दिव्य रश्मि न्यूज़ चैनल |
- भारतीय जन क्रान्ति दल के राष्ट्रीय महासचिव ने भारत के हिंदू जनता के साथ हो रहें अन्याय, अत्याचार ,छद्म युद्ध के द्वारा समाप्त किये जाने के षडयंत्र रोकने हेतु महामहिम को ज्ञापन |
- पुर्तगालियों द्वारा ‘इन्क्विजिशन’ के माध्यम से किए हुए अत्याचार का इतिहास संसार के सामने लाए बिना हिन्दू समाज शांत नहीं बैठेगा ! - रमेश शिंदे
- योगी की उत्तराखंड यात्रा
- पाकिस्तान ने अपने दोस्त को फंसाया
- तेजस्वी की नयी रणनीति
- शेख राशिद पाक के पीएम व पूर्व पीएम की दूर करेंगे गलतफहमी
- उत्तर कोरिया ने पूर्व की दिशा में दागी अज्ञात मिसाइल
- मोदी ने डेनमार्क की पीएम से की यूक्रेन संकट पर चर्चा
- नेपाल के त्रिभुवन एयरपोर्ट पर बम की सूचना से हड़कम्प
- आदिशंकराचार्य
- डॉ रामाशीष सिंह की पुण्यतिथि पर सम्मानित किए गए साहित्यकार
- जो आया है इस दुनिया में जायेगा.
- 5 मई 2022, गुरूवार का दैनिक पंचांग एवं राशिफल - सभी १२ राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन ? क्या है आप की राशि में विशेष ? जाने प्रशिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. प्रेम सागर पाण्डेय से |
- जोधपुर हिंसा
- यज्ञों से बडी मात्रा में सकारात्मक ऊर्जा की निर्मिति !
- मिल जाए जो साथ तुम्हारा
- हाइकू --"न्याय "
- अक्षय तृतीया शुभ घड़ी
- राम राज्य के संस्थापक महर्षि परशुराम धर्म धरती और मानवता के रक्षक थे:- डॉ. विवेकानंद मिश्र
- 4 अप्रैल 2022, बुधवार का दैनिक पंचांग एवं राशिफल - सभी १२ राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन ? क्या है आप की राशि में विशेष ? जाने प्रशिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. प्रेम सागर पाण्डेय से |
- हिन्दू छात्रों को ईद मुबारक बोलकर वीडियो भेजने पर अधिक अंक मिलने का प्रलोभन देना मानसिक धर्मांतर है !
- आदिकाल से आजादी तक ब्राह्मणों की रही है भूमिका : आलोक रंजन झा
| Posted: 05 May 2022 06:48 AM PDT भारतीय जन क्रान्ति दल के राष्ट्रीय महासचिव ने भारत के हिंदू जनता के साथ हो रहें अन्याय, अत्याचार ,छद्म युद्ध के द्वारा समाप्त किये जाने के षडयंत्र रोकने हेतु महामहिम को ज्ञापन |पटना पांच मई को पार्टी के राष्ट्रीय कार्यालय में पत्रकारों को संबोधित करते हुए पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव डॉ राकेश दत्त मिश्र ने बतायाकि वर्तमान समय में भारत मे यदि करदाता हिन्दुओ के साथ भेदभाव, अन्याय,अत्याचार समाप्त हो जाये तो एक भी हिन्दू परिवार बेरोजगार नही होगा एक भी हिन्दू गरीबी से आत्महत्या नही करेगा। महंगाई सबसे बड़ा टैक्स हैं। हमारा उद्देश्य सत्य, न्याय, मानवता और शांति की स्थापना करना है , किसी व्यक्ति पंथ विशेष की निंदा स्तुति करना नहीं है। आज भारत राष्ट्र में सत्ता के सहयोग से अन्याय पूर्ण नीतियों द्वारा भारतीय संस्कृति ,सनातन वैदिक हिंदू धर्म, हिंदू जनता को छद्म युद्ध के द्वारा समाप्त किया जा रहा है। भारत को 800 वर्षों में जितना मुस्लिमों ने नही लूटा उससे कई गुना अधिक 200वर्षो में क्रिस्चन अग्रेजों ने लूटा। हिन्दू मुस्लिम मुद्दे बनाकर आज भी राजनीतिक रोटी सेकी जाती हैं न्याय,नीति की बात कोई नही करता। क्रिस्चन आक्रान्ताओ के विरुद्ध सन 1857 की क्रांति हिंदू और मुस्लिमों ने मिलकर लड़ी थी । आपसी प्रमुख विवाद जैसे काशी विश्वनाथ मंदिर, श्री कृष्ण जन्मभूमि आदि सुलझा लिए थे। लखनऊ की बेगम ने अयोध्या श्री राम मंदिर हिंदुओं को सौंप दिया था तथा दिल्ली के मुस्लिम शासक ने संपूर्ण भारत में गौ हत्या करने वालों को फांसी की सजा का ऐलान कर दिया था। सन 1942 में वीर सावरकर जी ने कहा था गांधी का यह "अंग्रेजों भारत छोड़ो आंदोलन नहीं है यह अंग्रेजों भारत तोड़ो आंदोलन है" क्रिश्चन अंग्रेजों ने अल्पसंख्यक शब्द का अविष्कार करके 15 अगस्त 1947 को भारत के टुकड़े किए लाखों हिंदुओं की हत्या की गई लाखों हिंदू स्त्रियों बच्चियों का बलात्कार किया गया। कायरता के कीर्तिमान स्थापित करके अमानवीय अत्याचार किए गए जो इस धरती पर इतिहास में पहले कभी नहीं हुए। 2 फरवरी 1834 ब्रिटेन की संसद में लॉर्ड मैकाले ने बयान दिया था "मैंने पूरे भारत का दौरा किया मुझे पूरे भारत में एक भी चोर भिखारी या बेरोजगार दिखाई नहीं दिया भारत को यदि गुलाम बनाना है तो ही गुरुकुल शिक्षा प्रणाली को नष्ट करना पड़ेगा।" 15 अगस्त 1947 के बाद भारतीय संविधान में 150 से अधिक बार संशोधन किए गए ज्यादातर सनातन वैदिक हिंदू धर्म और हिंदू जनता को समाप्त करने के लिए किए गए। स्वार्थी नेताओ की दोहरे कानून दोहरी सुविधाएं वोट बैंक की नीति से हिन्दू तीसरे दर्जे का नागरिक बन गया है। धार्मिक भेदभाव करके हिन्दुओ की जेब काटकर सैकड़ों योजनाओं के बहाने अल्पसंख्यको को जो सुविधाएं भारत मे दी गयी हैं वो पूरी दुनियां में कही नही दी गयी हैं। आज तक अल्पसंख्यको की परिभाषा कोई बताने को तैयार नही है। क्या उसी अनुपात में हिन्दुओ को सुविधाएं हैं जहाँ हिन्दू अल्पसंख्यक है? सन 2006 में सविधान का खुला उल्लंघन करके कांग्रेस गठबंधन सरकार द्वारा अल्पसंख्यक मंत्रालय बनाया गया है। धर्म के आधार पर आरक्षण,अनुदान, छात्रवृत्ति, बैंक ऋण संविधान के मूल अधिकारों के विरुद्ध है। इससे बढ़कर बाबासाहेब अंबेडकर जी का आपमान नहीं किया जा सकता है। सन 2007 में न्यायालय में हमारे द्वारा सच्चर कमेटी अल्पसंख्यक मंत्रालय के विरुद्ध याचिका दायर की गई। हिंदू संगठनों की याचिका को न्यायाधीश सुनवाई पर नहीं आने देते या जुर्माना लगाते हैं या निरस्त कर देते हैं। सर्वोच्च न्यायालय और संविधान का खुला उल्लंघन करके सारे कार्य हिंदू विरोधी राजनेता करते रहते है।मीडिया जनता को भ्रमित करता रहता हैं। हिंदू संगठनों द्वारा भ्रष्ट न्यायाधीशों के विरुद्ध अनेक याचिकाएं राष्ट्रपति प्रधानमंत्री और न्यायाधीशों के समक्ष रखी गई है राष्ट्रपति अपने कर्तव्य का पालन नहीं कर रहे हैं संविधान का पालन करने की शपथ लेने वाले न्यायाधीश स्वयं ही संविधान का पालन नहीं कर रहे हैं। न्यायाधीशों की नियुक्ति के मामले में हिंदू संगठनों ने अनेक याचिकाएं न्याय नियुक्ति आयोग, राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को दी है, लेकिन हिंदुओं का वोट लेकर हिंदू मुद्दे बनाकर कोई राजनेता कोई संगठन नीति बताने को तैयार नहीं है और ना ही कानून बनाने के लिए तैयार है। रोड शो भाषणबाजी, नारेबाजी ,लगाकर केवल हिंदुओं को गुमराह करते रहते हैं । छद्म धर्मनिरपेक्ष वादी हिंदू विरोधी सामने से छुरा भोंकते हैं और कुछ लोग हिंदूवादी बनकर हिंदू की पीठ में छुरा भोंक रहे हैं। सविधान का खुला उल्लंघन करके धार्मिक भेदभाव करके हिंदू जनता को छद्म युद्ध के द्वारा समाप्त किया जा रहा है । इस अन्याय ,अत्याचार के कारण करोड़ों हिंदू परिवार आर्थिक संकट से ग्रस्त हो गए हैं। लाखों हिंदू परिवार आत्महत्या के शिकार हो गए हैं और हो रहे हैं। करोड़ो अरबो रुपयो को धार्मिक आधार पर सरकारी विज्ञापन जारी करके खुले आम क्रिस्चनऔरंगजेबी मुस्लिम जजिया टैक्स वसूला जा रहा हैं। स्वार्थी,धूर्त, अन्यायी,जेबकतरे नेता मौज मार रहे हैं। हिन्दू संगठनों के एक अनुमान के अनुसार सन 2007 से प्रतिदिन लगभग 2700 हिन्दू स्त्रियों को धर्मांतरण लव जिहाद का शिकार बनाया जा रहा है उनकी कहीं कोई सुनवाई नहीं है। उनके पूरे परिवार का जीवन नरक बन गया हैं। कांग्रेस गठबंधन सरकार द्वारा सन 2006 में संविधान का खुला उल्लंघन करके अल्पसंख्यक मंत्रालय बनाया गया जिसको भाजपा बहुमत सरकार भी बढ़ावा दे रही है। कई हिंदू मंदिरों की वार्षिक दान पेटी की आवक करोड़ों अरबों रुपए हैं । लगभग 44 लाख 50 हजार मंदिरों की दान पेटी की राशि प्रतिवर्ष सरकार हड़प कर उस राशि की 90 से 95 प्रतिशत राशि क्रिश्चन और मुस्लिम संथाओं को देती है। एक भी मुस्लिम मस्जिद या क्रिश्चन चर्च के एक रुपए को सरकार छूती भी नहीं है। मस्जिदों में इमामो को सरकारी खजाने से तनख्वा इसमे अरबों रुपये खर्च किए जा रहे हैं । मंदिर में पुजारियों के लिए क्यों नहीं? हमारी पार्टी की मांग है कि 1. तत्काल केन्द्रीय कानून बनाया जाए। हिन्दू विरोधी और गद्दार दोषी राजनेताओं को दंडित करो।दोषीराज्य सरकारों को बर्खास्त करो । सेना या राष्ट्रपति शाशन लागू करो। या स्तीफा दो। 2. भारत में गौ मांस खाने की खुली घोषणा करने वालों को बीच चौक पर फांसी पर लटकाया जाए। गो हत्या करने वालों को फांसी की सजा दी जाए । 3. अल्पसंख्यक मंत्रालय बंद करके गो रक्षा मंत्रालय बनाया जाए। 4. भारत से मांस निर्यात बंद किया जाए जिससे गो तस्करी बंद हो। 5. देसी नस्ल की गायों को बढ़ावा दिया जाए। जर्सी और हाइब्रिड नस्ल की गाय को बढ़ावा देना सरकार तत्काल बंद करें। 6. न्यायधीशो की संपत्ति की जांच हो। भ्रष्ट ,देशद्रोही न्यायधीशो को बीच चौक पर फांसी दी जाए । 7. अल्पसंख्यक मंत्रालय तत्काल समाप्त किया जाए । इसमें दी गई राशि हिंदू परिवारों को वापिस की जाएं। इसको बनाने वाले दोषी राजनेताओं की संपत्ति जप्त की जाए । उनका चुनाव लड़ने का वोट देने की अधिकार समाप्त किए जाएं । सश्रम सार्वजनिक दंड दिया जाए। 8. धर्मांतरण रोकने के लिए कठोर कानून बनाया जाए । छल बल से धर्मांतरण लव जिहाद की शिकार हिंदू स्त्रियों को हरजाना दिया जाए । दोषियों को दंडित कर उनकी संपत्ति जप्त की जाय। 8) धार्मिक आधार पर आरक्षण अनुदान, बैंकिंग सुविधाएं देने वाले राजनेताओं के चुनाव लड़ने और वोट देने का आजीवन अधिकार समाप्त किया जाय। सम्पूर्ण संपत्ति को जप्त किया जाय। 9. जैसे हिंदू संस्था को सरकार अधिग्रहित कर लेती है इसी तरह क्रिश्चन और मुस्लिम धार्मिक संस्थाओं को पूर्णतया भारतीय कानून के अंतर्गत लाया जाए। 10. धर्मान्धता, सभी धर्म समान, धर्मनिरपेक्षता ,धार्मिक अंधविश्वास , धार्मिक कट्टरता, धार्मिक असहिष्णुता जैसे विकृत शब्द जनता के मुंह मे ठूसे जा रहे हैं। इन शब्दों को उपयोग करने वाले लोगों को लिखित में चेतावनी दी जाए । लिखित में क्षमा याचना पत्र प्रत्येक थाने में,तहसीलदार के पास जमा करवाये जाए। दूसरी बार गलती करने पर उनकी संपत्ति जप्त की जाय और ऐसे समाचार पत्रों पर प्रतिबंध लगाया जाए उनकी सम्पूर्ण संपत्ति जप्त की जाय। तीसरी बार गलती करने पर वोट देने चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगाया जाय। 11. हिन्दू मंदिरो की दान राशि केवल हिन्दुओ के अधिकार में हो केवल हिन्दुओ पर खर्च हो। 12. गैर गैर हिंदू धार्मिक संस्थाओं को यदि किसी प्रकार की छूट दी जाती है सुविधाएं दी जाती है तो उतनी ही सुविधाएं हिंदुओं को दी जाए यदि सरकारी तनख्वा दी जाती है तो पुजारियों को भी सरकार से उतनी ही तनख्वा दी जाए।हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 05 May 2022 06:23 AM PDT 'गोवा फाइल्स' : 'इन्क्विजिशन' के अत्याचार ?' इस विषय पर ऑनलाइन विशेष संवाद ! गोवा सहित संपूर्ण कोकण भगवान परशुराम की भूमि है, यह ऐतिहासिक, पौराणिक सत्य है । गोवा की भूमि ईसाई पंथ के उदय से पूर्व की है । तब भी गोवा 'वास्को' और 'जेवियर' की भूमि है, यह बताकर उनकी प्रशंसा की जाती है । इसी 'जेवियर' ने गोवा में 'इन्क्विजिशन' लागू किया । गोवा के 'इन्क्विजिशन' के समय यहां का 'हात कातरो' खंबा एकमात्र महत्त्वपूर्ण प्रमाण शेष रह गया है । इसी खंबे से बांधकर उस समय हिंदुओं के हाथ काटे गए । 'हात कातरो' खंबा पुराने गोवा में पूर्णतः उपेक्षित स्थिति में है । यह इतिहास सरकार और पुरातत्त्व विभाग के माध्यम से मिटाने का षड्यंत्र चल रहा है । स्पेन, रशिया सहित अनेक देशों में 'इन्क्विजिशन' के समय के प्रमाण और अवशेष संजोकर संपूर्ण संसार को देखने के लिए संग्रहालय में रखे गए हैं; परंतु गोवा में 'हात कातरो' खंबा अर्थात 'इन्क्विजिशन पिलर' का सत्य दबाने का प्रयत्न किया जा रहा है । पुर्तगालियों द्वारा किए गए अत्याचार का इतिहास छिपाया जा रहा है; परंतु हिन्दू समाज अब जागृत हो रहा है । गोवा में हुए 'इन्क्विजिशन' और 'हात कातरो' खंबे द्वारा पुर्तगालियों ने हिन्दू समाज पर किया हुआ अत्याचार संसार के सामने लाए बिना हम शांत नहीं बैठेंगे, ऐसा प्रतिपादन हिन्दू जनजागृति समिति के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री. रमेश शिंदे ने किया । हिन्दू जनजागृति समिति द्वारा 'गोवा फाइल्स'- 'इन्क्विजिशन' के अत्याचार?' इस ऑनलाइन विशेष संवाद में वे बोल रहे थे । इस विशेष संवाद में 'इन्क्विजिशन' का स्वरूप दर्शानेवाला एक वीडियो दिखाया गया । इस वीडियो में संसारभर में किस प्रकार 'इन्क्विजिशन' किया गया, यह सचित्र और ऐतिहासिक संदर्भ सहित राष्ट्रीय ऐतिहासिक अनुसंधान और तुलनात्मक अध्ययन केंद्र के अध्यक्ष श्री. नीरज अत्री ने प्रस्तुत किया तथा 'इन्क्विजिशन' के संदर्भ में 'छत्रपति शिवाजी महाराज म्युजियम ऑफ इंडियन हिस्ट्री, पुणे' द्वारा बनाई गई और हिन्दू जनजागृति समिति द्वारा प्रकाशित की गई चित्रमय फलक प्रदर्शनी भी लगाई गई थी । गोवा में 'इन्क्विजिशन' लागू करने के लिए उत्तरदायी और जिसके नेतृत्व में गोवा के हिन्दुओं पर अत्याचार किए गए, उस फ्रान्सिस जेवियर को संत का दर्जा दिया जा रहा है । हिन्दुओं पर किए गए अत्याचार छिपाए गए, उन्हें 'गोवा फाइल्स' द्वारा संसारभर के लोगों के समक्ष लाकर राष्ट्रवाद जागृत करना इस कार्यक्रम का उद्देश्य है, ऐसा गोमंतक मंदिर महासंघ के सचिव श्री. जयेश थळी ने इस समय कहा । सनातन संस्था के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री. चेतन राजहंस ने इस समय कहा कि, गोवा के वोट बैंक की रक्षा के लिए यहां सेंट जेवियर का उदात्तीकरण किया गया । पुर्तगालियों के संबंध में यहां सहानुभूति का वातावरण निर्माण किया गया । पुर्तगालियों का अमानवीय अत्याचार करनेवाला इतिहास यहां की विद्यालयीन पाठ्यपुस्तकों में नहीं पढाया जाता । संसारभर में हुए 'इन्क्विजिशन' के संबंध में पोप ने संबंधित देशों में जाकर क्षमा मांगी; परंतु गोवा में हुए 'इन्क्विजिशन' के संबंध में गोवा निवासियों की अभी तक क्षमा नहीं मांगी है । पोप को गोवा में हुए 'इन्क्विजिशन' के लिए क्षमा मांगनी चाहिए, ऐसी मांग गोवा सहित सर्वत्र के हिन्दू नागरिकों को करनी चाहिए । हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 04 May 2022 10:41 PM PDT योगी की उत्तराखंड यात्रा(डॉ दिलीप अग्निहोत्री--हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा) मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उत्तराखंड यात्रा केवल भावनात्मक स्तर पर महत्वपूर्ण नहीं थी। वह अपने पूर्व आश्रम की जननी से मिले। किसी संन्यासी के लिए यह दुर्लभ व विलक्षण पल होता है। इसके अलावा उन्होंने अपनी कार्यशैली के अनुरूप उत्तर प्रदेश के हित को भी महत्व दिया। उत्तराखण्ड के साथ मिलकर पर्यटन तीर्थाटन व अन्य विकास कार्यों को क्रियान्वित करने का मंसूबा व्यक्त किया। उत्तर प्रदेश और उत्तराखण्ड की पारस्परिक समस्याओं का समाधान अन्तिम चरण में है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखण्ड राज्य से सम्बन्धित सभी समस्याओं का समाधान समयबद्ध ढंग से जन भावनाओं के अनुरूप कर लिया जाएगा। उन्होंने पौड़ी गढ़वाल, बिथ्याणी,यमकेश्वर स्थित महायोगी गुरु गोरखनाथ राजकीय महाविद्यालय परिसर में ब्रह्मलीन राष्ट्रसन्त महंत अवेद्यनाथ जी महाराज की प्रतिमा का अनावरण किया। योगी आदित्यनाथ संन्यासी है। पूरे विधि विधान से इस धर्म का पालन करते है। संन्यास ग्रहण करने के साथ ही उन्होंने अपने परिवार का त्याग कर दिया था। योगी आदित्यनाथ ने इस नियम का अंतःकरण से पालन किया। यह भी एक प्रकार की साधना है। योगी इस पर भी अमल करते है किंतु विशेषता यह कि उन्होंने संन्यास के साथ समाज सेवा का समन्वय किया। यह गोरक्ष पीठ की परम्परा रही है। भारतीय चिंतन में भी इसकी मान्यता है स्वयं संन्यासी के रूप में रहते हुए भी समाज की सेवा की जा सकती है। योगी आदित्यनाथ ने इस मार्ग का अनुशरण किया। वह पांच बार सांसद रहे। पांच वर्ष से मुख्यमंत्री है। किंतु पूर्व आश्रम परिवार से अनाशक्त रहे। समाज को परिवार मानते हुए संन्यास पथ पर सतत आगे बढ़ते रहे। विधान के अनुसार संन्यासी को एक बार अपने पूर्व आश्रम परिवार में जाना होता है। कोरोना आपदा के शुरुआती दौर में लॉक डाउन लगाया गया था। यह संकट नया था। इसके मुकाबले के लिए पर्याप्त चिकित्सा व्यवस्था नहीं थी। अल्प समय में व्यापक तैयारी करनी थी। उसी समय योगी आदित्यनाथ के पूर्व आश्रम पिता जी का निधन हुआ था। योगी की इस उत्तराखंड यात्रा ने उस प्रसंग को भी ताजा कर दिया। कुछ दिन पहले योगी ने लखनऊ के एक कार्यक्रम में गीता का श्लोक सुनाया था अनन्याश्चिन्तयन्तो मां ये जना पर्युपासते। तेषां नित्याभियुक्तानां योगक्षेमं वहाम्यहम् ।। योगी आदित्यनाथ समाज सेवा में इसी समर्पण भाव से कार्य करते है। योगी को जब अपने पिता के निधन का समाचार मिला वह कोरोना के मद्देनजर बनी टीम इलेवन के साथ मीटिंग में थे। एक तरफ पुत्र का व्यथित हृदय दूसरी तरफ समाज के प्रति कर्तव्य निर्वाह का बोध। मुख्यमंत्री के रूप में वह सबको कोरोना से बचाने व राहत पहुंचाने में लगे रहे। यह उनके लिए कठिन समय था। मन मे एक पल को कई विचार उपजे होंगे। लेकिन उन्होंने अपने को संभाला होगा। विचलित नहीं हुए। समाज धर्म पर चलने का निर्णय लिया। इस संबन्ध में उनका बयान भावुक करने वाला था। स्वयं को संभालते हुए निर्णय लिया- लॉकडाउन के चलते अंतिम संस्कार में हिस्सा ना लेने का निर्णय। उन्होंने कोर ग्रुप के साथ अपनी बैठक को पूरा किया। आपदा राहत का पूरा फीडबैक लिया। अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। इसके बाद कुछ पल के लिए अपने पिता की स्मृति में बालक आदित्यनाथ रहे। अकेले,भावविह्वल। उन्होंने कहा, पूज्यनीय पिताजी के कैलाशवासी होने पर मुझे भारी दुख एवं शोक है। वे मेरे पूर्वाश्रम के जन्मदाता हैं। जीवन में ईमानदारी,कठोर परिश्रम एवं निस्वार्थ भाव से लोक मंगल के लिए समर्पित भाव के साथ कार्य करने का संस्कार बचपन में उन्होंने मुझे दिया। अंतिम क्षणों में उनके दर्शन की हार्दिक इच्छा थी परन्तु वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के खिलाफ देश की लड़ाई को उत्तर प्रदेश की तेईस करोड़ जनता के हित में आगे बढ़ने का कर्तव्यबोध के कारण मैं न कर सका। इस बार उत्तराखण्ड यात्रा के दौरान योगी पूर्व आश्रम की माता से मिलने गए। इसके अलावा उन्होंने महायोगी गुरु गोरखनाथ राजकीय महाविद्यालय में शिक्षा प्रदान करने वाले गुरुजनों को सम्मानित भी किया। महंत अवेद्यनाथ जी का जन्म इसी भूमि पर हुआ था लेकिन वर्ष 1940 के बाद उन्हें इस धरती पर वापस आने का अवसर नहीं मिला। पूज्य गुरु महंत अवेद्यनाथ जी की प्रेरणा से यहां पर महाविद्यालय की स्थापना हुई थी। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड मिलकर तीर्थाटन व पर्यटन की दिशा में कार्य कर सकते है। दोनों ही प्रान्तों में भारतीय आस्था के स्थल है। काशी में बाबा विश्वनाथ के मन्दिर का रास्ता बहुत संकरा था। अब वहां उस परिसर में पांच लाख श्रद्धालु एक साथ आ सकते है। वर्तमान में प्रतिदिन वहां लगभग एक लाख श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ के दर्शन-पूजन के लिए आ रहे हैं। अयोध्या में भगवान श्रीराम के मन्दिर का निर्माण हो रहा है। इस मन्दिर के पूर्ण हो जाने के पश्चात वहां भी प्रतिदिन लगभग डेढ़ से दो लाख श्रद्धालु दर्शन-पूजन के लिए आएंगे। इन पावन स्थलों पर श्रद्धालु आएंगे। तीर्थाटन से बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। आज उत्तर प्रदेश अग्रणी राज्य के रूप में विकास कर रहा है। उत्तर प्रदेश आज गुण्डागर्दी और दंगे से मुक्त है। उन्होंने कहा कि आस्था का सम्मान होना चाहिए। किन्तु आस्था के समक्ष आमजन की सुविधाओं का भी ध्यान रखना चाहिए। उत्तर प्रदेश में जगह-जगह अनावश्यक शोर करने वाले सारे लाउडस्पीकर उतर गए हैं। अब तक एक लाख से अधिक लाउडस्पीकर उतर चुके हैं। भारत का कोरोना प्रबन्धन विश्व में सबसे अच्छा रहा है। नागरिकों को निःशुल्क कोरोना टेस्ट,निःशुल्क कोरोना का उपचार,निःशुल्क कोरोना वैक्सीनेशन, निःशुल्क राशन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। गरीब परिवारों के लिए निःशुल्क राशन की व्यवस्था भी की गई है। ऐसे कार्य संवेदनशील सरकार ही कर सकती है। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य 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| पाकिस्तान ने अपने दोस्त को फंसाया Posted: 04 May 2022 10:38 PM PDT पाकिस्तान ने अपने दोस्त को फंसाया(अशोक त्रिपाठी-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा)
पाकिस्तान की यह फितरत कोई नयी नहीं है लेकिन अमेरिका और कुछ मुस्लिम राष्ट्र अभी यह नहीं समझ पाए हैं। भारत तो इसका भुक्तभोगी है। हमने अपने छोटे भाई की तरह ही हर प्रकार की मदद की लेकिन पाकिस्तान हाथ मंे छुरा लेकर ही खड़ा मिला। दक्षिण एशिया का बड़ा देश चीन कूटनीति के तहत ही सही पाकिस्तान को अपना इस क्षेत्र का दोस्त समझता है। इसी के चलते कई बार चीन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद मंे बीटो का प्रयोग किया लेकिन पाकिस्तान ने इस सबके बदले चीन को इतना बड़ा धोखा दिया है, जिसे अब चीन समझ पाया है लेकिन उसके पांव इतना ज्यादा आगे बढ़ गये हैं कि अब पीछे नहीं हो सकते। दरअसल, पाकिस्तान ने बड़ी सोची-समझी रणनीति के चलते चीन से बलूचों को भिड़ा दिया है। बलूचिस्तान खनिज सम्पदा का बड़ा भंडार है। यहां के लोग स्वाधीनता की मांग तो 40 के दशक से ही कर रहे थे लेकिन जब पाकिस्तान ने यहां के खनिज भंडार का दोहन करना शुरू किया तब बलूचिस्तान के लोग हिंसा पर उतर आये। पाकिस्तान यह देखकर डर गया। इसी के बाद पाकिस्तान ने बड़ी होशियारी से बलूचिस्तान में खनिज दोहन का काम चीन को सौंप दिया। इसके बाद बलूचिस्तान के लोग पाकिस्तान को छोड़कर चीन के दुश्मन बन गये। अभी हाल मे करांची विश्वविद्यालय परिसर मंे बम विस्फोट से कई चीनियों की हत्या की कड़ी इसी स्वार्थपरता की कहानी बताती है। चीन भी समझ गया है और उसने पाकिस्तान को चेतावनी दी है कि उसके नागरिकों की सुरक्षा मंे कोताही हुई तो कठोर कदम उठाए जाएंगे। बलूचिस्तान आकार के हिसाब से पाकिस्तान का सबसे बड़ा राज्य है, लेकिन बंजर पहाड़ी इलाका होने की वजह से आबादी के हिसाब से देश का सबसे छोटा राज्य है। जब भारत दो टुकड़ों में बंटा, तब भी बलोच लोगों ने अपने लिए अलग देश की मांग की थी लेकिन तब उनकी बात नहीं सुनी गई। कहा जा सकता है कि बलूचिस्तान अपनी आजादी के लिए 70 सालों से ज्यादा समय से उबल रहा है। चीन ने जब से इस प्रांत पर नजरें गड़ाकर इस इलाके के संसाधनों का अनुचित रूप से दोहन शुरू किया, तब से वो भी निशाने पर आ गया। कहा जाता है कि बलूचिस्तान प्राकृतिक संसाधनों के लिए प्रचुर तौर पर धनी है। यहां पाकिस्तान की सबसे बड़ी प्राकृतिक गैस फील्ड है। सोने जैसी कीमती धातुओं की खान है। हाल के सालों में यहां से सोने के अयस्कों का उत्पादन खूब बढ़ा है। कुल मिलाकर पाकिस्तान का ये ऐसा राज्य है, जहां खूब खनिज संपदा है। बलूचिस्तान की सीमा उत्तर में अफगानिस्तान से और पश्चिम में ईरान से सटी हुई है। इसकी एक लंबी तटरेखा भी है जो अरब सागर से सटी हुई है। बलूचिस्तान के लोग उनके इलाके से इन संसाधनों को निकालने का विरोध करते हैं। पहले तो उनका विरोध पाकिस्तान से था लेकिन जबसे पाकिस्तान ने चीन को कुछ खनिजों के दोहन की अनुमति दी है, तब से यहां काम करने वाले चीनी उनके निशाने पर हैं। बलूचिस्तान में चीन की मुख्य परियोजनाओं में शामिल है ग्वादर का बंदरगाह। होर्मुज जलसंधि के पास स्थित यह बंदरगाह सामरिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण है। होर्मुज जलसंधि अरब सागर में तेल की आवाजाही एक बेहद महत्वपूर्ण मार्ग है। पिछले साल बीएलए ने ग्वादर बंदरगाह पर काम करने वाले चीनी इंजीनियरों पर हमला किया। इस समय चीन के लिए पाकिस्तान में उसके नागरिकों की सुरक्षा एक बड़ा मुद्दा बन गई है। गत दिनों कराची यूनिवर्सिटी में एक भयानक आत्मघाती विस्फोट हुआ। निशाने पर चाइनीज नागरिक। कम से कम 11 चीनी मारे गए। आत्मघाती बम के तौर पर इस्तेमाल होने वाली एक पढ़ी लिखी महिला थी जो बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी की सदस्य थी। इस संगठन ने इस वारदात की जिम्मेदारी भी ले ली। बलूचिस्तान में कई अलगाववादी समूह हैं लेकिन सबसे बड़ा और सबसे असरदार संगठन बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी है। इसका नेतृत्व पहले बलाच मर्री करते थे जो अफगानिस्तान में 2007 में मारे गए थे। इसके बाद बीएलए ने अपनी गतिविधियों को तेज कर दिया। अब इस संगठन का नेता बशीर जेब बलोच कर रहे हैं। बलूचिस्तान लिब्रेशन आर्मी ने पाकिस्तान की सारी हेकड़ी निकाल दी है। पाकिस्तान के कब्जे वाले राज्य बलूचिस्तान की आजादी की मांग करने वाली इस आर्मी ने सरकार और सेना के खिलाफ सशस्त्र संघर्ष तो लंबे समय से छेड़ रखा है। इनके पास हजारों लड़ाके हैं और बड़ी संख्या में हथियार भी। कराची में आत्मघाती विस्फोट में चीनियों की मृत्यु हुई, उससे लगता है कि बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी के पास अब खतरनाक आत्मघाती दस्ता भी है, उसे ये ट्रेनिंग कहां से मिली होगी, इसे लेकर ये कयास लगाए जा रहे हैं कि हो सकता हो कि उन्होंने लिट्टे से अपना संपर्क बना लिया हो। पाकिस्तानी सरकार और सेना जितना बलूचिस्तान और वहां की आवाम को दबाने, सताने और अत्याचार के काम करती है, उतना ही ताकत से बलूचिस्तान लिब्रेशन आर्मी उसका विरोध करती है। माना जाता है कि 1947 में बलूचिस्तान को जबरन पाकिस्तान में शामिल कर लिया गया, तभी से बलूच लोगों का पाकिस्तान की सरकार और वहां की सेना से संघर्ष चल रहा है। पाकिस्तान की सरकार और वहां की आर्मी इस विरोध को बेदर्दी से कुचलती रही। इसी के प्रतिरोध में 70 के दशक में बलूचिस्तान लिब्रेशन आर्मी का गठन हुआ। जुल्फिकार अली भुट्टो की सरकार के खिलाफ बलूच लोगों ने सशस्त्र विद्रोह कर दिया लेकिन इसके बाद सैन्य तानाशाह जियाउल हक के पाकिस्तान पर कब्जे बाद बलूच लोगों का विद्रोह काफी हद तक शांत हो गया था। पाकिस्तान के कब्जे वाला बलूचिस्तान प्राकृतिक तौर पर काफी संपन्न इलाका है। यहां की धरती खनिज संपदा से भरी पड़ी है। पाकिस्तान यहां की खनिज संपदा का दोहन करके पैसे बना रहा है लेकिन बलूचिस्तान के विकास की तरफ कभी ध्यान नहीं देता। यहां के लोग अब भी बेहद गरीबी में जी रहे हैं। जबकि यहां तेल, गैस, तांबे और सोने जैसे कुदरती संपदा की भरमार है। बलूच लोग सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से पाकिस्तान के बाकी हिस्सों से काफी अलग हैं। वो खुद को पंजाबियों के हाथों शोषित मानते हैं। पाकिस्तान की आर्मी वहां के लोगों को अपना निशाना बनाती रहती है। जिसका बलूच विरोध करते हैं। भारत ने बलूचिस्तान की दिक्कत पर संयमित रूख रखा है। बलूचिस्तान की तरफ से लड़ने वाले कमांडर फर्जी नाम पते से भारत का मेडिकल ट्रीटमेंट लेते रहे हैं। पाकिस्तान आरोप लगाता है कि भारत बलूचिस्तान में सशस्त्र विद्रोह में मदद कर रहा है जबकि भारत बलूचिस्तान में मानवाधिकारों के हनन पर चिंता जताता आया है। बलूच लोगों को वहां की आर्मी की हिंसा का शिकार होना पड़ रहा है, उस पर भारत ने चिंता जताई है। बलूचिस्तान लिब्रेशन आर्मी के ज्यादातर नेता निर्वासित जीवन जी रहे हैं। पाकिस्तान उन्हें परेशान करता रहा है। हालांकि इसके बावजूद बलूचिस्तान लिब्रेशन आर्मी के हौसले पस्त नहीं पड़े हैं। इस आर्मी के जवानों ने पाकिस्तान को सबक सिखाने की कसम खा रखी है। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 04 May 2022 10:35 PM PDT तेजस्वी की नयी रणनीति(अशोक त्रिपाठी-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा) बिहार मंे नीतीश कुमार की दूसरी पारी की सरकार के डेढ़ साल पूरे होने पर कई सियासी परिदृश्य बदले हैं। कुछ दिनों पहले ही यह हवा थी कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बिहार की राजनीति छोड़कर दिल्ली की राज्यसभा में जाना चाहते हैं। इसका दूसरा पक्ष साफ था कि बिहार मंे भाजपा का मुख्यमंत्री बनेगा। यह सत्तारूढ़ गठबंधन की अस्थिरता का सूचक भी माना जा रहा था। इसी बीच बिहार मंे विधानसभा की एक सीट पर उपचुनाव हुआ। इस उपचुनाव मंे राजद प्रत्याशी ने जीत दर्ज की। अभी 28 अप्रैल को लालू यादव की रिहाई की खबर आयी और वे कुछ दिनों बाद पटना आ सकते हैं। राजद कार्यकर्ताओं मंे जोश दोगुना हो गया। ऐसे माहौल का फायदा उठाने के लिए पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने नीतीश सरकार का रिपोर्ट कार्ड पेश करने की घोषणा कर दी है। मजे की बात यह है कि तेजस्वी यादव ने गत 26 अप्रैल को बैठक बुलाई जिसमंे महागठबंधन के सभी नेता शामिल हुए लेकिन कांग्रेस को नहीं बुलाया गया। नीतीश सरकार का रिपोर्ट कार्ड 5 जून को जारी किया जाएगा। उसी दिन बाबू जयप्रकाश नारायण के व्यापक आंदोलन की स्मृति मंे सम्पूर्ण क्रांति दिवस मनाया जाता है। तेजस्वी यादव क्या कांग्रेस को महागठबंधन से अलग करना चाहते हैं? यह सवाल भी उठ रहा है। बोचहां विधानसभा उपचुनाव राजद ने कांग्रेस के बगैर ही जीता है। कांग्रेस को छोड़ क्या किसी को जोड़ा भी जाएगा? चिराग पासवान और मुकेश सहनी लाइन मंे खड़े हैं। विधानसभा में नेता विपक्ष तेजस्वी यादव की बिहार सरकार का रिपोर्ट कार्ड पेश करने की घोषणा पर नीतीश सरकार में ग्रामीण कार्य मंत्री जयंत राज ने निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि तेजस्वी को अपने माता-पिता (राबड़ी देवी-लालू यादव) के कार्यकाल का भी रिपोर्ट कार्ड पेश करना चाहिए। उनके कार्यकाल में जंगलराज, अपराध का जाल बिछा था। दरअसल मंगलवार को तेजस्वी यादव ने कहा था कि वो आगामी पांच जून को बिहार सरकार का रिपोर्ट कार्ड पेश करेंगे। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए ग्रामीण कार्य मंत्री जयंत राज ने कहा कि नेता विपक्ष को अपने माता-पिता के कार्यकाल का भी रिपोर्ट कार्ड पेश करना चाहिए। बिहार में आज हर क्षेत्र में कार्य हो रहा है। सड़कें बन रही हैं, उद्योग लग रहे हैं। बिहार आगे बढ़ रहा है। आज राज्य में 24 घंटे बिजली मिल रही है जबकि लालू-राबड़ी के शासनकाल में मात्र 24 मिनट बिजली मिलती थी। न सड़कें थी, न उद्योग। उस वक्त राज्य में सिर्फ एक उद्योग था, अपहरण उद्योग। लोग डर से बिहार में निवेश नहीं करते थे। हर और भय का माहौल था। लेकिन अब बिहार तरक्की कर रहा है। वहीं, मंत्री जयंत राज ने तेज प्रताप यादव के मुद्दे पर आरजेडी में चल रहे हलचल पर कहा कि उनका पारिवारिक मामला है। उनकी पार्टी में वर्चस्व की लड़ाई चल रही है। कौन बड़ा, और कौन छोटा है यह फैसला करने के लिए वहां सियासी जंग जारी है। बिहार की एनडीए सरकार के डेढ़ वर्ष पूरा होने पर नेता विपक्षी पार्टियों ने नीतीश सरकार को घेरने की तैयारी की है। मंगलवार को तेजस्वी यादव ने पटना में आरजेडी मुख्यालय में सहयोगी दलों सीपीआई, सीपीआई (एम) और भाकपा-माले के नेताओं के साथ बैठक की और रणनीति बनाई। तेजस्वी यादव ने बताया कि सरकार के डेढ़ साल पूरा होने पर रिपोर्ट कार्ड पेश किया जाएगा। रिपोर्ट कार्ड में डेढ़ साल में सरकार के द्वारा किए गए काम और उसकी नाकामियों का पूरा दस्तावेज सामने रखा जाएगा। सीबीआई कोर्ट से लालू यादव के रिलीजिंग आर्डर जारी होने के बाद राजद के नेताओं में खुशी की लहर देखी गई। युवा राजद प्रदेश अध्यक्ष रंजन यादव ने बताया कि आज का दिन बहुत ही शुभ है और इससे एक जश्न के तौर पर मनाया जा रहा है। इसी को लेकर राजद कार्यालय में इफ्तार पार्टी का भी आयोजन किया गया है। इधर राजद नेता इरफान अंसारी ने कहा कि रमजान का पाक महीना चल रहा है और अल्लाह ताला ने उन्हें रमजान की नेमतों से नवाज देते हुए लालू प्रसाद यादव को जमानत दी। लालू के अधिवक्ता ने बताया कि लालू प्रसाद यादव चारा घोटाला मामले में साल 1996 से लेकर 2022 तक कुल 42 महीना जेल में रह चुके हैं। उन्हें पशुपालन घोटाले के आरसी 64ए/96 में 7 साल, आरसी 47ए/96, आरसी 68ए/96 में पांच पांच साल और आरसी 38ए/96 में साढे 3 साल की सजा हुई है। अधिवक्ता प्रभात कुमार ने बताया कि पांच मामलों में अधिकतम 5 साल की सजा पूरी हो चुकी है। उधर, बोचहां विधानसभा उपचुनाव का परिणाम आने के बाद बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव एक्शन में आ गए हैं। जानकारों को लग रहा है कि बिहार की राजनीति एक बार फिर से नई करवट ले सकती है। ऐसे में तेजस्वी यादव ने एक मास्टर स्ट्रोक खेला है। माना जा रहा है कि यह मास्टर स्ट्रोक बिहार की दशा और दिशा तय कर सकती है। तेजस्वी यादव ने कहा है कि राष्ट्रीय जनता दल नीतीश सरकार के 18 महीने के कार्यकाल का रिपोर्ट कार्ड जारी करेगा। बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने इस बात का ऐलान किया है। नीतीश सरकार की विफलताओं का रिपोर्ट कार्ड पांच जून को जारी किया जाएगा। पांच जून को ही संपूर्ण क्रांति दिवस मनाया जाता है। तेजस्वी यादव ने कांग्रेस छोड़ महागठबंधन के अन्य दलों के साथ बैठक की। इस बैठक के लिए महागठबंधन में शामिल सभी घटक दलों के नेताओं को शामिल होना था, लेकिन इस बैठक में कांग्रेस के नेता शामिल नहीं हुए। तेजस्वी ने बैठक के बाद कहा कि साल 2020 के विधानसभा चुनाव में एनडीए ने कई लोक लुभावन वादे किए थे, लेकिन चुनाव जीतने और इतने महीने सरकार चलाने के बाद भी कोई भी वादा पूरा नहीं किया गया। एनडीए ने 19 लाख बेरोजगारों को रोजगार देने के साथ ही भ्रष्टाचार पर भी नकेल कसने का दावा किया था, लेकिन सभी दावे अब हवा-हवाई नजर आ रहे हैं। तेजस्वी यादव ने कहा है कि राज्य की डबल इंजन की सरकार हर मोर्चे पर विफल रही है। डबल इंजन की सरकार में न तो नीति है और न ही उसे लागू करने की नीयत है। अगर 2020 में महागठबंधन की सरकार बनी होती तो अब तक 10 लाख बेरोजगारों को नौकरी दे दी जाती। सत्तारूढ़ जेडीयू की ओर से 28 अप्रैल तक इफ्तार पार्टी का आयोजन किया गया। हज भवन में प्रदेश के दिग्गज राजनेता मौजूद था। इस मौके पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के बीच दोबारा मुलाकात होने की संभावना जताई जा रही है। इन सबके बीच दिलचस्प बात यह रही कि चिराग पासवान और वीआईपी प्रमुख एवं नीतीश के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी को इफ्तार का न्योता नहीं दिया गया। इससे पहले भाजपा की ओर से दी गई इफ्तार पार्टी में भी ये दोनों नेता नहीं दिखे थे। ऐसे में सवाल उठता है कि जेडीयू ने इन दोनों नेताओं को निमंत्रित क्यों नहीं किया? चिराग पासवान और मुकेश सहनी को बिहार एनडीए ने दरकिनार कर दिया है? जदयू अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष सलीम परवेज से जब यह सवाल पूछा गया तो उन्होंने सफाई देते हुए मजेदार जवाब दिया। सलीम परवेज कहते हैं कि हमने उन तमाम राजनीतिक पार्टियों को इफ्तार में निमंत्रण दिया है, जिन्हें बिहार विधानसभा से मान्यता मिली हुई है। उन्होंने कहा कि हमें जानकारी मिली है कि न तो वीआईपी और न ही चिराग पासवान की पार्टी विधानसभा से मान्यता मिली है। इसी वजह से इन दोनों नेताओं को नहीं बुलाया गया। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| शेख राशिद पाक के पीएम व पूर्व पीएम की दूर करेंगे गलतफहमी Posted: 04 May 2022 10:32 PM PDT शेख राशिद पाक के पीएम व पूर्व पीएम की दूर करेंगे गलतफहमीइस्लामाबाद। बहुमत खोने के बाद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री ने जिस तरह से एक पखवाड़े तक पद पर बने रहने के लिए संवैधानिक मर्यादाओं को तार-तार किया और विपक्ष पर तीखे वार किए, उससे वर्तमान प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के साथ उनके रिश्ते लगभग खत्म हो गए लेकिन उनकी पार्टी के सहयोगी और पाकिस्तान के पूर्व गृह मंत्री शेख राशिद अहमद ने दावा किया है कि वे दोनों नेताओं को जल्द मिलवाएंगे। शेख राशिद ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान जल्द चुनाव कराने के बारे में प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के साथ चर्चा करने के लिए तैयार हैं। अवामी नेशनल लीग-पाकिस्तान के प्रमुख राशिद अहमद ने कहा कि उन्होंने सत्ताधारी पार्टी और विपक्षी पार्टियों के बीच ''गलतफहमी'' को दूर करने के लिए प्रयास शुरू किए हैं। अवामी नेशनल लीग-पाकिस्तान, पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) की एक प्रमुख गठबंधन सहयोगी है। शेख राशिद भले ही दावा करे कि दोनों नेताओं को मिलाएंगे लेकिन यह इतना आसान नहीं है। शहबाज शरीफ विश्वास मत के दौरान इमरान खान द्वारा अपनाए गए तिकड़म को नहीं भूले हैं। एक दिन पहले ही इमरान खान समेत पीटीआई के कई अन्य नेताओं पर पाकिस्तान में एफआईआर दर्ज किए गए हैं। शहबाज शरीफ जब सऊदी अरब के मदीना गए थे तब कुछ लोगों ने उन्हें चोर-चोर और गद्दार कहकर नारेबाजी की। इस घटना में सऊदी पुलिस ने पांच पाकिस्तानी को गिरफ्तार किया है। पाकिस्तान सरकार का कहना है कि इस घटना में इमरान खान का हाथ है। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| उत्तर कोरिया ने पूर्व की दिशा में दागी अज्ञात मिसाइल Posted: 04 May 2022 10:30 PM PDT उत्तर कोरिया ने पूर्व की दिशा में दागी अज्ञात मिसाइलउधर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फ्रांस दौरे से पहले वहां के डिफेंस नेवी समूह ने एलान किया है कि वो भारत के पी-75 प्रोजेक्ट का हिस्सा नहीं बन पाएगा। इस प्रोजेक्ट के तहत भारतीय नौसेना के लिए भारत में छह पारंपरिक पनडुब्बियों का निर्माण किया जाना था। 43 हजार करोड़ रुपये की परियोजना के लिए शॉर्टलिस्ट की गई पांच अंतरराष्ट्रीय समूहों में से एक ये भी है। समूह ने कहा है कि वो रिक्वेस्ट फोर प्रपोजल यानी आरएफपी की शर्तें पूरी नहीं कर सकता है। इसलिए वो इस परियोजना में शामिल नहीं होगा। दक्षिण कोरिया की ओर से बुधवार को दावा किया गया है कि उत्तर कोरिया ने पूर्व की दिशा में एक अज्ञात मिसाइल दागी है. इस मिसाइल और इसके लक्ष्य की अभी तक जानकारी नहीं मिल पाई है। यह हरकत ऐसे समय की गई है, जब उत्तर कोरियाई नेता सीधे तौर पर धमकी दे चुके हैं कि वह जरूरत पड़ने पर परमाणु हथियारों का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। उत्तर कोरिया द्वारा किए गए मिसाइल परीक्षण की पुष्टि दक्षिण कोरिया और जापान के अधिकारियों द्वारा की गई है। परीक्षण पर दक्षिण कोरिया के ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ ने बताया कि यह प्रक्षेपण बुधवार को किया गया। वहीं, जापान का कहना है कि उत्तरी कोरिया ने शायद बैलेस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया है। मिसाइल परीक्षण उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग-उन द्वारा प्योंगयांग में एक विशाल सैन्य परेड में दिए भाषण के एक हफ्ते बाद किया गया है। जिसमें जोंग ने परमाणु हथियारों के निर्माण में तेजी लाने का संकल्प व्यक्त किया था और कहा था कि किसी देश के उकसाने पर वह परमाणु हथियार इस्तेमाल करने से पीछे नहीं रहेगा। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| मोदी ने डेनमार्क की पीएम से की यूक्रेन संकट पर चर्चा Posted: 04 May 2022 10:27 PM PDT मोदी ने डेनमार्क की पीएम से की यूक्रेन संकट पर चर्चाकोपेनहेगन। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस व यूक्रेन से तत्काल युद्ध विराम की अपील की और संकट के समाधान के लिए बातचीत एवं कूटनीति के रास्ते पर लौटने की जरूरत बताई। इस दौरान डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेट्टे फ्रेडेरिक्सेन ने उम्मीद जताई कि भारत युद्ध को समाप्त करने के लिए रूस पर अपने प्रभाव का इस्तेमाल करेगा। मोदी ने द्विपक्षीय वार्ता के बाद यहां संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने यूक्रेन के संकट पर चर्चा की और यूक्रेन में 'तत्काल युद्ध विराम' की अपील की। डेनमार्क की पीएम ने कहा, 'मेरा संदेश बहुत साफ है कि पुतिन को यह जंग रोकनी होगी और लोगों की जान लेना बंद करना होगा। जाहिर तौर पर मुझे उम्मीद है कि भारत इस बातचीत में रूस पर भी दबाव बनाएगा पीएम मोदी फ्रेडरिकसन के साथ बातचीत की। और कुछ समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए। मोदी ने एक बयान में कहा कि उन्हें खुशी है कि विभिन्न क्षेत्रों में 'महत्वपूर्ण विकास' हुए हैं, विशेष रूप से अक्षय ऊर्जा, स्वास्थ्य, बंदरगाह, शिपिंग, सर्कुलर अर्थव्यवस्था और जल प्रबंधन में। उन्होंने यह भी बताया कि भारत में 200 से अधिक डेनिश कंपनियां विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रही हैं। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| नेपाल के त्रिभुवन एयरपोर्ट पर बम की सूचना से हड़कम्प Posted: 04 May 2022 10:24 PM PDT नेपाल के त्रिभुवन एयरपोर्ट पर बम की सूचना से हड़कम्पनई दिल्ली। नेपाल के त्रिभुवन इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर बुधवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब डोमेस्टिक टर्मिनल के अंदर संदिग्ध वस्तु होने का दावा किया गया। समाचार एजेंसी ने हवाई अड्डे के अधिकारियों का हवाला देते हुए बताया कि फोन कॉल आने के बाद यात्रियों और कर्मचारियों के सदस्यों को एक फोन आने के बाद सुरक्षित बाहर निकाला गया था। इसके बाद खोजबीन शुरू की गई। फोन पर दावा किया गया कि एयरपोर्ट के घरेलू टर्मिनल के अंदर संदिग्ध वस्तु है, जिसके बाद हड़कंप मच गया। इसके बाद घरेलू टर्मिनल के परिसर में काफी खोजबीन की गई, लेकिन कुछ भी संदिग्ध बरामद नहीं हुआ। वहीं अब अथॉरिटी यह पता लगाने में जुटी हुई है कि फोन कॉल आया कहां से था। हवाई अड्डे के प्रमुख प्रेम नाथ ठाकुर ने कहा कि यह एक फर्जी बम कॉल था और सुरक्षा अधिकारियों को कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला। ऑल-क्लियर दिए जाने के बाद घरेलू सेवाएं भी फिर से शुरू हो गई हैं। नेपाली समाचार एजेंसी नेपाल न्यूज से बात करते हुए एक अधिकारी ने कहा कि हवाई अड्डे के अधिकारियों को एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया जिसने फोन किया और कहा कि घरेलू टर्मिनल में 5-6 बम हैं। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 04 May 2022 10:03 PM PDT आदिशंकराचार्यआदि शंकर (संस्कृत: आदिशङ्कराचार्यः) ये भारत के एक महान दार्शनिक एवं धर्मप्रवर्तक थे। उन्होने अद्वैत वेदान्त को ठोस आधार प्रदान किया। भगवद्गीता, उपनिषदों और वेदांतसूत्रों पर लिखी हुई इनकी टीकाएँ बहुत प्रसिद्ध हैं। उन्होंने सांख्य दर्शन का प्रधानकारणवाद और मीमांसा दर्शन के ज्ञान-कर्मसमुच्चयवाद का खण्डन किया। केरल के कालड़ी नामक ग्राम में आज से 2529 वर्ष पूर्व जन्में आदि शंकराचार्य ने वैदिक धर्म की स्थापना की। उन्होंने देश के चार कोनों में चार मठ ज्योतिष्पीठ, श्रृंगेरी पीठ, द्वारिका शारदा पीठ और पुरी गोवर्धन पीठ की स्थापना की। · शंकराचार्य जी को,आदिशंकराचार्य भी कहा जाता है आप साक्षात् भगवान शिव के अवतार थे . आपने परमेश्वर के विभिन्न रूपों से लोगो को अवगत कराया जिसमे, आपने यह बताया कि, · ईश्वर क्या है ? · ईश्वर का जीवन मे महत्व क्या है ? यह ही नही आपने अपने जीवनकाल मे, ऐसे कार्य किये जो बहुत ही सरहानीय है और भारत की, अमूल्य धरोहर के रूप मे आज भी है . आपने हिन्दू धर्म को बहुत ही खूबसूरती से एक अलग अंदाज मे निखारा, इसी के साथ अनेक भाषाओं मे, आपने अपने ज्ञान का प्रकाश फैलाया . आपने विभिन्न मठो की स्थापना की इसी के साथ कई शास्त्र, उपनिषद भी लिखे . आदिशंकराचार्य जी का जीवन परिचय आदिशंकराचार्य जी साक्षात् भगवान का रूप थे . आप केरल के साधारण ब्राह्मण परिवार मे जन्मे थे . आपकी जन्म से आध्यात्मिक क्षेत्र मे रूचि रही है जिसके चलते, सांसारिक जीवन से कोई मोह नही था . आपको गीता,उपन्यास, उपनिषद् , वेदों और शास्त्रों का स्वज्ञान प्राप्त था, जिसे आपने पूरे विश्व मे फैला है जन्म 788 ई. मृत्यु 820 ई. जन्मस्थान केरल के कलादी ग्राम मे पिता श्री शिवागुरू माता श्रीमति अर्याम्बा जाति नाबूदरी ब्राह्मण धर्म हिन्दू राष्ट्रीयता भारतीय भाषा संस्कृत,हिन्दी गुरु गोविंदाभागवात्पद प्रमुख उपन्यास अद्वैत वेदांत शंकराचार्य जी की जन्म व मृत्यु जन्म- आदिशंकराचार्य जी का जन्म 788 ई. मे, केरल के एक छोटे से, गाव कलादी मे हुआ था. शंकराचार्य जी के जन्म की एक छोटी सी कथा है जिसके अनुसार, शंकराचार्य के माता-पिता बहुत समय तक निसंतान थे . कड़ी तपस्या के बाद, माता अर्याम्बा को स्वप्न मे भगवान शिव ने, दर्शन दिये और कहा कि, उनके पहले पुत्र के रूप मे वह स्वयं अवतारित होंगे परन्तु, उनकी आयु बहुत ही कम होगी और, शीघ्र ही वे देव लोक गमन कर लेंगे . शंकराचार्यजी जन्म से बिल्कुल अलग थे, आप स्वभाव मे शांत और गंभीर थे . जो कुछ भी सुनते थे या पढ़ते थे, एक बार मे समझ लेते थे और अपने मस्तिष्क मे बिठा लेते थे . शंकराचार्य जी ने स्थानीय गुरुकुल से सभी वेदों और लगभग छ: से अधिक वेदांतो मे महारथ हासिल कर ली थी . समय के साथ यह ज्ञान अथा होता चला गया और आपने स्वयं ने अपने इस ज्ञान को, बहुत तरह से जैसे- उपदेशो के माध्यम के, अलग-अलग मठों की स्थापना करके, ग्रन्थ लिख कर कई सन्देश लोगो तक पहुचाया. आपने सर्वप्रथम योग का महत्व बताया, आपने ईश्वर से जुड़ने के तरीको का वर्णन और महत्व बताया . आपने स्वयं ने विविध सम्प्रदायों को समझा उसका अध्ययन कर लोगो को उससे अवगत कराया . मृत्यु- 820 ई मे आपका देव लोक गमन हो गया था , अर्थात् मात्र बत्तीस वर्ष आपने, इस संसार के साथ व्यतीत करके उसे धन्य कर दिया . जीवनशैली जन्म से ही आदिशंकराचार्य जी जीवन शैली कुछ भिन्न थी . शंकराचार्य जी ने वेद-वेदांतो के इस ज्ञान को भारत के चारों कोनो मे फैलाया . उनका उद्देश्य प्रभु की दिव्यता से लोगो को अवगत कराना अद्वैत कहावत के अनुसार ब्रह्म सर्वत्र है या स्व ब्रह्म है अर्थात् ब्रह्म का मै और मै कौन हू ? का सिद्धांत शंकराचार्य द्वारा प्रचारित किया गया . इसी के साथ शिव की शक्ति और उसकी दिव्यता बताई गई . शंकराचार्य द्वारा कथित तथ्य और सिद्धांत जिसमे सांसारिक और दिव्य अनुभव दोनों का बेजोड़ मिलन है, जो कही देखने को नही मिलता है . शंकराचार्य ने कभी किसी देवता के महत्व को कम नही किया ना ही उनकी बाहुल्यता को कम किया . इन्होंने अपने जीवनशैली के माध्यम से लोगो जीवन के तीन वास्तविक स्तरों से अवगत कराया . तीन वास्तविक स्तर
इस प्रकार इन तीन को मिला कर, उनके साथ भक्ति,योग, और कर्म को जोड़ दिया जाये तो जो, आनंद प्राप्त होता है वो, बहुत ही सुखद होता है . इसी तरह का जीवन स्वयं व्यतीत कर, अपनी ख्याति सर्वत्र फैलाते थे कार्यकाल आदिशंकराचार्य जी ने बहुत कम उम्र मे, तथा बहुत कम समय मे अपने कार्य के माध्यम से, अपने जीवन के उद्देश्य को पूर्ण किया . आपके जीवन के बारे मे यहा तक कहा गया है कि आपने महज दो से तीन वर्ष की आयु मे सभी शास्त्रों , वेदों को कंठस्थ कर लिया था . इसी के साथ इतनी कम आयु मे, भारतदर्शन कर उसे समझा और सम्पूर्ण हिन्दू समाज को एकता के अटूट धागे मे पिरोने का अथक प्रयास किया और बहुत हद तक सफलता भी प्राप्त की जिसका जीवित उदहारण उन्होंने स्वयं सभी के सामने रखा और वह था कि आपने सर्वप्रथम चार अलग-अलग मठो की स्थापना कर उनको उनके उद्देश्य से अवगत कराया . इसी कारण आपको जगतगुरु के नाम से नवाज़ा गया और आप चारो मठो के प्रमुख्य गुरु के रूप मे पूजे जाते है . शंकराचार्य चार मठो के नाम वेदान्त मठ – जिसे वेदान्त ज्ञानमठ भी कहा जाता है जोकि, सबसे पहला मठ था और इसे , श्रंगेरी रामेश्वर अर्थात् दक्षिण भारत मे, स्थापित किया गया . गोवर्धन मठ – गोवर्धन मठ जोकि, दूसरा मठ था जिसे जगन्नाथपुरी अर्थात् पूर्वी भारत मे, स्थापित किया गया . शारदा मठ – जिसे शारदा या कलिका मठ भी कहा जाता है जोकि, तीसरा मठ था जिसे, द्वारकाधीश अर्थात् पश्चिम भारत मे, स्थापित किया गया . ज्योतिपीठ मठ – ज्योतिपीठ मठ जिसे बदरिकाश्रम भी कहा जाता है जोकि, चौथा और अंतिम मठ था जिसे, बद्रीनाथ अर्थात् उत्तर भारत मे, स्थापित किया गया . इस तरह आदिशंकराचार्य जी ने, भारत भ्रमण कर इन मठो की, स्थापना कर चारो ओर, हिन्दुओ का परचम लहराया . प्रमुख्य ग्रन्थ – आदिशंकराचार्य जी ने हिन्दी,संस्कृत जैसी भाषओं का प्रयोग कर दस से अधिक उपनिषदों , अनेक शास्त्रों, गीता पर संस्करण और अनेक उपदेशो को , लिखित व मौखिक लोगो तक पहुचाया . आपने अपने जीवन मे, कुछ ऐसे कार्यो की शुरूवात कि, जो उससे पहले कभी नही हुई थी . आपने अपने जीवन मन , आत्मा और ईश्वर को बहुत खूबसूरती से, अपने जीवन मे जोड़ा और लोगो को, इनके मिलाप से होने वाले अनुभव से अवगत कराया . आदिशंकराचार्य जी ने तो अपने जीवनकाल मे इतना कुछ लिखा और बहुत अच्छे सन्देश दिये है जिसे हर कोई गंभीरता से सोंचे और अपने जीवन में उतारे तो यह जीवन धन्य हो जायेगा . वैसे आपके उपर कई लेख, और पुस्तके लिखी भी गई है . हम अपने इस संस्करण मे आफ्ही के द्वारा कथित कुछ महत्वपूर्ण सन्देश लोगो तक पंहुचा रहे है . शंकराचार्यजी जयंती 2022 मे कब है 6 मई शुक्रवार को आदि गुरु शंकराचार्य की जयंती मनाई जाएगी. हिंदू कैलेंडर के अनुसार, शंकराचार्य की जयंती वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी को मनाई जाती है. इस दिन गुरु शंकराचार्य का जन्म हुआ था. इनका जन्म दक्षिण भारत के केरल राज्य में नंबूदरि ब्राह्मण के घर हुआ था. आदि गुरु शंकराचार्य की जयंती पर जानते हैं उनके कुछ अनमोल विचार. आज का हमारा लेख उन्हीं अनमोल विचारों पर है. आज हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से बताएंगे कि आदि गुरु शंकराचार्य के अनमोल विचार क्या हैं. आदि गुरु शंकराचार्य के अनमोल विचार
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| डॉ रामाशीष सिंह की पुण्यतिथि पर सम्मानित किए गए साहित्यकार Posted: 04 May 2022 09:51 PM PDT डॉ रामाशीष सिंह की पुण्यतिथि पर सम्मानित किए गए साहित्यकारऔरंगाबाद जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन सह रामाशीष सिंह फैमिली केयर के संयुक्त तत्वावधान में प्रियव्रत स्थित आईएमए हॉल में दिवंगत चिकित्सक, साहित्यकार एवं विभिन्न साहित्यिक संस्थाओं के संरक्षक रहे डॉ रामाशीष सिंह की पुण्य स्मृति में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता उक्त सम्मेलन के अध्यक्ष प्रोफेसर सिद्धेश्वर प्रसाद सिंह तथा संचालन प्रखर वक्ता, अधिवक्ता एवं पत्रकार प्रेमेंद्र मिश्र ने किया। सर्वप्रथम डॉक्टर साहब के तैल चित्र पर उपस्थित जन सामान्य द्वारा श्रद्धा पुष्प अर्पित किए गए, तदुपरांत उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर विधिवत चर्चा की गई। बचपन से ही डॉक्टर साहब के साथ रहे अजीत कुमार ने कहा कि मैंने अपने जीवन में डॉक्टर साहब जैसा सहृदय और परोपकारी व्यक्ति नहीं देखा। यदि वे मुझे अपना आश्रय नहीं दिये होते तो न जाने मेरा अस्तित्व क्या होता? समकालीन जवाबदेही के संपादक डॉ सुरेंद्र प्रसाद मिश्र ने कहा कि डॉक्टर साहब अत्यंत ही परिश्रमी, लगनशील और उत्साही व्यक्ति थे जो अपने व्यस्ततम समय सारणी से भी साहित्य और समाज के लिए समय निकाल लिया करते थे। वे जितनी तल्लीनता से रोगियों की देखभाल करते थे उतना ही समर्पण के साथ साहित्य और समाज के लिए भी तत्पर रहा करते थे। ज्योतिर्विद शिव नारायण सिंह ने कहा कि मैंने तो डॉक्टर साहब को अपने अभिभावक, मित्र एवं सहायक के रूप में देखा है। मैं जब भी संकटग्रस्त होता तो उनका वरदहस्त अपने मस्तक पर पाता था। डॉक्टर साहब के सुपुत्र डॉ ऋत्विक ने कहा कि संतानों के लिए पिता वटवृक्ष की तरह होते हैं जो अपनी संतान की हर एक इच्छा की पूर्ति करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहते। पिता का महत्व सचमुच उसे ही समझ में आ सकता है जिसके ऊपर से उनकी छाया सदा-सदा के लिए समाप्त हो गई हो। इस कार्यक्रम में शिक्षा एवं साहित्य में विशिष्ट योगदान के लिए प्रेमेंद्र मिश्र, धनंजय जयपुरी तथा नवोदित साहित्यकार हिमांशु चक्रपाणि को क्रमश: कौशलेंद्र प्रताप सिंह,प्रो सिद्धेश्वर प्रसाद सिंह तथा डॉक्टर साहब की सहधर्मिणी नीला सिंह द्वारा पुष्पगुच्छ एवं प्रशस्ति पत्र देकर नागरिक अभिनंदन किया गया। इस कार्यक्रम के साक्षी रहे सर्वश्री भैरवनाथ पाठक,डॉ महेंद्र पांडेय, डॉ शिवपूजन सिंह, डॉ रामाधार सिंह, प्रो संजीव रंजन, रेड क्रॉस के अध्यक्ष सतीश कुमार सिंह, राघवेन्द्र प्रताप सिंह, डॉ विजय कुमार सिंह, अनिल कुमार सिंह, सुरेश विद्यार्थी, अभिषेक प्रताप सिंह,मो इरफान, मुरलीधर पाण्डेय सहित सैकड़ों बुद्धिजीवी लोग। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| जो आया है इस दुनिया में जायेगा. Posted: 04 May 2022 09:26 PM PDT
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| Posted: 04 May 2022 08:48 AM PDT
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| Posted: 04 May 2022 08:42 AM PDT जोधपुर हिंसामुल्क में कितना बेबस, आज निज़ाम हो गया, दंगाइयों के सामने कितना, हलकान हो गया। शै दे रही दंगाइयों को, खुद ही सरकार यहाँ, दंगाइयों को बचाने का, सब इन्तज़ाम हो गया। तुष्टिकरण की सारी हदें, सरकार ने पार कर दी, मुस्लिम दंगाइयों की हरकतें, नज़रअंदाज़ कर दी। सी सी टी वी में आतंकी इनको नज़र नहीं आते, जो नहीं दिखे उनके विरुद्ध एफ़ आइ आर कर दी। राज्य हावी होने लगे, अब देश की सरकार पर, अराजकता को बढ़ावा, सत्ता की दरकार पर। तलवार लाठी- डंडे, ईंट पत्थर- गोलियाँ चलाते, मुल्क में दंगे बढ़ रहे, अब बँटवारे के आधार पर। केन्द्र की खामोशी अब अच्छी नहीं लगती, दंगाइयों से विनम्रता भी सच्ची नहीं लगती। बंगाल गुजरात कर्नाटक, राजस्थान देख रहे हैं, मुस्लिमों की हरकतें, अब कच्ची नहीं लगती। अ कीर्ति वर्द्धन हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| यज्ञों से बडी मात्रा में सकारात्मक ऊर्जा की निर्मिति ! Posted: 04 May 2022 08:31 AM PDT महर्षि अध्यात्म विश्वविद्यालय की ओर से यज्ञ के विषय में शोधकार्य अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक परिषद में प्रस्तुत यज्ञों से बडी मात्रा में सकारात्मक ऊर्जा की निर्मिति ! 'वनस्पति, हानिकारक कीटाणु, जीवाणु इन सब पर यज्ञ के स्थूल स्तर के परिणामों का अध्ययन इससे पूर्व अनेक बार किया गया है; परंतु 'महर्षि अध्यात्म विश्वविद्यालय' द्वारा किए आध्यात्मिक शोधकार्य से यह पाया गया कि मानव, प्राणी, वनस्पति तथा वातावरण पर भी यज्ञ का सकारात्मक परिणाम होता है तथा इस कारण समाज कल्याण हेतु बडी मात्रा में सकारात्मक ऊर्जा की निर्मिति होती है, ऐसा प्रतिपादन 'महर्षि अध्यात्म विश्वविद्यालय' के श्री. शॉन क्लार्क ने किया । वे १४ वीं 'इंटरनेशनल कांग्रेस ऑफ सोशल फिलासॉफी कॉन्फरन्स' तथा ८ वीं 'इंटरनेशनल कांग्रेस ऑफ योगा एंड स्पिरिच्युअल सायन्स कॉन्फ्रेंस' द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक परिषद में बोल रहे थे । इस परिषद का आयोजन हुबळी, कर्नाटक के 'ईश्वरीय विश्वविद्यालय' ने किया था । श्री. शॉन क्लार्क ने इस समय 'यज्ञ वातावरण की आध्यात्मिक शुद्धि करते हैं ? यदि करते हैं, तो कितनी ?', यह शोधनिबंध प्रस्तुत किया । महर्षि अध्यात्म विश्वविद्यालय के संस्थापक परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी इस शोधनिबंध के लेखक हैं और श्री. क्लार्क सहलेखक हैं । महर्षि अध्यात्म विश्वविद्यालय की ओर से वैज्ञानिक परिषदों में किया गया यह 92 वां प्रस्तुतीकरण था । श्री. क्लार्क ने 'आध्यात्मिक शोधकेंद्र' में जनवरी 2020 में किए गए विविध 6 यज्ञों के आध्यात्मिक (स्पंदनों के) स्तर पर हुए परिणामों का अध्ययन किया । इसके लिए यज्ञ के पूर्व तथा यज्ञ के उपरांत किए विविध परीक्षणों के समय विस्तार से जानकारी दी । |
| Posted: 04 May 2022 08:28 AM PDT मिल जाए जो साथ तुम्हारामिल जाए जो साथ तुम्हारा गीत तराने गाता रहूं थोड़ा तुम भी मुस्का दो थोड़ा मैं भी मुस्काता रहूं मिल जाए जो साथ तुम्हारा गीतों का गजरा बनो कविता की मधुर फुहार सांसो की सरगम में आओ भावन बहती बयार खुशबू हो खिलते चमन की महफिल महकाता रहूं दिल तक दस्तक दे जाए वो गीत सुहाने गाता रहूं मिल जाए जो साथ तुम्हारा प्रीत भरे मधुर सुहाने गीतों की लड़िया सजाता रहूं प्यारी सी भावन धुन कोई मस्त हो गुनगुनाता रहूं आओ बैठो पास मेरे दिल के जज्बात सुनाता रहूं मनमयूरा झूमे नाचे झौंके मस्त पवन के गाता रहूं मिल जाए जो साथ तुम्हारा मन मंदिर में दीप जलाऊं रोशन जग मग सारा प्यार भरे मोती शब्दों के बहती पावन सी धारा नैया की पतवार बनों में मांझी मन इठलाता रहूं भाव सिंधु उमड़े हृदय में सुधारस बरसाता रहूं मिल जाए जो साथ तुम्हारा तुम कुदरत का हो अजूबा जमाने को जताता रहूं महकती वादियों में बहारें उन झरनों में नहाता रहूं झील सी मोहक आंखों में सुंदर नजारे पाता रहूं दमकता चेहरा तुम्हारा लेखनी ले सजाता रहूं मिल जाए जो साथ तुम्हारा रमाकांत सोनी सुंदर सुदर्शन नवलगढ़ जिला झुंझुनू राजस्थानहमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 04 May 2022 08:25 AM PDT हाइकू --"न्याय "पीढियां बूढी न्याय का मतलब दम तोड़ता । आँखें करती गवाहों की तलाश न्याय की आस । लम्बी इंतज़ार बूढी आँखें सो गई न्याय तकती । पैसा ही पैसा तारीख ही तारीख न्याय ये कैसा ? कानून रखा ताक पर उन्होंने पैसे का दम । तौलते पैसा खरीदते गवाह बिकता न्याय । न्याय देखता गवाहों की कसौटी खरी या खोटी । कानून अंधा सबूतों की तलाश झूठे ही सही । न्याय की देवी मौन खड़ी रहती आँखों पे पट्टी । न्याय में देरी अपराध में तेजी जजों का मत । जज -वकील सिक्के के दो पहलू न्याय दफ़न । मानते जज देरी बनी कारण फिर भी देरी । हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 03 May 2022 08:42 AM PDT
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| राम राज्य के संस्थापक महर्षि परशुराम धर्म धरती और मानवता के रक्षक थे:- डॉ. विवेकानंद मिश्र Posted: 03 May 2022 07:38 AM PDT राम राज्य के संस्थापक महर्षि परशुराम धर्म धरती और मानवता के रक्षक थे:- डॉ. विवेकानंद मिश्रपरंपरा से यह अफवाह सुनते आए हैं कि, महर्षि परशुराम अति क्रोधि अहंकारी दुर्बुद्धि और अत्यंत ही क्रूर, कठोर ऋषि थे। जबकि महर्षि कोमल हृदय के अत्यंत हीं दयालु परोपकारी धर्म, धरती और मानवता के रक्षक थे। स्थानीय सिद्ध पीठ कालीबाड़ी के प्रांगण में स्थित "भगवान परशुराम अवतरण महोत्सव दिवस" के अवसर पर भगवान परशुराम की विशेष पूजा अर्चना हवन भंडारा आदि आयोजन किया गया बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लेकर प्रभु की आराधना की। इस अवसर पर विभिन्न सामाजिकठ संगठनों से जुड़े भारतीय राष्ट्रीय ब्राह्मण महासभा एवं कौटिल्य मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉक्टर विवेकानंद मिश्र ने कहा। देश के गिने-चुने इतिहासकारों एवं योग तथा वास्तु ज्योतिष शास्त्र के मर्मज्ञ विद्वान आचार्य कमलेश मिश्र पुण्यार्क गुरुजी ने अपने संबोधन में कहा कि धर्मावलंबी राष्ट्रवादी व मानवतावादी जागरूक लोगों को शौर्य शिखर प्रतिष्ठित महर्षि परशुराम के जीवन से खासकर युवाओं को कर्तव्य और पुरुषार्थ की प्रेरणा लेनी चाहिए। भारतीय राष्ट्रीय ब्राह्मण महासभा कौटिल्य मंच के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं मानवाधिकार संरक्षण प्रतिष्ठान के वरिष्ठ सदस्य कालीबाड़ी सिद्ध पीठ के साधक महंत रवि चक्रवर्ती ने महर्षि परशुराम के विष्णु अवतार की कथा एवं उनके विराट पराक्रम शौर्य की अनेक घटनाओं पर आधारित उनके कर्तव्य एवं कृतित्व पर विशेष प्रकाश डाल। इस अवसर पर बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं ने परशुराम की प्रतिमा पर फूल माला प्रसाद चढ़ाकर विधिवत पूजा अर्चना हवन आदि में बढ़ चढ़कर भाग लिया उनमें विभिन्न संगठनों से तथा गन्य मान्य लोगों की उपस्थिति उल्लेखनीय है। जिनमें प्रमुख लोगों में भारतीय राष्ट्रीय ब्राह्मण महासभा एवं कौटिल्य मंच से जुड़े मृदुला मिश्रा, वैष्णवी मांडवी गुर्दा तारा चक्रवर्ती शिवानी सिन्हा लालजी प्रसाद रंजीत पाठक अनीशा मिश्रा मीरा मिश्रा आदित्य कुमार आर्यन कुमार सुमोना चक्रवर्ती अजय मिश्रा सुरेश प्रसाद गुप्ता प्रेम कुमार पांडे योगानंद एडवोकेट चतुर जी राकेश कुमार मिश्र यादि उल्लेखनीय थे। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 03 May 2022 07:32 AM PDT
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| Posted: 03 May 2022 07:13 AM PDT हिन्दू छात्रों को ईद मुबारक बोलकर वीडियो भेजने पर अधिक अंक मिलने का प्रलोभन देना मानसिक धर्मांतर है !प्रयागराज के न्यायनगर पब्लिक विद्यालय पर कठोर कार्यवाही की जाए !- हिन्दू जनजागृति समिति प्रयागराज - ईद के अवसर पर न्यायनगर पब्लिक स्कूल झूंसी द्वारा अपने छात्रों को कुर्ता, पायजामा और टोपी पहन ईद मुबारक बोलते हुए वीडियो बनाकर विद्यालय के ग्रुप में भेजने का निर्देश दिया गया, यह धार्मिक स्वतंत्रता का हनन है । विद्यालय की ओर से यह निर्देश देना कि जो विद्यार्थी इस गतिविधि में सम्मिलित होंगे उन्हें वार्षिक परीक्षा में कुछ अंक भी दिए जाएंगे यह एक प्रकार से मानसिक धर्मांतर करने के समान है । क्या विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. बुशरा मुस्तफा के दबाव के कारण इस प्रकार मुस्लिम प्रथा का अनुकरण करने पर अंक बढाने का प्रलोभन दिया जा रहा है, इसकी गहन जांच होनी आवश्यक है, इस लिए न्यायनगर पब्लिक स्कूल झूंसी पर कठोर कार्यवाही करके इस प्रकार का साहस अन्य किसी विद्यालय मे न किया जाए, ऐसी मांग हिन्दू जनजागृति समिति ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथजी से की है । सभी छात्र कम आयु के होने के कारण इस प्रकार जबरन कृति थोंपने के बारे में उनका अभिमत इस विषय में महत्वपूर्ण नहीं है । लोकतांत्रिक राष्ट्र में सभी धर्म के लोगों को अपनी इच्छा अनुसार त्योहार मनाने की स्वतंत्रता है। किसी भी शैक्षणिक संस्थान में इस प्रकार विशिष्ट धार्मिक पोशाक एवं प्रथा को अन्य धर्मियों पर थोपना यह दंडनीय अपराध है । इसके पूर्व दक्षिण भारत में भी कॉन्वेंट विद्यालयों में बाइबिल पढाना अनिवार्य किया जा रहा है । तमिलनाडु में लावण्या जैसी छात्राआें ने विद्यालय में मानसिक जबरन धर्मांतर के कारण आत्महत्त्या की है । बाईबल पढेंगे तो परीक्षा में और अंक मिलेंगे ऐसे प्रलोभन भी दिखाया जा रहा है । जिस प्रकार योगी सरकार ने दंगाईयों के विरोध कडी कार्यवाही करके जनता के मन में विश्वास निर्माण किया है, उसी प्रकार उक्त घटना में जांच कर विद्यालय पर कठोर कार्यवाही होगी ऐसी हमें आशा है । हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| आदिकाल से आजादी तक ब्राह्मणों की रही है भूमिका : आलोक रंजन झा Posted: 03 May 2022 07:05 AM PDT आदिकाल से आजादी तक ब्राह्मणों की रही है भूमिका : आलोक रंजन झा
परसुराम सेवा संघ सह राष्ट्रीय ब्राह्मण महासभा की ओर से स्थानीय विद्यापति भवन के सभागर में ब्राह्मणों के अराध्य महर्षि परसुराम का जन्मोत्सव मनाया गया। जहां वक्ताओं ने ब्राह्मण समाज की एकजुटता पर बल दिया। समारोह के उद्घाटनकर्ता सूबे के कला संस्कृति एवं युवा विभाग के मंत्री आलोक रंजन झा ने कहा कि भगवान परसुराम शास्त्र व शस्त्र दोनों के लिए प्रक्ष्यात थे। वे ज्ञान व शक्ति दोनों के उपासक थे। वे सामाजिक कुरीतियों को दूर करने के लिए समाज को सही दिशा देते थे। हमें उनसे प्रेरणा लेकर समाज को एकजुट करने पर ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा कि आदिकाल से आजादी काल तक ब्राह्ण समाज की भूमिका अहम रही है। समाज निर्माण में इस समाज की भूमिका को कोई नकार नहीं सकता है। हमारी जागृति का ही देन है कि कलतक भूराबाल साफ करनेवाले भी ए टूजेड का नारा दे रहे हैं। इस मौके पर मुख्य अतिथि बिहार विधान परिषद में सत्तारूढ़ दल के उपनेता देवेश चन्द्र ठाकुर ने कहा कि ब्राह्मण समाज में आपसी प्रतिस्पर्धा ज्यादा है जिस कारण से यह समाज विकास नहीं कर पा रहा है। इसलिए इस समाज को प्रतिस्पर्घा की बातों को छोड़कर समाज के नवनिर्माण को एकजुट होना होगा। उन्होंने कहा कि ब्रह्मा, विष्णु महेश में ब्रह्मा का कही मंदिर नही है जबकि विष्णु का कहीं कही मंदिर है जबकि शिव का मंदिर ज्यादा है। क्याकि शिव विध्वंशक है उनसे लोगों को डर है हमें भी लोगों को अपनी ताकत बताना होगा। समारोह के मुख्य वक्ता पूर्व विधायक राजन तिवारी ने कहा कि हमारा समाज शुरू से गरीब रहा है मगर हमारा योगदान समाज को शिक्षित करने व संस्कार देने में रहा है इसलिए हमे उचित राजनीतिक भागीदारी मिलनी चाहिए। समारोह की अध्यक्षता कर रहे संगठन के प्रदेश अध्यक्ष जितेन्द्र मिश्रा ने कहा कि राजनीतिक दलों को हमे समय समय पर अपनी ताकत का अहसास कराना होगा तब ही वे हमें सामाजिक व राजनैतिक भागीदारी देंगे। सिर्फ याचक बनकर हमारा विकास नहीं होगा हमें भी शासक के खिलाफ परसुराम बनना होगा। कार्यक्रम का संचालन प्रदेश सचिव राजेश मिश्रा व धन्यवाद ज्ञापन प्रदेश उपाध्यक्ष प्रो. आनंद ठाकुर ने किया। इस मौके पर विधायक नीतीश मिश्रा, जदयू प्रवक्ता अभिषेक झा, लोजपा रामविलास के प्रवक्ता राजेश भट्ट, राजद के प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी, बा्रह्मण नेता शंकर झा, गरीब जनशक्ति पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक झा,मैथिली ब्राह्मण संघ नेपाल के अध्यक्ष भवान झा, कमला पति त्रिपाठी, डीआईजी अरविन्द ठाकुर, विवेकानंद ठाकुर, विवेकानंद झा, आशा झा, प्रियंका झा, चंदन ठाकुर, पीके झा प्रेम सहित कई वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
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