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Saturday, March 26, 2022

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5000 रुपये में घूमें ये हिल स्टेशन, गर्मियों में ठंडी-ठंडी जगह घूम आ जाएगा मजा

Posted: 25 Mar 2022 07:27 PM PDT

5000 रुपये में घूमें ये हिल स्टेशन, गर्मियों में ठंडी-ठंडी जगह घूम आ जाएगा मजा

गर्मियों का मौसम आ चुका है और कई राज्यों में अभी से ही तापमान काफी अधिक हो गया है. जल्द ही बच्चों की गर्मियों की छुट्टियां हो जाएंगी. ऑफिस, कॉलेज के बाद अगर आप भी इस गर्मी की छुट्टी में दोस्त, फैमिली, गर्लफ्रेंड आदि के साथ हिल स्टेशन घूमने जाना चाहते हैं, तो हम आपको कम बजट वाले हिल स्टेशन के बारे में बता रहे हैं जिसमें 5000 रुपये से कम खर्चा आएगा. इन जगहों पर जाने के लिए आपको दिल्ली के आसपास होना जरूरी है, क्योंकि यहां से हिल स्टेशन पर जाने के लिए आसानी से साधन मिल जाएंगे.

1. कसोल, हिमाचल प्रदेश (Kasol, Himachal Pradesh)

कसोल, हिमाचल का काफी प्यारा हिल स्टेशन है. हिमाचल प्रदेश घूमने आए लोगों की यह पहली पसंद होता है. कसोल जाने के लिए दिल्ली से कुल्लू जाने की बस लें और उसके बाद कुल्लू से कसोल के लिए बस में बैठ जाएं. दिल्ली से कसोल की दूरी लगभग 536 किमी है. इस यात्रा में लगभग 11-12 घंटे का समय लग सकता है. यहां पर ट्रेकिंग और आउटिंग का मजा ही अलग है. मणिकरण गुरुद्वारा, खीरगंगा, मलाणा, जिम मॉरिसन कैफे आदि जगह घूम सकते हैं. यहां पर ऑफ सीजन में 700-800 रुपये में ठहरने के लिए आसानी से रूम मिल सकता है.

2. रानीखेत, उत्तराखंड (Ranikhet, Uttarakhand)

रानीखेत, उत्तराखंड के कुमाऊं में है. दिल्ली की शोर-शराबे वाली जिंदगी से दूर अगर आप कुछ दिन बिताना चाहते हैं, तो रानीखेत जा सकते हैं. दिल्ली से रानीखेत की दूरी लगभग 350 किलोमीटर है, जहां पहुंचने में लगभग 8-9 घंटे लग सकते हैं. ऑफ सीजन में जाया जाए तो यहां पर 700-800 रुपये में रहने के लिए रूम मिल सकता है. वहां पहुंचकर ट्रेकिंग, साइकिलिंग, नेचर वॉक, कैंपिंग कर सकते हैं. चौबटिया बाग, नौकुचियाताली जैसी कई जगहें घूम सकते हैं.

3. मैक्लॉडगंज, हिमाचल प्रदेश (McLeodGanj, Himachal Pradesh)

मैक्लॉडगंज पहुंचकर सभी को काफी सुकून मिलता है. वहां पहुंचकर चीड़ और देवदार के पेड़, तिब्बती रंग में रंगे घर, वहां की शांति हर किसी को काफी पसंद होती है. मैक्लॉडगंज दलाई लामा की भूमि मानी जाती है क्योंकि यहां उनका निवास स्थान है.

यहां पर रहना काफी सस्ता है. अगर ऑफ सीजन में जाया जाए तो वहां 800-1000 रुपये में रूम आसानी से मिल सकता है. दिल्ली से मैक्लॉडगंज की दूरी लगभग 500 किलोमीटर है. नामग्याल मठ, भागसू जलप्रपात, त्सुगलगखांग, त्रिउंड, धर्मशाला, हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम आदि जगहें वहां पहुंचकर घूम सकते हैं. दिल्ली से पठानकोट ट्रेन से जाएं और उसके बाद वहां से बस से मैक्लॉडगंज पहुंचें.

4. अल्मोड़ा, उत्तराखंड (Almora, Uttarakhand)

हिमालय की चोटियों से घिरा अल्मोड़ा एक छोटा सा शहर है जो आकार में घोड़े की नाल जैसा दिखता है. विरासत और संस्कृति से भरपूर अल्मोड़ा अपने वन्य जीवन, हस्तशिल्प और टेस्टी व्यंजनों के लिए जाना जाता है. ये दिल्ली से लगभग 370 किलोमीटर दूर है. यहां पहुंचने में 9 घंटे तक का समय लग सकता है. वहां पहुंचकर ट्रेकिंग, बर्ड वॉचिंग, हेरिटेज व्यूइंग आदि कर सकते हैं. चितई मंदिर, जीरो पॉइंट, कटारमल सूर्य मंदिर के साथ काफी सारी खास जगहें घूम सकते हैं. यहां पर ठहरने के लिए कमरा लगभग 800-1000 रुपये में मिल सकता है. दिल्ली से काठगोदाम के लिए ट्रेन ले सकते हैं और उसके बाद वहां से बस से अल्मोड़ा पहुंचें.

5. मसूरी, देहरादून (Mussoorie, Dehradun)

मसूरी ऐसा हिल स्टेशन है, जहां पर हर इंसान एक न एक बार तो जरूर जाना चाहता है. अगर कोई एक बार वहां चला जाए तो वह उस जगह का फैन हो जाता है. मसूरी दिल्ली से लगभग 279 किलोमीटर दूर है. दिल्ली से देहरादून ट्रेन से जा सकते हैं और उसके बाद वहां से बस से मसूरी पहुंचें. मसूरी में ठहरने के लिए रूम 800-1000 रूपये में मिल जाएगा. मसूरी झील, केम्प्टी फॉल्स, देव भूमि वैक्स म्यूजियम, धनोल्टी, सोहम हेरिटेज एंड आर्ट सेंटर, जॉर्ज एवरेस्ट हाउस, एडवेंचर पार्क, क्राइस्ट चर्च, भट्टा फॉल्स, मोसी फॉल्स, गन हिल, लाल टिब्बा, कैमल्स बैक रोड, जबरखेत नेचर रिजर्व आदि वहां घूमने की जगह हैं.

शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए शनिवार को करें ये काम

Posted: 25 Mar 2022 07:24 PM PDT

शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए शनिवार को करें ये काम

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शनिदेव को न्याय का देवता माना जाता है। वह जातक को अच्छे और बुरे कर्मों के हिसाब से फल देते हैं। कहा जाता है कि अगर कुंडली में शनि की स्थिति सही है तो जातक को राजसुख अवश्य मिलेगा। वहीं अगर शनि अच्छा नहीं है तो कुंडली में शनि की ढैय्या, साढ़ेसाती, शनिदोष, महादशा और अंतर्दशा जैसी समस्याएं हो जाती है। इस अवस्था में व्यक्ति को हर एक चीज में कष्ट होता है। बनते-बनते काम बिगड़ जाते हैं और एक परेशानी खत्म नहीं होती है कि दूसरी परेशानी आ जाती है।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शनिवार का दिन शनिदेव का माना जाता है। इस दिन जातक अपनी परेशानियों से मुक्ति पाने के लिए शनिदेव का व्रत रख सकता है। इसके अलावा शनि देव की कृपा पाने के लिए और जीवन के हर कष्ट को दूर करने के लिए शनिवार के दिन ये उपाय करना काफी शुभ होगा।

शनिवार के दिन करें ये उपाय

शिव जी की करें पूजा

शनिवार के दिन भगवान शिव की पूजा करने से भी शनिदेव की कृपा बनी रहती है। क्योंकि भगवान शिव शनिदेव के गुरु है। इसलिए इस दिन भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा करने के साथ शिव चालीसा का पाठ करें।

तरक्की के लिए

जीवन में तरक्की पाने के लिए शनिवार के दिन हनुमान चालीसा का पाठ करना शुभ होगा। इससे आपको तरह के कष्ट से भी छुटकारा मिलेगा। इसके साथ ही शनि भगवान प्रसन्न होंगे।

धन लाभ के लिए शनि यंत्र की पूजा

शनिवार के दिन सभी कामों ने निवृत्त होकर स्नान आदि करके काले रंग के कपड़े पहन लें। इसके बाद शनि यंत्र की विधि-विधान से पूजा करें। इससे शनिदेव की कृपा आपके ऊपर बनी रहेगी और धन संबंधी लाभ मिलेगा।

साढ़े साती, शनि दोष के लिए

कुंडली में अगर साढ़े साती या ढैय्या , शनि दोष है तो शनिवार के दिन शनिदेव की आराधना करने से शुभ फलों की प्राप्ति होगी। इसके साथ ही शनिवार के दिन शनि मंदिर जाकर सरसों का तेल चढ़ाएं और दीपक जलाएं। दीपक में सरसों के तेल के साथ काले तिल या फिर उड़द डाल दें।

शनिवार के दिन जरुरतमंदों को फल, अनाज, वस्त्र आदि का दान करें। इससे भी शुभ फलों की प्राप्ति होगी और शनि की कृपा बनी रहेगी।

इस बार घोड़े पर सवार होकर आएंगी मां दुर्गा और भैंसे पर सवार होकर जाएंगी, ऐसा रहेगा अगला एक साल

Posted: 25 Mar 2022 07:22 PM PDT

इस बार घोड़े पर सवार होकर आएंगी मां दुर्गा और भैंसे पर सवार होकर जाएंगी, ऐसा रहेगा अगला एक साल

चैत्र मास की प्रतिपदा तिथि के साथ नवरात्रि की शुरुआत हो रही हैं। इस साल चैत्र नवरात्रि 2 अप्रैल से शुरू हो रहे हैं जो 11 अप्रैल को रामनवमी के साथ समाप्त होंगे। शास्त्रों के अनुसार इस बार मां दुर्गा धरती पर घोड़े में सवार होकर आ रही हैं।

शास्त्रों के अनुसार, मां दुर्गा नवरात्रि के पहले दिन अलग-अलग वाहनों पर सवार होकर आती हैं और अपने भक्तों को आशीर्वाद देती हैं। मेदिनी ज्योतिष में मां दुर्गा के वाहनों के बारे में विस्तार से बताया गया है कि आखिर किस वाहन के आने का क्या होता है संकेत?

इस तरह मां दुर्गा के वाहन आने का होता है निर्धारण

शास्त्रों के अनुसार, मां दुर्गा हर बार अलग-अलग वाहन पर सवार होकर आती है। ऐसे में कई बार मन सवाल उठता है कि आखिर किस तरह वाहन का निर्धारण किया जाता है कि इस बार इस वाहन में सवार होकर आएंगी। बता दें कि इसका निर्णय वार के अनुसार किया जाता है। इस बारे में एक श्लोक में उल्लेख है ।

शशिसूर्ये गजारूढ़ा शनिभौमे तुरंगमे । गुरौ शुक्रे च दोलायां बुधे नौका प्रकी‌र्त्तिता'।

गजे च जलदा देवी छत्र भंगस्तुरंगमे । नौकायां सर्व सिद्धि स्यात् डोलायां मरणं ध्रुवम्

श्लोक के अनुसार, नवरात्रि जिस दिन शुरू हो रही है उसी के आधार पर मां अपने वाहन पर सवार होकर आती है। अगर नवरात्रि सोमवार या रविवार से शुरू हो रहे हैं तो मां का वाहन हाथी होता है जो अत्यंत जल की वृष्टि कराने वाला संकेत होता है। इसी तरह अगर नवरात्रि मंगलवार और शनिवार शुरू होती है तो मां का वाहन घोड़ा होता है जो राज परिवर्तन का संकेत देता है। इसके अलावा गुरुवार या शुक्रवार से शुरू होने पर मां दुर्गा डोली में बैठकर आती हैं जो रक्तपात, तांडव, जन-धन हानि का संकेत बताता है। वहीं बुधवार से नवरात्रि आरंभ हो रही है तो मां नाव पर सवार होकर आती हैं और अपने भक्तों के हर कष्ट को हर लेती है।

वार के हिसाब से ही मां जाती हैं अपने वाहन से

शशिसूर्ये दिने यदि सा विजया महिषागमने रुज शोककरा । शनि भौम दिने यदि सा विजया चरणायुध यानि करी विकला ।।

बुध शुक्र दिने यदि सा विजया गजवाहन गा शुभ वृष्टि का । सुरराजगुरौ यदि सा विजया नरवाहन गा शुभ सौख्य करा ।।

इस श्लोक के अनुसार, अगर नवरात्रि का समापन रविवार और सोमवार को हो रहा है तो मां भैंसे की सवारी से जाती हैं। इसका संकेत होता है कि देश में शोक और रोग बढ़ेंगे। शनिवार और मंगलवार को नवरात्रि का समापन हो तो मां मुर्गे पर सवार होकर जाती हैं। इसका मतलब है कि दुख और कष्ट की वृद्धि करता है। वहीं बुधवार और शुक्रवार को नवरात्रि समाप्त हो रही हैं तो मां की वापसी हाथी पर होती है जो अति वृष्टि सूचक है। इसके साथ ही अगर नवरात्रि का समापन गुरुवार को हो रहा है तो मां दुर्गा मनुष्य के ऊपर सवार होकर जाती हैं जो सुख और शांति की वृद्धि होती है।

Pic Credit- Instagram/er_nareshmahdele.nm/

डिसक्लेमर'

इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त, इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी।'

3 ऐसे नट्स, जिनका डायबिटीज़ मरीजों को जरूर करना चाहिए सेवन

Posted: 25 Mar 2022 07:21 PM PDT

3 ऐसे नट्स, जिनका डायबिटीज़ मरीजों को जरूर करना चाहिए सेवन

ड्राई फ्रूट्स में कई तरह के ऐसे न्यूट्रिशन शामिल होते हैं जो हमारी हेल्थ के लिए बहुत जरूरी होते हैं। अगर आप नियमित रूप से इनका सेवन करते हैं तो बॉडी के कई जरूरी न्यूट्रिशन की पूर्ति के लिए बाहरी सप्लीमेंट लेने की जरूरत नहीं होती। डायबिटीज़ मरीजों को खानपान में बहुत एहतियात बरतनी होती है वरना शुगर लेवल हाई हो सकता है। तो आज हम 3 ऐसे ड्राई फ्रूट्स के बारे में बताने वाले हैं जिनका डायबिटीज मरीजों को जरूर सेवन करना चाहिए।

1. मूंगफली

मूंगफली में अच्छी-खासी मात्रा में फाइबर, हेल्दी फैट्स, प्रोटीन और अल्फा लिपोइक एसिड मौजूद होता है। यह सारे ही न्यूट्रिशन डायबिटीज पेशेंट्स के लिए बहुत ज्यादा फायदेमंद होते हैं। एक्सपर्ट भी सलाह देते हैं कि भोजन में फाइबर युक्त चीज़ें जरूर खानी चाहिए क्योंकि यह पाचन को दुरुस्त रखने के साथ ही ब्लड शुगर को भी कंट्रोल में रखते हैं।

2. बादाम

डायबिटीज के मरीजों के लिए बादाम इसलिए जरूरी है क्योंकि इसमें मैग्नीशियम पाया जाता है। जो ब्लड शुगर कंट्रोल करने के अलावा रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाने का काम करता है। इसके अलावा इस ड्राई फ्रूट में विटामिन-डी और बहुत ही कम मात्रा में कार्बोहाइड्रेट होता है। इसके अलावा इसमें पाया जाने वाला हाई फैट, प्रोटीन और फाइबर मधुमेह को नियंत्रित रखने में मददगार होता है।

3. अखरोट

तीसरा ड्राई फ्रूट है अखरोट, जिसका सेवन डायबिटीज मरीजों को लंबे समय तक हेल्दी बनाए रखेगा। ऐसा इसलिए क्योंकि अखरोट में भी फाइबर होता है जो ब्लड शुगर को हाई नहीं होने देता। शुगर कंट्रोल में रखने के साथ ही पाचन तंत्र से जुड़ी समस्याओं को भी दूर रखता है। अखरोट में एंटी ऑक्सीडेंट और ओमेगा- 3 फैटी एसिड भी मौजूद होता है जो हार्ट को हेल्दी रखने के साथ बढ़ती उम्र के असर को भी थामने में कारगर है।

गिलॉय को डाइट में शामिल करने से पहले जाने लें इसके सेवन का सही तरीका!

Posted: 25 Mar 2022 07:19 PM PDT

गिलॉय को डाइट में शामिल करने से पहले जाने लें इसके सेवन का सही तरीका!

गिलॉय एक ऐसी आयुर्वेदिक दवा है, जिसका उपयोग स्वास्थ्य से जुड़ी कई स्थितियों के इलाज के लिए किया जाता है। इसका उपयोग सदियों से होता आ रहा है, लेकिन पिछले दो सालों में कोविड महामारी के दौरान सेवन काफी बढ़ गया है। इसके प्रतिरक्षा-बढ़ाने वाले गुणों की वजह से, लोगों ने कोरोना वायरस संक्रमण के जोखिम को कम करने के लिए गिलॉय को अपने आहार में शामिल करना शुरू कर दिया।

कुछ समय पहले ऐसी ख़बरें सामने आई थीं जिसमें गिलॉय के सेवन और उससे होने वाले लीवर को नुकसान की बात कही जा रही थी। जिसके बाद आयुष मंत्रालय ने गिलॉय के दुष्प्रभावों पर संदेह को दूर करते हुए, कहा कि जड़ी बूटी सीमित मात्रा में लेने के लिए बिल्कुल सुरक्षित है और इसे लीवर की क्षति से जोड़ना ग़लत है। लेकिन किसी भी चीज़ के सेवन से पहले उसके बारे में जानकारी हासिल करना अच्छा रहता है। तो आइए जानें कि गिलॉय को किस तरह से लेना सुरक्षित माना जाता है।


गिलॉय के सेवन के फायदे

गिलॉय एक भारतीय औषधी है, जो सेहत से जुड़े कई तरह के जादुई फायदों के लिए जाना जाता है। गिलोय एकमात्र ऐसी जड़ी बूटी है, जो शरीर के सभी हिस्सों तक पहुंच सकती है और मस्तिष्क, श्वसन प्रणाली, हृदय, त्वचा और अन्य जैसे विभिन्न अंगों से संबंधित विकार का इलाज करने में मदद कर सकती है। यह जड़ीबूटी एंटी-ऑक्सीडेंट्स भरपूर होती है, जो फ्री-रैडिकल्स से लड़ती है, टॉक्सिन्स को निकालती है और रक्त को साफ करती है। इसके लिए अलावा गिलॉय के सेवन से पाचन बेहतर होता है, श्वसन से जुड़ी दिक्कतें दूर होती हैं और तनाव और चिंता से कुछ राहत मिलती है।

क्या गिलॉय लीवर के लिए हानिकारक होता है?

इसमें कोई शक़ नहीं कि गिलॉय एक पॉवरफुल जड़ीबूटी है, लेकिन किसी भी अन्य जड़ीबूटी या दवा की तरह इसका ज़रूरत से ज़्यादा सेवन आपके लीवर सहित अन्य अंगों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। सभी जड़ी बूटियों को यकृत में या यकृत के माध्यम से संसाधित किया जाता है, इसलिए वे यकृत के कामकाज को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए हमेशा एक आयुर्वेदिक डॉक्टर की सलाह से ही इसका सेवन करें। हालांकि, आयुर्वेद के हिसाब से गिलॉय लीवर को किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचाता है।

गिलॉय का सेवन सुरक्षित तरीके से कैसे करें?

आयुर्वेद में गिलॉय को सुरक्षित ज़रूर माना गया है लेकिन इसे सीधे पीने की सलाह नहीं दी जाती है। अगर आप प्राकृतिक गिलॉय पी रहे हैं, तो इसे रोज़ाना 6 हफ्तों से ज़्यादा समय के लिए न पिएं।

एक्सपर्ट्स के अनुसार, गिलॉय के पाउडर का काढ़ा बनाकर पीना सबसे बेस्ट तरीका है। एक बड़ा चम्मच गिलॉय पाउडर लें और उसे दो कप पानी में तब तक उबालें जब तक यह एक कप में न बदल जाए। आप इसे खाने के साथ आराम से पी सकते हैं।

दूसरा तरीका है गिलॉय पाउडर को शहद के साथ दिन में दो बार पिएं। संशमनी वटी के ज़रिए भी आप गिलॉय को डाइट में शामिल कर सकते हैं। लंच और डिनर करने के बाद दो टैबलेट्स खा लें। आयुष मंत्रालय 500 मिलीग्राम गिलोय को अर्क के रूप में या 1-3 ग्राम पाउडर को दिन में दो बार 15 दिन या एक महीने तक गर्म पानी के साथ सेवन करने की सलाह देता है। अगर आप किसी बीमारी से जूझ रहे हैं, तो बेहतर है कि खाने से पहले अपने डॉक्टर से मशवरा ज़रूर लें।

पत्नी के फर्जी हस्ताक्षर कर बैंक से लिया सात लाख रुपये का लोन, नोटिस आया तब चला पता

Posted: 25 Mar 2022 07:16 PM PDT

पत्नी के फर्जी हस्ताक्षर कर बैंक से लिया सात लाख रुपये का लोन, नोटिस आया तब चला पता

शिमला में एक शख्स ने अपनी पत्नी के फर्जी हस्ताक्षर करवाकर उसके नाम से बैंक में लाखों का लोन लिया। मामले का पता तब चला जब लोन नहीं चुकाने पर बैंक प्रबंधन ने महिला को नोटिस भेजा। इस पर पत्नी ने अपने पति के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज करवाया है। मामला राजधानी शिमला के सदर थाना क्षेत्र का है।

बता दें कि महिला ने शिकायत में पुलिस को बताया कि उसके पति मनजीत सिंह ने जाली हस्ताक्षर कर उसी के नाम से माल रोड स्थित एक निजी बैंक से सात लाख रुपये का लोन लिया है। महिला के मुताबिक उसे बैंक से लोन के संबंध में कोई जानकारी नहीं थी।

क्या कहते हैं अधिकारी

डीएसपी हेडक्वार्टर कमल किशोर वर्मा ने शुक्रवार को बताया कि महिला की शिकायत पर उसके पति के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।

ऊना में जंगल में छिपाकर रखे खैर के 107 मोछे बरामद

रामगढ़धार रेंज के तहत बौल के नजदीक जंगल के साथ लगती भूमि से खैरों के अवैध कटान मामले में वन विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। वन विभाग के रेंज अधिकारी अश्वनी कुमार की अध्यक्षता में टीम ने जंगल में छिपाकर रखे खैर के 170 मोछे बरामद किए हैं। इसकी शिकायत बंगाणा पुलिस थाना में करवा दी गई है। वन विभाग ने जिस ठेकेदार के खिलाफ मामला दर्ज करवाया है, पुलिस उससे भी पूछताछ कर रही है। बंगाणा पुलिस थाना प्रभारी प्रेम पाल शर्मा ने कहा कि खैरों के मोछे वन विभाग ने कब्जे में लिए हैं। वन विभाग की जांच के बाद ही आगामी कार्रवाई होगी।

बैंक ऑफ बड़ौदा दे रहा 7 प्रतिशत की दर पर कार लोन, जानिए दूसरे बैंकों से कितना सस्ता है ये

Posted: 25 Mar 2022 07:11 PM PDT

बैंक ऑफ बड़ौदा दे रहा 7 प्रतिशत की दर पर कार लोन, जानिए दूसरे बैंकों से कितना सस्ता है ये

सरकारी बैंक लुभावने कार लोन मुहैया करा रहे हैं जिसमें बैंक ऑफ बड़ौदा सस्ती और आकर्षक दरों पर कार लोन दे रही है। इसकी जानकारी बैंक ऑफ बड़ौदा ने अपने ट्विटर हैंडल पर शेयर करके दी है। अगर आप भी कार खरीदने के लिए लोन लेने वाले हैं तो यहां हम आपको देश की चुनिंदा बैंकों द्वारा कार लोन पर ली जाने वाली ब्याज दरों के बारे में बताने जा रहे हैं। आइए जानते हैं सभी बैंकों के कार लोन के बारे में…

बैंक ऑफ बड़ौदा का ऑफर – बैंक ऑफ बड़ौदा ने अपने ट्विटर हैंडल से एक ट्वीट किया है जसमें कहा गया है कि, मारो मौके पर चौका और कंपेयर करके सस्ती दरों पर घर ले जाएं अपनी पसंदीदा कार।

इस ट्वीट में बताया गया है कि, बैंक ऑफ बड़ौदा 7 प्रतिशत की ब्याज दर पर कार लोन दे रही है। इसके साथ ही ट्वीट में बैंक ऑफ बड़ौदा की वेबसाइट की लिंक भी शेयर की गई है। जहां जाकर कस्टमर सभी जानकारी ले सकते हैं और ऑटो लोन के लिए अप्लाई कर सकते हैं।

किन कारों पर मिलेगा लोन – बैंक ऑफ बड़ौदा से हैचबैक, सेडान, एसयूवी, एमपीवी, स्पोर्ट्स कार और लग्जरी कारों के लिए लोन लिया जा सकता है। आपको बता दें बैंक ऑफ बड़ौदा के द्वारा नौकरी करने वाले, व्यापारी और एनआरआई भी कार लोन ले सकते है।

बैंक ऑफ बड़ौदा की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार बैंक 7 फीसदी की ब्याज दर पर 90 प्रतिशत तक फाइनेंसिंग की सुविधा दे रही है।

इन बैंकों में मिलेगा इतने प्रतिशत पर लोन
बैंक क नाम ब्याज दर
बैंक ऑफ बड़ौदा 7 फीसदी सालाना
केनरा बैंक 7.30 फीसदी सालाना
एक्सिस बैंक 7.45 फीसदी सालाना
फेडरल बैंक 8.50 फीसदी सालाना
एसबीआई कार लोन 7.20 फीसदी सालाना

फॉरेस्ट गार्ड और फॉरेस्टर के 2399 पदों पर आई भर्ती, 10वीं और 12वीं पास करें ऑनलाइन आवेदन

Posted: 25 Mar 2022 07:09 PM PDT

फॉरेस्ट गार्ड और फॉरेस्टर के 2399 पदों पर आई भर्ती, 10वीं और 12वीं पास करें ऑनलाइन आवेदन

राजस्थान अधीनस्थ और मंत्रालयिक सेवा चयन बोर्ड (RSMSSB) ने फॉरेस्टर और फॉरेस्ट गार्ड के विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए आवेदन मांगे हैं। योग्य उम्मीदवार जो इन पदों के लिए आवेदन करना चाहते हैं, वे Rajasthan RSMSSB की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर अप्लाई कर सकते हैं। इन पदों के लिए आवेदन प्रक्रिया 14 मार्च से शुरू होगी।

महत्वपूर्ण तारीख

आवेदन की शुरुआती तारीख : 14 मार्च 2022

आवेदन की आखिरी तारीख : 29 मार्च 2022

आयु सीमा

फॉरेस्ट गार्ड- 18 से 24 वर्ष के बीच

फॉरेस्टर- 18 से 40 वर्ष के बीच

योग्यता

फॉरेस्ट गार्ड : उम्मीदवारों को मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10वीं पास होना चाहिए। देवनागरी लिपि हिंदी में लिखने का नॉलेज और राजस्थान की संस्कृति का ज्ञान जरूरी है।

फॉरेस्टर : उम्मीदवारों को किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं पास होना चाहिए। देवनागरी लिपि हिंदी में लिखने का नॉलेज और राजस्थान की संस्कृति का ज्ञान भी जरूरी है।

आवेदन शुल्क

सामान्य श्रेणी, ईडब्ल्यूएस और ओबीसी श्रेणी / क्रीमी लेयर की अत्यंत पिछड़ी श्रेणी – रु. 400/


ओबीसी श्रेणी / राजस्थान की गैर-मलाईदार परत की पिछड़ी श्रेणी – रु. 350/-

राजस्थान के सभी विशेष योग्यता और अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति के उम्मीदवार – रु. 250/

वे उम्मीदवार जिनकी पारिवारिक वार्षिक आय 2.50 लाख रुपये से कम है - रु. 250/-

सैलरी

फॉरेस्ट गार्ड – 7 वां सीपीसी पे-स्केल पे-मैट्रिक्स लेवल- 08

फॉरेस्टर – 7 वां सीपीसी पे-स्केल पे-मैट्रिक्स लेवल- 04

सिलेक्शन प्रोसेस

उम्मीदवारों का चयन रिटन एग्जाम, PET/PST, इंटरव्यू, मेडिकल टेस्ट और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के आधार पर किया जाएगा।

ऑफिशियल नोटिफिकेशन के लिए यहां क्लिक करें

शीतलाष्टमी 2022 : जानें, आखिर क्यों इस गांव में नहीं जलते चूल्हे, वजह जानकर रह जाएंगे दंग

Posted: 25 Mar 2022 07:07 PM PDT

जानें, आखिर क्यों इस गांव में नहीं जलते चूल्हे, वजह जानकर रह जाएंगे दंग

चाकसू कस्बे के शील की डूंगरी स्थित शीतला माता मंदिर में होली से ठीक 8 दिन बाद शीतलाष्टमी यानी बास्योड़ा के मौके पर 24- 25 मार्च को दो दिवसीय लक्खी मेला भरेगा। कोरोना काल के दौरान पिछले दो साल से खोई हुई मेले की रौनक इस साल दोगुनी नजर आने की संभावना है। माता के मंदिर में श्रद्धा का सैलाब उमड़ेगा। गौरतलब है कि 500 वर्ष पुराना माता का मंदिर एक पहाड़ी पर दूर से नजर आ जाता है। करीब 300 मीटर की ऊंचाई पर बने इस मंदिर में सैकड़ों सीढ़ियां चढ़कर भक्त मां के दर्शन करते हैं और उन्हें शीतल खाने का भोग लगाते हैं। मंदिर समिति महामंत्री लक्ष्मण प्रजापति ने बताया कि मंदिर समिति एवं प्रशासन मेले की विभिन्न चाक-चौबंद व्यवस्थाओं के लिए जुट गया है। इस दिन कस्बे समेत आस-पास के कई गांवों में चूल्हे नहीं जलते हैं। घरों में एक दिन पूर्व शाम को ही खाना बना लिया जाता है।

शीतलाष्टमी 2022 : जानें, आखिर क्यों इस गांव में नहीं जलते चूल्हे, वजह जानकर रह जाएंगे दंग,शीतलाष्टमी 2022 : जानें, आखिर क्यों इस गांव में नहीं जलते चूल्हे, वजह जानकर रह जाएंगे दंग,शीतलाष्टमी 2022 : जानें, आखिर क्यों इस गांव में नहीं जलते चूल्हे, वजह जानकर रह जाएंगे दंग

लुप्त होती जा रहीं परंपराएं

आधुनिकता की दौड़ में मेलों की पुरानी परंपराएं लुप्त होती जा रही हैं। पहले लगने वाले मेलों में विभिन्न खेलों का आयोजन हुआ करता था जिसमें जीतने वाले को इनाम भी दिया जाता था। ऐसे में लोगों को मेलों का इंतजार रहता था। दिन में ग्रामीण मेला स्थल पर समय व्यतीत करते, वहीं रात में गांव, मोहल्लों में लोक गीत के साथ उत्सव में ग्रामीण झूमते मिलते थे। बुजुर्ग बताते हैं कि आज भी शीतला माता के मेले पर लोग अपने रिश्तेदारों को भी आमंत्रित करते हैं। वहीं मेले के बाद चाकसू कस्बे में लगने वाला दो दिवसीय गुदड़ी का मेला भी अपनी पहचान खोता जा रहा है। इस मेले में एक दिन महिलाएं बच्चों के साथ जाती थीं और एक दिन पुरुष अपने साथियों के साथ जाते थे, लेकिन अब ये मेला एक ही दिन का लगता है।

पहले मुकाबले में कुछ इस तरह की हो सकती है कोलकाता नाइट राइडर की संभावित प्लेइंग 11

Posted: 25 Mar 2022 07:04 PM PDT

पहले मुकाबले में कुछ इस तरह की हो सकती है कोलकाता नाइट राइडर की संभावित प्लेइंग 11

साल 2021 में आईपीएल का फाइनल मुकाबला खेलने वाली कोलकाता नाइट राइडर्स की टीम इस बार नए कप्तान के अंडर खेलती हुई नजर आएगी और यह नया कप्तान कोई और नहीं बल्कि श्रेयस अय्यर है जिन्हें कोलकाता नाइट राइडर्स की टीम ने एक मोटी रकम देकर मेगा ऑक्शन में अपनी टीम के साथ जोड़ा और उसके बाद अपनी टीम का कप्तान भी बना दिया। श्रेयस अय्यर की कप्तानी की बात की जाए तो उन्होंने दिल्ली कैपिटल की टीम को साल 2019 में फाइनल तक का सफर तय करवाया था और अब अय्यर कोलकाता नाइट राइडर्स टीम की कप्तानी करेंगे। इस आर्टिकल में हम कोलकाता नाइट राइडर्स की टीम की संभावित प्लेइंग इलेवन, टीम की मजबूत कड़ी और कमजोर पक्ष के बारे में पूरी जानकारी दे रहे हैं।
सलामी बल्लेबाज

कोलकाता नाइट राइडर्स की टीम की सलामी बल्लेबाजी की बात करें तो साल 2021 आईपीएल के दूसरे भाग में कोलकाता की टीम को बाएं हाथ का एक ऐसा सलामी बल्लेबाज मिला जिसने आईपीएल में शानदार प्रदर्शन किया और उसके बाद भारतीय टीम में भी जगह बनाई और अब यह बल्लेबाज और भी खतरनाक हो चुका है और वह बल्लेबाज है वेंकेटेश अय्यर जो इस सीजन भी कोलकाता नाइट राइडर की ओर से सलामी बल्लेबाजी करते दिखाई दे सकते हैं.वहीं तो उनके साथ जोड़ीदार में नितीश राणा खेलते हुए दिखाई दे सकते हैं।

मिडिल ऑर्डर

कोलकाता नाइट राइडर के मिडिल ऑर्डर की बात की जाए तो इस बार मिडिल ऑर्डर में खुद कप्तान श्रेयस अय्यर बल्लेबाजी करते दिखाई दे सकते हैं। अय्यर के साथ मध्यक्रम में शेल्डन जैकसन, और सैम बिलिंग्स बल्लेबाजी करते दिखाई दे सकते हैं। कोलकाता नाइट राइडर्स की टीम में पहले एलेक्स हेल्स को शामिल किया गया था लेकिन एलेक्स हेल्स ने आईपीएल से अपना नाम वापस ले लिया है ऐसे में सेम बिलिंग मध्यक्रम में खेलते हुए दिखाई दे सकते हैं।

ऑलराउंडर

कोलकाता नाइट राइडर्स की टीम के पास तीन सबसे बेहतरीन ऑलराउंडर खिलाड़ी मौजूद हैं जिनमें से एक सुनील नारायण है तो वहीं उनके साथी खिलाड़ी आंद्रे रसेल मौजूद रह सकते हैं। तो वही मोहम्मद नबी भी इस बार कोलकाता नाइट राइडर्स की टीम का हिस्सा है ऐसे में वह भी प्लेइंग इलेवन में खेलते नजर आ सकते हैं।

गेंदबाजी

कोलकाता नाइट राइडर्स टीम के गेंदबाजी विभाग की बात की जाए तो टीम के पास तेज गेंदबाजी विभाग में उमेश यादव और शिवम माहवी भी मौजूद रह सकते हैं। वहीं कोलकाता नाइट राइडर्स की टीम के पास आईपीएल का सबसे बेहतरीन गेंदबाज मौजूद है जिसका नाम है वरुण चक्रवर्ती जो लगातार आईपीएल में बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे हैं।

कोलकाता नाइट राइडर्स की टीम का मजबूत पक्ष

कोलकाता नाइट राइडर्स की टीम के इस बार मजबूत पक्ष की बात की जाए तो सलामी बल्लेबाज वेंकटेश अय्यर अब काफी परिपक्व बल्लेबाज हो गए हैं तो वहीं अब इनके पास एक ऐसा कप्तान मिल गया है जो खुद अपने बल्ले से जबरदस्त प्रदर्शन कर रहा है। ऐसे में टीम के लिए यह एक सकारात्मक रूप से अच्छा पक्ष माना जा रहा है क्योंकि ओइन मोर्गन जो कोलकाता नाइट राइडर्स की टीम के कप्तान थे उनका बल्ले से योगदान नहीं हो पा रहा था यही वजह थी कि कोलकाता नाइट राइडर्स की टीम को फाइनल में हार का सामना करना पड़ा था। लेकिन अब टीम के पास श्रेयस अय्यर मौजूद जिनका बल्ला इस वक्त आग उगल रहा है।

कमजोर कड़ी

कोलकाता नाइट राइडर्स की टीम की कमजोर कड़ी की बात की जाए तो शुरुआती मुकाबलों में पैट कमिंस टीम के साथ मौजूद नहीं रहेंगे तो वही वरुण चक्रवर्ती और आंद्रे रसेल की फिटनेस भी डामाडोल रहती है यही वजह है कि टीम कई बार कमजोर साबित होती है। वरुण चक्रवर्ती का इस्तेमाल भी श्रेयस अय्यर किस तरह से करते हैं यह भी बेहद दिलचस्प होगा। आंद्रे रसैल के अलावा टीम में पावर हिटर्स की कमी नजर आती है।

कोलकाता नाइट राइडर की संभावित प्लेइंग 11

नितीश राणा, वेंकटेश अय्यर, श्रेयस अय्यर (कप्तान) शेल्डन जैक्सन,

10वीं फेल ऑटो वाले की जयपुर से स्विटजरलैंड तक की जिंदगी, गाइड बनते हुए बदली जिंदगी

Posted: 25 Mar 2022 07:03 PM PDT

10वीं फेल ऑटो वाले की जयपुर से स्विटजरलैंड तक की जिंदगी, गाइड बनते हुए बदली जिंदगी

एनआरआईअफेयर की एक रिपोर्ट के मुताबिक़, राज ने बचपन से ही समाजिक पूर्वाग्रहों का सामना किया है. वह गरीब परिवार से ताल्लुक रखते थे और रंग भी सांवला है. उन्हें हमेशा ताने सुनने को मिलते थे. इससे उन्हें गुस्सा आता था. लेकिन, आज वह जिस मुकाम पर हैं तो वहां से इन चीजों को याद करते हैं तो हर पहलुओं पर गौर करते हैं.

कभी जयपुर की गलियों में भटकने वाले राज आज स्विटजरलैंड के जिनेवा में हैं. हव एक रेस्ट्रां में काम करते हैं और उनका सपना है कि वह अपना भी रेस्ट्रां खोलें. वह अपना एक यूट्यूब चैनल चलाते हैं, जहां वह लोगों को अलग-अलग जगह दिखाते हैं.

राज ने जयपुर में 16 साल की उम्र से ऑटोरिक्शा चलाना शुरू किया और कई साल तक वह चलाते रहे. साल 2008 का समय था जब कई ऑटो ड्राइवर इंग्लिश, फ्रेंच, स्पैनिश भाषा में बात करते थे और टूरिस्ट को अट्रैक्ट करते थे. राज भी इंग्लिश सीखने की कोशिश करने लगे.

राज ने इस दौरान एक टूरिस्ट बिजनेस की शुरुआत की, जिसके जरिए वह फॉरेनर्स को राजस्थान घुमाते थे. यहीं उनकी मुलाकात एक विदेशी महिला से हुई, जिससे आगे चलकर उन्होंने शादी कर ली और 10वीं फेल इस शख्स की पूरी जिंदगी ही बदल गई.

राज ने एक गाइड के रूप में उन्हें जयपुर घुमाया था और दोनों में प्यार हो गया. उसके फ्रांस लौटने के बाद भी दोनों स्काइप पर जुड़े रहे. राज ने फ्रांस जाने की कई कोशिश की लेकिन, हर बार वीजा रिजेक्ट हो जाता था. उनकी प्रेमिका जब अगली बार फ्रांस से आई तो दोनों फ्रेंच एंबेसी के बाहर धरने पर बैठ गए. एंबेसी के अधिकारियों ने मुलाकात की और उन्हें 3 महीने का फ्रांस का टूरिस्ट वीजा मिल गया.

साल 2014 में दोनों ने शादी कर ली और उन्हें एक बच्चा भी है. राज ने लॉन्ग टर्म वीजा अप्लाई किया तो उन्हें फ्रेंच सीखने के लिए कहा गया. इसके बाद उन्होंने एक क्लास किया और फ्रेंच सीख गए. वह अभी जिनेवा में रहते हैं और एक यूट्यूब चैनल भी चलाते हैं. वह खूब घूमते हैं और उसके बारे में बातें करते हैं. उनका मानना है कि घूमने से वह बहुत कुछ सीखते हैं.


आंखों में आंसू भरे धोनी ने बोला- 'JOB डन', वायरल हुआ इमोशनल VIDEO

Posted: 25 Mar 2022 07:00 PM PDT

आंखों में आंसू भरे धोनी ने बोला- 'JOB डन', वायरल हुआ इमोशनल VIDEO

MS Dhoni CSK captaincy: आईपीएल के इतिहास के सबसे बाहुबली कप्तान एम एस धोनी ने कप्तानी छोड़ दी है। धोनी की कप्तानी में CSK ने 4 बार आईपीएल का खिताब जीता वहीं दो चैंपियंस लीग टी20 ट्राफी पर भी कब्जा किया। 2020 को छोड़कर आईपीएल में खेले गए हर साल धोनी की टीम CSK नॉकआउट चरण में पहुंची जो थाला धोनी का दबदबा दर्शाती है। धोनी आईपीएल 2022 में बतौर खिलाड़ी टीम का हिस्सा होंगे। धोनी ने ये फैसला खुद लिया है किसी ने उन्हें ऐसा करने के लिए मजबूर नहीं किया। धोनी अक्सर ही ऐसे फैसलों से फैंस को चौंकाते रहते हैं।

धोनी ने अचानक 30 दिसंबर 2014 को टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला किया था उस वक्त वो टीम के कप्तान ही थे। इसके करीब 6 साल बाद एक दिन अचानक थाला धोनी ने वनडे और टी20 से भी संन्यास लेने की घोषणा कर दी। धोनी ने न्यूजीलैंड के खिलाफ 2019 विश्वकप के सेमीफाइनल में अपना अंतिम मुकाबला खेला था।

धोनी के इन फैसलों के पीछे क्या सोच होती है इसे समझ पाना तकरीबन हर इंसान के लिए एक पहेली ही है। लेकिन, इस बीच धोनी से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल हो रहा वीडियो आईपीएल 2021 के फाइनल का है जिसे जितने के बाद धोनी को इमोशनल देखा गया था।

धोनी ने नम आंखों से कहा, 'JOB डन' इस चंद सेकंड के वीडियो में धोनी की आंखों में नमी साफ देखी जा सकती है। वहीं इस वीडियो को शेयर करते हुए एक फैन ने लिखा, 'जब वो कहते हैं-'JOB डन' तभी समज आ गया था। उनकी आंखों में आंसू देखें।'वहीं अन्य फैंस भी धोनी के इस वीडियो को शेयर कर रहे हैं।

बता दें कि रोहित शर्मा ही आईपीएल के इतिहास में ऐसे कप्तान हैं जिन्होंने धोनी से ज्यादा आईपीएल ट्रॉफी जीती हुई हैं। रोहित शर्मा की कप्तानी में मुंबई इंडियंस ने 5 बार आईपीएल का खिताब जीता है। धोनी के कप्तानी छोड़ने के बाद स्टार ऑलराउंडर रविंद्र जडेजा को चैन्नई सुपर किंग्स का नया कप्तान बनाया गया है।

धर्मशालाः युवक के बदले कॉलेज की परीक्षा देने सेंटर में पहुंची युवती

Posted: 24 Mar 2022 07:37 PM PDT

धर्मशालाः युवक के बदले कॉलेज की परीक्षा देने सेंटर में पहुंची युवती

धर्मशाला. युवती ने होशियारी तो दिखाई, लेकिन, पकड़ी गई. मामला हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले से है. युवती के खिलाफ केस दर्ज किया गया है. दरअसल, इग्नू के पेपर में परीक्षार्थी के बदले पेपर देने का मामला सामने आया है.

इग्नू की परीक्षा में लड़के का रोल नंबर था, लेकिन उसके स्थान पर लड़की पेपर देने पहुंच गई. परीक्षा संचालकों को जैसे ही इसकी भनक लगी तो मामला खुल गया. धर्मशाला पुलिस को सूचित किया गया. पुलिस ने इस बाबत मामला दर्ज कर लिया है.

जानकारी के अनुसार, इंदिरा गांधी ओपन यूनिवर्सिटी की स्नातक की परीक्षा में युवती पेपर देने पहुंची थी. सारा भंडाफोड़ तब हुआ, जब फार्म भरने की बारी आई. स्टाफ को युवती पर कुछ शक हुआ और पूछताछ की. जब पूछताछ की तो आयोजकों को सारी बात पता चली.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, युवती युवक की रिश्तेदार बताई जा रही है. धर्मशाला महाविद्यालय के प्राचार्य डाक्‍टर राजेश शर्मा ने बताया कि लड़के के स्थान पर लड़की पेपर देने बैठी थी, जिसकी शिकायत थाने में की गई है. धर्मशाला थाना प्रभारी राजेश कुमार ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और छानबीन शुरू कर दी है.

SBI क्लर्क और पीओ भर्ती का नोटिफिकेशन जल्द, जानें सेलेक्शन प्रोसेस, योग्यता, सैलरी

Posted: 24 Mar 2022 07:33 PM PDT

SBI क्लर्क और पीओ भर्ती का नोटिफिकेशन जल्द, जानें सेलेक्शन प्रोसेस, योग्यता, सैलरी

बैंकिंग सेक्टर में सरकारी नौकरियों के लिए तैयारी में जुटे युवाओं कोभारतीय स्टेट बैंक, एसबीआई (SBI) द्वारा निकाली गई भर्तियों का बेसब्री से इंतजार रहता है. एसबीआई क्लर्क भर्ती 2022 और एसबीआई पीओ भर्ती 2022 के विज्ञापन का अभ्यर्थी इस साल भी इंतजार कर रहे हैं. रिपोर्ट्स के अनुसार एसबीआई क्लर्क भर्ती 2022 और एसबीआई पीओ भर्ती 2022 का विज्ञापन जल्द ही जारी होगा.

एसबीआई के ट्रेंड के अनुसार, एसबीआई क्लर्क भर्ती का नोटिफिकेशन हर साल जनवरी से अप्रैल के बीच जारी होता है. इस साल भी उम्मीद की जा रही है कि एसबीआई क्लर्क भर्ती 2022 का नोटिफिकेशन अप्रैल महीने में जारी होगा. जबकि एसबीआई क्लर्क भर्ती प्रारंभिक परीक्षा 2022 का आयोजन जून-जुलाई के बीच होने के आसार हैं. हालांकि अभी तक न तो क्लर्क भर्ती का नोटिफिकेशन जारी हुआ है और न ही प्रारंभिक परीक्षा की तारीख को लेकर ही आधिकारिक तौर पर कुछ कहा गया है.

ऐसे कर सेकेेंगे आवेदन

एसबीआई पीओ भर्ती 2022 के नोटिफिकेशन की बात करें तो बीते वर्षों के ट्रेंड बताते हैं कि इसका भर्ती विज्ञापन अप्रैल-मई के बीच जारी होता रहा है. उम्मीदवार एसबीआई क्लर्क भर्ती 2022 और एसबीआई पीओ भर्ती 2022 का नोटिस जारी होने के बाद एसबीआई की वेबसाइट sbi.co.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे.
एसबीआई क्लर्क भर्ती 2022 के लिए आवश्यक शैक्षिक योग्यता

– किसी भी डिसिप्लिन में ग्रेजुएट होना चाहिए. ग्रेजुएशन के फाइनल ईयर/सेमेस्टर स्टूडेंट्स एसबीआई क्लर्क भर्ती 2022 के लिए आवेदन कर सकते हैं.

एसबीआई क्लर्क भर्ती 2022 के लिए आयु सीमा

एसबीआई क्लर्क भर्ती 2022 के लिए उम्मीदवारों की आयु कम से कम 20 साल और अधिकतम 28 साल होनी चाहिए.

एसबीआई क्लर्क की कितनी है सैलरी

बेसिक पे- .19900/- (17900/- + ग्रेजुएट्स के लिए दो एडवांस इनक्रीमेंट)
पे स्केल- 17900-1000/3-20900-1230/3-24590-1490/4-30550- 1730/7-42600-3270/1-45930-1990/1-47920 रुपये

एसबीआई क्लर्क भर्ती 2022 का सेलेक्शन प्रोसेस

– फेज-1- प्रारंभिक परीक्षा
– फेज-2- मुख्य परीक्षा
– लोकल लैंग्वेज का टेस्ट

एसबीआई पीओ भर्ती 2022 के लिए योग्यता

एसबीआई पीओ भर्ती 2022 के लिए उम्मीदवार को किसी भी डिसिप्लिन में ग्रेजुएट होना जरूरी है. फाइनल ईयर या सेमेस्टर के स्टूडेंट्स भी आवेदन कर सकते हैं.

शुगर के लिए वरदान है इन्सुलिन’ का पौधा, जानिए कब और कैसे लगाएं ये प्लांट

Posted: 24 Mar 2022 07:24 PM PDT

शुगर के लिए वरदान है इन्सुलिन' का पौधा, जानिए कब और कैसे लगाएं ये प्लांट

आजकल शुगर की शिकायत होना आम बात हो गई है, बढ़ती उम्र के साथ अधिकतर लोगों को इसकी शिकायत होने लगती है. आम बोलचाल की भाषा में लोग इसे शुगर, डायबिटीज या मधुमेह कहते हैं, जो कि चयापचय संबंधी बीमारियों का एक समूह है.

इसमें लंबे समय तक रक्त में शर्करा का स्तर उच्च होता है. इसके लक्षणों में अक्सर पेशाब आना, अधिक प्यास लगना और भूख में वृद्धि प्रमुख है. अगर इस बीमारी का समय रहते सही इलाज न कराया जाए, तो रोगी को दवाई व इन्सुलिन इंजेक्शन पर निर्भर होना पड़ता है. इसी संबंध में शोधकर्ताओं ने दावा किया है कि शुगर के मरीज प्राकृतिक तरीकों से अपने रक्त में ग्लूकोज की मात्रा को कम रख सकते हैं. इस कारण पिछले कुछ समय से 'इन्सुलिन' नामक पौधे की काफी चर्चा हो रही है और इस पौधे को लगाने के प्रति लोगों की जागरूकता बढ़ी है, इस लेख में पढ़ें इन्सुलिन पौधे से जुड़ी जानकारीयां.

क्यों खास है इन्सुलिन पौधा

हमारे देश में इन्सुलिन को स्पाइरल फ्लैग के नाम से भी जाना जाता है. इस पौधे का नाम इन्सुलिन इसलिए है , क्योंकि इसकी पत्तियों को चबाने से रक्त में ग्लूकोज की मात्रा कम होती है. इस कारण यह शुगर के मरीजों के लिए लाभदायक है.
इन्सुलिन पौधा होता है खूबसूरत

अगर पौधे की बनावट की बात करें, तो इसके पत्ते बहुत ही खूबसूरत दिखाई देते हैं और पत्ते स्पाइरल तरीके से शाखाओं पर लगे होते हैं. इसे घरों में ऑर्नामेंटल पौधे के रूप में भी लगाया जाता है. आप इस पौधे को आसानी से घर में लगा सकते हैं. इससे आपके घर की सुन्दरता बढ़ेगी .

क्या कहते हैं विशेषज्ञ

यह प्लांट नॉर्थ और साउथ अमेरिका में बहुतायत में पाया जाता है, इन्सुलिन में एंटी डायबिटिक गुण पाए जाते है. इसमें बहुत फायटोकेमिकल्स पाए जाते हैं, जैसे फ्लैवोनॉइड, स्टेरॉयड, अल्कलॉइड, प्रोटीन्स, सैपोनिन्स आदि. इसकी मदद से आयुर्वेदिक दवाईयां तैयार की जाती है, जो डायबिटीज मरीजों के लिए रामबाण साबित हुई हैं.
शुगर के लिए कैसे प्रयोग करें इन्सुलिन पौधा

मधुमेह के मरीजों को इसकी एक पत्ती चबाकर चूसने से बहुत लाभ होता है. ऐसा कहा जाता है कि रोजाना इसका एक पत्ता खाने से ब्लड ग्लूकोज़ लेवल कम करने में मदद मिलती है.
इन्सुलिन पौधे के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ

यह पौधा 'जिंजर फैमिली' से संबंध रखता है, इसलिए आप राइजोम और कटिंग से पौधा लगा सकते हैं.

यह 3 से 4 फ़ीट तक बढ़ता है.

यह सख्त पौधा है, इसलिए इसे जरूरत के हिसाब से पानी देना चाहिए.

इस पौधे को बहुत ज्यादा धूप की जरूरत नहीं होती है.

इस पौधे को ऐसी जगह लगाएं, जहां सुबह के समय धूप आती हो.
कब लगाएं इन्सुलिन पौधा

बारिश का मौसम किसी भी पौधे को लगाने का उत्तम समय है. अगर आप इन्सुलिन का पौधा घर में लगाना चाहते हैं, तो यह मौसम सबसे ज्यादा उपयुक्त है. अगर आस-पास कोई कटिंग नहीं मिल रही है, तो आप नर्सरी से भी पौधा खरीद सकते हैं.
कैसे लगाएं इन्सुलिन पौधा?

सबसे पहले मध्यम आकार का गमला लें.

कटिंग लेते समय ऐसी टहनी का चुनाव करें, जो कि बहुत ज्यादा सख्त न हो और न ही बहुत ज्यादा कच्ची हो.

कटिंग लेते समय टहनी को तिरछा काटें.

इसके बाद नीचे की तरफ की सभी पत्तियां हटा दें.

अब पॉटिंग मिक्स के लिए आधी मिट्टी और आधी खाद लें.

पॉटिंग मिक्स को गमले में भर दें.

इसमें कटिंग लगा दें.

फिर ऊपर से पानी लगाएं.

पौधे को सीधी धूप नहीं लगनी चाहिए.

नियमित तौर पर पानी दें.

जब 2 से 3 हफ्तों में कटिंग विकसित होने लगे, तब इसे धूप में रखें.

कुछ ही महीनों में पौधा बढ़ने लगेगा.

इसे ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती है.

आप महीने में एक बार जैविक खाद का प्रयोग कर सकते हैं.

उपर्युक्त विधि से आप घर में ही लगा सकते है इन्सुलिन का पौधा जिससे होगा शुगर जैसी गंभीर बीमारी का इलाज और बढ़ेगी घर की सुन्दरता.

खाने में करी पत्ते के इस्तेमाल से बहुत हैं फायदे

Posted: 24 Mar 2022 07:42 PM PDT

खाने में करी पत्ते के इस्तेमाल से बहुत हैं फायदे

करी पत्ते का इस्तेमाल मुख्य रूप से किसी भी व्यंजन का स्वाद और खुशबू बढ़ाने के लिए किया जाता है. करी पत्ते में मौजूद पोषक तत्व कई लिहाज से स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होते हैं. शुगर को कंट्रोल में रखकर यह वजन भी बढ़ने नहीं देता. इसे त्वचा और बालों के लिए भी अच्छा माना जाता है. करी पत्ते के कुछ फायदे तो ऐसे होते हैं जिन पर आप भरोसा भी नहीं कर पाएंगे:

1. एनीमिया के खतरे को कम करता है: करी पत्ते में भरपूर मात्रा में आयरन और फॉलिक एसिड होता है. आयरन जहां शरीर के लिए एक प्रमुख पोषक तत्व है वहीं फॉलिक एसिड इसके अवशोषण में सहायक होता है. इस वजह से यह एनीमिया से बचाव करने में कारगर है.

2. लीवर के लिए: किसी भी वजह, वह चाहे गलत खानपान हो या फिर अल्कोहॉल का अधिक मात्रा में सेवन, से अगर आपका लीवर कमजोर हो गया है तो करी पत्ता आपके लिए बहुत फायदेमंद साबित हो सकता है. इसमें मौजूद विटामिन ए और सी लीवर को दुरुस्त करने में मदद करते हैं.

3. ब्लड-शुगर को नियंत्रित रखने में: करी पत्ते में मौजूद फाइबर इन्सुलिन को प्रभावित करके ब्लड-शुगर लेवल को कम करता है. साथ ही यह पाचन क्रिया को भी सही रखता है, जिससे मोटापा होने का खतरा कम हो जाता है.

4. दिल से जुड़ी समस्याओं में: करी पत्ता कोलेस्ट्रॉल लेवल को कम करने में मददगार होता है. यह ब्लड में गुड कोलेस्ट्रोल की मात्रा बढ़ाकर दिल से जुड़ी बीमारियों से बचाने में भी मदद करता है.

5. पाचन क्रिया को सही रखता है: करी पत्ते में कार्मिनटिव नामक तत्व होता है जो कब्ज जैसी समस्याओं को दूर रखता है. इससे पेट की अन्य समस्याओं में भी आराम मिलता है. यह एंटी बैक्टीरियल की तरह भी काम करता है, जिसकी वजह से यह पेट से जुड़ी समस्याओं में फायदेमंद माना जाता है.

6. त्वचा संक्रमण में राहत: करी पत्ते के एंटी ऑक्सि‍डेंट, एंटी बैक्टीरियल और एंटी फंगल गुण इसे त्वचा के लिए गुणकारी बनाते हैं. त्वचा में इंफेक्शन हो जाए तो उसे दूर करने में भी करी पत्ता में बहुत फायदेमंद होता है.

7. बालों को ग्रोथ के लिए: करी पत्ते में मौजूद पोषक तत्व बालों को जल्दी सफेद नहीं होने देते और बालों का झड़ना भी कम करते हैं. यह डैंड्रफ जैसी समस्याओं में भी कारगर होता है.

जडेजा ने चेन्नई सुपर किंग्स का कप्तान बनने के बाद पहली बार दिया बड़ा बयान

Posted: 24 Mar 2022 07:19 PM PDT

जडेजा ने चेन्नई सुपर किंग्स का कप्तान बनने के बाद पहली बार दिया बड़ा बयान

CSK के नए कप्तान रविन्द्र जडेजा (Ravindra Jadeja) तैयार हैं। उनको नया कप्तान नियुक्त किया गया है। नई जिम्मेदारी मिलने के बाद पहली बार प्रतिक्रिया देते हुए जडेजा ने कहा कि मुझे चिंता करने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि माही भाई साथ में हैं।

ट्विटर पर चेन्नई के वीडियो में जडेजा ने कहा कि अच्छा लग रहा है लेकिन माही भाई ने पहले ही बड़ी विरासत स्थापित कर दी है जिसे मुझे आगे बढ़ाने की जरूरत है। ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं है क्योंकि वह (धोनी) यहां हैं। मेरे पास जो भी प्रश्न हैं, मैं उनके पास जा सकता हूं। वह मेरे जाने-माने व्यक्ति थे और अब भी हैं। इसलिए मुझे चिंता नहीं है और आपकी शुभकामनाओं के लिए धन्यवाद।

गौरतलब है कि गुरुवार को महेंद्र सिंह धोनी के कप्तानी से हटते हुई जडेजा को नियुक्त करने की खबर सामने आई। इसके बाद चारों तरफ से प्रतिक्रियाएं देखने को मिली। जडेजा ने कप्तान बनने के बाद अब पहली बार अपना बयान दिया है। हालांकि जडेजा के सामने यह एक बड़ी चुनौती रहेगी। धोनी के साथ में होने से उनको काफी कुछ सीखने को मिलेगा और ज़रूरत पड़ने पर वह धोनी से सलाह भी ले सकेंगे।

पिछले डीके दशक से ज्यादा समय तक महेंद्र सिंह धोनी चेन्नई की टीम के कप्तान रहे हैं। ऐसे में अब उनके जाने से फैन्स को थोड़ी निराशा ज़रूर होगी लेकिन बतौर खिलाड़ी वह खेलेंगे। धोनी के पास अब ज्यादा खुलकर खेलने का मौका रहेगा। उनकी बल्लेबाजी को देखने का लुत्फ़ फैन्स अब भी उठा सकेंगे।

IAS Interview सवाल: ऐसा क्या है, जो साल में सिर्फ एक ही बार आता है, और सप्ताह में दो बार?

Posted: 24 Mar 2022 07:17 PM PDT

IAS Interview सवाल: ऐसा क्या है, जो साल में सिर्फ एक ही बार आता है, और सप्ताह में दो बार?

हर साल हमारे देश में लाखों की संख्या में युवा IAS या IPS ऑफिसर बनने का सपना लेकर UPSC की सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करते है और उनमे से कुछ ही उम्मीद्वार असी होते है जिनका फाइनल सिलेक्शन होता है और वो मेरिट में शानदार स्थान हासिल करके अपना IAS बनने का ख्वाब पूरा करते है |वही UPSC की सिविल सेवा परीक्षा तीन स्टेज में सम्पन्न होती है जिसमे पहले प्रील्मिस और मेंस की परीक्षा होती है और इसके बाद उम्मीद्वार का इंटरव्यू होता है और जो उम्मीद्वार इन तीनों स्टेज को क्लियर कर लेता है उसे ही UPSC की सिविल सेवा परीक्षा में चयनित किया जाता है और आज हम आपके लिए कुछ ऐसे ही सवाल लेकर आये है जो की प्रतियोगिता के दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण है तो आइये डालते है इनपर एक नजर

सवाल : भारतीय साक्ष्य अधिनियम (Indian Evidence Act) कब लागू किया गया था?
जवाब : भारतीय साक्ष्य अधिनियम वर्ष 1872 में सितंबर के पहले दिन लागू हुआ था.

सवाल : विश्व दुग्ध दिवस (World Milk Day ) कब मनाया जाता है?
जवाब : हमारे जीवन में दूध और डेयरी उत्पादों के महत्व के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए 1 जून को विश्व दुग्ध दिवस मनाया जाता है.

सवाल : काँमनवील पत्रिका का प्रकाशन किसने किया था
जवाब :ऐनी बेसेन्ट ने

सवाल : किस एकमात्र भारतीय को अर्थशास्त्र में नोबेल पुरस्कार मिला है
जवाब :अमर्त्य सेन

सवाल : 1856 में विधवा पुनर्विवाह क़ानून किसके प्रयासों से बनाया गया था
जवाब :ईश्वरचंद्र विद्यासागर के प्रयासों से

सवाल : हेनसांग के अनुसार, नालंदा बैठ बिहार का निर्माण किसने कराया था ?
जवाब : शक्रादित्य

सवाल : अरबी यात्री सुलेमान किस प्रतिहार शासक के शासनकाल में भारत आया था ?
जवाब : मिहिरभोज

सवाल : गुजरात का अंतिम हिन्दू शासक कौन था ?
जवाब : कर्ण (सोलंकी वंश )

सवाल : लॉर्ड केनिंग ने नवंबर 1858 में कहाँ आयोजित दरबार में भारत में क्राउन के शासन की घोषणा की
जवाब :इलाहाबाद में आयोजित दरबार में

सवाल : लॉर्ड वेलेजली के साथ सबसे पहले सहायक संधि किस राज्य के शासक ने की
जवाब : हैदराबाद के निजाम ने

सवाल : भारत की सर्वाधिक बड़ी जनजाति कौनसी है
जवाब :गोंड

सवाल : गोताखोर पानी के अंदर सांस लेने के लिए कौन कौन सी गैसों का मिश्रण ले जाते हैं
आक्सीजन और हीलियम गैसों का मिश्रण

सवाल : विश्व का सबसे ऊँचा पर्वत शिखर माउंट एवरेस्ट किस देश में स्थित है
नेपाल

सवाल : परमाणु ऊर्जा संयंत्रों में किस यूरेनियम समस्थानिक का उपयोग बिजली उत्पादन के लिए किया जाता है
जवाब : U-235

सवाल : भारत का पहला परमाणु संयंत्र कौन सा है
जवाब : तारापुर

सवाल : वारंगल में अनुमाकोण्डा के हजार स्तंभो वाले मंदिर का निर्माण किस काकतीय शासक ने कराया था ?
जवाब : रुद्रदेव

सवाल : इल्तुतमिश द्वारा स्थापित "चालीसा दाल" को दिल्ली सल्तनत के किस शासक द्वारा समाप्त किया गया ?
जवाब : बलबन

सवाल : सिकंदर लोदी ने संस्कृत के किस ग्रन्थ का "फहरंगे सिकंदरी" के नाम से अनुमान करवाया ?
जवाब : आयुर्वेद

सवाल : परमाणु रिएक्टर में, भारी पानी का उपयोग किया जाता है
जवाब : मॉडरेटर

सवाल : एक ट्रांसफार्मर Ac को कम करने या बढ़ाने के लिए उपयोग किया जाता है
जवाब : वोल्टेज

सवाल : सौर पैनल में किस सामग्री का उपयोग किया जाता है
जवाब : सिलिकॉन

सवाल : ऐसा क्या है, जो साल में सिर्फ एक ही बार आता है, और सप्ताह में दो बार?
जवाब : "e" यह वर्ड साल को इंग्लिश में Year कहते है, और सप्ताह को Week अब देखिये- Year में "e" वर्ड 1 बार आता है, और Week में 2 बार.

गुरुवार को करें यह एक काम, घर में आएगी खुशहाली, घन की नहीं रहेगी कमी

Posted: 23 Mar 2022 07:25 PM PDT

गुरुवार को करें यह एक काम, घर में आएगी खुशहाली, घन की नहीं रहेगी कमी

Guruwar Ke Upay : आज साल 2022 के मार्च महीने का चौथा और चैत्र महीने का पहला गुरुवार है। मान्यता के मुताबिक गुरुवार का दिन भगवान विष्णु (Bhawan Vishnu) को समर्पित है। गुरुवार के दिन केले के वृक्ष की पूजा विधि-विधान और श्रृद्धा के साथ करने वाले जातकों पर भगवान विष्णु अत्यंत प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों को सुख समृद्धि और शांति का वरदान देते हैं

केले के वृक्ष को शुभ और संपन्नता का प्रतीक माना जाता है। इसके अलावा गुरुवार को केले के पेड़ की पूजा करने से बृहस्पति ग्रह मजबूत होता है और ऐसे लोगों की शादी में रुकावटें नहीं आती है। उन्हें अच्छा जीवनसाथी प्राप्त होता है और उनकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। घर में आर्थिक सम्पन्नता भी आती है।

जीवन में कई तरह की परेशानियां आती हैं, जिनका हम चाहते हुए भी हल नहीं निकाल पाते। कुछ ऐसी ही सामान्य समस्याएं है जैसे कड़ी मेहनत के बावजूद उसका सही तरह से फल का नहीं मिलना। मान्यता के मुताबिक अगर कुंडली में गुरु खराब है तो मनुष्य अपने जीवन में कभी भी तरक्की नहीं कर सकता। गुरु को धन, वैवाहिक जीवन और संतान का कारक भी माना जाता है।

अगर आपको शादी, संपत्ति और संतान से संबंधित दिक्कतें हो रही है, अड़चनें आ रही है या फिर दांपत्य जीवन में कोई परेशानी है तो इससे घबराने की जरूरत नहीं है। बस गुरुवार के दिन आपको कुछ सरल उपाय करने हैं। ज्योतिष के जानकारों के मुताबिक यह ग्रह-नक्षत्रों की दिशा की वजह से होती है और गुरुवार को कुछ उपाय करने से ये दूर भी हो जाते हैं।

दरअसल आज गुरुवार है और शास्त्रों में गुरुवार के दिन केले पेड़ (Worship of Banana Tree) की पूजा का खास महत्व है। इतना ही नहीं केले के पत्तों को भी शुभ माना गया है और धर्म शास्त्रों उसकी पूजा को लाभकारी माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक केले के पेड़ (Banana Tree) में साक्षात देवगुरु बृहस्पति का वास होता है और गुरुवार का दिन भगवान बृहस्पति यानी कि भगवान विष्णु का दिन होता है।

इतना ही नहीं गुरुवार को केले के पेड़ की पूजा करने वाले व्यक्त‍ि के परिवार की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होती है और परिवार में खुशियां भी आती हैं। ऐसे में अगर आप गुरुवार को केले के पेड़ की पूजा करते हैं तो आप पर भगवान बृहस्पति की आप पर कृपा होगी।

गुरुवार के दिन व्रत रखें, जिसमें पीले वस्त्र पहने और बिना नमक का पीला भोजन का संकल्प लें। गुरु बृहस्पति की प्रतिमा या तस्वीर पीले वस्त्र पर विराजित कर पंचोपचार पूजा केसरिया चंदन, पीले अक्षत, पीले फूल व भोग में पीले पकवान या फल अर्पित करें।

गुरुवार को ऐसे करें केले के पेड़ की पूजा

- सुबह-सुबह मौन व्रत का पालन कर स्नान करें। इसके बाद केले के वृक्ष को प्रणाम कर जल चढ़ाएं।

- इस बात का ध्यान रखें कि घर की आंगन में यदि केले का वृक्ष लगा है तो उस पर जल ना चढ़ाएं. बाहर के केले के वृक्ष को जल चढ़ाएं।

- केले के वृक्ष पर हल्दी की गांठ, चने की दाल और गुड़ केल को अर्पित करें।

- अक्षत, पुष्प आदि चढ़ाएं और केले के पेड़ की परिक्रमा करें।

इस मंत्र का जाप करें...

ॐ बृं बृहस्पते नम:

बृहस्पति मंगल मंत्र-

जीवश्चाङ्गिर-गोत्रतोत्तरमुखो दीर्घोत्तरा संस्थित:

पीतोश्वत्थ-समिद्ध-सिन्धुजनिश्चापो थ मीनाधिप:।

सूर्येन्दु-क्षितिज-प्रियो बुध-सितौ शत्रूसमाश्चापरे

सप्ताङ्कद्विभव: शुभ: सुरुगुरु: कुर्यात् सदा मङ्गलम्।।

Chaitra Navratri 2022: मां दुर्गा के 7 सिद्ध मंत्रों से सवर जाएगी आपकी किस्मत, पूरी होगी हर मन्नत

Posted: 23 Mar 2022 07:22 PM PDT

Chaitra Navratri 2022: मां दुर्गा के 7 सिद्ध मंत्रों से सवर जाएगी आपकी किस्मत, पूरी होगी हर मन्नत

Chaitra Navratri 2022: नवरात्रि का पर्व हिंदुओं का एक प्रमुख त्योहार है। हिंदू पंचांग के अनुसार साल भर में कुल मिलाकर 4 नवरात्रि आती हैं जिसमें चैत्र और शारदीय नवरात्रि का विशेष महत्व है। नौ दिवसीय इस पर्व में 9 रातों तक तीन देवियां - मां लक्ष्मी, मां सरस्वती और मां काली के नौ स्वरुपों की पूजा होती है।

इस साल 2022 में चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से नवरात्रि का आरंभ होगा। मां आदिशक्ति की उपासना का पर्व 2 अप्रैल से शुरू होगा और नवमी तिथि 11 अप्रैल की होगी।

चैत्र नवरात्रि के 9 दिनों तक मां दुर्गा के भक्त उपवास रखते हुए पूजा अर्चना करते हैं। चैत्र प्रतिपदा तिथि को घटस्थापना की जाती है और अष्टमी व नवमी तिथि पर कन्या पूजन के बाद व्रत का पारण किया जाता है।

हर किसी के जीवन में यूं तो उतार-चढ़ाव लगे ही रहते है। देखा जाये तो व्यक्ति अपनी परेशानियों में घिरा रहता है, कई तरह के उपाय करने के बाद भी उसका समाधान प्राप्त नहीं कर पाता। ऐसे में वो खुद से और जीवन से निराश होने लगता है।

कहते है अगर सच्चे मन से नवरात्र में माँ की पूजा की जाये तो समस्त बाधाओं और बंधनों से मुक्त करा देती है। इसलिए मनोकामना पूर्ति, लक्ष्य की सिद्धि, तंत्र-मंत्र के लिए नवरात्र में आदिशक्ति मां दुर्गा के मंत्रों का जाप होता है। तो चलिए जानते है वो खास मंत्र -

'मां दुर्गा के सिद्ध मंत्र'

शत्रु के विनाश के लिए (Durga Mantra for Enemies)

रक्त बीज वधे देवि चण्ड मुण्ड विनाशिनि।

रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि।।


सौभाग्य की प्राप्ति के लिए (Durga Mantra for Good Luck)

वन्दि ताङ्घ्रियुगे देवि सर्वसौभाग्य दायिनि।

रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि।।


अपने कल्याण के लिए (Durga Mantra for Own's Welfare)

सर्व मंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके।

शरण्ये त्रयम्बके देवी नारायणी नमोस्तुते।।

समस्त बाधाओं से मुक्ति के लिए (Durga Mantra for Obstacles)

शुम्भस्यैव निशुम्भस्य धूम्राक्षस्य च मर्दिनि।

रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि।।


बीमारियों से मुक्ति के लिए (Durga Mantra for Health)

देहि सौभाग्यमारोग्यं देहि मे परमं सुखम्।

रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि।।

जगत के कल्याण के लिए (Durga Mantra for Society's Welfare)

विधेहि देवि कल्याणं विधेहि परमां श्रियम्।

रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि।।

धन और विद्या प्राप्ति के लिए (Durga Mantra for Wealth and Learning)

विद्यावन्तं यशस्वन्तं लक्ष्मीवन्तं जनं कुरु।

रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि।।

बिस्तर पर डिनर-किचन में खाली बर्तन, इंसान को कंगाल करती हैं ये 5 गलतियां

Posted: 23 Mar 2022 07:10 PM PDT

बिस्तर पर डिनर-किचन में खाली बर्तन, इंसान को कंगाल करती हैं ये 5 गलतियां

कई बार इंसान को अपनी एक छोटी सी गलती के लिए बड़ी कीमत चुकानी पड़ती है. ज्योतिषियों का कहना है कि वास्तु से जुड़ी गलतियों के कारण अक्सर मुश्किल हालात खड़े हो जाते हैं. घर से सुख-संपन्नता खत्म हो जाती है. इंसान कर्जों तले दबा रहता है, जिसे चुका पाना नामुमकिन सा लगता है. वास्तु शास्त्र में ऐसी तमाम गलतियों का जिक्र किया गया है. आइए आपको ऐसी पांच बड़ी गलतियों के बारे में बताते हैं जो किसी भी इंसान को पाई-पाई का मोहताज बना सकती हैं.

1. कुछ लोग कचरे के लिए इस्तेमाल होने वाले डस्टबिन को घर के बाहर या प्रवेश द्वार पर रखते हैं. वास्तु के अनुसार, ऐसा करने से मां लक्ष्मी नाराज होती हैं. ये एक गलती धनी व्यक्ति को भी निर्धन बना सकती है. इसलिए घर की एंट्रेस को हमेशा साफ-सुथरा रखें. यहां कभी डस्टबिन रखने की भूल ना करें.

2. ऐसे बहुत से लोग हैं जो बिस्तर पर आराम से बैठकर भोजन करना पसंद करते हैं. वास्तु शास्त्र में इसे लेकर सख्त चेतावनी दी गई है. यह एक गलती इंसान को गरीब बना सकती है. इससे घर की सुख-समृद्धि में भी बाधा उत्पन्न होती है.

3. रात के समय किचन में खाली बर्तन रखना भी बहुत अशुभ समझा जाता है. यदि किसी कारणवश आप रात के जूठे बर्तन नहीं मांझते तो उन्हें किचन में रखने की भूल ना करें. रात में सोने से पहले किचन को अच्छी तरह साफ करें, अन्यथा घर में हमेशा वित्तीय संकट छाया रहेगा.

4. हिंदू धर्म में दान करने का बड़ा महत्व बताया गया है. लेकिन शाम के वक्त दूध, दही और नमक का दान आपको कंगाल बना सकता है. वास्तु के अनुसार, शाम के समय इन चीजों का दान करने से घर में आर्थिक तंगी छाई रहती है. इसलिए सूर्यास्त के बाद इन चीजों का दान करने की गलती ना करें.

5. रात के वक्त किचन या बाथरूम में पानी के बर्तनों को खाली रखना भी बेहद अपशकुन समझा जाता है. बाथरूम में कम से कम एक बाल्टी पानी हमेशा भरकर रखें. यह ना सिर्फ घर में नकारात्मक ऊर्जा के प्रभाव को कम करेगा, बल्कि इंसान को कंगाल भी नहीं होने देगा.

दसवीं पास के लिए यहां निकली है वैकेंसी, जानें कब तक कर सकते हैं आवेदन

Posted: 23 Mar 2022 07:03 PM PDT

दसवीं पास के लिए यहां निकली है वैकेंसी, जानें कब तक कर सकते हैं आवेदन

सरकारी नौकरी की इच्छा रखने वाले उम्मीदवारों के लिए अच्छी खबर है. इंडियन कोस्ट गार्ड ने एनरॉल फॉलोअर/ सफाईवाला के पदों पर भर्ती निकाली है. जो उम्मीदवार इन पदों पर आवेदन करना चाहते हैं वे आधिकारिक वेबसाइट joinindiancoastguard.cdac.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. इन पदों पर आवेदन करने की अंतिम तिथि 30 मार्च है. इस आवेदन प्रक्रिया के तहत कुल 8 पदों पर आवेदन निकाले गए हैं. आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को यह सुझाव दिया जा रहा है कि वे आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर जरूर आवेदन करें.

Indian Coast Guard Recruitment 2022 के लिए महत्वपूर्ण तिथि
आवेदन करने की अंतिम तिथि- 30 मार्च

Indian Coast Guard Recruitment 2022 के लिए रिक्ति विवरण
कुल पदों की संख्या- 8

Indian Coast Guard Recruitment 2022 के लिए योग्यता मानदंड
आवेदन करने वाले उम्मीदवार की आयु किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड से कक्षा 10वीं पास होना चाहिए या उम्मीदवार के पास आईटीआई सर्टिफिकेट होना चाहिए. साथ ही उम्मीदवार की न्यूनतम लंबाई 157 सेमी होनी चाहिए.

Indian Coast Guard Recruitment 2022 के लिए आयुसीमा
इंडियन कोस्ट गार्ड में सफाई वाला पदों पर भर्ती के लिए उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 18 साल और अधिकतम आयु 25 साल निर्धारित की गई है. हालांकि, सरकारी नियमों के अनुसार अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति वर्ग के उम्मीदवारों को अधिकतम आयु सीमा में 5 साल और अन्य पिछड़ा वर्ग के उम्मीदवारों को 3 साल की छूट दी जाएगी.

Indian Coast Guard Recruitment 2022 के लिए चयन प्रक्रिया
सफाई के पदों पर भर्ती के लिए उम्मीदवारों का चयन लिखित परीक्षा, स्किल टेस्ट और फिजिकल टेस्ट के आधार पर किया जाएगा. इन पदों पर भर्ती के लिए केवल आंध्र प्रदेश के पुरुष उम्मीदवार ही आवेदन कर सकते हैं. विस्तृत जानकारी के लिए उम्मीदवार आधिकारिक नोटिफिकेशन चेक कर सकते हैं.

मिर्गी को ठीक करने के लिए 9 जड़ी बूटी

Posted: 23 Mar 2022 07:00 PM PDT

मिर्गी को ठीक करने के लिए 9 जड़ी बूटी

मिर्गी के लिए जड़ी बूटी – मिर्गी एक बहुत घातक बीमारी है. इसके कारण शरीर में अचानक झटके लगते हैं और बेहोशी आ जाती है. इसके साथ ही मिर्गी की वजह से व्यक्ति अपने शरीर पर से संतुलन खो बैठता है. दरअसल मिर्गी का कोई सटीक कारण बता पाना संभव नहीं है लेकिन मस्तिष्क के तंत्रिका तंत्र एवं शरीर में पाए जाने वाले केमिकल्स में कुछ बदलाव के कारण ये समस्या हो सकती है.

इसके साथ ही मिर्गी की बीमारी होने के मुख्य कारणों में सिर पर चोट लगना, दिमागी बुखार, इंफेक्शन, ब्रेन ट्यूमर और ब्रेन टीवी की वजह से भी हो सकती है. कई बार नशे की वजह से भी मिर्गी के दौरे आने लगते हैं. इसके अलावा खराब लाइफस्टाइल, हार्मोनल बदलाव, स्ट्रेस और नींद पूरी न लेने के कारण भी मिर्गी के दौर आते हैं.

अगर किसी को मिर्गी के दौरे आते हैं तो घबराने की जरुरत नहीं है. आयुर्वेद में इसका इलाज है, जिससे आप प्राकृतिक रूप से स्वस्थ हो सकते हो. आयुर्वेद में कई ऐसी जड़ी बूटियां है जिसका इस्तेमाल करके मिर्गी की समस्या में राहत पा सकते हैं. आज के इस पोस्ट में आप लोगों को मिर्गी के लिए जड़ी बूटी के बारे में बताने वाले हैं. तो चलिए जानते हैं…

मिर्गी के लिए जड़ी बूटी लिस्ट
अश्वगंधा
ब्राह्मी
सारस्वतारिष्ट
बलारिष्ट
शंखपुष्पी
देहली
अमरबेल
कल्पवृक्ष
घाटी की कुमुदिनी

ऊपर बताये सभी जड़ी-बूटियां मिर्गी के उपचार में इस्तेमाल की जाती है. इन जड़ी बूटियों का इस्तेमाल आयुर्वेदिक औषधि के रूप में कई बिमारियों में किया जाता है. चलिए अब इन जड़ी-बूटियों के बारे में विस्तार से जानते हैं…
मिर्गी को ठीक करने के लिए जड़ी बूटी
अश्वगंधा

मिर्गी की समस्या में अश्वगंध के सेवन से रोगी को काफी आराम मिलता है. इसके लिए अश्वगंधा पाउडर 4 ग्राम और मिश्री पाउडर 4 ग्राम ले लें. इन दोनों के मिश्रण को अच्छे से मिला लें और डिब्बे में स्टोर करके रख लें. सुबह-शाम खाने के बाद इसका सेवन करें. इससे मिर्गी की समस्या में राहत मिल सकती है.
ब्राह्मी

मिर्गी की समस्या से जूझ रहे व्यक्ति के लिए ब्राह्मी बहुत ही फायदेमंद होता है. मिर्गी में ब्राह्मी और अश्वगंध की दोनों की 4-4 ग्राम मात्रा और मिश्री की 8 ग्राम मात्रा ले लें. अब इन सभी को मिला लें. इसकी 6 ग्राम मात्रा सुबह-शाम दूध के साथ लेने से मिर्गी के अटैक कम आ सकते हैं.
सारस्वतारिष्ट

यह मिर्गी की समस्या में बहुत ही उपयोगी है. सारस्वतारिष्ट में ब्राह्मी, शतावरी, बड़ी हरड़, खस, सौंफ और सोंठ जैसी कई जड़ी-बूटियां मिलाई जाती हैं. इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटी-डिप्रेसिव, एंटी-स्ट्रेस और एंटी एंजिग जैसे गुण पाए जाते हैं. इससे न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर में भी काफी आराम मिलता है. इसमें ब्राह्मी पाई जाती है, जिससे नींद काफी अच्छी आती है. इसे आप सुबह-शाम तीन-तीन चम्मच ले सकते हैं.
बलारिष्ट

बलारिष्ट में अश्वागंधा, बला की जड़, धाय के फूल, इलायची और लौंग मिलाए जाते हैं. आप सुबह-शाम दो-दो चम्मच खाने के बाद इसका सेवन कर सकते हैं. इससे मिर्गी की समस्या में काफी लाभदायक होगा. इसके साथ ही बलारिष्ट के सेवन से भ्रम, मूर्छा, मांसपेशियों में तनाव, सांस लेने की तकलीफ और सर्दी-जुकाम में भी राहत मिलती है.
शंखपुष्पी

मिर्गी की समस्या में शंखपुष्पी भी बहुत ही लाभदायक है. शंखपुष्पी याददाश्त बढ़ाने और मिर्गी की बीमारी ठीक करने के लिए काफी कारगर उपाय है. इसके लिए आप सुबह-शाम खाने के बाद 6-6 ढक्कन शंखपुष्पी रस का सेवन कर सकते हैं.

निष्कर्ष- तो आज के इस पोस्ट में हम लोगों ने मिर्गी को ठीक करने के लिए आयुर्वेदिक औषधि और जड़ी-बूटियों के बारे में जाना. ऊपर मिर्गी के लिए जड़ी बूटी की जो लिस्ट दी गयी है उसका सेवन करने से मिर्गी की समस्या को ख़त्म किया जा सकता है.

सभी तरह के चर्म रोगों की एक होम्योपैथिक दवा

Posted: 23 Mar 2022 06:58 PM PDT

सभी तरह के चर्म रोगों की एक होम्योपैथिक दवा

चर्म रोग की होम्योपैथिक दवा – हमारी पांच इंद्रियों में, त्वचा हमारे शरीर की सबसे बड़ी इंद्रियों में से एक है. हमारा पूरा शरीर त्वचा से ढका हुआ है. त्वचा हमें विभिन्न हानिकारक रसायनों, हानिकारक तरंगों, कीटाणुओं से बचाती है. त्वचा हमारे शरीर की आंतरिक गर्मी को संतुलित करती है. यह हमारे शरीर का सबसे संवेदनशील हिस्सा है. त्वचा से हम बाहरी किसी भी चीज का एहसास करते हैं.

हमारे शरीर में अलग-अलग समय पर विभिन्न चर्म रोग जैसे की जननांग दाद, एक्जिमा, खाज, सिर में खुजली, अंडकोष में खुजली आदि अलग-अलग कारणों से होते हैं. आपको बता दें कि एक सर्वेक्षण के अनुसार, लगभग 20% से 30% आबादी को किसी न किसी रूप में त्वचा रोग है. ऐसे में ये चर्म रोग का इलाज के बारे में जानना चाहते हैं.

यदि आप भी चर्म रोग के इलाज के लिए दवाएं के बारे में जानना चाहते हैं. तो ये पोस्ट पूरा पढ़ें. आज के इस पोस्ट में आप लोगों को चर्म रोग की होम्योपैथिक दवा के बारे में बताने वाले हैं. होम्योपैथिक दवाएं एक मात्र ऐसी दवा है जो किसी भी प्रकार के चर्म रोग को ठीक कर सकती हैं. तो चलिए जानते हैं…

चर्म रोग की होम्योपैथिक दवा

यहां लक्षणों के अनुसार विभिन्न प्रकार के चर्म रोग की होम्योपैथिक दवा जैसे- दाद, खाज, खुजली, एक्जिमा, सोरायसीस, सफ़ेद दाग आदि के बारे में बताया गया है.

खुजली जैसे चर्म रोग के लिए होम्योपैथिक दवा

Antim Crud 30 – यदि आपको त्वचा पर छाले आदि हो तो यह दवा उपयोगी है. चेहरे, पीठ, हाथों, छाती पर घाव में भी लाभदायक होता है.

Aloes Soc 30 – शरीर के त्वचा के किसी भी हिस्से पर खुजली होने पर उपयोगी है.

Alumina 200 – सर्दी में दाद , कब्ज के साथ त्वचा की समस्याएं, सूखी त्वचा, बहुत खुजली, जब तक खून न निकल रहा है तब तक खुजली होता है. ऐसे स्थिति में यह दवा कारगर है.

Croton tig 200 – खुजली से त्वचा पर छाले पड़ जाना. खुजली पानी और ठंड लगने से बढ़ जाती है.

Anagalis arv 30 – हथेली पर खुजली, हाथों और उंगलियों में खुजली.

दाद की होम्योपैथिक दवा

Acid Chryso 200 – खुजली, दाद, घावों, छालरोग और निम्नांग में एक्जिमा आदि में उपयोगी

Tellurium 30 – मुंह में दाद, जननांग दाद , शरीर पर किसी भी तरह के दाद में लाभदायक है.
एक्जिमा की होम्योपैथिक दवा

Nat mur 200 – दाढ़ी में एक्जिमा (eczema), कोहनी के नीचे, घुटनों के नीचे और अंडकोष में खुजली में बहुत उपयोगी है, पानी से खुजली बढ़ जाता है.

Graphites 200 – त्वचा मोटी, हथेली के विपरीत पृष्ठ पर एक्जिमा, फटी, उंगलियों की त्वचा मोटी होती है. चेहरे पर, कान के पीछे, पलकों पर, जननांग फुंसी या मसूड़ों के घाव. वहां से शहद जैसा चिपचिपा रस निकलता है. छाले में मछली तराजू जैसे पदार्थ से ढक जाता है.

Petroleum 200 ( पेट्रोलियम ) – उपरोक्त Graphites के समान लक्षण लेकिन खुजली सर्दियों में बढ़ते हैं और गर्मियों में घटते हैं.

Alopecia Areata Treatment: एलोपेसिया का होम्योपैथिक इलाज

Posted: 23 Mar 2022 06:56 PM PDT

Alopecia Areata Treatment: एलोपेसिया का होम्योपैथिक इलाज

एलोपेसिया का होम्योपैथिक इलाज – एलोपेसिया एक तरह की बीमारी है जिसमें सर के बाल झाड़ते हैं. आज के समय में बालों का झड़ना एक आम समस्या हो गयी है. यह किसी को भी हो सकती है और किसी भी उम्र में हो सकती है. आज के समय में जवान लोगों को भी एलोपेसिया की बीमारी हो जाती है.

बालों का गिरना तो आम समस्या है लेकिन कुछ लोगों को जरुरत से ज्यादा ही बाल झड़ते हैं. ऐसे में उनके सर से बाल समय से पहले ही गिर जाते हैं और वे गंजेपन का शिकार हो जाते हैं. हालाँकि ये कोई जानलेवा बीमारी तो नहीं लेकिन ये आत्मविश्वास में कमी ला देती है. इसलिए लोग इसका सटीक उपचार की तलाश में रहते हैं.

आज के इस पोस्ट में हम आप लोगों को एलोपेसिया का होम्योपैथिक इलाज व उपचार के बारे में बताने वाले हैं. साधारणत: हर महिला और पुरुषों को 50/100 बाल गिरना आम है. लेकिन अगर ज्यादा मात्रा में बाल झड़ने लगे तो ये एलोपेसिया की समस्या कहलाती है. इससे व्यक्ति गंजेपन का शिकार हो जाते हैं.
एलोपेसिया का होम्योपैथिक इलाज

होम्योपैथी में एलोपेसिया का का सटीक इलाज मौजूद है. एलोपेसिया से निजात पाने में होम्य्पैथी उपचार बहुत ही प्रभावी है. यदि एक होम्योपैथी से इस समस्या का उपचार किया जाता है तो दोबारा इसके होने की संभावना कम होती है. बाल झड़ने और एलोपेसिया के उपचार में होमियोपैथी अत्यन्त कारगर है. होमियोपैथिक दवाएं न केवल बाल झड़ने के लक्षणों को ठीक करती हैं बल्कि बाल झड़ने की मूल वज़हों को भी सही करती हैं. यह नए पैच बनने की रफ्तार धीमी करती है, उनके फिर से होने की दर और गंभीरता घटाती है, और रोग का प्रसार भी सीमित करती है. कुछ ऐसी दवाएं हैं जिसका इस्तेमाल एलोपेसिया के उपचार में किया जाता है. तो चलिए जानते हैं…

एलोपेसिया का होम्योपैथिक दवा

यहाँ एलोपेसिया के उपचार में कुछ होम्योपैथिक दवाएं बता रहे हैं जो बहुत ही प्रभावी और फायदेमंद है.

आर्सेनिक एल्बम एलोपेसिया के उपचार में आर्सेनिक एल्बम एक अत्यंत प्रभावी दवा है. यदि खोपड़ी में जलन और खुजली के साथ बाल झड़ने की समस्या हो तो आर्सेनिक एल्बम का उपयोग करना फायदेमंद होता है. आर्सेनिक एल्बम होम्योपैथिक मेडिसिन आपको एलोपेसिया से निजात दिला सकता है.

फ्लोरिक एसिड एलोपेसिया के उपचार के लिए फ्लोरिक एसिड एक उत्तम होम्योपैथिक दवा है. यह गंजे पैच में फिर से बालों को उगाता है.

फॉस्फोरस फॉस्फोरस एलोपेसिया के इलाज में एक प्रभावशाली दवा है. यदि आपको बालों को झड़ने की समस्या है तो ये दवा लाभदायक होता है.

लाईकोपोडियम यह खोपड़ी के शीर्ष पर होने वाले गंजे पैच से निजात दिलाता है. त्वचा पर गंजा पैच के लिए यह अच्छा कार्य करता है. एलोपेसिया के उपचार के लिए यह एक प्रभावी होम्योपैथिक दवा है.

विंका माईनर यदि आपके बालों में धब्बे पड़ने की प्रवृत्ति है तो विंका माईनर एक उत्तम दवा है. यदि खोपड़ी में खुजली और खरोज आ रही हो तो यह अच्छा कार्य करता है. साथ सफ़ेद बालों से छुटकारा दिलाता है.

नोट- इस पोस्ट में बताये गये उपाय और दवा चिकित्सा सलाह नहीं हैं. अपने बीमारी के उचित उपचार के लिए डॉक्टर से कंसल्ट करें.

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