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Sunday, May 1, 2022

दिव्य रश्मि न्यूज़ चैनल

दिव्य रश्मि न्यूज़ चैनल


भरी दोपहरी

Posted: 01 May 2022 08:49 AM PDT

मज़दूर दिवस पर एक रचना सभी मजदूर नेताओं, रहनुमाओं को समर्पित

भरी दोपहरी, सुखी रोटी, छाया खोज रहा है,
टूटे फूटे पत्थरों में भी, सपना खोज रहा है।
दिखलाकर तुम उसको, राम राज्य का सपना,
खुद बन बैठे हो राजा, वह तो रोटी खोज रहा है।
राजा बन तुम भ्रष्ट हो गए, भाग्य कोस रहा है,
रोजी रोटी मिलेगी कैसे, बैठा सोच रहा है।
धन संपत्ति खूब बनाये, अब महल बना रहे हो,
वह तो अब भी घास फूंस का, छप्पर खोज रहा है।
जिसके कान्धे चढ़कर, तुम सत्ता तक आये हो,
वह आज भी सड़क किनारे, पत्थर तोड़ रहा है।

डॉ अ कीर्तिवर्धन
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शाम के वक़्त

Posted: 01 May 2022 08:48 AM PDT

मजदूर.दिवस के अवसर पर 

शाम के वक़्त

जब मजदूर लौटते हैं
अपने घरों की और
होता है उनके चेहरे पर
आत्मसंतुष्टि का भाव
मेहनत कर कमाने का।
मजदूर
भविष्य के बारे मे
अधिक नहीं सोचता
वह
मेहनत करता है
कमाता है
सुख दुःख संग-संग जीता
आज और बस
कल के लिए।
मजदूर
नहीं करता पूजा प्रतिदिन
किसी भगवान की
कुछ पाने के लिए
वह करता है
धन्यवाद
ईश्वर का
उसे काम देने के लिए।
मजदूर करता है पूजा
अपने इष्ट की
सम्पूर्ण समर्पित भाव से
वर्ष मे एक या दो बार
अवसर विशेष पर
और कर देता है
सब कुछ अर्पण
इष्ट देव के चरणों मे
आस्था के साथ
जो भी है उसके पास।
मजदूर
बहुत संतुष्ट होता है।
 
डॉ अ कीर्तिवर्धन
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मैं गंगा हूँ

Posted: 01 May 2022 08:46 AM PDT

मैं गंगा हूँ

जिसमे तर्पण करते ही पुरखें भी त़िर जाते हैं
मानव की तो बात है क्या, देव भी शीश झुकाते हैं। 

जिसमे अर्पण करते ही, सारे पाप धुल जाते हैं ,
जिसके शीतल जल में, सारेअहंकार घुल जाते हैं । 

मैं गंगा हूँ
मेरा अस्तित्व 
कोई नहीं मिटा सकता है।
मैं ब्रह्मा के आदेश से 
 सृष्टि  के कल्याण के लिए उत्तपन हुई.
ब्रह्मा के कमंडल मे ठहरी
भागीरथ की प्रार्थना पर
आकाश से उतरी.। 
शिव ने अपनी जटाओं मे 
मेरे वेग को थामा,

गौ मुख से निकली तो 
जन-जन ने जाना.। 
मैं बनी हिमालय पुत्री
मैं ही शिव प्रिया बनी
धरती पर आकर मैं ही
मोक्ष दायिनी गंगा बनी.। 
मेरे स्पर्श से ही 
भागीरथ के पुरखे तर गए
और भागीरथ के प्रयास
मुझे भागीरथी बना गए.। 
मैं मचलती हिरनी सी 
अलखनंदा भी हूँ.
मैं अल्हड यौवना सी
मन्दाकिनी भी हूँ.
यौवन के क्षितिज पर
मैं ही भागीरथी गंगा बनी हूँ.। 
मैं कल-कल करती
निर्मल जलधार बनकर बहती
गंगा 
हाँ मैं गंगा हूँ.। 
दुनिया की विशालतम नदियाँ
खो देती हैं 
अपना वजूद
सागर मे समाकर.। 
और मैं गंगा 
सागर मे समाकर
सागर को भी देती हूँ नई पहचान 
गंगा सागर बनाकर.। 

फिर भला 
ऐ पगले मानव 
तुम क्यूँ मिटाना चाहते हो 
मेरा अस्तित्व 
मेरी पवित्रता में 
प्रदूषित जल मिलाकर ?

डॉ अ कीर्तिवर्धन.
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मेरी आवाज़....

Posted: 01 May 2022 08:43 AM PDT

मेरी आवाज़....

आवाज़ जो मुल्क की बेहतरी के लिए है
कोई दबा नहीं सकता।
दीवार जो मेरी आवाज़ रोक सके
कोई बना नहीं सकता।
जब जब चाहा जालिमों ऩे, आवाज़ दबी हो
किस्सा कोई बता नहीं सकता।
क़त्ल कर सकते हो जिस्म का ए कातिल
विचारों को कोई दबा नहीं सकता।
खिलेगा कोई फूल उपवन मे देखना उसको
खुशबु को कोई चुरा नहीं सकता।
कहाँ से पाला भ्रम अमर होने का, सियासतदानो
मौत से कोई पार पा नहीं सकता।
दबाओ के कब तलक मेरी आवाज़ दरिंदों
हवाओं को कोई बाँध नहीं सकता।
सजा कर एक परिंदा पिंजरें मे, जाने क्या समझे
परिंदों से गगन खाली रह नहीं सकता।
उड़ेगा बाज़ जब आसमां के सीने पर
मौत किसकी लिखी बता नहीं सकता।
लिखा तकदीर मे तेरी क्या, तू क्या जाने
जो लिखा बदलवा नहीं सकता।
ध्यान रख कोई और है दुनिया चलाने वाला
बिना मर्जी के हाथ हिला नहीं सकता।
समझते थे कुछ लोग खुद को, खुदा बन गए
कहाँ खो गए बता नहीं सकता।
ना कर गुरुर अपनी ताकत पर नादान
साँसों की गिनती गिना नहीं सकता।

डॉ अ कीर्तिवर्धन
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चूल्हा, गोबर से लिपा आंगन, फूंकनी व चिमटा

Posted: 01 May 2022 08:41 AM PDT

चूल्हा, गोबर से लिपा आंगन, फूंकनी व चिमटा

शायद नयी पीढ़ी ने यह देखा भी न हो।


चूल्हा चौका गोबर से लीपा जाता था,
चौके में ही बैठ भोजन किया जाता था।
फूँकनी से फूंक मार चुल्हा जलता था,
माँ के हाथों से उस पर खाना बनता था।


पटरी पर बैठ माँ के सभी काम पूरे होते थे,
कपड़े धोने तक सभी काम पटरी पर होते थे।
घुटती दाल पतीली में, उबाल निकाला जाता,
रोटी सेंकने को कोयले चिमटे से करने होते थे।


वह स्वाद दाल का आज तलक भी याद हमें है,
गन्ने के रस की खीर का वो स्वाद, याद हमें है।
फूली और करारी रोटी, ताज़ा मक्खन रखकर,
साग चने का घुटा हुआ मक्का रोटी, याद हमें है।


सोच रहा हूँ फिर से बचपन पा जाँऊ,
चूल्हे सम्मुख बैठ कर रोटी फिर खाऊँ।
ताजा मट्ठा साथ में मक्खन दाल उरद की,
एक और रोटी की ज़िद, माँ का प्यार पाऊँ।

अ कीर्ति वर्द्धन
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हाकिम को बेगाना समझे- लानत है,

Posted: 01 May 2022 08:38 AM PDT

हाकिम को बेगाना समझे- लानत है,

दुश्मन को जो अपना समझे, लानत है।

बोल रहा जो पाक की भाषा- लानत है,
मुल्क तोडते दुश्मन की भाषा, लानत है।

हमने भी चिट्ठी लिक्खी है हाकिम को,
जो बच्चो को बहकाते उन पर लानत है।

जिसने दीवारों पर लिक्खा, मुल्क तोडना,
वो जिन्दा अब तक घूम रहे, लानत है।

गुलशन मे भी काँटे बोते, फूल तोड कर,
नागफनी की खेती करते, लानत है।

मुफ्त के टूकडो पर पलते, आग लगाते,
सम्प्रदायिकता का जहर घोलते, लानत है।

मानवता को हमने माना सदा सनातन,
दानव अब भी खुले घूमते, लानत है‌

बच न पायें अलगाववादी इस मुल्क मे,
सी सी टी वी से पहचानो, वर्ना लानत है।

सेना पर भी पत्थर मारें, आग लगाने वाले,
देशद्रोही जिन्दा घूमें, हाकिम पर लानत है।

महामारी का कठिन दौर सियासत करते,
भ्रष्टाचारी अराजक तत्वों पर लानत है।

अ कीर्ति वर्द्धन
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श्रमिक संवेदना

Posted: 01 May 2022 08:30 AM PDT

श्रमिक दिवस 1 मई समस्त देशवासियों को श्रमिक दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं ।             

         श्रमिक संवेदना

सिंहासन ! सरकारों के हिल उठते हैं, श्रम शक्ति की हुंकारों से

पर्वत विशाल भी पल में फट जाते हैं, स्वेद विंदु की बौछारों से

जल थल अंबर सुसज्जित होते, श्रम वीरों के अलौकिक औजारों से

सदैव सृजनशीलता कुसमित होती, श्रमिक निष्ठा के उपकारों से

जग वालों मत करो उपहास हमारा, काल सदा ही हमसे हारा

हम ही अपने श्रम से सुरभित करते, हर ग्राम नगर चौबारा

निर्जन में भी जीवन सुमन खिलाकर, स्वयं के जीवन से कभी न हारा

गिरि,कानन काट बनाये पथ, मोड़ीं अगणित नदियों की धारा

मुझे धनिकों ने धकियाया, जिन पर हमने अपना सारा जीवन वारा

सहता रहा असीमित कष्ट हमेशा, माना अपने जीवन से प्यारा देश हमारा

हमने बनाये पुल बहुमंजिला भवन, अपने स्वेद विंदु गिरा गिरा कर

मंदिर मस्जिद चर्च गुरुद्वारा, हमने ही जाये श्रम लगा लगा कर

तुम्हारे सुखों के आशियाने रहते,सदा हमारे शिल्प के मोहताज

श्रमिकों का मत उपहास कर,देखो जरा अपना ही गिरेबान झांक कर

समझ नहीं खिलौना मुझको, मनुजता का कुछ तो ध्यान धर

भारत भव्य बनायें हम सब मिलकर, इस बात का ज्ञान कर

आओ हम सब बनें पुजारी देश के, अपने प्राणों से राष्ट्र का श्रंगार कर

अपने अपने उद्यम श्रम दानों से, गौरवशाली वैभवशाली भारत को छविमान कर

हमारी क्षुद्र वासनाओं का क्षय हो, हमारा चित्त राष्ट्र सृजन में लय हो

मुझमें रहे नहीं तनिक अभिमान, अविराम भारत की हर क्षण जय हो

हम कभी कहीं नहीं प्रभु दीन रहें, सदा स्वतंत्र सत्याधीन रहें हम

श्रम साधना के निभा सकें सब व्रत हम, कर्म करें नहीं किसी से भय हो

भूलना नहीं रक्तिम पग, हाथ फफोले, भूखे उदर की पीड़ा से

 धरा हिलेगी गगन झुकेगा, दुःखी हृदय की क्रंदन  क्रीड़ा से

सिंहासन ! सरकारों के हिल उठते हैं, श्रम शक्ति की हुंकारों से

पर्वत विशाल भी पल में फट जाते हैं, स्वेद विंदु की बौछारों से

                 श्रमेव जयते
              
             जय श्रमिक,जय भारत

     चंद्रप्रकाश गुप्त "चंद्र"
 (ओज कवि एवं राष्ट्रवादी चिंतक)
       अहमदाबाद, गुजरात
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हंसना मना है

Posted: 01 May 2022 08:29 AM PDT

हंसना मना है

मोबाइल टीवी चलाओ चाहे कूलर की हवा खाओ 
बाहर धूप में मत जाओ सच कहता हूं मान जाओ

हजारों बीमारियां है वातावरण कुछ ऐसा बना है 
मेरी तो बस राय यही समझो देखो हंसना मना है

बैठे-बैठे संगीत सुनलो ताना-बाना कोई बुन लो 
लेखक हो लिखो कविता मनचाहा शीर्षक चुनलो

कलमकार कलम उठाओ लेखनी जो गहना है 
अंतर्मन की पीड़ा लिख दो पीर में हंसना मना है

हो अगर व्यापारी तो खरीद लो दुख दर्द सारे 
प्यार के मोती लुटा दो भेज दो खुशियां हमारे

हानि लाभ जीवन मरण विधि का विधान बना है 
क्या खोया क्या पाया तूमने देख लो हंसना मना है

न्याय की कुर्सी पर बैठे न्यायाधीश कहलाते हो 
जो करतार करे वैसा क्या तुम न्याय कर पाते हो 

अच्छे बुरे सारे कर्मों का लेखा जोखा वहां बना है 
छप्पर फाड़कर वो देता लेकिन वहां हंसना मना है

रमाकांत सोनी सुदर्शन
नवलगढ़ जिला झुंझुनू राजस्थान
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मजदूर

Posted: 01 May 2022 08:28 AM PDT

 मजदूर 

हाँ,हम हैं पढ़े-लिखे, 
देश का एक मजदूर,
हम देश का बोझ उठाते हैं,
महल,अटारी बनाते है,
मिलते हैं जो पैसे हमें,
उससे रूखी-सुखी खाते हैं ।

करते हैं जी तोड़ मेहनत,
अपना पसीना बहाते हैं,
नहीं करते शिकायत किसी का,
नहीं हाथ फैलाते हैं,
रहते हैं खूद में मस्त,
हँसते,मुस्कुराते हैं। 

करते हैं जब हम मजदूरी,
तब हम कमाते हैं,
नहीं करते मजदूरी जिसदिन,
उस दिन भूखे रह जाते हैं 
देश को अपना श्रम देकर,
अपनी भूमिका निभाते हैं। 
         ------0-------
       अरविन्द अकेला,पूर्वी रामकृष्ण नगर,पटना-27
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साहित्यिक प्रदूषण

Posted: 01 May 2022 08:26 AM PDT

साहित्यिक प्रदूषण

छा रहा हर ओर साहित्यिक प्रदूषण,
पद्य   एवं   गद्य  दोनों  मर   रहे   हैं।

पंत जी का कवि नहीं होता वियोगी,
अब नहीं दिनकर व्यथायें छंद बनतीं।
अब इलाहाबाद के पथ पर निराला,
तोड़ पत्थर नारियाँ कब राह गढ़तीं!
निर्मला  होरी  गबन  गोदान  गायब,
सत्य कहने से समीक्षक डर रहे हैं।

व्यास  बाल्मीकि  तुलसीदास नानक,
तारसप्तक, चार खम्भे  खो  रहे हैं।
सूर  केशव   जायसी  भूषण बिहारी,
शुक्ल  भारतइन्दु  कबिरा  रो रहे हैं।
अब  यहाँ   कामायनी  के मनु अभागे,
कीचड़ों  के  बीच  बेबस  तर रहे हैं।

चंद   शंकरदेव   विद्यापति   महाकवि,
भास  मीरा  मैथिली   हरिऔध नाभा।
पाणिनी   कृतवास    रत्नाकर रहीमा,
है भरतमुनि सहरपा खुसरो कि आभा?
सृजन की सारी  कसौटी  तोड़ करके,
खुद बनाकर ताज,खुद सिर धर रहे हैं।

स्वर्ग  में  चिंतित   हमारे  पूर्वजों   से,
है निवेदन फिर से हमको माफ करना।
लेखनी  बिकने  लगी  बाजार में तो,
बेचकर धनपशु बने, सीखा अकड़ना।
लूटकर  साहित्य  के सम्मान को हम,
शान्ति शुचि सौहार्द पशुवत चर रहे हैं।

डॉ अवधेश कुमार अवध
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लेखक का दयित्व

Posted: 01 May 2022 08:25 AM PDT

लेखक का दयित्व

गीत गजल कविताएँ 
मैं लिखे जा रहा हूँ। 
और हम आप उन्हें
ही गुन गुनाये जा रहे है। 
दिलकी बातों को अपनी
लेखनी से बताये जा रहे है। 
और कुछ अपने दिलकी बातें
इनको गाकर बता रहे है।। 

एक लेखक देखकर और
सोच समझकर लिखता है। 
जो खुदकी और लोगों की 
बातों का जिक्र करता है। 
जिससे वो समाज और 
लोगों को दर्पण दिखता है।
और उन्नत समाज व
देश का निर्माण करवाता है।। 

भावो को भावनाओं से वो
बड़ी आसानी से जोड़ देता है। 
और लोगों की पीढ़ा को भी
बड़ी सरलता से कहा देता है। 
जिसे समझने वाले समझकर
खुद को बदलने लगते है। 
और समाज देश के प्रति वो
अपनी निष्ठा को दिखा देते है।। 

जय जिनेंद्र
संजय जैन "बीना" मुंबई
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मजदूर

Posted: 01 May 2022 08:22 AM PDT

मजदूर

       ---:भारतका एक ब्राह्मणः.
         संजय कुमार मिश्र 'अणु'-
जीवन के हरेक मोड पर
मिल जाता है वो दीनहीन मजबूर
उठाने को खुद पर बोझ
जिसे लोग कहा करते हैं मजदूर
पालने को परिवार का पेट
वह भी बिना तय किये रेट
अपनी सारी पीडा को दबा
हो खुद मगन रख हौसला भरपूर
जिसने माना श्रम को पूजा
लटकाए कंधे से सत्तू भुंजा
वह बिना शिकायत किये हीं
निभाता जा रहा जो खुदका दस्तूर
आओ मिलकर करें श्रम का सम्मान
आवाद करने के लिए दुनियां जहान
गढ सके अपने हाथों आंखों का सपना
बन सके जीवन समरांगण में विजित शूर
----------------------------------------
वलिदाद,अरवल(बिहार)804402.
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घंटा बजा रहे हैं

Posted: 01 May 2022 08:20 AM PDT

घंटा बजा रहे हैं

----:भारतका एक ब्राह्मण.
संजय कुमार मिश्र 'अणु'
----------------------------------------
विगत दिनों एक केस की सुनवाई सर्वोच्च न्यायालय में चल रही थी।केस में समता के अधिकार की बात थी।समान जगह,समान काम,समान कुर्सी तो थी पर वेतन में बडी विसंगति थी।
कुछ अवसरवादी अतिमहत्वाकांक्षी लोगों ने जमानत बनाया।उन लोगों का मकसद था मुद्रा मोचन से अपनी दुकानदारी चलाना और चेहरा चमकाना।लोगों का नाम देकर अपना उल्लू सीधा करना तथा खुब सब्जबाग दिखाना।
समय समय पर वे लोग कभी धारणा,कभी प्रदर्शन तो कभी घेराव आदि का नवटंकी कर लिया करते थे।तथाकथित प्रदर्शन देख जानकर लोग अपनी गाढी कमाई लुटाते।दुनियां में मूर्खों की कमी थोडे है।ये तथाकथित स्वंभू नेता अपना जोगाड फिट करते रहते।
लोगों को न्याय मिलने की उम्मीद दिलाया जाता।खुब कानून बघारे जाते।अपने हक और अधिकार का फलसफा समझाया जाता।मानव मन स्वभावतः आशावादी रहा है इसलिए सब आशा बांधे थे।इस अवसर का लाभ वकील लोग भी खुब उठाये।अपने मुवक्किल को खुब समझते कि भरोसा रखिए आप लोग।हमारे फिस का बस ख्याल रखिए।फिर देखिए की कैसे न्याय नहीं मिलता है।संविधान में समता की बात कही गई है।मौलिक अधिकार है मेरा।बस आप लोग थोडा धैर्य रखें।
न्यायालय में सुनवाई हो रही थी।जो लोग न्यायालय की चौखट भी नहीं लांघ सके वे एकदम लाईव अपडेट दे रहे थे......वकिलों के दलील सुनकर जज साहब मुस्कुरा रहे हैं।सरकारी वकील और पक्षकार के चेहरे लटक गये हैं।न्यायालय की कार्यवाही देख सरकार को लकवा मार गई।हमारे वकील साहब अपनी विद्वता से सभी को चकित किये हुए है आदि आदि।
फैसला आया सरकार के पक्ष में।हम केस हार गये।नेताओं ने अफवाह फैलाई....अब न्याया होता कहाँ है? जिसकी लाठी उसकी भैंस।न्यायालय भी तो सरकार का हीं अंग है।इसलिए फैसला सरकार के पक्ष में होना हीं था।हम लोगों को जो डर था वही हुआ।
इधर वेतन के नाम पर सरकार भी हमेशा ढिंढोरा पीटती रहती है और साथ में संघ,समिति, संगठन वाले भी।अखबार में सुर्खियां बनती है....वेतन मद में राशी स्वीकृत।दशहरा, दीपावली,ईद के मौके पर तोहफा।फलाने पर्व-त्योहार के पूर्व होगा वेतन।जिला से लेकर राज्य के गलियारियों में चहलकदमी शुरू।बयान पर बयान और दफ्तर से पत्र पर पत्र निर्गत।
इस अवसर को भी लोग भुनाने से बाज नहीं आते हैं।ह्वाट्सएप पर वेतन अपडेट आने लगता है।सभी प्रखंड से अनुपस्थिति आ गई है।जिला के पदाधिकारी एकदम सिरीस हैं सब बैंक चला गया है।हमारी बात कार्यालय पदाधिकारी से हुई है।बैंक के मैनेजर से बात किये हैं।वेतन संबंधित सभी कर्मियों से हम लगातार संपर्क में हैं।भरोसा है एक दो दिनों में राशि खाता में चला जाय।
समय बितता जाता है और पर्व त्योहार बिना पैसे का मनता है।किसी तरह उधार से।पर्व त्योहार के ठीक एक दो दिन पूर्व फिर बताया जाता है कि आज बैंक का लिंक फेल रहने के कारण भुगतान न हो पाया।फलाने-फलाने प्रखंड के अनुपस्थिति विवरणी में त्रुटि के कारण वेतन चढना संभव नहीं हो सका है।साथीयों धैर्य रखें।हमारा प्रयास सफल होगा।बैंक में कुछ तकनीकी समस्या चल रही है आदि-आदि।
सरकार, संघ,संगठन, समिति सबके सब बस श्रेय लेने के होड में हैं।कोई भी अभावग्रस्त का दर्द समझने को तैयार नहीं है।ऐसा लगने लगा है की हम मंदिर के घंटा बनकर रह गये हैं।जो भी आता है वह बजाकर चला जाता है।हमारी ऐसी विकट परिस्थिति से किसीको भी घंटा भर फर्क नहीं पडता है।
और हम भी उनके टंटा-घंटा के फेर में पडकर घंटा बजा रहे हैं।
----------------------------------------वलिदाद, अरवल(बिहार)804402.
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जाग-जागकर सारी रातें

Posted: 01 May 2022 08:17 AM PDT

जाग-जागकर सारी रातें

:भारतका एक ब्राह्मण.
           संजय कुमार मिश्र 'अणू'
----------------------------------------
तेरे सुंदर सपने आते।
      हम हो जाते भव विभोर,
      फैल उठता है नयन कोर,
      मैं हूँ तेरा और तुम मेरी-
      रहता है मन यही गाते।।
तुम हो भोली और प्यारी,
जैसे चंदा की उजियारी,
कहता मन है बलिहारी-
देखा करता आते जाते।।
        दिल में केवल यही चाह,
        हो तेरे संग जीवन निर्वाह,
        तुम जो ऐसा लो सोच प्रिये-
        बन जाये फिर रिश्ते नाते।।
यदि मुझे चाह तुम पाओगी,
अपना सौभाग्य मनाओगी,
मैं देख रहा बस तेरी राह-
और भुल चुका सारी बातें।।
        जीवन का आधार सजाले,
        एक दूजे का प्यार सजा लें,
        तुम को चाहा 'मिश्र अणु' ने-
        जाग-जागकर सारी रातें।।
----------------------------------------
वलिदाद,अरवल(बिहार)804402.
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मजदूर दिवस के अवसर पर कोरोना वॉरियर्स को सम्मानित किया गया - वंदे मातरम फाउंडेशन

Posted: 01 May 2022 08:09 AM PDT

मजदूर दिवस के अवसर पर कोरोना वॉरियर्स को सम्मानित किया गया - वंदे मातरम फाउंडेशन

जितेन्द्र कुमार सिन्हा,
मई दिवस के अवसर पर कोरोना वॉरियर्स को "वंदे मातरम फाउंडेशन" ने अपने कार्यालय में पुष्पमाला, अंग वस्त्र एवं सामग्री देकर राकेश शर्मा, राम स्वार्थ, राजकुमारी देवी, सुनीता देवी एवं गुड़िया देवी को सम्मानित किया। इसकी जानकारी फाउंडेशन के अध्यक्ष राजन सिन्हा ने दी।
उन्होंने कहा कि कोरोना काल में बहुत लोगों ने अपनी जान को जोखिम में डालकर कोरोना पीडितों को मदद किया था। वंदे मातरम के सदस्यों ने जिन लोगों को अभी तक लोग पहचान नहीं मिली थी उसकी जानकारी दी।
श्रम दिवस के अवसर पर इन लोगों को सम्मानित कर उनकी हौसला को बढ़ाया है। उन्होंने मजदूर दिवस के अवसर पर सभी लोगों को हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई दी।
उक्त अवसर पर पुष्पा तिवारी, राजकुमार गुप्ता, सुजीत कुमार, सूरज कुमार और अनुराग समरूप उपस्थित थे।
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राष्ट्र के महान क्रांतिकारी लाला हरदयाल सिंह माथुर की स्मृति में सम्पन्न हुआ व्याख्यानमाला

Posted: 01 May 2022 08:07 AM PDT

राष्ट्र के महान क्रांतिकारी लाला हरदयाल सिंह माथुर की स्मृति में सम्पन्न हुआ व्याख्यानमाला

जितेन्द्र कुमार सिन्हा
आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर जीकेसी (ग्लोबल कायस्थ कांफ्रेंस) ने दिल्ली स्थित फॉरेन करेस्पोंडेंट क्लब ऑफ साउथ एशिया परिसर में राष्ट्र के महान क्रांतिकारी लाला हरदयाल सिंह माथुर की स्मृति में व्याख्यानमाला का आयोजन किया।
व्याख्यानमाला में जीकेसी ग्लोबल अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि लाला हरदयाल जी का जन्म 14 अक्टूबर,1884 को दिल्ली में एक कायस्थ परिवार में हुआ था। उनका पूरा नाम लाला हर दयाल सिंह माथुर है। उनके पिता गौरीदयाल माथुर जो जिला अदालत में रीडर के पद पर कार्यरत थे। उनकी माता भोली रानी थी।
लाला जी कैम्ब्रिज मिशन स्कूल में स्कूली शिक्षा और दिल्ली के सेंट स्टीफन कॉलेज से संस्कृत में स्नातक और पंजाब विश्वविद्यालय से संस्कृत में मास्टर डिग्री प्राप्त की। वर्ष 1905 में, उन्होंने संस्कृत में अपने उच्च अध्ययन के लिए ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय की दो छात्रवृत्तियां भी प्राप्त की। वर्ष 1907 में कैसबर्ड प्रदर्शनीकर्ता, सेंट जॉन्स कॉलेज का एक पुरस्कार भी जीता, जहां वे अध्ययन कर रहे थे। अंततः वे 1908 में भारत लौट आए।
उन्होने कहा कि लाला हरदयाल जी ने दिल्ली और लाहौर में उच्च शिक्षा प्राप्त की। देशभक्ति की भावना उनके अन्दर छात्र जीवन से ही भरी थी। मास्टर अमीर चन्द, भाई बाल मुकुन्द आदि के साथ उन्होंने दिल्ली में भी युवकों के एक दल का गठन किया था। लाहौर में उनके दल में लाला लाजपत राय जैसे युवक सम्मिलित थे। एम. ए. की परीक्षा में सम्मानपूर्ण स्थान पाने के कारण उन्हें पंजाब सरकार की छात्रवृत्ति मिली और वे अध्ययन के लिए लंदन चले गए।
ग्लोबल अध्यक्ष ने कहा कि लंदन में लाला हरदयाल जी भाई परमानन्द, श्याम कृष्ण वर्मा आदि के सम्पर्क में आए। उन्हें अंग्रेज़ सरकार की छात्रवृत्ति पर शिक्षा प्राप्त करना स्वीकार नहीं था। उन्होंने श्याम कृष्ण वर्मा के सहयोग से 'पॉलिटिकल मिशनरी' नाम की एक संस्था बनाई। इसके द्वारा भारतीय विद्यार्थियों को राष्ट्र की मुख्यधारा में लाने का प्रयत्न करते रहे। दो वर्ष उन्होंने लंदन के सेंट जोंस कॉलेज में बिताए और फिर भारत वापस आ गए।
लाहौर में वह 'पंजाब' नामक अंग्रेज़ी पत्र के सम्पादक बन गए। उनका प्रभाव बढ़ता देखकर सरकारी हल्कों में जब उनकी गिरफ़्तारी की चर्चा होने लगी तो लाला लाजपत राय ने आग्रह करके उन्हें विदेश भेज दिया। वे पेरिस पहुँचे। श्याम कृष्णा वर्मा और भीकाजी कामा वहाँ पहले से ही थे। लाला हरदयाल ने वहाँ जाकर 'वन्दे मातरम्' और 'तलवार' नामक पत्रों का सम्पादन किया। 1910 ई. में हरदयाल सेनफ़्राँसिस्को, अमेरिका पहुँचे। वहाँ उन्होंने भारत से गए मज़दूरों को संगठित किया। 'ग़दर' नामक पत्र निकाला।
उन्होंने कहा कि गदर पार्टी की स्थापना 25 जून, 1913 में की गई थी। पार्टी का जन्म अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को के 'एस्टोरिया' में अंग्रेजी साम्राज्य को जड़ से उखाड़ फेंकने के उद्देश्य से हुआ। ग़दर नामक पत्र के आधार पर ही पार्टी का नाम भी 'ग़दर पार्टी' रखा गया था। 'ग़दर' पत्र ने संसार का ध्यान भारत में अंग्रेज़ों के द्वारा किए जा रहे अत्याचार की ओर दिलाया। नई पार्टी की कनाडा, चीन, जापान आदि में शाखाएँ खोली गईं। लाला हरदयाल इसके महासचिव थे।
उक्त अवसर पर प्रबंध न्यासी रागिनी रंजन ने कहा कि प्रथम विश्वयुद्ध आरम्भ होने पर लाला हरदयाल ने भारत में सशस्त्र क्रान्ति को प्रोत्साहित करने के लिए क़दम उठाए। जून, 1915 ई. में जर्मनी से दो जहाज़ों में भरकर बन्दूके बंगाल भेजी गईं, परन्तु मुखबिरों के सूचना पर दोनों जहाज जब्त कर लिए गए।
लीगल सेल के अध्यक्ष अवनीश श्रीवास्तव ने कहा कि हरदयाल ने भारत का पक्ष प्रचार करने के लिए स्विट्ज़रलैण्ड, तुर्की आदि देशों की भी यात्रा की। जर्मनी में उन्हें कुछ समय तक नज़रबन्द कर लिया गया था। वहाँ से वे स्वीडन चले गए, जहाँ उन्होंने अपने जीवन के 15 वर्ष बिताए।
एलएनजेपी महासचिव अभय सिन्हा ने कहा कि 1987 में, भारत के डाक विभाग ने "भारत की आजादी के लिए संघर्ष" की श्रृंखला के भीतर उनके सम्मान में एक स्मारक डाक टिकट जारी किया।
उक्त अवसर पर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुनील कुमार ने अपने अध्यक्षीय सम्बोधन में कहा कि लाला हरदयाल की मृत्यु 4 मार्च, 1939 को अमेरिका के फिलाडेलफिया में हुआ।
उक्त अवसर पर नवीन श्रीवास्तव, दीपांशु श्रीवास्तव, हीरा लाल कर्ण, शुभ्रांशु श्रीवास्तव, राजीव कांत, अजय अमृतराज, विकास चंद्रा ,राकेश अम्बष्ठा ,रजनी श्रीवास्तव, बबली सिन्हा, विपीन श्रीवास्तव, प्रजेश शंकर, अमित किशोर, सर्वेश श्रीवास्तव आदि ने भी अपने - विचार रखें।

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भारतीय जन क्रान्ति दल (डेमोक्रेटिक) के सभी कार्यालयों में मनाया जायेगा भगवान श्री परशुराम जी का जन्मोत्सव |

Posted: 01 May 2022 07:40 AM PDT

भारतीय जन क्रान्ति दल (डेमोक्रेटिक) के सभी कार्यालयों में मनाया जायेगा भगवान श्री परशुराम जी का जन्मोत्सव |

 भारतीय जन क्रान्ति दल (डेमोक्रेटिक) के राष्ट्रीय प्रवक्ता लक्ष्मण पाण्डेय ने प्रेसनोट जारी कर बतायाकि आगामी अक्षय तृतीय को भगवान श्री परशुराम के जन्मोत्सव के पावन अवसर पर भारतीय जन क्रान्ति दल डेमोक्रेटिक के देश भर के सभी कार्यालयों में भगवान श्री परशुराम जी का जन्मोत्सव आयोजित किया जा रहा है | इस वर्ष भी सम्पूर्ण भारत वर्ष में भगवान श्री परशुराम जी का जन्मोत्सव प्रात: ८ बजे देश भर में उपस्थित पार्टी के प्रत्येक कार्यालय में भगवान श्री परशुराम जी की जयंती का कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा | विगत वर्ष भी ऑनलाइन परशुराम जयंती के बाद स्थिति सामान्य हुई और इस बार भी होगा यह पूर्ण विश्वास आस्था है कि भगवान श्री परशुराम समस्त मानव जातियों का कल्याण करेंगें
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2 मई 2022, सोमवार का दैनिक पंचांग एवं राशिफल - सभी १२ राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन ? क्या है आप की राशि में विशेष ? जाने प्रशिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. प्रेम सागर पाण्डेय से |

Posted: 01 May 2022 07:20 AM PDT

2 मई 2022, सोमवार का दैनिक पंचांग एवं राशिफल - सभी १२ राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन ? क्या है आप की राशि में विशेष ? जाने प्रशिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. प्रेम सागर पाण्डेय से |

2 मई 2022, सोमवार का दैनिक पंचांग

श्री गणेशाय नम:

!! दैनिक पंचांग !!

🔅 तिथि द्वितीया रात्रिशेष 03:33

🔅 नक्षत्र कृत्तिका 11:15 PM

🔅 करण बालव 04:20 PM

🔅 पक्ष शुक्ल

🔅 योग सौभाग्य 03:36 PM

🔅 वार सोमवार
☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ

🔅 सूर्योदय 05:31 AM

🔅 चन्द्रोदय 06:00 AM

🔅 चन्द्र राशि वृषभ

🔅 सूर्यास्त 06:29 PM

🔅 चन्द्रास्त 07:48 PM

🔅 ऋतु ग्रीष्म

☀ हिन्दू मास एवं वर्ष

🔅 शक सम्वत 1944 शुभकृत

🔅 कलि सम्वत 5124

🔅 दिन काल 01:07 PM

🔅 विक्रम सम्वत 2079

🔅 मास अमांत वैशाख

🔅 मास पूर्णिमांत वैशाख
☀ शुभ और अशुभ समय

☀ शुभ समय

🔅 अभिजित 11:20:29 - 12:13:01

☀ अशुभ समय

🔅 दुष्टमुहूर्त 12:13 PM - 01:05 PM

🔅 कंटक 07:50 AM - 08:42 AM

🔅 यमघण्ट 11:20 AM - 12:13 PM

🔅 राहु काल 06:51 AM - 08:29 AM

🔅 कुलिक 02:50 PM - 03:43 PM

🔅 कालवेला या अर्द्धयाम 09:35 AM - 10:27 AM

🔅 यमगण्ड 10:08 AM - 11:46 AM

🔅 गुलिक काल 01:25 PM - 03:03 PM

☀ दिशा शूल

🔅 दिशा शूल पूर्व

☀ चन्द्रबल और ताराबल

☀ ताराबल

🔅 भरणी, कृत्तिका, रोहिणी, मृगशिरा, पुनर्वसु, आश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, विशाखा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, धनिष्ठा, पूर्वाभाद्रपद, रेवती

☀ चन्द्रबल

🔅 वृषभ, कर्क, सिंह, वृश्चिक, धनु, मीन

🌹विशेष ~ शिवाजी जयन्ती।🌹

पं. प्रेम सागर पाण्डेय्

नक्षत्र ज्योतिष वास्तु अनुसंधान केन्द्र

नि:शुल्क परामर्श - शनिवार

दूरभाष 9122608219

9835654844

2 मई 2022, सोमवार का राशिफल

मेष (Aries): आज आप अतिशय संवेदनशीलता का अनुभव करेंगे। जिसके कारण किसी के द्वारा आपकी भावना को झटका लगने का प्रसंग उपस्थित होगा। आज आपको माँ की बीमारी के विचार सतायेंगे। मानसिक व्यग्रता को दूर करने के लिए आध्यात्मिकता, योग का सहारा लें। स्त्री एवं पानी से बचने की सलाह देते हैं। अभ्यास के लिए समय मध्यम है।

शुभ रंग = उजला

शुभ अंक : 4

वृषभ (Tauras): आज आप को ज्यादा संवेदनशील एवं भावुकता भरे विचार आयेंगे जिससे आपका मन द्रवित हो उठेगा। अन्यों की और आपकी चिंता कम होगी। और इस कारण आप का मन खुश रहेगा। आप कल्पना शक्ति से सर्जनात्मक काम कर सकेंगे। परिवारवाले या दोस्तों के साथ अच्छा भोजन करने को मिलेगा। कोई आकस्मिक कारण से प्रवास करना पडेगा। पैसों के बारे ध्यान रखने से उसका आयोजन कर सकेंगे।

शुभ रंग = क्रीम

शुभ अंक = 2

मिथुन (Gemini): आज रिश्तेदार एवं मित्रों के साथ मुलाकात से आप आनंद का अनुभव करेंगे। आर्थिक योजना में आप को पहले थोड़ी मुसीबतें पड़ेंगी, किन्तु फिर आप आसानी से काम पूरा कर सकेंगे। आप के जरुरी काम भी शुरु में विलंब के बाद आसानी से पूरे होने पर आप शांति का अहसास करेंगे। नौकरी- धंधे में अनुकूल वातावरण रहेगा। और साथियों का सहयोग मिलेगा।

शुभ रंग = भूरा

शुभ अंक : 6

कर्क (Cancer): आज आप के मन में प्यार एवं भावना छलक उठेंगे और आप उसके प्रवाह में रहेंगे। दोस्त, स्वजन एवं सम्बंधी की ओर से भेंट- सौगात मिल सकते हैं एवं आप उनके साथ दिन अपना दिन खुशी में बिता सकेगें। प्रवास, सुंदर भोजन एवं प्रियजन के सहवास से आप रोमांचित रहेंगे। पत्नी के संग से मन प्रसन्न रहेगा।

शुभ रंग = उजला

शुभ अंक : 4

सिंह (Leo): आज कोर्ट- कचहरी के प्रश्न में सावधानी बरतने की सलाह देते हैं। आज मन भावनाओं से व्यथित रहेगा जिससे आप उसके प्रवाह में आकर कोई अनैतिक काम न करे उसका ख्याल रखें। महिलाओं के बारे में विशेष ध्यान रखें। वाणी एवं वर्तन में संपर्क रखें। विदेश से समाचार मिलेंगे। कानूनी बातों का निर्णय सोच समझकर करें।

शुभ रंग = गुलाबी

शुभ अंक : 1

कन्या (Virgo): आपके लिए घर, परिवार एवं व्यापार जैसे तमाम क्षेत्र लाभ लिए प्रतीक्षा कर रहे हैं। मित्रों के साथ आनंददायक प्रवास होगा तो दांपत्यजीवन में भी आप ज्यादा निकटता बना सकेंगे। स्त्री मित्र विशेष लाभदायी रहेंगे। धनप्राप्ति के लिए भी शुभ समय है। व्यापार के पैसे लेने के लिए प्रवास होगा। अविवाहितों के लिए जीवनसाथी की तलाश में सफलता मिलेगी।

शुभ रंग = केशरी

शुभ अंक : 6

तुला (Libra): आज आप के लिए नौकरी में पदोन्नति के योग देख रहे हैं। आप पर अधिकारियों की कृपा दृष्टि रहेगी। परिवार में उत्सव का उल्लास का माहौल बना रहेगा। मन में भावनात्मकता बढ़ेगी। मां की ओर से फायदा होगा। उत्तम विवाहसुख प्राप्त होगा। जमीन जायदाद के दस्तावेज कर सकेंगे। व्यवसाय क्षेत्र में अच्छा एवं सफल दिन है।

शुभ रंग = क्रीम

शुभ अंक : 2

वृश्चिक (Scorpio): आपका आज का दिन प्रतिकूलताओं एवं अनुकूलताओं से मिश्रित होगा। लेखन- साहित्य से जुडी प्रवृत्ति करेंगे। व्यवसाय के स्थल पर प्रतिकूल परिस्थिति रहेगी। ऊपरी अधिकारियों का रवैया नकारात्मक रहेगा। प्रतिस्पर्धियों के साथ वाद- विवाद न करें। संतानो से मतभेद खड़े होंगे। प्रवास की संभावना है। धनखर्च होगा।

शुभ रंग = पीला

शुभ अंक : 9

धनु (Sagittarius): आज खाने- पीने में खास ध्यान रखने की चेतावनी देते हैं। कार्य सफलता में विलंब होने के कारण निराशा का अनुभव होगा। काम समय से पूरा नहीं होगा। काम का बोझ ज्यादा रहेगा। नये काम की शुरुआत न करें। शारीरिक स्वास्थ्य बिगड़ेगा। मन बेचैन एवं व्यग्र रहेगा। बोलने पर संयम रखें। खर्च ज्यादा होगा।

शुभ रंग : पीला

शुभ अंक : 9

मकर (Capricorn): आज का दिन पैसों की दृष्टि से बहुत अच्छा रहेगा। व्यापार वृद्धि के योग हैं। इस के अलावा दलाली, व्याज, कमिशन में से मिलनेवाले पैसे आप के भंडार में वृद्धि करेंगे। प्रेमियों के लिए आज प्रणय परिचय का योग है। विजातीय आकर्षण रहेगा। सुंदर भोजन, वस्त्र परिधान एवं वाहनसुख प्राप्त होगा।

शुभ रंग = हरा

शुभ अंक : 3

कुंभ (Aquarius): वर्तमान समय में आप को कार्यों में सफलता मिलेगी एवं यशकीर्ति प्राप्त होगी। आज आप के स्वभाव में ज्यादा भावुकता रहेगा। मायके की ओर से अच्छे समाचार मिलेंगे। घर में प्रफुल्लित माहौल होगा। नौकरी में भी आप को साथियों का साथ सहयोग मिल सकेगा। तन एवं मन से आप प्रफुल्लिता का अनुभव करेंगे। परिवार का माहौल सुखशांति भरा रहेगा।

शुभ रंग = आसमानी

शुभ अंक : 7

मीन (Pisces): आज का दिन विद्यार्थियों के लिए अच्छा होने के लिए कहते हैं। उनको अभ्यास में सफलता मिलेगी एवं प्रगति के लिए नया मौका प्राप्त होगा। आप अपनी कल्पना शक्ति से साहित्य लेखन में नया काम करेंगे। प्रेमीजन एक दूसरे का सानिध्य पा सकेंगे। आप के स्वभाव में ज्यादा भावुकता एवं कामुकता रहेगी। स्त्री मित्रों से खर्च होगा।

शुभ रंग = पीला

शुभ अंक : 9 
प्रेम सागर पाण्डेय् ,नक्षत्र ज्योतिष वास्तु अनुसंधान केन्द्र ,नि:शुल्क परामर्श - रविवार , दूरभाष 9122608219 / 9835654844
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‘ईसाई कॉन्वेंट कि धर्मांतरण के केंद्र ?’ इस विषय पर ऑनलाइन विशेष संवाद !

Posted: 01 May 2022 07:02 AM PDT

'ईसाई कॉन्वेंट कि धर्मांतरण के केंद्र ?' इस विषय पर ऑनलाइन विशेष संवाद !

धर्मांतरण के केंद्र बने कॉन्वेंट विद्यालयों की केंद्र सरकार जांच करें ! 
- कर्नल राजेंद्र शुक्ला, सेवानिवृत्त अधिकारी, भारतीय सेना

    कॉन्वेंट विद्यालयों में ईसाई पंथ की शिक्षा देनाविविध माध्यमों से धर्मांतरण करना यह पहले से ही हो रहा है । स्वतंत्रता के पूर्व से कॉन्वेंट विद्यालयों में निश्‍चित रूप से क्या पढाया जाता है ?, क्या देश के संविधान का पालन कर वहां शिक्षा दी जाती है ?, इसकी जांच अभी तक किसी सरकार ने नहीं की है । कॉन्वेंट विद्यालयों के आर्थिक स्रोत क्या हैं कम से कम वर्तमान केंद्र सरकार को तो धर्मांतरण के केंद्र बने कॉन्वेंट विद्यालयों की जांच करनी चाहिएऐसी मांग भारतीय सेना के सेवानिवृत्त अधिकारी कर्नल राजेंद्र शुक्ला ने की । हिन्दू जनजागृति समिति द्वारा आयोजित 'ईसाई कॉन्वेंट कि धर्मांतरण के केंद्र ?' इस ऑनलाइन विशेष संवाद में वे बोल रहे थे ।

     
तेलंगाना की 'क्रिश्‍चन स्टडीजकी अध्ययनकर्ता इस्टर धनराज ने कहा कि, भारत में आई हुई ईस्ट इंडिया कंपनी के समय से अभी तक ईसाई मिशनरियों द्वारा स्थापित कॉन्वेंट विद्यालयों में हिन्दू विद्यार्थियों का धर्मांतरण करनायह एक ही लक्ष्य रहा है । हिन्दू विद्यार्थियों का धर्मांतरण कर ईसाई जनसंख्या बढ़ानाहिंदुओं को अल्पसंख्यक करनाऐसी केरल के समान देश की स्थिति करने का प्रयत्न वे कर रहे हैं । दिल्ली की लेखिका डॉरिंकू वढेरा ने कहा कि, भारत की स्वतंत्रता से पूर्व काल से ईसाई मिशनरियों ने हिन्दू परंपरा नष्ट करने के लिए भारत की शिक्षा व्यवस्था में प्रवेश किया । देशभर में उनका जाल फैला हुआ है तथा आज भी अभिभावक समझ रहे हैं कि कॉन्वेंट विद्यालयों की शिक्षा ही उत्तम हैपरंतु पहले की तुलना में अब हिन्दू अभिभावक जागरूक हो रहे हैं तथा ऐसे विद्यालयों की अनुचित बातों का विरोध भी कर रहे हैं ।

     हिन्दू जनजागृति समिति के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्रीरमेश शिंदे ने कहा किकॉन्वेंट विद्यालयों में केवल बाइबिल पढ़ना ही नहींअपितु 'ईसाई (जीजसकेंद्रित वातावरणका निर्माण किया जा रहा है । इन विद्यालयों में हिन्दू बच्चों को बाइबिल अनिवार्य की जा रही है । यह 'बाल सुरक्षा कानूनके विरुद्ध है । देश के प्रत्येक विद्यालय की शिक्षा संविधान के मूल्यानुसार ही होनी चाहिएपरंतु कॉन्वेंट विद्यालयों में यह कहीं भी होता हुआ दिखाई नहीं देता । बाइबिल पढाकर बच्चों को सताया जा रहा है । इसलिए हम इसका विरोध कर रहे हैं । इसके लिए कॉन्वेंट विद्यालयों के विद्यार्थियों के अभिभावकों को शिकायत करने के लिए आगे आना चाहिएऐसा आवाहन हम कर रहे हैं । वर्तमान में अनेक कॉन्वेंट विद्यालय और शैक्षणिक संस्थाओं में बहुसंख्यक हिन्दू विद्यार्थी पढ़ रहे हैंतब भी 'अल्पसंख्यक दर्जाके अंतर्गत विशेष सुविधाएं लेकर ये विद्यालय चलाए जा रहे हैंयह भी देखना चाहिए । 
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"मानव अधिकार रक्षक" ने शुभारम्भ किया "जागरूकता अभियान"

Posted: 01 May 2022 06:42 AM PDT

"मानव अधिकार रक्षक" ने शुभारम्भ किया "जागरूकता अभियान"

जितेन्द्र कुमार सिन्हा, पटना, 01 मई ::
"मानव अधिकार रक्षक" ने मजदूर दिवस के अवसर पर 01 मई (रविवार) को कंकड़बाग स्थित शिवाजी पार्क में "जागरूकता अभियान" का शुभारंभ किया। उक्त जनकारी देते हुए मानव अधिकार रक्षक के राष्ट्रीय अध्यक्ष अरविन्द कुमार ने बताया कि जागरूकता अभियानकार्यक्रम में संस्था के सलाहकार और विशेष अतिथि उषा विद्यार्थी (सदस्य महिला आयोग एवम पूर्व विधायिका), शैलेंद्र गुरुजी (पतंजलि योग, जिला प्रभारी,पटना), पिंकी यादव (वार्ड पार्षद,अशोक नगर), रीता सिन्हा जी (संस्थापिका), अरविंद कुमार (राष्ट्रीय अध्यक्ष), चेतन थिरानी (प्रदेश अध्यक्ष,बिहार), नम्रता जी (प्रदेश अध्यक्ष, महिला समिति बिहार) उपस्थित थे।
उन्होंने बताया कि कार्यक्रम का शुभारंभ जन-गण-मन से किया गया। कार्यक्रम का संचालन प्रीति लता, (महासचिव,महिला समिति,पटना) ने की।, कार्यक्रम में शैलेंद्र गुरुजी (पतंजली योग, पटना जिला प्रभारी) ने योग के शिक्षा के बारे में लोगों को जागरूक किया और बताया कि मानव अधिकार रक्षक ट्रस्ट का यह जागरूकता अभियान, लोगों को बहुत ही ज्यादा फायदा होगा जिससे मानव को अपने मूल्य अधिकारों के प्रति जागरूक हो रहे हैं। मैं इस अभियान का हिस्सा बनकर बहुत ही गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं।
मानव अधिकार रक्षक के पटना की एक्टिव मेंबर सविता ने (जो पेशे से अधिवक्ता हैं) अभियान में लोगों को बताया कि सभी लोगों को अपने अधिकार को जानना चाहिए। साथ ही, उन्होंने कुछ मुख्य धाराओं जैसे पास्को एक्ट, डाॅरी एक्ट सहित अन्य धाराओं के संबंध में जानकारी भी।
उक्त अवसर पर वार्ड पार्षद, अशोक नगर की पिंकी यादव ने बताया कि विगत 2 वर्षो वे मानव अधिकार रक्षक संस्था से जुड़ी हुई है और संस्था की संस्थापिका रीता सिन्हा एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष अरविंद कुमार के कार्यों से बहुत प्रभावित हूं और जागरुकता अभियान के माध्यम से लोगों को जागरूक करने का कार्य किया जा रहा है जो की जो प्रशंसनीय है। श्रम दिवस के अवसर पे इसका शुभारंभ 01 मई को किया जाना एक अच्छी पहल है। मैं संस्था के सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यगणों को हार्दिक बधाई देती हूं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष नम्रता कुमारी ने बच्चो को जागरूक करने की बात कही। उन्होंने युवा वर्ग के लोगों को भी जागरूक करने की दिशा में जोड़ देते हुए कहा कि इन्हें जागरुक किए जाने की बहुत ही ज्यादा अवश्यकता है।
उक्त अवसर पर बख्तियारपुर प्रखंड प्रवक्ता सूरज ने कहा कि अगर हमे मानव के अधिकारों के लिए लड़ना है तो हम सब को इस संगठन से जुड़कर एक होना होगा तभी हम सभी मिलकर न्याय व्यवस्था को सही कर सकते है, संस्था से कैसे जुड़े इसकी भी विस्तार से जानकारी दी।
मानवाधिकार रक्षक ट्रस्ट की संस्थापिका रीता सिन्हा ने महिलाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि जागरूकता अभियान आप सभी को जागरूक करने के साथ-साथ समाज कल्याण में योगदान देकर महिलाओं को सशक्त करने के लिए शुरू किया गया है।
कार्यक्रम को महिला आयोग की सदस्य उषा विद्यार्थी ने मजदूर दिवस की शुभकामना देते हुए महिलाओं के सशक्तिकरण की बात की, बच्चियों के लिए सरकार द्वारा चलाई जा रही कल्याण योजनाओं की जानकारी दी और बताया कि कैसे महिला आज घर से बाहर निकलकर अपने गांव जिला, राज्य और देश का नाम रौशन कर रही है।
उक्त अवसर पर कार्यक्रम को सफल बनाने में सक्रीय रूप से सूरज कुमार, निरंजन कुमार, प्रवीण कुमार, अनिल कुमार सहित अन्य सदस्यगण ने सहभागिता निभाई।
कार्यक्रम में महिला समिति के प्रदेश अध्यक्ष नम्रता आनंद, उत्तर पटना के उपाध्यक्ष विजयालक्ष्मी,महिला समिति के महासचिव प्रीति लता तिवारी एवं पटना जिला सचिव प्रतिभा देवी,सक्रिय सदस्य एवं लीडर कंकड़बाग की किरण सिंह, सक्रिय सदस्य स्वेता बॉबी, रमा गुप्ता, सविता कुमारी,रश्मि सिन्हा ने सदस्यता ग्रहण किया। इन सभी को मानव अधिकार रक्षक की ओर से प्रमाण पत्र (सर्टिफिकेट) देकर सम्मानित किया गया।
मानव अधिकार रक्षक के सभी नए सदस्यों ने मानवाधिकारों के हनन रोकने के संबंध में शपथ भी लिया। अंत में श्रम दिवस के अवसर पर शिवाजी पार्क के सफाई कर्मियों को स्मृति चिन्ह और अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया।
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श्रम दिवस पर अराधना सेवा समिति ने गरीब और जरुरतमंद लोगों के बीच किया भोजन वितरित

Posted: 01 May 2022 06:40 AM PDT

श्रम दिवस पर अराधना सेवा समिति ने गरीब और जरुरतमंद लोगों के बीच किया भोजन वितरित

जितेन्द्र कुमार सिन्हा,
श्रम दिवस के अवसर पर अराधना सेवा समिति ने जरुरतमंद लोगों को भूखे नहीं सोने देने की संकल्प के साथ 01 मई ( रविवार) से स्थानीय आकाशवाणी , बापू सभागार और पटना सिटी में असहाय, गरीब जरुरत मंदों के बीच भोजन का वितरण शुरू किया है।
उक्त जानकारी देते हुए अराधना सेवा समिति के व्यवस्थापक धीरेन्द्र गुप्ता ने बताया कि असहाय गरीब और जरुरत मंदों के बीच भोजन वितरण के लिए प्राप्त गुप्त सहयोग राशि से भोजन तैयार कर वितरण किया जायेगा।
उन्होंने बताया कि श्रम दिवस के अवसर पर सीता सदन, शिवपुरी, चित्तकोहरा निवासी मनोज कुमार एवं उनके समस्त परिवार के द्वारा गुप्त दान से भोजन का वितरण किया गया। भोजन वितरण में धीरेन्द्र गुप्ता, पत्रकार जितेन्द्र कुमार सिन्हा, अनिता गुप्ता, समाज सेवी पत्रकार पूजा ऋतुराज और देवी शामिल थे।
उन्होंने बताया कि हमे हिम्मत, हौसला और हमेशा सहयोग देने का आश्वासन लोगों से लगातार मिल रहा है। उनके सहयोग और मेरी मेहनत से गरीबों, असहाय और जरूरतमंदों के मदद के लिए हमेशा तत्पर है और तैयार है आराधना न्यूज।
गुप्ता ने यह भी बताया कि इस कार्य में हम उन सभी लोगों का स्वागत करते है जो संकट की घड़ी में असहाय, गरीब और जरुरतमंद लोगों को सहयोग करना चाहते हैं। गरीब, असहाय और जरूरत मंदों की सेवा करने से उनकी दुआये परिवार और रोजी रोजगार पर बनी रहती है। इसलिए हमारा उद्देश्य है कि "भूखा सोऐ न कोई अपना।"
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अमावस्या एवं श्रम दिवस के अवसर पर “श्याम की रसोई" के माध्यम से किया गया भोजन वितरण

Posted: 01 May 2022 06:36 AM PDT

अमावस्या एवं श्रम दिवस के अवसर पर "श्याम की रसोई" के माध्यम से किया गया भोजन वितरण

जितेन्द्र कुमार सिन्हा
अमावस्या एवं श्रम दिवस के अवसर पर जरुरतमंद लोगों के बीच पूरी, सब्जी, दही और पानी का वितरण मैदान और रेडियो स्टेशन के पास किया गया। उक्त जानकारी चेतन थिरानी ने दी।
उन्होंने बताया कि श्याम सेवा समिति (ट्रस्ट) द्वारा संचालित "श्याम की रसोई" के माध्यम से
असहाय, गरीब जरुरतमंद लोगों के बीच भोजन का वितरण नियमित रुप से किया जाता है।
उन्होंने बताया कि अमावस्या के शुभ अवसर पर शनिवार को कविता अग्रवाल एवं सोनल राजगढ़िया और श्रम दिवस के अवसर पर रविवार को सिद्धांत अग्रवाल की सहयोग राशि से भोजन वितरण किया गया है। ऐसे सामाजिक कार्यों से जरुरतमंद लोगों की दुआऐ एवं "श्याम बाबा की कृपा" परिवार और व्यापार पर बनी रहती है।
थिरानी ने बताया कि "हमारा एक ही सपना, भूखा सोऐ न कोई अपना" के नारे के साथ नियमित रुप से जरूरतमंदों के बीच भोजन वितरण किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि श्याम सेवा समिति (ट्रस्ट) द्वारा संचालित "श्याम की रसोई" के माध्यम से
कोई भी अपना सहयोग राशि प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से देकर यह नेक काम करा सकते हैं।
थिरानी ने बताया कि भोजन वितरण में हमारे सहयोग कर्ताओं में कविता अग्रवाल, सोनल राजगढ़िया, बसंत थिरानी, चेतन थिरानी, बजरंग अग्रवाल, रोहित थिरानी और रोशन अग्रवाल शामिल थे।
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भारतीय जन महासभा द्वारा प्रकाशित पुस्तक इनसे हैं हम का लोकार्पण गुवाहाटी में संपन्न|

Posted: 01 May 2022 06:32 AM PDT

भारतीय जन महासभा द्वारा प्रकाशित पुस्तक इनसे हैं हम का लोकार्पण गुवाहाटी में संपन्न|

भारतीय जन महासभा द्वारा प्रकाशित पुस्तक इनसे हैं हम का लोकार्पण समारोह कॉटन विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग एवं अंतर्राष्ट्रीय महिला काव्य मंच कामरूप शाखा असम के संयुक्त तत्वावधान में गुवाहाटी में संपन्न हुआ ।
इस बारे में जानकारी देते हुए महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष धर्म चंद्र पोद्दार ने बताया कि 30/04/22 को कॉटन विश्वविद्यालय के कॉन्फ्रेंस हॉल (311) में बहुचर्चित पुस्तक "इनसे हैं हम" का लोकार्पण एवं बहुभाषी काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का संयोजन महिला काव्य मंच, असम की राज्यिक महासचिव मालविका रायमेधि दास "मेधा" ने किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता का कार्यभार मंच की अध्यक्षा बिरजा देवी ने सँभाला।
मुख्य अतिथि कॉटन विश्वविद्यालय के डीन तथा बोड़ो विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. फुकन चंद्र बसुमतारी द्वारा माँ सरस्वती के आगे दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम की शुरूआत हुई।
रीतामणि भुयाँ ने अपने सुमधुर कंठ से सरस्वती वंदना प्रस्तुत की।
विशिष्ट अतिथि के रूप में कॉटन विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग की विभागाध्यक्षा
डॉ. कुसुमकुंज मालाकार जी तथा कॉटन विश्वविद्यालय के टीचर्स एसोसिएशन की उपाध्यक्षा एवं परिसंख्या विभाग की अध्यापिका डॉ रुमा तालुकदार जी सभा में उपस्थित थी।
आमंत्रित अतिथियों, संयोजक एंव अध्यक्षा का स्वागत फुलाम- गामोसा से कामरूप इकाई की उपाध्यक्षा शेवाली भगवती, महासचिव वंदना रायमेधि, वरिष्ट कवयित्री प्रणिता शर्मा एवं डॉ मंजुला हुसैन द्वारा किया गया।
अवनीत कौर "दीपाली", कुमुद शर्मा "काशवी" एंव कांता अग्रवाल जी द्वारा पर्यावरण संरक्षण के हित को ध्यान में रखते हुए अतिथियों को भेंट स्वरूप पौधे प्रदान किए गए।
इस अवसर पर अपने स्वागत भाषण में मालविका "मेधा" ने कहा कि यह हमारे लिए बड़े गौरव की बात है कि हम आज कॉटन विश्वविद्यालय में बहुचर्चित पुस्तक "इनसे हैं हम" का लोकार्पण कर रहे हैं क्योंकि ऐसा माना जाता है कि जो आज "कॉटन" सोचता है वह कल सम्पूर्ण असम सोचता है, तो यहाँ से इस पुस्तक को असम के जन जन तक पहुँचाने का हमारा प्रण पूरा होगा।
हिंदी विभाग एंव पुस्तकालय में यह पुस्तक प्रदान की गई जिससे यहाँ के विद्यार्थी जरूर लाभांवित होंगे।
आज़ादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर राजेन्द्र कुमार अग्रवाल जी की प्रेरणा से, "भारतीय जन महासभा" के अध्यक्ष श्री धर्मचंद्र पोद्दार जी के कुशल नेतृत्व एवं डॉ अवधेश कुमार 'अवध' जी द्वारा संपादित पुस्तक "इनसे हैं हम" भारत के उन गौरवशाली महापुरुषों को भावभीनी श्रद्धांजलि हैं जिन्हें या तो इतिहास के पन्नों में स्थान नहीं मिला या उनके बलिदानों को भुला दिया गया।

"इनसे हैं हम" पुस्तक विस्मृत इतिहास को उजागर कर नवयुग में नवचेतना का प्रयास है जिसमें पूरे भारतवर्ष से सम्मिलित इक्यावन प्रबुद्ध लेखकों द्वारा इक्यावन महापुरुषों के गौरवशाली इतिहास का वर्णन है।

मुख्य अतिथि डॉ फुकन बसुमतरी ने अपने भाषण में स्त्री की मर्यादा का महत्व बताते हुए कहा कि केवल महिलाएँ हर वह काम अकेली ही कर सकती हैं जो एक पुरुष के लिए मुश्किल है, इसका प्रमाण महिला काव्य मंच की यह सभा है।
आज भी कई जगह महिलाओं को द्वितीय स्तर का नागरिक समझा जाता है जो सही नहीं हैं।

डॉ रूमा तालुकदार ने अपना वक्तव्य रखते हुए कहा कि वे गौरवांवित हैं कि उनके हिंदी विभाग एंव कॉटन विश्वविद्यालय को चुना गया इस महान पुस्तक के लोकार्पण हेतु।
कॉटन परिवार की तरफ से उन्होंने अपना आभार प्रकट करते हुए यह आशा प्रकट की कि यह पुस्तक अपनी गरिमा बनाए रखने में सक्षम होगी।

डॉ कुसुमकुंज ने भी हिंदी विभाग की ओर से आभार प्रकट की एवं ऐसी पुस्तकों की आवश्यकता पर प्रकाश डाला और कहा कि विद्यार्थियों पर इसका धनात्मक प्रभाव पड़ेगा।


कॉटन के पुस्तकालय में गोलोक रायमेधि स्मृति प्रकाशन की कुल 12 पुस्तकें एवं विरजा जी की स्वरचित किताबें भी भेंट की गईं।


"इनसे हैं हम" पुस्तक पर अपने महत्वपूर्ण विचार रखते हुए काव्यगोष्ठी का शानदार संचालन अवनीत कौर "दीपाली" ने किया।


सभी ने विभिन्न भाव से भरपूर प्रभावी काव्य पाठ किया। काव्य गोष्ठी में प्रणिता शर्मा, हीरामणि तालुकदार, कंचन शर्मा" कौशिका", कांता अग्रवाल, हेमलता गौलछा, प्रियलता डेका, गीता देवी, सविता जोशी, कुमुद शर्मा "काशवी", डॉ.मंजुला हुसैन, शेवाली भागवती, मालविका रायमेधि दास "मेधा",अवनीत कौर "दीपाली", वंदना रायमेधि, नंदिता डेका एवं दो हिंदी की छात्राओं ने स्वरचित कविता पाठ कर गोष्ठी को सर्वोत्तम सफलता प्रदान की।


कुमुद शर्मा "काशवी" ने "इनसे हैं हम" पुस्तक पर दो शब्द कहते हुए सभी का आभार प्रकट कर धन्यवाद ज्ञापन किया।

अध्यक्षा बिरजा देवी ने सभा समाप्ति की घोषणा की।
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अखिल भारतीय अधिवक्ता कल्याण समिति ने बार कौंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन मनन कुमार मिश्र का जताया आभार।

Posted: 01 May 2022 06:27 AM PDT

अखिल भारतीय अधिवक्ता कल्याण समिति ने बार कौंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन मनन कुमार मिश्र का जताया आभार।

अखिल भारतीय अधिवक्ता कल्याण समिति की राष्ट्रीय कोर कमिटी की आज महत्वपूर्ण बैठक समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार स्टेट बार कौंसिल के उपाध्यक्ष श्री धर्मनाथ प्रसाद यादव की अध्यक्षता में आभासी तरीके से सम्पन्न हुई। जिसमें विषय वस्तु अखिल भारतीय अधिवक्ता कल्याण समिति के राष्ट्रीय महामंत्री और झारखंड राज्य बार कौंसिल के उपाध्यक्ष श्री राजेश कुमार शुक्ल ने रखा।
बैठक में सर्वसम्मति से पिछले दिनों पत्रकार सम्मेलन में किए गए बार कौंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन और सीनियर एडवोकेट श्री मनन कुमार मिश्र के इस घोषणा का स्वागत किया गया जिसमें बिहार में पेंशन योजना को और प्रभावी बनाने और युवा अधिवक्ताओं के प्रशिक्षण कराने तथा सितंबर में बार कौंसिल ऑफ इंडिया का राष्ट्रीय सेमिनार कराने की घोषणा की गई है। कोर कमिटी ने इसके लिए श्री मिश्र की भूरी भूरी प्रशंसा करते हुए कहा है के अधिवक्ताओं के हितों के प्रति वे सदैव सचेष्ट और गंभीर रहते है। उनके नेतृत्व पर देश के अधिवक्ताओं का अटूट विश्वास है।
अखिल भारतीय अधिवक्ता कल्याण समिति ने एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट बिना विलंब के पूरे देश मे लागू कराने का भी आग्रह बार कौंसिल ऑफ इंडिया से किया है तथा इस दिशा बी सी आई के चेयरमैन श्री मनन कुमार मिश्र द्वारा किए गए प्रयास की सराहना भी किया है तथा आशा व्यक्त किया है कि जल्द इसके सकारात्मक परिणाम सामने आयेंगे।
समिति के अध्यक्ष और बिहार राज्य बार कौंसिल के पेंशन कमिटी के चेयरमैन श्री धर्मनाथ प्रसाद यादव ने कहा की बार कौंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष श्री मनन कुमार मिश्र इस समिति के भी संरक्षक है तथा उन्होंने समिति की मांग को प्रमुखता दिया है इससे अधिवक्ताओं में ख़ुशी की लहर है। श्री यादव ने कहा कि समिति युवा अधिवक्ताओं को प्रशिक्षण देने की मांग और पेंशन योजना को मूर्त रूप देने की मांग लंबे समय से कर रही थी।
अखिल भारतीय अधिवक्ता कल्याण समिति के राष्ट्रीय महामंत्री तथा झारखंड स्टेट बार कौंसिल के वाईस चेयरमैन श्री राजेश कुमार शुक्ल ने कहा कि अधिवक्ताओं के साथ लगातार धमकाने, मारपीट करने की घटना प्रकाश में आई है। हाल के बर्षो में झारखंड, बिहार सहित अन्य राज्यों में कुछ अधिवक्ताओं के नृशंस हत्या तक कि सूचना है। इसके लिए अब आवश्यक हो गया है कि बिना बिलम्ब के पूरे देश मे एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू किया जाय।
श्री शुक्ल जो झारखंड स्टेट बार कौंसिल की पेंशन कमिटी के भी चेयरमैन है ने कहा है झारखंड में भी पेंशन योजना को और भी प्रभावकारी तथा लाभकारी बनाने के लिए कदम उठाए जायेंगे। उन्होंने कहा कि बार कौंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन श्री मनन कुमार मिश्र के कुशल और प्रेरक नेतृत्व का ही परिणाम है की अधिवक्ताओं के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
बैठक में स्वागत करते हुए अखिल भारतीय अधिवक्ता कल्याण समिति के बिहार प्रदेश के महामंत्री तथा विधि विमर्श पत्रिका के संपादक श्री रणविजय कुमार सिंह ने कहा कि युवा अधिवक्ताओं के प्रशिक्षण के कार्य मे समिति भी महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेंगी। उन्होंने बार कौंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन श्री मिश्र के अधिवक्ता हित में किए जा रहे प्रयास की प्रशंसा की।
बैठक में कोर कमिटी के सदस्य श्री रामचरित्र प्रसाद, रसिक बिहारी सिंह, शिव कुमार यादव, अनिल कुमार महतो, भरत झा, ममता संघानी, विनीता सिंह, नागेन्द्र प्र० यादव ,दीपक प्रसाद सिन्हा, डॉ मधुसूदन राय, शंभुशरण शर्मा, कुलदीप नारायण दुबे, अन्नपूर्णा कुमारी, सुधाकर दाश, राजन तिवारी, प्रवीण चटर्जी , विभाकर सिंह, सत्येन्द्र नारायण सिंह, नीलेश प्रसाद , अक्षय झा, परमजीत श्रीवास्तव सहित अन्य राज्यों के विशेष आमंत्रित सदस्यों ने अपने विचार रखे ।धन्यवाद ज्ञापन उड़ीसा के प्रदेश अध्यक्ष श्री सुधाकर दास ने किया।
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चाणक्य राष्ट्रीय विधि विशवविद्यालय, चाइल्ड राइट्स सेंटर, पटना एवं विधि विमर्श, के तत्वाधान में बाल अधिकार पर संगोष्ठी की गई

Posted: 01 May 2022 06:25 AM PDT

चाणक्य राष्ट्रीय विधि विशवविद्यालय, चाइल्ड राइट्स सेंटर, पटना एवं विधि विमर्श, के तत्वाधान में बाल अधिकार पर संगोष्ठी की गई

चाणक्य राष्ट्रीय विधि विशवविद्यालय, चाइल्ड राइट्स सेंटर, पटना एवं विधि विमर्श, के तत्वाधान में बाल अधिकार पर संगोष्ठी की गई। जिसका मुख्य उद्देश्य था समाज में हो रहे, बाल तस्करी, बाल श्रम, बाल विवाह को कैसे रोका जाय।चंदन कुमार सिन्हा, कार्यक्रम समन्वयक, सीआरसी, सीएनएलयू ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए, चाइल्ड राइट्स सेन्टर के ऐतिहासिक पृष्टभूमि की चर्चा किया। साथ ही डॉ अमन कुमार केंद्र नसमन्वयक, सीआरसी, सीएनएलयू ने सेंटर में चल रहे सोध कार्यक्रम को विस्तार से बताया।पटना उच्च न्यायलय के अधिवक्ता एवं विधि विमर्श के संपादक रणविजय सिंह ने वच्चों के अधिकार पर विस्तार से चर्चा की एवं उन्होने पत्रिका का यह अंक बाल अधिकार पर ही केन्द्रित कर प्रकाशित कियाI साथ ही श्री सिंह ने सटीक व सरल भाषा में आर्टिकल कैसे लिखा जाय इसपर ध्यान केंद्रित करवाया।मौके पर उपस्थित प्रो. प्रेम कुमार ने बच्चो के अधिकारों को लेकर कहा कि हम सभी को और जागरूक होने की आवश्यकता है तथा वर्तमान में जो समस्याएं उत्तपन हो रही है उससे कैसे निजात पाया जाए इसपर उन्होंने चर्चा किया।सीए संजय झा ने बताया कि कानून तो बहुत है पर उसे जमीन पर कैसे उतारा जाय जिससे कि यह कानून का लाभ आम लोगो तक पहुचे।नीतीश कुमार सिंह, संयुक्त संपादक ने कहा कि मुझे अच्छा लगा कि सीआरसी विभाग लोगों को बाल अधिकारों के बारे में जागरूकता और शिक्षण के लिए सेमिनार आयोजित करता है।उन्होंने रेलवे स्टेशन के पास भटक रहे कई बच्चों का भी जिक्र किया।शंभू शर्मा ने कहा कोई भी बच्चा परिवार के संरक्षण में है, लेकिन माता-पिता उन्हें उचित प्यार और देखभाल नहीं दे रहे हैं।
उप संपादक, विधि विमर्श के शिवानंद गिरी ने पॉक्सो अधिनियम, के तहत बच्चों को कैसे सुरक्षा प्रदान किया जाय इसपर विस्तार से बाते की।संयुक्त सम्पादक ओम प्रकाश ने बच्चों के मौलिक अधिकारों तथा संयुक्तराष्ट्र को जोड़ते हुए चर्चा किया।इसके अलावा बहुत सारे वक्ताओं ने एक एक कर अपनी बातें रखी। अनुरागिनी ने बच्चों के अधिकारों से संबंधित कार्टून कैरेक्टर या एप बनाने का सुझाव दि।संगोष्ठी में आये अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापन विधि विमर्श के सह संपादक एवं सीनियर लाइब्रेरी अस्सिटेंट, सीएनएलयू शिव जी प्रसाद द्वारा किया गया।
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