसके उलट छोटी सी बात के जबाव में लंबा उत्तर देना भी ठीक नहीं। लिहाजा संतुलित शब्दों का उपयोग कीजिये आपकी बातचीत प्रभावी बनेगी।

2- बात करते वक्त फोन पर ध्यान

यह समस्या इन दिनों सबसे आम हैं, लोग बातचीत के बीच भी अपने सेल फोन पर व्यस्त रहते हैं, इससे सामने वाले को लगता है कि उसे महत्व नहीं दिया जा रहा है इससे आपका बनता हुआ काम भी बिगड़ सकता है। इससे आपकी छवि तो खराब होती ही है। सामने वाले व्यक्ति पर आपकी कही गई बात का असर भी ज्यादा नहीं होता।

3- ठीक ढंग से बात खत्म नहीं करना

इस कहते हैं, क्लोजिंग स्टेटमेंट जब हम किसी विषय पर किसी से बात कर रहे हों, तब यह जरूरी हो जाता है कि उस बात को सही जगह पर सही शब्दों के साथ खत्म किया जाए। लेकिन अधिकांश लोग इस पर ध्यान नहीं देते। आप किसी के घर से लौटते समय किसी विजनेस मीटिंग या किसी दोस्त से बात करते हुए अपना क्लोजिंग स्टेटमेंट नहीं देते तो आपकी बात असरदार नहीं रह जाती। लिहाजा अपनी बात को आपके साथ बहुत अच्छा लगा, या आपसे बात करके मन हलका हो गया या फिर हम आगे भी मिलना चाहेंगे। जैसे सटीक शब्द बोलकर अपनी बात खत्म करें।

4- तौलिए फिर बोलिए

हमारे बुर्जुग सदियों से यह सूत्र देते रहें हैं। लेकिन हम मानते नहीं और नुकसान होता है। उदाहरण के तौर पर आप किसी करीबी की शादी में गए और आपने वहां खाने  या किसी और चीज को लेकर कमेंट कर दिया। जबकि उस जगह उस सलाह या कमेंट की जरूरत ही नहीं थी। इससे सामने वाले को भी ठेस पहुंची और बाद में आपको भी पछतावा हुआ। इसलिये जरूरी है, कुछ भी बोलने से पहले एक बार सोच लें कि जो मैं यहां बोलने जा रहा हंू। यहां यह कहने की जरूरत है भी या नहीं।- लेखक मोटीवेशनल एंव लाइफ मैनेजमेंट स्पीकर हैं। 

MP NEWS- भिंड में SDM एवं तहसीलदार को जिंदा जलाने की कोशिश

Posted: 03 Mar 2022 10:30 PM PST

ग्वालियर
। मध्यप्रदेश के भिंड जिले के लहार में SDM एवं तहसीलदार को जिंदा जलाने की कोशिश की गई। प्रशासनिक अमला शासन के आदेश अनुसार वार्ड क्रमांक 14 में विवादित जमीन पर स्थापित की गई डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को हटवाने के लिए गए थे। 

भिंड के स्थानीय समाचार माध्यमों से प्राप्त जानकारी के अनुसार भिंड जिले की लहार तहसील में विवादित जमीन पर लगाई गई आंबेडकर की प्रतिमा को हटवाने पहुंचे एसडीएम विवेक केवी और तहसीलदार नवीन भारद्वाज को उपद्रवियों ने जिंदा जलाने का प्रयास किया गया। इस दौरान प्रशासन की टीम पर पत्थर व गोबर फेंका गया। 

विरोध के बावजूद जब अधिकारी प्रतिमा के पास पहुंचे तो उनके आसपास झोपड़ियों व झाड़ियों में आग लगा दी गई। एसडीएम अपनी टीम के साथ फिर भी मोर्चे पर डटे रहे और लोगों को समझाइश देने के बाद मामले को शांत कराया। मामला शांत होने के बाद स्थानीय रहवासियों ने खुद ही प्रतिमा को विवादित स्थान से हटा दिया। मध्य प्रदेश की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया mp news पर क्लिक करें.

अतिथि शिक्षकों के नियमितीकरण हेतु विधानसभा में ध्यानाकर्षण- MP NEWS

Posted: 03 Mar 2022 10:30 PM PST

भोपाल
। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के विधायक एवं पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने अतिथि शिक्षकों के नियमितीकरण के संबंध में विधानसभा में ध्यानाकर्षण लगाया है। विधानसभा के बजट सत्र में अतिथि शिक्षकों के संबंध में एक दर्जन से ज्यादा प्रश्न लगाए गए हैं। पूरे प्रदेश के लाखों अतिथि शिक्षक इस मामले में सरकार के जवाब की प्रतीक्षा कर रहे हैं। 

विधायक पीसी शर्मा ने ध्यानाकर्षण में लिखा है कि मध्य प्रदेश शासन के अंतर्गत स्कूल शिक्षा विभाग में विगत 15-20 वर्षों से अतिथि शिक्षक अध्यापन कार्य संपन्न करा रहे हैं। वर्तमान में इनकी नियुक्ति भी ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन एवं चयन प्रक्रिया के माध्यम से होती है परंतु इनको मानदेय अल्प मात्रा में ही प्रदाय किया जाता है। कतिपय विद्यालयों में यह स्थिति है कि अतिथि शिक्षक के सहारे ही पूरा विद्यालय संचालित होता है तथा शैक्षणिक कार्य के अलावा ऑफिस के काम भी अतिथि शिक्षक ही संपन्न करा रहे हैं। 

वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा भी निरीक्षण के दौरान अतिथि शिक्षकों के कामों को सराहा गया है और अच्छे काम के लिए कई बार टीप (ज्यादातर अतिथि शिक्षक प्रशिक्षित हैं) भी लिखी जाती है। परंतु आज दिनांक तक अतिथि शिक्षकों का नियमितीकरण नहीं होने एवं पारिश्रमिक में वृद्धि नहीं होने के कारण मध्य प्रदेश के सभी अतिथि शिक्षकों में रोष एवं आक्रोश व्याप्त है। कर्मचारियों से संबंधित महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया MP karmchari news पर क्लिक करें.

INDORE NEWS- दुकानदारों से वसूली मामले में हरीश मोटवानी को ACP पद से हटाया

Posted: 03 Mar 2022 07:13 AM PST

इंदौर।
मध्य प्रदेश शासन के गृह विभाग मंत्रालय ने मध्य प्रदेश राज्य पुलिस सेवा के अधिकारी श्री हरीश चंद्र मोटवानी को असिस्टेंट पुलिस कमिश्नर कोतवाली सिटी पुलिस जिला इंदौर के पद से हटाकर पुलिस हैडक्वाटर भोपाल अटैच कर दिया है।

इससे पहले सेंट्रल कोतवाली के टीआई सहित 7 पुलिस कर्मचारी एवं अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के इंदौर दौरे के दौरान सियागंज के व्यापारियों ने उनसे मुलाकात की थी। व्यापारियों ने पुलिस पर उनको परेशान करने के आरोप लगाए थे। इस मामले में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वरिष्ठ अधिकारियों को कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे।

जिसके बाद कोतवाली दो टीआई समेत 6 पुलिस कर्मियों को लाइन अटैच किया गया था। इस कार्रवाई से ठीक 1 दिन पहले बुधवार को व्यापारियों ने इंदौर कमिश्नर एवं कलेक्टर का आभार व्यक्त किया था। इंदौर कमिश्नर ने दुकानदारों को विश्वास दिलाया है कि पुलिस एवं प्रशासन उन्हें भय मुक्त बाजार देने के लिए प्रतिबद्ध है। इंदौर की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया indore news पर क्लिक करें.

मध्य प्रदेश के 12 जिलों में बारिश होगी, 3 तरफ की हवाओं में घिरा प्रदेश- MP WEATHER FORECAST

Posted: 03 Mar 2022 10:43 AM PST

भोपाल
। मध्यप्रदेश में इन दिनों अनएक्सपेक्टेड वेदर दिखाई दे रहा है। 3 तरफ की हवाओं ने मध्यप्रदेश को घेर लिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग का अनुमान है कि 12 जिलों में बारिश हो सकती है। यह स्थिति दिनांक 6 मार्च 2022 तक या इसके आसपास बनी रह सकती है।

मध्य प्रदेश मौसम- 12 जिलों के आसमान पर बादल, हल्की वर्षा का पूर्वानुमान

भारत सरकार के पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के अंतर्गत भारत मौसम विज्ञान विभाग के भोपाल केंद्र द्वारा जारी प्रिय दैनिक मौसम की रिपोर्ट एवं पूर्वानुमान के अनुसार मध्य प्रदेश के रायसेन नर्मदापुरम, खंडवा, बैतूल, दमोह, सागर, अनूपपुर, डिंडोरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी एवं छिंदवाड़ा में बादल छाए रहेंगे और कुछ स्थानों पर वर्षा होने की संभावना है। मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार राजधानी भोपाल में बादल छाए रहेंगे और 18 प्रति घंटा की स्पीड से हवाएं चलने की संभावना है। 

मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार पिछले 24 घंटों में जबलपुर एवं नर्मदापुरम संभाग के अंतर्गत आने वाले जिलों में बारिश दर्ज की गई है। जबकि उज्जैन संभाग के जिलों में तापमान बढ़ गया है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार पाकिस्तान और राजस्थान की हवाएं मध्यप्रदेश तक आ रही हैं वहीं दूसरी तरफ बंगाल की खाड़ी से बादल उठकर मध्यप्रदेश के आसमान पर पहुंच रहे हैं। यही कारण है कि जबलपुर संभाग में बारिश और उज्जैन संभाग में गर्मी बढ़ रही है। मध्य प्रदेश की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया mp news पर क्लिक करें.

MP SCST सतर्कता मॉनिटरिंग समिति 2019 निरस्त, नई गठित, मुख्यमंत्री अध्यक्ष - HINDI NEWS

Posted: 03 Mar 2022 07:03 AM PST

भोपाल।
राज्य शासन ने अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) नियम के तहत विगत 21 अगस्त 2019 को गठित राज्य स्तरीय सतर्कता मॉनिटरिंग समिति को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर नई समिति का गठन किया है। 

अनुसूचित जाति एवं जनजाति राज्य स्तरीय सतर्कता मॉनिटरिंग समिति 2022

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में गठित नई समिति में मंत्री, सांसद, विधायक और संबंधित अधिकारियों को सदस्य बनाया गया है। प्रमुख सचिव अनुसूचित जाति कल्याण को संयोजक सदस्य सचिव बनाया गया है। अनुसूचित जाति कल्याण विभाग द्वारा समिति की अधिसूचना जारी कर दी गई है। 

समिति में गृह, जेल, संसदीय कार्य, विधि और विधायी कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा, अनुसूचित जाति कल्याण एवं जनजातीय कार्य मंत्री सुश्री मीना सिंह, सांसद खरगोन श्री गजेन्द्र सिंह पटेल, सांसद शहडोल सुश्री हिमाद्री सिंह, सांसद देवास श्री महेन्द्र सिंह सोलंकी, विधायक धोहनी श्री कुंवर सिंह टेकाम, विधायक जोबट सुश्री सुलोचना रावत, विधायक पंधाना श्री राम दांगोरे, विधायक जैतपुर सुश्री मनीषा सिंह, विधायक जतारा श्री हरिशंकर खटीक, विधायक आष्टा श्री रघुनाथ मालवीय, विधायक आमला डॉ. योगेश पंडाग्रे, विधायक गुना श्री गोपीलाल जाटव, विधायक छतरपुर श्री राजेश प्रजापति, मुख्य सचिव मध्यप्रदेश शासन, अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव गृह, पुलिस महानिदेशक और निदेशक/उप निदेशक राष्ट्रीय अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति आयोग को सदस्य नामांकित किया गया है। मध्य प्रदेश की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया mp news पर क्लिक करें.

JABALPUR NEWS - नेपियर टाउन लीज कांड में पूर्व कमिश्नर सहित 7 के खिलाफ FIR

Posted: 03 Mar 2022 06:47 AM PST

जबलपुर। नेपियर टाउन में मात्र 900 स्क्वायर फीट के एक प्लॉट की लीज नवीनीकरण में हुए कथित घोटाले के मामले में नगर निगम के तत्कालीन आयुक्त केएस दुग्गल, नगर निगम के तत्कालीन सहायक यंत्री एके रेजा, नगर निगम के तत्कालीन उपयंत्री बीके दुबे सहित 7 लोगों के खिलाफ EOW ने FIR दर्ज की है। आरोप है कि इन लोगों ने गड़बड़ी करके शासन को 1200000 रुपए से ज्यादा का नुकसान पहुंचाया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार नगर निगम के पूर्व आयुक्त समेत सात लोगों के खिलाफ ईओडब्ल्यू ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एफआइआर दर्ज की है। आरोपितों ने नेपियर टाउन स्थित 900 वर्गफीट के प्लाट काे कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर 1693 वर्गफीट में लीज नवीनीकरण व भवन नामांतरण करा दिया था। जिसके आधार पर भवन अनुज्ञा प्राप्त कर शासन को करीब 12 लाख 15 हजार रुपये व 793 वर्गफीट अपंजीकृत रकवा पर स्टाम्प शुल्क की हानि उठानी पड़ी थी। 

जिन लोगों के खिलाफ एफआइआर दर्ज की गई हैं उनमें मालती माला राय पिता बाला प्रसाद पेठिया निवासी 237 शील भवन नेपियर टाउन मोहित काम्पलेक्स, नितिन कुमार पाहुजा पिता करम चंद्र पाहुजा निवासी 610 छोटी ओमती, विनोद प्रेमचंदानी पिता मनोहरलाल प्रेमचंदानी निवासी 943/टीएफए एफ-6 दत्त इंक्लेव गीतांजलि विद्यालय के पास नेपियर टाउन, दीपक खत्री पिता मोहनदास खत्री निवासी 212 कचनार संभार नेपियर टाउन, नगर निगम के तत्कालीन आयुक्त केएस दुग्गल, नगर निगम के तत्कालीन सहायक यंत्री एके रेजा, नगर निगम के तत्कालीन उपयंत्री बी के दुबे समेत अन्य आरोपित शामिल हैं। 

उक्त कार्रवाई आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (इकाई) जबलपुर इकाई के एसपी देवेंद्र सिंह राजपूत के निर्देश पर की गई।

JABALPUR NEWS- रेत कारोबारी के किडनैप बेटे का सुराग नहीं, इलाके में दहशत

Posted: 03 Mar 2022 06:36 AM PST

जबलपुर।
मध्य प्रदेश की संस्कारधानी जबलपुर में रेत कारोबारी मलखान सिंह पटेल के 25 वर्षीय दिव्यांग बेटे राहुल सिंह के अपहरण के मामले में घटना के 24 घंटे बाद भी पुलिस के हाथ कोई सुराग नहीं लगा है। लोकेशन तो दूर की बात, पुलिस के पास फिलहाल अपहरण करने वालों के नाम तक नहीं है।

मामला गोसलपुर थाना क्षेत्र के शांति नगर का है। रेत कारोबारी मलखान सिंह पटेल का 25 वर्षीय बेटा दिव्यांग है। बुधवार की शाम अचानक गायब हो गया था। मलखान सिंह जब अपने बेटे की तलाश कर रहे थे तभी रात 8:00 बजे उनके पास राहुल सिंह के मोबाइल से फोन आया जिसमें अपहरणकर्ताओं ने 1500000 रुपए फिरौती की डिमांड की।

मलखान सिंह पटेल ने तत्काल पुलिस को इन्फॉर्म कर दिया था। शांति नगर क्षेत्र में पुलिस काफी सक्रिय दिखाई दे रही है परंतु पुलिस के पास किसी भी सवाल का जवाब नहीं है। पुलिस कभी मलखान सिंह पटेल के बयानों का cross-examination करती है तो कभी रेत कारोबार में उनके विरोधियों के बारे में पता लगाने की कोशिश। समाचार लिखे जाने तक (24 घंटे बीत जाने के बावजूद) पुलिस के पास इस मामले में कोई अपडेट नहीं था। जबलपुर की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया JABALPUR NEWS पर क्लिक करें.

BHOPAL NEWS- अर्जुन सिंह की पुण्यतिथि के पहले अर्जुन सिंह की मूर्ति हटाने के आदेश

Posted: 03 Mar 2022 05:35 AM PST

भोपाल
। मध्यप्रदेश में कांग्रेस पार्टी और खास तौर पर दिग्विजय सिंह एवं अजय सिंह राहुल के लिए अच्छी खबर नहीं है। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने राजधानी भोपाल में लगी हुई अर्जुन सिंह की मूर्ति हटाने के आदेश दिए हैं। इत्तेफाक देखिए, यह आदेश अर्जुन सिंह की पुण्यतिथि है 1 दिन पहले जारी किए गए। 

मध्य प्रदेश के इतिहास में सबसे ताकतवर मुख्यमंत्री माने जाने वाले स्वर्गीय अर्जुन सिंह की 11वीं पुण्यतिथि दिनांक 4 मार्च 2022 को मनाई जाएगी। पूरे मध्यप्रदेश में हजारों कांग्रेस कार्यकर्ता इस दिन अपने नेता को याद करते हैं। अर्जुन सिंह के कारण ही दिग्विजय सिंह को मुख्यमंत्री का पद मिला था। मध्य प्रदेश पुलिस और शिक्षा विभाग में हजारों कर्मचारी अर्जुन सिंह के उस आदेश के कारण नौकरी कर रहे हैं जिसमें उन्होंने समस्त नियमों को शिथिल करते हुए अपने वीटो पावर का यूज किया था। 

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने एक जनहित याचिका की सुनवाई के बाद गुरुवार दिनांक 3 मार्च 2022 को फैसला सुनाया की राजधानी भोपाल में लगाई गई अर्जुन सिंह की मूर्ति के साथ पूरे मध्यप्रदेश में दिनांक 13 जनवरी 2013 के बाद स्थापित हुई सभी मूर्तियों को हटाकर हाई कोर्ट को सूचित करें।  भोपाल की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया bhopal news पर क्लिक करें।

GWALIOR NEWS- लड़की ने लव मैरिज के लिए फर्जीवाड़ा किया, BSF ने जेल भिजवाया

Posted: 03 Mar 2022 05:18 AM PST

ग्वालियर
। अपने प्यार को पाने के लिए एक लड़की ने कुछ इस तरह का फर्जीवाड़ा कर दिया कि शादी से पहले ही खुलासा हो गया और जेल जाना पड़ा। लड़की महाराष्ट्र की रहने वाली है जबकि लड़का डबरा जिला ग्वालियर का बैंक कर्मचारी है। 

ASP क्राइम राजेश दंडौतिया ने बताया कि महाराष्ट्र की रहने वाली 22 वर्षीय लड़की NCC की प्रतिभाशाली कैडेट रही है। राजपथ दिल्ली पर परेड में शामिल भी हो चुकी है। ग्वालियर के डबरा में रहने वाले एक बैंक कर्मचारी के साथ उसका अफेयर चल रहा था। जब शादी की बात आई तो लड़के के परिवार वालों ने शर्त रख दी कि वह केवल उसी लड़की से शादी करेंगे जो उनके लड़के के समकक्ष सरकारी अधिकारी हो। 

अपने प्यार को पाने के लिए लड़की ने BSF का फर्जी अप्वाइंटमेंट लेटर बनाया और लड़के के परिवार को दिखा दिया। लड़के वालों ने शर्त बदल दी। उन्होंने कहा कि पहले लड़के की बहन की शादी करेंगे उसके बाद लड़के की शादी करेंगे। विनाश काले विपरीत बुद्धि, अपने प्यार के नजदीक रहने के लिए लड़की ने फर्जी जॉइनिंग लेटर के बहाने BSF टेकनपुर में ज्वाइन करने की कोशिश की। डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के दौरान मामले का खुलासा हो गया। 

दरअसल लड़की के पास मौजूद जॉइनिंग लेटर में जिस अधिकारी (डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल BSF डीके उपाध्याय) के सिग्नेचर थे वह तो सन 2012 में ही रिटायर हो चुके हैं जबकि लड़की फरवरी 2021 में ज्वाइन करने आई थी। BSF वालों ने तत्काल पुलिस बुला ली। पुलिस ने लड़की को हिरासत में लिया और इन्वेस्टिगेशन शुरू की। इन्वेस्टिगेशन के दौरान सारी कहानी का खुलासा हो गया। इस प्यार को पाने के लिए सारा फर्जीवाड़ा किया, वह प्यार भी नहीं मिला और जेल जाना पड़ा। ग्वालियर की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया GWALIOR NEWS पर क्लिक करें.

मध्यप्रदेश में चौराहों पर लगीं मूर्तियां हटाने के आदेश- MP HIGH COURT NEWS

Posted: 03 Mar 2022 05:06 AM PST

जबलपुर।
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने एक ऐसा फैसला दिया है जिसका असर पूरे मध्यप्रदेश में दिखाई देगा। उच्च न्यायालय ने मध्यप्रदेश शासन को आदेशित किया है कि 18 जनवरी 2013 के बाद किसी भी चौराहे पर लगी कोई भी मूर्ति हटा दी जाए। यह फैसला राजधानी भोपाल के टीटी नगर चौराहे पर लगाई गई पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह की मूर्ति के मामले में उपस्थित हुए विवाद की सुनवाई के बाद दिया गया। 

जबलपुर के रहने वाले सामाजिक कार्यकर्ता ग्रीष्म जैन ने हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका प्रस्तुत की थी। इस पर कोर्ट में गुरुवार सुबह अंतिम सुनवाई हुई। टीटी नगर में नानके पेट्रोल पंप के सामने चौक पर पूर्व सीएम अर्जुन सिंह की प्रतिमा लगाई गई है। याचिका में कहा गया था कि ये प्रतिमा 18 जनवरी 2013 के बाद लगाई गई है। तब सुप्रीम कोर्ट ने पूरे प्रदेश में चौक और सार्वजनिक स्थलों पर मूर्ति या प्रतिमा लगाने पर रोक लगा दी थी।

याचिका की सुनवाई के बाद जस्टिस शील नागू की कोर्ट ने सख्त फैसला सुनाते हुए राज्य सरकार और भोपाल नगर निगम को फटकार भी लगाई। राज्य सरकार से कहा कि प्रदेश में 18 जनवरी 2013 के बाद सड़क, चौक, सार्वजनिक स्थान पर लगाई गई मूर्तियों को हटाए। कार्रवाई से अवगत भी कराए। याचिकाकर्ता ग्रीष्म जैन की ओर से अधिवक्ता सतीश वर्मा और लावण्य वर्मा ने पक्ष रखा। 

राज्य सरकार व भोपाल नगर निगम पर जुर्माना

कोर्ट ने राज्य सरकार और भोपाल नगर निगम पर 30 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। इसमें याचिकाकर्ता को बदनाम करने की क्षतिपूर्ति के रूप में 10 हजार रुपए दिए जाएंगे। वहीं, 20 हजार रुपए हाईकोर्ट के लीगल एंड अथॉरिटी में जमा कराना होगा। हाईकोर्ट ने ये जुर्माना सरकारी अधिकारी और खासकर भोपाल नगर निगम की ओर से कोर्ट में दो अलग-अलग जवाब पेश करने पर लगाया है। 30 दिन में 30 हजार रुपए जमा न करने पर याचिका कोर्ट के सामने फिर से लगेगी। 

सरकार बदलने के साथ बदले जवाब पर कोर्ट की गंभीर टिप्पणी

दिसंबर 2019 में कांग्रेस की सरकार के समय भोपाल नगर निगम की ओर से कोर्ट में जवाब पेश करते हुए बताया था कि मूर्तियां आवागमन में बाधक नहीं हैं। इसके बाद सरकार बदलने के बाद जुलाई 2021 में कहा कि ये मूर्ति यातायात में बाधक हैं। इसी बात पर कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि सरकारी अधिकारियों को कानून का पालन करना चाहिए था, जो कि नहीं किया। याचिकाकर्ता से दुर्भावना रखते हुए कोर्ट को गुमराह करने की कोशिश की गई। दो सरकारों के कार्यकाल में नगर निगम की ओर से अलग-अलग जवाब पेश किए गए। मध्य प्रदेश की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया mp news पर क्लिक करें.

मप्र कैबिनेट मीटिंग का आधिकारिक प्रतिवेदन - MP CABINET MEETING OFFICIAL REPORT 03 MAR 2022

Posted: 03 Mar 2022 04:46 AM PST

भोपाल
। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज मंत्रि-परिषद की बैठक हुई। मंत्रि-परिषद ने वर्तमान परिदृश्य के अनुरूप वन प्रबंधन में समुदायों की भूमिका को सशक्त करने के लिए मध्यप्रदेश शासन के नवीन संकल्प, 2021 का अनुमोदन (अक्टूबर 2021 में किया है) अनुरूप वनों के संरक्षण एवं विकास में जन-सहयोग प्राप्त हो सकेगा। पिछले दो दशकों में नीतिगत, वैधानिक एवं कार्यकारी वातावरण में आये परिवर्तनों को समाहित कर पुनरीक्षित संकल्प, 2021 का अनुमोदन किया गया है। 

सामुदायिक वन प्रबंधन समिति को मंजूरी

इस पुनरीक्षित संकल्प के अनुसार तीन प्रकार की समितियों के स्थान पर अब एक समिति ही गठित की जायेगी, जिसे सामुदायिक वन प्रबंधन समिति कहा जायेगा। प्रत्येक वन समिति के सदस्यों में से एक तिहाई पद महिलाओं के लिए आरक्षित रहेंगे। ग्राम पंचायत का सरपंच कार्यकारणी का पदेन सदस्य होगा। कार्यकारणी के अध्यक्ष के पद पर पुरुष का चयन होने पर उपाध्यक्ष का पद महिला के लिए आरक्षित रहेगा। 

समिति के गठन एवं संचालन में सामुदायिक सशक्तिकरण तथा संस्थागत जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए कार्यकारिणी को गठित करने एवं समुदाय की अपेक्षाओं के अनुरूप कार्य न करने पर पुनर्गठित करने का अधिकार ग्राम सभा को सौंपा गया है। समितियों के लेखाओं का ऑडिट करने का प्रावधान किया गया है।

इसी प्रकार से पूर्व में जिला स्तर पर मुख्य पातन से प्राप्त काष्ठ के बिक्री मूल्य से समस्त व्यय घटाकर प्राप्त शुद्ध लाभ की 20 प्रतिशत राशि समितियों को देने के प्रावधान के स्थान पर समिति के क्षेत्र से प्राप्त राजस्व में से 20 प्रतिशत अंश समिति को देने का प्रावधान किया गया है। राजस्व में हिस्सा देने से प्रदेश की समस्त अच्छा कार्य करने वाली सभी समितियों को लाभांश प्राप्त हो सकेगा। वन आश्रित समुदाय को दैनिक जरूरत की जलाऊ, बांस एवं बल्ली वैधानिक रूप से प्राप्त हो सकेगी, जिससे वन प्रबंधन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। मध्यप्रदेश राज्य वन विकास निगम लिमिटेड के क्षेत्रों में निर्णय लेने का अधिकार निगम के संचालक मंडल को सौंपा गया है।

ओमकारेश्वर एवं छतरपुर सौर ऊर्जा पार्क स्थापना की मंजूरी

मंत्रि-परिषद द्वारा नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE), भारत सरकार की सौर ऊर्जा पार्क योजना में अल्ट्रा मेगा रिन्यूएबल एनर्जी पावर पार्क्स (Ultra Mega Renewable Energy Power Parks -UMREPPS) मोड में स्वीकृत ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सौर पार्क 600 मेगावाट और छतरपुर सौर ऊर्जा पार्क 950 मेगावाट को विकसित किये जाने की स्वीकृति दी। इन पार्क के विकास के लिये RUMSL सौर पार्क परियोजना विकासक (Solar Park Project Developer- SPPD) होगा। सौर परियोजनाओं से उत्पादित विद्युत का क्रय म.प्र. पावर मेनेजमेंट कंपनी लिमिटेड (MPPMCL) द्वारा राज्य की सौर RPO की आपूर्ति और राज्य के उपयोग के लिये किया जाएगा। शेष विद्युत का क्रय अन्य सार्वजनिक संस्थाओं द्वारा राज्य में या राज्य के बाहर उपयोग के लिये किया जाएगा।

ओंकारेश्वर जलाशय पर प्रस्तावित 600 मेगावाट क्षमता की फ्लोटिंग सौर परियोजना वर्तमान परिदृश्य में विश्व की सबसे बड़ी फ्लोटिंग सौर परियोजना है। यह परियोजना एक बहुउद्देशीय परियोजना के रूप में विकसित की जायेगी, जिसमें पर्यटन, कृषि और उद्योग हेतु उपयोगी भूमि संरक्षण, जल संरक्षण आदि उद्देश्यों की भी पूर्ति भी संभव होगी। उपरोक्त परियोजनाएँ प्रदेश को सस्ती पर्यावरण मित्र बिजली के साथ नवकरणीय ऊर्जा आबंध की पूर्ति में भी सहायक सिद्ध होगी। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी व्दारा ग्लासगो में आयोजित कॉप 26 सम्मेलन में देश के लिए वर्ष 2030 तक 500 गीगावाट (पाँच लाख मेगावाट) की नवकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं की स्थापना का लक्ष्य रखा गया है। प्रदेश में वर्तमान में कुल 2380 मेगावाट क्षमता की सौर ऊर्जा परियोजनाएँ स्थापित हैं और लगभग 5000 मेगावाट क्षमता की परियोजनाएँ स्थापनाधीन हैं।

दुर्गम वन क्षेत्रों में दूरसंचार अवसंरचना का विस्तार

मंत्रि-परिषद द्वारा दुर्गम वन क्षेत्रों में दूरसंचार अवसंरचना के विस्तार और वहाँ के निवासियों को आसानी से इंटरनेट कलेक्टिविटी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वर्ष 2019 में जारी नीति एवं दिशा-निर्देश में संशोधन करने का निर्णय लिया है। संशोधन के अनुसार दूरसंचार सेवा प्रदाता द्वारा अवसंरचना स्थापित करने के लिए निष्प्रभ क्षेत्र (Shadow Area) में वन क्षेत्र के अंतर्गत उपयुक्त स्थान का चयन कर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग को अवगत कराया जायेगा। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की और से जिला कलेक्टर उस स्थल पर दूरसंचार अवसंरचना स्थापित करने के उपयोग के लिए वन विभाग को आवेदन प्रस्तुत कर उपयोग का अधिकार प्राप्त करेगा। कलेक्टर द्वारा उपयोग के अधिकार एवं कब्जा प्राप्त हो जाने के बाद संबंधित दूरसंचार सेवा प्रदाता को अनुज्ञप्ति जारी की जायेगी।

वर्तमान में मध्यप्रदेश में दूरसंचार सेवा प्रदाता/ इंटरनेट सेवा प्रदाता/ अवसंरचना प्रदाय कम्पनियों द्वारा वायर लाइन या वायरलेस आधारित वाइस या डाटा पहुँच सेवाएँ उपलब्ध कराने के लिए अवसंरचना की स्थापना हेतु नीति एवं दिशा-निर्देश 2019 दिनांक 23 फरवरी 2019 में लागू है। प्रदेश के कई दुर्गम क्षेत्रों में दूरसंचार अवसंरचना स्थापित न होने के कारण मोबाइल डाटा कनेक्टिविटी उपलब्ध नहीं है। शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रवेश परीक्षाएँ, ऑनलाइन कक्षाएँ, नागरिक सेवाएँ आदि गतिविधियों के लिए इंटरनेट एवं मोबाइल कनेक्टिविटी अनिवार्य है। ऐसे लगभग 1635 गाँव हैं। इनमें से कई ग्राम वनांचलों में स्थित है। इस निर्णय से दुर्गम वन क्षेत्रों में दूरसंचार अवसंरचना का विस्तार होगा एवं नागरिकों को शासन की विभिन्न सेवाओं का लाभ सुविधाजनक स्थान पर प्राप्त हो सकेगा।

पिछड़ा वर्ग के छात्रावासों के लिए पदों की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने पिछड़ा वर्ग के कन्या और बालक नव निर्मित छात्रावासों के लिए इन्दौर, जबलपुर, आगरमालवा, शाजापुर और दमोह में 50 पद निर्मित करने की स्वीकृति प्रदान की। स्वीकृत पदों में  2 अधीक्षक (व्याख्याता स्तर), 6 सहायक अधीक्षक (यू.डी.टी. स्तर), 4 कम्प्यूटर ऑपरेटर, 8 चौकीदार, 10 रसोईया, 10  पानी वाला  और 10 स्वीपर के पद शामिल हैं।

भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग में पदों की निरंतरता

मंत्रि-परिषद द्वारा भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग की संस्थाओं के 1401 पदों में से चतुर्थ श्रेणी के डाइंग कैडर के रिक्त 38 पदों को समाप्त कर कुल 1363 अस्थाई पर्दो की निरन्तरता 1 अप्रैल 2021 से 31 मार्च 2026 तक करने की स्वीकृति प्रदान की गई।

राजधानी परियोजना प्रशासन का संविलियन

मंत्रि-परिषद द्वारा राजधानी परियोजना प्रशासन का विघटन कर लोक निर्माण विभाग, वन विभाग और अन्य विभागों में संविलियन करने की अनुमति दी गई।

शिवराज सिंह चौहान कैबिनेट के अन्य निर्णय

मंत्रि-परिषद द्वारा परिवहन विभाग जिला ग्वालियर स्थित ग्वालियर बस डिपो, परिवहन विभाग की तराना जिला उज्जैन स्थित बस डिपो और राजस्व विभाग की मिड टाउन कॉलोनी के पीछ रतलाम स्थित भूमि परिसम्पत्ति के निर्वर्तन हेतु H-1 निविदाकार द्वारा निविदा राशि का 100% जमा करने के उपरांत अनुबंध/रजिस्ट्री की कार्यवाही जिला कलेक्टर द्वारा की जाने का निर्णय लिया गया। ✒  राजेश दाहिमा/अनुराग उइके
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GWALIOR NEWS- प्रॉपर्टी के दाम डबल करने की तैयारी, नई कलेक्टर गाइडलाइन

Posted: 02 Mar 2022 10:05 PM PST

ग्वालियर
। ग्वालियर शहर में प्रॉपर्टी के दाम दोगुने करने की तैयारी हो गई है। जिला प्रशासन ने नई कलेक्टर गाइडलाइन तैयार की है। इसके हिसाब से 145 लोकेशंस (कॉलोनी एवं मोहल्ला आदि) पर प्रॉपर्टी के दाम बढ़ाए जाएंगे। प्रॉपर्टी की कीमतों में वृद्धि 3% से लेकर 151% तक प्रस्तावित है। 

उप जिला मूल्यांकन समिति की बैठक बुधवार को एसडीएम अनिल बनवारिया की अध्यक्षता में हुई। बैठक में सभी सदस्यों के बीच यह आम सहमति बनी कि शहर में 145 लोकेशन पर कलेक्टर गाइडलाइन 3 प्रतिशत से लेकर 151 प्रतिशत तक बढ़ाई जानी चाहिए। जिला पंजीयन कार्यालय की तरफ से आए सब रजिस्ट्रारों ने 145 कॉलोनी, मोहल्ले, गांव आदि की सूची बैठक में रखी। इन 145 लोकेशन पर कहीं पर 10 प्रतिशत, कहीं पर 40 तो कहीं पर 137 प्रतिशत तक कलेक्टर गाइडलाइन को बढ़ाए जाने को लेकर चर्चा हुई। 

ग्वालियर के किस इलाके में प्रॉपर्टी की कितनी कीमत बढ़ेगी 

चक रायपुर में 1 से 40 प्रतिशत, मां पीतांबरा कॉलोनी खेरियाभान क्षेत्र व रेशमपुरा के पास थर गांव में 1 से 3 प्रतिशत, वार्ड नंबर 43 में आने वाले जालम सिंह की गोठ में 151 प्रतिशत तक और कंपू रोड स्थित नाहर खाना पर 137 प्रतिशत तक कलेक्टर गाइडलाइन बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। बैठक में बताया गया कि शहर में ऐसी कोई लोकेशन नहीं है जहां पर पिछले 2 से 5 साल के दौरान रजिस्ट्री ही ना हुई हो। एसडीएम अनिल बनवारिया ने बताया कि गाइडलाइन बढ़ाए जाने को लेकर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। ग्वालियर की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया GWALIOR NEWS पर क्लिक करें.

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