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Thursday, May 12, 2022

प्राइमरी का मास्टर ● इन

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माध्यमिक शिक्षा विभाग में मेरिट बेस्ड ऑनलाइन ट्रान्सफर सिस्टम के सम्बन्ध में परफार्मेस आधारित स्थानान्तरण प्रक्रिया के सम्बन्ध में आदेश

Posted: 12 May 2022 05:53 PM PDT

माध्यमिक शिक्षा विभाग में मेरिट बेस्ड ऑनलाइन ट्रान्सफर सिस्टम के सम्बन्ध में परफार्मेस आधारित स्थानान्तरण प्रक्रिया के सम्बन्ध में आदेश



 

मथुरा के बेसिक शिक्षा विभाग का लेखाकार रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार, शिक्षक से मांगे थे पांच हजार रुपये

Posted: 12 May 2022 05:48 PM PDT

मथुरा के बेसिक शिक्षा विभाग का लेखाकार रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार, शिक्षक से मांगे थे पांच हजार रुपये


मथुरा में एरियर भुगतान बिल पास करने के लिए तीन हजार रुपये रिश्वत के रूप में ले रहे वित्त एवं लेखाधिकारी बेसिक के लेखाकार को एंटी करप्शन टीम ने गुरुवार को रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। एंटी करप्शन की इस कार्रवाई से कार्यालय में भगदड़ मच गई। कई अन्य लिपिक सीटों को छोड़कर इधर-उधर भाग गए। पकडे़ गए लेखाकार के खिलाफ थाना हाईवे में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के लिए एंटी करप्शन टीम मेरठ ले गई।



सिविल लाइंस क्षेत्र स्थित जिला पंचायत कार्यालय परिसर में बेसिक शिक्षा विभाग के वित्त एवं लेखाधिकारी का कार्यालय संचालित है। यहां वित्त एवं लेखाधिकारी के साथ लिपिक बेसिक शिक्षा विभाग की वित्तीय गतिविधियों का संचालन करते हैं। बृहस्पतिवार को दोपहर करीब 12:30 बजे अचानक एंटी करप्शन टीम ने छापा मारा।



एरियर, वेतन आदि दायित्व संभाले लेखाकार कैलाश चंद्र को तीन हजार रुपये रिश्वत के रूप में लेते हुए दबोच लिया। इस कार्रवाई से कार्यालय में खलबली मच गई। अनेक लिपिक और शिक्षक, पेंशनर्स इधर-उधर हो गए। एंटी करप्शन टीम आरोपी कैलाश चंद्र को पकड़ कर थाना हाईवे ले गई। यहां आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।


इस मामले में एंटी करप्शन टीम आगरा के प्रभारी निरीक्षक शिवराज सिंह ने बताया कि सहायक अध्यापक बनैसिंह की शिकायत पर यह कार्रवाई की गई है। बताया गया कि बनैसिंह का 2018-19 का एरियर लंबित चल रहा था। फरवरी माह में पत्रावली आने के बावजूद एरियर का बिल नहीं बनाया गया। बनैसिंह से इसके लिए लेखाकार कैलाश 5 हजार रुपये की मांग की, दो हजार रुपये देने के बावजूद भुगतान नहीं हो सका।


इस पर एंटी करप्शन से शिकायत की, जिसकी अदायगी के दौरान एंटी करप्शन टीम ने कैलाशचंद्र सारस्वत को रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। इंस्पेक्टर शिवराज सिंह ने बताया कि रिश्वतखोर लेखाकार को मेरठ न्यायालय में पेश किया जायेगा। हालांकि वित्त एवं लेखाधिकारी राहुल यादव ने इस घटनाक्रम से अनभिज्ञता जाहिर की है।


मुख्य लिपिक की भी हो चुकी है गिरफ्तारी

बेसिक शिक्षा में रिश्वत का खेल नया नहीं है। इससे पहले बीएसए कार्यालय के मुख्य लिपिक कुंजबिहारी की गिरफ्तारी भी इसी तरह हो चुकी है। दरअसल, बेसिक शिक्षा से जुड़े वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय, बीएसए कार्यालय और खंड शिक्षाधिकारी कार्यालय में शिक्षक और शिक्षणेतर कर्मचारियों के वेतन, एरियर, पेंशन संबंधी लंबित पत्रावलियों के समय पर निस्तारण न होने की शिकायतें आम हो गई हैं।


आए दिन परेशान शिक्षक डीएम और बीएसए से शिकायत करते रहते हैं। यहां तक कि एंटी करप्शन द्वारा पकडे़ शिक्षक की कई शिकायत डीएम और बीएसए से की गईं थीं लेकिन स्थिति में कोई सुधार न होने पर तंग आए शिक्षक ने एंटी करप्शन की मदद ली।

प्रदेश की जेलों में बंद मांओं के बच्चों को पढ़ाई और पोषण से संवारेगी यूपी सरकार

Posted: 12 May 2022 05:02 PM PDT

प्रदेश की जेलों में बंद मांओं के बच्चों को पढ़ाई और पोषण से संवारेगी  यूपी सरकार



लखनऊ। योगी सरकार सूबे की जेलों में बंद महिला बंदियों के 432 बच्चों का भविष्य संवारेगी। अब इन्हें जेल के भीतर घर जैसा माहौल मिलेगा।


चहारदीवारी के भीतर इनके बच्चे आम छात्र-छात्राओं की तरह पढ़ाई करेंगे। खिलौने से लेकर खेलकूद, पौष्टिक भोजन और कपड़े पहन सकेंगे। इसका पूरा खर्च सरकार उठाएगी ।



 कारागार मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मवीर प्रजापति के मुताबिक उनके इस सुझाव को मुख्यमंत्री ने सहमति दे दी है। जल्द ही इस पर अमल होगा।


मां के गुनाह की सजा बच्चों को क्यों ? 
कारागार मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मवीर प्रजापति ने बताया कि आगरा और कासगंज जेल निरीक्षण के दौरान महिला बन्दियों के साथ छह साल की उम्र तक के कई बच्चे थे। मां के गुनाह की सजा उनके मासूमों को क्यों ? यह उम्र इनके खेलने, पढ़ने की है। मगर जेल के भीतर इनके पढ़ाई से लेकर खेलकूद आदि की कोई व्यवस्था नहीं है। इसके बाद मंत्री ने बचपन संवारने के लिए अफसरों के साथ मंथन कर योजना बनाई है। इसके तहत जेल के भीतर बच्चों को सारी सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी।

कक्षा नौ-10 छात्रों को छात्रवृत्ति देने के लिए समय सारिणी जारी, आवेदन से लेकर संशोधन तक का समय तय

Posted: 12 May 2022 04:12 PM PDT

कक्षा नौ-10 छात्रों को छात्रवृत्ति देने के लिए समय सारिणी जारी, आवेदन से लेकर संशोधन तक का समय तय

लखनऊ : समाज कल्याण विभाग ने कक्षा नौ व 10 के छात्रों को छात्रवृत्ति देने के लिए समय सारिणी जारी कर दी है। यह जानकारी गुरुवार को विशेष सचिव समाज कल्याण रजनीश चंद्र ने दी।


उनके मुताबिक शैक्षिक सत्र 2022-23 में नौ व 10 की कक्षाओं से संबंधित पाठ्यक्रमों का मास्टर डाटाबेस तैयार करने, सत्यापन, लॉक करने और छात्रों को छात्रवृत्ति आवेदन से वितरण की समय सारणी तय कर दी गई है। उन्होंने बताया कि दूसरे चरण में 20 जुलाई से 16 अगस्त तक मान्यता प्राप्त विद्यालय मास्टर डाटाबेस में शामिल होने के लिए ऑनलाइन आवेदन करेंगे। 17 अगस्त से 20 सितंबर तक संबंधित जिले के जिला विद्यालय निरीक्षक विद्यालयों में स्वीकृत सीटों की संख्या की प्रमाणिकता को ऑनलाइन डिजिटल हस्ताक्षर से सत्यापित करेंगे।

उन्होंने बताया कि कक्षा नौ व 10 के नए छात्र-छात्राओं के लिए 2 जुलाई से 7 अक्तूबर तक ऑनलाइन आवेदन किया जाएगा। आवेदन के सात दिन के अंदर अधिकतम 14 अक्तूबर तक आवेदन की कापी विद्यालयों में जमा किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 5 से 15 नवंबर तक संदेहास्पद डाटा को कारणों सहित छात्र, विद्यालय के लॉगइन पर प्रदर्शित व गलतियों को ठीक किया जा सकेगा। आवेदन पत्र भरने के बाद अधिकतम 18 नवंबर तक गलतियों को ठीक कर विद्यालयों में जमा किया जा सकेगा।

यूपी बोर्ड में प्रयोगात्मक परीक्षाओं के लिए आखिरी मौका, 17 से 20 मई तक -छूटे परीक्षार्थी दे सकेंगे प्रयोगात्मक परीक्षा

Posted: 12 May 2022 05:36 PM PDT

यूपी बोर्ड में प्रयोगात्मक परीक्षाओं के लिए आखिरी मौका, 17 से 20 मई तक -छूटे परीक्षार्थी दे सकेंगे प्रयोगात्मक परीक्षा

जिन परीक्षार्थियों की यूपी बोर्ड की इंटरमीडिएट की प्रयोगात्मक परीक्षा छूट गई हो, वे 17 से 20 मई के बीच अपनी परीक्षाएं दे सकेंगे। यूपी बोर्ड के सचिव दिव्यकांत शुक्ला ने यह जानकारी गुरुवार को दी। इससे पहले यूपी बोर्ड दो चरणों में प्रयोगात्मक परीक्षाओं का आयोजन कर चुका है।


छूट गए परीक्षार्थियों की सूचना संबंधित स्कूलों के प्रधानाचार्यों ने परिषद के पोर्टल पर अपलोड की थी। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि संबंधित परीक्षार्थी तत्काल अपने स्कूल के प्रधानाचार्य से सम्पर्क कर निर्धारित तिथियों के बीच प्रयोगात्मक परीक्षा में सम्मिलित हों।

दो करोड़ बच्चों का प्रवेश बना टेढ़ी खीर, लॉकडॉउन में आए प्रवासी मजदूर गए शहर तो घट गया नामांकन

Posted: 12 May 2022 09:46 AM PDT

दो करोड़ बच्चों का प्रवेश बना टेढ़ी खीर, लॉकडॉउन में आए प्रवासी मजदूर गए शहर तो घट गया नामांकन



लखनऊ : कोरोना संक्रमण और लॉकडाउन का दौर खत्म हुआ। प्रवासी मजदूर पैसा कमाने निकल लिए तो कुछ नए सिरे से निजी स्कूलों के मुहाने पर फिर से पहुंच गए। सरकारी प्राइमरी स्कूलों में नामांकन का लक्ष्य पूरा करने में मास्टर साहब पसीना बहा रहे हैं, लेकिन लक्ष्य फिर भी पूरा नहीं हो पा रहा है।




इस बार लगभग 20 फीसदी लक्ष्य बढ़ाते हुए दो करोड़ बच्चों को प्रवेश दिलवाना है। बीते वर्ष 1.83 करोड़ बच्चे सरकारी व सहायताप्राप्त स्कूलों में नामांकित थे। हालांकि, विभाग का दावा है कि इस बार 1.87 करोड़ बच्चों का नामांकन हो गया है। जल्द ही यह संख्या दो करोड़ के पार होगी, लेकिन इस बार सबसे बड़ी मुसीबत कोरोना संक्रमण के दौरान बढ़े हुए नामांकन के आगे निकल पाना है। वर्ष 2016-17 में नामांकन 1.52 करोड़ था। वर्ष 2020-21 में कोरोना के कारण हुए लॉकडाउन के कारण 1.73 करोड़ पहुंच गया। वर्ष 2021-22 में यह 1.83 करोड़ पहुंच गया।


30 अप्रैल को जारी आंकड़ों को देखें तो बढ़ा हुआ लक्ष्य पाने में वाराणसी, जौनपुर, देवरिया, भदोही, झांसी, गाजीपुर ही सफल रहे हैं। वहीं 33 जिले ऐसे हैं, जहां लक्ष्य 70 फीसदी भी पाया नहीं जा सका है। महोबा, गोंडा, गोरखपुर, बलरामपुर मैनपुरी में 50 फीसदी तक पहुंचे है।



प्रवासी मजदूर गए शहर, घट गया नामांकन

कोरोना संक्रमण के दौरान लगे लॉकडाउन के कारण प्रवासी मजदूर अपने घरों को लौटे थे। उनके बच्चों को स्कूल तक लाया गया। वहीं निजी स्कूलों की पूरी फीस जमा करने में असमर्थ अभिभावकों ने भी सरकारी स्कूलों का रुख किया। मिड डे मील के नाम पर मिलने वाला खाद्य सुरक्षा भत्ता और यूनिफार्म, जूते, मोजे आदि के लिए दी जाने वाली धनराशि भी इसका एक कारण बनी। अब प्रवासी मजदूर शहरों की ओर लौट चुके हैं। वहीं निजी स्कूल भी पूरी तौर पर खुल चुके हैं। लिहाजा लोगों की दिलचस्पी सरकारी स्कूलों में कम है।

गोरखपुर : ARP के रिक्त पदों के सापेक्ष चयन हेतु प्रेस विज्ञप्ति जारी, देखे

Posted: 12 May 2022 05:53 AM PDT

गोरखपुर : ARP के रिक्त पदों के सापेक्ष चयन हेतु प्रेस विज्ञप्ति जारी, देखे

यूपी के मदरसों में प्रार्थना के समय राष्ट्रगान हुआ अनिवार्य, आदेश जारी

Posted: 12 May 2022 05:16 AM PDT

यूपी के मदरसों में प्रार्थना के समय राष्ट्रगान हुआ अनिवार्य, आदेश जारी



उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा बोर्ड के रजिस्ट्रार एसएन पांडे ने गत नौ मई को सभी जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारियों को आदेश जारी करके यूपी के मदरसों में प्रार्थना के समय राष्ट्रगान कराने को कहा है।



यूपी के सभी मदरसों में गुरुवार से रोजाना राष्ट्रगान का गायन अनिवार्य कर दिया गया। उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा बोर्ड के रजिस्ट्रार एसएन पांडे ने गत नौ मई को सभी जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारियों को इस बारे में आदेश जारी किया। पांडे ने आदेश में कहा है कि पिछली 24 मार्च को बोर्ड की बैठक में लिए गए निर्णय के अनुरूप नए शिक्षण सत्र से सभी मदरसों में प्रार्थना के समय राष्ट्रगान अनिवार्य कर दिया गया है। पांडे ने बताया कि रमजान माह के दौरान मदरसों में 30 मार्च से 11 मई तक अवकाश घोषित था और 12 मई से नियमित कक्षाएं शुरू हुईं लिहाजा यह आदेश आज से लागू हो गया है।

आदेश में कहा गया है कि राज्य के सभी मान्यता प्राप्त अनुदानित और गैर अनुदानित मदरसों में आगामी शिक्षण सत्र से कक्षाएं शुरू होने से पहले अन्य दुआओं के साथ समवेत स्वर में शिक्षकों और छात्र-छात्राओं को राष्ट्रगान का गायन अनिवार्य रूप से करना होगा। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारियों को इस आदेश का पालन सुनिश्चित कराने के लिए नियमित रूप से निगरानी करनी होगी। शिक्षक संघ मदारिस अरबिया के महामंत्री दीवान साहब जमां खां ने बताया कि मदरसों में अभी तक कक्षाएं शुरू होने से पहले आमतौर पर हम्द (अल्लाह की तारीफ) और सलाम (मोहम्मद साहब का अभिवादन) पढ़ा जाता था। कुछ जगहों पर राष्ट्रगान भी गाया जाता था मगर यह अनिवार्य नहीं था। लेकिन अब इसे अनिवार्य कर दिया गया है।

गौरतलब है कि प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री धर्मपाल सिंह ने पिछले महीने मदरसों में राष्ट्रवाद की शिक्षा देने पर जोर दिया था। विभागीय राज्यमंत्री दानिश आजाद अंसारी ने भी कहा था कि सरकार चाहती है कि मदरसे के छात्र देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत हों। उत्तर प्रदेश में इस वक्त कुल 16461 मदरसे हैं, जिनमें से 560 को सरकार से अनुदान प्राप्त होता है।

यूपी बोर्ड : सवा करोड़ बच्चों की बनेगी ई-मेल आईडी, बोर्ड सचिव ने दिया निर्देश

Posted: 11 May 2022 04:48 PM PDT

यूपी बोर्ड : सवा करोड़ बच्चों की बनेगी ई-मेल आईडी, बोर्ड सचिव ने दिया निर्देश
 
प्रयागराज : यूपी बोर्ड से जुड़े 28 हजार से अधिक स्कूलों में पढ़ने वाले कक्षा नौ से 12 तक के लगभग सवा करोड़ छात्र-छात्राओं की अपनी ई-मेल आईडी होगी। डिजिटल लिटरेसी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सचिव यूपी बोर्ड दिब्यकांत शुक्ल ने सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को 15 मई तक सभी विद्यार्थियों की ई-मेल आईडी बनवाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही स्कूल की वेबसाइट और सभी शिक्षकों की ई-मेल आईडी भी बनवाई जाएगी।


डीआईओएस को मंगलवार को भेजे पत्र में सचिव ने साफ किया है कि कक्षा नौ से 12 तक के बच्चों की ई-मेल आईडी बनाने का कार्य मुख्यमंत्री की 100 दिन की कार्ययोजना में सर्वोच्च प्राथमिकता पर है। शासन स्तर से इसकी निगरानी की जा रही है। हालांकि कई बार निर्देश देने के बावजूद ई-मेल आईडी बनवाने के कार्य की प्रगति संतोषजनक नहीं है। सचिव ने 15 मई तक हर हाल में ई-मेल आईडी बनवाने को कहा है। प्रोफॉर्मा जारी करते हुए 18 मई तक सभी सूचनाएं मांगी है।

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