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Wednesday, April 13, 2022

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क्या सचमुच समान नागरिकता कानून का पालन होगा ?

Posted: 13 Apr 2022 07:10 AM PDT

क्या सचमुच समान नागरिकता कानून का पालन होगा ?

   उत्तराखंड में भाजपा के श्रीपुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री पद पर आसीन होते ही 'समान नागरिकता कानूनलागू करने की घोषणा की है । संविधान के अनुच्छेद 44 में इस कानून का प्रावधान होते हुए भी 'गणतंत्रभारत को ७२ वर्ष पूर्ण होने पर भी अबतक की सर्वदलीय सरकारों ने यह कानून बनाने का साहस नहीं दिखाय थाजिसके फलस्वरूप गोवा छोडकर (गोवा में पहले के पोर्तुगीज कानून आज भी लागू होने से उसका वहां अस्तित्व है ।भारत के किसी भी राज्य में समान नागरिकता कानून नहीं है । भले ही ऐसा होपरंतु तब भी इस कानून के संदर्भ में अनेक आपत्तियां भी हैं । यही इस लेख का प्रयोजन....

1. समान नागरिक संहिता क्या है ?

समान नागरिकता कानून का अर्थ धर्मजाति और समुदाय से परे जाकर संपूर्ण देश में समान कानून लागू करना । समान नागरिकता कानून लागू करने से विवाहविवाहविच्छेदउत्तराधिकार और गोद लेना जैसे सामाजिक विषयों के संदर्भ में संपूर्ण देश में समान कानून आएंगे । इसमें धर्म के आधार पर स्वतंत्र न्यायालय अथवा स्वतंत्र कानूनव्यवस्था नहीं होगी । भारतीय संविधान का अनुच्छेद 44 सभी धर्मों के लिए उचित समय पर 'समान नागरिक संहिताबनाने का निर्देश देता है । स्पष्ट करने योग्य सूत्र यह है कि समान नागरिकता कानून केवल सार्वजनिक जीवन में समानता ला सकता हैव्यक्तिगत जीवन में नहीं ।

2. समान नागरिकता कानून के समर्थकों की भूमिका

आज के समय में विविध धर्मपंथों के विविध प्रकार के कानून न्यायतंत्र पर बोझ बढाते हैं । यह बोझ हल्का हो जाएगासाथ ही इस संदर्भ में न्याय प्रक्रिया भी सुलभ होगी । आज के समय में विवाहविवाहविच्छेदगोद लेने की प्रक्रिया और संपत्ति की भागेदारी (हिस्सेदारी), इनके लिए प्रत्येक धर्मपंथ के लोग उनके धार्मिक कानूनों के आधार पर न्यायालय जाते हैं ।

समान नागरिकता कानून के कारण नागरिक के साथ समान व्यवहार होगा और वोटबैंक के लिए धर्मपंथ का लाभ उठानेवाली वर्तमान राजनीति में सुधार आएगा ।

कुछ धर्मपंथ के धार्मिक कानूनों के नाम पर चल रहा लैंगिक भेदभाव दूर किया जाएगा । विशेष रूप से मुस्लिम कानून के अनुसार चार विवाह स्वीकार्य हैं । चार विवाहों के कारण वैवाहिक स्त्री के वैवाहिक जीवन पर ही अत्याचार होता है ।

3. समान नागरिकता कानून पर विरोधियों की आपत्ति और स्पष्टीकरण

समान नागरिकता कानून का विरोध करनेवाले ऐसा कहते हैं कि यह कानून सभी धर्मों के लोगों पर हिन्दू कानून लागू करने जैसा है ।

स्पष्टीकरण वास्तव में देखा जाएतो समान नागरिकता कानून का प्रारूप जब तक सामने नहीं आतातब तक उस पर ऐसी आपत्ति लाना अनुचित है । अभीतक समान नागरिकता कानून का किसी प्रकार का प्रारूप घोषित नहीं हुआ हैतब भी 'यह कानून मुस्लिम विरोधी है', इस प्रकार का दुष्प्रचार किया जा रहा है ।

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 25 में किसी भी धर्म के लोगों को अपने-अपने धर्म के प्रसार-प्रचार करने की स्वतंत्रता और संरक्षण दिया गया है । इसलिए समान नागरिकता कानून के कारण किसी न किसी धार्मिक स्वतंत्रता पर आंच तो आने ही वाली है ।

स्पष्टीकरण विरोधियों की यह आपत्ति भी अर्थहीन है । समान नागरिकता कानून व्यक्तिगत धार्मिक स्वतंत्रता के संदर्भ में नहीं हैअपितु वह सार्वजनिक जीवन के संदर्भ में है । विवाहविवाहविच्छेदउत्तराधिकारसंबंधियों में संपत्ति का वितरणकिसी परिवार में गोद लेना इत्यादि विषय केवल व्यक्तिगत नहीं हैंअपितु उसमें अन्य व्यक्ति भी अंतर्भूत होते हैं ।

4. क्या समान नागरिकता कानून का पालन होगा ?

भारतीय समाज में हिन्दू समाज कानूनप्रिय है । अभीतक हिन्दू समाज के लिए 1. हिन्दू विवाह कानून -1955, 2. हिन्दू उत्तराधिकार कानून -1956, 3. हिन्दू संपत्ति व्ययन कानून - 1916, 4. हिन्दू अप्राप्तवयता और संरक्षकता अधिनियम, 1956 और 5. हिन्दू गोद एवं भरणपोषण कानूनऐसे ५ कानून बनाए गए हैं । इन सभी कानूनों का हिन्दू समाज द्वारा पालन किया गयापरंतु अन्य धर्मपंथों का क्या क्या उनके धर्म को अथवा विचारों को नियंत्रित करनेवाले एक भी कानून का उनके द्वारा पालन होता है वर्ष 2019 में 'ट्रीपल तलाकका कानून पारित हुआपरंतु तब भी उत्तर प्रदेश में प्रतिमाह 10 'तीन तलाकतो होते हैंयह आधिकारिक आंकडे हैं । वर्ष 2020 में केंद्र सरकार ने 'नागरिकता सुधार कानून ' (सीएएपारित कियापरंतु उस विषय पर इतना हो हल्ला मचाया गया और इतने दंगे किए गए कि अंततः यह कानून बने २ वर्ष बीत जाने के उपरांत भी अभी तक उसके क्रियान्वयन के लिए 'नोटिफिकेशनलागू करने का साहस केंद्रीय गृह विभाग ने नहीं दिखाया है । हिजाब बंदी के संदर्भ में न्यायालय का निर्णय आने के उपरांत सीधे परीक्षाओं का बहिष्कार करने का हिजाबी छात्राओं का उदाहरण ताजा है । इसलिए समान नागरिकता कानून लागू हुआतब भी सचमुच उसका पालन होगा अथवा नहींयह तो एक प्रश्‍न ही है !

श्रीचेतन राजहंसराष्ट्रीय प्रवक्तासनातन संस्था,
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विपरीत परिस्थितियों में

Posted: 13 Apr 2022 06:57 AM PDT

विपरीत परिस्थितियों में 

प्रेम की घड़ी में गिरने वाले 
आंसू के समान 
नहीं है कोई कविता

बरसों से प्रतीक्षारत आंखों में 
थी जिसकी तलाश 
उसके मिल जाने के समान 
नहीं है कोई गीत

उड़ते बादलों को 
जब समेट लेती है हवा 
अपनी बाहों में 
तब धरती पर गिरने वाली 
बारिश की पहली 
बूंद के समान 
नहीं है कोई ग़ज़ल

विपरीत परिस्थितियों में भी
जो मनुष्य तलाश ले 
अपने भीतर 
छुपी असीम संभावनाओं को
लिख ले अपने पुरुषार्थ से
अपना भविष्य
उसके समान नहीं है
कोई कहानी। 

-- वेद प्रकाश तिवारी
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गुरु घर की मर्यादा हो रही धूमिल:- राकेश कपूर

Posted: 13 Apr 2022 06:53 AM PDT

गुरु घर की मर्यादा हो रही धूमिल:- राकेश कपूर 

जब से श्री गुरूगोबिन्द सिंह जी महाराज की जन्म स्थली पटना साहिब गुरूद्वारा के प्रबंधन कमिटी में पंजाब के सिखों अर्थात अकालियों का जबसे वर्चस्व हुआ है तब से ही आये दिन कोई न कोई ऐसी घटनायें घटती रही हैं जिससे गुरु घर की मर्यादा धूमिल होती रही है।


पटना जिला सुधार समिति के महासचिव राकेश कपूर ने एक बयान जारी कर कहा है कि चाहे वह तख्त में जत्थेदार पद पर अकाल तख्त द्वारा नियुक्त किए गये रणजीत सिंह गौहर-ए-मस्कीन का मामला हो या फिर मुख्य ग्रंथी भाई राजेन्द्र सिंह जी की तथाकथित संदेहास्पद मौत का मामला। तख्त श्री हरमिंदर जी गुरूद्वारा प्रबंधन कमिटी अकालियों के दबाव में गुरु घर की मर्यादा को धूमिल करने का कोई मौका नहीं छोड़ती है जिसका ज्वलन्त उदाहरण पिछले दिन गुरूद्वारा के दरबार में घटित यह घटना भी है।


ताजा प्रकरण पंजाब के करतारपुर स्थित श्री गुरू तेग बहादुर हास्पीटल के प्रमुख डाक्टर गुरविन्दर सिंह सामरा द्वारा तख्त श्री हरमिंदर जी गुरूद्वारा पटना साहिब में सोमवार को लगभग पांच करोड़ रूपये मूल्यों के दान में दिए गए सोने की पीढ़ा, चंवर साहिब आदि को लेकर है। बताया जा रहा है कि इसे पंघुड़ा साहिब अर्थात गुरु साहिब के उस खटोले को हटाकर रखा जाना है जिससपर गुरुगोबिंद सिंह महाराज बालकाल में शयन करते थे।
पंघुड़ा साहिब अर्थात गुरु साहिब का खटोला को बदलने की क्या जरूरत आ पड़ी है ! कहीं प्राचीन खटोले को बदल कर कोई बेचने की साजिश तो नहीं है?


कपूर ने यह भी कहा है कि इन दिए गए सामानों की रसीद काटी गई या नहीं, यह तख्त श्री हरमिंदर जी गुरूद्वारा प्रबंधन कमिटी को बताना होगा। क्योंकि यही परंपरा है।

राकेश कपूर ने चेतावनी देते हुए कहा है कि कोई भी व्यक्ति या संस्था हमारे प्राचीन पाटलिपुत्र व इस धरती पर अवतरित हुए गुरूगोबिन्द सिंह जी महाराज की जन्म स्थली पटना साहिब की मर्यादा को धन बल से ठेस पहुंचाने का कार्य करेगा उसका हम पुरजोर विरोध करेंगे। अपनी जान की क़ुरबानी देकर इसकी मर्यादा की रक्षा करना यहाँ के नागरिक अच्छी तरह जानते हैं। लोग मुगालते में मर्यादा हनन नहीं करें।
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14 अप्रैल 2022, गुरूवार का दैनिक पंचांग एवं राशिफल - सभी १२ राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन ? क्या है आप की राशी में विशेष ? जाने प्रशिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. प्रेम सागर पाण्डेय से |

Posted: 13 Apr 2022 06:45 AM PDT

14 अप्रैल 2022, गुरूवार का दैनिक पंचांग एवं राशिफल - सभी १२ राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन ? क्या है आप की राशी में विशेष ? जाने प्रशिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. प्रेम सागर पाण्डेय से |

14 अप्रैल 2022, गुरूवार का दैनिक पंचांग

🔅 तिथि चतुर्दशी रात्रिशेष 01:45

🔅 नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी 08:31 AM

🔅 करण :

            गर 03:17 PM

            वणिज 03:17 PM

🔅 पक्ष शुक्ल

🔅 योग घ्रुव 07:55 AM

🔅 वार शुक्रवार

☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ

🔅 सूर्योदय 05:42 AM

🔅 चन्द्रोदय 04:52 PM

🔅 चन्द्र राशि कन्या

🔅 सूर्यास्त 06:18 PM

🔅 चन्द्रास्त +05:07 AM

🔅 ऋतु वसंत

☀ हिन्दू मास एवं वर्ष

🔅 शक सम्वत 1944 शुभकृत

🔅 कलि सम्वत 5124

🔅 दिन काल 12:44 PM

🔅 विक्रम सम्वत 2079

🔅 मास अमांत चैत्र

🔅 मास पूर्णिमांत चैत्र
☀ शुभ और अशुभ समय

☀ शुभ समय

🔅 अभिजित 11:24:25 - 12:15:25

☀ अशुभ समय

🔅 दुष्टमुहूर्त 08:00 AM - 08:51 AM

🔅 कंटक 01:06 PM - 01:57 PM

🔅 यमघण्ट 04:30 PM - 05:21 PM

🔅 राहु काल 10:14 AM - 11:49 AM

🔅 कुलिक 08:00 AM - 08:51 AM

🔅 कालवेला या अर्द्धयाम 02:48 PM - 03:39 PM

🔅 यमगण्ड 03:01 PM - 04:36 PM

🔅 गुलिक काल 07:03 AM - 08:38 AM

☀ दिशा शूल

🔅 दिशा शूल पश्चिम
☀ चन्द्रबल और ताराबल

☀ ताराबल

🔅 भरणी, कृत्तिका, रोहिणी, मृगशिरा, पुनर्वसु, आश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, विशाखा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, धनिष्ठा, पूर्वाभाद्रपद, रेवती

☀ चन्द्रबल

🔅 मेष, कर्क, कन्या, वृश्चिक, धनु, मीन

🌹विशेष ~ सौर वैशाख मासारम्भ। 🌹

पं.प्रेम सागर पाण्डेय् नक्षत्र ज्योतिष वास्तु अनुसंधान केन्द्र नि:शुल्क परामर्श - रविवार

14 अप्रैल 2022, गुरूवार का दैनिक राशिफल

मेष (Aries): आपका दिन फलदायी रहेगा। परिवारजनों के साथ बैठकर आप महत्वपूर्ण चर्चा करेंगे। घर की साज-सज्जा में आपको परिवर्तन करने की इच्छा होगी। ऑफिस या व्यवसाय क्षेत्र में अधिकारियों के साथ भी महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी। सरकारी लाभ मिलने की संभावना है। ऑफिस से संबंधित कार्य के लिए यात्रा करनी पड़ेगी। कार्यभार बढ़ सकता है।

शुभ रंग = गुलाबी

शुभ अंक : 8

वृषभ (Tauras): नए कार्य की प्रेरणा मिलेगी और आप उन्हें प्रारंभ कर पाएंगे। किसी धार्मिक स्थल की मुलाकात से आपका मन भक्तिमय हो जाएगा। लंबे प्रवास का योग है। दूर स्थित स्नेहीजन या मित्रों के शुभ समाचार मिलेंगे। परेदश जाने की संभावनाएं उपस्थित होंगी। व्यापार में आर्थिक लाभ हो सकता है। स्वास्थ्य मध्यम रहेगा।

शुभ रंग = क्रीम

शुभ अंक : 2

मिथुन (Gemini): आज का दिन प्रतिकूल है अतः आज आप हर तरह से सावधान रहें ऐसी आपको सूचना देते हैं। आज किसी नए कार्य का प्रारंभ न करें। क्रोध के कारण कुछ अनिष्ट न हो, इसका खास ध्यान रखिएगा। रोगी कोई नया इलाज या शल्यचिकित्सा आज न करवाएं। कामवृत्तियों पर संयम रखने की कोशिश करें। अधिक खर्च होने से हाथ तंग रह सकता है।

शुभ रंग = क्रीम

शुभ अंक : 2

कर्क (Cancer): आज का संपूर्ण दिन आनंद-प्रमोद तथा मनोरंजन की प्रवृत्तियों में बीतेगा। आनंद-प्रमोद के साधन, वस्त्र इत्यादि की खरीद होगी। प्रणय संबंधों में सफलता मिल सकती है। उत्तम भोजन, वाहन-सुख के योग हैं तथा प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। व्यावसायिक क्षेत्र में भी लाभदायी दिन रहेगा। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।

शुभ रंग = पींक

शुभ अंक : 5

सिंह (Leo): आज का दिन मिश्र फलदायी है। घर में शांति का वातावरण रहेगा। दफ्तर में सहकर्मियों से कम सहयोग मिलेगा। दैनिक कार्यों में कुछ रुकावटें आएंगी। शत्रुओं तथा प्रतिस्पर्धियों की वजह से परेशानी होगी। उच्च पदाधिकारियों के साथ विवाद टालिएगा। आप में आज उदासीनता एवं शंकाशीलता खूब रहेगी जिससे मानसिक व्याकुलता का अनुभव होगा।

शुभ रंग = लाल

शुभ अंक : 1

कन्या (Virgo): आज आप संतान को लेकर चिंतित रहेंगे। मन विचलित रह सकता है। पेट से संबंधित व्याधि की वजह से दर्द रह सकता है। विद्योपार्जन करनेवालों के अभ्यास में अवरोध आएंगे। आकस्मिक खर्च की संभावनाएं हैं। बातचीत में तार्किक एवं बौद्धिक चर्चा से दूर रहिएगा। प्रियजनों से मिलाप होगा। शेयर-सट्टे में सावधान रहें।

शुभ रंग = उजला

शुभ अंक : 4

तुला (Libra): आज के दिन आप मानसिक रूप से थकावट का अनुभव करेंगे, ऐसा प्रतीत होता है। आज आप कुछ अधिक ही भावुक रहेंगे। मन में उठ रहे विचारों के कारण कुछ परेशान रहेगें। माता तथा स्त्री के विषयों में चिंता सताएगी। प्रवास के लिए आज का दिन प्रतिकूल है। पानी से दूरी रखें। निद्रा अपूर्ण रहने से मानसिक व्यग्रता रहेगी।

शुभ रंग = आसमानी

शुभ अंक : 7

वृश्चिक (Scorpio): आज पूरे दिन आप प्रसन्न रहेंगे। किसी नए कार्य का प्रारंभ कर पाएंगे। साथियों से सुख एवं आनंद की प्राप्ति होगी। मित्रों व स्वजनों से भेंट हो सकती है। किसी भी काम में आज आपको सफलता मिलेगी। आर्थिक लाभ एवं भाग्यवृद्धि के योग हैं। भाई-बहनों से लाभ होगा। प्रतिस्पर्धियों के समक्ष विजय मिलेगी। स्नेह संबंध बनेंगे। छोटे प्रवास की संभावनाए हैं।

शुभ रंग = गुलाबी

शुभ अंक : 8

धनु (Sagittarius): आज का दिन मध्यम फलदायी होगा। निरर्थक व्यय होगा। मन में ग्लानि रहेगी। परिवारजनों के साथ गलतफहमी की वजह से मनमुटाव हो सकते हैं। कार्यों में मनवांछित सफलता नहीं मिल पाएगी। दुविधायुक्त मनोदशा के कारण निर्णय नहीं ले पाएंगे, अतः आज कोई भी महत्वपूर्ण विषय पर निर्णय न लें ऐसा सूचित करते हैं।

शुभ रंग = पीला

शुभ अंक : 9

मकर (Capricorn): आज का दिन ईश्वर के स्मरण में बीतेगा। धार्मिक कार्य में आप व्यस्त रहेंगे। नौकरी-व्यवसाय में भी सानुकूल परिस्थिति रहेगी। आज आपका हर कार्य सरलता से पूर्ण होगा। मान-सम्मान मिलेगा। नौकरी में पदोन्नति के योग हैं। गृहस्थजीवन आनंदपूर्ण रहेगा। किसी दुर्घटना कि वजह से चोट न लगे इसका खास ध्यान रखें।

शुभ रंग = पींक

शुभ अंक : 5

कुंभ (Aquarius): धन के लेन-देन व जमीन जायदाद के सौदों में किसी की जिम्मेदारी न लेने की सूचना देते हैं। मानसिक रूप से आज एकाग्रता रहेगी। खर्च अधिक मात्रा में होगा। स्वास्थ्य के विषय में ध्यान रखें। पूंजी निवेश अनुचित स्थान पर न हो इसका ध्यान रखें। आपकी बातों से स्वजन सहमत न हों ऐसी संभावना है। क्रोध पर संयम रखें।

शुभ रंग = आसमानी

शुभ अंक : 7

मीन (Pisces): मित्रों से आज आप को लाभ होगा और उनके पीछे धन खर्च भी होगा। सामाजिक कार्यों में अधिक अभिरुचि रहेगी। बड़ों और मित्रों के साथ संपर्क या व्यवहार बन सकते हैं। किसी रमणीय स्थल के प्रवास का आयोजन हो सकता है। नए मित्र बनेंगे व ऐसे लोगों से संपर्क होगा जो कि भविष्य में आप के लिए लाभदायी साबित होंगे। घर से शुभ समाचार प्राप्त हो सकता है।

शुभ रंग = पीला

शुभ अंक : 9 
 प्रेम सागर पाण्डेय् ,नक्षत्र ज्योतिष वास्तु अनुसंधान केन्द्र ,नि:शुल्क परामर्श - रविवार , दूरभाष 9122608219 / 9835654844
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8 राज्यों के हिंदुओं को ‘अल्पसंख्यक का दर्जा’ देने के स्थान पर भारत को ‘हिन्दू राष्ट्र’ घोषित करें ! *- श्री. रमेश शिंदे

Posted: 12 Apr 2022 06:43 AM PDT

8 राज्यों के हिंदुओं को 'अल्पसंख्यक का दर्जा' देने के स्थान पर भारत को 'हिन्दू राष्ट्र' घोषित करें ! *- श्री. रमेश शिंदे

8 राज्य के हिंदुओं को 'अल्पसंख्यक होने का दर्जा' मिलने के लिए सर्वोच्च न्यायालय में प्रविष्ट जनहित याचिका पर केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि, 'राज्य सरकारों' को यह निश्‍चित करने का अधिकार दिया है कि 'अल्पसंख्यक कौन है ?' उसके अनुसार कुछ प्रतिशत हिंदुओं को उन राज्यों में यदि अल्पसंख्यक होने का दर्जा मिल भी जाए, तब भी हिंदुओं को उसका कोई उपयोग नहीं होगा; क्योंकि मुसलमानों का 'अल्पसंख्यक दर्जा निरस्त नहीं होगा । अल्पसंख्यक गुट के पारसी, सिख, जैन, यहूदी आदि समाज की तुलना में मुसलमानों को ही अल्पसंख्यक मंत्रालय की अधिकांश निधि और सर्व योजनाओं एवं सुविधाओं का लाभ मिल रहा है । इसलिए अल्पसंख्यक होकर भी हिन्दुओं को उसका विशेष लाभ नहीं होगा । उसकी अपेक्षा हिन्दुओं को 'बहुसंख्यक होने का दर्जा' लेकर संपूर्ण भारत में हिन्दू राष्ट्र की मांग करना अधिक उचित होगा, ऐसा प्रतिपादन हिन्दू जनजागृति समिति के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री रमेश शिंदे ने किया है । वे हिन्दू जनजागृति समिति द्वारा आयोजित ' हिंदुओं के लिए अल्पसंख्यक दर्जा - कितना लाभदायक ?' इस 'ऑनलाइन' विशेष संवाद में बोल रहे थे ।
श्री शिंदे ने आगे कहा* कि, अल्पसंख्यक होने की मांग करने पर हिन्दू पुनः 'हिन्दू राष्ट्र' की मांग नहीं कर पाएंगे । क्योंकि अल्पसंख्यक समाज की बात कौन मानेगा ? इंग्लैंड में ऊपरी सभागृह में 22 बिशप बैठते हैं । वे उनके धर्म के विरोध में एक भी कानून नहीं बनने देते । प्रत्येक देश बहुसंख्यकों का हित देखता है; परंतु भारत में 'सेक्युलर' शब्द लाकर बहुसंख्यक हिन्दुओं के सर्व अधिकार छीन लिए गए हैं । इस समय सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ता अश्‍विनी *उपाध्याय ने कहा कि, पाकिस्तान, बांग्लादेश इन मुस्लिम देशों में 'शरीया' कानून के अनुसार सर्व कारोबार चलता है और वहां हिन्दू, सिखों की जनसंख्या घटती जा रही है । वहां हिंदुओं को अल्पसंख्यक दर्जा मिलना चाहिए । इसके विपरीत भारत 'सेक्युलर' घोषित होते हुए भी केवल मुसलमान, ईसाइयों को ही अल्पसंख्यक होने का दर्जा क्यों ? वर्ष 2002 में सर्वोच्च न्यायालय के एक निर्णय में कहा गया है कि, राष्ट्रीय स्तर पर कोई बहुसंख्यक और अल्पसंख्यक नहीं होगा । भारत में जो समुदाय साधारणत: 200 सांसद, एक हजार विधायक और 5 हजार स्थानीय जनप्रतिनिधि चुनकर ला सकता है, वह समुदाय अल्पसंख्यक कैसे हो सकता है ? सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ता उमेश शर्मा ने कहा कि, मुसलमान और ईसाइयों को अल्पसंख्यक कहकर विशेष सुविधाएं देकर हिन्दुओं के साथ विश्वासघात किया जा रहा है । अल्पसंख्यक दर्जा मुसलमानों के तुष्टीकरण के लिए है । संविधान के अनुच्छेद 14 के अनुसार सभी को समान अधिकार होने के कारण विशिष्ट समुदाय को विशेष सुविधा देना बंद करना चाहिए ।
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13 अप्रैल 2022, बुधवार का दैनिक पंचांग एवं राशिफल - सभी १२ राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन ? क्या है आप की राशी में विशेष ? जाने प्रशिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. प्रेम सागर पाण्डेय से |

Posted: 12 Apr 2022 06:33 AM PDT

13 अप्रैल 2022, बुधवार का दैनिक पंचांग एवं राशिफल - सभी १२ राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन ? क्या है आप की राशी में विशेष ? जाने प्रशिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. प्रेम सागर पाण्डेय से |

13 अप्रैल 2022, बुधवार का दैनिक पंचांग


🔅 तिथि द्वादशी रात्रिशेष 02:37

🔅 नक्षत्र मघा 07:18 AM

🔅 करण :

                बव 05:03 PM

                बालव 05:03 PM

🔅 पक्ष शुक्ल

🔅 योग गण्ड 11:14 AM

🔅 वार बुधवार

☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ

🔅 सूर्योदय 05:43 AM

🔅 चन्द्रोदय 02:54 PM

🔅 चन्द्र राशि सिंह

🔅 सूर्यास्त 06:17 PM

🔅 चन्द्रास्त +04:00 AM

🔅 ऋतु वसंत
☀ हिन्दू मास एवं वर्ष

🔅 शक सम्वत 1944 शुभकृत

🔅 कलि सम्वत 5123

🔅 दिन काल 12:41 PM

🔅 विक्रम सम्वत 2079

🔅 मास अमांत चैत्र

🔅 मास पूर्णिमांत चैत्र

☀ शुभ और अशुभ समय

☀ शुभ समय

🔅 अभिजित कोई नहीं

☀ अशुभ समय

🔅 दुष्टमुहूर्त 11:25 AM - 12:15 PM

🔅 कंटक 04:29 PM - 05:20 PM

🔅 यमघण्ट 08:01 AM - 08:52 AM

🔅 राहु काल 11:50 AM - 01:25 PM

🔅 कुलिक 11:25 AM - 12:15 PM

🔅 कालवेला या अर्द्धयाम 06:20 AM - 07:11 AM

🔅 यमगण्ड 07:04 AM - 08:39 AM

🔅 गुलिक काल 10:15 AM - 11:50 AM

☀ दिशा शूल

🔅 दिशा शूल उत्तर
☀ चन्द्रबल और ताराबल

☀ ताराबल

🔅 अश्विनी, भरणी, कृत्तिका, मृगशिरा, पुनर्वसु, आश्लेषा, मघा, पूर्वा फाल्गुनी, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, विशाखा, ज्येष्ठा, मूल, पूर्वाषाढ़ा, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, पूर्वाभाद्रपद, रेवती

☀ चन्द्रबल

🔅 मिथुन, सिंह, तुला, वृश्चिक, कुम्भ, मीन

🌹विशेष ~ श्रीभीमचण्डी विन्ध्याचली देवी दर्शन पूजन यात्रा, मदन द्वादशी, श्रीविष्णुदोलोत्सव, वैशाखी पर्व। 🌹

पं.प्रेम सागर पाण्डेय् नक्षत्र ज्योतिष वास्तु अनुसंधान केन्द्र नि:शुल्क परामर्श - रविवार

13 अप्रैल 2022, बुधवार का दैनिक राशिफल

मेष (Aries): आज आप घर की बातों के प्रति अधिक ध्यान देंगे। परिजनों के साथ बैठकर अहम चर्चा करेंगे। आज आपको अपने कार्य में संतोष का अनुभव होगा। स्त्रियों की ओर से सम्मान मिल सकता है। माता के साथ संबंध अच्छे रहेंगे। निरुत्साही न हों।

शुभ रंग = लाल

शुभ अंक : 5

वृषभ (Tauras): विदेश में स्थित स्नेहीजन तथा मित्रों के समाचार आपको आनंद प्रदान करेंगे। विदेश जाने के इच्छुक व्यक्तियों के लिए अच्छा अवसर है। लंबे प्रवास का आयोजन हो सकता है। एक-दो धार्मिक स्थल की यात्रा से आपका मन प्रफुल्लित होगा। कार्यालय या व्यापार के स्थल पर कार्यभार अधिक रहेगा। फिर भी आर्थिक लाभ होने की संभावना है।

शुभ रंग = आसमानी

शुभ अंक : 7

मिथुन (Gemini): निषेधात्मक विचारों से दूर रहने की सूचना देते हैं। नए कार्य का प्रारंभ तथा रोग उपचार प्रारंभ करना उचित नहीं होगा। क्रोध को संयम में रखें अन्यथा अनिष्टकर प्रसंग होने की संभावना है। खर्च अधिक होगा। धन के संकट का अनुभव होगा। आध्यात्मिकता और ईश्वर की प्रार्थना से राहत मिलेगी।

शुभ रंग = हरा

शुभ अंक : 3

कर्क (Cancer): वैभवी जीवनशैली तथा मनोरंजक प्रवृत्तियों से आज आप आनंदित रहेंगे। व्यवसायिक क्षेत्र में आपको लाभ होगा। आरोग्य अच्छा रहेगा। मान-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। यात्रा या प्रवास का आयोजन कर सकेंगे। कोरोना संक्रमित लोगों से दूर रहें।

शुभ रंग = उजला

शुभ अंक : 4

सिंह (Leo): आपका आज का दिन मध्यम फलदायी होगा। पारिवारिक सदस्यों के साथ वाणी में संयम बरतें जिससे संघर्ष टाल सकेंगे। दैनिक कार्य में विघ्न आ सकते हैं। इसलिए कार्य संपन्न होने में देर होगी। अधिक परिश्रम के बाद भी प्राप्ति कम होने से हताशा का अनुभव हो सकता है।

शुभ रंग = पींक

शुभ अंक : 8

कन्या (Virgo): आज के दिन आपको किसी भी तरह के कलह और चर्चा से दूर रहने की सूचना देते हैं। आकस्मिक खर्च की संभावना है। विद्यार्थियों को पढाई में बाधा आएगी। प्रियजन के साथ हुई मुलाकात से मन आनंदित होगा। पेट से संबंधित पीड़ा हो सकती है। शेयर-सट्टे में निवेश करने में सावधानी बरतें।

शुभ रंग = हरा

शुभ अंक : 3

तुला (Libra): आपके लिए समय शुभ है। मन में संवेदनशीलता की मात्रा अधिक रहेगी। शारीरिक स्फूर्ति का अभाव रहेगा। मानसिक व्यग्रता भी रहेगी। धन और कीर्ति की हानि होगी। माता के स्वास्थ्य की चिंता रहेगी। निकट के सम्बंधियो के साथ झगड़े या विवाद के कारण मन को चोट पहुंचने के प्रसंग बनेंगे।

शुभ रंग = आसमानी

शुभ अंक : 7

वृश्चिक (Scorpio): नए कार्य के प्रारंभ के लिए आज का दिन शुभ है। दिनभर मन की प्रसन्नता बनी रहेगी। भाई-बंधुओं के साथ आवश्यक चर्चा करेंगे। आर्थिक लाभ तथा भाग्यवृद्धि के योग हैं। छोटे प्रवास का आयोजन हो सकता है। मित्रों के साथ भेंट होने से मन प्रफुल्लित होगा। कार्य में सफलता मिलेगी।

शुभ रंग = लाल

शुभ अंक : 5

धनु (Sagittarius): आपका दिन मिश्र फलदायी है। इस माह कोरोना संक्रमित लोगों से दूर रहें। असमंजस के कारण निर्णय लेना कठिन होगा। मन में व्यग्रता रहेगी। परिजनों के साथ मनमुटाव न हो इसका ध्यान रखें। कार्य में अपेक्षित सफलता न मिलने से निराशा होगी। कार्यभार भी बढ़ सकता है। निरर्थक खर्च होगा।

शुभ रंग = केशरी

शुभ अंक : 6

मकर (Capricorn): बड़ो के आशीर्वाद से आज आपका प्रत्येक कार्य सरलता से पूर्ण होगा। कार्यालय में तथा व्यवसायिक स्थल पर आपकी प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। पदोन्नति के योग हैं। गृहस्थ जीवन में आनंद का वातावरण रहेगा। शारीरिक हानि होने का योग है इसलिए संभलकर रहें। मित्रों, स्नेहीजनों के साथ भेंट होगी। मानसिक रूप से शांति मिलेगी।

शुभ रंग = हरा

शुभ अंक : 3

कुंभ (Aquarius): स्वास्थ्य के प्रति जागरुक रहने की सलाह देते हैं। कोर्ट-कचहरी के झंझट में न पड़ें। अनुचित स्थान पर पूंजी-निवेश न हो इसका ध्यान रखिएगा। परिवार के सदस्य विरोधी व्यवहार कर सकते हैं। अकस्मात से दूर रहें और क्रोध पर संयम रखें। धन के खर्च का योग है।

शुभ रंग = क्रीम

शुभ अंक : 2

मीन (Pisces): आज आप पारिवारिक तथा सामाजिक बातों में विशेष लिप्त रहेंगे। मित्रों से भेंट होगी और उनके पीछे खर्च करना पड़ेगा। रमणीय स्थान पर प्रवास-पर्यटन की संभावना है। प्रत्येक क्षेत्र में आपको लाभ होगा। जीवनसाथी के इच्छुकों को अच्छा जीवनसाथी मिलने का योग है।

शुभ रंग = पींक

शुभ अंक : 8

प्रेम सागर पाण्डेय् ,नक्षत्र ज्योतिष वास्तु अनुसंधान केन्द्र ,नि:शुल्क परामर्श - रविवार , दूरभाष 9122608219 / 9835654844

"भजन संध्या" कार्यक्रम हुआ सम्पन्न

Posted: 12 Apr 2022 06:13 AM PDT

"भजन संध्या" कार्यक्रम हुआ सम्पन्न

जितेन्द्र कुमार सिन्हा, पटना, 12 अप्रैल ::
सामाजिक संस्था "नन्ही परी सोशल वेलफेयर फाउंडेशन" ने रामनवमी के अवसर पर "भजन संध्या" का आयोजन किया था, जिसमें कलाकारों ने एक से बढ़कर एक अच्छी प्रस्तुति दी, बाल कलाकारों ने तो समां ही बांध दिया। राजीव नगर स्थित शिवी कम्यूनिटी हॉल में रामनवमी के दिन रविवार को संस्था के प्रबंध निदेशक -सह- समाज सेविका रेणु कुमारी ने आयोजित कार्यक्रम की शुरूआत दीप प्रज्जवलित कर की। कार्यक्रम का संचालन नीता सिन्हा और सुरेश ने किया।
कार्यक्रम में रेणु कुमारी ने बाल विवाह पर रोक हो, मधु मंजरी ने नन्ही बच्चियों को सुरक्षा कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाकर उन्हें शिक्षित करने और नीता सिन्हा ने बच्चियों को उनकी रूचि के अनुसार हुनर सीखाकर आगे बढ़ाने पर जोर दिया। कार्यक्रम को प्रेरणा संगठन, आधार ट्रस्ट, गूंज संगठन, हयूमन राइटस, दीदीजी फाउंडेशन, शिवी फिल्मस सहित अन्य संगठन का सहयोग मिला।
कार्यक्रम में समाजसेविका मधु मंजरी, शिवजी चर्तुवेदी, ज्ञानेश्वर गौतम, सौरभ चक्रवर्ती, विपिन सिंह, वरूण सिंह, फाहीमा प्रवीण, विकास विद्यार्थी, डा. नम्रता आनंद, प्रेम कुमार, सोनिया सिंह, दिवाकर कुमार वर्मा, अनुराग समरूप ,सौमिल श्री, दयाराज सिंह समेत कई अन्य अतिथिगण उपस्थित थे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिवी फिल्मस के संबंध में बताया गया कि इसे खुलने से यहां के कलाकारों को अब अपने मनोरंजन से जुड़ी चीजें जैसे गाना, शूटिंग, डबिंग के लिये दिल्ली या मुंबई जाने की जरूरत नही होगी।
उक्त अवसर पर गुड्डु पाठक, अनूप मिश्रा, शांभवी आर्या,बलू सिंह और अभिलाषा सिन्हा ने एक से बढ़कर एक भजन पेश किया, वहीं बाल कलाकार ओमनाथ, सोमनाथ और पौरी ने राम दरबार पर आधारित नृत्य प्रस्तुत की। नृत्य के माध्यम से भारत की संस्कृति, धर्म और रीति-रिवाज को दिखाकर मर्यादा पुरूषोत्म राम के आर्दशों को जन-जन तक पहुंचाने की कोशिश की।
कार्यक्रम में सामाजिक संगठन दीदीजी फाउंडेशन संस्कारशाला के बाल कलाकार पवन, गौरी, सूरज, प्राची प्रदर्शनी, बिट्टू, आर्यन, राजा, दीपक, खुशी, अमित, जिया, रिया, दीपक, देवी, श्वाति, राखी, सृष्ठि, प्रीति ने बिहार की कला संस्कृति की झलक पेश किया।
उक्त अवसर पर संस्था के द्वारा सभी आंगुतक अतिथि और कलाकारों को मोमेंटो और चुनरी देकर सम्मानित भी किया गया।
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योगी का आरोग्य अभियान

Posted: 12 Apr 2022 06:10 AM PDT

योगी का आरोग्य अभियान

(डॉ. दिलीप अग्निहोत्री-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा)

कुछ दिन पहले भाजपा ने अपना स्थापना दिवस मनाया। कहा गया कि यह विचारधारा पर आधारित पार्टी है। इसमें अंत्योदय का विचार भी शामिल है। भाजपा की सभी सरकारें प्रतिबद्धता के साथ इस दिशा में कार्य कर रही है। प्रारंभ में ही नरेंद्र मोदी ने अपनी सरकार को गरीबों के प्रति समर्पित बताया था। वस्तुतः यह समर्पण ही अंत्योदय का मूलमंत्र है। इसका उद्देश्य गरीबों वंचितों को विकास की मुख्य धारा में शामिल करना है। इसके अंतर्गत अनेक योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है। इसका सीधा लाभ जरूरतमंदों को मिल रहा है। इन योजनाओं में बिचैलियों की कोई भूमिका नहीं है। आरोग्य अभियान के मूल में भी यही विचार है। इसमें आरोग्य सुविधा के साथ ही फिट इंडिया व सुपोषण जैसे अभियान भी शामिल है। इस भावना के अनुरूप योगी सरकार ने आरोग्य मेलों की शुरुआत की थी। समाज के अंतिम पायदान के लोगों को चिकित्सा सुविधा सुलभ कराने के लिए दो वर्ष पहले मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला की शुरुआत की गई थी। इसमें एक ही स्थान पर चिकित्सकीय परामर्श, जांच व दवाओं की निशुल्क सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। ग्रामीण क्षेत्रों के गरीबों को इसका विशेष लाभ मिल रहा है। बड़ी संख्या में लोग आरोग्य मेले में उपलब्ध सुविधाओं का लाभ उठा रहे है।

कोरोना की तीसरी लहर के दौरान आरोग्य मेलों पर अस्थाई रोक लगाई गई थी। चैत्र नवमी को इसका पुनः शुभारंभ किया गया। गोरखपुर में योगी आदित्यनाथ ने आरोग्य मेले को पुनः प्रारंभ किया। प्रदेश के करीब पैतीस सौ केंद्रों में अब तक करीब चैरानबे लाख लोगों का उपचार किया गया। करीब डेढ़ लाख गंभीर मरीजों को हायर सेंटर रेफर किया गया। आरोग्य मेले के दौरान साढ़े आठ लाख से अधिक गोल्डन कार्ड भी बनाए जा चुके हैं। योगी आदित्यनाथ स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और उनको प्रभावी बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे है। नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना से लेकर पूरे प्रदेश में आरोग्य मेलों का आयोजन किया जा रहा है जिसमें स्थानीय लोगों तक स्वास्थ सेवा पहुंचाई जा रही है। आरोग्य मेले अभियान के रूप में आमजन तक पहुंच रहे है। इसके प्रति जागरूकता लाने के उद्देश्य से योगी ने एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय लिया। इसके माध्यम से प्रदेशवासियों को स्वास्थ्य परीक्षण पैथोलाॅजिकल जांच, स्वास्थ्य परामर्श, शिशु स्वास्थ्य व टीकाकरण सम्बन्धी जागरूकता एवं परामर्श उपलब्ध कराया जा रहा है। आयुष्मान भारत योजना के तहत निःशुल्क गोल्डन कार्ड बनाने की सुविधाएं भी प्रदान की गयी हैं। किसी देश के समग्र विकास में स्वास्थ्य भी शामिल है। इसमें स्वस्थ जीवन शैली का समावेश है। भारतीय चिंतन में भी यही संदेश दिया गया। प्राचीन भारत के ऋषियों ने सभी के लिए जीवेत शरदः शतम की कामना की थी, अच्छे स्वास्थ्य को सबसे बड़ी पूंजी बताया था। इसके लिए आहार, विहार,योग,यम, प्राणायाम का मंत्र दिया। उस अनाज के सेवन का संदेश दिया जिसे मोटा अनाज नामकरण से उपेक्षित किया गया। प्रकृति के निकट रहने, उसके संरक्षण व संवर्धन का सुझाव दिया। गौ दुग्ध का महत्व बताया। इसलिए गौ सेवा का मंत्र दिया। आधुनिकता की दौड़ में यह सभी विचार पीछे छूटते गए, बीमारियां बढ़ती गई, शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कम होती गई।

समय के साथ दुनिया को इस भूल का अनुभव हो रहा है। ऐसे में भारत की ओर सबका ध्यान आकृष्ट हो रहा है। अब वही मोटा अनाज प्रमुख होता जा रहा है। आयुर्वेद के सूत्र उपयोगी लग रहे हैं। हल्दी, सहजन, तुलसी, काढ़ा, गाय का दूध, योग आदि बहुत कुछ अब आधुनिक जीवन शैली की पहचान बनते जा रहे हैं। नरेंद्र मोदी ने फिट इंडिया अभियान शुरू किया था। इसके अंतर्गत देश में अनेक कार्यक्रम व योजनाएं चलाई गई। प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने पर बल दिया जा रहा है। बीमारी की दशा में उचित उपचार की व्यवस्था की जा रही है। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश को समर्थ और सशक्त राष्ट्र के रूप में विकसित करने की परिकल्पना को साकार करने के लिए महिलाओं एवं बच्चों का पोषण आवश्यक है। इसके

दृष्टिगत प्रधानमंत्री द्वारा देश में प्रतिवर्ष सितम्बर माह को राष्ट्रीय पोषण माह के रूप में मनाये जाने का कार्यक्रम प्रारम्भ किया गया। राष्ट्रीय पोषण अभियान के अंतर्गत अनेक प्रकार की गतिविधियों पर विशेष बल दिया जाएगा। पोषण माह के प्रथम सप्ताह में पोषण वाटिका की स्थापना हेतु पौधरोपण अभियान संचालित किया जाएगा। इसके तहत सरकारी स्कूलों,आवासीय स्कूलों, आंगनबाड़ी केन्द्रों,ग्राम पंचायत की अतिरिक्त भूमि पर पौधरोपण किया जाए। माह के दूसरे सप्ताह में योग एवं आयुष से जुड़े कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान किशोरियों,बालिकाओं, गर्भवती महिलाओं को केन्द्रित करते हुए योग सत्रों का आयोजन किया जाएगा। तृतीय सप्ताह के दौरान पोषण सम्बन्धी प्रचार-प्रसार सामग्री, अनुपूरक पोषाहार वितरण आदि से सम्बन्धित कार्यक्रम संचालित किये जाएंगे।

आरोग्य मेले में सरकार की स्वास्थ्य योजनाओं का प्रचार-प्रसार किया जाएगा और लोगों में उत्तम स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाई जाएगी। जिन लोगों के स्वास्थ्य कार्ड बनने से रह गए हैं, वे बनवाकर इसका लाभ उठाएं। प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं को और बेहतर बनाने के लिये राज्य के सभी विधानसभा क्षेत्रों में संसाधन सम्पन्न सौ बेड के उच्चीकृत अस्पताल बनाए जाएंगे। साथ ही, प्रदेश के प्रत्येक विकास खण्ड क्षेत्र में तीस बेड के बेहतरीन सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र लोगों की सेवा हेतु उपलब्ध कराने की कार्यवाही को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। प्रदेश सरकार हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। कभी पूर्वी उत्तर प्रदेश में इलाज का एकमात्र केंद्र बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर था। वर्तमान प्रदेश सरकार के प्रयासों से आज बीआरडी मेडिकल कॉलेज बहुत अच्छे ढंग से लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहा है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में लोगों की चिकित्सा सुविधा के लिए गोरखपुर में एम्स भी क्रियाशील हो गया है। जनपद देवरिया, सिद्धार्थनगर व बस्ती में नए मेडिकल कॉलेज सेवाएं दे रहे हैं। जनपद कुशीनगर में मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। जनपद महराजगंज में मेडिकल कॉलेज बनाने की स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। चालीस वर्षों में इंसेफेलाइटिस को समाप्त नहीं किया जा सका था। इसके इलाज के लिए संसाधन तक नहीं थे। केन्द्र व राज्य सरकार ने मिलकर सिर्फ चार साल में इंसेफेलाइटिस को समूल उखाड़ने में सफलता हासिल की है। मस्तिष्क ज्वर अब नाममात्र का रह गया है। सतर्कता और सामूहिक प्रयासों से अगले एक दो वर्षों में इंसेफेलाइटिस रोग हमेशा के लिए समाप्त हो जाएगा। सरकार हर घर नल योजना क्रियान्वित कर रही है। जिससे जलजनित बीमारियों में कमी आएगी। स्वच्छ भारत मिशन के अन्तर्गत प्रत्येक जरूरतमंद के घर में शौचालय बनाए जा रहे हैं। अब तक प्रदेश में दो करोड़ इकसठ लाख लोगों के घरों में शौचालयों का निर्माण कराया गया है।
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जातिमुक्त राष्ट्र का सपना देखने वाले डा. आम्बेडकर

Posted: 12 Apr 2022 06:07 AM PDT

आम्बेडकर जयन्ती (14 अप्रैल) पर विशेष

जातिमुक्त राष्ट्र का सपना देखने वाले डा. आम्बेडकर

(रमेश सर्राफ धमोरा-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा)

  • वर्गहीन समाज बनाने से पहले बनाना होगा जातिविहीन समाज
  • सर्वसमाज के नेता थे डा. आम्बेडकर


भारतीय संविधान के रचयिता डॉ. भीमराव आम्बेडकर का सपना था कि भारत जाति-मुक्त हो, औद्योगिक राष्ट्र बने, सदैव लोकतांत्रिक बना रहे। लोग आम्बेडकर को एक दलित नेता के रूप में जानते है, जबकि उन्होने बचपन से ही जाति प्रथा का खुलकर विरोध किया था। उन्होने जातिवाद से मुक्त आर्थिक दृष्टि से सुदृढ़ भारत का सपना देखा था मगर देश की गन्दी राजनीति ने उन्हे सर्वसमाज के नेता के बजाय दलित समाज का नेता के रूप में स्थापित कर दिया। डा.आम्बेडकर का एक और सपना था कि दलित धनवान बनें। वे हमेशा नौकरी मांगने वाले ही न बने रहें अपितु नौकरी देने वाले भी बनें। बाबा साहब का मानना था कि वर्गहीन समाज गढने से पहले समाज को जाति विहीन करना होगा। आज महिलाओं को अधिकार दिलाने के लिए हमारे पास जो भी संवैधानिक सुरक्षाकवच, कानूनी प्रावधान और संस्थागत उपाय मौजूद हैं, इसका श्रेय यदि किसी एक मनुष्य को जाता है तो वे हैं डॉ. भीमराव आम्बेडकर। भारतीय संदर्भ में जब भी समाज में जाति, वर्ग और लिंग के स्तर पर व्याप्त असमानताओं और उनमें सुधार के मुद्दों पर चिंतन हो तो डॉ. आंबेडकर के विचारों और दृष्टिकोण को शामिल किए बिना बात पूरी नहीं हो सकती।

हर वर्ष 14 अप्रैल को बाबासाहेब डा.भीमराव आम्बेडकर की जयन्ती मनायी जाती है। बाबासाहेब की जयन्ती पर लोगों को संकल्प लेना चाहिये कि हम सब सच्चे मन से उनके बताये मार्ग का अनुसरण करेंगे। उनके बनाये संविधान का पालन करेंगे। ऐसा कोई काम नहीं करेंगे जिससे देश के किसी कानून का उल्लघंन होता हो। चूंकि बाबा साहेब हमेशा जाति प्रथा, ऊंच नीच की बातों के विरोधी थे, इसलिये उनकी जयन्ती पर उनको श्रद्धांजलि देने का सबसे अच्छा तरीका है उनके सिद्धांतो को अपने जीवन में अपनाये।

बाबासाहेब भीमराव आम्बेडकर का जन्म 14 अप्रैल 1891 को मध्यप्रदेश के मऊ में एक गरीब परिवार मे हुआ था। वो भीमराव रामजी मालोजी सकपाल और भीमाबाई की 14 वीं सन्तान थे। उनका परिवार मराठी था जो महाराष्ट्र के रत्नागिरी जिले मे स्थित अम्बावडे नगर से सम्बंधित था। उनके बचपन का नाम रामजी सकपाल था। वे हिंदू महार जाति के थे जो अछूत कहे जाते थे। उनकी जाति के साथ सामाजिक और आर्थिक रूप से गहरा भेदभाव किया जाता था। एक अस्पृश्य परिवार में जन्म लेने के कारण उनको बचपन कष्टों में बिताना पड़ा था।

भारतीय संदर्भ में देखा जाए तो आम्बेडकर संभवतः पहले अध्येता रहे हैं जिन्होंने जातीय संरचना में महिलाओं की स्थिति को समझने की कोशिश की थी। उनके संपूर्ण विचार मंथन के दृष्टिकोण में सबसे महत्वपूर्ण मंथन का हिस्सा महिला सशक्तिकरण था। आम्बेडकर यह बात समझते थे कि स्त्रियों की स्थिति सिर्फ ऊपर से उपदेश देकर नहीं सुधरने वाली, उसके लिए कानूनी व्यवस्था करनी होगी। हिंदू कोड बिल महिला सशक्तिकरण का असली आविष्कार है। इसी कारण आंबेडकर हिंदू कोड बिल लेकर आये थे। हिंदू कोड बिल भारतीय महिलाओं के लिए सभी मर्ज की दवा थी पर अफसोस यह बिल संसद में पारित नहीं हो पाया और इसी कारण आम्बेडकर ने कानून मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। स्त्री सरोकारों के प्रति डॉ. भीमराव आम्बेडकर का समर्पण किसी जुनून से कम नहीं था।

डा.भीमराव आम्बेडकर का मानना था कि भारतीय महिलाआंे के पिछड़ेपन की मूल वजह भेदभावपूर्ण समाज व्यवस्था और शिक्षा का अभाव है। शिक्षा में समानता के संदर्भ में आंबेडकर के विचार स्पष्ट थे। उनका मानना था कि यदि हम लडकों के साथ-साथ लड़कियों की शिक्षा पर ध्यान देने लग जाएं तो प्रगति कर सकते है। शिक्षा पर किसी एक ही वर्ग का अधिकार नहीं है। समाज के प्रत्येक वर्ग को शिक्षा का समान अधिकार है। नारी शिक्षा पुरुष शिक्षा से भी अधिक महत्वपूर्ण है। चूंकि पूरी पारिवारिक व्यवस्था की धुरी नारी है, इसलिए उसे नकारा नहीं जा सकता है। आम्बेडकर के प्रसिद्ध मूलमंत्र की शुरुआत ही 'शिक्षित करो' से होती है। इस मूलमंत्र की पालना से आज कितनी ही महिलाएं शिक्षित होकर आत्मनिर्भर बन रही है।

बाबा साहेब आम्बेडकर कुल 64 विषयों में मास्टर थे। वे हिन्दी, पाली, संस्कृत, अंग्रेजी, फ्रेंच, जर्मन, मराठी, पर्शियन और गुजराती जैसे 9 भाषाओं के जानकार थे। इसके अलावा उन्होंने लगभग 21 साल तक विश्व के सभी धर्मों की तुलनात्मक रूप से पढाई की थी। डॉक्टर आम्बेडकर अकेले ऐसे भारतीय है जिनकी प्रतिमा लंदन संग्रहालय में कार्ल माक्र्स के साथ लगाई गई है। इतना ही नहीं उन्हें देश विदेश में कई प्रतिष्ठित सम्मान भी मिले है। भीमराव आंबेडकर के पास कुल 32 डिग्री थी। डॉक्टर भीमराव आम्बेडकर के निजी पुस्तकालय राजगृह में 50 हजार से भी अधिक किताबें थीं। यह विश्व का सबसे बडा निजी पुस्तकालय था।

जब 15 अगस्त 1947 को भारत की स्वतंत्रता के बाद कांग्रेस के नेतृत्व वाली नई सरकार बनी तो उसमें डा.आम्बेडकर को देश का पहला कानून मंत्री नियुक्त किया गया और 29 अगस्त 1947 को डा.आम्बेडकर को स्वतंत्र भारत के नए संविधान की रचना के लिए बनी संविधान मसौदा समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया। 26 नवम्बर 1949 को संविधान सभा ने उनके नेतृत्व में बने संविधान को अपना लिया। अपने काम को पूरा करने के बाद डा. आम्बेडकर ने कहा था मैं महसूस करता हूं कि भारत का संविधान साध्य है, लचीला है पर साथ ही यह इतना मजबूत भी है कि देश को शांति और युद्ध दोनों समय जोड़ कर रखने में सक्षम होगा। मैं कह सकता हूं कि अगर कभी कुछ गलत हुआ तो इसका कारण यह नहीं होगा कि हमारा संविधान खराब था बल्कि इसका कारण होगा कि उपयोग करने वाला मनुष्य ही गलत था। आम्बेडकर ने 1952 में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप मे लोक सभा का चुनाव लड़ा पर हार गये। मार्च 1952 मे उन्हें राज्य सभा के लिए मनोनीत किया गया। अपनी मृत्यु तक वो उच्च सदन के सदस्य रहे।

डा.आम्बेडकर ने 14 अक्टूबर 1956 को नागपुर में अपने लाखों समर्थकों के साथ एक सार्वजनिक समारोह में एक बौद्ध भिक्षु से बौद्ध धर्म ग्रहण कर लिया। राजनीतिक मुद्दों से परेशान आम्बेडकर का स्वास्थ्य बिगड़ता चला गया। 6 दिसम्बर 1956 को आम्बेडकर की नींद में ही दिल्ली स्थित उनके घर में मृत्यु हो गई। 7 दिसम्बर को बम्बई में चैपाटी समुद्र तट पर बौद्ध शैली में उनका अंतिम संस्कार किया गया जिसमें हजारों समर्थकों, कार्यकर्ताओं और प्रशंसकों ने भाग लिया। 1990 में बाबासाहेब डा.आम्बेडकर को भारत रत्न से सम्मानित किया गया। सरकारों की उपेक्षा के चलते बाबा साहेब को भारत रत्न सम्मान बहुत देर से प्रदान किया गया जिसके वे सबसें पहले हकदार थे। आम्बेडकर के दिल्ली स्थित 26 अलीपुर रोड के उस घर में एक स्मारक स्थापित किया गया है जहां वो सांसद के रूप में रहते थे। देश भर में आम्बेडकर जयन्ती पर सार्वजनिक अवकाश रखा जाता है। अनेक सार्वजनिक संस्थानो का नाम उनके सम्मान में उनके नाम पर रखा गया है। आम्बेडकर का एक बड़ा चित्र भारतीय संसद भवन में लगाया गया है। हर वर्ष 14 अप्रैल व 6 दिसम्बर को मुम्बई स्थित उनके स्मारक पर काफी लोग उन्हंे श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए आते हैं।
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अपनों के ही ‘पत्थर’ से घायल चैहान

Posted: 12 Apr 2022 06:05 AM PDT

अपनों के ही 'पत्थर' से घायल चैहान

(अशोक त्रिपाठी-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा)
आदमी अपनों से ही हारता है। मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान ने कमलनाथ से सरकार छीनकर यह साबित कर दिया था कि राजनीति के वे बड़े तीरंदाज हैं लेकिन अब उनकी पार्टी की वरिष्ठ नेता उमा भारती का एक पत्थर ही उनको घायल कर रहा है। दरअसल सुश्री उमा भारती ने करीब एक महीने पहले भोपाल में एक शराब की दुकान पर एक पत्थर फेंक कर शराब बंदी के लिए जन आंदोलन शुरू करने को कहा था। शराब बंदी इतनी आसान नहीं है। बिहार में नीतीश कुमार की असफलता के पीछे शराबबंदी कानून भी माना जा रहा है। इसीलिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान ने उमा भारती के उस 'पत्थर' को नजरंदाज करके नयी आबकारी नीति बनायी है। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस उमा भारती के उसी पत्थर को चैहान सरकार पर फेंक रहा है। राज्य में अगले साल ही विधानसभा के चुनाव होने हैं और राजनीतिक जानकारों के अनुसार विधानसभा चुनाव तक कांग्रेस इस मुद्दे को जीवित रखना चाहेगी।

करीब एक महीने पहले भोपाल की एक शराब दुकान पर पत्थर फेंक कर शराबबंदी आंदोलन का आगाज करने वाली भाजपा की वरिष्ठ नेत्री, पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने कहा था "यह पत्थर एक चेतावनी है, एक शुरुआत है, जनप्रतिनिधि अपनी जिम्मेदारी निभाएं, नहीं तो एक बड़ा जन आंदोलन का रूप ले लेगा"। उनकी यह चेतावनी अब सच साबित होते दिख रही है। उमा भारती के पत्थर फेंकने के बाद सागर, रायसेन, भोपाल, इंदौर समेत कई स्थानों पर महिलाएं, बच्चे शराब दुकानों के खिलाफ सड़क पर उतर चुके हैं। उनकी जुबां पर नारे, हाथों में झंडे, डंडे, पत्थर हैं। कई जगह विरोध प्रदर्शनों के बीच कानून व्यवस्था की स्थिति भी निर्मित होने लगी है। खास बात यह भी है कि सरकार की शराबनीति के खिलाफ उमा के फेंके पत्थर को कांग्रेस ने लपकते हुए अपना सियासी हथियार बना लिया है। शिवराज-उमा के बीच टकराहट की आंच में वह अपनी खिचड़ी पका रही है। मप्र में 2023 में होने वाले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस इसे चुनावी मुद्दा भी बना सकती है। बता दें कि दिल्ली और छत्तीसगढ़ में भाजपा कार्यकर्ता मध्यप्रदेश जैसी ही शराबनीति को लेकर सड़कों पर वहां की सरकारों की खिलाफत कर रहे हैं, लेकिन यहां पार्टी में चुप्पी है। उमा भारती पिछले दो साल से शराबबंदी को लेकर अभियान छेड़ने की बात कर सूबे की शिवराज सिंह सरकार को घेर रही हैं। भाजपा नेता बीच-बीच में उनसे मुलाकात कर, बात कर मामले को शांत कर देते थे, लेकिन अब यह दोनों नेता इस मुद्दे पर आमने-सामने आ गए हैं। उमाभारती के कानून तोड़ते हुए शराब दुकान पर पत्थर फेंकने की घटना के बाद तो उनके साथ मुख्यमंत्री शिवराज के साथ संवाद भी नहीं हुआ है।

इसके विपरीत नयी शराब नीति बन गयी। शिवराज सरकार ने 1 अप्रैल को अपनी नई शराब नीति घोषित की, तो सबसे पहले उन्हें अपनी ही पार्टी की सांसद उमा भारती की आलोचना का सामना करना पड़ा। उमा ने सोशल मीडिया पर लिखा कि "मध्यप्रदेश की नई शराबनीति में यह व्यवस्था सुनिश्चित की गई है कि लोगों को ज्यादा शराब कैसे पिलाई जाए, अहातों में ज्यादा शराब कैसे परोसी जाए। मध्यप्रदेश में नारी शक्ति इसका विरोध कर रही है। इस मसले पर मैं मध्य प्रदेश की महिलाओं, बेटियों के साथ हूं। शराबखोरी का शिकार हो गए बेटों के लिए भी चिंतित हूं। महिलाओं व बेटियों की इज्जत और बेटों की जान पर खेलकर हम राजस्व कमा रहे हैं, इस पर शर्मिंदा भी हूं"। इसके ठीक बाद उज्जैन में, फिर नर्मदापुरम में आयोजित कार्यक्रमों में शिवराज सिंह ने स्पष्ट शब्दों में घोषणा कर दी कि मध्यप्रदेश में किसी भी हालत में शराबबंदी नहीं होगी। अगर दारू बंद करने से लोग पीना छोड़ देते, तो हम कब ये काम कर देते। लेकिन हम समाज को सुधारेंगे, नशा मुक्ति के लिए अभियान चलाएंगे। शराब से घर तबाह होता है,। जब लोग मन से इस बात को मान लेंगे, समझ लेंगे, तो खुद शराब पीना छोड़ देंगे, शराब दुकानें खुद बंद हो जाएंगी। सरकार शराबबंदी नहीं करेगी। हम सब प्रयास करेंगे तो प्रदेश धीरे-धीरे नशा मुक्त हो जाएगा।

मध्यप्रदेश सरकार का खजाना खाली है, वह कर्ज पर कर्ज लिए जा रही है। सरकार को बड़ा राजस्व शराब के जरिए मिलता है। इसलिए वह इसे बंद नहीं कर सकती। कोरोना काल में तो सरकारी खजाने की हालत और भी पतली हो गई है। अब तक सरकार पर यह कर्ज बढ़कर ढाई लाख करोड़ सेे भी ज्यादा हो चुका है। 2020 के वित्तीय वर्ष तक मप्र का हर व्यक्ति 29 हजार रुपए का कर्जदार था, जो हर साल औसतन 4 हजार रुपए की दर से आगे बढ़ रहा है। इस हिसाब से वित्तीय वर्ष 2021-22 तक प्रत्येक व्यक्ति 37 हजार रुपए से ज्यादा का कर्जदार हो चुका है।भले ही यह कर्ज आपने नहीं लिया, लेकिन आपके नाम पर सरकार ले रही है। बता दें कि 8 से 15 मार्च तक जब अंतरराष्ट्रीय महिला सप्ताह मनाया जा रहा था, तब 13 मार्च को भाजपा सांसद उमाभारती भोपाल के बीएचईएल बरखेड़ा पठानी के आजाद नगर इलाके में महिलाओं, लोगों के साथ एक शराब दुकान पहुंची थीं और बाहर पड़ा एक पत्थर फेंक शराब की कुछ बोतलें तोड़ दी थीं। उन्होंने यह कहते हुए सीधे सरकार और कानून को चुनौती दी थी कि अगर यह कानूनन अपराध है तो हां, जनहित में मैंने यह अपराध किया है। इसे शुरुआत बताते हुए उन्होंने इस 'पत्थर' के जन आंदोलन बन जाने की चेतावनी भी दी थी।

उमा भारती की मार्च में कही यह बात सही साबित हो रही है। वह शराबखोरी से परेशान और जागरूक महिलाओं की रोल मॉडल बन गई हैं। भोपाल के गोविंदपुरा, खजूरी कलां, अवधपुरी, मनीषा मार्केट, बेरसिया सहित कई इलाकों में रातों-रात खुली शराब दुकानों के खिलाफ महिला, बच्चे और उनके परिजनों के साथ सड़कों पर उतर आए हैं। सागर के देवरी, रायसेन, इंदौर के बिचैली मर्दाना इलाके में भी लोग नई शराब दुकाने खुलने के विरोध में सड़कों पर उतर आएं। प्रदेश भर से इस तरह के आंदोलनों की खबरें आना तेज हो गई हैं। कई जगह कानून-व्यवस्था और पुलिस, शराब कारोबारियों से झड़पें भी सामने आई हैं। शराबबंदी के मुद्दे को लेकर शिवराज सरकार और उमाभारती के बीच तनातनी का फायदा कांग्रेस उठा रही है और सरकार पर हमला बोल रही है। कांग्रेस नेता, पूर्व मंत्री जीतू पटवारी ने शिवराज सिंह पर सीधा हमला बोलते हुए कहा है कि बेटे-भांजे-भांजियों की बात करने वाला मामा बच्चों को नशेड़ी बनाना चाहता है। शिवराज की मंशा मध्यप्रदेश को मदिरा प्रदेश बनाने की है, लेकिन कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी, वह शराबखोरी को बढ़ावा देने और प्रदेश को बर्बाद करने की मंशा जन-जन को बताएंगे। शिवराज-उमा के बीच टकराहट की आग में कांग्रेस अपनी खिचड़ी पकाना चाहती है। कांग्रेस इस हाथ आए मुद्दे को खोना नहीं चाहती, इसलिए वह उमा भारती के शराबबंदी आंदोलन का समर्थन कर रही है। यहां एक गौर करने वाली बात यह है कि उमा भारती हों, या कमलनाथ, इनमें कोई भी अपने मुख्यमंत्री रहते शराबबंदी की बात नहीं करता था, न इनके कार्यकाल में शराबबंदी कभी मुद्दा बना। अब बीजेपी नेता उमा भारती का शराबबंदी के लिए चलाया जा रहा अभियान और पत्थरबाजी लगातार चर्चा में है। इसे दलगत राजनीति से ऊपर उठकर कुछ नेता और विधायक समर्थन भी दे रहे हैं।
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नीरव मोदी मामले में सीबीआई को बड़ी सफलता

Posted: 12 Apr 2022 05:58 AM PDT

नीरव मोदी मामले में सीबीआई को बड़ी सफलता

नई दिल्ली। हजारों करोड़ रुपये के पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) घोटाले के सिलसिले में भगोड़े नीरव मोदी के करीबी सुभाष शंकर को सीबीआई की टीम ने काहिरा से वापस मुंबई लाने में सफलता पायी है। सुभाष शंकर नीरव मोदी की एक कंपनी में डिप्टी जनरल मैनेजर के तौर पर काम करता था। नीरव मोदी के 13,578 करोड़ रुपये के बैंक घोटाले से जुड़े मामलों में उसके करीबी सहयोगी परब सुभाष शंकर का केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के हाथ लगना एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। सीबीआई की स्पेशल टीम सुभाष शंकर को लेकर मंगलवार की सुबह मिस्र की राजधानी काहिरा से मुंबई वापस लौटी। सीबीआई के एक अधिकारी ने पुष्टि की है कि सुभाष शंकर काहिरा में रह रहा था और सभी कानूनी औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद उसे भारत लाया गया है। सीबीआई की एक टीम उसे वापस लाने के मिस्र भेजी गई थी और ये टीम मंगलवार सुबह शंकर को लेकर मुंबई पहुंच गई। सुभाष शंकर को फरार हीरा कारोबारी नीरव मोदी का करीबी सहयोगी माना जाता है। वह नीरव मोदी की एक कंपनी में डिप्टी जनरल मैनेजर के तौर पर काम करता था। सीबीआई सहित इस बैंक धोखाधड़ी मामले की जांच में लगी एजेंसियों को उम्मीद है कि सुभाष शंकर से पूछताछ के दौरान इस पूरे मामले के बारे में और ज्यादा जानकारी मिलेगी।
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रूस में मुर्जा की गिरफ्तारी से नाराज है अमेरिका

Posted: 12 Apr 2022 05:57 AM PDT

रूस में मुर्जा की गिरफ्तारी से नाराज है अमेरिका

वॉशिंगटन। रूस द्वारा मशहूर सिविल सोसाइटी लीडर व्लादिमीर कारा-मुर्जा को हिरासत में लिए जाने से अमेरिका परेशान है। यूएस ने मॉस्को से आग्रह किया है कि मुर्जा को तत्काल रिहा किया जाए। हालांकि, अमेरिका के इस आग्रह पर रूस की तरफ से अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने व्लादिमीर कारा-मुर्जा की जल्द रिहाई की मांग करते हुए कहा कि यूएस स्थिति पर करीब से नजर रखे हुए है। उन्होंने कहा, हम रूस द्वारा सिविल सोसाइटी लीडर मुर्जा को हिरासत में लिए जाने से परेशान हैं। इसे किसी भी तरह से जायज नहीं ठहराया जा सकता। हम रूसी अधिकारियों से आग्रह करते हैं कि मुर्जा की जल्द से जल्द रिहाई सुनिश्चित की जाएश्। रूसी विपक्षी नेता इल्या याशिन और स्थानीय मीडिया ने व्लादिमीर कारा-मुर्जा को हिरासत में लिये जाने की पुष्टि की है। मुर्जा पुतिन के आलोचक हैं और उन्हें दो बार मारने का प्रयास भी हुआ है। याशिन का कहना है कि सिविल सोसाइटी लीडर को मॉस्को स्थित उनके घर से सोमवार को हिरासत में लिया गया।
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श्रीलंका ने खुद को घोषित किया दिवालिया

Posted: 12 Apr 2022 05:53 AM PDT

श्रीलंका ने खुद को घोषित किया दिवालिया

कोलंबो। श्रीलंका आजादी के बाद से सबसे बड़े आर्थिक संकट से गुजर रहा है। आर्थिक संकट से जूझ रहे श्रीलंका ने मंगलवार को खुद को दिवालिया घोषित कर दिया है। श्रीलंका ने ऐलान किया है कि वह अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के बकाया 51 अरब डॉलर के विदेशी कर्ज को चुका नहीं पाएगा।
अप्रैल 2021 में श्रीलंका पर कुल कर्ज 3500 करोड़ डॉलर का था, जो महज एक साल में बढ़कर 5100 करोड़ डॉलर पर पहुंच गया है। श्रीलंका के कर्ज में ज्यादातर हिस्सा ऐसे कर्ज का है, जिसे न चुका पाने की उसे भारी कीमत देनी पड़ रही है। श्रीलंका के वित्त मंत्रालय ने कहा कि दक्षिण एशियाई राष्ट्र को कर्ज देने वाली विदेशी सरकारों सहित लेनदार मंगलवार दोपहर से अपने किसी भी ब्याज भुगतान को भुनाने या श्रीलंकाई रुपये में भुगतान का विकल्प चुनने के लिए स्वतंत्र थे। श्रीलंका पर जितना कर्ज है, उसमें 47 फीसदी कर्ज तो बाजार से लिया गया है। इसके बाद 15 फीसदी कर्ज चीन का है, एशियन डेवलेपमेंट बैंक से 13 फीसदी, वर्ल्ड बैंक से 10 फीसदी, जापान से 10 फीसदी भारत से 2 फीसदी और अन्य जगहों का कर्ज 3 फीसदी है। श्रीलंका सरकार ने कर्ज लेकर तो खूब ऐश की, लेकिन अब वक्त चुकाने का आया है तो खजाना खाली है, जनता सड़क पर है और विपक्ष उसके साथ खड़ा है, जिससे पूरी राजपक्षे सरकार की नींद उड़ गई है। विपक्ष आने वाले दिनों में प्रदर्शनों को और तेज करने की बात कह रहा है। अगर आर्थिक विकास की दृष्टि से देखा जाए तो वर्ष 2020 में श्रीलंका की प्रतिव्यक्ति आय बाजार विनिमय दर के हिसाब से 4053 डालर वार्षिक और क्रयशक्ति समता के आधार पर 13,537 डालर वार्षिक थी, जो भारत से कहीं अधिक थी। मानव विकास की यदि बात करें तो संयुक्त राष्ट्र की मानव विकास रिपोर्ट (2020) के अनुसार श्रीलंका का स्थान 72वां था, जबकि भारत का स्थान 131वां ही था। यानी आर्थिक विकास की दृष्टि से श्रीलंका की स्थिति बेहतर थी लेकिन धीरे-धीरे श्रीलंका चीन के कर्ज जाल में फंसता गया और अब बुरे आर्थिक दौर से गुजर रहा है।
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पोलैण्ड के राष्ट्रपति के विमान हादसे में था रूस का हाथ

Posted: 12 Apr 2022 05:37 AM PDT

पोलैण्ड के राष्ट्रपति के विमान हादसे में था रूस का हाथ

वारसॉ। साल 2010 में पोलैंड के राष्ट्रपति लेक केकजिंस्की का विमान दुर्घटनाग्रस्तहोने के पीछे रूस का हाथ था। पोलैंड सरकार की एक विशेष जांच समिति ने आरोप दोहराते हुए कहा है कि इस दुर्घटना के पीछे मॉस्को का ही हाथ था। बता दें कि रूस में हुई इस दुर्घटना में केकजिंस्की और 95 अन्य यात्रियों की मौत हो गई थी। समिति की ताजा रिपोर्ट मे आरोप लगाया गया है कि सोवियत में बने टीयू-154एम विमान में 10 अप्रैल 2010 को जानबूझकर विस्फोटक उपकरण लगाया गया था। इस हादसे में केकजिंस्की के अलावा उनकी पत्नी की भी मौत हो गई थी। समिति के प्रमुख एंटनी मेसीरविज ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि केकजिंस्की की मौत रूस के गैर कानूनी हस्तक्षेप का परिणाम थी। साल 2015 से 2018 तक पोलैंड की दक्षिणंथी सरकार में रक्षा मंत्री रहे मेसीरविज ने कहा, हस्तक्षेप का मुख्य और गैर-विवादित सबूत विमान के बाएं विंग में और फिर मध्य हिस्से में विस्फोट होना है। उन्होंने इस बात से इनकार किया कि पोलैंड के पायलटों या चालक दल के सदस्यों से कोई गलती हुई। हालांकि दुर्घटना के समय मौसम खराब था।
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भूखा बच्चा बिलख रहा था

Posted: 12 Apr 2022 05:35 AM PDT

भूखा बच्चा बिलख रहा था

भूखा बच्चा बिलख रहा था, रोटी ख़ातिर तरस रहा था,
काग़ज़ पर रोटी को देखा, खाने ख़ातिर मचल रहा था।
नजर घुमाकर माँ को देखा, चुपके से काग़ज़ को खाया,
काग़ज़ खाते बालक को देख, माँ का आँसू ढलक रहा था।

अ कीर्ति वर्द्धन
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सूर्य की सप्त किरणों से युक्त है रतनपुर

Posted: 12 Apr 2022 05:33 AM PDT

सूर्य की सप्त किरणों से युक्त है रतनपुर

सत्येन्द्र कुमार पाठक ब्रिटिश साम्राज्य के खिलाफ आंदोलन की शुरुआत बिलासपुर जिले में रतनपुर से पण्डित कपिल नाथ द्विवेदी एव वैष्णव बाबाजी के नेतृत्व में वन्देमातरम, भारत माता के जयघोष के साथ हुई थी । ब्रिटिश साम्राज्य के खिलाफ प्रभातफेरी निकालने के आरोप में उन्हें गिरफ्तार किया गया था । रतनपुर राज और रायपुर राज क्रमशः शिवनाथ के उत्तर तथा दक्षिण में स्थित थे। प्रत्येक राज में स्पष्ट और निश्चित रूप अठारह-अठारह ही गढ़ होते थे। रतनपुर में सन् 1114 के अनुसार चेदि के हैहय वंशी राजा कोकल्लदेव ने अठारह पुत्रों को अपने राज्य को अठारह हिस्सों में बाँट कर अपने पुत्रों को दिया था। हैहय वंश परंपरा की स्मृति बनाये रखने के लिये राज को अठारह गढ़ों में बाँटा गया था । प्रत्येक गढ़ में सात ताल्लुका और 84 गांव थे। हैहय वंशीय राज्य सूर्यवंशियों द्वारा सूर्य की सात किरणों तथा बारह राशियों को ध्यान में रख कर ताल्लुकों और गाँवों की संख्या क्रमशः सात और कम से कम बारह रखी गईं थी। रतनपुर राज्य के क्षेत्रों में सर्वत्र भगवान सूर्य का प्रताप झलकता था । छत्तीसगढ़ राज्य का बिलासपुर जिले के रतनपुर स्थित आदिशक्ति महामया देवि का प्राचीन एवं गौरवशाली मंदिर है। त्रिपुरी के कलचुरियो ने रतनपुर को अपनी राजधानी बना कर दीर्घकाल तक छतीसगढ़ मे शासन किया। छत्तीसगढ़ को चतुर्युगी नगरी भी कहा जाता है । राजा रत्नदेव प्रथम ने रतनपुर में राजधानी बसाया । श्री आदिशक्ति माँ महामाया देवी - प्राचीन महामाया देवी का दिव्य भव्य मंदिर का निर्माण राजा रत्नदेव प्रथम द्वारा ग्यारहवी शताबदी में कराया गया था । १०४५ ई. में राजा रत्नदेव प्रथम मणिपुर में शिकार के क्रम में रात्रि विश्राम वटवृक्ष की छाया में करने के दौरान अर्ध रात्रि में जब राजा की आंखे खुली, तब उन्होंने वटवृक्ष के नीचे अलौकिक प्रकाश देखकर चमत्कृत हो गई की वह आदिशक्ति श्री महामाया देवी की सभा लगी हुई है | सुबह होने पर वे अपनी राजधानी तुम्मान खोल लौट गये और रतनपुर को अपनी राजधानी बनाने का निर्णय लिया गया । १०५०ई. में श्री महामाया देवी का भव्य मंदिर निर्मित कराया गया । महामाया मंदिर में महाकाली , महालक्षमी और महासरस्वती स्थापित है । महामाया मंदिर में यंत्र-मंत्र का केंद्र था । रतनपुर में देवी सती का दाहिना स्कंद गिरने के कारण भगवन शिव ने स्वयं आविर्भूत होकर कौमारी शक्ति पीठ का नाम दिया था । रतनपुर में कौमारी शक्तिपीठ मंदिर में माँ के दर्शन से कुंवारी कन्याओ को सौभाग्य की प्राप्ति होती है ।छत्तीसगढ़ राज्य का विलासपुर जिले का रतनपुर में महामाया मंदिर , कालभैरव मंदिर ,लखनी मंदिर , वृद्धेश्वर मंदिर ,गिरिजबान्ध हनुम मंदिर ,, राम टेकरी मंदिर और सिद्धिविनायक मंदिर दर्शनीय हसि । कलिंग राज के पौत्र कमलराज के पुत्र रत्नराज द्वारा कलच्युरी वंश का संथापक एवं छत्तीसगढ़ की राजधानी रतनपुर में बनाई थी । 1114 ई . में रतनपुर समृद्ध था । तुमन का राजा कलच्युरी ने तुमन प्रदेश की राजधानी रखा एवं राजा रामचंद्र द्वारा रायपुर की स्थापना कर रायपुर नगर का निर्माण किया था । 11 वीं सदी में महाकोशल ( पूर्वी चेदि ) की राजधानी रतनपुर थी । भारतीय विरासत संगठन छत्तीसगढ़ के राज्याध्यक्ष धीरेंद्र पटनावर द्वारा रतनपुर स्थित महामाया आदि पुरातात्विक स्थलों की चर्चि की है ।
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जिओ और जीने दो का प्रणेता भगवान महावीर

Posted: 12 Apr 2022 05:30 AM PDT

जिओ और जीने दो का प्रणेता भगवान महावीर

जहानाबाद । भगवान महावीर का जन्म बिहार के वैशाली जिले के कुंडग्राम में इक्ष्वाकु वंशीय राजा सिद्धार्थ की पत्नी त्रिशला के गर्भ से छात्र शुक्ल त्रयोदशी 599 ई. पू. में अवतरित हुए थे । चौबीसवें तीर्थंकर महावीर को वीर, अतिवीर, वर्धमान, सन्मति महावीर स्वामी , महावीर वर्द्धमान कहा जाता है । 72 वर्षीय भगवान महावीर स्वामी को बिहार के नालंदा जिले का पावापुरी में कार्तिक कृष्ण अमावस्या को मोक्ष प्राप्ति हुई थी । भगवान महावीर तीस वर्ष की आयु में महावीर ने संसार से विरक्त होकर राज वैभव त्याग दिया और संन्यास धारण कर आत्मकल्याण के पथ पर निकल गये। 12 वर्षो की कठिन तपस्या के बाद केवलज्ञान प्राप्त के पश्चात् समवशरण में ज्ञान प्रसारित किया। 72 वर्ष की आयु में पावापुरी से मोक्ष की प्राप्ति हुई। महावीर स्वामी के कई अनुयायी में राजा बिम्बिसार, कुणिक और चेटक थे। जैन ग्रन्थों के अनुसार भगवान महावीर वर्तमान अवसर्पिणी काल की हिंसा, पशुबलि, जात-पात का भेद-भाव जिस युग में बढ़ गया, उसी युग में भगवान महावीर ने दुनिया को सत्य, अहिंसा का पाठ पढ़ाया। तीर्थंकर महावीर स्वामी ने अहिंसा को सबसे उच्चतम नैतिक और विश्व को जैन धर्म के पंचशील सिद्धांत अहिंसा, सत्य, अपरिग्रह, अचौर्य (अस्तेय) , ब्रह्मचर्य , अनेकांतवाद, स्यादवाद और अपरिग्रह सिद्धान्त दिए। महावीर का 'जियो और जीने दो' का सिद्धान्त है। भारतीय विरासत संगठन के अध्यक्ष साहित्यकार व इतिहासकार सत्येन्द्र कुमार पाठक ने कहा कि भगवान महावीर स्वामी जी का जिओ और जीने दो विश्व को महान मंत्र देकर शांति का मार्ग प्रशस्त किया है । श्वेतांबर परम्परा के अनुसार महावीर स्वामी का विवाह यशोदा से हुआ था । महावीर स्वामी की भर्या यशोदा की पुत्री प्रियदर्शिनी के विवाह राजकुमार जमाली के साथ हुआ था ।जैन ग्रन्थों के अनुसार केवल ज्ञान प्राप्ति के बाद ११ गणधर में प्रथम इंद्रभूति थे। जैन ग्रन्थ, उत्तरपुराण के अनुसार महावीर स्वामी ने समवसरण में जीव आदि सात तत्त्व, छह द्रव्य, संसार और मोक्ष के कारण तथा उनके फल का नय आदि उपायों का वर्णन किया था।भगवान महावीर का पाँच व्रत में सत्य ― सत्य के बारे में भगवान महावीर स्वामी कहते हैं, हे पुरुष! तू सत्य को ही सच्चा तत्व समझ। जो बुद्धिमान सत्य की ही आज्ञा में रहता है, वह मृत्यु को तैरकर पार कर जाता है। अहिंसा – इस लोक में जितने भी त्रस जीव (एक, दो, तीन, चार और पाँच इंद्रीयों वाले जीव) है उनकी हिंसा मत कर, उनको उनके पथ पर जाने से न रोको। उनके प्रति अपने मन में दया का भाव रखो। उनकी रक्षा करो। यही अहिंसा का संदेश भगवान महावीर अपने उपदेशों से हमें देते हैं। अचौर्य - दुसरे के वस्तु बिना उसके दिए हुआ ग्रहण करना जैन ग्रंथों में चोरी कहा गया है। अपरिग्रह – परिग्रह पर भगवान महावीर कहते हैं जो आदमी खुद सजीव या निर्जीव चीजों का संग्रह करता है, दूसरों से ऐसा संग्रह कराता है या दूसरों को ऐसा संग्रह करने की सम्मति देता है, उसको दुःखों से कभी छुटकारा नहीं मिल सकता। यही संदेश अपरिग्रह का माध्यम से भगवान महावीर दुनिया को देना चाहते हैं और ब्रह्मचर्य- महावीर स्वामी ब्रह्मचर्य के बारे में अपने बहुत ही अमूल्य उपदेश देते हैं कि ब्रह्मचर्य उत्तम तपस्या, नियम, ज्ञान, दर्शन, चारित्र, संयम और विनय की जड़ है। तपस्या में ब्रह्मचर्य श्रेष्ठ तपस्या है। जो पुरुष स्त्रियों से संबंध नहीं रखते, वे मोक्ष मार्ग की ओर बढ़ते हैं। जैन ग्रंथों में दस धर्म में पर्युषण पर्व है । भगवान महावीर ने धर्म, सत्य, अहिंसा, ब्रह्मचर्य और अपरिग्रह, क्षमा पर सबसे अधिक जोर दिया। त्याग और संयम, प्रेम और करुणा, शील और सदाचार का महत्वपूर्ण कहा है । तीर्थंकर महावीर का केवलीकाल ३० वर्ष का था। उनके के संघ में १४००० साधु, ३६००० साध्वी, १००००० श्रावक और ३००००० श्रविकाएँ थी। 72 वर्षीय भगवान महावीर ने ई . पू. 527 में बिहार के नालंदा जिले के पावापुरी में कार्तिक कृष्ण अमावस्या को निर्वाण (मोक्ष) प्राप्त किया। पावापुरी में एक जल मंदिर स्थित महावीर स्वामी को मोक्ष की प्राप्ति हुई थी। आचार्य समन्तभद्र विरचित "स्वयंभूस्तोत्र" एवं युक्तानुशासन और मुनि प्रणम्य सागर की रचना वीरष्टकम , पद्मकृत महावीर रास 18वी सदी में भगवान महावीर को समर्पित है। भगवान महावीर की प्राचीन प्रतिमाओं के देश और विदेश के संग्रहालयों , महाराष्ट्र के एल्लोरा गुफाओं में भगवान महावीर की प्रतिमा , कर्नाटक की बादामी गुफाओं में भी भगवान महावीर की प्रतिमा , मध्यप्रदेश के पटनागंज में पद्मासन मुद्रा में भगवान महावीर की विशालतम ज्ञात प्रतिमा , दिल्ली स्थित महरौली में अहिंसा स्थल , राजस्थान का करौली , तमिलनाडु के थिराकोइल , कर्नाटक के बादामी गुफा में 23 वें तीर्थंकर एवं 24 वें तीर्थंकर महावीर स्वामी , बिहार के पावापुरी के जल मंदिर में भगवान महावीर की प्रतिमा स्थित है।संग्रहालयों , महाराष्ट्र के एल्लोरा गुफाओं में भगवान महावीर की प्रतिमा , कर्नाटक की बादामी गुफाओं में भी भगवान महावीर की प्रतिमा , मध्यप्रदेश के पटनागंज में पद्मासन मुद्रा में भगवान महावीर की विशालतम ज्ञात प्रतिमा , दिल्ली स्थित महरौली में अहिंसा स्थल , राजस्थान का करौली , तमिलनाडु के थिराकोइल , कर्नाटक के बादामी गुफा में 23 वें तीर्थंकर एवं 24 वें तीर्थंकर महावीर स्वामी , बिहार के पावापुरी के जल मंदिर में भगवान महावीर की प्रतिमा स्थित है।
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कभी कभी तो मुक्त गगन में

Posted: 12 Apr 2022 05:25 AM PDT

कभी कभी तो मुक्त गगन में

देखा कर भाई 

विचरण करते  भाव विहग-से
अपने भी भीतर
उड़ते पंख पसारे अभिनव
संसृति के सुंदर
उर के चंचल चारु नयन में
देखा कर भाई   

शून्य नहीं ग्रह नक्षत्रों से
भरा हुआ आकाश
सृष्टि व्यष्टि की नहीं, समेकित
है जीवन विश्वास। 
आलोड़न विस्तम्भन  जन में
 देखा कर भाई। 

जल तरंग के कल्लोलों में
है दिखता जीवन
पर्वत खंड शिलाओं में भी
रिसता है यौवन
आशाओं के मधु बचपन में
देखा कर भाई। 

आँचल में छिपकर जितनी
लोरियाँ सुनी होंगी
अमराई मे चुपके से कैरियाँ
चुनी होंगी
उस अतीत के संगुंफन मे
देखा कर भाई।
रामकृष्ण
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सैल्यूट तिरंगा द्वारा "मिशन वंदे मातरम्" अभियान का "श्रीगणेश"

Posted: 12 Apr 2022 05:01 AM PDT

सैल्यूट तिरंगा द्वारा "मिशन वंदे मातरम्" अभियान का "श्रीगणेश"

सैल्यूट तिरंगा द्वारा "मिशन वंदे मातरम्" अभियान का "श्रीगणेश" देश के अनेक स्थानों पर कल सफलतापूर्वक हुआ। यह अभियान 17 अप्रैल तक निर्बाध रूप से चलेगा। 
अभियान के प्रथम चरण में दिनांक 15 अप्रैल को देश विदेश में लगभग 25 लाख देशभक्त एक साथ राष्ट्रगान करेंगे। सैल्यूट तिरंगा के सभी प्रमाणिक कार्यकर्ताओं से निवेदन है अपना अधिकाधिक समय दान कर 15 तारीख को स्थान-स्थान पर सामूहिक राष्ट्रगान कार्यक्रम आयोजित कर उसका फोटो, विडियो और समाचार कतरन भेजने का कष्ट करें। सभी प्रमुख कार्यक्रमों को आगामी केंद्रीय पत्रिका में स्थान दिया जायेगा  - प्रमोद कुमार मिश्र, राष्ट्रीय संगठन महामंत्री एवं राष्ट्रीय प्रवक्ता, सैल्यूट तिरंगा।
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चौहान आरती सिंह हुईं अंतर्राष्ट्रीय साहित्य महोत्सव में सम्मानित

Posted: 12 Apr 2022 04:58 AM PDT

चौहान आरती सिंह हुईं अंतर्राष्ट्रीय साहित्य महोत्सव में सम्मानित 

 औरंगाबाद जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन की कार्यकारिणी सदस्य चौहान आरती सिंह को अयोध्या में आयोजित श्रीराम अंतरराष्ट्रीय साहित्य महोत्सव 2022 में साहित्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रस्तुति हेतु "श्रीराम सम्मान" से सम्मानित किया गया है। सुश्री सिंह ने उक्त संस्था के लिए एक आलेख प्रेषित था जिसका शीर्षक "सर्व श्रेयष्करीं सीता" था, इस आलेख में उन्होंने माता सीता के विविध चारित्रिक गुणों का वर्णन बड़े ही कलात्मक ढंग से किया है। गुणवत्तापूर्ण इस आलेख के आलोक में यह सम्मान इन्हें प्राप्त हुआ है। ज्ञात हो कि चौहान आरती सिंह मूल रूप से औरंगाबाद जिले के पुनाबार, सुंदरगंज की रहनेवाली हैं। इनमें काव्य-रचना, गायन, वादन सहित कई सद्गुणों का समावेश है। इनकी इस उपलब्धि पर समकालीन जवाबदेही पत्रिका के संपादक डॉ सुरेंद्र प्रसाद मिश्र, औरंगाबाद जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन के महासचिव धनंजय जयपुरी, अधिवक्ता योगेश मिश्रा, कवि कन्हैयालाल मेहरवार कवि नागेंद्र केसरी, जागृति पाठक, मनोज मिश्र सहित सैकड़ों साहित्यानुरागियों ने शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।
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कश्मीरी विस्थापितों से मिला भारतीय जन महासभा का प्रतिनिधि मण्डल|

Posted: 12 Apr 2022 04:54 AM PDT

कश्मीरी विस्थापितों से मिला भारतीय जन महासभा का प्रतिनिधि मण्डल|

मंगलवार को कश्मीरी विस्थापितों की संस्था कश्मीर समिति दिल्ली के उच्चाधिकारियों से कश्मीर भवन , नई दिल्ली में कश्मीरी विस्थापितों के कश्मीर में पुनर्वास को लेकर भारतीय जन महासभा के लोगो के द्वारा मंत्रणा की गयी ।
इस मंत्रणा में भारतीय जन महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष धर्म चंद्र पोद्दार के अलावे राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री ए के जिंदल सम्मिलित हुए ।
विदित हो कि 'कश्मीरी समिति दिल्ली' की स्थापना सन 1958 में हुई थी लेकिन सन 1990 में भारत सरकार के द्वारा इसे कश्मीरी विस्थापितों के लिए नोडल एजेंसी के रूप में डिक्लेअर किया गया ।
मन्त्रणा के पश्चात राष्ट्रीय अध्यक्ष धर्म चंद्र पोद्दार ने पत्रकारों को बताया कि कश्मीर में कश्मीरी हिंदुओं के पुनर्वास के मामले में कुछ विचार सामने आए हैं , जिनके अनुसार कश्मीरी हिंदुओं को कश्मीर में बसाने के पूर्व उनकी सुरक्षा की चिंता सरकार को करनी चाहिए ।
कहा कि एक समय था जब भारत के बजट का एक बहुत बड़ा हिस्सा केवल कश्मीर के उन लोगों के लिए रखा जाता था जिन्होंने बड़े पैमाने पर कत्लेआम किया और कश्मीरी हिंदुओं को वहां से भगा दिया ।
आज आवश्यकता है उसी प्रकार का बड़ा हिस्सा कश्मीरी हिंदुओं को वहां पुन:श्च बसाने में खर्च किया जाए ।
कहा कि पूरे राज्य को विशेष दर्जा देने के बहाने अनेक प्रकार से खुराफाती लोगों को बढ़ावा देने का काम किया गया । आज आवश्यकता है कि ऐसे लोगों पर दमनकारी नीतियां अपनाई जाए ।
इस मंत्रणा में कश्मीरी समिति दिल्ली के अध्यक्ष सुमित चरुंगू , उपाध्यक्ष संजय कौल , सचिव (रिलीफ) अशोक त्रिशल , सचिव (कार्यलय) पुष्कर नाथ सफाया उपस्थित रहे ।
अध्यक्ष समीर चरुंगु जी ने कहा कि हिंदुओं का पलायन कश्मीर से पिछले 700 वर्षों से जारी है । सन 1990 में निष्कासित करने की 7 वीं बार कार्रवाई हुई है । इस प्रकार पहले भी अनेक बार इस प्रकार की कार्रवाई हो चुकी हैं ।
कहा कि आज आवश्यकता है कि कश्मीर का एक क्षेत्र केंद्र शासित क्षेत्र के रूप में लद्दाख की तरह डिवेलप किया जा सकता है क्योंकि वहां रिलीजस वार है और इसके कारण कश्मीरी हिंदू उनके साथ रहने की स्थिति में नहीं है ।
उन्होंने यह भी कहा कि हमारे शहीद हुए भाइयों के स्मरण में 14 सितंबर को बलिदान दिवस मनाया जाता है । इसी प्रकार 25 दिसंबर को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए कश्मीरी विस्थापितों के लोगों व बच्चों को सम्मानित किया जाता है ।
19 जनवरी होलोकास्ट डे के रूप में मनाया जाता है ।
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कश्मीरी विस्थापितों के दुःख दर्द जानने भारतीय जन महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष धर्म चंद्र पोद्दार नई दिल्ली रवाना|

Posted: 12 Apr 2022 03:20 AM PDT

कश्मीरी विस्थापितों के दुःख दर्द जानने  भारतीय जन महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष धर्म चंद्र पोद्दार नई दिल्ली  रवाना|

भारतीय जन महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री पोद्दार ने जानकारी दी है कि वह कश्मीरी विस्थापितों की संस्था के कुछ उच्चाधिकारियों से जिनमें उनके कुछ पुराने परिचित/मित्र भी हैं , से कश्मीर भवन में कश्मीरी विस्थापितों के कश्मीर में पुनर्वास को लेकर मंत्रणा करेंगे ।
13 अप्रैल को श्री पोद्दार अखिल भारत हिंदू महासभा के स्थापना दिवस समारोह में सम्मिलित होंगे ।
उक्त दिवस को ही अपराहन होने वाली अखिल भारत हिंदू महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक को भी संबोधित करेंगे ।
श्री पोद्दार ने बताया कि वे अखिल भारतीय जांगिड़ ब्राह्मण महासभा के नवनिर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल शर्मा (जांगिड़) जी एवं उनकी नवनिर्मित कार्यकारिणी के शपथ ग्रहण समारोह में अतिथि के नाते सम्मिलित होंगे ।
पोद्दार ने यह भी बताया कि दिल्ली प्रवास के दौरान वे क्रांतिकारी मदन लाल ढींगरा के अपने पोते डॉक्टर उमेश ढींगरा से भी मिलेंगे ।
इसी बीच उनका सुप्रीम कोर्ट के सीनियर एडवोकेट अश्विनी उपाध्याय जी (पीआईएल मैन) से भी मिलने का कार्यक्रम है ।
उनके साथ उनके सहयोगी के रुप में भारतीय जन महासभा के राष्ट्रीय सचिव एवं तीर्थ पुरोहित कमल राज जजवाड़े भी देवघर , झारखंड से नई दिल्ली पहुंच रहे हैं ।
नई दिल्ली प्रवास के दौरान श्री पोद्दार का केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान जी से भी मिलने का विचार है । अगर शिक्षा मंत्रालय से मिलने हेतु बुलावा आएगा तो केंद्रीय शिक्षा मंत्री जी से मिलकर उन्हें इनसे हैं हम पुस्तक भेंट करेंगे ।श्री पोद्दार की यह अति महत्वपूर्ण यात्रा होगी ।
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