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- पुरुषों से ज्यादा महिलाओं को प्रसन्नता देती है ये बातें
- आपके हाथ की उंगलियों के बीच की दूरी बताती है जीवन से जुड़ी कई बातें, जानिए
- हिमाचल पहुंचीं 11 नई HRTC बसें, यात्रियों को खटारा बसों से मिलेगा छुटकारा
- क्रिकेट की दुनिया के इन 6 ‘वर्ल्ड रिकॉर्ड्स’ को तोड़ना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन भी है
- PNB Recruitment 2022: पंजाब नेशनल बैंक में निकली बंपर भर्ती, ऐसे करें अप्लाई
- एक्सपायर होने पर भूलकर भी ना करें नेलपॉलिश का इस्तेमाल, होता है नुकसान
- रात को दूध पीने वाले सावधान! ये रहे घातक बीमारियों के संकेत
- अगर आप भी टूथपेस्ट की आखिरी बूंद को निचोड़ते हैं तो सतर्क हो जाएं- कंपनियां कर रहीं ये चालाकी
- जानिए भगवान श्री राम की बहन के बारे में, बहुत कम लोगों को पता होगा
- आखिर कौन है IAS पूजा सिंघल? जिसके 20 ठिकानों पर ED के पड़े छापे, घर से 25 करोड़ नकदी बरामद
- खूब मजे से चलाएं AC, बावजूद भी कम आएगा बिजली बिल, बस इन बातों का रखना होगा ख्याल
| पुरुषों से ज्यादा महिलाओं को प्रसन्नता देती है ये बातें Posted: 06 May 2022 07:20 PM PDT सनातन धर्म में महिलाओं को एक देवी की संज्ञा दी गई है। माना जाता है जहां स्त्री का सम्मान होता है वहीं देवी देवता वास करते हैं। साथ ही महाभारत के मुख्य पात्र माने जाने वाले महात्मा विदुर ने भी अपनी नीतियों में स्त्रियों के बारे में कई बातें साझा की हैं। महान दार्शनिक विदुर जी ने कहा है कि महिलाओं के बिना इस सृष्टि और जीवन की कल्पना करना भी मूर्खता है। वहीं कुछ ऐसी बातें भी है जिसे जानकर पुरुषों से ज्यादा महिलाओं को प्रसन्नता होती है... विदुर नीति: पुरुषों से ज्यादा महिलाओं को प्रसन्नता देती है ये बातें 1. महिलाओं का स्वभाव महात्मा विदुर ने महिलाओं को बहुत सौभाग्यशाली माना है। विदुर जी कहते हैं कि प्रकृति ने स्वयं एक स्त्री को उसके स्वभाव के तौर पर कई वरदान दिए हैं। इनके शालीन और समझदार स्वभाव के कारण ही घर परिवार में खुशहाली बनी रहती है। 2. घर की लक्ष्मी शास्त्रों में भी महिलाओं को लक्ष्मी कहकर पुकारा जाता है। हालांकि शास्त्रों में लिखी बातों का मतलब समय या स्थान के आधार पर बदल सकता है लेकिन ये बातें कभी झूठ नहीं होतीं। 3. पूजनीय महात्मा विदुर ने महिलाओं को कुछ नहीं बताया है। जिस घर में महिलाओं का मान-सम्मान किया जाता है वहां देवी देवता भी प्रसन्न रहते हैं। साथ ही घर की महिलाओं के साथ-साथ आपको हमें अन्य स्त्रियों का भी उतना ही आदर करना चाहिए। 4. सुख-समृद्धि के लिए जीवन में तरक्की हासिल करने और सुख-समृद्धि बनाए रखने के लिए महिलाओं का आदर करना जरूरी होता है क्योंकि एक मनुष्य जीवन भर किसी ना किसी महिला के सानिध्य में रहता ही है। और एक स्त्री के बिना मनुष्य का अस्तित्व कल्पनामात्र है। |
| आपके हाथ की उंगलियों के बीच की दूरी बताती है जीवन से जुड़ी कई बातें, जानिए Posted: 06 May 2022 07:18 PM PDT 1. मध्यमा और अनामिका अंगुली हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार यदि किसी व्यक्ति की मध्यमा और अनामिका उंगली के बीच सामान्य से अधिक दूरी है तो ऐसे लोगों को युवावस्था में उसे पैसों से जुड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। 2. उंगलियों के बीच ज्यादा गैप न होना जिन लोगों की उंगलियों की भी ज्यादा दूरी नहीं होती उन्हें भाग्यशाली माना जाता है। हस्तरेखा शास्त्र के मुताबिक ऐसे व्यक्तियों को जीवन में सभी सुख-सुविधाएं प्राप्त होती हैं। 3. मध्यमा उंगली के पास अनामिका माना जाता है कि जिन लोगों की मध्यमा उंगली के तीसरे भाग के बराबरी में ही अनामिका उंगली होती है उन्हें कला के क्षेत्र में अच्छी सफलता मिलती है और ये लोग बुद्धिमान भी होते हैं। 4. कनिष्ठा उंगली और रिंग फिंगर हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार माना जाता है कि अनामिका यानी रिंग फिंगर और सबसे छोटी उंगली यानी कनिष्का के बीच में अधिक दूरी होने से व्यक्ति को वृद्धावस्था में आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। 5. उंगलियों के पर्व लंबे होना अगर किसी व्यक्ति के हाथों की उंगलियों के सभी पर्व यानी भाग लंबे होते हैं तो ऐसे लोगों को जीवन में कभी पैसों की कमी नहीं होती। |
| हिमाचल पहुंचीं 11 नई HRTC बसें, यात्रियों को खटारा बसों से मिलेगा छुटकारा Posted: 06 May 2022 07:11 PM PDT हिमाचल प्रदेश में नई डीलक्स (एसी) और साधारण बसें आनी शुरू हो गई हैं। नालागढ़ में 11 बसें पहुंच गई हैं। प्रतिदिन बंगलूरू से कंपनी ने पांच से छह बसें हिमाचल भेजने की बात कही है। हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) ने दो क्षेत्रीय प्रबंधकों को बसों का जायजा लेने के लिए नालागढ़ भेजा है। अधिकारी निगम की शर्तों के मुताबिक बसों का आकलन करेंगे। कुल 205 बसों में से 195 बसें इसी महीने आनी हैं। शेष बसें बाद में आएंगी। परिवहन निगम से मिली जानकारी के मुताबिक 205 में से 150 डीलक्स, जबकि अन्य साधारण बसें होंगी। डीलक्स बसों में हर सीट पर मोबाइल चार्जिंग प्वाइंट, बैक पुश सीटें, पांव रखने के लिए स्पेस फुट रेस्ट, पानी की बोतल रखने के लिए भी अलग से जगह बनाई गई है। शक्तिशाली इंजन वाली ये बसें अशोका ले लैंड कंपनी की हैं। वर्तमान में प्रदेश में करीब दो सौ जीरो वैल्यू बसें हैं। इनमें कई बसें हटाई जाएंगी। अधिकांश डीलक्स बसें लांग रूटों पर चलाई जाएंगी। लांग रूटों से हटाई जाने वाली बसों को ग्रामीण क्षेत्रों में चलाया जाना है। निगम का दावा है कि हर डिपो को 10 से 15 नई बसें दी जानी हैं। अतिरिक्त प्रबंधक निदेशक भूपेंद्र अत्री ने बताया कि बसें आनी शुरू हो गई हैं। जल्द बसों को डिपो में भेजना शुरू कर दिया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों के रूट भी होंगे बहाल कोरोना के चलते हिमाचल के दर्जन रूट बंद हैं। परिवहन निगम के बेड़े में बसों की कमी के चलते रूटों पर बसें नहीं चलाई जा रही हैं। अब नई बसें आने से रूट बहाल हो जाएंगे। 3300 बसें हैं निगम के बेड़े में वर्तमान में परिवहन निगम के बेड़े में 3300 बसें हैं। नई बसें आने से यह आंकड़ा 35 सौ से अधिक हो जाएगा। |
| क्रिकेट की दुनिया के इन 6 ‘वर्ल्ड रिकॉर्ड्स’ को तोड़ना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन भी है Posted: 06 May 2022 07:08 PM PDT यूं ही नहीं क्रिकेट को करिश्माई खेल का दर्जा दिया जाता है। इसकी खासियत है कि पिच पर फेंकी गई हर गेंद अपने आप में इतिहास रचने का हुनर रखती है। ऐसे में आज हम आपको क्रिकेट की दुनिया के उन रिकॉर्ड्स के विषय में बताने जा रहे हैं, जिनको तोड़ पाना एक तरह से नामुमकिन है। सचिन तेंदुलकर क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर ने अपने करियर के दौरान कई ऐसे रिकॉर्ड्स कायम किए हैं, जिनको आज तक कोई भी खिलाड़ी छू भी नहीं पाया है। इन्हीं में से एक है 100 शतकों का रिकॉर्ड। दरअसल, सचिन तेंदुलकर ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर के दौरान 100 शतक जड़कर इतिहास रच दिया है। उनके द्वारा बनाए गए इस रिकॉर्ड को तोड़ पाना हर किसी के बस की बात नहीं है। आंकड़ों के मुताबिक, सचिन ने इंटरनेशनल मैचों के दौरान वनडे में 15,921 रन और टेस्ट में 18,426 रन बनाए हैं। इसके अलावा उनके नाम 100 अंतरराष्ट्रीय शतक का रिकॉर्ड कायम है। मुथैया मुरलीधरन ![]() ऑफ स्पिनर खिलाड़ी के रुप में पूरी दुनिया में मशहूर श्रीलंका के नामचीन प्लेयर मुथैया मुरलीधरन ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर के दौरान 1300 विकेट लेने का रिकॉर्ड कायम किया है। उनके इस रिकॉर्ड को तोड़ पाना काफी मुश्किल है। आंकड़ों के अनुसार, मुथैया ने अपने पूरे करियर में 133 टेस्ट, 350 वनडे और 12 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले हैं। इनमें मुथैया ने 1347 रन लिए हैं। इसके अलावा श्रीलंका के इस खिलाड़ी के नाम एक और रिकॉर्ड है। मुथैया ने टेस्ट क्रिकेट में कुल 800 विकेट झटके हैं। उनके इस रिकॉर्ड को भी अब तक कोई भी गेंदबाज़ नहीं तोड़ पाया है। डोनाल्ड ब्रेडमैन ![]() क्रिकेट की दुनिया के महानतम् बल्लेबाजों में से एक डोनाल्ड ब्रेडमैन ने अपने करियर के दौरान सिर्फ 52 टेस्ट मैच ही खेले हैं। लेकिन उन्होंने इन मैचों में 6996 रन बनाकर को वर्ल्ड रिकॉर्ड कायम किया है उसे आजतक कोई नहीं तोड़ पाया है। मैच के दौरान उनका औसत 99.94 प्रतिशत रहता था। इसके अलावा ब्रेडमैन के नाम एक और रिकॉर्ड शामिल है। उन्होंने एक ही टीम के खिलाफ सबसे अधिक रन बनाए हैं। आंकड़ों के मताबिक, डोनाल्ड ब्रेडमैन ने इंग्लैंड के खिलाफ 5028 रन बनाकर वर्ल्ड रिकॉर्ड कायम किया है। रोहित शर्मा ![]() भारतीय बल्लेबाज़ रोहित शर्मा अपनी बैटिंग स्किल्स के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध हैं। उन्हें हिटमैन के नाम से जाना जाता है। उनके नाम वनडे इंटरनेशनल मैच में 264 रनों की पारी खेलने का रिकॉर्ड बना हुआ है। इसके अलावा रोहित शर्मा अंतरराष्ट्रीय वनडे मैचों के दौरान तीन बार दोहरे शतक लगाने वाले पहले खिलाड़ी हैं। वहीं, रोहित के नाम सबसे बड़ा रिकॉर्ड य़ह दर्ज है कि उन्होंने वर्ल्डकप में सबसे अधिक यानी कि 5 शतक जड़े हैं। ब्रायन लारा ![]() पूर्व कप्तान ब्रायन लारा का नाम वेस्टइंडीज़ के विस्फोटक बल्लेबाज़ों में शुमार है। साल 2004 में इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए टेस्ट मैच में लारा ने नाबाद 400 रन बनाकर इतिहास रच दिया था। इसके अलावा फर्स्ट क्लास क्रिकेट में ब्रायन लारा ने बिना आउट हुए 501 रन बनाए थे। उनके इस रिकॉर्ड को आज तक कोई प्लेयर नहीं तोड़ पाया है। एबी डिविलियर्स ![]() वेस्टइंडीज़ के खिलाफ खेले गए मैच में दक्षिण अफ्रीका के दिग्गज बल्लेबाज़ एबी डिविलियर्स ने महज़ 31 गेंदों में शतक जड़कर इतिहास रच दिया था। इसी मैच में उन्होंने 44 गेंदों में 149 रन बनाकर टीम को जिता दिया था। अपनी इस शानदार पारी के दौरान डिविलियर्स ने 16 छक्के और 9 चौके जड़े थे। |
| PNB Recruitment 2022: पंजाब नेशनल बैंक में निकली बंपर भर्ती, ऐसे करें अप्लाई Posted: 06 May 2022 07:04 PM PDT PNB SO Recruitment 2022: पंजाब नेशनल बैंक में स्पेशलिस्ट ऑफिसर्स (SO) के 145 पदों पर भर्ती के लिए आज 22 मार्च 2022 से आवेदन शुरू हो गए हैं. पीएनबी की इस भर्ती में आवेदन के इच्छुक अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट pnbindia.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. भर्ती के लिए आवेदन की आखिरी तारीख 7 मई है. इसके बाद किसी भी अभ्यर्थी का फॉर्म एक्सेप्ट नहीं किया जाएगा जारी नोटिफिकेशन की मानें तो पंजाब नेशनल बैंक की इस भर्ती में 25 से 35 वर्ष की आयु वाले अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं. आयु की गणना 1 जनवरी 2022 से होगी. रिक्तियों का ब्यौरा- पंजाब नेशनल बैंक की इस भर्ती के तहत कुल 145 पदों पर योग्य अभ्यर्थियों का चयन किया जाना है. इनमें से 40 पद रिस्क मैनेजर, 100 पद क्रेडिट मैनेजर औेर 5 पद सीनियर मैनेजर (Treasury) के हैं. ऐसे करें आवेदन - इच्छुक और योग्य अभ्यर्थी ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं. आवेदन का स्टेप्स ऑफिशियल वेबसाइट पर दिया जाएगा. |
| एक्सपायर होने पर भूलकर भी ना करें नेलपॉलिश का इस्तेमाल, होता है नुकसान Posted: 06 May 2022 07:03 PM PDT अपने सौंदर्य को लेकर काफी सजग रहती है। अक्सर देखा जाता है कि महिलाएं अपनी ड्रेस के साथ मैचिंग वाला नेल कलर अपने नाखूनों पर लगाना पसंद करती है। लेकिन ऐसा करने के दौरान वह नेल पॉलिश की एक्सपायरी डेट चेक करना भूल जाती है या फिर वह तब तक नेल पॉलिश का इस्तेमाल करती रहती हैं, जब तक बोतल सूख न जाए। यदि आप इस तरह की गलती करती हैं तो सावधान हो जाएं क्या आप जानते हैं कि आपकी मनपसंद नेल पॉलिश भी एक्सपायर होती है आइए जानते हैं कि कितने दिनों बाद नेल पॉलिश यूज करना बंद कर देना चाहिए। सामान्य तौर पर 18 से 24 महीने रेगुलर नेल पॉलिश और जेल नेल पॉलिश 24 से 36 महीनों के बाद एक्सपायर हो जाती है। अपनी नेल पॉलिश के एक्सपायरी डेट को जाने के लिए नीचे दिए गए कुछ बातों का ध्यान जरूर रखें। आइए जानते हैं – सबसे पहले एक्सपायर नेलपेंट का पता लगाने के लिए उसके लेवल की जांच करें नेल पॉलिश उपयोग करने के लिए सुरक्षित है या नहीं, इसका पता नेल पॉलिश के लेबल से चलता है। यदि समय के साथ आपके नेल पॉलिश का रंग बदल जाता है तो इसे तुरंत फेंक दें। क्योंकि इसका इस्तेमाल करने से आपके नाखूनों को नुकसान पहुंच सकता है। कई बार बोतल को बार – बार हिलाने पर भी नेल पॉलिश अच्छी तरह से मिक्स नहीं होती है और कभी गाड़ी तो कहीं ज्यादा पतली सी हो जाती है। जिसके चलते नाखून पर लगाते समय एक समान कोर्ट नहीं हो पाते। यदि आपके साथ भी ऐसा हो रहा है तो यह नेल पॉलिश खराब होने के संकेत दे रहा है। आसानी से नेल पॉलिश नहीं खुल रही है तो समझ जाए कि वह एक्सपायर हो चुकी है। दरअसल, इसका कारण होता है कि नेल पॉलिश जमने की वजह से वह जल्दी खुल नहीं पाती है यदि एक निश्चित समय के बाद अगर नेल पॉलिश का रंग फीका पड़ने लगे या फिर किसी भी तरह के उस से स्मेल आने लगे तो समझ जाइए कि आपकी नेल पॉलिश खराब हो चुकी है। इसतरह से करें नेलपॉलिश स्टोर:-अपने नेल पॉलिश को जल्दी सूखने से बचाने के लिए इसी फ्रिज में रखकर स्टोर कर सकती हैं। नेल पॉलिश की बोतल सीधी रखें ताकि वह जल्दी से खराब ना हो। इस बात का हमेशा ध्यान रखें कि जब भी नेल पॉलिश खरीदें तो ब्रांडेड ही खरीदें। |
| रात को दूध पीने वाले सावधान! ये रहे घातक बीमारियों के संकेत Posted: 06 May 2022 07:00 PM PDT दूध को हमारे शरीर और हेल्थ के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है। इसे पीने से बॉडी को कैल्शियम, प्रोटीन, सोडियम, फाइबर और विटामिन बी आदि की अच्छी क्वालिटी में मिलते हैं। लेकिन जैसे हर चीज का एक टाइम होता है वैसे दूध पीने का भी होता है। कुछ लोग सुबह ब्रेकफास्ट के टाइम पर दूध पीना पसंद करते हैं, वहीं कुछ लोग दोपहर में। लेकिन यदि आप तो दूध रात में पीते हैं तो इस आदत जल्द से जल्द छोड़ दें, वरना आपकी हेल्प को बेहद नुकसान हो सकता है। आइए जानते हैं कि रात को दूध पीने से क्यों परहेज करना चाहिए – -अगर रात के समय आप दूध पीते हैं तो इससे आपका वेट बढ़ सकता है और इसका कारण है कि एक गिलास दूध में तकरीबन 120 कैलरी होती है। जिसके बाद दूध पीकर सोने के चलते ये कैलरी बर्न भी नहीं होती और आपकी हेल्थ को नुकसान पहुंचता है। दूध में प्रोटीन और लैक्टोस का मिश्रण होता है। सोने के पहले इसे नहीं पीना चाहिए, क्योंकि इसकी वजह से नींद भी स्लो हो जाती है। यानी कि आसान भाषा में कहें तो इससे नींद जल्दी नहीं आती जो कि हेल्थ के लिए नुकसानदायक है। -न्यूट्रिशिनिस्ट का मानना है कि रात को दूध पीने से खाने को पचने में दिक्कत होती है।रात के समय लिवर बॉडी में डिटॉक्सिफिकेश न का काम करता है और दूध पीने की वजह से इसमें खलल पड़ता है। रात को गर्म दूध पी सकते हैं लेकिन ठंडा दूध पीना स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। जिसे पीने की सलाह नहीं दी जाती है। |
| अगर आप भी टूथपेस्ट की आखिरी बूंद को निचोड़ते हैं तो सतर्क हो जाएं- कंपनियां कर रहीं ये चालाकी Posted: 06 May 2022 06:58 PM PDT अब हम आपको भारत के आम लोगों की आदत के बारे में बताएंगे, जिसमें वे टूथपेस्ट की ट्यूब को इस हद तक निचोड़ते हैं कि पेस्ट का आखिरी हिस्सा भी उसमें से निकल जाए। यही काम हम शैंपू की बोतल और चिप्स के पैकेट के साथ भी करते हैं। लेकिन अब बड़ी कंपनियों ने इस आदत को पहचान लिया है। और अब साबुन, तेल, शैम्पू, टूथपेस्ट, कोल्ड ड्रिंक और चिप्स बनाने वाली इन कंपनियों ने अपने उत्पादों के पैकेट को छोटा कर दिया है और आपको झांसा देने के लिए उनकी कीमतें वही रखी हैं। ताकि आपका सामान बार-बार खत्म होता रहे और आप उनके नए पैकेट उसी कीमत पर खरीदते रहें। अंग्रेजी में मुद्रास्फीति को मुद्रास्फीति कहते हैं और बड़ी कंपनियों की इस चालबाजी को Shrink Fiction कहा जाता है, जिसके तहत सामान की कीमत वही रहती है लेकिन पैकेट में इसकी मात्रा घटती रहती है, यानी सिकुड़ती रहती है। आखिर क्या है Shrink Fiction? : यदि आप Shrink Fiction के इस सिद्धांत को अभी नहीं समझते हैं, तो आपको और अधिक सरल तरीके से बताने के लिए हम है। मान लीजिए आपको किसी कंपनी के चिप्स बहुत पसंद हैं। तो ऐसे में आपको उस कंपनी का नाम भी याद होगा और ये भी जाने कि वो चिप्स किस पैकेट में आते हैं और उस पैकेट का रंग क्या है। लेकिन सोचिए, अगर यह कंपनी इन चिप्स की कीमत में बदलाव नहीं करेगी, पैकेट में इसकी मात्रा कम कर देगी और पैकेट का आकार कम कर देगी तो क्या होगा? क्या आप इस बदलाव को नोटिस कर पाएंगे? इसका उत्तर शायद नहीं है और ऐसा इसलिए है क्योंकि आपको लगता होगा कि आपने उसी कीमत के चिप्स खरीदे हैं जो आप हर बार खरीदते हैं। जबकि वास्तव में आपको उस चीज की उतनी राशि पहले जैसी राशि में नहीं मिलेगी। और इस व्यापार रणनीति को Shrink Fiction कहा जाता है। इन कंपनियों ने अपनाया यह फंड : क्योंकि अगर ये कंपनियां रेवेन्यू बढ़ाने के लिए अपने उत्पाद की कीमत बढ़ाती हैं तो इससे उनके उपभोक्ता कम हो सकते हैं। जबकि श्रिंक-फ्लेशन में ऐसा कुछ भी होने का खतरा नहीं होता है। यानी यह एक बहुत ही सुरक्षित तरीका है, जिसके बारे में आम लोग भी नहीं जानते हैं। आइए आपको कुछ उदाहरण देते हैं। अमेरिका में सन मेड नाम की एक कंपनी है, जो पैकेज्ड फूड में किशमिश बेचती है। पहले एक पैकेट का वजन 630 ग्राम हुआ करता था। लेकिन अब कंपनी जो नया पैकेट लेकर आई है, उसका वजन 60 ग्राम कम कर दिया गया है. और अब यह पैकेट 570 ग्राम का आता है। लेकिन इसकी कीमत में कोई बदलाव नहीं किया गया है और इसकी बिक्री में भी कोई कमी नहीं आई है. मुनाफे पर बड़ा असर : हालांकि आपके मन में यह सवाल होगा कि एक पैकेट से कुछ चिप्स देने से या फिर बिस्कुट के पैकेट में से एक दो बिस्कुट निकालने से इन कंपनियों को क्या फायदा होगा? तो चलिए मैं आपको इसके बारे में भी बता देता हूं। कोका-कोला कंपनी प्रतिदिन 200 करोड़ बोतल बेचती है। अब मान लीजिए, क्या होगा अगर कोका-कोला ने इस व्यापार रणनीति को अपनाया और अपनी प्रत्येक बोतल से 0.25 लीटर कोल्ड ड्रिंक निकाल ली। तो इससे कोका कोला 50 करोड़ लीटर पेय की बचत करेगा, जिससे दो लीटर की 25 करोड़ बोतलें बाजार में बिक सकती हैं और कोका-कोला ने भी ऐसा किया है। 2014 में कंपनी ने अपनी दो लीटर की बोतल के साइज को थोड़ा कम किया था। इसकी मात्रा घटाकर 1.75 लीटर कर दी गई और ऐसे हजारों उदाहरण आपको मिल जाएंगे। कंपनियां आदत का मुकाबला : हमारे देश में तब तक लोग टूथपेस्ट ट्यूब का इस्तेमाल करते हैं। जब तक कि उसका एक-एक हिस्सा अलग न हो जाए। यानी हम टूथपेस्ट की ट्यूब को पूरी तरह से निचोड़ लेते हैं। वो लोग ऐसा इसलिए करते हैं ताकि अगर यह ट्यूब 20 दिन चल सके तो पांच दिन या छह दिन और चल सके। लेकिन क्या टूथपेस्ट बनाने वाली कंपनियों को आपकी इस आदत के बारे में पता नहीं है? वे आपकी इस आदत से वाकिफ हैं, इसलिए इसका तोड़ भी निकाल लेती हैं। उदाहरण के तौर पर आज से कुछ साल पहले अमेरिका की एक बड़ी टूथपेस्ट कंपनी अपना रेवेन्यू बढ़ाना चाहती थी। कंपनी का लक्ष्य अगले एक महीने में अपने टूथपेस्ट की बिक्री को दोगुना करने का था। तो इसके लिए इस कंपनी ने कुछ ऐसा किया जिसके बारे में आप सोच भी नहीं सकते। कंपनी ने किया ये ट्रिक : इस कंपनी ने अपनी टूथपेस्ट ट्यूब के छेद को बढ़ा दिया है। और इस ट्यूब की कीमत में कोई बदलाव नहीं हुआ। हुआ यूँ कि बड़ा छेद होने के कारण एक बार में ही ट्यूब से इतना टूथपेस्ट निकलने लगा, जितना पुराने छेद से तीन बार निकलता था। यानी पहले एक परिवार में 28 दिन तक एक ट्यूब चलती थी। 12-14 में ही खत्म होने लगा। और इस तरह कंपनी के ग्राहक नहीं बढ़े बल्कि बिक्री बढ़ी और उसका राजस्व भी बढ़ा। क्या ऐसा करना गैरकानूनी है? हालांकि, आपके मन में यह सवाल होगा कि क्या ऐसा करना गैरकानूनी है? तो उत्तर नहीं है। ऐसा करना बिल्कुल भी गैर कानूनी नहीं है। यह कानूनी है और ये कंपनियां ऐसा करने के लिए स्वतंत्र हैं। तो इसका एक ही उपाय है और वह यह है कि आपको जागरूक होना होगा और देखना होगा कि आपको उतनी ही कीमत पर सामान मिल रहा है जितना पहले मिलता था। |
| जानिए भगवान श्री राम की बहन के बारे में, बहुत कम लोगों को पता होगा Posted: 06 May 2022 06:56 PM PDT मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम से जुड़े किस्से हर किसी को पता होता है। रामायण के सभी अन्य चरित्रों के बारे में भी लगभग हर किसी को पता है। यह सबको पता है कि भगवान राम के तीन भाई थे लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न। लेकिन यह बात बहुत कम ही लोग जानते हैं कि भगवान राम की बहन भी थी जिनका नाम शांता था। शांता का जिक्र रामायण में बहुत ही कम है। शांता इन चारों भाइयों की बड़ी बहन थी।शांता का जिक्र रामायण में है।वह राजा दशरथ और कौशल्या की बेटी थी। जिसे वर्षिनी और उनके पति रोम पद ने गोद लिया था। ऋषि श्रृंग की पत्नी थी शांता। और ऋषि श्रृंग के वंशज सेंगर राजपूत है, जिन्हें एकमात्र ऋषि वंश राजपूत कहा जाता है।वर्षिनी की कोई संतान नहीं थी। एक बार वह अपने पति के साथ अपनी बहन से मिलने अयोध्या आई थी और मजाक में ही वर्षिणी ने शांता को गोद लेने की इच्छा जताई। जिसके बाद वर्षिणी की बात सुनकर राजा दशरथ ने अपनी बेटी शांता को उसे गोद देने का वचन दे दिया। इस तरह से शांत अंग देश की राजकुमारी बन गई।राजा दशरथ की केवल एक शांता ही संतान थी। उसके बाद उनकी कोई संतान नहीं थी। वह पुत्र चाहते थे, जिससे उनका राजवंश आगे बढ़ सके। उन्होंने ऋषि श्रृंग को पुत्रकामेष्ठी यज्ञ करने के लिए बुलाया और जिसके परिणाम स्वरूप राम,भारत और जुड़वा लक्ष्मण और शत्रुघ्न का जन्म हुआ।शांता बहुत ही सुंदर थी। उन्हें वेद, कला और शिल्प का अनूठा ज्ञान प्राप्त था। 1 दिन राजा रोमपद शांता के साथ बातचीत कर रहे थे। तभी एक ब्राह्मण मानसून के दिनों में राजा से खेती में मदद मांगने आया। ब्रह्म की याचना पर रोमपद ने ध्यान नहीं दिया। अपनी उपेक्षा से नाराज ब्राह्मण वहां से चले गए इसके बाद वर्षा के देव इंद्र देव भी अपने भक्तों के इस अपमान से नाराज हो गए और इस वजह से मानसून के मौसम में वहां बहुत ही कम वर्षा होती थी। सूखा पड़ जाने के चलते हाहाकार मच गया।रोम पद इस समस्या से मुक्ति पाने के लिए ऋषि श्रृंग के पास गए और उनसे यज्ञ करने की विनती की। ऋषि श्रृंग के कहे अनुसार यज्ञ किया गया। जिसके बाद अंग देश में वर्षा होने लगी और सूखे की समस्या खत्म हो गई। इसके बाद प्रसन्न होकर रोम पद ने अपनी पुत्री शांता का विवाह ऋषि श्रृंग से कर दिया।रामायण के कई पात्रों की कहानियों की तरह शांता के बारे में भी अलग-अलग मत है। सत्य साईं बाबा ने 19 मई 2002 को दिया अपने प्रवचन में भगवान राम की बहन का जिक्र किया था। इसमें राम को जन्म देने से पहले कौशल्या की एक बेटी थी जिसका नाम शांता था इस बात को बताया गया था। हालांकि, वह एक लड़की थी और सिंहासन पर नहीं बैठ सकती थी, इसलिए उन्होंने शांता को एक ऋषि को गोद दे दिया। शांता को ऋषि ने पाल पोस कर बड़ा किया और ऋषि श्रृंग के साथ उनका विवाह कर दिया।इधर राजा दशरथ अपने मंत्री सुमंत की सलाह पर कुलीन ऋषियों को पुत्र कामेष्ठी यज्ञ में शामिल करने के लिए आमंत्रित किया। खास तौर पर ऋषि श्रृंग को आमंत्रित किया और इस समारोह में आने के लिए कहा। ऋषि श्रृंग एक महान ऋषि थे और वह जहां भी पैर रखते थे वहां समय पर बारिश, शांति और सुख समृद्धि रहती थी ।लोग वहां आनंद में होते थे। सुमंत ने ऋषि श्रृंग के पास जाकर उनसे यज्ञ कराने को कहा।यज्ञ में आने का निमंत्रण पाकर ऋषि सिंह ने कहा मैं अकेला नहीं आ सकता। यज्ञ कराने के लिए मैं सहमत हूं,लेकिन मेरी पत्नी शांता भी मेरे साथ आएगी। वह ऋत्विक रूप से कार्य करेगी। सुमंत इस शर्त को मानने के लिए तैयार हो जाते हैं।शांता के साथ ऋषि श्रृंग अयोध्या पहुंचते हैं। राजा दशरथ और कौशल्या के चरण सांता स्पर्श करती है। शांता को देखकर राजा दशरथ भी हैरान थे,क्योंकि वह किसी ऋषि की तरह दिखती थी। उन्होंने जहां भी पैर रखा वहां से सूखा गायब हो गया। दशरथ और कौशल्या सोच में पड़ गए कि आखिर यह है कौन तब शांता ने स्वयं अपनी पहचान सबके सामने रखी। उन्होंने कहा कि मैं आपकी पुत्री शांता हूं। इस बात को जानकर राजा दशरथ और कौशल्या काफी खुश होते हैं कि उनकी पुत्री शांता है,जिसे उन्होंने ऋषि को गोद दे दिया दिया।कहानी का एक और संस्करण टीवी के धारावाहिक में दिखाया गया था, जिसमें शांता को किसी ने भी गोद नहीं लिया था। एक बार अयोध्या में भयंकर सूखा पड़ा और विशेषण को यज्ञ करने के लिए बुलाया गया था। उनके द्वारा यह कराए जाने पर काफी बारिश होती है,जिससे हर कोई झूम उठता है। राजा दशरथ शृंग को पुरस्कृत करने की इच्छा जताते हैं। तब ऋषि ने राजा दशरथ की बेटी शांता का हाथ मांग कर वहां सभी को चौंका दिया। हालांकि, दशरथ अपनी बेटी का हाथ है ऋषि को देने के लिए इच्छुक नहीं थे ,लेकिन फिर भी वह इस बात के लिए मान जाते हैं।इसके बाद कई सालों तक राजा दशरथ की कोई संतान नहीं होती है। फिर वह पुत्रकामेष्ठि यज्ञ कराने के लिए एक बार फिर से ऋषि श्रृंग को आमंत्रित करते हैं। यज्ञ कराने के बाद ऋषि शृंग रानियों को प्रसाद खाने के लिए देते हैं और इस तरह से अयोध्या में चारों राजकुमारों का जन्म होता है। |
| आखिर कौन है IAS पूजा सिंघल? जिसके 20 ठिकानों पर ED के पड़े छापे, घर से 25 करोड़ नकदी बरामद Posted: 06 May 2022 06:55 PM PDT देश में भ्रष्ट ऑफिसर की कमी नहीं है। ऐसा हम इसलिए कह रहे है, क्योंकि आए दिन सोशल मीडिया की सुर्खियों पर धनकुबेर अफसरों के काले चिट्ठे पुर्जे सामने आते रहते हैं। ताजा मामला झारखंड से आया है। जहां, अवैध खनन मामले में झारखंड की वरिष्ठ आइएएस अधिकारी पूजा सिंघल (IAS PUJA SINGHAL); व उनसे जुड़े व्यक्तियों के 20 ठिकानों पर ED की टीम ने एक साथ छापेमारी शुरू कर दी है। जिसमे पूजा सिंघल के आवास से भारी मात्रा में नकदी(करीब 25 करोड़) बरामद होने की सूचना है। जानकारी ये भी है कि बरामद नकदी की गिनती के लिए मशीन मंगाई गई है। ये पैसे इनके चार्टर्ड एकाउंटेंट (सीए) के यहां से मिली है। मिली जानकारी के अनुसार, पूजा सिंघल के मुजफ्फरपुर स्थित मिठनपुरा ठिकाने भी पर ईडी की छापेमारी चल रही है। यह मकान पूजा सिंघल के ससुर कामेश्वर झा का है। वे भी बिहार सरकार में पदाधिकारी थे। उनके पुत्र अभिषेक झा से पूजा सिंघल ने दूसरी शादी की है। झारखंड सरकार यानि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी के नाक की बाल पूजा सिंघल जी,जिन्होंने मुख्यमंत्री,भाई,गुर्गों व दलालों को कौड़ी के भाव खान आवंटित किया ,आख़िर उनके यहाँ ED का छापा 20 जगह पर चल रहा है, यह छापा राँची,दिल्ली,राजस्थान,मुम्बई में जारी है बात यही नही खत्म होगी। आइएएस पूजा सिंघल के पति अभिषेक के आवास पर भी ईडी ने छापेमारी की है। बता दें कि आइएएस अधिकारी राहुल पुरवार से तलाक के बाद पूजा सिंघल ने अभिषेक से शादी की थी। अभिषेक के रांची में रातू रोड स्थित एक ठिकाने पर ईडी के अधिकारी जांच कर रहे है। ईडी ने छापेमारी में उनके घर से दस्तावेज जब्त किए हैं। इसके बाद अधिकारी दस्तावेज लेकर कार्यालय पहुंचने लगे। डा. निशिकांत दुबे ने भी ट्वीट कर दी जानकारी : वही, गोड्डा के सांसद डा. निशिकांत दुबे ने भी शुक्रवार की सुबह-सुबह ट्वीट कर पूरे मामले की जानकारी दी है। उन्होंने ट्वीट में आरोप लगाया है कि पूजा सिंघल ने मुख्यमंत्री, उनके भाई, गुर्गों आदि को कौड़ी के भाव में खान आवंटित किया। आखिर, उनके यहां ईडी का छापा पड़ ही गया जो देश में 20 ठिकानों पर चल रहा है। यह छापेमारी रांची, दिल्ली, राजस्थान, मुंबई में चल रही है। वही, ईडी ने शपथ पत्र के माध्यम से कोर्ट को बताया था कि झारखंड के खूंटी जिले में मनरेगा में 18.06 करोड़ रुपये के घोटाले के वक्त वहां की उपायुक्त पूजा सिंघल थी। इस मामले में वहां के कनीय अभियंता राम विनोद प्रसाद सिन्हा गिरफ्तार कर जेल भेजे गए थे, जिन्होंने ईडी को दिए अपने बयान में यह स्वीकार किया था कि कमीशन की राशि उपायुक्त कार्यालय तक पहुंचती थी। ईडी ने चतरा और पलामू के भी दोनों मामलों की चल रही जांच की जानकारी अपने शपथ पत्र के माध्यम से हाई कोर्ट को दी थी। |
| खूब मजे से चलाएं AC, बावजूद भी कम आएगा बिजली बिल, बस इन बातों का रखना होगा ख्याल Posted: 06 May 2022 06:52 PM PDT AC के ज्यादा इस्तेमाल से ही लोगों के मन में बिजली के बढ़ते बिल की टेंशन आती है। लेकिन क्या गर्मी में एसी से राहत पाने और अधिक बिजली बिल न भरने का कोई उपाय है? जी हां, हम आपको एसी को सही तरीके से इस्तेमाल करने के कुछ तरीके बता रहे हैं, जो आपके बहुत काम आएंगे। जैसे-जैसे गर्मी और तापमान बढ़ रहा है, एयर कंडीशनर की जरूरत भी बढ़ती जा रही है। लेकिन एसी के ज्यादा इस्तेमाल से लोगों के मन में बिजली के बढ़ते बिल की टेंशन ही आती है. लेकिन क्या गर्मी में एसी से राहत पाने और अधिक बिजली बिल न भरने का कोई उपाय है? जी हां, हम आपको एसी को सही तरीके से इस्तेमाल करने के कुछ तरीके बता रहे हैं, जो आपके बहुत काम आएंगे। यहाँ कुछ सुझाव दिए गए हैं जिन्हें आपको एसी का उपयोग करते समय ध्यान में रखना चाहिए। अपने AC को सही तापमान पर सेट करें : शोध से पता चला है कि तापमान में हर डिग्री की बढ़ोतरी से करीब 6 फीसदी बिजली की बचत होती है। आप अपने एसी का तापमान जितना कम रखेंगे, उसका कंप्रेसर उतनी देर काम करेगा, जिससे आपका बिजली बिल बढ़ जाएगा। इसलिए यदि आप एसी को उसके डिफ़ॉल्ट तापमान पर चालू रखना चुनते हैं, तो आप 24 प्रतिशत तक बिजली बचा सकते हैं। आप चाहें तो फिर भी तापमान को जितना चाहें उतना कम रख सकते हैं। अपने AC को 18 डिग्री सेल्सियस के बजाय 24 डिग्री सेल्सियस पर रखें : अगर आप दिल्ली, मुंबई, बैंगलोर और चेन्नई जैसे शहरों में रहते हैं, जहां का तापमान 34℃ से 38℃ तक प्रतिदिन रहता है। तो अपने एसी को 10 डिग्री कम पर सेट करना पहले से ही एक बड़ी राहत है। साथ ही हमारे शरीर का तापमान औसतन 36 से 37 डिग्री के बीच रहता है। इसलिए, इससे नीचे का कोई भी कमरा हमारे लिए सामान्य रूप से ठंडा होता है। अब हम जानते हैं कि एसी पर कोई भी डिग्री कम होने पर 6 प्रतिशत अधिक बिजली की खपत होगी। ऐसे में आपको अपनी आदत को 18 डिग्री से 23-24 डिग्री पर लाना होगा। आपको पता चल जाएगा कि आपको इस तापमान पर भी उचित कूलिंग मिल रही है। अपना कमरा ठीक से बंद करें : जब हम एयर-कंडीशनर के बारे में बात करते हैं, तो दरवाजा बंद न करना एक बिना दिमाग के लगता है। लेकिन यह भी सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि आपकी सभी खिड़कियां कसकर बंद हैं, और यह कि ठंडी हवा कमरे से बाहर नहीं निकल रही है। पर्दों को खींचो ताकि सूरज की गर्मी आपके कमरे में न जाए, सूरज की किरणें एसी पर भार बढ़ा दें। एसी का उपयोग करते समय टीवी, फ्रिज, कंप्यूटर जैसे बिजली के उपकरणों का उपयोग करने से बचें क्योंकि ये उपकरण बहुत अधिक गर्मी उत्पन्न करते हैं। एसी चालू करने से पहले इन्हें बंद कर दें, कमरे के ठंडा होने के बाद आप इन्हें फिर से चालू कर सकते हैं। जब आप एसी का इस्तेमाल कर रहे हों तो इस बात का ध्यान रखें कि कोई भी फर्नीचर एसी की हवा को नहीं रोक रहा हो। बिजली बचाने के लिए स्विच को On और Off करें : क्या आप कभी कांपते हुए उठे हैं और एसी बंद करना पड़ा है? ऐसा शायद इसलिए है क्योंकि कमरे को बेहद ठंडा रखने के लिए आपका एयर AC रात भर चालू था। ऊर्जा बचाने और आराम से रहने का एक तरीका यह है कि इसे रात में बंद कर दिया जाए। खासकर अगर आप इसे दिन भर चला रहे हैं तो रात में आपको इसकी इतनी जरूरत नहीं पड़ेगी। अगर आप एसी वाले कमरे में ज्यादा समय बिता रहे हैं तो आपको इस ट्रिक का इस्तेमाल करना चाहिए। कुछ घंटों के लिए एसी चालू रखें और फिर एक या दो घंटे के लिए बंद कर दें। बहुत सारी बिजली की बचत करते हुए कमरा ठीक से ठंडा रहेगा। AC के साथ पंखे के इस्तेमाल करे : जब एसी चल रहा हो तो सीलिंग फैन चालू रखना चाहिए। इसके अलावा, छत के पंखे कमरे को हवादार रखते हैं और सभी कोनों में ठंडी हवा प्रसारित करते हैं। जिससे आपको एसी का तापमान कम नहीं करना पड़ेगा। कम शक्ति का उपयोग करके अधिक शीतलन प्राप्त करें। एसी चालू करने से पहले अपने कमरे का पंखा चालू कर लें ताकि कमरे में गर्म हवा निकल सके, जिसके बाद आप अपना एसी चालू कर सकें। AC की सर्विस और सफाई से होगी बिजली की बचत : AC के डक्ट और वेंट में गंदगी जमा होने के कारण एसी को ठंडी हवा को कमरे में लाने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। गंदे फिल्टर को हटाकर नया फिल्टर लगाने से एसी की ऊर्जा खपत 5 से 15 प्रतिशत तक कम हो जाती है। इसके अलावा एसी को खराब होने और रिपेयर करने से भी बचाया जाता है। |
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