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Saturday, May 7, 2022

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7 मई 2022, शनिवार का दैनिक पंचांग एवं राशिफल - सभी १२ राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन ? क्या है आप की राशि में विशेष ? जाने प्रशिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. प्रेम सागर पाण्डेय से |

Posted: 07 May 2022 07:40 AM PDT

7 मई 2022, शनिवार का दैनिक पंचांग एवं राशिफल - सभी १२ राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन ? क्या है आप की राशि में विशेष ? जाने प्रशिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. प्रेम सागर पाण्डेय से |

7 मई 2022, शनिवार का दैनिक पंचांग

श्री गणेशाय नम:
!! दैनिक पंचांग !!

🔅 तिथि सप्तमी 12:48 PM

🔅 नक्षत्र पुष्य 11:33 AM

🔅 करण वणिज 05:01 PM

🔅 पक्ष शुक्ल

🔅 योग गण्ड 08:32 PM

🔅 वार रविवार
☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ

🔅 सूर्योदय 05:27 AM

🔅 चन्द्रोदय 10:48 AM

🔅 चन्द्र राशि कर्क

🔅 सूर्यास्त 06:33 PM

🔅 चन्द्रास्त +00:44 AM

🔅 ऋतु ग्रीष्म

☀ हिन्दू मास एवं वर्ष

🔅 शक सम्वत 1944 शुभकृत

🔅 कलि सम्वत 5124

🔅 दिन काल 01:15 PM

🔅 विक्रम सम्वत 2079

🔅 मास अमांत वैशाख

🔅 मास पूर्णिमांत वैशाख



☀ शुभ और अशुभ समय

☀ शुभ समय

🔅 अभिजित 11:19:42 - 12:12:43

☀ अशुभ समय

🔅 दुष्टमुहूर्त 04:37 PM - 05:30 PM

🔅 कंटक 09:33 AM - 10:26 AM

🔅 यमघण्ट 01:05 PM - 01:58 PM

🔅 राहु काल 04:44 PM - 06:23 PM

🔅 कुलिक 04:37 PM - 05:30 PM

🔅 कालवेला या अर्द्धयाम 11:19 AM - 12:12 PM

🔅 यमगण्ड 11:46 AM - 01:25 PM

🔅 गुलिक काल 03:05 PM - 04:44 PM

☀ दिशा शूल

🔅 दिशा शूल पश्चिम



☀ चन्द्रबल और ताराबल

☀ ताराबल

🔅 अश्विनी, कृत्तिका, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, आश्लेषा, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, विशाखा, अनुराधा, ज्येष्ठा, मूल, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद, रेवती

☀ चन्द्रबल

🔅 वृषभ, कर्क, कन्या, तुला, मकर, कुम्भ

🌹विशेष ~ भद्रा दिन 12:58 से रात्रिशेष 01:37 तक, श्रीगंगा सप्तमी 🌹

पं. प्रेम सागर पाण्डेय्

नक्षत्र ज्योतिष वास्तु अनुसंधान केन्द्र

नि:शुल्क परामर्श - शनिवार

दूरभाष 9122608219 /  9835654844

🌹 🌹 8 मई 2022, रविवार का राशिफल 🌹


मेष (Aries):कार्य रफ्तार तेज रखें। भाग्य की प्रबलता और आत्मविश्वास से सफलता अर्जित करेंगे। धर्म एवं मनोरंजन में रुचि रहेगी। आगामी कुछ करियर कारोबार के लिए हितकर।

शुभ रंग = गुलाबी

शुभ अंक : 8

वृषभ (Tauras): सक्रियता और समझ बेहतर बनी रहेगी। गरिमा गोपनीयता पर जोर दें। आकस्मिकता बढ़ सकती है। अपनों का सहयोग बना रहेगा। दिन सामान्य से शुभ।

शुभ रंग = उजला

शुभ अंक : 4

मिथुन (Gemini):निजी जीवन में शुभता का संचार रहेगा। दाम्पत्य में विश्वास बढ़ेगा। स्थायित्व को बल मिलेगा। साझेदारी उपलब्धि में सहायक होगी। दिन उत्तम।

शुभ रंग = पींक

शुभ अंक : 5

कर्क (Cancer):विनम्रता और विवेक व्यक्ति के सबसे बड़े सहयोगी हैं। विपक्ष को कमजोर न आंकें। भौतिक संसाधनों में रुचि रह सकती है। खर्च पर अंकुश रखें। दिन सामान्य।

शुभ रंग = पीला

शुभ अंक : 9

सिंह - प्रेम और निज संबंधों को बल मिलेगा। मन-बुद्धि के श्रेष्ठ संयोजन से सभी क्षेत्रों में बेहतर करेंगे। आर्थिक सहजता बनी रहेगी। दिन शुभ फलकारक।

शुभ रंग = पींक

शुभ अंक : 5

कन्या (Virgo):बोलने से बेहतर है कर दिखाना. बड़ों के सामंजस्य बनाए रखने पर जोर दें। कामकाज के सिलसिले में दूर देश जाना पड़ सकता है। दिन सामान्य फलकारक।

शुभ रंग = क्रीम

शुभ अंक = 2

तुला (Libra):संपर्क और सूचना तंत्र को बल मिलेगा। भाग्य के सहयोग श्रेष्ठ कार्याें को आगे बढ़ा सकेंगे। धर्म मनोरंजन में रुचि रहेगी। आलस्य से बचें। दिन शुभ।

शुभ रंग = हरा

शुभ अंक : 3

वृश्चिक (Scorpio):श्रेष्ठ कार्याें एवं योजनाओं को आगे बढ़ा सकेंगे। अपनों का साथ सफलता दर ऊंची रखेगा। खानपान बेहतर होगा। उत्सव आयोजन में भाग लेंगे। दिन उत्तम।

शुभ रंग = लाल

शुभ अंक : 1

धनु (Sagittarius):निवेशों पर संकल्प के साथ जुटे रहने का समय है। सफलता का प्रतिशत बेहतर बना रहेगा। निजी जीवन में शुभता का संचार रहेगा। सृजनात्मकता बढ़ेगी। दिन शुभ।

शुभ रंग = गुलाबी

शुभ अंक : 8

मकर (Capricorn):दिखावे और आत्मप्रशंसा से बचें। खर्च पर अंकुश कठिन होगा। रिश्तों को बेहतर बनाएंगे। लेन देन में सतर्क रहें। सफेदपोश ठगों से बचें। दिन सामान्य।

शुभ रंग = हरा

शुभ अंक : 3

कुंभ (Aquarius):आर्थिक पक्ष बेहतर रहेगा। करियर कारोबार को अधिकाधिक समय देने का प्रयास करें। प्रतिभा संवार पर रहेगी। शिक्षा प्रेम और संतान पक्ष शुभकर रहेंगे।

शुभ रंग = क्रीम

शुभ अंक : 2

मीन (Pisces):मान सम्मान में बढ़ोत्तरी होगी। सभी का साथ कार्यक्षेत्र में शुभता बढ़ाएगा। पैतृक मामलों में गति आएगी। सुख सौख्य में वृद्धि होगी। दिन श्रेष्ठ फलकारक।

शुभ रंग = गुलाबी

शुभ अंक : 8 प्रेम सागर पाण्डेय् ,नक्षत्र ज्योतिष वास्तु अनुसंधान केन्द्र ,नि:शुल्क परामर्श - रविवार , दूरभाष 9122608219 / 9835654844
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औरत तेरे रूप अनेक

Posted: 07 May 2022 01:38 AM PDT

औरत तेरे रूप अनेक

मैंने देखा औरत को प्रेरणा बनते,
मैंने देखा औरत को वासना बनते।
औरत जो बनाती वुजूद किसी का,
औरत को देखा अपने वुजूद से लड़ते।
औरत ही है जहां में ममता की  मूरत,
औरत ही बनती है घृणा की भी सूरत।
औरत ने जब चाहा परिवार बनाया,
औरत ने पल में घर-बार मिटाया।
ममतामयी औरत कोमलांगी भी होती,
पलभर में औरत चामुंडा भी होती।
औरत में शक्ति की ताकत छुपी होती,
औरत में धरती सी सहन शक्ति भी होती।
औरत ही प्यार का है रूप सलोना,
औरत ही घृणा का है रूप घिनौना।
औरत के आँचल में है माँ की परिभाषा,
आँचल हटा औरत आधुनिकता की भाषा।
पूजनीय थी आज तक जग में जो औरत,
पैसों की खातिर बन गयी सामान है औरत।

डॉ अ कीर्तिवर्धन
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बुद्ध होने का अर्थ क्या है?

Posted: 07 May 2022 01:35 AM PDT

बुद्ध होने का अर्थ क्या है?

बुद्ध होने का अर्थ क्या है? कभी विचार करता हूँ कि क्यों एक राजकुमार घर छोड कर चल पडता है, कष्ट सहता है और बुद्ध बन जाता है? क्या बुद्ध से पहले कोई घर त्याग कर नही निकला, क्या किसी को मोक्ष नही मिला था पहले फिर बुद्ध क्यों?
विचारणीय यह भी है कि एक राजकुमार महावीर बनता है और उससे पहले भी तीर्थंकर राजकुमार या समृद्ध थे और फिर बुद्ध भी राजकुमार ही थे। मेरी पीडा यह भी है कि कोई समर्पित सन्त बुद्ध क्यों नही बन पाता?। पुनः बुद्ध बनने का अर्थ क्या? हमे लगता है कि बुद्ध होने का मतलब मानवता के लिये स्वयं का समर्पण और अपनी इन्द्रियों पर नियन्त्रण।
आज बुद्ध का कौन सा अनुयायी है जो मानवता हित बढ रहा है और जिसने अपनी इन्द्रियों पर नियन्त्रण किया है? काम क्रोध लोभ मद मोह सबको धारण कर कौन सा बुद्धत्व पा रहे हैं? माँस मदिरा और व्यस्न बोद्ध धर्म के अनुयायीयों मे प्रमुखता से व्याप्त है। सब कभी खराब नही होते मगर विचारणीय अवश्य है।
तो बुद्ध बनो अवश्य बनो मगर केवल नाम से नही अपितु आचरण से बनो। अगर आप एक प्रतिशत भी बुद्ध बन गये तो मोक्ष निश्चित मिलेगा।
और हाँ बुद्ध को किसी धर्म जाति से मत बाँधो। शायद बुद्ध के तथाकथित अनुयायियों से ज्यादा अन्य लोग बुद्ध का अनुशरण करते हैं। बुद्ध की शिक्षा नीति तथा दर्शन मुझे भी प्रिय है।

अ कीर्ति वर्द्धन
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डाकिया भी कोई पत्र लाया नहीं

Posted: 06 May 2022 11:49 PM PDT

डाकिया भी कोई पत्र लाया नहीं

बहुत दिन  हुए हैं  मुस्कुराया नहीं
स्वप्न में भी मेरा  मीत  आया नहीं 

मन भटकता रहा उलझनों में,इधर
प्यार का गीत कोई भी गाया नहीं 

तुम गये छोड़कर दिल मेरा तोड़कर
एक पल को  तुम्हें तो  भुलाया नहीं 

मन मेरा आज-कल बहुत बेचैन है
सच कहूं तो कभी चैन  पाया नहीं 

कोई संदेश आया  नहीं  फोन पर,
डाकिया भी  कोई पत्र  लाया नहीं 

तप रही   धूप में   जिंदगी है, कभी
नेह के  पेड़ की   पाया छाया  नहीं 

अनवरत ऑख से  दर्द  झरता रहा  
जय किसी ने भी मरहम लगाया नहीं
                     *
~जयराम 'जय' 
'पर्णिका'बी-11/1,कृष्ण विहार,आवास विकास,
कल्याणपुर,कानपुर-208017(उ०प्र०)
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ईसाई मज़हब का अस्तित्व खतरे में है...

Posted: 06 May 2022 10:14 PM PDT

ईसाई मज़हब का अस्तित्व खतरे में है...

  • यूरोप और अमेरिका में चर्च सुनसान पड़े हैं
  • अफ्रीका और एशिया से उम्मीद ईसाई जनसंख्या वृद्धि की
  • धर्मपरिवर्तन में लगे NGOs को मोदीजी का गहरा झटका

25 दिसंबर, "ईसा मसीह" के जन्मदिन को ईसाइयों के सबसे बड़े त्यौहार "क्रिसमस" के रूप में मनाया जायेगा| अधिक नहीं दो सौ ढाई सौ साल ही हुए हैं जब जहाँ दृष्टि पड़ गयी उस धरती को अपनी बपौती समझने वाले यूरोप के छोटे छोटे देशों – स्पेन, पुर्तगाल, फ्रांस, नीदरलैंड्स, इटली और इंग्लैंड ने ईसाइयत को पूरी दुनिया में फैला दिया| इन देशों ने न सिर्फ अपनी सैन्यशक्ति से पूरी दुनिया को गुलाम बना लिया बल्कि उन देशों की संस्कृतियों और वहाँ के धर्मों को भी नष्ट करने की कोशिश करते हुए ईसाइयत को या तो प्रलोभन देकर या जबरन या धोखाधड़ी से थोपने की कोशिश की| पुर्तगाल से निर्वासित अपराधियों से भरा जहाज लेकर आया वास्कोडीगामा कालीकट के महाराजा के सामने झूठ बोलकर अपने को व्यापारी की बजाये राजदूत बताता है, सिफलिस जैसी बीमारी को फैलाता है और गोआ में स्थानीय लोगों को दवाई देकर इसे ईश्वर का भय एवं छद्म चमत्कार दिखाकर लोगों को ईसाई बनाता है| उसके इस दुष्कृत्य को उन पश्चिमी देशों द्वारा उस "भारतवर्ष" की खोज बताया जाता है जहाँ हजारों साल की प्राचीन और महान संस्कृति, कला, वास्तु, साहित्य, संगीत का बर्चस्व तब से था जब यूरोप में सभ्यता की शुरुआत भी नहीं हुई थी|
मैं लगभग दो तीन वर्षों से ये लेख लिखना चाहता था| मुझे, अतुल मालवीय को, किसी मजहब विशेष के प्रति कोई निजी दुराग्रह नहीं परन्तु अपनी महान सनातन संस्कृति पर गर्व है जो इतने झंझावातों के बीच भी जीवित रही और आगे भी इसकी पताका ऊँची फहराती रहेगी । इस लेख के माध्यम से मैं प्रामाणिक रूप से साबित कर दूँगा कि वृहत्तर भारत में छल कपट, भय, धोखाधड़ी, छद्मसेवा और प्रलोभन से धर्मपरिवर्तन कराने वाले ईसाई मजहब का अगले पचास वर्षों में पतन अवश्यम्भावी है| विश्व में इसका नाम लेने वाले भी गिनती के बचेंगे|
खैर,आते हैं वर्तमान में| हालाँकि जनसंख्या के आँकड़ों को देखा जाए तो आज भी दुनिया का सबसे बड़ा मजहब ईसाईयत ही है परंतु आपको जानकर आश्चर्य होगा कि पूरी दुनिया के ईसाई संस्थानों में, वैटिकन में हडकंप मचा हुआ है| कारण, 1. दुनिया में तेज़ी से घटती ईसाई आबादी और 2. दुनियाभर में फैले भायें भायें करते लाखों गिरिजाघरों का सूनापन| आज से मात्र पचास साठ सालों पूर्व तक जहाँ रविवासरीय प्रार्थनाओं में चर्च खचाखच भरे रहते थे आज वे न सिर्फ धर्मावलंबियों की बाट जोहते उजाड़ पड़े हुए हैं बल्कि उनमें से हज़ारों या तो बंद होकर "सुपर बाज़ारों" "मॉल", आवासीय या व्यावसायिक कॉम्प्लेक्सों में परिवर्तित हो चुके हैं या ऐसा होने की कगार पर हैं| आपको जानकर आश्चर्य होगा कि सिर्फ "अमेरिका" में हर साल छः हज़ार से दस हज़ार चर्च बंद हो जाते हैं और प्रतिवर्ष ये संख्या और भी बढ़ रही है| कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, फ्रांस और जर्मनी और बाकी यूरोप में भी हालात ऐसे ही या इससे भी बदतर हैं| नई जनरेशन और युवा चर्च की तरफ झांकते तक नहीं| परिणामस्वरूप, चर्चों को मिलने वाले चंदों और दान में इतनी कमी आ गयी है कि अधिकांश को अपने स्टाफ को वेतन देना और विशालकाय भवनों को मेन्टेन करना असंभव हो रहा है|
याद रहे कि अमेरिका सहित अधिकांश पश्चिमी देशों में आधिकारिक आँकड़े ईसाइयत की दृष्टि से बड़े भयावह हैं| और जानते हैं ईसाइयत को सबसे अधिक ख़तरा किस से है? इस्लाम, बौद्धधर्म या हिंदुओं से नहीं,बल्कि स्वयं इनके अंदर ही बढ़ रहे "नास्तिकों" या "कोई धर्म नहीं" के समुदाय से| आइये, कुछ बड़े ईसाई कहे जाने वाले देशों के आंकड़ों पर एक नज़र डालें:
1. ऑस्ट्रेलिया - जिसे संपूर्ण ईसाई देश और इंग्लैंड की बसाई कॉलोनी माना जाता था, में 2016 में 30% जनसंख्या ने घोषित किया कि वे किसी धर्म का पालन नहीं करते| ये स्थिति और भयावह हो जायेगी जब 13 से 18 वर्ष के बीच की आयु के वे टीनएजर्स बड़े हो जायेंगे जिनमें से 52% ने 2017 में हुए एक विशाल सर्वे में खुलासा किया कि वे किसी मजहब में विश्वास नहीं करते|
2. कनाडा – गत वर्षों में 500 से अधिक चर्चों को अनुयायियों की अनुपस्थिति के कारण बंद करना पड़ा| सन 1950 में जहाँ देश की 95% जनसंख्या चर्चों में नियमित जाती थी वहीं आज बाजी एकदम पलटकर यह जनसंख्या मात्र 5% पर आ चुकी है|
3. नीदरलैंड – 1971 में जहाँ लगभग 97% जनसंख्या मिलकर ईसाइयत के विभिन्न समुदायों को मानती थी, 2015 की जनगणना में सिर्फ 43.8% लोगों ने अपने को "क्रिस्चियन" बताया| आधे से अधिक अर्थात 50.1% लोगों ने बताया कि "वे कोई धर्म नहीं मानते"| लगभग 5% जनसंख्या ने अपने को "मुस्लिम" बताया|
4. स्पेन और इटली – 1970 में लगभग शत प्रतिशत जनसंख्या वाले इन देशों में अब मात्र क्रमशः 68% और 83% लोग ही अपने को ईसाई मानते हैं|
5. ग्रेट ब्रिटेन – आज से मात्र 75 वर्ष पूर्व तक पूरी दुनिया में अपना परचम फहराने वाले इस देश में चर्च अटेंड करने वालों की संख्या मात्र 4.3% बची है| 2011 की जनगणना के अनुसार सिर्फ 60% लोग अपने को ईसाई मानते हैं जबकि 30% लोग कहते हैं कि उनका "कोई धर्म नहीं"|
6. संयुक्त राज्य अमेरिका – समस्त विश्व को अपने अंगूठे तले मानने वाले इस सबसे ताकतवर मुल्क में तो स्थिति और भी खराब है – ईसाई जनसंख्या इतनी तीव्रगति से घट रही है कि यह 2016 से 2019 के बीच तीन वर्षों में ही 73.7% से घटकर 65% आ गयी, जबकि 26% लोगों ने "कोई धर्म नहीं" घोषित किया| गत 15 वर्षों में ही जहाँ चर्च आने वालों की संख्या 40% घट गयी वहीं 10.2% चर्च बंद हो गये|
उक्त उदाहरण चंद बड़े तथाकथित ईसाई देशों के हैं| कुछ दशकों से घटती ईसाइयत से चिंतित "वैटिकन" ने अपना ध्यान एशिया और अफ्रीका पर केंद्रित किया जिससे वहाँ धर्मपरिवर्तन को और तेज़ कर पश्चिम में घटती संख्या की पूर्ति की जा सके| अफ्रीका में मध्य अफ्रीका से एक विभाजन जैसा है – ऊपर अर्थात उत्तर में जहाँ इस्लाम का बर्चस्व है वहीं नीचे अर्थात दक्षिण की ओर ईसाइयत का| उत्तर में मिस्र और वहाँ से लगे ईसा मसीह की जन्मस्थली "बेथेलहम" और यरूशलम के चारों ओर का क्षेत्र पूर्णतया ईसाइयत से मुक्त है| अरब देशों पर इस्लाम का कब्जा है|
भारत से "वैटिकन" को कुछ वर्षों पूर्व तक ईसाई जनसंख्या में वृद्धि के योगदान में बड़ी उम्मीद थी परंतु नरेंद्र मोदी के सत्ता में आने के बाद 2016 और 2018 फिर 2020 में महत्वपूर्ण बदलाव किये| फ़ॉरेन कंट्रीब्यूशन (रेगुलेशन) अमेंडमेंट 2020 यानी FCRA बिल को पास किया गया, नए बिल में अब ग़ैर-सरकारी संस्थाओं यानी "एनजीओ" के प्रशासनिक कार्यों में 50 फ़ीसद विदेशी फ़ंड की जगह बस 20 फ़ीसद फ़ंड ही इस्तेमाल हो सकेगा, यानी इसमें 30% की कटौती कर दी गई है| अब एक एनजीओ मिलने वाले ग्रांट को अन्य एनजीओ से शेयर भी नहीं कर सकेगी और एनजीओ को मिलने वाले विदेशी फ़ंड स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया, नई दिल्ली की ब्रांच में ही रिसीव किए जाएंगे| इससे उन संस्थाओं पर पैनी नज़र रखे जाने में सहायता मिली जो चर्च चलाने की आड़ में धर्मपरिवर्तन ही नहीं बल्कि हिंसक नक्सली आन्दोलन को भी प्रश्रय दे रही थीं| एक संस्था तो NGO की आड़ में नरेंद्र मोदी की ह्त्या का षड्यंत्र रच रही थी| एक तो वहाँ पश्चिमी देशों में अनुयायियों द्वारा चंदे और दान में भारी कमी और दूसरे यहाँ कड़े प्रतिबंध ने ताबूत में कील का काम किया| परिणामस्वरूप हज़ारों "NGOs" बंद हो गए, धर्मपरिवर्तन में लगी असंख्य मिशनरियों ने अपना बोरिया बिस्तर बाँध लिया और भाग गए|साथियो, अभी तो यह शुरुआत है, मोदीजी के नेतृत्व में न सिर्फ भारत प्रगति करेगा बल्कि इसकी महान संस्कृति का खोया गौरव भी वापिस मिलेगा| काल का पहिया तीव्रगति से घूम रहा है| देखते जाइए|

लेखक - अतुल मालवीय

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7 मई 2022, शनिवार का दैनिक पंचांग एवं राशिफल - सभी १२ राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन ? क्या है आप की राशि में विशेष ? जाने प्रशिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. प्रेम सागर पाण्डेय से |

Posted: 06 May 2022 09:18 AM PDT

7 मई 2022, शनिवार का दैनिक पंचांग एवं राशिफल - सभी १२ राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन ? क्या है आप की राशि में विशेष ? जाने प्रशिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. प्रेम सागर पाण्डेय से |

7 मई 2022, शनिवार का दैनिक पंचांग


श्री गणेशाय नम:

!! दैनिक पंचांग !!
🔅 तिथि षष्ठी 11:19 AM
🔅 नक्षत्र पुनर्वसु 09:17 AM
🔅 करण :

                तैतिल 02:58 PM

                गर 02:58 PM

🔅 पक्ष शुक्ल

🔅 योग शूल 07:57 PM

🔅 वार शनिवार

☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ

🔅 सूर्योदय 05:28 AM

🔅 चन्द्रोदय 09:54 AM

🔅 चन्द्र राशि मिथुन

🔅 सूर्यास्त 06:32 PM

🔅 चन्द्रास्त +00:03 AM

🔅 ऋतु ग्रीष्म

☀ हिन्दू मास एवं वर्ष

🔅 शक सम्वत 1944 शुभकृत

🔅 कलि सम्वत 5124

🔅 दिन काल 01:14 PM

🔅 विक्रम सम्वत 2079

🔅 मास अमांत वैशाख

🔅 मास पूर्णिमांत वैशाख
☀ शुभ और अशुभ समय

☀ शुभ समय

🔅 अभिजित 11:19:48 - 12:12:44

☀ अशुभ समय

🔅 दुष्टमुहूर्त 05:09 AM - 06:02 AM

🔅 कंटक 11:19 AM - 12:12 PM

🔅 यमघण्ट 02:51 PM - 03:44 PM

🔅 राहु काल 08:27 AM - 10:07 AM

🔅 कुलिक 06:02 AM - 06:55 AM

🔅 कालवेला या अर्द्धयाम 01:05 PM - 01:58 PM

🔅 यमगण्ड 01:25 PM - 03:04 PM

🔅 गुलिक काल 05:09 AM - 06:48 AM

☀ दिशा शूल

🔅 दिशा शूल पूर्व

☀ चन्द्रबल और ताराबल

☀ ताराबल

🔅 भरणी, रोहिणी, आर्द्रा, पुनर्वसु, पुष्य, आश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, विशाखा, अनुराधा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, श्रवण, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद, रेवती

☀ चन्द्रबल

🔅 मेष, मिथुन, सिंह, कन्या, धनु, मकर

🌹विशेष ~ श्रीरामानुजाचार्य जयन्ती, रविन्द्र टैगोर जयन्ती 🌹

पं. प्रेम सागर पाण्डेय्

नक्षत्र ज्योतिष वास्तु अनुसंधान केन्द्र

नि:शुल्क परामर्श - शनिवार

दूरभाष 9122608219

9835654844

🌹 🌹 7 मई 2022, शनिवार का राशिफल 🌹

मेष (Aries): करीबियों के साथ श्रेष्ठ समय बिताएंगे। जीत का प्रतिशत बेहतर बना रहेगा। भव्य आयोजन में प्रमुखता से शामिल होंगे। आवश्यक कार्य आज ही करने का प्रयास करें।

शुभ रंग = लाल

शुभ अंक : 5

वृषभ (Tauras): व्यक्तित्व आकर्षक बना रहेगा। बनना संवरना भाएगा। अपनों के साथ शुभ आयोजनों में शामिल हो सकते हैं। दाम्पत्य में सुख सौख्य रहेगा। दिन उत्तम फलकारक।

शुभ रंग = हरा

शुभ अंक : 6

मिथुन (Gemini): कला एवं सौंदर्य भाव को बल मिलेगा। रिश्तों में मधुरता घुली रहेगी। सृजनात्मकता बढ़त पर रहेगी। यात्रा के संकेत हैं। दिन प्रभावशीलता बढ़ाने वाला।

शुभ रंग = श्याम

शुभ अंक : 3

कर्क (Cancer): समाज में प्रतिष्ठत माने जाने वाले कार्याें से धन और मान दोनों अर्जित करेंगे। सहकर्मियों का सहयोग और समर्थन बना रहेगा। तेजी बनाए रखें। दिन लाभकर।

शुभ रंग = क्रीम

शुभ अंक : 2

सिंह (Leo): सभी का साथ मनोबल ऊंचा रखेगा। भाग्य की प्रबलता से महत्वपूर्ण प्रयासों को आगे बढ़ा सकेंगे। अहम् भाव को त्याग देने में सफल रहे तो अधिक बेहतर परिणाम अर्जित करेंगे।

शुभ रंग = पीला

शुभ अंक : 9

कन्या (Virgo): कार्यक्षेत्र में अवसरों की अधिकता बनी रहेगी। धर्म और दिखावे पर जोर रह सकता है। मनोरंजन में रुचि रहेगी। संपर्क बेहतर रहेगा। दिन उत्तम फलकारक।

शुभ रंग = नीला

शुभ अंक : 7

तुला (Libra): भाग्य की प्रबलता बनी रहेगी। सेहत के मामलों में समझौता न करें। जीवन साथी उम्मीदों पर खरा उतरेगा। आपसी विश्वास को बल मिलेगा। दिन भाग्य वर्धक।

शुभ रंग = श्याम

शुभ अंक : 3

वृश्चिक (Scorpio): कम बोलें ज्यादा करें की नीति अपनाएं। आकस्मिकता बनी रहेगी। अपनों का साथ मिलेगा। गरिमा और गोपनीयता बनाए रखने में सफल रहेंगे। दिन सामान्य।

शुभ रंग = पीला

शुभ अंक : 9

धनु (Sagittarius): शिक्षा संतान अर्थ प्रेम और दाम्पत्य में शुभता का संचार बना रहेगा। आवश्यक कार्याें को आज ही पूरा कर लेने की सोच रखें। दिन उत्तम फलकारक। ठगोें से सावधान रहें।

शुभ रंग = लाल

शुभ अंक : 5

मकर (Capricorn): नौकरीपेशा बेहतर बने रहेेंगे। संतान से शुभ समाचार संभव है। शिक्षा और प्रेम पक्ष बेहतर रहेगा। बड़बोलेपन से बचें। खर्च पर नियंत्रण रखें। दिन सामान्य से शुभ।

शुभ रंग = हरा

शुभ अंक : 6

कुंभ (Aquarius): एकाग्रता और संकल्पशक्ति को बल मिलेगा। युवा उम्मीद से अच्छा करेंगे। घर परिवार में सुख सौख्य बना रहेगा। कामकाज सहज रहेगा। दिन उत्तम फलकारक।

शुभ रंग = श्याम

शुभ अंक : 3

मीन (Pisces): परिस्थितियों के साथ सामंजस्य बिठाना ही सुख का मूल है। अपनों को निराश कर सकते हैं। जिद एवं स्वार्थ से बचें। कामकाज सहज रहेगा। दिन सामान्य फलकारक।

शुभ रंग = केशरी

शुभ अंक : 2 
प्रेम सागर पाण्डेय् ,नक्षत्र ज्योतिष वास्तु अनुसंधान केन्द्र ,नि:शुल्क परामर्श - रविवार , दूरभाष 9122608219 / 9835654844
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कमलेश पुण्यार्क “गुरु जी “ का आशीर्वचन “ दिव्यरश्मि ” के लिए

Posted: 06 May 2022 08:59 AM PDT

कमलेश पुण्यार्क "गुरु जी " का आशीर्वचन " दिव्यरश्मि " के लिए

अतिशय आनन्द की बात है कि दिनांक २८ मई २०२२ ई. को धर्म, अध्यात्म और संस्कृति का सम्यक् संवाहक सुयोग्य सम्पादक डॉ.राकेशदत्त मिश्र जी के सम्पादकत्व में, पवनसुत सर्वांगीण विकास केन्द्र के स्वामित्व में प्रकाशित मासिक पत्रिका "दिव्यरश्मि " ने अपने जीवन के आठवें पायदान पर दिव्य आलोक विखेरते हुए सुदृढ़ कदम बढ़ा लिए हैं।

शास्त्र कहते हैं कि आठवें वर्ष से ही पौगण्डावस्था का प्रारम्भ होता है। द्विजों में, विशेष कर ब्राह्मणों में वेदाध्ययनाधिकार हेतु इसी पौगण्डावस्था को प्राथमिकता दी गयी है, ताकि भावी जीवन में सम्यक् सुदृढ़ता आ सके। ज्योतिषशास्त्रानुसार इसी अवस्था में बालारिष्टों की प्रभावधि समाप्त हो जाती है। इसे यदि समाजशास्त्र की दृष्टि से देखें, तो कह सकते हैं कि बचपन की छोटी-मोटी बाधाओं को अब निःशंक पार कर लिया गया है।

किन्तु इसका ये अर्थ भी नहीं कि आगे की चुनौतियाँ निरस्त हो गयी हैं। कर्त्तव्यनिष्ठा का भारी बोझ अभी वहन करना शेष है किशोरावस्था से प्रौढ़ावस्था तक । यानी अधिक सजग, अधिक सचेष्ट, अधिक कर्मठ, अधिक सतर्क रहने की जरुरत है। एक बात और ध्यान में रखने योग्य है कि धन हो या मान—इसकी बढ़ोत्तरी पड़ोसी से सही नहीं जाती। व्यावसायिक शैली में कहें तो कह सकते हैं कि प्रतिस्पर्द्धा के झंझाबातों को धैर्य और साहज पूर्वक झेलने की आवश्यकता है।

देखादेखी वाली संक्रामक सामाजिक व्याधि के विकट दौर में, आए दिन छोटी-बड़ी पत्र-पत्रिकाओं का जन्म लेना कोई खास बात नहीं है। बाजार में बाढ़ है ऐसी पत्र-पत्रिकाओं का, जहाँ पाठक भी असमंजस में पड़ जाता है कि किसे खरीदूँ, किसे पढ़ूँ, किसकी आजीवन सदस्यता ग्रहण करूँ। क्योंकि ज्यादातर पत्र-पत्रिकाओं का प्रसूतिकागृह में ही प्राणान्त हो जाता है, यानी प्रवेशांक तो देखने को मिलता है— तामझाम वाले विमोचन मंच से, जिसके आकर्षण से प्रभावित होकर कुछ लोग सदस्यता भी ले ही लेते हैं, किन्तु अगला अंक फिर कभी नसीब नहीं होता पाठकों को।

ज़ाहिर है कि जोश में आकर पत्रिका का पंजीयन करा लेना और प्रवेशांक निकाल लेना तो किंचित् सहज है, किन्तु उसकी नियमितता बहुत ही संघर्षपूर्ण कार्य है, जो सबके बस की बात नहीं है।

महत्वाकांक्षा, निष्ठा और कर्मठता के साथ-साथ योग्यता और ईमानदारी की भी आवश्यकता होती है। ज़मीर बेंच कर पत्रकरिता करने का कोई औचित्य भी नहीं है। इससे तो कहीं चोर-चाण्डाल अच्छे हैं। उन्हें तो न्याय के कठघरे में भी खड़ा किया जा सकता है, जबकि पत्रकारिता का आईकार्ड लटकाए रिश्वतखोरों को न्यायिक शिकंजे में कसने में भी थोड़ी परेशानी होती है।

बड़े दुःख और चिन्ता की बात है कि आज ऐसे ही पत्र और पत्रकारों की सुनामी में समाज, राष्ट्र या कि विश्व तबाह हो रहा है। जरा खुल कर कहें तो कहना चाहिए कि चौपाए लोकतन्त्र का पहला पाया तो शुरु से ही डगमग रहा है। उससे प्रभावित होकर दूसरा और तीसरा भी डगमगाने लगा। अब तो चौथे पाए की भी दुर्गति हो गयी है।

अस्तु ! इस विकट संक्रामक परिस्थिति में भी दिव्यरश्मि पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ अपने कर्त्तव्यपथ पर निरन्तर अग्रसर है—ये अपने आप में पत्रकारिता के इतिहास में मील का सबल पत्थर साबित होगा।

पिछले कुछ दशकों से हमारे यहाँ धर्मनिरपेक्षता की बीमारी लग गयी है। वस्तुतः एक अस्तित्त्वहीन परम्परा का बीजारोपण एक विकृत मानसिकता वाले कद्दावर नेता के मनोविकार स्वरुप भारतमाता की आँचल में जबरन उढेल दिया गया है। सच कहें तो उस मूरख को धर्म की ही परिभाषा ज्ञात नहीं, फिर तो धर्मनिरपेक्षता की बात ही बेमानी है। किन्तु अब ये बीमारी लग गयी है, जिसे सुधारना जरा कठिन है।

ऐसे तथाकथित धर्मनिर्पेक्षता वाले संक्रमणकाल में धार्मिक-आध्यामिक विचारों से ओतप्रोत, सामाजिक-राजनैतिक विचारों का संवाहक होते हुए, मुख्यतः राष्ट्रवादी विचारों और आर्यावर्तीय सनातन संस्कृति का संवहन करते हुए अलख जगाना दिव्यरश्मि का पावन लक्ष्य है—ये देख-जान-समझ कर माँ भारती का सीना अस्सीम विस्तार पाने लगता होगा।

दिव्यरश्मि पत्रिका अपने पत्रकारिता धर्म के सम्यक् निर्वहण के साथ विकास-पथ पर अग्रसर रहे, यही कामना है मेरी। जयभास्कर। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag

मुख्यमंत्री ने 889.26 करोड़ रूपये की बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के भवनों का किया शिलान्यास एवं कार्यारंभ

Posted: 06 May 2022 06:39 AM PDT

मुख्यमंत्री ने 889.26 करोड़ रूपये की बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के भवनों का किया शिलान्यास एवं कार्यारंभ

पटना 06 मई 2022 को मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने आज बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय परिसर में 889.26 करोड़ रूपये की बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के नये भवनों का शिलापट्ट अनावरण कर शिलान्यास किया तथा आधारशिला रखकर कार्यारंभ किया।
इस अवसर पर दशरथ मांझी श्रम एवं नियोजन अध्ययन संस्थान के ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के इस कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों का मैं अभिनंदन करता हूं। बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के भवनों का आज शिलान्यास हुआ है, मुझे इसको लेकर काफी खुशी है। उन्होंने कहा कि देश में कहीं भी पशुओं का कोई विश्वविद्यालय नहीं था। पशुओं के नाम पर हमलोगों ने बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय बिहार में बनाया है। अब सुन रहे हैं कि कई जगहों पर इस पर काम होने लगा है। बहुत लोग कहते हैं कि बिहार में कोई काम ही नहीं हो रहा है, जबकि हमलोगों ने बिहार में कई अच्छे काम किये हैं, जिसकी चर्चा नहीं हो पाती है। कई अच्छे भवनों का निर्माण कराया गया है। उन्होंने कहा कि यहां के भवन के निर्माण से संबंधित जो प्रस्तुतीकरण दिखाया गया है उम्मीद है कि उसी के अनुरूप बेहतर ढंग से भवन बनाया जायेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूसा के राजेंद्र कृषि विश्वविद्यालय को केंद्रीय विश्वविद्यालय बनाया गया जिसके लिए हमलोगों ने काफी प्रयास किया था। वर्ष 2010 में भागलपुर के सबौर में कृषि विश्वविद्यालय शुरू किया गया। अनेक जगहों पर कई इंस्टीट्यूशन का निर्माण कराया गया। पटना में एक पशु चिकित्सा महाविद्यालय पहले से था, इसके अलावा किशनगंज में डॉ0 ए0पी0जे0 अब्दुल कलाम साहब के नाम पर एक कृषि महाविद्यालय बनाया गया, जिसमें फिशरीज काॅलेज और वेटनरी कॉलेज भी बनाया गया है। यह सब बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के अधीन है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं अध्ययन कर रही हैं। पशुओं की चिकित्सा का भी कार्य किया जा रहा है। हमलोगों ने कृषि के विकास को लेकर कृषि विशेषज्ञों एवं किसानों की सलाह से कृषि रोड मैप बनाया। अभी तीसरा कृषि रोड मैप लागू है। उन्होंने कहा कि भवन का निर्माण अच्छे ढंग से जल्द कराएं ताकि पढ़नेवाले और पढ़ानेवालों को सहूलियत हो। बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के भवनों के निर्माण के अंतर्गत अकादमिक एवं प्रशासनिक भवन, आधुनिक पशु चिकित्सालय एवं पशु प्रजनन केंद्र, किसान प्रशिक्षण केंद्र और छात्र-छात्राओं के लिए हॉस्टल एवं खेल परिसर का निर्माण कराया जायेगा। विश्वविद्यालय के कर्मियों के लिए आवासीय परिसर का निर्माण कराया जाएगा ताकि उन्हें कोई असुविधा नहीं हो। उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राओं को पढ़ाई के साथ-साथ ठीक ढंग से रहने एवं खेलने की भी सुविधा का ख्याल रखा गया है। भवन निर्माण विभाग निर्माण कार्य को लेकर विशेष ध्यान दे और तेजी से काम पूर्ण करे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमलोगों ने छात्र-छात्राओं को कृषि की पढ़ाई करने के लिये प्रेरित किया। पहले एग्रीकल्चर की पढ़ाई के लिये बड़ी संख्या में छात्र-छात्रायें राज्य के बाहर पढ़ने जाती थीं। अब राज्य के युवाओं में कृषि के प्रति लगाव बढ़ा है। उन्होंने कहा कि लड़के-लड़कियों को प्रतिमाह 2 हजार रुपये की सहायता तथा किताब-कॉपी के खर्च के लिये सालाना 6 हजार रुपए की मदद सरकार द्वारा की जा रही है। कोरोना के दौर में हमलोगों ने सबकी मदद की। बिहार के लोग जो बाहर फंसे हुए थे उनकी मदद की गयी। सरकार छात्र-छात्राओं को जो मदद दे रही है उसमें कोई कमी नहीं लायें। उन्होंने कहा कि साइकिल योजना की शुरुआत की गई और अब पढ़नेवाली लड़कियों की संख्या बढ़ी है। साइकिल योजना के कारण पढ़नेवाली लड़कियों की संख्या बढ़ी है और अब मैट्रिक की परीक्षा में लड़कों से थोड़ा ज्यादा लड़कियां शामिल हो रही हैं। सिविल सेवा परीक्षा में भी अच्छी संख्या में लड़कियां सफल हो रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि रोड मैप के कारण राज्य में चावल, गेहूं, मक्का और दूध का उत्पादन बढ़ा है। अंडा का उत्पादन लगभग ढाई गुना हो गया है। मांस उत्पादन दुगुना से भी ज्यादा हो गया। मछली उत्पादन का लक्ष्य 8 लाख मीट्रिक टन का रखा था, जिसमें से 7 लाख 61 हजार मीट्रिक टन मछली का उत्पादन हो रहा है। बिहार में बाहर से मछली न के बराबर आती है। अब मछली बिहार से बाहर भी भेजी जा रही है। उन्होंने कहा कि सब्जी का उत्पादन भी बढ़ा है। शराबबंदी के कारण सब्जी की अधिक खपत हो रही है और लोग बेहतर खाना खा रहे हैं। महिलाओं के विकास के लिये कई काम किये गये हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सात निश्चय-2 के तहत 8 से 10 पंचायतों के लिये एक पशु अस्पताल बनाने का निर्णय लिया गया है ताकि पशुओं को किसी प्रकार की समस्या न हो। पशुओं के लिए चिकित्सा सुविधा, टीकाकरण, कृत्रिम गर्भाधान, कृमिनाशन, डोर स्टेप डिलीवरी आदि कार्यों की व्यवस्था की जा रही है। हमलोगों का उद्देश्य है कि सही मायने में लोगों का स्वास्थ्य बेहतर हो, स्वभाव बेहतर हो, बिहार का विकास हो। उन्होंने कहा कि बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय का भवन बेहतर ढंग से बनेगा तो जो भी बाहर से आकर देखेंगे वो इससे प्रभावित होंगे। यहां पढ़नेवाले बेहतर ढंग से पढ़ाई करेंगे। विश्वविद्यालय को किसी प्रकार के सहयोग की जरूरत होगी तो मदद की जाएगी। बिहार का क्षेत्रफल कम है आबादी अधिक है फिर भी विकास के कई कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिहार तरक्की कर रहा है और आगे भी बढ़ते रहेगा।
कार्यक्रम के पूर्व बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय परिसर में भवन निर्माण विभाग के सचिव श्री कुमार रवि ने मुख्यमंत्री को निर्माण कराए जानेवाले भवन के डमी आर्किटेक्ट के माध्यम से मास्टर प्लान की जानकारी दी।
कार्यक्रम के पूर्व मुख्यमंत्री ने दशरथ मांझी श्रम एवं नियोजन अध्ययन संस्थान में दशरथ मांझी जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर अपनी श्रद्धांजलि दी।
कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्यमंत्री का स्वागत पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग के सचिव श्री एन0 सरवन कुमार ने पौधा एवं स्मृति चिह्न भेंटकर किया।
कार्यक्रम की शुरुआत छात्राओं द्वारा सरस्वती वंदना कर की गई।
कार्यक्रम के दौरान योजना से संबंधित एक वीडियो फिल्म का प्रस्तुतीकरण किया गया।
कार्यक्रम को उप मुख्यमंत्री सह पशु एवं मत्स्य संसाधन मंत्री श्री तारकिशोर प्रसाद, भवन निर्माण मंत्री श्री अशोक चैधरी, कृषि सह पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग के सचिव श्री एन0 सरवन कुमार, भवन निर्माण विभाग के सचिव श्री कुमार रवि, बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ0 रामेश्वर सिंह ने भी संबोधित किया।
इस अवसर पर विधायक श्री संजीव चैरसिया, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार, मुख्यमंत्री के विशेष कार्यपदाधिकारी श्री गोपाल सिंह, पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग के विशेष सचिव केशवेंद्र कुमार, कॉम्फेड की प्रबंध निदेशक श्रीमती शिखा श्रीवास्तव, बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलसचिव कैप्टन बंदोपाध्याय सहित अन्य शिक्षकगण, पशु वैज्ञानिक, पशु चिकित्सक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थीं।
पषु विज्ञान विष्वविद्यालय के भवनों के षिलान्यास एवं कार्यारंभ के पश्चात् मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से की बातचीत। मुख्यमंत्री ने बिहार में पिछले 15 सालों में विकास का कोई काम नहीं होने के सवाल पर कहा कि ये तो आप ही लोगों को पता है कि विकास किया गया है या नहीं किया गया है। कौन क्या बोलता है उसका कोई महत्व नहीं है। महत्व है सत्य का। आप सब जानते हैं कि क्या-क्या हुआ है, कितना काम किया गया है। इन सब चीजों को लेकर हम आपसे आग्रह करेंगे कि इसे खुद ही देखिये। हमलोग किसी की बात का महत्व नहीं देते हैं कि कौन क्या बोलता है। केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह द्वारा कोरोना काल के बाद सी0ए0ए0 लागू करने से संबंधित प्रष्न पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सबसे बड़ी बात है कि अभी कोरोना के केस बढ़ रहे हैं। हमको कोरोना से लोगों की रक्षा करने की ज्यादा चिंता है। पॉलिसी की बात होगी तो उसको अलग से देखेंगे। हमने बाकी चीजों को अभी देखा नहीं है। मुख्यमंत्री ने कोयला संकट पर कहा कि संकट की स्थिति में जो भी राज्य सरकार से संभव है, काम करने की कोशिश की जा रही है। आप तो जानते हैं कि संकट एक जगह पर नहीं है अनेक जगहों पर संकट है। फिर भी जो कुछ हमलोग कर सकते हैं वो करने का प्रयास करेंगे।

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