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Saturday, March 19, 2022

Bhopal Samachar | No 1 hindi news portal of central india (madhya pradesh)

Bhopal Samachar | No 1 hindi news portal of central india (madhya pradesh)


NSCBMC JABALPUR- डीन के रिक्त पद हेतु आवेदन आमंत्रित, लास्ट डेट 8 अप्रैल

Posted: 19 Mar 2022 05:08 PM PDT

जबलपुर
। जबलपुर कमिश्नर के ऑफिस द्वारा नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज में अधिष्ठाता पद हेतु वैकेंसी ओपन की गई है। एप्लीकेशन की लास्ट डेट 8 अप्रैल 2022 घोषित की गई है। उल्लेखनीय है कि जबलपुर कमिश्नर नेताजी सुभाष चंद्र बोस स्वशासी मेडिकल कॉलेज की कार्यकारिणी समिति के अध्यक्ष होते हैं। 

मेडिकल कॉलेज टीचर्स को प्रतिनियुक्ति का अवसर

विज्ञप्ति क्रमांक 2338 जो दिनांक 10 मार्च 2022 को हस्ताक्षर की गई, के अनुसार केवल वही व्यक्ति आवेदन कर सकते हैं जिनकी नियुक्ति मध्य प्रदेश शासन के चिकित्सा विभाग के 1987 भर्ती नियम के तहत हुई हो। जो व्यक्ति मध्य प्रदेश के किसी भी सरकारी मेडिकल कॉलेज में शिक्षक- प्रोफेसर के पद पर पदस्थ हो। कुल मिलाकर यह पद प्रतिनियुक्ति से भरा जाएगा। सीधी भर्ती नहीं होगी।

मेडिकल कॉलेज के डीन के पद पर नियुक्ति के लिए आवेदक की शैक्षणिक योग्यता एनएमसी अथवा एमसीआई होनी चाहिए। आवेदन की प्रक्रिया ऑनलाइन नहीं है लेकिन ईमेल कर सकते हैं। या फिर आयुक्त जबलपुर संभाग, कमिश्नर ऑफिस सिविल लाइंस जबलपुर में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर जमा करा सकते हैं या फिर रजिस्टर्ड डाक द्वारा भेज सकते हैं। कर्मचारियों से संबंधित महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया MP karmchari news पर क्लिक करें.

ONDC- भारत की छोटी से छोटी दुकान ई-कॉमर्स पर लाने की तैयारी, सरकार का ओपन सोर्स - BUSINESS NEWS

Posted: 19 Mar 2022 04:54 PM PDT

Open Network for Digital Commerce

नई दिल्ली। केन्द्रीय वाणिज्य और उद्योग, उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण और कपड़ा मंत्रीश्री पीयूष गोयल ने बिट्स पिलानी द्वारा आयोजित वार्षिक लॉन्चपैड-द एंटरप्रेन्योरशिप सम्मेलन के पांचवें संस्करण को संबोधित करते हुए ओपन नेटवर्क डिजिटल कॉमर्स का प्रमुखता से जिक्र किया। यदि सरकार इसे एक सरल open-source बनाने में कामयाब हो जाती है तो यह भारत की सबसे बड़ी आर्थिक क्रांति हो सकती है, क्योंकि इसके कारण भारत की छोटी से छोटी दुकान भी ई-कॉमर्स पर आ जाएगी। दुकानदार को ऑनलाइन आर्डर मिलेंगे और लोगों को घर बैठे डिलीवरी। 

ONDC- ओपन नेटवर्क डिजिटल कॉमर्स क्या है, सरल शब्दों में समझिए 

ई-कॉमर्स के नाम पर भारत में कुछ बहुत बड़े शॉपिंग मॉल मौजूद है। जैसे ऐमजॉन और फ्लिपकार्ट आदि। दुकानदारों को इनकी शर्तों का पालन करते हुए अपनी दुकान प्रदर्शित करनी पड़ती है। यदि अपनी ई-कॉमर्स वेबसाइट बनाना चाहे तो यह काफी महंगा काम है, और छोटे शहरों में तो डेवलपर ही नहीं है। इसलिए सरकार ओपन नेटवर्क डिजिटल कॉमर्स की शुरुआत करना चाहती है। यह एक ओपन सोर्स होगा, यानी कि कोई भी इसका उपयोग करते हुए अपनी ई-कॉमर्स वेबसाइट डिजाइन कर सकता है। किसी विशेषज्ञ की जरूरत नहीं होगी। यह बिल्कुल उतना ही आसान होगा जितना कि इंस्टाग्राम अथवा फेसबुक पर अपनी दुकान का पेज बनाना। 

ONDC- ओपन नेटवर्क डिजिटल कॉमर्स से क्या फायदा होगा

बड़ी कंपनियों की गुंडागर्दी खत्म हो जाएगी और बर्बाद होता जा रहा रिटेल का बाजार फिर से हरा भरा दिखाई देगा। कॉलोनी की दुकान की बिक्री बढ़ जाएगी। नुक्कड़ के पान वाले को डायरेक्ट आर्डर कर पाएंगे। किसी स्वीटी और जोमैटो की जरूरत नहीं होगी। कमीशन खोरी खत्म हो जाएगी। दुकानदार और ग्राहक डायरेक्ट कनेक्ट होंगे। इसके लिए आधा काम तो गूगल बिजनेस और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म कर ही चुके हैं। लॉकडाउन के कारण सभी दुकानदार ऑनलाइन पेमेंट भी लेने लगे हैं। सरकार को केवल सब कुछ व्यवस्थित करना है। भारत की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया INDIA NATIONAL NEWS पर क्लिक करें.

प्राचीन भारत में बासी रोटी खाने की परंपरा क्यों थी, ताजी रोटी बनाने का आलस या कोई साइंटिफिक लॉजिक- GK in Hindi

Posted: 19 Mar 2022 04:24 PM PDT

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हम सभी जानते हैं कि भारतवर्ष में रसोई घर को एक ऐसी प्रयोगशाला के रूप में डेवलप किया गया था, जहां पर तैयार होने वाला भोजन मनुष्यों की बीमारी दूर नहीं करता था बल्कि उन्हें बीमार ही नहीं होने देता था। यानी कि वह लोग हमारे डॉक्टरों से ज्यादा समझदार थे। सवाल यह है कि फिर प्राचीन भारत वर्ष में बासी रोटी खाने की परंपरा की होती। क्या लोग ताजी रोटी बनाने का आलस करते थे या फिर इसके पीछे कोई साइंटिफिक लॉजिक है। 

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यह तर्क दिया जा सकता है कि प्राचीन काल में मिट्टी के चूल्हे पर रोटी बनाई जाती थी। LPG गैस की तरह जब चाहे तब चूल्हा नहीं जला सकते थे। इसलिए एक बार में बहुत सारी रोटी बना लेते थे और खत्म होने तक उन्हीं रोटियों का उपयोग किया जाता है, लेकिन यहां ध्यान देना होगा कि प्राचीन काल में प्रतीक सुबह सूर्योदय के साथ चूल्हा जलाने की परंपरा थी जो निरंतर सूर्यास्त तक उपयोग के लिए तैयार रहता था। उसके अंदर अग्नि उपस्थित रहती थी। यहां ध्यान देना होगा कि प्राचीन काल में लोग सूर्यास्त के बाद भोजन नहीं करते थे। और फिर ऐसे कई विकल्प उपस्थित थे जो मनुष्य की भूख मिटा सकते थे और एनर्जी का सोर्स भी होते हैं। सवाल फिर वही है कि लोग बासी रोटी क्यों खाते थे, जबकि उनके पास ऑप्शन मौजूद थे। 

General knowledge for teachers

दरअसल, बासी रोटी में फफूंद लगने की प्रक्रिया शुरू हो जाती है जिसके कारण पेनिसिलियम नामक एक कवक उपस्थित हो जाता है। 1928 में अलेक्जेंडर फ्लेमिंग ने केवल यह पता लगाया था कि पेनिसिलिन एक ऐसा एंटीबायोटिक है जो बैक्टीरिया को खत्म कर देता है, लेकिन 5000 साल पहले भारत के ऋषियों ने बासी रोटी के रूप में पेनिसिलिन एंटीबायोटिक का डेली डोज सभी नागरिकों को शुरू कर दिया था। जो शरीर में पैदा होने वाले किसी भी व्यक्ति रिया को तत्काल खत्म कर देता था। 

उन दिनों 99% बैक्टीरिया मारने वाले प्रोडक्ट तो थे नहीं, जरा सोचिए फिर लोग 120 साल तक कैसे जीवित रहते थे। Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article 
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यदि कोई, किसी दूसरे के नाम से इंटरनेट पर एक्टिव हो जाए तो किस धारा के तहत FIR होगी, जानिए- IT Act, 2000

Posted: 19 Mar 2022 03:46 PM PDT

बहुत से साइबर अपराध ऐसे होते हैं जो कम्प्यूटर, लैपटॉप या मोबाइल में सेव हमारी पहचान को चुरा लेते हैं जैसे हमारी व्हाट्सएप, फेसबुक, ट्वीटर, CsC, ऑनलाइन ट्रांजेक्शन आईडी, डिजिटल हस्ताक्षर एवं किसी भी प्रकार को लॉगिन आईडी को चुरा कर बेईमानी या कपटपूर्ण आशय से उसका इस्तेमाल स्वंय करते हैं तब ऐसे व्यक्ति के खिलाफ थाने किस कानून के अंतर्गत सीधे एफआईआर दर्ज होगी जानिए।

सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 66 (ग) की परिभाषा:-

कोई भी व्यक्ति कपटपूर्वक या बेईमानी से किसी अन्य व्यक्ति के डिजिटल हस्ताक्षर, किसी भी प्रकार के लॉगिन पासवर्ड, या कोई अन्य पहचान का उपयोग स्वंय के लिए करेगा वह उपर्युक्त धारा के अंतर्गत दोषी होगा। (सरल शब्दों में यदि कोई व्यक्ति, किसी अन्य व्यक्ति की पहचान का उपयोग इंटरनेट पर करेगा तो वह उपरोक्त धारा 66 (ग) के अंतर्गत अपराधी माना जाएगा)

सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम,2000 की धारा 66 (ग) के अंतर्गत दण्ड का प्रावधान:-

यह अपराध समझोता योग्य है उसी न्यायालय द्वारा जहाँ अपराध का विचारण है एवं यह संज्ञेय एवं जमानतीय अपराध हैं। अधिनियम के अनुसार अपराध का इन्वेस्टिगेशन करने की शक्ति निरीक्षक (इंस्पेक्टर) की नीचे की पक्ति के पुलिस अधिकारी को नहीं हैं। सजा- इस अपराध के लिए अधिकतम तीन वर्ष की कारावास एवं एक लाख रुपए का जुर्माना  से दण्डित किया जा सकता है। Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article)

:- लेखक बी.आर. अहिरवार (पत्रकार एवं लॉ छात्र होशंगाबाद) 9827737665
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CM शिवराज सिंह ने जनता से कहा: सीधे मंत्रियों को बताओ, सरकारी योजनाएं कैसे चलाना है - MP NEWS

Posted: 19 Mar 2022 03:32 PM PDT

भोपाल
। लोग अक्सर समीक्षा करते हुए बताते हैं कि सरकार को क्या करना चाहिए और क्या नहीं। मध्यप्रदेश की शिवराज सिंह चौहान सरकार ने जनता से पूछा है कि बताइए जन कल्याणकारी योजनाओं के सबसे बेहतर क्रियान्वयन के लिए क्या करना चाहिए। सुझाव देने के लिये mp.mygov.in पोर्टल पर आमजन से सुझाव आमंत्रित किये गये हैं। यह सुझाव 25 मार्च, 2022 तक दिये जा सकेंगे।

मध्यप्रदेश में सभी सरकारी योजनाओं के लिए मंत्री समूह गठित

मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना को प्रभावी तरीके से पुन: शुरू करने के लिये गठित मंत्री समूह में संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री सुश्री उषा ठाकुर, उच्च शिक्षा मंत्री श्री मोहन यादव, राजस्व एवं परिवहन मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत और उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री भारत सिंह कुशवाह को शामिल किया गया है।

कन्या-विवाह योजना की विस्तृत प्रक्रिया और रूपरेखा तैयार करने के लिये गठित मंत्री समूह में जल-संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, किसान-कल्याण एवं कृषि मंत्री श्री कमल पटेल और पशुपालन मंत्री श्री प्रेमसिंह पटेल को शामिल किया गया है।

लाड़ली लक्ष्मी योजना के हितग्राहियों के लिए योजना बनाने हेतु गठित मंत्री समूह में चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री विश्वास सारंग, जनजातीय कल्याण एवं अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री सुश्री मीना सिंह मांडवे, किसान-कल्याण तथा कृषि विकास मंत्री श्री कमल पटेल और पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री सुश्री उषा ठाकुर शामिल है।

प्रदेश के नागरिकों को राशन वितरण की व्यवस्था को प्रभावी रूप से जनता के समक्ष रखने हेतु गठित मंत्री समूह में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री बिसाहूलाल सिंह, ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, सहकारिता एवं लोक सेवा प्रबंधन मंत्री श्री अरविंद सिंह भदौरिया और उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री भारत सिंह कुशवाह को शामिल किया गया है।

सीएम राइज योजना के प्रभावी प्रचार-प्रसार और क्रियान्वयन के लिए गठित मंत्री समूह में औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन मंत्री श्री राजवर्धन सिंह, स्कूल शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और सामान्य प्रशासन राज्य मंत्री श्री इंदर सिंह परमार, आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और जल संसाधन राज्य मंत्री श्री रामकिशोर काँवरे और उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री भारत सिंह कुशवाह शामिल है।

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की योजनाओं को प्रभावी रूप से अमल में लाने के लिए गठित मंत्री समूह में जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री विश्वास सारंग, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री श्री रामखेलावन पटेल और लोक निर्माण राज्य मंत्री श्री सुरेश धाकड़ को शामिल किया गया है।

जल जीवन मिशन को सुप्रचारित करने के लिए गठित मंत्री समूह में लोक निर्माण मंत्री श्री गोपाल भार्गव, वित्त एवं वाणिज्यिक कर मंत्री श्री जगदीश देवड़ा, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी राज्य मंत्री श्री बृजेन्द्र सिंह यादव और नवीन एवं नव करणीय ऊर्जा मंत्री श्री हरदीप सिंह डंग को शामिल किया गया है।

अनसुचित जनजाति समूह के विषय संबंधी योजना हेतु गठित मंत्री समूह में चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री विश्वास सारंग, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री बिसाहूलाल सिंह और जनजातीय कल्याण एवं अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री सुश्री मीना मांडवे को शामिल किया गया है।

अनुसूचित जाति समूह के विषय संबंधी योजना हेतु गठित मंत्री समूह में वित्त एवं वाणिज्यिक कर मंत्री श्री जगदीश देवड़ा, पशुपालन मंत्री श्री प्रेमसिंह पटेल और लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी शामिल हैं।

प्रधानमंत्री आवास योजना के मकानोंके लिए रेत व्यवस्था हेतु गठित मंत्री समूह में लोक निर्माण मंत्री श्री गोपाल भार्गव, वन मंत्री श्री कुंवर विजय शाह, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह, जनजातीय कल्याण एवं अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री सुश्री मीना सिंह मांडवे, खनिज साधन मंत्री श्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह और पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री महेन्द्र सिंह सिसोदिया को शामिल किया गया है।

सड़कों पर विचरण करने वाले पशुओं की बेहतर व्यवस्था के लिए गठित मंत्री समूह में गृह एवं जेल मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा, चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री विश्वास सारंग, ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, पशुपालन मंत्री श्री प्रेमसिंह पटेल, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री सुश्री उषा ठाकुर और उच्च शिक्षा मंत्री श्री मोहन यादव शामिल है।

गोवर्धन योजना हेतु गठित मंत्री समूह में गृह एवं जेल मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा, पशुपालन मंत्री श्री प्रेमसिंह पटेल, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री श्री ओमप्रकाश सकलेचा और उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री भारत सिंह कुशवाह को शामिल किया गया है। मध्य प्रदेश की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया mp news पर क्लिक करें.

₹400 वाला पोर्टेबल एसी, क्या सच में पूरा कमरा ठंडा कर देता है- BUSINESS NEWS

Posted: 19 Mar 2022 09:06 AM PDT

भारत में पीआर एजेंसियां काफी कुछ ऐसा करती हैं जिसके परिणाम चमत्कारी होते हैं। जैसे ₹400 में पोर्टेबल एसी, शिमला जैसी कूलिंग। यह हैडलाइन किसी को भी ₹400 खर्च करने के लिए प्रेरित कर सकती है। शिमला जैसी कूलिंग का मतलब पूरे वातावरण का ठंडा हो जाना, लेकिन क्या ₹400 वाला पोर्टेबल एसी 10X10 के एक कमरे को भी पूरी तरह से ठंडा कर सकता है। आइए समझने की कोशिश करते हैं:- 

ई-कॉमर्स वेबसाइट पर पोर्टेबल एसी की जानकारी 

मॉडल का नाम- Portable Mini Cooler
स्पेशल फीचर- Portable, Waterproof, Lightweight, Foldable, Water Resistant
Mini Fragrance Air conditioner Cooling Fan is made of durable hard plastic material, and powered by 3 AA batteries and USB cable. (यानी कि 3 एंपियर की बैटरी से चल सकता है.)। 

इसके बारे में बड़ी ही चतुराई के साथ तकनीकी जानकारी छुपाई गई है। खास बातों में यह बताया गया है कि बिजली नहीं खाता, वजन बहुत कम है, वाटर प्रूफ है, सिर्फ एक गिलास पानी खर्च होता है, घर के बाहर भी ले जा सकते हैं, बैटरी से भी चलता है। कहीं दावा नहीं किया कि एयर कंडीशनर है और शिमला जैसी ठंडी हवाएं देता है। यह दावे केवल पीआर एजेंसी द्वारा जारी किए गए समाचारों में किए जा रहे हैं। ज्यादातर लोग समाचार पढ़ते हैं और प्रोडक्ट खरीद लेते हैं। प्रोडक्ट के पेज पर उसकी डिटेल्स नहीं पढ़ते। कई बार टेक्निकल जानकारी नहीं पड़ते। 

इस प्रोडक्ट में कहीं नहीं बताया गया है कि इसका पंखा कितनी स्पीड से चलता है। यह भी नहीं बताया कि इस की मोटर की पावर क्या है। यह भी नहीं समझाया गया कि यह कितनी देर में कितने क्षेत्र को ठंडा कर सकता है। इंसान के कमरे को नहीं तो क्या पालतू कुत्ते के घर को ठंडा कर सकता है। इंजीनियर से कहते हैं कि जिस मशीन में कंप्रेसर होता है उसे एयर कंडीशनर कहते हैं, और भारत के प्रतिष्ठित समाचार माध्यमों द्वारा जिस मशीन को मिनी एसी कहा जा रहा है उसमें तो कंप्रेसर का C भी नहीं है। कुल मिलाकर कोई जानकारी नहीं है। बिजली से चलने वाला एक खिलौना है। भारत की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया INDIA NATIONAL NEWS पर क्लिक करें.

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