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Saturday, May 7, 2022

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यूपी : मदरसा बोर्ड की परीक्षाएं 14 मई से

Posted: 06 May 2022 06:10 PM PDT

यूपी : मदरसा बोर्ड की परीक्षाएं 14 मई से, मजिस्ट्रेट तैनात करने के निर्देश, कहा कि पर्चे किसी भी सूरत में लीक न हों


रजिस्ट्रार परिषद एसएन पांडेय के मुताबिक परीक्षा की सभी तैयारियां मुकम्मल करने को कहा गया है। विद्यालय, जिला, परिषद और निदेशालय स्तर पर सचल दल तैनात करने को कहा गया है। सेक्टर, स्टेटिक मजिस्ट्रेटों की तैनाती के निर्देश दिए गए हैं।



उप्र मदरसा शिक्षा परिषद द्वारा आयोजित की जाने वाली सेकेंडरी, सीनियर सेकेंडरी, कामिल एवं फाजिल की परीक्षा 14 मई से होंगी। इस बाबत विभाग अल्पसंख्यक कल्याण विभाग केविशेष सचिव जेपी सिंह ने निदेशक , रजिस्ट्रार परिषद एवं सभी जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर मजिस्ट्रेट तैनात करने के निर्देश दिए हैं। कहा है कि पर्चे किसी भी सूरत में लीक न हों।



रजिस्ट्रार परिषद एसएन पांडेय के मुताबिक परीक्षा की सभी तैयारियां मुकम्मल करने को कहा गया है। विद्यालय, जिला, परिषद और निदेशालय स्तर पर सचल दल तैनात करने को कहा गया है। सेक्टर, स्टेटिक मजिस्ट्रेटों की तैनाती के निर्देश दिए गए हैं।


स्पष्ट कहा गया है कि सचल दल में महिला निरीक्षिकाओं की भी तैनाती की जाए। पुरुष सदस्यों द्वारा बालिका परीक्षार्थियों की तलाशी नहीं ली जाएगी। जनपदों को भी सेक्टरों में बांटा जाए। मजिस्ट्रेटों  एवं सचल दलों को निर्देश दिए हैं कि परीक्षा केंद्रों पर प्रश्न पत्र लीक होने की घटना न होने पाए। प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर प्रश्नपत्रों की सुरक्षा के लिए कम से कम दो सशस्त्र गार्डोँ की तैनाती की जाए।

UPTET 2022 : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने विवादित प्रश्नों पर किया जवाब तलब

Posted: 06 May 2022 05:35 PM PDT

UPTET 2022 : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने विवादित प्रश्नों पर किया जवाब तलब



प्रयागराज । इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपीटीईटी के आठ विवादित प्रश्नों को लेकर दाखिल याचिका पर परीक्षा नियामक प्राधिकारी से विस्तृत जवाब मांगा है। यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ ने रॉबिन जायसवाल व 200 अन्य की याचिका पर अधिवक्ता अभिषेक राय व अन्य को सुनकर दिया है।



 याचिका में यूपीटीईटी के आठ प्रश्नों को विवादित बताया गया है। कहा गया है कि इनमें से चार प्रश्न 2017 के थे। उन चार में से तीन प्रश्नों के उत्तर सुप्रीम कोर्ट तक से गलत माने गए थे और इस वर्ष फिर वे चार प्रश्न पूछे गए हैं। मांग की गई है कि विवादित प्रश्नों का विषय विशेषज्ञों से सही उत्तर प्राप्त कर उनके नम्बर दिए जाएं।

छात्रवृत्ति के लिए 18 मई से एक जुलाई तक करें आवेदन

Posted: 06 May 2022 05:33 PM PDT

छात्रवृत्ति के लिए 18 मई से एक जुलाई तक करें आवेदन

■ 05 को हार्ड कॉपी जमा करें जुलाई तक आवेदन

■ कक्षा नौ और दस के सामान्य व एससी छात्रों को मिलनी है छात्रवृत्ति


लखनऊ : प्रदेश सरकार ने कक्षा नौ व दस और कक्षा दस से ऊपर की कक्षाओं तथा मेडिकल, इंजीनियरिंग, प्रबंधन, नर्सिंग, आदि व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में पढ़ने वाले गरीबी की रेखा के नीचे के परिवारों के अनुसूचित जाति व सामान्य वर्ग के छात्र-छात्राओं के लिए छात्रवृत्ति व फीस भरपाई के आवेदन की समय सारिणी जारी कर दी है।


नए शैक्षिक सत्र 2022-23 में कक्षा नौ व दस की कक्षाओं में पढ़ने वाले विद्यार्थी आगामी 18 मई से 1 जुलाई के बीच आनलाइन आवेदन कर सकेंगे। इस अवधि में आवेदन करने से वंचित विद्यार्थियों को 2 जुलाई से 7 अक्तूबर के बीच आवेदन करने का एक और अवसर मिलेगा। इसी क्रम में कक्षा दस से ऊपर की कक्षाओं और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में पढ़ने वाले सामान्य वर्ग और अनुसूचित जाति के गरीब छात्र-छात्राएं 10 मई से 7 जुलाई के बीच आनलाइन आवेदन कर सकेंगे।

महिला शिक्षकों की प्रोन्नति के लिए मांगी गई तय प्रारूप में गोपनीय आख्या

Posted: 06 May 2022 05:23 PM PDT

महिला शिक्षकों की प्रोन्नति के लिए मांगी गई तय प्रारूप में गोपनीय आख्या

अपर शिक्षा निदेशक ने मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशकों को भेजा पत्र


प्रयागराज । अधीनस्थ राजपत्रित (महिला शाखा) के रिक्त पदों पर पात्रता सूची में संभावित शिक्षिकाओं (प्रवक्ता/ एलटी) को जल्द ही प्रोन्नति मिलेगी। इसके लिए अपर शिक्षा निदेशक (राजकीय) डॉ. अंजना गोयल ने शुक्रवार को सभी मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशकों को पत्र जारी कर पात्रता सूची में संभावित शिक्षिकाओं का विवरण सहित गोपनीय आख्या एवं प्रमाणपत्र मांगे हैं।


हालांकि इससे पूर्व भी महिला शिक्षकों की प्रोन्नति के लिए उनका विवरण मांगा गया था, लेकिन कई जगह से मनमाने ढंग से अपने हिसाब से प्रारूप तैयार कर शिक्षिकाओं की गोपनीय आख्या निदेशालय को भेजकर खानापूरी कर ली गई। अपर शिक्षा निदेशक ने अपने पत्र में कहा है कि यह स्थिति शुचितापूर्ण एवं त्वरित निस्तारण में बाधा उत्पन्न करती है।


 उन्होंने मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशकों से कहा है कि निर्धारित प्रारूप में संबंधित शिक्षिकाओं को संपूर्ण विवरण अंकित कर गोपनीय आख्या/ प्रमाणपत्र एवं अन्य वांछित अभिलेख 13 मई तक पंजीकृत डाक के माध्यम से या वाहक के माध्यम से निदेशालय के नियुक्ति 2 अनुभाग को प्राप्त करा दें निर्धारित तिथि तक आख्या या अभिलेख न मिलने की स्थिति में शिक्षिका की प्रोन्नति बाधित होती है तो इसके लिए संबंधित मंडलीय या जनपदीय अधिकारी के साथ ही संबंधित संस्थाधिकारी एवं शिक्षिका की जिम्मेदारी होगी।



प्रयागराज : अधीनस्थ राजपत्रित (महिला शाखा) के रिक्त पदों पर पदोन्नति के लिए पात्रता सूची में संभावित शिक्षिकाओं की गोपनीय आख्या निर्धारित प्रारूप में न होने पर फिर से मांगी गई है। इसके लिए 13 मई अंतिम तिथि तय की गई है। अपर शिक्षा निदेशक (राजकीय) डा. अंजना गोयल ने प्रदेश के सभी मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशकों (जेडी) को पत्र लिखकर कहा है कि तय प्रपत्र के अनुरूप कई शिक्षिकाओं की गोपनीय आख्या उपलब्ध नहीं कराई गई है। अपर शिक्षा निदेशक ने कहा है कि गोपनीय आख्या प्रस्तुत करने के लिए पूर्व में प्रपत्र भेजा गया था। 


इसके बावजूद मनमाने ढंग से स्वयं प्रारूप निर्धारित कर गोपनीय आख्या निदेशालय को भेजना शासकीय कार्यों के शुचितापूर्ण निस्तारण में बाधा उत्पन्न करना है। पदोन्नति का लाभ प्रवक्ता एवं सहायक अध्यापक (एलटी) दोनों को मिलना है। निर्देश दिए हैं कि पात्रता सूची की संबंधित शिक्षिकाओं का संपूर्ण विवरण तय प्रारूप में अंकित कर गोपनीय आख्या/ प्रमाणपत्र एवं अन्य वांछित अभिलेख निर्धारित तिथि तक भेजना सुनिश्चित करें। पुन: संलग्न किया गया है।


 इसे पंजीकृत डाक के माध्यम से अथवा वाहक के माध्यम से निदेशालय के नियुक्ति-2 अनुभाग में प्राप्त कराना सुनिश्चित करें। तय तिथि तक गोपनीय आख्या व अन्य पत्रादि प्राप्त न होने पर यदि किसी शिक्षिका की पदोन्नति बाधित होती है तो उसके लिए संबंधित मंडलीय एवं जनपदीय अधिकारी के साथ ही संबंधित संस्थाधिकारी और शिक्षिका स्वयं जिम्मेदार माने जाएंगे।




डेढ़ साल से नहीं मिला छह माह का बकाया वेतन


प्रयागराज 69 हजार शिक्षक भर्ती के तहत चयनित अभ्यर्थियों को डेढ़ साल से छह माह का वेतन नहीं मिला है। चयनित अभ्यर्थियों को प्रयागराज में 16 अक्तूबर 2020 को नियुक्ति मिली थी, जबकि वेतन का भुगतान मई 2021 से शुरू हुआ। शिक्षकों ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन देकर शुरुआत छह माह के वेतन के एरियर भुगतान की मांग की है। 


प्रयागराज में 69 हजार शिक्षक भर्ती के तहत नियुक्त शिक्षकों का कहना है कि उन्हें शुरुआत छह माह 14 दिनों के वेतन का भुगतान नहीं हुआ है, जबकि अन्य जनपदों में इसका भुगतान प्रथम वेतन के साथ किया जा चुका है। वहीं, प्रयागराज इस मामले में पिछड़ा हुआ है और यहां यह प्रक्रिया 18 माह बाद भी शुरू नहीं हो सकी है। 69 हजार शिक्षक भर्ती के तहत नियुक्त शिक्षकों ने मांग की है कि बकाया वेतन के एरियर का भुगतान शीघ्र किया जाए। 


नियमित सेवा से पहले दस्तावेज का सत्यापन क्यों नहीं? : हाई कोर्ट, अफसरों की जवाबदेही तय कर मांगी रिपोर्ट

Posted: 06 May 2022 05:14 PM PDT

नियमित सेवा से पहले दस्तावेज का सत्यापन क्यों नहीं : हाई कोर्ट, अफसरों की जवाबदेही तय कर मांगी रिपोर्ट
 
फर्जी डिग्री से नियुक्ति पाने का मामला : हाईकोर्ट ने यूपी सरकार से अफसरों की जवाबदेही तय कर मांगी रिपोर्ट



प्रयागराज: इलाहाबाद हाई कोर्ट ने माध्यमिक शिक्षा निदेशक द्वारा एलटी अध्यापक को बर्खास्त करने के आदेश पर रोक लगा दी। अध्यापक को फर्जी बीएड अंकपत्र व डिग्री के आधार पर नियुक्ति पाने का दोषी करार देते हुए बर्खास्त कर दिया गया था। कोर्ट ने राज्य सरकार को 1993 में तदर्थ नियुक्त अध्यापक को 2008 में नियमित करने व 2015 में चयन वेतनमान देने वाले शिक्षा विभाग कुशीनगर के सभी अधिकारियों के खिलाफ जांच करने का निर्देश दिया है।


 अधिकारियों की जवाबदेही तय कर तीन माह में रिपोर्ट मांगी है। कोर्ट ने कहा कि दस्तावेज का सत्यापन नियमित सेवा में लेने के समय ही किया जाना चाहिए था। ऐसा क्यों नहीं किया गया? फर्जी अंक पत्र वाला व्यक्ति सरकारी धन से कैसे नियुक्त किया गया? कोर्ट ने निदेशक के आदेश पर रोक लगाते हुए कहा है कि याची के अध्यापन कार्य में किसी प्रकार का अवरोध उत्पन्न न किया जाए। यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ ने जनता इंटर कालेज रामकोला, कुशीनगर कृषि अध्यापक अशोक कुमार सिंह की याचिका पर दिया है। मामले के अनुसार याची एलटी ग्रेड कृषि अध्यापक पद पर तदर्थ रूप में छह मार्च 1993 को नियुक्त किया गया। क्षेत्रीय समिति ने 15 सितंबर 2008 को सेवा नियमित कर दी।


इलाहाबाद हाईकोर्ट ने माध्यमिक शिक्षा निदेशक के एलटी अध्यापक की बर्खास्तगी के आदेश पर रोक लगा दी है। अध्यापक को फर्जी बीएड अंकपत्र के आधार पर नियुक्ति पाने का दोषी करार देते हुए उसे बर्खास्त कर दिया गया था।


कोर्ट ने राज्य सरकार को 1993 में तदर्थ नियुक्त अध्यापक को 2008 में नियमित करने और 2015 में चयन वेतनमान देने वाले शिक्षा विभाग कुशीनगर के सभी अधिकारियों के खिलाफ जांच करने का निर्देश दिया है। साथ ही अधिकारियों की जवाबदेही तय कर तीन माह में रिपोर्ट मांगी है। यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ ने जनता इंटर कॉलेज रामकोला कुशीनगर के अध्यापक अशोक कुमार सिंह की याचिका पर दिया है।


कोर्ट ने कहा है कि फर्जी अंकपत्र वाला व्यक्ति सरकारी धन से कैसे नियुक्त किया गया। दस्तावेज का सत्यापन नियमित सेवा में लेने के समय ही किया जाना चाहिए था। ऐसा क्यों नहीं किया गया। कोर्ट ने निदेशक के आदेश पर रोक लगाते हुए कहा है कि याची के अध्यापन कार्य में किसी प्रकार का अवरोध उत्पन्न न किया जाए।लोकसेवक से ऐसी लापरवाही की उम्मीद नहीं की जा सकतीकोर्ट ने कहा कि एक लोक सेवक से यह उम्मीद नहीं की जा सकती कि दस्तावेज का सत्यापन किए बगैर सेवा नियमित कर देगा। डीआईओएस सहित शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारी की भी जवाबदेही है। चयन वेतनमान देने वाले अधिकारियों की भी जवाबदेही है। विभागीय जांच की जानी चाहिए। कोर्ट ने कहा सेवा नियमित करने से लेकर चयन वेतनमान देने तक की जांच होनी चाहिए।


याची ने कोर्ट के आदेश का अनुपालन न होने पर याचिका दायर की थी। नोटिस जारी होने केबाद माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने धारा 16 ई (10) के अंतर्गत कार्यवाही शुरू की। याची ने जवाब दिया कि उसकी नियुक्ति बीएससी कृषि डिग्री के आधार पर की गई थी। फर्जी डिग्री के आरोपों से इनकार किया। सुनवाई केदिन याची की पत्नी बीमारी के कारण अस्पताल में भर्ती थी। उसने निदेशक को इसकी सूचना दी। इसके बाद दोबारा बुलाए बगैर याची की सेवा समाप्ति का आदेश जारी कर दिया गया, जिसे चुनौती दी गई है।

संस्कृत विश्वविद्यालय भी कराएंगे बीए, बीएससी की पढ़ाई

Posted: 06 May 2022 05:09 PM PDT

संस्कृत विश्वविद्यालय भी कराएंगे बीए, बीएससी की पढ़ाई



नई दिल्ली: संस्कृत विश्वविद्यालय अब संस्कृत की पढ़ाई तक ही सीमित नहीं रहेंगे, वे दूसरे विश्वविद्यालयों की तरह सभी ऐसे विषयों की शिक्षा देंगे, जो रोजगारपरक के साथ छात्रों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में खड़ा कर सकें। इनमें बीए, बीएसएसी और बीकाम जैसे डिग्री कोर्स भी शामिल होंगे। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत विश्वविद्यालय बहु विषयक केंद्र के रूप में तब्दील होंगे। संस्कृत को आम लोगों से जोड़ने सहित नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय खुद को किस तरह से तैयार करें, इसको लेकर शनिवार से तीन दिवसीय राष्ट्रीय परिचर्चा का आयोजन किया जा रहा है।



देश के तीनों केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालयों के कुलपतियों ने संयुक्त रूप से पत्रकारों से चर्चा में यह जानकारी दी है। इनमें केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली के कुलपति प्रोफेसर श्रीनिवास वरखेड़ी, श्री लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली के कुलपति प्रोफेसर मुरली मनोहर पाठक और राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, तिरुपति के कुलपति प्रोफेसर राधाकांत ठाकुर शामिल हैं।


प्रोफेसर पाठक ने बताया कि संस्कृत को बढ़ावा देने के लिए आयोजित इस परिचर्चा को उत्कर्ष महोत्सव नाम दिया गया है। यह महोत्सव सात मई से नौ मई तक दिल्ली में चलेगा। शनिवार यानी सात मई को महोत्सव का शुभारंभ भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा करेंगे। इस अवसर पर कई विद्वान मौजूद होंगे। इस दौरान परिचर्चा का विषय 'नए शैक्षिक युग में संस्कृत अध्ययन का वैश्विक उन्मुखीकरण' रखा गया है। महोत्सव के दूसरे दिन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डा. मुरली मनोहर जोशी और समापन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेद्र प्रधान होंगे।



तीसरी कक्षा से संस्कृत, छठी से वैदिक गणित पढ़ेंगे बच्चे

धर्मशाला : हिमाचल में अगले शैक्षणिक सत्र से तीसरी कक्षा से बच्चे संस्कृत पढ़ेंगे। तीसरी और चौथी कक्षा में परीक्षा नहीं होगी, जबकि पांचवीं कक्षा में होगी। छठी से दसवीं कक्षा तक वैदिक गणित भी पढ़ाया जाएगा। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डा. सुरेश कुमार सोनी ने शुक्रवार को निदेशक मंडल की 118वीं बैठक में लिए फैसलों की जानकारी पत्रकारों को दी। उन्होंने बताया कि मेरिट आधार पर दसवीं व जमा दो कक्षा के मेधावियों की छात्रवृत्ति राशि में बढ़ोतरी की गई है। दसवीं में मेरिट में आने वाले 400 बच्चों को 7200 रुपये छात्रवृत्ति दी जाती थी। अब इसे 12 हजार रुपये किया गया है। जमा दो के आर्ट्स व कामर्स के सौ-सौ बच्चों को 10 हजार की जगह 15 हजार रुपये की छात्रवृत्ति मिलेगी। विज्ञान संकाय के बच्चों को 12 हजार की जगह 17 हजार रुपये मिलेंगे।

09 मई 2022 को प्रेरणा पोर्टल पर छात्र-छात्राओं का रजिस्ट्रेशन एवं आधार सत्यापन से सम्बन्धित यूट्यूब सत्र आयोजन के संबंध में

Posted: 06 May 2022 04:48 PM PDT

09 मई 2022 को प्रेरणा पोर्टल पर छात्र-छात्राओं का रजिस्ट्रेशन एवं आधार सत्यापन से सम्बन्धित यूट्यूब सत्र आयोजन के संबंध में




फतेहपुर : स्वमूल्यांकन के आधार पर स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार 2021-22 हेतु 5 स्टार और 4 स्टार श्रेणी में 446 विद्यालयों का होगा सत्यापन

Posted: 06 May 2022 07:34 AM PDT

फतेहपुर : स्वमूल्यांकन के आधार पर स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार 2021-22 हेतु 5 स्टार और 4 स्टार श्रेणी में 446 विद्यालयों का होगा सत्यापन

13 मई तक ARP, SRG और डायट प्रवक्ता मेंटर के जरिए होगा सत्यापन, देखें विद्यालय की सूची और सत्यापन कर्ता का नाम


स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार 2021-22" हेतु जनपद फतेहपुर के कुल 1076 विद्यालयों द्वारा स्वमूल्यांकन के आधार पर आनलाइन आवदेन किया गया है। जिसके सापेक्ष 21 विद्यालय 5 स्टार श्रेणी में, 425 विद्यालय 4 स्टार श्रेणी में तथा 630 विद्यालय 3 स्टार श्रेणी में निर्धारित अंक प्राप्त किये हैं।


 मुख्य विकास अधिकारी महोदय की अध्यक्षता में गठित जनपद स्तरीय समिति की बैठक दिनांक 05.05.2022 में लिये गये निर्णयानुसार 5 स्टार श्रेणी से आच्छादित 21 विद्यालय तथा 4 स्टार श्रेणी से आच्छादित 425 विद्यालय कुल 446 विद्यालयों का मूल्याकन / सत्यापन ए०आर०पी० एस०आर०जी० तथा डायट के प्रवक्ता मेंटर से कराया जाना है।


तत्क्रम में संलग्न विवरणानुसार सम्बन्धित ए०आर०पी० एस०आर०जी० तथा डायट के प्रवक्ता / मेंटर की ड्यूटी उनके नाम के सम्मुख आवंटित विद्यालय का सत्यापन / मूल्यांकन किये जाने हेतु लगायी जाती है। तथा निर्देशित किया जाता है कि दिनांक 13.05.2022 तक अपने-अपने आवंटित विद्यालय का सत्यापन / मूल्याकन करना सुनिश्चित करें। 


सत्यापन / मूल्यांकन किये जाने की प्रक्रिया से सम्बन्धित एक कार्यशाला दिनांक 07.05.2022 को अपरान्ह 12 बजे से जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के सभागार में आहूत की गयी है। जिसमें ससमय प्रतिभाग करना सुनिश्चित करें।



जून के दूसरे हफ्ते में आएगा यूपी बोर्ड का रिजल्ट, 75 फीसदी से अधिक कॉपियों का मूल्यांकन कार्य पूरा

Posted: 05 May 2022 05:56 PM PDT

जून के दूसरे हफ्ते में आएगा यूपी बोर्ड का रिजल्ट, 75 फीसदी से अधिक कॉपियों का मूल्यांकन कार्य पूरा

■ यूपी बोर्ड ने परिणाम तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की 
■ प्रायोगिक परीक्षा भी हुई पूरी स्कूलों से मांगे गए नंबर


प्रयागराज : यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा का परिणाम जून के दूसरे सप्ताह में घोषित करने की तैयारी है। शासन को भेजे गए प्रस्ताव में जून के दूसरे सप्ताह में बोर्ड परीक्षा का परिणाम घोषित करने की बात है।


प्रदेश के 271 केंद्रों पर 10वीं 12वीं की सवा दो करोड़ से अधिक उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन अंतिम दौर में है। केंद्र प्रभारियों को भेजे गए निर्देश के अनुसार शनिवार तक सभी कॉपियां जांची जानी है। इस बीच रिजल्ट तैयार करने का काम शुरू हो चुका है। जैसे-जैसे कॉपियों का मूल्यांकन होता जा रहा है, परीक्षार्थियों के अंक अपलोड होते जा रहे हैं। प्रायोगिक परीक्षाओं के अंक भी स्कूलों से मांग लिए गए हैं।

हाईस्कूल के आंतरिक मूल्यांकन एवं इंटर के खेल और शारीरिक शिक्षा विषय के प्राप्तांकों को पहले ही मांगा जा चुका है। गौरतलब है कि 10वीं 12वीं के लिए पंजीकृत 5192689 परीक्षार्थियों में से 4775749 परीक्षा में शामिल हुए थे।

प्रायोगिक परीक्षा से वंचितों की मांगी लिस्ट

बोर्ड सचिव दिव्यकांत शुक्ल ने इंटर की प्रायोगिक परीक्षा से वंचित छात्रों की लिस्ट मांग ली है। सचिव ने चार मई को जिला विद्यालय निरीक्षकों को पत्र भेजा है। इसके लिए बोर्ड का पोर्टल गुरुवार को खोल दिया गया जिस पर शुक्रवार की रात 12 बजे तक छूटे हुए परीक्षार्थियों की विद्यालयवार और विषयवार संख्या अपलोड करनी है।

CUET में आवेदन की अंतिम तारीख बढ़ी, हाथ से न जाने दें ये मौका

Posted: 06 May 2022 05:54 PM PDT

CUET 2022 के लिए आवेदन अब 22 मई  तक

CUET में आवेदन की अंतिम तारीख बढ़ी, हाथ से न जाने दें ये मौका 


नई दिल्ली  : यूनिवर्सिटीज एंट्रेंस टेस्ट ( सीयूईटी) 2022 के लिए आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 22 मई तक बढ़ाने का फैसला किया गया है। यह फैसला यह परीक्षा आयोजित कराने वाली नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने किया है।



 गुरुवार को एनटीए ने कहा कि हम कामन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (सीयूईटी) के लिए आवेदन जमा  करने की अंतिम तिथि 22 मई तक बढ़ा रहे हैं। हमें उम्मीद है कि यह फैसला छात्रों को सीयूईटी के लिए आवेदन करने का अतिरिक्त अवसर प्रदान करेगा। आप सभी को शुभकामनाएं। अधिक जानकारी "https://cuet.samarth.ac.in" पर मिलेगी । पहले सीयूईटी 2022 आवेदन की अंतिम तिथि 6 मई थी।

कैसे संभव 20 फीसदी नांमाकन? जनसंख्या की वार्षिक वृद्धि दर ही करीब डेढ़ फीसदी तो एक साल में कहां से बढ़ेंगे बीस फीसदी बच्चे।

Posted: 05 May 2022 05:16 PM PDT

कैसे संभव 20 फीसदी नांमाकन? जनसंख्या की वार्षिक वृद्धि दर ही करीब डेढ़ फीसदी तो एक साल में कहां से बढ़ेंगे बीस फीसदी बच्चे। 



फतेहपुर : इन दिनों दोआबा के परिषदीय शिक्षकों के सामने अजीब स्थिति पैदा हो गई है। बेसिक शिक्षा विभाग ने अपने हेडमास्टरों व शिक्षकों से कहा है कि नवीन शैक्षिक सत्र में गत सत्र के मुकाबले बीस फीसदी की वृद्धि होनी चाहिए। इतना बड़ा लक्ष्य देख भीषण तपिश में शिक्षकों के शरीर से पसीना निकलने की दर में जरूर इजाफा हो गया है।


एक साल में कहां से बढ़ेंगे बीस फीसदी बच्चे: नाम न छापने की शर्त पर शिक्षक कहते हैं कि जब जनसंख्या की वार्षिक वृद्धि दर ही करीब डेढ़ फीसदी के आसपास है तो हम नामांकन में सिर्फ एक साल में बीस फीसदी का इजाफा कैसे कर सकते हैं। वह बीस फीसदी नामांकन किस तरह बढ़ाएंगे, यह बड़ा सवाल है।


पहले कक्षा पांच व आठ की हो भरपाई: शिक्षक कहते हैं कि मान लीजिए किसी छोटे गांव में स्थित विद्यालय में गत सत्र में कक्षा पांच उत्तीर्ण कर 30 बच्चे निकल गए तो इन 30 बच्चों की तो भरपाई हो, फिर हम बीस फीसदी इजाफे के बारे में सोचेंगे। छोटे से गांवों में बड़ी संख्या में उत्तीर्ण बच्चों की भरपाई ही लक्ष्य साबित हो रही है।


न्यूनतम वृद्धि दर वाले जिलों में था फतेहपुर

2011 की जनगणना में यह जिला न्यूनतम दशकीय वृद्धि करने वाले टाप फाइव जिलों में शुमार था। इसकी दशकीय वृद्धि दर 14.05 प्रतिशत दर्ज की गई थी। 20 नामांकन बढ़ोत्तरी पर सवाल हो रहे हैं।


प्रत्येक ग्राम पंचायतों में अभी कई बच्चे हैं जो स्कूल से दूर हैं। शिक्षकों से पिछले सत्र में गए बच्चों की भरपाई का ही लक्ष्य दिया गया है। पिछले सत्र में करीब 40 हजार बच्चे आगे की पढ़ाई के लिए निकले हैं। -संजय कुशवाहा, बीएसए

ग्राम सचिवालय के 50 मीटर दायरे में मुफ्त वाईफाई, आदेश जारी हुआ

Posted: 05 May 2022 05:49 PM PDT

ग्राम सचिवालय के 50 मीटर दायरे में मुफ्त वाईफाई, आदेश जारी हुआ


राज्य सरकार ग्राम सचिवालय के 50 मीटर दायरे में लोगों को मुफ्त वाईफाई की सुविधा देगी। इसके लिए प्रदेश के 58,189 ग्राम पंचायत सचिवालय को वाईफाई से जोड़ा जाएगा।


अपर मुख्य सचिव पंचायती राज मनोज कुमार सिंह ने गुरुवार को शासनादेश जारी कर दिया है। उन्होंने पंचायती राज निदेशक को इसके लिए जल्द काम शुरू कराने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के गांवों को स्मार्ट गांव बनाना चाहते हैं। इसके लिए ग्राम पंचायत कार्यालय को ग्राम सचिवालय का दर्जा दिया जा रहा है। गांवों की जनता को विभिन्न विभागों से जिन दस्तावेजों, अभिलेखों व कागजात की जरूरत पड़ती है। ग्राम पंचायतों में पंचायत सहायक कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से इसे देने की व्यवस्था की जा रही है।


ग्राम पंचायतों में रहने वाली ग्रामीण जनता की क्षमता का पूर्ण विकास व नई आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए इंटरनेट कनेक्टिविटी जरूरी है। स्मार्ट ग्राम की उक्त परिकल्पना को ध्यान में रखते हुए शासन ने ग्राम पंचायत के ग्राम सचिवालय कार्यालयों को हाई स्पीड इंटरनेट से जोड़ने का फैसला किया है। इंटरनेट कनेक्टिविटी की ऐसी व्यवस्था की जाएगी जिससे ग्राम सचिवालय भवन के 50 मीटर दायरे में ग्रामीणों को फ्री वाईफाई की सुविधा मिल सके। निदेशक पंचायती राज इस दिशा में तुरंत काम शुरू करेंगे, जिससे ग्रामीणों को इसका लाभ मिल सके।

नॉलेज एक्सचेंज के तहत उच्च शिक्षण संस्थान पांच-पांच गांव गोद लेंगे

Posted: 05 May 2022 05:07 PM PDT

नॉलेज एक्सचेंज के तहत उच्च शिक्षण संस्थान पांच-पांच गांव गोद लेंगे


छात्रों को किताबी ज्ञान से अलग व्यापक जन-जीवन से जुड़ी शिक्षा देने के लिए उच्च शिक्षा संस्थान, नॉलेज एक्सचेंज (ज्ञान विनिमय ) के तहत पांच गांवों को गोद लेंगे।


नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत किए जा रहे उपायों के तहत छात्रों को सामाजिक सरोकार की गतिविधियों से जोड़ा जाएगा। साथ ही गांव के सामाजिक, आर्थिक विकास को भी सुनिश्चित किया जाएगा। यूजीसी ने देश मे गुणवत्ता युक्त शिक्षा के लिए कई तरह की रूपरेखा तैयार की है।


नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत किए जा रहे उपायों के तहत छात्रों के जीवन कौशल से जुड़े पाठ्यक्रम को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसका मकसद स्नातक छात्रों में ऐसे गुणों को विकसित करना है, जो उनको सफलता दिलाने में सहायक हों। साथ ही छात्रों में स्वक्षमता, भावनात्मक योग्यता, बौद्धिक क्षमता, आत्मविश्वास, सामाजिक योग्यता, व्यावसायिक क्षमता जैसे गुण भी विकसित हों। जिससे छात्र विश्व स्तर पर मौजूद रोजगार के अवसरों को प्राप्त करने के लिए अपनी क्षमता विकसित कर सफलता प्राप्त कर सके। नई शिक्षा नीति के तहत हर संस्थान के सामाजिक व औद्योगिक जुड़ाव को बढ़ाने की रणनीति पर भी काम हो रहा है।


इस योजना का मुख्य उद्देश्य छात्रों को सामाजिक व औद्योगिक रूप से रोजगारपरक शिक्षा से जोड़ना है। एक अधिकारी ने कहा कि इसका मकसद कम से कम दो तिहाई छात्रों को पढ़ाई के दौरान सामाजिक उत्पादकता से जुड़ी गतिविधियों से जोड़ने व औद्योगिक कामकाज की बेहतर समझ दिलाना है।


मूल्यांकन प्रणाली इस तरह से विकसित की गई है, जिसमे निरंतर मूल्यांकन के साथ सीखने को भी प्रेरित किया जा सके और उच्च शिक्षा ज्यादा अच्छे परिणाम देने वाली बन सके।

इस शैक्षिक सत्र डिजिटल पर जोर, हाजिरी-निरीक्षण टैब से,प्राइमरी के साथ माध्यमिक स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को भी टैबलेट देने की योजना

Posted: 05 May 2022 05:04 PM PDT

इस शैक्षिक सत्र डिजिटल पर जोर, हाजिरी-निरीक्षण टैब से,
प्राइमरी के साथ माध्यमिक स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को भी टैबलेट देने की योजना


लखनऊ । इस शैक्षिक सत्र में यूपी में डिजिटल पर जोर रहेगा। प्राइमरी के साथ अब माध्यमिक शिक्षा के स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को भी टैबलेट दिया जाएगा। प्राइमरी स्कूलों के दो शिक्षकों को लैपटॉप दिया जाएगा। सभी माध्यमिक स्कूलों, केजीबीवी और 21 हजार प्राइमरी स्कूलों में स्मार्ट क्लास भी लगाई जाएगी। ये प्रस्ताव राज्य सरकार समग्र शिक्षा अभियान की वार्षिक कार्ययोजना में भेज रही है। प्रदेश में 2675 माध्यमिक और 1.33 लाख प्राइमरी व जूनियर स्कूल हैं।


प्राइमरी स्कूलों में डाटा अपलोड करने से लेकर बायोमीट्रिक हाजिरी तक के लिए टैबलेट देने की योजना पर पिछले तीन सालों से काम चल रहा है लेकिन अभी तक प्रधानाध्यापकों के पास टैबलेट नहीं पहुंचे हैं। अब इसके साथ ही माध्यमिक शिक्षा के स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को भी टैबलेट दिया जाएगा। प्राइमरी स्कूलों के दो शिक्षकों को हिन्दी व गणित को सुदृढ़ बनाने के लिए लैपटॉप दिया जाएगा।



ई लाइब्रेरी पोर्टल भी बन रहा

प्रदेश सरकार छात्रों तक अध्ययन सामग्री की आसानी से उपलब्धता के लिए ईझ्रलाइब्रेरी पोर्टल विकसित करेगी। इससे कम संसाधनों में विद्यार्थियों तक शैक्षिक सामग्री की पहुंच आसान होगी। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने इसे 100 दिनों की कार्ययोजना में शामिल किया है।


बायोमिट्रिक अटेंडेंस के निर्णय वापसी की मांग

लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय शिक्षक संघ की आम सभा की बैठक का आयोजन गुरुवार को किया गया। जिसमें शिक्षकों की बायोमैट्रिक अटेंडेंस तथा उसकी वेतन से संबद्धता के लिए कुलाधिपति महोदया के पत्र पर गहन चर्चा की गई। सभा का मत था कि विश्वविद्यालय शिक्षकों एवं अन्य सरकारी कर्मियों के कार्य की प्रकृति में अंतर होता है। विवि ज्ञान के सृजन एवं वितरण के केंद्र हैं। विश्वविद्यालय शिक्षकों का कार्य शिक्षण के साथ-साथ शोध भी है। बायोमेट्रिक उपस्थिति का निर्णय मात्र शिक्षण कार्य को ध्यान में रख कर लिया गया है। जबकि शिक्षक शोध भी करता है जो समय सीमा से परे है।

पॉलीटेक्निक : 7 से 12 मई के बीच सुधारें आवेदन पत्र की त्रुटियां, दाखिले के लिए आए ढाई लाख आवेदन

Posted: 05 May 2022 03:52 PM PDT

पॉलीटेक्निक : 7 से 12 मई के बीच सुधारें आवेदन पत्र की त्रुटियां, दाखिले के लिए आए ढाई लाख आवेदन

पॉलीटेक्निक संस्थाओं में दाखिले के लिए ढाई लाख से अधिक आवेदन हुए हैं। अब आवेदन के लिए अंतिम तिथि में कोई विस्तार नहीं किया जाएगा।


उत्तर प्रदेश में सरकारी, अनुदानित व निजी पॉलीटेक्निक संस्थाओं की दो लाख चौबीस हजार सीटों पर दाखिले के लिए ढाई लाख से अधिक आवेदन हुए हैं। आवेदन की अंतिम तिथि बृहस्पतिवार को समाप्त हो गई। अभ्यर्थी आवेदन पत्र में हुईं त्रुटियों को 7 से 12 मई के बीच ऑनलाइन सुधार सकेंगे।

संयुक्त प्रवेश परीक्षा परिषद के प्रभारी सचिव राम रतन ने बताया कि बृहस्पतिवार को अंतिम तिथि तक 2,63,444 आवेदन हुए हैं। अब आवेदन के लिए अंतिम तिथि में कोई विस्तार नहीं किया जाएगा।

अभ्यर्थियों ने आवेदन पत्र में नाम, पता, मोबाइल नंबर या अन्य कोई ब्योरा गलत भर दिया है तो उसे 12 मई तक वेबसाइट jeecup.admissions.nic.in पर दुरुस्त कर सकते हैं। इसके बाद 30 मई से प्रवेश परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र/हॉल टिकट डाउनलोड किए जा सकेंगे।

ऑनलाइन/सीबीटी प्रवेश परीक्षाएं 6 से 10 जून तक प्रदेश के विभिन्न जिलों में आयोजित की जाएंगी। प्रवेश परीक्षा से संबंधित निर्देश व अन्य जानकारी परिषद की वेबसाइट पर उपलब्ध कराई जाएगी।

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