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Monday, April 25, 2022

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बंगलुरू स्थित क्लेरेन्स हाईस्कूल में बाइबिल की अनिवार्यता अर्थात विद्यार्थियों के धर्मांतरण का षड्यंत्र ! - हिन्दू जनजागृति समिति

Posted: 25 Apr 2022 07:34 AM PDT

बंगलुरू स्थित क्लेरेन्स हाईस्कूल में बाइबिल की अनिवार्यता अर्थात विद्यार्थियों के धर्मांतरण का षड्यंत्र !  - हिन्दू जनजागृति समिति


दक्षिण भारत के अनेक ईसाई कॉन्वेंट विद्यालयों में हिन्दू विद्यार्थियों को बाइबिल सीखना अनिवार्य किया जा रहा है । इस संदर्भ में विद्यालय में प्रवेश लेने के लिए वैसा नियम है, यह बताया जा रहा है; परंतु वास्तव में किसी भी निजि विद्यालय का नियम भारतीय संविधान से बड़ा नहीं हो सकता । जो संविधान प्रत्येक नागरिक को स्वयं के धर्म का पालन करने की धार्मिक स्वतंत्रता देता है, उस पर अतिक्रमण कर बाइबिल सीखना अनिवार्य करना असंवैधानिक है । इसी प्रकार कर्नाटक के बेंगलुरू स्थित क्लेरेन्स हाईस्कूल में बाइबिल की अनिवार्यता विद्यार्थियों के धर्मांतरण का षड्यंत्र है, ऐसा हिन्दू जनजागृति समिति ने कहा है । 
वास्तविक रूप से ईसाई विद्यालय में शिक्षा ग्रहण करने के लिए अन्य धर्मीय विद्यार्थियों को प्रवेश देते समय बाइबिल सीखना अनिवार्य करना अनैतिक और कानून के विरुद्ध है । विद्यार्थी विद्यालय में शिक्षा ग्रहण करने के लिए जाते हैं, बाइबिल सीखने के लिए नहीं । बाइबिल सिखाने के लिए चर्च है । विद्यालय शैक्षणिक संस्थाएं हैं, धार्मिक संस्थाएं नहीं, इसका भान कॉन्वेंट विद्यालयों को रखना चाहिए । भारतीय संविधान की धारा 25 सर्व धर्म के नागरिकों को धार्मिक स्वतंत्रता देती है । अतः ऐसे समय हिन्दू विद्यार्थियों को बाइबिल सीखना अनिवार्य करना असंवैधानिक है ।
छोटे और अवयस्क बच्चों को बाइबिल सिखाकर आदर्श नागरिक बनाने का दावा करना हास्यास्पद है; क्योंकि आदर्श नागरिक बनाने के लिए बाइबिल ही क्यों सिखाना चाहिए ? तब हिन्दू बच्चों को श्रीमद्भगवद्गीता क्यों न सिखाई जाए ? जो ईसाई विद्यार्थी नास्तिक हैं और उन्हें बाइबिल सीखने की इच्छा नहीं है, तो ऐसे विद्यार्थियों को बाइबिल सीखना अनिवार्य करना क्या उनकी व्यक्ति स्वतंत्रता के विरुद्ध नहीं है ? विद्यालय के प्रधानाध्यापक का कहना है कि, विद्यालय में बाइबिल की अनिवार्यता का नियम पुराना है, इसलिए वह उचित है; परंतु हमारे देश में
संविधान और कानून विद्यालय के नियमों की अपेक्षा सर्वोच्च है । इसलिए विद्यालय संविधान और कानून के दायरे में ही चलाए जाने चाहिए । विद्यालय के नियमानुसार संविधान और कानून निश्‍चित नहीं होते । इसलिए यदि विद्यालय का नियम असंवैधानिक हो, तो वह परिवर्तित होना ही चाहिए । वह पुराना होने के कारण उचित सिद्ध नहीं होता ।
ये ही कॉन्वेंट विद्यालय 21 जून को योग दिन का धर्म के नाम पर विरोध करते हैं । विश्‍व भर में योग दिन ईसाई, मुसलमान, बौद्ध देशों में मनाया जाता है; परंतु भारत में योग दिन को हिन्दू प्रथा और विद्यालय को सेक्युलर कहकर नकारा जाता है, तब सेक्युलर देश के विद्यालय में बाइबिल को अनिवार्य कैसे कर सकते हैं । इसलिए ईसाई विद्यालय बाइबिल की अनिवार्यता के नाम पर ईसाई धर्मप्रसार करना पहले बंद करें, अन्यथा उसका प्रखर विरोध किया जाएगा । कर्नाटक सरकार और शिक्षा विभाग को ईसाई विद्यालयों द्वार बलपूर्वक किए जा रहे धर्मप्रसार पर कठोर कार्यवाही करनी चाहिए और संबंधितों को यह दिखा देना चाहिए कि, राज्य का कानून सर्वोच्च है, ऐसा
भी समिति ने कहा है । 
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"बिहटा-आरा चौराहा" को "वीर कुँवर सिंह चौराहा" करने की उठी मांग

Posted: 25 Apr 2022 07:29 AM PDT

"बिहटा-आरा चौराहा" को "वीर कुँवर सिंह चौराहा" करने की उठी मांग

जितेन्द्र कुमार सिन्हा,
बाबू वीर कुंबर सिंह की 164वीं विजयोत्सव के अवसर पर बिहटा प्रखंड के कोरहर स्थित रामचन्द्र सिंह सभागार में विजयोत्सव समारोह का आयोजन किया गया। आयोजन की अध्यक्षता करते हुए जे०पी०सेनानी वीरेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि बाबू वीर कुँवर सिंह ने 80 अस्सी वर्ष की उम्र मे गुलामी की जंजीरों मे जकड़ी भारत माता को आजाद करने के लिए अपने हाथो मे तलवार उठायी और अपनी दायी भुजा को गंगा मईया को भेंट चढ़ा दी थी।
उन्होंने ने कहा कि मेरी राज्य सरकार से मांग है कि "बिहटा-आरा चौराहा" का नामकरण "वीर कुँवर सिंह चौराहा" किया जाय।
विजयोत्सव समारोह में कोरहर के अतिरिक्त रामपुर दियारा, छितनावाँ, जमनीपुर , विष्णुपुर , महददीचक निसरपुरा, बनवारी, बिसरपुर, घोड़ाटाप, बेन्दोल, बराह आदि गांवों के क्षत्रिय समाज के लोगो ने भाग लिया।
समारोह को मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ के द० बिहार प्रांत के सह बौद्धिक शिक्षण प्रमुख उपेंद्र भाई त्यागी ने सम्बोधित करते हुए कहा की बाबू वीर कुँवर सिंह को कोई भुला नहीं सकता है। उनके द्वारा 80 वर्ष की उम्र मे अपनी दाएं भुजा को गंगा मईया को भेंट चढ़ाने की अदंभ्य साहस को सुनकर लोगों के शरीर में देश के प्रति जोश जागता है।
उन्होंने कहा की बाबू वीर कुँवर सिंह 1857 के स्वतंत्रता आंदोलन के महान सेनानी थे जिनकी गाथा आज भी देहाती क्षेत्र के लोग होली जैसे त्योहार पर "तेगवा बहादुर के नाम से गीत के रूप में गाता है ।
समारोह मे लगभग सभी गांव के वक्ताओ ने अपने-अपने सम्बोधन में बिहार सरकार से बिहटा-आरा चौराहा मोड का नामकरण "बाबू वीर कुँवर सिंह चौराहा" करने की मांग की।
उक्त अवसर पर विष्णुपुरा पंचायत के मुखिया अनिल सिंह, मुखदुमपुर पूरैनिया पंचायत के मिथिलेश कुमार को अंग वस्त्र देकर सम्मानित भी किया गया।
समारोह को सम्बोधित करने वालो में बबन सिंह, ओम प्रकाश सिंह, बिजेन्द्र सिंह, अरुण सिंह, अनिल सिंह, वीरेंद्र सिंह बाबु साहब, शत्रुधन सिंह, जे. डी. यु. नेता कौशल सिंह, गोपाल सिंह, ओम प्रकाश सिंह, वीरेंद्र सिंह, रवि शंकर, मनीष कुमार सिंह , के. वी. सिंह, सुनील सिंह चेतक एवं रा॰स॰संघ दानापुर जिला कार्यवाह अभिमन्यु कुमार थे।
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कुण्डलीमिलान—कितना उचित, कितना व्यावहारिक

Posted: 25 Apr 2022 07:21 AM PDT

कुण्डलीमिलान—कितना उचित, कितना व्यावहारिक

कमलेश पुण्यार्क "गुरूजी"
लड़का-लड़की के विवाह हेतु दोनों की जन्मकुण्डली का मिलान करने की परम्परा है, जिसे मेलापकविचार, अष्टकूटमिलान, गणनादेखना या गुणमिलाना कहते हैं। इस क्रम में हम क्या करते हैं, क्या करना चाहिए, परम्परा कब से है, कितना सार्थक है, कितना व्यावहारिक है, कितना आवश्यक है इत्यादि विचारणीय विन्दु हैं। किन्तु इन विन्दुओं पर विचार करने से पूर्व विवाह-परम्परा और प्रकार पर विहंगम दृष्टिपात कर लेना समीचीन होगा।
दैवी, ब्राह्मी, मानसी सृष्टि की विडम्बनापूर्ण स्थिति में— ' 'एकाकी न रमते सो कामयत' वा 'एकोहं बहुस्यामः' — ईक्षणा से मैथुनी सृष्टि की आवश्यकता प्रतीत हुई। उस समय प्रकृति का विमर्श (पुरुष) ने अपने ही दक्षिण-वाम भागों से क्रमशः पुरुष-स्त्री युग्म उत्पन्न किया और मैथुनी सृष्टि का श्रीगणेश हुआ। किन्तु ये व्यवस्था तात्कालिक थी। आगे, सभी पुरुषों में ये क्षमता तो थी नहीं कि इसी भाँति युग्म संरचना करते रहें और यदि करते भी रहते तो उनके बीच विधिवत वैवाहिक विधान सम्पादित करने का भी कोई औचित्य नहीं प्रतीत होता। ऐसे में उनकी कुण्डलीमिलान प्रक्रिया का कोई अर्थ ही नहीं।
कालान्तर में प्रतिष्ठापित मैथुनीसृष्टि के जनक महर्षि काश्यप को माना जाता है। तदनुसार मानवेतर प्राणी भी काश्यपी सृष्टि के ही अंग हैं। दक्षप्रजापति ने अपनी साठहजार कन्याओं में तेरह कन्यायें काश्यप को प्रदान की। देवता, दैत्य, दानव, राक्षस, सरीसृप, पक्षी आदि सभी प्राणी दिति, अदिति, कद्रू, विनितादि तेरह पत्नियों से उत्पन्न हुए। स्पष्ट है कि इनकी कुण्डलीमिलान नहीं की गई।
विभिन्न पौराणिक प्रसंगों में हम पाते हैं कि सतयुग, त्रेता, द्वापर यहाँ तक कि कलियुग के प्रारम्भ तक स्वयंवर की परम्परा रही। स्वयंवर के लिए कन्या-पिता कन्या हेतु योग्यवर की कामना से कोई शर्त निश्चित करता था। वस्तुतः ये वर की योग्यता की परीक्षा थी। ऐसे में शर्त-पूर्ति अनिवार्य थी, न कि वर-कन्या की कुण्डली का मिलान। आचार्यों एवं राजाओं को कन्यायें क्रमशः दान व उपहारस्वरूप प्रदान की जाती थी—इस परम्परा में भी अष्टकूटमिलान की बात नहीं आती। वंशपरम्परा की अनिवार्यता के कारण विशेष परिस्थिति में 'चरुपद्धति' और 'नियोग' विधि से सन्तान उत्पत्ति की भी मान्यता रही है पूर्व युगों में।
वैवाहिक योग्यता के सम्बन्ध में मनुस्मृति ३-५ में निर्देश है— असपिण्डा च या मातुरसगोत्रा च या पितुः । सा प्रशस्ता द्विजातीनां दारकर्मणि मैथुने ।। (जो कन्या माता के सपिण्ड यानी सात पीढ़ी के भीतर न हो और पिता के गोत्र की न हो (यानी अन्य गोत्र की हो) ऐसी कन्या द्विजातियों के विवाहार्थ श्रेष्ठ है।)
वीरमित्रोदय-संस्कारप्रकाश में यम ने निर्देश दिया है—
कुलं शीलं च वपुर्वयश्च विद्यां च वित्तं च सनाथतां च। एतान् गुणान्सप्त परीक्ष्य देया कन्या बुधैः शेषमचिन्तनीयम्।। (कुल, शील, शरीर, आयु, विद्या, धन और पराक्रम— इन सात बातों पर विचार करके ही कन्या का विवाह करे)।
याज्ञवल्क्यस्मृति अ.५५ में कहा गया है— जातिविद्यावयः शीलमारोग्यं बहुपक्षता। अर्थित्वं विप्रसम्पत्तिरष्टावेते वरे गुणाः ।। एतैरेव गुणैर्युक्तः सवर्णः श्रोत्रियो वरः । यत्नात्परीक्षितः पुंस्तवे युवा धीमान् जनप्रियः।।(कुल, शीलादि गुणों से युक्त सवर्ण ( यहाँ सवर्ण का अर्थ समान वर्ण से है, साथ ही हीनवर्ण की वर्जना का भाव निहित है), श्रोत्रिय (वेदाभ्यासी), पुरुषत्व की परीक्षापूर्वक, युवा, लौकिक-वैदिक कार्यों में बुद्धिवान, मृदुभाषी, स्मितहास आदि गुण युक्त वर से विवाह करे।)
नारदस्मृति में किंचित् और योग्यताओं की चर्चा है— उन्मतः पतितः क्लीवो दुर्भगस्त्यक्तबान्धवः । कन्यादोषौ च यौ पूर्वावेव दोषगणो वरे।। (विक्षिप्त, पतित, नपुंसक, भाग्यहीन, बन्धु-बान्धव द्वारा परित्यक्त, स्वतन्त्र विचार वाले वर को कन्या न दे)।
मनुस्मृति आदि ग्रन्थों में आठ प्रकार के विवाह की चर्चा है—ब्रह्म, दैव, आर्ष, प्रजापत्य, आसुर, गान्धर्व, राक्षस और पिशाच। इनमें प्रथम चार को श्रेष्ठ और मध्य दो को मध्यम और अन्त के दो को निकृष्ट कहा गया है। कुण्डलीमिलान की स्थिति यदि बनती भी है तो प्रथम चार में ही। शेष चार (मध्यम और निकृष्ट) में तो किसी तरह के विचार की स्थिति ही नहीं बनती।
सृष्टि के प्रारम्भ से ही ज्योतिषविद्या कालपुरुष के नेत्र के रूप में प्रतिष्ठित रही है। प्रत्येक जीवन-व्यापार में ज्योतिष का सहयोग लिया गया है; किन्तु वैवाहिक उद्देश्य से कुण्डलीमिलान की प्रक्रिया और इसकी प्राथमिकता का कब से चलन हुआ पौराणिक गाथाओं या धर्मशास्त्रों में स्पष्ट कालनिर्देश नहीं मिलता। (कहीं होगा भी तो मुझे ज्ञात नहीं) कलिकाल में बहुत बातों की वर्जना है, बहुत विधियाँ लुप्त भी हो गयी। फिर भी अनेक आचार्यों ने स्पष्ट निर्देश किया है कि सर्वप्रथम ज्योतिष एवं सामुद्रिकशास्त्र में बतलाये गए लक्षणों पर विचार करे। यहाँ निरोग और दीर्घायु होने पर विशेष बल दिया गया है। क्योंकि विद्या, धन आदि गुण आरोग्य और दीर्घायु होने पर ही सार्थक होंगे, अन्यथा नहीं — पूर्वमायुः परीक्षेत पश्चाल्लक्षणमादिशेत् । आयुर्हीननराणां च लक्षणैः किं प्रयोजयेत्।।
उक्त प्रसंग में ज्योतिष एवं हस्तरेखादि शास्त्रों से वर-कन्या के आयु-आरोग्यादि लक्षणों का विचार करने का जो संकेत है, सम्भवतः यही आधार बनता है कुण्डलीमिलान का। यद्यपि धर्मशास्त्रसंग्रह एवं स्मृतिसंदर्भ नामक ग्रन्थों (श्लोक स्मरण नहीं है) स्पष्ट निर्देश है कि १८ वर्षों के पश्चात् गुणमिलान का कोई औचित्य नहीं, प्रत्युत दोषविचार और निवारण पूर्वक विवाह सम्पन्न करना चाहिए। अति विचारणीय तथ्य है कि वर्तमान समय में तो इस समय तक विवाह की कल्पना भी नहीं की जाती। कानून भी वयस्क होने की बात करता है।
अब जरा अष्टकूटमिलान की प्रक्रिया पर विचार करें। ध्यातव्य है योग्य विवाह हेतु शरीर और मन दोनों पर विचार करने की आवश्यकता है। कुल, शील, धन, विद्या आदि तो विचारणीय हैं ही। किन्तु इन्हें गौंण कहना चाहिए। शरीर स्वस्थ-सबल न रहा, मन न मिला दोनों का यदि तो सारा कुछ व्यर्थ है। शरीर से भी अधिक मन के मिलन को महत्त्व दिया गया। 'चन्द्रमा मनसो जाताश्चक्षो सूर्यो अजायत। श्रोत्रांवायुश्च प्राणश्च मुखादग्निरजायत '— ऋग्वेद (पुरुषसूक्त) के इस मन्त्र के अनुसार चन्द्रमा को मन का अधिष्ठाता और सूर्य को चक्षु कहा गया है। सूर्य आरोग्य के अधिष्ठाता भी कहे गए हैं। मन के मिलन को प्राथमिकता देते हुए ही हमारे ऋषियों ने चन्द्रमा के गमनपथ वाले नक्षत्रों को आधार बनाया अष्टकूटमिलान में। ध्यातव्य है कि मेलापक विचार के लिए वर-कन्या के जन्मनक्षत्रों को ही आधार बनाया जाता है। जन्म नक्षत्र यानी वह नक्षत्र जिस पर जन्मकालिक चन्द्रमा का संचरण है, न कि सूर्यादि अन्य ग्रहों का। सभी ग्रह किसी न किसी नक्षत्रपथ पर हमेशा गमन करते रहते हैं , किन्तु यहाँ सिर्फ चन्द्रमा के भोग नक्षत्रों को ही लिया जा रहा है। पौराणिक प्रसंगानुसार सभी सताईस नक्षत्र चन्द्रमा की पत्नियाँ कहीं गई हैं। पति-पत्नी के सम्बन्ध विचार हेतु चन्द्रमा रूपी पति और नक्षत्र रूपी पत्नी की परस्पर मानसिक स्थिति पर ही विचार करते हैं अष्टकूट मिलान क्रम में। इसमें आठ आवान्तर विचार विन्दु हैं— वर्णो वश्यं तथा तारा योनिश्च ग्रहमैत्रकम्। गणमैत्रं भकूटं च नाडी चैते गुणाधिकाः।। यथा— १.वर्ण, २.वश्य, ३.तारा, ४योनि. ५.ग्रहमैत्री, ६.गण, ७.भकूट और ८.नाडी। क्रमशः इनका उत्तरोत्तर अधिक मान है। यानी वर्ण का एक, वश्य का दो, भकूट का सात एवं नाड़ी का आठ। नक्षत्र, चरण और राशि के अनुसार इनका निर्धारण हुआ है। अब इन अष्टकूटों को स्पष्ट कर लें—
१.वर्ण—ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और शूद्र। ध्यातव्य है कि जन्मना वर्णों की बात यहाँ नहीं है। सताईस नक्षत्र और बारह राशियों के आपसी विभाजन (सवादो नक्षत्र के हिसाब से) पर आधारित ये चार वर्ण कहे गए हैं। कूट मिलान क्रम में ब्राह्मण को चारों वर्णों में, क्षत्रिय को तीन वर्णों में, वैश्य को दो वर्णों में एवं शूद्र को अकेला रखते हुए- कूलगणना का मान निर्धारित है। सामान्यतया लोग इसका ही अर्थ लगा लेते हैं कि ब्राह्मण को चारों वर्णों में विवाह का अधिकार है। वस्तुतः ये नक्षत्रिकवर्णविभाजन के क्रम में बात कही गयी है, न कि चातुर्वण्यं मया सृष्ट के अर्थ में।
२.वश्य— इसका कूट-मान दो है और अवान्तर प्रकार पाँच हैं—चतुष्पद, मानव, जलचर, वनचर और कीट। समान वश्य में पूरे अंक दिए जायेंगे। जैसे लड़का-लड़की दोनों चतुष्पद श्रेणी में हैं तो उनका कूटमान दो होगा।
३.तारा—तारा का कूट मान तीन है और आवान्तर प्रकार नौ— जन्म सम्पद्विपक्षेम प्रत्यरि साधको वधः। मित्रः परममित्रश्च जन्मादीनिपुनःपुनः।। यहाँ भी परस्पर उसी भाँति मिलान करके कूटमान की गणना की जाती है। तीसरा, पाँचवा और सातवाँ तारा नामानुसार अशुभ होता है।
४.योनि— योनि का कूटमान चार है और अवान्तर प्रकार चौदह हैं। यथा—अश्व, गज, मेष, सर्प, श्वान, मार्जार, मूषक, गौ, महिष, व्याघ्र, मृग, वानर, नकुल एवं सिंह । इनमें परस्पर योनिवैर के विचार से कूटमान की गणना की जाती है। जैसे—गज और सिंह की जोड़ी परस्पर शत्रुता वाली होगी।
५.ग्रहमैत्री—ग्रहमैत्री का कूटमान पाँच है। ग्रहों में परस्पर मित्रता, शत्रुता और समता सम्बन्ध है। तदनुसार कूटमान प्रदान किया जाता है। जैसे लड़के के राशीश सूर्य हैं और लड़की के राशीश शनि तो परस्पर मित्रता नहीं हो सकती।
६.गण— गण तीन हैं—देव, मनुष्य और राक्षस तथा इसका कूट मान छः है। यहाँ भी पारस्परिक सम्बन्धों के आधार पर कूटमान प्रदान किया जाता है। जैसे देवता और राक्षस का कूटमान शून्य होगा। मनुष्य और देवता का कूटमान पाँच एवं देवता-देवता का कूटमान छः ।
७.भकूट— इसका कूटमान सात है। मेषादि द्वादशराशियों के परस्पर सम्बन्ध के अनुसार सात या शून्य कूटमान प्रदान किया जाता है।
८.नाडी— नाड़ी का कूटमान आठ है एवं अवान्तर भेद तीन हैं— आदि, मध्य और अन्त्य । यहाँ निर्णय अन्य कूटों से बिलकुल विपरीत होता है। यथा—लड़का-लड़की की नाडियाँ समान नहीं होनी चाहिए। अष्टकूटों में इसका मान सर्वाधिक है और मान्यता वरीय।
अष्टकूटों का कुल मान ३६ होता है। इसे ही ३६ गुण कहते हैं। विवाह हेतु आधे से अधिक गुण होना आवश्यक है। जैसे परीक्षा में आठ विषय में ५०% से अधिक अंक को सफल माना जाता है। व्यावहारिक दृष्टि से यहीं हमारी चूक हो जाती है। अष्टकूट के गुणमिलान का तो काफी चलन है समाज में किन्तु लता, पात, उपग्रह, क्रान्तिसाम्य, खार्जूर (एकार्गल), जामित्र, कर्तरी, उदयास्त, बाण एवं संक्रान्ति आदि दश दोष भी होते हैं, इसपर शायद ही किसी का ध्यान जाता है। इनके अतिरिक्त मंगल, शनि, राहु आदि पापग्रहों की लग्न, व्यय, पाताल, जामित्र, अष्टमादि भावों में उपस्थिति वैधव्य दोष उत्पन्न करता है, जो महान दोष के अन्तर्गत आता है। विदित हो कि गुणबाहुल्य के पश्चात् भी दोष-विचार और परिहार का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
अब इस आलेख के अन्तिम विन्दु (व्यावहारिक पक्ष) पर विचार करते हैं। प्रश्न उठता है कि क्या अधिकाधिक गुण देखकर और दशदोषों का परिहार करके शारीरिक, मानसिक, आर्थिक, सामाजिक रूप से अयोग्य जोड़ियों का मिलान करना पसन्द करेंगे?
वर्तमान समय में विवाह की उम्र काफी आगे सरका लिया है समाज ने। शिक्षा और कैरियर की सुव्यवस्था में विवाह का प्राकृतिक अवधि व्यतीत हो जाता है। दोनों का शारीरिक विकास और सौन्दर्य अपनी सीमा पार कर, ढलान की ओर सरकने लगता है। अविवेकपूर्ण अति महत्वाकांक्षा की पराकाष्ठा, दहेज आदि सामाजिक कुरीतियाँ भी आड़े आने लगती हैं। ऐसे में जैसे-तैसे कुण्डलीमिलान की खानापूर्ति करके काम सलटाना चाहते हैं आधे-अधूरे मन से।
उचित ये है कि जन्मकुण्डली को विवाह का शतप्रतिशत आधार न बनाया जाए, बल्कि ऋषि निर्दिष्ट अन्यान्य विन्दुओं पर भी विचार करें। केवल अष्टकूट पर अड़े न रहकर, सौभाग्य, सन्तान और सुखभाव का विचार वारीकी से करें । तदन्तर्गत परिहार और समाधान ढूढ़ें। साथ ही योग्यता का मापदण्ड धन, पद और सौन्दर्य न बने। बच्ची को ऐसा प्रशिक्षण दें कि दो दिलों ही नहीं, दो परिवारों को जोड़ सके। धरती की तरह धैर्यधारिणी हो। लड़कों में भी इस बात की समझ होनी चाहिए कि वह भोग्या और दासी नहीं है, प्रत्युत जीवनसंगिनी और कुलसंयमनी है। वह प्रेम और सम्मान दोनों की अधिकारिणी है।
और एक अहम बात-- कुण्डली सिद्धान्त पर विश्वास न हो,तो नकली कुण्डली पेश करके किसी को धोखा न दें। इससे शास्त्र, समाज और स्वयं की हानि होती है । प्रत्यक्ष वा परोक्ष रूप से इसका दण्डभागी बनना पड़ेगा--कु्ण्डली देने वाले को भी और नकली बनाने वाले को भी। अस्तु।
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योगी आदित्य नाथ की दूसरी पारी के 30 दिन में 30 फैसले

Posted: 25 Apr 2022 07:17 AM PDT

योगी आदित्य नाथ की दूसरी पारी के 30 दिन में 30 फैसले

 यमुना अथारिटी की बैठक कल
 रखा जा सकता है ओलंपिक विलेज का प्रस्ताव
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई वाली सरकार ने आज यानी 25 अप्रैल को अपने दूसरे कार्यकाल का एक महीना पूरा कर लिया। अपने एक महीने के कार्यकाल के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चुनाव पूर्व लोक संकल्प पत्र में किये गए वादों को अमली जामा पहनाने के लिए ताबड़तोड़ फैसले लिए हैं। अगर जानकारों की मानें तो 2024 के लोकसभा चुनाव के मद्देनजर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। वे उन सभी वादों को जमीन पर उतारना चाहते हैं जिसका वादा उन्होंने चुनाव से पहले बीजेपी के संकल्प पत्र में किया गया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान जारी है। जबकि चुनावों में मुद्दा बना बुलडोजर भी जमकर गरज रहा है। इसके अलावा रोजगार, गरीब आवास और किसानों को लेकर भी मुख्यमंत्री एक्शन में नजर आ रहे हैं। सरकार की योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए अफसरों के साथ ही मंत्रियों की जिम्मेदारी भी तय की गई है। मंगलवार यानि 26 अप्रैल को यमुना अथॉरिटी की बोर्ड बैठक होने जा रही है। जानकारों की मानें तो बैठक के दौरान ओलंपिक विलेज का प्रस्ताव भी रखा जाएगा। ऐसा दावा किया जा रहा है कि ओलंपिक विलेज दिल्ली के खेल गांव से भी बड़ा होगा। यहां कॉमनवेल्थ खेल एशियन गेम्स और ओलंपिक जैसे बड़े खेलों का आयोजन किया जा सकेगा।
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गुजरात एटीएस ने पाकिस्तान की नाव से जब्त की 280 करोड़ की हेरोइन

Posted: 25 Apr 2022 07:15 AM PDT

गुजरात एटीएस ने पाकिस्तान की नाव से जब्त की 280 करोड़ की हेरोइन

अहमदाबाद। भारत ने पाकिस्तान की एक बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया है। भारतीय तटरक्षक बल और गुजरात आतंकवाद रोधी दस्ते ने राज्य के तट के पास अरब सागर में चालक दल के नौ सदस्यों के साथ एक पाकिस्तानी नाव को पकड़ा है। इस नाव से 280 करोड़ रुपये मूल्य की हेरोइन जब्त की गई है। इस बात की जानकारी एक रक्षा प्रवक्ता ने सोमवार को दी।
प्रवक्ता ने एक बयान में कहा कि तटरक्षक बल के जहाजों ने पाकिस्तानी नाव 'अल हज' को भारतीय जल सीमा में दाखिल होने पर चेतावनी दी और उसे पकड़ लिया। अधिकारियों को नाव पर 280 करोड़ रुपये मूल्य की हेरोइन मिली। बयान में बताया गया है कि नाव और उसके चालक दल के सदस्यों को आगे की जांच के लिए गुजरात के कच्छ जिले के जखाऊ बंदरगाह ले जाया गया। कोस्ट गार्ड के एक प्रवक्ता ने बताया कि ये मछली पकड़ने वाली नाव थी। नाव तेज गति से आगे बढ़ रही थी। नाव को रोकने के लिए भारत के तटरक्षकों को गोली चलानी पड़ी। एक चालक दल को चोट लगी और अन्य दो को भी हल्की चोट लगी है। पाकिस्तान सीमा पर ड्रग्स पकड़े जाने की खबरें लगातार आती रहती हैं। पंजाब की अटारी सीमा पर सीमा शुल्क विभाग ने भी 'मुलेठी' की खेप में छिपाकर रखी गई 100 किलोग्राम से अधिक हेरोइन जब्त की थी। मुलेठी की यह खेप अफगानिस्तान से आई थी। जब्त की गई हेरोइन की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में करीब 700 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
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सहनशीलता, क्षमा, दया को तभी पूजता जग है...

Posted: 25 Apr 2022 07:12 AM PDT

सहनशीलता, क्षमा, दया को तभी पूजता जग है...

(मोहिता स्वामी-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा)
भारत की आज जिस प्रकार की सोच है, उसे वर्षों पहले राष्ट्र कवि रामधारी सिंह दिन ने इन शब्दों में व्यक्त किया था-
सहन शीलता, क्षमा, दया को,
तभी पूजता जग है।
बल का दर्प चमकता,
उसकेे पीछे जब जगमग है।
क्षमा शोभती उस भुजंग को जिसके पास गरल हो।
उसको क्या जो दंतहीन
विषहीन, विनीत सरल हो (कुरुक्षेत्र)

रश्मि रथी कर्ण के महान व्यक्तित्व का परिचय देने वाले रामधारी सिंह दिनकर की 24 अप्रैल को हम लोग पुण्य तिथि मनाते हैं। उनका जन्म 23 सितंबर 1908 को बिहार के एक गांव में हुआ था लेकिन उनकी कविताओं का सूर्य ऐसा तपा कि पूरे देश में आज भी उसका उजाला महसूस किया जा रहा है। दिनकर ने अपनी लेखनी से तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू को भी नसीहत दी थी। वे हिन्दी साहित्य में आधुनिक युग के श्रेष्ठ वीर रस कवि थे। हालांकि श्रृंगार रस का भी अद्भुत चित्रण कुरूक्षेत्र और उर्वशी नामक कृतियों में मिलता है। स्वाधीनता से पहले उन्हें विद्रोही कवि कहा जाता था लेकिन स्वतंत्रता के बाद उन्हें राष्ट्रकवि के रूप में सम्मानित किया गया। काव्य के अलावा दिनकर ने हमारी सांस्कृतिक एकता, रेती के फूल और भारत की सांस्कृतिक कहानी जैसी गद्य रचनाएं देकर, युवा पीढ़ी को संदेश दिया है। ऐसे महान कवि और साहित्यकार को क्रूर नियति ने 24 अप्रैल 1974 को हमसे छीन लिया। दिनकर अपनी रचनाओं के माध्यम से हमें हमेशा 'दिनकर' की भांति ही जगाते हैं।

दिनकर जी का जन्म 24 सितंबर 1908 को बिहार के बेगूसराय जिले के सिमरिया गाँव में हुआ था। उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से इतिहास राजनीति विज्ञान में बीए किया। उन्होंने संस्कृत, बांग्ला, अंग्रेजी और उर्दू का गहन अध्ययन किया था। बी. ए. की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद वे एक विद्यालय में अध्यापक हो गये। 1934 से 1947 तक बिहार सरकार की सेवा में सब-रजिस्टार और प्रचार विभाग के उपनिदेशक पदों पर कार्य किया। 1950 से 1952 तक लंगट सिंह कालेज मुजफ्फरपुर में हिन्दी के विभागाध्यक्ष रहे, भागलपुर विश्वविद्यालय के उपकुलपति के पद पर 1963 से 1965 के बीच कार्य किया और उसके बाद भारत सरकार के हिन्दी सलाहकार बने। उन्हें पद्म विभूषण की उपाधि से भी अलंकृत किया गया। उनकी पुस्तक संस्कृति के चार अध्याय 3, के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार तथा उर्वशी के लिये भारतीय ज्ञानपीठ पुरस्कार प्रदान किया गया। अपनी लेखनी के माध्यम से वह सदा अमर रहेंगे। द्वापर युग की ऐतिहासिक घटना महाभारत पर आधारित उनके प्रबन्ध काव्य कुरुक्षेत्र को विश्व के 100 सर्वश्रेष्ठ काव्यों में 74वाँ स्थान दिया गया।

1947 में देश स्वाधीन हुआ और वह बिहार विश्वविद्यालय में हिन्दी के प्रध्यापक व विभागाध्यक्ष नियुक्त होकर मुजफ्फरपुर पहुँचे। 1952 में जब भारत की प्रथम संसद का निर्माण हुआ, तो उन्हें राज्यसभा का सदस्य चुना गया और वह दिल्ली आ गए। दिनकर 12 वर्ष तक संसद-सदस्य रहे, बाद में उन्हें सन 1964 से 1965 ई. तक भागलपुर विश्वविद्यालय का कुलपति नियुक्त किया गया लेकिन अगले ही वर्ष भारत सरकार ने उन्हें 1965 से 1971 ई. तक अपना हिन्दी सलाहकार नियुक्त किया और वह फिर दिल्ली लौट आए।

रामधारी सिंह दिनकर स्वभाव से सौम्य और मृदुभाषी थे, लेकिन जब बात देश के हित-अहित की आती थी तो वह बेबाक टिप्पणी करने से कतराते नहीं थे। दिनकर ने ये तीन पंक्तियां पंडित जवाहरलाल नेहरू के खिलाफ संसद में सुनाई थी, जिससे देश में भूचाल मच गया था। दिलचस्प बात यह है कि राज्यसभा सदस्य के तौर पर दिनकर का चुनाव पंडित नेहरु ने ही किया था, इसके बावजूद नेहरू की नीतियों की मुखालफत करने से वे नहीं चूके।

देखने में देवता सदृश्य लगता है

बंद कमरे में बैठकर गलत हुक्म लिखता है।

जिस पापी को गुण नहीं गोत्र प्यारा हो

समझो उसी ने हमें मारा है।

1962 में चीन से हार के बाद संसद में दिनकर ने इस कविता का पाठ किया जिससे तत्कालीन प्रधानमंत्री नेहरू का सिर झुक गया था. यह घटना आज भी भारतीय राजनीति के इतिहास की चुनिंदा क्रांतिकारी घटनाओं में से एक है।

देश में जब भी हिंदी को लेकर कोई बात होती है, तो देश के नेतागण ही नहीं बल्कि कथित बुद्धिजीवी भी हिंदी वालों को अपशब्द कहे बिना आगे नहीं बढ़ते। पता नहीं इस परिपाटी का आरम्भ किसने किया है, लेकिन मेरा ख्याल है कि इस परिपाटी को प्रेरणा प्रधानमंत्री से मिली है। पता नहीं, तेरह भाषाओं की क्या किस्मत है कि प्रधानमंत्री ने उनके बारे में कभी कुछ नहीं कहा, किन्तु हिंदी के बारे में उन्होंने आज तक कोई अच्छी बात नहीं कही। मैं और मेरा देश पूछना चाहते हैं कि क्या आपने हिंदी को राष्ट्रभाषा इसलिए बनाया था ताकि सोलह करोड़ हिंदीभाषियों को रोज अपशब्द सुनाएं?

यह सुनकर पूरी सभा सन्न रह गई। ठसाठस भरी सभा में भी गहरा सन्नाटा छा गया। चुप्पी तोड़ते हुए दिनकर ने फिर कहा- मैं इस सभा और खासकर प्रधानमंत्री नेहरू से कहना चाहता हूं कि हिंदी की निंदा करना बंद किया जाए। हिंदी की निंदा से इस देश की आत्मा को गहरी चोट पहुँचती है।

ऐसे थे राष्ट्रकवि दिनकर। उन्होंने सामाजिक और आर्थिक समानता और शोषण के खिलाफ कविताओं की रचना की। एक प्रगतिवादी और मानववादी कवि के रूप में उन्होंने ऐतिहासिक पात्रों और घटनाओं को ओजस्वी और प्रखर शब्दों का तानाबाना दिया। उनकी महान रचनाओं में रश्मिरथी और परशुराम की प्रतीक्षा शामिल है। उर्वशी को छोड़कर दिनकर की अधिकतर रचनाएँ वीर रस से ओतप्रोत है। भूषण के बाद उन्हें वीर रस का सर्वश्रेष्ठ कवि माना जाता है। ज्ञानपीठ से सम्मानित उनकी रचना उर्वशी की कहानी मानवीय प्रेम, वासना और सम्बन्धों के इर्द-गिर्द घूमती है। उर्वशी स्वर्ग परित्यक्ता एक अप्सरा की कहानी है। वहीं, कुरुक्षेत्र, महाभारत के शान्ति-पर्व का कवितारूप है। यह दूसरे विश्वयुद्ध के बाद लिखी गयी रचना है।
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हिमाचल में सियासी सरगर्मियां

Posted: 25 Apr 2022 07:10 AM PDT

हिमाचल में  सियासी सरगर्मियां

(अशोक त्रिपाठी-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा)
गर्मी के मौसम में  हिमाचल प्रदेश मंे सैलानियों के सुकून मंे राजनीति बाधा बन रही है। विधानसभा के चुनाव इसी साल के अंत में होना है। इस बार भाजपा और कांग्रेस के साथ अरविन्द केजरीवाल की आम आदमी पार्टी (आप) भी जोर लगाए हुए है। दरअसल, केजरीवाल भी अब सत्ता की राजनीति की नब्ज को पहचानने लगे हैं। उन्हांेने भाजपा की रणनीति को बड़े गौर से देखा और पाया कि जहां-जहां कांग्रेस वर्षों से जमी थी, वहां भाजपा ने विकल्प पेश किया और जनता ने लपक लिया। असम, त्रिपुरा, मेघालय, गोवा जैसे इसके बेहतर उदाहरण हैं। अब वही रणनीति आम आदमी पार्टी की है। दिल्ली के बाद पंजाब मंे आप की धमाकेदार एंट्री इसी तरह हुई है। केजरीवाल की नजर में हरियाणा और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों के साथ गुजरात जैसे राज्य भी हैं जहां भाजपा और कांग्रेस के बीच ही सत्ता का बंटवारा होता रहा है। केजरीवाल ने दो दिन पहले ही 23 अप्रैल को हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा में बड़ी सभा की थी। इसमंे अच्छी-खासी भीड़ इकट्ठी हुई तो केजरीवाल का मनोबल बढ़ गया। इसी महीने 6 अप्रैल को वह मंडी मंे रैली कर चुके थे। ऐसा नहीं कि यहां भाजपा और कांग्रेस बिल्कुल खामोशी बैठी हैं। भाजपा तो सत्ता मंे ही है और केन्द्र सरकार से लेकर राज्य सरकार तक की उपलब्धियां लगातार जनता के बीच पहुंचा रही है। केजरीवाल की कांगड़ा मंे रैली से एक दिन पहले ही भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी यहीं पर रैली की थी। उससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी भी कांग्रेसजनों को सत्ता में वापसी का मंत्र दे चुकी हैं।

हिमाचल प्रदेश में सियासी सरगर्मियां तेज होने के बीच आम आदमी पार्टी के सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल कांगड़ा पहुंचे। केजरीवाल ने संबोधन की शुरुआत में भारत माता का नारा लगाया। साथ ही हिमाचल के कोने-कोने से आए लोगों का आभार जताया है। केजरीवाल ने हिमाचल प्रदेश की खूबसूरती की तारीफ की है और भगवान ने हिमाचल को खूबसूरत बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी, लेकिन भाजपा और कांग्रेस ने भी भाजपा को लूटने में कई कसर नहीं छोड़ी। 30 साल तक कांग्रेस और 17 साल तक भाजपा ने राज किया। बता दें कि 20 दिन में दूसरी बार केजरीवाल हिमाचल आए हैं। इससे पहले वह, छह अप्रैल को मंडी में आए थे। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आज हिमाचल में जितनी भी समस्याएं हैं, इनके पीछे भाजपा और कांग्रेस है। केजरीवाल ने कहा कि दोनों पार्टियों ने हिमाचल लूटा, लेकिन मेरा क्या कसूर है।केजरीवाल ने भाजपा और कांग्रेस के ईमानदार नेताओं से अपील की और कहा कि अगर हिमाचल को करप्शन मुक्त बनाना है तो मेरे साथ आ जाओ, मिलकर प्रदेश को विकास की राह पर ले जाएंगे।

इससे एक दिन पहले ही कांगड़ा में जेपी नड्डा ने आप कांग्रेस पर हमला बोला कहा-फिर आएगी भाजपा सरकार। नड्डा ने कहा कि अटल टनल जिसका शिलान्यास 2002 में अटल जी ने किया था, कई साल बाद भी इसका काम पूरा नहीं हुआ। मोदी जी जब प्रधानमंत्री बने तो पांच साल के अंदर यह टनल बनकर तैयार हुई। केंद्र की मदद से एम्स की सौगात आज हिमाचल को मिली है। ऊना में सेटेलाइट सेंटर मिला है, यही नहीं मोदी सरकार में चार मेडिकल कॉलेज हिमाचल को मिले हैं। जेपी नड्डा ने कहा कि आज वोट देने का ट्रेंड भी बदल गया है। विपक्ष के लोग अगर इस बात को समझ लें तो उनके लिए यह अच्छा रहेगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि जब सभी लोग भारत में कोरोना से लड़ाई लड़ रहे थे तो विपक्ष के लोग सवाल उठा रहे थे। जब वैक्सीन विकसित की जा रही थी तो इन लोगों ने कहा कि यह मोदी वैक्सीन है, भाजपा वैक्सीन है। इसकी टेस्टिंग पूरी नहीं हुई है। आज सच सबके सामने है। पूरे देश को वैक्सीन लगाई जा चुकी है। जयराम ठाकुर ने कहा कि हमारी सरकार का सवा चार का कार्यकाल बीत गया, लेकिन काम करने के लिए दो साल मिले। कांग्रेस के मित्र कहते हैं कि भाजपा रिपीट नहीं करेगी लेकिन अब रिवाज बदल गया।

इससे पूर्व कांग्रेस नेता आश्रय शर्मा ने कहा हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के गृह जिला का नगर निगम मंडी विकास के नाम पर पूरी तरह से विफल रहा है, जिसके चलते जिन ग्रामीण लोगों को शहर के सपने दिखाकर निगम में शामिल किया गया वे भी आज परेशानी झेलने को मजबूर हैं।

आश्रय शर्मा ने मौजूदा भाजपा सरकार पर मंडी की अनदेखी करने का आरोपलगाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सीएम से मांग की है कि मंडी शहर के लिए उनके द्वारा सोचे गए लगभग 700 करोड़ को प्रोजेक्ट को वे जल्द जनता को समर्पित करें, ताकि लोगों को उसका लाभ मिले। उन्होंने दिनों दिन बढती महंगाई के बीच में सरकार के फ्री बिजली पानी के फैसले को लेकर भी भाजपा को आड़े हाथों लिया। आश्रय ने कहा कि प्रदेश सरकार इतनी महंगाई के बीच बिजली पानी फ्री देकर आने वाले समय में सरकार बनाने के सपने को भूल जाए। शिमला में नादौन विधानसभा क्षेत्र से विधायक और कांग्रेस के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने भी सीएम पर जमकर निशाने साधे। साथ ही भ्रष्टाचार के मुद्दे पर भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष डॉ राजीव बिंदल और मुख्य सचिव के मामलों पर भी सीएम पर जुबानी हमला बोला। सुख्खू ने कहा कि पूरा देश महंगाई की आग में झुलस रहा है, आजादी के बाद साल 2014 तक घरेलू गैल सिलेंडर केवल 400 तक पहुंचा लेकिन 2014 के बाद 8 साल में ही गैस सिलेंडर 400 से 1100 तक पहुंच गया। सीमेंट के बढ़ते दामों पर उन्होंने कहा कि हिमाचल में तीन सीमेंट प्लांट है, सरकार ने कंपनियों को सस्ती जमीन दी और सस्ती दरों पर बिजली दी जा रही है, खनिज हिमाचल के हैं लेकिन हिमाचल में ही सीमेंट मंहगा है। सुक्खू ने कानून-व्यवस्था समेत अन्य सभी मुद्दों पर भी भाजपा सरकार को घेरा।हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag

सतत् कर्तव्य का योगी

Posted: 25 Apr 2022 07:08 AM PDT

सतत् कर्तव्य का योगी

(अशोक त्रिपाठी-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा)
संन्यास आश्रम सामान्य रूप से जीवन के चैथे पन का कर्तव्य है लेकिन भारत-भूमि पर बाल और युवा संन्यासियों ने अपने कर्तव्यों से देश का नाम गौरवांवित किया है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी ऐसे ही युवा संन्यासी हैं जिन्होंने सतत् कर्तव्य का मार्ग अपनाया है। धर्म और कर्म का इससे बेहतर समन्वय बिरले ही देखने को मिलता है। पहले सांसद के रूप में और अब यूपी के मुख्यमंत्री के रूप में योगी आदित्यनाथ समाज की सेवा कर रहे हैं। यूपी में लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री बनने पर उन्होंने बीती 25 मार्च को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी और अब 25 अप्रैल को 30 दिन की सरकार होने पर ही सरकार ने 30 प्रमुख फैसले लिये हैं। गांव से शहर तक की योगी सरकार को फिक्र है। गत 24 अप्रैल को उन्होंने लोकतंत्र की सबसे पहली इकाई ग्राम पंचायत को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के लिए एक बड़ा फैसला किया है। राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस (24 अप्रैल) को योगी ने ग्राम सचिवालय बनाने की घोषणा की है। ग्राम पंचायतों के लिए यह बहुत बड़ा कदम माना जा रहा है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने एक महीने के कार्यकाल के दौरान चुनाव पूर्व लोक संकल्प पत्र में किये गए वादों को अमली जामा पहनाने के लिए ताबड़तोड़ फैसले लिये हैं। चुनावों में मुद्दा बना बुलडोजर भी जमकर गरज रहा है। छेड़-छाड़ करने वालें के खिलाफ भी पुलिस अभियान चल रहा है। इसके अलावा रोजगार, गरीब आवास और किसानों को लेकर भी मुख्यमंत्री एक्शन में नजर आ रहे हैं।

दुबारा मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते ही पहली कैबिनेट बैठक में उन्होंने फ्री राशन योजना को तीन महीने के लिए बढ़ाने का फैसला लिया। इसी प्रकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की भूमिका को आगे बढ़ाते नजर आए। इसकी बानगी तब देखने को मिली जब उन्होंने सोनभद्र और औरैया के जिलाधिकारी को सस्पेंड कर दिया। इतना ही नहीं लापरवाही बरतने के आरोप में गाजियाबाद के एसएसपी पवन कुमार भी नप गए। सरकारी दफ्तरों में लेटलतीफी और फाइलों को टरकाने की कार्यशैली पर भी मुख्यमंत्री ने सख्त कदम उठाए हैं। उन्होंने सभी विभागों के कर्मचारियों और अधिकारियों को समय पर दफ्तर पहुंचने, 30 मिनट का ब्रेक और लंच ब्रेक के बाद कार्यस्थल पर पहुंचने का निर्देश दिया।

योगी सरकार के दूसरे कार्यकाल में भी अपराधियों और माफियाओं के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई जारी है। एक महीने के भीतर ही अवैध तरीके से अर्जित 200 करोड़ की संपत्ति जब्त की गई है।

सौ से अधिक माफियाओं और अपराधियों के खिलाफ बुलडोजर चला है। हालांकि मुख्यमंत्री ने साफ निर्देश दिए हैं कि गरीबों और दुकानदारों के खिलाफ बुल्डोजर की कार्रवाई न हो। मुख्यमंत्री ने दुबारा सत्ता संभालते ही 100 दिन के भीतर गन्ना किसानों को 8000 करोड़ रुपये का भुगतान का निर्देश भी दिया और नौकरी व रोजगार को लेकर भी अपनी मंशा साफ कर दी है। उन्होंने आगामी 6 महीनों में आंगनबाड़ी के 20 हजार पदों पर भर्ती के निर्देश भी दिए। पुलिस बल के लिए 86 राजपत्रित और 5295 अराजपत्रित नए पदों को शासन ने मंजूरी दी है। योगी मुख्यमंत्री ने प्रदेश में पुलिस व्यवस्था को आधुनिक बनाने और उसमें सुधर लाने के लिए बनाए गए पुलिस सुधर आयोग के कार्यकाल को 30 जून तक बढ़ा दिया। अपने पहले कार्यकाल में महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा के लिए बनाए गए एंटी रोमियो स्क्वाड को अपने दूसरे कार्यकाल में भी जारी रखने का फैसला लिया। मुख्यमंत्री ने होमगार्ड में महिलाओं के प्रतिनिधित्व के बढ़ाने का भी फैसला लिया। उन्होंने होमगार्ड में होने वाली भर्ती में 20 फीसदी पदों पर महिलाओं को भरने का आदेश भी दिया। मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों में रिक्त पड़े 10 हजार पदों को पहले 100 दिन के अंदर भर्ती को पूरा करने का निर्देश दिया।

मुख्यमंत्री ने गरीब परिवारों को पक्का घर देने के लिए बनी आवास योजना में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अगले 6 महीने में 2.51 लाख घर बनाए जाएं। मुख्यमंत्री ने सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत गरीब बेटियों की शादी के लिए मिलने वाले अनुदान की राशि को 50 हजार से बढाकर एक लाख कर दिया गया है। अपने संकल्प पत्र में किये वादे को पूरा करते हुए छात्रों को टेबलेट और स्मार्टफोन योजना की शुरुआत भी 30 दिन के अंदर शुरू हो गई।

मुख्यमंत्री ने पहले 30 के कार्यकाल में जो अहम फैसले लिये उसमें 52 साल पहले पूर्वी पाकिस्तान से आए 63 हिन्दू परिवारों को उनका खेती के लिए दो एकड़ जमीन देने का फैसला भी शामिल है। इसी प्रकार नए धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर न लगाने और धार्मिक जुलूसों को बिना अनुमति के निकालने पर रोक लगा दी। मुख्यमंत्री के इस फैसले का सभी धर्मगुरुओं ने स्वागत किया है। मुख्यमंत्री ने स्मार्ट सिटी के तर्ज पर स्मार्ट गांव विकसित करने के भी निर्देश दिए। प्रदेश के बुजुर्ग संतों, पुरोहितों और पुजारियों के लिए एक कल्याण बोर्ड का गठन करने का निर्देश दिया है।

मुख्यमंत्री ने सभी विभागों के मंत्रियों और अधिकारियों को 100 दिन की कार्ययोजना तैयार करने का भी निर्देश दिया। साथ ही सभी विभागों के प्रेजेंटेशन की समीक्षा भी की। मंत्रियों को जिलों में रात्रि विश्राम के आदेश है। एसडीएम और सीओ रात में भी समस्या सुनेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन 9 जिलों में स्कूल चलो अभियान की शुरुआत की जहां साक्षरता दर काफी कम है।

संचारी रोग नियंत्रण अभियान की शुरुआत की गयी और वृद्ध महिलाओं को बसों में फ्री यात्रा सुविधा दी गयी। इस प्रकार योगी आदित्यनाथ ने 30 दिन में ही 30 बड़े फैसले करके अपनी सरकार के इरादे जाहिर कर दिये हैं।
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प्रदर्शनकारियों ने पीएम आवास को घेरा

Posted: 25 Apr 2022 07:06 AM PDT

प्रदर्शनकारियों ने पीएम आवास को घेरा

कोलंबो। श्रीलंका में आर्थिक संकट गहराने के बाद लोग आक्रोशित होकर सड़कों पर उतर आए हैं। प्रदर्शनकारियों ने रविवार को प्रधानमंत्री आवास को घेर लिया। राष्ट्रपति गोटबया राजपक्षे और प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे से इस्तीफे की मांग करते हुए सरकार विरोधी प्रदर्शनों के 16 दिन हो गए हैं। इंटर यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स फेडरेशन (आइयूएसएफ) के हजारों छात्रों को विजेरमा मवाता में प्रधानमंत्री के आवास के बाहर नारेबाजी करते हुए देखा गया। श्रीलंका में 9 अप्रैल से हजारों प्रदर्शनकारी सड़कों पर हैं। देश में बुरे आर्थिक हालात हैं और सरकार के पास महत्वपूर्ण उत्पादों के आयात के लिए धन नहीं बचा है, आवश्यक वस्तुओं के दाम आसमान छू रहे हैं और ईधन, दवाओं और बिजली की किल्लत है।
प्रदर्शनकारी राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे और प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। कुछ प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री आवास की दीवारों पर 'राजपक्षे, घर जाओ' लिख दिया। प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे द्वारा अंतरिम सरकार की मांग खारिज किए जाने के एक दिन बाद, विरोध प्रदर्शन ने और नाजुक मोड़ ले लिया। श्रीलंका के प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे ने रेडियो स्टेशन नेथ एफएम से बात करते हुए कहा कि ऐसे राजनीतिक गठन का कोई फायदा नहीं है, जब अलग-अलग नीतियों वाले लोग एक तरह से नहीं सोच सकते। गहाराये आर्थिक संकट पर उन्होंने कहा कि इस बेहद कठिन समय में लोगों को धैर्य रखना चाहिए. अगर बातचीत नहीं करनी है तो लोग अपना विरोध प्रदर्शन जारी रख सकते हैं। उधर, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आइएमएफ) ने कर्ज में डूबे श्रीलंका को वर्तमान आर्थिक संकट खत्म करने के उसके प्रयास में सहयोग का आश्वासन दिया है। इसके साथ ही देश के वित्त मंत्री अली साबरी के साथ शुरुआती चर्चा को सार्थक करार दिया है।
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पाकिस्तान को आईएमएफ से राहत

Posted: 25 Apr 2022 07:04 AM PDT

पाकिस्तान को आईएमएफ से राहत

इस्लामाबाद। पाकिस्तान में गंभीर आर्थिक संकट बरकरार है. देश में महंगाई चरम पर है। इस बीच अंतरराष्ट्रीय मु्द्रा कोष ने आर्थिक रूप से बर्बाद पाकिस्तान की मदद के लिए हाथ बढ़ाया है। आईएमएफ ने रुके हुए बेलआउट पैकेज को एक साल तक बढ़ाने और कर्ज का आकार बढ़ाकर 8 अरब डॉलर करने पर सहमति जताई है, जिससे प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के नेतृत्व वाली नई सरकार को राहत मिली है। पाकिस्तान के नए वित्त मंत्री मिफ्ताह इस्माइल और आईएमएफ के डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर एंटोनेट सईह के बीच वाशिंगटन में अहम बातचीत के बाद इसे लेकर समझौता हुआ। आईएमएफ ने सहमति जताई की है कि कार्यक्रम को सितंबर 2022 की मूल समाप्ति अवधि के मुकाबले और नौ महीने से एक वर्ष तक बढ़ाया जाएगा, जबकि कर्ज का आकार मौजूदा 6 अरब डॉलर से बढ़ाकर 8 अरब डॉलर करने का फैसला लिया गया है. बता दें कि पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ की उस वक्त की सरकार ने 6 बिलियन अमेरिकी डॉलर के कुल मूल्य के साथ 39 महीने की विस्तारित फंड सुविधा (जुलाई 2019 से सितंबर 2022) पर हस्ताक्षर किए थे. हालांकि, पिछली सरकार अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने में विफल रही। और यह कार्यक्रम अधिकांश समय तक रुका रहा क्योंकि 3 बिलियन अमरीकी डॉलर का भुगतान नहीं किया गया था. सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान के मामले को मंजूरी के लिए आईएमएफ बोर्ड के पास ले जाने से पहले, पाकिस्तान को अगले वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए बजट रणनीति पर सहमत होना होगा।
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ब्रिटेन में बच्चों पर हेपेटाइटिस का कहर

Posted: 25 Apr 2022 07:02 AM PDT

ब्रिटेन में बच्चों पर हेपेटाइटिस का कहर

लंदन। दुनिया भर के डॉक्टर और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े लोगों के माथे पर हेपेटाइटिस के गंभीर मामलों की अचानक बढ़ोतरी ने शिकन ला दी है। हेपेटाइटिस लीवर से जुड़ी हुई बीमारी होती है, जिसमें लीवर में सूजन आ जाती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है हाल ही में नए तरह के हेपेटाइटिस के 130 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं, इनमें से ज्यादातर ब्रिटेन से हैं। जनवरी से अभी तक ब्रिटेन में किसी रहस्यमय वायरस के कारण हेपेटाइटिस के 108 मामले सामने आ चुके हैं। खास बात यह है कि ये सभी मामले बच्चों के हैं। इसके अलावा अमेरिका, इजराइल, डेनमार्क, आयरलैंड, नीदरैलैंड और स्पेन में भी रहस्यमय वायरस से हेपेटाइटिस के मामले दर्ज किए गए हैं। हेपेटाइटिस के ये मामले मामले इस कदर गंभीर हैं कि कई बच्चों को तो लीवर प्रत्यारोपण तक की नौबत आ गई है। चिकित्सा जगत से जुड़े लोग इन मामलों को लेकर इसलिए भी चिंतित हैं क्योंकि यह आमतौर पर होने वाले वायरस की वजह से नहीं हो रहा है। आमतौर पर हेपेटाइटिस होने के लिए ए, बी, सी, डी और ई वायरस जिम्मेदार होता है। हालांकि बार्सिलोना की हीपैटोलॉजी की प्रोफेसर और यूरोपियन एसोसिएशन ऑफ दि स्टडी ऑफ दि लीवर पब्लिक हेल्थ कमेटी की प्रमुख मारिया बूटी का कहना है कि वैसे तो हेपेटाइटिस के ये मामले अभी बहुत कम हैं. लेकिन ये सभी बच्चों से जुड़े हुए हैं, इसलिए यह बात गंभीर है।
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चन्द्रमा पर परमाणु विस्फोट की थी योजना

Posted: 25 Apr 2022 07:00 AM PDT

चन्द्रमा पर परमाणु विस्फोट की थी योजना

वॉशिंगटन। अमेरिका के मून मिशन को लेकर बताया जा रहा है कि अमेरिका की योजना चांद पर परमाणु विस्फोट करने की थी। एडवांस्ड एयरोस्पेस थ्रेट आइडेंटिफिकेशन प्रोग्राम के तहत अमेरिका ने अपने इस मिशन पर भारी-भरकम खर्चा किया, लेकिन उम्मीद अनुरूप सफलता नहीं मिली।
'द सन' की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी सरकार के एडवांस्ड एयरोस्पेस थ्रेट आइडेंटिफिकेशन प्रोग्राम (एएटीआईपी) के दस्तावेजों से पता चलता है कि यह चंद्रमा पर एडवांस तकनीक का परीक्षण करने की योजना बना रहा था, जिसमें विजिबिलिटी क्लोक्स, और एंटीग्रेविटी डिवाइस, ट्रैवर्सेबल वर्महोल्स और परमाणु विस्फोट करके चंद्रमा पर सुरंग बनाना शामिल था। हालांकि अब एएटीआईपी निष्क्रिय है और यह संस्था काम नहीं कर रही है। रिपोर्टों के अनुसार, इनमें से किसी भी तकनीक को आगे नहीं बढ़ाया गया। भारत में सूचना के अधिकार के समान सूचना की स्वतंत्रता अधिनियम (एफओआईए) के तहत वाइस ने इन दस्तावेजों को हासिल किया है। इनमें पूर्व सीनेटर हैरी को इसके लिए जिम्मेदार बताया गया है. दस्तावेजों के मुताबिक, अमेरिका चांद के कोर में खुदाई करना चाहता था. इसकी वजह थी स्टील जितनी मजबूत, लेकिन उससे 100,000 गुना हल्की धातु की खोज। जिसका उपयोग अंतरिक्ष यान बनाने के लिए किया जा सकता था। मिशन से जुड़े वैज्ञानिकों की चंद्रमा के कोर तक पहुंचने के लिए थर्मोन्यूक्लियर विस्फोटकों के साथ लूनर क्रस्ट और मेंटल के माध्यम से एक सुरंग बनाने की योजना थी। हालांकि, इस योजना पर पूरी तरह अमल नहीं हो सका।
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26 अप्रैल 2022, मंगलवार का दैनिक पंचांग एवं राशिफल - सभी १२ राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन ? क्या है आप की राशि में विशेष ? जाने प्रशिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. प्रेम सागर पाण्डेय से |

Posted: 25 Apr 2022 06:39 AM PDT

26 अप्रैल 2022, मंगलवार का दैनिक पंचांग एवं राशिफल - सभी १२ राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन ? क्या है आप की राशि में विशेष ? जाने प्रशिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. प्रेम सागर पाण्डेय से |

26 अप्रैल 2022, मंगलवार का दैनिक पंचांग

🔅 तिथि एकादशी रात्रि 02:06

🔅 नक्षत्र शतभिषा 06:30 PM

🔅 करण :

बव 01:11 PM

बालव 01:11 PM

🔅 पक्ष कृष्ण

🔅 योग ब्रह्म 07:04 PM

🔅 वार मंगलवार
☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ

🔅 सूर्योदय 05:34 AM

🔅 चन्द्रोदय +03:15 AM

🔅 चन्द्र राशि कुम्भ

🔅 सूर्यास्त 06:36 PM

🔅 चन्द्रास्त 02:11 PM

🔅 ऋतु ग्रीष्म

☀ हिन्दू मास एवं वर्ष

🔅 शक सम्वत 1944 शुभकृत

🔅 कलि सम्वत 5124

🔅 दिन काल 01:00 PM

🔅 विक्रम सम्वत 2079

🔅 मास अमांत चैत्र

🔅 मास पूर्णिमांत वैशाख

☀ शुभ और अशुभ समय

☀ शुभ समय

🔅 अभिजित 11:21:36 - 12:13:37

☀ अशुभ समय

🔅 दुष्टमुहूर्त 07:53 AM - 08:45 AM

🔅 कंटक 06:09 AM - 07:01 AM

🔅 यमघण्ट 09:37 AM - 10:29 AM

🔅 राहु काल 03:02 PM - 04:40 PM

🔅 कुलिक 01:05 PM - 01:57 PM

🔅 कालवेला या अर्द्धयाम 07:53 AM - 08:45 AM

🔅 यमगण्ड 08:32 AM - 10:10 AM

🔅 गुलिक काल 11:47 AM - 01:25 PM

☀ दिशा शूल

🔅 दिशा शूल उत्तर

☀ चन्द्रबल और ताराबल

☀ ताराबल

🔅 अश्विनी, कृत्तिका, मृगशिरा, आर्द्रा, पुनर्वसु, पुष्य, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, स्वाति, विशाखा, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद

☀ चन्द्रबल

🔅 मेष, वृषभ, सिंह, कन्या, धनु, कुम्भ

🌹विशेष ~ वरुथिनी एकादशी व्रत (सभी के लिए), श्रीवल्लभाचार्य जयन्ती। 🌹

पं.प्रेम सागर पाण्डेय् नक्षत्र ज्योतिष वास्तु अनुसंधान केन्द्र नि:शुल्क परामर्श - रविवार

26 अप्रैल 2022, मंगलवार का दैनिक राशिफल

मेष (Aries): आज आपमें भावुकता अधिक रहेगी जिस कारण किसी की बातों या व्यवहार से आपकी भावनाओं को ठेस पहुंच सकती है। मां के स्वास्थ्य के कारण परेशान रहेगें। ग्लानि का अनुभव करेंगे। भोजन और नींद में अनियमितता रहेगी। विद्यार्थियों के लिए समय मध्यम है। मन की शांति के लिए आध्यात्म उत्तम उपाय है। अचल संपत्ति के विषय में चर्चा को टालें।

शुभ रंग = पींक

शुभ अंक : 8

वृषभ (Tauras): आपकी चिंताएं कम होने से आप राहत का अनुभव करेंगे। आज आप अधिक भावुक और संवेदनशील रहेंगे। साहित्य लेखन और कलाक्षेत्र में योगदान दे सकेंगे। परिवार के सदस्यों विशेष रूप से माता के साथ आत्मीयता बढ़ेगी। छोटी यात्रा या पर्यटन हो सकता है। वित्तीय मामलों पर ध्यान देंगे। बड़ो की कृपा से आपका पूरा दिन आनंद में बीतेगा।

शुभ रंग = आसमानी

शुभ अंक : 7

मिथुन (Gemini): शुरुआती परेशानी के बाद आपके निर्धारित कार्य आज पूरे होगें जिससे प्रसन्नता होगी। आर्थिक योजनाओं के कारण आपकी कई परेशानियां कम होंगी। नौकरी व्यवसाय में सहकर्मियों का सहयोग मिलगा जिससे माहौल अच्छा बना रहेगा। मित्रों और प्रियजनों के साथ मुलाकात आपकी खुशी को बढ़ा देगी। परिवार में शांति और आनंद का माहौल रहेगा।

शुभ रंग = लाल

शुभ अंक : 5

कर्क (Cancer): दोस्तों, परिजनों और परिवार के साथ आपका दिन काफी बेहतर बीतेगा। उनकी ओर से मिले उपहार आपके हर्ष को दोगुना कर देंगे। बाहर घूमने का कार्यक्रम बनेगा। स्वादिष्ट भोजन करेंगे। शुभ समाचार मिलेगा और आर्थिक लाभ भी होगा। पत्नी के साथ अच्छा समय बीतेगा। आज शारीरिक और मानसिक दोनों तरह से आनंद का अनुभव करेगें।

शुभ रंग = पीला

शुभ अंक : 9

सिंह (Leo): कोर्ट-कचहरी के मामलों से दूर रहने की सलाह है। मन में बेचैनी रहेगी और चिंता सताएगी। शारीरिक स्वास्थ्य खराब हो सकता है। वाणी और व्यवहार में संयम रखना आवश्यक है अन्यथा किसी के साथ तकरार हो सकती है। आज आप काफी भावुक रहेगें। खर्च की मात्रा अधिक रहेगी। स्त्री वर्ग से बचकर रहें। गलतफहमी ना होने दें वरना नुकसान हो सकता है।

शुभ रंग = गुलाबी

शुभ अंक : 1

कन्या (Virgo): माता-पिता का आशीर्वाद आपको विविध क्षेत्रों में यश, कीर्ति और लाभ दिलाएगा। लक्ष्मीजी की कृपा आप पर रहेगी। बुजुर्गों और मित्रों के साथ आपका दिन आनंद में बीतेगा। प्रवास पर जा सकते हैं। पत्नी और बच्चों के साथ अच्छा समय बीतेगा। दांपत्य जीवन में आनंद प्राप्त होगा। संतान के समाचार मिलेगें। प्रिय व्यक्ति के साथ मुलाकात होने की संभावना है।

शुभ रंग = पींक

शुभ अंक : 8

तुला (Libra): आज आपके घर और कार्यस्थल पर बेहतर वातावरण रहने से प्रसन्नता होगी। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। नौकरी करने वालों के लिए पदोन्नति का योग है। कार्यालय में उच्च पदाधिकारी आपके कार्य की सराहना करेगें। परिवार में हर्षोल्लास का माहौल रहेगा। माता की तरफ से लाभ मिलेगा। सरकारी कार्यों में आज सफलता मिलेगी।

शुभ रंग = आसमानी

शुभ अंक : 7

वृश्चिक (Scorpio): आज आप शारीरिक और मानसिक रूप से थकान और आलस का अनुभव करेगें। इसका प्रभाव व्यवसायिक क्षेत्र में भी देखने को लेगा जिससे परेशानी हो सकती है। उच्च पदाधिकारियों का व्यवहार आपके प्रति नकारात्मक रहेगा। संतान के साथ भी मतभेद हो सकता है। किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय को आज स्थगित रखना ही लाभदायक रहेगा।

शुभ रंग = लाल

शुभ अंक : 5

धनु (Sagittarius): आज आपको कोई भी नया काम आरंभ न करने और स्वास्थ्य के प्रति सावधान रहने की सलाह देते हैं। शल्यक्रिया जैसे बड़े मामलों को आज के लिए टाल दें। आज आप काफी व्यग्र और चिंतित रहेगें। पानी से दूर रहें। अचानक ही कोई बीमारी आपको सता सकती है। खर्च में वृद्धि होगी। वाणी और व्यवहार पर संयम रखना आवश्यक है।

शुभ रंग = केशरी

शुभ अंक : 6

मकर (Capricorn): दैनिक कार्यों के अलावा आप अपना समय मनोरंजन में बिताएंगे। दोस्तों के साथ घूमने जाएंगें। विपरीत लिंगीय मित्रों के साथ अच्छा समय बीतेगा। प्रबल धन लाभ का योग है। व्यापार में वृद्धि होगी। भागीदारी से लाभ होगा। दलाली, कमिशन, ब्याज की आय से पैसे की भरमार रहेगी। सार्वजनिक जीवन में मान-सम्मान बढ़ेगा।

शुभ रंग = पींक

शुभ अंक : 8

कुंभ (Aquarius): कार्य में सफलता पाने के लिए आज का दिन उत्तम है। यश और कीर्ति मिलेगी। परिवार में सौहार्दपूर्ण वातावरण रहेगा। तन-मन से आप ताजगी और स्फूर्ति का अनुभव करेंगे। नौकरी-धंधे की जगह सहकर्मियों का सहयोग मिलेगा। ननिहाल पक्ष से अच्छे समाचार मिलेगें। खर्च बढ़ेगा। बीमार व्यक्ति की तबीयत में सुधार आएगा।

शुभ रंग = पीला

शुभ अंक : 9

मीन (Pisces): आज आपकी कल्पनाशक्ति पूरे निखार पर होगी। साहित्य सृजन के लिए दिन उत्तम है। विद्यार्थी अध्ययन में अच्छा प्रदर्शन करेंगे। आपके स्वभाव में भावुकता और कामुकता अधिक रहेगी। पेट दर्द की संभावना है। मन में भय रहेगा। मानसिक संतुलन बनाए रखें। प्रेमियों के प्रणय के लिए आज का दिन अनुकूल है।

शुभ रंग = पींक

शुभ अंक : 8 
 प्रेम सागर पाण्डेय् ,नक्षत्र ज्योतिष वास्तु अनुसंधान केन्द्र ,नि:शुल्क परामर्श - रविवार , दूरभाष 9122608219 / 9835654844
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सिनेमा के शिल्प को समझने में सहायक होगी 'सिनेशास्त्र' : सभापति

Posted: 25 Apr 2022 06:32 AM PDT

सिनेमा के शिल्प को समझने में सहायक होगी 'सिनेशास्त्र' : सभापति

बिहार विधान परिषद के सभापति ने प्रशांत रंजन की पुस्तक सिनेशास्त्र का विमोचन किया

पटना, 25 अप्रैल : कम लोग होते हैं जो सिनेमा जैसे विषयों पर ऐसी पुस्तक लिखते हैं, जिसमें हर उम्र व पेशे के लोग रुचि लें। जो किताब प्रशांत रंजन ने लिखी है, वह ऐसी ही पुस्तक है। सिनेमा के माध्यम से किसी विचार को बहुत अधिक लोगों तक पहुंचा सकते हैं। सिनेमा ऐसा माध्यम है, जो बच्चों से लेकर बड़ों तक को प्रेरित करता है। उक्त बातें बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह ने सोमवार को कहीं। वे विधान परिषद सभागार में फिल्म अध्येता प्रशांत रंजन की पुस्तक 'सिनेशास्त्र' के विमोचन के बाद बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। सभापति ने कहा कि सिनेमा के शिल्प को समझने में 'सिनेशास्त्र' सहायक होगी। साथ ही यह किताब सिनेमा और साहित्य को भी आगे ले जाएगा। उन्होंने कई फिल्मों के उदाहरण देकर संदेशपरक फिल्मों का महत्व बताया।
वहीं संघ के अखिल भारतीय सह प्रचार प्रमुख नरेंद्र कुमार ने कहा कि ऐसी फिल्में बनें, जिससे भारत का गौरव खुलकर सामने आए और भारतीय संस्कृति की झलक मिले। उन्होंने 'मणिकार्णिका' फिल्म की चर्चा करते हुए देशप्रेम, सामाजिक समरसता, संस्कृति बोध पर आधारित फिल्मों का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि 'सिनेशास्त्र' पुस्तक को पढ़ने से हमारी समझ बढ़ेगी। सिनेमा क्या होता है? सिनेमा को कैसे देखना चाहिए? एक दर्शक के नाते फिल्मों की समीक्षा कैसी होनी चाहिए? फिल्म निर्माण में कितना विधाओं का प्रयोग होता है? कितनी प्रकार की आवश्यकता होती है? ये सारी बातें इस छोटी पुस्तक के अंदर में डाली गई है।

इस अवसर पर भारतीय चित्र साधना, नई दिल्ली के सचिव अतुल गंगवार ने कहा कि अब तक फिल्म निर्माण, फिल्म इतिहास और इसके तकनीकी पक्षों पर कई पुस्तकें आ चुकीं हैं। लेकिन, सिनेशास्त्र इन सबसे अलग है, क्योंकि इसने सिनेमा कला को आम लोगों के लिए, आम दर्शकों की दृष्टि से ही लिखी गई है।

सिनेशास्त्र पुस्तक के लेखक प्रशांत रंजन ने पुस्तक के बारे में बताया कि यह पुस्तक हर किशोर, युवा, विद्यार्थी व उनके अभिभावकों को पढ़ना चाहिए, क्योंकि सिनेमा को हम भले ही पसंद या नापसंद करें, लेकिन सिनेमा हमारे जीवन को प्रभावित करता है। यह पुस्तक बड़े हो रहे हर बच्चे के लिए आवश्यक है, ताकि वह खुद को बुरे प्रभावों से बचा सके।



सिनेशास्त्र पुस्तक के प्रकाशक राकेश प्रवीर ने कहा कि समाज को सही दिशा देने वालीं पुस्तकें सहज व सस्ते दर पर पाठकों के लिए उपलब्ध हो, यह स्वत्व प्रकाशन की प्राथमिकता है। इससे पूर्व पाटलिपत्र सिने सोसाइटी के सचिव अभिषेक कुमार ने अतिथियों का स्वागत किया और परिचय कराया। मंच संचालन गौरव रंजन ने किया और धन्यवाद ज्ञापन पाटलिपुत्र सिने सोसाइटी के सदस्य सुजीत पासवान ने किया।

विमोचन समारोह में सिने सोसाइटी, पटना के पूर्व अध्यक्ष व बिहार के पूर्व गृहसचिव आरएन दास, जानेमाने फिल्म विश्लेषक प्रो. जय देव, राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता कला समीक्षक विनोद अनुपम, वरिष्ठ फिल्मकार रीतेश परमार, डॉक्यूमेंट्री निर्माता राज्यव्रत सिंह, पटना कॉलेज में हिंदी की पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. कुमारी विभा, कवि डॉ. प्रणव पराग, कानूनविद डॉ. नीरज कृष्ण, डॉ. शत्रुघ्न किशोर समेत राजधानी के विभिन्न कॉलेजों के जनसंचार विभाग के शिक्षक, विद्यार्थी, शोधार्थी उपस्थित थ।
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मुख्यमंत्री ने बाढ़ पूर्व की तैयारियों एवं गंगा जल आपूर्ति योजना की समीक्षा की

Posted: 25 Apr 2022 06:28 AM PDT

मुख्यमंत्री ने बाढ़ पूर्व की तैयारियों एवं गंगा जल आपूर्ति योजना की समीक्षा की

  •  गंगा जल आपूर्ति योजना को जल्द-से-जल्द पूर्ण करें।
  • राजगीर, गया, बोधगया एवं नवादा में गंगा का जल, शुद्ध पेयजल के रूप में पहुंचने से लोगों को काफी सुविधा होगी और भूजल स्तर भी मेंटेन रहेगा।
  •  सात निश्चय-2 के अंतर्गत हर खेत तक सिंचाई का पानी पहुंचाने के लिए योजनाबद्ध ढंग से कार्य करें।
  • छोटी-छोटी नदियों को जोड़ने की योजना बनाएं। छोटी नदियों के आपस में जुड़ने से जल संरक्षित रहेगा और इससे सिंचाई कार्य में भी सुविधा होगी।
  • नदियों के गाद एवं सिल्ट प्रबंधन को लेकर अध्ययन और आकलन करायें।

पटना, 25 अप्रैल 2022:- मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने 1 अणे मार्ग स्थित 'संकल्प' में जल संसाधन विभाग की कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की समीक्षा की। बैठक में बाढ़ पूर्व की तैयारियों एवं गंगा जल आपूर्ति योजना की विस्तृत समीक्षा की गई।
जल संसाधन विभाग के सचिव श्री संजय कुमार अग्रवाल ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से जल संसाधन विभाग की कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की कार्य प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने गंगा जल आपूर्ति योजना के तहत इंटेक बेल सह पंप हाऊस, डिटेंशन टैंक सह पंप हाऊस की भौतिक कार्य प्रगति की अद्यतन स्थिति की जानकारी दी तथा बताया कि पाइप लाइन का 97 प्रतिशत काम पूर्ण हो गया है। उन्होंने बताया कि गंगाजल आपूर्ति योजना के तहत राजगीर, गया, बोधगया एवं नवादा में सभी लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए तेजी से कार्य किया जा रहा है।
सचिव जल संसाधन विभाग ने बाढ़ पूर्व तैयारियों के संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य को तेजी से पूर्ण किया जा रहा है।
समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि गंगा जल आपूर्ति योजना को जल्द-से-जल्द पूर्ण करें। गंगा जल के स्टोरेज, शुद्धिकरण एवं सप्लाई कार्य प्रगति की निरंतर निगरानी करें। पदाधिकारी एवं अभियंता जमीनी स्तर पर इसे देखें। पाइप लाइन की सुरक्षा की भी पूरी व्यवस्था रखें। जल संसाधन विभाग, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग तथा नगर विकास एवं आवास विभाग आपस में समन्वय बनाकर तेजी से कार्य पूर्ण करें। गंगा जल आपूर्ति योजना के क्रियान्वयन में आम लोगों का काफी सहयोग मिला है। उन्होंने कहा कि राजगीर, गया, बोधगया एवं नवादा में गंगा के जल को शुद्ध कर पेयजल के रूप में जल्द-से-जल्द सभी लोगों तक पहुंचाने के लिए कार्य करें। इससे लोगों को सुविधा होगी और भू-जल स्तर भी मेंटेन रहेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ससमय बाढ़ पूर्व सुरक्षात्मक कार्यों को पूर्ण करें। बाढ़ अवधि में कराए जानेवाले कार्यों की पूरी तैयारी रखें। उन्होंने कहा कि सात निश्चय-2 के अंतर्गत हर खेत तक सिंचाई का पानी पहुंचाने के लिए योजनाबद्ध ढंग से कार्य करें। छोटी-छोटी नदियों को जोड़ने की योजना बनाएं, इसको लेकर व्यावहारिक आकलन कराएं। छोटी नदियों के आपस में जुड़ने से जल संरक्षित रहेगा और इससे लोगों को सिंचाई कार्य में भी सुविधा होगी। उन्होंने कहा कि कृषि रोड मैप बनाया गया और कृषि के क्षेत्र में कई कार्य किए गए हैं जिससे फसलों का उत्पादन दुगुना हुआ है। हर खेत तक सिंचाई उपलब्ध हो जाने पर किसानों को कृषि कार्यों में और सहूलियत होगी। नदियों के गाद एवं सिल्ट प्रबंधन को लेकर अध्ययन और आकलन करायें।
बैठक में जल संसाधन मंत्री श्री संजय कुमार झा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार, मुख्य सचिव श्री आमिर सुबहानी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ0 एस0 सिद्धार्थ, जल संसाधन विभाग के सचिव श्री संजय कुमार अग्रवाल, मुख्यमंत्री के सचिव श्री अनुपम कुमार एवं मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी श्री गोपाल सिंह, अभियंता प्रमुख (बाढ़) श्री शैलेंद्र कुमार तथा अभियंता प्रमुख (सिंचाई) श्री आई0सी0 ठाकुर उपस्थित थे।

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3 मई 2022 को पटना में निकलेगा भगवान श्री परशुराम जन्मोत्सव भव्य शोभायात्रा

Posted: 25 Apr 2022 04:15 AM PDT

3 मई 2022 को पटना में निकलेगा भगवान श्री परशुराम जन्मोत्सव भव्य शोभायात्रा

पटना के शास्त्री नगर स्थित मनसा पूर्ण हनुमान मंदिर में आगामी 3 मई 2022 को भगवान परशुराम की जन्मोत्सव शोभा यात्रा का आयोजन करने पर चर्चा हुई सभी आए हुए गणमान्य के द्वारा अपनी-अपनी बात रखी गई और शोभा यात्रा को भव्य बनाने की व्यापक चर्चा हुई सब लोगों के सर्वसम्मति से यह तय किया कि यह शोभायात्रा 3 मई को पंच शिव मंदिर कंकड़बाग से दिन के 10:00 बजे से गाजे-बाजे भजन कीर्तन करते हुए चिरैयाटांड़ पुल होते हुए पटना जंक्शन हनुमान मंदिर, डाक बंगला चौराहा से होकर तारामंडल के पास भगवान परशुराम की आरती पूजन का कार्यक्रम होगा । और शोभा यात्रा की भव्य समाप्ति एवं परशुराम वंशजों का स्वागत समारोह विद्यापति भवन पशुपति वेद विद्यालय तारामंडल रोड पटना होना तय हुआ है।
बैठक का संचालन विष्णु दत्त पाठक, एवं अध्यक्षता विंध्याचल पाठक, एवं राघवेंद्र तिवारी ने किया। उक्त बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया किउक्त शोभायात्रा निकालने हेतु एक भगवान श्री परशुराम शोभायात्रा समिति का गठन किया जाएगा जिसमें बिहार और देश के सभी प्रतिष्ठित ब्राह्मण संगठनों से दो दो व्यक्ति नामित होकर आएंगे. और शोभायात्रा किसी खास संगठन के बैनर तले ना होकर बिहार और भारत के सभी सक्रिय ब्राह्मण संगठनों के परस्पर सहयोग और युवा ब्राह्मणों के नेतृत्व में होगा। तत्काल प्रभाव से शोभा यात्रा कोर कमेटी गठित की गई और कोर कमेटी के माध्यम से ही शोभा यात्रा की संपूर्ण रूपरेखा तय की गई।
बैठक में बिहार के कई सक्रिय परशुराम ब्राह्मण संगठनों से बात किया गया जिनमें परशुराम सेवा संघ, परशुराम सेवा संस्थान, ब्राह्मण महासभा, चाणक्य विकास मोर्चा , पंडित राजकुमार शुक्ल स्मृति संस्थान, बहुभाषीय ब्रह्माण महासंघ, युवा सर्व जन जागृति सभा , चाणक्य सेना, परशुराम सेना इत्यादि कई संगठनों के अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय अध्यक्षों से बात करके उनकी भी सहमति इस कार्यक्रम के लिए ली गई.सभी ने एक स्वर से एक साथ इस भव्य शोभायात्रा की तैयारी हेतु सहमति भरी और सभी ब्राह्मण संगठनों के मार्गदर्शन में भव्य भगवान श्री परशुराम शोभायात्रा निकालना तय हुआ उक्त बैठक में राघवेंद्र तिवारी जी, सागर उपाध्याय जी, आनंद मिश्रा जी, आशुतोष मिश्रा जी, अभिषेक पति तिवारी जी, विकास मिश्रा, जी बजरंग दल के राहुल गौतम जी, जितेंद्र मिश्रा जी, एवं अंगद तिवारी जी इत्यादि कई अन्य गणमान्य लोग उपस्थित हुए।
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मिलन की चाह

Posted: 25 Apr 2022 04:07 AM PDT

मिलन की चाह

मनमीत आओ मेरे, 
मिलन की घड़ी आई। 
चाहत की शुभवेला, 
दौड़े चले आइए।

मौसम सुहाना आया, 
रूत ने ली अंगड़ाई। 
मिलन को प्रियतम, 
प्रेम गीत गाइए।

खुशबू ने डाला डेरा, 
महका दिल हमारा। 
लबों पे तराने प्यारे, 
मधुर सुनाइए।

दिल में उमंगे छाई, 
खिल गया मन मेरा। 
मिलन को मीत मेरे, 
देर ना लगाइए।

रमाकांत सोनी सुदर्शन
नवलगढ़ जिला झुंझुनू राजस्थान
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सबके हो गुरुवर

Posted: 25 Apr 2022 04:04 AM PDT

सबके हो गुरुवर

इस बार तुम्हें लूबाने
आऊंगा तेरे चरणों में। 
श्रीफल हम लेकर आये
चरणों में तेरे चढ़ाने। 
इस बार तुम्हें लूबाने
आऊंगा तेरे चरणों में। 

अपना आशीर्वाद मुझको
मेरी गुरुवर तुम दे देना। 
गुरुवर हो मेरे गुरुवर तुम
अब मुझे मना न करना। 
वर्षो से मैं लेकर आस
जीता आ रहा हूँ। 
इस बार मेरी पूजा स्वीकारे
और गमन करे मुंबई को।।। 
इस बार तुम्हें लूबाने
आऊंगा तेरे चरणों में। 
श्रीफल हम लेकर आये
चरणों में तेरे चढ़ाने।। 

क्या जैन और क्या आजैन गुरुवर
सभी तेरे को पुकारे। 
सभी की आस्था तुममें बसी है
इसलिए तुझे को पूजे। 
जो भी तेरी शरण में आता 
जीवन उसका खिल जाता। 
सबके चाहते हो मुनिवर
विद्या सागर जी गुरुवर।। 
इस बार तुम्हें लूबाने
आऊंगा तेरे चरणो में। 
श्रीफल हम लेकर आये
चरणों में तेरे चढ़ाने।। 

जय जिनेंद्र
संजय जैन "बीना" मुंबई
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पिता नारियल की मिठास

Posted: 25 Apr 2022 04:02 AM PDT

पिता नारियल की मिठास

माँ हरे डाभ का पानी
जिनके चरणों में रचती है
जीवन भरी कहानी। 

कौन उगाता है साहस का
सुरज अँधिआरे में
कौन भिंगो देता  आँसू के
गूँगे गलियारे में
जो भी हों  पारद ही समझूँ
परखी जाए निशानी। 

राह अचानक मिल जाते हैं
कई अपरिचित ऐसे
जाने किन जन्मों के साथी
कभी रहे हो जैसे
असमय ही विलगाव हुआ तो
खंडित हुई  रवानी। 

रंगमंच सा मिलना  क्षण भर
फिर होना नेपथ्य
दर्शक ही मन में रख लेता
है नाटक का कथ्य
फिर तो  सूना- सूना आँगन
गलियाँ वीरानी।

 संस्कृति और प्रकृति की गाथा
ग्रंथों ने रट  ली
भौतिक मूल्यों की परिभाषा
धरती ने रख ली
ऊर्जा की बाँहों में संभव
अकड़ी रही जवानी।
रामकृष्ण
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द्वार जोहता बाट तुम्हारी अबकी आओ तो।

Posted: 25 Apr 2022 04:00 AM PDT

द्वार जोहता बाट तुम्हारी अबकी आओ तो।

आंगन की तुलसी चौरा की
हरियाली वैसी
नानक के पुनीत उपदैशों की
आभा जैसी
और कबीरा राग तुम्हारा
साखी गाओ तो।
घंटे की धड़कन में
श्रवणामृत शाश्वत रहता
पंचपात्र का तीरथ भी
चरणामृत मधु देता
सच्ची वैज्ञानिकी दिशाएँ
जरा सजाओ तो।

आसमान में अब भी
गंधिल धूप धुआँ वैसा
उठता है, मंदिर का
प्रांगण और कुआँ जैसा
बुला रहा है आओ
रम्य बनाओ तो। रामकृष्ण
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हिन्दू संस्कृति का सम्मान नहीं रखोगे, तो बहिष्कार अस्त्र का उपयोग करेंगे !* - हिन्दू जनजागृति समिति के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री. रमेश शिंदे की चेतावनी

Posted: 24 Apr 2022 08:35 AM PDT

'मलबार गोल्ड' द्वारा करीना खान के स्थान पर तमन्ना भाटिया का नया विज्ञापन प्रसारित !

हिन्दू संस्कृति का सम्मान नहीं रखोगे, तो बहिष्कार अस्त्र का उपयोग करेंगे !* - हिन्दू जनजागृति समिति के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री. रमेश शिंदे की चेतावनी

'अक्षय तृतिया' हिंदुओं के त्योहारों में से एक महत्त्वपूर्ण त्योहार है । हिन्दू परंपरा के अनुसार इस दिन बडी मात्रा में सोना खरीदा जाता है; परंतु इस निमित्त 'मलाबार गोल्ड एंड डायमंड'ने अक्षय्य तृतिया के नाम पर मानो 'रमजान' का ही विज्ञापन करने के समान अभिनेत्री करीना कपूर खान के मस्तक पर कुमकुम अथवा बिंदी न लगाकर आभूषणों का विज्ञापन किया है । इस प्रकार हेतुतः हिन्दू समाज की भावनाएं आहत करने, हिन्दू संस्कृति का हनन करने का प्रयत्न किया है । हिन्दू त्योहारों के समय भी यदि हिन्दुओं की धार्मिक भावनाओं
का, संस्कृति का, परंपराओं का सम्मान नहीं किया जाता हो, तो हिन्दुओं को भी इन उत्पादनों का बहिष्कार करना चाहिए । इसका विरोध करने के लिए हिन्दू जनजागृति समिति ने #No_Bindi_No_Business यह हैशटैग चलाते हुए ट्वीटर पर अभियान छेडा था । इसे हिंदुओं ने बडी मात्रा में प्रतिसाद दिया । दूसरे दिन ही 'मलबार गोल्ड' ने बिंदी न लगाई हुई करीना कपूर-खान के स्थान पर बिंदी लगाई हुई अभिनेत्री तमन्ना भाटिया का नया विज्ञापन प्रसारित किया । यह हिन्दुओं ने संगठित होकर किए हुए विरोध का परिणाम है । हिंदुओं का पैसा चाहिए; परंतु हिन्दू संस्कृति-परंपरा नहीं, यह नहीं चलेगा । हिन्दुस्थान में व्यापार करना हो, तो हिन्दू संस्कृति का सम्मान करना ही पडेगा । हिन्दू संस्कृति का सम्मान नहीं रखा जा रहा हो, तो हिन्दू समाज बहिष्कार अस्त्र का उपयोग करेगा, यह प्रतिष्ठानों को ध्यान में रखना चाहिए, ऐसी चेतावनी हिन्दू जनजागृति समिति के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री. रमेश शिंदे ने दी है ।
इस संदर्भ में हिन्दू जनजागृति समिति ने 'हिन्दू त्योहारों के समय हिन्दूविरोधी प्रचार ?' यह ऑनलाइन 'विशेष संवाद' आयोजित किया था । इसमें सम्मिलित इतिहास और संस्कृति अध्ययनकर्ता अधिवक्ता सतीश देशपांडे ने कहा कि, कांग्रेस के शासनकाल में वामपंथी विचारधारा के लोगों को राजाश्रय मिलने के कारण उन्होंने विविध विश्‍वविद्यालय स्थापित कर हिन्दूविरोधी विचारधारा का समाज में रोपण किया है । उसी का परिणाम है कि, आज बिंदी अथवा कुमकुम न लगाए हुए विज्ञापन प्रसारित हो रहे हैं । उसका अभ्यासपूर्ण विरोध करना चाहिए । इस समय कर्नाटक की पत्रकार श्रीलक्ष्मी राजकुमार ने कहा कि, हिंदुओं की पहचान मिटाने के लिए प्रारंभ किया हुआ यह 'सांस्कृतिक जिहाद' है । आज खाडी देशों में वहां की महिला पत्रकार हिजाब धारणकर समाचार देती हैं । तब भारत में मस्तक पर कुमकुम
लगाना प्रतिगामिता कैसे हो सकती है ? हमारी धार्मिक क्रियाओं के पीछे का विज्ञान हिन्दुओं तक पहुंचना चाहिए । इस समय 'सनातन संस्था' के धर्मप्रचारक श्री. अभय वर्तक ने कहा कि, केवल 'मलाबार'वाले ही नहीं, अपितु इससे पूर्व तनिष्क, फैब इंडिया, मिंत्रा, जावेद हबीब, मान्यवर ब्रांड आदि ने भी हिन्दूविरोधी आपत्तिजनक विज्ञापन दिए हैं । एक भी विज्ञापन मुसलमान अथवा अन्य पंथियों के विरोध में नहीं है; क्योंकि वे धर्म के लिए संगठित हैं । इसलिए उनके विरोध में विज्ञापन करने का कोई साहस नहीं करता । हिन्दुओं को स्वयं का धर्म संजोने के लिए ऐसे उत्पादनों का बहिष्कार करने सहित कानूनी लडाई लडनी चाहिए । इसके विरुद्ध कठोर कानून बनाने की मांग करनी चाहिए ।
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25 अप्रैल 2022, सोमवार का दैनिक पंचांग एवं राशिफल - सभी १२ राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन ? क्या है आप की राशि में विशेष ? जाने प्रशिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. प्रेम सागर पाण्डेय से |

Posted: 24 Apr 2022 08:20 AM PDT

25 अप्रैल 2022, सोमवार का दैनिक पंचांग एवं राशिफल - सभी १२ राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन ? क्या है आप की राशि में विशेष ? जाने प्रशिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. प्रेम सागर पाण्डेय से |

25 अप्रैल 2022, सोमवार का दैनिक पंचांग


तिथि दशमी रात्रिशेष 03:30

🔅 नक्षत्र धनिष्ठा 07:15 PM

🔅 करण :

                वणिज 02:14 PM

                विष्टि 02:14 PM

🔅 पक्ष कृष्ण

🔅 योग शुक्ल 08:54 PM

🔅 वार सोमवार



☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ

🔅 सूर्योदय 05:35 AM

🔅 चन्द्रोदय +02:40 AM

🔅 चन्द्र राशि मकर

🔅 सूर्यास्त 06:25 PM

🔅 चन्द्रास्त 01:11 PM

🔅 ऋतु ग्रीष्म



☀ हिन्दू मास एवं वर्ष

🔅 शक सम्वत 1944 शुभकृत

🔅 कलि सम्वत 5124

🔅 दिन काल 12:58 PM

🔅 विक्रम सम्वत 2079

🔅 मास अमांत चैत्र

🔅 मास पूर्णिमांत वैशाख



☀ शुभ और अशुभ समय

☀ शुभ समय

🔅 अभिजित 11:21:49 - 12:13:44

☀ अशुभ समय

🔅 दुष्टमुहूर्त 12:13 PM - 01:05 PM

🔅 कंटक 07:54 AM - 08:46 AM

🔅 यमघण्ट 11:21 AM - 12:13 PM

🔅 राहु काल 06:55 AM - 08:33 AM

🔅 कुलिक 02:49 PM - 03:41 PM

🔅 कालवेला या अर्द्धयाम 09:37 AM - 10:29 AM

🔅 यमगण्ड 10:10 AM - 11:47 AM

🔅 गुलिक काल 01:25 PM - 03:02 PM

☀ दिशा शूल

🔅 दिशा शूल पूर्व



☀ चन्द्रबल और ताराबल

☀ ताराबल

🔅 भरणी, रोहिणी, मृगशिरा, आर्द्रा, पुनर्वसु, आश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, स्वाति, विशाखा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, रेवती

☀ चन्द्रबल

🔅 मेष, कर्क, सिंह, वृश्चिक, मकर, मीन

🌹विशेष ~ पंचक (पचखा आरंभ, भद्रा दिन 03:31 से रात्रिशेष 03:30 तक। 🌹

पं.प्रेम सागर पाण्डेय् नक्षत्र ज्योतिष वास्तु अनुसंधान केन्द्र नि:शुल्क परामर्श - रविवार

25 अप्रैल 2022, सोमवार का दैनिक राशिफल

मेष (Aries): आज आप अधिक संवेदनशील रहेंगे। किसी के द्वारा आपकी भावना को ठेस पहुंच सकती है। मां की बीमारी के विचार सतायेंगे। मकान या जमीन के दस्तावेज आज न करें। मानसिक बेचैनी को दूर करने के लिए आध्यात्मिकता, योग का सहारा लें। पानी और जलाशय से दूर रहें। अभ्यास के लिए समय मध्यम है।

शुभ रंग = केशरी

शुभ अंक : 6



वृषभ (Tauras): आज आपको जरुरत से ज्यादा भावुकता के विचार आएंगे जिससे मन द्रवित हो उठेगा। हालांकि आपकी चिंता थोड़ी कम होगी, इस कारण आपका मन खुश रहेगा। आप कल्पना शक्ति से सृजनात्मक काम कर सकेंगे। परिजनों या दोस्तों के साथ अच्छा भोजन करने का मिलेगा। आकस्मिक प्रवास करना पड़ेगा। पैसों के बारे ध्यान रखने से उसका आयोजन कर सकेंगे।

शुभ रंग = क्रीम

शुभ अंक : 7



मिथुन (Gemini): रिश्तेदार और मित्रों के साथ मुलाकात से आप आनंद का अनुभव करेंगे। आर्थिक योजना में पहले थोड़ी मुसीबतें आएंगी लेकिन आप आसानी से काम पूरा कर सकेंगे। आप के जरुरी काम भी कुछ विलंब के बाद आसानी से पूरे होंगे जिससे आपको शांति महसूस होगी। नौकरी-धंधे में अनुकूल वातावरण रहेगा।

शुभ रंग = आसमानी

शुभ अंक : 2



कर्क (Cancer): आपके मन में आज प्यार और भावना छलक उठेगी और आप उसके प्रवाह में रहेंगे। दोस्त, स्वजन एवं सम्बंधी की ओर से भेंट-उपहार मिल सकता है। आप उनके साथ अपना दिन खुशी में बिताएंगे। प्रवास और सुंदर भोजन से आप रोमांचित रहेंगे। पत्नी के संग से मन प्रसन्न रहेगा।

शुभ रंग = उजला

शुभ अंक : 4



सिंह (Leo): आज कोर्ट-कचहरी के प्रश्न में सावधानी बरतने की सलाह देते हैं। मन भावनाओं से व्यथित रहेगा। आज कोई अनैतिक काम न हो, इसका ख्याल रखें। महिलाओं के बारे में विशेष ध्यान रखें। वाणी एवं वर्तन में संपर्क रखें। विदेश से समाचार मिलेंगे। कानूनी बातों का निर्णय सोच समझकर करें।

शुभ रंग = पींक

शुभ अंक : 8



कन्या (Virgo): घर, परिवार एवं व्यापार जैसे तमाम क्षेत्र लाभ लिए आपकी प्रतिक्षा कर रहे हैं। मित्रों के साथ आनंददायक प्रवास होगा तो दांपत्य जीवन में भी आप ज्यादा निकटता बना सकेंगे। स्त्री मित्र विशेष लाभदायी रहेंगी। धन प्राप्ति के लिए भी शुभ समय है। व्यापार के पैसे लेने के लिए प्रवास होगा। अविवाहितों को जीवनसाथी की तलाश में सफलता मिलेगी।

शुभ रंग = केशरी

शुभ अंक : 9



तुला (Libra): आज नौकरी में पदोन्नति के योग हैं। आप पर अधिकारियों की कृपादृष्टि रहेगी। परिवार में उत्सव का माहौल रहेगा। मन में भावनात्मकता बढ़ेगी। मां की ओर से फायदा होगा। उत्तम विवाह सुख प्राप्त होगा। जमीन जायदाद के दस्तावेज कर सकेंगे। व्यवसाय क्षेत्र में अच्छा एवं सफल दिन है।

शुभ रंग = आसमानी

शुभ अंक : 2



वृश्चिक (Scorpio): आपका आज का दिन मिला जुला रहेगा। लेखन-साहित्य से जुड़ी प्रवृत्ति करेंगे। कार्यस्थल पर प्रतिकूल परिस्थिति रहेगी। ऊपरी अधिकारियों का रवैया नकारात्मक रहेगा। प्रतिस्पर्धियों के साथ वाद-विवाद न करें। संतान से मतभेद खड़े होंगे। प्रवास की संभावना है। धन खर्च होगा।

शुभ रंग = केशरी

शुभ अंक : 6



धनु (Sagittarius): आज खाने-पीने में खास ध्यान रखें। कार्य सफलता में विलंब होने के कारण निराशा होगी। काम समय से पूरा नहीं होगा। काम का बोझ ज्यादा रहेगा। नये काम की शुरुआत न करें। शारीरिक स्वास्थ्य बिगड़ेगा। मन बेचैन रहेगा। बोलने पर संयम रखें। खर्च ज्यादा होगा।

शुभ रंग = उजला

शुभ अंक : 4



मकर (Capricorn): आज का दिन पैसों की दृष्टि से बहुत अच्छा रहेगा। व्यापार वृद्धि के योग हैं। दलाली, ब्याज, कमिशन से मिलने वाले पैसे आपके भंडार में वृद्धि करेंगे। प्रेमियों के लिए आज प्रणय परिचय का योग है। विजातीय आकर्षण रहेगा। सुंदर भोजन, वस्त्र परिधान एवं वाहनसुख प्राप्त होगा।

शुभ रंग = क्रीम

शुभ अंक : 7



कुंभ (Aquarius): वर्तमान समय में आप को कार्यों में सफलता मिलेगी एवं यशकीर्ति प्राप्त होगी। आज आप के स्वभाव में ज्यादा भावुकता रहेगी। मायके से अच्छे समाचार मिलेंगे। घर में प्रफुल्लितता का माहौल होगा। नौकरी में भी आप को साथियों का सहयोग मिलेगा। परिवार का माहौल सुख-शांति भरा रहेगा।

शुभ रंग = आसमानी

शुभ अंक : 2



मीन (Pisces): आज का दिन विद्यार्थियों के लिए अच्छा है। उनको अभ्यास में सफलता मिलेगी एवं प्रगति के लिए नया मौका प्राप्त होगा। आप अपनी कल्पना शक्ति से साहित्य लेखन में नया काम करेंगे। प्रेमीजन एक दूसरे का सानिध्य पा सकेंगे। आप के स्वभाव में ज्यादा भावुक्ता एवं कामुकता रहेगी।

शुभ रंग = पीला

शुभ अंक : 9 प्रेम सागर पाण्डेय् ,नक्षत्र ज्योतिष वास्तु अनुसंधान केन्द्र ,नि:शुल्क परामर्श - रविवार , दूरभाष 9122608219 / 9835654844
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अनुसूचित जाति के युवाओं को मिलेंगे 10 हजार

Posted: 24 Apr 2022 08:06 AM PDT

अनुसूचित जाति के युवाओं को मिलेंगे 10 हजार 

 लखनऊ। गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं को उप्र अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम की ओर से 10 हजार की मदद दी जाएगी। इसके माध्यम से वह अपना रोजगार कर सकेंगे। जिला समाज कल्याण अधिकारी (विकास) और जिला प्रबंधक अनुगम, लखनऊ मनोज शुक्ला ने बताया कि निगम के माध्यम से संचालित योजनाओं के लिए आवेदन मांगे गए हैं। स्वतः रोजगार योजनाः इस योजना के तहत जिले के अनुसूचित जाति के बेरोजगार और गरीबी की रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों को उद्योग, व्यवसाय एवं सेवा क्षेत्र में बैंक के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराया जाता है, जिस पर निगम द्वारा परियोजना लागत का 25 प्रतिशत मार्जिन मनी ऋण चार प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर के रूप में और अधिकतम 10000 अनुदान मिलेगा। नगरीय क्षेत्र दुकान निर्माण योजनाः इस योजना में जनपद में निवास करने वाले अनुसूचित जाति के बेरोजगार तथा गरीबी की रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों को जिनके पास दुकान निर्माण हेतु 13.32 वर्गमीटर के स्थल का भूमि स्वामित्व उनके पक्ष में हो, आवेदन करने के पात्र होंगे। इसकी परियोजना लागत 78,000 रुपये है जिसमें 10,000-अनुदान मिलेगा और शेष धनराशि ब्याज मुक्त ऋण के रूप में उपलब्ध करायी जाएगी। 10 वर्ष के अंदर पैसा जमा करना होगा।
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उत्तराखंड के एक हजार स्कूलों को बनाया जाएगा उत्कृष्ट विद्यालय: शिक्षा मंत्री

Posted: 24 Apr 2022 08:05 AM PDT

उत्तराखंड के एक हजार स्कूलों को बनाया जाएगा उत्कृष्ट विद्यालय: शिक्षा मंत्री

देहरादून। सूबे में बेसिक से लेकर इंटर तक के एक हजार स्कूलों को सुविधा संपन्न बनाकर उत्कृष्ट विद्यालय बनाया जाएगा। विभागीय अधिकारियों को इन स्कूलों में शतप्रतिशत शिक्षकों सहित तमाम मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दे दिए गए हैं। विद्यालयी शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने जिला मुख्यालय स्थित सभागार में शिक्षा विभाग जनपद देहरादून के अधिकारियों की समीक्षा बैठक में यह बात कही। बैठक में अधिकारियों को विद्यालयों में शिक्षकों की तैनाती, विद्यालय भवन, खेल मैदान, खेल सामग्री, पुस्तकालय, प्रयोगशाला, बाउंड्रीवाल, बिजली, पानी व शौचालय आदि की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रथम चरण में प्रदेशभर के एक हजार विद्यालयों को सुविधा संपन्न बनाया जाएगा। कहा कि ऐसे स्कूलों में शतप्रतिशत शिक्षकों के साथ ही सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिसके लिए बजट की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। कहा कि शिक्षकों के अवकाश पर जाने से छात्रों की पढ़ाई में व्यवधान आ जाता है, जिसको दूर करने के लिए विभागीय अधिकारियों को वैकल्पिक व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में जिलाधिकारी देहरादून डा. आर राजेश कुमार, प्रभारी मुख्य विकास अधिकारी एसएम डोभाल, डीईओ माध्यमिक एसएस बिष्ट आदि उपस्थित रहे।
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तेजप्रताप यादव ने अपनी ही पार्टी के दो नेताओं को पीटा

Posted: 24 Apr 2022 08:03 AM PDT

तेजप्रताप यादव ने अपनी ही पार्टी के दो नेताओं को पीटा 

पटना। राष्ट्रीय जनता दल सुप्रीमो लालू यादव के बेटे तेज प्रताप यादव अक्सर अपने बयानों और हरकतों की वजह से सुर्खियों में रहते हैं। लालू परिवार की तरफ से आयोजित इफ्तार पार्टी के दिन तेज प्रताप यादव ने ऐसा काम किया है जिसकी वजह से वो एक बार फिर से सुर्खियों में बने हुए हैं। खबर के मुताबिक लालू परिवार द्वारा आयोजित इफ्तार पार्टी के दौरान तेज प्रताप यादव ने राजद के दो नेताओं की पिटाई की है। पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी की पार्टी हिन्दुस्तानी आवामी मोर्चा का दावा है कि पार्टी के दौरान तेजप्रताप यादव ने अपनी पार्टी के नेता के ऊपर हाथ उठाया है। हम के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव ने दावा किया है कि विधान परिषद चुनाव में भोजपुर से राजद के उम्मीदवार अनिल सम्राट पर तेज प्रताप यादव ने हाथ उठाया है। जिसके बाद वहां मौजूद लोगों ने दोनों को अलग थलग किया।
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