दिव्य रश्मि न्यूज़ चैनल |
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- साहित्य की उन्नति में मूल्यवान सेवाओं के लिए सम्मानित किये गये प्रेमेंद्र मिश्र एवं धनंजय जयपुरी
- वाराणसी में हिन्दू जनजागृति समिति आयोजित ‘प्रांतीय हिन्दू राष्ट्र अधिवेशन’संपन्न !
- मुस्कराइये कि आप भारतीय हैं
| Posted: 04 Apr 2022 08:34 AM PDT
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| साहित्य की उन्नति में मूल्यवान सेवाओं के लिए सम्मानित किये गये प्रेमेंद्र मिश्र एवं धनंजय जयपुरी Posted: 04 Apr 2022 07:33 AM PDT साहित्य की उन्नति में मूल्यवान सेवाओं के लिए सम्मानित किये गये प्रेमेंद्र मिश्र एवं धनंजय जयपुरीबिहार हिंदी साहित्य सम्मेलन, पटना के 41वें महाधिवेशन में औरंगाबाद जिले के दो साहित्यकारों, वरिष्ठ पत्रकार सह अधिवक्ता प्रेमेंद्र मिश्र एवं औरंगाबाद जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन के महामंत्री धनंजय जयपुरी को हिंदी भाषा एवं साहित्य की उन्नति में मूल्यवान सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया। अंतरराष्ट्रीय संबंधों के विशेषज्ञ वरिष्ठ चिंतक वेद प्रकाश वैदिक, केंद्रीय हिंदी संस्थान के उपाध्यक्ष अनिल शर्मा जोशी, हिंदी साहित्य सम्मेलन प्रयाग के अध्यक्ष एवं उद्भट विद्वान सूर्य प्रसाद दीक्षित एवं दक्षिण भारतीय हिंदी प्रचार समिति के कुलपति प्रोफेसर राम मोहन पाठक के हाथों सम्मान पाकर उक्त दोनों साहित्यकार गौरवान्वित हुए हैं। उल्लेखनीय है कि एक ओर जहां प्रेमेंन्द्र मिश्र ने अनवरत 25 वर्षों तक हिंदुस्तान दैनिक के पत्रकार सह व्यूरो प्रमुख रूप में सेवा दी तो दूसरी ओर धनंजय जयपुरी ने लगभग बीस वर्षों से लगातार साहित्य सेवा में संलग्न है। औरंगाबाद जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन से निकलने वाली पुस्तक 'शब्द के चितेरे' के तीनों भागों एवं मंदाकिनी पत्रिका के प्रकाशन में इन्होंने बढ़-चढ़कर अपनी सहभागिता निभाई है। ज्ञात हो कि प्रेमेंद्र मिश्र ने अबतक 4 पुस्तकें क्रमश: 'कबीर की राह और कबीर के लोग','पंचायती राज : सपने और हकीकत', 'सच्चिदानंद सिंहा कॉलेज : अतीत से वर्तमान तक' एवं 'मिस्टीरियस हिल्स उमगा' का प्रणयन किया है तो धनंजय जयपुरी ने भी अपनी ३ पुस्तको-'सतबहिनी चालीसा', 'गीता द्रुतविलंबित' एवं 'कहानी अपनी-अपनी' के माध्यम से साहित्य का संवर्धन किया है। इन दोनों साहित्यकारों की उपलब्धियों से औरंगाबाद की साहित्यिक जगत में खुशी का माहौल है। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| वाराणसी में हिन्दू जनजागृति समिति आयोजित ‘प्रांतीय हिन्दू राष्ट्र अधिवेशन’संपन्न ! Posted: 04 Apr 2022 07:26 AM PDT वाराणसी में हिन्दू जनजागृति समिति आयोजित 'प्रांतीय हिन्दू राष्ट्र अधिवेशन'संपन्न !हिन्दू राष्ट्र का संकल्प लेकर 20 हिन्दू संगठन हुए एकजुट ! वाराणसी - वर्ष 1976 में भारत पर लादी गई धर्मनिरपेक्षता दूर हटाकर पुनः एक बार 'हिन्दूबहुल भारत में वर्ष 2025 में धर्माधिष्ठित हिन्दू राष्ट्र की स्थापना हो' ऐसा संकल्प लेकर 3 अप्रैल को वाराणसी के आशापुर में स्थित अर्चना गार्डेन में 'प्रांतीय हिन्दू राष्ट्र अधिवेशन' संपन्न हुआ ! इस अधिवेशन में बिहार, उत्तरप्रदेश तथा मध्यप्रदेश के लगभग 20 हिन्दू संगठनों के 100 हिन्दुत्वनिष्ठ सम्मिलित हुए । शंखनाद, दीप प्रज्वलन तथा और वेदमंत्र से अधिवेशन का आरंभ हुआ । इसके उपरांत अखिल भारतीय धर्मसंघ शिक्षा मंडल के महामंत्री श्री. जगजीतन पांडेय जी ने उपस्थितों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत में छद्म धर्मनिरपेक्षता के नाम पर हिन्दुआें का दमन किया जा रहा है । हिंदुओं को अपने धर्म की शिक्षा का अधिकार नहीं दिया गया है । अतः भावी पीढ़ी धर्म संस्कारों से वंचित है अतः अपने धर्म पर अभिमान नहीं कर पा रही है । वामपंथियों के कारण हमारी भावी पीढ़ी मुगलों को ही अपना आदर्श मानती है । इस लिए हिंदू राष्ट्र के लिए सभी ने प्रयत्नशील रहना है । भारत सेवाश्रम संघ के वाराणसी के स्वामी ब्रह्ममयानंदजी ने कहा कि हिन्दू राष्ट्र के लिए ब्रह्मतेज और क्षात्रतेज का ज्ञान होना आवश्यक है । हमें प्रतिवाद एवं प्रतिसाद की नीति अपनानी होगी । हिन्दू जनजागृति समिति के धर्मप्रचारक संत पूजनीय निलेश सिंगबाळ जी ने उपस्थितों का आवाहन करते हुए कहा कि हिन्दू राष्ट्र की स्थापना केवल मत नहीं व्रत होना चाहिए । राष्ट्र अथवा धर्म पर संकट के समय धर्म के पक्ष में रहना, हम सभी का सामूहिक दायित्व है । 2023 के उपरांत सत्त्वगुणी हिन्दुआें की ओर से भारत में हिन्दू राष्ट्र की स्थापना होगी । इसलिए सभी संगठनों ने एकजुट होकर कार्य करने की आवश्यकता है । इस अवसर पर सनातन संस्था द्वारा प्रकाशित ग्रंथ Importance of Personality defect removal and inculcating Virtues के ई-बुक का भी लोकार्पण किया गया । अधिवेशन में हुई गुटचर्चा के माध्यम में आनेवाले समय में ग्राम एवं जिला स्तर पर हिन्दू राष्ट्र जागृति सभा, हिन्दू जागृति बैठकों का अधिकाधिक आयोजन करना तथा सभी के लिए धर्मशिक्षा वर्गों का आयोजन करना ऐसे निश्चित हुआ । बिहार में मंदिरों पर लगाए गए कर वसूली के विरोध में जनहित याचिका करना, संविधान से 'सेक्युलर' शब्द को हटाने के लिए प्रत्येक कचहरी परिसर में हस्ताक्षर अभियान करना, धर्मनिष्ठ अधिवक्ताओं के संगठन के लिए तालुका स्तरीय अधिवक्ता अधिवेशन का आयोजन करना ऐसे अधिवक्ताओं ने तय किया । अधिवेशन स्थल पर लगायी गयी जिहादियों द्वारा कश्मीरी हिन्दुओं के वंशविच्छेद तथा उनपर हुए अत्याचारों के संदर्भ में फ्लेक्स प्रदर्शनी को देखकर अनेक हिन्दुत्वनिष्ठों ने उनके क्षेत्र में ऐसी प्रदर्शनी के आयोजन करने का निश्चय किया । हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 03 Apr 2022 09:48 PM PDT मुस्कराइये कि आप भारतीय हैंलेखक - अतुल मालवीय आप किसी भी धर्म, मजहब, जाति के हों, किसी भी प्रांत या क्षेत्र के निवासी हों, यदि आप भारतीय हैं तो मुस्कराने की तमाम वजहें हैं आपके पास| 1. चैन की सांस लीजिये कि आप दिवालियेपन की कगार पर पहुँच चुके श्रीलंका के निवासी नहीं हैं जहाँ अस्पताल में सर्जरी नहीं हो पा रहीं| जहाँ पेट्रोल, डीज़ल और गैस बाजार से गायब हो चुकी हैं| खाद्यान्न और खाद्य सामग्री का टोटा हो गया है| जनता सड़क पर बाहर आकर इन सबका रोना भी नहीं रो सकती, कर्फ्यू लगा दिया गया है| 2. आप पाकिस्तान के निवासी नहीं हैं जहाँ पूरा का पूरा देश ही गिरवी रखा हुआ है दूसरे देशों के रहमोकरम पर चलता है| कल तक अमेरिका के तलवे चाटने वाला पाकिस्तान आज चीन की चमचागिरी करने को मजबूर है| क्यों न हो? जिसका घर खैरात पर चलता हो उसे जो भीख दे दे वही उसका मालिक| पता नहीं कल कौन इस्लामाबाद की सत्ता संभालेगा, राजनैतिक उठापठक होगी या सैनिक तानाशाही| लोकतंत्र का मखौल बना हुआ है| 3. आप नेपाल के निवासी नहीं हैं जो पुरुषार्थ विहीन होकर छोटी मोटी परियोजनाओं के लिए भी कभी भारत का मुंह ताकता है तो कभी चीन का| जो अपने बफर स्टेट होने का फायदा उठाकर माल-ए-मुफ्त दिल-ए-बेरहम छानते हुए भले ही दोनों बड़े देशों से अनुदान ले लेता हो लेकिन जिसकी स्वयं की उत्पादकता शून्य है| दवाई हो या वाहन, अस्पताल हों या बाँध, हथियार हों या पुल, रेल ट्रैक्स हों या सड़कें, इन्हें खुद कुछ नहीं करना, या तो भारत कर जाये या चीन| नहीं समझ रहे कि एक दिन पूरा देश ही चीन जैसा साम्राज्यवादी, विस्तारवादी हड़प जायेगा और डकार तक नहीं लेगा| 4. अपने भारतीय होने पर गर्व कीजिये जिसने दो साल तक कोरोना महामारी की विभीषिका को झेलते हुए भी उफ़ नहीं की| अमेरिका, इंग्लैंड और फ्रांस जैसे देशों की हालत पतली हो गयी| जब तथाकथित संपन्न माने जाने वाले विकसित देशों ने भी धन की कमी के कारण अस्पतालों तक के दरवाजे बंद कर दिए तब भी भारत इसका न सिर्फ डटकर मुकाबला करता रहा बल्कि सालों तक अस्सी करोड़ लोगों को मुफ्त खाद्यान्न और पाँच सौ रुपये प्रति माह बांटता रहा| 5. संतोष है हमें अपने उस गरीब और दुनिया की नज़रों में अविकसित माने जाने वाले देश भारत के निवासी होने पर जिसने एक सौ अस्सी करोड़ कोरोना वैक्सीन अपने नागरिकों को मुफ्त लगाकर एक विश्व रिकॉर्ड बना दिया| याद करें केजरीवाल और राहुल गांधी जैसे मक्कारों के बयानों को जो कहते थे भारत में टीकाकरण होने में दशकों लग जायेंगे| 6. भारतीय जान लें कि अपने को दुनिया का चौधरी समझने वाला अमेरिका भी मंहगाई की ऐतिहासिक मार से त्रस्त है, पेट्रोल और गैसोलीन के दामों के मामले में आज घुटनों पर है| वहाँ भी पेट्रोल, जो कभी भारतीय दामों का एक मामूली सा हिस्सा हुआ करता था, आज 6 डॉलर प्रति गैलन अर्थात लगभग 104 रुपये प्रति लीटर है जो भारतीय भावों से अधिक कम नहीं| 7. गर्व कीजिये कि जिस भारत की कुछ वर्ष पूर्व तक दुनिया में कोई पूछपरख नहीं थी, आज दुनिया के एक दूसरे हिस्से अर्थात रूस और यूक्रेन में युद्ध होने पर अमेरिका, रूस, इंग्लैंड, जापान जैसे ताकतवर मुल्कों के कद्दावर नेताओं का नई दिल्ली में जमावड़ा लगा हुआ है| लग रहा है कि भारत ही इस समस्या का निदान निकाल सकता है| 8. तसल्ली रखिये कि आपके प्रधानमंत्री, आपके नेताओं ने देश को संकट में नहीं आने दिया, श्रीलंका, पाकिस्तान, मालदीव, नेपाल और अन्य पचासों एशियाई अफ्रीकी देशों की तरह "ऋणं कृत्वा घृतं पीबेत" की नीति अपनाते हुए चीन और अमेरिका जैसे देशों के पास गिरवी नहीं रखा| हाँ, थोड़ा सा कष्ट अवश्य हुआ लेकिन वह दिवालिया होने की स्थिति से तो काफी बेहतर रहा| 9. सीना तानते हुए सिर ऊपर उठाइये कि सौ सालों के सर्वाधिक खतरनाक समयखंड से गुजरने के बावजूद आपके देश ने किसी के आगे हाथ नहीं पसारा| अरे हाथ पसारने की बात तो जाने दीजिये, हमने अपनी महान संस्कृति और परंपरा के अनुसार जब श्रीलंका जैसा भुखमरी की कगार पर पहुँचा पड़ौसी देश "त्राहिमाम् शरणागतम्" कहता हुआ हमारे द्वार पर आया तो हमने पुराने गिले शिकवे भूलते हुए उसकी झोली में ढाई बिलियन डॉलर की सौगात डालते हुए दुनिया के सामने साबित कर दिया कि अब भारत "देवता" है "लेवता" नहीं| 10. शुक्र मनाइए कि हमारा नेतृत्व "राहुल गांधी" जैसे अपरिपक्व या "सोनिया गांधी" जैसे भ्रष्ट फिरंगियों के हाथ में नहीं था| क्या होता? कोरोना में ये देश लाशों से पटा होता और आज भारत की हालत पाकिस्तान और श्रीलंका से भी बदतर होती| 11. सब्र रखिये, "बेस्ट" अभी आना बाकी है| यदि भारत में वर्तमान सरीखा नेतृत्व दस वर्ष और रह गया तो आज तो दुनिया भारत की तरफ टकटकी लगाये आशा भरी नज़रों से देख मात्र रही है, भविष्य में दुनिया का केंद्र भारत होगा| आज हमारे बच्चे जिस तरह अमेरिका, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया जाकर वहाँ पढ़ाई, नौकरी या व्यवसाय करने की चाहत रखते हैं, आश्चर्य मत करना यदि अमेरिका, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के लोग भारत आकर शिक्षा प्राप्त या नौकरी करने की तमन्ना रखने लग जायें| विश्वास मानिये, वामपंथी विघ्नसंतोषी, विदेशी फंडिंग पाकर विषवमन करने वाली संस्थाएं, एनजीओ और सेवा की आड़ में धर्मपरिवर्तन में लगी ईसाई मिशनरियां सकपकाई हुई हैं, किंकर्तव्यविमूढ़ हैं, समझ नहीं पा रही हैं क्या करें, परिणामस्वरूप देश तोड़ने तक पर उतारू हो गयी हैं| हाँ, यदि आपका साथ नहीं मिला तो बोरियाबिस्तर समेटने ही वाली हैं| भारत सकारात्मक रूप से बदल रहा है, पूर्वोत्तर और इसके आठों राज्य, जिन्हें भारत से सुदूर मानकर सौतेला व्यवहार करते हुए आतंकवादी संगठनों की दया पर छोड़ दिया था, तेज़ी से मुख्यधारा में शामिल हो रहे हैं| विकास की गंगा अब वहाँ भी बह रही है, पहली बार मेघालय, मणिपुर, नागालैंड और मिजोरम के लोगों को महसूस हो रहा है कि वे भी भारतीय हैं| अरुणाचल प्रदेश, जिसके लिए चीन अपना हिस्सा होने का झूठा दावा करता है, मजबूती के साथ भारत के कंधे से कंधा मिलाये खड़ा है| मान्यवर, हौसला रखिये, अपनी अपनी जगह अपने कर्तव्य का निष्ठापूर्वक पालन करते रहें और गर्व से मुस्कारते हुए एक बार तो कह दीजिये कि – "भगवान, आपका लाख लाख आभार, जो आपने हमें भारत में पैदा किया"| हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
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