दिव्य रश्मि न्यूज़ चैनल |
- मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भवन निर्माण विभाग द्वारा क्रियान्वित विज्ञान एवं प्रावैधिकी विभाग के 17 भवनों का उद्घाटन एवं 5 भवनों का किया शिलान्यास
- ड्रीम प्रोजेक्ट गंगाजल आपूर्ति योजना का मुख्यमंत्री ने किया स्थलीय निरीक्षण
- किसानों एवं कृषि वैज्ञानिकों के बीच “एक जिला एक उत्पाद” विषय पर परिचर्चा का किया गया आयोजन
- तन-मन कंचन कैसे होगा
- आंसू
- 26 मई 2022, गुरुवार का दैनिक पंचांग एवं राशिफल - सभी १२ राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन ? क्या है आप की राशि में विशेष ? जाने प्रशिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. प्रेम सागर पाण्डेय से |
- हँसुली के सरधा
- लिखना है तो.
- 25 मई 2022, गुरूवार का दैनिक पंचांग एवं राशिफल - सभी १२ राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन ? क्या है आप की राशि में विशेष ? जाने प्रशिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. प्रेम सागर पाण्डेय से |
- पटना में आयोजित हुआ "चित्रांश मिलन समारोह"
- अवैध कब्जा धारियों के खिलाफ़ बुलडोज़र का खेल शुरू-राकेश कपूर
- Liked on YouTube: सरकारी कर्मचारियों की लूट की सजा चार्टर्ड एकाउंटेंट को क्यों? सरकार नहीं चाहती वितीय निष्पक्षता आये
- बिहार टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए ‘बुकबायरुम्स’ का पहला कदम|बिहार का पहला स्टार्टअप इंडस्ट्री ओटीए के साथ स्थापित हुआ बुकबायरुम्स
- मुख्यमंत्री से 2020 बैच के प्रशिक्षु आई0ए0एस0 अधिकारियों ने शिष्टाचार मुलाकात की
- प्रेम का प्रतीक
- लोकनायक जयप्रकाश नारायण पर मोतीहारी में आयोजित हुआ व्याख्यानमाला
- 24 मई 2022, मंगलवार का दैनिक पंचांग एवं राशिफल - सभी १२ राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन ? क्या है आप की राशि में विशेष ? जाने प्रशिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. प्रेम सागर पाण्डेय से |
- मुख्यमंत्री ने खरीफ महाभियान 2022 का किया शुभारंभ
- मुख्यमंत्री ने मगध महिला कॉलेज के नवनिर्मित छात्रावास का किया उद्घाटन
- पोप ने भारत का अपमान किया है संसद में प्रस्ताव पारित कर इनकी धर्म विरोधी दुकानें बंद करें। --स्वामी बालयोगेश्वर
- ‘परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी का हिन्दू राष्ट्र स्थापना का ईश्वरीय कार्य !’ इस विषय पर विशेष संवाद !
| Posted: 25 May 2022 09:33 AM PDT मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भवन निर्माण विभाग द्वारा क्रियान्वित विज्ञान एवं प्रावैधिकी विभाग के 17 भवनों का उद्घाटन एवं 5 भवनों का किया शिलान्यासपटना, 25 मई, 2022:- मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने 1 अण्णे मार्ग स्थित संकल्प से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भवन निर्माण विभाग द्वारा क्रियान्वित विज्ञान एवं प्रावैधिकी विभाग के 893.60 करोड़ रुपये की लागत के 17 भवनों का उद्घाटन एवं 193.67 करोड़ रुपये की लागत के 5 भवनों का शिलान्यास किया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों का मैं अभिनंदन करता हूं। आज कई योजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया गया है। विभाग के मंत्री एवं अधिकारी ने योजनाओं के संबंध में विस्तृत जानकारी दी है। आज 17 भवनों का उद्घाटन किया गया है जिसमें 8 जिलों के अभियंत्रण महाविद्यालय हैं। खगड़िया और बेतिया में पॉलिटेक्निक भवन का निर्माण हुआ है। सासाराम, छपरा, पूर्णिया, भागलपुर, बख्तियारपुर एवं चंडी के पॉलिटेक्निक संस्थानों में छात्र-छात्राओं के लिए छात्रावास निर्माण भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि कई भवनों का शिलान्यास किया गया है जिसमें भागलपुर, मुजफ्फरपुर, गुलजारबाग (पटना) और छपरा के पॉलिटेक्निक संस्थानों तथा मोतिहारी अभियंत्रण महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं के लिए छात्रावास का निर्माण कराया जाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सभी को मालूम है कि हमने निर्णय लिया है कि हर जिले में इंजीनियरिंग कॉलेज और पॉलिटेक्निक कॉलेज का निर्माण करेंगे। इसी साल के अंत तक सभी इंजीनियरिंग कॉलेज और पॉलिटेक्निक कॉलेज के भवनों का निर्माण पूरा कर लिया जायेगा। पहले बिहार में 17 से 23 वर्ष के 13.9 प्रतिशत बच्चे-बच्चियां उच्च शिक्षा प्राप्त करते थे जबकि देश में यह आंकड़ा 25 प्रतिशत था। हमने लक्ष्य निर्धारित किया था कि 30 प्रतिशत बच्चे-बच्चियों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिये प्रोत्साहित करेंगे। 2021 की रिपोर्ट के अनुसार बिहार में यह दर 19.3 प्रतिशत तक पहुंच गया है। इसी को ध्यान में रखते हुये नये इंस्टीट्यूशन के निर्माण का निर्णय लिया गया था। जब हम सांसद थे और केंद्र सरकार में मंत्री थे, तो देश के कई हिस्सों में जाने का अवसर मिलता था, उस दौरान हम देखते थे कि बिहार के विद्यार्थी वहां पढ़ रहे हैं। जब हमें 2005 में काम करने का मौका मिला तो हमने तय किया कि सभी जिलों में इंजीनियरिंग कॉलेज, पॉलिटेक्निक कॉलेज बनायेंगे। राज्य सरकार ने जमीन उपलब्ध कराकर अपने खर्चे पर बी०आई०टी० मेसरा के भवन का निर्माण कराया। जब हम श्रद्धेय अटल जी की सरकार में केंद्र में मंत्री थे, उस दौरान बिहार कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, पटना को हमने एन0आई0टी0 बनाने के लिए आग्रह किया था और उसके बाद बिहार कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग को एन0आई0टी0 का दर्जा मिला। मेरे आग्रह पर ही पटना में आई0आई0टी0 का निर्माण कराया गया। उसके लिये राज्य सरकार ने 500 एकड़ जमीन उपलब्ध करायी। इससे छात्रों को काफी लाभ हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2005 में बिहार में तीन प्राइवेट इंजीनियरिंग कॉलेज भी थे, जो लगभग बंद हो गये थे। हमने प्राइवेट इंजीनियरिंग कॉलेज दरभंगा, गया और मोतिहारी को जाकर देखा और कहा कि हम इसे चलायेंगे। उसी समय हमने इन सभी काॅलेजों को शुरू कराया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी जिलों में इंजीनियरिंग कॉलेज और पॉलिटेक्निक कॉलेज की बिल्डिंग बनाई जा रही है। कुछ जगह बाकी है, जिसे इस साल के अंत तक पूर्ण कर लिया जाएगा। इसका आश्वासन अधिकारियों ने दिया है, यह खुशी की बात है। किसी को मजबूरी में बाहर पढ़ने के लिये नहीं जाना होगा। मेडिकल और इंजीनियरिंग की पढ़ाई में लड़कियों को कम-से-कम 35 प्रतिशत का आरक्षण दिया जा रहा है। मेडिकल यूनिवर्सिटी और इंजीनियरिंग यूनिवर्सिटी की स्थापना की जा रही है। उन्होंने कहा कि हमलोगों ने कई उत्कृष्ट भवनों का निर्माण कराया है। पटना में सम्राट अशोक कन्वेंशन केन्द्र बनाया गया, बिहार संग्रहालय एवं सरदार पटेल भवन का निर्माण बहुत अच्छे ढंग से कराया गया। पटना में बापू टावर बन रहा है, इसमें राष्ट्रपिता महात्मा गांधीजी के बारे में सारी जानकारी मिलेगी। बोधगया में महाबोधि सांस्कृतिक केन्द्र का भी निर्माण कराया गया है। पटना में साइंस सिटी बनाने का निर्णय लिया और उसका नामकरण डॉ० ए०पी०जे० अब्दुल कलाम के नाम पर किया गया है। पटना के अलावा दरभंगा में भी तारामंडल का निर्माण कराया जा रहा है। वैशाली में बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय तथा राजगीर में अंतर्राष्ट्रीय खेल एकेडमी का निर्माण कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक बात मैं कहना चाहूंगा, हमने तय कर दिया है कि हम किसी चीज को बनायेंगे तो उसका ठीक से मेंटेनेंस करेंगे। जितने भी इंस्टीच्यूशन हैं, सबका मेंटेनेंस ठीक ढंग से होना चाहिये। हम आप से यही आग्रह करेंगे। जो भी संस्थान बनाए जा रहे हैं, उसके लिए शिक्षक, कर्मचारी एवं अन्य स्टाफ की जो आवश्यकता हो, उसकी बहाली कराएं। जो भी संसाधन की जरूरत हो, उसकी व्यवस्था करें। सभी संस्थानों का रेगुलर मेंटेनेंस हो। हर जगह साफ-सफाई की व्यवस्था रखें। हमने कई जगह जाकर नवनिर्मित भवनों का निरीक्षण किया है। सब बहुत अच्छे ढंग से बनाया गया है। उन्होंने कहा कि सड़क, पुल-पुलियों एवं भवनों का बेहतर ढंग से निर्माण किया गया है, उनसब का मेंटेनेंस विभाग ठीक ढंग से कराए, इसके लिये इंजीनियरों और स्टाफ की जरूरत हो तो उसकी भी बहाली कराएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी छात्र-छात्राएं खूब मन लगाकर पढ़ाई करें। पढ़ानेवाले भी प्रेमपूर्वक पढ़ाएं। सभी पढ़ेंगे तो आगे बढ़ेंगे और इससे बिहार का विकास होगा। कार्यक्रम को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपमुख्यमंत्री श्री तारकिशोर प्रसाद ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम को भवन निर्माण मंत्री श्री अशोक चैधरी, विज्ञान एवं प्रावैधिकी मंत्री श्री सुमित कुमार सिंह, मुख्य सचिव श्री आमिर सुबहानी, विज्ञान एवं प्रावैधिकी विभाग के सचिव श्री लोकेश कुमार सिंह एवं भवन निर्माण विभाग के सचिव श्री कुमार रवि ने संबोधित किया। कार्यक्रम के दौरान भवन निर्माण विभाग तथा विज्ञान एवं प्रावैधिकी विभाग की योजनाओं पर आधारित अलग-अलग लघु फिल्म दिखाई गई। कार्यक्रम में सांसद श्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ0 एस0 सिद्धार्थ, मुख्यमंत्री के सचिव श्री अनुपम कुमार एवं मुख्यमंत्री के विशेष कार्यपदाधिकारी श्री गोपाल सिंह उपस्थित थे जबकि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बिहार विधानसभा अध्यक्ष श्री विजय कुमार सिन्हा सहित अन्य सांसदगण, विधायकगण, विधानपार्षदगण, अन्य जनप्रतिनिधगण, जिलाधिकारी, अभियंत्रण महाविद्यालय एवं राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थान के प्राचार्यगण, शिक्षकगण, छात्र-छात्राएं एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| ड्रीम प्रोजेक्ट गंगाजल आपूर्ति योजना का मुख्यमंत्री ने किया स्थलीय निरीक्षण Posted: 25 May 2022 09:24 AM PDT ड्रीम प्रोजेक्ट गंगाजल आपूर्ति योजना का मुख्यमंत्री ने किया स्थलीय निरीक्षण
पटना, 24 मई, 2022:- मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने आज राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी गंगाजल आपूर्ति योजना का नवादा जिले के नारदीगंज प्रखंड के डोहड़ा पंचायत स्थित मोतनाजे ग्राम में स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने नवादा में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट एवं नालंदा जिले में राजगीर रिजरवायर का भी स्थलीय निरीक्षण किया। इस परियोजना के तहत नवादा जिले के मोतनाज़े में नवनिर्मित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, डिटेंशन टैंक पंप हाउस, क्लोरीन हाउस, फिल्टर बेड, यूटिलिटी बिल्डिंग, कैरली फ्लोक्कुलेटर, केमिकल हाउस, स्लैग बेल, वाश वाटर टैंक एवं नालंदा जिले के राजगीर रिजरवायर और इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम, आई0टी0 सिटी पार्ट-1 एवं राजगीर फ़िल्म सिटी का स्थलीय निरीक्षण कर गंगाजल आपूर्ति योजना के विभिन्न कार्यों के संबंध में अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली। मुख्यमंत्री की उपस्थिति में मोकामा के हाथीदह गंगा घाट से गंगाजल को अपलिफ्ट कर मोतनाज़े वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में ट्रायल के तौर पर फ्लो कराया गया। मुख्यमंत्री सहित सभी उपस्थित लोगों ने गंगाजल आपूर्ति योजना के सफल ट्रायल पर ताली बजाकर प्रसन्नता जाहिर की। नवादा की धरती पर मां गंगा के आगमन पर मुख्यमंत्री ने हाथ जोड़कर नमन किया। निरीक्षण के क्रम में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि मोतनाज़े से ही गंगाजल की आपूर्ति राजगीर, नवादा, गया और बोधगया में जानी है। यह तो कॉमन प्लेस है। उन्होंने कहा कि नवादा शहर के पास गंगाजल को स्टोर कर प्यूरीफाई करने के बाद लोगों के घरों तक शुद्ध पेयजल की आपूर्ति करने का प्रबंध सुनिश्चित करें। गंगाजल आपूर्ति योजना के माध्यम से नवादा, राजगीर, गया एवं बोधगया के लोगों को सालो भर पेयजल आपूर्ति की जाएगी। इसके लिए बरसात के चार महीने तक गंगा नदी से वाटर अपलिफ्ट कर वर्ष के शेष आठ महीने जलापूर्ति हेतु पर्याप्त मात्रा में पानी को स्टोर किया जाएगा। नालंदा विष्वविद्यालय हेतु 70 एकड़ जमीन अधिग्रहित की गयी है, उसमें से 10 एकड़ भूमि गंगाजल आपूर्ति योजना हेतु इस्तेमाल की जाएगी। राजगीर रिजरवायर का निरीक्षण करने के क्रम में मुख्यमंत्री ने प्रोटेक्शन के लिहाज से रिजरवायर के चारों तरफ फेसिंग (तार का घेरा) कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि रिजरवायर में संग्रहित जल को सुरक्षित रखने के लिए पहाड़ की तरफ से बांध रूपी चहारदीवारी अवश्य करायें ताकि जलस्तर मेनटेन रहे। उन्होंने कहा कि कुछ लोग गड़बड़ मानसिकता के होते हैं इसलिए इस खास क्षेत्र में लोगों के आवागमन पर पूर्णतः पाबंदी रखी जाय। संग्रहित जल की सतत् निगरानी हेतु यहां पुलिस चैकी का प्रबंध करें। इसके अलावा स्थायी रुप से लोगों को भी डिप्यूट करें ताकि कोई इंटरफेरेंस न कर सके। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि गंगाजल स्टोरेज का एरिया जो नवादा में पड़ता है, उसकी जिम्मेवारी नवादा को सौपें और जो नालंदा में पड़ता है उसकी जिम्मेवारी नालंदा को सौपें। सुरक्षा के मद्देनजर जल संचित क्षेत्र में बेवजह किसी भी व्यक्ति की एंट्री नही होनी चाहिए। निरीक्षण के पष्चात् पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सब लोगों तक गंगाजल पहुंचे इसके लिए हम लगातार इस प्रोजेक्ट की जानकारी ले रहे हैं। जब हमलोगों को काम करने का मौका मिला तो सबसे पहले हमने नवादा और गया की स्थिति की जानकारी ली। हमारी इच्छा शुरू से थी कि गंगाजल गया, बोधगया, नवादा और राजगीर पहुंचे। वर्ष 2019 में हमने जल-जीवन-हरियाली योजना की शुरुआत की थी। उसी समय हमने तय किया था कि गंगाजल यहां तक पहुंचाएंगे। हमने शुरू में ही बता दिया था कि गंगाजल को मोकामा से लाने में सुविधा होगी। हालांकि विभाग के लोगों ने भी अपने स्तर से कई जगहों पर जाकर इसका मुआयना किया कि कहां से गंगाजल ले जाने में सुविधा होगी और बाद में उनलोगों ने भी मोकामा का ही चयन किया। हमने दो-तीन बार पूरे क्षेत्र का भ्रमण किया और इसकी जानकारी ली कि किस तरह से रूट बनना चाहिए और कहां से पानी लाया जाएगा, इसके लिए पूरे एलायनमेंट को समझा। सड़क मार्ग से जो पाइपलाईन जा रही है, उसे भी देखा। गया और बोधगया की भी जानकारी ली कि वहां कितना काम हुआ है। अधिकारियों ने बताया है कि वहां भी काम लगभग पूरा हो गया है। पाइपलाईन पहुंचने वाली है, अभी ट्रायल चल रहा है। असल काम बरसात के महीने में होगा। इस काम के लिए चार महीने तय किए गए हैं। मोकामा से गंगाजल नवादा के बाद अन्य तीन जगहों पर जाएगा। वहां पानी को प्यूरीफाई किया जाएगा, उसके बाद लोगों को वितरित किया जाएगा। एक-एक चीज पहले से तय है। हम चाह रहे हैं कि इसी साल लोगों को गंगा का पानी मिल जाए। जिस एजेंसी को पानी डिस्ट्रीब्यूट करना है, उसकी भी जानकारी हमने ली है। गया में यह काम नगर विकास के जिम्मे है और नवादा में पी0एच0ई0डी0 इस काम को करेगा। लोगों को पानी की आपूर्ति में कोई कठिनाई न हो इसलिए हम यहां व्यवस्था देखने आए हैं। अभी तो ये सिंबॉलिक है। जून-जुलाई में पानी आपूर्ति का काम शुरू होगा। लोगों के सहयोग से ही यह काम संभव हो पाया है। सबने सहयोग किया, जमीन दी, उनलोगों का मैं अभिनंदन करता हूं। इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री श्री संजय कुमार झा, ग्रामीण विकास मंत्री श्री श्रवण कुमार, सांसद श्री कौशलेंद्र कुमार, विधायक श्री कौशल किशोर, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त परामर्शी श्री मनीष कुमार वर्मा, सचिव जल संसाधन श्री संजय कुमार अग्रवाल, सचिव लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग श्री जितेंद श्रीवास्तव, जिलाधिकारी नालंदा श्री शशांक शुभंकर, जिलाधिकारी नवादा श्रीमती उदिता सिंह, पुलिस अधीक्षक नालंदा श्री अशोक मिश्रा, पुलिस अधीक्षक नवादा श्री गौरव मंगला सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति एवं अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews 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| किसानों एवं कृषि वैज्ञानिकों के बीच “एक जिला एक उत्पाद” विषय पर परिचर्चा का किया गया आयोजन Posted: 25 May 2022 09:11 AM PDT किसानों एवं कृषि वैज्ञानिकों के बीच "एक जिला एक उत्पाद" विषय पर परिचर्चा का किया गया आयोजनभारत सरकार द्वारा किसानों के हितार्थ लाये गए एक महत्वपूर्ण योजना 'एक जिला एक उत्पाद' के तहत सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार के फील्ड आउटरीच ब्यूरो (एफओबी), छपरा इकाई तथा कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके), मांझी, सारण के सहयोग से आज 25 मई, 2022 को केवीके, मांझी प्रशिक्षण केंद्र में टमाटर की खेती वैज्ञानिक एवं आधुनिक तरीके से करने को लेकर किसानों के बीच एक विशेष परिचर्चा का आयोजन किया गया। परिचर्चा कार्यक्रम का उद्घाटन रीजनल आउटरीच ब्यूरो, पटना के कार्यक्रम प्रमुख पवन कुमार सिन्हा, सहायक क्षेत्रीय प्रचार अधिकारी सर्वजीत सिंह, केवीके के केंद्र प्रमुख व वरीय वैज्ञानिक डॉ.अभय कुमार सिंह, उद्यान वैज्ञानिक डा.जितेंद्र चंदोला, मृदा वैज्ञानिक डा.कन्हैयालाल रैंगर, पादप रोग वैज्ञानिक डा.रातुल मोनी राम तथा मृदा वैज्ञानिक डा.विजय कुमार ने सम्मिलित रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। परिचर्चा में सारण जिले के गरखा, जलालपुर, मांझी, एकमा एवं आसपास के अन्य प्रखंड के 50 से अधिक किसान शामिल हुए। परिचर्चा में केवीके के कृषि, मृदा एवं रोग विशेषज्ञ वैज्ञानिकों ने अपने संबोधन के माध्यम से टमाटर की उन्नत खेती, उसमें होने वाले विभिन्न रोगों की जानकारी एवं उससे बचाव के बारे में विस्तारपूर्वक चर्चा की। 'एक जिला एक उत्पाद' कार्यक्रम की विषयवस्तु पर चर्चा करते हुए सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार के पटना स्थित रीजनल आउटरीच ब्यूरो (आरओबी) के कार्यक्रम प्रमुख पवन कुमार सिन्हा ने कहा की इस परिचर्चा कार्यक्रम के आयोजन का मुख्य उद्देश्य टमाटर की खेती करने वाले किसानों एवं कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिकों को एक मंच पर लाना था। इस परिचर्चा के दौरान जहां किसानों को वैज्ञानिक एवं आधुनिक तरीके से उन्नत किस्म के टमाटर की खेती करने के तरीके बताए गए, वहीं किसानों को आने वाली समस्याओं पर भी विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। परिचर्चा को संबोधित करते हुए कृषि विज्ञान केंद्र, मांझी के केंद्र प्रमुख एवं वरीय वैज्ञानिक डॉ अभय कुमार सिंह ने किसानों को टमाटर की खेती के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दी। उन्होंने किसानों को समूह बनाकर टमाटर की खेती करने एवं उसके प्रॉसेसिंग के माध्यम से टमाटर की खेती को लाभप्रद बनाने को प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि किसान टमाटर को प्रॉसेसिंग कर सूप, सॉस, चटनी आदि का उत्पादन कर मुनाफा कमा सकते हैं। उन्होंने विपणन की समस्याओं के समाधान के लिए भी विस्तारपूर्वक चर्चा की। मौके पर फील्ड आउटरीच ब्यूरो, छपरा के सहायक क्षेत्रीय प्रचार आधिकारी सर्वजीत सिंह ने कहा कि एक जिला एक उत्पाद कार्यक्रम का मुख्य मकसद किसानों को उनकी फसल बर्बादी से बचाना, साथ ही साथ आर्थिक स्तर पर मजबूत करना है। सारण जिले में टमाटर एक जिला एक उत्पाद के तहत चयनित है। सरकार का जोर इस बात पर है की टमाटर के अन्य उत्पाद भी खाद्य प्रसंस्करण के तहत तैयार किए जाए, जिससे किसानों को दोहरा फायदा हो यानी वह फसल से भी आमदनी कमा सकें और उसके द्वारा अन्य उत्पाद को बढ़ावा देकर अपनी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ कर सकें। उद्यान विशेषज्ञ डॉक्टर जितेंद्र चंदोला ने वैज्ञानिक विधि से टमाटर की खेती करने की बारीकियों को किसानों को बताया। पादप रोग विशेषज्ञ डॉक्टर अतुल मुनि राम ने टमाटर के कीटो एवं रोगों के प्रबंधन के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए किसानों को प्रबंधन एवं कीटों से होने वाले नुकसान से कैसे बचें उसकी पूर्ण जानकारी दी। परिचर्चा के दौरान किसानों के बीच खेती-बाड़ी से संबंधित प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। सवालों के सही जवाब देने वाले किसानों को हजारा और टॉर्च पुरस्कार के रुप में दिए गए। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 25 May 2022 08:24 AM PDT
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| Posted: 25 May 2022 08:22 AM PDT
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| Posted: 25 May 2022 07:02 AM PDT
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| Posted: 24 May 2022 09:59 PM PDT हँसुली के सरधारामकृष्ण,गयाजी ईबात सुनै में जरूर उटपटांग निअन लगऽ हे कि भला हॄसुलिओ दरद पीरा दे सकऽ हे, बाकि हे सच ,सचे नऽ सवा सोलह आना सच। आझ भले हॄँसुली गोड़ाँव जैसन जेवर के मान एकदम से निघटल हे नयका नयका हलकहवा जेवर के आगू ओकर कोई पूछ नऽ त मत रहो तइओ जे पुरनिया आजी ,बूढी मामा के पौती ढुँढ़ाय त उन्हकर जान पश्रान नियन खूबे हिफाजत से कपड़ बाँन्ह के धरल मिलिए जाएत। जउन घड़ी सोना के सस्ती हल ,माँग से सर के कान ,नाक तक आते आते निघट जा हल फिन तो चाँदिए हल जे गला से गोड़ के बिछिया तक बन के अगराइत रहऽ हल। अब तो नया -नया फैसन चलल हे,तब के न तो बाजू बहुँटा,पहुँची ,बाला कमरधंनी गोड़ाँव ,छाडा ,लरछा सब के दिन उपह गेलो, आझ भले कोई कुछ से कुछ कहो बाकि पहिले तो नीमन घर में तराजू बटखारा से जोख के लगनमें गुड़हथी के घड़ी गनेसजी के छुआ छुआ के मँड़वा में रखायलगनं हल तखनी भरल अँगंआ देखवैया के आँख। में मटमटी समा जा हल। ई बात हे कि कनेया के सास बन गेलइ पर ऊ सब गहना पौती के सोभा के आगे न जा सकल। कदमिया तर के मामा(दादी) बड़ी गुनी अउ सब लूर के आगर हलथी,सीए फारे बूटी काढे में उन्हकर गाँवे जे्आरे नाम खिलल हल, हलाकि गाँव के धिया माईं लोग सीखे के नीयत से उनका घेरले रहऽ हलन,,औसो करके गीत नाध सीखे के चाव ऊ घड़ी खूब रहऽ हल ,से उनखा कखनिओं असगरे बइठल कोई न देखलक । गाँव भर के काज परोजन में कउन बिध कइसे होएत ई जाने ला उनकर पुछाई में जरिको कमी न भेल। एही नऽ केकरो कोई से मन मोटाव इया मनफरक के सुनगुन होए त तुरंत उनका फोरन पड़ जाए कि फलना घर अइसन बात हो रहल हे। बेस चाहे बेजाय सब तरह के लुतरी के लुंड़ी उहइने सोझ रावल जाए। उ मामा के नाम आझ तक दूसर का उन्हकर बालो बच्चा के मालुम न हल, बस फलनमा के माय, कदमिया तर के दादी छोड़ के आउ दोसर कोई। नाम न जनाएल उ तो धन हलन विरिछ बाबा जे उनका मरला पर नाम खोजाए ल त बतौलन कि उकर दू कट्ठा जमीन जे रेहन धरयल इन हल ओकर कागज देख के बतयधन --कपूरी कुअॄर। खैर इ तो दोसर बात भेल , काम केबात ई है कि बिना उनकर पैरा पड़ले का मजाल कि कोई घर कुछ बिन हो जाए। हलाँ कि उनका आदर सनमान मे कनहूँ कमी न हल त इओ कभी कभी उन्हखा लगऽ हल कि केउ किहाधं बिन अॄगेआ बीजे के जानि कुकुर सूअरबरोबर हे से जबलगि दू तीन बेर के बोलज्ञटा न आवे तबलगि अपने मे रमल रहथ। अइसने तो लोग कहवे करॄ हथ कि जनानी के जेवर आइ मरद जीभ चटोरी के कमजोरी हे से ई बातकदमियाॄ तर के मामा के हलइन ,उघड़ी के जमाना मे गला के सिंगार हधंसुली जादे परचलित हल अनखा के पहिरले देखते लग जाहल कि हमरोरहित हल,ईबात सभे जनानी के साइत होवॄ होत इ। एकरे पर पदुम चा एगो खिस्सा कहलन कि एगो मेहरारू हल जे काम धाम में एक दमें कोढनी, ,अपने से एक लोटा पानिओ ले के न पी सकॄ हल सहजो काम मे दोसरा के अरहा दे हल। गहना जेव के सौख तो गजवे हल,हलूक ,कम ओजन वाला जेवर सोहयवे न करे से एकदिन ओकर मरदाना बडी दुलार से कहलक कि ,हम तोरा ला एगो अइसन हॄसुली बनावल चाहित ही जेकर हमेसे गला में ढुलकौले चल। ओकर खुसी का ठेकाना पंदरह दिन बाद पाँच किलो के पत्र चाँदी में मढ़वाके घरे आएल बड़ी परेम से दे देलक। अब ऊ कनियाँ ऊ जेवर के परेम से ढूलकौले चले लगल। एतना मारी गहना के नाम पर पत्थर लटकचले छरफरो बन गेल मने खुसी में आलाय बहुरिआ काम धंधा करे लगलം ईतो खास्सा के बात हे बाकि कदमिया तर के मामा सीए फारे बूटी काढ़े में जे कुछ जमा हल बटुआ में उ प इसा से एगो हँसुली गढ़ावे ला अपन बड़का बेटा के देलन कि एकरा से एगो हँसुली गढ़ा के तुरते ला दे। माय क कहना बेटा न करे उ बेटा कइसन?से लह लह दुपहरिआ मे पैदले बजार जाके सोनार के दोकान में हँसुली के गढाई बनाई के मोल जोल करके माय के देल पइसा दोकानदार के जिमा करके आ गेल। हिंआँ मामा बेचारी सभे आएल गेल के अषन खुसी के बात हॄसुली के अवाई के बारे में बता के मगन हल। बेटा जे आएल से छूछे हाथ। हॄसुलिया लौलें? पुछलक नऽ,कहलकउ पाॄच दिन लगत उ बनावे में,चाॄदी कटयतौ ,गलैतौ पीटतौ फिन फूल गढ़तउ तब दैत उ। मामा के मुहे झाम हो गेल अच्छा पाँचे दिन न। पाँच दिन बीतल कि तगादा सुरू। बेटा के हुरपेट हुरपेट के बजार भेजलन ऊ दिन बजारे बंद दोकानों बंद ,अब का होवे? माय के का जबाब देल जाएत सोचित कुँढ़ित घरे आके सब हाल फरिआ के कहलक बेटा , मामा के मन तो छोट होइए गेल ऊपर से जे बटुआ के पइसा सरक गेल एकरो मलाल न मिंझाइत हे त का करल जाए, सबर करे के सिवाय चारा भी तो नऽ रात भर तो कइसहूँ कूँढ़ कलप कलप के रात बीतल ,विहान होते बिलुक झोले फोले उठ रे ,चल रे आझ हम देखब इ कि कौन अइसन अरखा सोनार हे जेकरा हधंसुली बना के प इसा लेलो पर तीन दिया तेल जरित हइ ? पेर पार के बेटा के साथ लेके मामा चललन बज। जतरा नीमन हल से बजार अभी खुलिए रहल हल सोनारो अपन दोकान खोलते हल कि माय बेटा के देते घिघिआए ऋगल ,आदर से ब इठौलक अपं गलती के माफी मागित कहृक कि,अपने के आवे केकाम न हल ,हम घरे पहुँचा देती हल। ई सुनते मामा केएड़ी केलहर कपार पर चढ़ गेल,अन तेवर मे ज इया मिचाई के रस घोर खुब फटकारलन ,फिन दोकानदार के हाथे लाल लाल कागज मे लपेटल हँसुली लेके पहिले करेजा में साटलन फिन अँचरा में बान्ह के घरे दने सोझ भेलन ,गाॄव के बहरही पीपरतरके बरहम बाबा के आगू माय नेवा के घरे आ गेलन, सकपकाएल बेटा बोललक कि तनि पहिल के देखतहींहल , मामा कहलन कि तू एकदमे बौध के बोधे हें �अइसहीं पहिनब इ, काजनी क इसश पानी आग से बनौलक हे त तनी धो धा कर लेंउ गंहथूप कर लेउ तब नॄ मामा के नहान धोवन भेल तुसी पिंडा पर गन्ह धूप देखा के हँसुली धोवाजल, धूप के धुआँ में हंँसुली तपावल गेल जाके मामा धारन कयलन। अब तो उन्हकर खुसी के का कोई बरनन करत गँव के अहाली महाली जान गेलन ,बिलुक देखवैया के भीड जुटे लगल,खूब परसंसा होए अउ देखवैअन के आवभगत इ में कहिओ न। जे मामा के हॄसुली देखे ओकर मुह से बड़ाई छोड़ तनिको उनैस विनैस बात न। मामाभी पूश्रा गलगद गल। एक बेर दुलरिया के आजी कोई काम से अऋथी ,एने ओने के ढ़ेर बतकही भेल ओकर बाद कहलथी कि मामा एगो बात कही थी अपने पुरनियाँ ही बुरा मत मानथी ई हसुली के गढ़ाई कढ़ाई एतना बेस हे कि केहू के नजर लग सकऽ हे ई से एकरा झुलवा केतरे नुका के तखथी त ठीक रहत हल। मन के सक सुभा के गांज मेएते दिया सलाई के तितकी जादे हल। दोसरे दिन हँसुलिया रहे तो गलवे मे लेकिन झुल्ला के तरे अब कोई डर के बात न रहल। एक दिन मामा के बुझाएल कि काहेन एकरा कपड़ा मे लपेट के पेन्हल जाए झुलवा तर अनकुराह लगऽ हे से का कयलन कि एगो लाल गमछी निकाललन जेकरा से हॄसुलिया एतना बढिया से लपेटलन कि एगो डिजाइन बन गेल इ ,ई बात के चरचा गउँओ में होवे गलल। अइसहीं केतनन बरस बीत गज अबकी मामा बीमार पड़ गेलन ,एकदम से खटपरू होगेलन ,उनका लगे लगल कि अब न बचतन तब बेटा के बोला के कहलथी कि अगर जो हम मर गेली त ई हसुलिया हमरा साथे चितखवा पर चढ़ा दिहें,इसे हमर सरधा हे। रामकृष्ण,गयाजी हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 24 May 2022 09:54 PM PDT लिखना है तो..........लिखना है तो रामायण का सार लिखो, मर्यादा हुई तार-तार, उपचार लिखो। लिखना है तो मानवता की बात लिखो, किया गया उपकार, तुम साभार लिखो। आतंकवाद ने अपनी बाहें फैलायीं हैं, जातिवाद समस्या बनकर छाई है। किसने फैलाया यह सब, विचार लिखो, फैलाने वालों का बहिष्कार, प्रचार लिखो। नेताओं ने आज देश को लूटा है, अधिकारी हैं भ्रष्ट, बाबू भी नहीं छुटा है। भ्रष्टाचार ने जड़ें अमरबेल सी फैलाई हैं, अमरबेल का करना नाश, उपचार लिखो। लिखना है तो गीता का सार लिखो, कर्मयोग प्रधान, नहीं फल की चाह लिखो। मोहग्रस्त ध्रतराष्ट्र के कुल का नाश हुआ, धर्म सदा विजयी, सच का साथ लिखो। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 24 May 2022 08:52 AM PDT 25 मई 2022, गुरूवार का दैनिक पंचांगश्री गणेशाय नम: !! दैनिक पंचांग !! 🔅 तिथि दशमी 01:25 PM 🔅 नक्षत्र उत्तराभाद्रपद रात्रि 01:59 🔅 करण : विष्टि 10:34 AM बव 10:34 AM 🔅 पक्ष कृष्ण 🔅 योग प्रीति 10:43 PM 🔅 वार बुधवार ☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ 🔅 सूर्योदय 05:19 AM 🔅 चन्द्रोदय +02:22 AM 🔅 चन्द्र राशि मीन 🔅 सूर्यास्त 06:41 PM 🔅 चन्द्रास्त 02:01 PM 🔅 ऋतु ग्रीष्म ☀ हिन्दू मास एवं वर्ष 🔅 शक सम्वत 1944 शुभकृत 🔅 कलि सम्वत 5124 🔅 दिन काल 01:32 PM 🔅 विक्रम सम्वत 2079 🔅 मास अमांत वैशाख 🔅 मास पूर्णिमांत ज्येष्ठ ☀ शुभ और अशुभ समय ☀ शुभ समय 🔅 अभिजित कोई नहीं ☀ अशुभ समय 🔅 दुष्टमुहूर्त 11:19 AM - 12:13 PM 🔅 कंटक 04:44 PM - 05:38 PM 🔅 यमघण्ट 07:42 AM - 08:36 AM 🔅 राहु काल 11:46 AM - 01:28 PM 🔅 कुलिक 11:19 AM - 12:13 PM 🔅 कालवेला या अर्द्धयाम 05:54 AM - 06:48 AM 🔅 यमगण्ड 06:41 AM - 08:23 AM 🔅 गुलिक काल 10:04 AM - 11:46 AM ☀ दिशा शूल 🔅 दिशा शूल उत्तर ☀ चन्द्रबल और ताराबल ☀ ताराबल 🔅 अश्विनी, कृत्तिका, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, आश्लेषा, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, विशाखा, अनुराधा, ज्येष्ठा, मूल, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद, रेवती ☀ चन्द्रबल 🔅 वृषभ, मिथुन, कन्या, तुला, मकर, मीन 🌹विशेष ~ भद्रा दिन 01:25 तक, रोहिणी नक्षत्र में सूर्य का प्रवेश रात्रि 07:09 से। 🌹 पं. प्रेम सागर पाण्डेय् ,नक्षत्र ज्योतिष वास्तु अनुसंधान केन्द्र नि:शुल्क परामर्श - शनिवार दूरभाष 9122608219 / 9835654844 🌹 25 मई 2022, गुरूवार का राशिफल 🌹मेष (Aries): मांगलिक कार्यों में प्रमुखता से शामिल होंगे। अपनों के साथ हर्षोल्लास से समय बीतेगा। विवाह योग्यों को बेहतर प्रस्ताव प्राप्त हो सकते हैं। दिन धनधान्य कारक।शुभ रंग = पींक शुभ अंक : 5 वृषभ (Tauras): प्रभावशीलता और आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। जीत का प्रतिशत बेहतर बना रहेगा। सृजन एवं स्मरण को बल मिलेगा। दाम्पत्य में शुभता रहेगी। मित्र विश्वस्त रहेंगे। शुभ रंग = आसमानी शुभ अंक : 2 मिथुन (Gemini): कला प्रियता और दक्षता बढ़ेगी। परफार्मर अच्छे प्रस्ताव प्राप्त करेंगे। दिखावे पर जोर बना रह सकता है। चापलूसों से दूर रहें। दिन खर्चीला और सुखकर। शुभ रंग = क्रीम शुभ अंक : 7 कर्क (Cancer): लाइफ स्टाइल से जुड़े कारोबारी ज्यादा अच्छा करेंगे। आर्थिक अवसरों को भुनाने पर जोर दें। शिक्षा संतान और प्रेम पक्ष हितकर रहेगा। महत्वपूर्ण चर्चाओं में प्रभावी रहेंगे। शुभ रंग = उजला शुभ अंक : 4 सिंह (Leo): सभी का सहयोग और कुछ कर दिखाने की ललक बड़े प्रयासों में तेजी लाएगी। भाग्य का सहयोग बना रहेगा। सुख संसाधन बढ़त पर रहेंगे। दिन उन्नतिकारक। निसंकोच आगे बढ़ें। शुभ रंग = लाल शुभ अंक : 1 कन्या (Virgo): भ्रमण मनोरंजन में रुचि रहेगी। अनुशासन और निरंतरता बनाए रखेंगे। समय प्रबंधन ध्यान दें। भटकाव की आशंका है। दिन भाग्यवर्धक। करियर संवार पर रहेगा। शुभ रंग = केशरी शुभ अंक : 8 तुला (Libra): दिखावे और बड़प्पन की अपेक्षा काम निकालने की नीति अपनाना बेहतर होगा। अपने सहयोगी रहेंगे। सेहत पर ध्यान दें। दिन सामान्य फलकारक। आकस्मिकता बनी रह सकती है। शुभ रंग = हरा शुभ अंक : 6 वृश्चिक (Scorpio): निजी जीवन में शुभता का संचार बना रहेगा। जीवनसाथी उपलब्धि अर्जित कर सकता है। तेजी बनाए रखें। आवश्यक कार्य आज ही कर लेने की कोशिश करें। शुभ रंग = लाल शुभ अंक : 1 धनु (Sagittarius): आत्मविश्वास और अहम् भाव के अंतर को पहचानें। विपक्ष की सक्रियता बढ़ सकती है। शिक्षा संतान और प्रेम पक्ष बेहतर बनें। दिन खर्चीला। रुटीन पर जोर दें। शुभ रंग = पीला शुभ अंक : 9 मकर (Capricorn): श्रेष्ठ कार्यों को आगे बढ़ाने में सफल रहेंगे। शिक्षा प्रेम और संतान पक्ष उम्मीद से अच्छा रहेगा। लाभ का प्रतिशत बेहतर रहेगा। किसी भी निर्णय पर पहुंचने से पहले परिजनों की सुनें। शुभ रंग = क्रीम शुभ अंक : 7 कुंभ (Aquarius): भव्य भवन वाहन के प्रयासों में सक्रियता आएगी। घर परिवार से करीबी बढ़ेगी। साहस पराक्रम बढ़त पर बना रहेगा। बड़ों से आशीष लेना न भूलें। दिन शुभकर। शुभ रंग = पीला शुभ अंक : 9 मीन (Pisces): शुभ सूचनाओं का आदान प्रदान बढ़ेगा। सामाजिकता में रुचि रहेगी। आलस्य से बचे रहेंगे। वाणिज्यिक गतिविधियां बेहतर रहेंगी। दिन उत्तम फलकारक। शुभ रंग = पींक शुभ अंक : 5 प्रेम सागर पाण्डेय् ,नक्षत्र ज्योतिष वास्तु अनुसंधान केन्द्र ,नि:शुल्क परामर्श - रविवार , दूरभाष 9122608219 / 9835654844 हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| पटना में आयोजित हुआ "चित्रांश मिलन समारोह" Posted: 24 May 2022 05:47 AM PDT पटना में आयोजित हुआ "चित्रांश मिलन समारोह"जितेन्द्र कुमार सिन्हा, रेलवे कॉलोनी दानापुर के चित्रांश परिवार की ओर से "चित्रांश मिलन समारोह" का आयोजन रविवार को पटना में किया गया। उक्त समारोह में जीकेसी परिवार के सदस्यों को आमंत्रित किया गया था। उक्त जानकारी जीकेसी (ग्लोबल कायस्थ कांफ्रेंस) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दीपक अभिषेक ने दी। उन्होंने बताया कि "चित्रांश मिलन समारोह" का आयोजन जीकेसी ग्लोबल अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद के सुझाव पर स्टेशन मैनेजर पटना जंक्शन के सुजीत कुमार के सफल प्रयास से किया गया। चित्रांश परिवार की ओर से सुरेश चंद्रा, सूर्य प्रकाश, राकेश कुमार, मनीष चंद्रा अतिथि सहित 100 से अधिक अधिकारी शामिल थे। दीपक अभिषेक ने बताया कि उपस्थित अधिकारियों का साथ जीकेसी के लिए एक नई ऊर्जा का काम करेगी। उन्होंने कहा कि ग्लोबल अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद जी के दिशा निर्देश में मेरी टीम 24/7 दिन कार्यप्रणाली का ठोस आधार बनाने के लिए कार्यरत हैं। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों को जीकेसी (ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस) से जुड़ने का आवाहन किया। कार्यक्रम में मंच संचालन अजय अम्बस्ठ ने किया। उक्त अवसर पर कार्यक्रम में जीकेसी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चेपॉफ अनुराग श्रीवास्तव, बिहार सह प्रभारी अनुराग समरूप, बिहार प्रदेश के वरिष्ठ उपाध्यक्ष निलेश रंजन और कला संस्कृति प्रकोष्ठ के उपाध्यक्ष अजय अम्बस्ठ शामिल थे। दीपक अभिषेक ने कार्यक्रम की सफलता के लिए सुजीत कुमार, राकेश रंजन, राकेश सिन्हा और सदानंद वर्मा की अहम भूमिका के लिए भूरी भूरी प्रशंसा की और सुजीत कुमार को बिहार प्रदेश चेपॉफ का अध्यक्ष मनोनीत करने की घोषणा की। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| अवैध कब्जा धारियों के खिलाफ़ बुलडोज़र का खेल शुरू-राकेश कपूर Posted: 24 May 2022 05:43 AM PDT अवैध कब्जा धारियों के खिलाफ़ बुलडोज़र का खेल शुरू-राकेश कपूरपटना सिटी बिहार सरकार के खेल निराले होते हैं। इसे उन्होंने पटना सिटी में गंगा के बाढ़ क्षेत्र में अवैध निर्माण पर बुलडोजर चला कर दिखा दिया है। पहले तो सरकार ने बाढ़ क्षेत्रों में गुरूद्वारा को जमीन आवंटित कर गुरूद्वारा निर्माण की इजाजत दी और खुद भी पर्यटन भवन का निर्माण कर दिया। सरकार का अनुकरण करते भू-माफियाओं ने इसका लाभ उठाया। उसके साथ ही गरीबों ने उस जमीन पर अपने बचत के पैसे से जमीनें खरीद कर अपने लिए आशियाने का निर्माण किया। अब सरकार उसे अवैध घोषित कर बुलडोजर चला कर उसे ध्वस्त कर रही है। सबके मन में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि जब यह निर्माण हो रहा था, इन बाढ़ क्षेत्रों में नया शहर बस रहा था--- तो क्या सरकार सो रही थी? अवैध निर्माण का मामला उठाने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया था। पटना के रहने वाले अशोक कुमार सिन्हा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल किया था। राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) ने 30 जून, 2020 को यह याचिका खारिज कर दी थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी। बिहार सरकार द्वारा पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने के बाद उच्च न्यायालय व उच्चतम न्यायालय के संज्ञान में आने के पूर्व बचाव की मुद्रा में आ गई थी। उसके बाद बिहार सरकार के पर्यावरण बोर्ड के सचिव एस चंद्रशेखर और आईएफएस ने अपनी टीम के साथ चिमनी घाट, चौक, पटना सिटी स्थित नव निर्मित गुरूद्वारा के बगल में बनने वाले लंगर हाल, स्कूल व सराय के निर्माण स्थल निरीक्षण कर पर्यावरण को लेकर होने वाले नुकसान का आकलन किया। इसके पूर्व इस टीम ने गुरूद्वारा में मत्था टेकने के बाद गुरूद्वारा प्रबंधक कमिटी के सेवा सत्कार का लाभ उठाया। इस समाचार को अखबारों ने प्रमुखता से छापा भी था। पटना जिला सुधार समिति के महासचिव राकेश कपूर ने एक विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि गंगा के बाढ़ क्षेत्र में बिहार के एक महामहिम राज्यपाल ने तो चौक थाना, पटना सिटी के चिमनी घाट पर गुरूद्वारा के निर्माण के लिए गंगा की जमीन ही दे दी। हमारे वर्तमान मुख्यमंत्री ने भी इसी गंगा की जमीन पर बगल में पर्यटन केंद्र ही बनवा दिया। अब जब गंगा की जमीन पर शहर ही बसने लगा और अब सरकार को प्रदूषण का भय सताने लगा है ।जबकि पिछले साल मुख्यमंत्री स्वंय बाढ़ के समय इन क्षेत्रों में आये थे और महामहिम राष्ट्रपति राम गोबिन्द जी का पटना साहिब गुरूद्वारा आगमन हुआ था तो इसी रास्ते से उन्हें लाया गया था। राकेश कपूर ने बिहार सरकार से मांग की है कि गरीबों के घर को बुलडोज़र से ढहाने के पूर्व उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आवास आवंटित करने की कृपा करें। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 24 May 2022 05:13 AM PDT सरकारी कर्मचारियों की लूट की सजा चार्टर्ड एकाउंटेंट को क्यों? सरकार नहीं चाहती वितीय निष्पक्षता आये २०१७ से आज तक सरकार अपने सॉफ्टवेर को ठीक नहीं करपाई चाहे वो इनकम टैक्स हो,जी एस टी हो सभी में खामिया है और ठीकरा फोड़ा जाता है CA के उपर यह कहाँ तक उचित है यह सवाल उठाया है पटना के चार्टर्ड एकाउंटेंट सुजीती सिन्हा ने | दिव्य रश्मि ! धर्म, राष्ट्रवाद , राजनीति , समाज एवं आर्थिक जगत की खबरों का चैनल है | जनता की आवाज़ बनने के उदेश्य से हमारे सभी साथी कार्य करते है अत: हमारे इस मुहीम में आप के साथ की आवश्यकता है |हमारे खबरों को लगातार प्राप्त करने के लिए हमारे चैनल को सबस्क्राइब करना न भूले और बेल आइकॉन को अवश्य दबाए | खबर पसंद आने पर👉 हमारे "चैनल" को Subscribe, वीडियो को Like 👍 & Share↪ , जरुर करें चैनल को सब्सक्राइब करें खबर को शेयर जरूर करें Facebook : https://ift.tt/5yVdSuv Twitter https://twitter.com/DivyaRashmi8 instagram : https://ift.tt/GmgYbQd visit website : https://ift.tt/RA6wZVS via YouTube https://www.youtube.com/watch?v=zFtrPW0U0b0 |
| Posted: 23 May 2022 09:58 PM PDT बिहार टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए 'बुकबायरुम्स' का पहला कदम|बिहार का पहला स्टार्टअप इंडस्ट्री ओटीए के साथ स्थापित हुआ बुकबायरुम्सपटना- बिहार का पहला स्टार्टअप ओटीए के साथ 'बुकबायरुम्स' नाम की संस्थान का सोमवार को विधिवत उद्घाटन बिहार के उपमुख्यमंत्री श्री तारकिशोर प्रसाद के हाथों किया गया. उपमुख्यमंत्री ने अपने संभाषण में कहा कि 'बुक बाय रुम्स' प्लेटफोर्म बिहार का पहला स्टार्टअप है जो बिहार टूरिज्म को बढ़ावा देने में अपना सकारात्मक पहल लोगों के लिए किया है. कंपनी सोशल कार्य के क्षेत्र में भी अपना बड़ा योगदान दे रहा है, बच्चों के विकास पर काम करने वाली एनजीओ केयर इंडिया को 'बुकबायरुम्स' कंपनी ने प्रत्येक बुकिंग पर 1 रुपया का दान दे रही है. इस कंपनी के टेक्नोलोजी पार्टनर सीसोटेल है. बता दें कि भाग दौड़ से भरी व्यस्तम जिंदगी में हर किसी को आराम के लिए चाहिए आरामदायक सस्ता रूम जो बजट फ्रेंडली हो. यात्रियों की इसी सुविधा को देखते हुए पटना जैसे शहर में ओटीए प्लेटफोर्म के साथ होटल एवं रूम की बुकिंग के लिए सोमवार से शुरू हो गया 'बुकबायरुम्स' जो (ओटीए)ऑनलाइन ट्रेवल एजेंसी संस्थान है. ये संस्थान बिहार का पहला स्टार्टअप संस्थान है जो बिहार से रजिस्टर है और देश और दुनिया के हर शहर तक अपनी पहुंच बनाने को तैयार है. इस प्लेटफोर्म का एप प्ले स्टोर में मौजूद है, ग्राहक अपने मोबाईल के माध्यम से इसका उपयोग सस्ता और लग्जीरियस रूम बुक करने के लिए कर सकते हैं साथ हीं कंपनी द्वारा दिए गए कई तरह के आकर्षक कूपन ऑफर का भी लाभ उठा सकता है. कंपनी का मुख्य उद्देश्य है कि चौबीस घंटे सातो दिन एक शानदार सपोर्ट सिस्टम प्रदान कर रहा है साथ ही प्रत्येक बुकिंग पर 2 से 100 प्रतिशत तक का डिस्काउंट भी कंपनी दे रही है अपने आकर्षक कूपन्स के साथ 'बुकबायरुम्स' पूर्ण तरह से ट्रेवल एजेंसी है जो फिलहाल होटल एवं रुम्स से शुरुआत कर रही है और आगामी योजना में रेल, फ्लाईट आदि जैसे यात्री सुविधा बुकिंग का भी सेवा शुरू करने जा रही है. इस मौके पर कंपनी के सीऍमडी - सुनील कुमार, सीईओ - गौतम कुमार, सीटीओ - भास्कर ओझा, विकास कुमार, राज साहू- सीईओ (सीसोटेल), मुन्नी देवी- पूर्व बिधायिका, मुक्तेश्वर ओझा- बीजेपी नेता और कई गणमान्य व्यक्तिया उपस्थि रहे। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| मुख्यमंत्री से 2020 बैच के प्रशिक्षु आई0ए0एस0 अधिकारियों ने शिष्टाचार मुलाकात की Posted: 23 May 2022 09:55 PM PDT मुख्यमंत्री से 2020 बैच के प्रशिक्षु आई0ए0एस0 अधिकारियों ने शिष्टाचार मुलाकात कीप्रशिक्षु आई0ए0एस0 अधिकारियों से मुख्यमंत्री ने कहा-
पटना, 23 मई, 2022:- मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार से 1 अणे मार्ग स्थित संकल्प में 2020 बैच के 7 आई0ए0एस0 प्रशिक्षु अधिकारियों ने शिष्टाचार मुलाकात की। मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान सुश्री चंद्रिमा अत्री, श्री अभिषेक पलासिया, श्री श्रीकांत कुंडालिक खांडेकर, सुश्री अनुपमा सिंह, श्री प्रदीप सिंह, श्री श्रेष्ठ अनुपम एवं श्री कुमार निशांत विवेक ने अपनी टेªनिंग के दौरान जिले में किए गए कार्यों के संबंध में अनुभव साझा किए। इनलोगों ने जीविका दीदियों के साथ इंटैªक्शन, कोविड 19 के दौरान की चुनौतियां और किये गये कार्य, आम जनता की समस्याओं के निवारण के दौरान प्रशासन की बारीकियों को समझना, लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम, बाढ़ के दौरान लोगों की सहायता एवं राहत कार्यों के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षु अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि आप लोगों ने अपने अनुभव साझा किए, यह सुनकर अच्छा लगा। आपलोग अभी ट्रेनिंग पीरियड में हैं, उसके बाद आपलोगों की पोस्टिंग होगी। सरकार नीति बनाती है और उसे क्रियान्वित करने में आई0ए0एस0 अधिकारियों की भूमिका काफी महत्वपूर्ण है। आपलोगों के माध्यम से नीतियों को क्रियान्वित किया जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 24 नवंबर 2005 से जब बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में काम करने का मौका मिला, तब से लोगों के विकास के लिये लगातार काम कर रहे हैं। जब विधायक थे, सांसद थे और केंद्र में मंत्री बने उस दौरान कई चीजों के बारे में जानने-समझने का मौका मिला। जनप्रतिनिधि रहते हुए अपने क्षेत्र में हमेशा घूमते थे, उस दौरान लोगों से कई प्रकार की जानकारियां मिलती थीं। एक सर्वे से पता चला था कि यहां के लोगों की जो आमदनी होती है उसमें सबसे ज्यादा खर्च इलाज पर होता है। हमलोगों ने लोगों के स्वास्थ्य की बेहतरी के लिए कई कार्य किए। बच्चों को स्कूल भेजने के लिए, कानून-व्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए लगातार काम किया गया। किसी क्षेत्र में दंगा न हो, उसके लिए पुलिस बल मुस्तैदी से काम करती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीब-गुरबा के उत्थान के लिए भी कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। पंचायत चुनाव एवं नगर निकाय चुनाव में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया गया। ऐसा करने वाला बिहार देश में पहला राज्य बना। अति पिछड़ों को 20 प्रतिशत, अनुसूचित जाति को 16 प्रतिशत और अनुसूचित जनजाति को भी एक प्रतिशत का आरक्षण दिया गया है। महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण मिलने से बड़ी संख्या में महिलाएं समाज में प्रतिनिधित्व करने आगे आ रही हैं। 10 लाख से ज्यादा जीविका समूह का गठन किया गया। इससे महिलाएं आत्मनिर्भर हो रही हैं। हमलोगों के द्वारा शुरू किए गए जीविका समूह को देखकर एवं समझकर उस समय की केंद्र सरकार भी इसे पूरे देश में आजीविका नाम से शुरू किया। मुस्लिम महिलाओं के लिए हुनर कार्यक्रम शुरू किया गया। लड़कियों के लिए साइकिल योजना एवं पोशाक योजना शुरू की गई। इससे बड़ी संख्या में लड़कियां स्कूल पहुंचने लगीं। सात निश्चय योजना के अंतर्गत कई कार्य शुरू किए गए। अब सात निश्चय-2 के तहत कई कार्य शुरू किए गए हैं। वर्ष 2019 में सभी दलों के विधायकों एवं विधान पार्षदों के साथ 8 घंटे तक पर्यावरण संरक्षण को लेकर चर्चा हुई और निर्णय कर जल-जीवन-हरियाली अभियान की शुरुआत की गई। जल-जीवन-हरियाली का मतलब है, जल संरक्षित रहेगा, हरियाली रहेगी तभी जीवन सुरक्षित रहेगा चाहे वह जीवन मनुष्य, पशु-पक्षी या किसी अन्य जीव-जंतु का हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर घर तक पक्की गली-नाली का निर्माण किया गया। हर गांव तक सड़क बनाई गई ताकि लोगों के आवागमन में किसी प्रकार की असुविधा न हो। सड़क, पुल-पुलियों का निर्माण किया जा रहा है। साथ ही उसके मेंटेनेंस की जिम्मेवारी विभाग को दी गई है। वर्ष 2007 से बाढ़ एवं सुखाड़ में लोगों की राहत के लिए सारे इंतजाम किए जाते हैं। संभावित बाढ़ एवं सुखाड़ को देखते हुए उसके पूर्व एक-एक चीज की तैयारी की जाती है। वर्ष 2015 में महिलाओं के एक कार्यक्रम में महिलाओं ने शराबबंदी की मांग की तो हमने सिर्फ एक लाइन कहा कि अगली बार आएंगे तो इसे लागू करेंगे और अगली बार सरकार में आने पर राज्य में पूर्ण शराबबंदी लागू की। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमलोग प्रचार-प्रसार में विश्वास नहीं करते हैं। हमलोग सीधे काम करते हैं। लोगों के बीच आपस में झगड़ा न हो, प्रेम और भाईचारे का वातावरण रहे, समाज में सौहाद्र्र का वातावरण रहे इसके लिए हमलोग काम करते हैं। लोगों की बात सुनते हैं। जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम में लोगों की समस्याओं की जानकारी मिलती है। उसके समाधान के लिए अधिकारी शीघ्र काम करते हैं। उन्होंने कहा कि आप सभी राज्य में जो भी कार्य किए गए हैं उनसब चीजों की जानकारी और बेहतर ढंग से प्राप्त कर लें। लोगों से फीडबैक लेकर काम करें। राज्य के लिए किसी भी कार्य के क्रियान्वयन की जिम्मेवारी आई0ए0एस0 अधिकारियों की है। आप सभी आई0ए0एस0 अािकारी अपनी इच्छा से बने हैं। आपलोगों से उम्मीद है कि पूरी जिम्मेदारी और मेहनत से लगातार काम करेंगे। आपलोग अच्छा काम करेंगे तो जनता के बीच आपकी काफी इज्जत बढ़ेगी। लोग काफी सम्मान देंगे और आपको भी अच्छा लगेगा। सोशल मीडिया के माध्यम से भी अपने क्षेत्रों में किए जा रहे अच्छे कार्यों की जानकारी से लोगों को अवगत कराएं। आप सबों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामना देते हैं और उम्मीद करते हैं कि आपलोग एक अच्छे प्रशासक बनकर लोगों की सेवा करेंगे। मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार एवं मुख्य सचिव श्री आमिर सुबहानी ने भी इन अधिकारियों का मार्गदर्शन किया। मुलाकात के दौरान जल संसाधन मंत्री श्री संजय कुमार झा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार, मुख्य सचिव श्री आमिर सुबहानी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ0 एस0 सिद्धार्थ, मुख्यमंत्री के सचिव श्री अनुपम कुमार, बिपार्ड के विशेष कार्य पदाधिकारी बी0 कार्तिकेय धनजी, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी श्री गोपाल सिंह उपस्थित थे। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 23 May 2022 08:19 AM PDT ![]() प्रेम का प्रतीक-- वेद प्रकाश तिवारी सम्राट चाहे कितना ही बूढ़ा हो जाये वह इस भ्रांति को रखना चाहता है सदा जिंदा कि मैं अभी जवान हूँ आखिरी क्षण तक वह चाहता है किसी युवती से देह का सुख पाना तमाम उम्र कई स्त्रियों को भोगने के बाद अंत में वह बन जाता है प्रेम का प्रतीक इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज कर हो जाता है अमर जिन स्त्रियों को उसने बार-बार भोगा उन स्त्रियों में से कोई एक जब हो जाती है सम्राट के ज्यादा करीब तो वह भी बन जाती है प्रेम का प्रतीक ऐसे प्रतीकों को नवाजा गया है निश्छल, पवित्र, अमर प्रेम जैसे शब्दों से आज के युगल प्रेमी अपने सफल प्रेम की मन्नते मांग रहे हैं उन प्रतीकों से ढूंढ रहे हैं उनमें अपनी छवि आज भी प्रेम की इस परंपरा को बढ़ावा देने वाले प्रेम को समझते हैं अपनी मालकियत षड्यंत्र या प्रतिशोध जैसे भावों से उसे करते हैं परिभाषित बना रहे हैं सियासी दांव पेंच का हिस्सा इस कुत्सित चेष्टा से वे मिटा देना चाहते हैं उन प्रेम के प्रतीकों को जो खड़े हैं सत्य, त्याग, समर्पण की बुनियाद पर काश ! कि वे जान पाते किसी स्त्री के शारीरिक आकर्षण को देखकर उसे हासिल कर लेना प्रेम नहीं, प्रेम जीवन की पराकाष्ठा है जो समर्पण भाव की अंतरिम घटना है जिसने स्त्री को भोग की वस्तु बनाया वह प्रेम को कहां जान पाया । हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| लोकनायक जयप्रकाश नारायण पर मोतीहारी में आयोजित हुआ व्याख्यानमाला Posted: 23 May 2022 08:07 AM PDT लोकनायक जयप्रकाश नारायण पर मोतीहारी में आयोजित हुआ व्याख्यानमालाजितेन्द्र कुमार सिन्हा, पटना देश में आजादी की लड़ाई से लेकर वर्ष 1977 तक के तमाम आंदोलनों की मशाल थामने वाले जेपी उर्फ जयप्रकाश नारायण ने अपने विचारों, दर्शन तथा व्यक्तित्व से देश की दिशा तय की थी। उक्त बातें जीकेसी (ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस) ग्लोबल अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद ने आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर कायस्थ रत्न रणबांकुरों और अमर स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धापूर्वक याद करने के सिलसिले में "लोकनायक जयप्रकाश नारायण" पर मोतीहारी में आयोजित व्याख्यानमाला में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि लोकनायक जयप्रकाश जी की समस्त जीवन यात्रा संघर्ष तथा साधना से भरपूर रही। भारतीय राजनीति को ही नहीं बल्कि आम जन- जीवन को एक नई दिशा दी और नए मानक गढ़े हैं। उन्होंने जय प्रकाश नारायण के जीवन, व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जयप्रकाश नारायण को 1970 में इंदिरा गांधी के विरुद्ध विपक्ष का नेतृत्व करने के लिए जाना जाता है। इंदिरा गांधी को पदच्युत करने के लिए उन्होंने "सम्पूर्ण क्रांति" नारा के साथ आंदोलन चलाया। संपूर्ण क्रांति की तपिश इतनी भयानक थी कि केन्द्र में कांग्रेस को सत्ता से पदस्थ होना पडा। जयप्रकाश नारायण की हुंकार पर नौजवानों का जत्था सड़कों पर निकल पड़ता था। बिहार से उठी संपूर्ण क्रांति की चिंगारी देश के कोने- कोने में आग बनकर भड़क उठी थी। जेपी के नाम से मशहूर जयप्रकाश नारायण घर-घर में क्रांति का पर्याय बन चुके थे।जयप्रकाश नारायण ने तत्कालीन सरकार के विरुद्ध जनता का आह्वान करने के लिए रामधारी सिंह दिनकर की इस कविता को दोहराया था। "सदियों की ठंढी-बुझी राख सुगबुगा उठी, मिट्टी सोने का ताज पहन इठलाती है, दो राह, समय के रथ का घर्घर-नाद सुनो, सिंहासन खाली करो कि जनता आती है।" उक्त अवसर है प्रबंध न्यासी रागिनी रंजन ने कहा कि भारतरत्न जयप्रकाश नारायण भारतीय स्वतंत्रता सेनानी और राजनेता थे। वे समाज-सेवक थे, जिन्हें लोकनायक के नाम से भी जाना जाता है। लोकनायक जयप्रकाश जी की जीवन की विशेषताएं और उनके व्यक्तित्व के आदर्श कुछ विलक्षण और अद्भुत हैं जिनके कारण से वे भारतीय राजनीति के नायकों में अलग स्थान रखते हैं। उनका सबसे बड़ा आदर्श था जिसने भारतीय जनजीवन को गहराई से प्रेरित किया, उनमें सत्ता की भूख नहीं थी, सत्ता का मोह नहीं था, वे खुद को सत्ता से दूर रखकर देशहित में काम करते थे। बिहार प्रदेश अध्यक्ष डा. नम्रता आनंद ने कहा, कि जीवनभर संघर्ष करने वाले और इसी संघर्ष की आग में तपकर कुंदन की तरह दमकते हुए समाज के सामने आदर्श बन जाने वाले प्रेरणास्त्रोत थे लोकनायक जयप्रकाश नारायण। लोकनायक के शब्द को असलियत में चरितार्थ करने वाले जयप्रकाश नारायण अत्यंत समर्पित जननायक और मानवतावादी चिंतक तो थे ही इसके साथ-साथ उनकी छवि अत्यंत शालीन और मर्यादित सार्वजनिक जीवन जीने वाले व्यक्ति की भी है। उनका संपूर्ण जीवन भारतीय समाज की समस्याओं के समाधानों के लिए प्रकट हुआ, एक अवतार की तरह, एक मसीहा की तरह। उक्त अवसर पर संजय श्रीवास्तव, बलराम जी, मुकेश महान, डब्लू जी, राजेश कुमार संजू , शैलेश कुमार, प्रियरंजन, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बब्बू जी, जिला उपाध्यक्ष सौरभ श्रीवास्तव, वार्ड पार्षद गुल्लू जी, किशन श्रीवास्तव, ई अजय आजाद, शिवम श्रीवास्तव एवं मंटु जी सहित कई अन्य गणमान्य लोगों ने अपने विचार व्यक्त किये। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 23 May 2022 08:01 AM PDT
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| मुख्यमंत्री ने खरीफ महाभियान 2022 का किया शुभारंभ Posted: 23 May 2022 07:51 AM PDT मुख्यमंत्री ने खरीफ महाभियान 2022 का किया शुभारंभपटना, 23 मई, 2022:- मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने आज मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित 'संवाद' के सामने बने मंच से खरीफ महाभियान 2022 का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने खरीफ महाभियान के तहत सूक्ष्म सिंचाई जागरूकता रथों को हरी झंडी दिखाकर जिलों के लिये रवाना किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 'सूक्ष्म सिंचाई योजना' पुस्तिका का विमोचन किया। इन जागरूकता रथों के माध्यम से किसानों को खरीफ फसलों की तकनीकी जानकारी, खरीफ मौसम में कृषि विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। फसल अवशेष प्रबंधन के प्रति जागरूकता, मौसम के अनुकूल कृषि कार्यक्रम से संबंधित जानकारी, जैविक खेती के लिए प्रोत्साहन तथा विशेष दलहन एवं तेलहन बीज वितरण कार्यक्रम का भी प्रचार-प्रसार किया जाएगा। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री तारकिशोर प्रसाद, कृषि मंत्री श्री अमरेंद्र प्रताप सिंह, शिक्षा मंत्री श्री विजय कुमार चैधरी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ0 एस0 सिद्धार्थ, मुख्यमंत्री के सचिव श्री अनुपम कुमार, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी श्री गोपाल सिंह सहित अन्य वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे। कार्यक्रम के पष्चात् जातीय जनगणना से संबंधित पत्रकारों द्वारा पूछे गये प्रष्न का जवाब देते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि हमलोग शुरू से ही जातीय जनगणना कराना चाहते हैं। इस बार सभी पार्टियों की बैठक करके और निर्णय लेकर कैबिनेट के माध्यम से इसको स्वीकृत किया जायेगा और इस पर काम शुरू किया जायेगा, यही इसका तरीका है। इसको लेकर सभी दल के लोगों के साथ चर्चा हो रही है। एक बार मीटिंग हो जायेगी तो अच्छा होगा, मीटिंग में सबकी राय ली जायेगी कि कैसे और बेहतर ढंग से इसे किया जाय। सरकार ने भी इसके लिये पूरी तैयारी की है लेकिन सबकी राय लेने के बाद ही कैबिनेट में प्रस्ताव लाया जायेगा। इसके बाद इस पर काम शुरू किया जायेगा। अभी सभी दलों की सहमति नहीं आयी है, सभी की सहमति आने केे बाद ही बैठक होगी। |
| मुख्यमंत्री ने मगध महिला कॉलेज के नवनिर्मित छात्रावास का किया उद्घाटन Posted: 23 May 2022 07:46 AM PDT मुख्यमंत्री ने मगध महिला कॉलेज के नवनिर्मित छात्रावास का किया उद्घाटनपटना, 23 मई, 2022:- मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने आज पटना विष्वविद्यालय के मगध महिला कॉलेज के नवनिर्मित 'महिमा छात्रावास' का फीता काटकर एवं शिलापट्ट अनावरण कर उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने उद्घाटन के पश्चात् नवनिर्मित छात्रावास (जी प्लस 7) के विभिन्न कमरों, जिम, कॉमन रूम, डायनिंग हॉल आदि का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने आयोजित कार्यक्रम का दीप प्रज्ज्वलित कर उद्घाटन किया। इस अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के इस विशेष कार्यक्रम में आप सबका अभिनंदन करता हूं। मुझे खुशी है कि आज मगध महिला कॉलेज के नवनिर्मित छात्रावास के उद्घाटन करने का अवसर मिला है। मुझे वर्ष 2019 में यहां दो बार आने का मौका मिला था। पहली बार यहां आने के दौरान यहां की छात्राओं ने छात्रावास की खराब स्थिति के बारे में मुझे बताया था। उसी समय यह विचार किया गया था कि हमलोग यहां एक अच्छे छात्रावास का निर्माण करायेंगे। मगध महिला कॉलेज, पटना विष्वविद्यालय का एक महत्वपूर्ण कॉलेज है, इसका विशेष महत्व है। वर्ष 2019 के ही सितंबर माह में इस छात्रावास का शिलान्यास किया था। इसका निर्माण पहले ही हो जाता लेकिन कोरोना के चलते इसमें थोड़ा विलंब हो गया। बीच-बीच में हम इसके निर्माण कार्य की जानकारी ले रहे थे। कुछ दिन पूर्व जे0पी0 गंगा सेतु के निर्माण कार्य की प्रगति का निरीक्षण कर रहे थे, उस दौरान हमने इस छात्रावास के बारे में जानकारी ली थी। यह छात्रावास बहुत अच्छा बना है। इसके बनने से छात्राओं को काफी सुविधा होगी। हमने पूरा हॉस्टल देखा। हर कमरे में तीन छात्राओं के रहने की व्यवस्था है। पुराने छात्रावास की छात्राएं इस नये छात्रावास में शिफ्ट करेंगी। इस नये छात्रावास में लगभग 600 छात्राओं को रहने की सुविधा होगी। छात्राओं के लिए यहां जरूरी इंतजाम किया गया है। यहां छात्राओं को किसी तरह की कोई दिक्कत न रहे इसका ख्याल रखा गया है। इस छात्रावास के बन जाने से मुझे काफी खुशी हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां की प्राचार्या ने लेबोरेटरी साइंस, परीक्षा भवन, ऑडिटोरियम के निर्माण के संबंध में बात रखी है। शिक्षा मंत्री के साथ यहां सभी अधिकारी हैं। इस कार्य को पूरा करें। उन्होंने कहा कि मगध महिला कॉलेज से मेरा पुराना रिश्ता है। हमलोग पटना यूनिवर्सिटी में पढ़े हैं। इस कॉलेज के साथ मेरे परिवार का भी रिश्ता है। मेरी छोटी बहन और पत्नी भी यहीं पढ़ी हैं। उन्होंने कहा कि पहले लड़कियां कम पढ़ती थीं। जब से काम करने का मौका मिला है हमने लड़कियों की शिक्षा के लिए कई काम किये। लड़कियों के लिए साइकिल योजना और पोशाक योजना चलायी गयी। कुछ लोगों ने आलोचना करते हुये कहा था कि लड़कियों को साइकिल देने से समस्या होगी लेकिन कहीं कोई समस्या नहीं हुयी और लड़कियों को इसका लाभ मिला। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार की आबादी बहुत ज्यादा है और क्षेत्रफल कम है। जब हमलोगों ने काम शुरू किया था तो राज्य का प्रजनन दर 4.3 था। अब 3 पर पहुंच गया है और इसे 2 पर ले जाएंगे। जब लड़कियां पढ़ेंगी तो प्रजनन दर कम होगा। अगर लड़कियां इंटर पास करेंगी तो 25 हजार रूपये और ग्रेजुएशन करने पर 50 हजार रूपये दिये जायंेगे। मेडिकल और इंजीनियरिंग की पढ़ाई में भी लड़कियों को कम-से-कम 35 प्रतिशत आरक्षण दिया जा रहा है। मेडिकल और इंजीनियरिंग के क्षेत्र में काफी संख्या में लड़कियां आगे आ रही हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं की मांग पर हमने शराबबंदी लागू की। दहेज प्रथा और बाल विवाह के खिलाफ अभियान शुरू किया गया। समाज सुधार अभियान शुरू किया गया है। दहेज लेना अन्याय है। हमने कह दिया है कि अगर कोई शादी का निमंत्रण देता है और उसके कार्ड पर दहेज नहीं लेने की बात लिखी होगी तभी हम उस शादी में जायेंगे। हमलोगों ने यहां जीविका समूह बनाया। जीविका से बिहार में काफी विकास हुआ है। उस समय की केन्द्र सरकार ने बाद में उसी को पूरे देश में आजीविका के नाम से शुरू किया। उन्होंने कहा कि लड़कियां खूब अच्छी तरह से पढ़ाई करें, साथ ही बाल विवाह और दहेज प्रथा के खिलाफ जागरूक रहें और लोगों को जागरूक करें। सभी छात्राओं से हम कहेंगे कि कहीं भी दहेज प्रथा और कम उम्र की शादी नहीं होने दें। खूब पढ़िये, आगे बढ़िये, कहीं जाइये तो समाज सुधार की चर्चा कीजिये, इससे समाज आगे बढ़ेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमलोगों ने लड़कियों को प्लस टू के साथ ही आगे की पढ़ाई के लिए पूरी व्यवस्था कर रहे हैं। यहां का जी0ई0आर0 (ग्रॉस इनरॉलमेंट रेशियो) 30 तक पहुंचाने के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस कॉलेज के विकास के लिये जो कुछ करना है इसमें हमलोगों का पूरा सहयोग रहेगा। आपस में प्रेम का भाव रखिये। आपलोग खूब पढ़िए, आगे बढ़िए, इससे बिहार आगे बढ़ेगा और देश के विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान देगा। जब तक हम हैं सभी के विकास और कल्याण के लिये काम करते रहेंगे। मगध महिला कॉलेज पहुंचने पर मुख्यमंत्री का स्वागत एन0सी0सी0 छात्राओं ने सलामी देकर की। कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्यमंत्री का स्वागत मगध महिला कॉलेज की प्राचार्या प्रोफेसर नमिता कुमारी ने अंगवस्त्र, प्रतीक चिह्न एवं पौधा भेंटकर किया। कार्यक्रम को शिक्षा मंत्री श्री विजय कुमार चैधरी, पटना विष्वविद्यालय के कुलपति प्रो0 गिरीश कुमार चैधरी, मगध महिला कॉलेज की प्राचार्या प्रो0 नमिता कुमारी ने भी संबोधित किया। मगध महिला छात्रा संघ कैबिनेट की महासचिव सुश्री कौण्डिया शताक्षी ने मुख्यमंत्री को मगध महिला कॉलेज की छात्राओं की तरफ से अभिनंदन पत्र भेंट किया। सुश्री कौण्डिया शताक्षी ने इस अभिनंदन पत्र को पढ़ते हुए महिलाओं के लिए किए जा रहे कल्याणकारी कार्यों के प्रति मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। नारी सशक्तीकरण के लिए चलाई जा रही योजनाएं, मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना, साइकिल योजना, पोशाक योजना, नौकरियों में लड़कियों को दिए जा रहे 35 प्रतिशत का आरक्षण, शराबबंदी के कारण घरेलू हिंसा में आई कमी, पर्यावरण संरक्षण के लिए चलाई जा रही जल-जीवन-हरियाली अभियान की भी सराहना की। उन्होंने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने एवं राजनीतिक क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए धन्यवाद दिया। साथ ही मुख्यमंत्री की कार्यशैली, व्यक्तित्व की प्रशंसा की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार, वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ0 एस0 सिद्धार्थ, शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री दीपक कुमार सिंह, राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान के उपाध्यक्ष श्री कामेष्वर झा, शिक्षा विभाग के सचिव एवं बिहार राज्य शैक्षणिक आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक श्री असंगबा चुबा आओ, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी श्री गोपाल सिंह, पटना विष्वविद्यालय के कुल सचिव श्री कर्नल कामेश कुमार, नालंदा खुला विश्वविद्यालय के कुलपति श्री के0सी0 सिन्हा, पाटलिपुत्र विष्वविद्यालय के कुलपति श्री आर0के0 सिंह, विभिन्न विष्वविद्यालयों के प्राचार्यगण, मगध महिला कॉलेज के आई0क्यू0ए0एस0 की कॉर्डिनेटर श्रीमती सुहेली मेहता सहित अन्य शिक्षकगण, शिक्षकेत्तर कर्मीगण एवं छात्रायें उपस्थित थीं। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 23 May 2022 07:31 AM PDT पोप ने भारत का अपमान किया है संसद में प्रस्ताव पारित कर इनकी धर्म विरोधी दुकानें बंद करें। --स्वामी बालयोगेश्वरधर्म रक्षा दल के द्वारा आयोजित प्रेस वार्ता में विश्व धर्मागम योगाश्रम के संस्थापक अध्यक्ष स्वामी बाल योगी जी ने कहा आजकल भारत के प्रमुख समाचारों में खबरें है कि भारत की धाक हर क्षेत्र में बन रही है। धर्म के क्षेत्र में भी भारत दुनिया में अपना परचम लहरा रहा है। 18 मई 2022 को वेटिकन में क्रिस्चन पोप के द्वारा पहली बार किसी भारतीय को संत की उपाधि दी गई है। भारत में कन्याकुमारी जिले में 23 अप्रैल सन 1712 में जन्मे देवसहायम पिल्लई को क्रिश्चियन पोप के द्वारा संत की उपाधि दी गई। सन 1745 में हिंदू धर्म छोड़कर इन्होंने ईसाई धर्म अपना लिया था। देव सहायम पिल्लई ने जातिगत मतभेदों के बावजूद सभी लोगों की समानता पर जोर दिया इससे उच्च वर्गों में उनके प्रति नफरत पैदा हुई । उस समय तमिलनाडु में वर्मा राजवंश था। देवसहाय पिल्लई को सन 1749 में गिरफ्तार किया गया। सन 1752 को उन्हें किसी ने गोली मार दी थी । डच नौसेना के कमांडर ने इन्हें कैथोलिक धर्म के बारे में बताया था। उन्होंने अपना नाम लाजर रखा था। ऐसी खबरें आजकल प्रमुख समाचारों हैं। श्री राधाकांत वत्स जी निम्बार्क सम्प्रदाय और धर्म के लिए समर्पित साधू संतो ने कहा संकीर्ण मानसिकता से ग्रसित क्रिस्चन पंथ गुरु श्रीमान पोप जी संत शब्द का अपमान कर पूरी मानवता को अंधकार में धकेल रहे हैं। कोई भी शिक्षित व्यक्ति ऐसा कार्य नहीं करेगा । क्रिस्चन पंथ गुरुओं के द्वारा धर्म और संत शब्द का अपमान किया गया है। संत उसे कहा जाता है जो सत्य स्वरुप ईश्वर का साक्षात्कार जीते जी कर लें या लोगों को सत्य स्वरूप ईश्वर की ओर ले जाने के लिए अपना जीवन समर्पित कर दें। वर्तमान में क्रिश्चन पंथ के द्वारा ईश्वर और धर्म जैसे शब्दों का प्रयोग कर मानव सभ्यता को अंधकार में धकेला जा रहा है। जो भी शिक्षित व्यक्ति होगा विद्वान होगा स्वार्थी, धूर्त, बिकाऊ और मूर्ख नही होगा इनका समाचार लिखते समय इन शब्दों का प्रयोग नही करेगा। स्पष्ट परिभाषा और सिद्धांत के बिना क्रिश्चियन पंथ में ईश्वर और धर्म और संत जैसे शब्दों का उपयोग कर प्रचार करना मानवता के विरुद्ध है। क्योंकि धर्म की परिभाषा स्पष्ट है इसके ठीक विपरीत विचारों को धर्म कैसे कह सकते हैं । ईश्वर की परिभाषा भी स्पष्ट है ठीक इसके विपरीत विचारों को ईश्वर या परमात्मा शब्द से संबोधित कैसे कर सकते हैं। समाचार लेखक, वक्ता स्वार्थ वश पूरी मानवता के साथ अन्याय कर रहे हैं इन शब्दों की परिभाषा सार्वभौमिक है । भारत के साधु संतों विद्वान जनों ने क्रिश्चन पंथ गुरुओं को इस बात पर चुनौती दी है की इन शब्दों का प्रयोग क्रिश्चन पंथ गुरु नही कर सकते है क्योंकि यह भारत का अपमान है और पूरी मानव सभ्यता के साथ अन्याय है। क्रिस्चन पंथ गुरु मुँह छुपा कर सिद्धांत ग्रंथ परिभाषा ग्रंथ बिना बताए इन शब्दों का प्रयोग करते हैं। भारत मे क्रिप्टो क्रिस्चन हिन्दू नाम वेष रखकर धर्म विरोधी,राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में लिप्त हैं। न्यायालय, मीडिया, सत्ता में,कुछ हिन्दू संगठनों में इनका पूरा नियंत्रण है। यूनाइटेड हिन्दू फ्रंट, हिन्दू महासभा के द्वारा सबूत समेत इनके आतंकवादी गतिविधियों से 20 वर्षों से सरकार को चेताया जा रहा है कई बार देश का तख्ता पलटने से बचाया गया हैं। सन 2012 में हमने देशद्रोही शक्तियों को नंगा किया जो भारत को लीबिया सीरिया और मिस्र की तरह कब्रिस्तान और खंडर बनाने पर तुली हुई थी। अमेरिका ,इंग्लैंड की गुप्तचर ऐजेंसी सेनाएं क्रिस्चन पोप की सेनाएं हैं। आज भी भारत मे मुद्दे यही तय करते है जनता को गुमराह करते हैं। असली मुद्दों पर आने नही देते।भारतीय संस्कृति और परिवार तोड़ने के कानून बनाये जाते हैं। नेता आज भी इनके जर खरीद गुलाम है चरित्रहीन हैं भ्रष्ट हैं । क्रिश्चन सबसे अधिक सरकारी जमीने हड़प कर बैठे हुए हैं। सबसे अधिक छूट सुविधाएं इन्हें प्राप्त है। लाखों हिंदू मंदिरों की दान पेटी की करोड़ों अरबो रुपयों की राशि सरकार प्रतिवर्ष हड़प कर उस राशि की 95 प्रतिशत राशि क्रिश्चन और मुस्लिम संस्थाओं पर खर्च करती है । क्रिस्चन और मुस्लिम संस्था के एक रुपए को सरकार छूती भी नहीं है । यदि हिंदू मंदिरों की राशि केवल हिन्दुओ पर खर्च की जाय तो एक भी हिंदू गरीब नहीं रहेगा बेरोजगार नहीं रहेगा। साधु संतों की मांग हैं कि सरकार हिंदुओं के साथ न्याय करें और हिन्दूओ का पैसा वापस करें कानून बनाएं। क्रिश्चियन चर्च आतंकवादी अड्डों की जांच करने की मांग कई बार हो चुकी है। लेकिन कोई नेता या मीडिया इन आतंकवादी अड्डों की जांच करने की हिम्मत नहीं कर पाया है। बलात्कार के आरोपी अपराधी दोषी अनेक क्रिश्चियन पंत गुरुओं को गिरफ्तार करने के लिए वेटिकन के आदेश का इंतजार भारत सरकार पुलिस को करना पड़ता है। क्रिश्चियन पंथ गुरुओं और इनकी संपूर्ण संस्थाओं को पूरी तरह भारतीय कानून के अंतर्गत लाने की पहली आवश्यकता है फिर हिन्दू राष्ट्र गोरक्षा की बात करना उचित है। नेता जो न्याय करते हैं वह हिंदुओं के साथ इस घोर अन्याय पर चुप क्यों है? क्रिश्चियन बाहुल्य क्षेत्र पालघर में दो साधुओं की पुलिस की उपस्थिति में हत्या की गई वहां पर किसी भी भगवाधारी को देखते ही जनता पीट पीट कर मार डालती है। पहले भी कई हत्याएं हो चुकी है। वहां पर शरद पवार एनसीपी के विधायक का क्षेत्र है। कभी कम्युनिस्ट वादी कभी कुछ नाम दे दिया जाता है। क्रिश्चियन पंथ गुरु किसी हिंदू का धर्म परिवर्तन करते समय उसके पूज्य देवी देवताओं की फोटो पर पेशाब करा कर उन्हें जलाने के लिए कहा जाता है। हिंदू धर्म के प्रति नफरत पैदा कर दी जाती है। यही क्रिश्चिनो का चलाया गया सेकुलर वाद और धर्मनिरपेक्षता का एजेंडा है। ऐसी दुर्घटनाओं पर राज्य सरकारों को बर्खास्त करना हल नहीं है। इसके लिए केंद्रीय कानून बनाने की आवश्यकता है। पालघर के साधुओं की हत्या का मुद्दा बनाकर भारत के बिकाऊ मीडिया ने भारत को हिंदू मुस्लिम गृह युद्ध में धकेलने मैं कोई कसर बाकी नहीं रखी थी । लेकिन समय रहते दारा सेना , हिंदू महासभा के द्वारा सोशल मीडिया के देशभक्त लोगों द्वारा इस षड्यंत्र को विफल किया गया। किरण बेदी ,केजरीवाल, सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश, यूरोपियन यूनियन, मानवाधिकार आदि कई संगठन नेता नक्सलवादी माओवादी आतंकवादियों के खुले समर्थक हैं। जो विश्व प्रसिद्ध हिंदू संत धर्मांतरण के रास्ते में सबसे बड़ी बाधा बने हुए थे उनको बिना सबूत बलात्कार के आरोप में जेल में डाल दिया है क्योंकि वे ब्रहमचर्य की शिक्षा देकर भारत की युवा पीढ़ी को मजबूत कर रहे थे। मूलरूप से क्रिस्चन देशों से प्रायोजित प्रजापिता ब्रह्माकुमारी , बंदी छोड़ रामपाल ,निर्मला देवि कुण्डलिनी जागरण आदि संथाओं को मीडिया संत कहता है जबकि वे सनातन वैदिक पंथ के विरोधी हैं। सनातन धर्म से बुद्ध पंथ में ले जाकर गुमराह करके फिर बरगलाना क्रिस्चन बनाना आसान हो जाता है। कर्तव्यनिष्ठ न्यायधीशों और राष्ट्र्वादी रामराज्य वादी नेताओं और बड़े संगठनों की मेहरबानी से इनके आश्रम आतंकवाद के अड्डे हैं जो आदिवासी, जनअदालत, जातीयता, नक्सल, माओ, कम्युनिस्ट ,उल्फा के नाम पर आये दिन निर्दोष हिन्दुओ, हिन्दू सैनिको ,पुलिस जवानों की हत्या पर रहस्यमय चुप्पी साधकर उड़ीसा में स्वामी लक्ष्मणा नंद की हत्या का फतवा वेटिकन से करवाते हैं। दंगे होने पर 50 क्रिश्चन देशों के सेकुलर वादी नेता प्रतिक्रिया और चिंता जाहिर करते हैं। हिन्दू संगठन चंदा जमा करते है जमा निधि। धार्मिक भेदभाव के कारण हिंदू आर्थिक संकट से ग्रस्त है लाखों परिवार आत्महत्या कर रहे हैं । अल्पसंख्यक मंत्रालय आयोग बनाकर उस को बढ़ावा देने वाले जेब कतरे नेता मौज मार रहे हैं। भाजपा ने समान नागरिक कानून का वादा सात वर्षों में पूरा नही किया । अल्पसंख्यक मंत्रालय आयोग को बंद करने की बजाय उसे बढ़ावा दिया । हिंदू की पीठ में छुरा भोकने की इन की परंपरा रही है । क्रिश्चन अंग्रेजों ने अल्पसंख्यक शब्द का आविष्कार करके भारत के टुकड़े किए । सन 1947 में लाखों हिन्दू मारे गए लाखो हिन्दू स्त्रियों का बलात्कार हुआ। हिन्दू जिसे पनाहगाह समझ रहे हैं वही उनके कत्लगाह है हिन्दू सावधान हो जाए। अंतराष्ट्रीय और राष्ट्रीय क्रिश्चियन दानवाधिकार आयोग मानवाधिकार की बातें करता है। गो तस्करों को पकड़ने वाले सैनिकों को दंडित करवाता है और गौ तस्करों को मुआवजा दिलवाता है। क्रिश्चियन कौंसिल के द्वारा आज भी भारत में स्कूलों में गीता पढ़ाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। भारत में आज भी गोमांस खाने का उत्सव मनाया जाता है। आए दिन गौ रक्षकों की हत्या हो रही है। गली गली शराब की दुकानें खोलकर रामराज्य लाने वाले राष्ट्रवादी नेताओं की मेहरबानी से रेलवे स्टेशन की दुकानों पर इनकी बहुराष्ट्रीय कंपनियां ब्रिटानिया कंपनी अंडे और पशुओं के मांस का केक बिस्किट ब्रेड आम जनता को खिला रही है। पीने के पानी के नल गायब है जनता इनकी केमिकल पेय पदार्थ पीने के लिए मजबूर है । भारत मे नीति आयोग ,योजना आयोग,चरित्रहीन भ्रष्टाचारी न्यायधीश, नेता, प्रमुख मीडिया आज भी क्रिश्चन चर्च के अनुसार ही नौटंकी ड्रामा करते है। भारत का मीडिया ,मानवाधिकार,न्याय तंत्र, नेता वर्ग,अधिकारी वर्ग, कुछ बड़े हिंदूवादी संगठन , कुछ आतंकवादी संगठन क्रिस्चन शक्तियों द्वारा पूरी तरह संचालित है । हिन्दू मुस्लिम मुद्दे बना कर हिन्दूओ को मरवा रहे हैं। धार्मिक भेदभाव द्वारा हिन्दुओ का भयंकर शोषण हो रहा है । अल्पसंख्यक मंत्रालय आयोग आरक्षण, अनुदान ,छूट, सुविधाओं के कारण इस अन्याय से करोड़ों हिंदू परिवार आर्थिक संकट से ग्रस्त है लाखों हिंदू परिवार आत्महत्या कर रहे हैं। हिंदू संगठनों के एक अनुमान से प्रतिदिन लगभग 2700 हिन्दू लड़कियाँ धर्मांतरण का शिकार हो रही है। उनकी कोई सुनवाई नही है।उनके पूरे परिवार का जीवन नरक बन गया हैं। क्रिस्चन अंग्रेज 200 वर्षों तक भारत मे शैतान बन कर नाचते रहे लूटते रहे सन 1947 में भारत के टुकड़े किये उसके बाद कई गुना अधिक लूटपाट सैकड़ो विदेशी कंपनियों के द्वारा आज भी जारी है। नेतागिरी, मीडिया ,प्रशासन में कई हिन्दू नाम वेश रखकर क्रिस्चन है असली मुद्दे छुपा कर जनता का शोषण करके मौज मार रहे हैं। अनेक कानून बनवा कर हिन्दूओ को समाप्त करवा रहे हैं। मूल रूप से हिन्दू धर्म विरोधी मानसिकता ,हिंदू मुस्लिम मुद्दे बनाकर , मूल रूप से धार्मिक भेदभाव, आतंकवाद,अलगाववाद,जातिवाद,भाषावाद ,पर्यावरण,मानवअंग तस्करी,मानव तस्करी, नशा,अश्लीलता,धर्मांतरण, अल्पसंख्यक के नाम पर रोटी सेकने की राजनीति बिकाऊ नेताओ के द्वारा इन क्रिश्चनपंथ गुरुओं के चर्च के द्वारा की जा रही है। क्रिस्चन मानवता की सेवा करना चाहते हैं तो सेवा ही करे सत्ता प्राप्ति और छल बल से धर्म परिवर्तन के लिए दानवी कृत्य नही करे न ही पवित्र शब्दों को अपवित्र करें। जो हिन्दू संत संपूर्ण मानवता के लिए उचित आहार विहार ब्रहमचर्य आयुर्वेद आदि का प्रचार-प्रसार करते हैं उनको सम्मान दे उनका अनुकरण करें। अपना अहंकार छोड़ कर सत्ता की राजनीति छोड़ कर सेवा कार्य करें जिसका यह ढोल पीटते रहते हैं । कृपया धर्म ,ईश्वर, सत्ता की दुकानदारी बंद करें, अलगाववादी, आतंकवादी, अमानवीय , अन्यायकारी कृत्यों को बंद करे। अवसरवादी धूर्त चुप्पी की राजनीति बन्द करे।अपने सेवा केंद्र चालू रखें। जिन हिंदू संतो को बदनाम कर उनको प्रताड़ित किया है उनसे क्षमा याचना करें अन्यथा श्रीमान पोप जी और क्रिश्चन पंथ गुरु अपनी दुर्दशा के लिए स्वयं जिम्मेदार होंगे। कुछ दिन पूर्व भारतीय मीडिया में खबरें थी रूस यूक्रेन युद्ध के संबंध में पोप पुतिन से मुलाकात करेंगे। इस विषय को साधु संतों ने गंभीरतापूर्वक लेते हुए बैठक की और रूसी दूतावास में मुलाकात करने की योजना बनाई। स्वामी बाल योगी जी ने कहा कि रूस यूक्रेन युद्ध की मार भारत की जनता झेल रही है। अमेरिका इंग्लैंड की विस्तारवादी अधर्म संगत नीतियों पर पोप उदासीन है। पोप जब धर्म संगत बात करेंगे उस पर आगे की दिशा तय होगी अन्यथा कई देश राख में बदल सकते हैं। इसके लिए पोप स्वयं जिम्मेदार होंगे। जहां धर्म होगा वही विजय होगी और वही शांति होगी। भारत के विश्व प्रसिद्ध हिन्दू साधु संतों की गिरफ्तारी आसानी से हो जाती है । हिंदू धर्म की संस्थाओं पर सरकार का नियंत्रण है जबकि अपराधी क्रिश्चन पंथ गुरु की गिरफ्तारी नहीं हो पाती और उनकी संस्थाओं को सरकार नियंत्रित नहीं करती है । क्रिश्चियन पंथ गुरु सरकार को पूरी तरह नियंत्रित करते हैं । टैक्स भरने वाले हिंदुओं को नेता केवल मूर्ख बना रहे हैं । भारत की प्रमुख साधु-संतों की बैठक में तय किया गया है कि जो हिंदू साधु-संतों का सम्मान रखते हुए धर्म संगत कार्य करेगा ऐसे नेताओं को अब खुला समर्थन करके सत्ता में बैठाया जाएगा और धर्म विमुख नेताओं को उखाड़ कर फेंक दिया जाएगा। वर्तमान सरकार को ज्ञापन देकर साधु संतों की मांगों को सरकार के समक्ष रखा जाएगा। संविधान का उल्लंघन करके बनाया गया अल्पसंख्यक मंत्रालय बंद किया जाए । धार्मिक भेदभाव, छूट, आरक्षण अनुदान बन्द किया जाय। जेबकतरे नेताओं को नीलाम किया जाए उनकी संपत्ति जप्त की जाए और उनको बंधुआ मजदूर बनाकर सेवा का अवसर दिया जाए। हिन्दूओ को उनका पैसा वापस किया जाए। गोरक्षा मंत्रालय बनाया जाय। अल्पसंख्यक आयोग बंद किया जाए । धर्मांतरण की शिकार हिंदू लड़कियों की क्षतिपूर्ति की जाय। धर्मांतरण के विरुद्ध कठोर कानून बना कर दोषियों को दंडित किया जाय। हिंदुओं को न्याय दिया जाए। भारत में धर्म, संत, ईश्वर, परमात्मा जैसे शब्दों को प्रयोग करने वाले समाचार पत्रों,नेताओं, संस्थाओं की जिम्मेदारी तय करें कि सनातन वैदिक धर्म के विपरीत विचारों को इन शब्दों से संबोधित नही करे। अन्यथा इनको नोटिस दे कर इनकी संपत्ति जप्त की जाय। इनके वोट देंने और चुनाव लड़ने का अधिकार हमेशा के लिए समाप्त किये जायें। इनकी संपत्ति खरीदने के अधिकार समाप्त किये जायें। धर्मनिरपेक्षता, धर्मान्धता, धार्मिक असहिष्णुता ,धार्मिक कट्टरता जैसे विकृत शब्दों का प्रयोग करने वाले आतंकवादियों से अधिक खतरनाक है। इनसे लिखित में क्षमा प्रार्थना पत्र जमा करवाये जाए और ऐसे समाचार पत्रों पर कठोर से कठोर कार्यवाही की जाए । प्रत्येक जिले, तहसील थाने पर सरकार सूचना आदेश पत्र जारी करें । अन्यथा हिंदू संतो की जान की कोई कीमत नहीं रह जाएगी पालघर जैसी घटनाएं होती रहेगी। भारत के प्रमुख साधु संत सरकार से मांग करते हैं कि सरकार आयोग बनाये जिसमे भारत के प्रमुख साधु संत हो। उन संतो के द्वारा उनकी सुरक्षा और धर्म से संबंधित विषयों को नियंत्रित किया जा सके और सभी का सच्चा विकास हो सके। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| ‘परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी का हिन्दू राष्ट्र स्थापना का ईश्वरीय कार्य !’ इस विषय पर विशेष संवाद ! Posted: 23 May 2022 05:27 AM PDT परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी के मार्गदर्शन के अनुसार धर्म को आई हुई ग्लानि दूर होकर शीघ्र ही 'हिन्दू राष्ट्र' की स्थापना होगी ! - डॉ. नील माधव दास परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी ने चिकित्सा क्षेत्र में उच्च शिक्षा प्राप्त की है । यदि उन्होंने निश्चय किया होता तो बहुत प्रसिद्धी और पैसा कमा सकते थे; परंतु उन्होंने हिंदुओं पर होनेवाला अन्याय दूर करने के लिए 'हिन्दू राष्ट्र की स्थापना' का निश्चय किया । परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी द्वारा स्थापित 'सनातन संस्था' वर्तमान में विश्वव्यापी बन रही है । उनके विचारों से प्रेरणा लेकर वर्ष 2002 में 'हिन्दू जनजागृति समिति' स्थापित हुई है । वर्तमान में समिति के माध्यम से बडी मात्रा में हिन्दू संगठन खडा हो रहा है । भगवान श्रीकृष्ण के वचन के अनुसार कलियुग में धर्म को आई हुई ग्लानि दूर करने के लिए भगवान श्रीकृष्ण के रूप में साक्षात परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी ने जन्म लिया है । इसलिए उनके मार्गदर्शन के अनुसार 'हिन्दू राष्ट्र की स्थापना' शीघ्र ही होगी इसका हमें विश्वास है, ऐसा भावपूर्ण प्रतिपादन झारखंड राज्य के 'तरुण हिन्दू' के अध्यक्ष श्री. नील माधव दास ने किया । वे हिन्दू जनजागृति समिति द्वारा आयोजित 'परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी का हिन्दू राष्ट्र स्थापना का ईश्वरीय कार्य !' इस विषय पर आयोजित 'ऑनलाइन' विशेष संवाद में बोल रहे थे । इस समय कोल्हापुर के प्रखर हिन्दुत्वनिष्ठ श्री. शरद माळी ने कहा कि, मैं गत 12-13 वर्षों से सनातन संस्था की धर्मसभा, राष्ट्र और धर्म रक्षा के अनुषंग से सरकार को निवेदन देना आदि कार्य में सक्रिय सम्मिलित हो रहा हूं । संस्था के संस्थापक परात्पर गुरु डॉ. जयंत आठवलेजी हिन्दू धर्म की महानता सबको बता रहे हैं । हिन्दू राष्ट्र की निर्मिति हो, ऐसी सर्व हिंदुओं की प्रार्थना है । हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
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