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- 720000 बार फेल होने के बाद यह फोटो कैप्चर हुआ और रिकॉर्ड बन गया, पढ़िए, इसमें ऐसा क्या खास है- GK in Hindi
- मानहानि का आरोप गलत साबित हुआ तब कोर्ट याचिकाकर्ता के खिलाफ क्या कार्यवाही करेगा, जानिए CrPC section 237
- CM Sir, यदि चुनाव परिणाम में नार्मलाइजेशन हो जाए तो कैसा लगेगा- Khula Khat
- MPPEB NEWS- चेयरमैन ने कहा, पूर्ण जाँच की जा रही है, TET-3 PAPER OUT CASE
| Posted: 26 Mar 2022 02:51 PM PDT रिकॉर्ड उठाकर देख लीजिए, दुनिया के महानतम फोटोग्राफ्स में से यह, एक ऐसा फोटोग्राफ है जिसे कैप्चर करने वाले फोटोग्राफर alan mcfadyen 720000 बार फेल हुए। पूरे 6 साल का समय लगा। 4200 घंटे काम किया तब कहीं जाकर यह फोटो कैमरे में कैप्चर हो पाया। आइए जानते हैं कि इस फोटो में ऐसा क्या खास है, जो इतिहास में दर्ज हो गया। सबसे पहले किंगफिशर चिड़िया के बारे में महत्वपूर्ण बातेंइस फोटो में किंगफिशर नाम की चिड़िया दिखाई दे रही है। यह एक छोटे आकार का पक्षी है जिसे भारत के लोग राम चिड़िया भी कहते हैं। दुनिया भर में इसकी कुल 90 प्रजातियां हैं। सभी के बड़े सिर, लंबे, तेज, नुकीले चोंच, छोटे पैर और ठूंठदार पूंछ हैं। यह चिड़िया नदी और तालाबों में मछली का शिकार करती है। 40 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड से आसमान से सीधे पानी की तरफ कुछ इस तरह से गिरती है जैसे बंदूक से किसी ने गोली चलाई हो। आकार छोटा होता है इसलिए इसे टारगेट करना बहुत मुश्किल हो जाता है। alan mcfadyen के फोटो में ऐसा क्या खास है जो कोई दूसरा नहीं कर सकताफोटोग्राफर alan mcfadyen ने टारगेट सेट किया था कि वह इस किंगफिशर चिड़िया का फोटो उस समय कैप्चर करेंगे जब उसकी चोंच पानी की सतह को स्पर्श करेगी लेकिन पानी में कोई हलचल नहीं हो पाएगी। यानी छपाक से ठीक पहले। पानी की प्रतिक्रिया से पहले। निश्चित रूप से यह एक बहुत मुश्किल और लगभग असंभव जैसा लक्ष्य था। फोटोग्राफर alan mcfadyen अपनी जिद पर अड़े रहे और 6 साल की लंबी मेहनत के बाद सफल हुए। आज सारी दुनिया इस फोटोग्राफ के कारण फोटोग्राफर alan mcfadyen को जानती है। फोटोग्राफर alan mcfadyen का फोटोयहां क्लिक करके आप फोटोग्राफर alan mcfadyen को इंस्टाग्राम पर फॉलो कर सकते हैं। वन्य प्राणियों के कुछ ऐसे फोटोग्राफ दिखाई देंगे जो आज से पहले आपने नहीं देखे होंगे। Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article :- यदि आपके पास भी हैं कोई मजेदार एवं आमजनों के लिए उपयोगी जानकारी तो कृपया हमें ईमेल करें। editorbhopalsamachar@gmail.com (general knowledge in hindi, gk questions, gk questions in hindi, gk in hindi, general knowledge questions with answers, gk questions for kids, ) |
| Posted: 26 Mar 2022 12:44 PM PDT भारतीय दण्ड संहिता के अध्याय 21 की धारा 500 से धारा 502 तक मानहानि करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध अपराधों को बताया गया है एवं राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, राज्यपाल, राज्य या केन्द्र के प्रशासनिक अधिकारियों, राज्य या केन्द्र सरकार के मंत्रियों की कोई मानहानि करता है तब यह मामला सत्र न्यायालय द्वारा दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 192 की उपधारा 2 के अनुसार सुनवाई योग्य होगा। उक्त धारा के अनुसार सुनवाई अभियोजन पक्ष के सरकारी वकील द्वारा प्रारंभ होगी। ऐसे में किसी उपर्युक्त पदाधिकारी या मंत्री या राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति या राज्यपाल के राज्यपाल द्वारा लगाया गया आरोप सिद्ध नहीं होता है, तब मजिस्ट्रेट किस प्रकार अपना निर्णय देगा जानिए। दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 237 की परिभाषा (सरल एवं संक्षिप्त शब्दों में):-किसी आरोपी व्यक्ति पर किसी भी प्रकार से मानहानि का मामला दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 192 (2) के अधीन सत्र न्यायालय में विचारणीय है तब मजिस्ट्रेट विचारण की कार्यवाही स्वयं के विवेकानुसार करेगा। • अगर किसी पक्षकार को बंद कमरे में सुनवाई करवानी हैं तब मजिस्ट्रेट बंद कमरे में सुनवाई करवा सकता है लेकिन किसी भी पक्षकार को किसी भी प्रकार का कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं होना चाहिए। • अगर आरोपी व्यक्ति पर लगे आरोप सिद्ध हो जाते हैं तब पीड़ित पक्षकार दण्ड या मानहानि की क्षति की मांग कर सकता है। • लेकिन आरोपी व्यक्ति पर लगें आरोप सिद्ध नहीं हुए तब अभियोजन पक्षकार को आरोपी व्यक्ति को प्रतिकर देना होगा। प्रतिकर राशि एक हजार रुपये से अधिक नहीं होगी एवं राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, राज्यपाल एवं मंत्रीगण आरोपी पक्ष को प्रतिकर देने के लिए बाध्य नहीं होंगे। • अगर किसी पीड़ित पक्षकार को लगता है कि फैसला जो आरोपी पक्ष में है या आरोपी को लगता है की सत्र न्यायालय का दिया गया फ़ैसला पीड़ित पक्ष में दिया गया गलत निर्णय या फैसला गलत है, तब ऐसा कोई भी पक्षकार अपीली न्यायालय अर्थात हाई कोर्ट में बीस दिन के भीतर अपील कर सकता है। Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article) :- लेखक बी.आर. अहिरवार (पत्रकार एवं लॉ छात्र होशंगाबाद) 9827737665 इसी प्रकार की कानूनी जानकारियां पढ़िए, यदि आपके पास भी हैं कोई मजेदार एवं आमजनों के लिए उपयोगी जानकारी तो कृपया हमें ईमेल करें। editorbhopalsamachar@gmail.com |
| CM Sir, यदि चुनाव परिणाम में नार्मलाइजेशन हो जाए तो कैसा लगेगा- Khula Khat Posted: 26 Mar 2022 12:20 PM PDT आदरणीय मुख्यमंत्री जी, मप्र सरकार भर्ती परीक्षाओं का आयोजन पीईबी के माध्यम से कर रही है जिसमें ये युवाओं से फीस के नाम पर मोटी कमाई कर रही है। पिछले दो वर्षों से कोई बड़ी भर्ती हुई नहीं है। पहले कृषि विभाग की भर्ती मे गड़बड़ी सामने आयी थी, अब शिक्षक पात्रता परीक्षा का पेपर आउट हुआ है जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वहीं दूसरी ओर पुलिस भर्ती मे जिन कैंडीडेट्स के नंबर अच्छे आये थे वे डिस्क्वालीफाई हो गए हैं। पटवारी, पुलिस उपनिरीक्षक भर्ती का पता नहीं है। ऑनलाइन परीक्षाएं विश्वसनीय नहीं रह गई हैं। ये भर्ती परीक्षायें जिनमें नार्मलाइजेशन के नाम पर अंक घट बढ़ जाते हैं, हर शिफ्ट का पेपर अलग अलग आने से परीक्षार्थी अच्छी मेहनत के बाद भी असफल हो जाते हैं। पेपर आउट आफ सिलेबस आ रहें है। जिससे मप्र का शिक्षित युवा वर्षों कड़े परिश्रम के बाद भी रोजगार से दूर रह जाता है। इसलिए जरूरी हो गया है कि पुन: पूर्व की भांति ऑफलाइन पेपर कराये जाए, जिनमे सभी को एक सा पेपर एक ही समय पर दिया जाए ताकि किसी के साथ भेदभाव न हो, जैसा उप्र मे होता है। बार-बार पीईबी की गड़बड़ियां सामने आ रही है। इसलिए किसी निष्पक्ष संगठन से भर्ती परीक्षाओं का संचालन कराया जाए। इन गड़बड़ियों की जाँच किसी निष्पक्ष संगठन से करायी जाए व दोषियों को कड़ा दंड दिया, जाए ताकि भविष्य मे ऐसी पुनरावृत्ति न हो। इससे छात्रों का भविष्य बर्बाद हो रहा है। ✒ सादर धन्यवाद, आशीष कुमार, उदयपुरा, रायसेन अस्वीकरण: खुला-खत एक ओपन प्लेटफार्म है। यहां मध्य प्रदेश के सभी जागरूक नागरिक सरकारी नीतियों की समीक्षा करते हैं। सुझाव देते हैं एवं समस्याओं की जानकारी देते हैं। पत्र लेखक के विचार उसके निजी होते हैं। इससे पूर्व प्रकाशित हुए खुले खत पढ़ने के लिए कृपया Khula Khat पर क्लिक करें. यदि आपके पास भी है कुछ ऐसा जो मध्य प्रदेश के हित में हो, तो कृपया लिख भेजिए हमारा ई-पता है:- editorbhopalsamachar@gmail.com |
| MPPEB NEWS- चेयरमैन ने कहा, पूर्ण जाँच की जा रही है, TET-3 PAPER OUT CASE Posted: 26 Mar 2022 12:08 PM PDT भोपाल। Professional Examination Board, Bhopal के चेयरमैन आईपीसी केसरी ने प्राथमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा का पेपर आउट हो जाने के मामले में अपना ऑफिशल स्टेटमेंट जारी किया है। उन्होंने कहा कि मामले की पूर्ण जांच की जा रही है। MP TET - VARG-3 PAPER OUT LATEST NEWS- PEB CHAIRMEN STATEMENTनॉन पॉलीटिकल ऑर्गेनाइजेशन Madhya Pradesh Yuva Shakti के ट्वीट पर रिप्लाई करते हुए MPPEB चेयरमैन ICP Keshari ने कहा कि मामले की पूर्ण जांच की जा रही है। युवा शक्ति संगठन ने बताया कि जिस परीक्षार्थी का स्क्रीनशॉट है उससे यह पता चलता है कि परीक्षार्थी का नाम मनोज कुमार पटेल हैं जिसका रोल नंबर 23165920 हैं। यहां से पता चल जाएगा कि परीक्षार्थी कौन से परीक्षा सेंटर से है। युवा शक्ति है जल्द से जल्द निष्पक्ष जांच खत्म करने की मांग की। चेयरमैन केसरी ने आश्वासन दिया है कि जांच निष्पक्ष होगी और जल्द ही खत्म हो जाएगी। मध्य प्रदेश प्राथमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा पेपर आउट- बोर्ड के अध्यक्ष का बयानMPPEB चेयरमैन ICP Keshari ने इस मामले में सीएम शिवराज सिंह चौहान, मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार के प्रवक्ता डॉ नरोत्तम मिश्रा एवं स्कूल शिक्षा राज्यमंत्री इंदर सिंह परमार को सूचित किया है। कुल मिलाकर चेयरमैन ने स्पष्ट कर दिया है कि वह मामले को दबाने या छुपाने के मूड में नहीं है। इन्वेस्टिगेशन का डिसीजन लिया जा चुका है। जल्द ही यह साबित किया जाएगा कि MPPEB मैनेजमेंट इसमें शामिल नहीं है और यह किसी भी प्रकार का घोटाला नहीं है। उच्च शिक्षा, सरकारी और प्राइवेट नौकरी एवं करियर से जुड़ी खबरों और अपडेट के लिए कृपया MP Career News पर क्लिक करें. |
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