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- जमीन पर बैठकर भोजन करने के हैं कई फायदे
- अगर छुड़वानी है शराब की आदत तो अपनाये ये तरीका
- पैंट की जेब में मोबाइल रखने से होता है स्पर्म नष्ट होने का खतरा
- हर महीने 44 हजार की इनकम चाहते हैं तो पत्नी के नाम से खुलवाएं ये स्पेशल खाता
- हिमाचल का एक ऐसा गांव जहां पांडवों ने अज्ञातवास के दौरान किया था चक्रव्यूह का निर्माण
- ऐसी कौन सी चीज़ है जो बिना बुलाए ही चली आती है?
- 10 मार्च से लग रहा है होलाष्टक, इन 8 दिनों में भूल कर भी न करें ये काम, वरना हो सकता है नुकसान
- हिमाचल में नौकरी पाने का शानदार मौका, यहां खाली हैं करीब 600 पद, 25000 से अधिक वेतन
- रोहित शर्मा ने क्यों घोषित की पारी? दोहरे शतक से चूकने के बाद रवींद्र जडेजा ने खोला राज
- शिवालयों में दूध पी रहे नंदी, मुंह से चम्मच लगाते ही गायब हो जाता है दूध
| जमीन पर बैठकर भोजन करने के हैं कई फायदे Posted: 06 Mar 2022 06:55 PM PST जमीन पर खाने की परंपरा बहुत प्राचीन है, लेकिन इसके कई स्वास्थ्य लाभ भी हैं, इससे वजन नहीं बढ़ता, पाचन क्रिया सुधरती है, दिल मजबूत होता है जैसे कई फायदे हैं इसके, तो जमीन पर खाने की आदत डालें।पलती मारकर बैठना एक प्रकार का योग आसन है। इस पोजीशन में बैठने से मस्तिष्क शांत रहता है और भोजन करते वक्त अगर दिमाग शांत हो तो पाचन क्रिया अच्छी रहती है। इस पोजीशन में बैठते ही खुद-ब-खुद दिमाग से एक सिगनल पेट तक जाता है, कि वह भोजन के लिये तैयार हो जाये। # बैठकर खाने से पाचन क्रिया ठीक रहती है और खाना अच्छे से पचता है। आमतौर पर जब आप जमीन पर बैठते हैं तो सुखासन में बैठते हैं। जो कि पाचन में मदद करने वाली मुद्राएं हैं। # अगर आप जमीन पर बैठकर खाते हैं तो बेहतर ढंग से भोजन पर ध्यान केंद्रित कर पाता है। बैठकर खाने से पेट और दिमाग को सही समय पर एहसास हो जाता है कि आपने भरपूर खा लिया है, इससे आप ओवरईटिंग से बच जाते हैं। # जमीन पर बैठकर खाने का फायदा है कि आप समय से पहले बूढ़े नहीं होते हैं। क्योंकि इस मुद्रा में बैठकर खाना खाने से रीढ़ की हड्डी और पीठ से जुड़ी समस्याएं नहीं होती है। # जमीन पर बैठकर खाने से उम्र बढ़ती है। एक अध्ययन में पाया गया है कि जो लोग जमीन पर पद्मासन में या सुखासन में बैठते है और बिना किसी सहारे के खड़े होने में सक्षम होते हैं। उनकी लंबे समय तक जीवित रहने की संभावना ज्यादा होती है। #जब आप जमीन पर बैठकर खाते हैं तो रक्त संचार अच्छे से होता है। इस तरह दिल बड़ी आसानी से पाचन में मदद करने वाले सभी अंगों तक खून पहुंचाता है, लेकिन जब आप कुर्सी पर बैठ कर खाना खाते हैं तो यहां ब्लड सर्कुलेशन विपरीत होता है। इसमें सर्कुलेशन पैरों तक होता है, जो कि खाना खाते समय जरूरी नहीं होता। यह दिल के दौरे की संभावना को भी कम करता है। |
| अगर छुड़वानी है शराब की आदत तो अपनाये ये तरीका Posted: 06 Mar 2022 06:53 PM PST शराब का नशा बहुत ही घातक माना जाता है । एक अनुमान के अनुसार शराब के नशे के कारण हर साल लगभग 40 लाख से ज्यादा लोगों की जान जाती है । एड्स, टीबी और हिंसा के शिकार व्यक्तियों को मिलाकर देखा जाए, तो भी शराब की चपेट में आकर जान खोने वाले लोग कहीं ज्यादा हैं ।शराब की आदत एक ऐसी आदत है जो एक व्यक्ति को नहीं बल्कि पूरे परिवार को तकलीफ पहुचाती है। आज हम आपको शराब छुडवाने के कुछ आसान तरीके बतायेगे जो शराब की आदत छोड़े में आपकी मदद करेगी । # शराब छुड़ाने का एक और अचूक उपाय है । आप सोने-चांदी का काम करने वाले सुनार के पास से सल्फ़्युरिक एसिड यानि शुद्ध गंधक का तेज़ाब ले आइए और जिसकी शराब छुड़वानी हो उसके शराब के पैग में चुपचाप इस तेज़ाब की चार बूंद डाल दीजिए। फिर उसे पीने दीजिये। ऐसा कुछ समय तक लगातार कीजिये । कुछ ही दिन में आपको यह महसूस होगा कि शराबी व्यक्ति की शराब पीने की इच्छा स्वत: ही अपने आप ही कम होने लगी है । उसे शराब के प्रति अरुचि होने लगेगी । लेकिन इस बात का ध्यान रहे कि व्यक्ति को इस दौरान स्वास्थ्यवर्धक आहार अवश्य ही दें । # अगर कोई व्यक्ति शराब छोड़ना चाहता है तो उस व्यक्ति को जब भी शराब पीने की इच्छा हो तब किशमिश का 1 -2 दाना मुंह में डालकर चूसें इसके आलावा वह किशमिश का शरबत का भी सेवन करें । # शराब की आदत छुड़ाने के लिए खजूर बहुत अधिक सहायता देता है। इसके लिए पानी में कुछ खजूर घिसें फिर दिन में दो - तीन बार इस मिश्रण का सेवन करें। इससे शीघ्र ही शराब की आदत छूट जायगी । # गाजर के जूस से शराब पीने की इच्छा कम होती जाती है । दिन में एक गिलास गाजर का जूस अवश्य ही पीये यह शराब को छोड़ने में बहुत सहायक होता है इससे नेत्रों की रौशनी बढ़ती है और पाचन तंत्र में भी सुधार होता है। # तंबाकू, गुटका,बीड़ी, सिगरेट आदि नशा करने वालो के शरीर में फास्फोरस तत्व की कमी हो जाती है उसके लिए PHOSPHORUS 200 का ऐसे ही प्रयोग करे।इसके प्रयोग से तंबाकू, गुटका,बीड़ी, सिगरेट आदि सभी नशे की आदत अवश्य ही छूट जाती है। |
| पैंट की जेब में मोबाइल रखने से होता है स्पर्म नष्ट होने का खतरा Posted: 06 Mar 2022 06:50 PM PST मोबाइल फोंस के इस्तेमाल से स्वास्थ्य पर कई खतरे सामने आ रहे हैं। ब्रिटिश फर्टिलिटी एक्सपर्ट्स ने एक स्टडी में पुरुषों को मोबाइल की लत से बाज आने की सलाह दी गई है।आप मोबाइल अंडकोष या कमर के नीचे रखते हैं तो आपके स्पर्म लेवल में इतनी गिरावट आएगी कि कल्पना भी नहीं कर सकते। फर्टिलिटी एक्सपर्ट्स ने चेताया है कि जो शख्स एक दिन में कम से कम एक घंटा भी मोबाइल फोन इस्तेमाल कर रहा है उसका स्पर्म नष्ट हो रहा है और स्तर में भी गिरावट आ रही है। हाइफा में टेक्निकल यूनिवर्सिटी के प्रफेसर मार्टिन डिर्नफेल्ड ने कहा, 'हम लोगों ने स्टडी में पाया कि मोबाइल की लत वालों में ऐक्टिव स्विमिंग स्पर्म और उसकी क्वालिटी दोनों में भारी गिरावट आई है। हमारा मानना है कि इसकी वजह फोन और उसकी इलेक्ट्रोमैग्नेटिक ऐक्टिविटी के कारण स्पर्म प्रभावित हो रहा है।' इस स्टडी टीम ने बताया है कि 100 से ज्यादा पुरुष एक साल में फर्टिलिटी क्लिनिक पहुंच रहे हैं। इन्होंने अपनी स्टडी में पाया कि जो पुरुष मोबाइल फोन को हमेशा अपनी जेब में रखते हैं उनके स्पर्म नष्ट होने की प्रक्रिया चिंताजनक है। आम आबादी में स्पर्म में गिरावट की समस्या से जूझने वाले 11 पर्सेंट लोगों के मुकाबले जेब में मोबाइल रखने वाले 47 पर्सेंट इस समस्या से ग्रस्त हैं। |
| हर महीने 44 हजार की इनकम चाहते हैं तो पत्नी के नाम से खुलवाएं ये स्पेशल खाता Posted: 06 Mar 2022 06:41 PM PST National Pension Scheme: हर कोई वर्तमान के साथ अपना भविष्य सुरक्षित करना चाहता है। भविष्य में उसे या उसके परिवार को किसी प्रकार की कोई तकलीफ न हो इसके लिए वह वर्तमान से भी समझौता कर लेता है। वित्तीय रूप से मजबूत होकर ही भविष्य को सुरक्षित किया जा सकता है। यदि आप भी चाहते हैं कि भविष्य में आपकी फैमिली को रुपयों के लिए किसी के सामने हाथ न फैलाना पड़े तो आप अपनी पत्नी के नाम से नेशनल पेंशन स्कीम (National Pension Scheme) में निवेश करें। इसमें निवेश पर वार्षिक 10 प्रतिशत का रिटर्न मिलता है। यदि आप हर महीने पत्नी के नाम से 5 हजार रुपए एनपीएस (NPS) में निवेश करते हैं तो 60 साल की उनकी उम्र तक उनके खाते में 1 करोड़ 12 लाख रुपए जमा हो जाएंगे। अंत में उन्हें एकमुश्त 45 लाख रुपए मिल जाएंगे, इसके बाद हर बतौर पेंशन 44 हजार से अधिक रुपए आजीवन मिलते रहेंगे। National Pension scheme नेशनल पेंशन स्कीम (NPS) का लाभ काफी लोग उठा रहे हैं, करोड़ों लोगों ने इसमें निवेश शुरु कर दिया है। यदि आपने अब तक इसमें निवेश शुरु नहीं किया है तो पत्नी के नाम से खाता खोलकर 5 हजार रुपए हर महीने जमा करना शुरु कर दें। ये रुपए आपकी पत्नी व बच्चों के भविष्य में काफी काम आएंगे, उन्हें किसी और पर मोहताज नहीं रहना पड़ेगा। एनपीएस में आप 1000 रुपए से भी खाता खोल सकते हैं। हर महीने 1 हजार रुपए जमा करने पर रिटर्न कम मिलेगा। इसमें भी पेंशन के रूप में रकम मिलेगी लेकिन कम। आप चाहें तो निवेश की समय सीमा 65 वर्ष तक कर सकते हैं। Sहर महीने 44 हजार 793 रुपए मिलेंगे यदि आपने नेशनल पेंशन स्कीम (NPS) में निवेश करने का मन बना लिया है तो आपकी पत्नी के 60 साल की उम्र पूरी होने के बाद ऐसे 44 हजार 793 रुपएस हर महीने पेंशन के रूप में मिलेंगे। यदि अभी आपकी पत्नी की उम्र 30 साल है और आप एनपीएस में उनके नाम का खाता खोलकर हर महीने 5 हजार रुपए जमा करते हैं। इधर निवेश पर सालाना 10 प्रतिशत रिटर्न मिलता है तो उनके खाते में 60 साल की उम्र तक 1 करोड़ 12 लाख रुपए जमा हो जाएंगे। इसके बाद उन्हें करीब 45 लाख रुपए एकमुश्त मिल जाएंगे। शेष हर महीने पेंशन के रूप में उन्हें 44 हजार 793 रुपए मिलते रहेंगे। इसकी खासियत यह है कि पेंशन की यह राशि हर महीने उन्हें आजीवन मिलती रहेगी। पूरी तरह सुरक्षित रहता है निवेश एनपीएस (NPS) केंद्र सरकार की सोशल सिक्योरिटी स्कीम है। इसमें उपभोक्ता जिस पैसे को निवेश करता है उसका प्रबंधन फंड मैनेजर करते हैं। ऐसे में एनपीएस में किया गया आपका निवेश पूरी तरह सुरक्षित रहता है। फाइनेंसियल प्लानर्स के मुताबिक एनपीएस ने शुरुआत के बाद से अब तक सालाना 10 से 11 प्रतिशत तक का रिटर्न दिया है। |
| हिमाचल का एक ऐसा गांव जहां पांडवों ने अज्ञातवास के दौरान किया था चक्रव्यूह का निर्माण Posted: 06 Mar 2022 06:38 PM PST हिमाचल प्रदेश में 6 हजार साल पूर्व पांडवों ने अपना अज्ञात वास का समय गुजारा है। जिसके अवशेष प्रदेश के हर जिला में देखने को मिलते हैं। हमीरपुर जिला के राजनौंण में भी पांडवों ने अपना समय व्यतीत किया है। यहां अर्जुन ने चक्रव्यूह को समझने के लिए पत्थर की एक शिला पर उकेरा था जोकि आज भी राजनौंण में मौजूद है। कहा जाता है कि अज्ञातवास के दौरान अर्जुन इसी चक्रव्यूह के जरिए अभ्यास किया करते थे। इसके अलावा यहां पांडवों ने विशाल टियाले, पानी पीने के लिये नौंण और अधूरे मंदिर का निर्माण किया था जिसके प्रमाण आज भी मौजूद है। जिन्हें देखने के लिए लोग दूर दूर से आते हैं। लेकिन सरकार की अनदेखी के चलते यह ऐतिहासिक धरोहर विलुप्त होने के कागार पर पहुंच चुकी है। स्थानीय लोगों ने पुरातत्व विभाग से इस ऐतिहासिक धरोहर को बचाने की गुहार लगाई है । इतिहासकारों का मानना है कि देश में दो ही चक्रव्यूह हैं। एक चक्रव्यू वो जिसे महाभारत युद्ध के दौरान कौरवों द्वारा कुरुक्षेत्र में रचा गया…और दूसरा चक्रव्यूह वो जिसे अज्ञातवास के दौरान अभ्यास के लिए अर्जुन ने हमीरपुर के राजनौंण में शिला पर उकेरा था। सहायक आचार्य इतिहास हमीरपुर कॉलेज राकेश कुमार शर्मा का कहना है कि राजनौण का इतिहास पांडव काल से है और इसके प्रमाण आज भी मौजूद हैं। उन्होंने बताया कि कुरूक्षेत्र की तरह हमीरपुर के राजनौण में भी चक्रव्यूह बना हुआ है। बता दें कि राजनौंण में पांडवों द्वारा अज्ञात वास के दौरान बिताए गए कुछ समूय में अधूरे मंदिर का निर्माण किया था। जिसे मौजूदा समय में स्थानीय लोगों की मदद पूर्ण कर लिया गया है। राजनौंण में एक विशाल नौंण का निर्माण पांडवों द्वारा पीने के पानी के लिए किया गया था। जो आज भी इस स्थान पर देखा जा सकता है, मौजूदा समय मे इस नौंण से आईपीएच विभाग द्वारा विभिन्न गांवों के लिए पेयजल मुहैया करवाया जाता है। यही नहीं राजनौंण में पांडवों ने विशाल टियाले का भी निर्माण करवाया था जो अभी भी मौजूद हैं। मंदिर में आज भी पौराणिक बहुत बड़ी बड़ी पत्थर की शिलाएं देखी जा सकती हैं। लेकिन यह ऐतिहासिक धरोहर अनदेखी के चलते विलुप्ति के कागार पर पहुंच चुकी हैं। लोगों ने पुरातत्व विभाग से गुहार लगाई है कि ऐसी धरोहर का जीर्णोद्धार किया जाए। राजनौण में आए हुए स्थानीय निवासी बलविन्द्र सिंह गुलेरिया ने बताया कि पांडवों के समय में आधा अधूरा मंदिर बनाया हुआ था और अज्ञात वास के दौरान सबकुछ बना है। उन्होंने बताया कि नौण के अलावा चक्रव्यूह बना हुआ था जो कि आज भी मौजूद है। उन्होंने बताया कि अज्ञात वास पूरा होने पर यहां से चले गए थे । नौण के साथ बने हुए चक्रव्यूह के बारे में बताया कि युद्व में कैसे विजय पाने के लिए चक्रव्यूह के बारे में बताया गया है। उन्होंने मांग की है कि मंदिर को संजोहने के लिए सरकार को प्रयास करने चाहिए। वहीं, पवन कुमार ने बताया कि पांडवों के द्वारा जंगल के बीच में चक्रव्यूह की रचना की गई थी और महाभारत के समय में यह सब कुछ यहां पर बना हुआ है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि राजनौण की देखरेख के लिए काम किया जाए। कुलदीप कुमार ने बताया कि मंदिर में राजनौण बना हुआ है और काफी समय से मंदिर में आते हैं और मंदिर में मनोकामना पूर्ण होती है। उन्होंने बताया कि वे जालंधर में रहते है लेकिन हर साल मंदिर में माथा टेकने के लिए आते हैं। |
| ऐसी कौन सी चीज़ है जो बिना बुलाए ही चली आती है? Posted: 06 Mar 2022 06:34 PM PST आप अभी यह बेहद अच्छे से जानते है की हमारे देश की युवा का आईपीएस या आईएएस बनने का बचपन से ही सपना होता है और वह इसके लिए यूपीएससी के परीक्षा में बैठते है लेकिन हर किसी किसी का ही यह सपना पूरा हो पता है क्यूंकि यह परीक्षा बेहद कठिन होता है इसका जवाब देना बच्चो का खेल नहीं है लेकिन अकसर युवा इस परीक्षा को पास करने के लिए हर एक मुमकिन कोशिश करते है लेकिन मौखिक परीक्षा में आकर वो घुटना टेक देते है क्यूंकि वो परीक्षा लेने वाले को सामने से देखते है और उनसे नज़र मिलाने में भी डरते है और अपने डर पर काबू न होने के वजह से अच्छी खासी हाथ में आयी नौकरी उन्हें खोनी परती है जिससे उनके आतमबल को भी काफी ठेस पहुँचती है लेकिन आगे चलकर आपके साथ कभी ऐसा न हो जाये इसके लिए हम आपके लिए सामान्य ज्ञान से जुड़े कुछ बेहद ज़रूरी सवाल और उनके जवाब लेकर आये है तो शुरू करते है. प्रश्न 1 : ऐसा कौन सा काम है जो एक कुंवारी लड़की नहीं कर सकती है? उत्तर : "मांग में सिंदूर डालना"। कोई भी लड़की अपनी मांग में सिंदूर शादी के बाद ही डालती है। इससे पहले कोई यह काम नहीं कर सकती है। प्रश्न 2 : वह कौन सा जानवर है जो 30 फिट तक लंबी छलांग लगा सकता है? उत्तर : "कंगारू" एक ऐसा जानवर है, जो तीस फीट तक लंबी छलांग लगा सकता है। प्रश्न 8 : ऐसी कौन सी चीज़ है जो बिना बुलाए ही चली आती है? उत्तर : "नींद। लोग इसे बुलाते नही। फिर भी यह अपने आप चली ही आती है। |
| 10 मार्च से लग रहा है होलाष्टक, इन 8 दिनों में भूल कर भी न करें ये काम, वरना हो सकता है नुकसान Posted: 06 Mar 2022 06:29 PM PST Holashtak 2022: होली का त्योहार आने वाला है। हिंदू धर्म में होली का बहुत ही ज्यादा महत्व होता है। हर साल हमारे देश में होली का पर्व बहुत धूमधाम से मनाया जाता है। इस साल 17 मार्च 2022 को होलिका दहन होगा और 18 मार्च को होली मनाई जाएगी। फाल्गुन शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा के अगले दिन होली मनाई जाती है। हिंदू धर्म के अनुसार होलिका दहन को बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना गया है। वहीं होली के आठ दिन पहले होलाष्टक लग जाता है। इस साल होलाष्टक का प्रारंभ 10 मार्च से हो रहा है, जो 17 मार्च को होलिका दहन तक रहेगा और होलिका दहन के साथ होलाष्टक का समापन हो जाएगा। मान्यता है कि होलाष्टक के 8 दिनों में कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता है। आइए जानते हैं कि इन 8 दिनों के होलाष्टक के दौरान कौन-कौन से काम नहीं करने चाहिए.. 0 मार्च से लग रहा है होलाष्टक, इन 8 दिनों में भूल कर भी न करें ये काम होलाष्टक में क्यों नहीं करते शुभ काम ? मान्यता के अनुसार कामदेव ने भगवान शिव की तपस्या भंग कर दी थी। इससे रुष्ट होकर उन्होंने प्रेम के देवता को फाल्गुन की अष्टमी तिथि के दिन ही भस्म कर दिया था। इसके बाद कामदेव की पत्नी रति ने शिव की आराधना की और कामदेव को पुनर्जीवित करने की प्रार्थना की, जिसके बाद शिवजी ने रति की प्राथना स्वीकार कर ली। महादेव के इस निर्णय के बाद जन साधारण ने हर्षोल्लास मनाया और होलाष्टक का अंत होलिका दहन के दिन हो गया। यही वजह है कि ये 8 दिन शुभ कार्यों के लिए वर्जित माने गए। होलाष्टक में नहीं करने चाहिए ये काम कहा जाता है कि होलाष्टक में कभी भी विवाह, मुंडन, नामकरण, सगाई समेत 16 संस्कार नहीं करने चाहिए। इसके अलावा फाल्गुन शुक्ल अष्टमी से लेकर पूर्णिमा के मध्य किसी भी दिन नए मकान का निर्माण कार्य प्रारंभ न कराएं और न ही गृह प्रवेश करें। मान्यता के अनुसार, होलाष्टक के समय में नए मकान, वाहन, प्लॉट या दूसरे प्रॉपर्टी की खरीदारी से बचने की सलाह दी जाती है। होलाष्टक के समय में कोई भी यज्ञ, हवन आदि कार्यक्रम नहीं करना चाहिए। आप चाहें तो ये कार्य होली के बाद या उससे पहले कर सकते हैं। मान्यताओं के अनुसार, होलाष्टक के समय में नौकरी परिवर्तन से बचना चाहिए। यदि नई जॉब ज्वाइन करनी है, तो उसे होलाष्टक के पहले या बाद में करें। ये भी कहा जाता है कि होलाष्टक के समय में कोई भी नया बिजनेस शुरु करने से बचना चाहिए। नए बिजनेस की शुरुआत के लिए ये समय अच्छा नहीं माना जाता है। |
| हिमाचल में नौकरी पाने का शानदार मौका, यहां खाली हैं करीब 600 पद, 25000 से अधिक वेतन Posted: 06 Mar 2022 06:24 PM PST हिमाचल प्रदेश में बेरोजगार बैठे युवाओं के लिए नौकरी का एक सुनहरा अवसर हाथ लगा है। बता दें कि हिमाचल प्रदेश अनइंप्लॉयड सर्विस सिलेक्शन एसोसिएशन लिमिटेड ने विभिन्न श्रेणियों के कुल 597 पदों पर भर्ती निकाली है। इस भर्ती के लिए इच्छुक पात्र 17 मार्च 2022 तक ऑनलाइन माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। जानें भर्ती संबंधित डिटेल कुल पदः 597 आवेदन करने की अंतिम तारीखः 17 मार्च 2022 आयु सीमाः 18-50 वर्ष मासिक वेतनमानः 10,500-27,300/- ग्रेड-पे दिया जाएगा व्हाट्सएप नंबर पर भेजें डिटेल इस संबंध में जानकारी साझा करते हुए रिक्रूटमेंट ब्रांच मैनेजर अश्वनी कुमार ने बताया कि भर्ती के लिए इच्छुक उम्मीदवार आवेदन करने के लिए अपना बायोडाटा फोन नंबर सहित आधार कार्ड, पुलिस चरित्र प्रमाण पत्र लेटेस्ट, हिमाचली बोनाफाइड ,रोजगार कार्यालय पहचान पत्र, पैन कार्ड एवं शैक्षणिक योग्यता के मूल प्रमाण पत्रों की छाया प्रति व्हाट्सएप नंबर 85808-32076 पर भेज सकते हैं। |
| रोहित शर्मा ने क्यों घोषित की पारी? दोहरे शतक से चूकने के बाद रवींद्र जडेजा ने खोला राज Posted: 06 Mar 2022 06:18 PM PST स्टार ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा (Ravindra Jadeja) ने खुलासा किया कि उन्होंने खुद ड्रेसिंग रूम को घोषणा करने और श्रीलंका को बल्लेबाजी करने के लिए भेजने की सलाह दी थी। Ravindra Jadeja के 175* रनों की की मदद से भारत ने 8 विकेट पर 574 रन बनाए थे। भारतीय पारी डिक्लेअर होने के बाद क्रिकेट फैंस ने रोहित शर्मा और राहुल द्रविड़ पर जताई नाराजगी Ravindra Jadeja ने 6 विकेट पर 357 रन पर फिर से शुरुआत करते हुए रविचंद्रन अश्विन के साथ सातवें विकेट के लिए 130 रन की साझेदारी की। अश्विन के आउट होने के बाद भी वह रुके नहीं और नाबाद 175 रन बनाए। जिसके बाद भारत की पारी को घोषित कर दिया गया। तबसे ही फैंस कोच द्रविड़ और कप्तान रोहित पर नाराज हैं क्योंकि उनका मानना था कि Ravindra Jadeja को 200 रन बनाने देने चाहिए थे। Ravindra Jadeja ने कहा कि उनके सुझाव पर की गई पारी घोषित पर अब रवींद्र जडेजा ने कहा है कि यह सिर्फ टीम प्रबंधन नहीं था। यहां तक कि उन्होंने सुझाव दिया था कि जैसे ही गेंद घूमने लगे पारी की घोषित कर देना चाहिए। " हां अंदर से मैसेज आ रहा था और मैं भी उन्हें बता रहा था। जब मैं बल्लेबाजी कर रहा था तो गेंदें स्पिन करने लगी थीं और उछाल भी आ रहा था। इसलिए मैंने उनसे कहा कि विकेट स्पिन को मदद डें रहा है और हम उन्हें [श्रीलंका] को लिए बुला सकते हैं। वे लगभग दो दिनों तक मैदान पर थे और स्वाभाविक रूप से थके हुए थे। इसलिए उनके लिए बाहर आना और शॉट खेलना मुश्किल होता । इसलिए हमारी योजना जल्दी से जल्दी स्कोर करने और जल्द से जल्द घोषणा करने की थी, " उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा। भारत अभी भी 466 रनों से आगे Ravindra Jadeja ने टेस्ट में नंबर 7 पर एक भारतीय द्वारा सर्वोच्च स्कोर दर्ज करने में कपिल देव (163 बनाम श्रीलंका, 1986) को पीछे छोड़ दिया। श्रीलंका अभी भी भारतीय कुल से 466 रन दूर है। घोषणा करना भारत के लिए सही भी रहा क्योंकि दिन का खेल खत्म होने तक भारत ने श्रीलंका के 4 बल्लेबाजों को पवेलियन भेज दिया था। जिसमें दो विकेट अश्विन और 1-1 विकेट जडेजा ने लिए। |
| शिवालयों में दूध पी रहे नंदी, मुंह से चम्मच लगाते ही गायब हो जाता है दूध Posted: 06 Mar 2022 06:15 PM PST Nandi idol drinking milk : भगवान शिव के मंदिरों में एक बार फिर नंदी की मूर्ति के दूध पीने की अप्रत्याशित घटना सामने आई है। जिसने भी सुना कि भोले शंकर के गण उनके मंदिरों में विराजमान नंदी दूध पी रहे हैं, वही दूध लेकर मंदिर की ओर दौड़ पड़ा। नंदी के दूध पीने की खबर गांव से लेकर शहर तक जंगल की आग की तरह फैल गई तो भोलेनाथ के मंदिरों में भीड़ लग गई। पूरे दिन मंदिर में नंदी के प्रतिमा की दूध पीने की ही चर्चा लोगों में होती रही और देहात से लेकर शहर तक के मंदिरों में दूध पिलाने वालों की लाइन लग गई। लोग जैसे दूध की चम्मच भरकर नंदी के मुंह से लगाते तो वह खाली हो जाती। इस चमत्कार से हर कोई हैरान था। शिवालयों में दूध पी रहे नंदी, मुंह से चम्मच लगाते ही गायब हो जाता है दूध, जानें चमत्कार के पीछे का विज्ञान। अलीगढ़ की तहसील खैर क्षेत्र के गांव बिलखोरा में वर्षों पुराना भोलेनाथ का मंदिर है। गांव के इस प्राचीन मंदिर शिवलिंग के पास रखी नंदी की प्रतिमा के दूध पीने की खबर आग की तरह फैल गई। इसके बाद गांव क्या शहरों के मंदिरों में भी श्रद्धालु दूध लेकर दौड़ लिए। सैकड़ों की तादाद में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग जिसको घर के अंदर जो भी बर्तन मिला। उस बर्तन में दूध लेकर नंदी की प्रतिमा को अपने हाथों से दूध पिलाने पहुंच गए। मंदिरों में नंदी की प्रतिमा को दूध पिलाने के लिए उमड़ी भीड़ के चलते व्यवस्था चरमरा गई। जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने श्रद्धालुओं की भीड़ को काबू करने के लिए मोर्चा संभाला। इस तरह फैली अफवाह बताया जा रहा था कि गांव का कोई व्यक्ति मंदिर में दूध पान कराने के लिए गया था। उसने मंदिर में विराजमान नंदी की प्रतिमा के मुंह से दूध की कटोरी लगाई तो धीरे-धीरे दूध खत्म हो गया। कटोरी से दूध गायब देख वह व्यक्ति आश्चर्यचकित रह गया। इसके बाद उसने इसकी जानकारी अन्य लोगों को दी तो वे भी घरों से दूध लेकर मंदिर पहुंच गए। इसके बाद दूध पिलाने के लिए मंदिरों में भारी भीड़ उमड़ने लगी। जानिये क्या कहते हैं विशेषज्ञ हालांकि इस घटना पर विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं होना आम बात है। श्रद्धालुओं द्वारा सफेद संगमरमर की प्रतिमा को पिलाया हुआ दूध प्रतिमा के सहारे मंदिर से निकलने वाली नाली से होकर बाहर निकल जाता है। जबकि प्रतिमा को दूध पिलाने वाले श्रद्धालुओं को ऐसा लगता है कि उनके हाथों से प्रतिमा ने दूध पी लिया है। हकीकत में ऐसा नहीं होता है। यह सिर्फ लोगों का अंधविश्वास है। |
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